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बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-3 (Behno ke lesbian sex ko banaya threesome sex-3)

Story Hindi 3 pages 15 years ago

बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-3 (Behno ke lesbian sex ko banaya threesome sex-3)
Lesbian Sex
पिछला भाग पढ़े:- बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-2 नमस्कार दोस्तों, मैं Thor अपनी लेस्बियन सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट लेके आया हूं। उम्मीद है आप सब ने मेरी कहानी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है, तो उसको ज़रूर पढ़े। पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि कार्तिक अपनी चचेरी बहन लतिका को देखने अपनी बहन शिक्षा के रूम में जाता है। लेकिन वहां वो दोनों आपस में सेक्स कर रही होती है। पहले तो उन दोनों में सिर्फ चुसाई होती है, लेकिन बाद में उसकी बहन शिक्षा डिल्डो पहन कर लतिका की चूत चुदाई करती हैं। अब आगे की कहानी कार्तिक की जुबानी- लतिका की चूत का पानी निकल चुका था। फिर शिक्षा डिल्डो को उसकी चूत के बाहर निकालती है, और साइड में लेट जाती है। डिल्डो पूरी तरह लतिका की चूत के पानी से भीगा हुआ था। ये उसकी चमक से पता चल रहा था कि वो कितना गीला था। फिर शिक्षा अपनी कमर से डिल्डो खोल कर लतिका को दे देती है। लतिका अभी-अभी हुई चुदाई से थक चुकी था। वो 5 मिनट आराम करने के बाद उठती है, और डिल्डो को अपनी कमर पर बांध लेती है। फिर वो शिक्षा के ऊपर आती है, और दोनों की चुम्मा-चाटी फिर से शुरू हो जाती है। थोड़ी देर में लतिका भी शिक्षा की वैसे ही चुदाई करती है, जैसे शिक्षा ने उसकी की थी। जब शिक्षा की चूत पानी छोड़ देती है, तो दोनों नंगी ही आपस में लिपट कर सोने लगती है। फिर मैं भी वहां से चुप-चाप निकल आता हूं। अब मेरे पास एक हुकुम का सिक्का था, जिसको मुझे बड़े ध्यान से इस्तेमाल करना था। अब मैं अगले दिन का इंतेज़ार कर रहा था। फिर मैं अपने कमरे में आ गया और सोने लगा। मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मुझे मुठ मारनी पड़ी। सुबह कब हुई, पता ही नहीं चला। मैं जल्दी से उठा, और नहा कर तैयार हो गया। मुझे अब जल्दी से शिक्षा और लतिका को देखना था। फिर मैं बाहर हॉल में गया तो वो दोनों ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठ कर नाश्ता कर रही थी। मैं जाके लतिका के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया। वो दोनों अभी भी नाइट सूट में ही थी। तभी मैंने जान-बूझ कर लतिका के पैर से अपना पैर रगड़ा। जब उसने मुझे देखा, तो मैंने उसको आंख मार दी। वो समझ नहीं पाई कि मैंने ये क्यों किया था। फिर जब वो नाश्ता करके उठी, तो मैं भी उठ गया। वो वाशबेसिन पर हाथ धोने गई, और मैं उसके पीछे चला गया। जब वो हाथ धो रही थी, तो मैं जान-बूझ कर उसके पीछे खड़ा हुआ, और उसकी गांड पर अपना लंड रगड़ दिया। उसने फिर से मेरी तरफ देखा, और मैंने उसको आंख मार दी। इस बार भी उसने मुझे कुछ नहीं कहा। फिर वो रूम में जाने लगी, और जाते हुए शिक्षा को इशारा कर दिया। शिक्षा भी नाश्ता खत्म करके कमरे में चली गई। कुछ ही मिनट बाद मुझे शिक्षा का कॉल आया।

जब मैंने कॉल उठाया, तो उसने मुझे उसके कमरे में बुलाया। मैं जल्दी से उसके कमरे में चला गया। वहां वो दोनों बेड पर बैठी थी। शिक्षा ने मुझे देखते ही कहा- शिक्षा: कार्तिक ये लतिका क्या कह रही है? मैं: क्या कह रही है? शिक्षा: तुम उसको टच कर रहे हो? मैं: हा तो? शिक्षा: वो तुम्हारी बहन है कार्तिक। मैं: तो, वो तुम्हारी भी तो बहन है। शिक्षा: मतलब? मैं: मतलब वो तुम्हारी भी बहन है, और मेरी भी। तुम उसके साथ रात में इतना कुछ कर सकती हो, तो मैं क्यों नहीं कर सकता? मेरी ये बात सुन कर उन दोनों की सिट्टी-बिट्टी गुल हो गई। फिर वो बोली: तुम किस चीज की बात कर रहे हो, मैं समझी नहीं? मैं: बहना इतनी भोली मत बनो। जो रात में तुम दोनों के बीच हुआ, मैंने उसको अपनी इन आंखों से देखा है। कैसे तुम दोनों ने रात को बिस्तर को चुदाई का अखाड़ा, और कमरे को सेक्स का मैदान बना रखा था, सब पता है मुझे। मेरी बातें सुन कर दोनों का रंग उड़ गया था। दोनों के मन में ये सवाल था कि आखिर मुझे उस सब के बारे में कैसे पता था। दोनों बस मुझे देखे जा रही थी। फिर मैं बोला- मैं: तुम दोनों यहीं सोच रही होगी कि मुझे कैसे पता, और मैंने वो सब कब देख लिया। तो दोस्तों, जब वक्त बुरा होता है ना, तो ऊंट पर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट जाता है। तो ऐसा ही कुछ तुम्हारे साथ हुआ है। तुम लोगों का वक्त खराब है। शिक्षा: अब तुम क्या करने वाले हो? ये सब घर पर नहीं पता चलना चाहिए। मैं: देखो इस चीज की गारंटी मैं नहीं ले सकता। हां अगर मेरा कुछ फायदा जो जाए, तो मैं चुप रह सकता हूं। शिक्षा: कैसा फायदा? पैसे चाहिए तुझे? मैं: नहीं पैसे मेरे पास है। लेकिन गर्लफ्रेंड नहीं है। मैं चाहता हूं कि बंद कमरे में तुम दोनों मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ, और हम वैसे मजे तीनों साथ में मिल कर करें, जो तुमने दोनों ने अकेले किए थे पिछली रात। शिक्षा: तुम हमारे भाई हो। मैं: क्यों, भाई का लंड खड़ा नहीं होता क्या? देखो सोच लो। कोई जबरदस्ती नहीं है। नहीं तो मुझे तो सिर्फ पापा को ही बताना है। शिक्षा अब मेरी बात पर सोचने लग गई थी। फिर उसने लतिका को अपने पास बुलाया, और उसको साइड में ले जा कर उससे बात की। कुछ मिनट बाद दोनों कोई सलाह बना कर आ गए। फिर शिक्षा आके मुझे बोली- शिक्षा: ठीक है, हमें तुम्हार शर्त मंजूर है। मैं: बहुत अच्छे! ये सुन कर बहुत अच्छा लगा। तो फिर ऐसा करते है, कि रात में 10 बजे के बाद मैं तुम्हारे कमरे में आऊंगा, और फिर हम तीनों मिल कर घमासान मचाएंगे। उन दोनों ने मेरे बात मान ली, और मैं उनके कमरे से बाहर आ गया। अब मैं बस रात का इंतेज़ार कर रहा था। मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे, और मेरा खून मेरे शरीर में दुगनी स्पीड से दौड़ रहा था। मैं बार-बार घड़ी की तरफ देख रहा था कि कब रात होगी, क्योंकि इंतेज़ार करना मुश्किल लग रहा था।

अब रात होने के बाद हम तीनों ने उस कमरे में क्या-क्या किया, वो आपको इस हिंदी सेक्स कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक कि कहानी आपको कैसी लगी [email protected] पर मेल करके जरूर बताएं। अगला भाग पढ़े:- बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-4

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