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मेरी बुर मेरे सगे भाई के लिए (Meri Bur Mere Sage Bhai Ke Liye)

Story Hindi 3 pages 15 years ago

मेरी बुर मेरे सगे भाई के लिए (Meri Bur Mere Sage Bhai Ke Liye)
Meri Chudai
दोस्तों मेरी हिंदी चुदाई की कहानी में आपका हार्दिक अभिनंदन। मेरा नाम नेहा है। मैं मस्त, जवान, गोरी, मस्त फिगर वाली लड़की हूं। मैं अभी 20 साल की हूं। मेरी हाईट लगभग 5 फीट है‌। मुझे हैंडसम लड़के बहुत अच्छे लगते हैं। मैं बी.ए. द्वितीय वर्ष पास कर चुकी हूं, और तृतीय वर्ष में दाखिला ली हूं, मुझे फ्रूटस बहुत पसंद है। मैं यूपी की रहने वाली हूं, और एक अच्छे परिवार से हूं। मुझे घूमना बहुत पसंद है और अगर बॉयफ्रेंड हो तो क्या ही बात है। वैसे तो मेरे बहुत बॉयफ्रेंड है, मैं चाहूं तो रात दिन उनसे छुट्टी ही ना पाऊं। पर कभी-कभी बॉयफ्रेंड भी साथ नहीं होते तो ऐसे में बेचारी हम जैसी लड़किया क्या करे? या तो उगली कर ले, या फिर घर में ही किसी से चुद जाएं। दोस्तों उस रात भी मेरी साथ कुछ ऐसा ही हुआ। मैं अपने पास वाले बीएफ को कॉल की वो बोला नेहा नहीं आ पाऊंगा अभी। दोस्तों मुझे बहुत गुस्सा आया। आखिर फिर बॉयफ्रेंड किस काम का जो अपनी जीएफ के बुलाने पे ना आए। तो अब मैं क्या करती? अब तो एक ही सहारा था, मेरा सगा भाई साहिल। जी हां दोस्तों ये मेरा वहीं अपना सगा भाई है, जो दो बार मेरी प्यास बुझा चुका है। उस रात मैं बहुत गरम थी। बुर में उंगली की, पर कुछ फील नहीं आई क्यू़ंकि मुझे तो मस्त मोटा लौड़ा चाहिए‌ था, जो मेरी बुर को फाड़ दे। दोस्तों मैं अपने भाई साहिल से दो बार करवा चुकी हूं, इसलिए अब शर्म नहीं आती। मेरा भाई भी मस्त है, अपनी बहन को चोद-चोद के संतुष्ट करता है। इसलिए मैं उसे बीएफ से ज्यादा पसंद करती हूं, क्योंकि घर का माल है। तो दोस्तों आइए आपको ले चलती हूं उस जगह जहां मैं अअह्ह्ह्ह अअह्ह्ह्ह कर रही हूं और मस्त लंड की सवारी कर रही हूं। जब मेरी लाख कोशिशों के बाद भी मेरा बॉयफ्रेंड नहीं आया, तो मैं अपने छोटे भाई साहिल को याद की। मैं गई और उससे बोली, “साहिल आओ चले रूम में।” दोस्तों वो सो रहा था, क्योंकि रात काफी थी। मैं उसी के रूम में थी। जब वो नहीं जगा तो मैंने उसे चुटकी काट ली और कई कोशिशें की। फिर वो उठा और बोला, “क्या है यार, नींद खराब कर दी तूने।” मैं बोली: तुझे नीद की पड़ी है। मेरी फिकर नहीं है। तो बोला: तेरी फिकर क्यों करूं मैं? तुम तो किसी और की हो। मैं बोली: तेरी भी तो हूं। मुझे कुछ चाहिए। देगा तू? तो बोला: इतनी रात में क्या लेगी तू? मैं बोली: समझ ले क्या चाहिए इतनी रात में मुझे। दोस्तों वो बहुत शरारती है, मुझसे मज़ाक बहुत करता है हर समय। तो मुस्कुरा के बोला- भाई: घोड़ी बन जा। फिर मैं शर्मा के के बोली: पागल लड़का। धीरे-धीरे मैं उसके बेड पे लेट गई। भाई के साथ कुछ देर बाते हुई। फिर मुझे अपनी बांहों में भर के साहिल ने बातें की मुझसे। मेरे बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, और मेरी लाइफ के बारे में भी।

फिर बोला: नेहा दी आखिर कब तक हम दोनों ये हरकते करते रहेंगे? अब तो हम दोनों बड़े हो गए है, और फिर सगे भाई-बहन भी है। ये सब ठीक नहीं है। मैं शर्मा के बोली: साहिल ठीक है… पर। तो वो खुद बोला: ठीक है दीदी, मैं आपकी इच्छा पूरी करूंगा । फिर मुझे किस्स करने लगा, मेरी होठों को चूसने लगा, और मेरे बूब्स दबाने लगा। मैं भी गर्म होने लगी और सिसकारियां लेने लगी सुऊऊ सुऊऊऊ ऊऊऊऊऊऊ करके। फिर बोला: नेहा दीदी कपड़े उतारे अब दोनों? मैं बोली: जो मर्जी कर तू। फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए। मैं नंगी थी, और वो भी नंगा आके एक-दम चिपक गया। मुझसे बोला: आज तुझे मस्त पेलू़गा मेरी बहन। पहले मेरी दोनों टांगें फ़ैलाई। फिर मेरी बुर में एक उगली की, और फिर बुर को सहलाने लगा। कुछ देर बाद मेरी बुर चौड़ी होने लगी, तो वह देखता ही रह गया। अपने आप खुल रही थी, बंद हो रही थी। फिर बोला: नेहा रेडी रह तू, अब डाल रहा हूं। और मेरी बुर में अपना लौड़ा उतार दिया। मैं चिल्लाई: आ आ आ आ आ आ। दोस्तों वो मेरी बुर को मस्त चोद रहा था। मैं दोनों टांग ऊपर करके लेटी थी, और वो अपना मोटा लौड़ा पेले ही जा रहा था। वो बोला: नेहा तुझे आज मस्त पेलू़गा। तू तो बड़ी बहन है मेरी। आज तेरी बुर फाड़ दूंगा साली। ये कहते-कहते मेरी बुर और तेज-तेज चोदे जा रहा था। मैं: आ आ आ आ आ आ आ ओह गॉड कर रही थी। मेरी नंगी बुर की शेप को देखता तो और जोश में आ जाता। फिर और अच्छे से शॉट्स लगाता। ले साली ले साली करके मेरी बुर को लाल कर दिया। मैं भी खूब मजे से चुदवा रही थी अपनी कोमल गुलाबी बुर को। फिर घोड़ी बनाया और मेरी बुर की हालत खराब कर दी। मेरे बाल पकड़ते हुए मुझे घोड़ी बना के चोद रहा था। खूब देर तक मेरी बुर से खेला, उगली करता, जीभ से चूसता। फिर अपना लौड़ा पेल देता। उस पंखे के नीचे मस्त चुद रही थी। ठंडी हवाएं चल रही थी। मैं नंगी थी। बुर में हवा लगती तो मेरी बुर सिकुड़ जाती। फिर वो अपने हाथो से मेरी बुर की फांकों को फैलाता और अपना जवान लौड़ा पेल देता। मैं मस्त सिसकारियां लेती: आह आह आह आह आह आह आह आह आह। फिर 5 मिनट तक खूब अच्छे से चूसा, तब जाके मुझे थोड़ा आराम मिला। मैं भी उसका लौड़ा चूसी, 6 इंच का मस्त ताजा जवान लौड़ा। चूसने पे ही वो झड़ गया, और मेरी बूब्स पे अपना गरम-गरम माल निकाल दिया। मैं भी अपनी बुर से पानी फैंक चुकी थी। हम दोनों अब बहुत थक चुके थे। मैं तो उस तरफ जाके लेट गई। वो अपना लंड वगैरा-वगैरा साफ किया। फिर आके मुझसे लिपट गया और बोला: नेहा मेरी दीदी सफर कैसा था? मैं बोली: चुप कर,‌ अब तुझसे नहीं चुदवाऊ़गी। वो हंस के बोला: सॉरी दीदी, पर क्या करूं, जोश आ जाता है तो पेल देता हूं पूरा लौड़ा। मैं भी हंसी और बोली: तू सच में पागल है…….. फिर कस के अपनी बाहों में पकड़ लिया उसने मुझे।

दोस्तों एक लड़की एक अच्छे लौड़े के लिए हमेशा तैयार रहती है और एक अच्छे प्यार के लिए। मुझे लौड़ा नहीं मिला तो अपने सगे भाई का ही ले ली, क्योंकि दोस्तों बुर की प्यास आप लोग नहीं समझेंगे। रिश्ता भले ही गंदा हो जाता है, पर बुर की आग शांत होती हैं। मेरी रूई जैसी बुर मेरे भाई को बहुत पसंद हैं। कहता है नेहा मैं तुझसे शादी कर लेता अगर तू मेरी बहन नहीं होती तो क्यूंकी तेरी बुर एक नंबर की है। मेरा पागल भाई कहता है तू पूरी एक नंबर की माल है नेहा। कसम से मुझे उसपे हंसी आती है और उसे एक चांटा लगाती हूं प्यार से। तो दोस्तों आपको मेरी ये भाई बहन की हॉट चुदाई कहानी कैसी लगी? आशा करती हूं पसंद आई होगी। मुझे अपनी बाते शेयर करनी पसंद है, इसलिए स्टोरी लिखती हूं। क्या पता कोई मेरे सगे भाई से भी अच्छा लौड़े वाला हो। मेल- [email protected]

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