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पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-4 (Padosi Ne Todi Meri Didi Ki Seal-4)

Story Hindi 5 pages 15 years ago

पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-4 (Padosi Ne Todi Meri Didi Ki Seal-4)
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पिछला भाग पढ़े:- पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-3 बहन की चुदाई कहानी अब आगे से- मैंने देखा दीदी मम्मी के बेड पर पूरी नंगी लेटी हुई थी, और सलीम बस अंडरवियर में मेरी दीदी की दोनों टांगे चौड़ी करके उनकी मक्खन जैसी चूत को चाट रहा था, जो मेरी दीदी ने कुछ देर पहले ही साफ करी थी। दीदी अपना हाथ सलीम के सर पर रख कर उसे अपनी चूत की तरफ धकेल रही थी, और लंबी-लंबी सांसे सिसकारियां ले रही थी- दीदी: आआह उफ्फ आह सलीम, चाट लो मेरी चूत। बहुत तंग किया हे इसने आअअ उफ्फ आई। काटो मत उफ्फ, सलीम बहुत मजा आ रहा है। उफ्फफफ मेरे राजा, आज मुझे अपना बना लो। सलीम दीदी की मोटी-मोटी फांकों वाली चूत में अपनी जीभ डाल कर अंदर कभी बाहर कर रहा था। दीदी मजे से आह उफ की आवाजें अपने मुंह से निकाल रही थी। कुछ देर में दीदी का बदन अकड़ सा जाता है। सलीम का सर पकड़ के अपनी चूत में दबा देती हैं। दीदी: आहहह सलीम मैं झड़ने वाली ‌ हूं। हट जाओ, छोड़ दो मुझे, आआआ आआआहहहह। करती हुई दीदी सलीम के मुंह में झड़ जाती है। दीदी झड़ने के बाद शांत सी पढ़ जाती हैं। सलीम दीदी की पूरी चूत चाट के साफ कर देता है। सलीम: कैसा लगा मेरी जान? मुझे तो मजा ही आ गया तेरी कुमारी चूत का पानी चाट कर। दीदी: सलीम मुझे भी मजा आ गया। बस आप मेरी निगोड़ी जवानी को निचोड़ दो। कितने दिन से आपके लिए तड़प रही थी। फिर सलीम ने दीदी को बेड से जमीन में उतारा और नीचे बैठा दिया। फिर दीदी को अंडरवीयर उतारने का इशारा किया। मेरी दीदी समझ गई उसे अब क्या करना था। दीदी ने सलीम की आंखों में देखते हुए दोनों हाथों से सलीम का अंडरवीयर पकड़ा, और उसे धीरे-धीरे उतारने लगी। फिर दीदी ने अपनी आँखें बंद की, और एक झटके में सलीम का अंडरवियर उतार दिया। सलीम का मूसल लंड झटके मारते हुए दीदी के चेहरे पर लगा, जिससे दीदी की आँखें खुल गई। जब दीदी ने सामने देखा वो डर सी गई। बाप रे बाप। सच में सलीम का लंड 2.5 इंच मोटा और 8 इंच लंबा और काला था। खुला हुआ टोपा किसी मशरूम की तरह लग रहा था। सलीम के लंड का टोपा ही काफी चौड़ा और मोटा था। दीदी: हे भगवान, मैं इसे नहीं ले पाऊंगी सलीम जी। सलीम: तू क्या साली तेरी मां भी बड़े आराम से अपनी चूत में निगल जाएगी मेरा मूसल लंड। अब देर मत कर। दीदी: ऐसा मुसल लंड तो मेरे बाप का भी नहीं होगा, यह तो किसी घोड़े जैसा है। फिर दीदी ने लंड को अपने एक हाथ से पकड़ा, और थोड़ा उसे आगे-पीछे किया। फिर दीदी अपनी आँखें बंद की। उसके बाद बड़े ही प्यार से लंड के अगले हिस्से से लेकर लंड के निचले हिस्से तक खुशबु ली, और लंड के टोपे पर एक किस्स कर दी। फिर पूरे लंड पर अपनी जीभ फेरी, और सलीम की आंखों में आँखें डाल कर पूरा टोपा मुंह में घाप से भर लिया, जो दीदी के मुंह में सही से आ भी नहीं रहा था।

सलीम: उफ, तुम संस्कारी कच्ची कलियों का यहीं अदा अंदाज मस्त लगता है। चूसो मेरी जान। दीदी सलीम का लंड मजे से मुंह में लेकर अंदर-बाहर कर रही थी। उनके हाथों की चूड़ियां भी खन-खन कर रही थी। दीदी अपनी आंखे बंद किए सलीम का लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी थी। वो अपना एक हाथ अपनी चूत पर ले गई, और चूत को भी मसलने लगी। दीदी सलीम का पूरा लंड अपने थूक से गीला करती, फिर उसे ही चाट लेती। पूरे कमरे में दीदी की चूड़ियों की खन-खन और लंड चूसने की घुप-घुप गड़प-गड़प की आवाज ही गूंज रही थी। सलीम बीच-बीच में दीदी का सर पकड़ के अपना पूरा लंड दीदी के गले तक डाल देता। दीदी हूप-हूप करती रह जाती। फिर थोड़ी देर लंड चुसाई के बाद सलीम दीदी को एक किस्स करता है। दीदी भी किसी जंगली बिल्ली की तरह सलीम के होठों पर टूट पड़ती हैं, और उसे चूसने और चबाने लगती है। दीदी: सलीम जी अब मेरे से रहा नहीं जा रहा है। मेरी चूत की खुजली मिटा दो, और बना लो मुझे अपनी रंडी। सलीम दीदी को बेड पर पटक देता है, और दीदी की टांगे छोड़ी करके खुद बीच में बैठ जाता है‌। फिर दीदी की गांड के नीचे एक तकिया लगा के गांड ऊंची कर देता है। फिर चूत कि फांकों में अपना लंड रगड़ता है कुछ देर। दीदी:‌आह सलीम, बस और मत तड़पाओ। फाड़ दो मेरी चूत। बना दो मुझे आज लड़की से एक औरत। तोड़ दो मेरी चूत की सील। फिर सलीम अपने लंड पर कंडोम लगा कर बोला: तैयार हो ना मेरी जान। और दीदी की टांगे अपनी मजबूत कंधो पर रखता है। फिर लंड दीदी की चूत पर सैट करता है। सलीम चूत में एक जोरदार धक्का देता है,‌ और लंड चूत को फाड़ता हुआ अन्दर चला जाता है। दीदी चिल्लाती है: आई! आई! दूसरे धक्के में सलीम अपना पूरा लंड दीदी की चूत में उतार देता है। मैंने दीदी की तरफ देखा। उसकी आंखों से आंसू आ रहे थे, और उसकी चूत से खून भी बहने लगा था। दीदी की आँखें बाहर आ गई थी। दीदी: आआआ आआआआआइइइइइइइ मम्मी सलीम बाहर निकलो लंड। दर्द हो रहा है। सलीम दीदी की एक नहीं सुना, और दीदी के होंठों पर अपने होंठ जमा कर कुछ देर दीदी के ऊपर ऐसे ही लेटा रहता है। थोड़ी देर में सलीम हल्के-हल्के धक्के देने लगता है। धीरे-धीरे जब दीदी को भी मजा आने लगता है, वो भी अपनी गांड ऊपर-नीचे करने लगती है। सलीम जैसा भारी भरकम मर्द मेरी नाजुक सी दीदी पर चढ़ा हुआ था। सलीम अपनी चोदने की रफ्तार तेज कर देता है, और साथ में दीदी की चूचियों को भी मसलने लगता है। दीदी चुदाई का मजा लेते हुए आआआआह उफ्फफफ आआह उफ्फ्फ्फ़ आआआआआह्ह्ह्ह्ह् उफफफफ और तेज चोदो, आज फाड़ दो मेरी चूत उफ्फ आई मां करती है। सलीम अपना पूरा लंड बाहर निकाल के एक झटके में चूत में पेल देता है। दीदी सलीम के जोरदार झटके से आगे खिसक जाती‌ है। मैंने देखा सलीम का पूरा मुसल लंड दीदी के खून से सना हुआ था।

सलीम अपना लंड दीदी की बच्चेदानी तक ठोक रहा था। दीदी: आई उफ्फ्फ्फ्फ् सलीम आपका मुसल मेरी बच्चेदानी को फाड़ देगा ह्ह्ह्ह्ह्ह हम्म्म आआहहहहहह उफ्फफ। आऐइइइ मां मेरी बच्चेदानी। मेरी दीदी अब सलीम का 8 इंच मुसल आराम से अपने अंदर ले रही थी। थोड़ी देर बाद सलीम दीदी को कुतिया बना के पीछे से चोदना शुरू कर देता है‌। दीदी की सिसकारियां और थप थप की आवाज़ गूंज रही थी। सलीम बीच-बीच मे मेरी दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था। दीदी: सलीम जी बस मेरी चुदाई करते रहो, जो कभी खतम ना हो। सलीम मेरी चूत 2 बार झड़ चुकी है, निचोड़ दो मेरी चूत। सलीम कुछ देर की चूदाई में ही दीदी की चूत का भोसड़ा बना देता है, और चुदाई करते हुए ही दीदी की चूत में झड़ जाता है। थोड़ी देर दीदी के ऊपर लेटा रहता है। फिर दीदी की बगल में लेट कर दीदी को किस्स करने लगता है। दीदी सलीम की चुदाई से खुश हो जाती हैं। फिर अपने हाथों से लंड पर लगे कंडोम निकालती है, जो उसके खून से ही सना हुआ था। दीदी उसे उतार के एक कोने में फेंक देती है। दीदी खुशी से बोली: सलीम जी मैं खुशनसीब हूं, जो मैंने आपसे अपनी चूत की सील का उद्घाटन कराया। हर लड़की, औरत, यहां तक मेरी मां की भी यही इच्छा होती है, कि आपके जैसा लंड मिले, जो हमें तृप्त कर दे। सलीम दीदी की बातों से खुश हो जाता है, और अपने गले से लगा लेता है। धीरे-धीरे फिर उनकी चूचियों को दबाना शुरू कर देता है। दीदी फिर जोश में आती है, और सलीम के लंड की तरह देखती है, जो फिर से खड़ा हो चुका था। उसे देख मुस्कुराती हुई बोली: लगता है जनाब का अभी मन नहीं बहरा है। सलीम अपना लंड दीदी के होठों के करीब करता है। दीदी उसे लपक के मुंह में लेती है, और लॉलीपॉप की तरह चूसने लाती है। सलीम: कैसे‌ भरेगा मन, मेरी जान? अभी तो इसने तेरी मां चोदी ही नहीं। दीदी लंड चूस ने के बाद तुरंत घोड़ी बन जाती है: आओ ना सलीम, पहले मुझे चोदो। फिर मेरी मां को चोद लेना। सलीम अपने लंड पर कंडोम लगा रहा था। दीदी ने उसे तुरंत लेकर दूर फेंक दिया और बोली: मुझे लंड को अपने अंदर महसूस करना है। सलीम फिर अपना मुसल लंड एक बार में ही दीदी की चूत में पेल देता हैं। दीदी चीख पड़ती है आआआ आआआ हहहहह हम्म्म हम मम्म्म्म्न हां हां पेलो, ऐसे ही चोदो। चोदते रहो। एक बार फिर कमरे में दीदी की चीख पुकार की आवाजें आने लगती है। सलीम: मेरी रंडी, मजा आ रहा है ना तुझे अपनी मां के बिस्तर पर चुदने में? दीदी: हां हां बहुत। फिर सलीम बेड पर लेट जाता है, और दीदी अपनी टांगे सलीम के इधर-उधर करके उसके लंड पर अपनी चूत सैट करके बैठ जाती हैं। धीरे-धीरे दीदी लंड के ऊपर उछलने लगती है आआआ आआआ। दीदी सलीम के मुसल पर घुड़सवारी करती हुई किसी रंडी से कम नहीं लग रही थी।

फिर कुछ देर में दीदी हांफती हुई बोली- दीदी: उफ़ हहहहह हम्म्म्म मैं गई, में झड़ रही हूं। वो पूरे लंड को अपने काम रस से भिगो देती हैं। सलीम: साली रांड, अभी मेरा माल कौन निकलागा, तेरी रंडी मां? सलीम दीदी को अपनी मजबूत गोद में उठाता है और अपनी गोदी में लेकर ही दीदी की चूत में लंड सैट करके खड़े-खड़े ही चुदाई करने लगता है। दीदी की ऐसी चुदाई देख कर में हैरान रह जाता हूं। सलीम मेरी दीदी को अपनी गोदी में उछाल-उछाल के चोद रहा था, जैसे वो कोई खिलौना हो, और मेरी दीदी भी उसका पूरा मजा ले रही थी। सलीम: आअअ आ रंडी तेरी टाइट चूत चोद कर तो मजा ही आ गया। उफ्फ क्या गरम चूत है। तेरी मां की भी मिल जाए बस, उफ्फ आअअ बता मेरा बीज कहा लेगी? दीदी: आआआ आआआहहहहह सलीम अन्दर मत निकालना। मेरे मुंह में निकाल दो अपना मर्दाना वीर्य। दीदी तुरंत जमीन पर अपना मुंह खोल के बैठा जाती हैं। सलीम लंड हिला के दीदी के खुले मुंह में अपना माल निकल देता है, जो दीदी पी जाती, और जो लंड पर लगा होता है, उसे चाट कर साफ कर देती है। दीदी और सलीम चुदाई करके बेड पर नंगे ही लेट कर बाते करते-करते सो जाते हैं।उनकी चुदाई होने के बाद मैं भी घर से निकल जाता हूं, और शाम को आता हूं। तब एक बार फिर मुझे दीदी की आवाजें सुनाई देती है। मैं देख ने जाता हूं। मेरी दीदी घोड़ी बन कर चुद रही थी, और सलीम को छोड़ने की कोशिश कर रही थी। दीदी: अआआ उफ्फ आई ई ई अब जाने भी दो सलीम। मेरी चूत दर्द कर रही है। सलीम झटके पर झटके लगाए जा रहा था। दीदी की चूत पच पच करती हुई सलीम के मोटे लंड से चुद कर लाल हो चुकी थी। सलीम जैसा मर्द मेरी नाजुक दीदी को बेरहमी से चोद कर उसका बुरा हाल कर रहा था। मेरा मन किया कि मैं अभी कमरे में जाऊ, और बचा लूं अपनी दीदी को। सलीम थोड़ी देर में जब अपना मूसल लंड दीदी की चूत से बाहर निकलता है, मैंने देखा मेरी दीदी का चूत छेद 2.5 इंच खुला होता है। सलीम अपना मल दीदी की गांड पर गिरा देता है सारा। लास्ट में दीदी उसे चाट कर साफ कर देती है। दीदी सलीम को किस्स करते हुए घड़ी में समय देखती है, तो उनकी हालत खराब हो जाती है। दीदी: ओहो सलीम, अपको जाना होगा। मम्मी कभी भी घर आ सकती हैं। सलीम: जान अभी तो मेरा मन तेरी गांड चोदने का है। दीदी: मेरी गांड आप और कभी चोद लेना। मेरा भी बहुत मन है। प्लीज अभी मेरी हालत खराब है। उफ्फफफ उठा भी नहीं जा रहा है सलीम जी। आप भी जाओ। सलीम अपने कपड़े पहनने लगता है। और मैं घर के आंगन में आकर खड़ा हो जाता हूं, जैसे अभी घर में आया हूं। सलीम कमरे से बाहर आता है, और दीदी उसके पीछे ब्रा-पैंटी में ही आती हैं। दोनों मुझे घर में देख कर चौंक जाते हैं। दीदी सलीम के घर से बाहर जाने के बाद मेरे से बोली: अमित तू कब आया घर में? मैं: दीदी मैं थोड़ी देर पहले ही आया, जब अप सलीम के साथ अंदर थी।

दीदी: अमित तूने कुछ देखा तो नहीं? माफ करना भाई, यह सब मम्मी के सामने मत बोलना। तू मेरा और सलीम का सीक्रेट रखना, मैं तुझे 500 रुपये दूंगी। मैं: ठीक है दीदी, मैं आपका और सलीम का सीक्रेट किसी को नहीं बताऊंगा। आप सलीम के साथ क्या कर रही थी? दीदी मुस्कुराती हुई: कुछ नहीं भाई, बस सलीम मुझे औरत बनना सिखा रहे थे, ताकि शादी के बाद मुझे दिक्कत ना आए। फिर दीदी मम्मी के आने से पहले कमरे की साफ-सफाई अच्छे से कर देती है, और खुद भी तैयार जाती है। पर अपनी लंगड़ाती चाल नहीं बदल पाई। रात को जब मम्मी घर आती हैं, तो उनकी भी हालत कुछ ठीक नज़र नहीं आ रही थी। वो भी अपनी टांगे चौड़ी कर कुछ लंगड़ा के चाल रही थी। मेरे पूछने पर मम्मी बोली: बेटा कुछ नहीं। वो काफी कम था, तो थक गई ‌ हूं। मम्मी की बात मुझे कुछ समझ नहीं आई, पर दीदी उनकी इस बात पर मुस्करा रही थी। अगले दिन मेरी दीदी की चाल खराब रहती है उसका तो मुझे पता था, पर मम्मी भी। तो दोस्तों यह मेरी अभी तक की कहानी थी। अगले भाग में आप लोगों को बताऊंगा कैसे मेरी दीदी की गांड चुदाई हुई, और मेरी मम्मी के बारे में जानने के लिए मेरे साथ बने रहे। मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई होगी। आपको मेरी कहानी में क्या अच्छा लगा, और अपनी कहानी मेरे से सांझा करने के लिए मुझे ईमेल कर सकते हैं [email protected] पर अगला भाग पढ़े:- पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-5

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