गर्भवती साली के साथ धमाधम (Garbhvati saali ke sath dhamadham)
Parivar Me Chudai
दोस्तों, मैं मेरी साली की चुदाई कहानी लेके आया हूं। मेरा नाम आलोक है। मैं इंदौर में रहता हूं, उम्र 40 है। मेरी बीवी का नाम मेघा है, 38 साल की है, कड़क है। वैसे चुदाई में उसको ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, पर जब भी हम चुदाई करते हैं तो दिल खोल के चुदती है। बस एक कमी रहती है कि लंड चूसना उसे बिल्कुल पसंद नहीं। शादी के बाद कुछ सालों तक वो ब्लोजॉब देती रही, पर अब बिल्कुल नहीं। मैं भी अब नहीं बोलता। खैर अब आगे की बात। तो हम लोग सुदामा नगर में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहते हैं, और वही करीब 200 मीटर दूर मेरी सगी शादी-शुदा साली रहती है। आपको बता दूं कि मेरी 2 सालियां हैं। बड़ी की उम्र करीब 32 साल होगी। उसका नाम महिका है। हाइट कम है थोड़ी, पर बाकी सामान एक-दम शानदार है। बड़े बूब्स, फूली गांड, गोरा रंग, सुंदर चेहरा, नरम हाथ, कुल मिला कर भरी पूरी है। महिका की शादी इंदौर में ही हुई और मेरे घर के पास ही अपने पति के साथ रहती है। मेरी महिका से अच्छी बनती है, और उसकी शादी के पहले से ही में उसके साथ छेड़-छाड़ किया करता था। उसके साथ कभी-कभी चिपकना, और गांड दबाना नॉर्मल था। कभी-कभी गलती से उसके बूब्स भी दबा लिया करता था। खैर उसकी शादी के बाद उसका हमारे यहां रोज का ही आना-जाना है। उसके पति से मेरी अच्छी बनती है, और मेरी महिका के साथ छेड़-छाड़ अभी भी चालू है। महिका मेरे सामने ज्यादा शर्म नहीं करती। जैसे कि कभी ब्लाउस पेटीकोट में आ जाती है, या कभी मुझसे ही कोई ब्लाउज का बटन लगाने को बोल देती है। मैंने बहुत बार अपनी बीवी को चोदते समय महिका को इमैजिन किया है। अब आते है असली कहानी पर- शादी के करीब 6 महीने बाद महिका प्रेगनेंट हो गई, और हम सब ने इस बात पर बढ़िया पार्टी की। करीब 5 महीने की प्रेग्नेंसी के बाद, महिका थोड़े दिन के लिये हमारे घर रहने आई। क्योंकि उसके हसबैंड को करीब 15 दिन के बिजनेस टूर पर जाना था। अब तक उसका पेट अच्छा खासा दिखने लगा था। बूब्स और गांड भी बड़े हो गए थे। अब उसके आने के बाद, महिका मेरे बेडरूम में मेरी जगह सोने लगी, और मैं दूसरे बेडरूम में अकेला सोने लगा। थोड़े दिन तो बढ़िया निकले। फिर मुझे चुदाई की तलब होने लगी। मैंने मेघा को बोला कि: यार बहुत दिन हो गए हैं। वो बोली: अभी कैसे करेंगे? थोड़े दिन रुक जाओ। मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाया, तो हार कर वो बोली: रात में देखते हैं। उस रात चुदाई की उम्मीद में मैं सोया नहीं और करीब 1 बजे रात को मैंने बहुत इंतेज़ार करने के बाद मेघा को कॉल कर दिया। 1-2 रिंग देके डिस्कनेक्ट कर दिया। थोड़ी देर में मेघा आ गई, और गुस्सा करने लगी कि तुम्हें बिल्कुल सब्र नहीं है। मैंने भी थोड़ा गुस्सा दिखा के उसको खींच लिया, और ताबड़तोड़ चुम्मा-चांटी शुरू कर दी। थोड़ी देर में ही मेघा लाइन पर आ गई और खुद ही उसने अपने और मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, और मेरा लंड मसलने लगी। मैं उसके बूब्स चूसने लगा और 2 मिनिट के अंदर लंड चूत एक हो गए, और मेघा मेरे ऊपर बैठ कर चुदाई करने लगी। हम लोगों को चुदाई के समय थोड़े अपशब्द बोलने की आदत है, तो वो भी चालू था। मैं उससे पूछ रहा था: क्या कर रही है? वो बोली: चुदवा रही हूं। उस समय रूम का दरवाजा उसके पीछे था, और मैंने देखा कि अंधेरे में महिका वहां खड़ी होके हमारी चुदाई देख रही थी। शायद उसे समझ आ गया कि मैंने देख लिया था, और वो चली गई। मैंने भी अपना काम चालू रखा, और थोड़े समय में मेघा और में दोनों निपट गए। मेघा ने कपड़े पहने और जाते हुए बोली- मेघा: अब जब तक महिका यहां है, तब तक सब बंद। अगली सुबह उठा तो महिका मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी, और अकेले मिलने पर बोली- महिका: जीजू आपको शांति मिल गई ना? मैंने भी उसको शैतान बोलते हुए उसकी मोटी गांड पर चिमटी ले ली। इसके 2 दिन बाद, रविवार को मेरी बीवी को किसी सोशल पार्टी में जाना था, जो फुल डे इवेंट था, और इंदौर के आउटर पर किसी रिसोर्ट में था। क्योंकि महिका एक तो उस ग्रुप का पार्ट नहीं थी, और दूसरा प्रेग्नेंसी की वजह से जाने को मना करने लगी। मेघा का बिल्कुल मन नहीं था जाने का, पर जाना जरूरी था, तो वो मुझे समझा कर कि महिका का ख्याल रखना है, दवाई बता कर, खाना वगैरह बना कर चली गई। उस दिन महिका की थोड़ी तबियत डाउन थी, सर दर्द था। वैसे ये रोज का ही था। खैर हमने करीब 11 बजे लंच किया, और मैंने महिका को उसकी दवाई दी। फिर वो बेडरूम में जाके सो गई, और मैं बाहर बैठ के टीवी देखने लगा। थोड़ी देर के बाद मेघा का कॉल आया कि महिका का सर दर्द हो रहा है, जाके देख लो जरा, नहीं तो मैं वापस आती हूं। मैंने बोल दिया: तुम मत आओ, मैं देख लूंगा। मैं अंदर बेडरूम में गया तो महिका खुद ही अपना सर दबा रही थी। मैंने उसे थोड़ा डांटा कि मुझे क्यों नहीं बोला, तो वो थोड़ी रुआंसी हो गई। मैंने तुरंत उसको थोड़ा समझाया और उसके पास बैठ कर उसका सर दबाने लगा। थोड़ी देर में वो बोली: अब ठीक लग रहा है। पर उसके पेट पर खुजली हो रही थी। मैंने कहा: तो में थोड़ी खुजली कर देता हूं। फिर मैं उसकी टी-शर्ट के ऊपर से ही खुजली करने लगा। वो बोली: थोड़ा मॉइश्चराइजर लगा दो। और उसने अपनी टी-शर्ट थोड़ी ऊपर कर ली, और मैंने थोड़ा मॉइश्चराइजर लगा दिया। अब मुझे भी थोड़ा अजीब लगने लगा। मैंने बोला: अब मैं बाहर जाता हूं, कुछ लगे तो बुला लेना। 5 मिनट बाद ही उसने मुझे आवाज दी, और बोली कि उसे अच्छा नहीं लग रहा, और उसकी आंखों में फिर आंसू थे। मेरे समझ नहीं आया कुछ और मैं वहीं उसके पास बैठ गया, और उसे थोड़ा कंसोल करने लगा। वो बोली: आप थोड़ी देर यही लेट जाओ, और मेरी नींद लगने पर चले जाना। मैंने सोचा ठीक है। आपको बता दूं कि अभी वो मुझे सिर्फ रिस्पांसिबिलिटी लग रही थी। मैं वहीं लेट गया, क्योंकि उसका पेट बाहर था, तो वो पलट के दूसरी तरफ मुंह करके लेट गई, और मैं उसके पीछे उसकी तरफ मुंह करके लेट गया। मैं उसे सुलाने के लिए उसकी पीठ थपथपा रहा था। थोड़ी देर बाद वो बोली: जीजू थोड़ा पेट पर हाथ फेर दो, खुजली हो रही है। अब क्योंकि उसका पेट बड़ा था, और मैं उसके पीछे था, तो उसके पेट पर हाथ फेरने के लिए मुझे उससे बिल्कुल चिपकना पड़ा, और अब तो मेरा भी लंड थोड़ा टाइट हो गया। इस पोजीशन में मेरा लंड उसकी बड़ी गांड से चिपक गया था। मैंने उसके पेट पर हाथ फेरना चालू कर दिया। थोड़ी देर में तो मेरे ना चाहते हुए भी मेरा लंड फुल कड़क हो गया, और महिका की बड़ी गांड में थोड़ी जगह बना के सेट हो गया। इधर महिका ने मेरा हाथ पकड़ के उसकी टी-शर्ट के अंदर कर दिया, और मैं उसके नंगे पेट पर हाथ इधर-उधर कर रहा था, और कंट्रोल करके हाथ को पेट के ऊपर या नीचे नहीं ले गया। मेरी सांसे तेज हो गईं थीं, और मेरे होंठ बिल्कुल महिका की गर्दन के पास थे। मुझे महसूस हो रहा था कि महिका भी जोर से सांस ले रही थी। पर अब भी मेरी हिम्मत इससे आगे बढ़ने की नहीं हो रही थी। कुछ सेकंड्स, जो कि घंटों जैसे निकले, के बाद महिका ने मेरा हाथ पकड़ा, और पेट के ऊपर सरका दिया और मेरा हाथ अब उसकी छाती पर था। मैं उसके नरम मुलायम बूब्स महसूस कर रहा था। अब सोचने समझने के लिए कुछ नहीं बचा था।