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जवान लंड देखकर प्यासी आंटी की चुत मचल गई

Story Hindi 2 pages 24 min ago

जवान लंड देखकर प्यासी आंटी की चुत मचल गई
Xxx आंटी सेक्स कहानी में मेरी पड़ोसन आंटी को मैं चोदना चाहता था. उनके पति बूढ़े थे. एक दिन मैं घर में अकेला था. आंटी मेरे घर आई तो मैंने उनको अपना लंड कैसे दिखाया.

मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती हैं, उनका नाम अंजना है.
उनका फिगर इतना मस्त है कि उनको देखकर बूढ़ों के भी लंड खड़े हो जाते हैं.

मेरे साथ तो आंटी की बात होती रहती थी.
चूंकि आंटी एक नंबर की माल थीं तो मेरा उनको चोदने का बहुत मन करता था.

वे जब भी कोई काम करने के लिए नीचे झुकतीं, तो उनके बूब्स का क्लीवेज देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था.

मैं आपको आंटी का साइज़ बता देता हूँ.
उनके बूब्स 38 इंच के थे और कमर 34 की जबकि गांड की पहाड़ी चालीस इंच की थी.

जब भी वे चलती हैं, तो उनके बूब्स और गांड दोनों मस्त हिलते हैं.
मेरी प्यासी आंखों को मज़ा आ जाता है.
मेरा दिल करता था कि यहीं पटक कर चोद डालूँ उनको!

दोस्तो, बकचोदी को छोड़ कर मैं सीधा Xxx आंटी सेक्स कहानी पर आता हूँ.

एक बार की बात है, मैं अपने घर में अंडरवियर में सो रहा था.
अचानक से आंटी हमारे घर आ गईं.

उस दिन मेरी मम्मी बाहर गई हुई थीं, घर में सिर्फ मैं था.
पापा भी सुबह ऑफिस चले जाते हैं और शाम को आते हैं.

आंटी ने मम्मी को बुलाने के लिए आवाज़ लगाई. घर पर तो मेरे अलावा कोई था नहीं, तो मैंने सोचा क्यों ना आंटी को अपना लंड दिखाया जाए.

मैं अंडरवियर से लंड बाहर निकाल कर सोने का नाटक करने लगा.
आंटी मेरे रूम में आईं.

आंटी की नज़र मेरे अंडरवियर पर पड़ चुकी थी और मेरा लंड तंबू बना हुआ था.

इधर मेरा लंड भी आंटी को देखकर ही खड़ा हो चुका था.
मैंने अपने हाथ से अपना मुँह को ढक लिया ताकि आंटी को पता चले कि मैं गहरी नींद में हूँ.
आंटी ने मुझे 2-3 बार आवाज देकर बुलाया, मगर मैं नहीं उठा.

इधर मैं लड़कियों को अपने लंड के बारे में बता देता हूँ.
मेरा लंड न ज्यादा बड़ा है और ना ज्यादा छोटा है, मीडियम ही है.
यह लगभग छह इंच लंबा है और किसी खीरे की तरह मोटा है.

आंटी की चुदाई बहुत दिनों से नहीं हुई थी.
आंटी के हस्बैंड बूढ़े हो चुके हैं और हमेशा अपने काम में ही बिजी रहते हैं.
अंकल आंटी को चोदते भी नहीं हैं, उनका लंड ही नहीं उठता है.
ये बात मुझे आंटी ने बाद में बताई थी.

आंटी की चूत भी बहुत दिनों से प्यासी थी.
वे मेरे अंडरवियर की तरफ ही देखे जा रही थीं.
मैं अपनी एक आंख को जरा सा खोल कर देख रहा था.

आंटी अपने होंठों के ऊपर अपनी जीभ घुमा रही थीं.
वे कभी मेरे अंडरवियर को देखतीं, कभी मेरी तरफ कि मैं कहीं जाग ना जाऊं.

मैंने जानबूझ कर एक लंबी सांस ली और अपने आप को थोड़ा हिलाया.
उससे मेरा ही फायदा हो गया क्योंकि मेरे लंड का टोपा अंडरवियर से बाहर आ गया.

आंटी को एक झटका सा लगा और उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं.

मेरा टोपा एकदम पिंक है और उसे देख कर आंटी से रहा न गया.
वे मेरे पास आईं और मुझे हिलाने लगीं.

उन्होंने एक दो बार मुझे उठाया, मैं नहीं उठा तो उनका हाथ मेरे लंड की तरफ बढ़ने लगा.

मेरी दिल की धड़कन तेज होने लगी.
मैं सोच रहा था कि आंटी एक बार मेरा लंड अपने मुँह में डाल लें तो मज़ा आ जाएगा.

मुझे ये भी डर लग रहा था कि मेरा लंड उनके मुँह में पानी ना छोड़ दे.

आंटी थीं ही इतनी सेक्सी माल.

उन्होंने हिम्मत करके मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया.
मेरे लंड ने एक झटका मारा.

आंटी मेरे लंड को बहुत प्यार से ऊपर-नीचे करने लगीं और एक हाथ से अपनी सलवार के ऊपर से अपनी चूत को रगड़ने लगीं.

आंटी इतनी गर्म हो गई थीं कि उन्हें कोई होश नहीं रहा.
उन्होंने अपना मुँह धीरे-धीरे मेरे लंड के पास को ले लिया और उसे सूंघने लगीं.

उन्होंने अब तक मेरा पूरा लंड बाहर निकाल लिया था और उनको उस वक्त कोई होश नहीं था.

आंटी मेरे लंड को सूँघने लगी थीं तो उनकी क्या गर्म गर्म सांस मेरे लौड़े को फील हो रही थी.
आंटी के मुँह के करीब होने से मेरा लंड एकदम पूरा तन गया था.

आंटी मेरे आंडों को भी अच्छे से सूँघने की कोशिश करने लगी थीं.
उनको शायद लंड की स्मेल अच्छी लग रही थी.
मेरे लंड पर थोड़े-थोड़े बाल थे.

लंड सूँघने के बाद आंटी ने मेरी तरफ देखा और बड़े प्यार से मेरे टोपे के ऊपर एक किस किया.
फिर अपनी जीभ लंड के ऊपर घुमाने लगीं.

मेरी सिहरन से उन्हें न जाने कुछ समझ में आया या नहीं लेकिन वे आगे ही बढ़ती गईं.

अब आंटी ने मेरे लंड को बड़े प्यार से मुँह में ले लिया और टोपे को चूसने लगीं.
मैं तो मानो जन्नत में पहुंच चुका था मेरी सांसें बहुत तेज-तेज चलने लगीं.
शायद आंटी को भी पता चल चुका था कि मैं जाग चुका हूँ.

आंटी बिंदास होकर मस्ती से पूरा लंड बड़े अच्छे से ऐसे चूसने लगी थीं, जैसे पोर्न मूवी में लड़की लंड चूसती है … बिल्कुल वैसे ही.
मुझे साफ समझ आ रहा था कि आंटी ने लंड पहले भी चूसा है और वे एक अच्छी चुसक्कड़ हैं.
मतलब कुल मिलाकर वे लंड चूसने में एक्सपर्ट रंडी लग रही थीं.

दस मिनट तक लंड चूसने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
आंटी को भी शायद पता चल चुका था कि मेरा पानी निकलने वाला है.

आंटी और तेज-तेज मेरा लंड चूसने लगीं.
वे शायद मेरे लंड का पानी अपने मुँह में लेना चाहती थीं.

इधर मुझे भी ऐसा लगा कि मेरा निकलने वाला है.
ऊपर से आंटी के बूब्स भी मुझे टच हो रहे थे और उनके बूब्स के बीच की लाइन सामने नज़र आ रही थी.

तभी अचानक से मेरे लंड का पानी निकला.
Xxx आंटी सारा पानी पी गईं, उन्होंने एक बूँद भी वेस्ट नहीं किया.

पूरा वीर्य पी लेने के बाद आंटी ने मेरे लंड को चूस-चूस कर पूरा साफ कर दिया.

उन्होंने अब मेरे लंड के साथ एक सेल्फी ली और लंड को अंडरवियर में डाल कर वहां से चली गईं.
आंटी के जाने के बाद मैं उठा और बाथरूम में जाकर आंटी के नाम की मुठ मारने लगा.

इस बार मेरा पानी थोड़ा कम निकला क्योंकि आंटी मेरा पानी पहले पी चुकी थीं.
फिर रात को एक बार फिर से मैंने आंटी के नाम की मुठ मारी और सो गया.

अगले दिन मैं उठा और सोचा कि अब तो आंटी भी चुदाई के लिए तड़प रही हैं.
क्यों ना आंटी के घर जाऊं और उनकी चुदाई करूँ.

मैं फ्रेश हुआ और अपने लंड के बाल आदि साफ किए, खाना खाया और अपने रूम में फोन चलाने लगा.

तभी दस बजे आंटी का कॉल आया, वे बोलीं- थोड़ा काम है तेरे से, घर आ जा!
मेरी तो लॉटरी ही लग गई.

मैं दस मिनट में आंटी के घर पहुंच गया था.

आंटी के हस्बैंड काम पर चले गए थे और बच्चे भी अपने स्कूल चले गए थे.
जैसे ही आंटी ने गेट खोला, मेरी आंखें खुली की खुली रह गईं.

मैंने देखा आंटी ने नाइटी पहनी थी, उसमें उनके बूब्स सामने दिख रहे थे. ये नाइटी भी घुटनों के ऊपर तक थी.

उनकी टांगें कितनी गोरी और चिकनी थीं मेरी नज़र उधर ही बार-बार जा रही थी.

शायद आंटी को भी पता चल गया था कि लौंडा मस्त हो गया है.
मैं अन्दर आ गया.

आंटी मेरे लिए जूस लेकर आईं.
हम दोनों बैठ कर पीने लगे.

जूस पीते-पीते भी मैं उनके बूब्स और उनकी चिकनी टांगें देख रहा था.

मैंने पूछा- आंटी क्या काम है, बताओ?

आंटी बोलीं- अब तो तुझसे काम ही काम है!

मैं समझ गया.
पर अनजान बनने का नाटक किया- कौन सा काम आंटी?

आंटी बोलीं- मेरे रूम का फैन नहीं चल रहा है, थोड़ा देख ले!
मैं आंटी के साथ रूम में आ गया.
मैं फैन देखने के लिए बेड के ऊपर एक कुर्सी लगाई और आंटी से कहा कि आप कुर्सी को पकड़ लेना.

आंटी पहले बाहर गईं और दरवाज़ा अन्दर से लॉक कर दिया.

मैं समझ गया कि आज तो पक्का आंटी मूड में हैं. मैं भी इनको उठा-उठा कर चोदूँगा.

मैं कुर्सी पर चढ़ गया और आंटी कुर्सी को पकड़ने लगीं.
मेरी पोजीशन ऐसी थी कि मेरा लंड बिल्कुल आंटी के मुँह के पास आ रहा था.

जब मैं आंटी की तरफ देखता, मुझे उनके बूब्स का क्लीवेज दिखता, मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया.
आंटी ने भी देख लिया.

फिर आंटी धीरे-धीरे मेरे लंड के पास अपने हाथ लेकर जाने लगीं और उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया.

मैं आंटी से बोला- ये आप क्या कर रही हो? ये गलत है!
मैं अनजान बनकर बोला.

आंटी ने मुझसे कहा कि कल तो बड़े मज़े ले रहा था, जब मैं तेरा लंड चूस रही थी!

आंटी के मुँह से लंड शब्द सुनकर मेरा लंड और ज्यादा टाइट होने लगा.

फिर आंटी ने जो लंड के साथ सेल्फी ली थी, वह मुझे दिखाई.
मैं तो पहले से जानता था, तब भी मैंने ड्रामा किया- रहने दो प्लीज!

आंटी ने मुझसे कहा- चुप कर और मुझे लंड चूसने दे … मैं बहुत सालों से प्यासी हूँ. मैं कितने साल हो गए हैं लंड को अपनी चूत में लिए हुए!
आंटी ने मेरा लंड पैंट से बाहर निकाला और चूसने लगीं.

क्या मस्त चूस रही थीं.
मैंने बोला- आंटी आप लंड बहुत मस्त चूसती हो, कहां से सीखा?

आंटी बोलीं- पहले मुझे चोद कर खुश कर दे, फिर बाद में सब बताऊंगी.
मैंने भी ज्यादा फोर्स नहीं किया.

आज मेरा लंड पूरा लोहे की रॉड की तरह हो गया था.

लंड चूसने के बाद आंटी मेरे ऊपर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ीं.
उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी पूरी नंगी हो गईं.

मैं आंटी को देख हैरान हो गया, क्या मस्त बॉडी थी उनकी.

आंटी ने मुझे नीचे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गईं और मेरे लिप्स को चूसने लगीं.
सच में बड़े रसभरे लिप्स थे आंटी के … मैं मस्ती से उनका साथ देने लगा.

कुछ देर बाद मैं उनके बूब्स को अपने हाथ में पकड़ कर बारी बारी से चूसने लगा.
आंटी फुल मूड में आ गई थीं.

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
आंटी मेरा लंड चूसने लगीं, मैं आंटी की चूत चाटने लगा.

उनकी जामुनी रंग की चूत पर एक भी बाल नहीं थे, शायद आंटी ने सुबह ही मैदान साफ किया होगा.

आंटी की चूत अन्दर से पूरी पिंक थी. मैं बड़े प्यार से उनकी चूत चूसने लगा.
चूत का पानी बहुत टेस्टी था.

आंटी एक बार झड़ चुकी थीं.

फिर उन्होंने कहा- अब रहा नहीं जाता, जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत की आग को ठंडी कर दो. मैं जब कल तेरे घर आई थी, तेरा लंड देखकर मैं पागल हो गई थी. मेरा तो कल ही तेरे लंड से चुदने का बहुत मन था. फिर सोचा कि अपने घर बुला कर आराम से तेरे लंड से चुदाई कराऊंगी!

बस फिर क्या था, मैंने आंटी को नीचे लिटाया और लंड को उनकी चूत पर सैट कर दिया.
लंड ने चुत के छेद पर मुँह लगाया और एक झटका दे मारा.

आंटी की चीख निकल गई, जबकि मेरा अभी टोपा ही अन्दर गया था.
आंटी दर्द से कराहती हुई बोलीं- आराम-आराम से चोद … बहुत दिनों से चुदाई नहीं हुई है, तो चुत टाइट हो गई है!

मैं आराम-आराम से लंड को अन्दर डालने लगा.

कुछ देर बाद मैंने फिर से एक तेज झटका मारा तो मेरा पूरा लंड आंटी की चूत में चला गया.
आंटी की आंखों में आंसू आ गए.

मैं फिर से लंड को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा.

अब आंटी को मज़ा आने लगा.
मैं जोर-जोर से चुदाई करने लगा.

आंटी भी कमर उठा-उठा कर बोलने लगी थीं- आह चोद दे मुझे… आआह रगड़ कर चोद डाल साले… आह फाड़ दे मेरी चूत को … आह चोद साले फाड़ दे मेरी चूत!
अब तक आंटी का पानी निकल चुका था.

अब आंटी बोलीं- तू नीचे लेट!
मैं नीचे लेट गया.

आंटी मेरे ऊपर आकर चुदाई करने लगीं.
मेरे सामने आंटी के बूब्स झूल रहे थे.

बीस मिनट तक रगड़ने के बाद मैंने बोला कि मेरा होने वाला है.

आंटी उठीं और उन्होंने मेरे लंड को मुँह में डाल लिया.
वे लौड़े को चूसने लगीं. आंटी मेरा पानी पीना चाहती थीं.

कुछ मिनट लंड चूसने के बाद मेरा पानी निकल गया.
आंटी पूरा पानी पी गईं और लंड को साफ कर दिया.
अब आंटी बहुत खुश दिख रही थीं.

आंटी ने बोला- तूने आज मुझे बहुत खुश किया है. मैं ऐसी खुशी रोज़ लेना चाहती हूँ तेरे से!
मैंने भी बोल दिया- मेरी जान, मेरा लंड हमेशा तैयार है तेरे लिए!

फिर हम दोनों ने एक बार और चुदाई की.
उसके बाद मैं घर आ गया.

अगली सेक्स स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने Xxx आंटी की गांड भी मारी और उसके बाद आंटी ने अपनी एक सहेली को भी मुझसे चुदवाया.

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