All content free · updated every 5 minutes

दोस्त की गर्लफ्रेंड को अपने घर पर चोदा-1 (Dost ki girlfriend ko apne ghar par choda-1)

Story Hindi 3 pages 14 years ago

दोस्त की गर्लफ्रेंड को अपने घर पर चोदा-1 (Dost ki girlfriend ko apne ghar par choda-1)
Desi Chudai
हैलो दोस्तों मैं आसिफ फिरसे से हाजिर हूं एक नई हॉट सेक्स कहानी के साथ। यह कहानी मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड और मेरे संभोग की है। मेरे दोस्त का नाम खालिद है, और उसकी गर्लफ्रेंड का नाम स्वाती है। स्वाती दिखने में बहुत मस्त है। उसकी उम्र 22 थी। स्वाती का फिगर स्लिम था, पर दिखने में सेक्सी थी‌। स्वाती को देख कर सब का खड़ा हो जाए एसी जवान लड़की थी वो। खालिद: आसिफ स्वाती का बर्थडे आ रहा है, और मुझे उसका बर्थडे सेलिब्रेट करना है। मैं: ओह तो बता कहा और कैसे सेलिब्रेट करने का प्लान है? खालिद: भाई कैसे करना है, यह तो पता है। पर जगह नहीं मिल रही। मैं: तो बता कैसे करेगा सेलिब्रेट। तेरे लिए जगह मैं जुगाड़ कर दूंगा। खालिद: अरे अब उसको चोद कर ही सेलिब्रेट करूंगा उसका बर्थडे। मैं: अच्छा बेटा, बर्थडे के दिन ही उसको दर्द देगा उसमें तेरा घुसा कर? खालिद: हां भाई, अब बता तेरे जुगाड़ में कोई जगह है? अच्छा रूम, जहा मैं उसको चोद सकूं? मैं: हां है तो, पर तुझे सिर्फ 4-5 घंटों में काम करना होगा पूरा। खालिद: भाई इतना तो बहुत है हमारे लिए। बता कहा है वो जगह? मैं: मेरा खुद का घर यार। खालिद: तेरे घर पर कैसे? अंकल-आंटी होंगे घर पर। मैं: अरे मेरे मम्मी-पापा दोनों जॉब करते है, तो बाहर होते है। शाम को घर आते है‌ खालिद: फिर तो अच्छी बात है यार, थैंक्स भाई। मैं: तू आ जा स्वाती को लेकर। कोई प्रॉब्लेम नहीं होगी, पर उसको बुरखा पहना कर लाना घर के अंदर तक। खालिद: हां ठीक है, पर पहले केक कटिंग, उसके बाद तू चले जाना। मैं: हां जैसा ठीक लगे तुझे। बर्थडे के दिन खालिद ने मेरा पूरा रूम सजा दिया, और सारी तैयारी उसने पहले ही कर ली थी। जैसे ही मेरा घर खाली हुआ, मैंने खालिद को काल कर दिया, और वो दोनों घर के अंदर आ गए। स्वाती ने जैसे ही बुरखा निकाला, तो मैं उसको देखता ही रह गया था। उसने रेड सारी मॉडर्न तरीके से पहनी हुई थी। उसकी पतली कमर दिख रही थी। उस दिन वो बिलकुल कयामत लग रही थी। उसको देख कर मेरा हथियार तन गया। मैं उसके पास गया और उसको बर्थडे विश किया। मैं: हैप्पी बर्थडे स्वाती। स्वाती: थैंक्स आसिफ। मैं: वैसे आज सारी में कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही हो। स्वाती: अरे तुम भी ना आसिफ। और हमने हाथ मिलाया। उसका कोमल सा हाथ छूटते ही लंड पूरा तन गया, और लोवर के ऊपर से साफ-साफ दिख रहा था। उसने भी यह देख लिया और अनदेखा कर दिया। उसको भी पता था उसे देख कर सबका खड़ा हो जाता था। खालिद: बेबी चले रूम में? अंदर तुम्हारे लिए बहुत कुछ है। हम तीनों रूम के अंदर आए, और रूम बिलकुल सजा हुआ था। स्वाती ये देख कर बहुत खुश हो गई थी। फिर जल्दी-जल्दी स्वाती ने केक कट किया, और मैं बाहर जाने लगा और बोला- मैं: दोनों अच्छे से इन्जॉय करना, और दरवाजा बंद कर लेना‌।

खालिद: ठीक है आसिफ। मैं बाहर आ गया। उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। मैं बाहर खिड़की के पास जा कर खड़ा हो गया, और अंदर का नजारा देखने लगा। खालिद सोफ़े पर बैठा था, और स्वाती उसकी गोद में बैठी हुई थी। खालिद का हाथ स्वाती की कमर पर था। खालिद: जान आज तो तुम सच में बहुत अच्छी लग रही हो। स्वाती: हां बेबी, तुम्हारे लिए तो सज-धज के आई हूं। खालिद: उफ़ जान, तुम्हारे बदन की महक! स्वाती: वैसे बाहर मुझे देख कर आसिफ का भी खड़ा हो गया था। खालिद: अरे तुमको देख कर तो मुर्दे का भी खड़ा हो जाए, मेरी सेक्सी गर्ल! खालिद स्वाती को होंठों पर किस करने लगा। स्वाती भी पूरा साथ दे रही थी। वो दोनों किस कर रहे थे, और बाहर मेरा खड़ा हो रहा था। मन कर रहा था घुस जाऊं अंदर। खालिद स्वाती की कमर सहलाने लगा। स्वाती गोद में बैठ कर उसको किस कर रही थी। दोनों एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे। खालिद ने सारी का पल्लू हटाया, और उसके बूब्स को ब्लाउस के ऊपर से मसलने लगा। स्वाती अपना हाथ उसके लंड पर रखा और सहलाने लगी। स्वाती: ओह बेबी, तुम्हारा तो खड़ा हो गया। खालिद: हां तुमको किस करने से ही खड़ा हो गया। इसको बाहर निकलो ना। स्वाती: हां जान, अभी इसको आजाद करती हूं। स्वाती ने खालिद को नीचे से नंगा किया। उसका खड़ा लंड स्वाती के मुंह के सामने था। स्वाती अपने कोमल हाथों से लंड हिला रही थी‌। स्वाती: बेबी आज मुझे बर्थडे के दिन गिफ्ट में तुम्हारा लंड चूसना है। खालिद: हां तो चूस ना, मना किसने किया है मेरी रानी? स्वाती लंड को किस करके ऊपर वाले हिस्से को जीभ से चाटने लगी। देखने से लग रहा था वो पहले भी लंड चूस चुकी थी। उसने पूरा लंड मुंह के अंदर ले लिया, और मजे से चूसने लगी। खालिद आंखे बंद करके मजा ले रहा था लंड चुसाई का। खालिद: हां जान ऐसे ही चूस, कितना मजा आ रहा है। खालिद ने स्वाती के बाल पकड़े और प्यार से उसका मुंह चोदने लगा। स्वाती को धीरे-धीरे मजा नहीं आ रहा था शायद, तो वो लंड को जोर-जोर से चूसने लगी, और मुंह में लंड अंदर-बाहर करने लगी। खालिद पूरे मजे ले रहा था। खालिद: अहह उमहह जान, इतने अच्छे से लंड चूस रही हो। इतना मजा रहा है मुझे। 5-6 मिनट लंड चूसते-चूसते स्वाती रुकी। खालिद झड़ चुका था, और उसका सारा माल स्वाती गटक गई, और बाथरूम में मुंह धो कर आई। वो थोड़ी उदास सी लग रही थी। उसको मजा नहीं आया था खालिद का लंड चूस कर। स्वाती: क्या यार खालिद, आज भी इतना जल्दी निकाल दिया तुमने। मुझे तो लगा था आज तो तुम मुझे पूरा निचोड़ दोगे। खालिद: तो अब क्या करूं निकल गया तो? इतनी देर किया तो सही। स्वाती: इतनी देर नहीं, इतनी सी देर में। अभी गरम ही हो रही थी, और तुम झड़ गए। खालिद: तो क्या हुआ? फिर से खड़ा कर दोगी तुम तो।

खालिद ने स्वाती की जांघ पर हाथ रखा और सहलाने लगा‌ स्वाती ने मुरझाए हुए लंड को हाथ में लिया और हिलाने लगी। दिखने से लग रहा था खालिद थक चुका था। उसने स्वाती की जांघ पर से हाथ हटा लिया, पर स्वाती अभी भी उसका लंड हिला रही थी। स्वाती: खालिद लगता है अब तेरा खड़ा नहीं होगा। 5 मिनट से हिल रही हूं, फिर भी मुरझाया हुआ है। तेरे लिए इतना तैयार होके आई, कोई फायदा नहीं हुआ। खालिद: स्वाती इतना जल्दी कहा जा रही हो यार? स्वाती खड़ी हुई और अपने कपड़े सही करने लगी। मेरे पास चाबी थी। मैं उससे दरवाजा खोल कर अंदर चला गया। वो दोनों शॉक हो गए, और खालिद तकिये से लंड छुपाने लगा। इसके आगे इस सेक्स कहानी में क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। अगला भाग पढ़े:- दोस्त की गर्लफ्रेंड को अपने घर पर चोदा-2

Categories Hindi
More stories See all