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नई नवेली पंजाबन भाभी कि चूदाई-3

Story Hindi 3 pages 15 years ago

नई नवेली पंजाबन भाभी कि चूदाई-3
Bhabhi Ki Chudai
This story is part of the Nayi naveli Punjaban bhabhi ki chudai series फिर मैंने सबसे पहले उनके लाल लाल लिप्स पर किस्स कि, पर वह लिप्स नहीं खोल रही थी। मैंने बोला प्लीज़ होठ खोलो, फिर हमने एक दूसरे को किस्स किया। फिर मैंने उनका हरा रंग का कमीज़ निकाल दिया वोह बी मेरे सामने सिर्फ लाल ब्रा में थी। फिर मैंने उनकी ब्रा भी निकाल दी और एक एक करके दोनों चूचे पीने लगा। वोह भी आ उफ्फ फ्फ फ्फ़ आ स्ससससससस कर रही थी। मैंने उनके दाएं चूची पर एक हल्का दांत से काटा तो वो बोली तुम्हारे भैया को शक हो जाएगा आराम से करलो। फिर मैंने उन्हें दोबारा से किस्स किया और अब मैंने उनका हर एक अंग आंखे, नाक, कान, माथा सब जगह किस्स करते हुए पेट पर आ गया। फिर मैंने दोबारा से उनकी चुत पर किस्स करना शुरू कर दिया। उफ्फ विनीत आह आह सिसकारियां के रही थी.. फिर मैंने उन्हें पूछा की चुत में डाल दू? तब भाभी ने बोला कि बेड के ड्रोअर से कंडोम निकाल लो। मैंने फटाफट से कोंडोम निकाल के लन्ड पर चढ़ा लिया और भाभी कि जांघो के बीच घुटने मोड़ के बैठ गया। जसमीत भाभी अभी भी आंखे बंद करके लेटी थी। मैंने फिर से पूछा की डाल दूं क्या? भाभी ने है में सर हिला दिया। मैंने बोला ऐसे नहीं मुंह से बोलो आंखे खोल कर। फिर भाभी ने हलकी सी आंखे खोल ली और बोला हा जल्दी करो। बस फिर क्या था मैंने लोड़ा पकड़ा और चुत के मुंह पर रखा और थोड़ा अन्दर किया तो कोंडोम लगाने के बावजूद भी अंदर नहीं जा रहा था। मैंने चुत पे दबाव बनाय, भाभी ने होंठ भींच लिए और मेरा कंधा पकड़ लिया। इस बार मैंने ज़ोर का धक्का मारा भाभी कि टाइट चुत में लोड़ा थोड़ा अंदर चला गया और वोह उफ्फ उफ्फ उफ्फ विनीत करने लगी। इस बार मैंने एक और शॉट दबाके मेरा पूरा लन्ड भाभी कि चुत में चला गया और भाभी एक दम से आह आह आह मर गईं उफ्फ हाय आह विनीत नहीं… फिर मैंने भाभी को किस करने कहा उनके होंठो पर और उनकी चूची दबाने लगा। जब उनको थोड़ा सुकून सा मिला मैंने धीरे धीरे से लन्ड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया। आह आह म्ह हु हू मोंन करने लगी.. हम मिश्नरी पोजिशन में थे और अब भाभी भी मेरी कमर सेहला रही थी। और जैसे जैसे में धके दे रहा था वैसे वैसे ही भाभी कि भारी पयालो कि छन छन छन कि आवाज़ भी चूदाई के माहौल को और भी सेक्सी बना रही थी। उफ्फ उफ़ उफ़ आह आह विनीत आह भाभी सिसकारियां लेकर बोल रही थी। 10 मिनट चोदने के बाद मैंने उन्हें डॉगी पोजिशन में कहा। वोह अब घुटनों के बल कुटिया कि तरह बेड पर बैठ गई। मैंने लोड़ा फिर से चुत में देकर शॉट शॉट लगाने शुरू कर दिए। आ आ आ उ‌उ ओह ह म म म म धीरे धीरे करो विनीत आह आह उफ्फ ऊफ ओह ओह… लेकिन मेरे सर पे तो चोदने का भूत सवार था। मैंने भाभी कि कमर पकड़ के तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था और भाभी अब तक एक बार और झड़ चुकी थी।

ओह ओह ओह मर गई विनीत आह हम्म ओह उफ्फ आई.. और पायल कि छन छन कर साथ चूदाई कि चप चप कि आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। और बी जी तो वैसे भी नींद कि दवाई खा के आराम से सो रही थी और इधर में उनकी नई नवेली बहु कि ठुकाई कर रहा था। चोदते हुए 25 मिनट हो चुके थे, अब मेरा लेस (वीर्य) निकल वाला था। मैंने लोड़ा बाहर निकाल लिया और कोंडोम हटा दिया और भाभी को लोड़ा चूसने को बोला। वो ना करने लगी, मैं बोला थोड़ा सा ही चूस लो। फिर भाभी ने मेरा लन्ड हाथ में लिया और चूसने लगी। अभी 2 मिनट ही हुए थे फिर मैने बोला रुको भाभी और मैंने उन्हें सीधे बेड पे लेटने को बोला और में खुद बेड से नीचे उनके पैरो कि तरफ खड़ा हो गया। क्युकी मैं इतनी जल्दी अपना लेस नहीं छोड़ना चाहता था। मैंने भाभी कि चुत चाटना शुरू कर दिया और 5 मिनट के बाद मैंने भाभी के बाएं पैर के अंगूठे और उंगली के बीच लोड़ा फसा दिया और उनके दाहिने पैर के अंगूठे से लौड़े के ऊपर कर दिया और भाभी को फूटजोब करने को कहा। भाभी ने भी अपने पैर से मेरा लोड़ा आगे पीछा करना शुरू कर दिया। उनके सॉफ्ट सॉफ्ट पैरो से मेरे लौड़े में और भी उत्तेजना ही रही थी। 5 मिनट में जब मुझे लगा अब तो मेरा लेस निकाल ही जायेगा। तब मैंने उन्हें पैर सीधे बेड पर रखने को बोला। फिर भाभी ने घुटने मोड़ के पैर बेड पर रख लिए और मैंने अपना लोड़ा हाथ से हिलाना शुरू कर दिया। 2 मिनट में ही मैंने अपना सारा लेस जो कि 14 ग्राम होगा भाभी के पैरो पर छोड़ दिया। भाभी के गोरे गोरे मेहंदी लगे पैरो पर सारा सफेद लेस छोड़ दिया और फिर मैंने अपने लौड़े से ही उनके पैरो को अपने लेस से पूरा लिप दिया। अब मेरा लोड़ा ढीला हो गया और मैंने भाभी कि जांघे खोल कर उनके ऊपर ही लेट गया और उनको किस्स किया और बोला कि मैं आपका यह एहसान कभी नहीं भूलूंगा। भाभी कुछ नहीं बोली, वोह आंखे बंद करके लेटी रही। इतनी‌ ठंड होने के बावजूद भी पसीने से तर थे, फिर में साइड में आ गया और भाभी को कम्बल ओढ़ा दिया। भाभी भी थक गई थी इसलिए वोह ऐसे ही सो गई। अब रात के 2:30 बज गए थे, भाभी ने करवट बदल ली लेकिन इतने के बाद भी मेरा लोड़ा कहां चैन पा रहा था। 10 मिनट बाद ही फिर खड़ा हो गया। में दोबारा से भाभी कि तरफ गया और उनको हग कर लिया, मेरा लोड़ा उनकी गान्ड पर टच कर रहा था। उनकी आंख फिर खुल गई, जसमीत भाभी बोली विनीत अब सो जाओ प्लीज़… मैंने उनके नंगी कमर पे किस्स किया फिर उनकी गर्दन पर। भाभी बोली अब तो सो जाओ! लेकिन मेरा लोड़ा तो नहीं मान रहा था, मैंने भाभी के चूचे दबाने शुरू कर दिए। लेकिन भाभी ने कुछ नहीं कहा, फिर मैंने बैठ के उनके मुंह पे लोड़ा दे दिया और उनका मुंह चोदने लगा। 5 मिनट तक मुंह चोदन के बाद मैंने लेटे लेटे ही पीछे से उनकी चुत में लोड़ा अंदर डाल दिया।

आह आह आह आह आह आह आह उह उह उह उफ्फ उफ्फ उफ़ विनीत बस बस आह आह… अब चोदते चोदते 20 मिनट हो गए थे, मेरा लेस निकलने वाला था, मैंने बोला भाभी मेरा निकलने वाला है। वोह बोली अन्दर मत छोड़ना। मैंने बोला फिर आप मेरा पी लो। वो बोली नहीं! मैंने बोला आप लोड़ा मुंह में लो, में मुंह में नहीं छोडूंगा। उन्होंने मेरा लोड़ा मुंह में ले लिया, फिर अब मेरा लेस जब निकलने हो गया, मैंने उनके चेहरे पर ही सारा लेस छोड़ दिया और उनके होंठो पर लोड़ा रगड़ने लगा। उनका चेहरा मेरे लेस से लीपा हुआ था और उनकी चुत सुज चुकी थी। भाभी अब उठ नहीं सकती थी, मैंने उनकी ब्रा से ही उनका चेहरा साफ कर दिया और अपना लोड़ा भी। अब मैंने उनको उनके पूरे कपड़े पहना दिए और उनके साथ ही सो गया। आप अपने विचार और कोई चूदाई चाहती हो तो मुझे जरूर ईमेल करे – [email protected] अगली कहानी में बताऊंगा कैसे मैंने दूसरे दिन उनके साथ सुहागरात मनाई।

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