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Freinds Forever (ek daastaan) – (COMPLETED)

Story Hindi 183 pages 7 months ago

Update 01​

बड़े सावन क्षेत्र वर्षावन में चार खजाना शिकारी घने बन में प्रवेश करता है । कार्तिक पूर्णिमा की रात चांद की चांदनी चारों और बिखर रही थी । पड़स के जनगस्थी का कहना था कि इस जंगल मे मौत का तांडव होता है । तरह तरह की डरावानी आवाजें गूंजता हे । जो लोग इस जंगल के बारे मैं जानता है वो लोग इस जंगल में आने से सो बार सोचता है ।

प्रृथ्वी पर जितने जीव हैं, उसके एक तिहाई को एक साथ आप इस जंगल में देख सकते हे । इन जनजातियों का बाहरी दुनिया से किसी तरह की सम्बन्ध नही है ।

जंगलों के कीड़ों की काफ़ी चर्चा होती है. माना जाता है कि यहां इतने हज़ार तरह के कीड़े और जंतु मिलते हैं कि उनमें से कुछ ही फ़ीसदी के बारे में अबतक वैज्ञानिकों को पता चला है. यहां की बुलेट चींटिया भी काफ़ी ख़तरनाक होती हैं. देखने में छोटी वाली इन चिटियों के डंक को ज़हर की तरह खतरनाक माना जाता है. कहा जाता है कि इनके काटने पर गोली लगने जितना दर्द होता है.

चिटियों के बाद यहां की मकड़ियों की चर्चा होती है.।।। कुछ मकरी ऐसी प्रजाति है जो काटने से ईलाज ना किया तो इंसान की जान भी जा सकती है । इन खतरा का आभास होते हुए भी वो चारों इस जंगल में घुसे आधी रात को । चारों ही अपने आपको बोहोत बड़ा तुर्रम खान समझता था या फिर एक नंबर के गधे थे ।

भूमिगत धातु डिटेक्टर, गोल्ड खोदने वाला खजाना हंटर । हाथ में धातु खजाने के लिए रेत फावड़ा और रैक खुदाई उपकरण सहायक ,उपकरण के साथ खजाने की तलाश में निकले थे । इस खोज के लिए काफी समय से रिचर्च कर के पुख्ता सबूत के साथ निर्भयता से चारों अपनी मंजिल को अंजाम देने निकला था ।

" ए बिशु तूने तो कहा था कि यही मिलेगा वो मार्क जहा खजाना होगा...."

" जिशु हम सायद गलत रास्ते से आए "

" क्या चुतियापा हे वे भोसड़ीके । तूने तो कहा था इस रास्ते में वो नक्षत्र का एक निशान मिलेगा और उसी के आस पास खजाना होगा ।"

" शांत रह गदाधारी भीम की औलाद
। ए तपन जरा मैप निकल ना "

" शेतन भाई मैप तो मैने नही लाया "

" क्या ? क्या कहा वे तूने मैप नही लाया क्या मतलब हे । गांड मारा अब भोसड़ी वालो । ये चुटिया खजाना ढूंढेने आया हे और मैप नही लाया साथ में । भोसड़ी के तुझे कहा था कुछ भी भूलना मत । साले उस चमेली बाई की गांड मे तेरी ध्यान हटे तब ना । अब क्या करे असमान देख के खजाना निकाले ।"

" शेतन भाई मैप नही लाया लेकिन पूरा दिमाग में चाप के लाया हूं । और चमेली की लेने की तेरी ही कबसे नजर हे । खुद के गिरेबान में झांक के देखो बोलने से पहले ।"

" अब सब शांत हो जाओ भोसरीवालो । शेतन बता अब क्या करना है । कहा है वो मार्क । हम सही जगह पे ही की नही पता कर अपने दिमाग से genius बाबा ।"

जिस जगह पे चारों खड़े थे एक घेड़े में उस जगह पे ऊंची झाड़ ऊंची ऊंची पेड़ पोधे जंगल की शान बढ़ा रह थे ।

चारो पक्की यारी दोस्ती से लड़ाई जगरा करते हुए उस नक्षत्र की निशान ढूंढ़ने लगा । लेकिन कही भी वो निशान नही दिख रहा था चांद की रोशनी में भी और 50w ki टॉर्च लाइट में भी ।

चारो परेशान हो गए । निरीक्षण के मुताबिक वोही जगह सथिक था खजाने मिलने की ।लेकिन चारो बस एक निशान नही ढूंढ पा रहे थे । कही वो लोग मूर्खता तो नही कर बैठे । धीरे धीरे निराश होने लगे शरीर भी एक समय में थकने लगे जोश और ऊर्जा ठंड पड़ने लगे । हालत खस्ता होने लगे । चारो का ये पहला खोज होने वाला था लेकिन चारों ही अनाड़ी थे उस मामले में भले ही कितनी ही क्यों ना रिचर्च कर के न आए हो ।

लेकिन चारों के किस्मत में उससे भी बड़ी खजाना मिलने की संभव था जिस बात से चारो अनजान थे । चांद की रोशनी कम होने लगा सुरुज की उदय होने वाला था कूची क्षण में ।

और तभी चारो के सामने एक तीव्र रोशनी उजाला हो गया । चारों आचार्य से चारो ओर देखने लगा । देखते ही देखते चार दिशा में चार पेड़ आधी इंसान के रूप में स्पष्ट हुए और चारो के और चल के आने लगे ।

ये चारो थर थर कांपने लगे अजीब-गरीब मंजर देख के । चारो पीछे की तरफ कदम लेते हुए एक दूसरे की पीठ से टकरा के चक्री बन गए ।

" ये क्या है "

" हा ये क्या हे "

" ये पेड़ चल कैसे सकते हे"

" ए बाबा कोई बचाओ "

" बचाओ हमे"

" है है हे बिशु । कुछ कर ना"

" क्या करूं । तू कुछ कर ना ।"

चारो भागना चाहता था लेकिन भाग नही पाए । चारो को चार चलते फिरती पेड़ ने ऐसे घेर लिया जैसे मकड़ी की जाल में सीकर फंसा हो ।

एक पेड़ बोला ।" अरे कहे इतना दर रहे हो । बुर्बक हम थोड़ी कुछ करेंगे तुम लोगो को "

बाकी तीनों पेड़ हंसने लगे । और इन चारो की जान हलक में आ गई । चारो के हार्ट फेल हो रहे थे । बुलेट बाइक की तरह थर थर vibrate करने लगे थे । आवाज निकल रही थी दर से चिल्लाने की लेकिन बोल कुछ नही पा रहे थे । चारो एक दूसरे की हाथ थामे एक दूसरे की ऊपर निर्भर हो रहे थे जैसे चारो में से कोई बाकी तीनों को बचाएगा ।

दूसरा पेड़ बोला.." बच्चे डरो मत हम भक्षक नही रक्षक हे । "

तीसरा पेड़ ।" हां हम तुम्हे कुछ नही करेंगे "

" वे ए "

" भाई लोग सच कहते है जंगल में राक्षस हे "

" अब क्या करे भाई । क्या ये लोग हमे मार देगा । नही भाई में मरना नहीं चाहता । बचाओ कुछ करो ."

" हे काली मां शक्ति दे हमें ."

चारो पेड़ हसने लगे ।" हम राक्षश नही है बेटे । तुम इंसान रक्षश हो । लेकिन तुम चारो नादान लगते हो । लेकिन लोभ में हो । खजाना ढूंढने आए हो । "

चौथा पेड़ बोला । " तुम्हारा नाम क्या है बेटा ।"

चारो लड़के कुछ नही बोल पा रहे थे । तो एक पेड़ ने अपनी शाखा से एक लड़के को छुआ ही था की चारो एक साथ जमीन पे गिर पड़े ।

चारो की दर से चीख निकल गए । ऐसा अद्भुत चीज़े दिख जाए तो कौन भला नही डरेगा । उन चारों को देख के चारो पेड़ हसने लगे ।

दूसरा पेड़ बोला ।" लड़के हम कोई राक्षस या कोई दानव नहीं हे । जल्दी से नाम बता बारी बारी अपना अपना ।"

" जी जी जिशांत मेहरा (jishant मेहरा)"

" तपन तलपड़े (tapan talpade)"

" शेतन भार्गव (shetan bhargav)"

" बिस्वास पाठक (biswas pathak)"

पहला पेड़ बोला ." तुम लोग खुश किस्मत हो की हम आज खजाने की रक्षा कर रहे । दूसरा कोई और खजाने की रक्षा कर रहा होता तो तुम चारो को बलि दी जाती इस जंगल में और नरभक्षी दानव तुम चारो की खून पी के आइयासिया करते फिरते "

विश्वास ." क्या क्या । क्या मतलब "

दूसरा पेड़ बोला ." सदीयो से इस खजाने की रक्षक करते आ रहे हे ये जंगल । हम इस जंगल के दास है । इस जंगल में दो भागो में दास को भाग कर दिया हे । एक हे हम रक्षक जो शांतिवादी हे और दूसरा हे वो रक्षक या फिर भक्षक कहे तो बेहतर है जो जंगल के पशु पंचियो के साथ जंगल में आए इंसान को भी बली दे के खून पीते हे। तुम लोगो की किस्मत अच्छी हे की आज हम शांति वादी रक्षक इस खजाने की पहरेदार हे ।"

चारो का दर थोड़ा कम हुआ लेकिन कोई जिज्ञासा उझान में डाल रहे थे चारो को । पेड़ो की आकार रूप देख के जहा हैरान थे वोही उनकी अद्भुत आवाज की बाते समझ से पड़े थे ।

शेतन ।" आप लोग हमे नही मारेंगे ना ."

तीसरा पेड़ ।" नही हम किसी को नही मारते पर । हमे मजबूर ना करो । तुम लोग जिस खजाने की तलाश या लेने आए हो उसे हम नही ले जाने देंगे । वो हमारा अस्तिव है । जबरदस्ती चुरा के ले जाने की कशिश करोगे तो हम तुम चारो को सदा के लिए बंदी बना देंगे । इस जंगल में हजारों भटकती आत्मा घूमते रहते है जिसको हम रक्षक ने बंदी बना के रखा है । क्या तुम चारो उन भटकती आत्माओं के साथ रहना चाहिए ."

चारो को समझ आ सुका था । इस जंगल से निकलना ही बेहतर है जितना जल्दी हो सकें । जान है तो जहान हे । इस खजाने से ज्यादा ज़िंदगी कीमती है ।

तपन ।" हमे कोई खजाना नही चाहिए । हमे please जाने दो । हम कभी दुबारा इस जंगल में बापच कदम नही रखेंगे । "

दूसरा पेड़ ।" हम जाने देंगे तुम चारो को सही सलामत येहा से शुरक्षित जंगल से बाहर भेज देंगे । "

चारो जाने के लिए तैयार हुआ तभी चौथा पेड़ बोला ।" रुको । हम तुम चारो को खाली हाथ नही भेजेंगे । "

चारो रूक के शिर ऊपर कर के पेड़ो की तरफ देख के सुनने के लिए बेताब हो गए । बात सुने और दुम दबा के भाग जाए ।

पहला पेड़ बोला ।" आज तक जितने भी इस जंगल से जिंदा गया हे उन सबको हम रक्षक ने कुछ ना कुछ वरदान दे के भेजा हे । ये हमारा अतिथि देव भव के सत्कार करने का रिवाज है । बोलो तुम चारो को क्या वरदान चाहिए बोलो ।"

जिशांत ।" वरदान किस तरह का वरदान ।"

दूसरा पेड़ ।" हा कोई वरदान मांगों । कोई मन की इस्सा जो पुराण करना चाहते हो "

चारो एक दूसरे के मुंह देखन लगे । वैसे ही चारो डरें हुए थे और ये सब बातें सुन के बौखला गए थे की इस सदी में भी ऐसी प्रथा का प्रसालन है ।

चारों कुछ समझ नहीं पा रहे थे की क्या वरदान मांगे ।

पहला पेड़ बोला ." कूची क्षण में सूर्यदय होने वाला है । अब वक्त नही हे कुछ मांगने की । हम तुम चारो को वरदान देते हे की तुम चारो जिस्मानी और रूहानी ताकत में किसी इंसान से ज्यादा ताकतवर होगे ।"

चारो पेड़ ने रोशनी उजल किया और चारों के बदन के छीने में रोशनी भर दिया । और चारों पेड़ अद्रिश्य हो गए । चारो एक दम से अपनी छीने को देखने लगा की क्या घुस गया । लेकिन जब कुछ नही मिला तो फिर चारो जंगल से निकलें वाली रास्ते से भागने लगे । लेकिन चारो का जरा भी एहसास नहीं था वो दो गुनी रफ्तार से भाग रहे थे । गोद गोद गोद किसी बेलागम घोड़े की तरह ।

Update 2

MEHRA HOUSE

किरदार - (1) Mr. Subat mehra (forest officer)
(2) Mrs. Tania mehra

(3) Jishant mehra/jishu (bsc 2nd year)

सुबाह के 7 बजे । वॉल क्लॉक पूरे सात बार घंटी बजा के शांत हो गया । टांग टांग टांग टांग टांग टांग टांग

" इस घड़ी को में किसी दिन तोड़ के गांड में घुसा दूंगा जिसने इसे खरीदा..........." तभी उसे याद आया उसके बाप ने ही उसके बर्थडे पे गिफ्ट दिया था लेट लतीफ के टैग लगा के ......" ओह सॉरी पापा "

जिशांत अलस से उठ गया । कमरे में खिड़की खुली और परदे उठे हुए थे जिससे सूरज की मीठी किरण उसके चेहरे पर छा गया । उसकी मुस्कान निकल गई ये सोच के " ये मम्मी भी ना मुझे उठने के लिए रोज यही बहाना धुंदती हे "

वो बिस्तर से उठा । रोज की तरह उसका लन्ड आज भी खड़ा था । वो मुस्कुरा के अपने आप से बोला ।" साले तुझे किसकी याद आत हे जो रोज रोज सुबह ऐसे बिन बुलाया मेहमान की तरह खड़ा हो जाता है । कभी बताता भी नही किसी को याद आती है तुझे " और अपने लंड पे थपकी लगाई ।" शांत हो जा हरामी कही के..."

उसे कुछ अलग सा एहसास हुआ आज । उसने ट्राउजर के उभार को देखा और खुद से कहा " आजा कुछ ज्यादा ही बड़ा हो गया है लगता है तू" और उसने इलास्टिक खींच के देखा और सांक गया ..." आइया मम्मी । ये क्या "

उसका लन्ड की लंबाई और मोटाई मानो दुगनी हो गई है बिलकुल किसी गधे या घोड़े के जैसे । वो हक्का बक्का रह गया अपने ही लंड को देख के की उसके साथ ये कैसा माया हो गया हे । वो सोचने लगा ये अनोखा चीज आखिर हुआ कैसे एक रात में ही किसी का इतना बड़ा कैसे हो सकता है । कही ये सपना तो नही कही वो अभी भी किसी भ्रम में तो नही है ।

तभी कमरे के बाहर से किसी की आवाज सुनाई दी और चलने की आहट " जिशु बेटा अभी भी सो रहे हो क्या "

" ओह चिट मम्मी ।"

जिशांत दौर के बाथरूम की तरफ भागा लेकिन उसे ध्यान ही नही रहा की बाथरूम का दरवाजा बंद है और सीधा दरवाजे से तड़का गया । उसकी नाक टूटी तो टूटी साथ ही लंड ने भी ऐसा ठोकर मारा दरवाजे पे की उसका लन्ड मानो टूट गया । किसी तरह दरवाजा खोल के बॉथरूम के अंदर पोहोचा ।

और लंड पकड़ के बैठ गया ।" उफ्फ मम्मी मर गया ।

आह्ह्ह्ह "

दरवाजे की उधर से आवाज आई जो फिक्र कर रही थी उसकी ." जिशू बेटा क्या हुआ .। दरवाजा खोलो बेटा । क्या हुआ बेटा "

जिशु किसी तरह अपने दर्द को पी गया और बोला ।" कुछ नही मम्मी वो घुटना लग गया नल में "

तानिया." ओह बेटा ध्यान रखा करो । ज्यादा लगी तो नही ना बेटा । दरवाजा खोलो जरा में देखती हूं"

जिशु ." नही मम्मी ज्यादा नही लगी आपको तो पता ही है घुटने पे हल्की सी लगने पर भी दर्द होता है । मै ठीक हूं मम्मी । आप जाओ मेरे लिए नाश्ता लगाओ ।"

तानिया." ठीक है तू कह रहा है तो चली जाती हूं. कोई दवाई लगा लेना .।"

ये था जिशांत के वरदान के बाद हाल ।

TALPADE HOUSE

किरदार - (1) Mr. Jatin talpade (banker)
(2) Mrs. Shital talpade

(3) Tapan talpade (bsc 2nd year)

सुबाह के आठ बजे का दृश्य ।

तपन सुबाह सुबाह ही गुस्से में लग रहा था आज । वैसे तो वो कभी अपने मां बाप से लड़ाई नही करता लेकिन कोई दिनों से वो किसी बात से बात बात पे अपनी मां बाप से लड़ाई करने लगा हे ।

कारण - pulsar 250f (two wheeler)

तपन ।" आपने कहा था पापा की 12 वि अच्छे मार्क से पास हुआ तो आप मुझे बाइक देंगे "

जतिन (काफी गुस्से और नाराज थे और बोहोत भड़के हुए ) हा तो दे तो रहा हूं । माना थोड़ी की हे मैने ।

तपन." हा तो मेरी पसंद का दो ना । बाइक आप चलाओगे या में । कहा बुड्ढे की splender दे रहे हो आप । वो बाइक कोई फोकट में भी दे तो भी ना चलाऊ में ."

शीतल मंदिर से पूजा कर के आ रही थी । सबसे पहले अपने पति की आरती उतारी टीका कर के फिर अपने लाडले के पास आई । लेकिन तपन ने माना कर दिया । पर एक मां कभी हार मानी है भला । बेटे को पकड़ के जबरदस्ती टिका लगा के बोली ." क्यू जिद कर रहा है । क्या बुराई हे उस बाइक पे खरसा कम होगा और सेफ्टी भी होगी । क्या pulsar bulsar बाईक लेना चाहता है उसका सीट कितना ऊंचा है में कहा उसपे बैठ पाऊंगी इस उम्र में । तेरा मन नही है क्या अपनी मम्मी को बाइक पे बिठाने का हुंह ।"

तपन झुलझुलते हुए बोले ।" आप भी । मुझे तो लगता है आप ही ने पापा को माना किया हे वो बाइक देने का ।"

शीतल ।" हां मैने किया हे अब खुश । क्यों में नही चाहती तेरे मामा के लड़के को जैसी हालत हो । दो साल पहले एक्सीडेंट हुआ आज भी बिस्तर पे पड़ा रहता है । हगने मूतने के लिए भी खड़ा नही हो पाता हे । इस उम्र में तेरे मामा मामी कितनी दुख झेल रहे है तुझे क्या पता ।"

तपन ।" वो उसकी किस्मत थी भैया की । अगर मेरे किस्मत में भी ऐसा होगा तो वैसे भी सड़क पार करते वक्त हो सकता है । क्या भरोसा कब दुघटना घट जाए । "

शीतल सीधा हाथ उठा देती है अपने लाडले बेटे के ऊपर ।" चुप कर कुछ भी बोलता हे । जा कॉलेज जा देर हो रही है ।"

तपन गुस्से से पेड़ पटकता हुआ घर से बाहर निकल जाता हे और बाहर लोहे की गेट पर जोर से मुक्का मारता है । मुक्का इतना जोरदार था की लोहे रोड ही बेंड हो गया ।

तपन ने देखा और मेहसूस किया की उसे जरा भी हाथों में दर्द का एहसास नही था । बल्कि एक ऊर्जा मेहसूस होने लगा । वो कभी अपने हाथ के बंद मुट्ठी को देखता तो कभी बैंड रोड को । एसा नही था कोई पतला हल्का लोहे का गेट था कमसेकम 90 किलो का गेट था लोहे का ।

तपन सोचने लगा क्या सच में मेरे शरीर में कोई अंदुरनी ताकत आ गई हे । क्या सच में । वो खुश हो जाए या फिर इस बदलाओ से भय भीत हो जाए । आखिर एक मांस खून से बने इंसान में इतनी ताकत कैसे आ सकती है भला की लोहा ही बैंड हो जाए ।

ये था इस वरदान के बाद तपन का प्रतिक्रिया ।

BHARGAV HOUSE

किरदार - (1) Mr. Ratan bhargav (head master)
(2) Mrs. Dipali bhargav

(3) Shetan bhargav (bsc 2nd year)

सुबाह के 9 बजे का दृश्य

दीपाली अपनी घर में ही अपना क्लीनिक बैठ लि थी । सीटी रोड के पास घर होने के कारण उसका डेनिस क्लिनिक बोहोत अच्छा चल रही थी । और वो भी कही योग्य थी हर रोगी का 99 % दांतो की बीमारी ठीक भी करती थी ।

वो पहली पेशेंट देखने के लिए तैयार थी । अपने डेस्क पे बैठ चुकी थी और अपॉयनमेंट लिस्ट उठा के पहली पेशेंट बुलाने ही वाली थी की तभी उसका लाडला बेटा उसके क्लिनिक में घुस आए ।

दीपाली गुस्से में बोली ।" What nonsense ..... कितनी बार कहा हे की इजाजत नही तो कमसे कम नोक कर के आया करो । तेरी ये बेद मैनर्स कब जायेगा नालायक "

शेतन ।" ओह हो मम्मी । छोड़ो ना । अच्छा मुझे आज कैंटीन में कुछ भूखे दोस्तो को टिप्स देना है । आज मेरा टर्न हे कुछ खरसा पानी दो ना "

दीपाली ।" अच्छा । लेकिन मैथ्स में तेरी नंबर अच्छे नही आए । इलाइए इस बार 1000 की जगह 500 मिलेगा ।"

शेतन ।" आप ना जलती हे मुझसे । मुझे पता हे आपकी भी मैथ्स में अच्छे मार्क नही आते थे मैने चेक किया आपकी ग्रेडसीट ."

दीपाली ." अच्छा तो डॉक्टर ऐसी ही बनी हूं में । "

शेतन जोश में छाती ठोक के बोला ..." देखना इस बार 75 आउट ऑफ 75 लेके दिखाऊंगा "

दीपाली मुंह बना के बोली ." अच्छा । ऐसे के रहा हे जैसे तू ही आखरी रामानुजन बनेगा ।"

शेतन ." विश्वास नही हे तो आजमा के देख लो । मैथ्स का कोई भी कोई भी कोई भी सवाल पूछ लो "

दीपाली ऐसे ही बोली ." 200÷5×67–26 कितना हुआ बता ।"

शैतान ."(आधे सेकंड) 2,654"

दीपाली कुछ सोचा फिर कैलकुलकटर निकल के इक्वल किया तो जवाब सही था ।

अच्छा बता " 4790×689×678 "

" 2,266,838,760"

दीपाली ऐसे कोई सवाल किए और शेतन ने मिनी सेकंड के ही सही जवाब दिए । दीपाली हैरान थी अपने बेटे को को अदभुत आई क्यू लेवल देख के और शेतन को भी एहसास हो चुका था की वो कैसे इतनी आसानी से सही जवाब दे सकता हे बिना कोई कैलकुलेट किए वो भी हाफ सेकंड में ही ।

वो परेशान बौखलाया हुआ क्लिनिक से निकल गया । दीपाली उसे रोकने की कशिश करी लेकिन तब तक शेतन तेजी से निकल गया था ।

दीपाली शीर पकड़ के बैठ गई और सोचने लगी की ये कैसे हो सकता हे कोई इतना सटीक जवाब कैसे दे सकता है बिना कैलकुलेट किए वो भी एक पल में ।

तो ये था शेतन का वरदान । देखते हे आगे क्या होता है ।

PATHAK HOUSE

किरदार - (1) Mr. Harilal pathak (do petrol pump ke owner)
(2) Tarali pathak

(3) Biswas pathak (bsc 2nd year)

सुबह के 10 बज रहे थे । महाषय बड़ी सुस्ती ले के उठे नींद से । और उठते ही गलियां ।

तरली ।" कमबख्त अब जा के उठा तू । जब तक सूरज शिर पे ना गिरे तब तक तू उठेगा नही ना । कितनी आवाज लगाई कान में घुसे तब ना ।"

बिस्वास ।" ओहो मम्मी आज क्लास 11 बजे से हे इलसिए देर से उठा । क्यू खमखा गजल सुना रही हो । देखना पोरस के मिश्रा अंकल आपकी गजल सुन के आपकी दीवाना ना हो जाए ।"

तरली ।" कमबख्त । रूक तू शर्म नही आती अपनी मम्मी से ऐसे अभद्र बाते करते हुए "

तराली चप्पल उठा के अपने बेटे के पीछे भागा । बिस्वास भी भागा अपने कमरे में तेजी से और अपनी मम्मी को मुंह पे ही दरवाजा बंद कर दिया । फिर हस्ता हुआ अपने कमरे की खिड़की से दो मंजिल से कूदा ।

यही नहीं कूद के आसानी देर दौर लगा के घर के 6 फीट ऊंची बाउंड्री के दीवार फांद लिया । और तब जा के उसे एहसास हुआ कि उसने क्या किया अभी अभी । गली के बच्चे उसे तक लगाते बस देखते रहे । कुछ आवारा कुत्ते भी भाऊ भाऊ कर के उसके पीछे पड़े । बिस्वास को कुत्तों से एलर्जी था इलसीए वो भागा और कुत्ते भी उसके पीछे । वो दुगनी स्पीड से भागते हुए सोचने लगा । क्या वाकई में उसे कोई शक्ति मिली है ।

और ये था आखिरी बरदान बिस्वास का । इन चारो का घर एक ही सिटी में था एक दो किलोमीटर की एरिया में आस पास । चारों ही चड्डी बड्डी यार था । बचपन से ले के कॉलेज तक आज भी एक थाली में खाना खाता है । बोलते तो एक चड्डी के पट्ठे ।

अगली भाग में जानेंगे की ये लोग कॉलेज में एक दूसरे के बारे में बताते हैं या नहीं । आज के लिए इतना ही दोस्तो ।

Update 3

ACHARYA NIKETAN COLLAGE​

समय सुबह के 12 बजे ।

इस कॉलेज में धुरंधर बच्चो की कमी नही । लेकिन पढ़ाई में भी स्टूडेंट माहिर थे साथ ही साथ पाठ्येतर गतिविधियां में एबल थे उदाहरण स्वरूप खेल , संगीत , नाट्यकर इत्यादि में स्टूडेंट हेमेसा आगे रहते हे । ये चारों धुरंधर भी हर आयोजन में भाग लेते थे ।

चारों पहली क्लास एटेंट कर के कॉलेज कैंपस में लड़कियां ताड़ने बैठ गए । सभी जानते थे ये चारों लड़की छेड़ने में अब्बल दर्जे के खिलाड़ी थे । जो लड़की बोल्ड अंदाज की या यूं कहे की वो लड़किया जो लडको के साथ मस्ती करती है वो लड़किया तो इन चारों को भाई देती है लेकिन जो कुछ गिने सुने आसल में छुपे शर्मीली संस्कारी लड़किया होती है । वो लड़किया इन चारों को ठेंगा दिखा के जाती है ।

कॉलेज में बोहोत स्ट्रीक रूलस रेगुलेशन था लड़की के लिए ।

अगर किसी लड़की को जरा सा भी हैरेस्टमेंट या छेड़ छाड़ की शिकायत प्रिंसिपल की टेबल पे पोहोची तो उस लड़के की खेर नही लगे हाथों रिस्क्रिकेट चार्टिफिकेट मुंह पे और हो सकता है की जेल में सक्की पिसिंग ।

चारो विद्या निकेतना की स्टैचू के बेंच पे बैठे है । आस पास स्टूडेंट गुजर रहे थे और चारो को ऐसे देख रहे थे जैसे चारों का नया रूप देख लिया हे । इन चारों का चेला था जो चारों के आगे पीछे डुंग हिलता फिरता था । कम शब्द बोले तो चलता फिरता रेडियो था चारे जहां की खबर उसके पिटारे मे बंद रहता था और था भी कुटिल बंदा । नाम था पिंटू समाचार ।

वो कही से इन चारों की गंध सूंघते हुए चारो के पास आ गया । और चारों संत ऋषी की तपस्या में देख के बोला....." क्या बात है गुरु की तपस्या में ध्यान लगाए बैठे हो । वाहा पूरा कॉलेज राजनीति खेल रहा है और तुम चारो यहां मौन व्रत लगाए बैठे हो । कोई सांप सूंघ गया गया गुरु ."

चारों उबासी लेते हुए चुस्की ली ।

जिशू ।" क्या हो गया समाचार । किस बात पे राजनीति चल रही है ।

पिंटू ।" गुरु तुम्हे अब तक ना पता ब्रेकिन न्यूज के बारें में ।"

शेतन ।" कैसी ब्रेकिंग न्यूज । हर दिन किसी न किसी की कुछ ना कुछ लोचा होता ही है । हम क्या करे इसमें । हम क्या इस कॉलेज की ठेका ले रखा है क्या । "

पिंटू." गुरु स्टूडेंट ऑफ द ईयर की मिस रूबीना पांडे की नेकेड फोटो लीक कर दी किसी ने । स्टूडेंट ने स्ट्राइक लगा दिया है की जब तक आरोपी पकड़ा ना जाए तब तक कॉलेज बंद रहेगा ।"

चारों की चुस्ती आ गई ये सुन के । जिस लड़की के पीछे चारों लाइन मारा करते थे उनकी ऐसे बातें सुन के ठनक गए । चारो एक साथ सीधी हो गए ।" क्या बात कर रहा है वे । सच्ची "

पिंटू ।" हा गुरु सो टका सच । बाई गॉड गुरु क्या बूब्स हे वे । मेरा तो सपना पूरा हो गया ।"

तपन उसके शिर पिट के बोला ।" साले सुवार का बच्चा किसी को इतजत चारेआम उछल रहा है कोई । और तुझे मजा आ रहा है । तेरे जैसे को तो में "

पिंटू ।" गुरु गुरु में तो मजाक कर रहा था । चलो ना हम भी स्ट्राइक में हिस्सा लेते हैं."

बिस्वास ।" अबे घंडसक्कर हम चारों बदनाम वाहा गए ना तो कही हम पे स्ट्राइक मार ना दे । पता हे ना पूरा कॉलेज हमें गुंडे मवाली समझते हे ।"

शेतन ." तू जा । जा के खबर ले किसने ये हरकत की और आ के बताना । फिर हम उस साले की ऐसी फोटो लीक करेंगे की वो पैदा क्यू हुआ इस बात पे जिंदगी भर पछताते रहेंगे ।"

पिंटू समाचार वाहा हे से भाग निकला ।

फिर चारों एक दूसरे की मुंह देखने लगे ।

" क्या ऐसे क्या देख रहा हे."

" में क्या देख रहा हूं बे."

" तू ही तो देख रहा हे ."

चारों गहरी सांस लेता है ।

जिशांत ." ओके सुन । आज रात को मुझे एक सपना आया था । बोहोत ही अजीब सपना था । बोहोत ही भयानक था । "

तपन." क्या तुझे भी ."

शेतन.." तुम दोनो की भी "

बिस्वास .

" मतलब हम चारों को ही ."

जिशु।" क्या तुम सबको भी वरदान मिला ? ।"

चारों एक दूसरे की मुंह देखने लगे और चारों हां में शिर हिला के हां के जवाब दिया ।

बिस्वास ।" मुझे तो बिस्वास ही नही हो रहा है । की कोई किसी को सपने में भी कोई वरदान मिल सकता है । और वो भी हकीकत में सच्ची वरदान ।"

तपन ।" हा वे । में कन्फ्यूज हूं । वाकई में हमें वरदान मिला हे ।"

शेतन ।" अच्छा तुम सबको क्या वरदान मिला हे । या सबको एक जैसा ही वरदान मिला है ।"

बिस्वास ।" यार मुझे ना स्पीड की वरदान मिला है । पहले से ज्यादा दो गुना तेज भाग सकता हूं । और ऊंची ऊंची छलांग लगा सकता हूं ।"

तपन.." यार मुझे ना बोहोत ज्यादा ताकत मिला हे । सुबह में गेट पे मुक्का मारा तो रोड ही बैंड हो गया । "

शेतन ." यार मेरी दिमाग कुछ ज्यादा ही तेज हो गया हे । अब्बल दर्ज की गणित की ज्ञानी बन गया हूं कोई भी इक्वेशन चुटिकियो में सॉल्व कर सकता हूं । "

जिशु तीनों की वरदान के बारे में सुन के चुप हो गया । वो थोड़ा संकोच करने लगा ।

तीनों बोले ।" अब तू अपना बता ।"

लेकिन जिशू अपने वरदान के बारे में कुछ बोल नहीं रहा था । तीनों उसे जोर देने लगा । नही तो तीनों मिल के उसे कूटेंगे ।

जिशू ." अरे क्या बताऊं । मेरी वरदान ना कुछ अजीब हे । वो क्या ही जब में सुबह उठा तो देखा मेरा तम्बू कुछ ज्यादा ही ऊंचा हे तो चेक किया तो पता चला मेरा सामान बढ़ गया है । वो भिंडी से बैंगन बन गया है ।"

ये तीनों जिशू की अजीब वरदान सुन के अपने अपने मन में बोलने लगा ।" मतलब इसे सिर्फ वो वाला वरदान मिला हे । समाना तो मेरा(तीनों का) भी बड़ा हुआ हे । क्या बताऊं BBC porn वाले निग्रो भी शरमा जाए मेरा लन्ड देख के ।"

जिशू ।" क्या हुआ तुम तीनो चुप क्यों हो गए ।"

तपन ।" यार मतलब तुझे सिर्फ वो वाला ही वरदान मिला है ।"

जिशू ." क्या मतलब । तुम लोगो को दो दो वरदान मिला हे क्या । सामान बड़ा होने के साथ दूसरा वरदान भी ।"

शेतन ।" हा भाई । तू लेट आया था ना आज । हम तीनो वाशरूम में उसके बारे में ही बात कर रहे थे । वो वाला वरदान हम चारों को मिला है लेकिन हम तीनो को कुछ खास वरदान मिला है । तुझे सिर्फ एक ।"

जिशू तीनों के ऊपर चिढ़ गया ।" सालो कमीनो । बड़ी खुशी मना रहे हो । "

तीनों हसने लगे उसके ऊपर ।

शेतन इन तीनों में से सबसे ज्यादा ठरकी था और बेशर्म भी । वो सबसे ज्यादा खुश था लिंग वर्धक वरदान पा कर ।"

शेतन ।" अबे सुनो । क्यूं ना इस खुशी में पार्टी की जाए और एक कॉल गर्ल को भी बुला लेंगे ।"

तपन ।" पता था तेरे दिमाग मे यही चल रहा हे । साला ठरकी । मम्बत्ती बड़ा हो गया अब तो पार्टी मनाएगा ही । "

शेतन ।" हा तेरा तो आइफिल टॉवर था ना वे । मैंने देखा है तेरा इत्तू सा था ।" अपनी छोटी उंगली दिखा के बोला ।"

बिस्वास ।" यार बस करो अब ।

यार मेरा भी कभी कभी मन करता हे चूत मारने का । कमाल हे ना हम चारो इतने कमीने हे कितने कांड किए है बचपन से ले के आज तक लेकिन हम चारो ही कुंवारे हे । बस गर्लफ्रेंड के साथ थोड़ी मस्ती की बस । अब तो हम चारो के पास कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं । जब की अभी सबसे ज्यादा जरूरत हे ।"

जिशू प्रेजेंट देने वाली हाथ उठा के बोला ।" एक्युली में कुंवारा नही हूं "

तीनों उसको घूर घूर के देखने लगा ।" क्या"

जिशु ." पिछले महीने जब में गांव गया था नाना नानी के घर तब एक कामवाली बाई को ठोक के आया था ।"

विश्वास और तपन उसका गला पकड़ लिया ." साला हरामी धोखा । हमें बताया भी नही । साला कितना कमीना हे बे तू अपने भाई लोगो से छुपाया ।"

जिशू ." अरे मुझे इतना इंपोर्टेंट नही लगा इसलिए । और कोई खास नही था बस हो गया बस ।"

शेतन ।" क्या बस हो गया । और कुछ बता ना ।कैसे किया बे । उसके अंदर झाड़ तो नही गया था तू ।"

जिशू ।" कंडोम पहन के किया .। अरे वो कुछ खास नहीं थी सावली थी । दिखने में भी कोई खास नही थी । बस खेत में वो लेट गई और मैंने किया बस ।"

विश्वास ।" अरे साले पटाया कैसे वे ।"

जिशु ।" अरे वाहा गांव में मेरे कुछ दोस्त हे उन लोगो ने बताया कि था की वो पैसे ले के देती है । वो मेरे नाना नानी के घर में ही झाड़ू पोछा लगती थी । तो मैंने भी मौका देख के पूछ लिया लेकिन उसने कहा की तू बोहोत हैंडसम हे तुझे में फ्री में दूंगी । लेकिन मैने उस फिर भी 500 रुपए दे के आया ."

तपन ।" यार जैसा भी हो तूने मुंह दिखाई रसम तो किया । हम तीनो की नसीब में अभी तक कुछ नहीं मिल रहा । "

बिस्वास कुछ सोच के बोला ।" काम वाली से याद आया । में किसी को जानता हूं जो हमारी मुरादे पूरी कर सकता है । "

शेतन ।" किसकी बात कर रहा है । कही पिंटू को कोई लड़की ढूंढने की बात तो नही कर रहा है ना । बेटा उसको इस मामलो से दूर रख । साले मुंह किसी बातूनी औरत से कम नही हे । कही वक्त देगा तो खमाखा झेलना होगा । वैसे ही हम किसी की फूटी आंख नहीं भाते ।"

बिस्वास ।" अरे नही रे । मेरी नजर एक काम वाली बाई हे ।"

जीशू ." कही टू अपनी घर की काम वाली बाई की बात तो नही कर रहा है ना ।"

विश्वास मुस्कुराने लगा ।

तपन ।" अरे वो आंटी । वाह गुरु मान गए । मुझे भी वैसी ही आंटी की ख्वाइश थी । एक भरा हुआ माल हे वो । कसम से मजा आयेगा ।"

जिशू ।" लेकिन उस मनाएगा कैसे । कोठी वाली तो है नही वो जो पैसे दे से मान जायेगी ।"

विश्वास ।" अरे उसकी दुखती रग की कमजोरी में जनता हूं ।" 8 साल पहले उसकी पति मर गया था । विधवा हे अभी भी कॉलोनी के ही एक ऑटो ड्राइवर के साथ उसका टाका बीड़ा है में बस उसकी दुखती नस डाबूंगा और सब सेट ।"

शेतन ।" भाई जल्दी माना उसे । मेरे तो अभी से पानी निकल रहा है ।

हहःहहह

Update 4 ​

Vishwash house

विश्वास कॉलेज से घर लौट के आया ।

विश्वास के माता पिता टिपिकेल मिडल क्लास प्ररूप व्यावहारिक जिंदगी जीने में विश्वास रखते थे । हिसाब से खाओ ओर नाप तोल के निकालो । आम तौर पे घर के संस्कार पुरानी दकियानुशी प्रथा में चंचालित था ।

विश्वास अपने कमरे में शर्ट लैस बदन को मिरर में देखने लगा । खुद से ही गर्व कर के बरबरा रह था ।" क्या गठीला बदन है मेरा । एब्स थोड़े और नजर आना चाहिए । रोज सुबह दंड मारना पड़ेगा । अब तो अद्भुत ताकत भी मिल गया है । ऐसा बॉडी बनाऊंगा कॉलेज की चारी लड़किया मुझपे फिदा हो जायेगी । "

तभी उसके घर की कामवाली बाई रानी पोछा और पानी से भरा बाल्टी ले आई । वो दिखने में आम औरत जैसी ही थी सावली लेकिन चेहरा खुबसूरत थी । थोरी भारी बदन मीडियम कट काठी । उम्र लगभग 40 के करीब साधारण रहन चेहन वाली मोटी गांड और मोटी चूचे थोड़ी पेट में सर्बी । जिस को गदराई हुई औरत पसंद है वो गुन सब रानी के जिस्म में थी ।

रानी सारी को ऐसे कमर में बांध रखी थी जिससे उसकी घुटने दिख रहे थे और पल्लू को रस्सी की माफिक कमर में लपेटे हुए कस रखी थी । जिससे उसकी चूचे ब्लाउज फाड़ के आजाद होने को तड़प रही थी ।

" बिशु बाबा तुम जरा कमरे से बाहर जाओगे ।"

" अरे टाई ऐसे ही कर लो ना ।"

विश्वास की नजर उसकी रचीली बदन पे टिक गया खास कर उसकी चूची ताकने लगा । उसके मन में लालच आ गया । अरमान जाग उठे रानी को भोगने की । बदन में जोशीला ऊर्जा महसूस करने लगे ।

" बाबा जाओ ना क्यू परेशान कर रहे हो । तुम गीला फर्श खराब कर दोगे तो मलीकिन मुझे ही सुनाएगी ।"

विश्वास उसे छेड़ने की मूड में था । कथन का मजा लेना चाहता था । और दिमाग में थोड़ी मस्ती भरी बातें करने की सोचने लगा ।

" ताई आप इतना काम करती हो आप थकती नही हो क्या । लाओ आज में आपकी मदत कर देता हूं ।"

" आज बड़ी फिक्र हो रहा है तुझे मेरी । रहने दे अपने नाजुक हाथों को अपनी लुगाई की सेवा करने के लिए बचा के रख ।"

" क्या टाई । आपको क्या लगता है में कमजोर हूं । ये देखो ।"

विश्वास अपनी एब्स और बाई शेप दिखाने लगे । रानी उसकी मसल्स देख के होंठ दबा के मुस्कुराने लगी ।

" बिशु बाबा तुम तो एक दम गबरू जवान मर्द बन गए हो । अब बस शादी करनी बाकी हे । कोई ढुंडा है की नही ।"

" अब तक तो नही । क्या ही में शादी से पहले थोड़ा एक्सपीरियंस लेना चाहता हूं लेकिन कोई मुझे कुछ करने ही नही देता । पता नही में क्यू किसी को पसंद ही नही आता ।"

रानी की शैतानी मुस्कुराहट बता रही थी की खेली खाई औरत भली भाटी समझ पा रही थी विश्वास के मनचले इरादे को ।

" काहे जूठ बोल रही हो । हमे तो तुम्हारी बॉडी बोहोत पसंद है । हाय नजर ना लगे मेरी ।"

" मुझे पता था आपकी मेरी बॉडी पसंद जरूर आएगी । क्यूं की आप जैसी आंटी को मेरे जैसे जवान बोहोत पसंद करते है । हे ना .

"

" तुझे बड़ा पता है हम औरतों की पसंद के बारे में । "

" ताई कुछ भी आपकी आंखों में दिख रहा है में आपको पसंद आ गया में । आप भी बोहोत सुंदर हो ।"

" हाय बेशर्म । " रानी शर्मा गई

" पसंद कैसे नही आयेगा । कच्ची उम्र की लौंदो में बोहोत जोश जो रहता है । कौन भला ऐसे जोशीले नज़वान को पसंद नही करेगा । और में तुझे किस नजर से खुबसूरत लगती हूं भला वो भी इस उम्र में । "

" आपको नही पता आप कितनी सुंदर हो ताई । आप जैसे औरतों के लिए । हम जैसे लड़के के लिए चने के झाड़ पे चढ़ने को तैयार हे । कहो तो एक नमूना दिखाऊं ।"

" अच्छा ."

" आपकी गाल बोहोत नर्म हे ताई । क्या लगती हो गाल पे जो इतनी मखमली है ।"

" तू तो अब सीधा लाइन मारने लगा हे । पसंद की बातो को बातो बातो में कहा ले के गया तू ।बोहोत बदमाश है रे तू । तेरी लुगाई ही आ के तुझे सीधा करेगी बस एक बार शादी हो जाए तेरी "

रानी बात करती हुई नीचे चतुर्मुर्ग की तरह बैठ के पोछा लगा रही थी । जिससे उसकी चूची हिलने के साथ साथ शानदार कामुक नजारा दिखा रही थी । विश्वास को मन हो रहा था जैसे वो उसके ऊपर झपट पड़े और हाथो में ले के दबा दबा के दूध निकल दे ।

" ताई में जूठ नही बोल रहा । आप कहे तो में कुएं में भी सालंग लगा दूं । में आपको क्यूं जूठ बोलूंगा आप तो मेरी मां जैसी हो ।"

" बेटा जिस तरह से तू सलांग मारने की सोच रहा हे ना पहले देख लिया का कुएं में पानी कितना है कही पानी में डूब ना जाओ । जोश मासिस की तिली जैसी होती है । समझे "

दोनो ही एक दूसरे की डबल मीनिंग बातों को बखूबी समझ पा रहे थे । और दोनो को बोहोत लुफ्त आ रहा था । रानी भी शर्महाया छोड़ के मालिक के बेटे के साथ ही इश्कबाज़ी करना कर रही थी ।

तभी नीचे से तरली की आवाज आई । " बिशु बेटा जरा इधर आना ।"

" ये मम्मी भी ना हमेशा गलत टाइम पे आवाज लगती है ।"

रानी मुस्कुराने लगी मंद ही मंद और सोचने लगा ." इसे तो में आज तक बच्चा समझ रही थी । बाप रे ये तो गद्दा मर्द निकला । कितना तेज़ हे लड़का । सीधा लाइन मार रहा था । क्या करू लाइन दे दूं । क्या बॉडी हे लौंडे की । कितना गोरा है उप्स मुंह में पानी आ रहा है । देखते हे काम का हे की नही ."

Update 5

A few days later

Play ground at 5 pm ​

निकट क्षेत्र में ही एक खेल का बड़ा मैडान था जहा चारो शाम को अड्डे पे बैठते थे । कभी कबर मौसम अनुयाई क्रिकेट या फूट बल या भालीबाल खेल लेते थे ।

आज चारों खेल के मूड में नहीं थे । मैदान के एक कोने पे अड्डा जमाय बैठे थे । जहां मैदान में छोटे बच्चे भी क्रिकेट खेल रहे थे और ये चारो बदमाश कुछ बच्चो को छेड़ते हुए मस्ती मझाक कर रहे थे ।

तभी शेतन ने बात शुरू किया ।" और बता बिस्वास तेरी काम वाली बाई को मना लिया अभी भी मुठिया लगा रहे हो उसकी नाम की."

सब हंस पड़े । बिस्वास बोला ।

" अरे में चाहु तो अभी उसके साथ सुहागरात रात माना लूं । लेकिन तुम तीनो के लिए जो मनाना हे । वोही सोच रहा हूं की कैसे मनाऊं ."

जिशू ।" क्यू तूने तो कहा था तेरे पास ब्रह्मास्त्र है उसे मनाने का । वो ब्रह्मास्त्र तीर मार और पता ले ।"

विश्वास ." एक एक कर के काम करे ।"

तपन ।" नही बे । लेंगे तो चारों एक साथ भाई भाई कर के । वरना कोई नही लेगा । और तुझे पहले ही बता दिऊ अगर तूने पहले बिना बताए उसके साथ अकेले में ही किया तो देखना बकरे की तरह गला काट दूंगा ।"

विश्वास ." क्यू भाई तुझे कही अकेले में दर तो नही लग रहा है न की तू अकेले उसे खुश नही कर पायेगा तो तेरी मर्दानगी मिट्टी में मिल जायेगी ."

तपन के एलावा बाकी तीनों हसने लगे । तपन ताओ में बोला ." भोसरीके अब तो दस दस औरतों की चिंखे निकल दू । पहले भी मर्द था अब भी मर्द हू विश्वास नही तो तेरी कोई केजन सिस्टर को एक रात के लिए मेरे पास छोड़ दे फिर दूसरे दिन उससे पूछना की में मर्द हूं की नही ."

विश्वास हास के बोला ." मेरी कोई कजन सिस्टर नही है । जिशु की है मासी की बेटी इससे ही पूछ ले अगर दे तो ."

जिशू बिशु की गरदन मोरोरने लगा ।" साले बहन नही तो अपनी मम्मी को भेज ना इतना ही सोक लगा है उसकी मर्दानगी जानने की मेरी बहन क्यों दू । "

शेतन ।" अरे भाई अपनी गांड ही है दे दे इसे । "

विश्वास ।" अबे चुप । "

जिशू ." अरे यार मुद्दे पे आओ । छोड़ो मझाक । विश्वास कुछ कर ना रात को सपने आते हे किसी की लेने की ।"

विश्वास ." धीरज रख दो दिन दे । में सब सैटल करता हूं..."

शेतन ." पक्का ना .....एक औरत को पता नही पा रहा है तू ."

विश्वास ।" हा पक्का । दो दिन में पता नही पाया तो जो तू कहे ."

तपन ." ठीक है । याद रखना अपनी बात । नही तेरी गांड में गाजर मूली घुसा देंगे ।"

Pathak house at 9 pm

रात का खाना हो चुका था । रानी खाना पीना पाठक हाउस में ही करती थी । वो मुंह में पान ठूस के घर जा रही थी । जैसे ही पाठक हाउस से निकली उसकी मुस्कान फैल गई ।

सामने उसकी सैया मिश्रा पान भंडार के मिश्रा उसका ही इंतजार में थे ।

मिश्रा ." ओए होए मेरी रानी आज तू बड़ी चमक रही है । राज क्या हे इस नूरानी चमक जो तेरे चेहरे पे चमक रही हे ।"

रानी ।" हट्ट मुये । आज याद आई मेरी तुझे कलमुया ।"

मिश्रा कुछ बोलने की मुंह खुला लेकिन बेचारे की जुबान में ताला लग गया । सामने वाली गली से विश्वास भूत की तरह निकल आया ।

विश्वास ।" अरे ताई आप अभी तक गई नही । "

रानी सकपका गई ।" अरे बिशु बाबा तुम यहां । "

विश्वास ।" हा ताई। पेट ज्यादा भर गया इसलिए हाजमी के लिए तहलने निकला था । लेकिन आप यह बीच चौराहा पे क्या कर रही है । अरे मिश्रा जी भी यही हे । क्या बात है मिश्रा जी ताई की खाता भर गया है क्या ।"

मिश्रा .

" अरे नही नही बेटा हम तो बस गुजर रहे थे यहीं चौराहे पे रानी मिल गई तो बस हाल साल जान रहे थे ।"

विश्वास " अरे मिश्रा जी आप ज्यादा टेंशन मत लो बचे कूचे बाल भी झड़ जायेंगे । रानी ताई का खयाल रखने के लिए हम हे ना ।"

मिश्रा पतली गली निकलने में ही भलाई समझते हुए ।" हां हां बेटा बड़े मजाकिया हो तुम बेटा । अच्छा अब मुझे चलना चाहिए घर पे इंतजार हो रहा होगा ।"

विश्वास ।" हा मिश्राइन काकी इंतजार कर रही होगी । आप जाइए जाइए हम हे ना अपनी रानी ताई के लिए ।"

मिश्रा बस दात दिखा के वाहा से धोती उठाए निकल पड़ा घर की ऑर । विश्वास हाथ मलते हुए मुस्कुराने लगा ।

रानी ।" ओए तू कही मेरा पीछा तो नही कर रहा है । इरादे नेक नही लग रहा हे तेरी । "

विश्वास मुस्कुराया । " क्या करे ताई हम तो आपके दीवाने हो गए । आप मिलने का मौका ही नही देती इसलिए पीछा करना पड़ा । लेकिन आप तो इस टकले टोंड निकले हुए मिश्रा के साथ बड़ी गुफ्तगू में लगी हुई थी । ऐसा क्या लीला चल रहा है इस मिश्रा के साथ । "

रानी झेप गई ।" अरे कुछ ना । ऐसे ही ।"

विश्वास रानी के बगल में खड़े हो के उसकी कंधे पे कंधा मार के बोला...." ओह ताई । अब छुपाओ मत । में सब कुछ जानता हूं वो ऑटो ड्राइवर आज काल दूसरे सिटी में ऑटो चलाए हे ना वक्त नही मिलता है उसे इसलिए इस पेटु को पकड़ लिया ."

रानी सैतनी मुस्कान दे के शर्मा गई । और मंद मंद मुस्कुराते हुए मुंह छुपाने लगे ।" बदमाश तुझे कैसे पता "

विश्वास हंसने लगा." चलो में आपको घर छोड़ देता हूं इसी बहाने आपसे फुलटू लाइन मरूंगा ।"

रानी की घर छे - सात मिनट की पैदल की दूरी में घर था । दोनो धीरे धीरे मुस्कुराते हुए चल रहे थे । रानी जान चुकी थी ये नया दीवाना उसकी कच्चा सिट्ठा खोल के आए हे । इसलिए अब छुपाने से कोई फायदा नही ।

विश्वास ।" काफी एस हो रही है टाई । लगता है मिश्रा आपको फोकोट में पान खिलाता है आज काल ."

रानी ." कौन फोकट में खिलता है आज काल बदले में लेता भी तो है ."

फ्लो फ्लो में कुछ ज्यादा ही गहराई में घुस गई । जब उसे एहसास हुआ तो वो और शर्माने लगी ।

विश्वास ।" बात तो सही हे । कोन फोकट में कुछ देता है या खिलाता है । वैसे आपकी भेद छुपाने के लिए मुझे क्या मिलेगा ।"

रानी उसकी तरफ देख के मुस्कुराई और " भेद छिपाने की घूस देना पड़ेगा तुझे भी ।"

विश्वास ।" तुझे भी मतलब । और भी कोई जानता हे क्या ।"

रानी ।" अरे कोई नही जानता । " और मन में (ये जो सारी पहन रखी हे ना तेरे बाप की दी हुई और बदले में मेरी लेती हुई गिफत है । कैसे बताऊं तेरा बाप भी मेरी गांड लिए बिना दिन नही बनता ।"

विश्वास ।" अब दुनिया का यही असूल है तो क्या करे ताई । बोलो क्या दोगी ।"

तब तक दोनो रानी के घर के आंगन में खड़े थे ।

रानी ।" चलो घर के अंदर बात करेंगे ।"

विश्वास ।

" अरे नही अभी घर में घुसना ठीक नही होगा ताई । काल सुबह आप तब नफा नुकसान देख लेंगे ।"

रानी उसका हाथ पकड़ के बोली । " घर में कोई नही है बुढिया के इलावा । उसे भी ना ठीक से दिखाई देती हे और ना ही सुनाई "

(रानी ने अपने दोनो बच्चो को गांव अपने बड़े भाई के घर भेज दिया हे पढ़ाई लिखाई के लिए । शहर में वो एक गली में किराए के मौकान में रहती थी अपनी बूढ़ी सासु के साथ । जो चारो पाओ कबर में दफन थे । कब लुड़क जाए कुछ कहा नहीं जा सकता ।)

रानी ने अपने कमरे ले के गया बिशु को और धीरे धीरे बोलने को बोला । लेकिन विश्वास माहौल को देखते हुए मौके पे चौका मारने की सोचा और रानी को कमर पकड़ के अपने तरफ खींचा । रानी उसकी चौड़ी छाती में धस गई । उसे इसकी उम्मीद नही थी लेकिन लौंडा तेज है उसे समझने में देर नहीं लगी ।

रानी ।" हाय मरी मईया तू बिजली की तरह तेज निकला । " और मुस्कुराने लगी

विश्वास ।" मैने सोचा बातों में क्यू वक्त गंवाए सीधा खेत मे बिज वो दूं । क्यूं ताई अंदाज पसंद नहीं आया क्या । "

रानी मुस्कुराई । जवान गठीले लंबे चौड़े और जिस मजबूती के साथ कमर कस रखा था कैसे वो पानी पानी न हो । रानी की आह निकल गई । चुड़ककर तो थी वो और महीनों से प्यासी थी । मिश्रा के साथ उसकी प्यास ज्यादातर अधूरी रह जाती थी । एक नौजवान के हाथ लगाते ही उसकी बूर रिचने लगी । " बचपन से तेरी चड्डी पहना के बड़ा किया है तुझे ।कब तू मर्द बन गया हे पता ही नही चला । "

विश्वास ।" आज तो पता चल गया ना ताई ।"

विश्वास उसे बाहों में भर के उसकी गले पे और कंधे पे नाक रगड़ते हुए चूमने लगा । रानी सुबह नहा धो के निकलि थी दिन भर की काम करने की वजह से उसकी बदन से पसीने की बू आ रही थी । लेकिन औरतों के बदन की पसीने के बू मर्दों के लिए रामबाण औषधि की तरह हे नपुंसक का भी खड़ा कर दे । विश्वास उसकी सुगंध जेहन में उतरते हुए रानी की कमर मचले जा रहा था । रानी भी आंख बंद कर के उसका साथ दे रही थी ।

रानी ।" तेरी सासें बोहोत गर्म है विशु बाबा ।"

विश्वास ।" ताई आपकी भी बदन गर्म है । मन कर रहा है आपकी बदन को मचल डालू । क्या खुशबू है । खा जाऊंगा में आपको आज "

रानी मुंह से कामुक आहे निकलने लगी । विश्वास भी हद्द से ज्यादा उत्तेजित था एक साधारण इंसान से ज्यादा । हो भी क्यू ना वरदान प्राप कामदेव जो बन गया । उसकी हवस देख रानी जहा खुश हो रही थी वोही दर भी रही थी की ये लड़का मेरी जबरदस्त ठुकाई कर मेरी चीखे निकलवा कर पड़ोस के मकान वालो इकट्ठा ना कर दे । क्यों की उस छोटी गली में चारे मकान एक दूसरे की मकान से चते हुए थे । एक बर्तन भी गिर जाए तो पड़ोसी की सुनाई दे ।

विश्वास उसकी रसीली होंठ पीने लगा और उसकी पके आम एक हाथ से जोरो से मसलने लगा । रानी मचल रही मुंह से निकली सिसकियां सासों के साथ काबू करने की कशिश कर रही थी ।

लेकिन पहली बार किसी ने उसे ऐसे दमदार और जबरदस्त तरीके से मचला है इस आनंद में बेह गई थी और बिशु जैसे सुंदर नज़वान का साथ दे रही थी ।

विश्वास को अपने दोस्त की कही बात याद आया " लेंगे तो एक साथ लेंगे वरना कोई नही लेगा " उसका मन तो था आज ही लेने का रानी की लेकिन अपने यारों कैसे धोखा दे ।

विश्वास ।" ताई मेरे पास आपके लिए ऑफर हे ।"

रानी मुस्कुराई ।" क्या ऑफ़र हैं जरा सुनाओ तो कितना लाव मिलेगा ऑफर से ।"

विश्वास ।" बोहोत नफा है इस ऑफर में । आपको मेरे वो तीन दोस्त तो याद है जो मेरे बेस्ट फ्रेंड्स है "

रानी ।" हा वो तेरे बर्थडे में भी आए थे ना इस बार । हा पहचान गई लेकिन इनसे क्या लेना देना "

विश्वास " दरसल मेने आपके बारे में बताया । वो लोग शादी से पहले मेरी तरह एक्सपीरियंस करना चाहते तो । अभी तक तीनों कुंवारे हे (जिशु धोखे बाज को छोड़ कर) मेरी तरह । और वो लोग भी आपकी लेना चाहते हे ।

जहा नफा के बारे में सोच कर रानी खुश हो रही थी और ये बाते सुन कर गुस्से से आग बबूला हो गई । और विश्वास को धक्का दे कर बोली । " निकल जा मेरे घर से । तुझे में बाजारू लगती हूं । अभी के अभी निकल जा ।"

एक पल के लिए विश्वास भी दर गया था लेकिन वो मैदान छोड़ भागने वालों में से नही है । वो रानी को बापच से बाहों में भर के मानने लगा ।

विश्वास " ओ मेरी प्यारी ताई गुस्सा हो गई । पहले मेरे बात तो सुन ले एक बार ।"

रानी कुछ सुनने की मूड में नहीं थी । लेकिन विश्वास उसको मजबूती से पकड़ रखा था । और भी चिल्ला के मोहल्ले वालों को इकट्ठा नही करना चाहती थी नही तो उसकी बदनामी होती ।

विश्वास ।" देखो टाई हम आपको सब मिल के पांच पांच हजार कर बिच हजार रुपए देंगे । आपकी दो महीने कि तंखे से चार हजार ज्यादा सिर्फ एक या दो घंटे में कमा सकती है ।"

रानी रुवानी सी हो गई ." मुझे लगा इतने साल तेरे घर पे काम करती आई हूं इलसिए कुछ तो अपना समझोगे ।"

विश्वास ।" अपना समझता हू ताई । आपकी फिक्र भी है । पर मेरे दोस्त । आपको कैसे समझाऊं टाई । मेरे तीनो दोस्त सगे भाई जैसे है । और क्या फर्क पड़ता है उनके साथ करने में । आप पहले भी तो किसी न किसी के साथ करती आई हो ."

रानी ।" पर इस तरह अपनी जिस्म नही बेचा मैने । जिस तरह तू आज अपने दोस्तो के लिए मुझे खरीदने आए हो । मुझे लगा तुम मुझे पसंद करते हो और मैने भी सोचा की अकेली जिंदगी की कुछ जरूरतें तुम्हारे साथ पूरा कर लूंगी । पर तुम भी ।"

विश्वास ।" नही नही टाई आप गलट समझ रही हो । मेरा विश्वास करो ताई वो लोग अच्छे हे । वो लोग चाहते तो किसी भी बाजारू औरत को खरीद सकते थे । लेकिन मेरी तरह वो लोग भी किसी स्पेशल औरत के साथ कुंवारापन खोना चाहते है । प्लीज समझो ना मेरी बात को । और पैसे तो बस हम ऐसे ही आपकी किसी काम में मदद हो जाए इसलिए दे रहे हे ।"

रानी दिमाग से सोचने लगी ।

शरीर तो वो अब तक 5 लोगो को दे चुकी है एक तो शादी से पहले ही उसके बाप के चचेरे भाई चाचा ने बेहला फुसला के सरसो की खेत में कोई ओ बार उसकी चूत की मालिश कर चुका था । 20 हजार उसके लिए बोहोत बड़ी रकम थी । अपनी बेटी के लिए कॉलेज की एडमिशन फीस जमा कर सकती थी जो अगले साल ही कॉलेज जाने वाली थी । जितना तनखा मिलती है वो तो अपनी सास को इलाज और घर की खरसे में निकल जाती है । बच्चो के लिए कुछ बचा ही नहीं पाती । उसका बड़ा भाई नही होता तो कबका अपने दोनो बच्चो के साथ सड़क पे भूखे मरते वो लोग ।

रानी ।" तुम जैसे लड़के हवास की पुजारी होते हे । कुछ उच्च नीच हो गया तो ।"

विश्वास खुश हो कर ।" कुछ नही होगा । वो लोग इतने भी बदमाश नही हे की औरतों की इतजत ना करे । मेरी तरह ही शरीफ हे वो लोग । प्यार से पेश आयेंगे शिंता मत करो ।"

रानी मुस्कुराई " दिख रहा है वो तो कितना शरीफ हे तु जिशु बाबा । "

विश्वास मुस्कुराते हुए उसे बिस्तर पे लिटा दिया । और उसके ऊपर चढ़ के उसकी गदराई हुई बदन को चाटने लगा । और चूचियां भी मसल के ब्लाउज को अष्ट ब्येस्ट कर दिया । रानी इतनी गर्म हो गई की वो मचलने लगी ।

जब विश्वास ने उसकी उभरी हुई पेट की सर्बी को हल्के दातों से काटते हुए चाट चाट के उसकी गहरी नाभी पे जीव डाल के कूड़ेने लगा तो बलखाती हुई तड़प उठी " उह्ह्ह्ह मईया आज तक किसीने मुझे ऐसे नही चाटा न चूमा हे ।"

विशास शिर उठा के ।" क्यूं ताई ।"

रानी ।" आह्ह्ह्ह्ह में सावोली जो हूं । सब मर्द गोरे त्वचा को चाटना चाहता हे ना ।"

विश्वास उसकी ऊपर चढ़ कर उसकी होंठो को चूम के बोला ।" कोई बात नही ।में हू ना अब चाटने के लिए । और बस थोड़ी सी सावली हो इतना भी नही की काले कोवे जैसे कुछ औरते हे ना । और आपका चेहरा कितना सुंदर है और आपका फिगर की जितना तारीफ करूं उतना कम हे । "

रानी इतनी गर्म हो गई थी उसे अब ठुकाई की जरूरत थी । " बिशु बाबा मुझसे अब रहा नही जा रहा है ।"

विश्वास मुंह लटकाते हुए बोला। " सॉरी ताई आज में वो नहीं कर सकता । हम चारो दोस्तों ने कसम ली है की करेंगे तो एक साथ ही आपके साथ वरना नही ।"

रानी सोक गई ।" क्या चारो एक साथ "

विश्वास ।" क्यू दर गई क्या । दिखने में तो हट्टी कट्टी हथनी लगती हो । ले नहीं पाएगी क्या एक साथ चार चार की ।"

रानी ।" हुंह । इस रानी ने घाट घाट की पानी पिया है । तुम चारो को हारा ना दिया तो मेरा नाम बदल देना ।"

विश्वास (आपको नही किस चार वरदान प्राप से पाला पड़ने वाला हे । हमारा देख के ही तेरी हवा टाइट हो जायेगी )" देखा जायेगा ताई कौन किसको हारता है । काल का प्रोग्राम करे । हमें भी जल्दी है और आप भी सायेद बोहोत प्यासी हो । कल आप छुट्टी लेना "

रानी (तेरे बाप जो मेरी रोज गांड लेता है उसका क्या करू ।

एक दिन ना मिले तो पक्का मेरी खेत नेही ) छुट्टी तो नही ले सकती हा 11 बजे के बाद में फ्री हो जाऊंगी मालकिन को कह कर ।"

विश्वास ।" ठीक है में फोन करूंगा ।"

विश्वास उसकी चूची को दोनो हाथो से दबाते हुए जोर से मचला और उसकी गाल पे किस कर के कमरे के खिड़की से कूड़ा और बिजली की रफ्तार से भागा । अगले 30 सेकंड के अंदर अपने कमरे के बेड पर लेट भी गया ।

Update 6​

सपनों की नगरी ​

चारों और घना अंधेरा । अमावस्या की रात चांद की रोशनी की झलक ना के बराबर । अचानक गिद गिद तेजी से घोड़े का एक झुंड दौर गया अंधेरे में ही । दर का मंजर चाह गया रोम रोम खड़े हो उठे ।

शेतन ।" भाई ये हम कहा आ गए ।"

जिशू ।" भाई यहां तो बोहोत अंधेरा हे । और चारो तरफ धूया धूया । कुछ दिखाई नही दे रहा है ।"

तपन ।" पर भाई हम कर क्या रहे है । हम यह कैसे और क्यू ।"

विशु ।" भाई मुझे कुछ समझ नही आ रहा है । हम तो अभी कॉलेज में थे ना । बायो की क्लास ले रही थी ना नंदिनी मैडम । "

चारों तरह तरह के बाते करने लगे । एक सेकंड इतना भयानक अंधेरे से घिरा नजारा कैसे बदल सकता है । कही हम सपना तो नहीं देख रहे है । मन में कोई सवाल जो चारों यार को परेशान कर रहा था ।

कुछ हलचल हुई चारों तरफ आहत हुई सूखे पत्ते की । चारों घबरा गए कोई अंधेरे में उनके पास आ रहा है । चारों सतर्क हो गए ।

धीरे धीरे कुछ चमकीली चीज की रोशनी बढ़ने लगी । और आखों की पलको में एक चमकीली चीज हवा में ही एक सुंदर अप्सरा की रूप में प्रकट हुई और उसके जिस्म की रोशनी जो प्रकाशित हो रही थी उससे बोहोत से रोशनी निकलने लगे ।

ये चारों अवाक हो गए । चारो असंभित हो गए की ये कौनसा देवी की माया जाल हे । वो सुंदर अप्सरा मुस्कुराई और हाथ जोड़ के बोली ।" चारों महाशय को मेरा सादर प्रणाम । में आप लोगो की ही सेवा में आई हूं । और आपको एक खुशखबरी देने । "

जिशू ।" है हेई आप कोन हो ।"

अप्सरा ।" में । में दासी हूं ।"

विश्वास ।" दासी किसकी । ये हो क्या रहा है । आप हवा में कैसे तैर रही हो आपकी बदन से ये अजीब सी चमकीला रोशनी कैसे निकल रहा है ।"

अप्सरा ।" लगता है आप लोग भूल गए । चलिए के याद दिलाती हूं ।"

अप्सरा ने आंखे बंद कर के एक चुटकी बजाई और उस चुटकी से सुनहेरी रंग की धुवा उत्पन्न हो के चारो की नाक में समा गए । और अगले ही पल चारो की होंठो पे मुस्कान फैल गया ।"l

तपन ।" अरे भाई लोग ये इस चार समकदर जैसे पेड़ो की एसिटेंस है । बोलेतो सेक्रेटरी ।"

अप्सरा ।" उम्म अभद्र भासा प्रयोग मत कीजिए । जिन्होंने आप लोगो को वरदान से नवाजा है उनका सम्मान करिए । "

शेरन ." माफ करिए अप्सरा जी । हम गलती हो गई । हम भूल गए थे । हमें कुछ याद नहीं आ रहे थे ।"

अप्सरा ।" अभी आप लोग जिस दुनिया में हो उस दुनिया को एक सपना कहा जाता है ।

आप लोगो की आत्म इस दुनिया में हे लेकिन शरीर आपके दुनिया में ही हे । अभी आप लोग गेहरी नींद में सो रहे है । और सुरक्षा हेतु आप लोगो सभी यादें याद नही रहेगा । जब भी आप लोग इस सपनो को नगरी में आएंगे या बुलाया जाएगा तब आपको कुछ भी याद नही रहेगा जब तक हम आप लोगो याद न दिलाए । लेकिन हम सपनो को मिटा नही सकते वो सब आपको भविष्य में ही याद रहेगा नही वरदान व्यर्थ हो जायेगा ।"

जिशु ।" जी हम आपके बात समझ गए । आप कुछ खुद खबरी की बात कर रही थी । "

अप्सरा ।" हां जल्द ही कामसुख का प्रदान होने वाला है । मेरा प्रार्थना है कि आप लोग सुरक्षित और सदा सुखी रहे । अब अनुमति दीजिए ।"

एक पल में ही चारो और फिर से अंधेरा चाह गया । चारों इधर उधर देखने लगे की अप्सरा कहा गायब हो गई ।

" ये क्या सपना था " जिशांत हरबरा के उठा गया । पुसीने पसीने हो गया था वो गला सुख गया था इसलिए पानी पीने बिस्तर से उतर .।

" ओ तेरी । कितना भयानक सपना था बे ।" तपन ऐसे जगा जैसे ठंडा पानी उड़ेल दी हो उसके बिस्तर पे ।

" आ आ आ । " शेतन को जैसे सांस अटक गया हो ऐसे हड़बड़ा के उठा वो ।" कितना भयानक सपना था ।

" ऊं ऊं नही नही ।" विश्वास की आंखी खुली और अपने ही कमरे के पंखे को देख के भ्रमित हो के दर गए ।

Achariya Niketan collage ​

परिसर क्षेत्र से बहार । समय सुबह के 10 बजे

जिशू , विशु और शेतन अपनी बाइक पार्किंग में लगा रहे थे । तभी तपन अपनी पुरानी साइकिल ले के उनके बाइक के साथ बराबर में पार्क करने लगा ।

ये तीनों एक दूसरे को इशारों इशारों में कुछ बात किए और मस्ती में मुस्कुराने लगे ।

बिशु मजे लेते हुए बोला ।" माना की तू इस कॉलेज के नंबर वन गैंग का सदस्य हे तो क्या जो मर्जी वो करेगा ।"

तपन वैसे ही चिढ़े हुए थे । तंज सुन के वो और चिढ़ गया ।" मतलब क्या है बे । साफ साफ बता चोदू लाला ."

तीनों मंद मंद मुस्कुराने लगे ।

शेतन ।" ये बोर्ड पे लिखा है यहां सिर्फ बाइक पार्क किया जाता हे । डॉन है तो कुछ भी करेगा । भूल मत एनवायरमेंट सम्मेलन में तूने ही योजना रखा था की बाइक और साइकिल पार्किंग अलग अलग हो ताकि गैडरिंग ना हो और एक डिसिप्लिन मेंटेंस रहे । और साथ में हमे भी अपने साथ खड़ा कर लिया था और जूनियर्स को भी धमका के अपने साथ कर लिया था । और आज तू ही रूल ब्रेक कर रहा है। कुछ तो शर्म कर "

तपन के सकल देखें लायक थी । ये तीनों अपने हासि को किसी तरह दबा के रख रहे थे । किसी भी वक्त हांसी छुटने वाली थी ।

तपन ।" देख सुबह सुबह मूड खराब मत कर अच्छा भला आते समय मंदिर में माथा टीका के आया हू मन शांत हे । और शांत ही रहने दे समझा ।"

जिशू ।" अरे शांत गदाधारी भीम शांत । अपने क्रोध के अहंकार को बढ़ाओ मत नही तो भस्म हो जाएगा । अच्छा तेरे दो पेट्रोल पम वाले बाप ने अभी तक माना नही तेरे को बाइक देने से ।

"

तपन " बाइक देने से मना नही किया पर पल्सर 250 नही दे रहे है क्यू कि में स्पीड में चलूंगा इसलिए स्प्लेंडर ले के देना चाहता है पर मैंने मना ही कर दिया ।"

विशु हास कर बोला ।" अरे स्प्लेंडर पे तो एक दम दूधवाला लगेगा । एक काम क्यों नही करता । जब तेरा बाप संसद पे बैठे तो तू चुपके से जा के बाथरुम का दरवाजा बाहर से लॉक का देना और जब तक तुझे 250 नही दे तबतक दरवाजा मत खोलना "

जिशू ।" हा एक दम झकास आइडिया है दोस्त । एक बार ट्राई तो बनता है ।"

तपन ।" लगता है तुम दोनो की पीठ आज बोहोत खुजला रही है । रुक खुजा देता हूं ."

पास ही एक जूनियर क्लास की लड़की एक टोली में थी और इन चारों की मसखरी देख के हास हास के फूस फूसा रही थी ।

तपन उन लड़कियों को धमकाया ।" तुम सबकी तो । रुक बोहोत हसी आ रही है ना । रुक अभी बताता हूं तुम सबको ।"

लड़किया चिल्लाते हुए वाहा से भाग गई । सब जानते हे 2 ईयर का इन चारो स्टूडेंट का डबडावा क्या है ।

शेतन ।" क्या बे क्यू फूलजारियों को भगा दिया । अच्छा खासा नयन सुख प्राप्त हो रहा था ।"

तपन ." देख यार अब दिमाग की दही मत कर । चुप चाप बता काल रात कोई सपना आया था ।"

Serious mood

जिशू ।" हा ।"

शेतन ।" हा पर तुम सबका सपना क्या था ।"

बिशु ।" मुझे तो काम सुख का प्राप्ति होने वाला है ।"

तपन ।" मुझे भी । मतलब हम सबको एक ही सपना आया था ।"

जिशू ।" यार मुझे तो ये सब कभी कभी विश्वाश ही नही होता है पर विश्वास न करने के कोई वजह भी नही है ।"

बिशु ।" सब सच हे भाई । कही न कही कोई मैजिकल दुनिया हे भाई । अच्छा जो भी हो । एक गुड न्यूज रानी ताई मान गई है ।"

शेतन ।" क्या सच में । "

बिशु ।" हां भाई बड़ी पापड़ बेलने पड़े । आखिर माना ही लिया । लेकिन आज ही का प्लान है वो 10 बजे मेरे घर से छुट्टी लेने वाली हे । लेकिन प्लान का important चीज प्लेस ।"

जिशू ।" मेरे फॉर्महाउस खाली पड़ा है । वोही बुला ले ।"

बिशु ।" ठीक है तो चलो हम वोही चलते हे । और ताई को भी वोही फोन कर के बुला ले है ।"

चारों खुशी से उछल रहे थे । अगिए फुब्बरे फूट रहे थे । सेक्स का आनन्द कैसा होगा यही बोहोत ही उत्सुक थे ।

Jishant farmhouse​

एक ऑटो 11 बजे जिशांत की फार्म हाउस के गेट पे रुकती है । रानी ऑटो से उतरती है और ऑटो वाले को भाड़ा दे रफा दफा करती है । और सुंदर बंगलो को घूरती आखों से तारीफ करती हुई एंट्री लेती है ।

फॉर्महाउस के अंदर ।

जिशू ।" ये ले टीका ले । हिम्मत मिलेगी थोरी भाई ।"

विश्वास ।" हां टीका ले भाई । हलकी बचपन में तो हम एक दूसरे को नंगा देखा है लेकिन आज की बात अलग है । हम एक साथ नंगे महफिल जमाने जा रहे है कोई शर्माना मत वैसे तो वरदान ने हम चारो को शेर से बब्बर शेर बना दिया हे फिर भी पहली शिकार करने जा रहे हे जो भी नर्वसनेस है व्हिस्की से सब दूर हो जाएगा ।"

तभी दूर बेल बजने लगी ।

शेतन ।

" लगता है आ गई है । "

विश्वास ।" रुको में जाता हूं तुम लोगो को देखेगी तो सायेद घबरा जाए । उसकी पहली बार है ना gangbang का .।

विश्वास दरवाजा खोलता है । सामने रानी खड़ी थी पिंक सारी पहनी हुई जो काफी सझ धज के आई थी । नाभी के नीचे सारी ब्लाउज का गला गहरी और अंदर टाइट फिटिंग ब्रा जिसकी वजह से उसकी अनार कुछ ज्यादा ही बड़ी ठोस और आकर्षक लग रही थी । बाल खुले पिंक लिपस्टिक मोतियों की हर सप्मूर्ण सिंगर के साथ किसी भी एंगल से काम वाली नही लग रही थी वल्कि हाई प्रोफाईल लेडी लग रही थी । वैसे तो काफी खूबसूरत थी बस रंग से थोड़ा मार खा गई थी बेसरी फिर उसकी हल्का स्वाला रंग चिकनी लगती थी ।

विश्वास मुस्कुराते हुए ।" अरे आओ ना ताई कहा को गए ।"

रानी माथे की पसीना पोंछ के बोली ।" विशु बाबा मुझे घबराहट सी हो रही है ।"

विश्वास उसकी कलाई पकड़ के ।" अरे में हूं ना । मूझपे एतबार हे ना आपको में आपको कुछ नही होने दूंगा बजरंगवली की कसम खा के कहता हूं । और मेरे दोस्त अच्छे लोग हे एक बार मिलेगी तो आप समझ जाओगे ।"

विश्वास उसे अंदर ले आया । आते ही रानी की नजर तीन हैंडसम हंक टीक गई । लंबे चौड़े गठीले बदन का नौजवान को देख के जहा शर्म से पानी हो गई और अंदर से उनकी कामना कर के रोम रोम से कामुक हो गई थी बेसारी ।

तीनों एक साथ बोले ।" हेलो आंटी "

रानी का स्वभाव थी बड़े लोगो से मिलते ही शिर झुका दे । उसकी यही पैसा था खिदमत कर के दो पैसे कमाए । उसने हाथ जोड़े नमस्ते किया और बोली ।" जी नमस्ते शाहब ।"

भले तीनों कमीने थे लेकिन दिल से लॉयल थे । उनको अच्छा नही लगा कोई औरत उनको ऐसे सम्मान दे ।

तपन ।" अरे आंटी प्लीज आप ऐसे मत पेश आइए । हमे अपना दोस्त समझिए ।"

रानी कुछ बोल ही नहीं पाई बेसारी बस मुस्कुराते रहे गए शर्म से । वैसे तो वो कोई संस्कारी नाजुक औरत नही थी । कोई ओ को मुंह तोड़ जवाब दे के सिख ली थी मर्दों कैसे जुटी की नोक दिखा के सबक सिखाते हैं । हा वो चुड़ककर थी लेकिन बाजारू नही थी जिसके साथ भी करती थी उसके साथ एक रिश्ता बना लेती थी दिल से कुछ प्यार चाहती थी एक विधवा जो थी । एक मर्द की अहमियत जानती थी उस जैसे लो क्लास के इंसान के लिए ।

येहा ये तीनो भले ही इत्तजत से पेश आ रह थे लेकिन आंखे उनकी एक्सरे मशीन बन चुकी थी । रानी की भरा हुआ जिस्म कच्छे खाने की इरादे से नजर मार रहे थे । रानी को उनकी नजर जहा चुभ रही थी वोही अंदर से घबराई हुई थी जो भी ये लोग उसे वेश्या की तरह ही पेश आयेंगे । बस दुआ कर रही थी की उसके बदसलूकी से बिना मर्जी के जोर जबरदस्ती और जजील ना करे ।"

रानी की नज़र टेबल पे गई जहा व्हिस्की के दो खंबे पड़े थे जिसमे से के पूरा खाली था । बु भी आ रहे थे मतलब चारों ने पी रखा है । वोही उसकी घबराहट और बढ़ गई ।

कुछ देर एक दुसरे को सहेज करने में एक दूसरे से जान पहचान बढ़ाने लगे । रानी बोहोत काम बात का रही थी लेकिन विशु उसकी हर बात पे साथ दे रहा था । वादे के मुताबिक वो अब तक रानी के साथ निभा रही थी आगे क्या होता है देखते हे । वैसे कामसूत्र इंसान की नीव को मजबूत बनाए रखने के लिए शरीर को शांत रखने के लिए बने है लेकिन कुछ इंसान बेश्यी हेवन अपने खुराग बना लेते हे अधिक से ज्यादा जिसकी वजह से सामने वाला आहत हो जाता है । रानी के साथ वो ना हो ये हम दुआ करते है ।

जिशु ।" अरे विशू आंटी को कमरे में ले जाओ ना अगर वो फ्रेश होना चाहती है तो । इतनी गर्मी में आई हे कुछ आराम कर लेगी ।"

विशु बगल वाले कमरे में रानी को छोड़ के आता है ।

तपन ।" विशू भाई मान गए यार तुझे । क्या माल हे वे । पांच पांच किलो का दूध होगा । लगता है अभी भी दूध भड़ा हे उनमें । मक्खन की तरह चाटेंगे "

विशु ।" ओके मित्रो । जरूरी सुनना । ताई कोई पेशेवर वेश्या नही है वो सिर्फ मेरे लिए यहां आई है । इसलिए प्यार से पेश आना और बिना मर्जी के उसके साथ कुछ मत करना । में उनको बचपन से जनता हूं वो अच्छी औरत है । समझे ।"

शेतन ।" भाई जिशू और में तो वायलेंस के सख्त खिलाफ हूं इसका कुछ कह नहीं सकता । इस ठरकी का कोई भोरोषा नहीं जोश में कब होश खो दे ।"

तपन चिढ़ गया .।" अबे साले में क्या तुझे रहीम बलात्कारी लगता हूं । विशू तू जानता है यार मुझे । "

जिशू ।" Ok ok ..... कुल । हम यह पूरा दिन नही निकल सकते । बहस बन करो हम अच्छे पेश आयेंगे ok चलो अब ।"

तपन ।" यार मेरे पास एक आइडिया हे उनको फर्स्ट इंप्रेशन देने का । "

शेतन ।" मे जानता था । तेरे पास कोई आइडिया जरूर होगा जो हमेशा की तरह फेल होता है । इस बार क्या आइडिया तेरे दिमाग में आया "

तपन ।" अबे चुप ना । सुन वरदान का कुछ तो फायदा उठाया । जैसे की हम मर्द औरतों की वो वाले पार्ट्स से आकर्षित होते है ठीक वैसे ही वो लोग भी हमारी प्राइवेट पार्ट्स देख के गर्म होती है ऐसा मैंने पढ़ा हे एक नोबेल में । तो क्यों ना हम पूरे न्यूड हो के जाए । और वो हमारा देख के पहले ही आकर्षित हो जाए वैसे भी हमारे पास अब ऐसा हथियार है की mia khalifa भी पानी छोड़ दे देखते ही ।"

शेतन ।" देखा इस कमीने की सोच ।"

जिशु अवरोध करते हुए ।" एक मिनट । कमीने की बात में दम है । देखो बात चीत बोहोत ही गई अब । वाहा जा के शुरू करने हमे भी तो शर्म आएगा हम क्या कोई रंडीबाज है जो मेरी रानी मेरी रानी फूल सूंघते हुए उसके साथ मटर गस्ती करेंगे । अच्छा है नंगे जायेंगे तो शुरुवात करने में अचानी होगी और वो भी हमे अनाड़ी नहीं समझेंगे । But इस वक्त विशु तू लीडर है इसलिए तू कहे तो ।"

विशु कुछ सोचते मुस्कुराए । " आइडिया अच्छा है ." और अपनी बेल्ट खोलने लगा ।

उसे देख ये तीनों भी अपने कपड़े उतारने लगे । चारो मादरजात नंगे हो गए ।

चारों के गाढ़े जैसे लौड़ा सेमी इरेक्टाइल में खड़े थे प्रीकम से गीले सुपाड़े जो रानी की जिस्म की करामात से हुआ था ।

चारों बड़े ताओ से चाटो फूला के कमरे के अंदर गए । रानी कमरे में बैठी थी किसी सोच में और जैसे चारों नंगा देखा वो देखती रह गई । उसे जरा भी उम्मीद नही थी चारों एक साथ नंगे कमरे में आयेंगे । उसने सोच रख था की एक आएगा जायेगा फिर दूसरा आएगा जायेगा फिर तीसरा फिर चौथा लेकिन यहां तो चारों किसी बाउचर की तरह खड़े थे बिना कपड़ो के ।

उसकी नजर चारो के झंघो के बीच टिक गई । पहली बार जिंदगी में इतने बड़े बड़े मोटे मोटे किसी इंसान का हथियार देख रही थी जैसे इन्सान का नही किसी दैत्य का लिंग हो । घबराहट के मारे उसकी गला सूखने लगे । अंदर से ना चाहते हुए दर से कांप उठी । वो चारों को निहारती रही ।

ये लोग सोचने लगे की उन सबका हथियार देख के मन मोहित हो गई हे रानी । और गर्व से छाती ढाई इंच और बढ़ गया सबका ।

लेकिन रानी की शिर से पैसे और सेक्स की भूख मिट चुकी थी । और उसके दिमाग के घोड़े दौड़ने लगे । खुश किस्मती से एक मुहिम प्लान रस लिया उसने ।

रानी ।" एक मिनट में बाथरूम हो कर आती हूं ।"

चारों मुस्कुराके के हां में शिर हिलाए । रानी अटैच बाथरूम में चली गई और मुंह में पानी मारने लगी । जब कमरे घुसी थी तो पहले ही बाथरूम में गई थी और गलती से हैंडबैग वोही छींक पे भूल गई थी ।

वो अपने आईने में देख के अपने आप को बोली ।" इन दानव से में नही चुदवाने वाली दैय्या । सुना था बड़े लोग कुछ सर्जरी बर्जरी का के बड़ा लन्ड लगवा लेते है आज सच में देखे भी लिया । ये चारो अगर मेरे पे चढ़ गए तो पक्का में दो पिच में टुकड़े हो के जाऊंगी । देवा रे देवा बचा ले ।"

उसने अपनी सारे घुटने तक उठाई और एक सलांग से खिड़की से कूद के भाग निकली ।

एक मिनट , दो मिनट कर के पूरे 5 मिनट हो गए । ये चारों इंतजार में बैठे थे ।

विशू ।" ताई क्या हुआ । इतनी देर से क्या कर रही हो ।"

मगर रानी गेट तक पोहोच चुकी थी । और रास्ते पे ऑटो या टैक्सी ढूंढ रही थी । उसकी आवाज ना पा के ।

जिशू ।" आंटी । आंटी आप जवाब क्यू नही दे रही है ।"

तपन मजाक कर के बोला ।" कही हमारा फौलादी खंबा देख के दर के मारे कोने में बैठ तो नही गए या फिर बेहोश हो गई हो ।"

जिशु और विशू बाथरूम के दरवाजे पीटने लगे रानी को पुकारते हुए । लेकिन दरवाजा नहीं खुल रही थी और ना ही आवाज ।

तपन ।" भाई कुछ गरबर लग रही है । दरवाजा तोड़ "

तीनों ने कंधे मार के दरवाजा तोड़ दिया । बैथरॉम खाली था । खिड़की खुली थी मतलब साफ था ।

तपन हस के बोला ।" लो ये तो भाग ही गई दर के मारे । हा हा हा हा "

शेतन गुस्से में ।" तेरा ही आइडिया था ना नंगे हो के एंट्री मरेंगे उसको इंप्रेस करेंगे । अब मूठ मार । गई भैंस पानी में "

विशु ।

" सब मिल के इसकी लो साले हरामी हमेशा कुछ ना कुछ उल्टा ही कर देता है ।"

तीनों मिल के तपन की मारने लगे ।

पहली बार में ही उन लोगो का KLPD हो गया ।

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Update 7

a few days after that incident​

Mehra house ​

सुबह से रिमझिम रिमझिम बारिश हो रही थी शहर में । कुछ के लिए मौसम बोहोत सुहाना था तो कुछ के लिए आपत्तिजनक दुविधा में पड़ गए थे ।

शुबोत ।" बेटा जिशू ।" न्यूज पेपर टेबल पे रखते हुए चाय की चुस्की लेते हुए अपने चचमा भी उतार के आंख मलने लगे

जिशू किसी काम में बिजी था वो अपने पापा की बुलावे से कमरे से बहार आते हे ।" जी पापा बोलिए ।"

शुबोट ।" तेरी मम्मी की लेब से फोन आया था की उनको कॉल सुबह जल्दी लेब में आने को कुछ जरूरी प्रोजेक्ट में उनकी हेल्प चाहिए ।"

जिशू ।" पर पापा मम्मी तो एक हफ्ते की छुट्टी ले के छोटे मामाजी के घर गए हुए है । आज की ले के सिर्फ चार दिन हुए वो तो परसों आने वाली हे । रिटर्न टिकट भी परसों का ही हे मैने खुद करवा दिया था ।"

शुबोट ।" अरे तो में क्या करू । उनकी काम ही ऐसे हे बिन बुलाए मेहमान की तरह । अपनी मम्मी से फोन कर के बात बता दे की उनकी डायरेक्टर ने फोन करने को कहा है । वो अपनी प्रोफेशनल नंबर बंद कर के रखा है । इसलिए पर्सनल नंबर पे कॉल कर जल्दी । "

जिशु अपनी पापा से बहस बाजी कर के दांत नही खाना चाहता था । तो अपने कमरे में जा के अपनी मम्मी की नंबर पे फोन लगता है ।

लॉन्ग रिंग के साथ उसकी मम्मी फोन उठाती हे ।

तानिया ।" हां जिशू बेटा बोलो ।"

जिशू ।" मम्मी आपके लैब से फोन आया था ।"

तानिया ।" हां पता है Dr. Shezein का अभी फोन आया था ।"

जिशु ." तो आप आज आ रही हो ना ."

तानिया ।" हा जाना तो पड़ेगा ही । बोहोत इंपोर्टेंट टेस्ट करना है । लेकिन जाऊ कैसे इतने दूर 400 किलोमीटर और ऊपर से यहां इतनी बारिश हो रही है । बाई रोड जाने के लिए भी तीन चार बस बदलना पड़ेगा । अभी ट्रेन भी नही मिलेगा । "

जिशू के मोबाइल मे तपन का फोन आ रहा था ।" मम्मी में आपको दो मिनट में फोन करता हूं कुछ उपाय धुनता हूं"

जिशू ने अपनी मम्मी का कॉल कट कर के तपन फोन रिसीव कर लिया ।

तपन ।" क्या बे किस लौंडिया के साथ बिजी था वे ।"

जिशू ।" अरे मम्मी का कॉल था बे ।बता क्यू फोन किया ।"

तपन ।" यार ऐसे ही कॉल किया । में आज जा रहा हूं यहां से अकेला ही ।"

जिशु ।" कहा से । तू है कहा ।"

तपन ।" अरे साले दस दिन में ही मुझे भूल गया । बताया तो था मेरे दादाजी ऑफ हो गए थे इसलिए चंदरपुर गांव आया हूं । काल तेरवी तिथि था तो आज में आ रहा हूं ।मम्मी पापा को आने नही दिया रिश्तेदार दार पीछे ही पढ़ गया की अभी पापा और मम्मी का कुछ रस्म बाकी के है दादाजी की आत्मा के शांति पूजा के लिए । मुझे भी घसीट रहे थे पर अब नही रुकने वाला इसलिए कार से बायरोड जाऊंगा । "

जिशु की बुद्धि आ गया ।

" अबे तो तू मेरी मम्मी को भी लेके आ ना साथ में वो भी चंदरपुर में ही है और उसे अर्जेंट आज ही आना है ।"

तपन ।" क्या आंटी यहां है चंदरपुर में । "

जिशू ।" हा वो मामाजी के घर गए हुए थे लेकिन उनके केमिकल लेबोरेट्री में अर्जेंट काम आ गया इसलिए मम्मी को आज ही आना हे ।"

तपन ।" अच्छा ठीक है तू आंटी का नंबर भेज में कॉल कर के उसे पिकअप करता हूं । अच्छा ये बता आंटी को ड्राइविंग आती हे । क्या हे 400 किलोमीटर ड्राइव करना आसान नहीं है ।"

जिशू ।" क्या बोला चुटीये । फिर से बोल जरा ।"

तपन को कुछ याद आता है ।" ओह सॉरी सॉरी । हम सबको तो आंटी ने ही ड्राइविंग शिखाई थी कर लाइसेंस के लिए उन्होंने ही अप्लाई कर दी थी आरटीओ में ।"

जिशू ।" मम्मी को पुछना जरा की उसे ड्राइविंग आती हे की नही ।"

तपन ।" हां हां हां हां चप्पल से पिटेगी मुझे । ओके रखता हूं ।"

Chandarpur Village ​

बस्टैंड पर एक काली कार आ के रुकती हे । बारिश अभी तेज हो रही थी बेस्टेंड पर कोई मजदूर आदमी औरते इंतजार कर रहे थे लोकल बस के लिए । और वोही उन भीड़ में एक लेडी चत्री ले के खड़ी थी और वो अपनी हाथ में पहनी घड़ी को बार बार देख रही थी ।
उन भीड़ में वो ऐसी लग रही थी जैसे कीचड़ में फूल खिल उठी हो सबकी नजर उसपे थी ।

वो सिंपल कुर्ती और लेजिंस पहनी हुई थी सुहागन की निशानी हाथो में एक जोड़ी कंगन ,कान में झुमके माथे पे हल्की सिंदूर , खूबसूरती कहर ढा रही थी जैसे उसकी सरसराहा भरा जिस्म कायनात की नायब अमूल्य चीज हो कोई उसे पा ले तो मकबरे में कैद कर ताकि वो दूसरो के हाथ ना लगे ।

वो औरत छत्री ले के कार के पास गई और को ड्राइवर वाली दरवाजा खोल के उसपे बैठ गई ।

तपन । अभिनंदन मुस्कान के साथ ।" हेलो तानिया आंटी । ज्यादा इंतजार तो नही करवाया मैंने ।"

तानिया ।" इंतजार । में पिछले आधे घंटे से तुम्हारा इंतजार कर रही हूं यहां इस कमबख्त बारिश में । और तू मुझे नाम से क्यूं पुकार रहा है जुबान खिंच लूंगी में अगर दुबारा मुझे नाम से बुलाया तो ।"

तपन हस पड़ा ।" सॉरी । और वो मम्मी पापा आने नही दे रहे थे अकेले । जब आप मेरे साथ जा रही है ये बात बताया तब आने दिया । आप जानती हो मेरी मम्मी को अपने लाडले को ले के कितना सेंसिटिव है ।"

तानिया ।" में होती तो में भी नही आने देती तुम्हे अकेले । कितना लब्मा सफर है ऐसे अकेले बोहोत रिस्की होता है । तुम नही समझोगे जवान खून बस उबालना जानता है समझना नहीं ।"

तपन ।" ओह प्लीज आंटी अब आप भी शुरू मत हो जाना वरना आठ नो घंटे का सफर मेरे लिए चूहे की फांद जैसा लगेगा ।"

तानिया मुस्कुराई ।" ओके ओके । अब कार चलाओगे या ऐसे ही बातें करते रहोगे हू ।"

तपन ने कार आगे बढ़ा दी । कार एक सिंगल रोड पर चली रही दो किलोमीटर आगे 36 नेशनल हाईवे का रास्ता लेना था ।

बारिश बोहोत हों रही थी इसलिए तपन 40 किलोमीटर की स्पीड लिमिट में चला रहा था ।

Update 8

Chandarpur to Nargarh

inside the car​

तपन ।" आंटी आपको किस सिलसिले में अर्जेंट घर जाना पड़ रहा है ।"

तानिया ।" दरासल नेडरलैंड से एक कैमिकल का सैंपल आया है हमारे लैब में । कुछ फीसदी टेस्ट हो चुके हे पर उस सैंपल को मॉनिटर कर के सिस्टमेटिली रिकॉर्ड कर के बापच नदरलैंड भेजना हे ।"

तानिया अदा से ।" क्यू में रीचर्स एसोसिएट की एसिस्टेंट डायरेक्टर हूं । मेरे निरीक्षण के बिना टेक्नीशियन उसे टेस्टेड डिक्लेयर नही कर सकते ।"

तपन ।" अरे वाह तब तो आपकी काफी दबदबा है वाहा ।"

तानिया ।" वो रीचर्स एसोसिएट का लेबोलेटरी हे कोई डॉन का साम्राज्य नहीं है जो में गुंडी की तरह डबडबाऊंगी ।"

दोनो हंस पड़े ।

तानिया ।" अच्छा तुम यहां क्या करने आए थे चंदरपुर । "

तपन ।" वो हां । मेरे दादाजी गुजर गए थे । काल ही शार्थ का क्रियाक्रम था । "

तानिया ।" ओह सॉरी । "

तपन ।" कोई बात नही " Man is mortal " सबको एक ना एक दिन जाना ही हे ।"

तानिया ।" सत्य वचन । अच्छा क्या जान सकता हूं तुम्हारे दादाजी कैसे गुजरे ।"

तपन ।" नेचुरल डेथ । 79 के हो गए थे पिछले साल दादीजी गुजर गई थी तो दादाजी बोहोत अकेले है ।"

तानिया ।" क्यू उनका खयाल रखने वाला कोई नही हे क्या यहां गांव में ।"

तपन ।" हे भी और नही भी । मेरे पापा चार भाई बहन हे । तीन भाई और एक बहन । बूआ की तो दूसरे शहर शादी हो गई मेरे पापा के छोटे भाई चाचू वो भी नॉएडा सिटी में सेटल हो गए बचे ताऊ । वो यही पे खेती बाड़ी करने की मन से गांव में रह गया । दादाजी और दादीजी उनके साथ ही रहते थे । लेकिन उनके भी अलग संसार थे तीन बच्चे और ताई । ताई अपने बच्चो को अपने संसार पे ज्यादा ध्यान देती थी । ताऊ तो काम काज की वजह से दादाजी और दादीजी का इतना खयाल नही रख पाते थे । क्या करे और जब फैमिली बड़ी होती है तो ऐसा होना लाजमी है । हमारे खानदान में बोहोत कलेज हे । छोड़ो इन सब बातो को दादाजी और दादीजी तो नही रहे सब अपनी अपनी दुनिया में मस्त होंगे अब । "

तानिया ।" हा सही कहा बेटा । मेरी खानदान भी बोहोत बड़ी है मेरे माइके में भी ये सब चलता रहता है । असल बात के हे जानते हो जलन । जलन की वजह से ये सब होता है । किसी के पास ये आ गया किसी के पास वो । किसी कुछ नही मिला वागेरा वागेरा । अच्छा छोड़ो ये सब बताओ । "

तपन ।" हा । बस दादाजी की कुछ यादें ताजा रह जायेगी । उनके साथ बचपन में बोहोत मस्ती करता था । आखरी वक्त में मेरा जिक्र कर रह थे । दुख है की में मिल नही पाया फिर भी फोन पे दो बाते की मैने । जब कोई आखरी वक्त पे कोई याद करता है ना वो पल बोहोत एहम होता हे जो मैने लाइफ में पहली बार महसूस किया आंटी ।"

टानिया " उसके कंधे पे दिलासा दे के बोली ।

" कोई बात नही फोन पे सही तुम्हारे दादाजी ने तुम्हारा आवाज सुना तो सही । उनकी आत्मा को शांति मिलेगी । "

कार हाईवे उतर चुकी थी लेकिन बारिश रुकने का नाम नही ले रही थी । घने काले बादल छाए हुए थे दर हे कोई तूफान आ पड़े । ऐसा लगता है जैसे प्रकृति कुछ अनहोनी कायनात दिखाना चाहती है । दोनो बाते करते हुए कार में सफर का मजा ले रहे थे । दो घंटे बाद कार ढाबे पे रुकवा के खाना खाया फिर सफर पे निकल पड़े लेकिन इस बार तानिया ड्राइव करने लगी थी । दो मुसाफिर लंबी सफर पे बिना खराब मौसम की परवा किए बस चलते जा रहे थे ।

बारिश के कारण तानिया ने धीमे रफ्तार के साथ कार चला रही थी उसने सेफ्टी के लिए हजार्ड लाइट जला दी । तभी 500 मीटर दूर चार काले रेनकोट पहने चार आदमी रास्ते पे रास्ता रोक के कतार में खड़ा दिखाई दिया । तानिया ने दूर से देखते हुए कार की स्पीड कम कर दी ।

तानिया ।" ये लोग कौन है जो ऐसे रास्ता रोक के रखा है ।"

तपन सतर्क होते हुए ।" आंटी आप गाड़ी स्टार्ट ही रखना और कमसे कम 50 मीटर की दूरी पे कार रोकना ।"

तानिया ।" लगता है लिफ्ट मांगने के लिए ऐसे खड़े हो गए हे ।"

तपन ।" साएद हो सकता है फिर भी आप कार से उतरना मत । मुझे हैंडल करने दीजिए ।"

तानिया ने उन चारों के 50 मीटर दूर कर रोक दी और पहली गियर पे ही क्लास दबा के रखा उसने । चारो आदमी मास्क पहने हुए थे चेहरा ठीक से मालूम नही पड़ रहा था और चारो ही काले रेनकोट जैसे ओवरकोट पहने हुए थे काठ काठी से चारो ही आदमी जान पड़ रहा था ।

उनमें से दो आदमी चल के कार के पास आए और दोनो तरफ दरवाजे पे आ के चीचे पे नोक करने लगे । तानिया ने चिचा नही उतारा लेकिन तपन ने चिचा नीचे कर दिया ।

और सायेद उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई । उस आदमी ने सीधा उसके कांपती में देसी कट्टा रख दिया । तपन घबरा गए और तानिया दर के थर थर कांपने लगी ।

उस आदमी ने बोला ।" ए चमिया चिचा नीचे कर नही तो लड़के को मार दूंगा । "

तानिया दर दर के चिचा नीचे करते हुई बोली ।" प्लीज गोली मर चलाना । " तुम्हे जो भी चाहिए ले लो प्लीज गोली मत मारना ।"

बारिश अभी भी तेज चल रही थी । रास्ता सुनसान था और ये चारो लुटेरे या गुंडे जो भी थे बिना दर के मैन हाईवे पे दो मुसाफिर को पिस्टल दिखा के धमकी दे रहे थे ।

दोनो की कनपटी पे कट्टा रख दिए गए ।

दूसरा आदमी बोला ।" ए कोई होशियारी नही । चुप चाप दोनो गाड़ी से बहार निकल ।"

बाकी दोनों भी देसी कट्टा लिए इनलोगो के साथ हो गए ।एक आदमी ने कार बंद कर के साबी ले ली ।। मजबूर हो कर तानिया और तपन कार से बाहर आ गए दोनो बारिश में भीग गए । तानिया दर के मारे कांप रही थी लेकिन तपन जहा एक पल के लिए दर गए थे वो चारों की हरकत को गौर किया ।

उसके दिमाग में उपाय साधन का रास्ता ढूंढ रहा था । सबसे पहले चारों अवलोकन किया ।

चारों ही लंबे चौड़े हट्टे कट्टे थे । लेकिन उनकी आवाज में कोई पेशेवर नही लगता था । और राष्ट्रीय घईपठ पे ऐसे खतरनाक जुर्म का अनजान देने बेवकूफी भरी कांड है या फिर ये लोग बोहित चतुर पेशेवर मुजरिम हे जो ना मरने का दर है और ना ही कानून का ।

तपन के दिमाग में कोई बाते घूमने लगे । अगर तानिया आंटी नही होती तो में इन चारो को एक मुक्के में ढेर कर सकता था । क्या करू रिस्क लेना सही होगा । अगर तानिया आंटी को कुछ हो गया तो इन चारो के पास पिस्तौल हे पल्ला भारी इनका हे ।

एक गुंडे ने बोला ।" चलो जल्दी से घुटने पे बैठ जाओ ।" और उसने तपन के माथे पे पिस्टल की नली से मारा ।

और तानिया को भी दूसरे गुंडे ने घुटने में टीका दिया । दोनो मजबूर थे और निहत्ते थे । तानिया बोहोत घबरा गई थी कही सचमुच मार ही ना डाले उन दोनों को ।

तीसरा गुंडा बोला ।" ये चलो रे गाड़ी में । चलो निकलते है । " और उसने तपन को लात मारी

लेकिन उसका लात तपन ने ब्लॉक का लिया और उसे थ्री सिक्सटी लगा दिए । और फुर्ती से चारो के हाथ मोड़ढ़ के देसी कट्टा चीन के अलग कर दिए दूर । चारो गुंडे अवाक थे एक एक लड़के ने उनको मात दे दिया वो भी बिना डरे ।

पहला वाला तो थ्री सिक्सटी लगते ही ढेर हो गए थे उठ ही नही पा रहे थे । बाकी तीन तपन से लड़ने आए लेकिन उनके हर बार को ब्लॉक करते हुए बस सिर्फ एक एक मुक्का मारा और धरासाय हो गए ।

तानिया जहा रियल एक्शन देख के प्रफुल्लित खड़ी थी तपन उसके पास जा के बोला ।" आंटी आपको कोई चोट तो नही लगी ना ।"

तानिया तपन की आंखो में देख के " ये ये ये कैसे । तुमने सबको धो डाला पर कैसे ।"

तपन कॉलर उठाते हुए ." ऐसे । "

तानिया की चेहरे पे मुस्कान आ गई । धरासाय लुटेरे किसी तरह अपने आपको को बचाते हुए रास्ते के किनारे झाड़ से निकली चोटी गली से दुमडुबा के भाग गए ।

तानिया उसके बाजू पकड़ के हाथों को छू के देखते हुए बोली ।" बाप रे कैसे एक एक मुक्के में धरासाय कर दिया उन गुण्डो को जो तुमसे भी ज्यादा हट्टे कट्टे थे कोई सुपर पॉवर तो नही है तुम्हारे अंदर । "

तपन ।" अरे ऐसा कुछ नही है कराते का कमाल है ये । में ब्लैक बेल्ट हूं कराते में । (ये तो कुछ भी नही था आप थे इसलिए हल्का ही मारा अनलोगो को वरना ऐसे मारता की 100 मीटर दूर जा के गिरते । हा सुपर पावर तो है काश आपको बता पता )"

तपन ।" आंटी बाकी बाते बाद में पहले आप कार में जाइए और कपरे चेंज कर लीजिए । फिर आप छत्री निकल के बाहर आना और में कपरे बदल लूंगा । हम पूरे भीग गए है ।"

तपन रास्ते से थोड़ी दूर चले गए । और मूत्र विसर्जन करने लगे ।

Update 9

सफर फिर जारी हो गई । इस बार तपन कार चला रहा था । और तानिया बैठी बैठी बस तपन की तारीफें किए जा रही थी ।

तपन ।" आंटी आप तो कुछ ज्यादा ही बढ़ा चढ़ा के तारीफ कर रहे हे ।"

तानिया ।

" अक्षरशः जो मैने देखा मतलब सचमुच ऐसा लगा जैसे फिल्म की एक्शन लाइफ देख लिया । उनके पास रिवॉल्वर था तुम्हे दर भी नही लगा और धीसुम दिशूम पीट दिए ."

तपन ." बोहोत बोहोत शुक्रिया आंटी अब आप बस भी करिए ।"

तपन ने रेडियो लगा दिए । जीएम एक चैनल पे पुराने रोमांटिक गाने बजने लगे । लेकिन तानिया को गाना पसंद नही आया और उसने चेनल बदल दी ।

" नरगढ़ जाने वाली रास्ता अभी के लिए ब्लॉक हे सड़क दुर्घटना के की वजह से कृपिए सफर मत करिए इस रास्ते से । और जरूरी चूसना चालीपत जिले के 23.78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बाढ़ आने की वजह से सड़को पे पानी भर गया है । अपान खयाल रखिए यदि किसी भी प्रकार का कोई समस्या है तो सुरक्षा विभाग के हेल्प लाइन पर कॉल करिए 127007800 पर "

दोनो ये सुन के हैरान हो गए ।

तपन ।" आंटी हम उसी रास्ते पे हे जिसमे बता रहा है कि बाढ़ आया है । "

तानिया ।" और हम भी उसी और जा रहे हे । है भगवान ये कैसी मुसीबतें आन पड़ी । आज ही की दिन मिला था ये सब अनोहोनी होने को ।"

तपन ने देखा आगे की रास्ते में कुछ पानी भरा है गाडियां रुकी हुई है और गाड़ियों की टायर कुछ पानी में डूबे हुए है । लोग गाड़ी से निकल कर इधर उधर भाग रहे है हल्ला मचा हुआ है ।

तानिया । " ये सब क्या हे । पुलिस वाले भी है यहां । लगता है कुछ बड़ा हादसा हुआ है ।"

तपन ।" शायद । "

तानिया चिचा नीचे कर के एक पोलिस वाले को बुलाई । और एक होल्डर उनके कार के पास आए ।

" हा बोलो बहनजी ."

तानिया ।" येहा पर हुआ क्या है । रास्ता जम क्यू हे ।"

" अरे क्या बताए सुबह से जम लगा है । "

तपन ।" पर सर हुआ क्या हे "

" काल रात जो तूफान आया थी ना उसकी वजह से एक बड़ा पेड़ गिर के पूरा रास्ता ब्लॉक कर के रखा है । ऊपर दो ट्रक उसी पेड़ में टक्कर मार दिया हे । मामला गंभीर है । आपलोग कहा से आ रहे हे ।"

तानिया ।" हम लोग चंदरपुर गांव से आ रहे हे । क्या ये ब्लॉक नही खुलेगा अभी । क्या हे की हम अर्जेंट नरगढ़ पोहोचना है "

हवलदार हसने लगा ।" हां हां आप लोगो की किस्मत पे हसी आ रहा है मैडम जी । सुनिए मेरी नसीहत मानिए लोट जाईए जहा से आए थे बापोच । ये रास्ता आज तो खुलने से रहा ऊपर से ये बाढ़ । कूची देर में सड़क डूबने वाला है । "

हवलदार अपने काम में लग गया भीड़ नियंत्रित करने में । उसकी भी बैंड बाजी हुई लोग परेशान थे और वो पुलिस वाले भी किस किसको संभाले ।

तानिया ।" अब क्या करे बेटा ।"

तपन ।" आंटी लगता है किस्मत में हम आज फंसना ही लिखा है ।"

तानिया ।" पर मेरे काम का क्या होगा । बोहोत इंपोर्टेंट वर्क था । "

तपन ।" क्या इतनी जरूरी है की किसी भी हाल में पोहोचना है । अगर ये सब प्रोब्लेम बता दिए तो क्या फिर भी नही मानेंगे आपके सीनियर ।"

तानिया ।" ऐसा नही है मेरा रिकॉर्ड देखते हुए क्यों नही मानेंगे । बस मेरी भी तो कोई फर्ज है । "

तपन ।

" तो आप टेंशन मत लो । आंटी आप कार से उतरना मत में आगे देख के आता हूं ।"

तपन ने जूते उतारे कार में ही और पेंट को घुटने तक मोड़ लिया फिर वो कार से उतर के आगे की तरफ चले गए ।

तानिया को घर की याद आई और उसने जिशु को कॉल लगाई ।

जिशू " हा मम्मी बोलो । आप लोग कहा तक पोहोचे ।"

तानिया ।" क्या बताए बेटा । हम लोग फांस चुके हे ।"

जिशू ।" क्या । पर कहा आप लोग ठीक तो है ना ।"

तानिया । (लूट वाली बात को छुपाते हुए )" हा हम तो ठीक हे पर यहां रास्ते पे कोई पेड़ गिरा हे और रास्ता पूरा ब्लॉक है । पुलिस वाले कह रहे थे कि आज रास्ता नही खुलेगा । और ऊपर से तेज बारिश हुआ है अभी वारिश नही है पर यहां बाढ़ आया है । सड़क पे भी पानी जमा होने लगा है ।"

जिशु ।" मम्मी ऐसा है आप लोग बापच्छ जाओ और किसी होटल में रुक जाओ । मुझे पता है वो कमीना तपन कुछ हीरोगिरी दिखाएगा कुछ न कुछ जुगाड़ कर के आपको लेके आने की कशिश करेगा पर उसकी बात मत सुनना वो हीरो नही एक नंबर का जीरो हे आज तक कोई भी प्लान उसका सक्सेस नही हुआ हे ।"

तानिया जहा दोस्ती के नॉक झोंक पे हस रही थी वोही मन में बोली (बेटा जीरो नही सचमुच का हीरो हे वो हीरो नही होता तो हम अब तक कंगाल हो के घूमते रहते दरबदर और क्या पता जान भी जा सकती थी ) " अच्छा बेटा तू शिंता मत कर में सब संभाल लूंगी । अच्छा घर पे सब ठीक हे । तेरे पापा घर पे हे या ड्यूटी पे ।"

जिशू ।" नही वो ड्यूटी पे । हम ठीक हे आप अपना खयाल रखना और यूएस भोंदू को भी संभाल ना ज्यादा सपर सपर करे तो लगा देना एक कान के नीचे ।"

तानिया मुस्कुराती हुई फोन रख दिया । तभी कार के पास एक साधु आ गया और भिक्षा मांगने लगा ।

तानिया ने उसे गौर से देखा एक दम मैले विभूति में लिप्त लंबे झांटों वाले बाल एक बूढ़ा इंसान । तानिया ने उसे कुछ पैसे दिए । बाबा उसे आशीर्वाद दे के जाने को हुए ।

तानिया ." बाबा जी कोई शॉर्टकट रास्ता है क्या यहां जहा हम आगे की रॉड पकड़ सके । "

साधु बाबा उसकी माथे की लकीरें देख के बोला ।" तुम्हारे माथे पे लिखा है अमंगल के साथ मंगल भी होगा । खेर वो बाई तरफ रास्ता दिख रहा है ना । उसी रास्ते पे जाओ मंजिल मिल जायेगा जो तुम्हारी किस्मत में लिखा है वोही होगा ।"

साधु बाबा वाहा से निकल गए । तानिया उसकी अंधविश्वास बातो पे ध्यान नहीं दिया वो एक पढ़ी लिखी औरत थी ऊपरवाले को मानती थी लेकिन इन साधु बाधु के अविश्वसनीय बातो नकारती थी । उसने देखा की बाई तरफ एक कच्ची रास्ता है पहाड़ों के टीले से गुजरते होंगे ऊंचाई देख के । उसकी होंठो पे मुस्कान आई ।

तभी तपन भी कार में आ के बैठ गया ।

तपन ।" आंटी आगे की हालत बोहोत खराब है सभी गाडियां लोट रहे हे । हम भी लोट जाते हे कोई होटल ढूंढ के आज रात किसी तरह बिता के काल सुबह कुछ जुगाड़ का लेंगे ।"

जुगाड़ वाली बात पे तानिया हंस पड़ी ।

" नही हम आज ही पोहोचोंगे । वो देखो रास्ता इससे जायेंगे तो हम आगे का रास्ता पकड़ पाएंगे । मैने एक आदमी से पूछा तो पता लगा ।"

तपन ।" पक्का ना । कही बाढ़ में हम बह ना जाए ।"

तानिया ।" अरे कुछ नही होगा पहाड़ी का रास्ता है ऊंचा ही होगा ।"

तपन ।" चलो फिर चलते है ।"

तपन ने लेफ्ट में गाड़ी मोड़ के उस रास्ते की तरफ जाने लगे । पहले तो रास्ता बोहोत ढलान जैसा था । लेकिन कुछ जाने के बाद ऊंची रास्ता मिल गया । रास्ता बोहोत खराब भी था गाड़ी चलाना बोहोत मुस्किल भी हो रहा था तपन को ।

बारिश फिर शुरू होने लगे । मौसम खराब होने लगे । धीरे धीरे शाम हो गए लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे शाम ढलने से पहले रात हो गए । हर तरह अंधेरा छाने लगा हे मानो ।

अचनाक गाड़ी का बैलेंस बिगड़ ने लगा । तपन से गाड़ी कंट्रोल नही हो रहा था तो गाड़ी रोक दी उसने ।

तानिया ।" क्या हुआ तपन । गाड़ी अचानक क्यू झटके लेने लगी ।"

तपन जल्दी से गाड़ी से नीचे उतरा और चारो तरफ देखा और गाड़ी पे लात मार दिया । टानिया भी उतर गई और देखा गाड़ी के आगे का दोनो टायर पंचर हो गया है ।

तपन ।" लो आंटी अब यही होना बाकी रह गया था । अब क्या करे गाड़ी में एक स्टेपनी टायर है ।"

तानिया भी परेशान आस पास देखने लगी । दोनों के चेहरे पे निराशा शाय हुए थे । दोनो हताश अब क्या करे । इस मुसीबत का हाल कही भी नजर नही आ रहा था ।

तपन ।" आंटी आप यही रुको में आगे जा के देखता हूं कोई मिल जाए या कुछ मदद मिले ।"

तानिया ।" चलो में भी चलती हूं "

दोनो आगे जाने लगे पेडल । कुछ दस मिनट तक चलते रहे । बारिश धीमी चाल रही थी दोनो एक चत्री में थे । चारो तरफ घना जंगल पेड़ पौधे कोई आवादी नही थी वाहा । न कोई मदद । अंधेरा भी होने लगा लेकिन आगे एक दो कमरे का छोटा सा फॉरेस्ट डिपरमेंट का क्वार्टर मिला लेकिन वो भी एक खंडार जैसा बन पड़ा था । दोनो निराश हो कर लौट आए ।

Update 10

inside the forest​

लेकिन दोनों की मुसीबतें कम होने की वजाय और बढ़ती गई । जब दोनों बापच लौटे तो देखा उनकी कार डूब गई थी बस चट्ट दिखाई दे रही थी । तपन शिर पकड़ कर नीचे बैठ गया ।

तपन ." मम्मी । ये क्या हो गया । में तो गया पापा मुझे मार डालेंगे ।"

तानिया भी परेशान हो गई । लेकिन तपन की रिएक्शन देख के हस पड़ी ।

तपन ।" आंटी आपको हांसी आ रही है ।"

तानिया ." सॉरी सॉरी । कोई बात नही में तुम्हारे पापा को समझा दूंगी । और इंश्योरेंस है ना फिर क्यों टेंशन लेते है ।"

तपन ।" अरे आंटी ये गोद ऑफ एक्ट का मामला है इसमें कहा insurance मिलेगा । 8 लाख की टाटा altroz था मेरी पापा की पसनिस्दा । "

तानिया उसकी पीठ थपथपा के बोली ।" कोई ना हम मिल के पैसा जोड़ के नई गाड़ी ले लेंगे ।"

तभी एक तेंदुवा बाढ़ में बहती हुई उनके ही पास आ रही थी । दोनो दर गए और उल्टी दिशा में भागने लगे दोनो ।

बारिश तेज होने लगी ।

काले बादल शिर के ऊपर मंडराने लगे और जोर जोर से जराजने लगे । तानिया घबराने लगी कही उनके ऊपर बिजिलिया ना गिर पड़े । दोनों भीग के भीगी बिल्ली की तरह कांपने लगे । चारो और अंधेरा हो चुका था । कुछ दूर भागते हुए तानिया बोली ।" बेटा में अब भाग नहीं सकता । देख तो वो तेंदुवा पीछे तो नही है "

तपन पीछे देख के तानिया के साथ रुकते हुए बोला ।" नेही आंटी लगता हे बेचारा वह गया कही । और साइड वो भी दर गए होंगे कहा शिकार करेंगे ।"

दोनो को वो खंडार जैसा टूटी फूटी क्वार्टर दिखाई दिया ।

तपन ।" आंटी वाहा चलो वो क्वॉटर ऊंची जगह पे हे । पूरा रास्ता पानी भर जायेगा थोड़ी देर में हम बुरी तरह फांस गए है । "

तानिया हाफ रही थी ।" बेटा मेरे अंदर और ताकत नही है ।"

तभी तपन ने बिना कुछ कहे तानिया को गोद में उठा लिया । तानिया हैरान रह गई की 75 kg गदराई हुई एक औरत को इतनी आसानी से फूल की तरह उठा लिया । जहा वो गदगद हुई तपन की ताकत देख के वाहा शर्म से पानी पानी हुई ।

तपन उसे गोद में लिए ही क्वार्टर की तरफ ले चला । तानिया को बोहोत ठंड लग रही थी वो कांप रहि थी ।

तपन उसे बरामदे में उतर दिया और अपना मोबाइल निकल के बोला ।" आंटी मोबाइल निकालो "

तानिया ।" बेटा मेरा मोबाइल बैग में था और बैग गाड़ी में "

तपन मोबाइल की फ्लैस जलते हुए क्वार्टर के टूटी फूटी दरवाजा खोल के अंदर गया जहा एक कमरा खाली पड़ा था और दूसरे ने एक पुराना टेबल और चेयर था । " आंटी अंदर आओ "

तानिया थर थर कांपती हुई अंदर गई । अजीब सा माहौल था । जहा बाहर तूफान बारिश खोफ नाक नजारा और अंदर दोनो अकेले एक क्वार्टर में जहा सिर्फ किसी तरह से कुछ पल गुजरने का साधन था । तपन एक जिगरी दोस्त की मां के साथ अकेला कैद जैसा था और तानिया अपने बेटे की यार के साथ । लेकिन दोनो की मानसिकता ऐसी स्थिती में थी बस किसी तरह जान बचाए इस प्रकृति की बला से

सन्नाटे के साथ कुछ मिनट गुजार गए । तपन देखा की तानिया आंटी थर थर कांप रही हे । तपन ने सोचा ऐसे तो तानिया आंटी निमोनिया में मर जायेगी । उसने दिमाग चलाया और बोला । " आंटी आप दूसरे कमरे में जाइए और अपने कपरे उतार दीजिए । नहीं तो आपकी तबियत बिगड़ जाएगी ।"

तानिया कंपकपाती हुई बोली ।" नही । नेहू में ठीक हूं"

तपन बोला ।" नही आंटी आप जाओ दूसरे कमरे में । अगर आपकी तबियत बिगड़ गई तो में आपको कैसे समझलूंगा इस मुसीबत में । प्लीज आंटी आपसे रिक्वेस्ट करता हूं में । डरिए मत में आपके बेटे का जिगरी दोस्त हूं। आप भी मुझे अपना बेटा मानिए ।"

तानिया भी ज्यादा सोच विचार करने की हालत में नही थी । वैसे भी वो अपने बेटे के तीनों दोस्त को बचपन से जानती थी गोड में खिला चुकी थी और विश्वास भी था तो वो शर्म छोड़ के दूसरे रूम में गई और एक एक कर के सारे कपरे उतार दिए ।

तानिया को अजीब सा महसूस होने लगा ।

एक रूम में नंगी थी और दूसरे रूम में बेटे का दोस्त लेकिन वो साधन चाहती थी । वैसे भी शरीर के साथ उसकी दिमाग भी सुन्न पड़ गई थी ।

तपन को ठंड तो नही लग रही थी पर उसने सोचा अगर ऐसे भीगा रहा पूरी रात तो में भी ठंड में तड़पूंगा इसलिए उसने भी कपड़े उतार दिए । पता नही कमरे सर्द हवा भी आ रही थी जिससे और ज्यादा ठंड लग रही थी ।

कुछ देर बाद तपन ने सुना की तानिया ठंड में आवाज़ निकल रही हे । उसे ठंड बर्दास्त नही हो रही थी ।

तपन सोचने लगा की अब वो क्या करे । कैसे उस मुसीबत का हल निकाले । वो सोचने लगा काश वरदान में ताकत की जगह कुछ जादू का वरदान मिलता तो सायेद में आंटी के लिए कुछ कर सकता था ।

तपन ।" आंटी आप ठीक तो हो ना "

तानिया दूसरी कमरे से आवाज लगाई । " बेटा मुझसे ठंड बर्दास्त नही हो रहा है । में मर जाऊंगी बेटा । तपन। तपन। कुछ करो बेटा । तपन।"

तपन को घबराहट होने लगी कही तानिया आंटी सच में ठंड में दम ना तोड़ दे । वो क्या करे क्या करे दिमाग में सोचने लगे ।

और उसे एक आइडिया आया और वो बोला । " आंटी आप अपनी हाथ मलते रहो जोर से "

तानिया ." बे.... ता...... में..... मर....रही हू ......"

तपन ने फ्लैस लाइट बंद किया और मोबाइल नीचे रख के दूसरे कमरे में गया अंदाजे से । और ढूंढते ढूंढते तानिया की कंधे पे हाथ रख दिया ।

तानिया सोक गई । हुईइई कर के आवाज निकल गई उसकी । तपन उसे शांत करते हुए बोला ।" आंटी । आंटी आप शांत हो जाओ । में आपकी पीठ मल देता हूं । अभी आपको राहत मिलेगी ।"
।
तानिया सुन्न पड़ी हुई थी मान मर्यादा का खयाल उसे नेही आया बस दर रही थी की उसे कुछ हो ना जाए ।

तपन एक हाथ से तानिया पीठ मलने लगा जोर लगाते हुए । भले ही वो बफादर था दोस्त के प्रति लेकिन एक औरत की शरीर का एहसास अच्छे अच्छे की रिझा देता हे ।

तपन के मन में भी एक औरत का एहसास हो रहा था । (प्लीज मेरे मन ये खयाल नही आना) मखमल छोड़ी पीठ दबा के रगड़ने का एहसास उसके कमजोर नस नस में बस रही थी और उसके वफा का सहनशीलता कही ना कही कोमजोर पड़ रहा था ।

तपन ने लगातार दस मिनिट तक पीठ रगड़ रगड़ के मला लेकिन तानिया की ठंड कम होने की वजाय बढ़ ही रही थी ।

तपन ।" आंटी आपको राहत मिली कुछ ।"

तानिया ।" उन्हू .....बेटा. ।।।। मुझे ठंड बर्दास्त नेही हो रहा है । चेस्ट भी दुखने लगा है और बोहोत कमजोर लग रही है । में गिर जाऊंगी "

तानिया बर्फ की तरह जम गई थी । पक्की फर्श का ठंडी एहसास उसे और ठंड दे रही थी । तपन के दिमाग में आया की फिल्मों की तरह अब आंटी को बाहों में लेना ही होगा साइड कुछ ठंड से राहत मिले आंटी को । और उसने तानिया को घुमाया और बाहों में भर लिया ।

तपन ।" सॉरी आंटी गलत मत समझना मुझे । में बस आपको मेरे शरीर की गर्मी दूंगा । में नही चाहता की आपको कुछ हो जाए "

तानिया अपने आप उसके बाहों में समा गई ।

उसने महसूस किया कि तपन का बदन नॉर्मल वॉर्म है और उसे सकून मिली तो वो तपन के पाओ के ऊपर पाओ रख के चिपक गई । दोनो के बीच हवा आने की जगह नहीं थी । तपन ने तानिया की गीली बालो को निचोड़ के चारा पानी निकल दिया और बालो बिखर दिए ताकि सूखे और तानिया मखमल रेशम जैसी chubby जिस्म को मसलने लगा उनकी पीठ और कमर ।

तपन का वरदान प्राप्त भारी भरकम गढ़े जैसा लटकता हुआ लंड तानिया की उभरी हुई पेट के नाभी के नीचे दब गए थे । दोनो को ये एहसास था लेकिन तानिया की दिमाग में कोई ऐसी वैसी दूर भावनाए नही आई थी । लेकिन तपन की दिमाग इसे भरपूर एहसास कर रहा था और वोही अपने मन को भटकने की कशीश कर रहा था ।

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Update 11

Insider the forest​

तानिया का बदन अभी भी कंपन कर रही थी । वो 5.4 फीट और तपन था 6 फीट का इसलिए उसकी उसका चेहरा छाती तक आ रही थी । और उसकी गोल मोटल नर्म चेहरा तपन के गठीले चेस्ट के किशोर अवस्था की बालो में रगड़ खा रही थी । एक गर्माहट का एहसास उसे मेहसूस हो रही थी उसकी आंखे बंद थी दिमाग सुन्न थी ।

दोनो की बदन के पानी सुख गए थे लेकिन तानिया की बाल अभी भी गीले थे । तपन उसकी पीठ मलते मलते अपनी मन से बेबाक हो कर तानिया की 34 इंच की कमर के नीचे 40 इंच की चुतर के नीचे हाथ ले गया और तानिया की बहार की तरफ निकली हुई गांड अपने पंजों में मसलने लगा ।

तानिया को जहा थोरी दर्द महसूस हुई वोही एक मालिश करने जैसा सुखद एहसास हुई और उसकी चेतना थोरी जाग उठी अपनी थरथरती होंठो से बोली । " क्या कर रहे हो "

तपन की सांस उखड़ी हुई थी क्यू की उसके अंदर एक दर था न की कामुक उत्तेजना के कारण ।" आंटी आप मेरे इरादे को गलत मत समझिए । मुझे आपकी शरीर गर्म करने के लिए आपको चुना पड़ेगा । ऐसा समझिए की में आपकी इलाज कर रहा हूं डॉक्टर की तरह "

कहना आसान था लेकिन मानना आसान नहीं था । लेकिन स्थिति ऐसे थी जैसे यही एक साधन हे और चाड़ा नही इसके सिवा । तानिया उसके बाते मान गई उसके दिमाग में आया की गाइनो मेल डॉक्टर ने उसकी प्राइवेट पार्ट कोई बार छुए है लेकिन उसका काम था ठीक उसी तरह तपन के लिए भी लागू होता है ।

तपन भले ही तानिया की मदद कर रहा था लेकिन उसके मन धीरे धीरे स्वार्थ पैदा हो रहा था और उमंग रहे काम भावनाओ को वो काबू नही कर पा रहा था । उसे आनंद आ रहा था न चाहते हुए भी मन में खयाल आ रहा था ऐसा (तानिया आंटी की गांड कितनी बड़ी हे और दबाने में क्या मजा आ रहा है और बाहों में लेने में क्या नर्म नर्म एहसास हो रहा हे । और बदन की क्या खुशबू है ऊंघ आह्ह्ह्ह) की उसपे उसका कोई रोक नहीं था । एक जवान लड़का था ना चाह कर भी मजबूर हो गया था ।

तानिया को कुछ आधे घंटे तक थरथराती रही लेकिन अभी भी उसे कुछ हद तक असहनीय ठंड महसूस हो रही थी । लेकिन उसको अपनी चूतड़ में दर्द महसूस होने लगा और वो फुसफुसा के बोली ।

" बेटा दर्द हो रहा हे ।"

तपन ने उसके चुराड़ से हाथ हटा लिया । कुछ सेकंड निशब्द निस्क्रिया में पल गुजर गए और अचानक तपन ने बेकाबू होंठ को तानिया की थरथराती होंठो पे धसा के रस पीने लगा ।

एक औरत चाहे कितने भी बेबस ना हो जाए लेकिन अपनी आबरू को आखिरी हद्द का बचाने की कशिश करती ही है क्यू उसकी सबसे बड़ी दौलत आबरू ही होती है । तानिया उसे धक्का दे दी और एक तमंचा मार दी जोर का ।

तपन का कान झनझना गया पर उसे गुस्सा नहीं आया था वल्कि शर्म महसूस होने लगा और उसका गरम खून एक झटके में ठंडा पड़ गया । शिर झुकाए अंधेरे में ही पहले वाले कमरे में गया ।

तानिया सुबकने लगी । उसे भी गुस्सा आया था काफी हद तक । उसे घर की बोहोत याद आने लगी थी । घर पे उसका पति और उसका बेटा परेशान होंगे पता नही कितनी बार कॉल लगा चुका होगा ।

लेकिन किस्मत कुछ अनोहोनी और कुछ रिश्ते में दरार तो कुछ रिश्ते में करीबी लाने के लिए रसनाकार तैयार बैठे थे । दोनो एक एक कमरे में शांत अजीब मानसिकता में करीब दो घंटे बिताए । कमरे में खिड़की भी टूटी थी जहा से तूफान अंधी का हवा तेज प्रसालन हो रही थी और तीन का चट्ट भी मानो उड़ा ले जाएगा कभी भी ।

तानिया नंगी इतने देर में फिर पहले जैसे ठंड में कांपने लगी । उसे ध्यान आया कि तपन की दो घंटे से कोई खबर नहीं वो दर गई की कही तपन गुस्से में कही चला तो नही गया । वो हिल्स पहने के लिए दूंधी पर जूते नहीं मिले तो किसी तरह कदम बढ़ाते हुए अंधेरे में उस कमरे गई और " तपन तपन तपन " पुकारने लगी लेकिन तपन से कोई जवाब नही आया ।

तानिया दर गई घबराने लगी इस अंधेरे जंगल में उसे अकेला छोड़ कर भाग तो नही गया ऊपर से उसे और ज्यादा ठंड लग रही थी । फिर तपन को पुकारने लगी जितनी जोर से पुकार सके पुकारने लगी लेकिन फिर भी तपन का होने का मजूद नही ।" तपन । प्लीज बेटा कहा हो तुम । मुझे अकेला छोड़ के मत जाओ"

तानिया कमरे में अंधेरे में ही हाथ से इधर उधर ढूंढने लगी तो एक कोने में तपन से उसकी उंगलियां टकराई और वो खुशी से तपन के बाहों में जा के चिमट गई ।" बदमाश यहां छुपा है । प्लीज फिर से मेरी पीठ मल दो वरना में मर जाऊंगी "

तपन " नही में फिर से बहेक जाऊंगा । सॉरी मैं नही कर सकता ।,"

तानिया विनती के स्वर में " बेटा बेहस मत करो । हाह में ठंड से मर जाऊंगी । सॉरी इस बार बहके तो में प्यार से तुझे रोक दूंगी "

तपन अपमानित महसूस कर रहा था लेकिन जनता था टानिया की हालत खराब है इसलिए फिर से तानिया को बाहों में भर के एक हाथ से पीठ और एक हाथ से उसकी बड़ी चूतड़ मसलने लगा । तानिया उसकी आगोश में समा गई ।

थोरी ही देर में तानिया थरथराती हुई आवाज में फिर बोली ।" बेटा ठंड नही कम रहा है ।"

तपन धीमे स्वर में बोला ।" आंटी आपको सेक्सुअली गर्म होना पड़ेगा तभी आपकी ठंड कम हो सकती है ।

वरना आपकी तबियत "

तानिया कुछ पल रुक के बोली ।" पर तुम मेरे बेटे जैसे हो तुम्हारे सामने कैसे "

तपन गुस्सा कर के बोला ।" हा सही कहा । मेरी जगह कोई गैर होता तो उसके सामने मेज से सेक्सुअली गर्म होती ना । ठीक है हटिए "

तानिया उससे जोर से चिपक गई ।" प्लीज "

कुछ पल दोनों खामोश रहे । परिस्थिति ही ऐसी थी की दोनो एक दूसरे दूर नही हो सकते थे । तानिया समझ गई थी उसे जरूरत है तपन की और उसने सोचा की उस हद्द तक में उसे रोक दूंगी । अब नंगे होकर कुछ हद तक मर्यादा को दाव पे लगा के ही जान बचानी पड़ेगी और की रास्ता नही है ।

तपन फिर उसके बदन पे हाथ फिराते हुए झांसे से उसे गोद में उठा लिया और दूसरे कमरे के जा के टेबल पे तानिया की बैठा दिया । तानिया सोचने लगी ये क्या करने वाला है ।

तानिया टेबल पर और तपन टेबल के एक सिरे में खड़े थे । तपन ने तानिया की दोनो टांगे फैला दिए और उसकी कमर पर हाथ रख दिए । तानिया 40 डिग्री एंगल पे पीछे हाथ टीका दी सहारे के लिए । टेबल के ठंडे एहसास उसे और ठंड पोहोचा रही थी ।

लेकिन उसे वो महसूस हुई जिससे उसकी नस नस में सिहरन हुई । तपन उसकी सुखी भगनासा में अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा । तो तानिया उसे रोक दी " ये क्या कर रहे हो "

तपन " आंटी सेक्स नही करूंगा बस रगड़ के आपको गर्म कर दूंगा "

तानिया झुलझुलती हुई बोली ।" तो इसके लिए यही तरीका मिला तुझे । "

तपन उससे दूर दो कदम पीछे हो गया । तानिया ऐसी स्थिति में थी जिसे दो नाओं में सवार एक से पेड़ हटाई तो वो जान से गई । तानिया ।" प्लीज बेटा मेरी ठंड भागा दो पड़ कुछ ढंग का करो । प्लीज मेरे इतज्जत के साथ मत खेलो ।" तानिया रो पड़ी ।

तपन सोचने लगा अब क्या करू । बार बार कुछ ज्यादा ही बहक जाता हूं । और कुछ सोचते हुए वो नीचे घुटने में हो के सीधा तानिया की चूत पे मुंह लगा दिया और चूत की लकीर को जीव से चाटने लगा । तानिया बेबस हो कर आंखे बंद कर ली ।

तानिया की चूत दाना यानी भगनासा चिपकी हुई आकार की थी और चूत फूली हुई हल्के बालों से भरा । हालाकि उसने एक हफ्ते पहले ही सेव की हुई थी जिससे ठोर थोड़े बाल लंबे हो रखे थे ।

तपन पहली बार किसी स्त्री की चूत चाट रहा था उसे इतना आनंद आ रहा थी वो सोच भी नही सकता की कितनी हद्द तक खुश था वो । लोभ और कामसुख से मदहोश तपन ने सारी हदें भूल के बस तानिया की चूत दोनो अनूठे से फैला के जीव से चाटने लगा जिससे चूत की अंदरूनी हिस्से की अच्छे चुसाई हो रही थी ।

कुछ ही पल में तानिया की आंखे मजबूरी ने नही बल्कि आनंद में बंद हो गई थी । धीरे धीरे उसे ठंड का एहसास कम होने लगा था और मध्यम माध्यम कामुक सुख का आनंद । टानिया झांघे और फैला दी और तपन के बालो से खेलने लगी । अपनी निचली होंठ दातों में दबा रही थी । चूत अंदर से लचीला पानी से चिपचिपा हो रही थी ।

तपन को अजीब सा स्वाद मिला पहली बार था उसका थोड़ी घिन भाव आने लगे तो वो चूत की ऊपरी हिस्से को नुकीली जीव से चाटने लगे ।

Update 12

अचानक घमाचम बारिश होने लगा जर जर आवाज आने लगी बाहर से । तानिया की जिस्म गर्म हो उठी काम उत्तेजित से लेकिन अभी भी ठंड महसूस हो रही थी पर सहन करने लायक थी ।

तपन दस पंधरा मिनट तक चूसता रहा और फिर वो खड़ा हो गया । दोनो एक दूसरे को अंधेरे में ही देख रहे है अंदाजे से । सासें तेज बदन में किरकिरी मंगल एहसास हो एक स्त्री और पुरुष की जिस्मानी चाह की वजह से होता है ।

तपन दोनो हाथो से तानिया की तजब 38 इंच छाती पे लटके चूची को मसलने लगा और होंठ से होंठ मिला के चूसने लगा । तानिया की उम्मीद से बढ़कर थी लेकिन उसे भरपूर आनंद आ रहा था और उसने तपन को रोकने की कशिश भी नही की ।

तपन ने मजे से चूची मसला और कोमल होंठों का पान किया । लेकिन कबसे उसका लन्ड गिटर की स्ट्रिंग्स की तरह फंफाना रहे थे । मुर्दा भी ऐसी थी की तपन ने बड़ी आसानी से तानिया की होंठ चूसते हुए अपना लन्ड चूत के मुंह पर रखा और आगे की तरफ पुश किया तो उसके लंड एक चौथाई घुस गया ।

जहा उसका लन्ड रूखा सूखा था वोही चूत गीली होने की वजह से लंड को पिचलते हुए घुसने दिया लेकिन तानिया को बोहोत तकलीफ हुई और चिंखी " उफ्फ नही " उसने तपन को धक्का दे के अपनी चूत से लंड निकाल दिया तपन का ।

तानिया ।" प्लीज यही रुक जाओ । तपन ये गलत है बेटा । "

तपन ।" आंटी बस ये आखरी काम है । और क्या बचा है गलत होने को । सॉरी आंटी पर मुझे अब खुदपे कंट्रोल नही होगा ।"

तानिया माना करने लगी ।" नही नेही । प्लीज मत करो "

तपन नहीं रुकने वाला था । बेचारा पहली बार सेक्स करने जा रहा था उसपे कैसे रोक लगाए । उसने दुबारा उसी मुद्रा में लंड घुसा दिया और कमर में हाथ डाले बाहों में खींच लिया तानिया उसकी तरफ ढल गई और गले में हाथ डाले सिसियाने लगे ।" ईचचच बोहोत तकलीफ हो रही है युन्ह्ह ।"

तपन वैसे ही थोड़ा सा लंड घुसाते हुए रुक गया ।दोनो की गर्म सासें टकड़ाने लगे । तपन उसकी गाल में नाक रगड़ के कान में फूस फूस किया " इतना क्यू तकलीफ हो रही है आंटी "

तानिया बेचारी नारी लज्जत स्वभाव से कैसे बयान करे की (तुम्हारा लंड बोहोत बड़ा हे मुझे ऐसी लंड की आदत नही है ) । वो कुछ नही बोली ।

तपन धीरे धीरे आधे लंड से अंदर बाहर करने लगा । तानिया न चाहते हुए भी कामाशुत्र की खेल में आनंद लेने लगी । शादी के वो शुरुवाती दिन याद गए जब उसके पति का लंड ऐसे ही टाइटली घुसता था । तानिया मन में सोच रही थी(कितना बड़ा है इसका । क्या इसने पूरा लन्ड डाला है । किसी का इतना बड़ा भी हो सकता है क्या)

दोनो बेखबर कामाशुत्र का आनंद ले रहे थे । चारे रिश्ते नाते भूल गए थे ।

तानिया को हाला की तकलीफ हो रही थी जैसे उसकी चूत हद से ज्यादा फैल गई हो लेकिन आंनद भी उतना ही ज्यादा हो रही थी उसे । मस्ती में झूलते हुए तपन के गले में बाहें डाल के सिसकारी मारने लगी (आह्ह्ह आह्ह्ह्ह । उपच आइयाह नही । ओह । ऊंन्न्ह्ह आह्ह्ह्ह)

तपन को लगा उसका लन्ड आसानी से घुस रहा है तो उसने पूरा लन्ड डालते हुए तानिया की कंधे पे चाटने लगा । तानिया बिलबिला उठी चूत आखरी हिस्से में जब ठोकर मारने लगे । उसे क्या पता था वरदान प्राप्त लंड इतना दर्द देगा और खुद ही चूतड़ पीछे कर के लंड बाहर निकाल दिया ।

तानिया ।" आह्ह्ह्ह ऐसे मत करो "

तपन अनजान बनते हुए " क्यूं आंटी "

तानिया " जान के भी अनजान मत बनो "

तपन उसे लिटा दिया और झुक के उसके ऊपर गिर गया । तानिया सिहर उठी और बोली ।" टेबल कितना ठंडा है "

तपन ।" थोरी देर में आपकी तरह गरम हो जायेगा " तपन ने मज़ाक किया ।

तानिया मुस्कुराई लेकिन तपन उसकी मुस्कुराहट देख नही पाया अंधेरे के कारण ।और उसने फिर से अपना हलवाई लंड घुसा दिया और चोदने लगा अपनी दोस्त की मां को ।

बेहर हाल तानिया को जहा तकलीफ भी हो रही थी वाहा वो बड़े लंड की भरपूर मजा लेते हुए तरह तरह की आवाज से ना चाहते हुए भी चीख रही थी और जब जब झाड़ रही थी वो मछली की तरह गांड उठा उठा के तड़प रही थी । चूत इतनी पानी से भर गई की कीचड़ में पेड़ निकले की आवाजें जैसा आवाज गूंजने लगी उसके आह के साथ ।

एक घंटे से ज्यादा तपन उसे चोद रहा था लेकिन उसका सरमसुख तक पोहिचने का महसूस भी नही हो रहा था । तपन सोचने लगा कि इतनी देर क्यों लग रही है मूठ मरते समय तो 20 या 25 मिनट निकल जाता है कभी कभी तो 10 मिनिट में भी निकल जाता है । और उसे लगा कि तेजी से करने पर निकलेगा लेकिन तानिया उसे ऐसा करने नही दे रही थी ।

तानिया की सेक्स मोटी थी लेकिन आज वो भी हार मान चुकी थी। वो भी सोच रही थी तपन का निकलेगा कब जहा उसकी चूत जलन करने लगी उसने जबरदस्ती तपन को रोकने लगा

तानिया ।" तपन निकालो बाहर "

तपन ।" पर मेरा "

तानिया चिढ़ते हुए ।" प्लीज समझो मुझे जलन हो रही है ।"

तपन को मजबूरन अपना लन्ड बाहर खींचना पड़ा । तानिया को अचानक अपने पति की याद आई जिसकी वफा की कलंकित पछतवाए में उसकी आंखो से आसूं बह गए ।

तानिया ।" तपन तुम्हारे मोबाइल से मेरे घर फोन लगाओ और बता दो की हम hotel में है "

तपन ।" बोहोत ट्राई किया पर नेटवर्क नही हे । रुको में एक बार फिर देख कर आता हूं"

उसे चैन तो नही मिला । जब किसी मर्द की अधूरी रह जाए तो वो समझ सकता है । लेकिन तपन कोई जानवर नही था जो शिकार को चिर फाड़ खा जाए ।

तपन दूसरे कमरे गया और मोबाइल उठा के देखा नो नेटवर्क । तो उसने नीचे पड़े पेंट शर्ट को उठा के देखना चाहता की कुछ सूझा हे की नही तभी उसका हाथ पेंट के जैप के अंदर रखी लाइटर पे पड़ा ओर उसने लाइटर निकला ।

और उसे आइडिया आया क्यूं ना आग लगाया जाय ।

लेकिन किसपर । उसे और एक आइडिया आया उसने एक झटके के कमरे की एक दरवाजा तोड़ दिया और उसको तोड़ फोड़ के लड़की बनाने लगा । आवाज सुन के तानिया भी उस कमरेरे में आ गई ।

तानिया ।" ये सब क्या है क्यू तोड़ फोड़ कर रहे हो ।"

तपन बिना जवाब दिए लड़की इकट्ठा कर के लाइटर से आग लगाने लगा । जैसे ही टानिया ने देखा की उसके पास लाइटर है वो आग बबूला हो गई और शेरनी की तरह चिंखी ।

" तेरे पास लाइटर था "

तपन को एहसास हो गया उसने क्या गलती की हे अनजाने में । उसके पास अब कोई जवाब नही था की वो क्या सफाई दे ।

तानिया उसको जैसे खा जायेगी और तपन की तरफ बढ़ गई । और तपन को मारने पीटने लगी । तपन अपने आपको बचाते हुए कोने में गया लेकिन वो वोही अटक गया और तानिया की हाथो की मार पड़ने लगी उसकी पीठ पर ।

" साले हरामी । सब तेरा सरियंत्र था । मेरी इत्जत लूट ली तूने । "

तानिया थक हार कर रोने लगी ।

तपन ।" नही आंटी मम्मी कसम मुझे नही पता था कि मेरे पास लाइटर था । मतलब भूल गया था । मुझे आदत नही है लाइटर रखने की । वो तो सोचा की आज अकेले सफर करूंगा तो मजे से चिग्रेट पीते हुए जाऊंगा इसलिए दुकान से लाइटर खरीदा था । मम्मी कसम में भूल गया था अभी पेंट चेक किया तो मिल गया ।"

तानिया कर भी क्या सकती थी अब । जो होना था वो हो गया ।

तपन ने डरते डरते आग लगा दी कमरे में । और आग की रोशनी के साथ ही दोनो की जिस्म एक दूसरे को साफ़ दिखाई देने लगी । तानिया शर्म के मारे नीचे बैठ गई और झंघे चिपका के अपनी चूत दिखने से बचाई और घुटने ठंडी रखने से चूची दिखने से बचाई । तपन को थोड़ा शर्म आ रहा था जी भी हो वो भी एक इंसान था ।

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Update 13

तपन ने दूसरा एक दरवाजा तोड़ते बैठने के लिए आग के पास बिछा के बोला ।" आंटी बैठो यह "

तानिया ।" बात मत कर मुझसे । और चला जा यहां से "

तपन ने सोचा की थोरी देर के लिए बाहर ही घूम आऊं तब तक आंटी का गुस्सा भी शांत हो जायेगा । लेकिन तभी खिड़की से हाथियों की झुंड गुजरते हुए दिखाई दिए ।

दोनो दर गए । लेकिन हाथियों की झुंड धीरे धीरे दूर चली जाती हुई नजर आई । तपन फिर जाने के लिए अपने कपरे उठाए ही थे ।

तानिया ।" मत जा बैठ ।" और खुद दरवाजे के ऊपर बैठ गई "

तपन मंद ही मन मुस्कुराते हुए बोले ।" नही में नही रुकने वाला । आपको मेरे ऊपर विश्वास ही नहीं है तो में आपके साथ क्यूं रुकु ।"

तानिया उसका हाथ खींच के अपने पास बिठा लिया । दोनो कुछ देर आग सेकते रहे दोनो को बोहोत राहत मिली आग से । लेकिन भावनाएं जो बदल चुके थे । बस मन वोही सब घूम रहा था ।

तपन तानिया की गोरी जिस्म ललचाई नज़रों से देख रहा था । (कितनी भरी हुई जिस्म हे आंटी कि एक दम चिकनी । ) तपन का दिल फिर एक बार बेईमान होने पे उतर आए ।

वो तानिया की गेल पे हाथ डाल के प्यार से बोला ।

" आंटी आईएम सॉरी । सच में मुझे नेही पता था । नही में आपको इतनी तकलीफ नही पोहोचता "

लेकिन तानिया की शिंता कुछ और ही थी । " देख जो भी हुआ वो सब भूल जाना और प्रोमिस कर की किसे आगे इस बात की जिक्र मत करना ।"

तपन उसके चेहरे को हाथो में ले के बोला ।" कभी नही । प्रोमिस "

और चूमने ही वाला था तानिया ने उसे दूर कर दिया । तो तपन ताकत दिखाते हुए उसे उस 6 फीट की दरवाजे पे ही लिटा दिया और खुद ऊपर चढ़ गया । तानिया नाकाम कशिश कर रही थी लेकिन उस वरदान प्राप्त के आगे कहा उसकी बल चलती ।

तानिया ।" छोड़ो मुझे । बोहोत हो गया तेरी मन मर्जी ।

तपन ।" नही मुझे आपसे प्यार करना है । हमारे किस्मत में आज की रात लिखा हे "

तानिया ।" कितनी बेशर्म हो तुम । शर्म नही आती ऐसी बाते करते हुए । और ये प्यार नही हवस कहते है ।"

तपन ।" हवस होता तो आपको जबरदस्ती कर के बलात्कार करता रहता । जब आपने रुकने को कहा था तब आपकी तकलीफ समझते हुए में रुक गया । ये हवस नहीं है । मैंने कभी आपकी उस नजर से नहीं देखा । पर आज हालत ही ऐसे बने की मेरे मन में ऐसा खयाल आया । लेकिन इसे हवास का नाम मत दो आंटी । आप भी मान गई थी भूलो मत । मान लो हमारे किस्मत में यही लिखा हे ।"

तानिया ।" वो एक गलती थी । जब गलती दुबारा दोहराया जाय तो उसे गुनाह कहते हे । अब हटो "

दोनो में काफी बहस बाजी चली लेकिन अंत में तपन ने उसकी होंठ बंद कर दिए और चूसने लगे । तपन अपनी एक्स गुरफ्रेंड के साथ किस कर कर के माहिर हो गया था । और उसने इमरान हसमी की तरह संवेदनशील तरीके से तानिया की होंठ पीने लगा तो तानिया भी सेंसिटिव हो गई और उसका साथ देने लगे ।

जीव से खेलने क्रिया तपन अच्छे से जानता था और तानिया को चुम्बन से दीवाना बना दिया खुद ही अपनी जीव तपन के मुंह में ठेलने लगी । सलीवा चाटने में दोनो को भरपूर मजा आया ।

जब तपन ने चुम्बन तोड़ के उसे आंख मार के ये कहा ।" मान गई ना आप भी अब भी हवस कहोगे ।"

तानिया मुस्कुरा के शरमाने लगी । तो तपन उसकी चिकने त्वचा की गर्दन और कंधे पे चाटने लगे । तानिया दिल ही दिल में खुश हो के अपने आपको पोडोच दी।

तपन उसकी दोनो चूची मसलते हुए निपल को चूसने लगे साथ ही साथ अरोला के इर्दगिर्द जीव फिराने लगा तो तानिया कसमसाने लगी । नजाने क्यू आंख बंद कर के पति का खयाल करने लगी इस बारे में की (मेरा पति कभी ऐसे नही चूसता । कभी ऐसे मेरे बदन से नहीं खेलता । ये लड़का मेरी बदन के हर हिस्से को चाट रहा है खेल रहा हे कितना माजा आ रहा है । कितना माहिर लगता है इस खेल में । इसका बदन कितना गठीला है और क्या मरदाना खुसबू है । इसकी खुशबू सूंघ के ही तो में बहक गई थी । और इसका लंड कितना बड़ा हे । अभी तो ठीक से देखा भी नहीं देखना पड़ेगा । कहा में ऐसे मर्द की सपने देखा करती थी । लेकिन कभी सोचा नहीं था सच में ये सपना पूरा होगा ।

लेकिन अब तो में बेवफा हो गई ) और उसकी आंखे खुल गई ।

देखा तपन उसकी नाभि से खेल रहा है । उसके मजबूत हाथों की चुने के एहसास से तानिया गर्म हो उठी । चूत पे चीटिया रिंगने लगी । प्यार और आनंद से तपन के बालों पे हाथ फेरने लगी ।

तपन ने तानिया की ऊपरी हिस्से को चाट के कामक्रीड़ा के अनोखा खेल दिखा दिया । तानिया प्रत्साहन करने लगी तपन का । अब वो भी चाहती थी की ये एक रात तपन उसके साथ भरपूर आनंद के साथ खेले ।

तपन उसकी मोटी झांघो को चूमते हुए उसकी फूली हुई चूत फिर चूसने लगा । तानिया फिर तड़प उठी क्यूं की तपन की जीव क्लिटोरिस पे खेल रहा था । तानिया मोटी झांघे उसके कंधे पे रख के तपन के शिर को बीच में में दबाने लगे ।

तपन कुछ देर चूस के खड़ा हो गया । और लकड़ी दल दी अच्छे से ताकि आग जलती रहे । तानिया उठ के बैठ गई तपन का लंड 90 डिग्री में खड़ा था ठीक उसके होंठो के पास ।

तानिया देखती रह गई (मेरी कलाई जितना मोटा है ये तो । लंबाई मेरे पति से दुगना होगा क्या खाता है ये लड़का उफ़ काश मेरे पति का ऐसा होता । उसका तो सिर्फ टोंड बढ़ रही हे बस और कुछ नही ।कमसे कम मेरे बदन के साथ खेल की ही मुझे शांत कर दे वो भी खयाल नहीं आता । सिर्फ काम काम ।मुझे भी वक्त कहा मिलता है । उफ़ आज इसकी मज़े लुंगी । उफ में क्या क्या सोच रही हूं।"

तपन जिझकते हुए बोला ।" आंटी चूचों ना "

तानिया बुरा सा मुंह बना के बोली।" जाओ धो के आओ ।"

वो बेचारा धोने के लिए ही बाहर भागा । तानिया की हंसी निकल आई । तपन बारिश की पानी से अच्छे से धो के आए ।

तानिया ने ऐसा झटाया जैसे उसको कोई खुशी नहीं हो रहीं लेकिन अंदर से मरी जा रही थी चूसने को । और एक बार तपन से नज़रे मिलाते हुए बैठे बैठे ही लंड को मुठ्ठी में ले के प्यार से चूसने लगी (कितना मोटा है और लोहे जैसा सख़्त । पकड़ के ही कितना मजा आ रहा है पता नही कौन इसकी बीवी होगी जिसकी किस्मत चमकने वाली है)

दस मिनट तक उसने चूसा और अजीब सा मुंह बनाने लगी । तपन ने उसे फिर लिटा दिया और टांगे फैला के उसकी चूत में सुपाड़ा घुसा दिया । तानिया की आह निकली " आराम से"

तपन आगे झुक के उसे बाहों में भर लिया और तानिया ने भी उसके गले में हार डाल दी बाहें की । दोनों की नज़रे एक दुसरे से मिल रही थी जहा आनंद की लहरे उठ रही थी । तानिया भी इस बार शर्म का पर्दा हटा दी थी वो सीधा तपन की आखों में देख रही थी ।

तपन ने धीरे धीरे पूरा लन्ड उतरते गया और फिर एक तानिया की माथे पे चिकन और चेहरे पे तकलीफ होंठ आईससस कर के खुल गई ।

तपन रुक गया और बेशर्मी से पूछा ।" दर्द हो रहा है ।"

तानिया ने आंखो से कह दी हा ।

तपन " क्यू । आपका पहली बार थोरी हे"

तानिया ने कोई जवाब नही दिया ।

तपन एक लय से उसे चोदना आरंभ किया उसके लंड ने चूत दीवारें खुलने लगे और गहराई में उतरने लगे तो तानिया उसके कंधे पे हाथ दे उसे जताने लगी की उसे तकलीफ हो रही हे लेकिन तपन नही रुका ।

तानिया ।" रुको रुको आन्ह्ह्ह "

तपन रुक गया ।" क्या हुआ "

तानिया ।" शुरुवात से ऐसा मत करो " (मेरी चूत फट जायेगी लगती है )

तपन उसकी होंठ चूम के गाल पे काटा और तगड़े धक्के लगाने लगे । तानिया तड़प उठी और कराहने लगी " आन्ह्ह्ह। आन्न्ह्ह्ह। आन्ह्ह्ह। नही मर गई में "

तपन ने दो मिनट तक ऐसे ही तगड़े धक्के मारते रहे जब तब तानिया उन्हू उन्हू कर के रोने नही लगती ।

तपन रुक जाता है और पूछता है ।" आंटी मजा आया "

तानिया बड़ी आंखे दिखाती हुई ।" खाक मजा आया ऐसा कोई करता है भला "

तपन ।" मेने सुना है जो औरते होती है उनको ऐसे ही मजा आता है ।

तानिया ." जूठ हे सब" (सच कहूं तो तेरे इस लन्ड की दर्द में भी मजा है कितना गहरा उतरता है )

तपन प्यार जताने लगा और धीरे धीरे चोदते हुए उसकी गर्दन चूमने लगा ।" आंटी अब मजा आ रहा हे "

तानिया कोई जवाब नही देती (तुझे कैसे बताऊं की कितना मजा आ रहा है मुझे तू बस चोदता रह इस बार तुझे नेही रोकूंगी सचमे अदभुत स्टैमिना है तेरे में )

तपन उसकी चूत में गोताखोर बन गया बस मन मर्जी कभी धीरे तो कभी तेज रफ्तार से कभी तानिया की आनंद भरी चीखे तो कभी दर्द भरी चीखे गूंजती रही लगता आधे घंटे से ज्यादा देर तक । तानिया बस नादिया बहा रही थी वो थक हार के लेबेजान हो रही थी ।

तपन एक दम बेशरम बन गया था बस तानिया की आंखों में देख के पेले जा रहा था ।तानिया भी उसकी आंखो में देख के संतुष्ट जता रही थी ।

तपन ।" आंटीहहहहह आई लाव यू । मुझे आपसे प्यार हो गया है ।"

तानिया ।" आई हेट यू "( आई लव यू तू)

तपन ट्रेन की रफ्तार पकड़ लेता हे । तानिया चीखती है " आनननन फट गई मेरी "

तपन जोश में दात पिंच रहा था और गरजते हुए तेज रफतार से चोदने लगा " जब तक प्यार नेही करेगी तब तक ऐसे ही चोदूंगा "

तानिया उसकी पीठ पे नाखून से खोरोज मार के चीखने लगी " आई लव यू । आन्न्न रुको आह्ह्ह्ह नही । प्लीज बोहोत दर्द हो रहा हे ।"

तपन हाफने लगता है और रुकता है ।" आंटी बोलो की आप मुझसे प्यार नही करती "

तानिया भी हफ्ते हाफ्ते जवाब देती हे । " कभी नही "

तपन हसने लगता है और उसकी गाल चूम के फिर से धीमे धीमे चोदने लगता है । और कान में फुश फुच करता है ।" बोलो ना प्लीज "

तानिया मुस्कुराती है ।" बोला तो है आई लव यू"

तपन ।" आंटी जब भी मौका मिलेगा हम दोनो ऐसे सेक्स करेंगे आप करोगे ना मेरे साथ सेक्स"

तानिया ।" नही "(पता नही इस सुख के लिए खुद को रोक पाऊंगी या नही । है तो गलत शर्मनाक हरकत पड़ पता नही था तेरे साथ इतना मजा आयेगा । जितनी भी पाटीवर्त नही हू क्यों आखिर अपनी भी एक जिंदगी है ।

तेरे साथ पता चला में कितनी सेक्स की भूखी हूं ।)

तपन उसकी आंखो में देखता है " आपको में अच्छा नही लगा "

तानिया उसकी आखों में देख के बोली ।" कब होगा तेरा । में थक गई हूं और सहा नही जाता "

तपन ।" आप बोहोत खूबसूरत हो आपका बदन एक दम टकाटक है । राबचिक माल हो आप " मुस्कुराने लगा

तानिया नखरा दिखाती हुई " क्या बोला में माल लगती हूं । तेरे दोस्त की मां हूं कुछ तो इतजट कर "

तपन " मजाक कर रहा हूं । पर कितनी अजीब बात है ना दोस्त के मां के साथ ही "

तानिया मुंह फेर लेती है ।(हा अपनी ही बेटे के यार के साथ सेक्स कर रही हूं इस बात पे पता नही क्यू सोच के ही मेरी गीली हो रही है)

तपन मुद्रा बदल देता है तानिया भी उसकी पसंद की कुटिया बन जाती है और कोंही टीका के शिर एक दम नीचे कर देती है । जिससे उसकी गांड फैल जाती है । तपन उसकी कमर पकड़ के लंड डालते हुए (क्या गांड है आंटी की पतली कमर पे पहाड़ जैसे चूतड़ मारने में मजा आयेगा । क्या मेरा दोस्त इसी चूत से निकला था । अंकल ने ऐसे ही चोदा होगा आंटी को आहा कितना मजा लिया होगा आंटी का । लेकिन अंकल को छोटा होगा इसलिए आंटी मेरा संभाल नहीं पाती वैसे भी कुछ ज्यादा ही बड़ा हो गया है हमारा लंद)

तपन चोदे जा रहा था तानिया आह्ह्हह आन्ह्ह्ह आन्न्घ आन्न्नं करती जा रही थी । अंत में ढेर सारा वीर्य तानिया की कोख भर दी तपन । दोनो निढाल हो कर दरवाजे के ऊपर लेटे रहे ।

Update 14

Jishant house​

जिशांत और उसके पापा शुबत मेहरा रात भर तानिया और तपन के मोबाइल में कॉल लगाते रहें लेकिन एक भी कॉल नही लगा । शुबत मेहरा Deputy Inspector General of Forests बड़े ओदे नियुक्त था । तो उसके कॉन्टैक्ट बड़े ओउदे वाले लोगो के साथ ही था । और उसने अपने कॉन्क्टैक्ट के यूज किया लेकिन कही से कोई खबर नहीं मिला की तानिया और तपन कहा है । वो भी परेशान थे बार बार सुरक्षा दल के अधिकारी को फोन कर रहा था लेकिन कोई खबर नहीं मिला और उसका भी ड्यूटी थी जो इंपोटेंट था ।

दोनो बाप बेटे को पूरी रात नींद नही आया । सुबह की किरण निकलते ही शुबत मेहरा ने पुलिस को खबर दी जिसमे उसके कुछ जान पहचान या कार्य मित्र थे । और जिशू ने अपने दोनो दोस्तो कॉल किया तो दोनो दोस्त शेतन और विश्वास भाग के जिशू के घर आए ।

Tapan's Grandfather's House (Chandarpur)​

अपने बेटे की कोई खबर ना पा कर जतिन पलपड़े और शीतल तलपड़े भी परेशान थे । जतिन तलपड़े एक पेशे से बेंगकर थे तो उसके पास शुबत मेहरा की तरह कॉन्टैक्ट नहीं थे । लेकिन वो शुबत मेहरा को बार बार कॉन्टेक्ट कर रहे थे की दोनो की कोई खबर । लेकिन शुबत मेहरा ने दोनो को असबसन दे रखा था की वो ढूंढ निकलेंगे दोनो को ।

शीतल ।" माना किया था मैंने इतना लंबा सफर अकेले मत जाने दो । कुछ दिन रुक जाता तो कौनसा पहाड़ टूट पड़ता ।

"

शीतल थोड़ी मंदमति की तरह थी काम पढ़ी लिखी पुरानी खयालात वाली अपने बेटे को आसल में छुपा के रखने वालीं । नजाने उसके मन में क्या क्या बुरी खयालात आ रहे थे । और वो रोने लगी तपन के ताई चाची बाकी रिश्तेदार को औरते उसे ऐसे संभाल रही थी की जैसे तपन कही वाकई में खो गया हो ।

जतिन ।" अरे इतना परेशान होने की क्या जरूरत है । हो सकता है फोन में नेटवर्क नहीं इसलिए कॉल नहीं लग रहा है और उसके साथ मिसेज मेहरा भी है । वो समझदार औरत हे पढ़ी लिखी जरूर वो लोग किसी होटल में होंगे और नहीं तो कोई सुरक्षित जगह पे होंगे । छोटी छोटी बात पे बस मुंह फाड़ के रोना शुरू हो जाता है ।"

शीतल ।" आपको जरा भी फिक्र नहीं । बेटा गायब हे कोई खबर नहीं इनको बस मेरी रोने की पड़ी है । कैसे फिक्र ना करूं सुन ही रहे हे सड़के बाढ़ के बह गया हे । लोगो की खेत घर भी बाढ़ में बह गए है । "

जतिन ।" हा तो कशिश कर रहा हूं ना में उनको ढूंढने की । मिस्टर मेहरा साहब भी इसी में लगे है और वो बड़े अफसर है देर से सही मगर वो ढूंढ लेंगे । शांत रहो मिल जायेगा ।"

शीतल ।" हा तो यहां बैठे बैठे बस फोन से ढूंढते रहो ।"

जतिन चिड़चिड़ा हो कर ." ये पुष्पा इसे अंदर ले जाओ रे ।" (तपन के चाची पुष्पा)

Back to Jishant house ​

शुबत अपने ऑफिस के लिए निकला अपनी यूनिफॉर्म पहने । " जिशू बेटा सच में तुम लोग जाना चाहते हो ।"

जिशू ।" हा पापा हम ढूंढने जा रहे है ।"

शेतन ।" अंकल आप हमारा शिंता मत कीजिए । हम ढूंढ लेंगे "

शुबत ।" बात वो नही है । जहा तुम लोग जा रह रहे हो वाहा हालत बोहोत खराब हे ।"

जिशू ।" पर पापा हम लोग ऐसे ही हाथ पे हाथ धरे बैठे तो नही सकते ना "

शुबत ।" बात भी सही है । पर इतना टेंशन मत लो तुम्हारी मम्मी समझदार हे अपना खयाल रखना जानती है । और वाह के एसडीएम से मेरा कॉन्टैक्ट हुआ है वो इस मामले की शान बिन कर रहे है जल्द ही खबर मिल जाएगा । बाढ़ की वजह से सारे टेलीफोन नेटवर्क बंद है । ठीक है तुम लोग अपना खयाल रखना और मेरे कॉन्टैक्ट में रहना ओके । में भी अपने तरीके से ढूंढ रहा हूं ।"

विशु ।" ओके अंकल आप निश्चित रहिए हम आपको कॉल करते रहेंगे ।"

शुबत अपनी डिपार्टमेंट वीआईपी कार में बैठ के निकल गए । और ये तीनों भी एक कार में बैठ के निकल गए ।

Inside the car​

जिशु पीछे बैठा था । शेतन कार चला रहा था और उसके बगल में बिशु बैठा था ।

विशु ।" यार में तो कह रह हूं में शॉर्ट कट ले के दौर के जाता हूं "

शेतन " माना की तू तेज़ रफ्तार से दौड़ सकता है लेकिन फिर भी वाहा से यहां तक गाड़ी से आने ही 7-8 घंटे लग जाते है । और तुझे कैसे पता की वो लोग कहा होंगे और जिस जगह पे रास्ता ब्लॉक हुआ है वो जगह भी तो तुझे नहीं पता । और वैसे तू कितनी तेजी से भाग सकता है ।"

बिशु ." कभी मीटर नही किया पर 50 किलोमीटर की स्पीड से भाग सकता हूं मेरी आइडिया हे ।"

जिशु ।

" ये कार 90 किलोमीटर की स्पीड से भाग रही है तो चुप चाप बैठ । "

शेतन इशारा करता है विशु से की चुप चाप बैठ उसका दिमाग परेशान हो रखा है उल्टी सीधी बाते कर के और दिमाग का दही मत बना उसका ।

जिशू परेशान था और न्यूज देख रहा था मोबाइल पे की खबर मिल जाए ।

Update 15​

Again inside the Forest​

चिड़िया की किलकारी सुनाई दे रही थी सुबह की गीत गा रही थी लेकिन उनके सुर में दर्द था बाढ़ की वजह से उनकी ठिकाना भी बेदखल हो चुका था जंगल से ।

सुबह की मीठी किरण खिड़की से आई और दोनो के चेहरे पे धूप की रोशनी पड़ी । दोनो जाग गए । एक दूसरे की हालत देखी दोनो नंगे थे । तानिया को बोहोत शर्म आई पूरी रात की मंजर चवी की तरह चलचित्र रील की तरह आखों के सामने डोरने लगी ।

वो अपनी कपरे देखने इधर उधर देखने लगी लेकिन उसके कपड़े उस कमरे में थे । तपन टानिया की मादक चिकनी जिस्म देख के फिर दिल उसका बेईमान हो गया और हल्की फुल्की मजाक मस्ती करने लगा ।

तपन ।" आप शर्माती हुई बड़ी अच्छी लगती है । और आपकी मुस्कान बड़ी खूबसूरत लगती है । और इस वक्त तो आप एक दम काम देवी लग रही हो ।"

तानिया अपनी बिखरी बालो को सबरती हुई रॉबर से बांधती हुई कोहनी आखों से गुस्सा दिखाती हुई बोली ।" जाओ मेरे कपड़े लेके आओ ।"

तपन नंगा ही दूसरे कमरे में कपड़े लेके आया और तानिया की ब्रा हाथ में लेके मुस्कान से बोला " आपकी साइज तो बोहोत बड़ी हे । "

तानिया शर्मा गई और झपाटा मार के तपन के हाथो से ब्रा खींच लिया ।" बाहर जाओ अब क्या चैन से कपरे भी नही पहने दोगे ।"

तपन ।" अगर ये गीले कपड़े ये गीले कपड़े पहनोगी तो खुजली दाग और इन्फेक्शन जरूर होगा । एक काम करिए बाहर धूप निकली हे आधे घंटे तक सूखने दीजिए फिर पहन लीजिए ।तब तक में बाहर जा के पीने का पानी और यहां से निकलने की कोई जुगार करता हूं । "

तानिया सोच विचार के बोली ।" ठीक है ज्यादा दूर मत जाना ।"

तपन मुस्कुराया ।" हाय इतनी फिक्र ।"

तानिया जूठा गुस्सा दिखा के उसका धक्का दि । फिर दोनो ने अपने चारे कपरे बाहर पेड़ो की डाली में सूखने को रखे । तपन पानी में ही कही चला गया ।

वो फॉरेस्ट डिपरमेंट का खंडार जैसा दो कमरे वाला घर एक छोटा सा द्वीप बन चुका था । उसके चारों तरफ पानी जमा हुआ था ।

तपन कमर से ले छाती तक गहरे पानी में नंगे ही पानी में घूमते हुए खाने का तलाश करने लगा और वो एक छोटी पहाड़ के टीले तक पोहोचा । जहा उसे अमरूद के पके हुए फल मिला और पके हुए केले भी । और एक बड़े बड़े पत्ते से बर्तन बनाया जिसमे उसने झरने का साफ पानी भर लिया ।

लेकिन बड़ी बात थी वो लोग वाहा से निकलेंगे कैसे । उसकी दिमाग में एक आइडिया आया और एक हाथी की तरह बल प्रयोग करते हुए पांच बड़े बड़े चाइन-चम्पा केले के पेड़ उखड़ के और बम्बू से एक नाव बनाया और सवार हो के आया ।

केले के पेड़ के नाव में नंगा ही चप्पू चला के आते देख के तानिया हसने लगी । तपन नाव को किनारे में बांध के तानिया के पास आया ।

तानिया की नजरे बस तपन के लटके हुए लंड को ही घूर रही थी और वो मुस्कुरा के बोली ।" तुम तो एक दम तारजान बन गए । कहा से मिला ये केले के पेड़ का नाव.."

तपन नाव से उतरा और बोला ।" मिला नहीं खुद इन्वेंशन किया है । ये लो " उसने पानी का बर्तन और जो खाने के लिए अमरूद और पके हुए केले लाए थे वो दिया ।

और तानिया ने खुशी से वो चीज़े हाथो में ली ।" तुम तो आदिवासी की तरह जंगली इंसान निकले कहा से ढूंढ के ले आया ये सब ।"

तपन ।" आपके लिए लाया हूं आप बुखी प्यासी हे । काल दोपहर से आपने एक बूंद पानी भी नही पि ।"

तानिया ने पहले पानी पी के प्यास बुझाई ।" बड़ी खिदमद हो रही हे हुंह ।"

तपन मुस्कुराया ।" कपड़े सुख गए ।"

तानिया ।" पूरी तरह से नही । फल खाते खाते सुख जायेगा आओ बैठ के थोड़ा भूख मिटा लेते ।"

तपन " हम आपको भूखा कैसे रख सकते भला "

तानिया " अच्छा अच्छा अब चलो आओ फल खाते हे "

दोनो फल खाया जब दोनो खा रहे थे दोनो एक दूसरे की नजरो में खोए हुए थे और दोनो की मुस्कान निकल रही थी । तानिया जहा अपनी घर की शिंता हो रही थी वाही दिल ही दिल खुश हो रही थी तपन की देखभाल करने की तरीका देख महसूस कर रही थी जैसे वो बाली उम्र की लड़की हो ।

तपन थोड़ा झिझकते हुए उसके करीब आ के बैठ गया और होंठो को करिब ले गया तानिया की होंठो के पास । अनायास ही तानिया की आंखे बंद हुई दोनो की सांसें तेज़ हो गई धड़कने तेज हो गई ।

और धीरे धीरे दोनो एक दूसरे को चूमने लगा । तपन तानिया की बगल में हाथ डाल के अपनी तरफ खींचता है और बाहों में कस लेता है ।तानिया भी उसकी गले पे हाथ डाल के उसकी सपोर्ट करती है । जीव डाल के गीले होंठ चूसने में दोनो को बोहोत आनंद आ रहा था ।

तपन ने उसे चूमते हुए ही खड़ा कर दिया और उसकी मोटी गान्ड मसलने लगा हाथो से । ज्यादातर औरतों की गांड एक संवेदनशील अंग होता है । तानिया को बोहोत मजा आया उसके दिमाग में ये चलने लगती है (हाथो में कितना जोड़ है इसके उफ्फ कैसे पकड़ के कस के मसल देता है । कैसे मेरी होंठो को पि रहा है उफ्फ कौन होगी उसकी बीवी ) तानिया को जलन सी होती हे पता नही क्यों । ऐसा ही है स्त्री का स्वभाव ।

तपन अपनी हाथो को नजाकत से ऊपर ले आते हुए तानिया कि चूचियां पे रखा और प्यार से सहलाते हुए उसकी आखों में देख ले मुस्कुराने लगा तो तानिया शरमा के घूम के पीछे मुड़ गई ।

तानिया ने नजरे छुपाने के लिए घूम गई थी लेकिन अनजाने में तपन का काम आसान कर दिया । तपन उसकी चूची को दोनो हाथो में लेते हुए मसलने लगा और अपने खड़े हो चुके लंड को उसकी उठी हुई गांड की दरार में रगड़ने लगा और बीच बीच में धक्के भी मारने लगा ।

इस क्रिया से तानिया शर्म से पानी पानी हो गई की किसे बेशर्मी से उसके बेटे की उम्र का लड़का उसकी बदन से खेल रहा है । और उसने तपन के मजबूद बाहों से आजाद होने की कशिश करी ।

तानिया ।" हटो चलो अब देर हो रही है"

तपन ।" नही हटने वाला क्या कर लोगे आप "

तानिया अंदर ही अंदर खुश होती हुई और बाहर से नखरा दिखा के बोली ।" नही तो थप्पड़ खायेगा "

तपन की उसकी नखरे करने की अदा देख के पागल हो गया और जोश में होश खो के पूरे ताकत से मसल डाला । तानिया की चींख पूरे जंगल में गूंज उठी ।

तानिया आंखों से आसूं निकली ।" अपनी मां की उम्र की औरत के साथ ऐसा सलूक करते हो । माना की मर्द जात से औरतों शरीर में उनता बल नही है तो मतलब क्या हमे ऐसे ही दर्द पोहोचा के जलील करते रहोगे । हटो छोड़ो मुझे "

तानिया की लहजे में गुस्सा देख के तपन समझ गया कि उसने जोश में तानिया की दिल दुखा दिया और वो खुदपे पछताने लगा की क्यू वो इतनी जोर से दबाया । तानिया की गोरी चूचियां पे उंगलियों निशान तक शाप गए थे जाहिर है बेचारी को बोहोत दर्द हुई होगी ।

तपन माफी मांगने लगा गलती का एहसास कर के " आईएम सो सॉरी आंटी । वो गलती से हो गया । पता नही कैसे मैने । प्लीज माफ कर दो मेरा आपको दिल दुखाने का कोई इरादा नहीं था । प्लीज माफ कर दो "

तानिया ने कुछ जवाब नही दिए बस मुंह फुलाए क्वाटर के बरामदे से दो चिड़ी वाला चिड़ी उतरकर जहा कपरे सुखाने को रखा था वाहा जाने लगी । तपन पीछे पीछे माफी मांगता हुआ आया लेकिन कोई फायदा नही हुआ ।

तानिया कपड़े हाथ से छू के चेक करी तो पाया कि अभी भी थोड़ी और सुखना चाहिए जब तक पहनने लायक हो । तो उसने तपन से दूरी बनाए रखी । और तपन उसे मानता रहा ।

तानिया दिल में सोचती हुई (भोंदू लड़का उसे लग रहा है में सच में नाराज़ हूं ) । तानिया गुस्सा आया था दर्द पोहचाओगे तो किसे गुस्सा नही आएगा । लेकिन वो कोई कम उम्र की लड़की नही थी जो ऐसी छोटी बातो पे नाराज हो जाए या फिर उसकी प्रेमी भी नही थी । समझदार थी जोश में होश खो बैठा अच्छे से समझ रही थी लेकिन उसने सोचा थोड़ा बच्चे को तड़पाया जाए लेकिन ज्यादा देर तक खुद को संभाल नहीं पाया और उसकी हसी छुट्ट गई तपन के आलू जैसे माफीनामा सकल देख के ।

तपन समझ गया कोई नाराजगी वराजगी नही उसकी ली जा रही थी । और वो तानिया को खींच के उसकी जबरदस्त होंठो चूसने लगा थोड़ी आक्रामक तरीके से लेकिन तानिया को भी मजा आया ।

चुम्बन टूटने पड़ दोनो एक दूसरे की आंखों में देख के मुस्कुराने लगे । तपन उसके कान में बोला ।" मुझे डालना हे अन्दर डाल दूं ऐसे ही या आप गीला करोगे "

तानिया ब्लश करने लगी और होले होले से नीचे घुटने पे बैठ गई । प्यार से लंड को मुठ्ठी में लिया और आराम से हिलाती हुईं मुस्कुराई और तपन की नजरो में देखा तो दोनो ही मुस्कान दे बैठे ।

तानिया फिर नजरे नीची कर के सुपाड़े पे जीव फिराई धीरे धीरे फिराने लगी और और फिर चुप्पा लगाने लगी । तपन मजे से आंख बंद कर लिया उसे एहसास हुआ औरतों की मुंह में कितना आनंद आता है ।

तानिया को भी चूसने में इतना आनंद आ रही थी की वो ध्यान लगाते चूसे जा रही थी । एक बार उसने पूरा लंद ऊपर की तरफ कर के चेहरे पे नपा जो उसकी शिर की लंबाई और लंड की लंबाई बराबर था ।

तपन ।" आपको पसंद आया "

तानिया ।" इतना बड़ा कैसे बनाया "

तपन ।" जैसे में बड़ा होता गया वैसे ही ये भी बड़ा होता गया "(काश आपको बता पता असली कारण)

तानिया (क्या सच में किसी इंसान बड़ा होता है cucumber जितना मोटा तगड़ा लंबा पोर्न मूवीज में ऐसा ही दिखाते है वीएफएक्स यूज कर के)

तपन ने उसे खड़ा किया और एक पेड़ के सहारे उसे पीठ टीका दी तानिया की और उसकी एक जांघ पकड़ ले जितना हो सके उठा लिया लेकिन मुर्दा सुखम नही हुआ हाइट की वजह से । तानिया ने सरारत मुस्कान से एक पेड़ की तरह इशारा की ।

वो पेड़ मुंह के बल गिरी हुई थी ढालुआं आकृति की । तपन ने तानिया को वाहा ले जा के अध लेती कर के एक टांग कंधे पे उठा के धीरे से लंड डाल दिया ।

तानिया आंखे बंद कर के उईईई उफ्फ कर उठी जैसे छुई घुस गई हो या ऐसा एहसास जो गर्म चाय के कप में उंगली डूबा दी हो ऐसा महसूस हुआ ।

तपन ।" आंटी आप अच्छे से पकड़ो मुझे में आपको गोद में उठा लूंगा "

तानिया " उठा पाओगे गिरा तो नही दोगे ना "

तपन मुस्कुराया और अपनी तरफ खींचा और जांघो के नीचे से अच्छे पकड़ के गोद में उठा लिया । तानिया उसकी गले में बाहें डाल दी ताकि पीछे गिरे ना ।

तपन तानिया की आंखों में देखते हुए धीरे धीरे ऊपर नीचे ऊपर नीचे कमर हिलाने लगा जिससे उसका लन्ड का कुछ हिस्सा धुक रहा था बाहर आ रहा था । और पेडल भी घूमने लगा । तपन के लिए 50 gm dumble उठाने जैसा था ।

तानिया मस्ती में आहे भर रही । तानिया ने देखा चारों और पानी है बीच की जमीन में तपन उसे उठा के चोदते हुए चल रहा है ।(क्या लड़का हे कैसे मुझे फूल की तरह उठा उठा के उछल रहा है) तानिया इतना प्रभावित हुई की उसने उसके गाल पर गीली पप्पी दी ।

तपन को तानिया की खूबसूरत चेहरा इतना कामुक लगा की उसने कमर खींच के झटका मारा । पूरा लन्ड सरसरते हुए झड़ तक घुस गया और आधा बाहर आया ।

तानिया ।" आन्न्ननननन " जोर की चींख के साथ तपन की आंखो में मासूमियत से देखने लगी

तपन ठीक वैसे ही कमर के खींच के कराड़ा झटका मारा । तानिया की चीख जंगल में गूंज उठी ।लेकिन इस बार वो बोली ।

तानिया ।" आईईईई । आइयाआ । मेरी चूत फट गईं "

तपन " आपको मजा नही आया नहीं "

तानिया " बोहोत अंदर जाता है दुखती है "

तपन" अंकल का नहीं जाता "

तपन जोश में एक जगह रुक के दे दना दन जोरदार तरीके से चोदने लगा तानिया दर्द के साथ आनंद विभोर में यूआईआईआईआई करती रही ।

इतनी तेज रफ्तार से चूत दीवारे रगड़ खाई की जल्दी ही उसने लागतार दो बार सरमसुख ले ली ।

तपन ने उसे ले के बरामदे में ही बैठ गया और इशारा किया । तानिया तन को सुख में इतनी विलीन हो गई चारो चर्म हाया छोड़ कर तपन के लंड पे उछलने लगी और चुम्बन करने लगी । दोनो मधुर तन सुख में एक दूसरे की नजरो में नजरे मिलते हुए आनंद उपभोग कर रहे थे ।

कुछ देर बाद तानिया थकी हारी बोली ।" उफ्फ अब नही होता मुझे । "

तपन ने उसे एक मुद्रा समझाया और तानिया मुद्रा समझ के घुटनों में चूतड़ उठा दी जांघें चिपका ली और शिर नीचे कर दी जिससे उसकी कमर झुकाओ से गांड ऊपर उठी ।

तपन घुटने मोड़ के खड़े खड़े ही उसकी घुड़सवारी करने लगा कमर पकड़ते हुए ।

तपन ।" आंटी दर्द हो रही है क्या ऐसे "

तानिया " आन्ह्ह्ह । जैसे भी डालोगे दर्द होगा ही ऊन्न्ह । तेरा हे ही ऐसा "

तपन लग भग चालीस पचाच मिनट से चोद रहा था ।उसे मेहसूस हुए की उसका होने वाला है कूची देर में लेकिन वीर्य गिरते हुए वो तानिया को बाहों में अनुभव करना चाहता था ।

इसलिए वो फिर एक बार रात की तरह मिशनरी मुद्रा में लिया तानिया को । तानिया ने भी उसे कस के पकड़ के आनंद लेने लगी ।

दोनो एक दूसरे की आंखों में देख के मजा ले रहे सिसकारियां मार रहे थे और सवाल जवाब ।

तपन ।" आंटी मजा आ रहा है "

तानिया " आन्ह्ह्ह हा "

तपन ।" और कितना करू "

तानिया को बेहद प्यार आया तपन के ऊपर और उम्ह्ह उम्माह उम्माह करती हुई पूरे चेहरे को चूमने लगी " उउम्म मेरा तो कबका पानी निकल चुकी है ऊऊन्ह । ऐसे ही करते रहोगे तो आह्ह्ह्ह्ह मेरी चूत चौड़ी हो जायेगी उन्ह्ह्ह"

तपन ।" होने दो ना आंटी । वादा करो आंटी आप मेरे साथ ऐसे ही प्यार किया करेगी ।

तानिया ।" नीईई । में वादा नही कर सकती आआह्ह्ह्ह । में शादीशुदा हूं । ये वक्त अलग है । में दुबारा अपने पति को उन्ह्ह्ह धोखा नहीं दे पाऊंगी "

तपन को बोहोत जोश चढ़ा और वो तानिया को कस के बाहों में भींचा और पूरे ताकत से चोदने लगा और तानिया बस चिल्लाती रह गई की आराम से करो । लेकिन तपन रुका नही और जब वीर्य निकला नही तब तक रुका नही ।

जब दोनो शांत और तारो ताजा एक अनोखी सकून भारी थकान के साथ सूखे कपड़े पहने तब दोनो नाव में चढ़ गए ।

तानिया ।" अच्छा हम किस तरफ जायेंगे "

तपन " बापच लौट जायेंगे जिस रास्ते से आए थे । आगे का रास्ता नही पता तो हम रिस्क नहीं लेंगे ।"

तानिया " लेकिन रस्ता पहचानोगे कैसे । सब तो डूब चुका है ना"

तपन उसे नाव के बीच खड़ा कर के पीछे से बाहों में उसकी चूची कभी कभी सहला देता तो कभी चप्पू चलता " रास्ते के दोनों किनारे पेड़ है और मैने वैसे भी सब कुछ याद कर लिया ।"

तानिया फिर एक बार शर्मा गई ।

Update 16

National highway ​

जिस जगह पर रोड ब्लॉक हुई थी ठीक उसी जगह पर पुलिस ने कैंप बना लिया था क्यों की रास्ता भले ही खोल दिया हो लेकिन अभी भी इस जगह की हालत ठीक नहीं थे । दूर यात्रीय को सफर करने से मना किया जा रहा था या फिर सावधानी बरतने को कह रहे थे ।

जिशु ।" हेलो सर । आप इंस्पेक्टर देवेन है क्या ।"

इंस्पेक्टर काम में बिजी था इसलिए खिचियानी जवाब दिया फिर यू कह लो पुलिस का रोब है ।" नेमेप्लेट किसलिए लगाए रखे है । दिखता नहीं क्या "

जिशु को गुस्सा आया पर वो मजबूर था हालत जनता था अभी इन्ही लोगो से मदद लेना होगा ।" सॉरी सर । मेरा नाम जिशांत मेहरा । क्या आप शुबत मेहरा को पहचानते है वो मेरे पापा है "

इंस्पेक्टर देवेन दिमाग में जोर देते हुए ।" अच्छा तो तुम हो जीशू । बड़े हो गए पहचान मे नही आ रहे हो बचपन में देखा था । अच्छा वो छोड़ो तुम यहां आए क्यू । तुम्हारे पापा से हर घंटे में कॉन्टेक्ट कर के रिपोर्ट दे रहा हूं । अकेले आए हो "

जिशु ।" नही ये मेरे दोस्त शेतन और विश्वास मेरे साथ आए है । वैसे कुछ खबर मिला आपको ।"

इंस्पेक्टर देवेन ।" देखो जैसा की तुम्हारे पापा ने बताया था की यही से आखरी कॉल की गई थी । तो इसके 20 किलोमीटर की एरिया के अंदर जो भी लॉज या होटल हे हम सभी से सान बिन किया पर वो लोग नही गए वहा । अगर यहां से उन लोगो ने दूसरी रास्ता ली है यही एक पहाड़ी से गुजरता हुआ रास्ता है कच्ची रास्ता । अगर यहां से गए होंगे तो वो ज़रूर मिल जायेंगे या कोई सबूत जरूर मिलेंगे चारो तरफ सर्च पार्टी ढूंढ रहें है । और भी कुछ लोग गायब है कुछ मिले और उनके जरिए पूछ टच कर के बाकी भी मिल ही जायेगा ।"

जिशु ने कोई जवाब नही दिया । और कुछ पूछने को था नही ।

वो तीनो इंस्पेक्टर ने जिस रास्ते की तरफ ईसरा किया था उस रास्ते की और आगे जा के देखने लगा ।

बिशु ।" यार इस रास्ते पे पानी भर गया हे । "

जिशू परेशान हो कर ।" यार उन लोगो को कुछ हुआ तो नही ना ।"

शेतन ।" कैसी बात कर रहा है । कुछ नही हुआ तपन और आंटी को । सब ठीक हे और भूल मत वरदान प्राप्त बलशाली दोस्त हे हमारा आंटी के साथ कुछ नही होगा । सायेद बाढ़ की वजह से किसी जगह पे रुके हुए है ।"

तभी केले की पेड़ से बना हुआ नाव से आते दिखाई दिया तानिया और तपन नाओ में सवार । इन तीनों की खुशी से चिल्ला उठे । और वो दोनो भी दूर से हाथ हिलाने लगे ।

वक्त ने बिचरे और वक्त ने ही मिलवा दिया । जब दोनो हाईवे के किनारे नाव रोक के उतरे तो तानिया दोरती हुई अपने बेटे के गले मिली खुशी से । तपन भी अपने यार शेतन और बिशु से गले मिला । वो दोनो खुश थे की उसके दोस्त सही सलामति से लौटे ।

तानिया ।" तुम लोग यहां ।"

जिशु ।" मम्मी हम लोग आप दोनो ढूंढने आए है ।

तानिया ।" सॉरी हम दूसरी रास्ता से निकलने की वजह से फंस गए थे । तुम्हारे पापा कहां है ।

"

जिशु ।" वो पापा भी आप दोनो को ढूंढ रह है अपनी तरीके से । रुको में फोन लगता हूं"

जिशू ने अपने पापा को फोन लगाया ।

शुबत ।" हा बेटा बोलो कोई खबर ।"

जिशु खुसी से बोले ।" हा पापा मिल गए दोनो यही हे हमारे साथ ।"

शुबत राहत की सांस लेते हुए ।" अच्छा फोन दो अपनी मम्मी को "

जिशु ने तानिया को फोन दिया ।

शुबत ।" हेलो तानिया तुम ठीक हो न "

तानिया ।" हा जी बिलकुल ठीक हूं ।"

शुबत ।" लेकिन तुम लोग रात भर कहां थे । कोई फोन नही कोई खबर नहीं ।"

तानिया ।" वो वो हम लोग । घर आ के बताते हे " (तानिया मिलने की खुशी में भूल गई थी ।और उसे सब कुछ एक झटके में याद गई)

तपन माहोल को संभालते हुए बोला ।" अरे ऐसे ही खड़े खड़े इंटरव्यू लोगे क्या तुम लोग ।चलो कार में बताते है ।"

बिशु ।" भाई तुम्हारा कार कहा हे ।"

तपन अब क्या जवाब दे बड़ी अफसोस के साथ बोला ।" भाई कार तो पानी में डूब गए ।"

दो पल के लिए सब शांत हो गए लेकिन अगले ही पल अंजाम सोच के जिशु , शेतन और बिशु हसने लगे ।

शेतन ।" अब तेरी खेर नही तेरे पापा तुझे मार डालेंगे ।"

तपन बुरा सा मुंह बना के ।" जरा फोन दे मम्मी पापा को कॉल कर के बताता हूं हम ठीक ठाक हे ।"

शेतन ।" ये ले । तेरा फोन भी गुम हो गया हे क्या ।"

तपन मोबाइल लिया और उसके बात का जवाब दिए बिना अपने मम्मी के नंबर पे कॉल लगाया । और बात किया लेकिन कार वाली बात छुपा लिया उसने ।

फिर चारो गाड़ी में बैठे और बापच घर की तरफ चलने लगे । जिशु इस बार ड्राइव कर रहा था और तानिया उसके बगल में आगे बैठी थी को ड्राइवर की सीट में । और ये तीनों पीछे ।

शेतन ।" ये भाई आंटी और तुम कहा थे ।"

तपन (अब क्या बताऊं तुम लोगो को । अब तो कोई कहानी बनानी ही पड़ेगी सच तो बोल नही सकता अब ) ।" कहानी एडवेंचर है "

बिशु ।" हा तो बता ना ।"

जिशु और तानिया सब सुन रह थे । जिशु को जानने को बेहद इच्छुक था और वोही तानिया अब खुदपे शर्मींदेगी और पछतावा हो रही थी उसके बगल में उसका बेटा बैठा था उसके लिए वो पल बेहद शर्मनाक थे (तपन क्या कहानी सुनाएगा कही सच तो नही बोलेगा । नही वो ऐसा नही करेगा ।देखते हे क्या कहानी बनाता है ।"

तपन ।" सुन जब रास्ता ब्लॉक हो रखा था तो हमने उस कच्ची रास्ते से गए और रास्ता इतना उबर खबर थी की बोला नही जा सकता इतना खराब रास्ता था कीचड़ से भरे गड्ढे मे दलदल । और हमारा कार आगे के दो टायर पंचर हो गए । गाड़ी में था एक ही स्टेपनी टायर तो हम थोड़ी दूर चल के गए आग कोई मदद मिल जाय इसी भोरोषे पे । लेकिन कोई मिला नही तो हम बापच आए तो देखा हमारी गाड़ी डूब चुकी पानी में । हम परेशान थे आंटी और में । लेकिन किस्मत अच्छी ही एक वाहा पे आदिवासी बुद्धा मिला तो उसने अपने वाहा के बस्ती में ले के गए । वो आदिवासी लोग बोहोत अच्छे थे हमारी खातिर दारी की कबीले में और रात का बंदावस्त किया रहने का ।

और फिर सुबह हम नाव बना के दिया । आंटी की मोबाइल तो कार के साथ ही डूब गई और मेरे मोबाइल नेटवर्क नही मिल रहा था ऊपर से बारिश भी बोहोत थी । किसी तरह हम यहां पोहोच गए । बस यही था कहानी ।"

तानिया ने राहत की सांस ली । लेकिन कोई था जो उसे कहानी थोड़ा पसंद नही आया वो जनता था तपन को अच्छे से गहरी दोस्ती थी रोग रोग से वाकिफ था तपन से और उसे लगा कि कहानी बनावटी है जिसपे उसे सक्क हो गया लेकिन उसने कुछ बोला नहीं ।

Update 17

Get together​

तानिया और तपन सही सलामत बापच जो आए थे उसके के लिए एक छोटी पार्टी आयोजित किया गया चारो फैमिली मेंबर्स के साथ मिल के ।

पार्टी जीशू की फॉर्महाउस पे हो रहा था सुबह से सब लोग जमा हो गए और प्लानिंग लॉन्च और डिनर का था । ऐसा नही था की पहली बार चारो फैमिली फ्रेंड्स मिल के पार्टी कर रहे थे आगे भी पार्टी हो चुकी थी कभी इसके घर तो कभी उसके घर ।

चारो की दोस्ती इतनी भाईचाड़ा था की उनके मां बाई भी एक दूसरे के मां बाप से अच्छे दोस्ती और मजबूद रिश्ते में बांध दिए गए ।

जिशांत के फॉर्महाउस के क्षेत्रफल 2 acre तक फैला हुआ था । और उसमे 2 बीघा की एक बड़ा पोखरी भी था जिसपे नेट के साहारे चार भागों में मछलियों की खेती करी जाती थी । देख देख के लिए एक केयरटेकर के साथ दो कर्मसारी भी थे ।

लेकिन चारो ने मिल कर एक बड़ी रोहू मछली पकड़ा 5 किलो वजनी खेल खेल में मस्ती मजाक करते हुए । सभी खुश थे और खुशियां मना रहे थे । महिला मंडल एक झूट हों कर गप्पे लगा रहे थे कभी घर की कहीनियो के साथ तो किसी की चुगली कर के जो औरतों की स्वभाव में रहते हे बक बक करना ।

और बड़े बुजुर्ग मर्द हाथो में जम लिए अपने लेवल की बातों में मशगूल थे । और ये चारो वरदान प्राप्त एक कोने में अड्डा जमाया बैठे थे ।

शेतन ।" अरे यार सिर्फ बीयर लाया "

जिशु ।" अरे यही मुश्किल से मिला भाई फ्रीज से । पापा लोग जिस कमरे में है उसपे एक केस व्हिस्की पढ़ी है लेकिन लाऊंगा किसे । कोई ना शाम खुद ले आऊंगा में ।"

विशु ।" अरे पद चखना तो लाना था ना "

तपन ।" लो भाई इसको बीयर के साथ भी चखना चाहिए ।"

जिशु ।" अरे मम्मी लोग किचन के पास ही हे देख लेता तो । "

विशु ।" पर मुझे चखना चाहिए भाई ।"

शेतन ।" एक काम कर यहां बगल में ही कुछ दुकान है । जा दौर के जा और लेके आ ।"

बिशु खड़े हो के जूते जमीन पे घिसा और एक छलांग लगा के 6 फीट ऊंची और 1 फीट काटे लगे हुए 7 फीट की दीवार पांची की तरह उड़ते हुए छलांग लगा दिया ।

जिशु उसे देख के बोला ।" साला हरामी की स्पीड लगता है और बढ़ गई ।"

शेतन ।" सुबह शाम प्रैक्टिस करता रहता है ये दोनो (तपन,बिशु) अपने खूबी के साथ .।"

तपन ।" हा तो तुझे क्यों मिर्ची लगी है । तेरे पास हमारे जैसा ताकत नही है इसलिए ।"

शेतन ।" अबे सबसे बड़ी ताकत दिमाग की होती है वे ।

भूल मत तुम तीनो को 3rd सेमिस्टर की एग्जाम में तुम्हारे कान में छिपे इयरफोन मे आंसर नही बोला तो तीनों फेल होते । पास ही नही आच्चे ग्रेड के साथ पास हुआ है सबको 9 प्वाइंट से यूपीए मिले हे । एहसान मानो मेरा ।"

जिशू ।" अच्छा टन बताया था की तू एक बा किताब को हाथ लगता हैं तो चारे पन्ने याद हो जातें हैं ।"

शेतन ।" हा लेकिन किताब 100 से ज्यादा पेज नही होने चाहिए । अगर बुक 300 पेज का हे तो में तीन बार हाथ लगना पड़ेगा लेकिन उसके मुझे दिमाग में ज़्यादा ज़ोर देना पड़ता है और ज्यादा जोर देने से मेरा शिर फटने लगता है ।"

तपन ।" तो ऐसा करना 100 पेज पकड़ के वो याद करना फिर बाकी के 100 पेज पकड़ के याद करना ऐसे ही बाकी भी करना ।"

शेतन बोलने वाला था की वोही करता हूं लेकिन तभी विश्वाश ऊपर से नारियल गिरने की तरह आ टपका एक छलांग के साथ ।

शेतन ।" वेब 2 मिनट मे आ गया । साले लगता है कुछ ज्यादा ही फास्ट हो रहा है ।

बिशु चिप्स के पैकेट देते हुए बोला ।" ये ले खा ठूस साले ।"

जिशु ।" हम बीयर के साथ चखना नही लेते तू ही ठूस अपने गुफान में ।

चारो एक एक बीयर पीने लगे मजे से झाड़ की आड़ में छुपते छुपाए खुद को । चारो बीयर पीने के बाद गप्पे लगा रहे थे

तभी तपन के मोबाइल में एक मैसेज आया । और उसने मैसेज देख के बोला । " यार तुम लोग बैठो मुझे टॉयलेट करना हे । लगता है पेट खराब हो गया हे ।"

तपन वाहा से चला गया ।

बिशु ।" यार इसके आज कल मैसेज ज्यादा आ रहा है जब भी मैसेज आता है कुछ ना कुछ बहाना मार के भाग जाता है ।"

शेतन मुस्कुरा के बोला । " मिली होगी कोई चैटिंग वाली किसी साइट से आज कल होगी ट्रेंड हो रहा हे एडल्ट वेबसाइट का ।"

जिशु । " पता कर ना । साले को मजा सखाएंगे ।"

कुछ देर बाद बिशु तपन के पीछे गया देखने की वो सच में टॉयलेट गया की नही । और वो फॉर्महाउस के अंदर 3rd फ्लोर के कमरों में झांकने लगा । और एक कमरे में उसे कुछ खुसुर फुसुर सुनाई दी । बिशु मन मे सोचने लगा (अच्छा बेटा तो यहां बैठ के फोन पे चमिया के साथ बात का रहा है । तुझे तो मजा सखाना पड़ेगा बच्चू ) और विशु दरवाजे पे कान लगाते हुए सुनने लगा ।

Update 18

कमरे के अंदर से आवाजें आ रही थी कुछ प्रकार के शब्दो के चयन के साथ ।

"नही नही प्लीज । मेरी बात सुनो में ये सब करने के लिए नही बुलाया तुम्हे । प्लीज मेरी बात को समझो । "

" नही आंटी आप ऐसा नही कर सकते है । एक तरफा फैसला से कैसे खत्म होता है। नही आंटी प्लीज आप समझिए मुझे मैंने बोहोत कशिश की मुझसे नही हो रहा है ।"

अंदर के कथपत सुन के विशु हिल गया ।(अबे यहां तो तानिया आंटी भी है अंडर । दोनो के बीच क्या बातें हो रही हे । आंटी क्या समझा रही है और तपन क्या नहीं हो रहा है बोल रहा है ।) विशु के मन में कोई सवाल थे जो उसे थोड़ी देर बाद जवाब मिलने वाला था ।

" तपन मुझसे और नही होगा में और अपने पति को धोखा नहीं दे सकती जब भी में उनकी आखों में देखती हूं में खुद को गिरी हुई महसूस करती हूं । प्लीज हमारे बीच जो भी था वो वोही खतम करते है ।"

" नही आंटी आप मुझे समझने की कशिश कीजिए । में आपसे से सच में प्यार करने लगा हूं । मुझे आपके बिना एक पल भी रहा नहीं जाता । मैंने कशिश की थी आपसे दूर रहूं पर नहीं रह पाया । सोते जागते आपकी ख्याल आता है आपके बाते याद आती है आपकी मुस्कुराहट याद आती है आपकी चेहरे मेरे आंखो के सामने घूमने लगती है । में आपके बिना नहीं रह सकता ना जी सकता ।"

विशु के पेड़ो के तले जमीन खिसक जाती है ये सुन के । (ये क्या चुटियापा चल रहा है दोस्ती के आड़ में ये कौनसा कांड हो रहा है । क्या सच में तपन और तानिया आंटी के बीच अफेयर चल रहे है । दोस्त के साथ इतना बड़ा धोखा । और तानिया आंटी वो भी । ये हो क्या रहा है भाई ।)

" नही तपन में और आगे नही बढ़ सकती । इसमें न तुम्हारा कोई भविष्य हे और ना ही मेरा । कुछ हे तो कलंक इस रिश्ते को यही खत्म का दो । यही बेहतर हे समझे बच्चो की तरह ज़िद्द मत करो ।"

" नहीं आंटी में ये सब नहीं कर सकता । में आपको नहीं छोड़ सकता में आपके बिना नहीं रह सकता । प्लीज में प्रोमिस करता हूं में कोई मुसीबत आने नहीं दूंगा में आपका खयाल रखूंगा । प्लीज आंटी प्लीज ।"

" मेरा बेटा जिशू तुम्हारा दोस्त हे । तुम लोग चड्डी बडी यार कहते हो ना । सोचो अगर एक दिन उस पता चलेगा तो क्या होगा कैसा लगेगा उसे और मुझे कैसा लगेगा उसके नजरो के सामने गिर के । और मेरे पति को पता चला तो तुम्हारी जान ले लेंगे सायेद मुझे भी मार देंगे "(तानिया ने गुस्से में कही थी)

विशु सोचने लगा ।(यार ये सब कबसे चल रहा है । जिशु को पता चलेगा तो तपन को जान से मार देंगे यार ) विशु कान लगाए पूरी बात सुनने की कशिश कर रहा था अंदर से अब कोई भी बात करने की आवाज नही आ रही थी ।

विशु कुछ मिनट वेट किया और फिर सीधा दरवाजे पे दस्तक देने लगे ।" तपन दरवाजा खोल । तपन "

कुछ सेकंड बाद घबराहट की आवाज आई अंदर से । " कौन "

बिशु ।" अरे में विशु खोल ना ।"

तपन ।" अरे तू । यार अभी फोन पे बिजी हूं । तू जा में आता हूं पांच मिनट में "

विशु ।" नही कुछ इंपॉर्टेंट बात करनी हे । तू दरवाजा खोल रहा है या मे तोड़ दूं दरवाजा ।"

फिर कुछ सेकंड बाद दरवाजा खुलता है । और बिशु तेजी से अन्दर जाता है और कमरे की चारो तरफ नजर घूमता है ।

विशु " कहा है । कहा चुप गई "

तपन ऐसा जताता है जिसे विशु पागल जैसे बिहेव कर रहा है ।" कौन कहा हे । कौन चुप गया है । क्या बकवास कर रहा है चैन से फोन पे बातें भी करने नहीं दे रहा है यार ।"

विशु अपनी सुपर पावर से एक पल में बाथरूम का दरवाजा खुला और हसने लगा ।" ओह तो आप यहां है । आइए आइए आंटी कब तक यूं बाथरूम में छुपी रहेगी । आइए बाहर आइए .

"

तानिया तो दर के मारे जैसे पैंटी गीली कर दी । तपन का भी वोही हाल था दोनो ही हकलाने लगे । बिशु को क्या बोले कुछ समझा नहीं आ रहा था दोनो और बोलने के लिए मुंह खुलता तो हकलाते रह जाते दोनो ।

बिशु ।" अच्छा तो ये सब चला रहा है । "

बीच में तपन ।" नही भाई तू गलत समझ रहा है ।"

विशु थोड़ा ऊंची आवाज करते हुए ।" आन्हा नो नो नो भाई । जूठ नही मैने शुरू से ले के अंत तक सब सुन लिया हे । कोई बहाना नही अगर जूठ बोला एक भी बार तो में सेवको बता दूंगा ।"

तानिया भिंख मांगती हुई अंदाज रोने लगी ।" नही नही बेटा ऐसा मत करना । प्लीज हमारी बात सुन पहले । प्लीज किसी को मत बताना नही तो में बर्बाद हो जाऊंगी कही की नही रहूंगी में । प्लीज बेटा हाथ जोड़ के भिंख मांगती हूं प्लीज ।"

विशु को तरस आता है तानिया पर ।" ठीक है अभी आप शांत हो जाइए । अभी में किसी को नही बताने वाला । पर इसकी में वादा नहीं कर सकता । पहले मुझे इस धोखेबाज गद्दार से बात करना ने है । आप बाहर जाइए ।"

तानिया ।" नही बेटा ऐसा मत बोलो । प्लीज मुझे बर्बाद मत करो प्लीज बेटा समझने की कशिश करो सब बर्बाद हो जाएगा । में तो उसे समझने आती थी जो भी था खतम करते हे । प्लीज बेटा माफ कर दो ।"

बिशु ।" नही आंटी आप गलत इंसान से माफी मांग रही है । ये तो हे ही गया गुजरा लेकिन आप तो समझदार हे ऐसा करने से आपको एक सोचना चाहिए थे । में वादा करता हूं फिलहाल में किसी को नही बताऊंगा । आप जाइए प्लीज मुझ इस कमीने से अकेले में बात करनी हे ."

तानिया तरस भरी नजरो से बिशु को देखती हे और फिर तपन से । तपन उसे इशारे से विशु की बात मानने को कहता हे तो तानिया मजबूर हो कर तपन को गुस्से भरी निगाहों से घूरती हुई बाहर चली जाती है ।

बिशु दरवाजा बंद कर देता है और तपन को धक्का देता है । " साले तू अपने आपको दोस्त कहता है । हरामखोर अपनी ही दोस्त की मां के साथ रंगरलियां रचा रहा है तुझे शर्म नही आती ।"

तपन शर्म से नीचे नज़रे कर लेता है ।" भाई मेरी बात तो सुन ।"

विशु ।" क्या शुनू में हां क्या सुनूं में हा । यही की तू तानिया आंटी के साथ कैसे सो रहा है ।"

तपन को भी गुस्सा आता हे लेकिन अपने आप को काबू करता है ।" नहीं ऐसी बात नहीं हे । शुरुवात अनजाने से हुए थे लेकिन । प्लीज सुन न पहले ।"

विशु ।" हा तो बता । कैसे तूने दोस्त की पीठ पीछे चुरा घोपने की शुरुवात की बता ।"

तपन ।" भाई ऐसा मत कहो । वो जो आदिवासी लोग मिले थे रहने को जगह दी थी वो सब जूठ था ।"

बिशु ।" हा मुझे तभी सक्क हो गया था लेकिन इसके पीछे ये सब हो रहा है इतना बड़ा कांड के बारे में पता नही था और ना ही ऐसा सोचा था मैंने सोच भी कैसे सकता था में तेरी तरह गंदे विचार के नहीं हूं ना ।"

तपन ।" ऐसा नही हे पूरी बात जूठ नही हे (और उसने पूरी कहानी बताई ।) बस ऐसे ही थी शुरुआत । आंटी की मदद करने में बेहेक गया था ।

"

बिशु हाथी से चुदाई की इशारा करते हुए बोला " अच्छा बेटा बहकने का नाम दे के आंटी के साथ गपागप कर डाला "

तपन ।" कैसे गंदी बाते बोल रहा है । कह दिया ना बेहेक गए थे हम "

बिशु ।" अच्छा बेहेक् गए थे जनाबे आली । मान लिया एक बार बहक गए थे । लेकिन तूने कोई बार । वो सब भी बेहक गया था। और आंटी तुझे रिश्ता तोड़ने आई थी और तू मान नहीं रहा था सब सुना मैने । साले घटिया ठरकी इंसान ।"

तपन का कोई जवान नहीं बन पा रहा था बिशु ने बुरी तरह मार ली थी उसकी ।

बिशु । " अब बोल ना क्या बोलना चाहता हे । बोल ।चुप क्यों है हो गई सफाई । कोई जवाब है ।"

तपन गहरी सांस ले के बोला ।" में तानिया आंटी से प्यार करता हूं ।"

बिशु उसके तरफ देखता रह गया उसके आत्मविश्वास के साथ जो बोला ये देख के विशु एक पल के लिए दंग रह गया था और अगले ही पल वो हंसने लगा ।" हाहाहाहाहा अबे चूतिए इसे प्यार नही हवास कहते हे शरीर की भूख कहते है । कोई दूसरी मिल जायेगी देखना तू दो दिन में तानिया आंटी को भूल जायेगा ।"

तपन को गुस्सा आता हे और बिशु को धक्का दे के गिरा देता है । विशु को भी गुस्सा आता है और वो तपन के आखों के पलको में ही उठ के पीछे से उसको लात मरता है और तपन को पता भी नही चला की जब बिशु उठा और कब उसको पीछे से लात मारा । जब फर्श से गिरा पड़ा देखता है खुद को तब उसे महसूस होता हे ।

और दोनो में घमासान युद्ध होता है । जहा तपन बलसाली था वाहा विशु भी गतिवेग में तेज था उसको हवा में ही घूमते हुए बार कर रहा था । लेकिन तपन भले ही मार ज्यादा पड़ रही थी लेकिन उनको कुछ खास फर्क नही पड़ रहा था शरीर हद से ज्यादा मजबूत होने की वजह से और उसका बार जब दस में से एक बार विशू की ऊपर पड़ता तो वो चोटिल हो रहा था । दोनो ही बराबर टक्कर दे रह था ।

लेकिन दोनो को जरा भी अंदाजा नही लग रहा था की कोई बाहर दरवाजे पर कोई मुट्ठी कसे गुस्से में नाग की तरह जहर उबलते हुए फांफना रहा था और वो इन दोनो से चालक और समझदार था ।

वो और कोई नही बल्कि जिशांत था । वो चाहता तो दरवाजे खटखटा के अंदर भी आ सकता था लेकिन उसने जो सुना है उससे उसका खून तो खोला था साथ ही इतना दुखी हो गया था की बस उसने तभी फैसला कर लिया था की तपन को पाई पाई कर के चुकता करना होगा बिश्वशघाट करने का ।

दरसल जब बिशु वोहा से उठ के गया तो शेतन को किसी दोस्त का फोन आया था कुछ कॉलेज के बारे में इंपोर्टेंट बाते कर रहा था तो जिशू भी शेतन अकेला छोड़ के फॉर्महाउस पे घुसा और उसे दूर से ही अपनी मम्मी को चिढ़िए से उतर रही थी और वो सोच में पड़ गया था । इसलिए नहीं की वो चिड़ियों से उतर रही थी बल्कि तानिया की चेहरे पे परेशानी देख के ।

लेकिन उसने अपनी मम्मी से परेशानी नही पूछा कारण था उसने जो बीयर पी हे उसका गंध अगर तानिया ने सूंघ लिया तो खामखां पूरा दिन डांटती रहेगी ।

इसलिए उसने बाद में पूछने का सोचा और थर्ड फ्लोर पे गया और जब उसने कमरे घुसने की कशिश की तो पाया कि दरवाजा अंदर से लॉक है तो उसने दरवाजे पे नोक करने ही जा रहा था की उसे वो बाते सुनाई दी जिससे उसको एक हार्ट अटैक जैसा स्ट्रोक लगा दिलों दिमाग पर और वो चारी बातें सुनता गया और गुस्से में उसके मन में बदलें की भाव जन्म ले लिया दोस्ती की रिश्ता भूल गया ।

Update 19

Midnight In The Playground​

जो लोग अंजान थे उनके लिए पार्टी समा बांधती हुई निकल गई लेकिन जो चार लोग जान गए थे उनके लिए पार्टी एक दिखावा बन कर रह गई । रात के डिनर के 10 बजे सभी एक दूसरे को विदा कर के अपने अपने घर में चले गए और अपने अपने बेडरूम में डकार ले रहे थे और तारीफ कर रहे थे जिस बबारजी ने इतना लजीज खाना बनाया था लंच और डिनर में ।

लेकिन किसी चार को चैन नही आ रहा था कोई डरे हुए थे तो कोई गुस्से में आग बबूला हो के बदले की आग में जलता जा रहा था । रात के एक बजे जिशु विशु को एक मैसेज करता है " मुझेसे अभी अड्डे पे मिलो दस मिनट में "

टाइम रात के एक बज कर 11 मिनट । प्ले ग्राउंड में एक छोटा सा स्टीडियम था जिसपे टावर लाइट्स जले हुए थे स्पेक्टेटर सीट्स में हुडी पहने दोनो मिल रहे थे ।

बिशु ।" भाई इतनी रात क्या अर्जेंट आ गई जो ऐसे बिना कारण बताए यहां बुला लिया ।"

जिशू ।" तूने किसी को बताया तो नहीं ना तुम यहां आ रहे हो किसी को पता तो नहीं ।"

विशु ।" अरे भाई तूने बताने को टाइम कहा दिया । दस मिनट में हाजिर हो गया में । बात क्या है कुछ परेशान लग रहे हो ।"

जिशू ।" तुम दोनो लग क्यू रहे थे ।"

विशू ।"हम लड़ रहे थे कुछ समझा नहीं ।"(इसको कैसे पता चला)

जिशु आगे की सीट पे लात मार के गुस्से में बोलता हे ।" तुम और तपन रूम में लड़ रहे थे ।"

विशु के मन में जो दर था वोही हुआ । उसका भी दिमाग खाली हो गया की अब जिशु को क्या जवाब देगा वो ।

जिशू बोहोत ही गुस्से में था जिस तरह से उसके आंखे लाल थे साफ पता चल रहा था की वो सबकुछ जान गया है । विशू को सामने एक चोट खाया हुआ जख्मी शेर दिखाई दे रहा था जो जखम का बदला लेने के लिए उतर चुका है मैदान में ।

जिशू ।" देख अगर तू भी मुझे धोखा देनें की या कुछ छुपाने की कशिश कर रहा है तो देखना अंजाम इतना बुरा होगा की तू सोच भी नही सकता है ।"

विशू ।" में में में क्यू तुझे धोखा दूंगा ।" विशू हकलाने लगा

जिशू गरजते हुए ।" सोचा नही था तपन ऐसा करेगा । इतना नीच हरकत करेगा और मेरी मम्मी भी छी ।"

विशू को कुछ समझ नही आ रहा था की परिस्थिति को कैसे संभाले । ऐसे परिस्थिति उसने कभी नही संभाला था लेकिन आज उसके कंधे पे बड़ी जमीदारी थी जिशू को संभालने की नही तो बोहोत बड़ा रणभूमि बना देगा ।

विशु ।" भाई भाई शांत हो जा बैठ के बात करते है आराम से ।"

जिशु ।" बात करने के लिए कुछ नही बचा अब तो जंग होगी ।"

विशु ।

" ए भाई क्या बोल रहा है । मुझे दर लग रहा है प्लीज शांत हो जा फिर बात करते है । देखो जो कुछ भी हुआ शुरूवात अनजाने में हुआ था । "

जिशु ।" नेहिईईई । तू उसका साथ दे रहा है ।"

विशू ।" नही भाई में किसी का साथ नही दे रहा हु भाई भाई प्लीज शांत हो जा ।"

जिशु उसका कॉलर पकड़ के आंखो में आंखे डाल के बोला ।" बता तू किसकी तरफ खड़ा होगा ।"

विशु ।" में में में में में किसकी तरफ । भाई रूक ना बात करते है ।"

जिशु इतने गुस्से में था वो चिल्ला के फिर पूछा । अभी तक उनसे कॉलर नही छोड़ा था विशु का ।" बता बहनचोद किसकी साइड लेगा अभी के अभी । "

विशु मजबूर हो कर ।" में में तेरे साइड हूं भाई ।"

जिशु तब जा के उसका कोलर छोड़ता है ।" पक्का ना ."

विशू ।" पक्का" (मर गया कहा फांस गया इसे अब कैसे संभालू )

जिशू उसका कंधा थपथपा के बोला ।" गुड । देख तू मुझसे ताकतवर हो सकता है वरदान की वजह से लेकिन जिगरा मेरा भी बड़ा हे । धोखा देगा तो जरा भी हिसकिसाऊंगा नहीं तुझे सबक सिखाने को बाकी तो तू जानता है में कितना जिद्दी हूं और क्या क्या कर सकता हूं ।"

विशु ।" भाई तू करने क्या वाला हे ।"

जिशु कुटिल मुस्कान से ।" कसम खा की तू अन्त तक साथ देगा मेरा और किसी को इसके बारे में मत बताना शेतन को भी नही । "

विशु । " कसम खा लिया भाई ।" (पता नही तेरा दिमाग में क्या सरियंत्र रस रहा हे बलाल न खड़ा कर दे दूं ।"

जिशु ।" क्या लगता है तुझे मुझे क्या करना चाहिए ।"

विशु । " पहले ये बता तुझे क्या क्या पता है ।"

जिशू ।" शुरू से ले के अंत तक । जब तुम दोनो बात कर रहे थे में दरवाजे के बहा सब सुन रहा था ।"

विशू ।" देख ठंडे दिमाग से सुन और सोच के सही फैसला ले । उस दिन आंटी अनजाने में बने वो रिश्ता तोड़ने आई थी । उसे भी गलती का एहसास हो गई हे । इसलिए तू आंटी को लेके इतना खुन्नास ना हो । और तपन बोलता है की उसे आंटी से प्यार हो गया है । देख तू जानता है वो कैसा है बद दिमाग हे बिलकुल । उसे में गलती का एहसास कराऊंगा और उसे तेरे पेड़ो में गिरा के माफी मंगवाऊंगा । प्लीज तू ये जो भी सोच रहा है करने को ये सब मत कर । इसका अंजाम बुरा होगा ।"

जिशु ।" बोल लिया । अब सुन तू सिर्फ मेरी सुनेगा और मेरा साथ देगा । नही सुनना है तो पतली गली अभी के अभी निकल ले । तू नही तो में अकेला ही कर लूंगा । इतना तो दम है मेरे में ।"

विशू परेशान हो कर ।" आखिर तू करने क्या वाला है ।"

जिशु मुस्कुराने लगा । उसके मुस्कान में ऐसी चतुर चाल का एहसास हो रहा था की विशू को समझने देर नही लगा की ये बदला कायनात बदल देगा ।

जिशु ।" जो उसने किया में भी वोही करूंगा ।"

विशू ।" ए ये गलत है भाई । इसमें शीतल आंटी का क्या कसूर । उसने तेरा क्या बिगाड़ा है । तपन को सझा मुझे मंजूर है पर बेचारी शीतल आंटी का क्या कसूर ।

टू जनता हे वो कितनी संस्कारी शुशील हे हम अपने बेटे जैसा मानता है जब भी तपन के घर जाते हे हम बिना कुछ खिलाए आने नही देती कितना ख्याल रखती है वो हमारी । उनके साथ कुछ मत करो किसी बेकसूर को चोट पोहोचाने में में तेरे साथ नही दूंगा ।"

जिशु (इसे अभी प्लान थोड़ा छुपा के बताना पड़ेगा । इसको गुमराह करना होगा नहीं तो चारा प्लान खराब कर देगा ) " तू गलत सोच रहा है । में उनके साथ थोड़ी ऐसा करूंगा ।"

विशु ।" तो फिर तू करने क्या वाला है ।"

जिशू ।" देख भाई प्लान वैसा ही हे लेकिन एक ट्विस्ट है । में तपन जैसा इतना गिरा हुआ नही हूं । "

विशु ।" कुछ समझा नेही ।"

जिशू ।" देख शीतल आंटी के साथ में थोड़ा प्यार का नाटक करूंगा उनको थोड़ा लाइन बाईन मरूंगा । लेकिन उनको गलत तरीके से एक उंगली भी टच नही करूंगा । में जनता हूं वो मुझे कभी प्यार नही करेगी उस तरीके से कभी अपनी पति धर्म को कलंकित नही करेगी और ना ही में करने दूंगा । लेकिन हां में उनके साथ करीबी दोस्त की तरह उनके साथ ज्यादा वक्त बिताऊंगा और तू तपन को धीरे धीरे ये एहसास करवाएगा की मेरे और शीतल आंटी के साथ कुछ चल रहा हे मेरा ।तब जा के वो समझेगा जब किसी मां बहन के ऐसा करता है । जो दर्द मेने महसूस किया है वो दर्द उसे भी महसूस करवाऊंगा ।"

विशू गहरी सोच में पड़ गया (क्या ऐसा करना सही होगा । जहा तक मुझे दिख रहा है शीतल आंटी के साथ कुछ गलत नही होगा । लेकिन फिर भी ये पागल शीतल आंटी पे लाइन मारेगा कुछ अजीब लग रहा है दिखने में थोड़ा बोहोत तो गलत है । लेकिन तपन को सबक सिखाने के लिए एक दम परफेक्ट आइडिया हे ये । क्या लगता है इसका साथ देना चाहिए इस प्लान में । मुझे लगता है दे देना चाहिए लेकिन इससे ज्यादा इसने कुछ उल्टा सीधा करने की कशिश करेगा तो में इसे रोक दूंगा । )

विशू ।" ओके डॉन । "

दोनों हाथ मिलाते है और वाहा से घर जाते है ।"

Update 20

In college after a few days​

चारों दोस्त मस्ती से दो क्लॉस अटेंड कर के कैफेटेरिया में गप्पे लड़ा रहे थे । तभी इन लोगो का चापलुची करने वाला बंदा पिंटू चमाचार आते हुए इन लोगो को ज्वाइन करता है ।

पिंटू प्लेट से मुफ्त का चमचा उठाते हुए बोला ।" अरे गुरु तुम लोग इधर हो में नज़ाने कहा कहा ढूंढता फिर रहा था ।"

तपन ।" क्यू बे क्यू धुंध रहा था हमे । सुना हे तूने जेड गैंग ज्वाइन कर लिया है ।"

पिंटू ।" अरे गुरु में तो सबके गैंग में घुसता हूं लेकिन बाफादारी तो तुम लोगो की गैंग का करता हूं ।"

शेतन ।" अच्छा बता आज क्या खबर लाया है ।"
एक
पिंटू बड़े मजे से चमचा खाता हुआ खबर बताता हे ।" ब्रेकिंग न्यूज हे गुरु । वो जो टेंपरेरी जूलॉजी प्रोफेसर आया है न उनकी और 2nd सेमिस्टर की लड़की को साथ गुलु गुलु चल रहा है । "

बिशु बुरा सा मुंह बना के ।

" अरे तू फिर वोही खबर लाया किसकी किसके साथ चल रहा है इससे हमें क्या लेना देना ।"

शेतन समझदारी दिखाते हुए बोला ।" अबे गधों इसने एक दम सही खबर लाया हे । सुन पिंटू वो प्रोफेसर हमे प्रैक्टिकल सीखता है ना तो हम उसे ब्लैकमेल कर के प्रैक्टिकल में अच्छा नंबर ला सकते हे । तू बस नजर रख और एक ऐसा सबूत जुगर कर जिससे वो प्रोफेसर हमारी तलवे चाटे । समझा ना ।"

पिंटू ।" वो मेरे बाएं हाथ का खेल है । लेकिन गुरु आपून ने इतना बड़ा इंफो दिया उसका कुछ मिलेगा इस नसीस को ।"

जिशू जैप से 500 का नोट देता है ।

शेतन ।" और मेरे तरफ से इस बार भी तुझे कट कूट कर के स्ट्रॉन्ग क्वेश्चन आंसर बना के दूंगा जिससे तू पढ़ेगा तो अच्छे नंबर के साथ पास भी होगा ।"

तभी तपन के मोबाइल वाइब्रेट होता है और मोबाइल की स्क्रीन को देखते हुए ।" मे आता हूं ।"

तपन वोहा से उठ के चला जाता है । विशु आंखो से इशारा करता है जिशु को और जिशू दात पीचते हुए गुस्से को पि जाता हे ।

चारो अड्डा जमाए बैठे थे । जिशू के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था और उसने भी बहाना बनाया ।

जिशु ।" ओहो मुझे अभी याद आया ।"

शेतन ।" क्या याद आया तुझे ।"

जिशू ।" अरे वो पापा ने रेसन की दुकान का मंथली उधर चुकता करने के लिए पैसे दिए थे और में भूल ही गया था । बिशू चल हो कर आते है ।"

शेतन ।" अरे पर में अकेला रह जाऊंगा । रुक ना कॉलेज ऑफ होने के बाद चारो मिल के जाएंगे ना ।"

जिशु ।" अरे तब तक वो दुकान वाला दुकान बंद करता है । और मेरे घर जाने को रास्ते से बोहोत दूर पड़ता है । यह से कॉलेज रोड से पास में ही पड़ता हे तो । तू रुक ना ये पिंटू भी हे ।"

तभी तपन वाहा आ रहा था वो 200 लीटर दूर था ।

बिशु ।" वो देखो तपन भी आ रहा है । चल जिशू । हम अभी गए अभी आए ।"

शेतन भी और कुछ नही बोला । तो दोनों पार्किंग से एक बाइक उठाए और निकल पड़े ।

Shine Park

दोनों पार्क के अंदर एक बेंच पे बैठते है । विशु समझ गया था की जिशू ने कोई प्लान बनाया हे ।

विशू ।" तू मुझे यहां क्यों लाया ।"

जिशू । " वो दोनो अब भी ?............."

विशू एक गहरी सांस लेता है ।" अब क्या कहूं दोस्त । देख ये सब मतलब क्या बोलूं कुछ चीजें हे ना ऐसे ही चलता है ।"

जिशू को बोहोत बुरा लगता है कि उसकी मां उसके दोस्त के साथ ही सोती है रास लीला रचा रही हे । एक अभागा के मन में जितना जलील महसूस होता है ठीक वैसा ही महसूस हो रहा था जिशू को । उसकी मां उसके दोस्त के साथ ही ये सब सोचते ही उसका खून खोल उठता है । और जब घर में अपनी मां का सामना करता है तो अंदर से इतनी नफरत जाग उठती है इसके मन में अपनी मम्मी के लिए ।

लेकिन वो नही चाहता था उसके पापा को पता चले उसे एकिन था कि अगर उसके पापा को पता चला तो उसके पापा उसकी मम्मी की बुरी हाल कर देगा वो अलग और तलाग भी देगा घर से लात मार के निकल देगा और हो सकता है गुस्से में कोई गलत कदम उठा दे जिससे पूरा संसार टूट जाएं और सब कुछ नेस्टो नाबूत हो जाए । जिशू को दर था उसके पापा की ज़िदेगी बर्बाद हो जाएगा ।

विशू ।" देख दोस्त । मैने तपन को बोहोत समझाया था वो भी समझना चाहता है लेकिन सॉरी मेरे वॉर्ड का गलत मत समझना पर वो कहता हे की आंटी के बिना उसे रहा नही जाता । आंटी से भी मैने बात की थी तब लेकिन उसने भी मुझे ठीक से बात नहीं की शायेद उसे शर्म आती है मुझसे ।"

जिशू ।" शर्म माई फूट । पता नही कैसे झेल लेता हूं में घर पे मम्मी को ।"

विशु ।" अच्छा बता क्यू लाया हे यहां मुझे । "

जिशू उसे प्लान का ए तू जेड बता के अच्छे से समझता हे ।

विशू प्लान सुन के हैरान हो जाता है ।" क्या नही नही ये गलत है । अरे आंटी को कुछ हो गया तो ।"

जिशू ।" अरे कुछ नही होगा । तू करना वो काम तू संभाल लेगा । टेंशन मत ले बस जरा सी खरोचे आयेगी जरा सी । और हो सकता है वो भी ना आए ।"

विशू ।" तू मरवाइगा मुझे । ठीक हे ट्राई करता हूं ।"

जिशु ।" क्या ट्राई । तुझे करना ही है ।"

विशू । " ठीक है तेरे लिए कुछ भी । चल अभी कॉलेज चलते है ।"

दोनो पार्क से निकल जाते है कॉलेज की और ।

Tapan's House

शाम के 4 बजे का समय दृश्य ये था ।

तपन के पापा बैंक से अभी लौटे नहीं थे । तपन की मम्मी किसी बात पे चिड़चिड़ा हो रखी थी । जो औरते हमेशा करती रहती है चिक चिक ।

बर्तन धो के चारा काम निपटा के हल में टीवी पे सीरियल देख रही थी और बरबरा रही थी । " एक नही सुनता मेरी कितनी बार बोला हे की आज मार्केट जाना है लेकिन नहीं आज शनिवार है हाफ ड्यूटी रहती है 2 बजे छुट्टी होती है लेकिन नही अभी तक घर नहीं आया । घर का कुछ पड़ी ही नही रहती है इनको बस बहार का काम । पता नही ऐसा क्या काम रहता है जो घर में रेसन खतम हो गया है उनको फिर भी ख्याल नही आता की खाली वक्त पे कुछ बाजार ही का के लाए । सब कुछ मुझे ही करना होता है ।"

तपन पास ही गुजार रहा था तो वो सुन के अपने बाप के ऊपर हस्ते हुए बोला ।" क्या हुआ मम्मी अब पापा ने क्या कर दिया जो उनकी तरीफो की माला जाप रही हो "

शीतल ।" तारीफ । तेरे पापा के लिए मेरे मुंह से कभी तारीफ निकला हे आज तक । और क्या तारीफ बतरने वाली काम करा हे आज तक । घर निकलते समय याद कर के कान में घुसा दीया था की जल्दी आना मार्केट जाना हे "

तपन हास के बोला ।" अरे किसी काम में फांस गया होगा पापा । आप इतना क्यों टेंशन लेते हो । किसी नौकर को भेज दो ।"

शीतल ।" अरे नही खराब खराब छड़ी हुई सब्जी ला के देता है । तू ले चल मेरे साथ ।"

तपन सीधा माना करते हुए ।

" नही नही मेरा बोहोत काम है कॉलेज का इंपोर्टेंट एसियनमेंट पूरा करना है । "

तपन सीधा अपने कमरे में चला गया । शीतल बड़बड़ाई ।" हा सब के सब एक जैसे ही मेरी तो इस घर में कोई परवा ही नही करता । अब जुड़ों की दर्द में ही मार्केट जाना पड़ेगा मुझे ही ।"

शीतल अपने कमरे में जाती है टीवी ऑफ कर के । और तैयार होने लगती हे । शीतल एक बोडोम औरत थी गांव की गवार काम पढ़ी लिखी किसी तरह फेल होते होते नौवी कक्षा तक पोहोची ही थी लेकिन उनकी गुण बोहोत अनेक थे । नर्म दिल की संस्कार के भरपूर मर्यादा पालनहार लड़की थी और सबसे बड़ी खूबी उसकी ये थी कि पूरे गांव में सबसे सुंदर लड़की वोही थी कितने लड़के उसपे मरते थे लेकिन वो मनचले लडको को जरा भी भाई नही देती थी । एक दिन जतिन अपने दोस्तो के साथ शीतल की गांव गए हुए थे और स्कूल से आते वक्त उसने शीतल को देख लिया और पहली नजर में ही दिल दे बैठा और शीतल को बिना बताया उसने शीतल की पूरी कुंडली निकल के अपने मां बाप के साथ शीतल के घर रिश्ता ले के गए । शीतल के मां बाप गांव में सबसे अमीर जमींदार थे उनको भी बैंक में नौकरी करने वाला लड़का उच्च विचार गुणी और खानदानी लगा तो शीतल के परिवार वाले भी झट मांगनी पट ब्याह करा दिया शीतल से दस साल बड़े उम्र के लड़के के साथ । शीतल को ऐशो आराम की जिंदगी मिली लेकिन वो आज भी गवार ही रह गई । वो गांव की संस्कार शुशीलता का कभी त्याग नहीं हुई स्वभाव से उसके लिए इस दुनिया पति और उसका इकलौता बेटा ही दुनिया है । कभी बाहरी दुनिया की ज्ञान न समझ उसे हुई ही नहीं । बस घर का काम और मंदिर में पूजा ।हाला की दो नौकर थे घर का काम करने के लिए लेकिन नौकरों का काम उसे पसंद नही आती थी । हर घरेलू काम उसे साफ और परिस्कार चाहिए थी ।

शीतल गांव की गोरी थी आज भी वो जवान थी अपनी उम्र से दस साल छोटी लगती थी जिसे तपन की बड़ी बहन । काठ काठी मध्यम एक गृहिणी की तरह 5.3 इंच की उसकी फिगर 36-32-39 कुछ इस तरह की । रंग आते जैसा गोरा थोड़ी लम्बी मुखरे गहरी काली आंखे चेहरे पे हमेशा अभिनंदन वाली मुस्कान एक खास मासूमियत । जैसे देख के लगे की ये औरत हद से ज्यादा संस्कारी है ऐसा लगता है जैसे सेक्स से पड़े हे । लेकिन एक साधारण इंसान की तरह वो भी सेक्स लाइफ में रुचि रखती थी । लेकिन एक समय आता ही है जब पति पत्नी का 20-25 साल बाद सेक्स लाइफ में कुछ नया नहीं रहता है जो बोरिंग हो जाती है कोई रुचि नहीं रहता । लेकिन ऐसा नही की एक दम खतम ही हो जाए बस एक जंभाई आ जाता है ।

शीतल एक पियर कॉटन सिल्क ब्लेंड सारी पहनी जो ना ज्यादा भड़कीला चमकीला था और ना ही बेरंग । लेकिन सारी की गुणवत्ता ऐसी थी देखने वाला यही सोचेगा ये सारी कमसेकम अच्छे ब्रैंड की 5000 से कम की नही है ।

उसके साथ उसने मैचिंग ब्लाउज पहना था हाफ स्लीव वाला जो उसकी खूबसूरती को निखार रही थी । बालो को एक संसाकारी औरतों की तरह जुड़ा बनाई उसने हल्का मेकअप की । कपड़ो में मीठी सुगंध वाली सेंट लगाई । और पैसे की हैंडबैग के साथ एक बड़ी बेग भी ले ली जिससे वो रेसन सब्जी वगैरा ला सके और ऑटो पकड़ के बाजार चली गई ।

Update 21

In the market​

शीतल अकेले ही थैली भर के बाजार कर रही थी । फुटपाथ में दोनो तरफ सब्जी मंडी बैठी थी और शीतल सड़क किनारे की एक सब्जी दुकान से सब्जी खरीद रही थी । सब्जी वाले से सब्जी का मूल भाव कर रही थी ।

तभी अचानक एक कार साइड से शीतल को टक्कर मारता है । शीतल कुछ दूर ओढ़े मुंह के बल जा के गिरती है ।

कार 1 मिनट के लिए वाहा रोके रहा सभी अपने में व्यस्त था । सब्जी वाला और उसके आस पास वाले ये हादसा देख के चिल्लाया । लेकिन तभी कार वाहा से थोड़ा बैक लेके तेजी से वाहा से आगे निकल गया । सब लोग कार वाले को गालियां दे के चिल्लाते रहे ।

शीतल एक सब्जी वाले दुकान के सब्जी के ऊपर गिरी गई थी । एक पल के लिए उसे होश भी नही रहा उसके साथ क्या हुआ हे लेकिन जब उन खुद सब्जी की ऊपर गिरी हुई पाया तो तब उसे मालूम हुई की किसी कार ने उसे टक्कर मारा है ।

वो सोक में थी एक सदमा जैसा लगा उसे । वो उठने की कशिश की तो उसे दाई झांघो में तेज दर्द हुई टक्कर उसकी दाईं जांघो पे लगी जो थी । वाहा के कुछ औरतों ने उसे सहारा दे के उठाया । तभी एक लड़का भागता हुआ वाहा आ गया ।

शीतल को उस लड़के को देख के बड़ी खुशी हुई और सुरक्षित महसूस हुआ ।

लड़का बड़ी फिक्र मंद हो के शीतल की बाजू पकड़ के बोला ।" आंटी आपको ज्यादा चोट तो नही आई ।"

वो लड़का कोई और नही वल्कि जीशू था । और गाड़ी से एक्सीडेंट करवाने का आइडिया उसका ही था और एक्सीडेंट को अंजाम देने वाला ड्राइवर विशू था जो उसने अपनी वरदान की इस्तेमाल से एक गाड़ी कुछ समय के चुराया थे ।

शीतल दोनो पेड़ो पे खड़ी रहने की कशिश करती हुई धीमी आवाज में बोली ।" थोड़ा दर्द हो रहा हे इस पेड़ में"

तभी वाहा की एक औरत बोली ।" बेटा तुम्हारा आंटी हे क्या । इसे किसी मेडिकल में ले जाओ ।"

वाहा मजूद लोगो ने बोला की यही पे केमिस्ट है पहले केमिस्ट पे बहनजी को ले जा के चेक कराओ और ज्यादा चोट लगी हे तो फिर हॉस्पिटल ले जाओ । सही लोगो ने वोही बोला ।

तो जीशू ने शीतल को सहारा दे के बोला ।" आंटी घबराओ मत सब ठीक हो जायेगा में आपको यहां के केमिस्ट में ले जाता हूं "

शीतल ने किसी तरह दो कदम रखा फिर दर्द से करहाते हुए बोली ।" बेटा मुझसे चला नहीं जा रहा हे ।"

जिशु ने आओ देखा ना ताव वो शीतल को बिना पूछे ही उसको गोद में उठ लिया । शीतल शर्म से पानी पानी हो गई लेकिन वो बोलने की हालत में नहीं थी । वाहा लोग भी सोक थे काना फूसी कर रहे थे की कैसा बेशर्म लड़का है ।

लेकिन जिशू सभी को अनसुना करते हुए बाजार में ही सबसे बड़े केमिस्ट पे शीतल को गोद में ही उठा के ले के गए ।

केमिस्ट में कोई डॉक्टर तो नही था बी फार्म वाले भी एक तरह से मेडिकल लाइन डॉक्टर की तरह है । केमिस्ट के लोगो ने शीतल को चेक किया मलहम पट्टी की । जांघो के अलावा कही चोट तो नही लगी थी बस माथे पे थोड़ी खरोसे आई थी और कुछ नही । माथे के चोट पे जब ड्रेसिंग कर रहा था ।

तब जिशू बोला ।" आंटी के पेड़ में चोट आई हे लगता है चोट ज्यादा लगी हे चल नहीं पा रही हे ।"

फार्मसिस्ट ।" एक काम करो हमारे यहां लैब में एक्स रे करवा लो । अगर ज्यादा इंज्यूरी आई हे तो हम आपको अच्छे हॉस्पिटल बता देंगे और अगर चोटी मोटी चोट आई है हमारा यहां अच्छा फिजियोथेरेपी भी है वो मेडिसिन दे देगा ।"

जिशू को भी ठीक लगा । (कही मैंने ज्यादा तो नहीं कर दिया) " ठीक करवा लेते हे ।"

फिर शीतल को लैब ले के गया और एक्स-रे बेड पे लिटा दिया गया । जिशू बाहर आना के लिए निकल ही रहा था ।

शीतल ने उसे हाथ पकड़ के रोक लिया । जिशु लेब वाले बंदे से पूछा ।" क्या में यहां रुक सकता हूं आंटी को सायेद दर लग रहा है ।"

लेब वाला बंदा भी थोड़ा लेट जवाब देते हुए बोला ।" पेसेंट को कोई प्राब्लम नही तो मुझे क्या । वैसे आप इनके क्या लगते हो ."

जिशू ।" जी ये मेरी आंटी हे ।"

लेब वाले बंद फिर कोई जवाब नही दिया अपने काम में ज्यादा ही प्रोफेशन था । उसने अपना प्रोसेस शुरू किया ।

शीतल बस जिशू को देख रही थी । और जिशू शीतल की बड़ी केयर कर रहा था ।" आंटी आपको कुछ नही होगा । बस जरा सी चोट है ।" और उसने अपने प्यारे हाथो से शीतल की माथे पे सहलाने लगा ।

लेब वाला बंदा बोला ।" बहनजी आप जरा अपनी सारी को उठाएगी ताकि में अपना काम कर चाकू ।"

शीतल शर्म से पानी पानी हो गई । ज़िदेगी में कभी वो किसी ऐसी स्तिथि में नही आई जहा वो किसी डाक्टर या ऐसे लेब टेकिनिचियान के आगे सारी उठाने पड़ी हो सिवाय अपने बेटे को जन्म देते वक्त के अलावा ।

जिशु ।" एक मिनट में मदद कर देता हूं आंटी ।"
और उसने धीरे से सारी और पेटीकोट एक साथ जांघो तक उठा दिया कुछ दो इंच और ऊपर उठा दी होता तो उसकी पैंटी दिखने लगती । वैसे x-ray करनें के लिया उतना सारी उठाना भी जरूरी था । शीतल ने शर्म से आंखे बंद कर ली । लेब X -ray मशीन से अपना काम करनें लगा ।

जिशु शीतल की माथे पे हाथ फिरते हुए शीतल की भरी जवानी को आखों से नशा उतर रहा था (क्या गोरे गोरे जांघ है चिकनी मोटी । क्या मनचल गुदाज पेट है । चाटने में मजा आएंगे आंटी और ये आपकी तरबूज जो कैद हे ना एक दिन इसका रस पी के प्यास बुजाऊंगा । बोहोत जल्द आपकी ये सुथील सर्बी वाली मोटी बाजू को मसलते हुए चोदूंगा और आपको रखैल बनाऊंगा देखना ।

वैसे कभी आपको उस नजर से नेही देखा था लेकिन आपने जो राक्षस बेटा पैदा किया है न उसकी वजह से मुझे भी राक्षस बना दिया है । माल अच्छी हो एक दम कश्मीरी माल हो बोहोत जल्द आपको पेलने वाला हूं ।)

तब तक लेब वाले ने अपना काम खतम कर के बोला।" लो हो गया । आपको 10 मिनट में रिपोर्ट मिल जायेंगे ।"

शीतल अभी भी लेती थी । जिशू ने सारी नीचे करते समय शीतल की ब्लैक पैंटी देख ली थी ।(मन कर रहा है यही चोद दूं और फिल्म बना के अपने बेटे को भेज दूं ताकि उसे पता चलें की अपनी मम्मी को कोई चोदता है तो कैसा लगता है)

जिशू जब तक रिपोर्ट नहीं आता तब शीतल से बाते कर के उसका मन बहलाने लगता हे ।

कुछ देर बाद रिपोर्ट आता है तो पता चलता है की हड्डी नही टूटी थोड़ा मॉस आई हे जो दवाई से ठीक हो जायेगा । फिर वाहा के फिजियो थेरपी वाले ने शीतल की जांघ पे एक फ्रैक्चर में लगाने वाली बैंडेज लगा दिया और एक इंजेक्शन और कुछ मेडिसिन दी ।

जिशु ने अपने कार में शीतल को उसके घर ले गया ।

Update 22

A week leter​

Shine park at 6 pm

विशु " यार इस बार कोई ऐसी वैसी प्लान मत बताना और में ऐसा दुबारा करने नही वाला । मुझे बोहोत अफसोस हुआ खमाखा मेने तेरे बातों में आ के आंटी को चोट पोहोचा दी।"

जिशु ।" कोई न । सब ठीक हे ।"

विशु ।" इस बार क्या प्लान है तेरे ।"

जिशू खुश हो के बोला ।" अरे अभी कोई प्लान नेही उस प्लान से बड़ा मजा ले रहा हूं । पता आंटी आज कल रोज शाम मुझसे कॉल करती है । गप्पे लड़ती है । "

विशु ।," हा हा बड़ी खुश हो रहा हे । इसका मतलब ये नही की शीतल आंटी तेरे प्यार में पड़ गई है । तेरी मम्मी जैसी नही .............(विशु को एहसास हुआ की उसने गलती से क्या बोल दिया )

जिशू गुस्से से उसे देखता है । लेकिन कुछ नेही बोलता ।

विशु ।" सॉरी यार मेरा वो मतलब नहीं था ।"

जिशू ।" हम्म । अच्छा चल तपन के घर चलते है । शेतन को भी वाहा बुला तपन को एहसास कराने का टाइम आ गया है ।"

Tapan's house

टिंग तंग

घर का दरवाजा तपन ने खुला । और खुशी से तीनों दोस्त से मिला ।" अच्छा हुआ तुम तीनो आ गए । में अकेला अकेला बोर हो रहा था ।"

शेतन ।" अरे वाह अच्छी स्वागत हो रही है हमारी । भांग बांग तो नहीं पी रखी तूने ।"

तपन ।" अब घर पे मेरी ले मत । चलो आओ अंदर "

तपन तीनों को घर के अंदर ले आते हे ।

सबसे पहले तपन के पापा तीनों को देख के मजाक में बोला ।" अरे चार बकरे एक साथ कैसे । यहां हलाल होने आए हो क्या मेरे हाथो ।"

जिशू मजाक को मजाक बनाते हुए थोरी ऊंची आवाज में ।" आंटी देखो अंकल हम धमका रहे है ।"

जतिन होंठो पे उंगली रख के ।" अरे मरवाओगे क्या । रात को खाना नहीं मिलेगा मुझे "

चारो हंसते है । तभी शीतल वोहा आती है वो अब अच्छे से चल फिर सकती थी । वो भी तीनों को देख के खुश हो जाती है । लेकिन सबसे पहले जिशु से गले मिलती है ।

ये देख के शेतन बनवाती जलन दिखाते हुए बोला ।" क्या आंटी माना की हम उस दिन वाहा नही थे तो क्या हमे आप नजरंदाज करेगी क्या ।"

शीतल बारी बारी से दोनो के गले मिली और बोली ।" बात वो नही है तुम दोनो तो उस दिन के बाद दिखे ही नही (जब शीतल की एक्सीडेंट वाली खबर मिला दोनो को तो दोनों तुरंत आए थे खबर लेने । दूसरे दिन उनके मां बाप भी आए थे ) लेकिन ये रोज मेरी खबर लेने आता है चाहे दो मिनट के लिए सही पर मेरी खबर तो लेता है ।"

बिशु ।" अच्छा सॉरी आंटी । अब क्या करे आपने हमे कम संस्कार दिए है ।"

शीतल जूठा गुस्सा दिखा के बोली ।" अच्छा उल्टा चोर कटवाल को दाते । अच्छा ठीक हे अब जाओ बैठो में तुम लोगों के लिए पकड़े तल के लाती हूं ।"

शीतल किचन में गई ।

शेतन ।" अंकल उस कार वाले का कुछ पता चला ।"

जतिन ।" अरे नही बेटा आज गया था पुलिस थाना लेकिन कोई सबूत हाथ नही आया कह रहा था । अब किसे पकड़े वाहा कोई सीसी टीवी भी नही था और गाड़ी का नंबर भी नही मिला । लेकिन सान बिन हो रहा है पता चल जायेगा "

जिशू और विशु एक पल के लिए खिफजादा हो गए थे लेकिन अपने आप को संभाल लिया ।

फिर तपन ने अपने दोस्तो को अपने कमरे में ले के गया । और चारो मिल के मल्टीप्लेयर गेम खेलने लगे ।

कुछ आधे घंटे में शीतल चाय पकड़े ले के आई ।" ये लो गरमा गरम नाश्ता ।"

शीतल जब झुक के ट्रे टेबल पे रख रही थी तो उसकी ब्लाउज से चूची आधे से ज्यादा दिखाई दी । और ये शानदार नजारा जिशु ने अपने दिमाग में उतर लिया और एन्जॉय किया ।

शीतल जिशू के बगल में बैठ गई और जिशु के मोबाइल स्क्रीन पे देख के बोली ।" क्या गेम खेल रहे हो ।"

जिशु ।" Wwe आंटी ।"

सब मिल के चाय पकड़ा खाने लगे । जिशू कुछ इशारा देता है विशु को । और फिर शीतल की हाथ पकड़ के उसकी उंगली चूमते हुए तारीफ करने लगता है ।" आंटी आपकी हाथो में जादू है क्या स्वदिस पकड़ा बनाया है । जी करता है आपकी उंगलिया चाट जाऊं ।"

विशू चुपके से तपन को इशारा करता की देख तेरी मम्मी और जिशू को । तपन कुछ ना समझ के कंधे उचका देता हे की क्या हे ।

विशु हस्ता है (गाढ़ा साला)

विशु की हसी से तपन फिर समझ जाता है । और अंदर ही अंदर वो जलने लगता है । कोई दिनों से देख रहा है की जीशू किसी ना किसी बहाने से उसकी मम्मी के साथ ज्यादा ही फ्रैंक हो जाता है मजाक मस्ती करता है ज्यादा ही । वैसे तो ये नॉर्मल था लेकिन तपन कुछ ज्यादा ही जलने लगा कारण था उसकी और जिशू की मम्मी के साथ जो शारीरिक रिश्ता था उसका प्रभाव था जलन का कारण । जो वो खुद नही समझ पाया था ।

शीतल ।" ओह मेरा बच्चा । तुम ही मेरे इन सब में से एक अच्छे बेटे हो । तेरे अंकल और तेरे दोस्त मेरी कभी तारीफ नही करते । जरा सी नमक कम ज्यादा हो गई की नही दोनो बाप बेटे मुझोर बरसते है ।"

जिशू बोला ।" अरे आंटी बंदर क्या जाने अदरख का स्वाद ।

सोने का असली भाव जौहरी जनता है । और में वो जौहरी हूं आप टेंशन मत लो में हूं ना आपका बेटा "

तपन मन में जलन ले के फिर भी बनवाती गुस्सा दिखा के बोला ." कुछ दिन रुक जा देखना मम्मी कैसे तेरे दिमाग की दही करता हे ."

सब हास पड़ता है । ऐसे ही मस्ती मजाक मे गेम खेलने लगते है । शीतल जिशू के ऊपर प्यार बरसती रहती है ।

कुछ देर बाद विशु बाथरूम चला गया हाथ धोने और उसके पीछे पीछे तपन भी चला गया ।

तपन ।" तू वाहा क्या इसारा कर रहा था वे ।"

विशु ।" क्यू वे तुझे समझ नही आया अब तक । देखा नहीं कैसे तेरी मम्मी और तेरा दोस्त चिपक के एक सोफे पे बैठा है और गुतूर गु कर रही है ।"

तपन छींक से हाथ धो के ।" तू गलत मतलब निकल रहा है । ऐसा नहीं है ।"

विशु सैतानी मुस्कान से ।" देखना कर्मा तुझे रंग ना दिखा दे ।"

तपन । " तू आज काल मुझसे ठीक से बात क्यू नही करता बे । मुझसे प्रोब्लम क्या है तेरे को । कही तूने कुछ बता तो नहीं दिया जिशु को ।"

विशू ।" मुझे तुझसे कोई प्राब्लम नही है भाई । हम दोस्त हे भाई जैसे । मगर तू जो अब तक हमारे पीठ पीछे कर रहा है ना उससे प्रोब्लम है । और रही बात जिशू को बताने की अगर बता दिया होता तो जिशू तेरी जान ले ले । जानता हैं ना कितना गुस्से वाला हे वो । "

तपन ।" देख हजार बार बता चुका हूं । तानिया आंटी और मेरा कुछ अलग रिश्ता है कुछ फीलिंग्स है हमारी बीच । तू गलत नजर से देखना छोड़ दे तब तुझे पता चलेगा ।"

विशू ।" अच्छा मान लिया तेरी बात एक पल के लिए । तो तू भी सोच के देख अगर ये बात जिशू और जिशु के पापा को पता चला तो अगर दुनिया वाले को पता चला तो । ऐसे रिश्ते ज्यादा दिन न ही टिकते है और न ही छुपते हे । अपनी जिंदगी तो बर्बाद कर ही लेगा तानिया आंटी की भी और साथ हमरा जिशू सबके खंडन का नाक काट देगा तब तू ।"

तपन ।" देख आंटी समझदार हे जो भी कर रही है सोच समझ के ही कर रही है । "

विशु ।" हट बे तू ही उसे बहला फुसला के अपने साथ बंधे रखता है ।"

विशु तपन के जवाब सुने बिना बाथरूम से निकल जाता है ।

।।।

ऐसे ही जिशु शीतल आंटी को पटाने में लगा हुआ था । दोनो की बीच फ्रैंक वाली हम उम्र जैसे दोस्त भी बन गए थे । शीतल घर पर बस अकेली अपनी टीवी को ही दोस्त बना का जिंदगी काट रही थी लेकिन जीशू को एक दोस्त के रूप मे पा कर बोहोत खुश थी जो उसका दिल बहलाता था उसको हसाता था प्यार जताता था । और इस काम में विशु हर तरह से मदद कर रहा था । और तपन को जलता था । जिशू भी फोन आए ना आए लेकिन फोन आने का बहाना कर के तपन की तरह अलग हो जाता था मंडली से कुछ समय के लिए और आग में घी डालने का विशु इशारों से करता था तपन भी जल भुन के रह जाता था लेकिन वो चाह कर भी कुछ नही कर पाता था ।

लेकिन जिशू एक चतुर खिलाड़ी की तरह प्लान को अंजाम दे रहा था उसके इरादे को विशु पढ़ नही पा रहा था वो अनजान था जिशू के असली मकसद से एक मोहरा बन गया था वो ।

Update 23

A romantic date​

जिशु ने एक प्लान बनाया । और प्लान के मुताबिक जिशू ने शीतल को अकेले निकलने को कहा ।

शीतल भी शॉपिंग के बहाने कर के निकलती है और उसने पहली बार घर पे जूठ बोल के अकेले निकली थी बड़ी साहस के साथ सुबह के 10 बजे । और उसने जिशू की दी हुई ब्लैक सिक्की सारी और ब्लैक ब्लाउज पहनी हुई थी जो ब्लाउज पहना हुई थी वो दीप कट वाली ब्लाउज थी । वो पहनना नहीं चाहती थी लेकिन वो ना पहन के जिशू जताना नेही चाहती की उसे शर्म आती है उस तरह की ब्लाउज पहनने में और ये बात जिशू नोटिस जरूर करता और उसे छेड़ता रहता जिससे वो शर्महार हो जाएगी । और ये नही चाहती थी और उस सारी के साथ दूसरे ब्लाउज मैच नहीं हो रहे थे तो उसने पहन ही ली लेकिन पल्लू के से पिन लगा के लि की उसकी चूची की हल्की सी दरारें नहीं दिखाई दिए जाते जैसा की वो वैसे ही पहनती है कपरे ढंग से । लेकिन उसकी पीठ आधे से ज्यादा से खुली दिख रही थी और वो चाह का भी छुपा नही पाएगी ।

खेर बताते हुए प्वाइंट पे उसने इंतजार किया और उसे जिशु अपने कार में बिठा लिया ।

जिशु कार चलाते हुए शीतल को ऊपर से नीचे तक देखा और उसकी नजर शीतल की उठी हुई छाती पे टिक गई कुछ सेकंड के लिए । शीतल ने भी उसकी नजर को पहचान ली और उसे जिशु की नजर गंदी लगी लेकिन नर्म और साफ दिल औरत जो हमेशा सही दिशा में नजर रखती हुई वो अपने मन को बोली की ऐसे ही टिक गया था उसमे क्या गलत है । कभी कभी हो जाता है ।

जिशू ।" वाओ आंटी आज आप एक दम परी लग रही है ।"

शीतल शर्मा जाती है ।" सच में"

जिशू ।" हा आंटी गोद प्रोमिस । लोग आपके दीवाने हो जायेंगे आंटी आज ।"

शीतल ।" ढेट बदमाश "

जिशु ।" हा हा हा आप तो शर्माती हुई बड़ी प्यारी लगती है । आंटी आज आपको मेरी गर्लफ्रेंड बनना होगा ।"

शीतल बड़ी बड़ी आंखें निकाल कर हेरानी से देखती है जिशु को ।

जिशु मुस्कुरा के ।" अरे आंटी आप तो सीरियस हो गई में आपको नकली गर्लफ्रेंड बनने को कह रहा हूं । सिर्फ आ के लिए "

शीतल उसके बारे में कुछ नही बोलती पर पूछती है ।" मुझे कहा ले जा रहे हो "

जिशु ।" पब में आंटी । आपने तो नाम भी नहीं सुना होगा ना "

शीतल ।" क्यूं नही सुना । मुझे पता है वो गंदी जगह होते है में नही जाने वाली कही और ले चलो ।"

जिशु ।" अरे आंटी आपने जो फिल्मों में देखा ऐसा नही होता है हर पब में । कुछ पब अच्छे होते है और अच्छे अच्छे जेंटलमेंट लोग जाते है। आपको जाना पड़ेगा आपको आज में घुमाऊंगा आप बस मजे करो और में हूं ना डरो मत "

जिशु बहला फुसला के गवार शीतल को पब ले जाता है । बेचारी जिंदगी में पहली बार किसी पब में गई थी शीतल ।

और पब की चमक धमक देख के देखती रह गई चारो और न चाहते हुए नए नजारे को देख अंदर ही अंदर खुश हो गई थी । दिन के कारण पब गैडरिंग नही था रोमांटिक सॉन्ग बज रहा था और दो जोड़ी कपल्स स्टेज पे डांस कर रहे थे ।

जिशु ने पहले से एक टेबल बुक कर रखा था । उसने शीतल को चेयर पे बिठाया और खुद उसके सामने बैठ गए ।

जिशू ।" क्यूं आंटी किसी लगी पब ।"

शीतल मुस्कुरा के बोली ।" वो लडकिया कैसी बेशर्मी से इतने इतने छोटे छोटे कपड़े पहनी हे देखो तो जरा । कोई शर्म नाम की लिहाज ही नही है आज काल के बच्चो में "

जिशु उसकी हाथ पकड़ते हुए ।" आंटी ये आजकाल का फैशन है ।"

शीतल अपनी हाथ खींच के मजाक करती हुई बोली । " तू क्यों मेरा हाथ पकड़ रहा है । सचमुच का गर्ल फ्रेंड थोरी हूं एक थप्पड़ पड़ेंगे उल्टे हाथ का "

जिशु हास के " तो मारो ना हम तो हे ही इस लायक । आप जैसी मोहतरमा से जलील होने में भी एक मजा है ।"

शीतल मुस्कुरा के बोली ।" सच में मार दूंगी । मजाक मत करो ।"

जिशू ।" अच्छा आंटी आपको यहां आ के अच्छा लगा ।"

शीतल को खुले में आ के बड़ी खुशी हो रही थी की वो आज घूमने आई हे । वो पब में मजूद लोगो को देखने लगी जो हर कोई हाथों में ग्लास लिए पी रहे थे कोई अपने मस्त था तो कोई एक दूसरे के साथ तो कोई डांस कर रहा था ।

शीतल ।" हा बोहोत खुश हूं ।"

जिशू ।" आंटी आप खुश रहा करो । कहा घर में भूत की तरह पड़ी रहती हो।,"

शीतल ।" क्या करू तेरे अंकल मुझे घूमने नहीं ले के जाते कही भी ।"

जिशु ।" कोई बात नही अब से मुझे बोला करो में आपको घूमने ले जाया करूंगा ।"

शीतल मुस्कुराती हुई ।" अच्छा बड़े आए घुमाने । "

जिशू ।" क्यू मेरे साथ आपको अच्छा नही लगता क्या । चलो डांस करते हे ।"

शीतल साफ मना करती हुई ।" क्या डांस और में । नही नही मुझे डांस नहीं आता ।"

जिशु जोर देते हुए । " आओ ना आंटी आपको मेरी कसम । में आपको सीखा दूंगा बोहोत इसी है ।"

शीतल ।" नही नही में नहीं जाऊंगी वाहा ।"

जिशू जान बूझ कर बापच मुंह लटका के बैठ जाता है । शीतल उससे बात करने की कशिश करती है लेकिन जिशू उससे मुंह फेर लेता है ।

आखिर में शीतल मान जाती हे क्यू की वो जिशु का दिल नही दुखाना चाहती ।

शीतल ।" ठीक हे चलो डांस करते हे "

मगर जिशू कोई जवाब नही देता ।

शीतल ।" सच में थप्पड़ मार दूंगी । "

जिशु मुस्कुराते है ।" हिहिही चलो आओ ।"

जिशू ने शीतल का हाथ पकड़ के डांस फ्लोर पे ले के गया शीतल ने भी इस बार चुराने की कशिश नही की वल्कि उसे अच्छा लगा की कोई हक से उसका हाथ पकड़ के साथ ले गया था ।

जिशु उसे दो स्टेप कर के दिखा के सिखाते है । फिर दोनो डांस करने लगते हे । लेकिन शीतल जिशू नज़रे नहीं मिला पा रही थी शर्म के कारण । पहली बार वो कपल डांस कर रही थी वो भी एक जवान लड़के के साथ ।

जहा उसकी मन में गुदगुदी रोमास महसूस हो रही थी वोही उसे बेहद शर्म भी आ रही थी । उसकी हाइट जिशू की छाती तक थी तो बस जिशू की छाती पतले बालों देखे जा रही थी जो शर्ट के नेक वाली हिस्से दिख रहे थे । और सच बात ये थी कि उसे भी अच्छी लग रही थी जिशू की छाती देखने में ।

जिशु उसके कान में बोला ।" आंटी ये डांस एक दूसरे की आंखों में देख के किए जाते है । देखो बाकी लोग को कैसे एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे "

शीतल एक नजर उठा के बाकी कपल्स को देखती है और फिर शर्मा के नजरे नीची कर लेती है । जिशू की सैतानी दिमाग में मस्ती करने की आइडिया आया और उसने शीतल की कमर के चर्बी की कसावट पे चिकुटी काट ली ।

शीतल झट से ऊपर नजर उठा ली और सीधा जूठा गुस्सा दिखाती हुई जिशु के आंखों में देखने लगी । जिशु मुस्कुराने लगा । दोनो रोमांटिक डांस करने लगे एक दूसरी की आखों में देखते हुए ।

जिशु ।" ये हुई ना बात अब लग रही है आप मेरी जीएफ ।"

शीतल ।" हट बदमाश चुप रह ।"

शीतल अजीब सी खुशी महसूस हो रही थी इसलिए नही की वो पब में आती थी बल्कि सालो बाद वो घर से निकली थी घूमने फिरने के लिए घर का काम छोड़ कर । लेकिन जवान लड़के के साथ नाचते हुए उसे शर्म आ रही थी लेकिन कभी कभी कुछ शर्म आनंद का एहसास कराता है ।

शीतल धीरे से बोली ।" बेटा मुझे बाथरूम जाना है ।"

फिर जिशू ने उसे लेडिस बाथरूम तक छोड़ के आ गया । वो बार पे जा के Tequila shots मारे । बॉडी को जनजनाने के लिए और बिल पे किया ।

उसे एहसास हुआ की शीतल बाथरूम गई हुई दस मिनट से ऊपर हो चुकी है लेकिन अभी तक वो वॉशरोम से लौटी नहीं तो वो खुद वाशरूम की तरफ गया । उसने वाशरूम के दरवाजे पे दो सेकंड के लिए रुका (क्या लेडिस वाशरूम में जाना ठीक होगा ) और फिर वो अंदर गया ।

अंदर का नजारा देख के वो हिल गया । वो सोच भी नही सकता था की उसे ऐसा नजारा दिखने को मिलेगा । वो हैरान था और काफी गुस्से में आ गया जिशु फिर..........................
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Update 24

Inside the washroom of the pub​

जिशु को जो दृश्य देखने को मिला वो काफी अप्पत्ति जनक हिंश्र दृश्य था । वाशरूम के बेसिन में शीतल को पीठ के बल झुकाए जा रही थी जबरदस्ती और एक शराबी उसके ऊपर जबरदस्ती करने की कशिश में लगा था । शीतल बलपूर्वक खुद को बचने में पूरी शेष्ठा कर रही थी । बदकिस्मती से पूरा वाशरूम भी खाली था ।

जिशु को इतना गुस्सा आया की वो सीधा जा के उस बलात्कारी को उसकी पीछे की कॉलर पकड़ के खींच लिया और बिना एक पल गवाए घुसो की बरसात कर दिया ।

वो बलात्कारी मार खा खा के दर्द से तड़प उठा और किसी तरह खुद को बचा के वाहा से भाग निकला । शीतल को जिशू एक फरिश्ता नजर आ रही थी जो उसकी आबरु रक्षक के रूप में नजर आ रहें थे ।

शीतल रोटी हुई जिशू के बाहों में समा गई और बेतासाह रोने लगी फूक फूक के ।

जिशू का मन भी पिघल गया उस वक्त वो चारे प्लान का हिस्सा भूल चुका था । एक सच्ची फीलिंग्स आ रही थी जो एक दया सहानुभूति की अनुभव हो रहा था शीतल के प्रति । और शीतल बाहों में भर के उसे चुप करा रहा था सच्चे मन से ।

जिशू ।" आंटी में आ गया हूं ना अब कोई दर नहीं । उनको सबक सिखा दिया हे मैंने दुबारा किसी पर गंदी हरकत नही करेगा वो । आप चुप हो जाइए कुछ नही हुआ । सही कहती थी आप ये जगह गंदी है मुझे यहां आपको लाना ही नही चाहिए था । सब मेरी गलती हे मुझे माफ कर दो आंटी ।"

शीतल बाद रोए जा रही थी । जिशु की छाती पे मुंह छुपाते हुए । उसके आसू रुक ही नहीं रही थी और ना ही हिचकले रूक रहे थे ।

जिशू ।" बस बस आंटी अब आप बिलकुल शुरक्षित है । चुप हो जाइए में हूं ना मेरे होते हुए अब आपको कोई छू नहीं सकता । "

काफी देर तक शीतल ने रोया और फिर उसके आसू सुख गई लेकिन फिर भी सिसक रही थी । और धीरे से बोली ।" मुझे घर ले चलो ।"

जिशू उसकी हालत देखता है । शीतल की सही नहीं थी और उसकी ब्लाउज की बाई बाजू पूरी तरह से फट चुका हे इस हालत में वो कैसे उसे बाहर ले जाय । तो उसने कुछ सोचा ।

जिशू प्यार से ।" आंटी आपकी बाजू फट गई हे । अगर आप मुझपे भोरोसा करती है तो दोनो तरफ के बाजू निकल देता हूं ब्लाउज का इस तरह से एक डिजाइन बन जायेगा । "

शीतल नजर झुकाए रही कुछ जवाब नही दिया ।

जिशू ।" प्लीज आंटी कुछ बोलिए । में आपकी सहमति बिना कुछ नही कर सकता । "

शीतल धीरे से बस शिर हिला देती है । जिशू के लिए बस यही जवाब काफी था । जिशू शीतल की प्यार से बाजू पकड़ लेता हे और उसके ब्लाउज के दोनो बाजू फाड़ के निकल देता है । अब शीतल की ठोस गोरी चिकनी बाजू दिखाई देने लगे ।

जिशू उसकी कंधा पकड़ के सहारा देते हुए वाशरूम से बाहर ले आता है और फिर हाथ पकड़ पब से गाड़ी तक ले आता हे । और गाड़ी चलाने लगता है ।

शीतल चुप चाप बैठी थी कार मैं वो अभी भी सोक में थी उसके साथ कभी ऐसा घिनौना काम भी हो सकता था उसने कभी सोचा नहीं था ।

जिशु ।" आंटी मुझे माफ कर दो ।"

शीतल ।" माफी किस बात की तुमने तो मुझे बचाया हे ।"

जिशू ।" नहीं पर गलती मेरी हे मुझे आपको ले के नहीं जाना चाहिए था ।"

शीतल ।" कोई बात नही तुम्हे थोरी पता था ऐसा होगा ।"

शीतल बार उस घिनौने इंसान का चेहरा याद आ रही थी जो उसे और दुखी बना रही थी । शीतल फिर चुबकने लगी ।

जीशू कार को साइड में करता है और शीतल की तरह खिचक के उसे अपनी छीने से लगा के चुप कराने लगता है किसी छोटी बच्ची को चुप कराने को तरह आदर करता है ।

जिशू ।" ओह आंटी बस बस अब आपको रोने की जरूरत नही है आप सुरक्षित हे । उसे सबक मिल गया है । " और शीतल की माथे को चूमने लगता है ।

शीतल को उसका सहारा पा के सकुन मिलने लगी । वो चुप होने की कशिश करती है ।

जिशु ।

" आंटी आपको इस हालत में घर नहीं छोड़ सकता में आपको कुछ देर के लिए अपने फॉर्महाउस ले के जाता हूं वहा आप थोड़ी देर आराम करेगी तो आप ठीक हो जाएगी ।"

शीतल ।" नही बेटा मुझे घर जाना हे में बिलकुल ठीक हूं "

जिशू ।" प्लीज बातो को समझिए । इस वक्त आप रोटी हुई हालत में जायेगी तो कोई सवाल जवाब देने होंगे । और अंकल से मुझे दर लगता है उनके मूसे इतनी बड़ी है की देख के ही दर लगता है ।"

जिशू हल्का मजाक किया और शीतल की मुस्कान फेल गई । " अंकल से इतना डरते हो "

जिशु फिर मजाक करते हुए ।" कोन भला अपनी जीएफ की पति से नही डरता है । वो भी मूसो वाला वीरप्पन जैसा डाकू दिखने वाला "

शीतल की माइंड ड्राइवेट करने में सक्षम रहा जिशु ।" आंटी थोरी देर के लिए फॉर्महाउस चलो आप वाहा फ्रेश हो के फिर हम घर चलेंगे । देखो आपकी गाल आसूं से गंदी हो गई है "

शीतल ।" अच्छा ठीक है चलो "

जिशू बस मुस्कुरा देता है और कार अपनी फॉर्महाउस की तरफ ले जाता है ।

Jishant Farmhouse

समय 12 बजे ।

जिशु और शीतल फॉर्महाउस के अंदर । केयरटेकर ने कुछ जरूरी खाने पीने का सामान ला दिया और अपने काम में चला गया । बंग्ले के अंदर सिर्फ और सिर्फ शीतल और जिशू ।

शीतल वाशरूम हो कर आती हे । और देखती है कमरे की टेबल में वोदका का बॉटल रखा हे जिशू ने और बेड पे बैठा हे । शीतल के लिए बड़ी ही संकोचूतित माहोल था और वो एक जवान लड़के के साथ किसी घर में एक कमरे में थी और वो भी वोदका सामने थी । लेकिन उस वक्त ये सब खयाल करने में उसकी बुद्धि नही थी ।

शीतल ।" ये क्या हे ।"

जिशू ।" वोदका और क्या ।" जीशू मुस्कुराने लगा ।

शीतल ।" हा वो तो दिख रहा है लेकिन क्यूं लाया तूने ये "

जिशु ।" सोचा था अपनी एक दिन की gf ke साथ पब दारू पी भांगड़ा करेंगे लेकिन वो तो हुआ नहीं । इसलिए अब यहां अरमान पूरी करेंगे "

शीतल जूठा गुस्सा दिखाती हुई । " अच्छा तो इसलिए तू मुझे यहां लाया हे । तुझे पता तो हे की में शराब नही पीटी । "

जिशु ।" चल जूठी मैने खुद देखा हे आपको फंक्शन में पीते हुए "

शीतल मुस्कुरा के बोली ।" वो तो तेरी मम्मी मुझे जबरदस्ती पिलाती है । लोगो की मान रखने के लिए एक पेक पि लेती हूं । लेकिन तूने कभी देखा मुझे पीते हुए । और तुम्हारी उम्र क्या जो ऐसे पीते हो । तुम्हारी मम्मी पापा को पता है । रुक में बता दूंगी फिर तेरी खेर नहीं ।"

जिशू हास के ।" अगर बता दिया बोल दूंगा की आज आपने मुझे खुद पिलाया हे "

शीतल ।" और वो लोग विश्वास कर लेंगे । बदमाश ।"

जिशु ।" में ऐसी कहानी बनाऊंगा की वो लोग अचानी से मान जायेंगे । या फिर आपके बेटे को फसाऊंगा की उसने मुझे पिलाना सिखाया है ।"

शीतल की हसीं छुट गई ।" एक मारूंगी रख के कनपटी पे ।"

जिशू दोनो के लिए एक एक पैग बनाता हे । " आओ बैठो "

शीतल ।" कहा न में नहीं पीती ।

"

जिशु उसकी हाथ पकड़ के अपने पास बैठा के समझता हे ।" देखो आंटी में समझ सकता हूं आप इस वक्त कैसा फील कर रही है । मुझे बुरा लग रहा है पर सॉरी । प्लीज आप थोड़ा सा पि लीजिए आपको उस घटना से आगे बढ़ने की मदद मिलेगी । प्लीज मेरी बात मान लीजिए ।"

शीतल कुछ नही बोलती ।

जिशू उसकी हाथ अपने हाथों में ले के रिक्वेस्ट करता है । तो शीतल मान जाती है और दोनो एक एक पैग उठा लेते हे ।फिर दोनो बाते करते हुए हल्के हल्के चिप्स लेते हुए एक एक पैग खत्म करता है ।

दूसरा पेक बनाने लगता है जिशु तो उस रोक देता है शीतल ने ।

जिशू ।" आंटी एक पेग से क्या होगा "

शीतल ।" मैंने कभी एक पेग से ज्यादा नही लिए ।नशा हो जाएगा मुझे ।"

जिशू ।" अरे ये वोदका है ये सिर्फ लेडिस के लिए हे इसलिए इसमें ज्यादा नशा नही रहता है । प्लीज एक पेग और ले लीजिए ।"

ऐसे शीतल को मानते हुए बहलाते हुए बड़े बड़े चार पेग पिलाता है और कुछ अधे घंटे में शीतल को पूरा नशा हो जाता है । उसकी नजरे कमज़ोर हो जाती है शीर भारी सा महसूस होने लगती है और वो संतुलन खोने लगती हे ।

Update 25

Jishu carrying out his plan​

शीतल झूलने लगी थी जुबान लड़खड़ा रही थी उसकी शरीर के साथ आओ भाव में । जिशू का थोड़ा बोहोत नशा हो गया था वो भी इतने पियक्कर नहीं था । दोस्तो के साथ कभी कबर पिता था लिमिट में । लेकिन नशा ऐसा होता हे इंसान की दिमाग को खोखला कर देता है चीजों बढ़ा चढ़ा देता है सत्र विचार नहीं लेने देते । नशा पलते हुए गुस्से और अंहकार को बढ़ा देता है । जिशू जहा कुछ देर शीतल के लिए पेशिश हो गया था वोही अब मस्ती के मूड में आया था दिल खोल के पेश आ रहा था दिमाग में जो सर्प पनब रहा था वो उबाल उठा था ।

जिशू ।" आंटी आपको नशा हो गया हे ।"

शीतल हस्ती हुई ।" हिहिही खुदी पीला के बोलते हो नशा हो गया है । तुम कमीने हो " (देख लिया नशे का असर जो औरत सायेद ही कभी ऐसी शब्द बोली हो होश में आज नशे में बेबाकी से कैसे कमीने बोल रही है )

जिशू ।" हा हा हा आप नीति हो आंटी ।"

शीतल ।" में नहीं तुम नॉटी हो बदमाश ।"

जिशु करीब जाता है शीतल के और एक दम जांघ से जांघ चिपका के बैठ जाता हे । और शीतल की गले में एक हाथ डाल कर बोलता है ।" आंटी आप इतनी सुंदर हो मुझे लगता है मुझे आपसे प्यार हो गया है । "

शीतल हस्ती है और उसका मुंह पकड़ के हिलाते हुए बोली जैसे छोटे बच्चो को किया जाता है ।" अभी बच्चे हो तुम पहले बड़े हो जाओ फिर प्यार करना ।"

जिशू उसे बेड पे गिरा देता है और उसके ऊपर चढ़ के उसकी कलाई दोनो तरफ कस के माचो मैन की तरह बोलता है ।" एक बार आजमा के देखो "

शीतल खिलखिलाती हुई बोली ।" तुम्हारी नाक हील रही है जैसे दो दो नाक है ।"

दोनों के चेहरे इतने पास थे की दोनो के सासें एक दूसरे को महसूस हो रहे थे ।

जिशु के गठीला शरीर का भाड़ शीतल की ऊपर थी जिससे वो दबी हुई महसूस कर रही थी । और जिशु को उसकी गोलाइया अपनी छाती से दबी हुई महसूस कर के ही उत्तेजित हो गया था ।(क्या माल हो आंटी तुम । आह क्या सुगंध है तेरी )

शीतल कसमसाने लगी । " उन्ह्ह्ह उठो मुझे पिच दोगे क्या नालायक ।"

जिशू उसकी नाक पे नाक रगड़ के बोला ।" आप कितनी खूबसूरत हे । आप मुझसे शादी कर लो ना आंटी ।"

नशे की सुरूर बढ़ती जा रही थी दोनो की । शीतल को उस माहौल को समझने की ज्ञान नही थी । होश में होती तो पक्का जिशु एक थप्पर लगा के सबक सिखा देती लेकिन इस वक्त उसे अपनी तारीफ सुन के खुश हो रही थी । और तारीफ एक ऐसी चीज है जो किसी की भावनाओं को वस में किया जा सकता हे ।

लेकिन जिशू की पकड़ मजबूत था जो शीतल के लिए थोड़ी तकलीफ और एक मरदाना एहसास थी ।

शीतल ।" में पहले से ही शादीशुदा हूं । देख लो मेरे मांग में सिंदूर है और मंगलसूत्र भी गले में "

जिशु ।" कोई बात नही अब मेरे नाम का सिंदूर लगाओ और मेरे नाम का मंगलसूत्र पहन लो ।"

शीतल ।" ऐसा कैसे हो सकता हे । छोड़ो मुझे बदमाश"

जिशू ।" आंटी क्या आपको अच्छा नही लगता । क्या में बुरा दिखता हूं ।"

शीतल मुस्कुरा के ।" अच्छा क्यूं नही लगोगे भला मेरा इतनी खयाल रखते हो मेरी मदद करते हो मेरे लिए चीज़े ला देते हो मैंने खाना खाया की नही ये तक पूछते हो तो क्यों अच्छे नही लगोगे । बोहोत अच्छे लगते हो तुम मुझे और सनी देओल की तरह हैंडसम लगते हो तुम मुझे । "

जिशु ।" पता है में आपकी इतना क्यूं खयाल रखता हूं क्यू की मुझे आपसे प्यार हो गया है । प्लीज मेरा प्यार एसेप्ट कर लो ।"

शीतल ।" फट्ट ऐसा भी होता हे क्या । में तुम्हे बेटा मानती हूं ।"

जिशु और बहस नहीं करना चाहता अपनी प्यासा होंठ सीधा शीतल की गुलाबी होंठो पे मिला देता है और निचले होंठों को चूसने लगता है । शीतल नशे में थी पर फिर भी उसे सोक लगती है और थोड़ी विरुद्ध करती है लेकिन जिशू को रोक नही पाती हे ।

कितनी देर से बस जिशू होठ चूसे जा रहा था की शीतल की आंखे बंद हो गई थी और प्यार से अपनी हाथ जिशू के पीठ पर रख दी थी । होंठो की गीली मिलन उसे भी आनंद दिला रही थी और दुनिया से बेखबर कर रही थी ।

गरम सासों की ताप बढ़ती चली जा रही थी जब दोनो की आंखे एक दूसरे से टकराई तो दोनो बस एक दूसरे की ही आंखों में खो गए कुछ पल ।

जिशु उत्तेजित हो कर शीतल की गर्दन चूमने लगता है और गंध लेता है । शीतल कसमसाने लगी और मुंह से बोलने लगी ।" नेही ऐसा मत करो बेटा । मत करो । मत करो ।"

लेकिन जिशु नहीं रुक रहा था उसकी गोरी चिकनी त्वासा से जीव से चाट खा रहा था । बहरहाल इतना आनंददायक एहसास को भला केसे नकार सकती है शीतल जैसी प्यासी बेकरार औरत । उसने आनंद में जिशू की पीठ के शर्ट को ही कस के पकड़ ली ।

जिशु स्वाद लेते हुए नीचे हो रहा था और उसने प्यार से पल्लू हटा दिया । शीतल की चूची उभार के नजर आने लगी । शीतल ना ना शिर हिलाने लगी । जिशू मुस्कुरा के आंख मार दिया और उसकी सैतानी देख के शीतल की भी मुस्कान निकल गई और शर्मा गई ।

शीतल उसे विरोध ना करे इसलिए उसकी कलाई पकड़ के ऊपर कर दी जिशू ने और उसकी शीतल की नंगी बगल में जा के अटकी जहा शीतल कभी वैक्सिंग वागेरा नेही करती जिस वजह उसकी गोरी बगल में खूबसूरत मात्रा में काले बाल थी । जिशु अपनी नाक उसकी बगल पे ले जाता हे और गंध सूंघ लेता है । जिशू और जोश में आ जाता है और शीतल की क्लीवेज पे चाटने लगता है और दोनो हाथो से ब्लाउज की हुक खोलने लगता है ।

शीतल ।" बेटा मत करो ऐसा । ये गलत हे ऐसा मत करो ।,"

जिशू दोनो हाथो से चूचियों को मसल देता हे शीतल आनंद से तड़प उठती है " इस्सससस मां " कर के सिसकती है ।

जिशु ब्लाउज के हुक खोल के दोनो चौड़े को फैला देती हे । सफेद ब्रा पे दोनो कबूतर आजाद होने के बेकरार थे । जिशू कमर की इर्द गिर्द घुटनो में खड़ा होता है और शीतल को उठने की इशारा करता है मगर शीतल शर्म से अपनी हाथो से चेहरा छुपा लेती है ।

जिशु उसका हाथ पकड़ के बैठा लेता है और जल्दी जल्दी में शीतल का ब्लाउज और ब्रा भी पीछे की हुक खोल के उतार देता है । बापच शीतल को लिटा देता है । और झुक के नीचे हो के दोनो चूची हाथो में मसलते हुए भूरे रंग के अंगूर जैसे मोती घुंडी मुंह में चूसने लगता है ।

शीतल को इतना आनंद आता हे आंखे भींच देती थे और आह्ह्सस्सस आसस्सस्सस आअह्ह्ह कर के सिसकारी मरने लगती है । जिशू दूध पीने की अंदाज से छपर छपर चूसे जा रहा था । शीतल काम उत्तेजित हो के जिशु की बालो से खेल रही थी ।

चूस चूस के शीतल को पागल भेसिया बना दिया जिशू ने । जिशू बेड से उतरता हे और एक एक कर के कपड़े उतार के खड़ा हो जाता है । शीतल उसकी सिक्स पैक एब्स देख के मुस्कुराने लगती है लेकिन उसकी नजर जब नीचे गई तो उसका मुंह खुला का खुला रह जाता है । और मन में सोचती है (इतना बड़ा सच में)

जिशु मुस्कुराता है और शीतल की हाथ पकड़ कर बिस्तर से उतार लिया और शीतल भी इस बार प्यार से मान गई । फिर एक बार जिशु उसे बाहों में भर के किस करने लगा । शीतल भी इस बार उसकी होंठ चूसती है ।

Update 26

love pleasure​

जिशु उसकी गले से मंगलसूत्र उतारने लगा तो शीतल उसकी आंखो में देख कर बोली ।" बेटा ये क्या कर रहे हो । "

जिशु तब तक मंगलसूत्र को पूरा ही उतार देता है और बोला ।" आंटी आज आप मेरी पत्नी होगी "

नशे में भी शीतल उसे आचार्यजनक हो के देखती है । जिशु कमरे में रखी एक नुकीली चीज उठता है और अपनी अंगूठा काट के खून भरी मांग कर देता है शीतल की मांग । शीतल हैरान उसे देखती रहती है ।

जिशु ।" आज से आप मेरी पत्नी हुई ।

"

जिशु शीतल की सारी उतर के पूरी तरह से नंगी कर देता है और बिस्तर पे लेटा देता हे । शीतल की चूत झांटों से भरी थी फूली हुई चूत और उभरी हुई दिख रही थी ।

जिशू उसे कोई मौका नहीं देता और उसकी टांगे फैला के मुंह घुसा देता है । शीतल की चूत पहले से ही बोहोत गीली हो चुकी थी और चुसाई की आनंद में और गीली होती जा रही थी ।

जिशु चूत की भूरे रंग की होंठ को चाट रहा था और शीतल अअह्ह्ह्ह आआह्ह्हह्ह कर रही थी मजे में ।

कुछ मिनट चूत चाट के जिशु ऊपर चढ़ जाता है और चूत पे सुपाड़ा लगा के शीतल की मासूम चेहरे को अपने हथेलियों में दबा के पकड़ता है । शीतल मन में (उफ्फ बाबा इतना बड़ा कैसे घुसेगा ) एक सुख अनुभती और दर की लहर उसकी मन में चल रही थी ।

जिशु होंठ चूस के बोला ।" आज हमारा सुहाग दिन है । लोग सुहाग रात मनाते है लेकिन हम सुहाग दिन माना के दुनिया में नया नियम बनायेंगे हम नए पति पत्नी ।"

शीतल कोई जवाब नही देती तो जिशु थोड़ा धक्का मारता है और उसका लंड शीतल की गीली चूत में सुपाड़े से ज्यादा घुस जाता है । शीतल की दर्द से तिलमिलाती हुई चीख के साथ " आन्नन्न्ह हानन्नन " निकल जाती है ।

शीतल अपनी चूत कभी फैली और कसी हुई महसूस नही की । वैसे ही नशे में जिशू की कटपुतली बनी हुई थी और इतने सालो बाद कुंवारी चूत जैसी दर्द महसूस कर के मन ही मन जिशू की दीवानी हो गई थी ।

जिशू और थोड़ा धीरे धीरे पुश करते हुए झड़ तक लंड घुसा दिया । शीतल की आंखे चिकुड़ती गई दर्द से । " आन्नन्न निकालो "

जिशु कोई परवा नहीं करता है और पूछता है ।" मुझे पति बोलो ।"

शीतल उसके बगल से हाथ निकल के उसका कंधा पकड़ के बोलती है तकलीफ में " आह्ह्ह्ह्ह जी हां निकालो ।"

जिशू उसके चेहरे को प्यार से चूम के धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगता है । शीतल बेचारी दबी हुई आह्ह्ह्ह निकल के सेहती जाती है ।

कुछ वक्त के बाद उसकी चूत अपने आप अच्छे से जिशु के लंड का स्वागत करती हे फिर भी चूत कसा हुआ महसूस करती हे और बोहोत मजा भी आने लगती है उसे।

जिशु उसकी आखों में देख रहा होता है और शीतल भी उसकी आंखो में देख रही होती है और मुंह खोल के आहे भर रही होती हे । जिशू प्यार से कमर हिलाते रहता है ।

जिशु ।" मजा आ रहा है ।"

शीतल " आह्ह्ह ऊऊंघ । आईएसएसएसएस आह्ह्हह्ह उफफ्फ बाबा ।"

शीतल की मसूस चेहरा काम उत्तेजक से और ज्यादा कामुक और लुभावना लग रही थी । जिशू उसके मुंह से जवाब सुनना चाहता था और थोड़ा जोर से धक्का मार देता है । " बेबी बोलो ना । आज से में आपको बेबी बुलाऊंगा और आप मुझे क्या कर के बुलाएगी बोलो नह्ह्हह ।"

शीतल अपनी चूत में इतनी मोटी इतना लंबा घुसते हुए आनंद उठाती हे की उस आनंद की तरंग में जवाब दे देती है ।" जी अह्ह्ह्ह्ह मेरे नए पति ।

" और बोल के शर्मा जाती हे

शीतल को सेक्स करते वक्त बोलने की आदत नही थी । लेकिन जिशु जैसे नवजवान सिक्स पैक वाला इतने बड़े वरदान प्राप्त लंड के मजे पा कर उड़ रही थी और कुछ वक्त के लिए खुद को जिशू के बाहों में शॉप दी थी ।

जिशु ।" बोलो ना क्या बुलाऊगी मुझे ।"

शीतल शर्माती तो है लेकिन कान में बोलती है ।" आन्ह्ह्ह जानूऊऊ "

जिशू मुस्कुराता हे और बेतासा चूमने लगता है । फिर थोड़ी देर के लिए चूत से लंड निकाल के अलग हो जाता है ।

जिशु बड़े प्यार से कर रहा था जो भी कर रहा था । अश्लील बाते भी प्यार भरी सुर में कर रहा था जिससे शीतल को भी आरामदायक सुखदाई उत्तेजित लग रही थी ।

शीतल को हेडबोर्ड पे तकिया टीका के उसे अध लेती कर के उसे बाहों मे भर के इस बार पूरे जोश में झटके मार मार के तेजी से चोदने लगता है ।

शीतल उसकी कंधे पे हाथ रख के चिल्लाती रहती है ।" आ आ नहीं । आआह्ह्हह्ह । उह्ह्ह्ह ओहहह्ह नहीं । दर्द हो रहा है ऊंगह । मत करो ना ऐसे । उफफफ्फ में मर गई । उपच्छ आह्ह्ह्ह ।" शीतल शिर पटकती रहती है लेकिन उसे भी बेहद आनंद आता हे ।

जिशू उसे आधे घंटे तक ऐसे ही तेजी से चोदता रहता है जिससे शीतल कोई बार पानी की फावड़े निकल के बेड शीट गिला कर देती है ।

जिशू भी थक के बाद में धीमा पड़ जाता है और धीरे धीरे चोदते हुए बोला ।" बेबी को मजा आया ।"

शीतल ।" आज तक उन्ह्ह्ह ऐसा मजा नही आया मुझे ।"

जिशु ।" नए पति के साथ खुश हो."

शीतल शर्मा जाती है ।" हम्मम्म ।"

जिशु ।" ठीक से बोलो ।"

शीतल मुस्कुराती हुई " जी जानु "

जिशू उसकी मुंह को दो उंगली में दबा के जोश में एक जोड़ का झटका दें के बोला ।" पक्का ना "

शीतल किसी तरह दर्द सेह के बोली ।" जी पक्का आह्ह्ह्ह्ह । आपने मेरी जान निकल दी जी ।,"

जिशू ।" क्यू की में असली मर्द हूं । कौन हे मर्द में या वो ।"

शीतल ।," आप " और खुद ही जिशु के होंठ चूसने लगते है ।

जिशु चोदता रहा वक्त बीतता रहा शीतल की चूत से पानी निकल निकल के थक गई थी । दिल से जिशु के लिए कदरदान थी वो । जिशु मज़े से उचकी चूत के अंदर झाड़ जाता है और वो सुख हासिल कर लेता हे जिसके लिए कायनात बदलने को तैयार रहते मर्द जात ।

दोनो एक दूसरे के बाहों में आराम फरमाते हैं घमचम चुदाई के बाद ।

Update 27

Jishant fermhouse​

समय 5 pm

सुस्त और एक सकून भरी नींद से जब जिशू जाग उठा तो पाया कि बिस्तर पे एक चादर में लिपटे खुद को अकेला पाया । वो इधर उधर देखा तो शीतल उसको कहीं नहीं मिला । वो जल्दी से अपने कपरे पहने और कमरे से बाहर निकल कर नीचे हल में गया ।

शीतल सोफे पे बैठी थी । जिशू उसके पास गया और बैठ गया । लेकिन शीतल रो रही थी शिर पकड़ के । जिशू को समझ नही आया इस परिस्थिति को कैसे संभाले । उसने प्यार से आवाज लगाया ।" आंटी "

शीतल शीर उठा के उसे देखती है और कस के थप्पड़ मारती है ।

जिशू का गाल झनझना गया एक पल के लिए वो सन्न रह गया उसको ऐसी थप्पड़ की उम्मीद जो नहीं थी ।

शीतल जो एक साधारण सी भोली भाली औरत थी जिसको बाहरी दुनिया से कोई समझ नही थी वो अभी नशे से आजाद परिस्थिति को समझ पा रही थी । और उसने क्या खोया क्या चाल चली गई उसके के साथ अब पूरी तरह से समझ पा रही थी ।

शीतल सोफे से उठ गई और एक थप्पड़ लगा के सारा गुस्सा निकल के बोलने लगी ।" सब समझ आ गया है मुझे । इसी के लिए अपनी चुपड़ी चुपड़ी बाते कर के मेरा दिल जीत के यही करनें के लिए इतने दिन नाटक करता रहा और आज अपना रंग दिखा ही दिया । एक बार भी नही सोचा की ये आंटी तुम्हे अपना बेटे जैसा मानती है । एक बार भी खयाल नही आया तुझे अपने दोस्त की अपने परिवार की । हम एक परिवार की तरह रहते हे जरा भी खयाल नही आया तुझे ।"

जिशू की बोलती बंद हो गई क्या जवाब दे की बहक गया था गलती हो गई । जिशू को भी समझ था एक पत्नी दर्जा क्या होती एक औरत की पवित्रता क्या होती है और उसने फायदा उठाया था ।

शीतल उसकी मुंह पे थूकती हे ।" कभी अपना घिनौना सकल मत दिखाना मुझे दुबारा । और याद रखना मेरा श्राप जरूर लगेगा तुझे । तेरे साथ भी वोही होगा अभी तो तेरी पूरी जिंगेदी पड़ी हे और तेरी लंबी जिंदगी मे ऊपरवाला तुझे ऐसा ही कर्म करवाया तेरे अपनी के साथ । कीड़े पड़ तुझे ।"

शीतल पेड़ पटकती हुई अपनी हैंड बैग उठा के बाहर की तरफ चली गई । जिशू एक बार बुलाता है ।" आंटी । आंटी सुनी तो ।"

लेकिन शीतल मुड़ कर भी नहीं देखती और तेज़ी से फॉर्महाउस से निकल गई ।

जिशू फ्रस्ट्रेशन चीखता है चीज़ों लात मारता है । " हां मैने किया गलत । तो क्या । मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है । देखा जाय तो हम एक जैसे हे अपनों की कुकर्म की सजा हम भुगत रहे हे । आपके साथ जो हुआ आपकी सपूत्र की वजह से हुआ । मेरे अंदर जो दर्द है वो मेरी मम्मी ने मुझे दिया हे अपनी पति के साथ बेवफा तो किया ही है अपने बेटे के दिल पे भी चोट दिया हे । ऐसा चोट जो मुझे नींद तक आने नहीं देता ।" (एक दिन जिशू ने अपनी मम्मी तानिया की पीछा किया तो उसने तानिया की एक किराए की मौकान तक पीछा किया हे जिस मकान में पहले से ही उसका दोस्त तपन मजूद था । दोनो ऐसे गले मिल रहे थे जैसे दोनो एक दुसरे की प्रियाखी हो गीली चुम्मा चाटी से जिशू का दिल वोही पिच पिच कर दिया था)

change of the world

हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां

एक पुराना खंडार था जिस वक्त जिशू पागलों की तरह हास रहा था । वो उस खंडार पे अकेला ही था । दिमाग में एक चतुर चाल होंठो पे एक ऐसी मुस्कान एक ऐसी हसी जिसपे विजयी रंजिश ।

जैसे एक तड़पता हुआ इंसान आज किसी वजह से बोहोत खुश था या फिर अब जो कांड होने वाला है वो पहले से अंजाम जानता था और वो अंजाम उसे बोहोत खुश करने वाला था या फिर वो अंजाम उसके लिए एक हसीं का पात्र बनने वाले था । इसी सोच ने उसको एक अलग ही रोमांस अनुभव हो रहा था जैसे इस खेल के वो एक चतुर बादशाह था या हे । मुट्ठी पे रेत लेकिन रेत मुट्ठी पे कैद एक अनु भी हाथ से नही गिरा । एक तपस्या थी एक कठिन प्रसेस्था के साथ उसने दर्द सह के आज खंडार की खंबे पे हाथ रख के दूर धुंधले पहाड़ को देख रहा था और उसकी मुस्कान काम नही हो रहा था । बस इंतजार था उसे ...............

Short flashback one

" उम्म उम्म्म नही । अभी नही हे बेब जिशू के पापा के आने के वक्त हो गया है ."

"बेबी पर आपने तो कहा था वो लेट आने वाला है ।"

" हां सही कहां था मैंने 7 बज गए है । वो 6 बजे ही आ जाते हे रेगुलर ड्यूटी से । और वो आने ही वाला है ।"

" तो क्या हुआ वो आयेंगे तो हमे पता चल ही जाएगा ।"

" बेबी मुझे अधूरा काम हमेशा बेचैन करती है । इसलिए । समझ रहे हो ना"...

तानिया ने एक कामुक आदा से इतराती हुई तपन के नाक से छेड़ खानी कर के जवाब दी ।तपन भी मुस्कुराने लगा ।

तभी दोनो के मोबाइल में एक एमएमएस आया ।दोनो मोबाइल में वो एमएमएस देखने लगे । दोनो की पेड़ो तले जमीन खिसक गई । जैसे दिल की धड़कने बंद हो गई हो । चेहरे पे सफेदी आंखे चंचल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं । कोई भाव नही चेहरे पे बस दर खौफ दिल की धड़कने तेज करती हुई । एमएमएस एंड में एक एड्रेस फ्लैश हो रहा था ।

Short flashback second

शेतन ।" यार ये तपन हमे यहां आने को बोल के अभी तक नही आया एक घंटे से इंतजार कर रहे हे ।"

विशू ।" पता नही कहा मर गया कमीना । ये जिशू का भी फोन ऑफ आ रहा है । तपन ने तुझे क्या बोला था ।"

शेतन ।" कुछ नही बोला की एक बात बतानी है और कुछ फैसला लेना है । पता नही क्या चल रहा है पागल के दिमाग में ।"

विशु ।" और थोड़ी देर रुकते हे ।"(अब क्या बात बताने वाला है क्या फैसला लेना बाकी रह गया । एक जिशू भी आज काल कुछ बताता नहीं ठीक से । पता नहीं हमारी दोस्ती को किसकी नज़र लग गई )

तभी दोनो के मोबाइल में एमएमएस आता है । और दोनो की हालत वैसी ही हो जाती है । विशू को गुस्सा तपन से ज्यादा जिशु के ऊपर आ रहा था की उसने ये क्यों किया ।

Short flashback third

शीतल उदास मन से कराई में मुफली तल रही थी शाम की नाश्ते के लिए भुजिया बना रही थी । जतिन अभी तक घर लौटा नही था । उसका मन अभी भी इस घटना के बकीये में ध्यान जा रही थी । कूची दिन हुए थे उस घटना को । जब भी अपने आपसे घृणा होता हे बाथरूम में जा के रगड़ रगड़ के नहाती थी । जिशू के नाम पर नजाने कितनी गालियां कितनी बुरा भला कह के कोचती थी ।

बुजिया तैयार करने के बाद वो गैस्टॉप ऑफ करती है ।

और उसकी मोबाइल में भी वोही एमएमएस आती है जिसे देख कर उसकी संतुलन खो देती है जमीन पे गिरते गिरते बचा वो कई बर्तन गिर के आवाज गूंज उठी । लेकिन घर पे कोई नही था दोनो नौकर अपने अपने सर्वेन्ट रूम थे उस वक्त उनलोगो ने ध्यान नही दिया बर्तन गिरने की आवाज पर ।

शीतल सुबक सुबक के तैयार होती है उस एड्रेस पे जाने के लिए ।

Update 28

Purana Khandar​

समय 7 बज 30 मिनट 45 सेकंड ।

जिशू तो पहले से मजूद था । लेकिन उसने जिन जिन लोगो को बुलाया था सब मजूद थे । और सब उसके खिलाफ थे । खिलाफ हो भी क्यों ना उसने काम ही ऐसा किया की सबकी दिल दुखा दिया था कोई ओ की तो जैसा पूछ पे आग लगा दिया था । पॉपकॉन की तरह तावे पे उछल रहा था ना बैठ पा रहा था ना उठ पा रहा था । सबके जले पे नमक छिड़कने वाला था आज वो । एक अकेला खिलाड़ी समझ बैठा था अपने मन आत्मविश्वास था उसका तदबीर आज और अभी कुछ ही देर पे पूरा होने वाला था । और सबको अपनी परसाई से वाकिफ करवाने वाला था ।

जिशु खंडार के लिंटर पे ऊपर 10 फीट ऊपर खड़ा था और नीचे (शेतन ,विशु ,तपन, तानिया और शीतल खड़ी थी) जो उसके ऊपर भड़ास निकाल रहा था ।

विशू ।" तूने प्रोमिस किया था की शीतल आंटी के साथ कुछ नही करेगा ।" (इसको आज में जिंदा नहीं छोडूंगा)

शेतन ।" भाई ये सब क्यों किया । एक बार भी मुझे तूने बताना ठीक नही समझा अभी विशु ने सब बता दिया लेकिन उसे भी नही पता था कि तू बदले में ये सब करने वाला है ।" (इसे बस जिशु की गलती दिख रही है अभी तपन की गलती के तरफ ध्यान नहीं दिया)

तपन जो गुस्से में अंगारे बन चुका था खंडार की दीवारों पे मुक्का मार के बोला ।" साले कमीने में तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा । " आग बबूला हुए जा रहा था एक सांड की तरह बस सिंह उपर कर के जीशू पे निशाना साध के रखा ।

तानिया ।" बेटा ये तूने क्या किया है । ऐसा क्यों किया मुझसे एक बार बात तो का लेते ।" ( अपनी गलती का पछतावा करती हुई)

अब वो जिसकी एमएमएस वायरल हुई थी ।शीतल बिलख बिलख के रोई जा रही थी ।" कमीने नरक में भी जगह नहीं मिलेगा तुझे । क्यूं किया मेरे साथ ऐसा क्यू । मुझे बर्बाद कर दिया तूने हरामखोर पाखंडी इंसान । सब मुझपे थूकेंगे अब । कहा मुंह छिपती फिरंगी कहा । मेरा घर उजार के क्या मिला तुझे ।"

जिशू लिंटर से जंप मार के नीचे उतरा । तपन गुस्से में जिशू के सामने जा के पूरी ताकत के साथ एक मुक्का मारता है ।

तभी जिशु सबकी आखों की पलकों में गायब हो जाता है और तपन का बार हवा में चला जाता लेकिन एक खंबे पे मुक्का पड़ जाता है । सभी आचार्य चकित रह गए क्यू की जिशू टेलीपोर्ट हो के दूसरी जगह प्रकट हो गया उन लोगो से दो गज दूर ।

हां हा हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां

ये हसी पूरे खंडार पे और उस पहाड़ी एलेका में गूंज उठी । और ये लोग हैरान थे ।

विशु ,तपन और शेतन मन में ये सोच रहे थे ( ये कमीना कैसे यहां से वाहा एक पलक में गायब हो के दूसरी जगह प्रकट हो सकता है । मतलब इसे भी वरदान में दूसरी सकती मिली थी और इसने हमे बताया तक नहीं । पर क्यूं । क्यू नही बताया इसने हमे । इतने दिनो तक ये हमे धोखा दे रहा था )

शीतल और तानिया भूत बनी खड़ी थी इस अद्भुत अविश्वसनीय दृश्य देख के । अच्यार्याचकीट हो के आंखे निकाल के जिशू को देख रही थी । सभी भूल गए थे एक पल के लिए की वो किस मकसद से खंडार के अंदर मजूद हे ।

जिशू थोड़ी और कर्तप दिखता है हास हास के ।सभी हैरान थे । सभी पागल की मानसिकता में थे । तानिया और शीतल तो कुछ समझ ही नही पा रही थी वो दोनो क्या अद्भुत कारनामा देख रही हे । दोनो साधारण इंसान थे उस वरदान की लक्षण समझ के परे थे ।

जिशू मुस्कुराते हुए बोला ।" तपन तुझे बोहोत घमंड है ना अपने ताकत का । आ ले मार ।मार मुझे भाई मार । आज तुझे में एहसास करवाऊंगा असली ताकत किसे कहते हे और इसकी सही प्रोयाग किया कैसे जाता है । बोहोत घमंड हे ना तुझे ।"

तपन कुछ जवाब नही दे पाया बस जिशू को देखता ही रह गया । जिशू के बातों ने जिशू के अंदाज से उसके लहेजे से उसके वो रूप देख के उसके दिमाग खाली हो गया था ।

एक पल के लिए सब लोग नजर नही हटा पा रहे थे जिशू के ऊपर से । सबकी बोलती बंद थी ।

जिशू के आखों से आसूं निकल आए नाजने किस दर्द में तड़प रहा था वो । उसने अपनी नजरे सिर्फ और सिर्फ अपनी मम्मी तानिया की तरफ कर के बोला ।" मम्मी आपको लगता है मैने जो किया वो गलत किया । लेकिन क्या आप जानते है मेरी गलती का नींव कहा से जुड़ा है । जानते हे आप मम्मी कहा से मेरी गलती की नीव जुड़ा हुई हे । मम्मी वो नींव आप और मेरे अजीज दोस्त मेरे भाई जिसे में सगे भाई मानता था तपन । वो नींव आप दोनो हो । मुझे मजबूर का दिया था आप दोनो ने । जिस दिन पता चला उसी दिन से में मर गया हूं । इस दुख से में कभी उभर नहीं पाया आज भी नहीं सायेद कभी नही । मुझे सहारा देने के लिए था मेरा एक भाई जिसे में सगा मानता हूं और वो है बिशु । जिसे ये बात मुझसे पहले पता चली नही तो में किसी को नही बताता । क्यू की इस हमारी दोस्ती टूट जाती हमारी परिवार टूट जाती । शेतन को इसलिए नहीं बताया मैंने उसे । विशु था मुझे सहारा देने के लिए लेकिन वो भी मजबूर था दो दोस्तो में से किसको सुने । मेरा घाव इतना बड़ा था की में जख्म पे मलहल लगाने के लिए कुछ नही था । मम्मी तुम सोच भी नही सकती मुझे कैसा लगता है जब भी आपको तपन के साथ ....(सेक्स ,रोमांस मोज,मस्ती) करते हुए । भला कौन अपनी मम्मी को किसी और के साथ वो भी अपने ही बेटों के दोस्त के साथ । मम्मी मानता हूं एक बार गलती से आपके हाथों से ये सब हो गया । लेकिन आप एक समझदार औरत और समझदार मां और पत्नी थी । पापा को नही बताया तो कमसे कम मुझे बता देते ।

आखरी मेरे ही दोस्त के साथ । ये तो हक है मेरा क्यू की आपने मेरे दोस्त के साथ रिश्ता बनाया । कोई और होता तो मम्मी ............. में सह भी लेता .............. लेकिन आपने मेरे ही दोस्त के साथ ............. क्यू मम्मी .......... इस हादसे को हुए अभी बोहोत टाइम हो गया है ....... इतने महीने में आपको गलती का एहसास भी नही हुआ और आप तपन के साथ ...........या आप इसे गलती नही जान बूझ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर समझ के .......... मम्मी मुझसे रहा नही गया और मैने बदले में जो सही लगा वो मैंने किया ।"

जिशू अभी तक बात खतम नही की उसने इस बार तपन से बोला ।" भाई तू मुझे मारने आया था ना । अगर इतना ही बहादुर है सच्चे मर्द होते तो मुझसे बात करते मुझसे कहते की में तुम्हारी मम्मी से प्यार करता हूं । लेकिन तुम कायर निकले । जब तूने मेरे साथ वफा नहीं निभाया तो मैं क्यों निभाऊं । मेने भी तुझे वही दर्द दिया है जो तूने मुझे दिया है दोस्त । कैसा लग रहा है अब । अब तुझे पता चल रहा हे कैसा लगता है जब एक दोस्त दूसरी दोस्त की मम्मी की बिस्तर .............. लगी ना तुझे । हा भाई ऐसे ही लगी थी मुझे और आज भी सहता आ रहा हूं में । अब हम दोनों एक ही नाव पे चबार हे । तू मुझे सबक सिखाना चाहता है और में तुझे । अगर दो दो हाथ भी करना चाहता है तो में तैयार हूं जब तू बोले । अपनी कहानी का तू नायक है और में अपनी कहानी का नायक हूं । "

जिशू शेतन की तरफ खुद एक गुनेगार ठहराते हुए दिखा के शेतन की आखों में देखता है ।" है मेरा भाई । तुझे पराया कर दिया ना मैने । चाय पी गिरी मक्खी की तरह उठा के फेक दिया था मैंने तुझे इस प्लान से । लेकिन में तुझे अपनी ऐसी दुखियारी प्लान में शामिल कर के तेरी हसी नही चिन न नहीं चाहता था । विशू को भी नही बताता लेकिन इसे मुझसे पहले ही पता चल गया था । तू चाहे तो मुझे सजा दे सकता हे ।"

जिशू अब शीतल की तरफ देखता हे ।" आंटी । में आपसे कोई सफाई नहीं दूंगा । बस इतना ही कहूंगा की आपने जो श्राप दी थी वो तो आपके देने से पहले ही लग चुकी थी जो मेरे अपनो के साथ होने वाला था । में जितना भी आपसे माफी मांगू प्रस्सित के लिए कुछ भी नही होगा । इसलिए में ये उचित समझता हूं आप जो भी सजा देना चाहती है जो भी चाहे पुलिस के हाथो पकड़वा के सजा देना चाहती हे । मुझे मंजूर है ।"

जिशु के आसू सुख गए थे स्वगत भाषण से । उसे भी एहसास था उसने गलत किया हे बदले की आग में । और वो खुद चाहता था की उसे सजा मिले ।

तानिया धम से शीर पकड़ के बैठ गई उसने कभी नही सोचा था कि इसका नतीजा इतना भयानक होगा मारने मरने तक तक आ जायेगा ।(नही बेटा में मान टी हूं में गुनेगार हूं । कई बार बेटा कई बार कई बार तुम्हे बताना चाहती थी । लेकिन रिश्ते ही ऐसे हे हमारा की बता नहीं पाई ।आखरी कैसे एक मां अपनी बेटे से उसकी अफेयर के बारे में बता सकती हे । फिर भी बोहोत कशिश की । बोहोत बेटा बोहोत ।

पर में कमजोर हूं । मुझमें इतनी हिम्मत नही थी लेकिन आज मेरी हिम्मत ना होने की नतीजा मुझे ही नही सबको भुगतना पड़ रहा है । I'm sorry बेटा । माफ कर दो मुझे )

तपन रद्दी में पड़े न्यूज पेपर की तरह मूल्यहीन हो गया था ।( हा दोस्त तुम सही हो । अब तुम्हराब दर्द मुझे एहसास हो रहा है । में भी कमजोर निकला जितनी मेरी ताकत हे उतनी ही खोखला निकला में । क्या फायदा हुए इस वरदान का कुछ नही । सब खत्म हो गया । काश माफी के लायक होता ।"

जिशु (दोस्त में समझता हूं तुम्हारा दर्द । लेकिन गलत तो गलत होता है । में भी सायेद तब तुम्हारा दर्द ठीक से समझ नही पाया जितना अब समझ पा रहा हूं । अगर समझ पाता तो सायेद में कुछ कर पता खुद । सब दर्द तेरे कंधे पे डाल दिया दोस्त । माफ कर दे यारा)

शेतन चिल्ला के बोला ।" ये सब हो क्या रहा है । क्या हे ये सब कोई बताएगा मुझे "

जिशु उसे साइड में ले के गया समझने ।

शीतल (ये क्या बोला रहा है । क्या सुन रहा हूं में । क्या मेरा बेटा और तानिया । क्या सच में । इसलिए जिशु ने मेरे साथ ऐसा किया )

अंधेरा हो रहा था सूरज कब का डाल चुका था । लेकिन आज चांद भी शर्मा रहा था इनलोगो की कायनात देख । तभी एक कड़क बादल गरज उठे आसमान में काली घने मेघ की तकरार कुछ अनहोनी होने का संकट दे रही थी ।जैसे प्रकृति भी नाराज हे इन दृश्य से ।

अचानक खंडार का पुराना चट्ट की मालवा गिरने लगे । विशु और शेतन तो साइड में थोड़ी दूर समझा बुझा सलाह मशरा कर रहे थे ।

जिशू जिस जगह पे था उसके ऊपर कोई मालवा नही था । शीतल , तानिया और तपन जिस जगह थे उस जगह पड़ खंबे टूट के गिर रहे थे । सब कुछ इतना जल्दी हो रहा था जिसकी उम्मीद नहीं थी ।

तीनों वाहा से भागने लगे । शीतल और तपन तो कामयाब हो गए लेकिन तानिया किसी दरार में पेड़ फंस गया । और तपन जल्दी से तानिया के पास गया और तानिया की पेड़ निकलने में लगे थे की उसके ऊपर एक खंबे का मालवा गिर पड़ा । जिसपे लगी दो रोड उसके पीठ से घुस के उसके चीनें से निकल आई ।

जिशु और शीतल एक साथ चिल्लाता है "तपन"
तानिया को कुछ समझ ही नही आया पलक झपटे ही ऐसा हादसा जो हो गया ।

शेतन आवाज सुन के दौर के आ गए और विशु तो अपनी रफ्तार से पहले ही पोहोच गया था तपन के पास ।

"Tapannnnnnnnn"

Update 29

J.K. Life Medical ​

" डॉक्टर डॉक्टर प्लीज मेरे बेटे को बचा लीजिए " शीतल डॉक्टर के पेड़ो में गिर के भीख मांगने लगी ।

डॉक्टर बस ओटी में से बाहर निकले ही थे की एक मां ने उसके आगे झोली फैला दी । डॉक्टर अपने काम प्रोफेशन था । उसे ज्ञान था परिजनों का कैसे नम्रता से नियंत्रित किया जाता है । वो शीतल को उठता है बाजू पकड़ के । तानिया ने शीतल को सहारा दे के बेंच पे बिठा देती हे ।

डॉक्टर ।" ये आप क्या कर रहे है । ऊपर वाले पे आस्था रखिए । "

डॉक्टर आगे बढ़ता है और शुबत मेहरा से बात करता है ।

" मिस्टर मेहरा ।"

शुबत मेहरा खड़े हो जाते हे ।" जी डॉक्टर । कंडीशन क्या हे हमारे बेटे की ।"

तभी जतिन रोते हुए डॉक्टर से बिनती करता है ।" प्लीज डाक्टर साहब उसे बचा लीजिए ।"

डॉक्टर हल्का सा मुस्कुराके असबासन देता है ।" जी आप शांति रखिए । ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा है । पैसेंट बोहोत बहादुर है इतनी गहरी चोट के बावजूद सांस ले रहा है...हमने अपना बेस्ट दिया है जब होश आएगा तभी हम आगे की कंडीशन बता पाएंगे "

डॉक्टर वाहा से निकल गया । जतिन खुद को संभाल नही पा रहा था । दुख से कमजोर हो गया था खुद का बेटा ऑपरेशन थिएटर में हो तब भला कौन मां बाप शांत रह सकता है ।

सभी मजूद थे शिवाय दीपाली और तरली के इलावा । उनको जबरस्ती घर का खयाल रखने के लिए तपन के घर पे रहने को कहा गया था ताकि घर से किसी प्रकार की जरूरत आन पड़े तो वो दोनो मदद कर सके ।

जतिन को संभाल रहा था शुबत मेहरा , रतन भार्गव और हरिलाल पाठक , तीनों पिता एक पिता की दुख में भागीदारी हो रहा था और अपना कर्त्तव्य निभा रहा था ।

तीन दोस्त हॉस्पिटल के वेटिंग रूम में बस बेजान शरीर बन के बैठा था । बस किसी तरह अपनी आसू रोक के रखे थे ।

कुछ घंटों के बाद तपन को Intensive Care Unit मे शिफ्ट किया गया । डॉक्टर उसे बारी बारी चेक कर रहे थे और इलाज कर रहे थे ।

रात के 10 बजे डॉक्टर परिजनों के पास आ के एक खबर देता है । " पैसेंट को होश आ गया है लेकिन वो सिर्फ अपने तीन दोस्तो से मिलना चाहता है पहले । कुछ नाम बताया था जिशु ,विशु , शेतु कर के "

तीनों दोस्त झट से खुश होते हुए खड़े होते हे ।" हम है सर "

शीतल ।" में भी चलती हूं "

डॉक्टर ।" नही आप लोग अभी नहीं मिल सकते है । ओनली वन पर्सन को मिलने दे सकते हे हम । वो तो पेसेंट ने मांग की और उसकी केयर करते हुए हम तीन दोस्तो को मिलने दे रहे है । आप तीनों आइए मेरे साथ ।"

तीनों डाक्टर के पीछे पीछे Intensive Care Unit में घुस जाते हे । तीनों देख पाता है तपन लाइफ सपोर्ट मशीनों के सहारे लेता है बेड पे ।

डॉक्टर ।" ओनली 15 मिनट ।"

डॉक्टर चला जाता है ।"

जिशू हाथ जोड़ के आसू बहाने लगता है ।" माफ कर दे यार । माफ कर दे ।"

तपन ऑक्सीजन मास्क हटा के मुस्कुराता है । और हाथ आगे बढ़ता है । जिशु उसका हाथ थाम लेता है ।

शेतन और विशु स्टूल पे बैठ जाता है उसके पास । मुस्कुराके के उसे देखता है ।

विशू ।" मेरे पट्ठे कैसा है "

शेतन ।" साले तुझे अब भी मजाक सूंज रहा है ।"

तपन मुस्कुरा के । " अरे तुम दोनों यहां शुरू मत हो जाना ।"

जिशू ।" तू हम तीनों से मिलना चाहता था डॉक्टर ने बताया है ।"

तपन आंखे पलक झलक ऑक्सुजन मास्क लगा का सांस लेता है । और फिर हटा देता है । तो विशू उसको मास्क लगाए रखनें को बोलता है । लेकिन तपन ना में इशारा करता हे ।

तपन ।" खुद को बब्बर शेर समझता था लेकिन जल्द ही आइना दिख गया मुझे ।

अब समझ आया की मै क्या हूं"

शेतन ।" है यार तू पहले ठीक हो जा फिर बात करेंगे ।"

जिशू ।" हा दोस्त । हमारे लिए तेरी जान बोहोत कीमती है । पहले तू ठीक हो जा फिर बात करेंगे । वैसे डॉक्टर बोला हे तु बोबोट बहादुर है ।"

तपन ।" पता नही कब तक बचूंगा ।"

विशू ।" क्या यार मरना होता तो तभी मार जाता नॉर्मल इंसान की तरह । दो दो रोड घुस के निकल आए थे कोई भला बच सकता था । तुझे कुछ नही होगा । एक बार ठीक हो जा बोहोत लात मारनी हे तेरे पिछवाड़े में ।"

तपन मुस्कुराता है और गंभीर हो के जिशु के तरफ देख के बोलता है ।" में तेरा गुनेगर हूं । बताने की हिम्मत नही हुई । हटाना चाहता था पर डरता था दोस्ती चीन जाने से और आंटी को खोने से । बस मेरी विनती है आंटी को गलत मत समझना । उसकी गलती नही हे जो किया मैने किया । ......" एक गहरी सांस ले के बोला " पता नही तुझे विश्वाश होता है की नही पर में तुम तीनो को कसम खा के कहता हूं । आई लव हर । आंटी से सचमे प्यार करता हूं । मुझे नहीं पता सच्चा प्यार क्या होता है । लेकिन हां इतना बता सकता हूं में उससे दूर नहीं रह पाता । पता नही क्या हे क्या नहीं हे जो में उसने चाह कर भी अलग नही रह पाता । लेकिन दोस्त में जान गया हूं मेरे इस नाजायस प्यार से तुम्हे और बाकी लोगो को चोट पोहोचती है इसलिए में अपना प्यार दफन कर रहा हूं ।"

जिशू तपन का हाथ चूम के रोने लगा ।" नही यार । में समझता हूं पर क्या करे रिश्ते ही बेधंगा है इसलिए । पर कोई बात नही में समझता हूं । क्या मम्मी भी ।"

तपन ।" हा आंटी भी मुझसे प्यार करती हे ।"

शेतन ।" यार रूला दिया रे तुम लोगो ने ।"

जिशु ।" मम्मी खुश है तो में खुश । बस मुझे थोड़ा समय देना ।"

तपन ।" ये एहसान में जिंदगी भर नही चुका पाऊंगा दोस्त ।"

जिशू ।" मैने तुम्हारे मम्मी के जो किया वो । वो पाप में अब कैसे धोऊ "

तपन ।" मुझे अब कई शिकायत नही हे । पर माफ करना मम्मी का में कुछ नही कर सकता । तुमसे नफरत करती होगी या कोई सजा"

जिशू ।" हा में तैयार हूं जो भी फैला ले आंटी में मानने के लिए तैयार हूं माफ तो सायेद न करे । सजा भी दे तो मंजूर है ।"

विशू ।" तुम दोनो ही गिला शिकवा दूर करते रहोगे क्या । इस उल्लू के पट्टे को हमने छुपा के रखा इसलिए हम तीनो से नाराज़ है । उसको तो मनाओ लल्ला लड़ी कर के मेरे को जबरदस्त घुसा पड़ी ।"

जिशु और तपन शेतन की तरफ देखने लगता है तो शेतन जान बूझ कर नाराज होने का चहेरा बनाता है ।

तपन मजाक करते हुए बोला ।" एक बार ठीक होने दे फिर तेरी गांड मरता हूं ।"

शैतान अपनी हसी रोक नही पाया ।" साले तेरी किस्मत अच्छा है वरना ऐसा पेलता ना ।"

तभी डॉक्टर और नर्स आ जाते है और तीनो को विजिटिंग टाइम उप बोल के बाहर निकल देता है ।

Update 30

After a few days at Jishant's house​

सुबाह के 8 बजे ।

" जिशू । जिशू ।

अभी तक ये लड़का उठा नही पता नही कब कॉलेज जायेगा ये लड़का । रात को तो बोला था कॉलेज के लिए जायेगा उठा देना । कब से आवाज दे रही हूं लेकिन अभी तक नाश्ता करने नहीं आया ।"

तानिया परेशान हो कर जिशू के कमरे में जाती है । लेकिन जिशू उठ चुका था और बेड पे बैठ के बास्केट बल से ऐसे ही खेल रहा था ।

तानिया ।" अभी तक नाश्ता करने नहीं आया तू । कॉलेज नहीं जाना क्या ।"

जिशू ।" नही मम्मी आज नहीं ।"

तानिया जाने वाली थी बापच मुड़ के जिशू के पास बैठ गई ।" क्या बात है । "

जिशू मुस्कुरा के ।।" कोई बात नहीं । क्या बात होगी ऐसे ही मन नहीं है ।"

तानिया ।" कभी माफ नही कर पाओगे मुझे "

जिशु उसकी एक हाथ गोद में ले के प्यार से बोला ।" नहीं मम्मी ऐसी बात नहीं है । अच्छा कुछ पूछूं तो आप जवाब देंगे बुरा तो नहीं मानेंगे आप ।"

तानिया समझ गई कुछ गंभीर विषय हे लेकिन अब वो हर विषय पे बात करने के लिए तैयार है ।" हा बोलो । कुछ भी पूछ सकते हो तुम । में हर जवाब के तैयार हूं। बल्कि मुझे अच्छा लगेगा तुमसे बात कर के ।"

जिशु ।" आप । आप पापा को । मतलब आप दोनो अलग तो नहीं हो जायेंगे न ।"

तानिया कुछ पल शांत रह के बोली ।" नहीं । मेरे तरफ से ऐसा कोई इरादा नहीं हे । लेकिन हा उसे पता चलेगा तो वो मुझे जरूर छोड़ देगा उसे बर्दास्त नही होगा ।"

जिशू ।" आपके और पापा के बीच प्यार नही है ।"

तानिया ।" पता नही । कोई रिश्ते बिना प्यार के ही चलते रहते हे । ऐसा अक्सर पति पत्नी के साथ होता है । बिना प्यार के ही समाज और घर परिवार के की वजह से बिना प्यार के जी लेते हे । एक समय था प्यार । लेकिन उनके काम ज्यादा इंपोर्टेंट हे तुम्हे तो पता ही हे कभी भी आधी रात को उठ के काम पे जाते हे । तुम पति पत्नी के रिश्ते में नही हो इसलिए थोड़ा समझना मुस्किल है । हमारा लव रिलेशन अभी बोरिंग हो गया है । उसे सुधारने के लिए ना उसने कभी पहल की ना मैने । जीवन में एक रूल बन जाता है । बस हम वोही रुल फॉलो करते आ रहे है । लेकिन ऐसा नही हे की हम एक दूसरे कि फिक्र नहीं है । मतलब वो टच नही हे जो एक दूसरे के लिए फील करे प्यार की विषय में बात करे एक दूसरे को समझे ऐसा कुछ नही । कपड़े या कुछ सामना की जरूरत की बात होती है और कुछ नही "

जिशू ।" मतलब पापा का अब आप पे इंटरेस्ट नहीं या फिर कोई उनको ।"

तानिया ।" नहीं ऐसा मुझे नहीं लगता । वो काम में ही बीजी रहते है । "

जिशु " और तपन ।"

तानिया शर्मा गई । " उसका क्या "

जिशू ।" मतलब चुपके चुपके इश्क करने तक ही सीमित रहेगा या फिर आगे कोई शादी वादी का इरादा भी हे ।"

तानिया मुस्कुराई ।" धेत्त बदमाश । ऐसा कुछ नही है ।"

जिशु । " मम्मी बताओ ना कुछ प्लैनिग हे क्या ।"

तानिया जिशू के माथा चूम कर । " नही कोई प्लानिंग नही हे । शादी वादी वो सब दूर की हे । तुम मेरे लाइफ की सबसे इंपॉर्टेंट चीज हो ।

में किसी भी हालत में तुम्हे खोना नही चाहता । और समाज कभी ऐसे प्यार को स्वीकार नही करेगा । जैसा हे वैसा ही ठीक है । अच्छा मेरी छोड़ो अपनी बताओ । शीतल आंटी के साथ । बड़े दिनों बाद मुझसे खुल के बात कर रहे हो अच्छा लगा बोहोत खुश हूं में ।"

जिशू ।" शीतल आंटी । वो अच्छी हे "

तानिया सरारत करते हुए ।" ऊन सिर्फ अच्छी हे ।"

जिशु मुस्कुराने लगा ।" ऐसी बात नही हे । ऐसा कोई फीलिंग्स नहीं हे ।"

तानिया ।" विशु ने सब बताया मुझे । कैसे तुम चारो को वरदान मिला । कैसे क्या हो गया । शीतल के साथ इतने मस्ती मजाक करते थे घूमने भी ले गया था । गिफ्ट भी देता था । और कोई फीलिंग नही ।"

जिशू ।" नही मम्मी आप गलत दिशा में जा रही है । हा वो मुझे अच्छी लगी कुछ प्यार के पल बिताए मैने ।अच्छा लगा आंटी के साथ भले ही मेरे मन में तब कुछ और चल रहा था । वो बोहोत भली हे मम्मी पता नही मुझे कभी माफ करेगी या नही । लेकिन अभी ये नहीं कह सकता की शीतल आंटी के लिए मेरे मन वैसा फीलिंग्स है । "

तानिया ।" कर देगी वो माफ । मुझे पता हे हा थोरी मेहनत करनी पड़ेगी तुझे । वैसे विशु ने सब कहानी शीतल और मुझे सब कुछ बता दिया हे ।अच्छा ये बता की तूने अपनी वरदान की दूसरी शक्ति वाली उन तीनो से छुपाए क्यूं ।"

जिशु ।" मतलब आपके पहली शक्ति वाली बात पता है ।" (ओ तेरी ये मैंने क्या बोल दिया )

तानिया शर्म से लाल हो जाती है और जूठा गुस्सा दिखा के बोली ।" जो पूछा उसका जवाब दे ।"

जिशू मुस्कुराता है ।" सॉरी । अच्छा वो जो मुझे टेलीपोर्ट होने का शक्ति मिला हे वो बोहोत दिन बाद मुझे एहसास हुआ । एक दिन में घर पर ऐसे ही सोच रहा था की काश में घर से अभी एक सेकंड में कॉलेज जा पता और तभी में दूसरे सेकंड में खुद को अपने कॉलेज में पाया । तब मुझे समझ आया की मैने ऐसा कभी सोचा नेहि था इल्सिए इस शक्ति का मालूम ही नहीं हुई मुझे । और मैंने तीनों को बताने की सोचा लेकिन तब ये सब हो रहा था और मेरे काम भी आ रहा था और दिखाना भी था अपना एटीट्यूड उस खंडार पे तो बताया नही ।"

तानिया ।" हम्म्म । अब जो हुआ उसे भूल जा। और अपनी दोस्ती के रिश्ते को मजबूद कर । बोहोत किस्मत वाले हो जो तुम्हे ऐसा दोस्त मिला हे । और हा मुझसे अब कुछ मत छुपाना कुछ भी गलत लगे तो बताना । में भी कुछ नही चुपाऊंगी और अब भी कह रही हूं अगर तुम्हे कोई परेशानी है तो बोलो में तपन से रिश्ता तोड़ लूंगी ।"

जिशू ।" नही मेरा ये मतलब नही हे । आप अगर उसके साथ खुश हो तो मुझे कोई परेशानी नही । बस आप जो भी फैसला ले मुझे बताना ।"

तानिया ।" जरूर । पिंकी प्रोमिस । अच्छा कॉलेज नही जा रहे हो तो चलो तपन के घर । तुमने इन दिनों मे बस दो ही दिन खबर लेने गए हो । और अपनी सकती से एक सेकंड में मुझे भी ले चलो ना ।"

जिशू ।

" अरे नही उसके लिए आपको ऐसा शक्ति प्राप्त होना चाहिए वो सिर्फ मेरे अकेले के लिए ही हे । और आंटी की वजह से में नहीं गया । वो मुझे देख की ही दुखी हो जाती है ।"

तानिया ।" तुमसे ज्यादा तो साइड मुझसे नाराज़ है वो । सब कुछ मेरी वजह से जो हुई "

जिशू ।" अब बस करो खुद को अब कोसती मत रहो । नियति थी तो हो गया अब चलो अच्छी सी स्माइल दो और तैयार हो जाओ ।"

तानिया उसे प्यारी सी जप्पी दे के अपने कमरे में तैयार होने चली जाती हे ।

One day before Tapan's house

समय रात के 9:30 pm डिनर के बाद ।

शीतल किचन से गर्म दूध ग्लास पे डाला रही थी । जतिन वाहा किचन में ही था ।

जतिन ।" शीतल आज काल तुम चुप चाप सी रहने लगी हो ।"

शीतल मुस्कुरा के ।" आपको ऐसा क्यों लगता है ।"

जतिन ।" अरे भाई ऐसा दिखता हे इसलिए लगता है ।"

शीतल ।" अरे नही थोड़ी तपन का शिंता लगी रहती है ."(जूठ)

जतिन ।" अच्छा । लेकिन टेंशन मत लो डॉक्टर ने कहा था कि उसे एक महीना तक बेड रेस्ट चाहिए लेकिन देखो 10 दिन में ठीक हो गया वो कैसे उछल कूद करना शुरू कर दिया । तुम शिंता मत करो अभी वो बिल्कुल ठीक हे ।आखिर मेरा खून है ।"

शीतल मुस्कुरा के बोली ।" हा इसलिए तो इतनी जल्दी ठीक हो गया । आप जाइए में उसे दूध दे के आती हूं उसे सुला के में कमरे में आती हूं ।" (अब आपको कैसे बताऊं की आपके बेटे के अंदर वरदान प्राप्त बलशाली शक्ति जो हे । मुझे भी विश्वास नहीं होता हे पर ये सच है ।)

शीतल किचन से तपन के कमरे में गई । तपन टीवी पे wwe देख रहा था । शीतल उसे दूध दे के उसके पास ही बैठ गई । तपन धीरे धीरे गर्म दूध पीने लगा ।

तपन ।" मम्मी आप भी दूध पिया करो । आज कल आप भी कमजोर दिख रही हो ।"

शीतल ।" नही मुझे दूध से उल्टी आती है । और में बिलकुल ठीक हूं । "

तपन प्यार से बोला ।" मम्मी आपको में जानता हूं । आप परेशान हो प्लीज बताओ ना क्या बात है ।"

शीतल संकस के साथ बोली " बेटा वो वीडियो क्या सब जगह फैल गया ।"( जिशु ने जो उस दिन शीतल और बाकी सबको अपनी और शीतल की सेक्स टेप भेज के एड्रेस भी भेजा था उसकी बात कर रही थी शीतल ।)

तपन एक चीप ले के बोला ।" मम्मी उसने सिर्फ हम लोगो को भेजा था । और उसपे अलग से ऐसा प्रोग्राम किया गया था की वो एमएमएस अपने आप 5 मिनट के बाद डिलीट हो गया । आप टेंशन मत लो । "

शीतल राहत की सांस लेती है । " गुड नाईट बेटा । ज्यादा देर टीवी मत देखना ।"

शीतल जाने के लिए उठी तो तपन ने उसकी हाथ पकड़ के बिठा दिया ।" मम्मी आप जीशू से नाराज़ मत हो । मानता हूं उसने जो किया गलत किया पर असली गुनहगार में हूं । मैने कर्म ने उसे मजबूर कर दिया था ।"

शीतल के आसू आन पड़े । तपन अपनी मम्मी को गले लगाता है । शीतल सुबक सुबक के बोलती है ।" पता नही क्या हो गया ये सब किसकी नजर लगी हमारे परिवार को । सब कितना खुश थे पर अब ।"

तपन ।" नही मम्मी ऐसा नही हे सब ठीक है ।

आप दुखी हो इसलिए में दुखी हो जाता हूं । जिशु को गलती का एहसास है और मुझे भी । आप जितना गुनेगार जिशू को मानती हे उतना ही में भी गुनेगार हूं । मुझे माफ कर देना मम्मी ।"

शीतल ।" नही बेटे ।बार बार माफी मत मांगो मैने कब का माफ कर दिया है । बस थोड़ा समय चाहिए । "

तपन ।" हा मम्मी आप समय ले लो । और में वादा करता हूं में पहली वाली खुशियों से भरी माहोल दुबारा ला दूंगा । "

शीतल ।" मुझे तुमपे भोरोषा है । एक बात पूछना चाहती थी की क्या तानिया और तुम अब भी ।"

तपन ।" हा मम्मी । पर इस बार जिशु की सहमति से । वो भी धीरे धीरे एक्सेप्ट कर रहा है । उसने हां कहा है ।"

शीतल " बेटा क्यू आप जिंदगी बर्बाद कर रहे हो । वो तुम्हारी मम्मी की उम्र की है । तुम्हारे दोस्त की मम्मी हे । कही से मेल नहीं हे फिर क्यूं ।"

तपन ।" आप टेंशन मत लो उसने साफ कह दिया हे वो मेरे साथ शादी वादी नही करेगी । प्यार का मतलब सिर्फ शादी करना ही होता है क्या । और वैसे भी हम इस प्यार से ज्यादा अपने परिवार की खुशी पहले देखेंगे हम दोनो वादा किया हे । इस बार किसी को कोई चोट नहीं पोहोचेगा । सब ठीक है मम्मी । अब तो मेरी खेलने कूदने की उम्र है इतना मत शिंता करो । मुझे सबक मिल चुका है और में अब सकझदार हूं । "

शीतल " ठीक है जैसा तुझे ठीक लगे लेकिन एक बात ध्यान रखना सपना मत देखना । कुछ सपने कभी सच नहीं होते । "

शीतल अपने बेटे को लाद प्यार कर के अपने कमरे में चली गई ।

Update 31

A day later at Tapan's house​

सुबाह का समय 10 बजे ।

जिशू और तानिया तपन के घर का बेल बजाता है । दोनो मन में यही सोच रहे थे की शीतल दरवाजा ना खुले । लेकिन दोनो की किस्मत में शीतल की ही दरवाजा खुलने का लिखा था ।

शीतल दोनो के देख के पहले तो कोई प्रतिक्रिया नहीं देती लेकिन बाद में हल्की सी फिकी मुस्कान के साथ बोलती हे ..." आओ अंदर आओ ."

दोनो अंदर चले जाते है लेकिन दोनो ही असहज महसूस कर रहे थे । इस वक्त तपन के पापा जतिन बैंक जा चुका था ड्यूटी पे ।

शीतल दोनो को बिराज मान होने को बोल के तपन को आवाज लगती ही है । माहोल ऐसा था की जैसे तानिया और जिशू पहली बार मेहमान बन कर आए है । वो मंजर नहीं था जब तानिया या जिशू आते थे शीतल भागी डोरी खुशी से झूमते हुए स्वागत करती थी शिकायत करती थी कि आज इधर की रास्ता कैसे याद आया बगेरा बगेरा । कितनी मजाक मस्ती करती थी और यही नही जिशू या तानिया आती थी तो दोनो बिना बोले ही घुस जाते थे पूरे घर में घुस के अपनापन जताते थे । लेकिन वो मंजर अब नहीं रहा ।

तपन गुनगुनाते हुए चिड़ी से उतर के आता हे ।" हा मम्मी " लेकिन जब सामने जिशू और तानिया को देखता है तो उसे दुविधा होती है की वो किस तरह रिएक्ट करे । क्यों की रिश्ते खुल चुके थे अब उसे साधारण तरीके से रिएक्ट करने में थोड़ा टाइम तो लगेगा ही ।

तपन अपने मर्यादा में रहते हुए मुस्कुरा के बोला ।" अरे आप लोग । नमस्ते आंटी ।"

तानिया मंद ही मंद मुस्कुराती है । " जी अब कैसी है तबियत "

जिशू जूठे गुस्से से आंखे बड़ी कर के तपन को देख रहा था । तपन बस शर्मा के मुस्कुराते रह जाता हे । तानिया मन ही मन मुस्कुराने लगी । उसे भी शर्म आ रही थी लेकिन शीतल को वजाह से ज्यादा असहेज महसूस कर रही थी ।

शीतल भी वोही स्थिति में थी उसके सामने उसके बेटे के गर्लफ्रेंड सामने थी जो उसकी दोस्त थी पहले या सायेद अभी भी है या नही आगे ही देखने को मिलेगा ।

शीतल ।" बैठो में अभी आती हूं ।"

शीतल किचन की तरफ जाने लगी तो उसके पीछे पीछे तानिया भी गई कुछ हिम्मत जुटा के । तपन अपने दोस्त को अपने कमरे में ले के गया ।

तपन " मुझे लगा रोज आओगे खबर लेने । पर आज आए हो ।"

जिशु ।" यार अब बस भी करो तू जानता है । "

दोनो समझ गए की वजह क्या है । इसलिए दोनो उस मुद्दे को दफन कर देते है। वजह था शीतल जो न खुश थी ।

जिशु उसके कमरे के स्टोरेज रैक से एक शोपीस उठा के बोलता है ।" ये तूने कब ली थी ।"

तपन कोई जवाब नही देता बस मुस्कुराता है बस । उसकी मुस्कान देख के जीशू को और समझने की कोई जवाब नही चाहिए थे । उसकी भी मुस्कान निकल जाते हे ।(वो शोपीच तानिया ने गिफ्ट की थी तपन को)

जिशू शोपीच बापच अपनी जगह रख के बैठ जाता है । " और बताओ पैन होता है क्या "

तपन ।" अरे नही एक दम तंदुरुस्त हूं । में सोच रहा हूं काल से कॉलेज जाना शुरू कर दूं ।"

जिशु ।" हा सही कहा । तेरी वजह से हम तीनो की कॉलेज की छुट्टी हो गई 15 दिन तक ।"

तपन ।" तो मैने कहा था तुम तीनो को की में नहीं जा रहा इसलिए तुम लोग भी मत जाओ ।"

जिशु ।" साले अकड़ नही टूटेगा तेरी । खेर छोड़ अपना ज्ञान बाबा हे ना शेतन पंडित । सब संभाल लेगा । "

दोनों हास पड़ते है ।

In the kitchen

शीतल मेहमान के लिए नाश्ते का प्रबंध कर रही थी । तानिया बस जीझक रही थी दोनो सोच रहे थे बात पहले वो करेगी लेकिन कोई नहीं कर रही थी खाली सन्नाटा था ।

तानिया को रहा नही गया तो वो बोली ।" कैसी हो "

शीतल ।" ठीक हों तुम ।"

तानिया ।" में भी ठीक ही हूं । और बताओ कैसी चल रही है ।"

शीतल ।" सब अच्छा ।"

तानिया छींक में उंगली टुकटुकाती हुई इधर उधर नजर करती हुई बोली ।" मुझे माफ कर दो शीतल।"

शीतल ।" कितनी बार बोलूं सबको की सबको माफ कर चुकी हूं । बार बार क्यू याद दिलाते रहते हो"

तानिया की बाह पकड़ के बोली ।" नही तूने हमें माफ नही करी अभी तक । तेरी मन की बात तेरे चेहरे पे साफ दिख रही है कमसे कम मेरे बेटे को तो माफ कर दो। "

शीतल ।" जितना जिशु की गलती थी उतना ही तपन का था । जब तपन को माफ कर दिया तो जिशू को क्यों नही माफ करूंगी । बस मुझे ये सब समझ नही आती हे । अटपटा लगती है ."

तानिया ।" थोड़े टाइम बाद सब ठीक हो जायेगा ।

शीतल ।" तो टाइम दो ना ।

चलो नाश्ता लगा देती हूं ।"

तानिया मजाक करती हुई बोली ।" तुम हमेशा क्यू पकड़े खिलाती रहती हो हर समय हमें ।"

शीतल बस होंठ की कोने से हलकी सी मुस्कान दे के बोली ।" क्यू की बच्चो को मेरे पोकोरे ही पसंद आते है ।"

तानिया बस मुस्कुरा देती है । दोनों नाश्ते का प्लेट डाइनिंग टेबल पे रख के जीशू और तपन को आवाज देती है ।

Update 32

Next day in collage ​

आज चारो कॉलेज एक साथ आए थे । बाकी के स्टूडेंट्स इन चारो को इतने दिनो बाद देख कर घूर घूर कर देख रहे थे सबके मन में एक ही सवाल था की कहा थे इतने दिन ।

चारो हीरो की तरह एंट्री लेते है । क्लास में प्रोफेसर भी इन चारो से वार्ता लाप लेते हे । और चारो के मज़ाक भी उड़ते हे लेकिन बाकी के स्टूडेंट मजाक में जरा भी नहीं हस्ते क्यू की उनको पता था उनके ऊपर हसा तो चारो मार मार के मिट्टी का स्वाद सखा देंगे ।

विशू और शेतन दोनो कैफेटेरिया में थे ऑफ क्लास के समय ।

विशु ।" लगता है ये दोनो कुछ ज्यादा ही गहरी दोस्ती बन गए पहले से ज्यादा । जब देखो दोनो एक साथ हो जाते हे हमपे ध्यान ही नही रहता "

शेतन हास के ।" दोनो एक ही थाली के जो हो गए । हां हां हां "

विशु ।" चुप चुप आ गए जय वीरू ।"

जिशू और तपन कही से आ रहे थे और उन दोनों के टेबल पर बैठ गए दोनो ।

तपन ।" तुम दोनो हमारे बारे में क्या बोल रहे थे ।"

शेतन ।" कुछ नेही ।"

जिशू ।" नहीं तुम दोनो हमारे बारे में कुछ बोल रहे थे हमारी गड फीलिंग बोल रहा है तुम दोनो हमारी चुगली कर रहे थे ।"

शेतन ।" सुना विशु । हमारी । हमारी । सुना "

विशू ।" हा सुना भाई । क्या करे अब हम दोनों का कोई एहमियत नहीं रही ।"

जिशु ।" लगता है दोनो की पिछवाड़े में बोहोत खुजली हो रही है ।"

तपन ।" अच्छा छोड़ो ये सब बाते । कुछ और टॉपिक लगा बे ।"

विशू ।" हा भाई कुछ और टॉपिक पे बात करते है । अच्छा आज सुबह मेने तेरे घर पे फोन किया था शीतल आंटी ने फोन उठाया था लेकिन आंटी ठीक से बात नहीं कर रही थी । बात क्या है ।"

शेतन विशु को जिशू की तरफ इशारा करता है तो जिशु चिढ़ गया । " क्या बे साफ साफ क्यू नही बोलते तुम लोग ऐसे इशारा बाजी कर के क्या बताना चाहता है ।"

विशू ।" ओके ठीक है सुन । प्रोब्लम तुम लोगो को हा नतीजा हम दोनो क्यू भुगत रहे थे । शीतल आंटी हमसे बात क्यों नहीं करती । में और शेतन रोज इस सांड (तपन) की खबर लेने जाते हे लेकिन शीतल आंटी हमसे ढंग से बात हीं नही करती चेहरा भी ठीक से नही दिखती कोना पकड़ के छुपी रहती थी ।"

जिशु और तपन चुप चाप रहते हे दोनो के पास कोई जवाब नही होता है ।

शेतन ।" क्या हुआ सांप क्यू सूंघ गया ।"

तपन (जिशू से) ।" तुमने मम्मी से माफी नहीं मांगी अभी तक ।"

जिशु ।" कितनी बार माफी मांग चुका हूं लेकिन ठीक से जवाब ही नहीं देती बस हू हा करती है ।"

शेतन और विशू हसने लगता है । ये दोनो चिढ़ जाते हे ।

तपन ।

" यार माहोल को पहले जैसा करना होगा ।"

विशू ।" पहले जैसा नेही नया माहौल बनाना पड़ेगा गाढ़े । जिसमे खुशियां आ जाए ।"

तपन ।" यार में सोच रहा हूं क्यूं ना अपनी अपनी मम्मियों को ले के कही घूमने चले इससे साइड चीज़े ठीक हो जाए ।"

विशु मजाक के अंदाज में एक साथ ।" हम तुम दोनो जैसे नहीं बे ।"

शेतन ।" हा हमारी ऐसी कोई सोक नही है ।"

जिशु ।" तुम दोनो को ना गु खिला देना चाहिए । दोस्त का ही मजाक उड़ाता है ।"

शेतन ।" हम दोस्त ही दोस्त का मजाक उड़ाएंगे नहीं तो कौन उड़ाएंगे । ये दुनिया वाले । ए विशू जरा दुनिया वाले को एलान कर दे रे ।"

विशु तुरंत टेबल थपथपाने लगता है ।" सुनो सुनो दुनिया वालो ।"

लेकिन उसकी बात पूरी हो इससे पहले ही जिशु और तपन उसे पीटने लगता है । दोनो को चिढ़ते देख के विशु और शेतन हसने लगता हे ।चारो की मस्ती ऐसे ही चलती रहती हे ।

शेतन सीरियस हो कर ।" अच्छा जिशू एक बात बता तुझे शीतल आंटी से माफी मांग कर बापच वो प्यार चाहिए या फिर सिर्फ वाही पुरानी वालीं आंटी चाहिए । बोल तुझे क्या चाहिए में तुझे टिप दूंगा ।"

तपन बेकरार हो गया जवाब जानने के लिए । जिशू क्या जवाब देगा उसके मन में एक जिज्ञासा होने लगा ।

जिशु ।" यार में क्या बोलूं । मुझे खुद नहीं पता ।"

शेतन मजाक में ।" तुझे तो कोई प्राब्लम नही हे ना अगर जिशू ।"

तपन कुछ सोच के असहज में बोला ।" मुझे क्या प्राब्लम होगी ।"

विशु और शेतन हसने लगता है दोनो के खूब मजे लेते हे ।

तपन ।" दुबारा अगर हसा तो दात तोड़ दूंगा समझा ।"

विशू ।" कुल यार ।" (जीशू से) अरे बोल ना ठीक से सोच कर । शर्माता क्यू है "

जिशू ।" हा मुझे अच्छी लगती है बस इतना ही कह सकता हूं ।"

जिशू ऐसे शर्मा जाता हे की शेतन और विशू के साथ तपन भी हास पड़ता हे ।

शेतन ।" ओके सुनो तुम लोग । तपन का आइडिया सही हे हम कही घूमने जाते हे टूर पे ।"

तपन । " हा आज ही सब अपनी अपनी मम्मी को बता देते हे और पापा से भी परमिशन लेते हे ।"

विशु ।" हमारी मम्मिया क्यू । उनका क्या काम ।"

जिशू और तपन इस बार दोनों की लेते है ।

जिशु ।" क्यूं दर लग रहा है कही हम तुम्हारी मम्मी के साथ भी ।"

तपन ।" वैसे आइडिया बुरा नही हे जिशू । मौका अच्छा है ।"

विशू ।" ए मजाक नहीं हा ।"

शेतन ।" हा ऐसी मजाक मत करो । "

जिशू और तपन हाई फाई देते हुए हसने लगते हे ।

तपन ।" क्यूं फात गई न ।"

जिशु ।" पेंट गीली हो गई क्या दर से । अब हमारी मजाक उड़ाओ ।"

विशू और शेतन भीगी बिल्ली बन जाता हे ।

जिशू ।" देख दीपाली आंटी और तरली आंटी साथ में रहेगी तो ग्रुप बन जायेगा । और घूमने का माझा ग्रुप में ही आता है । "

विशु ।" ठीक में आज रात बात करता हूं ।"..

शेतन मुंह छोटा कर के ।" ठीक है करता हूं बात ।लेकिन ।" और खुद ही हसने लगा मजाक के माहोल में ।

फिर चारो हसने लगते है ।

Update 33

Navratna village tour​

चारो ने मिल के प्रबंध किया एक शांत जगह जहा पे आवादी काम हो हुई हल्ला नहीं किसी भी कथित नियम नहीं जहा खुले मन से टूर का मजा लिया जाय । हरियाली हो खेत हो जिसपे सरसों का फूल खिले पूरे वातावरण को महका दे पशु पंशी की सहल पहल रहे । नदी झरना बहती रहे प्रीकृति का लुफ्त हो किसी तरह की प्रदूषण ना हो बीसुद्ध हवा बिशुद्ध पानी का साधन हो । और ऐसी एक जगह नजर में थी सिर्फ और सिर्फ नवरत्न गांव ।

नवरत्न गांव में ही विशू के पापा हरिलाल का जन्म हुआ था । और हरिलाल के अपने जन्मभूमि में कोई जमीन थी जहा उसका पुराना पुस्तानी विला (देहाती बँगला) था । जिसपे अब कोई नही रहता था । 15- 20 के लिए पापा लोग बच्चो को परमिशन दे दिया था छुट्टी मनाने के लिए ।

नारगढ़ से नवरत्न गांव का सफर लगभग चार घंटे का था । विशू के पापा के पास एक पुराने मॉडल की इनोवा कार थी जो 7 सीटर थी लेकिन किसी तरह से देसी लोगो की स्वभाव से आठ लोग बैठ गए ।

तानिया गाड़ी चला रही थी उसके बगल में शीतल बैठी थी । सेकंड रॉ में दीपाली , तरली और उसके बगल में उसका बेटा शेतन बैठा था । और पीछे तीन दोस्त जिशु , तपन , और विशू । आठ लोगो के लिए तंग जगह थी छे लोगों के लिए आरामदायक होती है हालाकि सीटे बदलने को बात हुई थी हर आधे पानेघंटे में ।

आठ लोग कार के इन्फोटेंट सिस्टम में म्यूजिक बजाते हुए मस्ती करती हुई जा रही थी । लेकिन एक बेचारा मन की अरमान दबा के चल रहा था और वो था तपन जो तानिया के साथ बैठने की अरमान लिए गाड़ी पे चढ़ रहा था । लेकिन उसके दो कमीने दोस्त विशु और शेतन उसके अरमान का सत्यानसा कर दिया था और मन मन हास रहे थे दोनो तपन की सकल देख कर ।

तीनों धीरे धीरे अपने में गप्पे लड़ते हे । विशू भी उनके साथ गप्पे लड़ाने चाहता था लेकिन तीन लोग बैठे होने की वजह से मुड़ नही पता था खुद की किस्मत पे कोचने लगा ।

विशु ।" सालो कमीने मुझे छोड़ के तुम तीनो मजा ले रहे हो ।"

तीनों पीछे हसने लगता है । तपन खुन्नस निकल के बोलता हे ।" क्यू बे अब मजा आ रहा है किसी की इस्सा पे पानी फेक के ।"

विशू हस पड़ता हे ।" मेरा आइडिया नही था बे शेतन का था ।"

शेतन नजर चुराने लगता है । तपन उसे घूरता है वो जिशु के सामने बात छेड़ना नहीं चाहता था इसलिए चुप रह जाता है । जिशु को भी पता चल गया था लेकिन वो अपनी मम्मी और दोस्त के बारे में इतना कैसे खुल सकता था तो इसलिए वो भी कुछ नही कहता ।

कुछ देर बाद जिशु पीछे से बाल खींचता है और ऐसा भाव करता है जैसे उसने कुछ किया ही नहीं । तपन और शेतन भी मन मन मुस्कुराता है । विशू गर्दन घुमा के देखता और तीनो को घूरते हुए बापच सामने देखने लगता है । ऐसा उसके साथ बार बार होता एक शेतन उसकी बाल खींचता हे और दो बार तपन उसकी बाल खींचता है ।

लेकिन इस बार विशु चुप नेही रहता परेशान हो कर चीखता है ।" जिसने भी बाल खींचा हे मेरा उसकी मां की .........."

बगल में बैठे उसकी मम्मी तराली पट से उसकी गाल लाल कर देती हे ।" चुप बेशर्म किसी भाषा बोलने लग गया है तू ।"

पीछे तीनों हास रहा था ।

विशू गाल सहलाते हुए ।" देखो ना ये तीनों मेरा बाल खींच रहा हे ।"

दीपाली कड़क आवाज में बोलती है ।" बदमाश इसलिए पीछे बैठे हो ना तुम लोग ।"

तानिया ड्राइविंग करती हुई बोली ।" तीनों को एक एक झापड़ लगा न दीपाली ।"

दीपाली ।" सही कहा इनलोगो को सच में झापड़ ही मारने चाहिए । छोटे बच्चो की तरह बदमाशी करते रहते हे ।"

तीनों मुंह दबा के हसने लगते है ।

शेतन फूस पूसा के ।" मम्मी ज्यादा होसियार बन रही है अब मम्मी की बाल खींचो ।"

जिशु ।" फिर दीपाली आंटी की । रुको थोड़ी देर अभी नहीं ।"

सफर लग भाग आधे घंटे से चल रहा था । फिर सही समय देख के तीनों एक जिशू पहले शुरुवात करता है । वो दीपाली की शीर के पीछे हल्की सी टिकली मारा । दीपाली फट से तीनों को पीछे मुड़ के देखता है लेकिन तीनों के सकल पे साधारण नम्रता भाव । दीपाली फिर सामने देखने लगती है उसे लगा वहम हे ऐसे ही सीट के हेड रेस्ट पे लग गई होगी ।

कुछ मिनट बाद शेतन अपनी मम्मी की बाल खींचता हे । इस बार दीपाली को पता चल जाता है ।

दीपाली ।" तानिया गाड़ी रोक "

तानिया ।" क्या हुआ दीपा ।"

दीपाली ।" गाड़ी रोक । ये तीनों अब मेरे हाल खींच रहे है ।"

इस बार सबकी हसी छूट गई । सब हंसने लगे ।

तानिया उधर से आवाज लगती हे ।" तुम तीनो को शर्म नही आती अपनी मम्मी और आंटी की बाल खींचते हो बड़ो की आदर करना नहीं चीख क्या "

तीनों धित थे ।

शेतन ।" तानिया आंटी मेने कुछ नही किया मेरी तो मम्मी हे ।"

जिशू ।" मम्मी मैने भी नही किया । मेरी तो मां जेसी आंटी हे ।"

तपन ।" मेने भी नही की आंटी । मेरी भी मां जेसी आंटी है । हे ना दीपाली आंटी ।"

दीपाली मजाक को मजाक में ले के हास के बोली ।" बदमाशों पोहोचने दे एक बार फिर तुम लोगों की खेर नही ।"

तीनों हास रहे थे । तानिया गाड़ी साइड में रोक देती है । " दीपाली तुम गाड़ी चलाओ । देखती हूं कौन बदमाशी करता हे ।"

इस बार कुछ लोगो की सीट चेंज हो जाता है । दीपाली कार चला रही थी शीतल पहले जगह पर बैठी थी लेकिन इस बार दीपाली की बगल में हो गई । और सेकंड रॉ में तीन धुरंधर जिशु,तपन और शेतन बैठ गया । और थर्ड रॉ में तानिया उसके बगल में तराली और उसके बगल में विशू । अब तीनों नटखट बंदर कुछ सैतानी नहीं कर सकते ।

तीन ग्रुप में अलग अलग गप्पे लड़ा रहे थे । थर्ड रॉ में कुछ ज्यादा ही मस्ती हो रही थी इस बार ।

विशू ।"(तानिया से)आंटी अब हम लोगो की बारी "

तरली ।" धेत्त "

तानिया ।" क्या धेत्त थोरी बदमाशी तो सबको माफ है । एक काम करते है तीनों मिल के इन तीनों की बाल खींच के रखते हे ।"

तरली ।

" क्या तानिया तुम भी बच्चो के साथ बच्चे बन रही है ।"

विशू ." बच्चो के साथ बच्चा नही बनेंगे तो और क्या बनोगे । मजा आयेगा चलो एक साथ इन तीनों को मजा सखाते है ।"

तराली भी मान गई । और तीन काउंट के साथ तीनों उन तीनो की बाल पकड़ के खींच के रखते है जहां तीनों को दर्द का एहसास होता है ।

जिशू ।" आ छोड़ दो दर्द हो रहा है ।"

तपन ।" आ मर गया ।"

शेतन ।" खाल उधर गया मेरा छोड़ो मेरा बाल ।"

तीनों की चिंख सुन के ये तीनो हसने लगते है । लेकिन खुल के हस्ती थे जो गुमसुम सी रहती थी और वो थी शीतल जिसकी ना चाहते हुए भी हसी छूट गई और ठहाके लगा के हसने लगी थी ।

दीपाली ।" तुम (तानिया और तरली) दोनो भी बच्चो के साथ बच्चे बन रहे हो । "

तीनो उन तीनो की बाल छोड़ देते है । हांसी का माहोल बन जाता है । ऐसे ही हांसी के माहोल में आठों लोग मस्ती से सफर करते है रास्ते के ढाबे पे रुक के मंद पसंद खाना खाते हे । और शाम 6 बजे नवरत्न गांव पोहोच जाते हे विशु के विरासत में आने वाली पुस्तानी कोठी ।

Update 34

Vishu's Villa​

कार प्रवेशद्वार में दाखिल हो चुका था ।कार से उतर कर सब लोग थकान से अंगड़ाई उबासी लेने लगे काफी लंबा सफर जो था । लेकिन कोठी देख के सबकी आंखों में चमक आ गई । सब लोग बरामदा और कुल 21 कमरे मिला के कोठी बनी हुई जो आज से लगभग 90 साल पुराना था जिसकी दीवारे अभी भी मजबूद था लेकिन कोठी के रंग उतर गया था इसलिए धूमिल और काफी गंदा लग रहा था ।

तभी एक आंगन में बने छोटे से कमरे में एक बूढ़ा अभिनंदन करते हुए स्वागत करने आ गया । उसका नाम था शामू लगभग 60 की उम्र का वो कोठी की देखभाल करता था और वाही अपना अचियाना बना लिया था हर महीने उसे तंखा मिलता था देख रेखं करनें का ।

सामु ।(तराली से) बहु आप लोग आ गए । आइए आइए बड़े दिनों बाद आए हो । मुझे जब काल रात खबर किया तो मैंने आज सुबह सब ताम जाम निपटा के आप लोगो के रहने का आयोजित कर दिया हे ।"

तराली ।" काका शुक्रिया आपका । अचानक बच्चो ने जिद की तो अचानक ही आना पड़ा । माफ करना आपको हमने तकलीफ दी ।"

सामू ।" अरे नहीं बहु आप लोग अपने ही घर आए है तो काहे की तकलीफ । आइए मैंने आप लोगो का कमरा सब ऊपर का ही रखा है आइए मेरे साथ चलिए ।"

तपन।"(विशू से) कमीने तूने बताए नही कभी तुम्हारे पास इतनी बड़ी कोठी हे । पहले पता होता तो हर साल यही छुट्टियां मनाने आते । "

तराली ।" इसे भी ठीक से नही याद बचपन में एक आड बार ही ले के आए थे हम इसे ।"

शेतन ।" आंटी आप लोग तो खानदानी अमीर निकले ।"

तराली हास पड़ी ।" अरे नहीं ये कोठी तो हमारे अकेले की नही हे । इसके कोई मालिक हे विशू के चाचा ताऊ बोहोत लोगो का हिस्सा हे इसमें ।"

विशू ।" सुन लिया अब खुश । "

जिशू ।" लेकिन 60 बीघा जमीन तो हे ना । वो क्या कम है साले ।"

दीपाली जिशू के पिछवाड़े में तपली मरती हुई बोली ।

" तुम दोस्त हो की दुश्मन हमेशा जगरतें रहते हो ।"

सब लोग हस पड़े । कोठी डबल स्टोरी का था और सबको ऊपर का सिंगल कमरा दिया सामू ने । लेकिन चार बदमाश एक बड़े कमरे में ढेरा जमा लिया । बाकी चारो औरतों ने सिंगल सिंगल कमरा ले लिया ।

सामू ने अपनी पत्नी को बुला लिया कोठी पे खाना बना के खिलाने के लिए उसकी पत्नी का नाम चबेली थी । और उसने रात खाना बना के सबको डाइनिंग टेबल पे पीडोच दिया ।

in the dining table

तराली ।" तुम लोगो को सायेद खाना पसंद नही आया । आज एडजस्ट कर लो काल में इतनेजाम करती हूं । यहां ऐसा ही खाना चलता हे ।"

दीपाली ।" अरे नहीं अच्छा है कितना अच्छा है सब्जी शाक ।"

तानिया ।" हा सही कहा कमसेकम यहां तो ताजा सब्जी मिल रहा है खाने को ।"

शीतल ।" मुझे अपनी गांव की याद आ गई । यही खाना खा के बड़ी हुई हूं ।"

लेकिन इन चारो को पसंद नही था । खाने के आइटम कुछ इस प्रकार था सावल,रोटी घुईया की सब्जी , बैंगन का पकड़ा , पालक की साक , लूफी की कच्ची सलात बगेरा बगेरा ।

जिशू । (विशू से) अबे में ये सब नहीं खा सकता ।"

शेतन ।" ये खाना खाने से अच्छा है में बुखा ही रहूं ।"

विशु चिढ़ जाता हे ।" तो में क्या करू । मुझे क्यों बोल रहे हो । मुझे थोड़ी पता है येहा कचरा मिलता हे खाने को ।"

तपन ।" अबे साले ये तेरा घर है तुझे पता होना चाहिए था । देखा जाय तो हम तेरे मेहमान हे इसलिए अब हमारी मेहमान नवाजी कर और कुछ अच्छा सा चिकन मटन का जुगाड़ कर ।"

चारो औरते खा रही थी लेकिन ये तीनों बस खाने को हाथ लगाए निवाला बनाते रह गए । इन चारो को देख के चारो औरते डांटने लगी ।

शीतल ।" क्या हुआ तुम लोग खाना क्यू नही खा रहे हो ।"

तपन ।" मम्मी हमारा पेट भरा हुआ ही है ।"

तानिया सबकी नजरों से बचा के प्यार भरी नजरो से खाने को बोलती है । और तपन के लिए यही काफी था । और वो खाना शुरू कर देता है ।

तपन को खाते देख ये तीनों उसे गुस्से से देखने लगे और तीनो समझ गए बकरा क्यूं घास खा रहा हे ।

तराली ।" बेटा आज खा ले काल अपनी अपनी पसंद का खाना बना के देंगे हम खुद ।"

दीपाली ।" बेटा ज़िद्द नहीं करते प्लीज़ आज खा लो काल हम बना देंगे ना । देखो तपन बेटा कैसे खा रहा हे ।"

विशु ।" वो तो खायेगा ही । कमीना सिंधी साला ।" और तानिया की तरफ देखती है ।

तानिया विशू को प्यार भरी गुस्से से देख के चुप रहने का इशारा करती है । विशू भी मुस्कुराता है अब भला वो क्या कर सकता था । प्यार के खातिर दोस्त का साथ छोड़ दिया था तपन ने ।

जिशू ।" ओए चलो हम बाहर खा के आते हे ।"

शेतन ।" हा चलो । "

तीनों उठ जाते है और तीनो को काफी रोका जाता है लेकिन तीनों धित्त कहा सुनने वाले थे ।

शेतन आखरी बार तपन से पूछता है ।" तू आ रहा है या नही ।"

तपन कुछ बोल नही पता बस बेबसी से अपना मुंह छोटा करता है बच्चो जैसा । शेतन को हसीं आ जाता है ।

तानिया मन ही मन मुस्कुराती हे (बेबी आज तकलीफ सह ले काल सुबह तुम्हारी पसंद की तंदूरी चिकन बना के खिलाऊंगी )

तीनों बाहर खाने चले जाते है । वाहा गांव में तो कोई रेस्ट्रो मिलने से रहा वो भी रात के 9 बजे तो गांव से बाहर एक ढाबे पे दबा के भर पेट खा के आते है और साथ में एक खांबा(व्हिस्की) भी ले के आता है ।

Four friends in the same room

तपन ।" अच्छा किया ये ले आया । यहां ठंड भी हे । मजा आयेगा गर्म गर्म होने में जल्दी पैक बना ।"

विशू ।" साले तुझे देना ही नही चाहिए था । प्यार मिल गया अपने दोस्ती छुट्ट गई साले ।"

तपन ।" अरे मुझे लगा खाने को ऐसे अपमान नेही करना चाहिए इसलिए खा लिया ।"

जिशू गुस्से से उसको लात मारता है ।" साला हरामजादा मेने देखा था मम्मी ने इशारा किया और तूने खाना शुरू किया । "

हां हां हां हां हां हां हां हां

चारो पेक पीने लगे । सुरूर में मस्ती मजाक में गप्पे लड़ाते हुए एंजॉय कर रहे थे । चेतन ने गंभीर मुद्दा छेड़ दिया अचानक ।

चेतन ।" जिशु तो क्या सोचा हे तूने ।"

जिशू ।" क्या किस बारे में "

विशु ।" तपन तू जा दूसरे कमरे में "

तपन ।" अरे मुझे क्यू निकल रहे हो तुम लोग ।"

शेतन ।" साले तेरी मम्मी के बारे में बात करना हे तुझे अच्छा लगेगा सुनने में तेरी मम्मी को जिशू कैसे पटाने वाला हे ये सुन के ।" और तपन को आंख मार के इशारा करता है (तानिया आंटी के कमरे में जा)

तपन समझ जाता हे और खुश होते हुए कमरे से बाहर चला जाता हे ।

विशू ।" तो बता जिशु कोई प्लान है "

जिशू ।" अभी तक कुछ सोचा नहीं अभी जा के बात करता हूं क्या ।"

चेतन ।" अबे साले अभी जायेगा तो तुझे फिर गलत समझेंगे फिर तेरा इमोरेसन खराब होगा और तेरी लव स्टोरी द एंड यही पे । जिस मकसद से यहां आए है हम तू वो मकसद एक चुटकी में खतम करना चाहता है ।"

जिशु ।" तो और में क्या करू ।"

शेतन " एक काम करना । सबको पता है शीतल आंटी सुबाह सुबाह उठ के जॉगिंग करती है । तू काल सुबह 5 बजे से पहले तैयार रहना आगे थोड़ी दूर चुप के रहना और फिर उनको ज्वाइन करना । और प्यार से समझा ।"

जिशु हास के बोला ।" बात तो ठीक लेकिन वो थापड़ बड़ी जोर की मारती है । ठंड में कनपट्टी लाल कर दी तो बोहोत दर्द होगा ।"

हां हां हां हां हां हां

तीनों फिर सो जाते है । विशु और चेतन का कोई लेना देना नही था सफर का थकान था तो दोनों नाक से चिति बजाने लगे नींद की आगोश में जाते है । लेकिन जिशू का थकान किसी अरमान ने मिटा दिया था । बस था तो इंतजार किसी चीज का किसी वक्त का । और वो वक्त यही था जब दोनो सो जाए ।

जीशु अपनी आलौकिक का उपयोग करते हुए मिनी सेकंड में शीतल की कमरे में प्रकट हो गया । उसकी दिल की धड़कन तेज थी एक दर था की शीतल अभी तक जाग तो नहीं रही है ।लेकिन नहीं शीतल सो चुकी थी । एक करवट में सकून से सोई हुई थी गर्दन तक उसकी कंबल थी ।

जिशु की होंठो पे एक मुस्कान आ गई शीतल की कुलमुल गालों वाली मासूम चेहरे को देख कर । दिल में तीस सा उठ गया मानो ये पल ऊसके लिए आनंद की सागर हे जिसे हर पल महसूस करना चाहे हर कोई । वो शीतल के शिरहाने में एक घुटना फर्श पर और दूसरा घुटना हवा में मोड़ के बैठ गया बैठ गया । उसके दोनो हाथ शीतल की बिछोना पर थे और हाथो के ऊपर उसका ठंडी(chin) टिका हुआ था ।

एक पलक निरंतर देखे जा रहा था शीतल की प्यारी चेहरे को । उसकी सासें उसे महसूस हो रही थी दिल में एक प्यार उमंग उठी थी । दिल की धड़कन बढ़ गया था उसे छूने का मन हो रहा था मन हो रहा था की वो अपनी उंगली उसकी शीर पर सेहला दे लेकिन चाह कर भी मजबूर था बेचारा जिशू । (कितनी प्यारी लगती हो आप । काश में आपकी होंठो पे फिर से वोही मुस्कान ला पता । बोहोत बुरा हूं ना में अपने फायदे के लिए आपकी खुशियां चीन लिया मैने । बोहोत बेगरियाद इंसान हूं ना में आपके लिए । बोहोत तकलीफ दी है ना आपको मैने । काश मुझे ये शक्ति ना मिल के समय को आगे ले जाने का शक्ति मिली होती तो में आपकी मुस्कान बापच ले आता । ओह में भी कितना मतलबी हूं जब आपकी खुशी चीनी थी तब तो में साधारण अवस्था में भी आपकी आबरु लूटा था और जब आपकी होंठो पे हांसी लाना चाहता हूं तो में आलौकिक शक्ति के इस्तेमाल करने की कशिश कर रहा हूं । कितना मतलबी खोखला इंसान हूं में । नहीं मुझे अपने आप को सुधार के आपके लिए योग्य पुरुष बनना होगा और तभी में आपको अपनी मुस्कान बपाच ला पाऊंगा । और सायेद तभी आप मुझे दिल से माफ कर पाओ ।"

नाजाने कितनी देर वो शीतल को देखता रहा । जब घुटने दुखने लगे अकड़ आ गए तब वो बापच वाहा से गायब हो के अपने कमरे में दोस्त के साथ बिछौना में लेट गया । लेकिन नींद उसकी कमर के ऊपर छत पर थी जिसको वो निहार रहा था कोई सोच विचार के साथ ।

Update 35

Tania's room view​

तपन और तानिया दोनो कंबल के अंदर बिस्तर पर जैसे नया जोड़ा हो । जैसे शुरू के रातों में एक दूसरे के बिना नींद ना आता हो ना चैन मिलता हो । बिस्तर में दोनो एक दूसरे की सामने करवट में एक दूसरी की आखों में खोए हुए एक दूसरे की मीठी बातों में प्यार जताते हुए । हर नजर में प्यार मेहसूस करती हुई दोनो एक दूसरे के सासों को महसूस करते हुए कभी गाल सेहलाते हुए कभी एक दूसरे जिस्म को छू के प्यार जताते हुए । कभी बिन बातों से ही मुस्कान निकाल जाती थी दोनो की । मीठी छेड़ छाड़ करते हुए ।

लेकिन दोनो की नंगे बदन साफ़ बता रहा था की दोनो ने अब तक तो कामक्रीड़ा का आनंद ले चुका हे अभी हाल फिलहाल में । लेकिन दोनों मस्ती अभी तक सुस्त नही हुई थी । यौन क्रीड़ा के कीड़े अभी तक जिस्मों पे रेंग रही थी ।

तानिया ।" बेबी तुम ये सब बाते जिशू और बाकी दोस्तों के साथ शेयर तो नहीं करते हो ।"

तपन सरारत से ।

" किस बात की बताने की बात कर रही हो आप ।"

तानिया ।" बदमाश । और आप आप क्यू करते रहते हो । जब प्यार करने में उम्र का लिहाज नहीं करते हो तो निभाने में क्यू लिहाज करते हो । कितनी बार कहा है कि आप मत कहा करो ।तुम सुनने में अपना लगता है ।"

तपन माफी की लिहाज से ।" Ok तुम । और वो सब बाते में क्यूं बताऊंगा । दोस्ती अपनी जगह और प्यार अपनी जगह । हर चीज का मिश्रण थोड़ी होता है । हमारी प्यार की निजी बाते उनको क्यू बताऊंगा । भूलो मत में तुम्हारी कितनी इत्ज्जत करता हूं ।"

तानिया उसके होंठ चूम के ।" उमआह्हह मेरा बेबी । I love you ..... "

तपन उसकी शीर हाथो में ले के गाल खा जाता हे ।" मन करता है तुम्हारी गाल खा जाऊं । कितनी soft है एक दम मक्खन honey जैसा । "

तानिया ।" बेबी एक बात करनी थी अगर बुरा ना मानो तो ।"

तपन उसके ऊपर चढ़ कर उसकी गर्दन चूमने लगता है ।" हा बोलो ना बिंदास मेरी प्यारी जान "

तानिया ।" आह्ह्ह अगर जिशु और तुम्हारी मम्मी एक हो जाय हमारी तरह तो तुम्हे कोई प्राब्लम तो नही होगी ना ।"

तपन ।" नही जान मुझे अब कोई प्राब्लम नही होगा मुझमें समझ आ गई है । हा अगर मम्मी भी मान जाय तो अच्छा है लेकिन मम्मी तो हम सबको ठीक से माफ भी नही कर रही है ।"

तानिया ।" करेगी करेगी थोड़ा समय लगेगा । माफ कर दिया कहती है पर दिल में अब भी मलाल है । में भी तुमसे प्यार करने लगी हूं अब तो तुम मेरी एक लत बन चुके हो । तुम्हारे बिना मुझे चैन नही मिलता । तुम्हारे मैसेज हर घंटे ना मिले तो में पागल हो जाती हूं ।"

तपन ने उसकी कंधा चाटते हुए जवाब दिया ।" अच्छा । मेरी भी यही हालत हो जाती है लगता है हम दोनों ही प्यार के भूखे है ।"

तानिया ।" हा सही कहा इसलिए मुझे जी भर के प्यार करो ।"

तपन ।" मन करता है की तुम्हे थका दू । इतना प्यार करू की बिस्तर से ना उठ पाओ तुम ।"

तानिया मुस्कुराती है ।" मौका है 20 दिन मिले है तुम्हे ।"

तपन सरारती मुस्कान देता है और तानिया टांगो के बीच कमर रख के धक्का मारता है । तानिया आंख बंद कर के गहरी सांस की आन्ह्ह्ह निकालती है और सुखद मुस्कान से अपनी कामुक भाव से तपन को खुशी देती है ।

तपन ।" आज काल तुम्हे ज्यादा दर्द नही होता है ।"

तानिया ।" उन्न्ह्ह तुम्हारे पप्पू ने आह्ह्ह्ह जगह बना लिया है आह्ह्ह्ह ।"

दोनो एक दूसरे को भरपूर सुख देने की प्रयास करते है । एक दूसरे को बाहों में कस लेते है । तपन धक्कों की बरसात कर देते है जिससे उसकी जांघ तानिया की बड़ी चूतड़ से टकराने की आवाज गूंजने के साथ उसकी बेइंतेहा सिसकारियों के साथ मधुर कामुक धुन गुनगुनाते हे ।

" बेबी इतनी आवाज मत करो कोई सुन लेगा "

" आह्ह्ह्हह कोई नही सुनेगा उन्न्ह्ह्ह । "

" उम्म्म फिर भी तुम बोहोत आवाज करती हो ।कभी कभी दर लगता है तुम्हारे सात ।

"

" उम्मम्म उह्ह्ह्ह तुम मेरे जगह आ के आअह्ह्ह देखो और रोक पाते हो की नही आह्ह्ह । "

" इतना मजा आता है क्या आह्ह्ह्ह्ह "

" हांहह बोहोत ज्यादा युन्ह्ह ही चोदो मुझे आह्ह्हह "

" जब तुम चोदो बोलती हो तो मेरे बदन में और ताकत आ जाती है "

तानिया जवाब नही दे पाती क्यू की तपन ताबड़ तोड़ धक्के लगाने चूरू कर देते है जिससे लन्ड चूत की गेहराई के जड़ तक नाप ले आता है और बापच रफ्तार से घुसता है । तानिया बिलबिला उठती है लेकिन दर्द या तकलीफ से नही बल्कि आनंद से हलकी थोड़ी तकलीफ तो होती थी कभी कभी जब लन्ड बेधंगा जाता था । चूत तो पहले क्रीड़ा की गीली थी और इस क्रीड़ा में भी तानिया की चूत पानी छोड़ती जा रही थी जिससे यौन क्रीड़ा आनंद दायक और आसान पद्धति हो गया था ।

कमरे में तपन के हाफने की आवाज जो उसकी जोश में दम लगाने की वजह से निकल रहा था और तानिया की चिंखे जो उसकी जिस्म की आनंद कह रही थी की उसे स्वर्ग की सुख प्रदान हो रही है ।

तपन की रफ्तार कुछ देर बाद कम हो जाती है और उसी वक्त तानिया झाड़ जाति हे । वो फिर एक बार थक जाती है ।

" उफ्फफ्फ मर गई और कितनी देर आह्ह्हह्ह "

तपन मुस्कुराया " थोड़ी देर और । ज्यादा खुश मत हो इसके बाद फिर शुरू हो जाऊंगा । सुबह होने तक राउंड मरता रहूंगा ।"

तानिया मुस्कुराती है ।" हिहिही । तुम्हारे साथ वो खुशी भी झेल लुंगी में बस तुम खुश रहो ।"

तपन ।" अंकल भी ऐसे राउंड लेता था ।"

तानिया ।" अरे नही अब तो उनका 4 मिनट टिकना मुस्किल हो गया है बोहोत कमजोर हो गए है "

तपन ।" मतलब अभी भी देती हो माना किया था ना मैने तुम्हे जान ।"

तपन गुस्से में आता है और लंड निकाल के बोहोत जोर से घुसा देता हे । तानिया जोर से चिल्लाती है आई ओ होह्ह हो हो फट गई ।

तपन फिर एक बार दात पिंच के धक्का मारता है जोर दार इस बार भी तानिया चिंख पड़ती है और तपन के कमर में अपनी टांगे कस के बांध लेती है ताकि वो दुबारा ऐसा हमला ना कर सकें ।

तानिया प्यार से बोलती हे ।" मंगल सूत्र उसने बंधा है तो निभानी तो पड़ेगी लेकिन उस मंगल सूत्र की प्यार तुम्हे दे रही हू । कुछ तो त्याग देना पड़ेगा ऐसे कांटे भरे प्यार के लिए । क्यू नेहीं समझते बुद्धू राम ।"

तपन शांत हो जाता है और तानिया की गर्दन पर मुंह छुपाता है और बच्चो की तरह बोलने लगा ।" पर तुम सिर्फ मेरी हो "

तानिया उसकी पीठ सेहलाती हे उसके बाल से खेलती है " कहा ना मैने में बस तुम्हारी हूं ।सिर्फ तुम्हारी बाकी की जिंदगी तुम्हारे नाम कर दी हे मैंने । पर क्या तुम मेरे साथ बाकी की जिंदगी गुजार पाओगे क्यू की दस पंधरा साल बाद तो में बुद्धि ही हो जाऊंगी । कभी कभी लगता है में तुम्हारी जिंदगी बरबाद कर रही हूं ।"

तपन फिर से कमर हिलाने लगता है और आखों से आंख मिलता है तानिया भी उसकी आखों में आंखे डाल के डूब जाती है ।

" बरबाद नही आबाद कर रहे हो मुझे प्यार दे के खुशी दे के ।अब बस करो । मजा लो ।"

" हाय इस मजे के लिए तो पूरी रात तेरे साथ गुजरने को तयार हूं । आह्ह्हह तुम्हारे लंड का स्वाद उन्ह्ह्ह क्या बताऊं बेबी आन्ह्ह्ह । चोदो बेबी चोदो आह्ह्हह्ह "

" तुम्हारी ये गठीला भरी हुई कमल बदन को कस के बाहों में भर के तुम्हे चोदने में बोहोत मजा आता है जान ।"

" आन्ह्ह्ह तो चोदो ना आह्ह्ह्ह्ह तोड़ दो मुझे यूफफ्फ्फ आह्ह्ह । "

" ऐसे बोलो मत कच्चा चबा जाऊंगा तुझे "

" अच्छा । ऐसा हे तो उन्ह्ह्ह्ह मेरी चूची को पियो ना और काटो ओह बोहोत मन करता हे उन्ह्ह्ह इन्हे मसलवाने को । मसलों नाहःह "

तपन बैंड हो जाता है और तानिया की चूची जो तरबूज जैसी बड़ी और गूंथा हुए आते जैसी नर्म थी उसको दोनों हाथो में मसलते हुए चूसने लगता है दात भी दबा देता हे चूसने की लय में ।

तानिया मस्ती में तड़प जाति है एक चुदवाते हुए चूची मसलवाने का चुसवाने का सुख दुगनी महसूस करती है और झड़ती है । तपन के बाल खींच खींच के चिल्लाती है ।

ये कामुक रात भर चलता रहा ।और सुबह 4 बजे तपन अपने कमरे में दोस्तो के साथ सो जाता है ।

("ऐसे अपडेट रात को देनी चाहिए थी" हे की नही) :lol: :roflol: :lol1: just joking

Update 36

The next morning​

हर सुबह नई ताजगी लेकर आती है । हर सुबह दरवाजा खटखटाएगी लेकिन आप सोते रहोगे तो वो निकल जायेगी । आज वो सुबह जिशू के बड़ी ही महत्वपूर्ण था जिसके लिए बेकार था । आज की सुबह यू बेबाजा खामोश हो कर बैठ है नाजाने ख्वाइशों की पतन पतन को ढील देने वाले है या नही । डाली पर चिड़िया कबसे चहचहा रही है अपनी गीत से दुनिया को बोल रही है आपके एक और सुबह एक और दिन पैदा हो गई है । हर सुबह की किरण से फूल खिलते हे लेकिन आज क्या फुल खिलेगा । क्या हर सूर्य की किरणों की तरह अवसरों का प्रकाश होगा आज का दिन ।

जिशु एक बड़े से बरगर पेड़ के आड़ में चुप के मन से प्राथना कर रहा था ।" इतनी शक्ति देना दाता मुझे की मन का विश्वास कोमजोर ना हो ।भूल कर भी कोई भूल होने ना देना हमसे आज़ ।"

अभी भी कोरहा सुबह था सुरज की किरणों की बारिश अभी तक नही हुई थी । अक्सर ऐसी सुबह में लोग शुभकाम के लिए निकलते है या दूर यात्रा पर । लेकिन आज जिशू का जिंदगी का नया पेहलू लिखने जा रहा था जिंदगी की ऐसी परीक्षा जिसमे ना तो किताबी ज्ञान का एतबार था ना हीं रट्टा मारने का उपयोग । कुछ था तो अपने दिल को दर्शाना और मेहसूस करवाना ।

खिलखिलाती सुबाह में ताजगी भरा सवेरा फूलो और बहारो के साथ साथ जिशु की दिल में भी रंग भर रहा था । बस सुबाह के चारे चार बजे उठ के ट्रैक सूट शूज और टोपी पहन के तैयार था शीतल से मुलाकात करने । खाली रास्ते पर उसकी नाजाने कब से नजर गढ़ी हुई थी ।

आखिर वो लम्हा आ ही गया । उसके दिल की रानी मॉर्निंग वॉक करती हुई आ रही थी ।

पेड़ो मे मोजे पहने फ्लेट जुटी रात की वोही नाइटी और बदन पे सॉल ओढ़े इधर उधर नजारे को देखती हुई और खुश नुमा प्रकृति का एहसास करती हुई ।

जिशू ने उसे थोड़ी कदमे आगे जाने दी । और 50 मीटर की पीछे से जॉगिंग स्टार्ट किया और दौड़ते हुए शीतल की बराबर में चलने लगा ।

शीतल उसे देख के सोक गई और अहसहेज हो गई ।(ये कहा से आ गया । क्या मेरा पीछा कर रहा है । है भगवान इसे दूर कर दे इसके चेहरे से ही चिढ़ होती है । नजाने कहां से ये मेरे पीछे पड़ गया । और दिन याद आ गया जो उसके दर्दनाक लम्हों में एक दिन का लम्हा था । )

जिशु शीतल को देख के मुस्कुराने लगा ।" आप इस ठंड में भी मॉर्निंग वॉक के पे निकली है ।"

शीतल तंज कश के ।" क्यूं नही निकालना चाहिए था । तो फिर तू क्यों निकला है ।"

जिशु मुस्कान लाते हुए ।" वो में हफ्ते में 4 दिन जोगिंग करता हूं । सैटरडे और सन्डे को छोड़ के (जूठ । थोड़ा तो जूठ बनता है यारा नहीं तो मजा कैसे आएगा ) अब आप पूछेगी क्यू वीक में चार दिन ही क्यू तो में बता दूं कि में दो दिन बॉडी की मांसपेशियों को आराम देता हूं । आपका पता है हमारी बॉडी को अगर सही मात्रा में आराम ना मिले तो हमारी बॉडी में जो एंटीबॉडी होती है वो ठीक से काम नही करता हे इसलिए ज्यादा मेहनती लोगो को बड़ी बड़ी बीमारी होती है । (साला कमीना कितना फेकता है ) आप रोज उठती है ना जोगिंग करने ।"

शीतल बेचारी देहाती भली भाली सच में उसकी बाते विश्वाश कर बैठी थी लेकिन चिढ़ भी गई थी खास कर जिशू की कातिलाना मुस्कान से ।( मुझे क्या तू दो आराम कर चार दिन आराम करे मर भी जाओ तो भी मुझे क्या ) " तुम जोगिंग कर रहे हो ना तो जाओ ना आगे दौरों । मेरा दिमाग क्यू खा रहे हो ।"

जिशू उसकी तीखी बाते शरबत की तरह पि जाता है । और वोही मुस्कान लिए बोला ।" अरे में 4 किलोमीटर दोर के आया इसलिए थक गया हूं । तो आपके साथ पेडल ही चलूं तो अच्छा है ।"

शीतल मुंह फेर लेती है (उसे चिढ़ तो रही थी लेकिन जिशू के मुस्कान उसकी दिल में उतर रही थी जो सायेद उसे एहसास ही नही था)

जिशू ।" कितनी अच्छी view है ना सूरज दिखाई देते तो और अच्छा नजारा आता । हमारे शहर में ऐसा नजारा कभी नही दिखते । बस पार्क में ही थोड़ी बोहोत हरियाली दिखाई देती है वो भी एक तरह से आर्टिफिशियल बोला जा सकता हे जितना पढ़ो पे कट कूट के डिजाईन के साथ साथ मेडिसिन चिड़कती है कहा उन पधो में प्रकृति रंग ही गायब कर देते हे । हैं ना आंटी मैंने सही कहा ना ।"

शीतल की मुंह में ताला लगी हुई थी मानो बस कोहनी नजरो से घूरती हे और सीधे देख के चलने लगती हे । लेकिन जिशू मायूस नहीं होता है फिर भी कशिश जारी रखता है वो ।

जिशू ।" आंटी आपको तो गांव के बारे में पता ही होगा थोड़ा अपने गांव के बारे में बताओ ना । "

शीतल चुप ।

जिशू ।

" आंटी आपने एक बार बताया था की जब आपके घर में लड़की की बॉक्स बॉक्स वाला ब्लैक एंड व्हाइट tv ले आया था तो आपके घर में मेला लग गया था । हाहा हां हां "(जिशू खुद ही बुर्बक की तरह हसने लगा)

सायेद शीतल की सेहन शक्ति जवाब दे रही थी । और वो फ्रस्ट्रेशन निकल के चिंखी ।" बस्स्स । बस बोहोत हो गया जब में तुमसे बात नही कर रही तो क्यूं मुझसे जबरदस्ती बात कर रहे हो ।"

जिशू का कलीजा रो पड़ता है बस आखों पे आसू आना बाकी था । उसके कदम वोही थाम जाता है गर्दन झुकाए दर्द से मायूस हो जाता है । शीतल आगे बढ़ जाती है गुस्से में बरबराती हुई ।

कुछ पल जिशू की दिमाग में उलझन आ जाती है आखिर शीतल की हसी को बापच से लाए तो लाए कैसे । हर प्लान फैल होते हुए नजर आ रहा है । हर तरफ निराशा ही निराशा ।

जिशु अपनी जूते रगड़ने लगता है मिट्टी पे और दिमाग के घोड़े डोरने लगता है । और उसकी दिमाग से नही दिल की अंदर आवाज आती हे जिस तरह से तूने उसे चोट दिया हे उसी तू चोट खा तभी वो तुझे समझ पाएगी । जिशु मन में बोलता है हा में तयार हूं चोट के बदले चोट खाने के लिए ।

शीतल कुछ 100 मीटर ही दूर चली थी । जिशू एक हाथ में पत्थर उठता है और घुटनों पे खड़े हो के चिल्लाता है ।" आंटी रूक जाओ नहीं तो में अपने शीर पर पत्थर मार लूंगा ।"

शीतल की कदम बस थामने ही वाली होती है लेकिन दिमाग में आता हे ये एक और इसका नया ड्रामा । और बिना रुके चली जाती रहती हे ।

जिशू फिर चिल्ला के बोलता है ।" आंटी रुको वरना में सच में शीर फोड़ लूंगा ।"

लेकिन शीतल नेही रुकती या फिर एक कान से सुन के दूसरी कान से निकल देती है ।

जिशू ।" आंटी एक कदम भी आगे बढ़ाया तो में अपना शीर फोड़ लूंगा जूठ नहीं बोल रहा हूं ।"

शीतल को कोई फर्क नही पड़ता अपनी कदम और तेज कर देती हे । चेहरे पे कठिन भाव जैसे बिन दया की दिल लिए जा रही थी । जरा भी रहम नही आ रही थी जिशू के ऊपर ।

जिशू अपना हाथ ऊपर उठता है और तेज़ी से अपने शीर पर पत्थर मरता है । फिर एक बार और एक ऐसे उसने पांच बार जब पत्थर मारा तो अपने आप ही कोमजोर हो गया । खून तेजी से वेहने लगे थे । शिर से ऊपर से खून बेह के पूरे ट्रैक सूट भिगोने लगे ।

दर्द से कराह उठा बेचारा ।" आंटी रूक जाओ "

लेकिन शीतल अगले मोड़ ले चुकी थी उसकी कदम नहीं रुक रही थी । वो अब मुड़ कर देखे भी तो जिशू को देख नहीं पाएगी । इधर जिशू की दर्द से मारा जा रहा था ऐसा लग रहा था उसे जैसे जिस्म ठंडा पड़ रहा है जान निकल रही हे धीरे धीरे आंखे बंद हुई जा रही थी ।

तभी एक मच्छी वाला साइकिल पे आते हुए दिखाई दिया कैरियर पे मच्छी का हांडी बांध के साइकिल चला के आ रहा था और आज पास के घरों में आवाज लगा रहा था ।" ए मच्छी ले ले मच्छी मच्छी ।

ताज़ी ताज़ी मच्छी ताजी ताज़ी पोथी मच्छी "

वो आवाज़ लगाते लगाते देखा एक लड़का रास्ते पे लहू लुहान हुए गिरने की हालत मे है । वो मच्छी वाला किस्मत से एक दयालु इंसान निकला । वो तुरंत ही साइकिल खड़ा कर के उतरता हे और जीशू के पास जा के जिशू संभालने लगा और उसे दर भी लग रहा था ।

मच्छी वाला ।" या खुदा ये क्या । तुमहरी ये हालत कैसे हुई ।"

जिशु की आंखे आधी खुली आंखे बस उसे एक नज़र देखता है ।

मच्छी वाला छूट बूट खो देता है वो क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा था उसे ।" लड़के तुम कहां रहते हो । इस गांव के तो नही लगते हो ।"

जिशु बस इतना ही बोल पाता है "कोठी" और वो बेहूस हो जाता है मच्छी वाले के गोद में

मच्छी वाला दर जाता है और उसे हिलाते हुए आवाज देने लगता है लेकिन जिशू होश में नही था । वोही उस रास्ते से एक सब्जी वाला ठेला गाड़ी ले के बाजार में सब्जी मंडी लगने जा रहा था वो भी जिशू को देख के जिशु के पास आया ।

सब्जीब्वाला ।" ये भाई ये क्या हे इसका इतना खून कैसे निकल रहा है । हे भगवान कही इसे किसी ने एक्सीडेंट कर के तो नही भाग गया ।"

मच्छी वाला ।" भाई जरा मदद करो ना बेचारा मार जायेगा ।"

सब्जीवाला ।" मदद तो कर दूं ऐसे किसी की जान कैसे जाने दूं । पर ये हे कोन कुछ बोला क्या ।"

मच्छी वाला ।" बस कोठी बोला और बेहूस हो गया है । आस पास कोई हॉस्पिटल भी नही हे क्या करू अब । मेरे ही गोद में बेहूस हो गया ।"

सब्जी वला दिमाग पे जोर देते हुए ।" याद आया वो स्कूल के पास पुरानी कोठी हे ना सायेद वाहा लोग आए होंगे और ये उन्ही में से ये एक लड़का होगा । "

मच्छी वाला ।" हो सकता है आते वक्त मेने कोठी पे एक गाड़ी भी देखा था । एक काम करते है इसे वाहा ले जाते है वो लोग हॉस्पिटल में ले जायेंगे गाड़ी से ।"

सब्जी वाला ।" हा हा सही कहा इतना तो हम कर सकते हे । देखो तो कितना खून बह रहा हे । चलो एक काम करो मेरे हाथ गाड़ी पे इसे लिटा दो ।"

सब्जी वाला अपना चारा सब्जी एक पेड़ के नीचे रख देता है और मच्छी वाला भी अपना साइकिल पेड़ के नीचे रख के जिशु को हाथ गाड़ी में लिया देता है और दोनो डोरते हुए कोठी पोहोचाने हाथ गाड़ी को धक्का दे के ले जाता । जिशू अज्ञान हो कर पड़ा रहा ठेलें के ऊपर ।

5 मिनट में दोनो कोठी के गेट पे हाथ गाड़ी रोक कर दोनो गेट पे हाथ मारता हे और जोर से चिल्लाता है ।" दरवाजा खोलो । जल्दी खोलो । खोलो दरवाजा ।"

शामू गेट पे ढांग धांग आवाज सुन के जाग जाता है ।" कौन आया इतनी सुबह सुबह और दरवाजा काहे पीट रहा है ।"

शानू अपने कमरे से निकल कर गेट का एक पल्ला खुलता हे और जिशू को लहू लुहान देख के मुंह से " इसे क्या हुआ । कैसे हुआ ।

?"

और मालकिन मालकिन चिल्लाते हुए कोठी की ऊपरी मंजिल पे जाता हे और सबको चिल्ला चिल्ला के आवाज दे के उठा देता है और डरते हुए बस " जिशु जिशू जिशू को जिशु को बोलता है"

सभी लोग नींद से उठ के आती हे और " क्या हुआ जिशू जिशू को ।"

शामू ।" जिशू बाबा नीचे । नीचे ।" घबराहट के मारे वो कुछ बोल ही नहीं पा रहा था ।

और वो नीचे दोरता है बाकी सभी नीचे आ जाता है । और जिशू को लहू लुहान देख के सबकी चीख निकल जाती है " जिशू " तीनों औरते रो पड़ती है । और तीनो दोस्त उसे जगाने में लगते है ।

शामू ।" मालकिन जिशु बाबा को हॉस्पिटल ले चलो ।"

तानिया रो रो के ।" हा हा जल्दी ले चलो मेरा बेटा ।"

विशु ।" पर काका यहां हॉस्पिटल कहा है ।"

शामू ।" गांव में नहीं है गांव में सिर्फ दबाखाना है हॉस्पिटल गांव से बाहर मिलेगा ।"

तपन गुस्से से चिल्लाता है ।" तो तू भी चल ना बोल क्या रहा हे ।"

सामू सोक जाता है बस हा में शीर हिलाता है । मच्छी वाला और सब्जी वाला दोनो बस तमाचा देख रहे थे । वो लोग भी क्या करे उनसे कोइ गुना ज्यादा उनके अपने फिक्र कर रहे थे ।

आखिर में जिशु को गाड़ी में बिठा के ले जाता है हॉस्पिटल । कोठी खाली रह जाता है । मच्छी वाला और सब्जी वाला खुद ही गेट बंद कर के अपने काम को निकल जाते है ।

Update 37

Vishu's villa (कोठी)​

शीतल घर लौट के आती है । वो पूरी कोठी सान मारती हे लेकिन किसी को मजूद नहीं पाती वो । (अरे कहा गए सब लोग । सब लोग एक साथ तेहलने तो नहीं गए है ) वो अपने कमरे में जा सबसे पहले फोन उठाती है और दीपाली को कॉल लगाती है ।

एक लंबी रिंग के बाद उसका कॉल रिसिव होता हे लेकिन दीपाली नहीं तराली उसकी फोन रिसीव करती है ।

तराली जिज्ञासा और परेशान स्वर में " शीतल कहा थी तू "

शीतल उसकी आवाज भांपते हुए ।" क्यू क्या हुआ और तुम लोग कहा हो । यहां तो कोई भी नहीं है कोठी पे । शामू काका भी नही हे "

तराली ।" तू पहले बता कहा गई थी "

शीतल ।" क्या हुआ तू इतनी परेशान क्यूं लग रही है । में मॉर्निंग वॉक पे गई थी तूझे तो पता ही है में हर सुबह वॉक पे निकलती हूं ।"

तराली ।" परेशान । तुझे पाता नही हे क्या । पाता भी कैसे होगा तुझे तू तो थी ही नहीं ।"

शीतल को भाप कुछ भाप होती है कुछ तो हुआ है ।" अरे पर हुआ क्या है ये तो बाता ।"

तराली ।" जिशु का सायेद एक्सीडेंट हुआ हे । हम उसे हॉस्पिटल ले के आए हे शीर पर गहरी छोट आई है । 12 टाके लगे हे शीर पर ।"

शीतल बौचक्का रह जाती है ये सुन के । जैसे पेड़ो तले जमीन खींचक जाती है । उसके हाथ से मोबाइल छूट जाता हे और नीचे कोई टप्पा खा के गिरती है और फोन ऑफ हो जाती है । शीतल धडम से बिस्तर पर बैठ जाती है । आखों के सामने भले ही कमरे का नजारा था लेकिन उन नजरो में जिशु का दुख और दर्द दिखाई दे रही थी जो वो तब समझ ही नही पाई थी । (उसने सोच में ऐसा किया सचमुच अपने शिर फोड़ लि उसने ।

और एक बार भी मुड़ कर नहीं देखा । ये उसने क्या किया पागल लड़का । उसे कुछ हो ना जाए है प्रभु उसकी रक्षा करना । क्या पागल लड़का है जिशू मुझे उसे संभालना चाहिए था समझना चाहिए था उफ ये लड़का क्यू ऐसा किया । क्या सच मे उसके मन में )

शीतल जिशू के पास जाने के लिए बेकरार हो जाती है एक तड़प उसके दिल में जाग जाती हे । और वो जल्दी जल्दी में बाथरूम में जा के बिना नहा धो के बस मुंह हाथ धो के कपड़े चेंज करती है और जिशु के पास जाने के लिए निकल पड़ती है । लेकिन तभी उसे याद आया की उसे तो पता ही नही हे जिशू को किस हॉस्पिटल में ले के गया हे । और वो दौर कर अपनी कमरे जा के टूटी हुई मोबाइल उठाती हे देखती है उसका मोबाइल अब ऑन होने से रहा नही । वो परेशान हो कर बापच मोबाइल को पटक के जमीन पे रोने लगती है ।

हर आसू की बूंद में मूल सिर्फ़ और सिर्फ़ जिशू की फिक्र थी । दिल में दुआ थी की जिशू को कुछ हो ना जाए । एक पछतावा थी की उसने खुद को वाहा पे रोका क्यू नही जब जिशु उसे रुकने को बोल रहा था और कह रहा था की नही रुका तो वो खुद का शीर फोड़ लेगा । कैसे क्यू उसका विश्वास नही किया उसने क्या इतनी नफरत थी जिशु के लिए ।

शीतल दुबारा गेट पे जाती हे । सुबाह के 6 बज रहे थे और उस वक्त रास्ते पे कोई नजर नहीं आ रहा था । एक तो उसे कोई ऑटो या टैक्सी नही मिल रही थी जो वोहा पिछड़ी गांव में मिलना मुस्किल ही था । और ऊपर से उसे पता भी नही हे किस हॉस्पिटल जाना है ।

वो बस इंतजार करती रही की कोई सवारी उठाने वाला गाड़ी मिल जाए बाकी पूछ ताछ कर के किसी से हॉस्पिटल के बारे में पता कर लेगी । लेकिन एक प्राणी भी नही मिल रहा था गांव में सहल पहल दिखाई ही नहीं दे रही थी ।

कुदरत बनाने वालो को भी शीतल के ऊपर तरस आता है और इसकी मदत के लिए एक औरत और उसके साथ एक बच्चे को उसे रास्ते भेजती हे ।

शीतल उस एक बच्चे को गोद में ले कर आती हुई औरत को देख कर बोहोत खुश हो जाती है और इस औरत की रास्ता काट देती है । वो औरत शीतल की आखों में परेसनी और आसूं साफ देख पा रही थी और उसे भी दया की भाव आ जाती हे ।

शीतल ।" बहन जी आपके पास फोन हे क्या । मुझे एक कॉल करने दीजिए ना प्लीज बोहोत जरूरी है ।"

औरत हाथ में रखी अपना मोबाइल शीतल को दे के बोलती है ।" आप रो रही हे कुछ हुआ है क्या ?"

शीतल ।" हा वो मेरे .......... मेरे बेटा हॉस्पिटल में है ।"

और वो तपन के नंबर पे कॉल लगाती हे जो उसे पहले से याद हे । वो औरत उसे देखती रहती है ये सोच के की क्या हुआ होगा इसके बेटे को ।

तपन फोन उठता है ।" हेलो "

शीतल ।" बेटा में हूं में । "

तपन ।" मम्मी आप । "

शीतल ।" हा में । बेटा वो कैसा है ठीक तो है ना ।"

तपन ।" हा ठीक हे । मम्मी आप दोनो के बीच क्या हुआ था ।"

शीतल के पास कोई जवाब नही थी उस सवाल की । " कौनसे हॉस्पिटल ले गए हो उसे ।"

तपन ।

" गांव में कोई हॉस्पिटल नहीं था तो गांव के बाहर एक हॉस्पिटल पे ले कर आया हूं ।"

शीतल ।" बेटा तुम मुझे लेने आओ यहां । मुझे कोई गाड़ी कोई ऑटो नही मिल रहा है । प्लीज लेने आ जाओ ।"

तपन देर जवाबी में बोला ।" ठीक हे में अभी जाता हूं आप बस आधा घंटा रुको ।"

शीतल खुश हो कर ।" हा में यही हूं । आ जाओ ।"

शीतल फोन रख के औरत को बापच देती हे ।" बोहोत बोहोत धन्यवाद आपका । "

औरत ।" शुक्रिया की कोई बात नही जी । वैसे हुआ क्या है ।"

शीतल ।" जी मेरा एक भतीजे का सुबाह एक्सीडेंट हुआ है और वो हॉस्पिटल मे हे ।"

औरत ।" आप परेशान मत हो सब ठीक होगा मालिक देख रहा है आपके लिए दुआ करूंगी । चलती हूं ।"

शीतल ।" हम्मम "

औरत अपने बच्चे को गोद में लिए चली जाती है । क्या कायनात जिशू और शीतल को मिलाने के लिए ये खेल खेल रहा है । शीतल को इंतजार के हर एक पल काटे की तरह चुबती हुई महसूस हो रही थी ।

वक्त आज तक किसी के लिए कहा रुका है आधा घंटा बीत गया और तपन अकेले ही कार ले के आ जाता है । जैसे ही यू टर्न ले के कार रोका शीतल तुरंत बैठ गई ।

शीतल ।" कितनी छोट लगी हे उसे । "

तपन कार आगे बढ़ाते हुए ।" छोट तो ज्यादा ही आया है बोहोत खून बह चुका है । "

शीतल को एक दर लगने लगी ।" क्या वो ठीक हे ।"

तपन अपनी मम्मी को आखों में देख के बोला ।" फिलहाल तो होश में आया है डॉक्टर ने टाके लगा के इलाज कर दिया हे । लेकिन हुआ क्या था । वो बोल रहा हे की जोगिंग करते समय पत्थर से टकरा गया था और गिरने से किसी चीज से चोट आ गई । मुझे पता हे वो जूठ बोल रहा है ।"

शीतल नज़रे चुराने लगी ।" वो वो ।"

तपन ।" अब आप भी जूठ मत बोलना प्लीज मुझे सच जानना है ।"

शीतल थोड़ी संकोच के साथ पूरी कहानी बाता देती है । तपन जिशू के ऊपर गुस्सा हो कर ।" ये जिशू भी ना ।"

शीतल ।" मुझे क्या पाता था वो सच में ऐसा कर लेगा ।"

तपन ।" मम्मी आप उसे जानती हो वो कितना जिद्दी हे । "

शीतल कुछ याद कर के ।" बेटा उसे तो आलौकिक शक्ति मिली है ना ।"

तपन ।" हा तो क्या वो इससे इंसान नही बन जाता क्या । हम चारो की अलग अलग शक्ति है उसे तेलीपोर्ट होने की शक्ति मिला हे ना की पत्थर जैसा शरीर बनने की । "

शीतल ।" माफ करना मेरा वो मतलब नही था ।

तपन गंभीर हो कर ।" मम्मी आप समाज की नजरो से देखोगी तो कभी आपको खुद को खुशी नहीं मिलेगी । अपनी नजरिए से देखो मम्मी बस एक बार देखो अपनी मन की नजरों से । आपकी आंखों में दिखती है जिशू के लिए प्यार ।"

शीतल शर्मा जाती है अपने बेटे के बातों से । और वो दोनों आधे घंटे मे हॉस्पिटल पोहोच जाते हे पूरे रास्ते तपन अपनी मम्मी को प्रेम अनुभवी गुरु की तरह अपनी मम्मी को समझाए जा रहा था ।

Update 38

Hospital​

शीतल वार्ड में डोरी भागी चली जाती है लेकिन एक नर्स ने उसे रोक लिया ।

शीतल को दीपाली और तराली समझती हे चारा कुछ लेकिन एक नजर जो शीतल को खा जाने वाली नजरो से देख रही थी । शीतल को उस नज़र का एहसास होती है की उसने उसकी बेटे की ये हालत कर दी है । शीतल को एहसास होता है जिशू का दोषी वो है । वो तानिया को माफी की नजर से देखती है लेकिन तानिया उससे मुंह फेर लेती है एक शब्द भी नहीं बोलती । तानिया दुख में थी और वो जिशू का दुर्दासा की जमीदार शीतल को समझ रही थी ।

दीपाली नर्स से कहती हे ।" प्लीज इसे एक बार मिलने दीजिए ।"

नर्स ।" देखिए आप लोगो को पहले से कह दिया है इतने लोगो को हॉस्पिटल एलाऊ नही करती है मिलने को । और आप है की यही डेरा जमाए बैठे हे । बार बार कह रही हूं कमसे कम आप हॉस्पिटल के बाहर जा के रुकिए । कैफेटेरिया में भी आप लोग रूक सकते हे ।"

खेर काफी निवेदन करने के बाद शीतल को जिशू से मिलने दिया जाता है । तपन , विशू , और शेतन एक दूसरे को इशारा करता है वो इस बात समझते हे अब तोता मैना को अकेला छोड़ देना चाहिए और तानिया, तराली,दीपाली को हॉस्पिटल के बाहर ले जाता है ।

शीतल जिशू को बेड पे अध लिया देखती हे जिसके शिर की ऊपरी हिस्से में मोती बेंदेज बंधा गया था । लेकिन जिशू के चेहरे पे ये क्या । शीतल को देखते ही बड़ी सी मुस्कान ।

शीतल की आसू निकल जाती हे और जिशू के बेड पे बैठ जाती है । जिशू को बस निहारने लगती है प्यार से ।

जिशु मुस्कुरा कर ।" आपकी आखों में आसू अच्छे नही लगती ।"

शीतल भावुक हो कर ।" तो फिर आसू आने क्यूं देते हो । क्या बिगाड़ा मेने तुम्हारा जो मुझे इतना छटा रहे हो । क्यूं किया ऐसा खुद को छोट पोहोछा के क्या साबित करना चाहता था । कबीर सिंग बनना चाहता था तू दारा रांग दारा रांग करना चाहता था तू हा । दिखा दी ना अपनी सड़क छाप आशिकी । तुम्हे क्या लगा मुझे खुशी होगी और में मान जाऊंगी हा । मेरे दिल से पूछ क्या महसूस कर रही हूं में । जब तू मिला था अपनी मम्मी की गोद * बसर का मिला था । यूं कर के गोद में लिया था तुझे और शर्मा के बापच अपनी मम्मी के गोद में गया था तू लेकिन मैने भी हार नही मानी और तुझे चॉकलेट डे के माना के अपनी गोद में खिलाया तेरे कमल गालों को दबाया । वो एहसास आज भी याद है मुझे जब तू मेरे गोद में खुशी से मुस्कुराया तब कितनी खुश हुई थी में । और आज ये सिला दिया मेरे प्यार का हा खुद को छोट पोहोचा के मेरे दिल में घाव भर दिया और ऊपर से एक मां की नाराजगी । तेरी मम्मी भी अब मुझसे नाराज़ हो गई हे ।"

जिशु पहले कबीर सिंह वाली बात पे मुस्कुराया और गंभीर हो के दिल की अल्फाज बयां किया ।" गलती हो गई क्या करू आप जैसा समझदार जो नही हूं । सही कहा में बस आपको दुख पोहचाना जानता हूं आपकी होंठो पे हसी लाने का जनता ही नही में । इसलिए तो आप मुझसे नाराज़ है माफ नही कर पा रही हे मुझे ।

बोहोत दुख दिया है मैने आपको पर और दुख नही दूंगा में आपको ये मेरा वादा हे आपसे । में कभी आपको अपना चेहरा तक नहीं दिखाऊंगा । "

शीतल थप्पड़ की इशारा करती हुई ।" मारूंगी एक रख के । खुद को बोहोत बड़ा एहसानमंद हीरो समझ रहा है । "

जिशु आसू पोछ के उसका माथा चूम लेती हे । उसकी जुल्फे जिशू के चेहरे पे रोनौक लाने का काम करती है । दोनो की नजरे मिलती है करीब से और धीरे धीरे शीतल उसे देखती हुई सीधी हो जाती है । " बोहोत दर्द हो रहा है ।"

जिशु मुस्कुरा के अपनी दिल पे हाथ रख के बोला ।" पर यहां ज्यादा दर्द हो रहा है । इसका मलहम मुझे नही मिल रहा है ।"

शीतल सरारत से ।" मलहम बताओ में ला के दे देती हूं ।"

जिशु ।" ये तो इस दर्द की इलाज करने वाली ही जानती हे की कौनसा मलहम लगाना है । "

शीतल की मुस्कान बड़ी हो जाती हे और प्यार से उसे देख के उसकी तरफ झुकी चली जाती है और जिशु के होंठो के करीब होंठ रख देती है और चूमने का भाव कर के नीचे सड़क के जिशू के दिल पर चूम लेती है । जहा जिशू की धड़कन बढ़ गई थी की शीतल उसके लबों को पीने वाली है वोही शीतल की सरारत देख के हांसी निकल जाती हे । और शीतल को भी हांसी आ जाती हे अपनी शरारत पर ।

जिशू ।" यही हांसी तो में देखना चाहता था कब से पाता नहीं कहा गायब हो गई थी । "

शीतल ।" बस अब यहीं हसी देखने को मिलेगी । आखिर मेरा दिल जीत ही लिया तूने जिद्दी कही का ।"

दोनों बस आखों में आखों डाल के देखते रहते हे होंठो में मुस्कान लिए । जैसे आखों से दिल की हजारों बाते कह रहा हो ।

जिशू प्यार से शीतल की गाल सेहला देता हे जिससे शीतल को उसकी मजबूत हाथों का एहसास से उसकी आंखे बंद हो जाती हे एक पल के लिए ।

शीतल उसका हाथ थाम लेती है और चूम लेती है ।" सॉरी "

जिशु ।" प्लीज मत कहो ऐसा । मुझे शर्मिंदा ना करो । "

शीतल ।" पर आज हद पार कर दी मैंने ।"

जिशू ।" कुछ ना कहो । बस मेरी छीने में शीर रख दो आप मुझे आपको महसूस करना है दिल से लगा कर ।"

शीतल झुक जाती हे और जिशु छोड़ी छाती पे गाल रख के जिशू की दिल की धड़कनों को सुनती रहती है । जिशु उसकी एक पीठ पे रख देता है और दूसरा हाथ रेशमि बालो पे उंगलियां फिराने लगता हे । तभी उसकी नजर शीतल की सुन्न गले पर पड़ता हे ।(आंटी ने मंगलसूत्र नहीं पहनी है आज)

जिशु ।" आंटी आपने मंगलसूत्र नही पहना है आज ।"

शीतल कुछ पल रूक के ।" उस दिन के बाद कभी पहनी नही जो तूने उतारा था ।"

जिशु ।" अगर में आपको नया मंगलसूत्र पहनाऊँ तो पहनोगी ।"

शीतल उसके तरफ देखने लगती है प्यार से ।" क्यूं ।"

जिशू ।" में आपका नया पति जो बन जाऊंगा । पहनाने दोगी मुझे ।"

शीतल मुस्कुराती है ।" मुझे ऐसा अकरू पति नहीं चाहिए ।"

जिशू मुस्कुरा कर ।" आप सीधी कर देना मुझे बेलन से मार मार के ।"

हिहिहिही ।

दोनो एक दूसरे से प्यार भरी बातें करती रहती है ऐसे ही ।

Update 39

Recovery and return​

जिशु को सात दिनों में हॉस्पिटल से रिलीज मिलता है । लेकिन उसके पापा शुबत मेहरा हिदायत देता हे की उसे घर लाया जाए । और बाकी सब भी वोही चाहते थे । तो जिशु को हॉस्पिटल से कोठी लेने के वजाए उसके अपनें घर ले के जाते हे सब लोग ।

जिशू काफी हद तक स्वास्थ्य लाभ करता है । लेकिन हर कोई उसके सेवा में लगे रहते थे । खासकर शीतल हर सुबह आती थी जिशु के घर और शाम को जाति थी । तानिया को लैब जाना पड़ता था उसकी भी कर्तव्य था कुछ ।

बहेरहाल जो हुआ अच्छा हुआ लेकिन गलत तरीके से हुआ था । लेकिन नतीजा अच्छा ही निकला जिशु और शीतल पास तो आ गए । प्यार मोहब्बत करने की इस्सुक को शांति तो मिली प्यासे की प्यास बूझेगी अब ।

In the playground

विशू ।" आह्ह्ह्ह कोई दिनों बाद शांति मिली हे "

शेतन ।" हा भाई सही कहा अब बला तली हे कितना अच्छा लग रहा है । चूस भाई चूस "

तपन ।" क्या चूस चूस लगा रखा है ।"

तपन कही से दोनो के पास आता है । और देखता है दोनो बंदर कुल्फी खा रहा है । जैसे तपती गर्मी में शीतल स्वाद का मनरंजन लेते हुए चहक रहा हो ।

तपन ।" क्या बे इस ठंड की मौसम में कुल्फी कहा से मिला वे ।"

शेतन ।" में ले के आया स्टार मीट से । पाता नहीं क्या वाहा हर चीज मिलता है । चूसेगा ।"

तपन भूरा सा मुंह बना कर ।" हट साला बेंचोद "

तभी जिशु भी वाहा टेलीपोर्ट हो के प्रकट हो जाता है । " क्या हो रहा है हर तरफ गाली ही गाली सुन रहा हूं "

विशु सरारती अंदाज में ।" तुझे किसने डांटा भाई । कहा से गाली सुन के आ रहा है ।"

जिशू कुछ नहीं बोलता है । (शीतल ने उसे घर से बाहर निकलने से सख्त मना किया था लेकिन जीशू फिर भी निकला था तो गाली तो सुनना ही जिशू को लेकिन प्यार वाली और भद्र शब्द के गाली लेकिन यहां तो अभद्र ही चलता है दोस्ती के बीच हाला की उसमे भी दोस्ती का प्यार होता है )

शेतन हास कर ।" और कहा सुनेगा । सुनाने वाली तो एक ही है ।"

लेकिन जली तपन की तपन ने एक लात मारी उसे । लेकिन दोनों हंसने लगे । खेर मस्ती मजाक तो चलते ही रहेंगे ।

जिशु आज एलान करनें जा रहा था अपने दोस्तो से । " ओए सुनो मुझे कुछ कहना है ।"

तीनों सुनने के लिए तैयार हो गए लेकिन जिशू बोलने के लिए मुंह खोलता है लेकिन बोलता नही या फिर बोल नहीं पाता ।

विशु ।" भोसरीके बोल साले ।"

जिशू फट से बोला देता है ।" में आंटी से शादी कर रहा हू।"

तीनों की मुंह खुला का खुला रह जाता है ।

शेतन ।" अबे तुझे पाता भी हे तू क्या बोल रहा हे । बची कूची खुशियां भी तबाह कर देगी । आबाद नहीं बर्बाद हो जाएगा समझा ।"

तपन ।" जीशू तू ये क्या बोल रहा हे । पागल तो नही हो गया ।"

जिशू ।" भाई लोग तुम सभी गलत समझ रहे हो । शादी करने का मतलब दुनिया को बताना नहीं है मुझे । बस हम एक कदम आगे बढ़ना चाहते हे । हमारे बीच ये बात राज रगेही । अब समझा तपन ।

"

तपन गहरी सोच विचार करते हुए ।" आइडिया बुरा नही हे । में भी तानिया आंटी से शादी करूंगा फिर ।"

विशु ।" साफ साफ क्यूं नही बोलता एक दूसरे की मम्मी के साथ सुहागरात मानना है । हां हां "

शेतन भी हसने लगा हां हां हां हां

जिशु और तपन दोनो को कुटने लगते है । हां हां हां हां

विशू ।" अबे बस बस बोहोत मार लिया । हमें मार दोगे तो तुम दोनो की कौन शादी करवा देगा "

शेतन ।" साले बाप बोल हमे । शादी करवा रहा हू "

फिर से कुताई शुरू ।

Update 40

Vivah Swargam ​

जिशु के शीर पर से बैंडेज उतार चुका था टाके भी निकल दिए गए थे । पहले जैसे ही सुस्थ हो चुका था बस घाव के निशान ताजे थे उसके लिए समय अनिवार्य थे । जिशू को जैसे नई जिंदगी मिला वो बेहद खुश था । कभी सोचा नही था की उसे शीतल से प्यार होगा । रिश्ते ऐसे बने थे की उसे कभी कभी हांसी आ जाता था सोच के रिश्तों की उलझुलुल बंधन सोच को ।

कुछ दिन बाद चारो दोस्तो की बैठक लगाता है अपने अड्डे play ground पर ।

विशू,, तो बेटा तैयार हे शादी के लिए ,,

शेतन,, अरे बेटा जवान हो गया है तो शादी तो करेगा ही ,,

जिशू और तपन चिढ़ जाता है । विशु और शेतन हस पड़ता है दोनो के ऊपर ।

तपन ,, बकवास बंद करो । शादी के लिए कैसे प्रपोज करते है उसका कुछ आइडिया बता,,

विशु मजाक कर के ,, वाह भाई खुटा गाड़ने में कोई आइडिया नही चाहिए लेकिन अब शादी के लिए प्रपोज करने पर आइडिया चाहिए ,,(शेतन से),, ए भाई दे रे कोई आईडिया इस सांड को,,

जिशू दोनो को दे धुलाई दोनो के पिछवाड़े में घुटना मारता हे और दोनो को भागने लगता है ।

तपन,, साले कोई जरूरत नही हे तुम दोनो की निकल यहां से साले । जो करना हे हम दोनो देख लेंगे । निकल साले ,,

विशू और शेतन हास हास के पागल हो जाते हे । खेर मजाक मस्ती एक तरफ कर के चारो गंभीर मुद्दा पे बैठ जाते हे ।

तपन,,(जिशू से) तूने तो बात फिर भी कह दिया ,,

चेतन,, अच्छा अच्छा मेरा के सवाल हे,,

जीशू,, कैसा सवाल?,,

चेतन,, शादी का मतलब क्या है तुम दोनो को पाता ही है लेकिन तुम दोनो जो शादी करनें जा रहे हो उसका क्या मतलब है । में समझ नही पा रहा हूं शादी का मतलब हे तुम लोगो का । वैसा कुछ नही जो तुम दोनो को शादी की जरूरत हे ।"

जिशु ,, भाई शादी एक पवित्र रिश्ता हे और हम भी उसी पवित्र रिश्ते में बंधना चाहते हे ,,

चेतन,, ठीक है ये बात पल्ले पड़ रहा है लेकिन शादी को तुम लोग छुपा के रखोगे है ना । पर वोही तो है जब कोई एक दूसरे से बंधन मे बंध जाते हे उसी को शादी माना जाता है समाज के नजरो में । लेकिन एक दूसरे के लिए तो बस दिल की बंधन ही काफी है ना ।"

तपन रोमांटिक हो कर ,, तू क्या जाने यारा फीलिंग क्या होती हे इस रुस का सुवास ही ऐसा है । "

चेतन और विशू तालिया मारने लगता,, वाह वाह ,,

जिशू मुस्कुराने लगता है ,, बस बस फिर से तुम दोनो शुरू मत हो जाना ।

तुम दोनो ये बताओ हमारी मदद करोगे या नहीं ,,

चेतन जिशू को गले लगा के ,, बस भाई बस और बेगर मत कर । शाम के 6 बजे तैयार रहना महफील जमाने के लिए ।,,

चारों दोस्त गले मिलते हे । चेतन झट से बिजली की तरह डोर लगाते हुए गायेब हो जाता है । तीनों दोस्त ,, लो ,,

चेतन,, ये साला आज काल बेहद उड़ रहा है रफ्तार भी बढ़ गया कमीना मुझे जलाता हे ।

तपन,, तो तू भी जला ना उसे ,,

चेतन ,, प्लान बनाया है एक । इस बार एग्जाम में देर से आंसर बताऊंगा साले को ,,

जिशु और तपन हास पड़ता हे,, हां हां हां सही है कमीने को थोड़ा मजा सखाना बनता है ,,

Amuzing restro​

समय 7 pm

पूरा रेस्ट्रो विशू और चेतन बुक कर लिया था । और खुद दोनों वेटर बन गए थे बाकी वेटर की छुट्टी करवा के । दोनो अपने दोस्तो की शाम बनाने का जिम्मा उठाया जो था ।

तानिया और शीतल ठीक 7 बजे रेस्ट्रो पोहोच जाती है । लेकिन अभी तक दोनों हीरो आए नही थे । उसका कारण था विशू और चेतन । दोनो ने बदमाशी की और 7 बजे का समय तानिया और शीतल को बताया और उन दोनो को 7:30 pm का समय बता दिया । ताकि दोनो हीरो अपनी अपनी बैटर हाफ से दांत खाए ।

शीतल और तानिया विशू और चेतन को वेटर की ड्रेस में देख के हसने लगी और शर्मा भी रही थी ।

तानिया ,, बदमाश तुम दोनो यहां क्या कर रहे हो,,

शेतन,, मोहतरमा हम तो आपकी सेवा करने के लिए हाजिर हुए हे इस मेहफील में । हम तो तुच्छ दास है ,,

शीतल,, जूते चाहिए गाल पे नालायक ये सब करनें के लिए हम तुम्हे पढ़ा लिखा के बड़े कर रहे है ,,

दोनो जमूरे गर्दन झुका के अपने काम में लग जाते है ।

शीतल मुस्कुरा के ,,, शैतान तुम्हारे दोस्त का कोई आता पाता नही कहा हे दोनो । आयेंगे की नहीं ,,

विशू ,, मोहतरमा उनके लिए आप दोनो को और 20 मिनट वेट करना पड़ेगा ,,

तानिया ,, क्यू ?,,

शेतन,, ताकि आप दोनो उन दोनो की खिंचाई कर सके ,,

तानिया और शीतल की मुस्कान निकल जाती है दोनो की बदमासी पर ।

शीतल,, अच्छा किया इसके लिए तुम दोनो को मेरे तरफ 100 रुपए टिप,,

विशू और चेतन का मुंह खुल जाता है,,बस 100 रुपए,,

तानिया हस कर ,, जाओ अपना काम करो नहीं तो रुपए की जगह हमारी जुटी की टिप मिलेगी ,,

दोनो बंदर की तरह भागते हुए रेस्ट्रो के किचन में जाते है और मास्टर शेफ से जान कारी लेता है तैयारी कैसी हे ।

7:31 मिनट पर जिशू और तपन सूट बूट पे डेसिंग हैंडसम हंक बन कर हाथो में लाल गुलाब लिए पैंथर की चाल मे तानिया और शीतल के पास जाता है ।

तानिया और शीतल एक टेबल पर मुंह लटकाए बैठी थी हाला की दोनो की नाटक थी ।

जिशू अपना फूल अदाकार सज्जन की तरह शीतल की तरफ अपनी लाल गुलाब फूल आगे बढ़ा देता ,, हेलो मिस,,

तपन भी वैसी ही मुस्कुराता हुआ नजाकत से पेश आते हुए फूल तानिया की तरफ आगे बढ़ा देता है,, हेलो गॉरगाउस,,

लेकिन दोनों की कोई प्रतिक्रिया नहीं ।

ऐसा देख कर दोनो एक पल के लिए घबरा जाते हे और मन में सोचने लगते हे कही दोनो कुछ गलत तो नहीं कर दिया । दोनो का चेहरा बिलकुल सफेद हो जाता है ।

तानिया और शीतल मन ही मन हस रही थी । और बस मजाक का मजा ले रही थी ।

विशू और चेतन तभी पानी ले आता है । विशु और चेतन पानी ऑफर करते है । जिशू और तपन अपने दोनो कमीने दोस्त की तरफ इशारा करता है । लेकिन दोनों चेहरे की भाव से कुछ नही पाता का इशारा कर देता है ।

तानिया चालक थी उसने दोनो तरफ से मजा लेते हुए नाराजगी दिखा के विशू और चेतन की तरफ देख एक बोली ,, 7 बजे से हम यहां बैठे हे अब जा के हमे पानी ऑफर कर रहे हो how is this behavior,,

शीतल भी नाराजगी दिखा के ,, ये कोई तरीका है किसी को बेबजा आधे घंटे तक इंतजार करवा के हमारा समय बर्बाद करना,,

जिशू और तपन एक दूसरे को हैरान हो के देखे ने लगते हे । पेहले तो कुछ समझ नहीं पाया । अपने अपने मन में (हमे तो 7:30 pm का बताया था । ओह समझा इन दोनो की मसखरी थी साले सुवार यहां भी ) दोनो विशू और चेतन को कच्चा खा जाने वाली नजरो से देखता है ।

विशू और चेतन नजरे इधर उधर कर के पानी ग्लास टेबल पे रख कर चले जाते हे पीठ पीछे हंसते हुए ,, अब दोनो की बैंड बजेगी,,

जिशु मानते हुए,, हमे पाता नहीं था आ लोगो को इन दोनों ने 7 बजे का समय बताया था ,,

तपन मनाते हुए,, हा इन दोनो की बदमासी हे,,

शीतल और तानिया कोई जवाब नही देती (बोहोत इश्क लड़ाने की आग लगी है अब झेलो हमारा नखरा )

जिशू तपन के कान में कहता है ,, तू अपनी वाली को साइड में ले जा में अपनी वाले को साइड में ले जाता हूं लगता हे मामला बिगड़ गया है अब हम मनाना पड़ेगा,,

तपन हा में शीर हिला देता है ।

तपन (तानिया से),, जरा उस टेबल पर चल के बात करते है ,,

जिशु (शीतल से ) प्लीज उधर चलो ना ,,

शीतल और तानिया की नखरे और बढ़ ही जाती है दोनों मुंह फुलाए बैठे जाती हे ।

तानिया (शीतल से),, शीतल मुझे लगता हे हमे अब चलना चाहिए । येहा बैठ के अब क्या फायदा चलो हम किसी दूसरी रेस्ट्रो पे जा के खाना खाते हे,,

शीतल ,, हम्म सही कहा । चलो चलते हे,,

दोनो मजनू घुटनो पे गिरगिरानें लगते है ।

तानिया और शीतल खुद को रोक नहीं पाती अपनी अपनी सैया की हालत पे तरस खा के मुस्कुराने लग जाती है । तभी तपन और जिशू की सूखे होंठो पे मुस्कान आ जाता है ।

तभी एक रोमाटिक माहोल बन जाता है जगमगाती लाइट जल जाते है और दोनो लंगूर दोस्त रोमांटिक पियानो म्यूजिक लगा के खुद भी Saxophone और violin बजा के मधुर संगीत का माहोल बना देते हे । और ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां गिरने लगते हे ।

तपन एक घुटना फर्श पर और एक हवा में उठा के जैप से अंगूठी निकल के गले को थोड़ा खरस मार के ,, "तुम्हारी याद में आँखों का रतजगा है, कोई ख़्वाब नया आए तो कैसे आए..

❗" इन आखों में सदा के लिए डूब जाना चाहता हूं क्या और इस डूबने को शादी का नाम देना चाहता हूं । क्या तुम्हे मंजूर हे ,,

जिशू खड़े हो के शीतल कि आंखो में देखते हुए ,, तेरे हुस्न के आगे मुझे लगता है सब कुछ सादा आस्मां में है पूरा चाँद पर मुझे लगता है आधा । बस इस हुस्न से डुबकी लगा के पवित्र होना चाहता हू और इस पवित्रता को शादी के बंधन देना चाहता हूं क्या ये परी राजी हे मेरी नेक दिल की अल्फाज को स्वीकार करने के लिए ,, और फिर झेप से रिंग निकल लेता है ।

तानिया और शीतल बस मुस्कान फैल जाती हे और शिर हा में हिला के शर्माती हुई बाई हाथ आगे कर देती हे । दोनो अपनी अपनी होने वाले वाली भावी पत्नी की उंगली अनामिका उंगली में अंगूठी पहना देती है ।

विशु और चेतन जोर जोर से तालिया बजाते हुए चिटी मारता हे और तभी आसमान में फटाके के फूटने लगते हे जिसमे दोनों की जोड़ी दार नाम आसमान में अंकित हो जाता है ।

फिर एक शानदार पार्टी उन लोगो की शुरू हो जाती है।

Update 41

Vivah sampanya​

इस बार भी फिर एक बाप को मामू बनाना था । और इस बार भी चार बाप आसानी से मामू बन गए । चारो ने ऐसा मामू बनाए अपनी उम्र की तजुर्बे से मात खा गए । अपने अपने कमीने बेटों चाल में फांस गए थे ।

लेकिन इस बार चार बाप के साथ दो और औरतों को भी बेवकूफ बनवाना था और वो दो थी दीपाली और तराली । जिनको फसाने में तानिया और शीतल की दिमाग लगी ।

तराली और दीपाली की एक कमजोरी थी और वो थी और वो थी दोनो की मासिक धर्म यानी की माहवारी । इस जानकारी को औरते एक दूसरे के बारे में साझा करना एक प्रथा थी । जो हर महीने 25 या 26 तारीख को शुरू होती थी दोनो को ही एक साथ ।

और इन लोगो ने घर पे ये बोला की शहर के बाहर एक मंदिर में बोहोत बड़ी हुम योग्य पूजा होने वाली हे और उस पूजा में भाग लेने वाले भक्तों की दुयाय पूरी होती है । ऐसे में पवित्र पूजा में तराली और दीपाली अपनी मासिक अवस्था में कैसे जा सकती है सदियों की प्रथा के अनुसार दोनो ने जाने से माना कर दिया । और ये लोग वोही चाहते थे ।

नवंबर महीने के 26 तारीख छे छे निकल पड़े मकसद को अंजाम देने । एक पहाड़ी इलाके के छोटे से गांव में सारा कुछ प्रबंध किया था विशू और चेतन ने । और एक जुबान के पक्के पंडित को मोटी हरी पत्ती खिला के शादी का रसम पूरा करते है ।

Water over house​

समय शाम के 7 बजे ।

गांव के जंगल में एक मुचवारे की लकड़ी के घर को किराए पे ले के साफ सफाई करवा के शुगहरात के लिए सजा दिया था । झोपड़ी में सिर्फ दो रूम थे जहा दिवारे भी लड़की के फर्श और चट्ट भी लड़की के बना हुआ था ।

विशू,, ओक तो आज से तुम दोनो की नई जिंदगी के लिए मुबारक हो । सब काम निपटा दिया हे तुम दोनो की दुल्हनिया अंदर दोनो एक एक कमरे में इंतजार कर रही है ।

अब हम दोनो विदा लेते हे ,,

जिशु,, तुम लोग कहा जा रहे हो ,,

चेतन,, मित्र क्या हैं की हमें ऐसी वैसी फिल्म देखने का कोई शोक नहीं हे ।

चेतन के मजाक में तीनों बस हास पड़ते हे ।

विशु,, ओके हम पास ही के लॉज में रहेंगे । कुछ भी जरूरत हो तो बता देना ,,

विशू और चेतन गाड़ी ले के निकल जाते हे ।

पहाड़ी की जंगल में सुहागरात एक रोमाचिक महसूस करवाने वाला खुशनुमा एक रंगीन रात होने वाली थी ।

जिशु,, ठंड बोहोत है यहां तो । चारो तरह जंगल ही जंगल कोई जंगली जानवर ना आ जाए ,,

तपन,, आ भी जाय तो घर पर चढ़ नहीं पाएंगे बोहोत ऊंची बेस है । ,,

दोनो के दिल में एक नया एहसास था एक शर्म थी जो बयान करने पर कटरा रहे थे । दोनो बिन कहे ही घर की तरफ बढ़ चले । और दरवाजे पे रुक के एक दूसरे को शुभकामनाए दे के अंदर घुसते है दोनो ही शेरवानी से अपने अपने जैकेट उतार के टांग देता है ।

Room no 1

तानिया फूलो से सजी छोटे से कमरे में चोटी सी फूलो से सांझा खटिया में सॉल ओढ़ के बैठी थी
। जैसे ही तपन की तरफ देखा उसने आंख मार दी तपन की मुस्कान निकल गया । तपन गंभीर कदमों के साथ उसके पास बैठ गया । दोनो ही एक दुसरे की आंखो में खो गए । शुरुवात आखों से करने की ठान ली हो ।

Room no 2

शीतल के लिए सब कुछ नया जैसा था । जिशु के साथ शर्म की बांध अभी तक टूटी नहीं थी उसकी अब तक मर्तबे में जिशू के साथ कोई खास जिस्मानी हुई नही थी और आज की सुहागरात पर वो बुरी तरह शर्म से पानी पानी होने वाली थी ।

जिशू उसके पास जा के प्यार से बैठ जाता है और सबसे पहले नजाकत से घुंगत उठा देता हे । शीतल एक नजर ऊपर कर के जिशू को शर्मीली मुस्कान दे के नजरे नीची कर लेती है
।

Room no 1

तपन ,, वाओ बेबी आज तो कहर डालने वाली हो मेरे ऊपर तुम ,,

तानिया,, पहले मुंह दिखाई ,,

तपन हस के जैप से एक चमकती हुई नाग मनी निकल के दिया । तानिया खुशी से झूम उठी ।

तानिया,, वाओ जानू कहा मिला इतनी दुर्लभ चीज । इतने महंगे कैसे लाएं ,,

तपन,, नही ज्यादा महंगा नहीं है यहां सस्ता ही मिला,,

तानिया नखरा दिखाती हुई ,, तो तुम सस्ते चीज दे के मेरो कीमती चीज लूटना चाहते हो ,,

तपन उसे बाहों में भर लेता है और मर्दानगी अंदाज में उसकी गेहने उतरने लगता है ,, सात बच्चन के साथ तुम्हे जेवरात से तोल भी दूंगा एक दिन बस कुछ समय दो अपने पेड़ो पे खड़े होने का ,,

तानिया उसे गले से लगा के बोली ,, इसकी मोह नही मुझे । बस बाकी की जिंदगी तुम्हारे बाहों में गुजर चकु मेरी ख्वाइश है ,,

तपन ,, मेरी पहनाई हुई मंगलसूत्र और मेरी भरी हुई मांग की सिन्दूर में बोहोत खूबसूरत लग रही हो पहले से ज्यादा निखार और मेहेक रही हो । आज बर्दास्त कर लेना में आज लावा बनने वाला हूं ।,,

तानिया बस मुस्कुराती है वो समझ गई थी आज की सुहागरात कुछ खास होने वाला है ।

और दोनो में नई जिंदगी की ख्वाइसो पर चर्चित करने लग जाते है

Room no 2

जिशु उपहार के तोर पर एक कमर बेंड भेत करता है । शीतल शर्माती हुई गिफ्ट को साइड पर रख कर ,, शुक्रिया आपका ,, और केसर वाला दूध आगे कर देती है ।

जिशू दूध ले के एक सांस में पूरा ग्लास पी जाता है । शीतल मुंह दबा के मुस्कुराने लगती है ।

जिशू ग्लास टेबल पर रख कर ,, वो सुबह से उपवास में था ना तो । और बोहोत स्वादिश था ,,

शीतल फिक्र जाता कर ,, रुको में खाना लाती हूं बाहर कुछ खाना रखा है,,

जिशू बिस्तर पर लेट जाता हे और शीतल को छाती पर गिरा लेता है । शीतल की चूड़ियां खनखन गूंज उठती हे और जिस्म पर एक रोमांचित एहसास रोम रोम में महसूस होती है लेकिन उसकी शर्म और भी बढ़ जाती हे ।

जिशू,, पंडित जी ने कहा है जब सुहागरात की रसम पूरा हो जाए तो पहले अपनी पत्नी को खिलाना फिर खुद खा लेंना,,

शीतल शर्मा के बोलती है ,, आप ने गलत सुना हे । ये बात मेरे लिए थी पत्नी पहले पति को खिलाती है फिर खुद ,,

जिशू,, मगर मेरी दुनिया में पहले आप । और ये क्या आप मुझे आप क्यू बोल रही हे । ,,

शीतल,, क्यू की रिश्ते मे तो आप बड़े हे ,,

जिशू,, नहीं में चाहता हूं हम दोनों जब भी बात करे एक समान हो कर बात करे इसलिए नो आप ठीक है ,,

शीतल उसकी छाती पे मुंह छुपा लेती हे ,,ठीक है तुम भी नो आप,,

दोनो में नई जिंदगी की बाते शुरू हो जाती है ।

Update 42

Wedding night​

वेसे तो जिन्होनें मना ली है वो इसका उत्तर अधिक अच्छे से दे पायंगे, फिर भी यदि इसका शाब्दिक अर्थ भी करे तो

सुहाग+रात

सुहाग का एक अर्थ सौभाग्य भी होता है। तो नव दंपति को उनके सौभाग्य से यह रात प्राप्त होती है। तो यह उनके लिए सौभाग्य की रात भी है।

दूसरा इसे पत्नी के दृष्टिकोण से देंखे तो क्योकि कन्या पहली बार सुहागन बनती है इसलिए उसकी पहली रात उसके पति यानी उसके सुहाग के साथ होती है। तो उसके सुहाग के साथ उसकी पहली रात होती है।

ओर भी अनेक कारण हो सकते है, जिस कारण हमारे पूर्वजों ने इसे सुहागरात नाम दिया।

सुहागरात एक दूसरे को समझने की रात होती हैं, एक दूसरे को मन से अपनाने की रात होती हैं, एक दूसरे को ये एहसास करवाने की रात होती हैं की अब आप में और उन में कोई फर्क नहीं हैं। लेकिन दोनों जोड़े की रिश्ते कुछ अलग प्रकार के थे ।

Room no 1

तपन तानिया की जिस्म से हर एक गहने के साथ हर एक वस्त्र उतार देता हे । माना जाता है सर्दी में शादी करने का मजा ही कुछ अलग होती है योन संबंध में लुफ्त ज्यादा होता हे ।

लेकिन ठंड की वजह से तपन और तानिया कंबल के अंदर थी जो दोनो निबस्त्र । तपन तानिया की जिस्म पर हर एक अंग को चूमना चाहता था लेकिन कंबल के अंदर मुस्किल होता है रोसनी पर तानिया की गोरी चिकनी त्वचा दिखाई जो नहीं पड़ती थी ।

तपन फिर भी तानिया की टांगो के बीच जीव से कामुक खेल की शुरुवात करता हे कंबल के अंदर ही । तानिया की हाथो पे रची महंगी उसकी चेहरे की चमकती हुई मेकअप की वज़ह से कुंवारी दुल्हन लग रही थी । खटिए पे काम सुख से सिसिया रही थी ।

Room 2

जिशु हर एक अंग चूमते हुए शीतल को नंगी कर देती है । शीतल कसमसाती हुई शर्म से अपने आपको कंबल में छुपाने की नाकाम कशिश करती हे । जिशु भी कंबल के अंदर नंगा था ।

जिशु शीतल की शर्माती हुई चेहरे को प्यार कर के बोला ,,, क्या तुम तैयार हो । अगर तुम्हे वक्त चाहिए तो हम जब तक चाहे रूक सकते हे ।

शीतल आज प्यार की प्यासी थी वो जिशू के आगोश में समा के बिन लफ्जों से ही बयां कर देती है दिल की बात ।

Room no 1

तपन और तानिया के बीच की रिश्ते में अब तक एक गेहरी रिश्ते बन चुका था । जो एक दूसरे से जिस्मानी होने एक शर्म मिट के एक समझ बनती है को एक दूसरे की भाव से ही समझ जाते थे की एक दूसरे को क्या चाहिए वो बंधन पहले ही बंध चुकी थी ।

कम्बल से बाहर सिर्फ दोनो के ही गर्दन निकले हुए थे । दोनो अब बस मिलन की आनंद उठाना चाहते थे ।

तपन तानिया की आखों में देखते हुए ,, बेबी आज हमारा सुहागरात हे कुछ नया होना चाहिए ना ,,

तानिया उसकी नाक में नाक रगड़ती हुई,, जानू नया करने को बचा ही क्या है अब अब तक हमने 156 बार कर चुके हे और तुमने हर पोजीशन में किया हे । कम्बल के अंदर और क्या नया करोगे । में खुश इस बात से की तुम रीति रिवाज से मेरे पति बन गए हो चाहे जो भी हो पति तो बन गए मेरे ,,

तपन उसकी कान फुसफुसाता है ,, एक जगह हे जो तूने मुझे अब तक छूने भी नहीं दी ,,

तानिया समझ जाती है उसकी होंठो पे मुस्कान आ जाती है ,, नहीं बाबा वाहा नेही ,,

तपन,, क्यूं आज ट्राय कर लो । और तुमने तो बताया था की वाहा पहले भी किया है,,

तानिया ,, उम्म्म तुम क्या चाहते हो सुबह अपने बेटे और तुम्हारे दोस्तो के सामने लंगड़ाती फिरू । क्या सोचेंगे मेरे बारे में मुझे शर्म नही आयेगी क्या ,,

तपन मजाक करते हुए ,, सुना है गाओ में अगर सुहागरात के दूसरे दिन लंगड़ा के ना चले तब दूल्हे कि बड़ी खिंचाई होती है । और में वो खिंचाई अपने दोस्तो से नही सुनना चाहता ,,

तानिया जूठी गुस्से से ,, तो अपने दोस्तों के आगे मर्दानगी दिखाने के लिए मेरे साथ ऐसा करोगे ,, फिर मजाक करते हुए ,, में भी जिशु बोल दूंगा फिर शीतल की हालत खराब करने के लिए,,

तपन हस पड़ता है ,, धेत्त । में तो मजाक कर रहा था । वैसे ऐसा हुआ तो में भी तुम्हे नहीं छोडूंगा खा जाऊंगा तुझे ।

तानिया उसकी गाल सेहलाके ,, मन कर रहा है क्या ,,

तपन शीर हिला कर ,, हम्म लेकिन तुम ना करो तो नही करूंगा ,,

तानिया ,, तुम्हे कैसे माना कर सकती हूं में । आज तो कतई नही ।

कुछ तेल जैसा कुछ चीज है ,,

तपन ,, हा विशु ने एक लुब्रिकेंट और चेतन ने कंडोम दिया था हम दोनो को ,,

तानिया मुस्कुराती है ,, बदमाश कहिका ये सब भी दिया है । अच्छा कंडोम से करना सही होगा आसानी होगी । तुम्हे बुरा तो नहीं लगा ,,

तपन ,, नहीं इसमें क्या बुरा लगेगा मेने भी अब तक कंडोम से ट्राई नहीं किया आज कर लेटे हे । ,,

तपन अपनी शेरवानी की जैप से लुब्रिकेंट की सीसी और कंडोम निकाल लेता हे ,,

Room no 2

जिशु शीतल को कंबल के अंदर निबस्त्र कर के हर एक अंग चूमने लगा था । शीतल आंखे बंद कर के बस जिशु को अपनी जिस्म को हर एक चुम्बन के साथ सोप दे रही थी । सुखद आनंद की आहे मुंह में दबा रही थी क्यू की उसे शर्म आ रही थी ।

जिशु उसकी चूत की भगनासा को जीव से भोग रहा था । जिशु मन में (क्या आंटी को भी मेरा चुसवा दूं । अरे नही वो शर्म के मारे मर जायेगी लेकिन उस दिन तो चूसा था । नहीं उस दिन नशे में थी आज की बात अलग है एक होश में और ऊपर से पति भी बन गया हू आज नही कर पाएगी )

जिशु उसकी चूत काफी देर तक चूसता है जिससे शीतल पानी छोड़ रही थी और आनंद में नई जगत की लुप्त हो जा रही थी । जिशु उसकी मोटी जांघो को चूमता हुए उसकी नाभी से खेलने के साथ उसकी मखमल पेट भी मसलते हुऐ चूम के शीतल को पूरी तरह से कामुत्तेजोक कर देता है । शीतल अपनी जिंदगी की अध्याय में पहली बार एक नई काम सुख की आनंद को महसूस कर रही थी एक गैर जो अब पति बन कर उसकी रोम रोम से जुड़ चुकी है ।

जिशु उसकी बड़ी आकर की चुचियों को मसल मसल के पीने लगती है । शीतल धीरे धीरे शर्म का परदा गिरा देती है और नशीली सुखमय कामुक नजरो से जिशु को देख रही थी लेकिन इस बार अपनी आह को खुल के निकलती है ।

Update 43

Shuhagraat Kayem rahe​

Room no 1

तपन अपने लंड पर कॉन्डम चढ़ा लेता हे और आधी सीसी लुब्रिकेंट मल के तानिया की ऊपर चढ़ जाता है । दोनो की आखों से आंख मिलती है और दोनो ही सहमति जताता है ।

तानिया अपनी शिर के नीचे दो तकिए रख देती है ताकि उसकी हाथ नीचे पोहोच जाए । अपने नए पति का लन्ड पकड़ कर अपनी गान्ड की छेद पर लगा के जिशु को आखों से जवाब देती है जिशु की अपने सुपाड़े से तानिया की गांड के छल्ले का एहसास होता है और वो दबाव देता है लेकिन लंड पिछल जाता है ।

तानिया फिर से निशाना साध देती है और ध्यान रखती है की इस बार ना पिछले । जिशू उसकी आखों में देख के फिर दबाव देता है इस बार उसका लन्ड गांड की छेद भेद करते हुए एक चौथाई हिस्सा घुस जाता है तो तानिया तुरंत ही बची हुई लंड के हिस्से को कस के मुट्ठी मार के आन्ह्ह्ह कर के जोर से चीख पड़ती है ।

कमरे की दीवार लकड़ी को जिससे काफी दरारे थी तानिया की चिंख दूसरे कमरे तक सुनाई देती है ।

Room no 2

जिशु और शीतल को तानिया की चीख सुन के अपने कार्य पर रोध लगा देते है ।

जिशु बरबर करता हे ,,साला कमीना ,,

शीतल मुस्कुराने लगती है । जिशू भी मुस्कुराता है उसे देख कर और उसकी टांगो के जगह बना लेता है (हरामी साला रूक तुझे बताता हू ) और शीतल की चूत पर कड़ारा धक्का मारता है ।

शीतल दर्द से बिलबिला उठती है उसकी चीख दूसरे कमरे में जाती है ,, उईईईह्ह्ह मर गई ,,

Room no 1

तपन अभी भी कशिश में लगा था लेकिन अपनी मम्मी की चींख सुन के रूक जाता है ।तानिया की हसी निकल जाती है ।

तानिया मुस्कुरा कर ,, क्या हुआ अब पता चला किसी की मम्मी के साथ ,,,

तपन मुस्कुराता हे ,, थोड़ा सेहन करना प्लीज,,

तानिया ,, नही जोर से मत करना ,,

तपन तानिया को बाहों में भर के धक्के लगाने शुरू करते हे । तानिया हर धक्के के साथ घुट घूट के आन्न्ह्ह्ह आन्ह्ह्ह्ह अन्ह्ह्ह कर के गला फाड़ रही थी । उसकी भींची आंखे चेहरे की भाव बता रही थी की उसे तकलीफ हो रही है । लेकिन झेल रही थी जो एक औरत में वो सेहन शक्ति की ताकत छुपी रहती हे । तपन का लंड के आधे हिस्से उसकी टाईट गांड में कस के फैला कर घुसता था और बाहर निकलता था । सुकर था की उसकी गांड टाईट होने की वजह से लंड तेजी से घुस नहीं पा रहे थे ।

Room no 2

जिशु शीतल की आखों में देख के उसकी होंठ चूसने लगता है और एक मध्यम रफ्तार में शीतल को चोदने लगता हे । जिशू का लंड उसकी गीली चूत के पूरी गेहराई माप ले रहा था । शुरू के कुछ पल शीतल बोहोत चिंखी लेकिन बाद में उसे निरंतर आनन्द आने लगी और जिशु को कस के गले लगा के पूरी साथ देते हुए आह्ह्ह्ह उह्ह्ह कर ले कामसुख का आनंद उठाने लगी । जिशु बीच बीच में उसकी गाल चूमता कंधे चूमता बदन को मसलता । शीतल शर्म आ रही उसका बेटा उसके पास ही था दूसरे कमरे जिसकी हरकत सुनाई दे रहा था । लेकिन उस निजी असीलता पर उसे एक अलग ही जोश महसूस हो रही थी । और जिशू के आखों में आंख डाले जता रही थी की उसे कितनी कामसुख मिल रही है जिशु से ।

Room no 1

तपन थोड़ी देर के लिए विराम लेता है । तानिया भी राहत लेती है । गांड चुदाई में चूत चुदाई का मजा तो नहीं हे लेकिन किसी किसी को एक चचका लग जाती है जो कभी कभी किसी को वो चचका चूत चुदाई की मेज से ज्यादा आनंदायक होती है । पर तानिया को गांड मरवाने का कोई चचका नही थी । लेकिन आज पहली बार उसे अलग ही महसूस हुई । तपन की बाहों में कसती हुई खुद को आगोश में पा कर और तपन के लंड से बेहाल हो कर जिस्मानी रूप से मर्द का एहसास पा कर खुश थी । हर औरत चाहती है उसका पार्टनर जिस्मानी रूप से बेहतर हो ताकि उसको संतुषी दे सके । तपन ने उसकी रक्षा कर के पहले जी जता दिया था कि वो उससे कितना प्यार करता है खयाल रखता है । तानिया तपन से पूरी तरह से कायल हो चुकी थी ।

तानिया लंबी लंबी सांस ले के ,, फाड़ दी मेरी तूने ,,

तपन ,, ज्यादा दर्द हुआ क्या ,,

तानिया मुस्कुरा कर ,, नही बरदस्त कर सकती हू ।

तुम्हे कैसा लगा मजा आया ,,

तपन,, हा मजा तो आयेगा ही लेकिन थोड़ा अलग लगा । वो जो तुम्हारी छेद का मुंह हे ना वो एक दम रबर की तरह खींच के रखती है लेकिन अंदर नर्म नर्म अच्छा लगता है ।,

तानिया मुस्कुराती है ,, अच्छा भूल मत तुम्हारी भी वैसा ही है ,,

तपन हस पड़ता है ,, कितनी गंदी हो ,,

तानिया ,, चलो रूक क्यू गए ,,

तपन ,, थोरी गंदी बाते करो ना उनको सुना दो ताकि जले ,,,

तानिया मुस्कुराती हे । तपन फिर धक्के मारने लगता हे तानिया को भी मजा लेने की मन करता है और वो चिल्लाने लग जाती है ,, ,, ओह जानू आन्ह्ह्ह जानू उह्ह्ह्ह नहीं । प्लीज धीरे अन्ह्ह्ह मर गई । उन्ह्ह्ह्ह जानू अप्प्स आआह्ह्ह नही फट जायेगी । प्लीज जानू प्लीज ।,,,

Room no 2

जिशु कान खड़े कर के ,,, साला हरामी कर क्या रहा है ,,

शीतल उसे प्यार करती हे उसके गाल चूम के बोलती है ,,, शिंता मत करो तुम्हारी मम्मी को मजा आ रही है ,,,

जिशू,,, आपको कैसे पाता ,,

शीतल मुस्कुरा के ,, बस पता हे हर चीज बताए नही जाते है । कुछ चीजें समझा जाता है ,,

जिशु मुस्कुराता है और शीतल की लबों पीने लगता है । जिशु उसकी जीव डाल के सलाइवा पीने लगता है । शीतल मुग्ध हो जाती है कभी उसके पति ने ऐसे क्रीड़ा करते हुए जोशीला चुम्बन बिना टूटे कभी नही किया ।

जिशु अपनी मम्मी की कामुक आवाज़ें सुन के जोश में ताबड़ तोड़ धाक्के मारने लग जाते हे ।शीतल आनन्द में खुले मन से चुदवाने लगती है ।

एक नई बात थी की दोनो दोस्त को एक नया एहसास मिला एक नई अनुभव अपनी अपनी मम्मी की कामुक आवाज़ें सुन के जोश में एक दूसरे की मम्मी को चोदा मन में एक सुखद कामुक एहसास जो मिला था वो अनोखा था जो कभी सायेद एक दूसरे से बयान नहीं करेंगे ।

उस रात जिंदगी

मुझसे मुखातिब हुई

मुस्कराई करीब आई

बाँहों में जा समाई

हम-बिस्तर.... हम-बदन हुई

जैसे कि हों एक जान

एक ही जिस्म भी!

गुजरती रात के साथ

हम इठलाते रहे

सहलाते-गुदगुदाते रहे

एक दूजे के / अपने ही से

जिस्मों को

साँसें, धड़कन, छुअन, सिहरन

हर अहसास से

मिलन का / दो से एक होने का

इत्मीनान तलाशती सी अंगुलियाँ

थिरकती रही जिस्मों पर ....

वक्त थमा नहीं

रात ढलती रही

देर किसी पहर

कौंधे किसी प्रश्न ने शायद

सहलाने, गुदगुदाने को

कुरेदने में बदला होगा

जिस्मों सी नजदीकी को

दिलों में ढूँढना चाहा होगा...

शायद

खुशनसीबी पे गुमाँ की चाहत ने

सहलाते, गुदगुदाते

....कुरेदते हुए जिस्मों को

जज्बातों को

अहसासों को

जख्मी कर डाला

जिस्मों पर

जज्बातों पर

गहराते जख्मों की चीर-फाड़ से

सुबहे सेहतमंद होते रहे.

यकीं तिनका-तिनका बिखरता रहा

सुलगे हुए जज्बात

धुआं बन उड़ते रहे

नाजुक से अहसास दम तोड़ते रहे

सुबह

सलवटों से अटी

मसली हुई चादर पर

अनमने, अलहदा, खामोश,

....

बेजान जिस्म

बीती रात की ‘रंगीनी’ के

राज खोल रहे थे!

हसीन रात यादों की पन्नो पर अंकित हो गया

Update 44

Giant Forest​

कालिकामुख,, हेती क्या क्या लगता है पहला अध्याय पूरी हुई की नहीं,,

हेती,, कलिकामुख पहला अध्याय पूरी हुई । इसका प्रमाण जिशू और तपन की नियति कह रहा है । ,,

प्रहेति,, और दोनो ने नियति को अपना भी लिया हे । इसका मतलब है की मक्खियां जैसे मिठाई के ऊपर भिन भिनाना नहीं छोड़ता थी उसी तरह दोनो मित्र भी अपनी अपनी मम्मियों की हुस्न की काम लीला से दूर नही रह पाया ,,

कुभीनशी,, तो क्या दूसरा अध्याय शुरू किया जाए । उसकी नियति लिखी जाए क्या ,,

वीरान जंगल में चार पेड़ और इंसान की मिश्रित रुप आकार के 50 फीट ऊंची ऊंची पेड़ जोड़ो से चलते हुए कथन कर रहे थे ।

हेती,, दूसरा अध्याय कौन लिखेगा ,,

प्रहेती,, इस बार बारी है कुभीनशी का ,,

कुभीनशी,, प्रस्सात है । मेरी मार्क अलग हे दूसरा अध्याय लिखा जायेगा मगर मेरी नजरिए से । मेरी रूसी तो जानते है ही हो तुम सब लोग ।

प्रहेति हस कर ,, पता हे राक्षस कुभीनशी पाता है तुम्हारी चाटन में किसी को दखल अंदाजी पसंद नही है । लेकिन आपकी अध्याय की रचनाएं बड़े उन्नत मान के होते हे दृश्य मनमोहक होते है मन केंद्रित हो जाते है ध्यान मग्न रचनाए होते है ।,,

कालिकामुख,, भाई मुझे तो अध्याय लिखते जमाना हो गए ।,,

प्रहेती,, क्यूं आप लिखना चाहते है क्या दूसरा अध्याय,,

कालीकामुख,,, इस्सा तो थी पर राक्षस जगत का असूल है हर कार्य क्रम अनुयाई होना चाहिए । में तीसरा अध्याय आन पड़ी तो उसपे मेरे कलम की चियाही होगी ,,

कुभीनशी,, शुर्किया कालिकामुख पर क्या वो अवसर आएगा तीसरी अध्याय की जरूरत होगी । पाता है ना मेरी अध्याय अंतिम और सतिक होती है ,,

कालिकामुख,,, मगर इस बार तीसरी अध्याय बनेगी । लिख के देता हूं में ,,

कुभीनशी,,, हां हां हां हां देखते है मेरी कलम क्या तीसरी अध्याय मांगती है की नहीं ।,,

हेती,, इसका अर्थ ये हुआ कि आपको अपने कलम पर भारशा नहीं है । आपकी कलम अंतिम बिंदु किस जगह पर दागेगी आपको नही पता क्या ,,

प्रहेती ,,, राक्षस हैती कुभीनशी के काबिलियत पर सन्देह मत करो याद है ना कुभीनशी का us कहानी की अंतिम अध्याय कितना प्रसलित हुआ था पूरा जंगल उत्सव मनाया था उसकी अंतिम अध्याय से प्रफुल्लित हो कर ,,,

हेती,, प्रहेति आप सायेद भूल रहे हे कुभीनशी का जुबान पत्थर की लकीर होती है ,,

कुभीनशी ,,,, अरे अरे राक्षस हेती , राक्षस प्रहेति आप दोनो तो बच्चो की लड़ पड़े । समय की नियति पर विश्वास रखिए उत्तर मिल जाएगा । चलिए थोड़ा विश्राम कर लीजिए ,,

A Memorable Morning

समय 10 बज कर 13 मिनट ।

विशू और चेतन झोपड़ी पर आता हे और दोनो कमरे के दरवाजे खटखटाता है लेकिन अंदर से कोई जवाब नही ।

विशू,, भाई इन लोगो की रात अभी हुई है लगता हे , ,

चेतन हस कर ,, भाई लगता है अभी अभी सोए है । देखो बरामदे में खाना वैसा का वैसा ही पड़ा है खाने का भी वक्त नहीं मिला होगा या सायेद भूल गए होंगे ,,

दोनों हंसने लगते है और दुबारा खटखटाटा हे
। दो मिनट बाद जिशू और तपन कंबल ओढ़े कमरे से बाहर निकलता है ।

जिशु ,, क्या है इतनी सुबह सुबह क्यू आए हो ,,

चेतन ,, वाह भाई वाह दोस्त से बात करने का क्या तरीका आ गया है वाह भाई वाह,,

तपन,, साले बकवास बन कर । बोल क्यू आया है ,,

विशू ,, 10 बज गए है । हम तो नौकर हे तुम लोगो का इसलिए पूछने आए हे नाश्ते में क्या खाओगे ,,

तभी दोनो धर्म पत्नी बिखरी हुई बाल बिखरी हुई मेकअप के साथ नाइटी डाल के सॉल ओढ के कमरे से बाहर आती है । विशू और चेतन दोनो को देख मुस्कुराने लग जाते ।

तानिया ,, ओए बदमाश क्यू हस रहा है ,,

चेतन मजाक में ,, भाभी यहां तो आप लोगो की ननंद हे नही तो हम ही ननंद बन कर पूछते है की सुहागरात किसी थी अच्छी गई या ,,,,

शीतल इधर उधर नीचे कुछ ढूंढने लगी । उसे देख कर तानिया बोली ,,, क्या ढूंढ रहे हो शीतल ,,

शीतल ,, झाड़ू ढूंढ रही हूं इन दोनो की मर्यादा याद दिला दू झाड़ू से,,

विशू ,, चेतन भाग बे ,,

विशु और चेतन रेलिंग से कूद जाता है और भागते हुए बोलता है ,, जब भूख लगे तब फोन कर देना एहसान फरामुस लोगो ,,,

शीतल और तानिया हसने लगती है । जब दोनो चले जाते हे तब दोनो की नजरे अपने अपने पति और बेटे के नजरो से मिलती है और दोनो शर्म से ।

जिशु और तपन एक दूसरे को कंधे उसका के पूछता है की क्या हुआ लेकिन दोनो ही नही जानते दोनो पत्नियां क्यू इस तरह से शर्मा के कमरे में भागी ।

जिशू ,, कैसा था एक्सपीरियंस,,

तपन ,, तू बता ,,

जिशू ,, पहले तू बता तेरे से पूछा हे मैने ,,

तपन ,, तुझे जवाब पता है ,,

जिशु ,, तो तुझे भी पता है मेरा जवाब,,

दोनों दो पल के लिए चुप हो जाते है ।

तपन कुछ बोलने के लिए मुंह खुलता है लेकिन फिर चुप रह जाता हे ।

जिशु ,, शर्मा क्यू रहा है बोल ना ,,

तपन उसके कान में ,, क्या तूने पीछे से किया ,,

जिशू ,, देत नहीं ,,

तपन चुप हो जाता है उसे लगता है गलत सवाल पूछ लिया ।

जिशू ,, तूने किया ,,

तपन ,, हम्म,,

जिशू ,, हरामी मेरी मम्मी को तकलीफ दी ,,

तपन ,, तुने भी तो दी हे ,,

जिशू ,, ऐसा कुछ नही है उनको मजा आया था ,,

तपन ,, तानिया को भी मजा आया था ,,

जिशु ,, तू नाम से बुलाता हे साले ,,

तपन ,, उसने ही बुलाने को कहा हे । रात को मैंने भी सुना हे मम्मी ने तुझे भी तुम और नाम से बुलाने को कहा है तुझे । अपनी गिरेबान में झांक कर देख । अब शर्म छोड़ो और सत्य को अपनाओ ,,

तपन हाथ आगे कर देता हे जिशु दो पल सोच के मुस्कुराते हुए उससे हाथ मिला देता है ,, छोड़ दिया ,,

दोनो बापच कमरे में घुसते है ।

Room no 1

तानिया दूसरे कमरे में सुनाते हुए ,, तुम दोनो जाओ हमारे लिए पानी गर्म कर दो ,,

तपन तानिया को बाहों में भर कर ,, इतनी जल्दी क्या हे ,,

तानिया ,, हटो अभी नही दिन निकल आया है ,,

Room no 2

जिशू अपनी धर्म पत्नी को कपड़े और बिखरे समान समतने से रोक देते हे और बाहों में भर लेता है ।

शीतल शर्माती हुई ,, ची अभी नही । ,,

और कुछी देर में दोनो कमरे से आईईईई आह्ह्ह्ह्ह आंचच्चच्च्छ आवाज गूंज उठती है । माहोल फिर एक बार गरम हो जाता है ।

Update 45

Chetan's house​

दीपाली बोर हो गई थी सालो से क्लिनिक चलाते चलाते बस पेसेंट के मुंह खोल के इंस्ट्रूमेंट डालो और चेक करो । कभी कभी सर्जरी करनी पड़ती थी उसे तब उसे उस काम में मजा आता था । लेकिन काफी दिनों से वो खुश नहीं थी वजह थी उसकी संसार में मूड भेद । मानसिक रूप तनाओं झेल रही थी जिसका असर धीरे धीरे उसकी दैहिक स्वस्थ पर रही थी । पिछले दो सालो से वो अपनी संसार को मुकम्मल करने की कशिश कर रही थी लेकिन बेचारी की किस्मत ही फूटी थी । कुटुम्ब की मर्यादा के अनुसार धर्मानुष्ठान करते हुए ईश्वर भक्त बनी हुई थी आस्था मन में ले के की एक दिन सब ठीक हो जायेगा । लेकिन वो दिन सायेद ही कभी देख पाए । उसकी
वामांग बिखर रही थी दिन प्रतिदिन कुट्ठी ढीली हो रही थी ।

चेतन 4 बजे कॉलेज से लौट आता हे । नीचे की मंजिल में एक बड़ा सा किचन था एक डाइनिंग हॉल साथ में ड्रॉइंग रूम या कह सकते हे बड़ा हॉल था TV के साथ और कोने में एक स्टोर रूम । वो थकान से बिंदास सोफे पे लेट जाता हे बेग वोही जमीन पे फेक देता हे ।

उसके घर में नौकरी करने वाला एक काका उसका बेग उठता हे और बोलता हे ,, चेतन बेटा बेग क्यूं फेक देते हो इसमें किताबे है ऐसा अपमान नही करते बेटा,,

चेतन आज 4 सेमिस्टर का फाइनल एग्जाम दे के आ रहा था । थोड़ा टेंस था लेकिन वो सबका इत्ज्जत करता था ,, काका क्या करू आदत बन गई हे अब तो । आप जा के मेरे रूम में रख दो ,,

चेतन का रूम ऊपर था पहली मंजिल पे जहा चार बेडरूम और उसके ऊपर खुली चट्ट । काका उसके बेग को सोफे पे रख कर बोला ,, बेटा में बाद में रख दूंगा पहले तुम खाना खा लो । फ्रेश हो जाओ में खाना लगा देता हूं ।

तभी ऊपर से चीज़े तोड़ फोड़ करने की और दो आवाज जो गुस्से में चिल्ला चिल्ला के बात कर रहे थे वो सुनाई देता है नीचे तक या ये कहे की पूरे घर में गूंज उठता है ।

चेतन का मन उदास हो जाता हे ,, आज भी ,,

काका बस नजरे झुकाए शीर हा में हिला देता है ।

चेतन उठ खड़ा होता है ,, कब से ,,

काका ,, बस मालकिन जब से आए है क्लिनिक से ,,

चेतन ऊपर कमरे की तरह जाने लगता है तभी पीछे से काका उसे रोक देता है ,, बेटा रहने दे कोई फायदा नेहि आग में घी डालने जैसा होगा ,,

चेतन ,, नहीं पानी शीर से ऊपर उठ चुका है ,,चेतन ऊपर जाने लगता है ।

पीछे से काका बोलते रह जाता है बस ,, नही बेटा रहने दे समय ठीक नही चल रहा है ,,

लेकिन चेतन नहीं सुनने वाला था आज । हमेशा से अपने काका की बाते सुनते आए है पर आज नेहा । उस घर काका भले ही एक नौकर था लेकिन घर का एक सदस्य बन गया था उसकी इतज्जत बड़े बुजुर्ग की तरह होती थी खास कर चेतन से । 15 साल से वो चेतन के घर में बबारजी से ले के साफ साफई करने तक सब कुछ करता था । चेतन को अपने बेटे जैसा मानता था हर छोटी बड़ी फ़िक्र काका ध्यान रखता था उसका । काका बोहोत गरीब था अघरी था उसके परिवार के नाम पर चेतन की परिवार ही थे । सालो पहले उसकी बीवी डेंगू से गुजर गई थी गांव में और फिर उसने दुसरी कभी शादी नही की । चेतन उसे दूसरी शादी को ले के मजाक किया करता था और काका उसे मजाक में दांत देता था ।

चेतन सीधा अपने मम्मी पापा की बेडरूम में जाता है । चेतन को देख कर दीपाली और राघव चेतन को घूरने लगते हे दोनो चुप हो जाते है । कमरे पे टूटे चीज़ों की टुकड़े पड़े थे चेतन संभाल कर कदम रखते हुए अंदर पोहोच जाता हे हर तरफ बिखरे समान को देख चेतन का शर सकरा जाता हे । आज तक वो वजह नही मालूम किया की किस वजह से उसके मम्मी पापा इतना लड़ाई जगड़ा करता रहता है । वो सोचता था कोई निजी मामला होगा उसे बीच में आने से उसके मम्मी पापा शर्मिंदा हो जायेगा । पति पत्नी तो लड़ते ही है तो उसमे बेटे का भूमिका है । लेकिन आज चेतन की सेहन शक्ति जवाब दे चुका था ।

अन्य दिन चेतन जब बीच में आ जाता है तो दोनो चुप हो जाते हे लेकिन आज की लड़ाई में कोई भी पक्ष चुप नही बैठने वाला था । और आज चेतन भी पंचायत बैठना चाहता था ।

चेतन ,, आप दोनो कब बंद करेंगे ये हरकत । थोरी भी शर्म नही आती आप दोनो को इतने वेल एजुकेटेड लोग हो कर भी लड़ाई करते रहते हो ,,

रतन ,, बेटा मुझे भी कोई चौक नहीं है लड़ाई जगरे करने की लेकिन तेरी मम्मी ही बेतुकी बातो को लेकर जगरा करती रहती है ,,

दीपाली गुस्से में चिल्लाती है ,, चुप कमीने । में करती हु ना तू करता है ,,

चेतन इतनी निज संबंधित सुन के शर्म से हाय हाय हो जाता हे । कभी सोचा नहीं था उसकी मम्मी ऐसी तू तराक करेगी अपने पति के साथ और कमीना हरामी शब्द से गाली देगी । लेकिन चेतन अगले ही पल मे अपने पापा की असली चेहरा देख पाता है जो एक भद्र सज्जन था एक स्कूल के हेडमास्टर था ।

रतन ,, साली कामिनी हरामजादी मुंह मत खुलवा ,, (चेतन से) बेटा तुझे नहीं पाता तेरी मम्मी क्या क्या गुल खिलाती है बाहर । डॉक्टर नवीन के साथ इसकी अफेयर चल रहा है । सुना बेटा, ,,

दीपाली तुरंत ही पलटवार करती है ,,, गंदी नाली के कीड़े गंदी सोच रखने वाले गवार कितनी बार कहा हे की वो बस मेरा दोस्त है । (चेतन से) सुन बेटा ऐसा कुछ नही है । में दिखाती हूं तेरे बाप का असली चेहरा ।

दीपाली अपने मोबाइल पर कुछ फोटोज दिखाने लगती हे चेतन को ,, देख बेटा तेरे बाप की करतूत । ये हैं तेरा महान बाप ये सब करता है बाहर और बच्चो को यही शिक्षा देता हे स्कूल में । देख अच्छे से देख ।,,

उन फोटोज में रतन भार्गव किसी पराई औरत को बाहों में ले के किसी पार्क में बैठा हे । फोटोज में साफ दिखाई दे रहा था उसके पापा सच में उसकी मम्मी को धोखा दे रहा है । उसने अपनी दिव्य शक्ति से पाता किया की फोटोज एडिटिंग तो नही है । लेकिन फोटोज असली थे ।

चेतन अपनी पापा की तरफ देखता हे । रतन ना में शीर हिलाने लगता हे ,, नहीं बेटा ये फोटोज असली नहीं है । तेरी मम्मी ने ये सब साजिज रचा हे ताकि मेझे रास्ते से हटा के अपनी आशिक के साथ इंजॉय कर सके ,,,

चेतन गुस्से में चिल्लाता है ,,, बस करो पापा । ये फोटोज असली हे मुझे पता हे । जूठ मत बोलो ,,

रतन निरुत्तर हो जाता हे लेकिन उसका दाओ था की में अकेला क्यूं कालीचरण बनूं ,,, बेटा तेरी मम्मी भी तो उस नवीन के साथ इंजॉय करती हे उसका क्या । ,,

दीपाली ,,, कुत्ते हरामी । खुद बाहर मुंह मारते हो और मुझे भी बदनाम करते हो मेरे बेटे के सामने । अगर ऐसा हे तो प्रूफ दिखाओ । हे तेरे पास कोई प्रूफ । हा हे तेरे पास कोई प्रूफ बताओ है कोई प्रूफ । धोखेवाज इंसान ,,

रतन को अपनी चोरी पकड़े जाने पर बेटे के सामने शर्मिंदा हो जाता है और अपनी बीवी पर उतना ही ज्यादा गुस्सा आता है और दीपाली की कलाई पकड़ कर जोर आजमाता है । चेतन अपने बाप को रोकने ही वाला था की दीपाली उसे धक्का दे के पीछे धकेल देती है । रतन लंबे काठ के थे लेकिन दुबले पतले थे और दीपाली खाती पीती हेल्थी हट्टी कट्टी थी औरत होते हुए भी काफी बलशाली थी खुद भी डॉक्टर थी तो खुद को सहेदमंद रखने का नुस्खा जानती थी हालाकि की पिछले कोई दिनों से ठीक से रूटीन फॉलो नहीं करती थी पर फिर भी अपने पति की सामना करने मे सक्षम थी ।

रतन को बोहोत ज्यादा गुस्सा आता है और बोलता है ,,, निकल जा मेरे घर से साली हरामजादी ,,,

चेतन कुछ बोलने वाला था लेकिन उसकी आवाज दब जाता है ।

दीपाली ,, तू जा वे । ये घर मेरे पैसे से खरीदी हुई है ये जमीन मेरी है तूने तो अपनी तंखा बाहर वाली की ब्रा पैंटी पर उड़ा देता है । और वैसे भी तुझ से दुगना में कमाती हूं । ये जो लग्जरी लाइफ जी रहा है ना सब मेरी कमाई हे ,,

रतन अपनी बे-इतज्जती सेहन नही होता है और दीपाली के गाल पर तमाचा मार देता है ,, हा कमाई तो दुगनी होगी ही धंधा जो कर रखी है ,,

दीपाली उसके गिरेबान पकड़ कर थप्पड़ बरसाने लगता हे । जुबान की लड़ाई अब हटापाई पर उतर आता है । चेतन दोनों के बीच जा के लड़ाई रुकवाता हे ।

चेतन ,, बस बोहोत हो गया अब । प्लीज लड़ना बंद करो ,,

रतन अपनी बीवी को उंगली दिखा के बोलता है ,, जा रहा हूं में कभी तेरी सकल नही दिखाना मुझे ।

और हा डाइवोर्स पेपर भेज दूंगा । (चेतन से) बेटा में जल्दी ही तुझे मेरे अपने घर लेने आऊंगा अपना ध्यान रखना बेटा ,,

रतन कमरे से बाहर निकल जाता है । दीपाली उसको जाते जाते सुनाती है ,, अबे जा जा बड़े आए तेरे जैसे । तू क्या डाइवोर्स पेपर भेजेगा उससे पहले में भेजती हूं ,,

दीपाली अपने बेटे के पास जाती है और प्यार से उसके गाल पे हाथ रखना चाहती हे मगर चेतन पीछे हो जाता है ।

चेतन ,,, मत छुओ मुझे । आज से में आप दोनो के साथ कभी नही रहूंगा ,,

चेतन कमरे से निकल जाता है । दीपाली तड़पती हुई उसके पीछे जाती हे ,,, नही बेटा सुनो तो । बेटा सुनो मेरी बात । चेतन चेतन प्लीज मेरी बात सुनो ,,,

लेकिन चेतन एक नही सुनता अपनी मम्मी कि और अपना बाइक ले के घर से भाग जाता है । दीपाली उसे लाख कशिश के बावजूद रोक नही पाती और भागती हुई घर में जाती है ,,, भैया भैया कहा हो ,,

काका किचन से दौर कर आता है ,, क्या हुआ मालकिन ,,

दीपाली परेशान हो कर ,, चेतन कहा गया देखो तो जरा ,,

काका ,, मालकिन आप परेशान मत होइए वो किसी दोस्त के घर ही जायेगा । आप थोड़ी देर बाद उसके दोस्त के घर फोन लगाना देखना वो वोही होगा ,,

दीपाली ,, लेकिन भैया ,,

काका ,, मालकिन शिंता मत करो वो दोस्त के घर ही जायेगा ,,

दीपाली परेशान हो कर अपने कमरे की तरफ जाती है । वो जानती थी उसका बेटा अपने तीन दोस्तो के घर ही जायेगा लेकिन फिर भी पेट का बच्चा था फिक्र तो होगी ही ।

Update 46

Tapan's house​

तपन लास्ट फिजिक्स की पेपर के लिए थोड़ा बोहोत पढ़ रहा था । चेतन ने ही उसे आंसर दिए थे जो उन तीनों को दिया था और एक नजर देख रहा था बाकी तो चेतन एग्जाम में उनके माइक्रोफोन में बोलने ही वाला था । तपन अपने कमरे से बाहर अपनी मम्मी और चेतन की बात करने की आवाज सुनता है । तपन अपने कमरे से बाहर निकल आया ।

तपन,, ओए तू यहां ,,

शीतल ,, देखो ना बेटा ये परेशान लग रहा है और कुछ बताता भी नहीं है ,,

चेतन और पतन एक दूसरे की नजर मिलती है और जैसे बिना कहे ही तपन समझ गया था । और अपने कमरे में आने का इशारा करता है । दोनो कमरे में घुस जाता है । तपन दरवाजा बंद करने से पहले ,, मम्मी हमारे लिए कुछ अच्छा खाना पका दो ना ,,

शीतल उलझन में उलझ गई चेतन को आज पहले बार काफी गम में दिख रहा था ।कुछ तो हुआ हे घर पर कुछ ज्यादा ही दांत पड़ी होगी ।पता करना पड़ेगा । और उसके दिमाग में एक ही शख्स का खायाल आता है ।

शीतल घर से बाहर पीछे की तरफ जा के फोन लगती है । और तुरंत ही दूसरी तरफ से फोन रिसीव होता हे । शीतल की दिल खुशनुमा हो जाती है मुस्कान से बावली हो जाती है ।

जिशू ,, हेलो माई डियर धर्म पत्नी ,,

शीतल शर्मा जाती है ,, चुप करो तुम ।

क्या कर रहे हो खाना खा लिया ,,

जिशू ,, नही अभी बस खाने ही वाला हूं वो नहाने में थोड़ा टाइम लग गया आज एग्जाम था ना ,,

शीतल,, अच्छा मुझे बताए नही कैसा था एग्जाम जानती तो हम तुम चेतन पंडित को उसके होते हुए हमारा एग्जाम कैसे खराब जा सकता है ,,

शीतल मुस्कुरा के ,, हा पता हे वैसे देवरजी येहा आए है । पता नही कुछ परेशान लग रहे है दोनो कमरे में बंद हो गए मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे है ,,

जिशू मजाक में ,, कौन देवरजी ,,

शीतल शर्मा जाती है ,, चेतन । मजाक छोड़ो कपड़े पहन के सीधा आ जाओ में खाना बना रही हूं और दूसरे देवरजी को भी ले के आना ,,,

जिशू ,, में तो सोच रहा था की बिना कपड़ो के चला जाऊ ,,

शीतल हस्ती हे और फोन काट कर किचन में जाती है । शीतल बड़ी खुश लग रही थी हालाकि उसके लिए भी मुश्किल थी एक संसार रहते ही दूसरा संसार चला रही थी जिशु के साथ । कभी कभी उसे खुद को वडजलन लगती थी लेकिन जिशु के प्यार ने और धीरे धीरे मॉडर्न जमाने में ढलती जा रही थी या फिर नियति मान चुकी थी । जिशू के सिर्फ जिस्मानी सुख से ही नही मन की सुख से भी संतोष थी वो । समाज के लिए घृणा की बात थी लेकिन खुद की एक जिंदगी थी जो वो बिना सीमा रेखा के जीने में बेहतर जिंदगी दे रही थी जिसमे सिर्फ आनंद थी ।

inside tapan room​

तपन,, क्या हुआ फिर से अंकल आंटी ,,

चेतन परेशान हो कर ,,, हा फिर से । इस बार गंदी गंदी गाली देते हुए दोनो एक दूसरे को । क्या करू में मेरी उम्र नहीं है दोनो को समझाने की फिर भी समझा समझा के थक चुका हूं । मुझे जिस बात का संदेह था वोही हुआ । ,,

तपन ,, हुआ क्या खुल के बता ना ,,

चेतन उसे पूरी कहानी बता देता है ।

दोनो उस विषय में बात कर रहे । और दस मिनट बाद कमरे की दरवाजे पे नोक होता है ।

तपन,, मम्मी खाना रख दो हम थोड़ी देर में खा लेंगे ,,

लेकिन तभी जिशु तेलीपोर्ट हो के अंदर आ जाता है और दरवाजा खोल देता हे विशु के लिए अब उसके पास भले ही रफ्तार वाली शक्ति थी लेकिन चीजों से आर पार होने की शक्ति तो नहीं थी ।

विशु और जिशू उन दोनो के साथ बैठ जाता है ।

विशू (चेतन से) क्या हुआ महा पंडित सुना है तु रो के आया मम्मी मम्मी कर के ,,,

जिशु हसने लग जाता है ।

तपन ,,, ये मम्मी भी ना बता ही दिया । भाई मजाक नहीं यार मामला सीरियस हे ।,,

फिर चारो गंभीर मुद्दा पे चर्चा करने लगते है ।

जिशु ,, ओके तो बात क्या है ,,

तपन फिर चेतन की बताई हुई कहानी विशू और जिशु को विस्तार से सुनता हे । दोनो बात को गौर से से सुनता भी है और राय रखने जाते है ।

जिशु ,, मतलब रतन अंकल का सच में अफेयर चल रहा हे ।,,

विशु ,, लेकिन दीपाली आंटी की नहीं है ,,

चेतन मुंह लटकाए बोलता है ,, क्या पता । पापा तो बोल रहे थे की उनके किसी डॉक्टर नवीन के साथ अफेयर चल रहा है । में तो पागल हो रहा हूं मेरी मम्मी पापा ऐसे निकलेंगे यार । क्या सोचा था क्या हो गया ।

अब दोनो तलाक ले रहे है ,,

तपन ,, यार ये तो बुरा हो गया ,,

लेकिन एक विशु था जो तीनों की विपरित दिशा में सोच विचार कर रहा था ,, चेतन तुझे अपने मम्मी पापा की अफेयर से प्रोब्लम है ,,

चेतन गुस्से में ,, यार कैसी बाते कर रहा हे किस बेटे को प्रोब्लम नही होगी अपने मां बाप की अफेयर से ,,

जिशु ,, यार विशू तू कैसी उल्टी सीधी बाते कर रहा हे । बात को समझ ले पहले कुछ भी बोलने से पहले ,,

विशु ,,, हा वोही तो में कह रहा हूं । जब तानिया आंटी तपन से और शीतल आंटी तेरे से अफेयर कर सकती है और तुम दोनो को कोई प्राब्लम नही है तो फिर रतन अंकल की किसी से अफेयर है तो इसमें क्या प्राब्लम भाई । तुम लोग भी तो उसी घाट की पानी पी रहे हो ,,,

तपन और जिशू निरुत्तर हो जाता है । चीज़े जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं । सच्चाई सबको करवा लगती है जब सच्चाई मान ना लो । विशू ने एक तरह से सही कहा था ।

विशू ,, क्या हुआ सांप सूंघ गया क्या । ,,

तपन ,, यार हमारी बात अलग है । चेतन की बात अलग है ,,

विशु ,, नही बात बिलकुल सही है । और में चेतन को आइना दिखा रहा हूं ,,

जिशु चिढ़ कर ,, मतलब तू हमें गलत ठहरा रहा है सब कुछ होने के बाद । शुरुवात में हमारी मदद कर के अब डाल से काला निकल रहा है ,,

विशु ,, नहीं में बस सच्चाई बता रहा हूं । चेतन को इतनी परेशान होने की जरूरत नही हे ,,,

चेतन सबपे बरस पड़ता है ,,, यार चुप रहो तुम तीनों । कहा की बात कहा ले जा रहे हो । बात मेरे प्रोब्लम की हो रही है ना की तुम लोगो की ।,,

चेतन ,, यार तुम लोग उपाय निकलने की जगह एक दूसरे की वकालत कर रहे हो ।,,

तीनों चुप हो जाता हे । और चेतन की बात पे फोकस करता हे ।

तपन ,, चेतन अब तुम क्या चाहते हो । अगर चाहो तो तुम्हारी पापा की अफेयर हम तुड़वा सकते है ,,

चेतन ,, उससे क्या होगा कुछ बदले तो नहीं मम्मी फिर भी पापा को माफ नेही करेगी । और पापा भी तो मम्मी को समझती है की उसकी भी अफेयर है बाहर ,,

जिशू ,, अगर ऐसा ही चलता रहा तो अंकल आंटी दोनो अलग ही हो जायेंगे ,,,

चेतन कुछ सोचने लगता हे ,, पहले पता करते है की मम्मी का सच में अफेयर हे की नहीं ,,

विशु ,, सही कहा । अगर हुआ तो भाई फिर ,,

चेतन ,, यार डराओ मत पापा का तो फिर भी ठीक हे बर्दास्त कर लूंगा । लेकिन मम्मी का यार समझा करो ,,,

विशु मजाक में तपन और जिशु की उपर बात फेकते हुए ,,, हा हा समझता हूं कोई अपनी मम्मी को छुए तो कैसे दुनिया इधर की उधर कर देते हैं लोग ,,,

तपन और जिशु दोनो विशू के ऊपर चढ़ जाता है ।

दरवाजे के बाहर से दीपाली जो कान लगाए सुन रही थी सब बाते ,,, मस्ती बाद में पहले सब लोग आ के खाना खा लो ,,

Update 47

दो दिन बाद चारो का 4th सेमिस्टर के फाइनल एग्जाम खतम हो जाता है । और फिर चारो बिंदास हो जाता है एक महीने के लिए जब तक 5th SEM शुरू नहीं होते । लेकिन चारो बिंदास कहा रह पाता है ।

डॉक्टर नवीन जो गवर्मेंट हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टर था वो सस्पेक्ट बन जाता है चारो के नजर में । और दिन रात नवीन की हर एक हरकत पे नज़र रखने लगता है । उसके फोन और लैपटॉप भी चुरा के सारा डाटा ट्रांसफर कर लेते है और बापच नवीन को बिना पता चले फोन और लैपटॉप रख देते है जहा से उठाया था । चारो जैसे डिटेक्टिव बन जाते है और चारो के पास तो आलौकिक शक्ति तो थे ही जिससे उन लोगो को काम में काफी हेल्प हो जाती हे ।

चेतन अभी भी तपन के घर रह रहा था । दीपाली को शीतल से उसी दिन की रात से पता चल गई थी की चेतन उसके घर में है तो वो थोड़ी शांति महसूस करती है लेकिन परेशान इस बात से थी की चेतन अब उससे बात नही करता है ।

रतन चेतन को एक दिन लेने भी आ गए थे लेकिन चेतन ने उनके साथ जाने से साफ मना कर दिया था । रतन उसे लूभा रहा था कि वो उसे बेहतर भविष्य बना के देगा वो देगा ये देगा लेकिन चेतन को अपनी बात पे हिला नहीं पाया । चेतन को कही न कही अपने बाप से नफरत होने लगा था और अपने मम्मी से भी नाराज था ।

Play Ground

तपन , विशु और चेतन तीनों जिशू का इंतजार कर रहा था । चेतन बोहोत बेकरार था अपनी मम्मी और डॉक्टर नवीन मैसेजेस लिस्ट को देखने का और वो काम जिशू कर रहा था ।

अब तक चारो को पाता चल चुका थी दीपाली डॉक्टर नवीन को पिछले सात साल से जानती है । जब दीपाली को अपने पेसेंट की मेजर डेंटल सर्जरी करनी पड़ती तो उसी हॉस्पिटल में करती है जिस हॉस्पिटल में डॉक्टर नवीन एनेस्थेसियोलोजी स्पेशलिस्ट था । और उसकी मदद हर सर्जरी में लेती थी दीपाली तभी से दोनो अच्छे दोस्त है ।

कुछ इंतजार के बाद जिशु प्रकट हो जाता है ।और अपना मोबाइल चेतन को दे के ,, ये ले इसकी हिस्टरी निकल इस चाट पर हे । ,,

चारो दो घंटे तक चाट को चेक करता है । जिससे से काफी कुछ सामने आ रहा था ।

जिशु ,,, यार पूरी चाट पड़ने में तो दो दिन लग जायेंगे ,,

चेतन मोबाइल के छू कर पहले ही अपने दिमाग में रट्टा मार चुका था ,,, पर मैने तो पास मिनट में पढ़ लिया ,,

जिशू ,, तो बता ना क्या क्या चैटिंग हुई है ,,

चेतन ,, मम्मी का अफेयर नहीं हे । पर ,,

विशू ,, पर क्या ?,,

चेतन ,, डॉक्टर नवीन मम्मी को लाइक करता है ।और अब तक मम्मी को दो बार प्रपोज कर चुका है ,,

तीनो एक साथ ,, क्या,,

चेतन ,, पर मम्मी की जवाब कुछ अलग है ,,

तपन ,, क्या घुमा फिरा के बात कर रहा है सिधा सिधा बोल ना ,,

चेतन ,, मम्मी भी लाइक करती है मगर उसने बोला हे की उसके साथ दोस्ती के सिवा और कोई रिश्ता नहीं रख सकती है।,,

विशू ,, ये होती है सती सावित्री ,,

जिशू ,, तू हमारी तरफ देख के क्यूं बोल रहा है ,,

विशु ,, तो किस तरफ देखू तुम लोगो से बात कर रहा हूं तो तुम लोगो की तरफ ही देखूंगा ना ,,

तपन ,, यार आज काल तुम दोनो भी लड़ने लगे । बस कर ना यार और विशु तू हर बात पे ताना मत मार ,,

विशु मुंह फेर लेता है ।

चेतन ,, अब क्या करे ,,

तपन ,, एक सलाह मानेगा मेरा ,,

चेतन ,, क्या बोल ,,

तपन ,, घर से जा अपनी मम्मी से बात कर शांति से । वो काफी दुखी होगी कोई दिन से तू घर नहीं गया हे अपने बाप के साथ नहीं जाना तो मत जा अपने घर ही जा मम्मी मम्मी होती है यार । तू खमखा उसे दुख देख दे रहा है । मम्मी बता रही थी कि दीपाली आंटी ने एक हफ्ते से क्लिनिक भी नही खुला है । सोच जारा वो कितनी दुखी होगी तूने एक बार भी फोन नही उठाया उसका ,,

विशू ,, हा तपन सही कह रहा है । देख उन लोगो का भी अपनी अपनी जिंदगी है । दोनो में जितनी भी लड़ाई हुई हो लेकिन तेरे पापा तुझ से प्यार करता हे और तेरी मम्मी भी यार । ऐसे घर से भाग के रहना सही बात नही हे । हम तेरे भले के लिए ही कह रहे हे ।

चेतन ,, कही तुम लोगो के ऊपर बोझ नही बन गया हूं में ,,

तपन ,, कर दी गैरो वाली बात । आखिर की ही दिया ,,

चेतन हास कर ,, अरे भाई दिल पे क्यू लेते हो में तो बस मजाक कर रहा था यार ,,

जिशु,,, अच्छा हे मजाक किया तूने पिछले एक हफ्ते से तेरे चेहरे पे मुस्कान देखा तक नहीं था । अब देख लिया अब अच्छा लगा ,,,

चारो गले मिलते हे । चाहे जो भी चारो की दोस्ती में जो प्यार था जो एक दूसरे को समझने की उपदान था सायेद ही किसी दोस्ती में ऐसा प्यार ऐसा समझ था । चारो लड़ते भी थे और एक दूसरे के ऊपर जान छिड़कते भी थे ।

Update 48

Chetan's house​

रात नो बजे चेतन अपने पोहोचता हे । पिछले कोई दिनों से वो रेगुलर पीते आए हे लेकिन आज वो बिना पि के आया था वो नही चाहता उसकी मुंह से शराब की बू सूंघ ले उसकी मम्मी और फिर दुखी हो जाए ।

काका घर का काम निपटा रहा था चेतन को घर पर देख कर वो बोहोत खुश हो जाता है ,,, बेटा तुम कहा थे इतने दिन तुम्हारी मम्मी कितनी परेशान हे तुम्हे ले कर ,,

चेतन ,,, मम्मी कहा हे ?,,

काका ,, ऊपर अपने रूम में होगी । जाओ मिल लो बस तुम्हारा ही इंतजार कर रही है अब तक ,,

चेतन चिढ़ियों से चढ़ के ऊपर गया और अपनी मम्मी की कमरे में गया जहा उसकी मम्मी खिड़की खोले कही खोई हुई । उसे जारा सी भी चेतन की आहट नहीं महसूस हुई । चेतन उसके पीछे खड़े हो के उसकी कंधे पर हाथ रख देता है ।

दीपाली हर बड़ा के पीछे मुड़ जाती है । उसका चेहरा देख के कोई भी कहता उसने कोई राते नही सोई हे आंखे जैसे गड्ढे पर समा गई हे गुलाबी गाल फीका पड़ गई है आंखो के नीचे काले धब्बे पड़ गई है ।

चेतन (ये क्या कर दिया मैने । मम्मी की हालत इतनी बुरी । कैसा बेटा हूं में ) अपनी मम्मी को गले लगा लेती है ।

दीपाली खुशी से रो पड़ती हे और अपने बेटे की बाहों में समा जाती है ,,, अब मेरी याद आई तुझे इतने दिन तक मुझे क्यों चटाया तूने हा बोल क्यू चटाया तूने मुझे बोल ,,

चेतन आखो से आसू गिरने लगता है ,,माफ कर देना मम्मी सॉरी । अब आपको छोड़ के कही नही जाऊंगा आपकी कसम मम्मी ,,, चेतन दीपाली की पीठ सेहला के प्यार झताने लगा ।

दीपाली अपने बेटे को पा कर सकून से खुश हो रही थी । ममता की लय में चेतन को चेहरे को चूमने लगी ,,, मुझे माफ कर दे हमारी वजह से तुझे बोहोत तकलीफ हो रही है ना ,,

चेतन ,, नहीं मम्मी अब आप लोगो की लड़ाई से मुझे कोई फर्क नही पड़ता मुझे समझ आ गया हे आप पे क्या बीत रही है । पापा ने आपको धोका दिया हे मुझे विश्वास नही होता है आप ऐसा करेंगे कभी आपके साथ । आपकी ही नही हमारे घर की इत्जत के साथ खिलवार किया हे पापा ने । वो मुझे अपने साथ लेने आए थे पर नहीं गया में आपके साथ रहूंगा ,,

दीपाली ,, में जान के बोहोत खुश हूं बेटा । में भी तुझे अपने पापा के साथ जाने नहीं देती । चाहे वो कुछ भी कर ले कोई कानूनी दाव पेश खेल ले मे तुझे अपने से कभी अलग नहीं होने दूंगी ,,

चेतन ,, में कोई बच्चा थोड़ी हूं जो मां बाप के अलग होने पर किसी एक की कस्टडी में जाना होगा में 18 साल से ऊपर हूं ,,

दीपाली चेतन बेड पे बिठा देती है और वो उसके पास बैठ जाती है उसके चेहरे पे हाथ रख के नाजों से निहारने लगती हे ।

चेतन अपनी मम्मी की आखों पर देख कर ,, आपने खाना खाया ,,

दीपाली ,, हा तूने खाया की नहीं शीतल तेरा ध्यान रखती थी ना ,,

चेतन ,, हा बोहोत आप तो जानती है आंटी कितनी अच्छी है । सच में आपने खाना ना और आप सोती नही हो ना ,,

दीपाली ,, हा बाबा खाया तेरे काका ने जबरदस्ती खिला दिया है और आज दिन भर सोई नींद की ड्रग ले के अभी उठी हूं इसलिए चेहरा फूला फूला लग रही है ,,,

चेतन ,,, फूला फूला नहीं रूखा सूखा लग रही हे । आप लेट जाओ पहले ,,

चेतन उसे जोर दे के बेड पे लेटा देता है और कमरे के खिड़की बंद कर के बोलता है ,, आप सो जाओ में यही बैठा हूं जब तक आपको नींद नही आती कितनी कोमजोर लग रही हो आप । एक डॉक्टर हो के भी आप अपना ध्यान नही रख रही है कैसी डॉक्टर हो आप ,,

दीपाली अपने बेटे परवा देख के खुशी से मुस्कुराती है ,, तू भी लेट जा बड़े दिनों से तुझे सुलाया नहीं ,,

चेतन ,, रुको में कपरे चेंज कर के आता हू ,,

चेतन अपने कमरे में जाता है और पहले जींस और t-shirt उतार कर बनियान और शॉर्ट पहन के बाथरूम में मुंह हाथ धो कर तोलिए से सुखा कर अपनी मम्मी के कमरे में आता है ।

दीपाली अपनी जगह से खिचक के अपने बेटे के लिए जगह देती है ,, आ जाओ यहां ,,

चेतन उसके बगल में लेट जाता है और अपनी मम्मी के कमर में हाथ डाल देता है । दीपाली उसे बच्चे की तरह उसे गले लगा लेती हे ,, मेरा बच्चा मम्मी में गोदी में सोएगा ,, वो पुचकारने लगी जैसे चेतन वोही बचपन का न समझ बच्चा हो ।

चेतन ,, मम्मी आपसे ढेर सारी बाते करनी है मुझे ,,,

दीपाली उसे कस के बाहों में भींचने लगी ,, हा करो ना जितनी मर्जी करो ,, उसका गाल गीला करने लगी दीपाली

चेतन मजाक में ,, जवान हो गया हूं अब शर्म आता है ,,

दीपाली ,, चुप कर जवान हुए तो क्या हुआ ।

है तो मेरा बच्चा ही ना मेरा चुन्नू , ,

चेतन हसने लगा ,, चुन्नू ,,

दीपाली भी हसने लगी ,,, और नही तो क्या चुन्नू मुन्नु ही हो मेरे लिए ,,

चेतन एक दम गंभीर हो कर ,, मम्मी मैंने आप से कुछ छुपाया है ,,

दीपाली उसकी आखों में जवाब धुन्द कर ,, क्या छुपाया है,,,

चेतन (वैसे तो बोहोत सी बाते छुपाई है लेकिन उन सब बातों को अभी नहीं बता सकता आपको अभी नहीं तो आप सोक में चली जायेगी बस कुछ बाते आपकी बता दूं जो मेरा दिल कर रहा है ),, मम्मी हम दोस्तो ने मिल के आपकी और उस डॉक्टर की जासूसी की और सब इनफॉर्मेशन हमने निकल लिया ,,,

दीपाली नजरे चुराने लगती है ,,, क्या सच में । पर पर ,,

चेतन ,, आप घबराओ मत में जानता हूं आप नवीन नाम के आदमी को लाइक करती है और वो भी करता हे । लेकिन आपने ना कर दिया है उसे क्यू मम्मी ,,

दीपाली उसके आंखो में प्यार से देखती है ,,, क्यू की उसकी भी फैमिली हे । में उसकी शादीसुदा जिंदगी की बर्बाद नही कर सकती । और मुझे तुम्हारा खयाल है इससे तुम्हारी भी लाइफ पे असर पर सकता है । में तुम्हारे पापा जैसा नही हूं प्लीज मुझे गलत मत समझना ,,,

दीपाली की आखों से आसूं बेहने लगी । चेतन उसकी आंखे पॉच के प्यार जता के उसकी आखों पे चूम लेता है ,, रो मत मम्मी । में कोई आप पे इल्जाम थोड़ी लगा रहा हूं । बस बात कर रहा हूं ,,

दीपाली ,, थैंक यू बेटा मुझे समझने के लिए ,,

चेतन ,, मुस्कुराती हुई आप कितनी अच्छी लगती हो ,,

दीपाली उसका नाक खींच के प्यार से बोली ,, तुम भी बोहोत क्यूट लगते हो ,,

चेतन ,, मम्मी पापा से आप तलाग लेने वाले हो क्या ,,

दीपाली ,,, में तो नहीं पर तेरे पापा का क्या भरोसा आज काल तो शराब के नशे में भी रहते है वैसे तलाग लेना इतना आसान नहीं उनकी भी इत्जत की बात हे । तुम फिक्र मत कर सब ठीक कर दूंगा में ,,

चेतन ,, जिंदगी आसान नही हे । कुछ अच्छा करने जाओ तो कुछ अपने गलत हो जाता है तो कुछ सही । हर काम में अच्छा बुरा नतीजा रहता ही है । आपको एक कहानी सुनाता हूं ,,

दीपाली ,, कहानी अच्छा । सुनाओ बड़ा अरसा हो गया कहानी सुने ,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, ये सच्ची घटना हे ।,,

दीपाली ,,, अच्छा बताओ मेरे न्यूज एंकर बेटे ,,

चेतन ,, जारा थम के आपके दिल शिर हाथ पेड़ सब हील जायेगा ,,

दीपाली ,, बताओ अब ,,

चेतन (बनावट कर के ) ,, दो दोस्त हुआ करते थे । बड़े ही अच्छे दोस्त मतलब एक ही थाली पे खाना खाते थे वैसा । लेकिन एक दोस्त को दूसरे दोस्त की मम्मी से प्यार हुआ । दूसरे दोस्त की मम्मी भी उससे प्यार कर बैठी और दोनो का अफेयर शुरू हो गया । फिर दोनो की अफेयर के बारे में उस दोस्त को पता चल गया और वो भी बदले में उसके दोस्त की मम्मी को पता लिया ।

और अब दोनों एक दूसरे की मम्मी से अफेयर रख रहे है ,,

दीपाली ,, छी ऐसा भी होता है क्या भला ,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, आपकी शिर की कसम खा के कहता हूं ऐसा ही हुआ है ,,

दीपाली को बात हजम नही हो रही थी । हालाकि वो दुनिया दारी की तजुर्बेकार थी ऐसी घटना होना वो समझती थी लेकिन बोहोत क्वचित्‌ घटना होती है इस प्रकार की घटना और ये पश्चिमी देशों में हो सकता है सायेद उसका बेटा पश्चिमी देशों की किसी घटना के बारे में बता रहे हो ।

चेतन ,, क्या हुआ किस सोच में पड़ गई आप । विश्वाश नहीं हो रहा है आपको ना । मुझे भी नही हुआ था पर जब अपने आंखों से देखा तब विश्वास करना ही पड़ा । में एक बात तो मान गया इस दुनिया में कुछ भी हो सकता है ,,,,

दीपाली ,, क्या मतलब है तूने अपने आखों से देखा ,,

चेतन ,, मतलब जिन दो दोस्तो की कहानी है उन दोनों के में जानता हूं पर्सनली ,,

दीपाली की आंखे हैरत से बड़ी हो जाती है ,, अच्छा । कौन है वो दोस्त तुम्हारे ,,

चेतन हसने लगता हे ,, जिशू और तपन ,,

दीपाली पॉपकॉर्न की तरह उछल के बेड पे बैठ जाती है ,, क्या बक्क रहे हो । मतलब जिशू शीतल के साथ और तपना तराली के साथ ,,,

चेतन को बड़ी हांसी आता है अपनी मम्मी की भौचक्का रह जानें वाली रिएक्शन देख कर । वो हां हां हां कर हंसते हुए बैठ जाता हे ।

दीपाली ,, तुम मजाक कर रहे हो ना ,,

चेतन ,, नही मजाक नहीं कर रहा में आपकी कसम खा के रहा हूं ये सच हे ,, और अपनी मम्मी को शिर पर हाथ रख देता है ।

दीपाली को विश्वास नही हो रहा था इस बात का पर अपने बेटे पर पूरा विश्वास था ,, सच कह रहा है । सच में वो लोग हा । सच में ,,

चेतन (सायेद दोनो एक दूसरे की हो कमरे में होगा इस वक्त कमीना साला ),, रुको में आपको कुछ दिखता हूं ,,,

चेतन तपन को फोन लगाया है एक लंबी रिंग जाने के बाद कॉल रिसीव होता है ।

तपन ,, क्या है क्यू फोन किया ,,

चेतन फोन को पहले से ही लाउड स्पीकर पर कर दिया था ताकि दीपाली सुन सके ।और दीपाली सब हैरान हो कर सुनने लगी थी

चेतन मुस्कुरा के ,, तू जिशू के कमरे में है ,,

तपन ,, हा क्या चाहिए ,,

चेतन ,, तानिया आंटी भी हे ना ,,

कुछ सेकंड गैप के बाद तपन की मोबाइल से तानिया की आवाज आती है ,, नालायक अब किस बात पे डिस्टर्ब कर रहे हो ,,

चेतन अपनी मम्मी को इशारा करता है सुना अब तो बिश्वाश हुआ ।

चेतन ,, आंटी वो मैने मम्मी को बता दिया है आप सबके बारे में वो विश्वास नही कर रही थी तो मैंने कॉल लगा दिया ,,

तानिया ,, क्या । क्यूं बताया । क्या कर दिया तूने ये ,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, अरे अरे आंटी आप टैंशन मत लो मम्मी अंडर कंट्रोल है । में समझा दूंगा और प्लीज इस बेटे पर तो भरोसा करो ,,

तानिया ,, ठीक है बेटा तुझपे भरोसा है ।

पर दर लगता है ना अच्छा अपनी मम्मी को समझा देना और ना समझे तो मेरा दर दिखा देना वो मुझसे डरती है ,, तानिया मुस्कुराती है

और तभी फोन से कुछ चरमराने की आवाज आती है और फोन तपन की लाइन से कट हो जाता हे ।

दीपाली दोनो गाल पे हाथ रख के अपने बेटे को देखती हे ,,, दो दोनो एक साथ एक कमरे में इतनी रात को ,,

चेतन हास कर ,, हा । और वो दोनो ही नही मुझे पक्का पता है जीशू भी तपन के घर गया होगा और जिशू तपन के कमरे में शीतल आंटी के साथ होगा जरूर । अरे आपको कुछ नही पता अभी तो अभी जो हम मंदिर हो कर आए है वाहा हम उन चारों की शादी करवाने गए थे हवन योग्य पूजा वगैरा सब नाटक था । रूको में आपको एक और सबूत दिखाता हूं । चेतन अपने मोबाइल में उन चारों की शादी के फोटोज दिखाने लगे ।

दीपाली फोटोज को देख के क्या रिएक्शन दे उसे कुछ समझ नहीं आ रही थी । बात को किस दिशा में ले उसे कुछ समझ नहीं आ रही थी । समझ की नजरो से देखे तो गलत और अपनी सहेली और अपने बेटे जैसे बच्चे की नजरो से देखे तो उसे खुश होना चाहिए क्यू की अपनो के खुशी में अपनी खुशी भी है ।

चेतन उसे बेड पे लिटा देता हे ,,, आओ लेट जाओ मम्मी । आपको कहानी बताता हूं ये सब कैसे हुआ । ,,,

अपनी मम्मी की बालो को सहलाते हुए वरदान प्राप्त वाली बात निकल कर बाकी सभी बाते शॉर्ट में समझा देता है ।

ये सुन कर दीपाली को धीरे धीरे विश्वास हो जाती है ,, तो ये हुआ तानिया और तपन उस जंगल में खोने के कारण और ठंड के कारण उनके बीच वो हो गया (वो हो गया बात पर शर्माती हे ) फिर वो सब चलता गया और फिर जिशू पता चला उस पार्टी के दिन और फिर उसे पटाने शीतल को । ,,,

चेतन ,,, हा वोही और फिर जिशू शीतल आंटी की एक दिन नशे का फायदा उठाया । और शीतल आंटी नाराज हो गई फिर हमने कोठी जाने का प्लान बनाया । जहा हम शीतल आंटी को जिशु से मिला सके और जिशु प्यार में पागल अपना ही शिर फोड़ लिया । अब शीतल आंटी कैसे ना माने ,,

दीपाली ,, बाप रे तराली और मेरी पीठ पीछे ये सब हो रहा था और हमे भनक भी नही लगी । तूने भी नही बताया मुझे ,,,

चेतन उसकी आखों में आंखे डाल के ,,, मम्मी प्लीज उन सबको गलत मत समझना । में जानता हूं आपको गलत लग रहा है पर प्लीज मेरे लिए किस से कुछ भी जीकर मत करना किसी को पता नही चलना चाहिए वरना आप जानती हो ना ,,

दीपाली ,, नहीं बताऊंगी किसी को । में क्यों अपनो की जिंदगी बरवाद करूंगी भला । लेकिन में इसे गलत ही मानती हूं । अपने ही बेटे के दोस्त के साथ । वो दोनो तो बच्चे हे लेकिन वो दोनो औरते तो समझदार है ना एक सेल्फ कंट्रोल होनी चाहिए ना ,,

चेतन ,,तो आप चाहती हे आपकी तरह सेल्फ कंट्रोल कर के घुट घुट के जीती रहे । शीतल आंटी और तानिया आंटी भी अपने पति से खुश नहीं है जिस तरह आप पापा से नेही है में । आप सालो से घुटन भरी जिंदगी ही जी रही हे ।

क्या आप मेरे आखों में देख के बता सकती हे की आप खुश है ,,

दीपाली उसकी आखों में देख कर ,, तुम हो ना मेरे जिंदगी में तो खुश हूं में ,,

चेतन ,, में अपनी उस लाइफ की बारे में कह रहा हूं जहा हर एक इंसान को अपनी लाइफ पार्टनर से खुशी चाहिए । वो तो आपको मिलता नही कभी पापा को आपसे प्यार से बाते करते हुए देखा नही ।,,

दीपाली मुस्कुरा कर ,, कितना समझदार हो गया हे तु । अब तुम्हारे पापा ही ऐसे हे तो में क्या करू भला ,, मजाक में फिर बोली ,, नवीन को हा कर दू क्या ,,

चेतन उसे कस के बाहों में भर लेता है और बच्चों की तरह नाराज हो जाता है ,, नेई ,,

दीपाली हास पड़ती है ,, तो फिर क्यूं पूछते हो ,,

चेतन ,, में आपकी पूछ नही रहा में सिर्फ शीतल आंटी और तनिया आंटी की दर्द समझा रहा था ,,

दिलाली मजाक में ,, मुझे लगा तुम मेरा दर्द समझ रहे हो ,,

चेतन अपनी मम्मी की गाल चूम के प्यार से बोला ,,, आज से आपको पापा की कमी मेहसूस नहीं होने दूंगा । फूलो से सजा के रखूंगा आपको । ,,

दीपाली उसे छाती पे छुपा लेती है और इतना प्यार आता है अपने बेटे पर की उसे लद्दू की तरह खा जाए ,, ओह मेरा बच्चा तू मेरे साथ रहे तो में में खुश हूं और मुझे कुछ नहीं चाहिए ,,

दोनो मां बेटे ऐसे ही बाते कर के सो जाते है । दोनो के एक अच्छी नींद मिलती है बड़े दिनों बाद

Update 49

Next day tapan's house ​

समय शाम के 6 बजे ।

तपन घर पर नहीं था और उसके पापा भी जतिन मार्केट में गए थे । घर पर सिर्फ शीतल , तानिया और दीपाली थी । दरासल दीपाली की आईडिया थी वो तीनो मिले अकेले में और जो कांड हुआ हे उसके बारे में और जाने और दोनों को सहेली की तोर पर उनकी मार सके ।

Kitchen room​

दीपाली बॉस बनी हुई थी और वो दोनो सूई मुई सी भीगी बिल्ली बनी हुई थी । दोनो दीपाली से बचने की कशिश कर रही थी । लेकिन दीपाली कहा दोनों आज ऐसे ही छोड़ने वाली थी गांड में मिर्ची जरूर डालेगी आज दोनो की ।

तानिया ,,, क्या ऐसे क्यू घूर रही हे ,,

दीपाली उसकी बाल पकड़ती हे पीछे से और पीठ पे मुक्का मारने लगती है ,, कुलक्षणी नाचपीति बैरागढ़ कमीनी ये सब कर रही थी ,,,

तानिया मुस्कुराती हुई उससे बचने की कशिश कर रही थी ,,, शीतल बचाओ मुझे मार डालेगी भूतनी आज ,,,

शीतल पतली गली से निकलना चाहती थी लेकिन दीपाली ने उसे भी आड़े हाथों लिया और उसको स्लैप पर झुका के बेलन उठा के उसकी गांड पर मारने लगी । शीतल को थोड़ी लग रही थी ,,, आ नही बहन नही । आह्ह्ह्ह लग रही है । प्लीज छोर दे ना ,,,

दीपाली दोनो को पहले कूटती है जब तक उसका गुस्सा ठंडा नेहि हो जाती तब तक दोनो को लाठर लथर के पिटती हे ।

दीपाली ,, मुझे विश्वास नहीं हो रहा हे तुम दोनो ने एक दूसरे के बेटे के साथ ही । ऊपर से शादी भी सच मच के ।

उन बच्चो के नाम पर सिंदूर लगाती हो मंगलसूत्र पहनती हो ,,,

तानिया उसे शांत करने की कशिश करती हे और उसको पीछे बाहों में पकड़ के शीतल को भी इशारा करती है दीपाली की गुस्से को शांत करने की और बोली ,,, मेरी प्यारी बहन माफ कर दे । क्या करे कुछ समझ ही नही आया बस हो गया सबकुछ ,,,

शीतल भी दीपाली की साइड से गले लग जाती है और अपनी रूठी हुई सहेली को मनाने लगती है ,,, कान पकड़ के जितना मारना है मार ले पर हमे माफ कर दीपू उम्म्म मेरी प्यारी बहन । अपनी दो बहनें की एक गलती माफ नही कर सकती क्या ,,,

दीपाली दोनो के गाल पे हल्के हल्के थप्पड़ मारती है ,, मन तो कर रहा है दोनो की खून पी जाऊं लेकिन कैसे अपनी बहन जैसी सहेली की खून पीऊं । क्या तराली को पता है ,,,

तानिया ,, तेरी ही गुस्सा हम झेल नही पा रहे और उसकी । वो तो और गुस्से वाली है मार डालेगी हमे । प्लीज तुम भी अभी मत बताना अच्छा समय देख के उसे बाद में बता देंगे,,,

दीपाली ,,, मुझे भी कहा बताने वाली थी तुम दोनो वो तो चेतन ने बता दिया ,,,

शीतल ,, क्या करे बात ही ऐसी है । अब गुस्सा थूक दो तुम्हारे लिए घी का तड़का लगा के हलवा बना देती हूं ,,

दीपाली ,,, रहने दे में हलवा खाने नही आई हूं तुम दोनो की हलवा बनाने आई हूं ,,,

तानिया अपनी हाथ दीपाली की मखमली पेट पर मसलने लगती हे और शरारत से उसकी कान की लौ को काट लेती है । शीतल भी शैतानी मुस्कान दे के दीपाली की चूचियां ब्लाउज के ऊपर से हल्का हल्का दबाने लगती हे ।

दीपाली आनंद आती है और ना चाहते हुए भी मुस्कुराती है ,, अच्छा तो तुम दोनो का यह तरीका है मनाने का ,,

शीतल ,, कितने दिन हुए ना हमने अपनी वाली मजे नहीं किए ,,,

तानिया ,,, दो महीने हो गए । वक्त ही नही मिलती न ही मौका मिलती है ,,,

दीपाली पीछे हाथ ले जा कर बाल खींचती है और साथ में साइड से शीतल की भी बाल खींचती है ,,, अच्छा दोनो बच्चो के साथ रोज रोज करने पर वक्त ही वक्त और मौका ही मौका मिलता हे ना कामिनी काहिकी ,,

तानिया और शीतल हास पड़ती है ।

तानिया मुस्कुरा के ,,, क्या करे वो दोनो सुपर हीरो जो है झट से आते है पट्ट से हमारी ले के चले जाते हे ,,,,

दीपाली ,,, सुपर हीरो ?,,,

शितल ,,, तुमको वरदान के बारे में नही पता ,,,

दीपाली ,,, वरदान किस वरदान की बात कर रहे हो ,,,

तानिया (इसे वरदान के बारे में चेतन ने नही बताया उफ्फ शीतल ने तो सच उगल ही दी अब फिर एक सच बता के इसे मानना होगा ),, कुछ नही बस ,,

दीपाली दोनो को अलग करती है और सख्ती से पूछती है ,,, क्या छुपाने की कशिश रहे हो । सच सच बता नही तो दोनों के हलक से सच बाहर निकाल लूंगी ,,,

तानिया और शीतल एक दूसरे को देखती है और उलझन में पर जाती है । अब तो दीपाली को बताना ही पड़ेगा ।

शीतल और तानिया दोनो मिल के चारो की वरदान वाली बात बताती है और अच्छे से समझती है ।

दीपाली को एक झटका लगता है लेकिन उसे विश्वास हो जाता हे कुछ वीडियो क्लिप्स देख कर जो उसको तानिया अपने मोबाइल में चारो के कुछ कारनामा दिखाती है और एक पुरानी याद से ।

दीपाली दिमाग पर जोड़ डालते हुए ,,, अच्छा तो उस दिन चेतन इसलिए मैथ्स की कैकुलेशन चुटकियों में जवाब दे रहा था । बदमाश ने मुझे बताया ही नही । लेकिन क्या सच में एक सपने में ऐसी वरदान मिल सकता है । मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है मुझे लगता है कोई sceince का मिरेकल होगा किसी बायो कैमिकल का रिएक्शन हो गया होगा ,,,

तानिया ,, देख डॉक्टर साहिबा बे सक हो सकता है ऐसा । लेकिन उनको सपना भी आया था । हो सकता तेरी बात सच हो और उन लोगो को अभी तक नही पता हो इसके बारे में पर चारो में दैविक आलौकिक शक्तियां जरूर हे इसे तुझे विश्वास करना ही होगा ,,,

दीपाली ,,, विश्वास हुआ । (मजाक में) क्या सच में उन लोगो का सामान बोहोत बड़ा बड़ा हो गया है ,,,

तानिया और शीतल हास्ती है और तानिया तपन के लंड का फोटो दीपाली को दिखाती है जिसे शीतल भी देख लेती है एक नजर और अपने बेटे का लंड देख के जिस्म पर अजीब सी हलचल मेहसूस करती है ।

दीपाली की आंखे बाहर आ जाती है और मोबाइल अपने हाथों में ले के देखने लगती है zoom कर के ,,,, आउच मम्मी इतना बड़ा । तू कैसे लेती है मर गई बाबा,,,

तानिया शर्मा जाती है और उसको कस के पकड़ कर उसकी कंधे पे काट लेती है ,,,, बोहोत तकलीफ होती है शुरू में पर मजा । क्या बताऊं में बता नही सकती ,,,

दीपाली सरारत से ,,, शीतल तू भी दिखा ना ,,,

शीतल मुस्कुराती हुई अपने मोबाइल से जिशू का लंड की फोटो दिखाती है । तानिया भी देख लेती है अपने बेटे का लंड और उसकी जिस्म पर भी वोही हलचल होती हे एक गुदगुदी जिससे रोम रोम खड़ी हो गई उसकी ।

दीपाली की मन बुरी तरह ललचा जाती है दो बड़े लंड देख के और ना चाहते हुए भी जिशु और तपन को नंगा होते हुए कल्पना करती है एक पल के लिए ।

दीपाली ,,, तुम दोनो के तो मजे ही मजे है (मजाक में) अब तक तो तुम दोनो की मुनिया कुवा बन गई होगी ,,,

तानिया ,,, और नही तो क्या ,,,

तीनो हास पड़ती है ।

Update 50

Raaz & masti ​

दीपाली आगे से शीतल को बाहों में भर के सीधा किस करने लगती है और शीतल भी पूरा साथ देते हुए दीपाली लचीला होंठ चूसने लगती है ।

तानिया पीछे से पकड़ी हुई थी दीपाली की उसकी हाथ दोनो के मोटे मोटे चुचियों के बीच दब गई थी और वो बस दीपाली की मोटी चूचियां कस के दबाने लगी और उसकी कंधे चूमती हुई और उसकी जिस्म की खुसबू लेती हुई बोली ,, दीपाली में तेरी बदन की खुशबू लेने के लिए कबसे तड़प रही थी ,,,

दीपाली शीतल की होंठ से होंठ अलग कर के गर्दन पीछे कर के गर्म गर्म सांसें छोड़ के बोली ,,, आग भड़का ही दिया ना ।

अब पहले मुझे शांत करा दे फिर तुम दोनो को में कर दूंगी ,,,,

शीतल उसकी गाल चूम के ,, नेही ज्यादा वक्त नहीं हे तपन के पापा आने ही वाला है । आज तुझे खुस करा देंगे हम हमारा तो रात में एक घंटे के लिए आता ही है और स्पेशल ट्रीटमेंट दे के चले भी जाते है ,,, शीतल ने आंख मार दी ।

दीपाली मुस्कुराई ,,, तानिया शीतल आज काल बोहोत बेशरम हो गई है ,,,

तानिया उसकी चूची की निपल उंगली में दबाते हुए ,,, जिशू ने इसे पूरी पूरी बेशर्म बना दिया है ,,

दीपाली अपनी निपल पर दर्द मेहसूस करती है लेकिन उसे आनंद आती है उस दर्दे में और भी ज्यादा वो गर्म हो जाती है । दीपाली अपनी सारी कमर तक उठा कर किचन की स्लैप पर बैठ जाती है ,,, बोलो कौन चाटेगा मेरी आज ,,,

शीतल कामुक अदा से दीपाली के सामने खड़ी हो जाती है और मुस्कुराती हुई नीचे घुटनों पर खड़ी हो के दीपाली टांगे फैला के ऊपर उठा देती है और उसकी बिना बालों वाली चिकनी सुंजी हुई दिखने वाली चूत पर जीव फिराटी है ।

दीपाली तड़प उठती है ,,,, उपचचच मेरी जान । आह्ह्ह्ह जीव की नुकीली हिस्से भी डाल के चाट शीतल यूफफ्फ बोहोत दिन बाद वोहा का दरवाजा खुला है । दो महीने से उंगली भी नही की मैने ,,

शीतल ,,, सायेद धोती भी नहीं हो ,, फिर भी लप लप कर के चाटने लगी अपनी सहेली को मजा देने ।

दीपाली की आनंद में आंखे बंद हो रही थी और सिसकारियां भर रही रही थी वो बोहोत दिनों के बाद गर्म हुई थी इसलिए भट्टी की तरह गर्म थी जिससे चुने से ही तड़प उठती थी ,, ओन्ह्छ आज पिसाब करते वक्त धोना भूल गई थी । अह्ह्ह्ह कोई ना चाट ले मेरी बहना आह्ह्ह्ह्ह उफफ्फ आइसससस मर गई में ,,,

तानिया शीतल के पीछे खड़ी हो के सामने से ही दीपाली की चूचियां मसलने लगी और उसके होंठ पे होंठ मिला दी । दीपाली भी उसके चेहरे को पकड़ कर किस करने लगी ।

भले एक लंड और एक मर्द का एहसास नेही मिल रही थी दीपाली को लेकिन चूत चटवाने का चुचिया मसलवाने का किस करने का तीनों मजे एक साथ पा कर वो भरपूर कामसुख लाव कर रही थी ।

उसकी चूत से पानी रिच रही थी जो शीतल को कच्चा अजीब सा स्वाद आ रही थी लेकिन उसे चाटने में मजा आ रही थी और वो एक उंगली डाल कर के हिलाने लगी और चूत के क्लिटोरिस को चूसने लगी ।

दीपाली को और ज्यादा मजा आने लगा और हिनहिनाने लगी तानिया की होंठ सबा के खाने लगी उम्मम्म उन्ह्ह्ह कर के

कुछ देर में थिरक थिरक पानी छोड़ दी शीतल की चेहरे पर कुछ पानी शीतल की आंखों पर भी चली गई तो शीतल खड़ी हो गई और आंख पे आसल से पोछने लगी ,,, बाप रे कितनी गर्म है ये ।

बोहोत गर्मी जम गई है ,,,

दीपाली मुस्कुराती हुई संतुष हो कर ,,, हेन्हह्ह मजा आ गया आज ,,,

तानिया,,,,, नही इसकी अभी ठंडी नही हुई है ,,

तानिया बेलन उठा लेती है ये देख कर दीपाली कहती है ,, नही मत करो और में ठीक हू बाबा ,,,

लेकिन तानिया कहा सुनने वाली थी उसने दीपाली की चूत में बेलन का 4 इंच वाली हैंडल घुसा के अंदर बाहर करने लगी और दीपाली की एक हाथ से चूची मसलने लगी ,,, शीतल दूसरी चूची भी दबा इसकी लाल कर दे हमे आते ही पिता इसने ,,

शीतल दूसरी चूची कस कस के मसलने लगी और गाल पे कंधे पे चूमने लगी । तानिया धीरे धीरे तेजी से उसकी चूत में बेलन अंडर बाहर करने लगी थी । दीपाली फिर एक बार आनंद में सिसकारियां लेने लगी जिस्म थरथराने लगी नाश नश में कामसुख अनुभव करने लगी

तानिया तेज तेज हाथ चलती हुई ,,, मजा आ रहा है दीपाली ,,,

दीपाली ,,, हा मेरी बहन आन्ह्ह्ह्ह बोहोत उफफफ आग्हह्ह्ह यासस्स आह्ह्ह शीतल कस के दावा आग्घ्ह मेरी चूत । उह्ह्ह् मेरी चूत अह्ह्ह्ह मेरी चूत निकलने वाली है आह्ह्ह्ह्ह ,,,,

तानिया और तेज़ी से हाथ चलती है और शीतल दोनो हाथो से चूची मसलती है जोर से जिससे थोड़ा दर्द दीपाली को होती है और उसे एक मजा लगती हे

थोरी देर बाद दीपाली फिर पानी छोड़ती है । और दोनो को बाहों में भर लेती है तीनो एक दूसरे को प्यार जताती है ।

ऐसी अपडेट सुबाह को ही क्यू आन पड़ती है यार । खेर 👍

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Update 51

Collage Campus​

समय सुबह के 10 बजे ।

चारो मित्र कॉलेज कैंटीन को मिस कर रहे थे तो तशरीफ उठा के आ गए । कॉलेज कैंटीन में समोसे खाते हुए गप्पे मारना एक अलग ही मजा होता है । जो चारो मिस कर रहे थे उस मजे को । लेकिन विशू अभी तक नही आया था वो किसी काम में फंस गया था और वो बस आने ही वाला है ऐसा वो बार बार फोन पे बोल रहा था ।

जिशू ,, तो मिया दीपाली आंटी को सब बता दिया ,,,

चेतन ,, सोचा मम्मी का दिल बहला दूं तो में भी भावुक था उस समय और मैंने बोल दिया लेकिन वरदान वाली बात छुपा लिया ,,,

तपन समोसा खाते हुए ,,, वो भी पता है ,,

विशु सोक जाता हे ,,, क्या सच में । पर कैसे ऐसा कैसे हो सकता है ,,

तपन ,,, काल शाम को फुल स्पीड में घर में घुसा था सोचा था मम्मी को डराऊं लेकिन मैने देखा किचन में तानिया आंटी , दीपाली आंटी और मम्मी तीनो थी और दीपाली आंटी को दोनो ने तब तक बता रही थी हमारी वरदान के बारे में ।

मैने सब सुना दीपाली आंटी को अब सब पाता है और उसे विश्वास भी है मोबाइल में हमारे प्रैक्टिस के कारनामे सब दिखाया गया दीपाली आंटी को ,,,

चेतन ,,, पर मम्मी ने रात को मुझे इस बारे में कुछ नही बताया ,,,

तपन पूरा समोसा मुंह में ठूंस के उंगलियां नचवाते हुए मुस्कुरा के बोला ,,,, अबे और भी कुछ के साथ साथ बोहोत कुछ बताया नही और कभी बताने वाली भी नही है ,,,

तभी विशु वाहा पोहोच जाता है और अधूरी बात सुन के उनके साथ बैठते हुए ,, कौन क्या नहीं बताया भाई ,,, ।

चेतन उत्सुक हो के ,, क्या बोहोत कुछ नही बताया भाई । क्या देखा तूने वाहा बता ना ,,,

जिशू भी उत्सुक हो गया ,, बोल ना क्या नही बताया ,,,

विशु ,,, अरे भाई वो छोड़ मुझे पेड़ो में मोश आ गया है ,,

चेतन चिढ़ते हुए ,,, अबे तू चुप ना साले ,,

विशु ,,, अरे सच में । में मजाक नहीं कर रहा ये देखो ,, वो अपना पेड़ो में लगे बैंडेज को दिखाता है सबको ।

सब कुछ समय के लिए मुद्दे से हट जाता है ।

जिशु ,,, क्या हुआ कैसे लगी चोट ,,

विशु ,,, यार में सुबाह प्रैक्टिस कर रहा था एक पेड़ की छोटी से कूदा और मोश आ गया ज्यादा लगी नही पर दर्द कर रहा है यार ,,,

तपन ,, पेड़ कितनी ऊंची थी ,,,

विशु ,,, 100 फीट लगभग ,,,

जिशू ,,, 100 फीट से कूदेगा तो चोट तो लगेगी ही ना ,,

विशु परेशान हो कर ,, यार रोज कूदता हूं कभी खरोच भी नही आया कभी और आज ये हो गया मुझे लगता है हमारा वरदान काम करना बंद कर रहा है वरदान को पेट्रोल पिलाना पड़ेगा सायेद ,,,

तपन ,, अबे चुप कर वे क्या अनाब सनाब बक रहा है । हो जाता है हम भी इंसान हे भूल गया क्या हमे कितनी चोट लगी थी (अपने और जिशु की बात कर रहा था ) भले ही वरदान मिला है लेकिन हमारा शरीर पत्थर का नही बना हे समझे । बच्चो की तरह रो रहा है ,,,

तीनों विशु के मुद्दे से हट के असली मुद्दे पे आते है और विशु भी खुद उसपे इंट्रेस्ट लेता है ।

चेतन ,,, अबे इतना काहे उतावला हो रहा है बे दिल थाम के सुनो । आराम से बताता हूं ना जारा कुर्सी की पेटी बांध लो जो झटका लगने वाला हे सायेद ही गिरने से बचो ,,,

चेतन ,,, अबे अब तू भी पकाने लग गया सीधे सीधे बोल ना बात क्या है ,,

विशु ,,, हा भाई बता ना बात क्या है क्यूं भेजा खा रहा हे एक तो दर्द से मर रहा हू ऊपर से तू भाई मेंटली टॉर्चर कर रहा है ,,,

जिशु एक सोमोसा उठा के विशू के मुंह में ठूंस दिया ,,, ले खा ले ,, बच्चे के मुंह निपल रख दिया ऐसी सकल बन गई विशू की और तीनो हस पड़े ।

जिशू ,,, अब ये चुप हो गया है अब बता ,,

तपन विशू की सकल देख के फिर एक हंसता है और फिर गला साफ करते हुए बोलने लगा ,, तुम लोगो को सायेद बिश्वाश नहीं होगा पर हमारी मम्मीया जो है वो चारो बाइसैक्सुअल भी है ,,,

तीनो को झटका लगता हे ,, क्या बक रहा है ,,,

तपन मुस्कुराने लगा ,, देखा में जानता था तुम तीनो का यही फटीसर वाला रिएक्शंस होगा इसलिए में बताना नही चाहता था ,,,

जिशु ,,, तुझे कैसे पता हमारी मम्मीया वो हे ,,

चेतन ,, तूने कुछ देखा क्या ,,,

चेतन ,, हा बे में भला क्यू जुठ बोलने लगा । काल शाम वोही सब तो देखा । तीनों मम्मी एक साथ लेस्बियन सेक्स किया और पाता हे मम्मी ने दीपाली आंटी पुसी लिक किया और तो और तानिया आंटी (अकेले में तानिया तुम तू तारक बेबी) ने दीपाली आंटी की पुसी में बेलन भी डाल के फॉक किया ,,,

तीनों के कान से धुआं निकल गए ये सुन के । तीनों को बात हज़म नहीं हो रहा था बस आंखे तुक तुकाय तपन को देखते रह गए ।

लेकिन विशु की दिमाग की बत्ती जली और सवाल किया उसने ,,, लेकिन इसमें मेरी मम्मी तो नेही थी तो तू क्यू कह रहा है मेरी मम्मी भी ,,

जिशु ,, तूने तीनो को वो सब करते देखा ,,

तपन ,, हा अपनी आखों से तीनों की कामलीला देखा मैने और वो लोग कह रहे थे दो महीने बाद वो लोग काल शाम के को वो सब कर रहे थे और तराली आंटी की भी जिक्र कर रही थी इसका मतलब हमारी चारो मम्मीया पहले से ग्रुप लेस्बिसंस कर के आ रहे है भाईयो ,,,

चेतन अजीब सी नज़रों से तपन को देखने लगा । तपन उसकी नजर को भाप लिया और बोला ,, ब्रो ब्रो तू गलत सोच रहा है । भले ही मैंने दीपाली आंटी को उस हालत में देखा हे पर मेरे मन ऐसा वैसा कुछ नही था बस नॉर्मल नजरो से जानकारी के लिए देखा और कुछ नेही शादी शुदा आदमी बन गया हूं पत्नी का वफादार हूं और मेरी मम्मी भी थी वाहा (सॉरी दोस्त दीपाली आंटी की क्या हसीन चूत थी मेरे मुंह में पानी आ गया था और मम्मी भी ओह नही दिमाग से निकल दे तपन ये गलत सोच )

चेतन कुछ नही बोलता और नजर नीचे कर लेता है । विशू और जिशु भी बात को गहराई से सोच रहा था ।

तपन ,, क्या हुआ मुझपे भरोसा नही हो रहा है तो ठीक है घर जा के अपनी अपनी मम्मी से पूछ ले ,,

विशु ,, लेकिन में कैसे पूछ सकता हूं । तुम लोग तो फ्री हो गए अपनी अपनी मम्मी से ,,

तपन ,, मेरी मम्मी से या फिर तानिया आंटी से पूछ लेना उनके साथ तो तू फ्री है ना । और तुम लोग मेरी बातो पे विश्वास नही हो रहा है किसे दोस्त हो यार ,,,

चेतन ,, विश्वास है यार ।

बस मम्मी को मतलब वो लोग लेस्बिबांस इतनी मॉडर्न हो गई है उसके बारे में कभी एक्सपेक्ट नही किया था ,,

जिशु ,,, हा मेरी मम्मी और दीपाली आंटी की बात अलग है वो दोनो पड़ी लिखी है सोच आधुनिक है मगर तेरी मम्मी पिंजरे में रहने वाली सोच की है हमे कोई दिक्कत नही है बस ऐसे ही सोच रहे है ,,,

विशु शिर पर मुंह पर हाथ रख कर जैसे अजूबा देख या सुन लिया हो ऐसा रिएक्शन दे कर ,,, है ऊपर वाले और क्या क्या रहस्य दिखाएगा । दया कर रहम करो ऊपरवाले नाजाने कितने कांड हुए इन एक देर साल में । रिश्ते बदल गए हमारी दुनिया बदल गए । कभी कभी ये सब सोचता हूं मेरे शिर सत्यानाश हो जाता है ऐसा लगता है भेजो को कीड़े मोकोरों ने रेंगना शुरू कर दिया ,,

उसकी मजाकिया बातो पर तीनों हंस ने लगते है ।

चेतन ,,, अच्छा काल में और मम्मी तपन और शीतल आंटी हम चारो मेरे ताऊ के बड़े बेटे के शादी पे जा रहे है । परसो शादी हे ,,,

जिशु ,,, क्या पर हम यहां क्या करेंगे ,,

विशु ,,, कमीनो मुझे भी ले चल ना फ्री का खाना खाना मुझे कितना अच्छा लगता हे पाता तो है । और तपन तेरा क्या रिश्ता है चेतन की ताऊ के बेटे से ,,,

चेतन हास कर ,,, मेरी ताई हे ना उसकी दूर के रिश्तेदार लगते है जतिन अंकल इसलिए । अच्छा एक काम करते है हम सभी एक ग्रुप बना के जाते है तीन दिन में बापच लोट भी आयेंगे । ,,

जिशू ,, ऐसे कैसे मुंह उठा के हम चले जायेंगे तेरी पहचान है हमारी थोड़ी हे ,,

चेतन ,, अरे दूल्हे का भाई हूं में बाप दादा से खून का रिश्ता है मेरी पावर है ।तो आज रात तक हो सब प्लानिंग कर लेते है । ठीक है कॉल हम रतपुर जायेंगे सुबह की ट्रेन से या फिर कार भी उठा सकते हे दो ढाई घंटे की सफर है ,,

Update 52

Next day in Ratpur ​

समय दोपहर के 2 बजे ।

शादी का घर था वो चारो तरफ भीड़ भाड़ हल्ला । शादी से एक दिन पहले का दिन था रतपुर की रीति रिवाज की अनुसार शाम को संगीत होने वाला था और सुबह को दूल्हे की हल्दी वाला रसम पहले ही मनाया जा चुका था । कुछ औरते काम कर रहे थे और कुछ औरते जो अपनी सारी या ज्वैलरी की चमक धमक दिखाने के लिए कभी उदार कभी इधर गप्पे लड़ा रहे थे और एक बात प्रसलित थी की उसकी पहनवा कैसी है किसी को जलन तो किसी को खुशी अपनी तारीफ सुन के किसी की पीठ पीछे चुगली । ये सब एक आम बात थी शादी के माहोल में ......

चेतन के ताऊ वोहा के Tehsildar/Naib Tehsildar थे तो काफी नाम रुतबा था उस एरिया का बड़ा हस्ती था धन सम्मति भी काफी मालामाल आदमी था ।

एक बंग्लो में रहते है अपने दो बेटे और एक बेटी और अपनी धर्म पत्नी के साथ । उसके बड़े बेटे की शादी हो रही थी । ये लोग सुबह निकले थे और करीब एक बजे के आस पास पोहोच गए । घर पर पहले से पास के दूर के बोहोत रिश्ते दार आए हुए थे घर के हर कोने पे मेहमान था । मेहमान नवाजी के लिए स्वागत की थाली काम पड़ रहे थे ।

चेतन अपने चचेरे भाई बहनों से अपने दोस्तो से मुलाकाद करवाता हे और दीपाली अपनी सहेलियों को अपनें रिश्तेदार से मिलवाती है जान पहचान करवाती हे ।

बाकी रिश्तेदार से ये लोग कुछ काम हाथ बताते हे तो गप्पे लड़ने में मस्त हो जाते । शाम होने से पहले संगीत की रसम शुरू हो गई जहां मर्दों एक तरफ किनारा दिखाया गया और औरते ढलक ले के बैठ गए हॉल पर ही ।

बंगलो दो मंजिले का था नीचे एक ग्राउंड फ्लोर पे बड़ा सा हॉल एक स्टोर रूम और दो मंजिले थे जिसमे कुल आठ कमरे थे और सबसे ऊपर एक खुली चट्ट और और पानी की टंकी के साथ ही एक और पुराने सामान रखने का स्टोर रूम ।

शाम की संगीत की रसम पूरी हो चुकी थी मेहमानो को 10 बजे खाना दिया गया और सोने के लिए कमरे कुछ हॉल में प्रबंध किया गया पूरा घर मेहमानों से घसाघस भर गया था जहा भी जाओ वाहा किसी की ठहाके की हसी तो किसी की शादी को लेकर विचार आलोचना । जो इन चारो दोस्तो जारा भी पसंद नहीं आया था लेकिन झेलना तो था ही । इन चारो को भी बाकी मर्दों के साथ नीचे हॉल की एक कोने मे सोने के लिए जगह दी गई थी ।

जब से आया जिशु तबसे अपनी बीवी से ठीक से मिल भी नही पा रहा था । तपन की बात थोड़ी पुरानी थी लेकिन जिशू की तलब ज्यादा थी अपनी बीवी को बाहों में भर कर प्यार करने की बड़ा दिल कर रहा था उसका लेकिन शाम से शीतल को मैसेज और कॉल कर रहा था पर शीतल से कोई रिप्लाई नहीं मिला (शीतल अपना फोन बेग रख कर भूल गई थी उसे वैसे फोन से कोई लगाव नहीं थी ) । जिशू बेचैन हो गया था ।

जब वो लोग सो रहे थे तब दीपाली ने उन चारों के लिए गर्म दूध ले आ गई थी । और जिशु के दिमाग में कुछ प्लान बना और उसके चेहरे पे चमक आ गया था ।

दीपाली ,, लो तुम लोग दूध पी लो । कुछ भी चाहिए तुम लोगो को तो मुझे कहना ,,,

सबने दूध ले के पीने लगे ।

विशु , , आंटी आप कितनी अच्छी हो थैंक्स ,,,

दीपाली ,,, में कैसे अपने बच्चो भूल सकती हू मुझे पता है तुम लोगो को यहां खाना पीना अच्छा नही लगा है । बस काल का दिन फिर हम परसो निकल जायेंगे ,,,,

तभी जिशु दीपाली की कान में बोला ,, आंटी शीतल आंटी को थोड़ा स्टोर रूम में जाने को बोलो ना,,,

दीपाली की सैतानी मुस्कान निकल जाती है और जिशु का कान पकड़ कर ,,, बदमाश ठीक है में कर दूंगी तेरा काम ,,

चेतन ,,, मम्मी इसने क्या बोला ,,

दीपाली ,, में क्यू बोलूं । वैसे भी ये बात तुम लोगो को सुनाने की बात नेही हे ,,,

विशू मुस्कुरा कर ,,, आंटी आप जानते नहीं हम चारो दोस्त एक दूसरे की दिल की बाते बिना कहे ही समझ जाते है । ,,

दीपाली खाली ग्लास उठा कर ,,, बदमाश हो तुम लोग ।

ओके गुड नाइट मेरे बच्चो ,,,,

दीपाली वाहा से निकलती है { कितना उतावला है जिशु इस माहौल में भी गर्मी उतारने के मन कर रहा है उसका (उसके दिमाग में जिशु के लंड की तस्वीर छपी हुई थी उसे याद कर के) उफ्फ बाबा उस खंबे से शीतल को स्टोर रूम में चोदेगा अभी } ये सब बाते सोचते ही उसकी जिस्म पर सिहरन दौड़ जाती है कामुकता कीड़े नस नस में मेहसूस होती है उसे ।

दीपाली कमरे में जाती है और शीतल को एक कोने में ले जा के फुसफुस करती है ।

दीपाली ,,, तेरा सैयां तुझे स्टोर रूम में बुला रही है अभी ,,,

शीतल शर्मा जाती है ।

दीपाली मुस्कुरा के ,, जा अभी जा फटाफट काम निपटा के आना । अच्छी नींद भी आएगी ,,,

शीतल शर्मा कर ,, स्टोर रूम कहा हे ,,

दीपाली ,,, ग्राउंड फ्लोर पर ,,

शीतल ,, तुम यहां संभाल लेना ,,

दीपाली मुस्कुराती है और शीतल को कमरे से धक्के दे के निकल देती हे ।

Ground floor​

शीतल नीचे जाती है उसने देखा स्टोर रूम के बाहर जिशु खड़ा है । लोग भी हे इस लिए शीतल सावधानी से जिशू के पास जाती ही और दोनो इधर उधर देखते हुए धीरे धीरे बात करती है जैसे वो लोग ऐसे ही खड़े है एक दूसरे को जानते तक नहीं ।

जिशु ,, अंदर चेतन की टाई है । ,,,

शीतल ,,, वो क्या कर रही है स्टोर रूम में इतनी रात को ,,,

जिशु ,,, पता नही पास मिनट पहले घुसते देखा अभी तक नहीं निकली ,,

शीतल ,, ठीक है रहने दो में जाती हू ,,

जिशु ,,, नेही पार्किंग में चलो कोई नही हे ,,,

शीतल ,, नहीं पकड़े गए ना मेरी इतज्जत गई ।,,

जिशु ,,, नेही पकड़े जाएंगे थोरी टाइम की बात है चलो ,,,

जिशू उसे बहला फुसला के घर के पीछे ले जाता है जहां मेहमानों की गाड़ियां लाइन में थी और वाहा पेड़ पौधो की एक बाग था ।

चलिए इनको प्यार की फूल खिलने देते हे और अन्य तरफ चलते है जहा अलग ही मोड़ आने वाला था ।

Kuch naya aane wala he mitra uske kiye raat ka intezar karen aur comment de 👍🙏

Update 53

Confusion​

समय 3 बज कर 28 मिनट । कुछ घंटे के पहले का दृश्य ।

चारो दोस्त बंगलो की सैर कर रहे जिसके साथ चेतन के कुछ कॉयजिन भी थे । वो लोग तीसरी मंजिल पे थे तभी एक कमरे की दरवाजे पे एक औरत खड़ी थी और आवाज दी ,, चेतन जरा इधर आना बेटा ,,,

चेतन अपने दोस्त और बाकी केजेंस से ,, यार तुम लोग घूमो में बाद में मिलता हूं ,,,

चेतन उस औरत के पास जाता हे और वो औरत उसे कमरे के अंदर लेती हे और दरवाजे को बिना लॉक लगाए बंद कर देती ही ऐसे ही ।

औरत की परिशय """" चेतन की टाई नाम रिधिमा , पढ़ी लिखी और काफी सोसियेल बिंदास खूबसूरत गदराई हुई महिला थी""”

चेतन ,, क्या हुआ ताई ,,,

रिधिमा ,,, बाप रे तुम तो बोहोत बड़े हो गए हो बॉडी भी बनाई है खूब जिम करते होगे ना ,,

चेतन शर्मा कर ,,, अरे नहीं ताई जिम नही जाता घर पर ही वर्कआउट कर लेता हूं ,,,

रिधिमा ,,, अच्छा है सेहद बनानी चाहिए ।

अच्छा बेटा उस स्लैप पर वो बड़ा बैग दिख रहा है उसमे से मेरी कुर्ता निकाल दो इस सारी मुझे अनकंफर्टेबल हो रही हे ,,, उसने दीवार पर लगे 7 फीट ऊंची स्लैप की तरफ इशारा कर के बताई।

चेतन भले ही 6 फीट का था पर वो ऊपर बेग खोल के देख तो नही सकता था की कौनसा चीज निकालना है तो उसने कुछ सोच कर बोला ,,, ताई में इतनी ऊपर कैसे देख पाऊंगा और कैसे आपकी कुर्ता निकलूंगा । एक काम करता हूं बैग ही उतार देता हूं ना ,,,

रिधिमा ,,, नही नहीं बेग बोहोत भारी है उतार कर बपाच ऊपर रखने में मुस्किल होगी । बेग पर बोहोत भारी सामान है ,,,

चेतन ,,, एक काम करो आप ही स्टूल पर चढ़ कर कौनसा कुर्ता पहना हे निकाल लो ना ,,

रिधिमा , , स्टूल पे चढ़ कर पहले ही एक पेड़ तुड़वा चुकी हूं । ठीक है तुम पकड़े रहना मुझे पीछे से गिरने मत देना ,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, ओके ताई शिंता मत करो में बचा लूंगा आप गिरी भी तो ,,,

रिधिमा बस मुस्कुराई और उसने एक ढाई फीट की स्टूल ले के आई और चढ़ गई चेतन की मदत से । चेतन ने उसे नंगी कमर पर पकड़ कर रखा था ।

वोही तो एक मसला हो गया । चेतन था तो नेक ईमानदार लेकिन अपनी ताई की कामुक योवन देख कर उसका ईमान डोल गया । ऊपर से उसके दो दोस्त ने पहले से नजरिया बदल रखा था । रिधिमा की बेक साइड उसके सामने थी ।

रिधिमा की चौड़ी गोरी चिकनी बैकलेस ब्लाउज पहना हुई पीठ उसके नीचे थोड़ी सरबी जमी हुई मंगसल पतली चिकनी कमर जो अपने हाथो से पकड़ रखा था दोनो तरफ और रिधिमा की जिस्म के तापमान मोदहोश कर रहा था । पतली कमर के नीचे फैली हुई मोती गांड जिसे देख कर चेतन उसकी योवन की भाप ले रहा था ।

रिधिमा को अपनी मंद पसंद कुर्ता मिल नही रही थी ,,, कहा गई मेरी नीली वाली कुर्ता कोई पहने ना इसलिए बेग में रखी थी फिर भी यहां से गायब । लगता है किसी ने यहां से निकल लिया है ,,,

चेतन को कोई जवाब ना देख कर वो गर्दन पीछे कर के नीचे चेतन को देखने लगी और उसकी पेड़ो की स्थिति बदल गई जिस वजह से पेड़ लड़खड़ाए और उसकी संतुलन बिगड़ गई उसको एहसास हो गया की वो गिरने वाली है ,,,, बेटा पकड़ो पकड़ो ,,,

लेकिन स्टूल पलट रही थी और चेतन भी तो उसकी काम में खोया हुआ था । स्टूल पलट गई और रिधिमा पीछे की तरफ गिरने लगी चेतन को जब होश आया तब तक वो भी पीछे गिर रहा था । दोनो बेड पे गिर गए चेतन पीठ के बल और रिधिमा उसके ऊपर पीठ के बोल ।

चेतन ,, सॉरी सॉरी ताई वो में में में ,,,

रिधिमा खिलखिला कर हास रही थी उसे एक फानी घटना लग रही थी ,,, कोई बात नही बेटा । सायेद में अब भारी हो गई हू ,,,,

रिधिमा उठ गई और चेतन भी उठ गया और उसने देखा कि उसकी ताई की ब्लाउज के डोरी टूट चुके थे और ब्रा की हुक भी खुल चुके है । सायेद रिधिमा को टाइट फिटिंग पहनना पसंद थी ।

चेतन भी बिना कुछ सोचे बोल दिया फटक से ,,,, टाई आपकी ब्लाउज की डोरी टूट गई है ,,,

रिधिमा अपनी पीठ पीछे हाथ लगा कर एहसास किया ,, ओह ब्रा की हुक भी खुल गई है ,,

चेतन अब शरीफ दिखाते हुए ,,, ताई मे बाहर रुकता हूं आप चेंज कर के मुझे बुलाना ,,,

रिधिमा बिंदास हो कर ,,, अरे नेही तेरी पैदाईश देखी हे मैंने तुझ से क्या शर्माना रुको यही ,,,

चेतन भी रुक जाता है । रिधिमा वॉर्डरोब से अपनी एक ब्लाउज निकलती है । और चेतन से पीठ बल खड़ी हो कर बिंदास अपनी ब्लाउज अपने बदन से निकल देती है । अब वो सिर्फ ब्लाक ब्रा भी थी जिसकी पीठ खुली थी । रिधिमा की गद्दी हुई चिकनी बदन देख कर चेतन का लंड चड्डी में ही फुक्कर मारने लगा ।

रिधिमा फिर बिंदास हो कर बोली ,,,, जारा ब्रा की हुक लगा देना ,,, वो ऐसे कह रही थी जैसे अपने पति को कह रही है ।

चेतन भी हेरान था अपनी ताई की बिंदास स्वभाव को देख कर लेकिन उसे एक लालच भी आ गया और हिम्मत भी ।

चेतन अपनी ताई की करीब गया और ब्रा की दोनो तरफ की डोरी पकड़ा । रिधिमा उससे एक लगभग एक फीट चोटी थी जिसकी वजह से चेतन को उसकी मोटी मोटी ठोस आकर्षक गोरी चिकनी चूचियां टीम चौथाई हिस्सा दिख रही थी चेतन को । चेतन के मुंह में पानी आ गया । उसका कामित्तेजना लंड पर ही नही पूरे जिस्म पर चढ़ कर दिमाग तक पोहोच चुका था वो अपना ईमान भूल गया अपनी रिश्ते भूल गया और अंजाम तक भी भूल गया ।

चेतन को सैतानी की करने की मन किया और कुटिल मुस्कान से वो कोमजोर तरीके से ब्रा की हुक लगाने की सेस्था दिखाते हुए बोला कामुक मदहोश आवाज में बोला ,,, ताईं हूक लग नहीं रहा क्या करू ,,,

रिधिमा की मुस्कान निकल गई ,,,, एक हुक नहीं लगा पा रहा है जब शादी होगी तब बीवी की सेवा कैसे करेगा रे तू पाता हे बीवी की सेवा करने में कितनी मेहनत लगती है ।,,,

रिधिमा की डबल मीनिंग बाते सुन कर चेतन को और हिम्मत मिला और वो अपनी ताई की पीठ पर उंगली फिराने लगा ।

रिधिमा की मुस्कान में एक चमक थी ,,, क्या कर रहे हो तेरी मम्मी जैसी हूं ,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,,, पर मम्मी तो नही हो ना ,,,

और आओ देखा ना ताओ अपनी हाथ रिधिमा की बगल से घुसा कर ब्रा के ऊपर से ही कस के दोनो चूचियां मसल के पकड़ा । गर्म तेल पर पानी की बूंद चिटकने की तरह रिधिमा वैसे ही आइस्सस्स कर के आंख बंद कर शिर पीछे की तरफ चेतन के छाती पे लगा दी ।

चेतन खुश हो कर ,, क्या हुआ आपको अच्छा नही लगा । बुरा लगा तो सॉरी ताई ,,,

रिधिमा मोधोशी कि आलम में आंखे ऊपर कर के चेतन को देखती हुई ,,, आईएसएसएसएस आह्ह्ह्ह जब मैंने देखा तू मेरी पीठ को घूर रहा है तभी में समझ गया था मेरा भी तुझे देख कर कुछ कुछ हो रहा था ।

इस लिए तो तुझे बाहर नेही भेजा और तूने मौके पे अच्छा सिक्सर मारा ,,,

चेतन वासना में अंधा हो कर रिधमा की गोरी कंधे चाटने लगा गर्दन चूमने लगा और ब्रा निकाल के चूचियां मोड़ोड़ के दबाने लगा । रिधिमा को बोहोत आनंद आ रहा था चूचियां मसलवाने में और वे परवा हो कर आह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह उन्ह्ह्ह्ह कर सिसकारियां ले रही थी ।

चेतन तो नया नया जवान हुआ लौंडा था उसकी हवास चढ़ पे चढ़ा हुआ था लेकिन रिधिमा तो खेली खाई औरत थी फिर भी बोहोत ज्यादा गर्म हो गई थी वो लगता हे बोहोत दिनों की प्यासी थी

रिधिमा के घुंडी कड़क और मोटे हो गए थे चेतन दोनो घुंडी उंगली से और अंगूठे से दबा के मसलते हुए चूचियां मसलने का आनंद ले रहा था

कुछ मिनट बाद रिधिमा बोली ,,, बेटा अभी समय सही नही है रात को 10 बजे के बाद स्टोर रूम पर आना (वो मजे में भूल गई कि ऊपर चट्ट वाले स्टोर रूम में या नीचे ग्राउंड फ्लोर वाले स्टोर रूम) तब जो मन करे कर लेना ,,,

चेतन उसकी गाल चूस कर ,, बस 5 मिनट के लिए चूसने दो टाई ,,,

रिधिमा मुस्कुरा कर ,,, जा दरवाजा लॉक कर दे ,,,

चेतन तुरंत दरवाजे के पास कर लॉक लगा देता है और रिधिमा के पास आ कर बेड पे बैठ जाता है रिधिमा उसके सामने अपनी ठोस मोटी मोटी चूचियां ले कर खड़ी हो जाती हे

चेतन उसकी गोरे चिकने चूंची छू कर देखने लगता है । तब जा के रिधिमा थोड़ी शरमाई । उसकी चूचियां यूनिक थे मोटे चूचों पर जो भूरे रंग की धब्बे(arola) फैली हुई थी । बोहोत खूबसूरत थी दिखने पर

चेतन ,,, आपकी दूध बोहोत सुंदर हे ,,

रिधिमा शरमाई और उसका शिर पकड़ कर घुंडी मुंह में देते हुऐ बोली ,,, पि फिर दूध ,,,

चेतन गाय के बचरे की तरह पीने लगा । और हाथो से मसलने भी लगा चुचकी मार कर आवाज करते हुऐ पीने लगा । रिधिमा की जमीन पे पेड़ टीका के रखना मुस्किल हो गई । और आनंद में चेतन के रेशमी बालों से खेल रही थी उसकी आंखे उलट खा रही थी और मुंह से कामुक आवाज इस प्रकार निकल रही थी धीरे धीरे ,,, इससस्ससस बेटा अच्छ आह्ह्ह्ह्ह पि जा ताई की उम्न्ह्ह दूदू अह्ह्ह्ह ,,,

5 मिनिट की जगह 15 मिनट तक चेतन ने अपनी ताई की चूचियां चूसा और मसला । जब रिधिमा को घुंडी पर दर्द मेहसूस होने लगा तब चेतन को अलग कर के अपनी हालत देख कर बोली ,,, अपनी ताई दूदू लाल लाल कर दी उंगलियों की निसान चाप दी तूने तो बेटा । अच्छा अभी तू जा रात को मिलना ,,, और होंठ पर छोटा सा चुम्मा दे दी

चेतन का मन तो नही था पर उठ गया और जाते समय अपनी ताई बाहों में कस कर गाल पे चूम कर "आप बोहोत अच्छी हो और बोहोत सुंदर हो ,,, बोल कर निकल गया ।

वर्तमान समय 10 बज कर 28 मिनिट ।

जिशू तो जा चुका था । अब तीनों सोने के लिए बिस्तर लगा रहे थे खुद ।

चेतन कब से इसी पल का इंतजार कर रहा था और उसने दोनो से बोला ,,,,, में जारा इंपोर्टेंट कॉल कर के आ रहा हूं ,,,

चेतन दोनो के जवाब सुने ही वाहा से निकल गया ।

विशू ,,, यार ऐसा क्या जरूरी कॉल था जो हमसे छुपा के करना पड़ रहा है इसे ,,

तपन ,,,, यार होगी कोई जरूरी । तू भी ना चल गेम में इन्वाइट कर मुझे आज ड्यू खेलेंगे ,,,

चेतन चिढ़िया चढ़ कर सीधे चट्ट पर गया (दिन में वो ऊपर वाले स्टोर रूम को देख रखा था उसे नही पता था कि नीचे भी एक स्टोर रूम है) उसने चारों तरफ नजर किया की वाहा कोई भी नही है लेकिन स्टोर रूम की खुली खिड़की से अंदर एक औरत दिखाई दी पीछे से जिसकी बाल खुले थे अंधेरे में वो एक छोटी सी टॉर्च लाइट जला कर कुछ ढूंढ रही थी । चेतन के होंठों पर मुस्कान आ गया और वो दबे पाओ स्टोर रूम के अंदर गया और औरत की हाथ से टॉर्च लाइट चीन के नीचे फेक दिया जिससे टॉर्च लाइट गिर के बंद हो गई (टॉर्च लाइट का सत्यानाश हो गया था) । और घुमा के एक हाथ से कस के कमर पकड़ा और एक हाथ से उसकी शिर के पीछे बाल पकड़ा कस के और बेताशा उसकी होंठ चूसने लगा ।

Note : ridhima tai to niche wale store room me thi to yeha upar wale ye koun aurat thi ........ Ise jaanne ke liye agle update ka intezaar karna padega aur agla update tabhi aayega jab koi achcha review aayega thanks .........

Update 54

Twist​

समय दस मिनट पहले ।

दीपाली , तानिया और तराली सोने के लिए बिस्तर लगा रही थी कमरे में दो और औरत भी थी ।

तानिया नाक सिकुड़ कर बोली ,,, ये बेडसीट बोहोत गंदा है बु आ रही है ,,,

तराली ,, हा में नही सोने वाली इस बिस्तर पर में नीचे ही बेड लगा लूंगी ,,

दीपाली ,,, रुको में दूसरी बेड शीट लाती हूं ,,,

दीपाली कमरे से निकल कर ऊपर चट्ट पर गई (दीपाली को रिधिमा पहले से बता रखी थी की बेड शीट गद्दे वगैरा कुछ भी चाहिए तो ऊपर वाले स्टोर रूम ले के आए) दीपाली स्टोर रूम गई और टॉर्च जला कर बेडशीट ढूंढने लगी ।

वर्तमान समय

दीपाली को एक झटका लगा एक पल के लिए उसे कुछ समझ नहीं आया उसके साथ क्या हो रहा है । पर जब परिस्थिति की आभाष हुई तब उसने सोचा (लगता है जिशु गलत स्टोर रूम आया है और मुझे ही शीतल समझ रही हे) और वो जिशू समझ कर अपने बेटे के छाती पे हाथ रख पीछे की तरह पुश कर रही थी और मुंह हटाने की कशिश कर रही थी ताकि वो बोल सके की वो शीतल नहीं दीपाली आंटी हे उसकी ।

लेकिन आचार्य की बात थी चेतन को अपनी मम्मी भी अपनी ताई रिधिमा जैसी लग रही थी कारण था दोनो को बदन की धंसा एक जैसा होना काठ काठी एक जैसी जो थी । और दीपाली को भी सूक हो गई की उसका बेटा जैसा बेटे का दोस्त नहीं अपना ही खुद का बेटा है कारण था चेतन और जिशू की काठ काठी एक जैसा ही होना और दोनो थोड़े लंबे बाल रखने की एक जैसा ही स्टाइल करता था ।

चेतन मेहसूस हुआ की उसकी ताई (दीपाली) उसे धकेल रही है । लेकिन वो वासना में लिप्त था और उसे लगा औरतों की नखरा करना स्वाभिक है ।

उसने फिर चूमते चूमते अंधेरे में एक कोने में गिरा दिया और उसके ऊपर चढ़ गए लेकिन चेतन ने उसकी निचली होंठ दातों में ही दबा के रखा जिससे दीपाली खुल कर बोल भी नहीं पा रही थी बस उम्मम्म उम्मम्म नेईईई उम्मम्म कर पाई थी । दोनों एक कोने में पुराने डॉनलॉप वाले सोफे की पीछे थे गिर गए थे या लेते थे ।

भले ही दीपाली ताकतवर थी लेकिन एक मर्द की ताकत और औरत की ताकत में बोहोत फर्क होता है चेतन ने उसे गले में माला डाल कस पकड़ रखा और उसका भारी शरीर के नीचे दीपाली की शरीर पीच गई वो चाह कर भी कुछ नही कर पा रही थी बस हाथ मारने की अलावा पर चेतन पर उसका कोई असर नही हो रहा था वो बस वाइल्ड किस किए जा रहा था ।

दीपाली को उसका वाइल्ड किस एक नई एहसास लगी । दिमाग में जिशू के लंड की छवि आई । और वो सायेद उसकी कोमजोरी बन गई ना चाहते हुए वो जिशू समझ कर अपने बेटे वाइल्ड किस अच्छा लगने लगी । उसका भारी गठीले बदन का एहसास जकड़ रखे मजबूत बाहों का एहसास कही न कही दीपाली की मन खुशनुमा बना गई और और कामुक एहसास जाग उठी उसकी मन में । दिमाग कह रही थी वो जिशू (चेतन) को रोके लेकिन उसकी शरीर अब साथ नहीं दे रही थी । वो भले ही किस का जवाब नही दे रही थी पर उसकी हाथ कि पंजों का जोर कमजोर पड़ गई थी और जिशू (चेतन)के पीठ पर नाजुक पड़ गई उंगलियां हरकत देनी छोड़ दी ।

सासें फूलने लगी उसकी और चेतन के भी । चेतन धीरे धीरे बड़े आराम से ताई (अपनी मम्मी) की होंठ चूसने लगे कभी ऊपर तो कभी नीचे वाले लब को । दीपाली की और सोचने समझने की शक्ति नही बची थी नियति को अपना ली उसने उस वक्त गलत नही लगा उसकी भी मन बेईमान हो उठी मोह से ।

दोनो की गर्म सांसें एक दूसरे से टकरा रही थी और एक दूसरे को मेहसूस हो रहे थे सासें । अंधेरे में तो कुछ दिख नहीं रहे थे दोनो को बस एहसास कर रहे थे । जिशू हल्के करवट ले के चुम्बन तोड़े बिना अपनी ताई (ममी)की चूची पकड़ लिया ब्लाउज के ऊपर से ही ।

एक मर्दाना एहसास पा कर चूची पे आनंद की लहर मेहसूस हुई दीपाली को और तड़प कर जिशू (चेतन) हाथ पर हाथ रख कर हाथ को कस के दबा दी । चेतन एक चूची धीरे धीरे मसलने लगा ।

दीपाली तब तक जिशु समझ कर अपने बेटे साथ अपनी जिस्म शॉप दी । दीपाली खुद जिशु (चेतन) की होठ पीने लगी । चेतन को अपनी ताई (मम्मी) की नारी लुभावना मेहैक पा कर जोश दुगना हो गया और वोही दीपाली को जिशू (बेटे) की मर्दाना गंध जेहन में उतर कर काफी गर्म हुई जा रही थी । दोनो के जिस्म के तापमान हादसे बढ़ गए थे एक दूसरे की जिस्म को मेहसूस कर रहे थे खेल रहे थे हाथो की मेहसूस से । और दोनो फिर भी नही पता चल रहे थे दोनो मां बेटे कामक्रीड़ा में मगन हो गए थे।

चेतन मोरसा संभाल रहा था वो एक खिलाड़ी की तरह आगे बढ़ रहा था ।

दीपाली की गर्दन से चूमना शुरू किया दीपाली धीमी धीमी सासों के साथ आह्ह्ह्ह लेने लगी । और फिर धीरे धीरे उसकी कंधे से चूमने लगे कभी जीव से चाट भी लेता था चेतन और दीपाली को गीला एहसास और आनंद दे रही थी ।

फिर चेतन ने दीपाली की ब्लाउज की हुक खोल के निकलने का इशारा किया और दीपाली ने भी खुद को ऊपर उठा कर उसे ब्लाउज निकलने में मदत की और चेतन ने ब्लाउज को नाक में ले के सूंघा गहरी सांस के साथ दीपाली की बदन की खुशबू से वो और मोधोश हो गया और उसने ब्रा भी उतार दी ।

चेतन दोनो तरफ पेड़ फैला के दीपाली की छाती पर चढ़ गया और दोनो हाथो से एक एक चूची दबोचा और एक एक कर के चूसने लगा । दीपाली आनंद में उफ्फ इस्सस आह्ह्ह्ह हल्की हल्की सिसकारियां लेने लगी ।

चेतन चुप्पी लगाने लगा और दीपाली उसकी लंबे बालों के साथ खेलने लगी । चेतन मन भर की दीपाली की चूची चूस के धीरे धीरे नीचे हो रहा था और मखमली समतल पेट चाटने लगा दीपाली की थोरी पेट उभरी हुई एक 40 + औरत की हिसाब से सही मात्रा में थी चर्बी और उसकी हुस्न की शोभा भी बढ़ाती थी ।

चेतन उसकी पेट चाट चाट कर उसकी गहरी नाभी पे जीव कुरेदने लगा दीपाली तड़प उठी और दोनों हाथो से नीचे बचे पुराने गड्डे को कस ली और लंबी सिसकी ली आईससस कर के चूत पानी पानी हो रही थी उसकी जिस्म पर अकड़ मेहसूस हुई

चेतन फिर चाटने का लुफ्त उठा कर दीपाली की सारी और पेटीकोट की गांठ पर हाथ दिया तो दीपाली ने उसे हाथ पकड़ कर रोक दिया । एक औरत शर्म के कारण आखरी बार रोकती है लेकिन वो सेफ़्टी के लिए था ।

दीपाली कहना चाहती की दरवाजा बंद कर लो लेकिन शर्म उसे संबंधित करने नही दे रही थी लेकिन वैसे उसे लगा अब इतनी रात को कौन यहां स्टोर रूम में आएगा फिर भी एक संका तो थी इसलिए उसने सारी पहने रखा सही समझा और अपनी टांग मोड़ कर फैला दी ।

चेतन भी समाज गया और उसकी सारी पेटीकोट के साथ साथ कमर तक उठा दिया और उसकी पैंटी निकाल दिया । चेतन मुंह ले के दीपाली की टांगो के बीच झुक गया और मोटी जांघें पकड़ कर जीव लगा दिया दीपाली की चूत पर ।दीपाली तड़प उठी अःह्ह्ह अअह्ह्ह्ह आह्ह्ह आईस उफ्फ करने लगी । उसकी चूत सफसत थी हाइजिन का बोहोत ध्यान रखती थी चूत ज्यादा गीली या फिर सुखी ना हो जाए उसके लिए मेडिसिन भी लगती रहती थी आखिर एक डॉक्टर जो थी और उसकी चूत की होठ भी फिरंगी या फिर कश्मीरी मौसम में रहने वाली औरत की तरह गुलाबी चूत थी । जो बदकिस्मती से चेतन उसकी छूट नेही देख पा रहा था वरना खा ही जाता सायेद ।

काफी देर तक चूत की हर हिस्से को जीव से चाट के अपने कपरे उतारने लगते है और सिर्फ चड्डी को नीचे सड़का के अपने लंड पर ठुक मल के वो चोदने जा रहा है ये सोच कर उसका दिल दिल धक धक करने लगता हे ।

चेतन दीपाली के टांगो के बीच घुटने मोड़ कर आगे हो कर एक हाथ से अंदाजे से चूत पर लंड रख के धक्का देता है लेकिन लंड पिछल जाता है फिर चूत की रगड़ दीपाली की मुंह से आह्ह्ह्ह निकल देती है । चेतन फिर ट्राय करता है और इस बार सुपाड़ा घुस जाता हे ।

दीपाली चेतन के कंधे पर हाथ रख कर चीखती हे आउंफफ्फ । चेतन और धीरे से धक्का देता लंड पिछल कर आधे से ज्यादा घुसते चला जाता है दीपाली अपने मुंह से आवाज करती है उन्ह्ह्ह्हहुऊऊ हुह्ह्ह्ह्ह यूईईईआ और सोचती है (कितना मोटा हे रे इसका शीतल कैसे लेती है इस गाढ़े का)

चेतन उसे बाहों में भर लेता है दीपाली उसे गले लगा लेती हे और चेतन धक्का देके पूरा लन्ड घुसा देता है और दीपाली की चीख आहहाहा उह्ह्ह उफ्फफ्फ (उई मम्मी कितना लंबा हे ये तो अपनी बीवी की गर्भाशय ही खराब कर देगा ठोकर मार मार कर कितनी तकलीफ हो रही है)

चेतन आराम आराम से थोड़ा लंड बाहर करता है और घुसा देता है चेतन का पहली अनुभव था बेहद ही उसे आनंद होता हे बस फिर क्या आनंद प्राप्त करते ही रहना चाहता है । दीपाली को तकलीफ हो रही थी पर आनंद भी उतना ही आ रही थी और उसके लिए भी एक नया अनुभव था ।

सबसे ज्यादा उसे जिशु (चेतन) पर गर्व हो रहा था की उसका मर्दाना ताकत मेहसूस कर और खुद को इस पल की भाग्यशाली समझ रही थी उसे अच्छा लगा की जिशू (चेतन) ने शुरुआत में ही जोर आजमाना शुरू नहीं किया महीन तरीके से धक्के लगाना महीन तरीके से उसकी होंठ चूसते रहने गाल चूमने रहने कंधे पे चूमते रहना चोदते टाइम । प्यारी हरकत पर उसे भी प्यार उमंग आई और चेतन के होंठ चूम कर उसकी बाल सेहलाने लगी पीठ सहलाने लगी और मुंह से आनन्द की प्रतीत को जताने लगी आह्ह्ह अअह्ह्ह्ह उन्ह्ह्ह्ह अअआझह उफफ्फ्फ ना अअह्ह्ह्ह ह्विसस्स हिस्स्स इससस आह्ह्ह्ह्ह ।

चूत दिवारे रगड़ खा खा के पानी छोड़ रही थी जिससे लंड महीन तरीके से अंदर बाहर हो रहे थे । दीपाली को भी आदत हो गई और सुखद एहसास से जीव निकाल कर चेतन के मुंह में दे दी और चेतन उसकी जीव पीने लगा ।

तभी दरवाजे की कुंडी हिलने की आवाज गूंजी और दोनो सोक गए दर से लेकिन दोनो कुछ कर पाते स्टोर रूम में कदमों की आहट हुई और लाइट जल उठी । दोनो की किस्मत अच्छी थी या फिर नियति यही थी कि सोफे के आड़ और उसके ऊपर कुछ सामान रखने की वजह एक दीवार बनी हुई थी । लाइट काम वॉट की जिसके कारण हल्की रोशनी हो रही थी ।

लेकिन वाहा एक बॉम्ब फूटा । दीपाली और चेतन दोनो एक दूसरे की चेहरे को देख कर जहा सोक गए जैसे दुनिया से उठ गए दोनो वोही शर्म से पानी पानी हो गए । दीपाली की जिस्म ठंडी पड़ गई और चेतन का लंड अपने आप सिकुड़ कर चूत में सो गया ।

शर्मनाक दर्शन से एक दूसरे से मुंह फेर लिया और पछतावे में खुद से घृणा कर बैठे दोनो ।

लेकिन दोनो जारा सी आहट नहीं कर सकते थे नेही पकड़े जाएंगे और लोगो को पता चला कि दोनो मां बेटे ही । इस दर से कांप उठे दोनो अब शर्म से ज्यादा दर लगने लगे थे ।

कमरे पर तीन औरतों की आवाज थी जो बात कर रहे थे ।

" ठीक से गद्दे लगा रीता ,,,

,,, लगा दिया अब बोतल खोल,,,

,,, ये ले पी इंजॉय कर ,,,

,,, में इसलिए लोकेलिटी शादी फंक्शन पर नही जाती देखो कैसे पीना पड़ रहा हे ,,,

,, अरे सीमा इसमें भी एक मजा है चुप के पीने में ,,,,

कुछ तीन मॉडर्न शराबी औरते शराब पीने आई थी और गप्पे लड़ा रही थी चुगली कर रही थी ।

दीपाली को थोरी राहत मिली इस बात से की तीनों औरते थी । अगर मर्द होते तो कैसे लगती उससे एक कमरे में तीन शराबी मर्द और अपने बेटे के नीचे लेती हुई हालाकि अनजाने में लेकिन अब तो जान गई थी ।

दोनो मां बेटे एक दूसरे से नज़रे तक नहीं मिला पा रहे थे पर अलग भी नही हो सकते थे एक दूसरे की नंगे बदन को मेहसूस कर के अब शर्म आ रहे थे । सांस भी धीरे धीरे आ रहे थे ताकि तीन औरतों को सुनाई ना दे सासों की आवाज ।वो तीन औरतों को भी पता नही चली की उनके बगल में सोफे के पीछे ही कांड हो रहा है जो इस वक्त विराम लग चुका हे ।

,,,, यार वो पुलिस वाला मुझे घूर रहा ,,,

,, कौन वो मुसवाला ,,,

,,, जा वोही रीता ,,,

,, मस्त है लाइन दे दे काल शादी की रात किसी रूम में मेज ले पाएगी और पोलिस वाला हे तो आगे भी काम आएगा पावर बड़ेगी ,,,,

ये तीन औरते गंदी गंदी बाते कर रही थी । दोनो मां बेटे को बोहोत शर्म आ रही थी ।

वो दोनो सोच रहे थे की ये तीन औरते पी कर चले जायेंगे लेकिन 5 मिनट 10 मिनिट कर कर के 50 मिनिट से ज्यादा हो गए थे । दीपाली और चेतन का भी एक वक्त तक दर थोड़ा कम हो गए थे । दीपाली मन में तीनो औरतों को गालियां दे रही थी कोच रही थी ।

लेकिन चेतन का हल कुछ अलग था । उसकी नजर अपनी मम्मी की बंद आखों की चेहरे पे टिकी हुई थी चाह कर भी अपनी खूबसूरत मम्मी की चेहरे से नजर नही हटा पाया । एक तुक देखे जा रहा था अपनी मम्मी की नंगे बदन को बाहों में भर रखा था और चूत पे लंड डाल रखा था फिर एक उत्तेजना मेहसूस होने लगा उसे काम शक्ति शक्ति ऐसी थी मर्दो की अपने बस में नही कर सकता था कामक्रीड़ा की वजह से कितने लूट गए कितने बरबाद हो गए ।

चेतन का लंड अचानक सख्त होने लगा और दीपाली को मेहसूस हुई (हे ****** ये क्या इसकी फिर से । कैसे) चेतन आराम से अपनी ममी की कंधे पर मुंह छुपा लिया और हल्के हल्के एक दम धीरे से धक्का मारने लगा बिना आहट किए जैसे इंजिन आइडियल पर चल रहा हो ।

दीपाली गुस्से में (असभ्य इसे तो में । सिखाती हूं सबक । लेकिन ये यहां क्यों आया था । इसकी भी किसके साथ । और उसे समझ कर मेरे साथ ही । और में समझ रही थी जिशु ।

उफ्फ तब क्यूं में बेहेक गई उफ्फ अब क्या करू ये बेशर्म मेरा ही बेटा है उफ्फ रूको ऐसा मत करो)

चेटन पूरे 15 - 20 से लगातार होले होले से धक्के लगा रखा था । लंड की सुपाड़े को जन चूत की रगड़ का मजा अनुभव हो रहा हो तो कोई भी बेलाग हो ही जाता है काम आनंद में भूल गया की अपनी मम्मी को चूत नही चोदनी चाहिए पर वो चोद रहा था उसे मम्मी की ही चूत की आनंद चाहिए अब जान बूझ कर ही ।

तीन औरते अभी भी बात कर रहे थे उनको काफी नशा भी हो रही थी आवाज से ऐसा ही लग रही थी ।

दीपाली की गुस्सा धीरे धीरे शांत हो गई उसे भी धीरे धीरे अच्छा लगने लगा आनंद मिलने लगी थोड़ी ही सही चूत में हलचल हो तो रही लंड का रगड़ हो तो रही थी लेकिन अभी भी आंख खोल कर अपने बेटे की नजरो में देखने की हिम्मत नेही हुई और वो छुपाना चाहती थी अपने बेटे से की अब उसे भी आनंद आ रही है ।

और दस मिनट बाद वो तीन औरत वोहा से चली जाती है । फिर क्या था चेतन जोश में लंड बाहर निकाल के पूरा घुसा के दो कस के धक्के मारते है । दीपाली की आंख खुल जाती है और अन्छझ अन्ह्ह्ह्ह कर के सीधा अपने बेटे के आंखों में आंखे डाल के देखती है दोनो के चेहरे के करीब बस नाक रहड़ खाने की फासले थे ।

चेतन को अपनी मम्मी पर एक अलग सा प्यार भी आता हे और एक हवास भी जाग जाता है उसके मानसिक पर और जोर से खींच के धक्के मारता है । दीपाली दात पीच के छटपटाती है । चेतन को क्या मजा आता है और एक खींच के फिर एक और खींच के ऐसे तीन चार बार धक्के मारता हे और दीपाली चीखती है आईया मम्मी आआआ नही । और अपने बेटे के ऊपर हाथ उठा देती है उसके गाल पर थप्पड़ मार देती है । चेतन शर्म से मुंह छुपा लेता है ।

दो मिनट तक शांति शायी हुई थी जब दीपाली को कंधे पर गिला गीला मेहसूस होती हे तो उसका दिल भी पिघल जाती है और बेटे के चेहरे को हाथो पे उठा के देखती है । यूं तो पैदा होने से ले के कोई सौ बार रोते हुए देखा हे लेकिन आज चेहरे पे एक अलग दर्द था ।

दीपाली प्यार से बोली ,,, अब क्यूं रो रहे हो ,,,

चेतन रो रो कर बोला ,,,,,, आईएम सॉरी में रोक नही पाया खुद को अच्छा लग रहा था सॉरी माफ कर दो ,,,,,

ऐसे रोने पर की मां की ममता नहीं रोएगी और चेतन की हाथ चूम कर आसू पॉच कर प्यार से बोली ,,,,, मैंने माना थोड़ी किया है वो तो तुमने ऐसे जानवर जैसे किया तो गुस्से में । अच्छा चलो माफ कर दो अब रो मत वरना में भी रो दूंगा ,,,,

चेतन चुबकते हुए ,,, सॉरी गलती हो गई ,,

और उठ गया एक झटके में और अपने कपरे उठाने लगे । दीपाली भी उठ गई और वो अपने बेटे का रोना बर्दास्त नही कर पा रही थी । और वो कमरे की दरवाजे खिड़की बंद कर के लाइट भी बंद कर दी ।

चेतन के पास आई कमरे में अंधेरा था दोनो को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था अब पहले की तरह ।

दीपाली उसकी बाहों में समा गई ,,, तुम्हारी कोई गलती नही थी में जानती हूं किसी और के लिए आए थे और में भी वेहेक गई थी ।,,,

चेतन ,,, पर किया तो गलत ना मम्मी । मुझे घिन आना चाहिए खुद पर ।

दीपाली प्यार से समझती हुई ,,,, हिस्सस्स चुप बिलकुल चुप । तुझे मेरि कसम अब सिर्फ और सिर्फ मम्मी की बात मान । जो हो गया वो पूरा ही होने से । आजा मुझे प्यार कर ,,,

दीपाली उसका हाथ पकड़ सोफे पे बैठा दिया और खुद टांगे फैला के बेटे के लंड पर बैठ जाती है और आईसस आह्ह्ह कितना बड़ा है उफ्फफ्फ और अपनी चूची में बेटे के शिर को छुपा लेती हे फिर धीरे धीरे आगे पीछे होने लगती है कमर लचकाती हुई ।

दोनो को फिर एक बार आनंद आना शुरू हुए सांस गर्म होने लगे रोगों में बस कामसुख डोरने लगे दोनो के बदन में दीपाली की सिसकियां पूरे कमरे गूंज उठी ।

कुछ देर बाद चेतन अपनी मम्मी को सोफे पे लिटा के बाहों में भर कर चोदने लगता है और रफ्तार बढ़ा देता हे इस बीच दो तीन बार दीपाली की कमर नाचने लगती है स्खलन की वजह से पूरी तृप्ति से वो शर्मसुख पर एहसास की

,,, मम्मी मजा आ रहा है ,,,

,,, आह्ह्ह्ह हाआआ बेटा आअह्ह्ह बोहोत ,,,,

,,, आपको मौखिक सेक्स पसंद है हैं हल्ह्ह्ह,,,

,,, हुन्ह्ह्ह ,,,

,, अब दर्द हो रहा हे क्या ,,,,

,, नहीं बेटा आह्ह्ह बड़ा है तो क्या आह्ह्ह्ह हर वक्त दर्द ही होगा क्या उन्ह्ह्ह्ह ,,,,

,,,, नही वो मतलब नही था ,,,

,,,, जोर से करू ,,,,

,,,,, हा जैसी उन्ह्ह्ह तेरी मर्जी पर खींच के आघ्ह उस तरीके से मत करना आआह्ह्हह्ह जान निकल जाती है उफफ्फ बोहोत मजा आ रहा है ,,,,

चेतन तेजी से कमर आगे पीछे आगे पीछे करने लगता है दीपाली सहन नही कर पाती और एक बार फिर झड़ जाती है । चेतन भी कुछ देर बाद झड़ जाता है ।

दोनो एक दूसरे को चुम्मा चाटी कर के प्यार जताते है फिर एक आखरी चुम्बन के साथ स्टोर रूम से बाहर निकल जाते है ।

Note: next update me ridhima tai ki kya huya uske baare me jaanne ke liye dher saare review dalo mitra 🙏🙏🙏

Update 55

Ground floor store room​

रिधिमा स्टोर रूम की लाइट बंद कर के इंतजार कर रही थी पिछले दस मिनट से अपने भांजे चेतन का ।

उधर ये दोनो गेम खेल रहे थे । तपन गेम खेलने के साथ तानिया से चैटिंग भीं कर रहा था और उसने भी एक मौका ढूंढ लिया ।

तपन ,,, भाई में कुछ देर में आता हूं ,,,

विशू ,,,,, साले सब मुझे अकेले छोड़ कर जा रहे हो ना । ठीक जा जा एक दिन मेरा भी दिन आएगा ,,,

तपन हस कर ,,, यार समझा कर ना । में बस दस मिनट में आया तू एक मैच खेल ले तब तक ,,,

तपन वोहा से चला गया । विशू अकेला पर गया उसे बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था । उन चारों में से वो सबसे ज्यादा मस्ती खोर मजाकिया किस्म का था तो उसके दिमाग में सैतानी करने की आइडिया आया ।

और वो चारो तरफ देखा की कुछ लोग चुके थे और कुछ सोने की तयारी कर रहे थे ।

वो सबकी नजर बचा के नीचे वाले स्टोर रूम में गया होंठो पे मुस्कान ले के और सुने देखा स्टोर रूम की दरवाजा थोड़ा खुला (देखो इन लोगो की कांड दरवाजा भी बंद नही किया अंदर से रुको मजा चखता हूं )वो जिशु और शीतल को डराने की इरादे से दबे पाओ स्टोर रूम में घुसा ।

कमरे में अंधेरा था उसके पास मोबाइल था लेकिन उसने फ्लैश लाइट जलाया नही । कमरे में साख सब्जी रखे हुए बड़े बड़े बस्ते में आलू टमाटर जैसे और भी सब्जियों के अनाज के बोड़ी रखी हुई थी । और हाथ से चीजों को छू कर कदम रखने लगा अचानक किसी से वो टकरा गया । वो जिशु या शीतल आंटी समझ कर डराने ही वाला था

लेकिन उससे पहले ही रिधिमा उसकी बाहों में समा गई और बोलने लगी ,,, अब आए हो कबसे तुम्हारा इंतजार कर रहा था ,,,

विशु हैरान हो गया (ये कौन है ये तो शीतल आंटी नहीं हे । वो दोनो कहा हे फिर और ये औरत कौन है फिर । क्या गुगली हे ये)

रिधिमा ,,,,चेतन तुमने दरवाजा बंद किया ,,,

विशु बस ,,, हुंह,,, और दिमाग पे जोर दे कर (ओह तेरी ये तो तो चेतन की ताई है । ये यहां क्या कर रही है और चेतन समझ के मुझे क्यू बाहों में भर रखी हे । ओह तेरी चेतन अपनी ताई को ही पता रखा हे । साला कितना हरामी है),,,, विशू उसे बताना चाहता था की वो चेतन नहीं हे पर

रिधिमा उसकी छाती के दो बॉटम खोल के चूमने लगी । विशू को उसकी होठों की कोमोल एहसास पा कर पूरे बदन में सिहरन दौड़ गया । ये एहसास उसकी लुभावना भाव को जगाने के लिए काफी था लेकिन फिर भी वो बताना चाहता था और रिधोमा की कान में बोला ,,, में चेतन का दोस्त हूं ,,,

रिधिमा की कान में जैसे ही ये बात घुसी उसकी अंतर आत्मा कांप उठी और सोक के दो कदम पीछे हुई । विशु ने जैप से मोबाइल निकाला और फ्लैश लाइट जला दी ।

रिधिमा की चेहरे पे 12 बजी हुई थी । विशू मुस्कुरा के ,,, डरिए मत में किसी को नही बताऊंगा ,,,

रिधिमा ,,,, तू तू तुम यहां क्या कर रहे हो ,,,,

विशु जूठ बोलते हुए ,,,, में तो आंटी यहां सिगरेट पीने आया था ,,, और फिर सैतानी मुस्कान दे के ,,, लेकिन में समझ गया आप यहां क्यू है । चेतन और आप उम्म्म,,,

विशू की सैतानी मुस्कान देख के रिधिमा बात को छिपा ना सकी और उसकी भी मुस्कान निकल गई ,,,, देखो ऐसा कुछ नही है ,,,

विशु ,,,, आंटी आप मूस्कुराती हुई बोहोत हसीन लगती है जूठ बोलेंगी तो आपकी मुस्कान फीका लगेगा और वैसे भी मुझे पाता चल ही गया है तो अब क्या शर्माना ,,,

रिधिमा मुस्कुराती हुई नजर इधर उधर करने लगी । विशू उसके ऊपर हस के बोला ...." लगता है आपका भांजा गलत पाते पर पोहोच गया है ।

,,,,

रिधिमा,,,,, किसी को बोलना मत ,,,

रिधिमा मुड़ कर जाने लगी तो विशू उसका पीछे से हाथ पकड़ कर बोला ,,,, आंटी आज काल घुस का करोवार चलता है और ऐसे ही पतली गली पकड़ रही है ,,,

रिधिमा अपनी हाथ चुराने की कशिश भी नही करी और मुस्कुरा कर बोली , , ,,, क्या चाहिए बोलो,,,,

विशू फ्लैश लाइट बंद कर के मोबाइल जैप में डालता है और रिधिमा को अपनी तरफ घुमा कर प्यार से बोला ,,, चेतन जो प्यार देने वाली थी वोही प्यार मुझे भी दीजिए थोड़ा ,,,

रिधिमा अंधेरे में ही मुस्कुराई (भांजा नही तो दोस्त ही सही ये भी खूबसूरत नौजवान है) वो कुछ नही बोली ।

विशु उसकी हा समझ कर उसे बाहों में भर लिया और सीधा होंठ पे होंठ सता कर चूसने लगा । रिधिमा भी उसके चेहरे को पकड़ कर चूमने लगी ।

धोरे धीरे दोनो गर्म हो रहे थे आनंद ले रहे थे एक दूसरे की हाथ एक दूसरे की बदन पर चलने लगे ।

रिधिमा उस वक्त एक सिल्की वान पिच स्लीबल्स नाइटी पहनी हुई थी वो तैयारी के साथ आई थी नीचे अंडरगार्मेंट भी नही पहनी थी वो । उंगली की अंगूठी तक उतार कर आई थी खुशबूदार परफ्यूम लगा कर ।

विशू इतना अच्छा मौका गवाना नही चाहता था उसकी सोच ये थी कि जब चेतन अपनी ताई के साथ कर सकता हे तो मेरे करने से क्या बुरा होगा और वो भी लालच में आ गया था ।

विशु रिधिमा की मांसल बाजू पकड़ के चेहरे को चूमने लगा और तेज सांसें लेते हुए बोला ,, आंटी आप बोहोत सॉफ्ट हो ,,,,

रिधिमा मुस्कुराई और उसका कमर पकड़ कर बोली ,,, तो क्या सख्त होना चाहिए ,,,

विशू ,,, अरे नेही मेरा मतलब नही था ,,,

और उसकी गर्दन चूमने लगा कंधा चूमने लगा लंबी केश पकड़ कर शिर ऊपर कर के मजे से चाटने लगा विशु रिधिमा को । दोनो ऐसे आगे बढ़ रहे थे जैसे दोनो में किसी को भी नयापन या कोई चंका नहीं है बस एक दूसरे की बाहों में समा जाना चाहता था दैहिक मिलन करने के लिए बेकरार हो रहे थे दोनो ।

विधु पास ही में पड़ा बस्ते के उपर रिधिमा को लिटा दिया और बोला ,,,, आंटी नाइटी ऊपर दो ना ,,,

रिधिमा की सांस चढ़ी हुई थी ,,, हाहह तू भी उतार दे सब ज्यादा टाइम देर नहीं कर सकते हे हम ,,,

फिर क्या था दोनो ही अपने अपने कपरे उतार कर नंगे हो गए । विशु रिधिमा के ऊपर लेट गया रिधिमा की चूत जल रही थी इतनी गर्म हो गई थी वो और उसने पहले से ही टांगे फैला के रखा । विशु का लंड उसकी चूत पर जा टकड़ा । विशु रिधिमा की गड़ताई हुई बदन को बाहों में भर कर आनंद से गड गड हो रहा था ।

रिधिमा नीचे हाथ ले जा कर विशु लंड को तोतले लगी और बोली ,,,, इतना मोटा बाप रे,,,

विशू ,,,, आपको पसंद आया ,,,,

विशु को अपने लंड पर कोमोल हाथो को एहसास पा कर मन किया बस चूत में डाल दे ।

रिधिमा भी वक्त की नजाकत देख कर लंड को अपनी चूत पर लगा दी और विशू ये एहसास पा कर ही व्याकुल हो कर धक्का मारा लंड भले ही सुखा था लेकिन रिधिमा की चूत गीली थी कबसे और चूत की दीवारों से पिचलता हुआ अंदर घुसते चला गया । विशु का था पहली बार वो आनंद विभोर हो कर धकेलता गया और लंड जड़ तक घुसा दिया ।

रिधिमा कोई सती सावित्री औरत नहीं थी जीवन में पहली बार उसे इतने बड़े लंड का एहसास हुई और पहली बार में ऐसे घुसा की उसे भी काफी तकलीफ हुई और दबी हुई आवाज में चिल्लाई ,,,मार दिया आन्ह्ह्ह बेटा ,,,,

विशू उसकी पेशानी पे हाथ फेरने लगा प्यार से और छोटी छोटी चुम्मिया दे कर प्यार जताने लगा ,, कोई ना आंटी अभी ठीक हो जायेगा ,,,,

रिधिमा दर्द बर्दास्त करती हुई बोली ,,,, कोई ना आंटी आह्हह फाड़ दी पहले ही ऐसा करता है क्या । आन्ह्ह्ह अब धीरे धीरे करो ,,,,

विशू उसकी बगल से हाथ निकाल ले फैबिकल की तरह रिधिमा को गुड़िया की तरह चिपका लिया और धीरे धीरे चोदने लगा ।

कुछ समय विशु एहसास ले कर चोदता रहा स्टोर रूम पर हल्की हल्की आवाज़ें गूंजने लगी आह्ह्ह्ह बेटा उन्ह्ह्ह धीरे ओंझझ आह्ह्ह उन्ह्ह्ह

विशु ,,, आंटी मजा आ रहा हे (आज पाता चला चुदाई में इतना मजा आता हे ये आंटी भी कमाल की है बढ़िया माल हे आंटी । चेतन के साथ मिल कर दोनो एक साथ चोदेंगे किसी दिन बोहोत चालू आंटी हे तो कोई परवा नहीं है)

रिधिमा विशु का बाल पकड़ कर और बाजू कस कर आनंद ले रही थी ,,,,, हा इसलिए तो आह्ह्हह्ह चोदने दे रही हूं,,,,

विशू को और जोश मिला उसकी गंदी शब्द सुन के और वो भी फ्री हो गया और उसकी गाल पर डाट गाढ़ा के बोला ,,, हेन्हह आप एक दम बोल्ड बिंदास टाइप की हो मन कर रहा है आपको खा जाऊं,,,

विशू के धक्के तेज हो गए रिधिमा की लचीला बदन हर धक्के पर हिलने लगी और आऊऊऊआई आह्ह्ह चोद बेटा चोद आह्ह्ह्ह बोहोत मजा आ दे रहा है तू उन्ह्ह्ह्ह

दोनो कुस्ती की तरह लड़ पड़े रिधिमा उसको जोश दिलाती जा रही थी और विशू पूरी मेहनत करते हुए धक्के लगाए जा रहे थे रिधिमा हर मानने को तैयार नही थी बार बार पानी निकलवाने में खूब मजा आ रही थी और विशू जैसे नौजवान की ताकत उसे भाव गई थी ।

ये रात तो चारो पैंतरों की निकल पड़ी सोने पे सुहागा हो गया ।

Update 56

Next day

सुबाह 10 बजे

शादी की रसम था । सुबाह से कार्यकर्ता लोग भाग दौर कर रहे थे । माहोल और जगमगा हो उठा दीपाली गुमसुम थी सुबह से ही किसी पे मन नहीं लग रहा था उसकी हर वक्त एंब्रसिंग पछतावा मेहसूस कर रही थी उसे इस बात का अफसोस नही थी की उसने पति से अलग अन्य मर्द के साथ सेक्स किया बात उसकी थी वो उसका सगा बेटा था । चाहे कुछ भी हो हर गुनाह माफ कर मां बेटे के शारीरिक संबंध बना लेना कोई समाज माफ़ ना करे ।

दीपाली लोगो से अलग कोने में गुमसुम बैठी पाई जा रही थी ।

कोई कोई बात भी करता तो बस हा ना में जवाब दे रही थी । शीतल केयरिंग नेचर की थी वो दीपाली को गुमसुम देख कर खुद परेशान हो गई और उसने फैसला किया दीपाली की गुमसुम होने की वजह जान कर उसका साथ दे ।

शीतल दीपाली को एक कोने से उठा कर घर के पीछे बाग में ले के गई ।

दीपाली ,,,, ये कहा ले के आ गई बात क्या है,,,

शीतल,,,, वो तो तू बताएगी ना बात क्या है,,,

दीपाली ,,, में । में क्या बताऊंगी ,,,

शीतल ,,,, तू जो छुपा रही है ,,,

दीपाली हरबरा गई एक पल के लिए ,,, में क्या क्या छुपा रही हूं,,,

शीतल ,,,, एक कान के नीचे लगाऊंगी समझी अब बता क्या बात है जो सुबाह से परेशान है तू चेहरा देख अपना बिल्कुल काली पड़ गई है ,,,

दीपाली फिर भी छुपाना चाहती थी ,,, ऐसा कुछ नही है बस तबियत ठीक नहीं लग रही हे । चोर बोहोत है ना ,,,

शीतल उसकी बाजू पकड़ के उसकी आखों में आंखे डाले प्यार से बोली ,,,, मुझे नहीं बताएगी तो किसे बताएगी हा । और हे ही कौन हमारे एलावा तेरी जो तेरी हर परेशानी समझ सके ,,,,

दीपाली कमजोर पड़ गई और शीतल से गले लग गई । शीतल उसको इतनी कोमजोर देख कर समझ गई बात बोहोत गंभीर हे । उसको प्यार झटा के बोली ,,, में हूं ना बोलो ना क्या बात है ,,,

तभी वाहा तानिया भी आ गई ,,, क्या बात है दोनो अकेले अकेले ही ,,,,

लेकिन शीतल और दीपाली की चेहरे का भाव देख कर वो भी समझ गई और सीरियस हो कर बोली ,,, क्या हुआ ,,,

शीतल ,,, ये बताए तब ना बता नहीं रही है ,,,

तानिया दीपाली की चेहरे पे प्यार झटा कर बोली,,, क्या हुआ दीपू । बोल ना हम हे ना तू बता बात क्या है हम सॉल्व करने के लिए है ना यहां,,,

दीपाली ,,, तराली कहा हे ,,,

तानिया ,,, वो कुछ औरतों के साथ बाजार गई है क्यो कुछ हुआ है उसके साथ ,,,

दीपाली ,,, नही ,,

शीतल ,,, तो फिर ,,,

दीपाली ,,,, बताती हूं लेकिन उसे मत बताना वो निगेटिवली लेगी बात को समझेगी नही बात को ,,,

शीतल ,,, ठीक है हम वादा करते है उसे नहीं बताएंगे अब बोल ,,,

दीपाली ,,, वो वो ,,,। दीपाली शर्म से बोल ही नहीं पा रही थी ।,,,, वो काल रात मैने किसी के साथ सेक्स किया ,,,

तानिया मुस्कुराई ,,, तो क्या हुआ वैसे भी तेरे हसबैंड के साथ अब सबकुछ खतम ही हो गया हे ना ,,

शीतल तानिया को दांत कर ,,, तू भी ना इसे अब्सोस हो रहा है और तू मजे ले रही हे ,,,

तानिया ,,, ओके ओके सॉरी । तो क्या तुम्हे अच्छा नही लगा और पछतावा हो रहा हे क्या ,,,

दीपाली ,,, बात वो नहीं हे पर ,,,।।

शीतल ,,, पर क्या दीपू,,,,,

दीपाली ,,,, वो चेतन था और अनजाने में ,,,

बस इतना ही कह पाई और तानिया की कंधे पे मुंह छुपा ली शर्म से ।

तानिया और शीतल 440 v का झटका लगा ,,, क्या चेतन । अपना चेतन,,,, ।

दोनो की चेहरे की हवाइयां उड़ गई थी ये सुन के की दीपाली ने अपने बेटे के साथ ही सेक्स कर लिया । बोलती बंद हो गई थी उस मंजर दोनो की क्या प्रतिक्रिया दे कुछ समझ नहीं पा रही थी दोनो ।

जब दिमाग ब्लैंक हो जाता है तब हवा की झोंक एहसास होती है और उस वक्त ऐसा ही हो रही थी वक्त जैसे रूक रूक के चल रही हे ।

तानिया ,,,, ये हुए कैसे ,,

दीपाली की आंखे नीची थी उसकी हिम्मत नही हो रही थी नजरे उठाने की । शीतल बोली ,,, कैसे हुआ ये ,,,,

दीपाली फिर रात की चारी कहानी बताती है । जिसे सुन कर तानिया और शीतल के पास कोई ठोस जवाब नही थी वो लोग क्या बोले जो भी हुई थी सब अनजाने में ही हुई थी । हालाकि बाद में दोनों को पता चल गया था मगर शुरुआत तो अनजाने में ही हुई थी ।

तानिया समझदारी से काम लेते हुए ,,, ओके ओके मेरी बात सुन अब दुखी होने का वक्त नहीं है । वो होना था तो हो गया सुनो ना दीपू प्लीज ये माइंड में मत ले इतना कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ा ,,,,

लेकिन शीतल बात को दिल पे ले ,,, तुमने जिशु को समझ कर यानी जिशू के साथ करना ,,,,

दीपाली ,,, नहीं नहीं प्लीज गलत मत समझ । में उसे बताना चाहती थी पर उसने मौका ही नही दिया और में भी बेहक गई थी और उकसा नतीजा में अब भुगत रही हूं । प्लीज शीतल मुझे गलत मत समझो ,,, दीपाली अब रोने लगी ।

तानिया ,,, शीतल तू भी ना । कभी कभी तेरी ये गवारों जैसी हरकत बिल्कुल पसंद नहीं आती मुझे दिख नहीं रही इसकी हालत ये तो कमसेकम सरवाइव कर रही है तू होती तो अब तक कुंए में कूद गई होती । कितने दिनों से इसे सेक्स नहीं मिला था बेचारी बहक गई थी और उसके साथ हुआ तो नहीं ना इस बात खुश तो हो । ,,,

शीतल को एहसास हो गया की वो सेलफिश हो रही हे जब की उसकी सहेली को उसकी जरूरत है इस वक्त । शीतल दीपाली को गले लगा के समझने लगती है ,,, सॉरी कोई बात नही जो हो गया सो हो गया अब बस रो मत नियति थी तो हो गया ,,,,

तानिया ,,, देख तू भी एक डॉक्टर है समझदार है में भी टेक्निकल फिल्ड से हूं । लोग सेक्स को गंदी चीज समझते हैं गलत नजर से देखते है जब की खुद भी उस चीज का इंजॉय करते हे । कमसे हम समझदार लोग तो उसको अच्छा चीज मान सकते है ना तु समझ ले तूने अपने बेटे के साथ अच्छी चीज की हे । हालाकि तेरी परेशानी पूरी खतम नही हो सकती दुनिया की दस्तूर जो हे पर थोड़ी तो बैटर फील देगी इस बात से । प्लीज बात को समझ बस एक ही बार हुआ है ,,,

दीपाली ,,, पर वो मुझसे । और में कैसे अब । कई बार हम दोनो एक दूसरे को अनदेखा कर चुके हे । बोहोत शर्म आ रही है । कुछ भी अच्छा नही लग रहा है । ,,,,

तानिया ,,,, तू शिंता मत कर हम उससे बात करेंगे ,,,,

दीपाली दर गई ,,,, नहीं नहीं रहने दे बात अपने बच्चो पे फैल गई तो ,,,,

शीतल ,,, दीपू हम एक परिवार हे और उससे भी अच्छा हमारा एक दिल का रिश्ता है । तू टेंशन मत ले ,,,,

दीपाली ना में शीर हिलाने लगी । लेकिन तानिया उसको हंसाने के लिए उसकी कमर पर गुदगुदी करने लगी ,,,, मुझे पता हे तेरा वो फोटो देख तभी से मन में कुछ कुछ हुआ था ना इसलिए बहक गई थी ।

लेकिन ये नाइंसाफी हे मेरे पति का तुझे बुरा लगा ,,,,

दीपाली थोड़ी हांसी मन थोड़ा शांत हुई थी बोझ थोड़ा हल्का लग रही थी ,,,, ऐसा नही है उसका तो लाल टॉमेटर जैसा है मुंह में पानी आ जाए । ,,

शीतल मजाक में ,,, हाय तू कहे तो दिलवा सकती हूं तेरे मुंह में ,,,

तानिया ,,, वैसे कैसा था तेरे बेटे का चिढ़ तो दी ही होगा उसने तेरी ,,,

दीपाली शर्म से मुस्कुराने लगी और शीतल की कंधे पे मुंह छुपाने लगी । तानिया उसे और बैटर फिल करवाना चाहती थी इसलिए दोनो को झाड़ के अंदर ले गई और दीपाली को चूमने लगी शीतल भी उसका साथ देने लगी वो दीपाली की बदन को सहलाने लगी ।

तानिया दीपाली की सारी के अंदर हाथ कर पैंटी के ऊपर से ही चूत भींच दी ,,,, बोल कैसा लगा था मजा आया था ना बेटे के साथ,,,,

दीपाली मुस्कुराई ,,,, इसलिए तो बाद में खुद गोद में उछली थी । बाई गॉड कितना बड़ा था उसका एक दम फैला देता था । अब प्लीज वो सब याद मत दिलाओ ,,,

तानिया और शीतल हसने लगी दिपाली भी मुस्कुराने लगी तानिया बोली ,,,, एक काम कर विशु को पता ले तू भी तेरे भी मजे हो जायेंगे यार कब तक दहकती रहेगी ,,,,

दीपाली ,, फट नही तुम लोगो की बात अलग है । ,,,

शीतल मुस्कुरा के ,,, मतलब ना नहीं हे । अगर वो पटाने चाहे तो ,,,,

दीपाली ,,,, ऐसे बात नहीं है । और तुम दोनो को पहले ही बता दूं कि उसे मत कहना कोई चालाकी नहीं । अगर मेरी किस्मत में कोई लिखा होगा तो वो मुझे वैसे भी मिल जायेगा ,,,,

तीनों हल्की फुल्की मजा करते है ।

Update 57

friend's atmosphere

समय दोपहर 2 बजे ।

सभी लोग भोजनालय प्रबंध जगह पे खाना खा रहे थे । विशु सुबह से सेहेक रहा था और मौका देख कर चेतन को चट्ट पर ले गया उसके पीछे पीछे तपन और जिशू भी आ गया ।

विशु ,,, यार तुम दोनो क्यूं आ गए मुझे चेतन से कुछ इंपोटेंट बात करनी है ,,,,

तपन ,, हम भी चेतन से कुछ जरूरी बाते करनी है ,,,

जिशू ,,, हा तू निकल ले ,,,,

पता नही चेतन को बड़ा गुस्सा आया अपने दोस्तो की तू तू में में हरकत पर और जोर से चिल्लाया ,,,, बहनचोद चोद चुप रहो । साला मुझे पता हे तुम लोगो को क्या बात करनी है ,,,

तीनों चुप हो गए और एक दूसरे को देखने लगे ।

चेतन चुप नहीं हुआ ।,,,, मुझे पता है (आइडिया लगा कर) मम्मी ने तानिया आंटी या शीतल आंटी या फिर दोनों को बता दिया होगा ना कैसे मेने और मम्मी ने अनाजने में सेक्स किया । और तू बिशु तू ये बताने आ गया ना की तूने मेरी जगह मेरी ताई के साथ सेक्स किया रात को नीचे वाले स्टोर रूम पर । ताई ने बताया मुझे सुबह । जान कर खुशी होगी तुझे वो बता रही थी की तेरे साथ बोहोत मजा आया और मुझे नल्ला बोला तालिया (चेतन क्लैपिंग करने लगा) । बोहोत खूब । और साला में मदरचोद ऊपर वाले स्टोर रूम में गया सोचा था जिंदगी की पहली सेक्स का मजे से लूंगा । अपनी किस्मत पर बड़ा खुश हो रहा था नाच रहा था अपनी किस्मत पर ।

साला अंधा सिपाही कानी घोड़ी, विधि ने खूब मिलाई वाली बात हो गई । मुझे क्या पता था मम्मी स्टोर रूम पर होगी मुझे लगा ताई है जिसकी मैंने दोपहर को ही पता लिया था सोचा था अपनी ताई को चोदूंगा । हथियार को धार दे के सीमा पे जाने वाली सैनिक की तरह छाती फूला के गया था । लेकिन ताई की जगह अपनी ही सगी मम्मी थी वाहा साला किस्मत । अंधेरे में एक झलक भी नहीं दिखाई दिया धर दबोच लिया अपनी मम्मी को ताई समझकर । वो मना कर रही थी चटपटा रही थी लेकिन में तो बब्बर शेर बन कर गया था आज शिकार कर के ही रहेंगे । जबरदस्ती कर के शिकार करने पर भीड़ गया । बस अब खुश यही जानना था ना तुम लोगो को । अब मजाक उड़ाओ हसो रो कुछ भी करो जो करना है करो । (और फिर एक बार क्लैपिंग)

तीनो की बोलती बंद हो जाती है । तीनो चट्ट पर घूमने लगे इधर उधर । तीनो को पूरी बात नही मालूम थीं अब तीनो को मालुम हो गया अपने दोस्त का हाल समझ रहे थे तीनों ।

चेतन फिर बोला लेकिन इस बार गुत्थी सुलझाने की अंदाज में ,,,, यार मम्मी भी मान गई थी पता चलने से पहले मुझे ऐसा क्यू लगता है की वो भी किसी का इंतजार कर रही थी ,,,

तपन ,,, किसी का इंतजार नही कर रही थी । दीपाली आंटी को लगा की जिशु हे जो मेरी मम्मी को यानी अपनी बीवी शीतल समझ कर उसे पकड़ लिया जिशु ने ऐसा वो समझ रही थी । वो माना कर रही थी बोलना चाहती थी लेकिन तू सच में बब्बर शेर बन कर गया था उसकी लिप ऐसे लोक किया की कोई साबी नहीं खुल सकता था । और मजे की बात ये थी दीपाली आंटी जिशु से अट्रैक्ट थी वो बताया था ना मम्मी और तानिया आंटी ने हम दोनो के बंदूक की फोटो दिखाए थे उसीकी प्रभाव थी शीर पर । फिर क्या था दीपाली आंटी बहक गई ,,,,

विशू हस कर ,,,, और चेतन की जगह हेंडपम में चला रहा ताई की हा हा ,,,,

तीनों को हसी निकल जाता है । चेतन पहले जिशु को घूरता हे और फिर विशू का गला पकड़ कर ,,, साले मेरी ताई हे इत्ज्जत दे कर बात कर ,,,,

विशू झट से एक ऊंची छलांग मार कर कुछ दूर कूद पड़ा और बोला ,, ,अरे भाई गुस्सा क्यों करते हो दिल से थोरी किसी भी औरत को हम बुरी नजर से देखते हे क्या कभी कभी दिल बहल जाता है वो अलग बात है । यार तुम लोगो की कांड ही ऐसे हे क्या करू बोहोत हांसी आ रहा है ,,,,

तपन और जिशू भी हसने लगा । जिशु बोला ,,,, यार तूने तो दुनिया ही पलट दी । अपनी ही मम्मी के साथ हां हां हां ,,,,

चेतन शर्मा गया लेकिन वो भी क्या करे उसे भी हसीं आ गया ,,,, यार अब तुम लोग ही बता में क्या करू यार मम्मी से नज़रे कैसे मिलाऊं वो मेरे बारे में क्या सोच रही होगी ,,,

चेतन शिर पकड़ कर बैठ गया । तीनों दोस्त उसके कंधे से कंधा मिला के बैठ गया और उसे समझने लगा ।

तपन ,,,, देख यार ये कोई इतनी बड़ी बात नही हे । हमको देख हम भी तेरे जैसे ही हे देखा जाय तो । इतना मत सोच आज काल ऐसा होता है यार ,,,

चेतन ।,,, क्या ।

लोग अपनी मम्मी के साथ ,,,

विशू ,,,, यार क्या पता जैसे तू और आंटी क्लोज आए थे ऐसे ही कोई ना कोई तो क्लोज आता ही होगा और वो हो भी हो ही गया होगा । बताता नहीं कोई भाई ये सब नॉर्मल है । गलती से एक बार हो गया इसमें क्या । ,,,

जिशु ,,,,, देख उल्लू के पट्ठे इस मॉडर्न जमाने में रीति रिवाज पालने लग गया न हो गया तेरा कभी अपनी मन की नही कर पायेगा ,,,,

चेतन ,,,, तुम लोग समझ नही रहे हो यार । ,,,

जिशू ,,, तू नहीं समझ रहा यार ,,,

चेतन ,,,, यार भाड़ में जाओ तुम लोग । तुमलोगो का दिमाग खराब हो गया हे । कोई काम के नही हो ,,,,

चेतन वाहा से उठ कर चला गया । उसको पीछे से ये लोग बुलाता रहा लेकिन वो मुड़ कर नहीं देखा ।

तपन ,,,, जाने दे यार कुछ वक्त दे अपने आप ठीक हो जायेगा ,,,,

जिशू विशू की पीठ थपथपा के ,,, और बता दोस्त की ताई की ले के मजा आया ,,,

विशु मुस्कुराया ,,, यार एक बताऊं तुम लोगो को चेतन की ताई है बड़ी मस्त हे बोहोत बिंदास है यार ,,,,

तपन ,,, अच्छा तो ,,,

विशू ,,, सुन ना में क्या सोच रहा हूं । क्यूं ना हम चार मिल कर उसके साथ एक गंगबंग करे ,,,,

तपन,,,, भले ही हम चोदू है ,,, अपने दिल पर हाथ रख कर ,,,, पर इसकी ईमानदार है हम तू कर जो करना चाहता है ,,,

तपन वाहा से जाने लगा । विशु जिशू की तरफ देख कर ,,, तू क्या कहता है ,,,

जिशु भी उसे चिढ़ाने के लिए ,,, आक्क थू साले पापी ,,,, और वो भी वाहा से चला गया।

विशु खुद से बात करता है ,,, सालो एक थाई काम वाली बाई के लिए पागल था और आज जब मौका मिल रहा है तो ईमानदारी दिखा रहा है । घंटे की ईमानदारी एक ने तो मां चोद दी । सालो मर ,,, विशु घंटाबल हो कर बैठ गया अकेला ही ।

Update 58

Last day ​

शादी की रात ।

बैंड बज रहे थे मंच पर कभी कभी एक तरफ लड़के लोक डीजे भी बजाने लगते बुजुर्ग और लड़को में इस बात को ले कर तू तू मैं हो रहा था । कोई नाच रहा था कोई घर के लोग शादी की किसी बात पे परेशान था तो कोई खुश था ।
रात 8 बजे बारात ले के निकले दुलहन के घर शादी रसाने ।

औरते एक बस में और मर्द एक बस में । दूल्हे को एक कार में ले के गया । और बारात दुलहन के घर पोहोचा बारात ले के । बारातियों धूम धाम से स्वागत किया गया फूलो की माला से । आप तौर पर शादियों में नजवान अपने लिए गिरफ्रेंड धुनते रहते हे लेकिन जिशू और तपन तो अपनी बीबी को ढूंढ रहा था । चेतन तो था ही सुबह से मायूस लेकिन विशू लड़कियों को ताड़ रहा था पर इन तीनों की वजह से वो भी चांच नहीं मार पा रहा था ।

विशु,,,, यार तुम तीनो की वजह से मेरी शादी बरबाद हो रही है । चेतन तू चल ना मेरे साथ लड़की पटाते है इन दोनो का यौवन का सत्यानाश हो गया । हमारी तो बची है ,,,

जिशु,,,, साले हमारी नहीं तेरी यौवन दुर्गति पे हे हमारी तो बिबिया हे ।,,,

तपन ,,,, हा भाई बिल्कुल सही कहा हम जिस स्वर्ग में हे तुम क्या जानो विशू बाबू ।,,,

विशु ,,, हा हा बड़ा आया एक चुटकी सिंदूर में खुश रहने वाले ।

चल चेतन इन दोनो को छोड़ हम मजे करते है ,,,

चेतन ,,, यार तू जा मेरा मन नही है ,,,

विशु का मुंह उतर जाता है उसका पपोत होता देख जिशु और तपन हंसने लगता हे । विचु चिढ़ जाता हे ,,, धेत्त यार तू भी उसी बात को ले के उदास बैठा हे अब तक । भूल जा उस बात नहीं तो कभी उभर नहीं पायेगा उस बात से ,,,

चेतन ,,, तू जा मेरा दिमाग खराब मत कर ,,,

विशु और चिढ़ जाता है ,,, हद हे यार । ठीक हे मरो यही में चला ,,, विशू उन तीनो से दूर अकेला चले जाते हे ।

दुलहन भी अमीर रईस जादे घराने की थी । एक हवेली पे शादी हो रही थी ।

चेतन अपने मोबाइल में कुछ मैसेज भेजता है ,,, में आता हू ,,,

तपन ,,कहा जा रहा है चलो हवेली का शक्कर लगाते हे,,,

चेतन ,,, नहीं तुम लोग जाओ मुझे अकेला छोड़ दो ,,,

जिशु ,,जाने दे इसे अकेला कुछ सोच पाएगा ,,,

चेतन उन दोनों को अकेला छोड़ कर बारातियों के बैठने के हल से निकल के जाता है ।

तपन ,,, हम दोनो अब क्या करे ,,,

जिशू ,,, क्या करे मुझे तो बिलकुल भी मजा नहीं आ रहा है ,,,,

तपन ,,, हा यार मुझे भी बैठे रहते है कुछ देर बाद मंडप पे शादी हो जायेगी ,,,,

Haveli​

चेतन अकेला हवेली के ऊपरी मंजिल पर टहल रहा था वो हर एक कमरे को चेक कर रहा था । ऊपर के कमरे लगभग खाली है । लोग नीचे मंडप पे जो थे लेकिन वो जिसको धुंध रहा था वो उसे मिल नही रहा था । उसे लगने लगा की अब वो उसे नहीं मिल पाएगा जिसे ढूंढ रहा है ।

मगर किस्मत की हवा उसके तरफ ही रुख ले रही थी । एक आखरी कमरे पे वो दिखाई दी और चेतन को खुशी हुई वाहा उसे शर्म भी आने लगा । वो गर्दन झुकाए कमरे पे गया और दरवाजा बंद कर दिया ।

चेतन धीमी आवाज में ,,,, मम्मी ,,,

दीपाली जान बूझ कर उसकी तरफ पीठ कर के खड़ी थी और बस ,,हम्मम,, कर के जवाब दी।

चेतन ,,, आप मुझे माफ नही करेगी ,,,

दीपाली ,,, तुमने माफी कब मांगी ,,,

चेतन निरुत्तर हो गया । कुछ पल कमरे में सन्नता चाह गया । दीपाली मुड़ी और अपने बेटे के करीब आई ,,, मुझे नहीं मालूम इस वक्त मुझे क्या रिएक्शन देना चाहिए ,,,

चेतन कुछ पल रूक कर ,,, आपने शीतल आंटी और तानिया आंटी को क्यू बताया ।,,,

दीपाली ,,, सॉरी वो में अकेली पड़ गई थी ,,,

चेतन ,, कोई बात नहीं बस में थोड़ा शर्मीदा था,,,

दीपाली ,,,, तुम्हे पता करना चाहिए था तेरी ताई कौनसे स्टोर रूम पर हे । और कमसे कम मुझे तो बोलने देना था ,,,

चेतन चौक कर ,, क्या आपको कैसे पता ,,,

दीपाली ,,, हम जो एक मंडली बन गए हे उसमे अब कोई भी बात चिपटा नही है ,,,

चेतन (साला कमीना तपन और जिशु ने बताया होगा),,, सॉरी ,,,

दीपाली ,,, अब खाली सॉरी ही बोलता रहेगा या बोलेगा भी क्यू बुलाया है यहां । नीचे लोग हमे ढूंढ रहे होंगे ,,,

चेतन ,,, वो वो वो में पापा के साथ जा रहा हूं ,,,

दीपाली आचार्यजनक हो कर ,,, क्या ,,,,

इस बार दोनो की नजरे टकराई । दीपाली का दिल भर आया ये सुन कर । वोही चेतन जनता था वो अपनी मम्मी को दुख दे रहा हे पर मजबूर था ।

दीपाली उसकी बाजू पकड़ के जकड़ा ।

दीपाली ,,, क्या बोला तूने ,,,।

चेतन ,,,, हमारे लिए अच्छा होगा आप और में उस बात को दोनों भूल जायेंगे । ,,,

दीपाली चेतन के गाल पर चाटा मार के बोली ,,, खबरदार जो दुबारा ऐसा बोला तो । में तुझे अपने से दूर कभी नही जाने दूंगी समझा । ,,,

चेतन दुखी हो कर ,,, तो क्या करू आप मुझसे नजरे नही मिला रही है । मुझे भी अजीब लग रहा है । ,,,

दीपाली की आखों से आसू बेहने लगी अपने बेटे को बड़ी आस से देखने लगी ,,,, में तेरे बगैर नही रह पाऊंगी । ठीक है हम उस बात को भूल जाते हे एक गलती ही तो थी ,,

चेतन बेद पर बैठ जाता है उसके पास कोई जवाब नही था क्या करे उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था । दीपाली उसके बगल बैठ गई और उसे गले लगा ली ।

चेतन ,,, आपको सच में लगता है ये एक गलती थी ,,,

दीपाली ,,, हा मेरा बच्चा । भूल जा गलती समझ कर हमने जान बूझ के थोड़ी ,,,,,,

चेतन ,,,, मम्मी अजीब लग रहा है ।,,,,

दीपाली ,,, वो नॉर्मल हे सब ठीक हो जायेगा ,,,,

दोनो मां बेटे एक दूसरे की बाहों में सकून महसूस करते है लग रहा था जैसे अब बैटर फील हो रहा है । और कुछ देर बाद दोनो अलग हो जाते हे ।

दीपाली अपने बेटे को मुस्कुराते हुए देखना चाहती थी इसलिए खुद पहल कर के मजाक करती है ,,,, वो तीनो कहा हे नमूने तीनों ,,,

चेतन हल्का मुस्कुराता है ,,,, दो तो अपनी बीवी के पीछे पड़ा हुआ है और एक लाइन मार रहा है ,,,,

दीपाली मुस्कुराई ,,,, और तुम किसके पीछे ,,,,

चेतन के मुंह से फट से निकल जाता है ,,,, आपके पीछे ,,,,

चेतन को एहसास हो जाता है की वो क्या कह गया । दीपाली को भी ये सुन के बदन पर एक अजीब सी गुदगुदी महसूस होती है और एक शर्म भी । दोनो एक दूसरे की आखों में देखने लगते और खो जाता है कुछ पल जैसे दोनो बिछड़ रहे हो और एक तड़प मेहसूस कर रहा है दोनो ।

चेतन अपनी मम्मी की गहरी आंखों में खो के बस फिर एक बार डूबने का मन करता है और बेझिझक हो कर अपनी मम्मी की चेहरे को दोनो हाथो से पकड़ कर होंठ चूमने लगता है । इस बार दीपाली की भी सांस एक क्षण में चढ़ जाती है और आंखे बंद कर के अपने बेटे की कमर पर हाथ रख कर बेटे की होंठ चूसने लगती है ।

दोनो इतने आक्रामक हो जाते है वासना की आग में दोनो को कोई होश ही नहीं रहता और होंठो को रसपान करने में दोनो को आनंद आता है बस एक दूसरे लालिमा चूसने लग जाते है । इस दौरान दोनों बिस्तर पर लौट पोट हो जाता है ।

दीपाली चढ़ती सांसों के साथ कहती है ,,, क्या कर रहे हो ,,,,

चेतन उसकी आखों में देख कर ,,, नही पाता ,,,,

दीपाली ,,, आज नही रुके तो जिंदगी में कभी नहीं रोक पाओगे ,,,

चेतन अपनी मम्मी को कस के बाहों में भर कर कान में बोला ,,,, आप अपने दिल से पूछिए आपका दिल क्या कहता है । क्या सेक्स एक प्यार का हिस्सा नेही है ,,,,

दीपाली (क्या कर दिए तूने बेटा ।

हा मेरा भी मन कर रहा है क्या हो गया है मुझे अपने ही बेटे के साथ सेक्स करने को उतावली हो रही हूं) ,,,, जो तेरा मन करे ,,,,,

चेतन जवान पा कर उसकी गर्दन पे चूमने लगता है और एक हाथ से उसकी चूची दबाने लगता हे । दीपाली तड़प उठती है सिसकारियां मारने लगती है ।

दीपाली ,,, मेरी सारी खराब हो जायेगी ,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,,, तो उतार दू,,,

दीपाली उसके गाल पर चिकुटी काट कर ,,,, थोड़ी देर पहले तक मुझसे नजरे भी नही मिला पा रहा था और अब मेरी इत्ज्जत उतारना चाहता है ,,,

चेतन मुस्कुराया बस । फिर दोनो एक दूसरे की बदन से खेलते हुए अपने अपने कपरे उतार कर मादरजात नंगे हो जाता है । जिशू वासना भरी नजरो से अपनी मम्मी की गदराई हुई भरा जिस्म को कच्चा चबा जाने वाली नजरो से देखता है । और उसकी नजर दीपाली को ऐसा चुभती है कि दीपाली पानी पानी हो जाती है चूत इतनी गीली हो जाती है जैसे नदी बन गई हो ।

चेतन हवास में इतना अंधा हो गया था की उसे बस चोदना था और अपनी मम्मी की टांगे खोल के अपना लन्ड चूत में टीका के आगे झुकने लगता है दीपाली को बाहों में लेने के लिए और उसका लन्ड सरसरता हुआ पूरा घुस जाता है आनंद से उसका चेहरा खिल उठता हे ।

लेकिन दीपाली हिनहिना के उठती है भैंस की तरह ठंडी ऊपर कर के चीख उठती है इस तरह ईईहह्ह मर गई ।

चेतन उसके चेहरे को चूम कर ,,,, अच्छा नहीं लगा मम्मी ,,,,,

दीपाली जोश में बोली ,,,, बोहोत अच्छा लगा लेकिन फाड़ दी मेरी तूने ,,,,

चेतन को जोश आ जाता है अपनी मम्मी की कामुक कामसुख से भरी चेहरे की आओ भाव देख कर कुछ पल बस एक दूसरे की आंखो में खो जाते है और फिर धीरे धीरे धक्के लगाने लगता है चेतन । दीपाली को बोहोत आनन्द आती है उसकी हल्की हल्की सिसकारी कमरे में गूंज उठती है एक दूसरे की बदन को रगड़ कर खूब आनंद लेने लगते हे ।

दीपाली कुछ देर बाद बोली ,,,,आन्न्ह्ह रुको ,,,

चेतन रुक जाता हे ,,,, क्यू क्या हुआ ,,,,

दीपाली उसे समझती है ,,, ऐसा करो पूरा मत डालना पर तेजी से करना । मतलब जोर से करना पर पूरा मत डालना मेरी पानी निकल दे मुझसे बर्दास्त नही हो रहा हे ,,,,

चेतन ,, पूरा क्यू नही डालू मुझे मजा आता है ,,,,

दीपाली ,,, समझा कर ना । औरत की चूत रबर की तरह होती है जितना मोटा डालोगे उतनी फेल जाएगी उसपे कोई दिक्कत नही है लेकिन तुम्हारा बोहोत लंबा भी है उसके लिए चूत नहीं बनी है स्पीड में करोगे तो अंदर इन्फेक्शन भी हो सकता है समझ रहे हो ना,,,,

चेतन ,, हा ,,,

और दीपाली की कमर के नीचे एक तकिया रख देता है और अच्छे से पोजिशन बना कर अपनी मम्मी को बाहों में भर कर के तेजी से कमर हिलाने लगता है और लंड पिस्टन की तरह आधा हिस्सा घुस के बाहर निकल कर फिर घुसने लगता है चेतन का लंड आधा लंड भी एक नॉर्मल लंड की लंबाई थी ।

दीपाली बस झड़ना चाहती थी और उछल उछल कर थिरक थिरक कर झाड़ रही थी ,,,, आन्न्ह्ह्ह आन्ह्ह्ह आअम्ह्ह्ह आन्ह्ह्ह हा ऐसे ही ऐसे ही ऐसे ही चोदो आह्ह्ह्ह्ह मे गई मम्मी मुईम्म उम्म्ह्ह्ह नहीं आआह्ह्ह्ह्ह ,,,,,

दीपाली जोर जोर से हाफने लगती है । चेतन भी थक गया था चोदते चोदते वो भी रुक जाता है । दीपाली शर्मसुख पा कर बेशर्म और खुल जाती है अपने बेटे को बेतासह प्यार करने लगती है ,,,, उम्म्हा उम्ह्हहा मेरा बच्चा तू तो मदरचोद बन गया ,,,

चेतन भी हांफ रहा था ,,,, बस आपकी कृपा से ,,,

दोनो को हांसी आ जाता है ।

दीपाली ,,,, तपन और जिशू की तरह अब तेरी भी लॉटरी लग गई ,,

चेतन मुस्कुराता है ,, उन दोनो ने तो एक दूसरे की मम्मी की टिकट ली लेकिन मैने तो अपनी मम्मी की टिकट ली ,,,,

और खीच के झटका मारता है । दीपाली आउक्कक कर के होंठ गोल कर के चुस्की लेती है । चेतन अपनी मर्जी से एक रफ्तार में चोदने लगता हे दीपाली बस टांगे फैला कर अच्छ आह्ह्ह्ह आआअह्ह उन्ह्ह्ह उन्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्ह बेटा ओन्ह्छ बेटा आराम से आराम से आह्ह्ह्ह्ह बेटा धीरे उह्ह्ह्ह बेटा आराम से आह्ह्ह्ह ।

चेतन पूरे मजे से अपनी मम्मी को चोदता है चूसता है और चाट चाट के खाता है सरहरी जिस्म को । और अंत में दहाड़ कर वीर्य अंदर ही निजात कर देता है ।

Update 59

Grand party​

जैसा की आप लोगो ने अब तक पढ़ चुके है किस तरह चारो दोस्त को वरदान प्राप्त होता हे और नियति उन चारों को कहा कहा तक पचार देता है । काम्योवन की दशा में एक दूसरे की मम्मी पर जिस्मानी रिश्ता बना लेता है लेकिन उसमे भी एक प्यार का रिश्ता बन गया था जिसमे एक दूसरे के प्रति सम्मान है एक दूसरे को भावनाओं की कदरदान हे । कुछ बदले की भाव में लड़ाई जगरा भी हुआ पछतावा भी हुआ मूत भेद के दौरान घायल भी हुआ जिसमे देखा गया की चारो दोस्तो में कैसा एक अटूट बंधन है यही नहीं उनकी चारो मम्मियों में भी एक दूसरे में कैसा एक अटूट बंधन देखने को मिला है । तपन और जिशू ने प्यार के रिश्ते को सिर्फ शारीरिक सम्बंध के तौर पे ही नहीं लिया वल्कि उसमे अमल करते हुए तानिया और शीतल से भी शादी कि और एक नया संसार कायम कर लिया अपनी ही दुनिया में । फिर चेतन जो एक दिन गलती से अपनी मम्मी के साथ जिस्मानी मिलन कर लेता है और दोनो को उस जिस्मानी मिलन को ले के पछतावा भी होता है मगर कहते हे ना शेर की मुंह में खून का स्वाद लग जाए तो वो पूरा जंगल लहू लुहान कर देता है ठीक उसी तरह इंसान की कामभर भी एक बार जाग जाए तो खुद को बांध कर रख नेही पाता है और चेतन और दीपाली भी दुबारा जिस्मानी रिश्ता बना लेता है जिसमे कोई बार उन लोगो ने ये एहसास किया की मां बेटे के बीच जिस्मानी रिश्ता रखना गलत हे पर खुद को जिस्मानी होने से रोक नही पाया कभी ।

एक दूसरे के पास आते ही एक दूसरे की गंध दोनो को जिस्मानी होने पर मजबूर कर देता था और फिर दोनो भूल जाते थे अपनी मां बेटे के उस पवित्र रिश्ते को जिसपे दुनिया कायेम है ।

A few months later a grand party takes place at Jisshu's farmhouse​

वैसे तो मंडली में आठ सदस्य थे लेकिन ग्रैंड पार्टी में सिर्फ सात सदस्य थे तराली को छोड़ कर क्यूं वो इस पार्टी में मजुद नहीं रखा गया कारण था इस पार्टी में अन्त में हर कमरे में सिसकारी गूंजने वाला था । लेकिन यही कारण था तो विशू को भी नही होना चाहिए था पर उसे अकेला छोड़ने का दिल नहीं किया तीनों दोस्तो का । विशु भी इस पार्टी में शामिल नही होना चाहता था लेकिन उसे मनाया गया की वो नही रहेगा तो पार्टी का होस्ट कौन करेगा कमसेकम वो पी कर टल्ली होने का मजा तो उठा सकता था तो विशू भी मान गया ।

तो पार्टी में सभी मजूद थे 8 बजे से पार्टी शुरू हुई । पार्टी पहले नीचे हॉल में मनाने वाले थे लेकिन बोहोत हल्ला और चोर चराबा होगा इसलिए पार्टी 3rd फ्लोर के सबसे बड़े वाले कमरे में चालू किया हालाकि कमरा साउंडप्रूफ नही था लेकिन दरवाजे बंद करने पर कुछ हद तक साउंड प्रूफ होने वाली कमरा था । सबसे पहले तो विशू ने डीजे स्पीकर पर मेटल रोक म्यूजिक लगा दिया और स्नैक्स के साथ वोदका मार्टिनी व्हिस्की बीयर टकीला जो जी में आए पीने के लिए एक बड़े टेबल को कमरे के बीच रख कर सर्व किया । और किंग साइज बेड को कोने में रखा और सोफे को भी दीवार से सटा के रख दिया जिससे बीच में जगह बने । सब लोग पार्टी में प्रफुल्ल आनन्द में उछाल रहे थे हसी मजाक चले जा रहें थे शराब की घुट घुट में गले की प्यास बुझ रहे थे और नशे में झूम रहे थे ।और कमरे में एक आरजीबी प्रोजेक्टर भी लगाया गया जिसकी रंग बिरंगी लाइट समा बांधने के तैयार थी ।

पार्टी के ड्रेस कोड कुछ इस प्रकार का था । औरतों ने लड़के लोगो के लिए शॉर्ट्स और खाली बदन के गले पर एक टाई बंधा हुआ जिसे उन लोगो को कुत्ता बनाया गया । और औरतों के लिए पार्टी वेस्टर्न पार्टी वेयर ड्रेस जो बदन से कसी हुई जांघ दिखाई देने वाली और क्लीवेज दिखने वाली । ड्रेस इस प्रकार का था की ब्रा पहने की जरूरत ही नही थी ड्रेस के अंदर ही ब्रा कप लगे हुए थे ।

विशू ,,,, तो भाईयो और बहनों में आज की शाम इस पार्टी में होस्ट बना हूं तो पार्टी मेरी हिसाब से चलेगी । बता दूं कोई छू चा करेगी की उसको मेरा लाट भी मिलेगा और मुक्का तो कंपल्चरी है ,,,,

सभी ने तालियां बजाते हुए उसकी बेज़्जती की ,,,, वा वा वा वा वा तालियों से स्वागत है हमारे होस्ट की जो बिलैती कुत्ता लग रहा है ,,,,

विशू भी सभी के साथ हंसता हे । धीरे धीरे शाम समा बांधने लगी शराब की नशे में रॉकिंग म्यूजिक में झूमने लगे थे ।

आज की शाम सभी ने अपनी भाग दौर की जिंदगी को भूल कर बस सिर्फ और सिर्फ मेज करने की ठान ली थी और आज की शाम यादगार बन जाए कोई कचर नहीं छोड़ रही थी ।

विशू ,,,, अब डांस की बारी । चलो डांस करो ,,,,

विशु को छोड़ कर कपल डांस करने लगे तो विशू म्यूजिक बंद करवा के बोला ,,,, ओ भाई यहां कोई रोमांटिक डेट नही चल रही है । चलो सब डिस्को डांस करो ,,,,,

और फिर म्यूजिक चालू और जिसको जो डांस आता है करने लगे लेकिन विशू था अतरंगी किस्म का वो नीचे लेट कर नागिन डांस करने लगा । सभी डांस करना छोड़ उसकी डांस देख के हसने लगा । बड़ा ही फन्नी लग रहा था गले में ताई और सिर्फ शॉर्ट्स पहन के नागिन डांस करते हुए ।

विशू नाचते नाचते थक जाता है और उठ कर बोला ,,, चलो थोड़ा बोहोत कुछ खा लेते है नहीं तो पेट में सिर्फ शराब रहेगा तो गैस हो जायेगा ,,,,

फिर कोई पिज्जा खाता है कोई बर्गर कोई केएफसी कोई नड्डल जो जो था मंडपासंद का खाना सभी थोड़ा बोहोत नाश्ते की तरह खा लेता है और फिर सभी वाइन का मजा उठाने लगते हे ।

विशु ,,,, ओके अभी एक गेम होगा ,,,,

शीतल ,,, कैसा गेम बेटा ,,,,

तानिया मुस्कुरा के ,,,, और क्या होगा वोही फंदा ट्रुथ और डरे गेम के नाम पर एक दूसरे की कपरे ऊतरवायगा और क्या करेगा ,,,,

दीपाली ,,, ओय हम कोई स्ट्रीपर नही है समझे हमारी कपड़े उतरवा कर हम अपमान करोगे क्या ,,,,

विशु हस कर ,,, आंटी इतना भी गिरा हुआ इंसान नहीं हूं जो मेरी मां जैसी आंटी का अपमान करूंगा गिरी हुई हरकत कर के लेकिन आंटी पार्टी है थोड़ी बोहोत तो आपको सेक्सी अंदाज दिखाने ही होगा ,,,

दीपाली मुस्कुरा के ,,,, बुरा मत मानो विशु बेटा मेरा वो मतलब नही था । जैसा तुम होस्ट करो ।

विशु आनंद फानंद में दीपाली से गले लगने जाता है लेकिन उसके सामने तीन सत्तान् खड़े हो जाते जो उसको घूरने लगता है । जिशू तीनों से टकराता है और बोला ,,,, साला मेरी किस्मत ,,,, और बापच मुड़ कर अपने जगह पे जाता है ।

Update 60

ये देख कर सभी हसने लगता है ।

दीपाली को दया आती है उस पर बेचारा वो अकेला बेजोड़ था ,,,,, विशू इधर आ मेरा बच्चा आ जा इधर ,,,

इस बार जिशु कोई नही रोकता और जिशू दीपाली के गले लग जाता है और तीनो दोस्तो को चिढ़ाता है जिशु दीपाली के बालो से गंध ले कर बोला ,,,, वाह आंटी क्या परफ्यूम हे आपकी ,,,,

दीपाली उससे अलग हो जाती हे और उसके गाल पे किस कर के प्यार से बोली ,,,, थैंक्स बेटा,,,

तानिया ,,,, हमे गले नहीं लगाएगा ,,,

शीतल ,,, हम तेरी आंटी नहीं है ,,,,

तपन और जिशू का चेहरा देखने लायक थी जिसपर तानिया और शीतल हंस ने लगती है । जिशू उन दोनो से भी गले मिला तारीफ के बदले में उसके दोनो गाल पर लिपस्टिक का निशान चप गया । जिशु खुश हो तीनों को विक्ट्री सिग्नेचर दिखाने लगा ।

जिशू,,,, भाई लोग बोहोत हो गया इसकी लगाओ एक एक लात और घुसे ,,,,

तीनो मिल के विशु को पीटने लगते हे हालाकि मजाक में पिट रहा था लेकिन शराब की नशे में विशू एक दो सच में लग जाते है । ये देखो कर तीनों औरतों ने विशू को चुराया और प्यार जताया ।

विशु ,,,, ओके ओके आज कुत्ते का पीटने का दिन है ठीक है मंजूर है ,,,,

सभी हास पड़ते हे ।

विशु ,,,, ओके अब गेम खेला जाए । चलो सब लोग टेबल पे घेरा बनाओ । लेकिन एक रूल है सबको एक बार मौका मिलेगा दुबारा बारी आई तो उसको कैंसल किया जायेगा ok ,,,,

सभी लोग टेबल पर घेरा बनाता है विशू टेबल के बीच एक बीयर की खाली बोतल स्पिन करता है और बॉटल स्पिन हो कर चेतन की तरफ मुंह कर के प्वाइंट करता है । चेतन बेसब्री से इंतजार करता है उसे पता था उसे कुछ मुस्किल टास्क पूरा करना होगा अब ।

तपन चेतन से ,,,,, बोलो त्रुथ और डेयर,,,,,

चेतन कुछ सोच कर ,,,, उम्म डेर ,,,,

विशू ,,,,, ओके तो नंगा यो जाओ ,,,,

चेतन ,,, फट ये कैसा टास्क हे । नेहि में नही खेलता जाओ भाड़ में ,,,

जिशू ,,,, क्या नाही बे । ये गेम का रूल है ,,,,

तपन ,,, क्या भाई । हमारे सामने क्या शर्म दे दे उतर दे और अपना मर्दानगी दिखा दे सबको ,,,,

विशू तिर फेकते हुए ,,, दीपाली आंटी क्या नामर्द पैदा किया हे आपने ,,,,

चेतन अपनी मम्मी की तरफ देख कर बच्ची जैसा मुंह बना कर ,,,, मम्मी देखो ना ,,,

दीपाली मुस्कुरा के ,,,, क्या मम्मी । अब तो मेरी बेज़्जटी हो रही हे । उतार दे जो भी होगा हमारे सामने ही तो होगा ,,,,

शीतल उसकी बाजू पर चिकुटी काट कर ,,, बड़ी मजा आ रहा है तुझे बेटे को नंगा करवाने में,,,

दीपाली मुस्कुराती है ।

चेतन बेबस हो कर ,,,,, ठीक है सालो तुम्हारी भी बारी आएगी ,,,, वो अपनी शॉर्ट्स उतार देता है और फिर चड्डी उतारने लगता हे ।

जिस पर सभी चिल्लाते है चेतन चेतन चेतन चेतन चेतन चेतन । और वो नीचे से पूरी तरह से नंगा हो जाता है । हल्के लंबे घने बालों में उसका भूरे रंग का लंबा लंड लटकता हुआ दिखाई देने लगा । फिर क्या था जिस जिसने नही देखा था उसका लन्ड वो लोग देख के आकर्षित हो गए और ये तीनों चिटी बजाने लग जाता है।

सभी नशे में था तो शर्म को मारो गोली सबको मजा आ रहा था पार्टी में बेशर्म हो कर । विशु फिर बॉटल घूमता है और इस बार तपन की तरफ प्वाइंट कर के रूक गया बॉटल ।

विशु तपन से ,,, बोलो सच बताओगे या डेयरिंग दिखाओगे ,,,

तपन मुस्कुरा कर ,,, डेरिंग बोलूंगा तो मुझे भी तुम सब नंगा करवाओगे इसलिए सच को सुना मैने पूछ जो पूछना है यहां मजूद सब मेरा सच जानता है ,,,,

विशु (रुक बेटा तुझे लगता है तू पतली गली से निकल जायेगा अभी तुझे मजा चखता हूं) ,,, अच्छा बोल तूने सुहागरात में पीछे किया की नही ,,,,

तपन की आंखे फटी की फटी रह गए और वो जिशु की तरफ देखने लगा (ये कमीने ने ही सुहागरात की बात बताई होगी वो भी डिटेल में साला कमीना )

विशू मुस्कुराने लगा लेकिन तानिया मुंह पे हाथ रख दी शर्म से । शीतल और दीपाली उसे छेड़ने लगी ।

चेतन हास कर ,,, अब बोल । बड़ा मर्द बन कर सच बोलूंगा बोल के छाती दिखा रहा था अब बोल ,,,,

विशू ,,, देख भाई सच तो बोलना ही पड़ेगा ,,,,

तपन ,,,, ओके हा किया था ,,,,

विशू और चेतन चिति बजने लगते हे । बाकी सब हंसने लगता है । तानिया मुंह छुपाती रही ।

विशु तानिया से ,,, माफी आंटी पर क्या करे इसको सबका सिखाना था ,,,

तानिया उसका कान पकड़ कर ,,,, बदमाश तुम लोग इतना क्यूं सुनते हो नालायक ,,,

फिर एक बार सबकी हसीं निकल गई ,,,

विशु बॉटल घूमता है फिर और इस बार बारी जिशु की । किस्मत तीनों दोस्त की पहले लेने थी इसलिए जिशु पर आन पड़ी ।

तपन बोला ,,,, कोई ऑप्शन नही सबसे पहले इसको नंगा कराओ नहीं तो पार्टी यही बंद ,,,,

फिर क्या था सब मिल के जिशू को नंगा किया जिसमे औरते भी शामिल थी । जिशु भी कमरे में अब बैंगन लटकाए हुए घूमने लगे और सभी हसने लगे ।

विशु ने बॉटल घुमाया लेकिन एक कहावत है अंत बुरे का बुरा. जो हमेशा सब का बुरा करता है उसका अंत भी बुरा ही होता है । बॉटल विशू के तरफ मुंह कर के रूक गया ।

सब खुशी से चिल्ला उठे । सबसे पहले तानिया आतुर हो के बोली ,,,, इसको नंगा करो नही तो सबकी खैर नहीं । नंगा करो इसे । करो नंगा ,,,,

विशु हसने लगा सब उसे खा जाने वाले निगाहों से देख रहा था वो भी समझ गया था कि अब उसकी खेर नहीं ,,,,, रुको रुको में खुद अपना शुभ काम करूंगा अपने हाथो से लेकिन उससे पहले में एक चूचू कर के आया ,,,,

ये सुनते ही सब लोग उसपे झपट पड़े और उसका शोर्ट्स और चड्डी चिर हरण कर डाला सबने और सब हंसने लगे उसपे उंगली कर के । विशू अपने हाथो से लंड को छुपाने लगता हे ।

चेतन ,,,, अब होस्ट होस्ट करने लायक नही बचा तो होस्ट में बन जाता हूं ,,,

विशु,,,, क्या बे होस्ट में था और में ही रहूंगा हटो । लेकिन इस बार तीनों आंटी के बीच होगी गेम ,,,

विशू फिर अपनी जगह पे आया और बॉटल घुमाया इस बार बारी आई शीतल की ।

विशु ,,,, बोलो आंटी ट्रुथ और डेयर कौनसा करेगी,,,

शीतल मुस्कुरा के ,,,, डेयर,,,,

विशू ,,, ओके तो आपको अपने बेटे तपन को फ्रेंच किस करना होगा ,,,

शीतल ,,, नहीं नहीं ये गलत हे,,,

चेतन ,,,, क्या नहीं आपको करना होगा ये गेम हे और सिर्फ एक किस ही तो है ,,,,

दीपाली शीतल को बाहों में भर कर समझने लगी ,,, में भी तो बेटे की लेती हूं । तुझे बस एक किस ही करनी हे क्या होगा एक किस से । कर ले कसम से कह रहा हूं अपने बेटे के साथ करने जो मजा हे वो किसी में भी नही हे,,,,

Update 61

शीतल तानिया की इशारा करती है और तानिया उसकी होंठ पे किस कर के ,,, बस सिर्फ किस ही तो है आज मजे की दिन है कर लो क्या फर्क पड़ता है ,,,,

शीतल अपने पति जिशु की तरफ देखती हे जिशु भी हा में शिर हिला देता है तो शीतल धीमे कदमों में शर्मीली मुस्कान के साथ तपन की कंधे पर हाथ रख देती है और शर्म से अपनी होंठ बेटे की होंठ पर रख कर हल्के हल्के चूमने लगती है । तपन को नया एहसास मिलता है और अपनी मम्मी की होंठ पीने लगता है । धीरे धीरे दोनो एक दूसरे पैशनियट किस देने लगता है ।

कमरे में फिर एक बार हूटिंग की आवाज गूंज उठी । तपन और शीतल के दीप किसिंग की आवाज गूंजने लगी दोनो एक दूसरे की रसपान में इतने को गए की थोड़ी देर पहले दोनो ही शर्मा रहे थे । किस करीब चार मिनट तक चला और फिर जिशू ने जा कर दोनो को अलग करता है ।

दीपाली ,,, ये होता है हसबैंड ,,,

शीतल शर्मा के मुस्कुराई ।

विशू शीतल को मजाक में ,,,, आंटी सोचा नहीं था आप भी इतनी बोल्ड हो ,,,

शीतल बस मुस्कुरा कर आंख मार देती है और विशू दिल पर हाथ रख ,,, हाय दैय्या मार दी ,,,

सब हंस पड़ता है । फिर एक बार बॉटल घूमी और इस बार तानिया की बारी आई ।

तानिया मुस्कुरा के ,,, डेयर,,,

विशू हास कर ,,,, आप अपनी पैंटी निकाल कर मुझे दो ,,,

तानिया मान जाती है और अपनी पैंटी निकाल कर विशु के हाथ में देता है । विशु मजाक में पैंटी उठा कर सूंघने का इशारा करता है ।

तपन ,,, नो नो नो ,,,,

जिशु ,,,, साले रुक ,,,,

लेकिन विशु मुस्कुराता हुआ पैंटी को चूम लेता हे । नजाने क्यू तानिया की बदन पर शिहरान होने लगी । और वो प्यार से विशु के हाथ से पैंटी बापच ले लेती हे और आंख मार देती है । तपन और जिशू उसे घूर कर देखने लगा । विशू बस दात दिखाता हे जबरा निकल कर ।

विशु बोला ,,,, ok bottle घूमाने की जरूरत नही तो दीपाली आंटी बताओ देयर या ट्रुथ,,,

दीपाली ,,, जो तुम बोलो ,,,

विशु ,,, सच्ची ,,

दीपाली ,,,, हा सच्ची,,,,

विशू ,,,, आप चेतन से बूब्स प्रेस करवाओ लेकिन आप अपनी ड्रेस नीचे करना होगा ताकि सब आपकी ब्यूटी को देख पाए ,,,,

दीपाली नशे में झूमती हुई अपने बेटे के गले में बाहें डाल के बोली ,,, तुझे कोई प्राब्लम तो नहीं तेरे दोस्त मेरी बूब्स देखे तो ,,,

चेतन ,,, मम्मी मुझे कोई प्राब्लम नही है आप की इस्सा,,,

दीपाली उसे प्यार से समझती है ,,,, आज की दिन मजे करने का दिन है ।

थोड़ा हद करने में बुराई क्या है आखिर हम सभी एक परिवार है और जिस तरह का हमारा संस्कार बना है उसमे नंगनता आम बात है ,,,

तानिया बोली ,,,, आई अग्री तो हर । दीपाली तुमने सही कहा ,,,,

दीपाली मुस्कुरा के चेतन को आगे बढ़ने का इशारा करती है तो तपन उसकी स्ट्रिप लेस ड्रेस को कमर तक नीचे कर के उसे घूमता है और अपनी मम्मी की बड़ी बड़ी चूचीया धीरे धीरे दबाने लगता है । चेतन एक सोच में जोश आता है की उसकी मम्मी की नंगी बूब्स उसके दोस्त और उनकी मम्मीया देख रहे हे और वो बिलकुल बेशर्म हो कर मोधोश हो कर अपनी मम्मी की नंगी कंधे पे चूमने लगता हे गर्दन पर नाक रगड़ कर गंध जेहन में लेने लगता है और उसका लन्ड हार्ड हो कर अपनी मम्मी की कमर पर ठोकर मारने लगता है । दीपाली भी शर्म छोड़ कर आनंद उठाती हुई कामुक अंदाज में होंठ दातों में दबा कर सबकी तरफ आंख मार देती है ।

ये लोग मुंह फाड़ कर देखने लगता है । और विशु सभी का ध्यान तोड़ कर बोला ,,,, तपन और जिशु तुम दोनों भी आज अपनी अपनी मम्मी के साथ थोड़ी मस्ती कर लो ,,,

चेतन तपन और जिशु को भड़काते हुए ,,, विशू रहने दे इन दोनो में वो दम नही है ,,,,

दीपाली भी तानिया और शीतल को भड़काती है ,,, अगर तुम दोनो को अपनी बेटे से प्यार है तो फॉर प्ले करो और हमारी दोस्ती की कसम ,,,,

विशु ,,,, अब हुई ना बात इसे कहते पार्टी । कॉम ऑन दोस्त आज तो बनता है ,,,

तानिया बड़ी जोश में अपने बेटे के पास जाती है और जिशु के कान में बोली ,,, मजे करो बेटा ,,,,

जिशु एक पल के लिए अपनी मम्मी की आखों में देखता है और तानिया आखों से परमिशन देती है इशारा कर के फिर जिशू मुस्कुरा के तानिया की ड्रेस की स्ट्रिप नीचे कर के ड्रेस कमर तक कर देता है और तानिया अदा से घूम जाती है फिर जिशू उसकी भारी भरकम चूंचियां मसलने लगता है । इस बार तानिया सबको आंख मारती है ।

विशु चिटी बजाता है और तपन से,,,,, ओ हीरो तुम क्यू पीछे हो चलो शुरू हो जाओ,,,,

तपन विशु के खड़े होते हुए लंड को देख कर ,,, ये साला मजा ले रहा है इसको निकालो ,,,

जिशु,,, सही कहा इसको निकालो ,,,

दीपाली और तानिया माना करती हे ।

दीपाली ,,, नेही रहने दे इसे । बेचारे पे क्यू जुल्म कर रहे हो,,

तानिया ,,, विशु बेटा इस कमरे में जो भी होगा आज वो तुम देख सकते हो (उसके लंड को देख कर) और हिला भी सकते हो ,,,

विशु खुशी से मुस्कुराता है ,,, ओके तो आज में डायरेक्टर बनता हूं क्या कहते हो हीरो हीरोइन लोग,,,,

तानिया और दीपाली हा में हाथ उठता हे । शीतल भी शर्माती हुई हा में हाथ ऊपर कर ली । फिर क्या बाकी तीनों भी हा मानना ही पड़ा ।

शीतल तपन के पास जाती है ,,, बुरा लग रहा है ,,,

तपन ,,, नही मम्मी आप जो बोलो ,,,

शीतल ,,, तो मेरी इस्सा है हम आज जी भर के मस्ती करे तुम करोगे ना ,,,

तपन जवाब नही देता और अपनी मम्मी को एक हाथ से कमर में बाहें डाल कर अपने करीब खींच लेता है और किस करने लगता है दूसरे हाथ एक चूची ड्रेस के उपर से स्क्वीज करने लगता हे ।

विशु ये नजारा देख के खुश हो जाता है और अपने लंड मसलने लगता है । वो आरजीबी प्रोजेक्टर को सिर्फ रेड लाइट पे सेट करता है जिसमे कमरे में लाल रोशनी उजाला हो जाता हे और हर चीज लाल लाल देखने में भी मजा आ रहा था । फिर वो म्यूजिक ऑफ कर के मोबाइल से शूट करते हुए बोला ,,, अच्छा में मोबाइल में शूटिंग कर रहा हूं बाद में डिलीट कर दूंगा ,,,,
लेकिन उसकी बात को सब सुन के भी आन सुना कर देते है सब लोग । विशू सबकी सीन का क्लोज अप लेता है और इंजॉय करने लगता है ।

विशु बोला ,,,, सब लोग अपने अपने कपड़े उतार दे प्लीज डायरेक्टर का निर्देश है ,,,,

Update 62

तपन , जिशु और चेतन अपनी अपनी मम्मी की कपड़े उतार कर नंगी कर देता है तपन खुद भी नंगा हो जाता है । सभी लोग नंगा हो कर एक दूसरे एक नंगा जिस्म को हवास भरे नजरो से घूरने लगता है । औरते चारो लडको की नंगा जिस्म देख कर हर एक को मन में कामना कर रही थी और लड़के तीनों औरतों की कामुक बदन को देख के अपना अपना लन्ड उछल रहे थे जो कोई बयान नहीं कर रहा था ।

विशु बोला ,,,, चलो अब तीनों हीरोइन बेड पर लेट जाओ ,,,

तानिया मुस्कुरा कर ,,,, तू करना क्या चाहता है ,,,

विशु सैतानी मुस्कान दे कर ,,, बस थोड़ी मस्ती करवाना चाहता हू आप लोगो को प्लीज मेरे जैसे बदनसीब के लिए इतना नही कर सकती आप लोग,,,

शीतल ,,, काहे की बदनसीब । कितनी नसीब हे तेरी जो ऐसे ही हमारी नंगी बदन देखने को मिल रहा है ,,,

विशू मजाक में अपना लन्ड हिला के ,,,, आंटी प्लीज इसे थोड़ा रहम खाओ ये भी आपकी इस बेटे का बेटा है ,,,,

विशु की बात पर सब हस पड़े । विशू फिर एक बार बात दोहराता हे ,,, चलो तीनो देवी लेत जाओ बिस्तर पर ,,,,

इस बार तीनों औरते किंग साइज बिस्तर पर लेट जाता है पहले दीपली फिर शीतल और फिर राइट में तानिया । तीनों बाजू से बाजू टकराते हुए लेट जाती है । अब तक तीनों समझ गई थी आज रात क्या क्या कांड होने वाला है और तीनो आज बेशर्म हो कर मजा लेने के लिए तैयार थी । भले ही नशे में थे लेकिन सभी होश में थे एक लिमिट तक पी रखी थी सबने ।

विशु एक हाथ से शूट करते हुए दूसरे हाथ से वाइन का बॉटल उठा कर बोला ,,,, मेरी तीनों आंटी अब में आपकी सेक्सी बदन पर वाइन डालूंगा और ये तीनों कुत्ते चाटेंगे ,,,,

तीनो हसने लगे ।

तपन ,,, तू कुछ ज्यादा नहीं कर रहा है ,,,

चेतन ,, , तू अपनी फैंटसी हमारे जरिए पूरा कर रहा है ना ,

जिशु ,, आज हीरो बन बेटा काल देख कैसे तेरी पोपट करता हूं,,

बिशु ,,यार में डायरेक्टर हूं ।

,,,

विशु तीनों औरतों की बदन पर गले से ले के चूत तक वाइन डाल कर बोला ,,,, चाटो मेरे कुत्तों चाटो ,,,,

तीनों अपनी अपनी मम्मी की ऊपर चढ़ कर जिस्म से रेड वाइन चाटने लगता है । और विशु सबकी क्लोज अप लेने लगता है । तीनों औरतों इस नई क्रीड़ा पर अलग ही आनंद आता है और अपनी बची कुछ शर्म बेच कर सिसकारी लेने लगती है आह्ह्ह्ह उम्मम्म उम्मम्म आह्ह्ह्ह इस्सस आह्ह्ह्ह ।

विशु ,,,, हीरो लोग अब अब पुसी लिकिंग ,,,,

पहले चेतन अपनी मम्मी की घने झटो वाली फूली हुई चूत पर को चाटने लगता है । दीपाली तड़प उठती है और आईस्स आह्ह्ह्ह्ह कर के मजे से उसकी आंखे आधी खुली हो के पलके झपने लगती हे । विशु इस सीन का क्लोज अप लेता है ।

फिर बीच में आता है क्लॉज अप लेने । तपन अपनी मम्मी की टांगों के बीच झुक जाता है और बिना बालो वाली चिकनी बड़ा पाओ जैसी चूत पर जीव लगता है । शीतल आनंद में टांगे और फैला देती है और उम्म्म कर के आंखे भींच लेती हे । तपन अपनी मम्मी की लचीला चूत चाटने लगता है ।

विशू फिर नेक्स्ट पे जाता है बिस्तर से उठ कर । ये देख कर तानिया खुद ही मुस्कुरा कर अपनी टांगे फैला देती है जिशू जोश में उसकी टांगों के बीच लेट कर कोंही पे ऊपर हो कर जीव चूत की दरार में नीचे से ऊपर तक फिराता है जिस पर तानिया तड़प उठती है और चीख पड़ती है ओन्ह्ह्ह बेटा । जिशू को और जोश आता है और लवा लोप चाटने लगता है ।

विशु शूट करते हुए तानिया के करीब घुटने टिका के करीब से बोलता है ,,, आंटी मजा आ रहा है बेटे से चुसवाने में ,,,,

तानिया मुस्कुराती है ,,, हम्म्म बोहोत ,,,

विशू उसकी काम में फुसफूस करता हे,, एक किस दोगी ,,,

तानिया मुस्कुराती हुई दोनों हाथो से उसके चेहरे को थामे उसके होंठो चूसने लगती है विशु भी प्यासा की तरह एक हाथ से मोबाइल में अपनी किसिंग सीन शूट करते हुए दीप किसिंग करने लगता है ।

जिशू देख रहा कैसे उसकी मम्मी और उसके जिगरी दोस्त पैशनेट किस कर रहा हे । उसे इस बात खुले विचार का जोश आता है और दो उंगली चूत में घुसा के चूत के भगनासा को चाटने लगता हे । तानिया अपनी बेटे की दो उंगली चूत में मेहसूस कर के आनंद में विशु की होंठ दातों में दबा देती है ।

विशू अपना होंठ अलग कर फिर कान में बोली ,,, आपसे थोड़ा मजा लूंगा अगर आप देगी तो,,,,

तानिया उसकी कान में बोली ,,,, तुमने जब मेरी पेंटी सूंघ के किस किया था तभी के तुम्हारी दीवानी बन गई थी आज रात जो चाहो तुम मेरे साथ कर सकते हो,,,,

विशु कान में जवाब देता है फिर से,,,, वैसे आपकी पैंटी की खुशबू बोहोत अच्छी थी आपकी चूत में आज खा जाऊंगा,,,,

तभी तपन की ध्वनि से एक वाक्य निकलता हे ,,,, ओय निर्देशक उधर भी फिल्म बना ले ,,,,

उस कामुक माहोल में भी हसी की गूंज उठती है और विशु बिस्तर के आधी सक्कर लगा कर दीपाली पास घुटने टेक उसकी जुल्फे हटा के पूछा ,,,, हाई सेक्सी कैसा आनंद आ रहा हे ,,,,

दीपाली के गाल लाल हो चुके थे आंखे उलट खा रही थी ,,, उन्ह्ह्ह पूछो मत ,,,,

दीपाली की कान में ,,,, तानिया आंटी मुझे उनके साथ सेक्स करने को देगी बोला हे आप भी थोड़ी मस्ती करने दोगी ना ,,,

दीपाली मुस्कुरा के उसके गाल सहला के धीमी आवाज में बोली ,,,, माहोल बनने दे एक बार फिर तेरी गोद में बैठ के चुदूंगी ,,,,

विशु खुशी से ,,, ये तीनों पीटेंगे मुझे ,,,

दीपाली ,,,, में हूं ना तुम्हे कोई छू नही पाएगा ,,,

विशु,,,, ओके थैंक्स इंजॉय करो अपने बेटे का ,,,

विशु उठ के पीछे जा कर बिस्तर पर चढ़ जाता है और तपन के शिर पर पाओ मारता है जिससे उसका नाक अपनी मम्मी की चूत में धस जाता है । विशू मुस्कुराता हुई बीच में करवट ले के शीतल की तरफ मुंह कर के शूट करने लगता है ।

Update 63

शीतल मुस्कुरा के बोली ,,,, मुझे पता है तूने क्या बात की है,,,,

विशु साहस कर के अपना मुंह शीतल की चूची पर ले जाता है और एक निपल मुंह में भर लेता है । तपन शिर उठा कर देखने लगा तो शीतल आखों से तपन को इशारा करता है शांत रहने का और तपन चूत चूसने में मगन हो जाता है । विशु मजे से चूसने लगता हे उसे शीतल की कांख की गंध आता है और मदहोश हो कर चूसने लगता है

शीतल आनंद में बोली ,,,, ओहहहह मेरे बच्चो चूसो मुझे आह्ह्ह्ह कितना मजा आ रहा है उन्ह्ह्ह्ह ,,,

दीपाली ,,, हांहह बच्चो आह्ह्ह्ह इतना सुख कभी नही मिला मुझे ,,,,

तानिया ,,,, सही कहा । आज रात जी भर के मजा दो हमे ,,,

विशु बिस्तर से उतर जाता है ,,, ओके पारियों अब आपकी बारी चूसने की आ जाओ उतार जाओ । हीरो लोग उतार कर एक लाईन में खड़े हो जाओ ,,,

तीनों लड़के बिस्तर से उतर कर एक लाइन में खड़े हो जाते हे ,, तीनो पारियां भी उतार आते हे ।

जिशु ,,, तू डिलीट कर देना वरना तेरा भर्ता बना दूंगा,,,

तपन,, पता है ना मेरा एक मुक्का पड़ते ही आदमी उठता नही उठ जाता है ,,,,

विशु ,,, सालो तुम लोग मुझे ऐसा समझते हो ,,,

तीनों औरते समझदार थी और एक दूसरे को मुस्कान दे के अपने अपने बेटे के सामने बैठ गई और बेजीझक बेटे के लंड को हाथों की मुट्ठी पे ले के खेलती है फिर धीरे धीरे मुंह में ले कर चूसने लगती है ।

तीनो ही माहिर थी लंड चूसने में मुंह सलाइवा भरते हुए गोप गोप आवाज के साथी चूस रही थी और तीनों बेटे मजे से लंड चुसवाता हुआ अपनी अपनी मम्मी की लंड चूसती हुई देख कर मजा ले रहे थे कोई अपनी मम्मी की गाल सहला था कोई जुल्फे हटा रहा था तो कोई शिर पहाड़ रहा था ।

विशु तपन से पूछा ,,, कैसा लग रहा है हीरो,,,

तपन,,,, तेरी मां जैसी ,,,,

गाली सुन कर जिशु की तरफ जा कर पूछा,,,, तुझे,,,

जिशु,,, तेरी मां की चूत,,,

विशू चेतन इशारे में पूछा ,,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,,,, तेरी मां की गांड़,,,,

तीनों औरते अपने मुंह से लंड निकाल कर हस्ती है । विशु अफसोस जाता के बोला ,,,, यार मेरा भी मन कर रहा है प्लीज इस बेचारे पर दया करो ना,,,

तानिया मुस्कुरा कर ,,,, आजा इधर,,,,

विशु मुस्कुराता हुआ तानिया की मुंह के सामने लंड रख के खड़ा होता है और तानिया बेटे के लंड एक हाथ से मसलती हुई विशु के लंड चूसने लगती है । विशु क्लोज अप ले के आनंद में बोला ,,,, आन्ह्ह्ह आन्टी कितनी नर्म है आपका मुंह गर्म गर्म ,,,

जिशू उसके शिर पर तपली मारता है । विशू है कर के डाट दिखाता है । सभी हास पड़ता है उसके फन्नी अंदाज पर । कुछ देर चूस के तानिया बोली ,,, जाओ अपनी दूसरी आंटी के पास ,,, और उसकी गांड पर तपली मारता है ।

विशु शीतल के पास गया था की तपन उसको बेल हाकने की तरह भगाया तो दीपाली के पास गई ।

चेतन बोला ,,,, ले चुसवा साले ले हरामी ,,,

दीपाली हसने लगी और बेटे का लंड एक हाथ की मुट्ठी पे ले के दूसरे हाथ से विशू का लंड पकड़ कर मजे से चूसती हे ।

ऐसे ही कुछ 15 मिनट लंड चुसाई बारी बारी से करवाते हुए मजे लेता हे सभी । और विशू बोला ,,,, चलो पारियां फिर बेड पे लेट जाओ ,,,,

तीनो औरते बेड पे जा के लेट गई पहले की तरह और खुशी से मुस्कुराने लगी । तीनों हीरो को भी पता था अब क्या करना है और चारी हदे पार कर के बिस्तर पर चढ़ गया ।

विशू शूटिंग करते हुए बिस्तर के किनारे घूमते हुए ,,,, ओके सभी अपनी अपनी मम्मी की टांगे अपने छाती पे कंधे पे लो आगे झुकना नहीं जब तक में ना कहूं कोई अंदर मत डालना । और आराम से देर तक सीन बनाना है समझे ,,,,

दीपाली ,,,, हा सहे हम कितनी भी थक जाए आज हमे रात भर सेक्स चाहिए ,,,,

शीतल ,,, हा ,,,

तानिया ,,,, वरना तुम सबकी खेर नहीं ,,,,

तीनों लड़के ताओ में अपनी बॉडी दिखाता है । और घुटने मोड़ के अपनी अपनी मम्मी की टांगे कंधे पे ले लेता है ।

विशु तपन से ,,, उम्म अब डालो ,,,

तपन शीतल की चूत में धीरे धीरे लंड उतार देता है और शीतल सुखद से अपनी दोनो सेहेली की हाथो पकड़ लेती है ,,,, आह्ह्ह्ह चुद गई अपनी ही बेटे से,,,,

दीपाली बोली ,,, बहन देखना ये मजा अलग होगा । बेटे से चुदने में वो मजा है जो पेट में पालने में ,,,,

तपन धीरे धीरे चोदने लगा और शीतल सिसकारी भरने लगी ।

विशु चेतन का क्लोज अप लेता है चेतन आराम से पूरा लन्ड अन्दर कर देता है और दीपाली आनंद से बस आंखे बंद कर लेती है । शीतल और दीपाली मजे से बेटे से चुदने लगी ।

विशू जिशु की तरफ आता है ,,, अब तुम डालो मेरे शेर,,,

जिशू मुस्कुराता हुआ अपनी मम्मी की चूत पे लंड रख कर धक्का मारता है जिससे उसका आधा लंड झट से घुस जाता है और तानिया,,,, आईईईई धीरे बेटा ,,,,

जिशु अपनी मम्मी की तरह देख कर फिर आराम से होले होले चोदने लगता है और तानिया सेक्सी अंदाज में उसे चुम्मा देती है दूर से लेती लेती ।

Update 64

चुदाई का माहोल बैठ चुका था तीनो औरतों कि चूत इतनी गीली थी बेटे को लंड चमक रहा था जब लंड चूत से बाहर आता था और कमरे में तेज सांस की और सिसकारियों की गूंज उठी । विशू अपना हिलाता हुआ सबकी हर एक सीन को बेहतर तरीके से शूट कर रहा था ।

कुछ देर बाद तीनों अपनी अपनी मम्मी के ऊपर चढ़ कर अपनी मजबूत बाहों में भर मेंढक की तरह तैरने जैसी टांगे फैला के गोपा गोप चोदने लगा । तीनों की गांड अजीब रिद्धिम में हिल रहे थे जो विशु शूट कर रहा था और उसे हसी आ रही थी ।

दीपाली और चेतन दोनो मां बेटे काम क्रीड़ा की लुफ्त उठाते हुए धीरे धीरे बात कर रहे थे कानो कान में ।

दीपाली ,,,, बेताहहह विशू बेचारे को भी थोड़ा चांस दे अअह्ह्ह्ह,,,

चेतन एक बार अपनी मम्मी की आखों में देखता है और कान में बोला ,,,, आपका मन कर रहा क्या,,,

दीपाली ,,, तरस आ रहा है उसपे बेटा । उन्ह्ह्ह्ह वो भी तुम्हारा दोस्त है भाई जैसा और तुम्हारे दोस्तो को अअह्ह्ह्ह में बेटा मानती हूं ,,,

चेतन,,,, मुझे कोई प्रोबेल नहीं है प्यार बाटने में । में बस जानना चाहता हूं आप मजबूरी में तो नही ,,,

दीपाली ,,, नहीं बेटा मेरा मन है । वो बोहोत हैंडसम हे ,,,

चेतन मुंह बना के देखने लगता हे । दीपाली मुस्कुराती है ,,, तुम से थोड़ा सा ज्यादा एक बूंद । क्या करू औरत हूं दिल बेहैक जाता है कभी कभी ,,,

चेतन ,,,, ओके ले लो ,,,,,, और खींच के झटका मारता हे ।

दीपाली की जोरदार चिंख निकल जाती है जिससे सभी लोग दीपाली को देखने लगते हे । चेतन मुस्कुराता हुआ बिस्तर से उतर जाता है ।

विशु ,,,, ओए कमीने ऐसा कोई करता है भला मेरी प्यारी दीपाली आंटी को क्यों दुख दिया तूने ,,,

दीपाली अपनी बाहें फैलाए विशु का स्वागत करती हे और विशु खुशी से उछल पड़ता है और चेतन की तरफ देखता है । चेतन भी थम्स अप दिखाता है तो विशु उसको मोबाइल थमा के बिस्तर पर चढ़ जाता है ।।

अब चेतन सबकी विडियो बनाने लग जाता है । विशू इतना खुश था की उसके चेहरे से मुस्कान हट ही नहीं रहा था वो दीपाली के ऊपर चढ़ जाता है और बोला ,,,, थैंक यू आंटी ,,,,

दीपाली उसके लंड पकड़ कर अपनी चूत पर टिका के बोली ,,,, बोल के नहीं इसे डाल कर शुक्रिया अदा कर ,,

विशू धीरे धीरे चाप देता है और पूरा लन्ड अन्दर गायब हो जाता हे ।

विशु सुखद एहसास से आंख बंद कर ,,, अह्ह्ह्ह आंटी भट्टी की तरह गर्म है ,,,,

दीपाली उसकी होंठ चूस कर ,,,, आआह्ह्ह तो ठंडा कर दे चोद चोद कर उन्ह्ह्ह्ह ,,,

विशु ,,,, आपको डर्टी टॉक पदंस है ,,,,

दीपाली ,,,, हुन्ह्ह्ह चेतन ने आदत लगा दी ओन्छ्छ अब चोद ,,,,

विशु चोदने लगा और दीपाली की आखों में देख कर ,,,,, आपको मेरा लन्ड कैसा लगा ,,,,

दीपाली भी उसकी आंखो में आंखे डाल कर ,,,, बोहोत बढ़िया आह्ह्हः ,,,,

विशु सैतानी मुस्कान से ,,,, किसका ज्यादा अच्छा हे ,,,,

दीपाली मुस्कुरा कर ,,,,, दोनो की अच्छा है चेतन का आआह्ह्ह बीच में ज्यादा मोटा हे तेरा एक समान मोटा है उन्न्ह्ह ,,,,

चेतन,,,,,,, आज रात भर आपको चोदूंगा आपकी चूत लाल कर दूंगा,,,,

दीपाली ,,,,, हाआआ चोदो नाआआआ आआह्ह्ह कर दे लाल में भी आह्ह्ह्ह बेटे की दोस्त से चुदवा कर चूत फड़वाना चाहती हूं,,,,

बगल में तपन अपनी मम्मी को चोदता हुआ बोला ,,,, विशु तेरी तो निकल पड़ी । एरा बन कर पेड़ा खा रहा है साले,,,,

विशू बस दात दिखा देता है ।

शीतल अपने बेटे के चेहरे को हथेली पे ले के कामुत्तेजना से ,,,, आह्ह्ह्ह्ह बेटा मुझपे ध्यान दे उन्ह्ह्ह उधर नहीं ,,,,,

तपन अपनी मम्मी की थाप ताप थाप थाप चोदते हुए जवाब दिया ,,,,, मजा नहीं आ रहा है मम्मी क्या,,

शीतल उसकी बाजू कस के हर धक्के पे हिलती हुई बोली ,,,, बोहोत बेटा बोहोत आआह्ह्हह्ह बस चोद मुझे उन्ह्ह्ह्ह ,,,,

तपन,,,,,,तो मम्मी ये ले और ले मक्खन जैसी चूत हे आपकी मम्मी अब तो में मादरचोद बन गया हूं तो रोज सुबह शाम चोदूंगा आपको ,,,

शीतल आंख मार के ,,,,, शाम नहीं उन्ह्ह्ह्ह उस वक्त अन्हह्ह्ह तेरे दोस्त चोदता हे मुझे आन्ह्ह्ह ,,,,,

तपन उसकी कान में ,,,,, आपको उसने बड़ी बेशर्म बना दिया है,,,

शीतल,,,,, बिस्तर पर जितना आअम्ह्ह्ह बेशर्म बनोगे उन्ह्ह्ह्ह उतना ही मजा आता है ,,,,,

तपन मुस्कुरा कर ,,,,, आपको ना में रखैल बना लूंगा,,,,

शीतल शैतानी मुस्कान दे के जोश में तपन के कान में बोली ,,, तब तो हुन्ह्ह्ह तेरे बाकी दोस्त आन्ह्ह्ह चेतन और विशू से भी उन्ह्ह्ह चुदवाऊंगी ,,,,

तपन हस्त है और वीडियो बना रहा चेतन से बोला ,,,, ओए चेतन आजा ,,,, और बिस्तर से उतर कर मोबाइल ले लेता है ।

चेतन शीतल की तरफ देखता है और शीतल भी उसे आह्वाहन देती है । चेतन खुशी से बिस्तर पर आ कर शीतल के ऊपर चढ़ के सीधा लंड घुसा देता हे । शीतल की हल्की आह निकल जाती है । दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे ।

चेतन धीरे धीरे धक्का मारता हुआ बोला ,,,, एक बात बोलूं ,,,

शीतल ,,, सो बात बोल,,,,

चेतन ,,,,, एक बार हम सब तपन के कमरे में थे और साय देने आई थी तब आप झुकते समय मेने आपकी चूची देख ली थी और आपके बारे में गंदी सोच आई थी लेकिन बाद में आप मेरी प्यारी आंटी और दोस्त मम्मी सोच कर दिमाग से निकल दिया था ,,,

शीतल मुस्कुरा के उसके होंठ पी उंगली चुदवाते हुए बड़ी कामुक अंदाज में सिसिकरी लेती हुई बोली,,,,, मगर आज्जज आन्ह्ह्ह दोस्त की गंदी मम्मी समझ कर चोदो मुझे अन्ह्ह्ह प्यारी आंटी समझ कर नेही आन्ह्ह्ह,,,,

शीतल अपने बेटे के चेहरे को हथेली पे ले के कामुत्तेजना से ,,,, आह्ह्ह्ह्ह बेटा मुझपे ध्यान दे उन्ह्ह्ह उधर नहीं ,,,,,

तपन अपनी मम्मी की थाप ताप थाप थाप चोदते हुए जवाब दिया ,,,,, मजा नहीं आ रहा है मम्मी क्या,,

शीतल उसकी बाजू कस के हर धक्के पे हिलती हुई बोली ,,,, बोहोत बेटा बोहोत आआह्ह्हह्ह बस चोद मुझे उन्ह्ह्ह्ह ,,,,

तपन,,,,,,तो मम्मी ये ले और ले मक्खन जैसी चूत हे आपकी मम्मी अब तो में मादरचोद बन गया हूं तो रोज सुबह शाम चोदूंगा आपको ,,,

शीतल आंख मार के ,,,,, शाम नहीं उन्ह्ह्ह्ह उस वक्त अन्हह्ह्ह तेरे दोस्त चोदता हे मुझे आन्ह्ह्ह ,,,,,

तपन उसकी कान में ,,,,, आपको उसने बड़ी बेशर्म बना दिया है,,,

शीतल,,,,, बिस्तर पर जितना आअम्ह्ह्ह बेशर्म बनोगे उन्ह्ह्ह्ह उतना ही मजा आता है ,,,,,

तपन मुस्कुरा कर ,,,,, आपको ना में रखैल बना लूंगा,,,,

शीतल शैतानी मुस्कान दे के जोश में तपन के कान में बोली ,,, तब तो हुन्ह्ह्ह तेरे बाकी दोस्त आन्ह्ह्ह चेतन और विशू से भी उन्ह्ह्ह चुदवाऊंगी ,,,,

तपन हस्त है और वीडियो बना रहा चेतन से बोला ,,,, ओए चेतन आजा ,,,, और बिस्तर से उतर कर मोबाइल ले लेता है ।

चेतन शीतल की तरफ देखता है और शीतल भी उसे आह्वाहन देती है । चेतन खुशी से बिस्तर पर आ कर शीतल के ऊपर चढ़ के सीधा लंड घुसा देता हे । शीतल की हल्की आह निकल जाती है । दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे ।

चेतन धीरे धीरे धक्का मारता हुआ बोला ,,,, एक बात बोलूं ,,,

शीतल ,,, सो बात बोल,,,,

चेतन ,,,,, एक बार हम सब तपन के कमरे में थे और साय देने आई थी तब आप झुकते समय मेने आपकी चूची देख ली थी और आपके बारे में गंदी सोच आई थी लेकिन बाद में आप मेरी प्यारी आंटी और दोस्त मम्मी सोच कर दिमाग से निकल दिया था ,,,

शीतल मुस्कुरा के उसके होंठ पी उंगली चुदवाते हुए बड़ी कामुक अंदाज में सिसिकरी लेती हुई बोली,,,,, मगर आज्जज आन्ह्ह्ह दोस्त की गंदी मम्मी समझ कर चोदो मुझे अन्ह्ह्ह प्यारी आंटी समझ कर नेही आन्ह्ह्ह,,,,

चेतन जोश में धक्के की रफ्तार तेज कर देता है और ,,,, तो फिर ले लो आंटी आह्ह्ह मेरी गंदी आंटी ये ले ,,,

शीतल की हेकड़ी निकल जाती हे ,,,, जेन्हह्ह उन्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह बस चोद मेरे बच्चे चोद फाड़ दे मेरी चूट ,,,,,, ,

Update 65

तपन शूट करते हुए तानिया और जिशु के किनारे बैठ गया । तपन तानिया को छेड़ने लगा ,,,, बड़ा आनंद आ रहा है ना,,,,

तानिया ब्लास करती है,,,, इस वक्त तुम मेरे कोई पति वटी नहीं हो छेड़ो मत ,,,,,

तपन जिशू के कान में बोला ,,,, भाई सैंडविस करे ,,,,

जिशू तपन घूरने लगा और फिर मुस्कुरा के आंख मार देता हे । तानिया कुछ समझ नहीं पाई और बोली ,,,, तुम दोनो क्या फुसुर फुसुर कर रहे हो ,,,,

जिशू मुस्कुराता हुआ अपनी की ऊपर से उठ कर उसे खींच के बिठा दिया और बगल में लेट गया ,,, मम्मी अब आप ऊपर आओ मेरे,,,,

तानिया दोनो को देखने लगी वो समझ गई थी दोनो ने कुछ तो चालकी की है मगर जो भी होगा मजे का ही कुछ तरकीब होगी ये सोच कर वो निसंदेह बेटे के कमर के ईर्द गिर्द पेड़ रख कर धीरे धीरे लंड पर बैठ जाती है और लंड चूत में घुस जाता हे ।

जिशु अपनी मम्मी को खींच कर ऊपर गिरा लिया है । तपन मोबाइल को टेबल पे एक एंगल पर रख कर बिस्तर पे चढ़ जाता है और तानिया की कमर पर हाथ रख कर बैंड कर देता है । तानिया अब समझ गई और मुस्कुराने लगी जिशु भी मुस्कुराने लगा ।

तानिया,,,, बदमाश तो तरकीब थी तुम दोनो की,,

जिशु,,, मजा आयेगा ना दोनो तरफ आपको फिल होगा ,,

तानिया,, ,, लेकिन तुम दोनो का बोहोत बड़ा है इस काम के लिए नही सम्भाल पाऊंगी, ,,,

जिशु,,, में तो नीचे रहूंगा हिल भी नहीं पाऊंगा ठीक से । आप शिंता मत करो हो जायेगा ,,

तपन तानिया की भूरे रंग की गुदा द्वार चाटने लगा । तानिया को गुड़ गुडी सा अजीब सा मजा आने लगा आंख मूंद कर सिसकी मारी । जिशु बस लंड घुसाए बिना हरकत दे कर पड़ा रहा और अपनी मम्मी की कामुक चेहरे को देख के जोश बरकरार रखा । तपन कुछ समय तक अच्छे से चाटा तानिया की गांड को और उंगली घुसा घुसा के लचीला किया और फिर तैयार हो गया ।

तपन सही मुद्रा बना के अपना गीला लंड पकड़ के तानिया की गांड में घुसाने लगा आराम से । तानिया विकृत चेहरा बना के खुद संतुलित कर रही थी । वैसे तो उसको आदत पर चुकी थी बस शुरू में तकलीफ हो रही थी ।

तानिया बोली,,,, मर गई आन्ह्ह्ह आराम से ,,,,

तानिया को सैंडविच होते हुए देख कर सभी चुदाई बंद कर के इन तीनों की तरफ देखने लगा इस नजरों को देख मोहित हो गए थे । तानिया को चूत और गान्ड में लेते हुए देख शीतल और दीपाली एग्जोटेड हो गए और सोचने लगे तानिया को कैसी फीलिंग्स आ रही होगी ।

जिशू जितना सक्षम हो उतने सक्षम में ही गांड उठा उठा कर धक्के लगाने लगे । और तपन उसकी पतली कमर पकड़ के आधे लंड घुसा घुसा के गांड मारने लगा ।

तानिया धीरे धीरे कंफर्टेबल हो गई और बेटे को देखते हुए आनंद उठाने लगी ।

शीतल उत्चुक हो कर बोली ,,,,, ओए कामिनी कैसा लग रहा है ,,,,

तानिया मुस्कुराई ,,,, उन्ह्ह्ह खुद एक्सपीरियंस कर आह्ह्ह्ह ,,,,

जिशु जोश में उसकी होंठ चूस के नीचे से धक्के लगाते हुए,,,,,, मम्मी अब से आपको ऐसे ही चोदेंगे हम दोनो घर पर मजा आयेगा ना देखो कितना मजा आ रहा हे ,,,,,,

तानिया उसके बाल खींच कर जोश में बोली,,,,, तुम दोनो ही क्यू हेन्हह्ह मेरे चार बेटे है उन्ह्ह्ह्ह में अब से चारो के साथ उन्ह्ह चुदाऊंगी,,,,,

जिशु मुस्कुरा कर धीरे से जवाब दिया ,,,, तब तो आपको रंडी बना कर चोदेंगे आपको ,,,,

तानिया उसके गाल पर डाट गाढ़ा कर ,,,, हा तो बना लेना हुंह अपनी मम्मी को रंडी बना कर आअआंह्हह्ह अपने दोस्तो के साथ खूब चोदना आन्ह्ह्ह हमारी यही तो काम है बस उन्ह्ह्ह लंड खाना ,,,,

चेतन शीतल से बोला ,,,, आंटी आप ही दो लंड ले लो मजा आयेगा ,,,,

शीतल ,,,, नही नही मुझे आदत नही हे,,,,

तानिया ,,, में भी तो आह्ह्ह पहली बार दो ले रही हू आन्ह्ह्ह । चेतन विशु दोनो मिल कर चोद डाल इस कामिनी को आह बोहोत नख्तम्र दिखाती है ,,,,,

विशु ,,,, आंटी प्यार से करूंगा । देखो तानिया आंटी को कितना मजा आ रहा हे ,,,,

शीतल दीपाली की तरह देखती हे । दीपाली उसे प्यार से बोली,,,,, देखो मर्द जात है आज नही दोगे तो काल जवरदस्ती लेंगे तेरी । आज मान जा प्यार से लेंगे ,,,,

शीतल बोली ,, मगर तेल लगा लेना जी भी पीछे डालेगा ,,,,

उसकी बात पर सब हंस पड़े ।

दीपाली खुद जा कर ड्रेसिंग टेबल से ऑइल की बॉटल ले के आई ,,, लो ले आया बोलो कौन क्या मारेगा ,,,,

विशु ,,,, शीतल आंटी में आपकी चूत लूंगा ,,,

विशु लेट गया और शीतल संकोच के साथ विशू के लंड को चूत में ले के बैठ गई और बोली ,,,, प्यार से करना हा ,,,,

विशु हंस पड़ा । दीपाली उसे बिचु की छाती पर झुका दिया और उसकी गांड पर तेल लगा के फिंगरिंग कर के तैयार किया ।

और अपने बेटे के लंड पर भी तेल मल के मजाक में बोली,,,, बेटा फाड़ देना ,,,

शीतल उछल पड़ी,,,, एई ,,, और मुड़ पीछे देख के चेतन को बोली,,,,, बेटा तेरी दूसरी मम्मी हूं रहम करना,,,,

चेतन,,, आंटी आपको लगता है में ऐसा करूंगा ,,,,

तपन,,, मम्मी कुछ नही होगा तानिया आंटी को देखो कैसे मजा ले रही है ,,,,

चेतन फिर अपना लन्ड शीतल की लचीला गांड की छेद पर टिका के पुश किया और उसका सुपाड़ा पिछल के मज़बूती से घुसा ।

शीतल चिल्ला उठी ,,,, आईऊऊयूयू ,,,,

चेतन रुक गया और शीतल की पीठ सहलाने लगा । शीतल विशू की छाती पर मुंह छुपा के रूवानी सी आवाज में बोली ,,,, उम्मम्म मुझे नही करवाना ,,,,

दीपाली चेतन चोदने का इशारा दे के शीतल की होंठ चूसने लगी । शीतल को गांड चील जाने की तरह मेहसूस करती है बस किसी तरह सह लेती है । विशु भी नीचे से हल्के हल्के धक्के लगा रहे थे ।

पूरे कमरे में सिसकारियों की गर्म माहोल बन जाता है ।

Update 66

कुछ समय बाद जिशू और तपन जगह बदल लेता है । तपन नीचे से तानिया की चूत मारता है और जिशु पीछे से गांड मारने लगता है । तानिया तो बड़े मजे में थी ।

शीतल को थोरी तकलीफ हो रही थी लेकिन उसे आनंद भी आ रही थी की एक साथ दो दो गांड और चुदाई की दुगनी मजा कुछ समय बाद मजे से लेने लगी ।

चेतन ,, शीतल आंटी मजा आ रहा है ना,,,

शीतल विशु की आंखो में देख कर ,,,, आन्ह्ह्ह हा बोहोत बेटा बस चोदो बेटा ,,,,

विशु,,,, मन कर रहा है आपको खा जाऊं किसी दिन आप अकेले मिलना तबियत से चोदूंगा में आपको,,,,

शीतल गंदी टिप्पणी सुन के और उत्तेजित हो जाती है सरमसुख के करीब पोहोच जाती है ,,,,, हा बेटा जब तू कहे उन्ह्ह्घ अब बस तुम लोगो की लंड चाहिए आन्ह्ह्ह ,,,,

कुछ समय बाद दीपाली बोली ,,,,, यार मेरे पे भी कोई रहम खाओ,,,,

जिशु अपनी मम्मी की गांड से लंड निकाल कर बिस्तर से उतरा और दीपाली को बाहों में भर लिया ,, ,आ जाओ मेरी डॉक्टर आंटी ,,,,

दीपाली खुशी से उसके गले में बाहें डाली ,,,, मेरा हीरो बेटा आ जा आंटी को भी खुश कर दे,,,,,

जिशु लम्बी जीव निकाल कर दीपाली की गर्दन चाटने लगा । जहा दीपाली की उत्तेजना कम हुई थी वोही फिर एक बार गर्म होने लगी । जिशु उसकी गरदन चाटते हुए उसकी पीठ पर सेंशुअल तरीके उंगलिया की करामात दिखाता हे और दीपाली तड़प उठी ,,, ईस्सस नहीं जिशु और नही रुका जा रहा हे मुझे चोदो मुझे बेटा,,,,

जिशु,,,, आंटी आपको जोर से चोदने का मन हो रहा है ,,,,

दीपाली,,,, हा चोदो जोर से और पानी निकाल दो बस मेरी,,,,

जिशु उसे सोफे पे बिठा के पीठ टीका देता है पीछे की तरफ और फिर उसकी दोनो टांगे कंधे पे लेटा है और एक हाथ से उसकी गले में हल्के सख्ती से पकड़ के जोर से लंड घुसा देता है दीपाली को दर्द होता हे पर सेह लेती है ।

जिशु फिर मज़बूती से अक्रात्मक तरीके से फुल स्पीड में चोदने लगा और दीपाली आंखे कस कर बंद कर के शिर पकाते लगी ,,,, ओ ओ ओन्नन ओ ओ ओ,,, कर के सोफे का कवर पकड़ के हिनहिनाने लगी ।

उसकी चेहरे की भाव से पता चल रही थी की उसे दर्द हो रही थी पर उस दर्द में ही वो मजा ले रही थी । जिशू को उसकी चेहरे की आकृति विकृति देख कर और काम उत्तेजना हो रहा था ।

जब तक दीपाली थिरक थिरक के चीर चीर कर पानी नही निकाली तब तक जिशु उसे चोदता रहा ।

प्रिय पाठक इन लोगो की रात भर का दृश्य तो में एक एक कर के दर्शा नही सकता । वैसे भी रात भर अपनी अपनी मम्मी और दोस्तो के साथ मिल कर और अपने बेटे और बेटे के दोस्त के साथ सेक्स ही करने वाला है । इनकी ग्रैंड पार्टी रात भर चलती रहेगी पर मेरी तरफ से बिलम ।

यार comment देना मत भूलना । ऐसी अपडेट पे आप लोग बेरुखी करोगे तो मेरा और कहा लिखने का मन करेगा । अच्छा बुरा जो पसंद review दो भाई लोग । वरना स्टोरी यही close कर दूंगा यारा

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