बदचलन बीवी-5 (Badchalan biwi-5)
Hindi Chudai Kahani
पिछला भाग पढ़े:- बदचलन बीवी-4 मैं राहुल और मेरी बीवी ज्योति। ये सेक्स कहानी मेरी रांड बीवी ज्योति की है। अब तक आप लोगों ने अगर पिछले पार्ट नहीं पढ़े है, तो पहले उनको जरूर पढ़ें। उससे आगे की कहानी में मज़ा आएगा। मेरे घर में पहुंच के संजय मेरी बीवी ज्योति को लंड चुसवा रहा था। अब उससे आगे- अब नज़र फिर सीसीटीवी पर पड़ी। चूत में पूरा मुंह घुसा के संजय चूत चूस रहा था। ज्योति का चेहरा सीसीटीवी के दूसरी तरफ होने से दिख तो नहीं रहा था, पर उसकी सिसकारियां बीच-बीच में सुनाई पड़ रही थी। साथ ही उसका सर ऊपर-नीचे हो रहा था, जिससे लग रहा था कि वो संजय के लंड को चूसने में मस्त थी। करीब 5 मिनट तक 69 की पोजीशन में लंड और चूत की चुसाई के बाद अचानक संजय ने कहा- संजय: मेरी जान, मेरा निकलने वाला है। इतना सुनते ही ज्योति संजय के ऊपर से हटी, और जमीन पर घुटने के बल बैठ कर कहा- ज्योति: मेरे लौड़े, निकाल दो अपना माल, पिला दो मुझे अपना पानी। संजय खड़ा हो गया। बालों से संजय ने ज्योति के सर को पकड़ा, और अपना 7 इंच का खड़ा लंड उसके मुंह में डाल कर जोर-जोर से ज्योति के मुंह को चोदने लगा। करीब 15 से 20 जोरदार झटका करने के बाद संजय ने अपने लंड को बाहर निकाला, और एक तगड़ा वाला झटका मार और बाल पकड़ कर ज्योति के सर को अपने लंड पर दबा दिया। पूरे का पूरा 7 इंच का लौड़ा ज्योति के मुंह में था, और ‘मैं गया आह’ की आवाज के साथ संजय ज्योति के मुंह में अपना पानी छोड़ने लगा। ज्योति की मुंह से गूंगूं की आवाज आ रही थी। संजय आह आह कर रहा था। करीब 15 से 20 सेकंड में संजय ने अपने लंड का पूरा पानी ज्योति के मुंह में खाली कर दिया। माल झड़ते ही संजय ने पकड़ ढीली की, और ज्योति ने अपना सर पीछे किया। संजय का लंड ज्योति की थूक और लंड के पानी से सना हुआ था, तो ज्योति के मुंह में संजय के लंड का पानी भरा हुआ था। खांसी आ रही थी, पर ज्योति ने अपने हाथों से मुंह को दबा दिया और खांसी को अंदर ही रोक दिया। फिर पोर्न फिल्म की तरह ज्योति ने मुंह खोल कर संजय को दिखाया, जिसमे संजय के लंड का पानी भरा हुआ था। फिर एक ही झटके में संजय के लंड के पानी को अंदर गटक लिया, और फिर से संजय के लंड को मुंह में ले कर चूसने लगी ज्योति। ज्योति लंड के पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं करना चाहती थी। गीले लंड को चाट-चाट के सूखा करने के बाद जीभ से होंठों पर लगे माल को भी चाट के लंड के सुपाड़े पे एक किस करते हुए ज्योति ने कहा- ज्योति: तेरे लंड का पानी सिर्फ लंड का पानी नहीं अमृत है मेरे लिए, मजा आ गया पीके। संजय: लंड का पानी पीने का नशा ही है तेरे अंदर। ज्योति: सही कहा, पूरा नशा है और नशा सिर्फ तेरे लंड के पानी का है। संजय: ऐसा तो है नहीं कि बिना चूसे तुमने बाकी लंड लिए। ज्योति: तुमसे कुछ नहीं छुपाया है, और झूठ नहीं बोलूंगी।