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संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-13 (Sanskari vidhwa maa ka randipana-13)

Story Hindi 5 pages 15 years ago

संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-13 (Sanskari vidhwa maa ka randipana-13)
Naukar-Naukrani
पिछला भाग पढ़े:- संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-12 हिंदी चुदाई की कहानी अब आगे- मम्मी के कमरे में देखा। दोनों एक-दूसरे से लिपट कर लिप्स लॉक किए हुए थे। मम्मी के बदन से उनकी साड़ी उतार कर जमीन पर पड़ी थी। जुनैद मेरी मां को किस्स करते हुए अपने मजबूत हाथों से उनकी गांड मसल रहा था। मम्मी अपने दोनों हाथ उसकी गर्दन में डाल कर उसके होंठों को पागलों की तरह चूस रही थी। फिर जुनैद मम्मी का पेटीकोट खोल देता है, जिसे मम्मी खुद अपने पैरों से निकाल कर अलग कर देती हैं। मां ने आज गजब की पिंक रंग की शॉर्ट्स पैंटी पहनी हुई थी। पैंटी के आगे बस छोटा सा कपड़ा लगा हुआ था, जो बस चूत को कवर कर रहा था। कमर में बंधी उसकी डोरियां, पीछे कोई कपड़ा नहीं, बस एक डोरी वो भी उनकी गांड की फांकों में घुसी हुई थी। मेरा तो मां का रंडीपना देख कर ही लंड खड़ा हो गया। साली आए दिन कुछ नया पहन रही थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला, और उस मां को देख कर हिलाना शुरू कर दिया। मम्मी अपने लिप्स जुनैद से अलग करके उसकी तरफ पीठ करते हुए बोली: जुनैद, मेरे से अब रहा नहीं जा रहा, नोच डाल मुझे आज तू। जुनैद अपने हाथों को आगे बढ़ा कर उनके ब्लाउज़ की डोरियों को पकड़ कर एक झटके में तोड़ देता है। डोरियां टूटते ही मम्मी के मुंह से: आअआअ जुनैद जी, यह क्या कर रहे हो? जुनैद: साली, सुबह से तू मुझे गर्म कर रही थी। मेरी ताकत को ललकार रही थी ना, अब देख तू। जुनैद मम्मी का बचा हुआ ब्लाउज़ और ब्रा भी फाड़ कर उतार देता है। फिर मम्मी की कमर से अपने दोनों हाथों को आगे ले जाकर, मम्मी की दोनों चूचियां कस के पकड़ लेता है और उन्हें कस-कस के दबाने लगता है। मम्मी: उफ्फफफ आईईईई जालिम जुनैद आराम से आह आह अह उफ्फ। मम्मी अपनी कामुक आवाजें निकालते हुए अपनी गांड उसके मुसल पर रगड़ रही थी। उस रगड़ में जुनैद की लूंगी खुल कर जमीन पर गिर जाती है, जुनैद का मुसल अब सीधा मम्मी की गांड की फांकों में रगड़ खा रहा था। मम्मी भी जोश में अपनी कमर कभी गोल घुमाती तो कभी ऊपर-नीचे करती। जुनैद मम्मी की दोनों चूचियां ऐसा दबा रहा था, जैसे उनका रस निचोड़ रहा हो। फिर मम्मी जुनैद की तरफ घूमती हैं और उसे एक जोरदार किस्स करके नीचे बैठ जाती हैं, फिर उसकी आंखों में देखते हुए उसके मुसल लंड पर अपनी पूरी जीभ फेरने लगती हैं। जुनैद मम्मी के खुले बालों में अपना हाथ डाल उनका सिर पकड़ कर मम्मी के मुंह की चुदाई शुरू कर देता है। मम्मी उनकी आंखों में देखते हुए उसका पूरा मुसल अपने मुंह में ले रही थी। आज मां का अंदाज़ कुछ रंडियों जैसा लग रहा था, साली पूरा लंड मुंह में लेने के बाद भी उसे प्यारी सी स्माइल कर रही थी।

कभी-कभी मम्मी जुनैद की अंडों की एक गोली अपने मुंह भर कर ऐसा चूसती, जैसे गुलाब जामुन मुंह में ले रही हों। कुछ देर की लंड चुसाई के बाद मम्मी खड़ी होती हैं, और जुनैद का लंड पकड़ कर उसे अपने बेड तक लाती है। फिर जुनैद को अपने बेड पर धक्का देकर खुद भी उसके ऊपर गिर जाती है। मम्मी जुनैद के सीने पर लेट कर उसे किस्स करने लगती हैं, उसके होंठों को ऐसा चूसती हैं कि मम्मी की सारी लिपस्टिक के होंठों और गालों पर निशान बन जाते हैं। फिर मम्मी खड़ी होकर अपनी पैंटी की डोरियां खोल देती हैं, जो जुनैद के सीने पर गिर जाती हैं। जुनैद उसे उठा कर अपने नाक के पास लगा कर उसकी खुशबू लेने लगता है। मम्मी थोड़ा आगे जा कर जुनैद के मुंह पर अपनी चूत रख कर बैठ जाती हैं, जुनैद भी मम्मी के चूतड़ों को अपने हाथों से संभाल कर उनकी चूत में जीभ फेरने लगता है। मम्मी कामुक आवाज़ों से: आह आह अह अह उफ्फ उफ्फ, जुनैद बहुत गर्मी है मेरी इस चूत में। आअआअ उफ्फफफ हरामी काटता क्यों है? उद्युफ्फाफ आअआअ जुनैद जी उफ्फफफ, कमाल की जीभ है आपकी। मम्मी अपनी कमर को गोल-गोल घुमा रही थी, कभी उसके मुंह पर अपने चूतड़ों को घिसने लगती। जुनैद मम्मी की पूरी चूत चूसते हुए गांड भी चाट रहा था। मम्मी जुनैद के मुंह पर ही अपनी चूत रगड़ते हुए झड़ जाती हैं। फिर राहत भरी सांस लेकर जुनैद के ऊपर से उतर कर बेड पर लेट जाती हैं, जुनैद उठ कर मम्मी की दोनों टांगों के बीच आ जाता है। मम्मी जुनैद की आंखों में देख कर बोली: जुनैद जी, अब मेरी चूत में अपना मुसल लंड उतार दो, सुबह से आपको देख कर तड़प रही हूं। जुनैद लंड को चूत पर रख कर कहा: आज तो तूने अपने बेटे से गजब का बहाना कर दिया, मन तो कर रहा था तेरे राहुल के सामने ही तुझे घोड़ी बना लूं। मम्मी: आह जुनैद जी, वो दिन भी आएगा जब मैं राहुल बेटे के सामने किसी मुसल पर उछल रही होऊंगी। अब तुम ज्यादा समय खराब मत करो, मेरी चूत शांत करने के बाद तुम्हें शॉप भी जाना है। जुनैद मम्मी की चूत में अपना आधा लंड उतारकर कहा: जी मालकिन, पहले तेरी सर्विस करूंगा। मम्मी: उफ्फफफ आईईईई जालिम जुनैद आह आह आराम से चोदो। जुनैद फिर एक ज़ोरदार दूसरे धक्के में अपना पूरा लंड मम्मी की चूत में उतार देता है। मम्मी पूरा लंड जाते ही छटपटा जाती हैं, अपने हाथों की मुट्ठी से चादर समेटने लगती, दांतों को भींचते हुए दर्द भरी आवाज़ में बोली: कमीने, रहम कर, उफ्फफफ आईईईई सीईईईई, आह आअआअ सीईईई। इतनी चुदाई के बाद भी तेरा मुसल पहली चुदाई का एहसास दे रहा है, उफ्फफफ मर डाला। जालिम जुनैद। जुनैद मम्मी की बिना परवाह किए अपने धक्के लगाता है, मम्मी दर्द को बर्दाश्त करते हुए भी उसे रोक नहीं रही थी। मम्मी अपनी टांगें और फैला लेती है, ताकि जुनैद मम्मी के ऊपर आराम से लेट कर चुदाई कर सके।

जुनैद के धक्के तेज हो जाते हैं, मम्मी जुनैद के मुंह में अपनी एक बूब्स लगा देती है। मम्मी जुनैद को अपना एक बूब्स पिलाते हुए चुदाई का मजा अपनी मीठी सिसकारियों से ले रही थी। मम्मी: आह आहा ह ह ह ह अह ह उफ्फफफ आईईईई जुनैद जी और तेज चोदो मुझे, उफ्फफफ आईईईई, बड़ा मीठा दर्द होता है जब आपका लंड मेरी बच्चेदानी, उफ्फ में महसूस होता है। मैं सोचा यह साला चुदाई जुनैद मां की कर रहा था, जलन और दर्द मुझे हो रहा था। यह साला मेरी सेक्सी मां का मजा ले रहा है, उफ्फ मैं यह लंड हिला रहा हूं। मैं मन में कहा: उफ्फ मां, आपकी चूत में यह जुनैद का लंड मुझे अच्छा नहीं लग रहा है, निकाल दो मां। उनकी चुदाई देख कर मैं अपना लंड तेजी से हिला रहा था। कुछ देर में जुनैद मम्मी को घोड़ी बना देता है, फिर पीछे से अपना मजबूत लंड मम्मी की चूत में पेल देता है। जुनैद: जब मैं तुझे घोड़ी बनाता हूं तो तेरा यह गांड का छेद मुझे बहुत कातिल लगता है, साली, पर तुझे इसे अपनी सुहागरात पर देनी है इसलिए रुक जाता हूं। इतना बोल कर जुनैद मां की गांड पर 2-3 चांटे मार देता है। फिर अपने धक्कों को और तेज कर देता है। पूरे कमरे में मां की सिसकारियां, चूत से आती फच्च-फच्च की आवाज़ गूंजने लगी थी। थोड़ी देर बाद जुनैद मम्मी को अपने ऊपर लेता है, मम्मी अपने खुले बालों को पीछे एक जूड़ा सा बांध कर लंड को चूत में सेट करती हैं। फिर लंड को चूत में लेकर अपनी कमर को कभी गोल, कभी दाएं-बाएं करते हुए उस पर उछलने लगती हैं। मम्मी के फेस पर अब दर्द की जगह मुस्कान आ गई थी, वो जुनैद के सीने पर अपने दोनों हाथों को टिका कर अपनी मस्त कमर चला रही थी। मम्मी का गोरा फेस अब और भी कामुक और हॉट लग रहा था। मम्मी को जुनैद के लंड पर उछलता हुआ देख कर मेरा लंड अपना पानी फेंक देता है। मुझे होश आता है कि मुझे शॉप पर जाना है, काफी देर से मेरा फोन भी जेब में वाइब्रेट कर रहा था। मैंने उसे निकाल कर देखा तो काफी लोगों की मिस कॉल आई हुई थी। मैं सोचा इनकी चुदाई तो अभी चलती रहेगी, मुझे तो अपना काम देखना पड़ेगा। फिर मैं घर को पहले जैसा लॉक कर बाहर निकल गया, और अपनी शॉप पर पहुंच गया। शॉप पर काफी काम निपटाने के बाद मुझे राहत मिली। मैं सोचने लगा यह मां भी ना अपनी चूत की गर्मी शांत करने के लिए मुझे भी लेट कर दिया। जुनैद शॉप पर लंच के समय आता है, मुझे उसे देख कर गुस्सा आने लगता है। फिर उस पर मैं अपना गुस्सा भी निकाल देता हुं। फिर शाम को शॉप से घर आने पर मैं जल्दी खाना खाकर सो जाता हूं। फिर कुछ एक महीने तक मम्मी का ऐसा ही ड्रामा चला, हर दो दिन में मम्मी किसी ना किसी बहाने जुनैद को घर रोक लेती। कभी शॉप से जुनैद को जल्दी घर बुला लेती, तो कभी उसको शॉप पर ही जाने नहीं देती।

जुनैद की लगातार चुदाई से मम्मी और भी निखर गई थी, उनके गालों पर ग्लो, फेस पर खुशी, और चूचियां और भी टाइट हो गई थी। एक दिन, ऐसे ही शॉप पर मम्मी ने मुझे फोन किया तो मैंने गुस्से में बोला: क्या हुआ मम्मी आज क्या काम है आपको? मम्मी: राहुल बेटा, गुस्सा क्यों होते हो, मैंने तो कुछ बोला भी नहीं। मैं: मम्मी, मुझे पता है आपको फिर कोई काम होगा, रोज़-रोज़ मैं तंग आ गया हूं। बताएं? मम्मी: सॉरी बेटा, पर आज मेरा काम अलग है और खास है, मुझे जुनैद के साथ पार्लर जाना है। प्लीज मेरा बेटा। आखिर जुनैद हमारे काम के लिए ही तो नौकर है, अब हर काम के लिए मैं तुम्हें शॉप से नहीं बुला सकती मेरे प्यारे बेटा। मम्मी मुझे अपनी काफी प्यारी-प्यारी बातों से मनाने लगती हैं। मैं: ओहो मम्मी, अब रहने दो आप मुझे अपनी इन बातों से मत मनाओ? मम्मी: बेटा, आज यह तुम्हारी मम्मी नहीं, यह एक सेक्सी सविता बनके आने वाली हैं। प्लीज बेटा, बोलो अब जुनैद आ रहा है ना? मम्मी की यह सेक्सी सविता वाली बात सुन कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है, मैं सोचा मम्मी कितनी भी सेक्सी बन जाए पर जाएगी जुनैद के नीचे ही चुदने। फिर भी मैं मम्मी की मीठी बातों से पिघल कर उन्हें हां बोल देता हूं। जुनैद भी फौरन तैयार होकर शॉप से घर निकल जाता है। अब शॉप पर बैठा मैं यही सोच रहा था, मम्मी पहले जुनैद से चुदेगी या पार्लर जाएगी? या पार्लर से आकर चुदेगी? काफी देर तक ऐसे ही पता नहीं मेरे दिमाग में कैसी-कैसी बातें आ रही थी। काफी काम होने से आज मैं घर के लिए लेट हो रहा था, जब मेरा काम खत्म हुआ तो मैं अपने घर निकल लिया। घर आकर देखा मम्मी अभी तक आई नहीं थी, फिर थोड़ी देर मैं फ्रेश होकर घर के हॉल में बैठ जाता हुं। कुछ देर में घर का गेट खुलता है तो मैंने देखा, मम्मी जुनैद का हाथ पकड़े हुए हंसती हुई अंदर आ रही थी। मैं तो देख कर हैरान हो गया मम्मी आज जीन्स पहनी हुई थी, और ऊपर एक शॉर्ट टॉप जो बस उनके पेट तक ही आ रहा था। मां का फेस और बालों का स्टाइल पूरा बदला हुआ था। जब मम्मी की नज़र मुझ पर पड़ी तो, मम्मी ने तुरंत जुनैद से अपने हाथ अलग कर लिए। फिर शर्माते हुए मेरे पास आई तो मैं उनकी तारीफ़ करने लगा, मैंने मम्मी को गले लगाने के लिए अपने दोनों हाथ फैलाए तो, मम्मी बोलीं: राहुल बेटा, अभी मैं बाहर से आई हूं! थोड़ा फ्रेश होकर आती हूं फिर हम आराम से बातें करते है। मैं अपना मन मार कर रह गया, मम्मी आज इतनी खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी। फिर जब मम्मी अपने कमरे में जाने लगी तो, मैं उनकी जीन्स में उभरी हुई मटकती गांड को देखने लगा। क्या मस्त गांड लग रही थी मेरी मां की, उफ्फ मेरा लंड खड़ा हो रहा था। मैं अपने कमरे में गया और मां के नाम की मुठ मारने लगा। मैं: उफ्फ सविता, तू अब पहले वाली मां नहीं रही, तू अब एक रंडी हो रही है, साली तुझे मुसल ने पागल कर दिया है।

उफ्फ सविता आह आह। मैं भी पता नहीं क्या-क्या सोच कर मूठ मारने लगा, जब मेरा झड़ गया तो मुझे कुछ राहत मिली। फिर अपने बेड पर लेटा रहा, कुछ देर बाद मम्मी ने खाने के लिए बुलाया। मैं हॉल में गया तो देखा मम्मी ने बाहर से खाना ऑर्डर करके मंगाया हुआ था। थोड़ी देर खाने के बाद फिर मैं अपने कमरे में चला गया, और बस अंडरवियर में लेट कर राहत की सांस लेने लगा। आज पता नहीं मुझे नींद नहीं आ रही थी, मैं बेचैन सा होकर कभी इधर-उधर करवट बदल रहा था। कुछ रात के साढ़े 11 बज रहे थे, मैं कमरे से बाहर बाथरूम करके आया। सोचा नींद नहीं आ रही है, तो कुछ देर मम्मी के कमरे में जाकर उनसे ही कुछ देर बातें कर लूं। फिर मैं उनके कमरे की तरफ गया, कमरे का गेट पूरा खुला हुआ था और अंदर लाइट भी जल रही थी। मैं सोचा मम्मी अभी तक जग रही है? मैं: यह तो अच्छा है, चलो कुछ देर बातें हो जाएगी। फिर मैं जैसे ही कमरे के अंदर दो कदम गया, मेरी आंखें खुली रह गई, मेरा लंड अंडरवियर में तन के एक-दम टाइट हो गया था। दोस्तों, इसके आगे क्या हुआ वो आपको अगले भाग में पता लगेगा। अगले पार्ट के लिए मेरी कहानी पर बने रहें। मुझे अपना प्यार भरा फीडबैक जरूर दें मेरी ईमेल पर [email protected] सभी को मेरा धन्यवाद। अगला भाग पढ़े:- संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-14

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