(UPDATE-01)
मायाबी दुनिया के सारे स्टेट्स इसे वक्त बहुत परेशान थे और उनकी परेशानी की वजह थी सम्राट का अंश यानि की अग्नि , सभी को पता चल चुका था की बाहरी दुनिया यानि की इंसानी दुनिया में अग्नि के रूप में सम्राट के अंश ने जन्म ले लिया है और सम्राट की सारी ताकतें भी हासिल करचूका है और बहुत जल्द वो यहाँ इसे मायाबी दुनिया में भी अज़ाएगा
और इसी परेशानी के चलते सारे वारएवोल्फ’से ने मिलकर ये तन लिया था की अग्नि के इसे दुनिया में आने से पहले ही वो डेत वाली का नामो निशान मिटा देंगे और उसमें रहने वाले वेमपाइर’से और मॉन्स्टर’से का भी
वारएवोल्फ’से के इसे फैसले से बकीके स्टेट’से रज़ामंद नहीं थे उन्होंने वारएवोल्फ’से के प्रिन्स को बहुत समझाया की अपना इरादा बदल डाले लेकिन वारएवोल्फ’से के प्रिन्स ने अपना इरादा नहीं बदला और उसने डेत वाली का नामो निशान मिटाने के इरादे से आखिरी हमला किया वहाँ रहने वाले वेमपाइर’से और मॉन्स्टर’से के ऊपर
सम्राट के वक्त में जहाँ पे पहले साल के 12 महीनों में ठंड का मौसम हुआ करता था वहाँ चारों तरफ बर्फ ही बर्फ पड़ती थी वहीं आज के वक्त में ईश्वक़्त डेत वाली में दोपहर की खड़ा खड़ाती धूप खिली हुई थी और इसे धूप के कारण वेमपाइर’से अपने अपने घरों में थे वो बाहर नहीं निकल सकते थे अगर वो बाहर निकलते तो धूप के कारण उनकी स्किन जल जाती इसलिए वो सब अपने अपने घरों में थे
और इसी बात का फायदा उठाकर वारएवोल्फ’से के फौज ने डेत वाली के ऊपर हमला कर दिया था , वो सब अपने अपने भेड़िए वाले रूप में थे वो बारे बारे भेड़िए थे वो सब ईश्वक़्त दानओं(मॉन्स्टर) के साथ लध रहे थे , दानव भी कम शक्तिसली नहीं थे वो सब भी बहुत ताकतवर थे लेकिन जबसे सम्राट की मौत हुई थी तबसे उनकी ताकतें भी कम हो गयी थी क्योंकि उन्न सबको सम्राट से ही ताकतें मिलती थी और इन्हीं सब बातों का फायदा उठाते हुए वारएवोल्फ’से दानोवँ के ऊपर जीिट हासिल कार रहे थे
एक एक दानव के ऊपर 3 , 3 बारे बारे वारएवोल्फ’से झपटा मर रहे थे जिस वजह से दानव जीिट नहीं पा रहे थे और वो सब और कमजोर पड़ते जा रहे थे और फिर वारएवोल्फ’से के प्रिन्स आर्डर देता है
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से – (अपने आधे फौज को) तुम सब जाओ और सारे वेमपाइर’से को उनके घरों से बाहर निकालो तकिी धूप में उनको जला कर मारा जा सके
और बाकी तुम सब इन दानोवँ को खत्म करो इन्हें जिंदा चोदने की कोई जरूरत नहीं है
फिर आधी फौज अपने प्रिन्स के आर्डर को मानते हुए वेमपाइर’से के घरों में घुस जाते हैं और उन्हें बाहर निकालने लगते हैं
और वारएवोल्फ’से की बाकी के फौज दानओं के ऊपर जानलेवा हमला करती है उनके गर्दनों के ऊपर अपने तेजधर दाँतों से और उनके गर्दन को चीरफाड़ देते हैं उन्हें मौत देते हैं
और यहाँ वेमपाइर’से घर से
निकालने के वजह से उनके ऊपर तेज धूप पड़ती है जीशके वजह से उनकी स्किन जलने लगती है और सब चील्ला ते हुए इधर उधर भागने लगते हैं
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से अपनी गर्दन चारों तरफ घूमता है , हर तरफ दानव और वेमपाइर’से मर रहे थे और ये नज़ारा देख प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से बहुत खुश हो रहा था वो बहुत जोरों से हंस रहा था
लेकिन उसकी ये हँसी ज्यादा देर तक टिक्क नहीं पाई क्योंकि ठीक उसी वक्त वहाँ पे अंधेरा चढ़ने लगता है और अंधेरा चाहते हुए देख सभी आश्मन की तरफ देखने लगते हैं
सबकी नज़र एक ही चीज़ पे टिक्क जाती है चाहे वो वारएवोल्फ’से हो या दानव या वेमपाइर’से सभी बस सूरज के तरफ देखने लगते हैं , दूर से शा नज़र आ रही था जैसे कोई सूरज को धीरे धीरे निगल रहा हो
लेकिन कुछ देर बाद सबको ये पत्ता चल जाता है की कोई बहुत बड़ा सा पक्षी उड़ के आ रही है उनके तरफ और वो पक्षी इतना बड़ा था की उसने आधे सूरज को ढक दिया था , देखते ही देखते वो पक्षी और भी नज़दीक आ जाता है और फिर उन्न सबके ऊपर पहुँच जाता है
सभी अपने अपने गर्दन ऊपर किए हुए उस पक्षी को देख रहे थे , वो कोई आम पक्षी नहीं था वो एक बिशल कई काले रंग का ड्रॅगन था जीशके ऊपर एक शॅक्स बैठा हुआ था उसने भी एक काला लबादा पहन रखा था उसका चेहरा भी उसी लबादे में धक्का हुआ था अगर उस स्क्स का कुछ दिख रहा था तो वो था उसकी नीली नीली आँखें (थे ब्लू आइ’से)
फिर प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से चिल्लाते हुए उस स्क्स को पूछता है कौन हो तुम इसे सवाल के बदले में वो स्क्स चुप रहता है लेकिन अपना हाथ आश्मन में उगे हुए सूरज की तरफ कार देता है और धीरे धीरे अपने हाथ के मुट्ठी को बंद करने लगता है
यहाँ पे उसका हाथों की मुट्ठी धीरे धीरे बंद हो रही थी वहीं आश्मन में फैला हुआ सूरज भी धीरे धीरे बादलों के पीछे गायब होने लगता है और देखते ही देखते सूरज गायब हो जाता है , यहाँ पे उस स्क्स की मुट्ठी पूरी तरह से बंद हुआ और ठीक उसी वक्त डेत वाली की मौसम में भी बदब शुरू हो जाता है जहाँ पे कुछ देर पहले जिस्म जलदेने वाली गर्मी थी अब वहाँ पे धीरे धीरे शारडी पड़ने लगती है और कुछ देर में बर्फ भी पड़ना शुरू हो जाता है , और ये सब नज़ारा देख प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के मुंह से सिफ एक ही लफ़्ज़ निकलती है अग्नीिीईईईईई……….
जहाँ पे प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के होश उड़ चुके थे वहीं डेत वाली के वेमपाइर’से और दानओं में जोश अचुका था वो सब बहुत खुश थे क्योंकि उनका अकका उनका मलिक उनका युवराज अग्नि अचुका था उन्न सबको बचाने
फिर अग्नि अपने उसी हाथ को घायल वेमपाइर’से और दानओं के तरफ करता है और देखते ही देखते उनके सारे जखम भार्र जाते हैं और उनमें एक अजब से ताक़त भी आ जाती है और वो सब जो कुछ देर पहले घायल होकर नीचे ज़मीन पे पड़े हुए थे वो सब अब उठ खड़े हुए थे
अग्नि – मेरे साथियों तुम सबने बहुत जुल्म सहलिया लेकिन अब और नहीं क्योंकि में अचुका हूँ वापिस तुम सब अब अपनी अपनी गुलामी के ज़ंजीरों को निकल के फेंक दो और करदो इन सब पर हमलाआाआआ
(UPDATE-02)
अग्नि के बस कहने के ही देर थी फिर सब उन्न वारएवोल्फ’से के ऊपर टूट पड़ते हैं और वारएवोल्फ’से भी कहाँ पीछे हटने वाले थे और फिर एक खतरनाक जंग शुरू होजती है वारएवोल्फ’से और डेत वाली के बीच में
सारे वेमपाइर’से अपने बढ़ता और ताक़त से वारएवोल्फ’से के ऊपर झपट रहे थे वहीं दानओं को वापिस अपनी पुरानी ताक़त मिल चुकी थी अग्नि के जरिए वो सब भी वारएवोल्फ’से को बुरी तरह से मरते हुए कुचलते हुए आगे तरफ रहे थे
और जहाँ कहीं भी वारएवोल्फ’से वेमपाइर’से और दानओं के ऊपर भारी पड़ते हुए नज़र आ वहाँ अग्नि अपने ड्रॅगन को आर्डर देदेटा और वो ड्रॅगन वहाँ पे अपने मुंह से आग का गोला फूँक देता और तो और वो ड्रॅगन उड्दते हुए जाकर उन्न वारएवोल्फ’से कभी जाता था
डेत वाली में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही थी और बर्फ से ज़मीन ढकना शुरू होने लगा था और इसे मौसम में भी वहाँ घनघोर लधाई छल्ल रही थी , ज़में पर फैला हुआ सफेद सफेद बर्फ अब खून से लाल लाल बर्फ होचुके थे चारों तरफ बस खून ही खून थे
लधाई के पहले जहाँ पे लाखों वारएवोल्फ’से आए थे जंग लड़ने के लिए वहीं अब सिर्फ़ कुछ हज़ारों ही बचे थे बकीके सबको वेमपाइर’से और दानओं ने मर दिया था लेकिन अभी भी कुछ वारएवोल्फ’से जिंदा थे और पूरे जोश के साथ लध रहे थे और प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से तो ख़ूँख़ार दरिन्दा बन चुका था जो भी उसके सामने आता चाहे वो वेमपाइर’से हो या दानव मारा जाता
कुछ घंटों तक जंग चलती रही जीतने भी वारएवोल्फ’से बच गये थे उन्न में से कुछ मर गये कुछ भाग गये और कुछ को बंदी बना लिया गया लेकिन अभी भी प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से लध रहा था और बहुत ही बहादुरी से लध रहा था
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के बहादुरी को देख अग्नि ने खुद उस से लड़ने का तय किया और नीचे उतरने लगा , जब ड्रॅगन नीचे उतरने लगा तो एक पल के लिए वहाँ पे तूफान सा आ गया क्योंकि जब ड्रॅगन नीचे उतार रहा था तो वो अपने पंख को हवा और ज़मीन के बीच में उड़ा रहा था और इसे से इतनी तेज हवा चल रही थी की नीचे ज़मीन पे एक पल के लिए खड़ा होना सबके
लिए मुश्किल हो गया था
फिर अग्नि ड्रॅगन के ऊपर से नीचे उतरता है और अग्नि के नीचे उतरते ही सारे वेमपाइर’से और सारे दानव अपने अपने गर्दन को नीचे झुकाके अग्नि को सलामी करने लगे और अग्नि धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के तरफ
सारे वेमपाइर’से और दानव जो ईश्वक़्त प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को घेरे हुए थे वो सब अग्नि के वहाँ आने से हॅट जाते हैं , अग्नि प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के सामने पहुँच जाता है और फिर अग्नि अपने काले लबादे को एक ही झटके में निकल देता है , काले लबादे के हाथ ते ही अग्नि का चेहरा और उसका पूरा जिस्म सबके सामने आ जाता है
अग्नि के जिस्म और चेहरे का रंग सफेद था दूध जैसा सफेद , आँखों का रंग ब्लू(डीप ब्लू) , उसके बाएँ हाथ पे गोल्डन फ्लवर का टट्टो बना हुआ था , उसके बाल लंबे और घुँगरालू थे और उसके बाल उसके आँखों तक अरहे थे , अग्नि ईश्वक़्त एक योढ़ा के कपड़ों में खड़ा था और उसके कमर में दो तलवार लटक रही थी
यूँ तो देखने में अग्नि एक खतरनाक योढ़ा की तरह दिखता था लेकिन उसके आँखें बहुत अजीब थी उसके आँखों में एक अजीब से कशिश दिखती थी , उसके आँखों में एक अजीब से प्यास दिखती थी , उसके आँखों में एक अजीब से आवारापन दिखता था
अग्नि को अपने सामने देख प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से अपने इंसानी रूप में आ जाता है और फिर
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से – क्या बात है मुझसे लड़ने खुद अंधेरे का युवराज आया है ये तो बहुत बड़ी खुश खबरी है मेरे लिए
अग्नि – सही कहा प्रिन्स आपने आप जैसे योढ़ा को हराने का मौका और वो खुशी में कैसे खो सकता हूँ इसलिए में आ गया
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से – वो तो जंग लड़ने के बाद ही पता चलेगा की कौन जीतेगा और कौन हारेगा
फिर प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से एक कुल्हाड़ी लेकर अग्नि के तरफ तरफ जाता है और अग्नि अपने कमर में लटकी हुई दोनों तलवारें निकल लेता है , अग्नि के दोनों तलवार अग्नि के आँखों की तरह नीले रंग से चमक रहे थे और फिर अग्नि भी आगे तरफ जाता है और दोनों एक दूसरे से टकरा जाते हैं और दोनों के हत्यार भी एक डुशेरे से टक्रजते हैं
अंधेरा हो चुका था शाम होने के वजह से और इन दोनों की जंग शुरू हो चुकी थी एक जानलेवा और खतरनाक जंग और मौसम भी बट्ट से बत्तर होता जा रहा था बर्फ़बारी( स्नोफॉल ) और तेजिसे होने लगी थी
जब जब दोनों एक दूसरे से और दोनों के हत्यार एक दूसरे के हत्यार से टकराते थे तब तब आश्मन में बिजलिी कदकट्ी थी दोनों एक दूसरे के ऊपर वार पे वार करते जा रहे थे कभी प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से अग्नि के ऊपर तो कभी अग्नि प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के ऊपर कुछ देर तक इसे ही लधाई चलती रही
फिर अग्नि अपने तेज रफ्तार से अपने दोनों तलवार को प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के कुल्हाड़ी पर दे मरता है जिस से प्रिन्स ऑफ
वारएवोल्फ’से के हाथों से कुल्हाड़ी दूर जाकर गिरती है
अग्नि – (अपने चेहरे पे एक क़ातिलाना मुश्कं लिए)प्रिन्स अब क्या करेंगे आप
(UPDATE-03)
फिर प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से एक वार फिरसे अपना रूप बदल लेता है और एक बिशल कई भेड़िया में बदल जाता है और बहुत तेजिसे भोक्ता है ओोउुुुुुुुुउउ और फिर अग्नि के ऊपर छलाँग लगा देता है
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से अग्नि के ऊपर छलाँग लगा देता है और अपने पंजे से एक जोरदार वार अग्नि के ऊपर करता है जिस से अग्नि दूर जाकर गिरता है और एक पेड़ से टकरा जाता है जिस से वो पेड़ उखाड़ जाता है
अग्नि फिर से उठ खड़ा होता है और इसे वक्त उसके आँखों में बहुत गुस्सा था , अग्नि अभी तक बस प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के साथ एक तरह से खेल रहा था लेकिन प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के इसे वार से वो गुस्से में आ जाता है और अग्नि हवा के रफ्तार से प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के सामने जा पहुँचता है और एक जोरदार मुक्का झड़ देता है जिस से प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से पत्रों से टकराते हुए दूर जाकर गिरता है
इसके बाद प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से बहुत बार अग्नि के ऊपर तेज रफ्तार से वार करता है लेकिन हर बार अग्नि उसे पूरे ताक़त के साथ पछाड़ देता है और दूर फेंक देता है फिर एक बार और प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से ने वैसे ही हमला किया और इसे वार अग्नि उसका गर्दन पकड़ लेता है और उसके उस बिशल कई शरीर को ऊपर उठा देता है और प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के एक हाथ को मरोड़ देता है और नीचे फेंक देता है
इसे तरह अग्नि ने प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से का हाथ मरोड़ा था की उसका हाथ की हड्डी टूट चुकी थी और प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से नीचे ज़मीन में पड़ा करहह रहा था और वो अपने इंसानी रूप में भी आ जाता है
फिर अग्नि दुबारा से प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को उठता है और कहता है
अग्नि – तो प्रिन्स अब में आप के साथ क्या करूँ
प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से – वही जो एक युवराज दूसरे युवराज के साथ करता है
अग्नि – अगर आप की यही इच्छा है तो यही सही , फिर अग्नि प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को दानओं के बीच फेंक देता है और कहता है
अग्नि – मुझे इसे क्या देख रहे हो कहा जाओ इसे यही इसकी आखिरी इच्छा है
अग्नि के इतना कहते ही सारे दानव प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से के ऊपर टूट पड़ते हैं और उसके जिस्म को चीरते हुए फाड़ते हुए खाजाते हैं और वहीं खड़ा अग्नि ये सब देख रहा था और उसके चेहरे पे एक हल्की से मुश्कूराहट थी गंडर – मायाबी दुनिया का सबसे बड़ा स्टेट और सबसे ज्यादा ताकतवर स्टेट , जिधर भी नज़र जाए जहाँ तक भी नज़र जाए हर तरफ जादू ही जादू देखने को मिलेगा यहाँ चाहे वो कोई नाश्ते का दुकान हो या कोई बहुत बड़ा सा घर यहाँ हरर तरफ सब कुछ जादू से ही चलता है जैसे नाश्ते के दुकान में नाश्ते अपने आप ही बन रहे थे और
लोगों को अपने आप ही डेलिवर हो रहे थे जैसे बारे बारे घरों में सारे छोटे मोटे काम और बारे बारे काम जादू से होरहे थे
यही गंडर की खासियत है की इसे स्टेट में हर कोई जादू जनता है हर कोई अपने अपने जादू में माहिर है , अब आगे बढ़ते हैं
एक सिपाही तेजिसे घोड़े पे सवार गंडर के महेल के तरफ तरफ रहा था अपने घोड़े को चाबुक से मरते हुए वो तेजिसे अपनी मंजिल गंडर के महेल तरफ तरफ रहा था और वो सिपाही कुछ देर में गंडर के महल के सामने पहुँच भी जाता है और वो घोड़े से उतरता है और तेजिसे दौड़ हुए महेल के अंदर घुस जाता है महेल के बाहर पहरे में खड़े सिपाही उसे नहीं रोकते हैं बल्कि उसे सलाम करते हैं
कुछ देर में वो सिपाही महेल के अंदर गंडर के महाराज के कमरे के सामने खड़ा था और बाहर पहरे पे खड़े सिपाही से कहता है जाओ और महाराज को बताओ की हम उनसे मिलना चाहते हैं
वो सिपाही अंदर चला जाता है और कुछ देर बाद वापस अकके कहता है आप अंदर जाए सेनापति जी महाराज आप को अंदर बुला रहे हैं
ये भागता हुआ आया सिपाही कोई और नहीं वो गंडर का सेनापति था और कोई कुछ समाचार लेकर आया था और ईश्वक़्त गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ के सामने खड़ा था
आज कल महाराज की तबीयत कुछ ठीक नहीं है इसलिए ज्यादातर वक्त वो अपने बिस्तर पर ही बिताते थे
महाराज – बोलिए सेनापति जी क्या खबर लाए हैं आप
सेनापति – जी महाराज वो वो
महाराज – ये जी जी क्या लगा रखा है साफ साफ बताइए समाचार क्या है
सेनापति – वो महाराज बहुत बुरी खबर है वारएवोल्फ’से हार गये और प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को दानओं ने कहा लिया
महाराज – क्य्ाआआआआअ ये कैसे हो सकता है वो दानव और वो वेमपाइर’से कैसे प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को हरा सकते हैं वो सब तो बहुत कमजोर थे
सेनापति – वो महाराज थे ईविल प्रिन्स यानि की सम्राट का वारिश अग्नि अचुका है
अग्नि के आने की बात सुनकर महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ को तो जैसे साप सूंघ जाता है वो बोखलते हुए अपने बिस्तर से उतजाते हैं
और फिर सेनापति महाराज को सारी बातें बता देता है सबकुछ जो वहाँ हुआ था वो सब सेनापति बता देता है
महाराज – ये सब बातें तुम्हें कहाँ से पता चली सेनापति जी
सेनापति – महाराज जिस वक्त जंग चल रही थी ुषवक़्त में उन्न जादूगरों के साथ था और जादुई पानी में उस जंग को देख रहा था
महाराज – इसका मतलब सम्राट की भविस्यबानी सच हो गयी है और अग्नि अचुका है और उसके पास सम्राट की सारी ताकतें भी है
सेनापति – हाँ महाराज , अब आप को कुछ करना होगा महाराज
फिर महाराज सेनापति को बाहर जाने को कहते हैं और सेनापति के जाने के बाद महाराज किसी गहरी सोच में डुब्ब जाते हैं
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जिस वक्त मायाबी दुनिया में ये सब घाट्ट रहा था उस वक्त इंसानी दुनिया में इंसान इन सब बातों से
बेख़बर बारे आराम से और मौज से अपनी अपनी जिंदगी जी रहे थे
हिन्दुस्तान का एक छोटा सा गाँव जिसका नाम सरहादपुर था , ये गाँव पहाड़ों और जंगल से घिरा हुआ था और कुदरत से घिरे होने कारण ये गाँव एक खूबसूरत और शांत गाँव था , यहाँ के लोग भी बहुत अच्छे थे हरर किसकी मदद करना इन्हें अच्छा लगता था
ये गाँव सिर्फ़ खूबसूरत और शांत गाँव नहीं था ये गाँव प्रगातीसील हिन्दुस्तान का प्रगातीसील गाँव था और ये गाँव दिन बीए दिन और प्रगती कार रहा था
और इसी गाँव में एक लड़का रहता था जिसका नाम था रुद्रा , उसका पूरा नाम था रुद्रा सिंग , और ये लड़का दिखने में , उसका जिस्म और चेहरे का रंग सफेद था उसकी आँखों का रंग काला था उसका बॉडी नॉर्मल था चेहरे से बहुत ही मस्सों और प्यारा लगता था पूरे गाँव में उस से ज्यादा हॅंडसम लड़का कोई और नहीं था
गाँव की सारी लड़कियाँ उशपे मारती थी लेकिन वो किसी और पे मरता था हरर पल कोई ना कोई लड़की उस से बात करने का मौका तलाश करती थी और रुद्रा उन्न सबसे अपने आप को हमेशा बचाते फिरते थे क्योंकि उसने अपने दिल को जो किसी और को दे दिया था
शा ही था रुद्रा , और उसके जो सबसे करीब थे वो दो स्क्स थे एक थे उसके पापा जिन्हें रुद्रा बहुत प्यार करता था और उसके पापा भी उसे बहुत प्यार करते थे , रुद्रा की मां नहीं थी उसे पल पॉश के उसके पापा ने ही बड़ा किया था और रुद्रा हमेशा अपने पापा के बात को मानता था और अपने पापा से कुछ भी नहीं छिपाता था चाहे वो कितनी छोटी बात हो या बड़ी बात
UPDATE-04)
और दूसरा स्क्स था उसका बचपन का दोस्त उसका लोंगोतिया यार सन्नी पूरे गाओंवले इनके दोस्ती की मिशल दिया करते थे की दोस्त हो तो रुद्रा और सन्नी की तरह वरना ना हो और दोनों बिलकुल जाई और वीरू थे एक दूसरे के ऊपर जान छिड़कना तो आम से बात थी ये दोनों हमेशा साथ पाए जाते थे , दिन के 24 घंटे में से अगर सोने का वक्त यनेकिी 6 घंटे निकल दो तो बकीके 18 घंटे दोनों साथ बिताते थे , दोनों एक दूसरे के मन की बात एक दूसरे को बिना बोले ही समझ जाते थे , इसी तरह की थी उनकी दोस्ती सुबह के 7 बज रहे थे और रुद्रा अपने कमरे में तैयार हो रहा था कालेज जाने के लिए , कालेज में पहला क्लास सुबह के 9 बजे था और कालेज सरहादपुर से 30केयेम दूर था इसलिए रुद्रा सुबह जल्दी उतज़ता था
रुद्रा तैयार होकर अपने कमरे से बाहर निकलता है तो देखता है की बाहरवाले कमरे में उसके पापा बैठे हैं और चाय पी रहे हैं , रुद्रा के पापा का नाम वीर सिंग था और वो एक ढाबा चलते थे
रुद्रा – गुड मॉर्निंग पपाजिी
पपाजिी – गुड मॉर्निंग बेताजिी , तो तैयार हो गये आप
रुद्रा – हाँ पपाजिी में तैयार हो गया हूँ अब चलता हूँ सन्नी मेरा इंतजार कार रहा होगा बस स्टैंड पे
पपाजिी – अरे बेताजिी नाश्ता तो कर लो
रुद्रा – नहीं पपाजिी लेट होरा है में
नाश्ता कालेज में करलूंगा
पपाजिी – चलो ठीक है मगर पैसे तो है ना आप के पास
रुद्रा – हाँ पपाजिी पैसे हैं मेरे पास
फिर रुद्रा घर से बस स्टैंड के तरफ निकल जाता है और इधर बस स्टैंड पे सन्नी पहले से ही खड़ा लड़कियों को तद्ड रहा था और अपनी आँखें सेख रहा था
सन्नी – (एक लड़की को देखते हुए) आश्मन में तादादम लाखों तारे हैं तादादम ओउ जानेमन कैसी हो
लड़की – देख सन्नी मुझे गुस्सा ना दिला वरना
सन्नी – वरना क्या जानेमन पपीई देगी क्या , चल देदे मुझे एक पपीई दिन बहुत अच्छा गुजरेगा
लड़की – पपीई नहीं मेरी ये सैंडल(चपल) दूँगी और वो भी तेरे गाल पे
सन्नी – जानेमन में अपने गाल पे सिर्फ़ पपीई लेता हूँ और कुछ नहिंन्न्न् समझी क्या , देना है तो एक पपीई देदे
फिर वो लड़की गुस्से में आ जाती है और अपनी सैंडल(चपल) निकल के सन्नी के तरफ बढ़ती है लेकिन ठीक उसी वक्त वहाँ पे रुद्रा पहुँच जाता है और उस लड़की को रोक देता है
लड़की – देख रुद्रा तेरे इसे लफंगे दोस्त को समझा दे वरना अच्छा नहीं होगा
रुद्रा – आब्बी ओये सन्नी ये क्या यार रोजाना इसे परेशान करता रहता है चल अब इसे सॉरी बोल
सन्नी – ठीक है यार तू बोल रहा है इसे लिए बोल्देटा हूँ , ओये जानेमन आम सॉरी
लड़की – कमीने तू कभी नहीं सुधरेगा हुन्न्ञननणणन्
सन्नी – अरे जानेमन हम बिगड़े ही कब थे जो सुधरेंगे हम तो बचपन से ही इसे हैं
और ठीक उसी वक्त बस आ जाता है और उसमें रुद्रा और सन्नी दोनों चढ़ जाते हैं और जाते जाते भी सन्नी उसे लड़की को तंग करने से पीछे नहीं हाथ था
सन्नी – ओये जानेमन चल कल मिलते हैं और कल में तुझसे पपीई लेकर ही रहूँगा बेययययययी
बस आगे चल देती है और वो लड़की वहाँ खड़ी सन्नी को गलियाँ देती रही जाती है
रुद्रा – आबे साले तू कभी नहीं सुधरेगा
सन्नी – आबे यार मेरी बातें चोद तू ये बता तू आज लेट क्यों हुआ तू तो हमेशा मुझसे भी पहले आ जाता है
रुद्रा – कुछ नहीं यार वो आज उठने में थोड़ा सा लेट हो गया इसे वजह से
सन्नी – लगता है कल रात भर तू उसी के सपने देखता रहा जीशके वजह से आज तुझे उठने में लेट हो गया क्यों सही बोल रहा हूँ ना
रुद्रा – क्या यार सन्नी तू भी ना कुछ भी बोलता रहता है (ये सब कहते वक्त रुद्रा का चेहरा शर्म से लाल हो गयी थी)
सन्नी – आबे रहने दे रहने दे तेरा चेहरा देख के कोई भी बता देगा की तू साले झूठ बोल रहा है
इसे ही बातें करते करते वो दोनों कालेज पहुँच जाते हैं और कालेज में घुसते ही रुद्रा चारों तरफ देखने लगता है और सन्नी रुद्रा को यूँ चारों तरफ देखते हुए देख सन्नी समझ जाता है ये रुद्रा चारों तरफ इसे क्यों देख रहा है
सन्नी – आब्बी मजनू के चाहते हुए औलाद इसे क्या देख रहा है चारों तरफ तेरी लैला अभी तक नहीं आई है
रुद्रा – तुझे कैसे पता भी
सन्नी – आबे अगर तेरी लैला कालेज
अचूकी होती तो पार्किंग प्लेस में तेरी लैला के आशिक नितिन की कार जरूर पार्क होती क्यों समझ में आया
रुद्रा – (चिढ़ते हुए) आबे तुझे कितनी वार बोला है वो दोनों दोस्त होंगे यार
सन्नी – मेरे प्यारे भोले मैंने भी तुझे कितनी वार बोला है की वो दोनों कोई दोस्त बोस्ट नहीं लैला मजनू हैं लेकिन तू है की बात को समझता नहीं है
रुद्रा – नहीं यार मेरा दिल नहीं मानता हाँ शा भी तो हो सकता है की नितिन ही मेरी सोना के पीछे पड़ा हो और उस नितिन के साथ घूमना फिरना सोना की कोई मजबूरी हो और अगर वो दोनों एक दूसरे से प्यार करते भी हैं तो सोना हमेशा मुझे देख के मुश्कूराती क्यों है और उसके उस मुश्कं में प्यार झलकता है
सन्नी – पहले तो यार यही कहूँगा की तू स्वार्थ को मजबूरी का नाम मत दे और दूसरी बात सोना जैसी लड़कियाँ किसी एक की नहीं रही सकती जीशके पास भी ज्यादा पेसा और पावर रहेगा सोना उशिके पास जाएगी इसे वक्त नितिन का बाप हमारे गाँव का सरपंच है और बहुत बड़ा ज़मेंडर भी इसे लिए सोना नितिन के साथ है और रही बात तुझे देख के मुश्कूराने की तो बात ये है की तू साला हमारे गाँव और इसे कालेज का सबसे हॅंडसम लौंडा है और वो जानती है की तू उसे प्यार करता है इसलिए वो तुझे अपने उंगलियों पे नाचना चाहती है अब समझा
रुद्रा – चल तू कुछ भी बोला मात कर मेरी सोना ऐशी नहीं है वो तो बहुत अच्छी है समझा
सन्नी – साले एक दिन मरेगा इसे सोना के चक्कर में तब तुझे पत्ता चलेगा की में सच बोल रहा था
सन्नी – लो आ गाई तेरी सोना अपने मजनू नितिन के साथ , बोलो जाई सोना मैयाँ की , ये बोलकर सन्नी हस्सने लगता है
रुद्रा नितिन की कार के तरफ ही देखने लगता है , कार का दरवाजा खुलता है और उसमें से नितिन के साथ सोना बाहर निकलती है , सोना इसे कालेज की सबसे ज्यादा खूबसूरत लड़की थी , सोना को देखते ही रुद्रा सोना के खूबसूरती में खो जाता है ,नितिन और सोना दोनों धीरे धीरे आगे तरफ रहे थे , और जैसे ही सोना रुद्रा के सामने से गुजरती है तो रुद्रा को देख हल्का सा मुस्करा देती है
और सोना की ये मुश्कं सीधे आकर लगती है रुद्रा के दिल पे और रुद्रा इसे बात से बहुत खुश हो जाता है जैसे की उसे आज दुनिया की सबसे कीमती चीज़ मिल गयी हो सोना के मुश्कं के रूप में , और रुद्रा को इतना खुश देख सन्नी उसे कहता है
सन्नी – आब्बी ओये ज्यादा उड़ मात वरना जब ज़मीन पे गिरेगा ना तो बहुत दर्द होगा समझा , अब चल क्लास का वक्त हो गया है
फिर रुद्रा और सन्नी भी क्लास के तरफ चल देते हैं , क्लास तो शुरू होजती है लेकिन रुद्रा का दिल आज पढ़ाई में नहीं था उसका दिल तो सोना के ख्यालों में था और उसकी निगाहें भी सोना के ही ऊपर थी
इधर क्लास रूम में टीचर पढ़ा रहे थे उधर रुद्रा सोना को ही देख रहा था और सोना भी ये जानती थी की रुद्रा उसे ही देख रहा है
इसलिए वो बीच बीच में रुद्रा को देख मुस्करा देती है जिस से रुद्रा का दिल और भी ज्यादा मचल उठ था और वो और भी ज्यादा खुश हो जाता
इसे ही देखते देखते आज के सारे क्लास खत्म होजते हैं और कालेज की छूतीी होजती है और कालेज खत्म होने के बाद सब अपने अपने घर के तरफ चल देते हैं , सोना नितिन के साथ उसके गाड़ी में आई थी और नितिन के साथ ही घर लौट गयी
और रुद्रा और सन्नी दोनों बस में जा बैठे कुछ देर में बस गाँव में पहुँच जाती है और दोनों बस से उतरके अपने अपने घर के तरफ चलने लगते हैं
सन्नी – यार तूने आज रात के बारे में क्या सोचा है
रुद्रा – रात के बारे में?
सन्नी – आबे साले तू भूल गया आज गाँव में शाम को मेला लगने वाला है और हमें वहाँ जाना है
रुद्रा – अरे हाँ यार में इतनी बड़ी बात कैसे भूल गया
{UPDATE-05}
सन्नी – साले जबसे उसे सोना ने तुझे कालेज में दो चार स्माइल दिए हैं तुझे होश कहाँ है जो तू ये सब बातें याद रखेगा
रुद्रा – हाँ यार तू सही बोल रहा है सोना के प्यार में मेटो बबला बनता जा रहा हूँ कुछ करना पड़ेगा यार
सन्नी – क्या करेगा भी तू
रुद्रा – हाँ एक आइडिया है आज सोना मेले में जरूर आएगी और में अपने दिल की बात सोना को कह दूँगा
सन्नी – आबे बबला हो गया है का जो ऐशी बहकी बहकी बातें कार रहा है
रुद्रा – नहीं यार कुछ भी होज़ाये में आज सोना को कह कार रहूँगा अपने दिल की बात
फिर रुद्रा और सन्नी दोनों शाम को मेले के लिए मिलने के वेड के साथ दोनों अपने अपने घर की तरफ चल डेट हैं
शाम के 7 बज रहे थे और ईश्वक़्त रुद्रा अपने पापा के साथ उनके ढाबे पे था , और काम में अपने पापा का हाथ बता रहा था और इसी बीच वहाँ पे सन्नी भी अपहुँचता है और आ ही रुद्रा को आवाज़ देता है
सन्नी – आबे रुद्रा चलना नहीं है क्या , चल जल्दी लेट हो रहा है
रुद्रा’से पापा – कहाँ जाने का प्रोग्राम है तुम दोनों का बेटा
सन्नी – वो अंकल जी मेले में जाने का प्लान था
रुद्रा’से पापा – अरे रुद्रा बेटा तो तुम यहाँ क्या कार रहे हो जाओ सन्नी के साथ
रुद्रा – वो पापा कुछ पैसे चाहिए थे
रुद्रा’से पापा – जरूर बेटा ये लो और मजे करना तुम दोनों
अपने पापा से पैसे लेने के बाद रुद्रा सन्नी के साथ गाँव के मैदान के तरफ चल देता है जहाँ पे मेला लगा हुआ था
जब दोनों अंदर घुसते हैं तो दोनों की आँखें एक पल के लिए मेले का रौनक देख चमक उठती हैं , मेले में बहुत सारे दुकाने लगी हुई थी खाने पीने का दुकान से लेकर कपड़े का दुकान तक , बच्चों के खिलौने के दुकान से लेकर बड़ों के मनपसंद गिफ्ट’से के दुकान तक
और तो और तरह तरह के खेल भी वहाँ हो रहा था जैसे की बंदूक से निसना लगाओ और निसना सही लगने पर अपना पसंदीदा तौफा ले जाओ , और मौत का कुआँ जहाँ पे एक लड़का अपने बाइक से बिभिन्न तरह के करतब दिखा रहा था और इसी तरह के बहुत से
खेल थे
और सब देख देख के सन्नी और रुद्रा आगे तरफ रहे थे के तभी सन्नी की नज़र एक लड़की पे पड़ती है तो सन्नी उसे आँख मर देता है और बदले में वो लड़की भी सन्नी को आँख मर देती है और इसे बात से सन्नी उछाल पड़ता है
सन्नी – ओये रुद्रा सुन तू आगे निकल मुझे थोड़ा सा कम याद आ गया है में उसे निपटा के आता हूँ
रुद्रा – साले में सब समझता हूँ तू मुझे आगे भागके उसे लड़की के पास जाना चाहता है ना जिसने अभी अभी तुझे आँख मारी क्यों सही बोला ना
सन्नी – यार तूने देख लिया चल अब देख ही लिया तो अच्छा है अब जा में बाद में मिलता हूँ
रुद्रा – पर यार में अकेले यहाँ क्या करूँगा
सन्नी – आबे वो देख उसे दुकान पे वहाँ सोना खड़ी है और वो अकेली भी है
रुद्रा – कहाँ यार?
सन्नी – आबे वो देख , अब जा तू उसे अपनी दिल की बात कहना चाहता था ना अब जा
फिर रुद्रा सोना के तरफ तरफ जाता है और सन्नी उसे लड़की के तरफ
सोना ईश्वक़्त एक दुकान पे खड़ी अपने लिए एअर रिंग्स खरीद रही थी वो हर एक एअर रिंग’से को अपने कान पे लगाकर मिरर में देख रही थी और तभी
रुद्रा – ये एअर रिंग’से तुम पर बहुत अच्छी लगती है सोना
सोना पीछे पलट टीी है और अपने सामने रुद्रा को पति है
रुद्रा – ही सोना कैसी हो
सोना – में ठीक हूँ रुद्रा , क्या सच में ये एअर रिंग’से मुझपर अच्छी लगती हैं
रुद्रा – हाँ सोना ये सचमे तुम पे जचती हैं , में तो ये कहूँगा की ये वाले एअर रिंग’से क्या तुम पे तो सभी एअर रिंग’से अच्छे लगेंगे क्योंकि तुम बहुत खूबसूरत हो सोना
सोना – तांख्षकश रुद्रा वैसे तुम मेरी इतनी तारीफ करके मुझे सरमिंदा कार रहे हो
रुद्रा – सोना में तुमसे कुछ बात करना चाहता हूँ
सोना – हाँ रुद्रा कहो क्या कहना चाहते हो तुम मुझसे
रुद्रा – यहाँ नहीं सोना कहीं और चलते हैं
सोना – ठीक है तो चलते हुए बात करते हैं
रुद्रा – ठीक है , और फिर दोनों वहाँ से चल देते हैं और फिर रुद्रा हिम्मत जुटा लेता है सोना से अपनी दिल की बात कहने के लिए
रुद्रा – सोना में ये बात जो तुमसे कहना चाहता हूँ वो मेरे लिए बहुत जरूरी है , ये बात में तुमसे हमेशा से कहना चाहता था पर कभी कह नहीं पाया लेकिन आज कहूँगा , सोना में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और में तुमसे तबसे प्यार करता हूँ जबसे में प्यार का मतलब भी नहीं समझता था ई लव यू वेरी मच सोना
ये सुनकर सोना के चेहरे का रंग उड़ जाता है जो कुछ देर पहले तक खिला हुआ था अब वो सोना का चेहरा फिक्का पड़ चुका था , दोनों बस एक दूसरे को बहुत देर तक देखते रहते हैं फिर इसे छुपीी को रुद्रा ही तोड़ता है
रुद्रा – क्या हुआ सोना तुमने कुछ जवाब नहीं दिया
नितिन – जवाब में देता हूँ साले , ये शब्द सुनते ही दोनों सोना और रुद्रा पीछे पलट ते हैं तो अपने सामने नितिन को पत्ते हैं जो ईश्वक़्त बहुत गुस्से में था
नितिन
– साले तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरे प्यार पर हाथ फेरने की कोशिश किया रुक्क साले अभी बताता हूँ
फिर नितिन आगे बढ़ता है और रुद्रा के ऊपर हाथ उठा देता है और फिर रुद्रा को मरने लगता है , सोना बीच में आती है और नितिन को रोककती है
सोना – नितिन ये क्या कार रहे हो रुक्क जाओ चोदा इसे
नितिन – नहीं सोना मेरा हाथ चोद इसे साले को में नहीं चोदूंगा आज साले ने तेरे ऊपर नज़र डाली
सोना – नितिन शांत होजाओ चोदा इसे और रुद्रा तुम जाओ यहाँ से और आइन्दा से मुझसे मिलने की कभी कोशिश भी मत करना
फिर रुद्रा सोना के आँखों में देखता है लेकिन उसे अपने लिए सोना के आँखों में प्यार नज़र नहीं आता है और फिर रुद्रा वहाँ से अपने आँखों में आस्यू लिए चल देता है
रुद्रा अपने आँखों से आस्यू पोछते हुए मेले के बाहर जा रही था , आज उसका दिल टूट चुका था उसने अपने प्यार को पाने से पहले ही खो दिया था , और वो अपने आप में ही खोया हुआ आगे चल रहा था उसे ये भी ख्याल नहीं था की वो किस और जा रहा है फिर वो किसी से टकरा जाता है और जब वो उस स्क्स को देखता है जिस से वो टकराया था तो अपने सामने सन्नी को पत्ता है
सन्नी – क्या हुआ भी तू इतने जल्दी में कहाँ जा रहा है
रुद्रा – घर जा रहा हूँ यार यहाँ पे अच्छा नहीं लग रहा है
सन्नी – क्या हुआ तुझे तू इतना उदास क्यों है यार
रुद्रा – कुछ भी नहीं है यार
सन्नी – तो तू अब मुझसे भी छुपाएगा
रुद्रा – पहले यहाँ से चल यार फिर तुझे बताता हूँ
फिर दोनों मेले से बाहर निकल जाते हैं और गाँव के नदी के तरफ चल देते हैं और दोनों नदी के किनारे बैठ जाते हैं फिर रुद्रा सन्नी को सारी बातें बता देता है और नितिन ने रुद्रा को मारा ये सुनकर सन्नी को गुस्सा आ जाता है
सन्नी – उस साले की इतनी हिम्मत की वो तुझ पर हाथ उठाए चल अभी मेरे साथ उस साले की औकाड दिखाते हैं उसे
रुद्रा – शांत होज़ा यार तुझे मेरी कसान में जनता था की जब तू ये बात सुनेगा तो तुझे बहुत गुस्सा आएगा इसे लिए में तुझे यहाँ लेआा था , चल अब ये सब बातें चोद और ये बता तू जिस लड़की के पास गया था वहाँ कुछ हुआ या नहीं
सन्नी – (अपने गुस्से को शांत करके) हुआ ना यार बहुत कुछ हुआ
रुद्रा – क्या हुआ
सन्नी – क्या बताऊं यार तुझे में अपनी तो साली किस्मत ही पांडु है , जिसे मैंने समझा हूर की पड़ी वो तो जाहानुं का पड़ा निकला
रुद्रा – क्या मतलब में कुछ समझा नहीं यार
{Update-06}
सन्नी – यार में उसे लेकर कुछ देर के लिए उस खाने के स्टॉल के पीछे गया था जहाँ पे अंधेरा था सोचा था मेजे करूँगा लेकिन मुझे उल्टा ही 2000वॉट का बिजली का झटका लगा यार
रुद्रा – क्यों क्या हुआ यार
सन्नी – अरे यार अंधेरे में मैंने उसके साथ मजे लूटने स्टार्ट कर दिया कुछ देर उसके तेननईश बॉल के साथ खेला फिर उसके होठों(लीप’से) के साथ और जब में नीचे उसके
होल में हाथ फेरने लगा तो वहाँ पे एक होल के जगह पे एक स्टिक था
रुद्रा – क्य्ाआआआआअ
सन्नी – हाँ यार वो कोई लड़की नहीं थी में तो ये कहूँगा वो ना तो लड़की थी और ना ही लड़का वो बीच का था वो एक हियिरा था साले
सन्नी की बातों को सुनकर रुद्रा का मान जो कुछ देर पहले दुखी था वो अब खुश हो जाता है और रुद्रा ज़ोर ज़ोर से ठहाके लगाने लगता है ज़ोर ज़ोर से रुद्रा हस्सने लगता है और रुद्रा को हस्सते हुए देख सन्नी चिढ़ जाता है और रुद्रा को गली देने लगता है —————– और ठीक उसी वक्त मायवी दुनिया में
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मायवी दुनिया के स्टेट डेत वाली में ईश्वक़्त मौसम बहुत ठंडा था , जिधर भी नज़र जाए वहाँ सिर्फ़ बर्फ ही बर्फ नज़र आ रही था , डेत वाली के पहाड़ियाँ बर्फ से ढकी हुई थी और बर्फ ने डेत वाली को पूरी तरह से ढक लिया था , बारे बारे पेड़ के दहनियों के ऊपर बर्फ थी पेड़ के पत्तों के ऊपर बर्फ थी डेत वाली के मकानों के ऊपर भी बर्फ ही बर्फ था , और इसे चाँदनी रात में जब चाँद की रोशनी इन बर्फ के ऊपर पड़ रही थी तो डेत वाली की खूबसूरती और भी ज्यादा तरफ रही थी
डेत वाली इसे पूरे मायवी दुनिया की सबसे खूबसूरत स्टेट था ये कहने की जरूरत नहीं थी क्योंकि ये सभी स्टेट’से जानते थे और डेत वाली के इसे खूबसूरती से जलते भी थे और वो सब ये भी जानते थे की खूबसूरत चीज़ बहुत खतरनाक भी होती है और ये डेत वाली भी खूबसूरत के साथ साथ बहुत खतरनाक भी था
ईश्वक़्त डेत वाली के जुंगलेओं में एक यूनिकॉर्न(एक शा घोड़ा जीशके सर के ऊपर सिंग होता है और वो घोड़ा उड़ भी सकता है उसके दो बारे बारे पंख भी होते हैं , लोगों का कहना है की इन यूनिकॉर्न’से में कुछ रहस्य माई ताकतें भी होती हैं) डेत वाली के जुंगेलों में एक यूनिकॉर्न घूम रहा था और अंधेरे में कोई उसे यूनिकॉर्न को चुप चुप के देख रहा था
यूनिकॉर्न शायद खाने के तलाश में भटक रहा था इसे बर्फीले जंगल में और उस से कुछ दूर पे एक परछाई उशपे नज़र रखे हुए थे और कुछ देर बाद वो परछाई आगे बढ़ता है उसके चेहरे पे चाँद की रोशनी पड़ती है और ये परछाई कोई और नहीं अग्नि था
और जैसे ही अग्नि उसे यूनिकॉर्न के ऊपर छलाँग लगाने को होता है की तभी उसे यूनिकॉर्न को आभास हो जाता है की कोई उसे पर हमला कार रहा है इसे लिए वो यूनिकॉर्न तेजिसे वहाँ से भागने लगता है और उसके पीछे अग्नि भी तेजिसे भागने लगता है देखते ही देखते उसे यूनिकॉर्न की रफ्तार और बदहजति है और साथ में अग्नि की भी दोनों बहुत तेजिसे भाग रहे थे
फिर वो यूनिकॉर्न भागते हुए जंगल से बाहर निकल आता है और पहाड़ी के तरफ आ जाता है और फिर वो यूनिकॉर्न जैसे ही उड़ने के लिए अपने पंख खोलता है अग्नि पीछे से उसके ऊपर जंप करदेता है और एक जोरदार मुक्का उसे यूनिकॉर्न के चेहरे पे झड़ देता है जिस से वो
यूनिकॉर्न नीचे गिरर जाता है और अग्नि अपना मुंह खोलता है और देखते ही देखते अग्नि के दो दाँत नुकीले आकर में तरफ जाते हैं और फिर अग्नि झपट पड़ता है उसे यूनिकॉर्न के गर्दन के ऊपर और अपने दोनों नुकीले दाँतों को गॅड देता है यूनिकॉर्न के गर्दन में
बहुत देर तक अग्नि उसे यूनिकॉर्न का खून पिता रहता है और जब वो उस यूनिकॉर्न के शरीर के आख़िर बंद तक का खून पिजाता है तब वो अपने नुकीले दाँतों को उसे यूनिकॉर्न के गर्दन से निकलता है , जब अग्नि उस यूनिकॉर्न के ऊपर से उठ खड़ा होता है तो उसके चेहरे पे चाँद की रोशनी पड़ती है और उसका चेहरा साफ साफ दिखने लगता है अग्नि के मुंह में यूनिकॉर्न का खून लगा हुआ था और अग्नि अपने मुंह को पोछते हुए पहाड़ी के छोटी के तरफ तरफ जाता है जो की कुछ ही कदम दूर थे वहाँ से अग्नि ईश्वक़्त एक बर्फीले पहाड़ी के छोटी पे खड़ा चाँद के तरफ देख रहा था और शायद चाँद में किसी को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा था , उस यूनिकॉर्न की लाश अभी भी अग्नि से कुछ कदम पीछे पड़ा हुआ था
कुछ देर बाद एक और काला साया जंगल से होते हुए उस पहाड़ी के ऊपर अपहुँचता है और सबसे पहले उस काले साए की नज़र पड़ती है उस मारे हुए यूनिकॉर्न के ऊपर और फिर पहाड़ी के छोटी पे खड़े अग्नि के ऊपर फिर वो काला साया अग्नि के तरफ तरफ जाता है
वो काला साया अग्नि के पास जा पहुँचता है उस पहाड़ी के छोटी पे पहुँचते ही उसके चेहरे पर भी चाँद की रोशनी पड़ती है और ये काला साया कोई और नहीं अग्नि की आंटी शीतल थी , अग्नि की आंटी अग्नि के कंधे पे हाथ रख देती हैं और कहती हैं
अग्नि’से आंटी – बेटा इसे क्या देख रहे हो चाँद में कहीं तुम वर्षा को याद तो नहीं कार रहे
अग्नि – सही कहा आंटी आप ने में सिर्फ़ उन्न लोगों को याद ही कार सकता हूँ जिन्हें में कभी सबसे ज्यादा प्यार किया करता था पर कभी मिल नहीं सकता क्योंकि आप ने जो मुझे एक वेमपाइर बना दिया है
अग्नि’से आंटी – बेटा तुमने अभी तक अपने इसे जिंदगी को अपनाया नहीं है मेरा कहना मानो बेटा उन्न सबको भूल जाओ और अपने इसे नये जिंदगी को अपना लो
अग्नि – कैसे भूल जाऊं उन्न सबको आंटी भले ही में आज एक वेमपाइर बन चुका हूँ मेरे सीने में मौजूद दिल ने धड़कना बंद कर दिया हो लेकिन में उन्न लोगों को कभी भी भूल नहीं सकता वो सब हमेशा मेरे दिल के किसी कोने में मौजूद रहेंगे और वर्षा के लिए हमेशा मेरा प्यार वैसा ही रहेगा जैसे पहले था
अग्नि’से आंटी – बेटा तुम्हें इन सब बातों को भुला के अपने मक्षद के बारे में सोचना चाहिए जीशके लिए हम सब यहाँ इसे मायवी दुनिया में आए हैं
अग्नि – आंटी अगर में अपने मक्षद के बारे में भूल गया होता तो अभी ये जो यूनिकॉर्न मारा हुआ पड़ा है वो जिंदा होता , हमारे इसे मक्षद के लिए न जाने मैंने कितने बेगुनाह और बेकसूर यूनिकॉर्न
को मर्डिया है
अग्नि’से आंटी – बेटा शायद तुम भूल रहे हो की इन्हीं यूनिकॉर्न’से के खून पीने के वजह से आज तुम इतने ताकतवर हो , और इन्हीं यूनिकॉर्न’से के खून के वजह से तुम्हारे अंदर मौजूद सम्राट की ताक़तें और भी ज्यादा मजबूत और ताकतवर हो गये हैं और तो और इन्हीं यूनिकॉर्न’से के खून पीने के वजह से तुम्हारे पास एक सुरकसा कबच है जो तुम्हें हर मुस्सिबत से बचाती है
अग्नि – सही कहा आप ने आंटी पर शायद आप भूल रहे हैं की इन यूनिकॉर्न’से का खून पीके कोई भी पचा नहीं सकता चाहे वो कितना भी ताकतवर हो और जिसने भी इन यूनिकॉर्न’से का खून पीके उसे पचा दिया वो यटो खुद शैतान होता है या फिर शैतान की औलाद और इन यूनिकॉर्न’से के खून पीने की वजह से उसे कभी भी एक पल के लिए खुशी नहीं मिलती
हमेशा दुख दर्द तकलीफ को अपने दिल में दबाए सदियों तक अकेला घूमता रहता है , और मेरा भी हाल वैसा ही होने वाला है आगे , दुनिया के अंत तक एक शापित जिंदगी के साथ अकेला भटकता रहूँगा और ये सब आप के बदौलत आंटी सब आप के और अंकल के बदौलत
अग्नि अपने दर्द को अपने आंटी के सामने बयान करके वहाँ से चला जाता है और अग्नि की आंटी उसे जाती हुई देखती रहती हैं ,,,,,,,,,,,,, और उसी वक्त इंसानी दुनिया में
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ईश्वक़्त रुद्रा अपने कमरे में बेड पे लेता हुआ था और सोने की कोशिश कार रहा था लेकिन उसके आखों से नींद कोसों दूर थी , रुद्रा बेड पे सिर्फ़ करवट ही बदलता रहता है और जब बहुत देर तक सोने की कोशिश करने के बाद भी नींद नहीं आई तो वो उठ के बेड पे बैठ जाता है
और घड़ी में टाइम देखता है तो पता है की रात के 11 बज रहे हैं और फिर वो बेड से उठ खड़ा होता है और सोचता है की चाहे आज कुछ भी होजए लेकिन वो सोना से पूछके ही रहेगा की आख़िर उसमें ऐशी क्या कमी है और यही तनके रुद्रा अपने घर से निकल पड़ता है सोना के घर के तरफ
रुद्रा कुछ ही देर में सोना के घर के सामने पहुँच जाता है और चारों तरफ देखने लगता है , रात के 10 बजे तक गाँव में सभी खाना खाके सो जाते थे और इसे वक्त भी सभी के घर के दरवाजे बंद थे जब रुद्रा को तसल्ली होजती है की कोई नहीं देख रहा है वो पास में पड़े एक पठार को उठता है और सोना के कमरे के खिड़की पे मरता है और कुछ देर तक वहीं खड़ा रहता है लेकिन कोई भी खिड़की को नहीं खोलता है इसे लिए रुद्रा दुबारा से एक और पठार मरता है और इसे बार कुछ देर बाद सोना अपने रूम की खिड़की खोलती है
जब सोना अपने रूम की खिड़की खोलती है तो पति है की नीचे रुद्रा खड़ा है और उसे नीचे बुला रहा है फिर सोना चुप के से अपने घरवालों से छूपते छिपाते बाहर आती है और आ ही
सोना – रुद्रा तुम पागल हो गये हो क्या इतनी रात को यहाँ क्या कार रहे हो और इन सब चीज़ों का क्या मतलब है
रुद्रा – सब बताता हूँ पहले यहाँ से कहीं और चलें
सोना –
ठीक है नदी के पास चलते हैं वहीं बात करेंगे
फिर सोना और रुद्रा नदी किनारे चल देते हैं इतनी रात में भी नदी किनारे रोशनी थी , इतनी रात को जब चाँद की रोशनी नदी के ऊपर पड़ती तो वहाँ थोड़ा सा उजाला फेल जाता और वो नदी का किनारा बहुत खूबसूरत भी दिखने लगता , दोनों आकर नदी किनारे बैठ जाते हैं फिर
सोना – बोलो तुम्हें क्या बोलना था
रुद्रा – सोना में सिर्फ़ तुमसे यही पूछना चाहता हूँ की आख़िर शा क्या कमी है मुझमें जो तुम मुझे अपना नहीं सकते
सोना – तुम बहुत अच्छे हो रुद्रा और में तुम्हें बहुत पसंद भी करती हूँ लेकिन
रुद्रा – लेकिन क्या सोना
सोना – रुद्रा में इन सब प्यार जैसे चीज़ों पर यकीन नहीं करती
रुद्रा – तो तुम उसे नितिन के साथ क्या कार रही हो
सोना – देखो रुद्रा जिंदगी गुजरने के लिए सबसे बड़ी चीज़ जो हमें चाहिए वो है पेशा और वो नितिन के पास बहुत है इसलिए में नितिन के साथ हूँ
रुद्रा – तो क्या तुम्हारे नजरों में प्यार से बढ़कर पेशा है
सोना – हाँ बिलकुल आज के जमाने में अगर हमारे पास पेशा है तो सबकुछ है , में तुम्हें पसंद करती हूँ लेकिन तुम्हारे पास इतने ज्यादा पेशे नहीं है यही कमिई है तुम में रुद्रा हाँ अगर तुम्हारे पास भी नितिन के तरह बहुत पेशे होते तो में जरूर तुम्हारे साथ होती
रुद्रा – तो तुम कहना चाहती हो की अगर में भी नितिन के बाप की तरह बहुत पेशा कमा लंड तो तुम मेरी होजाओगी
सोना – हाँ बिलकुल
रुद्रा – ठीक है सोना में तुमसे वादा करता हूँ में भी बहुत पेशा कमलूँगा नितिन के बाप की तरह और फिर तुम मेरी होगी
सोना – वो तो ठीक है रुद्रा लेकिन तुम्हारे पास वक्त बहुत कम है क्यूंकीी नितिन अगले हफ्ते मेरे घर अपने मां बाबा के साथ आ रही है मेरे हाथ माँगने के लिए
रुद्रा – क्य्ाआआअ इतनी जल्दी
{UPDATE-07}
रुद्रा और सोना दोनों बात कार ही रहे थे की एक तेज रोशनी आश्मन से गिरने लगती है , आश्मन से एक सुनहरे रंग की रोशनी नीचे ज़मीन पे गिरर रही थी
रुद्रा – ये क्या है जो आश्मन से गिरर रहा है
सोना – रुद्रा लगता है आश्मन से कोई सोने का पठार गिरर रहा है
रुद्रा – फिर तो ये सोने का पठार बहुत कीमती होगा और ये हमारे मुश्किलों को हाल कार सकता है
सोना – हाँ कार तो सकता है लेकिन ये तो जंगल के उस तरफ जाकर गिरा है और लोगों का कहना है की जंगल के उस तरफ आज तक कोई नहीं गया है और जो भी गया है वो आज तक लौट के नहीं आया है
रुद्रा – कोई बात नहीं में उस तरफ के जंगल में जाऊंगा और उस सोने के पठार को लेकर आऊंगा
सोना – रुद्रा वो जंगल बहुत खतरनाक है
रुद्रा – कोई बात नहीं सोना में तुम्हारे लिए हर खतरा उठाने के लिए तैयार हूँ
और ये सुनकर सोना बहुत खुश होजती है और रुद्रा को गले लगा लेती है और फिर दोनों अपने अपने घर के तरफ चल देते हैं
जो कुछ देर पहले आश्मन
से सुनहरी चीज़ गिरी थी उस से कुछ देर पहले मायवी दुनिया में,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ईश्वक़्त मायवी दुनिया में – अग्नि के मायवी दुनिया में अजाने से मायवी दुनिया में हलचल मची हुई थी और सारे स्टेट’से बहुत परेशान होचुके थे इसलिए मायवी दुनिया के कुछ खास लोग ईश्वक़्त गंधर्व नगरी में इकट्ठे हुए थे इसे मसले पर आलोचना करने के लिए
गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ भी इन्हीं खास लोगों में से एक थे और वो अपने तबीयत खराब होने के बावजूद यहाँ गंधर्व नगरी में आए थे और ईश्वक़्त वो गंधर्व नगरी के महाराज लॉर्ड देवधर के साथ एक पहाड़ी की और तरफ रहे थे कुछ देर में वो दोनों उसे पहाड़ी के छोटी के ऊपर पहुँच जाते हैं
पहाड़ी का ये छोटी और भी बहुत से बारे बारे पहाड़ों से घिरा हुआ था और चारों तरफ से उन्न पहाड़ों के झरनों(वॉटरफॉल) से पानी बह रहा था
उस पहाड़ी के छोटी पे एक खूबसूरत सा कमरा बनाया गया था जीशमे ना तो चाट थी और ना ही उस कमरे में दीवारें थी हाँ दीवारों के बदले खूबृुरत चार पिलर थे और उस खुले असमनी कमरे में बैठने के लिए कुछ कुर्शियाँ थी
गंडर और गंधर्व नगरी के दोनों महाराज उस असमनी कमरे में पहुँच जाते हैं और जैसे ही दोनों वहाँ पहुँचते हैं दोनों की नजरें पड़ती हैं एक महिला के ऊपर वो महिला झरने के तरफ अपना मुंह करके खड़ी हुई थी
और जैसे ही इन दोनों की नज़र उस महिला के ऊपर पड़ती है गंडर के महाराज के मुंह से बस एक ही लाव्ज निकलता है रानी पड़ी पद्मिनी
और फिर रानी पड़ी पद्मिनी पीछे पलट ते हैं , रानी पड़ी पद्मिनी यानि की परिलोक की महारानी , रानी पड़ी पद्मिनी इतनी खूबसूरत हैं की जो कोई भी उन्हें एक बार देखे बस देखता ही रहजाये उनकीी जितना खूबसूरत महिला इसे पूरे काईनात में कोई नहीं होगा उनके आँखों से प्यार दया करुणा बरसती है और जब वो मुश्कूराती हैं तो उनके आस्स पास मौजूद सभी के दर्द और तकलीफ दूर हो जाता हैं
रानी पड़ी पद्मिनी धरती के ऊपर मौजूद परिलोक में रहती है और आज बहुत सालों बात धरती पे आई हैं , रानी पड़ी पद्मिनी धीरे धीरे दोनों महाराज के तरफ बढ़ती हैं और दोनों महाराज अपना सर को झुकाके उनका इसटेक्वाल करते हैं
रानी पड़ी पद्मिनी – एक बहुत ही बहुत ही लंबा अरशा बीिट चुका है
गंडर’से किंग – एक लंबा अरशा बीत गया मगर वक्त का आप के ऊपर कुछ असर नहीं हुआ महारानी पद्मिनी , जवाब में रानी पड़ी के चेहरे पे एक हल्का सा मुश्कं आ जाता है
गंडर’से किंग – मुझे कोई अंदाज़ा नहीं था महारानी की लॉर्ड देवधर ने आप को बुलवा भेजा था
गुरुजीी – उन्होंने मुझे नहीं बुलवाया था में खुद ही यहाँ आ गया था
और सब इसे आवाज़ के तरफ मुड़ते हैं तो सामने गुरु ब्राम्हनंद को पाते हैं और सभी उन्हें नमस्ते करते हैं सिवाय रानी पड़ी के फिर सभी वहाँ मौजूद
कुर्सियों पे बैठ जाते हैं
गुरुजीी – महाराज बिस्वजीत सिंग मैंने ही आप को यहाँ बुलवा भेजा था और मैंने ही महारानी को यहाँ बुलवाया था और ये सब मैंने क्यों किया ये आप सभी जानते होंगे
लॉर्ड देवधर – हाँ अब ये मसला बहुत ही गंभीर हो गया है हमें और हम सबको मिलकर इसे समस्या का जल्दी ही हाल निकलना होगा क्योंकि हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं हैं
गुरुजीी – हाँ अग्नि के पास ईश्वक़्त बहुत ज्यादा ताकतें हैं और उसने जिसे तरह से प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को मारा और उन्न वारएवोल्फ’से के फौज को निस्टोनबूत किया वो सच में काफिई चिंता जनक है हमारे लिए क्योंकि अग्नि अगला वार किशिके भी ऊपर कार सकता है
रानी पड़ी – क्या सच में अग्नि इतना खतरनाक है सोचिए ज़रा आप सब
गुरुजीी – ये आप क्या कह रहे हैं महारानी
रानी पड़ी – सही तो बोल रहे हैं हम , अग्नि ने उन्न वारएवोल्फ’से को क्यों मारा और क्यों उसने प्रिन्स ऑफ वारएवोल्फ’से को मारा बताइए हमें , सारे स्टेट’से के मना करने के बाद भी क्या जरूरत थी वारएवोल्फ’से को डेत वाली के ऊपर हमला करने की , अग्नि ने बस सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने इलाके का और अपने लोगों का रक्षा किया है , हम जानते हैं की अग्नि के पास सम्राट की ताक़तें हैं वो सम्राट का अंश है सम्राट का दिल(हार्ट) उसके सीने में है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की हम उसे सम्राट की तरह बुरा मान ले और हमें यकीन है की अग्नि के दिल में कनीन ना कहीं आज भी अचाई होगी
लॉर्ड देवधर – तो आप ही बताइए महारानी हम क्या करे
रानी पड़ी – हम अग्नि से एक बार मिलना चाहते हैं और उस से बात करके उसे समझना चाहते हैं
गुरुजीी – अगर वो नहीं मना तो
रानी पड़ी – हमें यकीन है अग्नि हमारे बात को मानेगा और हमारे साथ जाने के लिए तैयार हो जाएगा
गुरुजीी – में आप के ऊपर शक नहीं कार रहा हूँ महारानी परंतु फिर भी यही पूछूँगा की अगर अग्नि नहीं मना तो हम सब क्या करेंगे
रानी पड़ी – अगर इसे परिस्थिटी आ जाती हैं तो हमें उन्न कठिन परिस्थिटी से एक ही स्क्स निकल सकता है और वो है गंडर का नया राजा
गंडर’से किंग – हम कुछ समझे नहीं महारानी
रानी पड़ी – महाराज आज कल आप की तबीयत खराब है और आप की तबीयत दिन बीए दिन और खराब होती जाएगी इसलिए अब वक्त आ गया है की गंडर को नया राजा मिले जो शर वीर हो जीशके सीने में दया और करुणा हो जो अपने प्रजा को समझे जो सच के लिए मौत से भी टक्कराने से नहीं डरे
गंडर’से किंग – हम समझ गये महारानी
फिर रानी पड़ी सबसे जाने के लिए इजाज़त मांगती हैं और अपने जादुई दंड(मॅजिक स्टिक) को निकलकर आश्मन के तरफ इशारा करती हैं और फिर देखते ही देखते रानी पड़ी वहाँ से गायब होजती हैं
रानी पड़ी के जाने के बाद गुरुजीी गंडर के महाराज से पूछते हैं
गुरुजीी – महाराज आप के साथ यहाँ आप के दोनों
बेटे भी आए हुए हैं ना
गंडर’से किंग – जी हाँ गुरुजीी
गुरुजीी – महाराज तो फिर हमें देर नहीं करना चाहिए
लॉर्ड देवधर – हाँ महाराज गुरुजीी सही कह रहे हैं
गंडर’से किंग – शायद आप सही कह रहे हैं
फिर गंडर के महाराज सिपाहियों के हाथों अपने दोनों बेटों को बुलवा भेजते हैं और कुछ देर में गंडर के दोनों राजकुमार वहाँ पहुँचते हैं , गंडर के दोनों राजकुमारों के नाम थे कुंवर विक्रांत और कुंवर यश , ये दोनों कुंवर बहुत ही बहादुर योढ़ा थे और काबिल राजकुमार भी
कुंवर विक्रांत – जी पिताजिी आप ने हमें बुलवाया
गंडर’से किंग – मेरे बच्चों अब वक्त आ गया है की गंडर को एक नया राजा मिले इसलिए मैंने तुम दोनों को यहाँ बुलवाया है , तुम दोनों हर एक चीज़ में एक समान हो चाहे वो युधकला हो या राजनीति या कोई खेल प्रतियोगिता कोई भी किसीसे कम नहीं है इसलिए मैंने तुम में से किसी एक को चुन ने के लिए एक तरकीब निकली है
कुंवर यश – कैसी तरकीब पिताजिी
फिर गंडर के महाराज अपने गले में पहने हुए एक सोने के हार को निकलते हैं जीशमे एक नीले रंग का रत्ना जुड़ा हुआ था और उस हार को हवा में उछाल देते हैं जिस से वो हार नीचे ज़मीन पे गिरने के बजे हवा में ही तैयार ने लगता है फिर
गंडर’से किंग – मेरे बच्चों ये हार कोई मामूली हार नहीं है इसमें लगा हुआ रत्ना दिव्या है और हमारे परिवार के हर एक राजा ने इसे पहना है और इसे रत्ना को पहनते ही उसे राजा में भी कुछ दिव्या सकतियाँ आ जाती है और में इसे हार को अब बहुत दूर फेंकने वाला हूँ और इसे हार को सिर्फ़ वही ढूंढ.
के लसक़्ता है जीशमे हमारे परिवार का शाही कोन हो और वही बनेगा गंडर का नया महाराज
फिर गंडर के महाराज हवा में लहराते उस हार को अपने हाथ में लेते हैं और आश्मन के तरफ फेंक देते हैं और वो हार तेजिसे आश्मन के तरफ बढ़ने लगता है उसकी रफ्तार इतनी तेज थी की कुछ ही देर में वो हार धरती के बाहर चली जाती है और उसकी रफ्तार इतनी तेज थी की वो तारों और सितारों से भी आगे निकल जाती है फिर आश्मन में एक धमाका होता है बूंमम्ममममममममम ये आवाज़ ऐशी थी जैसे प्याले आ गया हो फिर वो रत्ना हार नीचे के तरफ गिरने लगती है और जीतने तेजिसे वो आश्मन में गयी थी उस से भी ज्यादा तेज रफ्तार के साथ नीचे धरती की और गिरने लगती है जब वो नीचे गिरर रही थी तो वो सुनहेरे रंग के रोशनी फैलाए नीचे धरती के तरफ आने लगती है और देखते ही देखते वो धरती पर एक तेज आवाज़ के साथ धदाांम्म्मममम करके नीचे ज़मीन पे गिरती है
रुद्रा सोना से बात करने के बाद अपने घर लौट आता है लेकिन वो जैसे ही घर के सामने पहुँचता है पत्ता नहीं उसे क्या होता है वो जंगल के तरफ चल देता है और जंगल के तरफ जाते वक्त उसके दिमाग में सिर्फ़ एक ही ख्याल था
रुद्रा – मुझे जल्दी से जंगल में जाना होगा वरना क्या पत्ता मुझसे पहले कोई और वहाँ पहुँच जाए और उस आश्मन से गिरे हुए चीज़ को ढूंढ. ले , यही सब सोचते हुए रुद्रा कुछ ही देर में जंगल के सरहद के पास पहुँच जाता है
सरहादपुर के बुजुर्गों का कहना था की सरहादपुर के जंगल के उस पार से दूसरी दुनिया शुरू होती है जो की इंसानों की दुनिया नहीं थी , और इसी वजह से इसे गाँव का नाम सरहादपुर रखा गया था , और गाँव वालों ने गाँव और जंगल के बीच एक दीवार भी बना दिया था और गाँव वालों ने एक बूढ़े आदमी को इसे जंगल का पहरेदार बना दिया था ताकि कोई भी कभी भी जंगल में ना जा सके
रुद्रा चलते चलते हुए उस दीवार तक अपहुँचा था और रुद्रा को दीवार तक आते हुए दीवार का पहरेदार देख लेता है और फिर
पहरेदार – वीर सिंग फिर से नहीं
{UPDATE-08}
रुद्रा – जी असल में में वीर सिंग नहीं उनका बेटा रुद्रा हूँ
पहरेदार – तुम जरूर कुछ कुछ अपने पिताजिी की तरह लगते हो बेटे और मेरे ख्याल से तुम भी दीवार पार करने के इचुक हो
रुद्रा – क्या इसे से भी पहले किसने दीवार पार किया था?
पहरेदार – क्या नहीं तो किसने भी तो नहीं किया था कोई भी दीवार पार नहीं कर सकता ये तुम जानते हो और सभी भी ये जानते हैं
रुद्रा – हाँ मुझे पत्ता है में समझता हूँ खैर यही बेहतर होगा की में अपने घर लौट जाऊं
पहरेदार – ठीक है रुद्रा गुड नाइट बेटे अपने पिताजिी को मेरी और से सुबह कामनाएँ देना
रुद्रा – गुड नाइट
और फिर रुद्रा पीछे पलट के चल देता है अपने घर के तरफ और ये देख पहरेदार भी पीछे पलट के अपनी जगह पे जाने लगता है और पहरेदार जैसे ही पीछे पलट था है
रुद्रा तेजिसे उस दीवार की और भागता है और दीवार कूदके जाने की कोशिश करता है लेकिन पहरेदार भी उतनी ही तेजिसे रुद्रा को रोक देता है और अपने पकड़े हुए डंडे से पीछे धकेल देता है जिस से रुद्रा पीछे हॅट जाता है लेकिन रुद्रा फिरसे दीवार पार करने की कोशिश करता है लेकिन इसे वार भी पहरेदार उसे रोक देता है और उछाल उछाल के वो बूढ़ा पहरेदार रुद्रा को दो किक मरता है जिस से रुद्रा नीचे ज़मीन पे गिरर जाता है
पहरेदार – (मुस्कुराते हुए) अब घर जाओ रुद्रा बेटे
फिर क्या होना था रुद्रा अपना चेहरा लटकाए वहाँ से घर लौट आता है और वो पहरेदार वहाँ खड़ा मुश्कूराता रहता है
जब रुद्रा अपने घर में घुसता है तो पत्ता है की घर का चाट का दरवाजा खुला है इसलिए वो चाट के तरफ चल देता है , रुद्रा चाट पे अपने पपाजिी को पता है जो चाट पे बैठे थे और पटियाला के पेग लगा रहे थे
पपाजिी – अरे बेटा तुम अभी तक सोए नहीं
रुद्रा – नहीं पपाजिी में थोड़ा सा बाहर गया था
पपाजिी – बेटा ये तुम्हारे मुंह से खून कैसा निकल रहा है कहीं किसी ने तुम्हें मारा तो नहीं ना
रुद्रा – वो पपाजिी उस दीवार के पहरेदार ने मुझे मारा था
पपाजिी – क्या उस बूढ़े ने बेटा उसकी उमर 90साल हो चुकी है तुम उस से पीट गये
रुद्रा – पपाजिी उसके पास कुछ काम धंधा तो है नहीं दिन भर उस दीवार के पास बैठा रहता है इसलिए उसे बहुत टाइम मिलता होगा अपने आप को फिट रखने की
पपाजिी – अच्छा वो चोदा ये बताओ तुम दीवार के पास क्यों गये थे और दीवार क्यों पार करना चाहते थे
रुद्रा – पपाजिी में भी यही सवाल आप से करना चाहता हूँ
पपाजिी – लगता है वक्त आ गया है बेटा तुम्हें सब कुछ बताने का
रुद्रा – क्या बातेने को पपाजिी
पपाजिी(वीर सिंग) – बेटा ये तब की बात है जब तुम पेड़ा भी नहीं हुए थे में उस वक्त तुम्हारी उमर का था और तुम्हें तो ये पत्ता होगा की हमारा जो ये ढाबा है ये तुम्हारे दादज़िी ने यानि की मेरे पपाजिी ने शुरू किया था और में उनकी मदद किया करता था ढाबे में , रोजाना पपाजिी के साथ ढाबे में जाना और काम में पपाजिी का हाथ बताना यही मेरा रोज का काम हो गया था लेकिन जब भी में उस दीवार को देखता तो मेरे दिल में हमेशा एक ही सवाल आती की क्या जो सभी लोग कहते हैं वो सच है , क्या दीवार के उस पार दूसरी दुनिया शुरू होती है
और इन्हीं सभी सवालों का हाल ढूंढ़ने की मैंने तंलिया और चल पड़ा उस दीवार के तरफ (फ़्लस्बक्क)
एक रात को वीर सिंग अपने सारे सवालों का जवाब ढूंढ़ने की तन के दीवार के तरफ चालदेटा है और कुछ ही देर में उस दीवार के पास पहुँच जाता है और जब वीर सिंग उस दीवार को पार करने की कोशिश करता है वो पहरेदार उसे रोकता है और घर लौट जाने को कहता है फिर
वीर सिंग – देखिए मुझे उस और जाना है इसलिए मुझे दीवार पार करने दीजिए
पहरेदार – मुझपर
ज़िमेदारी है एक दूसरी दुनिया की सरहद की पहरेदारी करने की और तुम मुझसे कह रहे हो की में तुम्हें दीवार पार करने दम
वीर सिंग – जी हाँ बिलकुल , क्योंकि आप ही सोचिए क्या आप को कोई दूसरी दुनिया यहाँ दिखाई देता है नहीं ना क्या आप को कुछ शा दिखाई देता है जो इसे दुनिया का नहीं हो , मुझे तो बस दूर दूर तक जंगल ही दिखता है
पहरेदार – बहुत से सालों से ये दीवार यहीं मौजूद है और बहुत से सालों से इसे दीवार की पहरेदारी होती रही है
वीर सिंग – देखिए आप समझ क्यों नहीं रही
पहरेदार – बस एक शब्द और कहा तो में तुम्हें गाँव के पंचायत के आगे पेश कार्दूंगा और तुम उन्हिको को समझते रहना समझे
वीर सिंग – लगता है आप का इरादा बहुत पक्का है
पहरेदार – हाँ बिलकुल
वीर सिंग – लगता है अब मुझे अपने घर लौट जाना चाहिए
पहरेदार – हाँ सही कहा बेटे अब घर लौट जाओ गुड नाइट अपने पिताजिी को मेरी सुबह कामनाएँ देना
और फिर दोनों पीछे पलट के जाने लगते हैं और वीर सिंग को जब पत्ता चलता है की वो पहरेदार पीछे पलट चुका है तो वीर सिंग तेजिसे पीछे पलट था है और इसे से पहले की दीवार का पहरेदार वीर सिंग को रोकता वीर सिंग दीवार कूद के जंगल के अंदर घुस जाता है
वीर सिंग जंगल के अंदर बहुत देर तक भागता रेहर्ता है और फिर वो एक पहाड़ी के छोटी पे पहुँच जाता है और जब वो उस पहाड़ी के छोटी से नीचे देखता है तो पत्ता है की लोग जो भी कह रहे थे वो सब सच है यानि की दूसरी दुनिया सच में है
पहाड़ी से नीचे आने का रास्ता बना हुआ था और वीर सिंग उस राषते से नीचे आता है और आगे तरफ जाता है उसके सामने एक बहुत बारे से शहर का दरवाजा था और वीर सिंग उस दरवाजे के अंदर घुस जाता है
वीर सिंग जैसे जैसे शहर में घुसता जा रहा था वो उतना ही चोकता जा रहा था यहाँ के लोग इंसानी दुनिया के लोगों से बिलकुल अलग थे सबके कपड़े सबके भेष भूसा सब कुछ अलग था , इनके कपड़े और भेष भूसा बिलकुल पुराने जमाने के राजा राणीओन के तरह थे
और वीर सिंग की नज़र जिस तरफ भी जाती वो हैरान हो जाता क्योंकि हरर तरफ बारे बारे दुकान थे जादुई दुकान , एक दुकान में तो उसने देखा की बारे बारे जानवर जैसे की हाथी , गेंडा , जिरफ ये सब बहुत छोटे बिलकुल छोटे छोटे पक्षियों की तरह और इन्हें पिंजरे में भर के वो दुकानदार सब बेच रहे थे इसे ही बहुत से जादू से भरे हुए दुकानों को देखते हुए वीर सिंग आगे तरफ रहा था
लेकिन वो इसे बात से अंजान था की उसे कोई बारे गौर से बहुत देर से देख रहा था और जब वीर सिंग की उस स्क्स के ऊपर नज़र पड़ी तो वीर सिंग उस स्क्स को देखता ही रही गया , वो स्क्स एक खूबसूरत लड़की थी वीर सिंग उस लड़की के खूबसूरत आँखों में खो सा गया और उसके सामने जाकर खड़ा हो गया और वो लड़की भी वीर सिंग के आँखों में खॉसि गयी थी दोनों बस एक दूसरे को देखे ही जा रहे थे
फिर
बूढ़ी औरत – सिर्फ़ देखोगे या खरीदोगे भी , आओ इसे स्टॉल को देखो में जा रही हूँ पब में बाहर पीने
लड़की – लगता है आप किसी और दुनिया से आए हैं
वीर सिंग – जीि जीि वो में हाँ में इसे दुनिया का नहीं हूँ में सरहादपुर से हूँ
लड़की – तो आप इंसानों की दुनिया से हैं
UPDATE-09)
वीर सिंग – जी हाँ में इंसानों की दुनिया से हूँ
लड़की – हेलो मेरा नाम मोना है
वीर सिंग – हेलो मेरा नाम वीर सिंग है
मोना – अच्छा तो वीर आप को कुछ पसंद आया
वीर सिंग – जी बिलकुल (लड़की को देखते हुए मुस्कुराते हुए) मेरा मतलब था की वो जो नीले वाले फूल हैं वो कितने के हैं
मोना – ब्लू बेल फ्लवर ये आप के लिए अच्छा नहीं रहेगा ये जादुई फूल सिर्फ़ आप को अपनी पुराने यादों को याद दिलाता रहता है उसके बजाए ये वाला खरीडिए स्नो ड्रॉप ये आपके किस्मत को चमकाएगा
वीर सिंग – पर इसकी कीमत क्या है?
मोना – ईश्वाले की हुन्न्ं सिर्फ़ एक किस , फिर मोना उस जादुई फ्लवर को वीर सिंग के सीने के पॉकेट में लगा देती है और फिर अपने गालों के तरफ इशारा करती है और जैसे ही वीर सिंग मोना के गाल पे किस देने को बढ़ता है मोना अपना मुंह घुमा देती है जिस से वीर सिंग मोना के गाल के बदले मोना के होठों(लीप’से) पे किस करदेता है और फिर दोनों एक दूसरे को चूमने लगते हैं कुछ देर एक दूसरे को चूमने के बाद
मोना – क्या वो बूढ़ी औरत चली गयी?
वीर सिंग – जी हाँ
मोना – मेरे पीछे आओ , ये बोलकर मोना अपने दुकान में घुस जाती है और वीर सिंग उसके पीछे जाने लगता है लेकिन जैसे ही वीर सिंग मोना के पीछे जाता है उसे कुछ दिक्ता है मोना के परॉन में एक पतली से चैन बँधी हुई थी
मोना – वीर में एक राजकुमारी हूँ और ये जो आपने इसे बूढ़ी औरत को देखा ये एक चुड़ैल है जिसने मुझे धोके से अपना गुलाम बना लिया है क्या आप मुझे इसे चुड़ैल से आज़ाद कराएँगे
फिर वीर अपने जेबसे एक चाकू निकलता है और उस चैन को काट देता है लेकिन वो चैन फिरसे अपने आप जड जाता है
मोना – वीर ये एक जादुई चैन है में सिर्फ़ तब आज़ाद हूँगी जब ये चुड़ैल मरेगी , इयां सॉरी
वीर सिंग – वैसे अगर में आप को आज़ाद नहीं कार पाया तो बदले में आप क्या लेंगे
मोना – कुछ भी नहीं बस आप का प्यार चाहिए मुझे
वीर सिंग – पर में ही क्यों
मोना – क्योंकि मेरी मां ने मुझे कहा था की मेरे सपनों का राजकुमार एक मामूली इंसान होगा जीशके आँखों में सचाई और ईमानदारी होगी जो मुझे बहुत प्यार करेगा और आज मुझे वो इंसान मिल गया है
फिर मोना वीर के तरफ अपना हाथ बढ़ा देती है और वीर उस हाथ को थाम लेता है और दोनों उस दुकान के अंदर चले जाते हैं और फिर मोना उस दुकान का परदा गिरके उस दुकान को बंद करदेटी है और उस दुकान के अंदर वीर सिंग और मोना दोनों दो जिस्म और एक जान बनजते हैं
रुद्रा – फिर क्या हुआ
पपाजिी
वीर सिंग – (अपने आखिरी पटियाला के पेग को खत्म करते हुए) फिर बेटा मोना ने मुझे वापस इसे इंसानी दुनिया में भेज दिया मैंने उसे बहुत वार कहा की में उस के साथ रुकता हूँ उसे आज़ाद करने के वारे में कुछ जरूर करूँगा लेकिन वो नहीं मानी और बोलने लगी की वो मेरी जिंदगी को खतरे में डालना नहीं चाहती है और अपने दिल पे पठार रख के मुझे वापस भेज दिया , आज भी मुझे याद है जब मैंने उसे आखिरी वार देखा था उसके उन्न नाम आँखों को में कभी भी भूल नहीं पाया
रुद्रा – उसके बाद क्या हुआ पपाजिी क्या आप फिर कभी दुबारा से वहाँ नहीं गये
वीर सिंग – नहीं बेटा में वहाँ फिर कभी दुबारा लौट के नहीं गया लेकिन
रुद्रा – लेकिन क्या पपाजिी
वीर सिंग – उस दुनिया में फिर कभी नहीं गया लेकिन उस घटना के 9महीने बाद एक रात को जब में सोने की तैयारी कार रहा था तब किसने घर का दरवाजा खटखटाया और जब मैंने दरवाजा खोला तो अपने सामने उसी दीवार के पहरेदार को पाया जीशके हाथों में एक टोकरी थी और उस टोकरी में एक छोटा सा प्यारा सा बच्चा था
रुद्रा – क्य्ाआआअ एक बच्चा , कहीं वो बच्चा
वीर सिंग – हाँ वो बच्चा तुम ही थे रुद्रा और तुम्हारा नाम भी तुम्हारे मां ने ही रखा था
रुद्रा – क्य्ाआआ मेरी मां जिंदा है और आप ने मुझे ये पहले क्यों नहीं बताया पपाजिी
वीर सिंग – बेटा ये तुम्हारे मां की ही इच्छा थी की सही वक्त आने पे ही तुम्हें सब कुछ पता चले
रुद्रा – क्या मां की इच्छा?
वीर सिंग – हाँ बेटा जिस टोकरी में तुम आए थे उसमें तुम्हारे अलावा और भी कुछ चीज़ें थी तुम यहाँ बैठो में अभी उन्न चीज़ों को लेकर आता हूँ
फिर वीर सिंग अपने कमरे में चला जाता है और कुछ देर में उस टोकरी को लेकर आ जाता है जीशमे रुद्रा आया था
वीर सिंग – बेटा ये रहा वो टोकरी जिसमें तुम आए थे , फिर रुद्रा उस टोकरी को देखने लगता है और एक एक करके उसके अंदर जो भी था उसे निकल देता है सबसे पहले उसकी नज़र पड़ती है एक चैन के ऊपर
रुद्रा – पपाजिी क्या ये वही चैन है जिसे अपने कटाअ था
वीर सिंग – हाँ बेटे और ये वही फूल(फ्लवर) है जो तुम्हारी मां ने मुझे दिया था और उसने कहा था की ये मेरा किस्मत जगाएगा और शा हुआ भी , फिर वीर सिंग उस फूल को रुद्रा के जॅकेट में लगा देता है , और बेटे उस टोकरी में ये लफ़ाफा भी था जिसपे तुम्हारा नाम लिखा है और मैंने इसे आज तक नहीं खोला है
फिर रुद्रा अपने पपाजिी के हाथ से वो लफ़ाफा लेलेटा है और उसे खोलता है और जब रुद्रा उस लफ़फ़े को खोल देता है तो देखता है की उसमें एक चिट्ठी है और एक मोमबति(कंडेल) है और फिर रुद्रा उस मोमबति को नीचे रख देता है और उस चिट्ठी को खोल के पढ़ने लगता है
मोना’से लॅटर – मेरे प्यारे रुद्रा ये जानलो मैंने हमेशा तुम्हारा अच्छा ही चाहा है अगर मेरी मालकिन ने इजाज़त दी होती तो में
तुम्हें अपने साथ ही रखती अपने से दूर कभी नहीं भेजती , में चाहती हूँ की एक दिन तुम मुझसे मिलने इसे जादुई दुनिया में आऊ और मुझे उस चुड़ैल से आज़ाद करवा और यात्रा करने की सबसे तेज तरीका है मोमबति की रोशनी और में तुम्हें एक जादुई मोमबति भेज रही हूँ और इसे इस्तेमाल करने के लिए मेरे बारे में सोचना सिर्फ़ मेरे और फिर उस मोमबति को जला देना फिर तुम मुझ तक पहुँच जाओगे , मुझे तुम हमेशा याद आ रहोगे बेटे ,,,,,,, तुम्हारी मां,,,,,
रुद्रा – (ये खत पढ़ते हुए रुद्रा के आँखों में आस्यू अचुके थे ) पपाजिी में उस दुनिया में जरूर जाऊंगा अपनी मां को आज़ाद करने के लिए में वहाँ जरूर जाऊंगा
वीर सिंग – हाँ बेटा तुम जरूर जाओ बेटा तुम पर तुम्हारे मां को पूरा यकीन है और तुम ही अपनी मां को बचके लासकते हो , जाओ और हमेशा के लिए अपनी मां को यहाँ ले आऊ बेटा
फिर रुद्रा उस मोमबति को पकड़ता है और अपने पपाजिी को जलाने को कहता है फिर वीर सिंग उस मोमबति को जला देते है और फिर देखते ही देखते रुद्रा हवा के रफ्तार से आसहमन में उड़ जाता है
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जब गंडर के महाराज ने अपने जादुई रत्ना हार को आश्मन में फेंका था तो वो हार उड़ती हुई जाकर असमान में एक सितारे से टाकराई थी और एक तेज विस्पोट हुआ था जिस से वो सितारा टूट के उस हार के साथ नीचे धरती पे गिरा था और और वो सितारा उस हार के साथ जब धरती पे गिरा था तो एक और तेज विस्पोट हुआ था और जिस जगह पे ये सितारा और वो हार गिरा था वहाँ एक बहुत बड्डा गढ़ा बन गया था विस्पोट के कारण और उस गढ़े से इतनी तेज रोशनी निकल रही थी की उसके अंदर देख पाना एक तरह से मुश्किल
(UPDATE-10)
फिर जब वो रोशनी धीरे धीरे कम होती है तो वो गढ़ा दिखने लगता है वहाँ पे एक लड़की बेहोश पड़ी हुई थी नीचे ज़मीन पर दिखने में वो लड़की बहुत सुंदर थी एक खूबसूरत पड़ी की तरह गोरा गोरा चेहरा सुनहेरे बाल और तेज नें ंक्स बहुत देर तक वो लड़की वहाँ पे बेहोश पड़ी हुई थी फिर उसे धीरे धीरे होश आने लगता है और वो धीरे धीरे अपनी आँखों को खोलती है और उठने की कोशिश करती है
कुछ देर कोशिश करने के बाद वो उठ के बैठ जाती है और जब वो बैठी है तो उसकी नज़र उस रत्ना हार के ऊपर पड़ती है जो की उसके बगल में ही गिरा पड़ा था वो लड़की उस हार को उठती है और अपने गले में पहन लेती है
उस हार को पहन ने के बाद वो लड़की उस जगह से उठ खड़ी होती है और चारों तरफ देखने लगती है जब वो चारों तरफ देखती है तो उसे पत्ता चलता है की वो एक गढ़े में है और फिर उस लड़की की नज़र पड़ती है एक तेज रोशनी पे जो उशिके तरफ ही आ रही थी
और देखते ही देखते वो तेज रोशनी सीधे अटकराती है उस लड़की से और वो लड़की फिरसे नीचे गिरर जाती है और जब वो लड़की उस रोशनी के तरफ देखती है तो पति है की वो जिस रोशनी से टकराई थी वो रोशनी अब गायब
हो चुकी है और उसकी जगह पे एक लड़का उसके ऊपर गिरा पड़ा है
और ये लड़का कोई और नहीं बल्कि रुद्रा था जो मोमबति की रोशनी के मदद से यहाँ अपहुँचा था और फिर
रुद्रा – मां आप कैसे हैं मां , अरे आम सॉरी मां मेरे वजह से आप गिरर गये कहीं आप को चोट तो नहीं लगी
लड़की – (चिढ़ते हुए) नहीं में ठीक नहीं हूँ और उठो मेरे ऊपर से और में तुम्हारी मां नहीं हूँ
रुद्रा – क्य्ाआआअ तुम मेरी मां नहीं हो
लड़की – क्या में तुम्हें तुम्हारी मां जैसी लगती हूँ
रुद्रा – नहीं नहीं अरे आम सॉरी मिस , क्या में आप की कोई मदद कर सकता हूँ
लड़की – हाँ मुझे अकेला चोदने की मदद करो
रुद्रा – ठीक है जैसे आप की मर्जी , फिर (रुद्रा अपने आप से) ऑम्ग ये मैंने क्या कार दिया मां ने कहा था की मोमबति जलाओ और मेरे बारे में सोचो पहले में मां के बारे में ही सोच रहा था फिर मैंने सोना के बारे में और उस आश्मन से गिरने वाले पठार के बारे में सोचा
और फिर रुद्रा समझ जाता है की वो उस जगह अपहुँचा है जहाँ पे वो सुनहेरा पठार गिरा था इसलिए वो वहाँ आस पास देखने लगता है और पठार को तलाशने लगता है जब उसे कुछ नहीं मिलता वो उस लड़की से पूछता है
रुद्रा – माफ करना मैडम शायद आप को ये अजीब लगे पर आप ने यहाँ पे कोई आश्मन से टूटता हुआ पठार देखा है
लड़की – तुम बहुत अजीब हो
रुद्रा – नहीं नहीं मैडम वो यहीं कहीं गिरा है
लड़की – हाँ वो यहीं गिरा है और ईश्वक़्त तुम्हारे सामने है
रुद्रा – में कुछ समझा नहीं मैडम कहाँ है वो पठार मुझे तो दिख नहीं रहा है
लड़की – तुम सच में अजीब हो वो कोई पठार नहीं गिरा था आश्मन से वो एक सितारा था और वो सितारा पहले आश्मन में चमक रहा था फिर ये जादुई हार आश्मन में गया और उस सितारे से टकराके उस सितारे को आश्मन से ला कर धरती पे गिरा दिया और और फिर कुछ देर बाद वो सितारा टकराया एक उड्दते हुए बुढ़ू से और ईश्वक़्त वो सितारा तुम्हारे सामने बैठी हुई है
रुद्रा – क्य्ाआआआआआअ वो एक तारा था और वो तुम हो क्या ये सब सच है जो तुमने कहा , सच मच में तुम एक तारा हो
सुनहेरी – हाँ बुढ़ू ये सब सच है
रुद्रा – वो इयां सॉरी मुझे पत्ता नहीं था की में सीधे आप से अतक्रौंगा और क्या ये आप के बाल सोने के हैं
सुनहेरी – हाँ असली सोने के हैं क्यूंकीी में एक गोल्डन स्टार हूँ और मेरा नाम सुनहेरी है
रुद्रा – वॉवववव कमाल है और में आप को फिर से सॉरी कहना चाहूँगा
सुनहेरी – सॉरी फिर से किस लिए?
रुद्रा – वो इसके लिए बोलकर रुद्रा अपने टोकरी से मिली हुई उस जादुई चैन से सुनहेरी को बाँध देता है , वो क्या है ना सुनहेरी जी आप को मेरे साथ आना पड़ेगा वो क्या है ना में अपने प्यार को हासिल करने के लिए बहुत पेशा कामना चाहता हूँ और वो भी कुछ ही दिनों में
और पेशे कमाने में आप की जरूरत पड़ेगी आप की ये गोल्डन हेयर बहुत
कमाल हैं इसे बेचने से मेरी परेशानी हॉल होजएगी और आप को इसमें कोई परेशानी भी नहीं होगी क्योंकि आप की तो ये घर की खेती होगी फिरसे उग्ग जाएँगे
सुनहेरी – वॉववव क्या बात है मान ना पड़ेगा तुम्हारे प्यार को बॉस जीशमे तुम एक घायल लड़की को किडनॅप करके उसके बाल चुराना चाहते हो , बाल चोर कहीं के में तुम्हारे साथ कहीं भी नहीं जाऊंगी अग्नि ईश्वक़्त अपने डार्क कस्तले(पॅलेस) के बालकनी में खड़ा था और चाँद के तरफ देख रहा था आज उसे वर्षा की बहुत याद आ रही थी , अग्नि को आज वर्षा की छोटी छोटी बातों से लेकर बड़ी बड़ी बातें सब याद आ रही थी
कैसे वो वर्षा से पहली वार मिला था कैसे वर्षा से उसकी पहली वार लधाई हुई थी कैसे उसने वर्षा की रॅगिंग लिया था फिर कैसे वो दोनों दोस्त बन बैठे थे और कैसे उसे वर्षा से प्यार हो गया था और वर्षा की नफरत भी अग्नि को याद आ जाती है और वो आखिरी पल जब उसने वर्षा की जान बचाने के लिए मौत से भिद्ड़ गया था रॉकी का फेंका हुआ वो लोहे का सलहिया जब वर्षा की और आ रही था तब अग्नि ने वर्षा को धकेल के खुद सामने खड़ा हो गया था जिस से वो लोहे का सलहिया अग्नि के दिल के आर पार हो गया था और इसी घटना से अग्नि की मौत हो गयी थी और अग्नि अपने सभी अपनों से अलग हो गया था
इन्हीं सब यादों में अग्नि खोया हुआ था की तभी उसके कानों में एक चिड़िया की आवाज़ पड़ती है फिर अग्नि उस चिड़िया की और देखता है तो पत्ता है की एक चिड़िया उसके सामने उड़ रही है और उसके परॉन में एक कागज बँधा हुआ है शायद ये कोई संदेश था जो अग्नि के लिए आया था फिर अग्नि उस चिड़िया के पर से वो संदेश निकल लेता है और पढ़ने लगता है
उस खत में लिखा था —— घंटे बातें दिन बातें महीने बातें और न जाने बातें कितने साल लेकिन आज भी हमें याद है वो दिन जब हमने आप को आखिरी वार देखा था आप के आँखों में हमने अपने लिए बेंतिहा मोहब्बत देखा था और फिर से उस मोहब्बत को आप के आँखों में देखने के आस से हम यहाँ धरती पर आए हैं और आप का इंतजार कार रहे हैं आप की सिर्फ़ आप की पद्मिनी
इसे छोटे से खत को पढ़ने के बाद अग्नि और भी बेचें हो जाता है वो सोचने लगता है कौन है ये जिसने उसे खत लिखा है और फिर वो उस चिड़िया के तरफ देखता है फिर वो चिड़िया वहाँ उड़ के जाने लगती है और अग्नि उस चिड़िया के पीछे पीछे जाने लगता है बहुत देर तक उस चिड़िया का पीछा करने के बाद अग्नि जा पहुँचता है डेत वाली के सबसे बारे पहाड़ के ऊपर वहाँ पहुँचते ही वो चिड़िया अपने आप ही गायब होजती है और ये देख अग्नि समझ जाता है की वो चिड़िया एक चालबा था अग्नि चारों तरफ देखने लगता है उसे चारों तरफ सिर्फ़ बर्फ ही बर्फ दिखता है फिर उसकी नज़र पड़ती है पहाड़ के छोटी पे खड़ी एक औरत के ऊपर जो चाँद के तरफ अपना मुंह करके खड़ी थी
अग्नि उस औरत के तरफ तरफ जाता है
उस औरत के पास पहुँच के अग्नि कहता है
अग्नि – कौन हैं आप और मुझे यहाँ पे क्यों बुलाया है
वो औरत अग्नि की आवाज़ सुनकर पीछे पलट टीी है और जब अग्नि उस औरत का चेहरा देखता है तो उसके होश उड़ जाते हैं उसे यकीन नहीं होता है की उसके सामने वर्षा खड़ी थी , अग्नि के चेहरे पे ईश्वक़्त दोहरा रियक्टिओं था एक था बहुत खुशी के तो दूसरा था की वर्षा यहाँ क्या कार रही है
अग्नि आगे बढ़ता है और वर्षा के गालों को सहलाता है और वर्षा के आँखों में देखने लगता है , वर्षा के आँखों में उसे सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने लिए प्यार ही नज़र आता है , वर्षा के आँखों में आस्यू आजाते हैं और वो अग्नि को गले लगलेटी है और अग्नि के आँखों से खून बहने लगते हैं(वेमपाइर’से के आँखों से आस्यू के बदले खून बहते हैं) दोनों बहुत देर तक एक दूसरे से उसी तरह से गले मिलते रहते हैं फिर
अग्नि – वर्षा तुम यहाँ इसे दुनिया में कैसे?
रानी पड़ी पद्मिनी – नहीं अग्नि में वर्षा नहीं हूँ में रानी पड़ी पद्मिनी हूँ
अग्नि – क्य्ाआआआआआ (ये सुनते ही अग्नि के होश उड़ जाते हैं)
रानी पड़ी पद्मिनी – हाँ अग्नि यही सच है में वर्षा नहीं हूँ पद्मिनी हूँ तुम्हारी पद्मिनी
अग्नि – पर इसे कैसे हो सकता है में तो किसी पद्मिनी को जनता भी नहीं हूँ
रानी पड़ी पद्मिनी – अग्नि हमारा प्यार सदियों पुरानी है जब तुम सम्राट के रूप में इसे मायवी दुनिया में थे तब हम दोनों एक साथ थे और एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे , में थी परियों की सहजादी पद्मिनी और तुम गंडर के युवर्ज सम्राट हम दोनों एक दूसरे से बेंतिहा मोहब्बत करते थे
लेकिन हमारे प्यार को किसी की नज़र लग गयी , तुम्हारे जिंदगी में एक बहुत बड़ा तूफान आया था उस वक्त जिस से तुम अपने आप को संभाल तक नहीं पाए थे और फिर तुमने अपने आप को इसे तूफान से बचाने के लिए अंधेरे का राष्टा चुन लिया जिस से कुछ ही वक्त में तुम डीमन किंग सम्राट बन गये फिर तुमने इसे नगरी डेत वाली का निर्माण किया और अपने शैतानी फौज के मदद से तुमने अपने सभी दुश्मनों को खत्म कर दिया लेकिन यहीं पर तुम नहीं रुके तुमने पूरे मायवी दुनिया में हाहाकार मचड़िया न जाने कितने बेगुनाह और बेकसूर लोग तुम्हारे शतानी ताक़त के आगे बली पड़ गये
मैंने उस बीच बहुत वार तुमसे मिल्ली और तुम्हें समझाया लेकिन तुम्हें बुराई ने अपने कब्जे में कर लिया था और ये बात तुम भी जानते थे लेकिन तुमने उस रास्ते को चुन लिए और फिर कहा था
सम्राट – पद्मिनी में जनता हूँ की में गलत राषते पर हूँ लेकिन अब में पीछे नहीं हॅट सकता हूँ अब में सिर्फ़ और सिर्फ़ आगे तरफ सकता हूँ में जनता हूँ की एक ना एक दिन मेरा अंजाम बहुत दर्दनाक होगा लेकिन फिर भी में इसी राषते पर चलूँगा क्योंकि सिर्फ़ अंधेरे ने ही मुझे नहीं छूना मैंने भी
अंधेरे को चुन लिया है , मैंने हमेशा तुम्हें प्यार किया है और हमेशा करता रहूँगा लेकिन अब हम दोनों कभी भी साथ नहीं रही सकते क्योंकि तुम परियों की सहजादी हो सचाई के राषते पर चलना तुम्हारा काम है और में इन अंधेरे का सम्राट और इन शैतानों का अकका हूँ और बुराई के राषते पर चलना ही मेरा काम है इसे लिए अब हम दोनों को अलग होना ही होगा
जब तुमने ये बात बोली थी तो मेरे परॉन के नीचे से ज़मीन खिसक गयी थी में बुरी तरह से लड़खड़ा गयी थी मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था की मेरे सम्राट ने मुझे शा कहा था फिर
पद्मिनी – सम्राट ये तुम क्या कह रहे हो तुम मेरे साथ शा नहीं कार सकते में बहुत प्यार करती हूँ तुम्हें और तुम्हारे बिना ज़िंदा नहीं रही सकती
सम्राट – तुम्हें ज़िंदा रहना होगा पद्मिनी तुम खुद ही सोचो क्या तुम एक इसे आदमी के साथ रही पाएगी जो बाहर से ही नहीं बल्कि अंदर से भी बुरा बहुत बुरा बन चुका है , हाँ में तुमसे वादा करता हूँ अगले जन्म में हम दोनों जरूर साथ होंगे और हमें कोई भी जुड़ा नहीं कार सकेगा
फिर में वहाँ से अपने टूटे हुए दिल को लेकर चली आई मुझे आज भी याद है जब में वापस आ रही थी तब मैंने सम्राट के आँखों में अपने लिए प्यार ही प्यार और मुझे खोने का दर्द ही दर्द दिखाई दहाड़ा था , फिर कुछ सालों बाद वो आखिरी और खतरनाक जंग हुआ जीशमे बहुत मुश्किल से सभी स्टेट’से ने मिलकर सम्राट को हराया और उसे मर दिया
लेकिन मरते मरते सम्राट ने अपने जलते हुए दिल को निकल के इंसानी दुनिया में फेंक दिया और बहुत सालों बाद इंसानी दुनिया में तुम पेड़ा हुए और जब मुझे पत्ता चला की सम्राट ने तुम्हारे रूप में जन्म लेचुका है तो मैंने भी तन लिया की में भी तुम्हारे लिए इंसानी दुनिया में जन्म लूँगी इसलिए मैंने भी अपने दिल के आधे हिस्से को निकल के इंसानी दुनिया में भेज दिया फिर मैंने भी वर्षा के रूप में जन्म ले लिया तुम्हारे लिए
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अग्नि को अपनी पूरी कहानी सुनाने के बाद पद्मिनी अग्नि के आँखों में देख रही थी , अग्नि भी ये सब सुनकर सन्न था उसे यकीन नहीं आ रही था की वर्षा और उसका प्यार सदियों पुराना था , फिर
अग्नि – क्या ये सब सच है?
पद्मिनी – हाँ अग्नि ये सब जो मैंने कही सच है , न जाने कितने सालों से मैंने तुम्हारा इंतजार किया है , क्या तुम्हें मेरे बातों पर यकीन नहीं ?
अग्नि – नहीं मुझे तुम्हारे बातों पर यकीन है क्योंकि कुछ देर पहले जब में अकेला था तो मुझे वर्षा की बहुत याद आ रही थी और अब जब में तुम्हारे साथ हूँ तो मुझे शा लग रहा है की में वर्षा के साथ ही हूँ ईश्वक़्त , मेरा जो दिल कुछ वक्त पहले तक बेचैन था अब तुम्हारे साथ होने से शांत है और खुश भी इसलिए तुम्हारे बातों पर यकीन ना करने का सवाल ही नहीं उठ था है
फिर दोनों एक दूसरे के गले लग जाते हैं ,
दोनों ईश्वक़्त बहुत खुश थे क्योंकि दोनों ने अपने खोए हुए प्यार को पालिया था , फिर
पद्मिनी – अग्नि आज में बहुत खुश हूँ क्योंकि न जाने कितने सालों का मेरा इंतजार आज जाकर खत्म हुआ है आज मैंने फिर से अपने प्यार को हासिल कर लिया है , अब में तुम्हें अपने से कभी भी दूर नहीं जाने दूँगी , अब तुम मेरे साथ चलो
अग्नि – तुम्हारे साथ पर कहाँ ?
पद्मिनी – मेरे घर यानि की हमारे परीस्तान में
अग्नि – क्य्ाआआआआअ
पद्मिनी – हाँ अग्नि में तुम्हें यहाँ से अपने साथ ले जाने आई हूँ , हम दोनों परीस्तान में जाकर शादी करलेंगे फिर इसे परीस्तान की रानी को और परीस्तान को उनका राजा मिल जाएगा और फिर हम दोनों हमेशा साथ रहेंगे
अग्नि – नहीं पद्मिनी में डेत वाली छोड़कर नहीं जा सकता , यहाँ पे मेरे आंटी अंकल हैं और यहाँ के लोग मुझपर भरोसा करते हैं में उनका भरोसा नहीं तोड़ सकता
पद्मिनी – अग्नि इतने सालों बाद हम मिले हैं क्या तुम मेरे साथ रहना नहीं चाहते
अग्नि – हाँ में तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ लेकिन डेत वाली में भी तो हम साथ रही सकते
(UPDATE-11)
पद्मिनी – नहीं अग्नि में यहाँ नहीं रही सकती , जहाँ पे बुराई बसस्सस्स करती हो वहाँ पे में बसस्सस्स नहीं कार सकती , तुम्हें मेरे साथ ही चलना होगा और रही बात तुम्हारे डेत वाली की तो वो सेफ रहेगा तुम्हारे बिना भी
अग्नि – अगर यही तुम्हारा फैसला है तो में भी तुम्हें केहदेना चाहूँगा पद्मिनी की में डेत वाली को छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूँ
पद्मिनी – क्य्ाआआआ , क्या डेत वाली मुझसे भी ज्यादा जरूरी है तुम्हारे लिए?
अग्नि – पद्मिनी जिस तरह से तुम अपने परीस्तान को चोद नहीं सकती ठीक उसी तरह से में अपने डेत वाली को चोद नहीं सकता , लगता है मैंने उस वक्त सम्राट के रूप में जो फैसला किया था वो सही था , की हम दोनों अचाई और बुराई के प्रतीक हैं जिस तरह से दिन का उजाला और रात का अंधेरा मिल नहीं सकते ठीक उसी तरह से हम दोनों भी मिल नहीं सकते
पद्मिनी – नहीं अग्नि फिरसे ये फैसला मात लो , न जाने कितने सालों से में तड़प रही हूँ और मेरे इसे दर्द को और मात बड़ाओ अग्नि
अग्नि – में तुम्हारे दर्द को एक पल में मिटा सकता हूँ पद्मिनी लेकिन उसके लिए तुम्हें मेरे साथ यहाँ इसे डेत वाली में रहना होगा मेरे पत्नी के रूप में और इसे डेत वाली के प्रिन्सेस के रूप में
पद्मिनी के आँखों से आस्यू बहने लगते हैं और अग्नि के भी आँखों से खून बहने लगते हैं फिर
पद्मिनी – मुझे माफ करदो अग्नि में ये नहीं कार सकती , में परीस्तान की रानी हूँ और में अपने फर्ज को कभी भुला नहीं सकती चाहे इसमें मुझे कितने दर्द क्यों ना झेलना पड़े में यहाँ इसे डेत वाली में नहीं रही सकती
अग्नि के आँखों से खून बह रहे थे अग्नि अपने आँखों से खून को पूछता है और
पद्मिनी के गालों को अपने हाथ में लेते हुए उसके आँखों में देखता है और फिर
अग्नि – मुझे माफ करदेना पद्मिनी मेरे वजह से तुमने हमेशा ही तकलीफ सही है पर में क्या करूँ में भी मजबूर हूँ , इसे कुदरत का नियम बड़ा अजीब है पद्मिनी ये आग और पानी को कभी भी मिलने नहीं देती और हम दोनों भी आग और पानी के तरह हैं
इसके बाद दोनों एक दूसरे के गले लगते हैं और फिर दोनों निकल जाते हैं अपने अपने रास्ते , पद्मिनी अपने परीस्तान के तरफ निकल जाती है और अग्नि अपने महल के तरफ
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मायवी दुनिया में सुबह हो चुका था और सूरज की किर्ने हर एक स्टेट’से में पड़ रही थी सिबाए डेत वाली में , डेत वाली में अभी भी मौसम बहुत ठंडा था बर्फ गिरनी बंद हो गयी थी लेकिन अभी भी वहाँ का माहौल बहुत ठंडा था और इसे तरह का मौसम वहाँ रहने वाले वेमपाइर’से और डीमन’से के लिए काफिई अच्छा था
अग्नि तेजिसे अपने महेल के बाहर निकल रहा था और उसे इसे तरह से बाहर निकलते देख उसके आंटी अंकल उसे रोकते हैं और फिर
अग्नि’से अंकल – बेटा इतने जल्दी में कहाँ जा रहे हो
अग्नि – बर्निंग माउंटन पे अंकल
अग्नि’से आंटी – क्य्ाआआअ बर्निंग माउंटन पर क्यों बेटा तुम्हें पता है ना वो जगह कितनी खतरनाक है
अग्नि – आंटी इसे पूरे दुनिया में आप के बेटे से ज्यादा खतरनाक कुछ भी नहीं है
अग्नि’से अंकल – हाँ ये बात तो तुमने सही कहा बेटा मेरे बेटे से ज्यादा तेज और ज्यादा खतरनाक इसे पूरे दुनिया में कोई नहीं , फिर भी में ये जान ना चाहूँगा की आख़िर शा क्या काम है उस बर्निंग माउंटन पे
अग्नि – अंकल अब वक्त आ गया है की हम जिस काम के लिए यहाँ इसे मायवी दुनिया में आए हैं वो शुरू करे
अग्नि’से अंकल – हाँ ये तो समझ में आती है लेकिन बर्निंग माउंटन पे शा क्या काम है तुम्हें
अग्नि – में एक नयी फौज बनाना चाहता हूँ और मेरे उस फौज के जो योढ़ा बनेंगे वो मुझे बर्निंग माउंटन पे ही मिलेंगे
अग्नि’से आंटी & अंकल- क्य्ाआआआ , यानि की तुम ड्रागें’से की फौज बनाना चाहते हो
अग्नि – हाँ
अग्नि’से आंटी – पर बेटा ये इतना आसान नहीं है मैंने सुना है की उन्न ड्रागें’से का जो राजा है वो बहुत ही खतरनाक है और वो एक ड्रागें होल्डर भी है
(ड्रागें होल्डर यानि की एक इंसान जो अपने आप को एक ड्रेगें के साथ मिला सकता है जिस से एक खतरनाक जीभ सामने आता है , जिसका धड़ यानि की उष्कीी बॉडी उसके हाथ , पर , पूछ सब ड्रेगेन्स का होता है और छाती से लेकर चेहरा तक इंसान का , और जब वो ड्रागें होल्डर बनता है तो उसका कद बहुत बड़ा हो जाता है और उसकी ताक़त कई गुना तरफ जाती है और वो अपने मुंह से आग भी फेंक सकता है)
अग्नि’से अंकल – हाँ बेटा मैंने भी यही सुना है और तो और मैंने सुना है उनका जो राजा है वो बहुत ही निर्दयी है उसमें अपने माता पिता
को खुद मारकर ही राजा बना है और क्या नाम था उस राजा का याद नहीं आ रही है
अग्नि – उन्न ड्रागें’से के राजा का नाम गेब्रीयल है , आप सब टान्स मात होइए मुझे कुछ भी नहीं होगा , अगर किसी को कुछ होगा तो वो है गेब्रीयल अगर उसने मेरी बात नहीं मानी तो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
फिर अग्नि अपने महेल के बाहर आता है और जब वो बाहर निकलता है तो महेल के बाहर मौजूद डीमन’से और वेमपाइर’से उसे झुक के सलाम करते हैं और फिर अग्नि आगे तरफ जाता है जब अग्नि पूरी तरह से महेल के बाहर आ जाता है तो अग्नि जोर्र्र्ररर से छिलता है
अग्नि – सिलवाााआआआआआआआआआआआआआआ , (अग्नि के पास जो ड्रागें था उसका नाम अग्नि ने सिल्वा रखा था) सिल्वा वहीं महेल से थोड़ी से ही दूर एक गुंफा में रहती थी जब उसने अग्नि की आवाज़ सुनी तो वो महेल के तरफ उड़के आने लगती है , जब सिल्वा अग्नि के पास पहुँच जाती है तो अग्नि उसके ऊपर चढ़ बेतता है और फिर अग्नि सिल्वा को ड्रेगें’से की भाषा में कहता है
अग्नि – सिल्वा बर्निंग माउंटन जाना है हमें चलो जल्दी और फिर सिल्वा अपने बारे बारे पंखों को ऊपर नीचे करने लगती है और उड़ जाती है बर्निंग माउंटन के तरफ
ईश्वक़्त अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा पे बैठ के बर्निंग माउंटन की तरफ तरफ रहा था , सिल्वा बहुत तेज रफ्तार के साथ हवाओं और बादलों को चीरती हुई आगे तरफ रही थी आख़िरकार दो घंटे बाद सिल्वा अग्नि को लेकर बर्निंग माउंटन आइलॅंड पे पहुँच ही जाती है
बर्निंग माउंटन आइलॅंड – ये एक छोटा सा द्वीप है इसे आइलॅंड को लोग और भी बहुत से नाम से बुलाते थे जैसे की ज्वालामुखी पर्वत , मौत का द्वीप , ड्रागेंस का अखाड़ा इन सभी नाम से भी इसे आइलॅंड को बुलाया जाता था
दूर से देखने में ये एक आम द्वीप(आइलॅंड) लगता था लेकिन जब आप पास से देखो तो पत्ता चलता था की ये कितना खतरनाक द्वीप है , इसे द्वीप के बाहरी इलाक़ों में हरियाली ही हरियाली है लेकिन जब कुछ अंदर घुसो तो अंदर का नज़ारा नज़र आता है अंदर के सारे पेड़ पौधे सूखे हुए हैं जले हुए हैं यहाँ के नदियाँ न जाने कब से सुख चुकी हैं और यहाँ एक बहुत बड़ा सा पर्वत(ज्वालामुखी) है जो हमेशा आग उगलता रहता है और इसी आग के कारण इसे आइलॅंड का बहुत बुरा हाल है
और इसी पर्वत में एक बहुत बड़ा सा गुफा(केव) है जीशमे बहुत सारे ड्रागें’से रहते हैं , अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा के साथ इसे गुफा में घुस जाता है , गुफा के अंदर अंधेरा फैला हुआ था अग्नि सिल्वा को इशारा करता है तो सिल्वा अपने मुंह से आग फेंक के मारती है जिस से आगे का राष्टा साफ दिखाई देता है दोनों आगे तरफ जाते हैं कुछ देर चलने के बाद उस गुफा के अंदर और एक गुफा दिखाई देता है अग्नि और सिल्वा दोनों उस गुफा में घुस जाते हैं
जब दोनों उस गुफा में घुसते हैं तो उन्हें बहुत सारे ड्रागें’से दिखाई देते हैं
जो इसे वक्त सो रहे थे ये दोनों आगे तरफ जाते हैं और इनके अंदर घुसने की आहट सुनकर सब जगह जाते हैं और इन दोनों को देख हुंकारने लगते हैं लेकिन तभी किसकी आवाज़ उस गुफा में गूँजती है जिस से वो सभी ड्रेगें’से शांत होजते हैं
ये आवाज़ किसी और की नहीं ड्रागें’से किंग गेब्रीयल की थी , गेब्रीयल उस गुफा के अंदर बने हुए एक झोपड़ी से बाहर निकलता है और अग्नि को खजाने वाली नज़र से देखता हुआ जाकर अपने सिंघासन में बैठ जाता है
गेब्रीयल – कौन हो तुम और यहाँ क्या कार रहे हो , क्या तुम्हें नहीं पत्ता की ये ड्रागें’से का गुफा है और यहाँ कभी कोई इंसान नहीं आता और अगर आ गया तो वो जिंदा वापिस नहीं जाता
अग्नि – (अपने चेहरे पे एक क़ातिलाना मुश्कं लिए) क्या तुम मुझे डरने की कोशिश कार रहे हो
गेब्रीयल – नहीं तुम्हें सचाई बता रहा हूँ और अगर तुमने अभी ये नहीं बताया की तुम कौन हो और यहाँ क्यों आए हो तो में तुम्हें अपने ड्रागें’से के हवाले कार्दूंगा और वो सब तुम्हें बारे मजे से खलेंगे
अग्नि – अच्छा सच में क्या चलो ठीक है में तुम्हें अपने बारे में बता देता हूँ , मेरा नाम अग्नि है और मुझे लगता है इतना ही कहना काफिई होगा क्यों
गेब्रीयल – क्य्ाआआआआ तुम अग्नि हो , तो तुम हो थे ईविल प्रिन्स डेत वाली के राजकुमार
अग्नि – सही कहा में ही हूँ थे ईविल प्रिन्स
गेब्रीयल – ये तो आप ने बता दिया की आप कौन हैं लेकिन ये नहीं बताया की आप के यहाँ आने के पीछे क्या मक्षद है
अग्नि – हमारा मक्षद पूरी तरह से साफ है हम एक नयी फौज बनाना चाहते हैं ड्रागेंस की फौज उसकी फौज की बागदौर हमारे हाथों में रहेगी और आप उस फौज के सेनापति रहेंगे
गेब्रीयल – प्रिन्स अग्नि ये सभी ड्रागें’से मेरे हुकुम को मानते हैं क्योंकि में इनका राजा हूँ और मेरा ये फैसला है की में किसी की भी गुलामी नहीं करूँगा
अग्नि – हमने कब कहा की आप को हमारी गुलामी करनी होगी गेब्रीयल हम तो आप को हमारे फौज का सेनापति बना रहे हैं
गेब्रीयल – चाहे कितनी भी बड़ी औडा दे दीजिए प्रिन्स रहूँगा तो में आप के नीचे ही ना , इसे लिए और मुझे ये बात मंजूर नहीं इसलिए आप अपने इसे ख्वाब को भूल जाए और यहाँ से लौट जाए वरना में अपने ड्रागें’से को आप के ऊपर चोद दूँगा और ये सब ये नहीं समझते की कौन प्रिन्स है और कौन एक मामूली इंसान
अग्नि – मान जाओ गेब्रीयल वरना तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा क्योंकि जिसे में अपना दुश्मन समझ लेता हूँ उसे जिंदा नहीं चोदता
गेब्रीयल – अगर तुम लाढ़ना चाहते हो तो यही सही लेकिन में पहले ही केहदेना चाहूँगा की मुझसे ये लड़ने का फैसला तुम्हारे जिंदगी का सबसे बड़ा गलत फैसला है
फिर गेब्रीयल अपने एक ड्रागें को इशारा करता है और वो ड्रागें आगे तरफ जाता है और ये देख अग्नि की ड्रागें सिल्वा भी आगे
बढ़ने लगती है लेकिन अग्नि उसे रोक देता है और पीछे हतटने को कहता है और फिर सिल्वा पीछे हॅट जाती है
गेब्रीयल का भेजा हुआ ड्रागें आगे बदहजता है और अग्नि के ऊपर अपने मुंह से आग फेंकने लगता है वो ड्रागें लगातार तीन चार वार अग्नि के ऊपर आग फेंकता है और आग जाकर अग्नि से टकराता है और अग्नि का शरीर जलने लगता है और ये नज़ारा देख गेब्रीयल हस्सने लगता है
कुछ ही देर में अग्नि के शरीर में जीतने तेजिसे आग लगी थी उठने ही तेजिसे आग बुझ भी जाती है और अग्नि गेब्रीयल के सामने सही सलामत खड़ा था और उसके होठों पर मुश्कं थी और ये देख गेब्रीयल बौखला उठ था है
गेब्रीयल – ये तुमने कैसे किया आज तक कोई भी मेरे ड्रागें’से के आग से बच नहीं पाया लेकिन तुम कैसे बच गये
अग्नि – गेब्रीयल जो खुद ही आग हो उसे आग से डराया नहीं जाता , मेरा सिर्फ़ नाम ही अग्नि नहीं है में खुद भी अग्नि हूँ और मेरे अंदर जितनी आग है उसका आधा हिस्सा भी इसे पूरे दुनिया में किसी के पास नहीं होगी
फिर अग्नि अपने आँखों को बंद करता है और अपने दोनों हाथों के मुठियों को बंद करता है और अपने अंदर मौजूद सारे उर्जाओं को इकट्ठा करने लगता है , कुछ ही देर में अग्नि के मुट्ठी में आग जलने लगता है नीली रंग की आग और फिर अग्नि अपने आँखों को खोलता है और उसके मुठियों की तरह उसके आँखों का रंग भी नीला होचुका था फिर अग्नि अपने उन्न दोनों मुठियों को उस ड्रागें के तरफ मोड़ देता है जिसने कुछ देर पहले अग्नि के ऊपर आग फेंका था
फिर अग्नि अपने मुट्ठी को खोलता है और उन्न ऊर्जा या फिर आग को उस ड्रागें के ऊपर फेंकने लगता है और तब तक फेंकता है जब तक वो ड्रागें उस आग के बवांडर में जल नहीं जाता
फिर अग्नि अपने हाथ को नीचे कार देता है लेकिन अभी भी उसके मुठियों में बहुत सारे ऊर्जा मौजूद थे , वहाँ मौजूद सभी हैरान थे किसको भी यकीन नहीं आ रही था की ये क्या हो गया चाहे वो गेब्रीयल हो या उसके ड्रागें’से सभी बस आँख फाड़े उस मारे हुए ड्रागें के हड्डियों को देख रहे थे तो कभी अग्नि को , ईश्वक़्त सभी ड्रागें’से के आँखों में डर साफ झलक रहा था
UODATE-12)
अग्नि – गेब्रीयल अभी भी वक्त है अपनी हार मान लो और मेरे गुलाम बन जाओ में अभी भी तुम्हें अपनी फौज का सेनापति बनाने के लिए तैयार हूँ
गेब्रीयल – नहीं कभी भी नहीं में तुम्हारा गुलाम कभी नहीं बनूंगा और वैसे भी मेरे पास भी कुछ कुछ है
अग्नि – अच्छा शा क्या तो दिखाओ फिर
फिर गेब्रीयल गुस्से में अपने ड्रागें के तरफ तरफ जाता है और अपने ड्रागें के पास पहुँचके उसके कान में कुछ कहता है जिस से वहाँ पे एक तेज रोशनी फेलजाति है और जब वहाँ फैली हुई तेज रोशनी कम होती है तो वहाँ का नज़ारा देख एक पल के लिए अग्नि का भी दिमाग चकरा जाता है
वहाँ का माहौल ही कुछ शा था गेब्रीयल ईश्वक़्त
बहुत ही खतरनाक रूप में वहाँ मौजूद था , गेब्रीयल का शरीर उस ड्रागें के साथ मिल चुका था अब गेब्रीयल बहुत बड़ा होचुका था ड्रागें’से के मुकाबले में गेब्रीयल का धड़ यानि की पेट के नीचे हिस्सा ड्रागें का था और वो अपने चार पर पर खड़ा था उसके पेट के ऊपर का हिस्सा इंसान का था उसका शरीर काफिई बड़ा होचुका था और उसके चेहरे का नाक कान ये सब ड्रागें के थे बिलकुल नुकीले नाक बिलकुल नुकीले कान और गेब्रीयल अपने इसे खतरनाक रूप में हुंकार रहा था चारों तरफ आग ही आग फेंक रहा था
फिर गेब्रीयल अग्नि के तरफ बढ़ता है और अपने नुकीले जानलेवा पंजों से अग्नि के ऊपर वार करता और गेब्रीयल का वो खतरनाक वार अग्नि के हाथ पे लगता है जिस से अग्नि के हाथ के माँस चील जाते हैं और उन्न में से खून निकालने लगता है और ये देख अग्नि अपने घाव पर हाथ रखता है और अपनी शैतानी शक्तियों से उस घाव को भर देता है
और ये देख गेब्रीयल को और भी ज्यादा गुस्सा आता है और वो पागलों की तरह अग्नि के ऊपर आग फेंकने लगता है और अग्नि भी उसका जवाब देता है अपने हाथों में मौजूद उर्जाओं को गेब्रीयल के तरफ फेंक के और जब गेब्रीयल का फेंका हुआ आग और अग्नि का फेंका हुआ ऊर्जा जब एक दूसरे से टकराते हैं तो वहाँ एक भूचाल से आ जाती है और वहाँ पे मौजूद बकीके सारे ड्रागें’से जीशमे अग्नि की ड्रागें सिल्वा भी थी वो सब गुफा के बाहर की और भागते हैं
सभी ड्रागेंस गुफा के बाहर आजाते हैं और गुफा की और देखने लगते हैं गुफा के अंदर आए हुए भूचाल से ज्वालामुखी भी फट जाती है और ये नज़ारा देख सभी ड्रागें’से की बुरी तरह से फट जाती है और कुछ देर में वो गुफा भी टूट जाती है और उसमें से अग्नि और गेब्रीयल दोनों बाहर आजाते हैं और फिरसे एक दूसरे के ऊपर आग और उरजा से वार करते हैं
बहुत देर तक वो दोनों इसे ही लढ़ते रहते हैं फिर दोनों अपने अपने आग और ऊर्जा को फेंका ना बंद करते हैं और एक दूसरे के ऊपर झपट पड़ते हैं गेब्रीयल अपने तेजधर नुकीले पंजों से अग्नि के ऊपर वार करता है और अग्नि उन्न वार से बचता फिरता है
फिर अग्नि अपने पूरे ताक़त से गेब्रीयल को एक मुक्का मरता है जिस से गेब्रीयल नीचे गिरर जाता है और फिर अग्नि गेब्रीयल के ऊपर बैठ के उसके चेहरों पे मुक्कों की बर्षट करदेता है इसे से गेब्रीयल दर्द से चिल्लाने लगता है फिर गेब्रीयल अग्नि को पूरी ताक़त से नीचे धकेल देता है अग्नि और गेब्रीयल दोनों ईश्वक़्त एक दूसरे आमने सामने थे
गेब्रीयल बहुत ही गुस्से में था उसने फिर से अग्नि के ऊपर आग फेंकना शुरू करदेता है और अग्नि भी इसका जवाब देता है अग्नि इसे वार दुगुनी ताक़त से ऊर्जा गेब्रीयल के ऊपर फेंकता है जिस से अग्नि की ऊर्जा गेब्रीयल के फेंके हुए आग को भेदती हुई गेब्रीयल से जा टकराती है और गेब्रीयल दूर जाकर
गिरता है
अग्नि के इसे वार से गेब्रीयल थोड़ा सा ज़ख्मी होचुका था वो अपने आप को संभाल के उठा ही था के अग्नि फिर से उसके सामने अखाड़ा होता है और दुबारा से गेब्रीयल के ऊपर अपने ऊर्जा से वार करता है जिस से गेब्रीयल फिर से ज़मीन से सतक जाता है और दर्द के मारे चिल्लाने लगता है
अग्नि रुकने का नाम ही नहीं लेरहा था जैसे उसने तन ही लिया हो की आज गेब्रीयल के अष्टित्वा मिटाके ही दम लेगा और अग्नि के इसे वार से गेब्रीयल तो तड़प रहा था ही लेकिन उसके साथ साथ ये बर्निंग माउंटन आइलॅंड भी बुरी तरह से हिल रहा था
बर्निंग माउंटन आइलॅंड में भूचाल अचुका था इसे लधाई के वजह से इसे आइलॅंड के इलाके एक एक करके टूट के समंदर में शमा रहे थे और तो और इसे आइलॅंड में मौजूद ज्वालामुखी भी फतचुका था इसलिए अब इसे आइलॅंड का तबाह होना एक तरह से तय होचुका था
और इसे आइलॅंड को तबाह होता देख सारे ड्रागें’से ज़मीन को चोद देते हैं और आश्मन में उड़ने लगते हैं लेकिन कोई भी ड्रागें’से उस आइलॅंड को चोद के नहीं जाता सभी वहीं उड़ते हुए मंडरा रहे थे शायद वो ये जान ना चाहते थे की कौन होगा इसे लधाई का बीजेता
अग्नि अपने ऊर्जा से गेब्रीयल के ऊपर वार पे वार किए जा रहा था उसे ये भी पता नहीं चल पाया था की आइलॅंड खत्म हो रहा है की तभी सिल्वा की हुंकार उसके कानों में पड़ती है और जब अग्नि चारों तरफ देखता है तो पत्ता चलता है की आइलॅंड तबाह हो रहा है और बहुत जल्द ये आइलॅंड समंदर में मिल जाएगा
फिर अग्नि अपने हमले को रोक देता है और गेब्रीयल के तरफ देखने लगता है जो ईश्वक़्त आधा जल चुका था अग्नि के इसे हमले ने गेब्रीयल के शरीर का एक हिस्सा बुरी तरह से जला के रख दिया था और गेब्रीयल नीचे ज़मीन में पड़ा कराह रहा था , फिर अग्नि एक बादेसे पठार पे खड़ा हो जाता है और सभी ड्रागें’से को चील्ला ते हुए कहता है
अग्नि – मैंने तुम्हारे राजा को हरदिया है इसलिए अब में तुम सबका नया राजा हूँ , और में तुम सबको अपने नये फौज में शामिल करता हूँ और हाँ में तुम्हें ये भी कह देना चाहूँगा की मेरे गुलाम बन ने में तुम सबका ही फायदा है , तुम सबको सोना बहुत पसंद है ना सोना ही तुम सबकी कमज़ोरी भी है में तुम सबसे वादा करता हूँ जो भी मेरा साथ देगा में उसे सोने में दफ़ना दूँगा उसे इतना सोना दूँगा जितना तुम सबने कल्पना तक नहीं की होगी
इसके बाद तो सभी ड्रागें’से खुशी के मारे हुंकारने लगते हैं और आश्मन में आग फेंकने लगते हैं , सभी ड्रागें’से ने अग्नि को अपने नये राजा के रूप में अपना लिया था , फिर सिल्वा ज़मीन पे उतरती है और अग्नि उसके ऊपर बैठ जाता है और जैसे ही सिल्वा उड़ने को होती है नीचे अधमरा हालत में पड़ा गेब्रीयल कहता है
गेब्रीयल – अग्नि तू भले ये लधाई जीिट गया है लेकिन अभी हम दोनों के बीच जंग खत्म
नहीं हुआ है ये तो हमारी दुश्मनी की शुरूआत है और में तुझसे वादा करता हूँ की तुझे में ही मारूँगा
अग्नि – गेब्रीयल पहले तू अपने आप को बचले हाँ अगर तू बच गया तो तुझे पता है में कहाँ मिलूँगा चले आना कभी भी में हर दम तैयार मिलूँगा
फिर अग्नि सिल्वा के ऊपर बेत्के वहां से उड़ जाता है और अग्नि और सिल्वा के पीछे पीछे सभी ड्रागें’से भी और गेब्रीयल अधमरा पड़ा रहता है उस बर्निंग माउंटन आइलॅंड में अपने मौत के इंतजार में अग्नि सिल्वा पे बेत्के अपने साथ सभी ड्रागें’से को लेकर उड़ चुका था और यहाँ इसे आइलॅंड में गेब्रीयल अधमरे हालत में पड़ा हुआ था , ये बर्निंग माउंटन आइलॅंड धीरे धीरे तबाह हो रहा था समंदर का पानी धीरे धीरे आइलॅंड में घुसता ही जा रहा था और ज्वालामुखी से बहता हुआ लाहवा भी धीरे धीरे पहाड़ से नीचे आ रही था और तो और इसे आइलॅंड की ज़मीन भी भूकंप के कारण अंदर धसती जा रही थी
और इन सबके बीच अधमरे हालत में फँसा पड़ा था गेब्रीयल वो जनता था की ये आइलॅंड बहुत जल्द खत्म होने वाला है वो अपनी बची खुची ताक़त को इकट्ठा करके उठने की कोशिश करता है लेकिन इसमें वो नाकाम रहता है और वो फिरसे कोशिश करता है और कुछ और वार कोशिश करने के बाद वो कामयाब हो जाता है और उठके खड़ा हो जाता है
खड़े होने के बाद गेब्रीयल अपने आँखें बंद करके एक मंत्र पढ़ता है जिस से गेब्रीयल अपने इंसानी रूप में आ जाता है और उसका ड्रागें उस से अलग हो जाता है , अग्नि के हमले में गेब्रीयल बच जरूर गया था लेकिन उस हमले में अपने ड्रागें को खो दिया था अग्नि के उस खतरनाक वार से गेब्रीयल का ड्रागें मारा गया था और गेब्रीयल भी बहुत बुरी तरह से ज़ख्मी हुआ था
गेब्रीयल अपने मारे हुए ड्रागें को कुछ देर तक देखता रहता है फिर वो अपने आप को संभालते हुए लंगदाते लंगदाते हुए आगे तरफ जाता है एक छोटे से पहाड़ी के तरफ कुछ देर में उस पहाड़ी के ऊपर चढ़ने के बाद गेब्रीयल जा पहुँचता है एक नाव(बहुत) के पास
जब कुछ सालों पहले गेब्रीयल अपने छोटे भाई थे रों के साथ हुई लधाई में अपने भाई से हार गया था तो वो अपने आप को बचाते बचाते इसी नाव में यहाँ इसे आइलॅंड में आ गया था और यहाँ आकर उसने फिरसे अपनी खोई हुई ताक़त को इकट्ठा किया और यहाँ इन ड्रागें’से का राजा बन गया और आज यही नाव फिर से उसके काम आनेवाली थी उसकी जान बचाने के लिए
आइलॅंड में पानी भरता ही जा रहा था और देखते ही देखते पानी उस छोटे से पहाड़ी तक भी पहुँच जाता है जीशके ऊपर गेब्रीयल अपने नाव में बैठा हुआ था और पानी ऊपर आ ही गेब्रीयल छापु चलाने लगता है और नाव धीरे धीरे आगे बढ़ने लगता है और कुछ देर में वो छोटा सा नाव उस आइलॅंड से सही सलामत बाहर निकल जाता है कुछ देर तक गेब्रीयल छापु चलता रहता है और वो जब थक्क जाता है तो वो रुक्क जाता है और
समंदर के चारों तरफ देखने लगता है तो उसे चारों तरफ सिर्फ़ पानी ही पानी दिखाई देता है ज़मीन का कोई भी नामो निशान नहीं था फिर गेब्रीयल छिलता है
गेब्रीयल – अग्नीिीईईईईईईईईईईईई में तुझसे अपना बदला लेकर ही रहूँगा , तू मेरे ही हाथों मरेगा
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और इधर मायवी दुनिया में रुद्रा ने सुनहेरी को अपने साथ चलने के लिए राजी कर लिया था , रुद्रा ने सुनहेरी को वो जादुई कंडाले दिखाते हुए कहा था की अगर तुम मेरे साथ चलो तो में अपने मक्षद को पूरा करने के बाद तुम्हें ये जादुई कंडाले दे दूँगा जिस से तुम फिरसे अपने दुनिया में लौट सकती हो और इसे वेड की वजह से सुनहेरी राजी हो गयी थी रुद्रा के साथ चलने के लिए
और सुनहेरी रुद्रा के साथ इसे वक्त मायवी जंगल को पार कार रही थी , रुद्रा सुनहेरी के हाथों में बँधे हुए चैन को खिंचता हुआ आगे तरफ रहा था , दोनों सुबह से ही चल रहे थे इसलिए सुनहेरी थक्क चुकी थी फिर वो कहती है
सुनहेरी – क्या हम सही राषते पर जा रहे हैं , तुम हर बार कह रहे हो की मुझे पत्ता है मुझे पत्ता है
रुद्रा – तुम चुप करो मुझे पत्ता है की राष्टा किस तरफ है वो क्या है ना मुझे मेरा प्यार जो सोना के लिए है वो राष्टा दिखा रहा है
सुनहेरी – ओह प्लेआज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अब दुबारा मात शुरू होजना , ओह ओउुुुुुुुउउ क्या कार रहे हो ज़रा चैन को आहिस्ते खींचो मुझे तकलीफ हो रही है
रुद्रा – ठीक है ठीक है अब धीरे खीचुँगा
सुनहेरी – क्या हम कुछ देर आराम नहीं कार सकते
रुद्रा – नहीं सुनहेरी अभी नहीं हम अगले गावन् पर रुक्क जाएँगे और वहाँ हमें खाना और आराम करने के लिए जगह भी मिल जाएगी
सुनहेरी – (वहीं एक पेड़ के नीचे बैठते हुए) आस कम ऑन रुद्रा में एक सितारा हूँ और में दिन में इतने देर तक जागी नहीं रही सकती ये हमारे सोने का वक्त है और तुम मुझे सुबह से पेडल चला रहे हो और में बहुत थक्क गयी हूँ प्लज़्ज़्ज़्ज़ अब मुझे कुछ देर सोने दो
रुद्रा – अच्छा अच्छा ठीक है तुम यहाँ कुछ देर के लिए आराम करो में कुछ खाने पीने का बंदोबस्त करके आता हूँ , फिर रुद्रा उस जादुई चैन को उस पेड़ से तरफ देता है सुनहेरी के साथ
सुनहेरी – ये तुम क्या कार रहे हो
रुद्रा – दिखता नहीं क्या में तुम्हें बाँध रहा हूँ जिस से तुम यहाँ से भाग ना सको , और फिर रुद्रा खाने पीने का कुछ बंदोबस्त करने चला जाता है
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गंडर के दोनों राजकुमार कुंवर विक्रांत और कुंवर यश दोनों ही सुबह से हार के तलाश में निकल चुके थे , जहाँ पे कुंवर विक्रांत अपनी सीना के टुकड़ी को अपने साथ लेकर चल
UPDATE-13
कुंवर विक्रांत ईश्वक़्त गंडर के पहाड़ी इलाक़ों के तरफ तरफ रहा था जहाँ पे वो हार गिरा था तो वहीं कुंवर यश मायवी जंगल के तरफ तरफ रहा था जहाँ पे रुद्रा और सुनहेरी थे और सुनहेरी के
पास वो जादुई रत्ना हार कुंवर विक्रांत ईश्वक़्त गंडर के पहाड़ी इलाक़ों में उस जगह पे खड़ा था जहाँ पे वो रत्ना हार गिरा था और वहाँ पे हार को नापके कुंवर विक्रांत बहुत ही गुस्से में था , और फिर कुंवर विक्रांत अपने साथ चल रहे एक जादूगर को अपने पास बुलाता है
कुंवर विक्रांत – जादूगर तुमने कहा था की हार हमें वहीं मिलेगा जहाँ पे हार गिरा है पर यहाँ पे तो कोई भी हार हमें नहीं मिला तो अब हम क्या करे इन पहाड़ों को खोदते फिरेन
जादूगर – हुज़ूर मैंने तो आप को वही बताया जो इसे जादुई पाशे ने मुझे बताया अब में कुछ भी नहीं कार सकता
कुंवर विक्रांत – एक काम करते हैं दुबारा हार के खोज पे निकालने से पहले इसे जादुई पाशे को आजमा लेते हैं , इनसे पूछिए की क्या में गंडर के महाराज का बड़ा बेटा हूँ
फिर वो जादूगर उन्न पशों को एक पठार के ऊपर फेंकता है और वो पाशे घूमने लगते हैं और जब वो पाशे एक जगह पे रुकते हैं तो हारे(ग्रीन) रंग से जगह मगाने लगते हैं
जादूगर – हाँ हुजूर आप महाराज के बारे बेटे हैं
कुंवर विक्रांत – एक और सवाल क्या मेरा मनपसंद रंग लाल है
फिरसे उन्न पशों को फेंका जाता है और फिरसे हारे रंग से पाशे जगमगाने लगते हैं
जादूगर – हाँ हुजूर
कुंवर विक्रांत – क्या बहुत ज्यादा मिन्नतें या गुज़ारिशें मुझे मजबूर करती हैं एक दगाबाज़ और गद्दार की जान बक्ष दम
और फिरसे वो जादूगर उन्न पशों को फेंकता है और इषबार पाशे जब रुकते हैं तो हारे रंग के बदले लाल रंग से वो पाशे जगमगाने लगते हैं और ये देख कुंवर विक्रांत
कुंवर विक्रांत – इसका क्या मतलब है
जादूगर – हुजूर लाल रंग का मतलब नहीं है
कुंवर विक्रांत बहुत बढ़िया , इन्हें फिरसे फेंको और इसे बार इन्हें उछल फेंको
फिर वो जादूगर उन्न पशों को ऊंचा फेंकता है और पशों को फेनटे ही कुंवर विक्रांत अपना अगला सवाल पूछता है
कुंवर विक्रांत – क्या तुम मेरे छोटे भाई के लिए काम करते हो और क्या तुम मेरे साथ मुझे गुमराह करने के लिए आए हो
ये सवाल सुनते ही उस जादूगर के चेहरे के हवैइयाँ उड़ जाती है और पाशे अकके उस पठार के ऊपर पड़ते हैं और जब वो रुकते हैं तो इसे बार उन्न पशों का रंग हरा ही आता है यानि की वो जादूगर सच में कुंवर विक्रांत को धोका दे रहा था
और पशों का रंग देख के जादूगर की हवैइयाँ उड़ जड़ी हैं और वो जैसे ही अपना चेहरा कुंवर विक्रांत के तरफ करता है माफिई माँगने के लिए तब तक बहुत देर होचुकी थी क्योंकि कुंवर विक्रांत अपने कमर से अपना तलवार निकल चुका था और उस तलवार को देखते ही देखते उस जादूगर के पेट में उतार देता है
और फिर एक कालेगा दहला देने वाली चीख निकलती है उस जादूगर के मुंह से वो चीख उन्न पहाड़ों में गूंजजज्ज उठती है और वो वहीं निढल हो जाता है और कुंवर विक्रांत के फ़ौजी उस जादूगर के
लाश को उठाकर पहाड़ियों के नीचे फेंक देते हैं
कुंवर विक्रांत उन्न पशों को पठारों के ऊपर से उठता है और चारों तरफ देखने लगता है
कुंवर विक्रांत – हमारे सामने दो राषते हैं एक ये पहाड़ी इलाका जो आगे हमें गंडर के तरफ लेजता है और ये दूसरा मायवी जंगल जो हमें आगे विचस माउंटन के तरफ लेजाएगी , अब किस तरफ वो हार हमें मिलेगा ये जादुई पेशाब ही बताएगा , ए जादुई पाशे बता मुझे क्या मुझे इन्हीं पहाड़ी राषते में ही आगे वो रत्ना हार मिलेगा
फिर कुंवर विक्रांत उन्न पशों को उस पठार के ऊपर फेंक देता है और पाशे घूमने लगते हैं और जब पाशे रुकते हैं तो पशों का रंग लाल था
कुंवर विक्रांत – यानि की पाशे ये कहना चाहते हैं की मुझे विचेस माउंटन के तरफ बढ़ना चाहिए
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सूरज डूब चुका था और मायवी दुनिया में शाम होचुकी थी और सुनहेरी अभी भी उसी पेड़ के नीचे बैठी हुई थी और रुद्रा का इंतजार कार रही थी , रुद्रा दोपहर से कुछ खाने का इंतजाम करने गया था और अभी तक लौट के नहीं आया था
और सुनहेरी अकेली बैठी बैठी उंघ रही थी जब भी झाड़ियों में कोई आवाज़ होती तो सुनहेरी को लगता की रुद्रा है और वो उसे आवाज़ देने लगती लेकिन ये उसका बहन ही निकलता और इसे ही बैठी बैठी वो चिढ़ से गयी थी
सुनहेरी – पत्ता नहीं ये लड़का कहाँ चला गया इतनीी देर हो गयी है और अब तो अंधेरा भी होने लगा है कहीं इसे लड़के को कुछ हो ना गया हो
सुनहेरी बेत्के अपने आप से यही सब कह रही थी की उसे झाड़ियों के पीछे से कोई आवाज़ सुनाई देती है
सुनहेरी – रुद्रा तुम हो क्या रुद्रा
लेकिन इसे वार भी कोई नहीं होता और तो और वहाँ पे एक पल के लिए सानाथाअ छा जाता है और हवाएँ भी तेज चलने लगती हैं सैईईईईन्न्णणन् सैईईईईईन्न्णणन् करके हवा चलने लगती है और झाड़ियों के पीछे से भी अजीब अजीब आवाजें आने लगती है और ये सब देख के सुनहेरी डर जाती है
सुनहेरी – कौन है वहाँ कौन है वहाँ बाहर आऊ
कोई भी झाड़ियों के पीछे से नहीं आता है और ये देख सुनहेरी और भी डर जाती है और चारों तरफ देखने लगती है लेकिन उसे चारों तरफ सीबे सानाते के कुछ भी नहीं मिलता है
सुनहेरी – रुद्रा क्या ये तुम हो अगर तुम हो तो मेरे साथ मज़ाक मत करो नहीं तो में तुम्हारे साथ कहीं भी नहीं चलूंगी
और इसे वार भी कोई जवाब नहीं आता है और इसे से परेशान होकर सुनहेरी रुद्रा रुद्रा चिल्लाने लगती है और तभी उन्न झाड़ियों के पीछे से कोई निकलता है , और वो एक यूनिकॉर्न था एक सफेद यूनिकॉर्न और वो सीधे अकके रुकता है सुनहेरी के पास
और यूनिकॉर्न को देख सुनहेरी के जान में जान आती है और सुनहेरी उस यूनिकॉर्न को प्यार से सहलाने लगती है और फिर वो यूनिकॉर्न अपने सिंग से उस जादुई चैन को काट देता है जिस से सुनहेरी बँधी हुई थी और ये देख सुनहेरी बहुत खुश होजती
है और उस यूनिकॉर्न को गले लगा लेती है
फिर वो यूनिकॉर्न नीचे झुक जाता है जैसे सुनहेरी को अपने ऊपर बैठने को बुला रहा हो फिर सुनहेरी उस यूनिकॉर्न के ऊपर बैठ जाती है और वो यूनिकॉर्न वहाँ से चल देता है
सुनहेरी उस यूनिकॉर्न के ऊपर सवार होकर जंगल में आगे तरफ रही थी और अपने आप से बातें कार रही थी
सुनहेरी – किससे पत्ता की वो रुद्रा अपना कंडाल वाला वादा पूरा करता भी या नहीं , में ये मान ने को तैयार नहीं की इसे पूरे मायवी दुनिया में उसके सीबे कोई और मेरी मदद नहीं करेगा और तो और वो क्या बक बक कार रहा था हाँ मेरी सोना ऐशी है मेरी सोना वैशी है हुन्न्ञन् बड़ा आया सोना का चमचा में तो उसके बातें सुन सुन के बहुत पक्क गयी थी
इसी तरह अपने आप से बातें करते करते सुनहेरी जंगल से बाहर निकल जाती है और जंगल के बाहर निकलते ही उसे बारिश का सामना करना पड़ता है जो बहुत जोरों से हो रही थी और इसे बारिश में सुनहेरी पूरी तरह से भीग जाती है और फिर उसकी नज़र पड़ती है एक घर के ऊपर शायद ये कोई सरया(होटल) था , सुनहेरी उस सराय के सामने यूनिकॉर्न को रोकती है और नीचे उतरके उस सराय का दरवाजा खटखटती है , कुछ ही देर में उस घर का दरवाजा खुलता है और एक खूबसूरत औरत अंदर से निकलती हैं और वो बहुत खूबसूरत थी
औरत – है भगवान ये क्या इतनी तेज बारिश में आप इतनी भीग चुकी हैं आप को तो शारडी लग जाएगी जल्दी कीजिए अंदर अजाईए , हमारे पास सब कुछ है खाना पीना गर्म बिस्तर और गरमा गरम कंबल और नहाने के लिए गर्म पानी भी मिलेगा अंदर सब है चलिए जल्दी अजाईए अंदर
सुनहेरी – जी मेरे पास आप को बदले में देने के लिए कुछ भी नहीं है में बहुत मुसीबत में फंसी हुई हूँ
औरत – कैसी बातें कार रहे हो आप मुसीबत में फासे हुए लोगों की मदद करना हमारा फर्ज है अब चलिए वरना आप को शारडी लग जाएगी
सुनहेरी – आप बहुत अच्छी हैं बिना किसी स्वार्थ के मेरी मदद कार रही हैं और कुछ लोग इसे हैं जो बहुत स्वार्थी होते हैं
और फिर सुनहेरी घर के अंदर चली जाती है और उसके पीछे पीछे वो औरत भी आ जाती है और वो औरत अंदर आ ही दरवाजे को बंद करदेटी है और उसके चेहरे पे एक शैतानी मुश्कं थी
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इधर रुद्रा दौड़ता हुआ आ रही था उस जगह पे जहाँ पे उसने सुनहेरी को चोद के गया था खाने का इतनेजाँ करने में बहुत वक्त लगा था और लौटने में शाम होचुकी थी उष्को सुनहेरी की चिंता सटा रही थी इसलिए वो तेजिसे भागता हुआ आ रही था
जब वो उस जगह पे अकके पहुँचता है तो उस पेड़ के नीचे सुनहेरी को नहीं पत्ता है और उसे वो जादुई चैन भी मिल जाती है कटी हुई और ये देख
रुद्रा – में कितना बेवकूफ़ हूँ मुझे उसके ऊपर भरोसा नहीं करना चाहिए था , वो मुझे चकमा देकर भाग गयी
रुद्रा को अपने आप के ऊपर बहुत गुस्सा आता है और वो अपना गुस्सा अपने साथ लाए हुए खाने
के समान के ऊपर उतरता है रुद्रा उन्न फ्रूट’से को गुस्से में फेंक देता है और जाकर उसी पेड़ के नीचे बैठ जाता है और देखते ही देखते दिन भर थकान के कारण उष्कीी आँख लग जाती है और वो वहीं बैठे बैठे सो जाता है
कुछ देर बाद रुद्रा के कानों में एक आवाज़ पड़ता है शायद कोई उसके नाम लेकर उसे बुला रहा था और फिर रुद्रा की आँखें खुल जाती है और वो चारों तरफ देखने लगता है फिर उसकी नज़र पड़ती है आश्मन के तरफ और जब उसकी नज़र ऊपर पड़ती है तो रुद्रा चौक जाता है क्योंकि उसे पुकारने वाली बहुत सारे सितारें थी जो आश्मन में चमक रही थी
सितारें – रुद्रा प्लेज़्ज़्ज़्ज़ हमारी बहन की रक्षा करो रुद्रा हमारी बहन सुनहेरी के ऊपर खतरा मंडरा रहा है हमने यूनिकॉर्न को भेजा था ताकि वो सुनहेरी की मदद कार सके लेकिन अब वो एक ख़तनाक जाल में फ़ासस चुकी है
रुद्रा – ये आप सब क्या कह रहे हैं केशा खतरा और केशा जाल
सितारें – रुद्रा मायवी दुनिया में कोई भी सितारा सुरक्षित नहीं है 1000 साल पहले आखिरी तारा टूट के गिरता मायवी दुनिया में उसे कुछ चुड़ालों ने कैद कर लिया उसे अपने मीठी मीठी बातों में फंसाया उसकी देखभाल किया और जब उसका दिल फिरसे स्वस्त होकर चमकने लगा तो उन्होंने उसके सीने को काट के उसके दिल को निकल के कहा लिया और सुनहेरी ईश्वत उन्हीं चुड़ालों के चंगुल में फ़ासस चुकी है और उसे इसे खतरे के बारे में पता भी नहीं है वक्त बहुत कॅम है रुद्रा जाओ रुद्रा जाओ और हमारी बहन की रक्षा करो रुद्रा रुद्रा ये सारी बातें सुनकर बहुत परेशान होचुका था वो ये सोचने लगता है की कैसे वो सुनहेरी की जान बचाए इसलिए और कैसे वो उस जगह पे जल्दी से जल्दी पहुँचे कुछ देर सोचने के बाद उसे उस जादुई मोमबति की याद आती है और फिर रुद्रा उस मोमबति को अपने जेब से बाहर निकलता है
(UPDATE-14)
रुद्रा – ये मोमबति ज्यादा से ज्यादा दो बार ही इस्तेमाल होसकती है अगर मैंने अब इसे इस्तेमाल कर दिया तो मुझे आगे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा , इसे मोमबति के बिना में अपनी मां को कैसे ढूनडूँगा और फिर इसे मोमबति के सहारे सुनहेरी को उसके दुनिया में भी तो भेजना है , मुझे कुछ और ही सोचना पड़ेगा
रुद्रा इसी बारे में सोच रहा था की कैसे वो जल्दी से उस जगह पे पहुँचे की तभी उसके कानों में कुछ आवाजें पड़ती है ये आवाजें घोड़े के गाड़ी की थी फिर रुद्रा उस आवाज़ के तरफ भागता है और फिर जाकर एक जगह पे खड़ा हो जाता है और फिर कुछ ही देर में एक घोड़े की गाड़ी सामने से आता हुआ दिखाई डेटता है
उस जुंगलीइ रास्ते से होते हुए एक घोड़े की गाड़ी तेजिसे आगे तरफ रही थी और इसे घोड़े की गाड़ी को चला रहा था कुंवर यश , कुंवर यश अपने चाबुक से उस गाड़ी के घोड़ों को मरते हुए कह रहा था और तेज चलो और तेज और वो घोड़े तेजिसे आगे तरफ
रहे थे लेकिन तभी उनके सामने रुद्रा आ जाता है जिस से कुंवर यश फौरन गाड़ी को रोक देता है
फिर कुंवर यश उस गाड़ी से नीचे उतरता है और अपने कमर से तलवार निकल लेता है और उस तलवार को रुद्रा के ऊपर टांट हुए कहता है
कुंवर यश – कौन हो तुम , कहीं तुम्हें मेरे भाई विक्रांत ने तो नहीं भेजा है मुझे मरने के लिए
रुद्रा – नहीं नहीं ये आप क्या कह रहे हैं में किसी विक्रांत को नहीं जनता प्लज़्ज़्ज़्ज़ इसे तलवार को मेरे ऊपर से हटाइए मुझे इन तलवारों से बहुत डर लगता है , प्लज़्ज़्ज़्ज़ मेरा यकीन कीजिए में किसी विक्रांत को नहीं जनता और अगर में आप को मरने आया होता तो मेरे पास कुछ ना कुछ औजार होते लेकिन आप मेरी तलाशी ले सकते हैं में बिलकुल निहटा हूँ
कुंवर यश – अच्छा तो कौन हो तुम और इसे तरह मेरे गाड़ी के सामने आने का क्या मतलब
रुद्रा – जी मेरा नाम रुद्रा है और मुझे बस लिफ्ट चाहिए मेरी एक दोस्त मुस्सिबत में है मुझे जल्दी से जल्दी उसके पास पहुँच ना है प्लज़्ज़्ज़्ज़ मुझे आप के साथ आने दीजिए
कुंवर यश – ये ईश्वक़्त संभव नहीं है , में ईश्वक़्त एक बहुत बड़ी खोज पर निकला हुआ हूँ
रुद्रा – देखिए प्लज़्ज़्ज़ मेरी मदद करिए क्या पत्ता में भी आप के किसी काम अज़ौन , शायद किस्मत ने ही हमें मिलाया है एक दूसरे की मदद करने के लिए सर
कुंवर यश – ठीक है आ जाओ
रुद्रा – आप का बहुत बहुत शुक्रिया सर
फिर कुंवर यश और रुद्रा दोनों जाकर उस घोड़े की गाड़ी में बैठ जाते हैं और फिर कुंवर यश अपने घोड़ों को आगे बढ़ा देते हैं और घोड़े तेजिसे आगे बढ़ने लगते हैं
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और यहाँ इसे सराय में – सुनहेरी उस औरत के साथ अंदर अचूकी थी और वो औरत सुनहेरी को अपने बहनों से मिला रही थी
औरत – सुनहेरी जी मेरा नाम दूसतीनी है और ये सब मेरी बहने हैं हम 7 बहने हैं और हम सब एक साथ मिलकर इसे सराय को चलती हैं
सुनहेरी – आप सबसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई आप सब बहुत अच्छे हैं
दूसतीनी – क्या बात है सुनहेरी जी आप कुछ थके थके लग रहे हैं कहीं आप को कहीं पे चोट तो नहीं लगी
सुनहेरी – जी वो हाँ मुझे थोड़ी से चोट लगी है
दूसतीनी – तब तो आप को फौरन हमारे जादुई गरम पानी से नहलेना चाहिए
सुनहेरी – जादुई गरम पानी?
दूसतीनी – हाँ सुनहेरी जी अगर किसी को कोई चोट लगी है और वो हमारे जादुई गरम पानी में नहा लेता है तो उसकी चोट बहुत जल्द ठीक हो जाता है
सुनहेरी – क्या सच में?
दूसतीनी – जी हाँ सच में
सुनहेरी – तो क्या हमें भी गरम पानी में नहाने के लिए मिलेगा
दूसतीनी – क्यों नहीं जरूर आप मेरे साथ चलिए
फिर दूसतीनी अपने साथ सुनहेरी को लेकर चली जाती है बाथरूम की तरह और फिर सुनहेरी अपने कपड़े बदलके बाथटब में घुस जाती है और गरम पानी का मजा लेने लगती है , दूसतीनी अपने हाथ को उस गरम पानी में डुबके
घोलने लगती है (कुछ जादू करने लगती है)
दूसतीनी – सुनहेरी जी तो कैसा लग रहा है
सुनहेरी – जी बहुत अच्छा लग रहा है गरम पानी से और मेरे पर से दर्द भी गायब हो गये हैं , सच में आप का ये गरम पानी कमाल का है
दूसतीनी – चलिए मुझे बहुत खुशी हुई के में आप के लिए कुछ कार पाई , अब तो आप बहुत खुश लग रहे हैं
सुनहेरी – सही कहा आप ने में बहुत खुश हूँ
दूसतीनी – जी हाँ ये सब इसे गरम पानी का ही असर है
फिर नहाने के बाद सुनहेरी कपड़े बदलके दूसतीनी के साथ एक कमरे में आ जाती है और दोनों बातें करने लगते हैं एक दूसरे के बारे में , सुनहेरी ईश्वक़्त बहुत स्वस्त और खुश लग रही थी और उसका शरीर भी चमकने लगी थी, सुनहेरी ईश्वक़्त अपने बेड पे लेट के दूसतीनी से बातें कार रही थी और दूसतीनी सुनहेरी के पास ही बैठी हुई थी
दूसतीनी – सुनहेरी जी में बहुत अच्छी मालिश करती हूँ और जो भी मुझसे मालिश करवाते हैं उन्हें और भी अच्छा लगता है
सुनहेरी – क्या सच में तो फिर में भी आप से मालिश करवानी जरूर चाहूँगी
दूसतीनी – तो ठीक है आप आँख बंद करने लेट जाए में मालिश शुरू करती हूँ
फिर सुनहेरी बेड पे आँखें बंद करके लेट जाती है और दूसतीनी अपने हाथ में एक तेल का कटोरी लेकर सुनहेरी के पास बैठ जाती है और सुनहेरी की पहनी हुई नाइट गाउन को धीरे धीरे खोलती है और सुनहेरी को पूरी तरह से निर्वस्त्र करके उसके शरीर में तेल लगाकर मालिश करने लगती है इसे से सुनहेरी को अच्छा लगने लगता है और सुनहेरी के निर्वस्त्र बदन को देख दूसतीनी के आँखों में एक अलग ही चमक आने लगती है और उसके मुंह से लार टपकने लगता है , फिर दूसतीनी कुछ तेल सुनहेरी के गुप्तँग में लगा देती है और सुनहेरी के गुप्तांगों को सहलाने लगती है इन सब में सुनहेरी का शरीर बहुत उत्तेजित हो जाता है और उसके मुंह से सिसकियां निकालने लगती है
ईश्वक़्त सुनहेरी के चेहरे पे बहुत खुशी ज़लाक रही थी और दूसतीनी सुनहेरी के चेहरे पे खुशी देख समझ जाती है की वक्त आ गया है इसलिए दूसतीनी उस बेड के नीचे रखी हुई अपने खंजर को निकल लेती है सुनहेरी के दिल को चीर्ने के लिए और दूसतीनी जैसे ही खंजर को सुनहेरी के सीने में घोपने को होती है की तभी
कुंवर यश और रुद्रा दोनों ईश्वक़्त घोड़े गाड़ी के ऊपर सवार होकर तेज रफ्तार से विचस माउंटन की तरफ तरफ रहे थे और देखते देखते वो कुछ ही देर में उस इलाके में पहुँच जाते हैं
लेकिन वो दोनों जैसे ही उस इलाके में पहुँचते हैं उन्हें तेजधर बारिश का सामना करना पड़ता है और इसे तेजधर बारिश में घोड़े भी आगे बढ़ने से इनकार करदेटे हैं वो अपने जगह से हिलते तक नहीं हैं और पीछे हटने लगते हैं और ये देख
कुंवर यश – रुद्रा लगता है ये घोड़े इसे तेज बारिश में आगे नहीं तरफ पाएँगे हमें इन्हें यहीं छोड़कर आगे बढ़ना होगा
तभी
रुद्रा को कुछ दूर पे रोशनी नज़र आती है
रुद्रा – राजकुमार देखिए वहाँ रोशनी दिखाई देती है शायद वहाँ पे किसी का घर हो और हमें आज रात गुजरने की जगह मिल जाए
कुंवर यश – अरे हाँ रुद्रा तुम सही कह रहे हो तो चलो फिर वहाँ पे , फिर कुंवर यश चाबुक से घोड़े के पिछवाड़े पे मरता है जिस से घोड़ा आगे तरफ जाता है उस घर के तरफ और कुछ ही मिनट’से में दोनों वहाँ उस घर के सामने पहुँच जाते हैं
कुंवर यश – अरे रुद्रा ये तो एक सरया(होटल) है लगता है हमारी किस्मत अच्छी है जो हमें ये सरया मिल गया अब तो खाने का पीने का और सोने का इंतजाम हो ही गया
फिर कुंवर यश नीचे उतरता है और जाकर उस सराय का दरवाजा खटखटने लगता है
कुंवर यश – हेलो कोई है क्या , हेलो कोई अंदर है क्या
रुद्रा – जल्दी करो दोस्त इसे बारिश के पानी का मर खाके मेरा पूरा शरीर धीरे धीरे अकड़ रहा है कहीं दरवाजे के खुलने से पहले ही में फनाअ ना होजौन
कुंवर यश – फिक्र मात करो रुद्रा तुमने हमसे दोस्ती किया है हम तुम्हें कुछ भी होने नहीं देंगे , हेलो कोई है क्या और तभी दरवाजा खुलता है और एक खूबसूरत औरत दरवाजे के सामने खड़ी थी और कुंवर यश क्यों देख रही थी फिर
दूसतीनी – जी में आप की क्या मदद कार सकती हूँ
कुंवर यश – जी हम गंडर के राजकुमार यश हैं और एक कुछ मुहिम पर इसे तरफ से गुजर रहे थे की हमें इतनी तेज बारिश का सामना करना पड़ा इसे लिए हमें यहाँ पे आज रात के लिए ठहेरने को कमरा चाहिए
दूसतीनी – क्यों नहीं राजकुमार जरूर जरूर आप अंदर आइये
कुंवर यश – जी मोहतार्मा मेरा दोस्त हमारे घोड़ों के साथ बाहर खड़ा है
दूसतीनी – राजकुमार मेरा नाम दूसतीनी है और में अभी अपनी एक बहन को भेजती हूँ ताकि वो आप के दोस्त को अस्तबल का राष्टा दिखा सके और आप मेरे साथ आइये में आप को आप का कमरा दिखती हूँ
फिर दूसतीनी अपनी एक बहन को इशारा करती है और वो बाहर निकल जाती है रुद्रा को घोड़ों के अटबल का राष्टा दिखाने के लिए और कुंवर यश चल देता है दूसतीनी के पीछे
दूसतीनी कुंवर यश को एक कमरे तक लेआतई है और फिर
दूसतीनी – ये लीजिए राजकुमार ये है आप का कमरा आशा करती हूँ आप को अच्छा लगेगा और अगर कुछ चाहिए तो बता दीजिए
कुंवर यश – अरे बहुत अच्छा है कमरा दूसतीनी जी हाँ अगर एक कप कॉफ़्फीे मिल जाए तो मजा अजाए
दूसतीनी – जी जरूर में अभी लेकर आती हूँ राजकुमार
दूसतीनी किचन की तरफ चल देती है और कुंवर यश अपने कमरे के बाहर ही टहलने लगता है और इधर सुनहेरी भी अपने कमरे से बाहर निकल आती है ये देखने के लिए की दूसतीनी कहाँ रही गयी
कुंवर यश की नज़र पड़ती है सुनहेरी के ऊपर और फिर
कुंवर यश – जी हेलो हमारा नाम कुंवर यश है और हम गंडर के होनेवाले युवराज हैं
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Jun 29, 2020
#133
(UPDATE-15)
दूसतीनी –
(कॉफ़्फीे लेकर आ हुए) राजकुमार ये हमारे मेहमान हैं इन्हें परेशान ना ही करे प्लज़्ज़्ज़ और ये लीजिए आप की गरमा गरम कॉफ़्फीे
कुंवर यश – अरे माफ कीजिएगा दूसतीनी जी हमने अपना इरादा बदल दिया है हम अपने साथ लाया हुआ शराब ही पिएँगे आप एक काम कीजिए ये कॉफ़्फीे हमारे दोस्त को अस्तबल में दे आइये
दूसतीनी – जी जैसे आप की मर्जी राजकुमार , फिर दूसतीनी अपनी एक और बहन को वो कॉफ़्फीे का मग पकड़ा देती है और कहती है अस्तबल में दे आने को फिर
कुंवर यश – (सुनहेरी से) हमें माफ कीजिएगा हमें लगा आप ही इसे सराय की मालकिन हैं और क्या आप यहाँ अकेली ठहरी हुई हैं
सुनहेरी – जी हाँ में यहाँ अकेली ही ठहरी हुई हूँ
कुंवर यश – हम एक कुछ मक्षद से इसे तरफ से गुजर रहे थे की बारिश के वजह से यहाँ पे हमें ठहेरना पड़ा
इसे तरफ कुंवर यश सुनहेरी से बात कार रहा था और दूसतीनी कुछ काम से किचन में चली गयी थी और यहाँ दूसतीनी की बहन रुद्रा के लिए कॉफ़्फीे लेकर अस्तबल में आ रही थी
मिस्तीनी – जी में आप के लिए कॉफ़्फीे लाई हूँ
रुद्रा – जी बहुत बहुत शुक्रिया आप बहुत अच्छी हैं , मेरा नाम रुद्रा हैं और आप का
मिस्तीनी – मिस्तीनी , अपना नाम बोलकर मिस्तीनी वहाँ से चली जाती है
और इधर सराय के अंदर , दूसतीनी सुनहेरी के कमरे में जाती है और उसके बेड के नीचे से उस खंजर को लेकर आती है और इधर कुंवर यश अपनी बातों से सुनहेरी को पक्का रहा था
कुंवर यश – जी पता है हम पूरे गंडर में सबसे ज्यादा बहादुर और सुरवीर हैं हमें हराने वाला आज तक पेड़ा ही नहीं हुआ है
सुनहेरी – जी मुझे माफ कीजिएगा वो क्या है ना में तक गयी हूँ अब सोने के लिए जाना चाहती हूँ , ये बोलकर सुनहेरी वहाँ से जाने लगती है लेकिन तभी कुंवर यश की नज़र सुनहेरी के गले में लटक रही उस रत्ना हार पे पड़ती है
कुंवर यश – ज़रा रुकिये मैडम क्या में आप का वो रत्ना हार देख सकता हूँ
सुनहेरी – क्या
कुंवर यश – जी हाँ आप ने जो पहना है वो
और इधर अस्तबल में रुद्रा जैसे ही कॉफ़्फीे के मग को अपने मुंह से लगता है तभी अस्तबल के दीवार को तोड़के एक यूनिकॉर्न आ जाता है और रुद्रा को एक धक्का मारकर चला जाता है जिस से रुद्रा के हाथों से वो कॉफ़्फीे का मग चुत के नीचे गिरर जाता है
और जैसे ही वो कॉफ़्फीे का मग नीचे ज़मीन पे गिरता है तो मिट्टी से धुआँ उठने लगता है और ये देख रुद्रा चौक जाता है और फिर वो उस यूनिकॉर्न के तरफ देखने लगता है
रुद्रा – ये क्या ये मिट्टी से धुआँ क्यों निकल रहा है और ये यूनिकॉर्न यहाँ पे …….
आरीई नहीं कहीं ये वही यूनिकॉर्न तो नहीं जो सुनहेरी को वहाँ से लेकर आई थी इसका मतलब कॉफ़्फीे में ज़हेर था और उन्न डायनों का बाशेरा यहीं इसे सरएए में है तब तो मुझे जल्दी करना पड़ेगा सुनहेरी और कुंवर यश दोनों की जिंदगी खतरे में है
और इधर सराय के अंदर कुंवर यश सुनहेरी के गले में लटक रहे उस हार को पहचान चुका था और सुनहेरी के ऊपर भड़क रहा था और उसे धमका रहा था और वो हार वापस माँग रहा था की तभी एक साथ रुद्रा और दूसतीनी वहाँ सुनहेरी और कुंवर यश के पास पहुँच जाते हैं
इसे से पहले की रुद्रा कुंवर यश के पास पहुँच के उसे कुछ कहता तब तक दूसतीनी कुंवर यश के गर्दन में वो ख़तनाक खंजर उतार चुकी थी दूसतीनी के इसे खतरनाक वार से कुंवर यश की गर्दन पूरी तरह से चिल्ला चुकी थी और शरीर से अलग होचुकी थी और ये देख सुनहेरी और रुद्रा कांप उठते हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी के पास पहुँच जाता है और सुनहेरी इतनी खतरनाक मंजर को देख काफिई डर चुकी थी वो सीधे रुद्रा के गले लगज़ाती है
रुद्रा – सुनहेरी तुम ठीक तो हो ना
सुनहेरी – रुद्रा ये सब क्या हो रहा है
रुद्रा – सुनहेरी ये सब के सब डायणें हैं और तुम्हें मर के तुम्हारे दिल को खजाना चाहते हैं
दूसतीनी – हाँ सुनहेरी इसे लड़के ने सही कहा बिलकुल सही लेकिन अफ़सोस बहुत देर होचुकी है अब तुम्हें हमसे कोई भी बच्चा नहीं सकता है , मेरी बहनों जल्दी आऊ यहाँ सब और इसे लड़के को मर डालो
फिर दूसतीनी की 6 बहने तेजिसे वहाँ पे आ जाती हैं और चारों और से रुद्रा और सुनहेरी को घर लेती हैं और ये सब देख सुनहेरी बहुत डर जाती है और रुद्रा को काश के पकड़ लेती है
और फिर दूसतीनी की दो बहने आगे बढ़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी की तरफ और रुद्रा और सुनहेरी ये देख पीछे हटने लगती हैं और दूसतीनी की वो दोनों बहने जैसे ही रुद्रा और सुनहेरी के ऊपर झपटा मरने को होती हैं तभी तेजिसे कमरे में वो यूनिकॉर्न आ घुसता है और अपने सिंग से दूसतीनी के दोनों बहनों को पटक देता है और फिर वो यूनिकॉर्न रुद्रा और सुनहेरी के बीच में खड़ा हो जाता है
और ये सब देख दूसतीनी बहुत गुस्से में आ जाती है और फिर दूसतीनी अपने असली रूप में आ जाती है यनेकिी अपने चुड़ैल वाले रूप में , अब दूसतीनी बहुत ही खतरनाक लग रही थी खुले हुए बाल दूर दूर तक फैलता जा रहा बदबू साधा हुआ चेहरा मुंह से कीड़े निकल रहे थे बारे बारे नाखून
और फिर दूसतीनी गुस्से में अपने उसी खंजर को हाथ में लिए झटक देती है जिस से वो खंजर एक छोटी से लकड़ी की चड्डी बनजाति है एक जादुई चड्डी फिर दूसतीनी उस जादुई चड्डी को उस यूनिकॉर्न के तरफ करके झटक देती है जिस से यूनिकॉर्न के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है और यूनिकॉर्न उस आग के अंदर फ़सा हुआ उछालने लगता है
और ये देख सुनहेरी और रुद्रा दोनों और भी डर जाते हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी के हाथ को पकड़कर वहाँ से खींच के बाहर ले जाने लगता है की तभी दूसतीनी फिर से अपने जादुई चड्डी की मदद से उन्हें रोक देती है और बाहर जाने के राषते को बंद करदेटी है सामने आग फैला कर और देखते ही देखते उस सराय के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है रुद्रा और सुनहेरी अब दोनों बुरी तरह से फ़ासस चुके थे और उनके सामने दूसतीनी खड़ी थी और वो बहुत जोरों से हस्स्स रही थी और उसकी ये हँसी उसके भयानक रूप के साथ और भी भयानक लग रहा था
और फिर वो धीरे धीरे रुद्रा और सुनहेरी के तरफ बढ़ने लगती है और रुद्रा और सुनहेरी धीरे धीरे पीछे हतटने लगती है
दूसतीनी – अब कुछ भी नहीं हो सकता सुनहेरी तुम्हें अब मुझसे कोई भी नहीं बच्चा सकता कोई भी नहीं , तुम्हारे इसे दिल को खाके में और मेरी बहने 1000 साल के लिए अमर होज़ाएँगी और ताकतवर भी
रुद्रा और सुनहेरी दोनों पीछे हॅट ते हुए जाकर दीवार से चिपक जाते हैं अब और पीछे भी नहीं हॅट सकते थे अब उनके सामने चारों तरफ से राषते बंद होचुके थे फिर
रुद्रा – (सुनहेरी के कान में) आरीई हान्ंणणन् सुनहेरी तुम मुझे कषह के पकड़ लो में वो जादुई मोमबति निकालने वाला हूँ तुम समझ गयी ना
सुनहेरी – (जादुई मोमबति का नाम सुनकर सुनहेरी के चेहरे पे एक हल्की से मुश्कं आ जाती है) हाँ में समझ गयी
फिर रुद्रा अपने जेब से वो जादुई मोमबति निकलता है और अपने आस पास पहले हुए आग में उस जादुई मोमबति को जला देता है और फिर देखते ही देखते सुनेरी और रुद्रा वहाँ से तेज रफ्तार के साथ उस सरएए के चाट को फाड़ते हुए निकल जाते हैं और ये देख दूसतीनी के मुंह से एक खौफ नख चीख निकल पड़ती है
दूसतीनी – सुनहेरिइईईईईईई में तुझे नहीं छोड़ूँगिइिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई सुनहेरी और रुद्रा दोनों वहाँ से जादुई मोमबति के मदद से तेज रफ्तार से उड़ जाते हैं और दूसतीनी उन्हें भागती हुई बस देखती रहती है और अपने हाथ के एडियों को मसलते रही जाती है और फिर वहाँ उस सराय में आग बुझते ही दूसतीनी की सारी बहने उसके पास आ जाती हैं
रुसतीनी – क्या हुआ बहन दूसतीनी वो दोनों कहाँ चले गये
दूसतीनी – वो दोनों जादुई मोमबति के मदद से भाग गये
मिस्तीनी – क्य्ाआअ वो दोनों भाग गये , इतने सालों बाद एक सितारा आश्मन से टूट के ज़मीन पे गिरा था और हम सबको न जाने कई सौ सालों से इसका इंतजार था और अब जब वो सितारा हमारे हाथों लगने वाली थी तो वो लड़का उसे हमसे बच्चा के लेगया कुछ करो बहन दूसतीनी कुछ करो
सुसतीनी – हाँ बहन दूसतीनी कुछ करो नहीं तो हम सबके लिए बहुत बुरा होगा ये
रुसतीनी – बहन दूसतीनी हमें उनके पीछे जाना चाहिए अगर उनके पास जादुई मोमबति की रफ्तार है तो हमारे पास भी तो हमारे जादुई झाड़ू हैं जो जादुई मोमबति से रफ्तार में कम नहीं हैं क्यों क्या कहती
हो
दूसतीनी – हाँ बहन रुसतीनी तुम सही कह रही हो हमें अभी और इषिवक़्त उनके पीछे जाना चाहिए
फिर सातों चुड़ैल बहने अपने हाथ को ऊपर उठाते हैं और देखते ही देखते उक्ने हाथों में उड़ती हुई जादुई झाड़ू आ जाती हैं और वो सातों बहने उसके ऊपर सवार होकर निकल पड़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी के पीछे उन्हें पकड़ ने के लिए
***************************************************
ठीक उसी वक्त आश्मन में बादलों के बीच एक जहाज़ उड़ रहा था जिसका नाम स्पिरिचुयल शिप था और ये जहाज़ था समंदर और असमनों के शिकारी कॅप्टन थे रों की
स्पिरिचुयल शिप में ईश्वक़्त जशन का माहौल था इसे जहाज़ में मौजूद सभी लोग मौज मस्ती में खोए हुए थे और इसे मौज मस्ती की वजह था की आज बहुत दीनों के बाद उन्होंने मिलकर एक बहुत बारे समुंदरी जहाज़ को लूटा था जीशमे सोना , चाँदी , असरफियाँ बेशुमार थी और इतने बारे लूट्ट के बाद सब जश्न मना रहे थे और बहुत सारी लड़कियों को भी लाया गया था मौज मस्ती करने के लिए
शराब के बहुत सारे ड्रम्स खुले हुए थे और सभी पेट भरके शराब पिए जा रहे थे और सब शराब के नशे में लड़कियों को अपने बाहों में लिए नाचे जा रहे थे की तभी एक शॅक्स अपने बाहों में दो कांशिन लड़कियों को लेकर आता है और एक शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ जाता है , ये शॅक्स था कॅप्टन रों का असिस्टेंट मटरू और जब मटरू शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ता है तो सभी उसे देखने लगते हैं और फिर मटरू कुछ बोलना शुरू करता है
मटरू – अइयो मेरे दोस्तों आज हम सबने बहुत बड़ा हाथ मारा है इसलिए में अपनी और कॅप्टन रों के तरफ से तुम सबको बधाई देना चाहूँगा और ये कहना चाहूँगा आज पूरी रात हम जशन मनाएँगे दोस्तों शराब के सारे ड्रम्स खोल दिए जाएँ और नाच गाना फिरसे शुरू कारडीए जाए
इसके बाद तो सभी जोश में हल्ला मचाने लगते हैं सभी फिरसे नाचने और झूमने लगते हैं शराब के नशे में और मटरू भी अपने बाहों में जकड़े हुए दो कांशिन लड़कियों के साथ नाचने लगता है और बहुत देर तक नाचता रहता है और जब थोड़ा सा थक्क जाता है तो अपने साथ उन्न दोनों लड़कियों को लेकर जहाज़ के एक कोने में आ जाता है और उनके साथ मस्ती करने लगता है फिर उन्न में से एक लड़की कहती है
लड़की – मटरू डार्लिंग हम जबसे यहाँ आए हैं हमने इसे जहाज़ के कॅप्टन को नहीं देखा है आख़िर वो है कहाँ हमने कॅप्टन रों के बारे में बहुत कुछ सुना है
2न्ड लड़की – हाँ मटरू डार्लिंग मैंने भी बहुत कुछ सुना है , कुछ लोग कहते हैं कॅप्टन रों बहुत बड़ा समुंदरी और असमनी शिकारी है तो कुछ लोग कहते हैं की वो एक ड्रागें होल्डर है और उसके पास एक बहुत बड़ा वाइट ड्रागें है और कुछ लोग कहते हैं की रों की उमर काम से कम 400 साल होगा और कुछ लोग कहते हैं की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा शराबी है और लड़कीबाज़ भी और कुछ लोगों का कहना है रों नाम का कोई
स्क्स है ही नहीं उसके बारे में जो भी सुन ने को मिलती है वो सब अफबाह है
मटरू – ये जो बातें तुम सबने सुन रखी है वो सब सच है
लड़की – क्य्ाआआअ सच में रों है , तो क्या वो सच में 400 साल का है पर शा कैसे हो सकता है कोई इंसान इतने सालों तक कैसे जिंदा रही सकता है
मटरू – शा होसकता नहीं डार्लिंग शा है , रों आना एक ड्रागें होल्डर है और ड्रागें होल्डर’से तब तक नहीं मरते जब तक उसे और उसके ड्रागें को एक साथ नहीं मर दिया जाता और अगर दोनों में से एक जिंदा बच गया तो मारा हुआ स्क्स चाहे वो ड्रागें हो या ड्रागें होल्डर वो पुनर्जनम लेकर एक दूसरे से फिरसे मिल जाएँगे और इसी तरह इकट्ठे रहके ये दोनों सद्दियों तक जिंदा रही सकते हैं
2न्ड लड़की – अच्छा तो ऐशी बात है और मैंने ये सुना है की रों के पास एक ऐशी बंधुक है जो आग उगलती है
मटरू – हाहहाहा सिर्फ़ आग नहीं उगलती है जब रों आना उस बंधुक को चलते हैं तो काली अंधेरे रात में भी दिन जैसा उजाला हो जाता है
लड़की – क्या सच में
मटरू – और नहीं तो क्या
लड़की – तो मटरू डार्लिंग तुम कब से रों के साथ काम कार रहे हो
मटरू – बहुत वक्त हो गया है काम से कम 7साल तो हो गये होंगे आज तक कोई भी रों आना के साथ 1साल से ज्यादा टिक्क नहीं पाया है सीबे मेरे और में ही उनके सबसे करीब हूँ समझी क्या
2न्ड लड़की – अच्छा तो ईश्वक़्त रों कहाँ है
मटरू – अभी कुछ देर पहले तुमने क्या कहा था
2न्ड लड़की – क्या कहा था
मटरू – यही कहा था ना की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा लड़कीबाज़ है तो वो इसे वक्त कहाँ होगा अपने कमरे में ही है एक कमसिन और खूबसूरत लड़की के साथ मस्ती कार रहा है
फिर वो तीनों हस्सने लगते हैं और फिर से नाचने झूमने के लिए सबके साथ शामिल होजते हैं और फिर उन्न सबके साथ झूमने लगते हैं
इसे ही सब झूम रहे थे की अचक तभी कोई चीज़ बहुत तेज आवाज़ के साथ स्पिरिचुयल शिप से आ टकराती है धदामम्म्मममममममम और ये टक्कर इतनी ज़ोर से हुई थी की पूरा का पूरा स्पिरिचुयल शिप हिल जाता है और जो कुछ देर पहले सब नाच रहे थे वो सब इधर उधर लूड़क जाते हैं और इन सबसे सबके मुंह से चीखें निकालने लगती है मटरू के मुंह से भी
मटरू – आईयूओ रों आना आश्मन में जहाज़ के अंदर भूकंप आ गया है बचऊूऊ रों अन्नाआआआआअ इसे वक्त रुद्रा और सुनहेरी दोनों जादुई मोमबति की मदद से तेज रफ्तार से आश्मन में आगे तरफ रहे थे वहीं चुड़ैल दूसतीनी भी अपनी बहनों के साथ जादुई झाड़ू पे सब्र होकर हवा के रफ्तार से रुद्रा और सुनहेरी का पीछा कार रही थी वो बस कुछ ही दूरी पर थी सुनहेरी और रुद्रा से
सुनहेरी – रुद्रा ये क्या ये चुड़ैल तो हमारा पीछा ही नहीं चोद रही है
रुद्रा – (पीछे देखते हुए) क्य्ाआआआ , ये क्या ये चुड़ैल तो हाथ धोके हमारे पीछे पड़ गयी अब हम क्या करे सुनहेरी
सुनहेरी – रुद्रा
वो देखो सामने कुछ है आश्मन में
रुद्रा – कहाँ , अरे ये तो कोई जहाज़ लगता है
सुनहेरी – कुछ करो रुद्रा बच्चों इसे से वरना हम इसे से टकरा जाएँगे
रुद्रा और सुनहेरी इसे से पहले की अपना रुख मोड़ते वो दोनों जा टकराते हैं एक जहाज़ से और जहाज़ के अंदर जाकर गिरते हैं , जब दोनों जहाज़ से टकराते हैं तो बहुत तेज आवाज़ होती है जैसे किसी ने जहाज़ में बॉम्ब फोड़ड़ दिया हो
रुद्रा और सुनहेरी दोनों गिरते पड़ते जहाज़ के अंदर आजाते हैं जहाज़ के नीचे यानि की गोडोवन् में इन सबमें रुद्रा को बहुत चोटें आई थी उसका सर फट चुका था और सर से खून बह रहा था और वहीं सुनहेरी को कुछ भी नहीं हुआ था उसे बससस्स कुछ खरोचें आई थी
रुद्रा और सुनहेरी जिस जहाज़ से आ टकराए थे वो कोई और जहाज़ नहीं बल्कि स्पिरिचुयल शिप ही था और इन दोनों के तेज रफ्तार से टकराने के वजह से जहाज़ कुछ देर के लिए हिल गया था इसे से जहाज़ में मौजूद सभी चिल्लाने लगे थे और डरने लगे थे और इनका डर तब और तरफ गया जब स्पिरिचुयल शिप को चारों तरफ से चुड़ैल दूसतीनी और उष्कीी बहनों ने घर लिया
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Jun 29, 2020
#134
(UPDATE-16)
मटरू ये सब देख चिल्लाने लगा – आयूओ अम्मा आयूओ आपा आयूओ रों आना बचाओ चुड़ालों ने हमला कर दिया , ये सब चिल्लाते हुए मटरू रों के केबिन के तरफ भागने लगा और वहाँ पहुँच के रों के केबिन का दरवाजे को ज़ोर ज़ोर से पीटने लगा
और जब रों के केबिन से कोई आवाज़ नहीं आया तो मटरू और डर गया और केबिन के दरवाजे को तोड़के अंदर घुस गया और जब वो अंदर दाखिल हुआ तो अंदर का नज़ारा देख मटरू के लूँगी ऊंची हो गयी अंदर का नज़ारा ही शा था , केबिन के अंदर रों एक कमसिन लड़की के साथ खतिए के ऊपर कबाड़ी खेल रहा था और ये नज़ारा देख मटरू की आँखें खतिए के ऊपर ही टिक्क गयी वो ये भी भूलगया की वो यहाँ रों के केबिन में क्यों आया है और जब रों की नज़र मटरू पे पड़ी तो उसने
रों – आबे ओये साले एमेम तू यहाँ ईश्वक़्त क्या कार रहा है दिखाई नहीं देता क्या एक इंपॉर्टेंट मॅच खेल रहा हूँ (रों मटरू को हमेशा एमेम ही बुलाता था इसके पीछे भी एक कहानी थी )
मटरू – (होश में आ हुए) आयूओ रों आना वो सब चोदा ये मॅच तो आप कभी भी खेल सकते हो और जीिट भी सकते हो लेकिन पहले आप जहाज़ के ऊपर उड़ने वाली प्लेयर’से से मॅच खेलों जी वरना हम सबका लेने का देना पड़ जाएगा
रों – आबे क्या मतलब तेरा जो भी कहना है साफ साफ बोल मेरे पास वक्त की बहुत कमी है मॅच के आखिरी मोमेंट में पहुँचा ही था की तूने अकके सब गुड गोब्बर कर दिया एमेम के बचे
मटरू – आईयू रों आना हमारे जहाज़ के ऊपर चुड़ालों ने हमला कर दिया है अब आप को ही कुछ करना होगा और हम सबको बचना होगा
चुड़ैल का नाम सुनते ही वो लड़की जो रों के साथ खतिए के ऊपर कबादीई खेल रही
थी वो डार्क मारे चिल्लाने लगती है
रों – जानेमन क्या हुआ क्यों चिल्ला रही हो में हूँ ना डरने का नहीं समझी क्या और साले तू एमेम ये क्या बकवास्स्स कार रहा है चुड़ैल हमारे जहाज़ के ऊपर क्यों हमला करेंगी
मटरू – वो सब मुझे नहीं पत्ता वो आप अकके ही देख लो
रों – ठीक है फिर चल छलके देखते हैं
और फिर रों अपने कपड़े पहनता है और कमरे के बाहर जाने लगता है लेकिन जाते जाते रुक्क जाता है और उसे रुकते हुए देख मटरू भी रुक्क जाता है रों पीछे पलट था है और अपने डेस्क के ऊपर रखी हुई शराब की आधी बोतल को एक ही साँस में खाली करदेता है और फिर अपने खतिए के नीचे से एक बकषे को निकलता है और उसे खोलने लगता है
उस बकषे के खुलते ही रों के सामने उसकी आग उगलने वाली बधुक आ जाती है और रों उस बंधुक को बकषे से बाहर निकल लेता है और उसमें बारूद भरने लगता है और बंधुक को बारूद से भरने के बाद उठ खड़ा होता है अपनी जगह से
रों – जानेमन फिक्र नहीं करने का में गया और आया तुम कुछ देर के लिए आराम करो लौट के आने के बाद हम अपना बीच में रुक्क गये कबादीई के मॅच को पूरा करेंगे समझी
लड़की – ठीक है जानूं जल्दी वापस आना हाँ
रों – ओये एमेम चल जल्दी से दिखा मुझे कहाँ हैं तेरी वो चुड़ैल
और फिर मटरू रों को लेकर जहाज़ के देख के ऊपर चला आता है और जब रों बाहर आता है तो देखता है की सच में जहाज़ के ऊपर कुछ चुड़ैल मंडरा रहे हैं , कुछ देर तक रों उन्न चुड़ालों को देखता रहता है कुछ याद करता रहता है और फिर उसे कुछ याद आ जाता है
रों – (चिल्लाते हुए) ओये दूसतीनी तू यहाँ क्या कार रही है अपने बहनों के साथ कहीं तुझे और तेरी बहनों को पुरानी बातें तो याद नहीं आ गाई
दूसतीनी – रों तो ये तेरा जहाज़ है
रों – हाँ जानेमन ये मेरा ही जहाज़ है और लगता है तुम सब चुड़ैल बहने मेरे लिए ही यहाँ आई हो पर मुझे माफ करना अब तुम सबमें वो बात नहीं रही जो 400 साल पहले हुआ करता था
दूसतीनी – हम यहाँ तुम्हारे लिए नहीं किसी और के लिए आए हैं
रों – चल झूठी 400 साल की हो गयी हो और झूठ बोलने से शर्म नहीं आती साफ साफ बोलना की मेरा पेंट के नीचे का हथियार याद आ गया तुम सबको
दूसतीनी – देख रों हम यहाँ तेरा बकवस्स सुन ने नहीं आए हैं
रों – अच्छा तो किस लिए यहाँ आई हो अरे अरे कहीं तुम सबको मेरे असिस्टेंट मटरू थे एमेम में तो इंटेरेस्ट नहीं है अगर ऐशी बात है तो लेजाओ मटरू को वैसे भी आज कल इसका लूँगी बहुत ऊपर नीचे हो रहा है
मटरू – आयूओ अम्मा आयूओ आपा आयूओ रों आना नहीं मेरे को उस चुड़ैल के साथ नहीं जाना
रों – क्यों नहीं जाना भी पता है तुझे ये सब बकीके के सभी चुड़ालों से ज्यादा सुंदर हैं और तो और दूसतीनी जानेमन तो हर साल मिस चुड़ैल का खिताब जीत थी है
मटरू – आयूओ रों आना मेरे को नहीं जाना इनके साथ
दूसतीनी – बंद करो तुम दोनों अपनी
अपनी बकवास्स्स हम सब यहाँ तुम्हारी बकवास्स्स सुन ने के लिए नहीं आए हैं
रों – अच्छा तो किस लिए आए हो जानेमन
दूसतीनी – तुम्हारे जहाज़ के अंदर हमारे शिकार हैं उन्हें हमें लौटा दो
रों – मेरी प्यारी चुड़ैल रानी ये मेरा जहाज़ है कोई बाज़ार या मंदी नहीं जो में तुम्हारे शिकार को अपने जहाज़ में छिपता फिरून
दूसतीनी – देख रों में ईश्वक़्त बहुत गुस्से में हूँ इसलिए मुझसे झूठ मत बोल हमने देखा है उन्न दोनों को तुम्हारे जहाज़ के अंदर घुसते हुए और में ये भी जानती हूँ की तुमने ही उन्न दोनों को चुपके रखा होगा चुप चाप उन्न दोनों को हमारे हवाले करदे वरना तेरे साथ साथ तेरे इसे जहाज़ को तबाह कार देंगे निस्टोनबूत कार देंगे
रों – अच्छा शा है क्या चल ठीक है कार कोशिश में भी तो देखूं की तुझमें अभी भी वो दम है या इन 400 सालों में तेरी ताक़तें तेरी तरह खोखलीी हो गयी हैं
दूसतीनी – ठीक है रों अगर तेरी यही इच्छा है तो यही सही
मटरू – आयूओ रों आना ये आप क्या बोल रहे हैं अगर उन्न चुड़ालों ने हमला कर दिया तो सब कुछ खत्म होजएगा
रों – आब्बी एमेम के बचे तू भूल गया क्या की हमारे जहाज़ के पास सुरक्षा कबच है
मटरू – आयूओ आना में तो ये बात भूल ही गया था
रों – अब याद आ गया है ना अब जा और सुरक्षा कबच का स्तनों दबा दियो समझा और हाँ सबको लेकर जहाज़ के नीचे भेज दे तकिी किसको चोट ना लगे इसे लधाई में अब जा मेरी शकल क्या देख रहा है
मटरू – ठीक है आना अभी जाता हूँ
और फिर मटरू जहाज़ के ऊपर से सभी लोगों को लेकर जहाज़ के नीचे चला जाता है और फिर रों के केबिन के तरफ चल देता है उस सुरक्षा कबच वाले स्तनों को दबाने के लिए और इधर
दूसतीनी – रों अभी भी वक्त है मान ले मेरी बात को और उन्न दोनों को हमारे हवाले करदे
रों – दूसतीनी डार्लिंग तुम अच्छी तरह से जानती हो की अगर में एक बात पे एड जाऊं तो फिर में कभी पीछे नहीं हॅट था
दूसतीनी – तो ठीक है रों अब जो होगा उसके ज़िमेदार तुम ही होगे
रों – बेशक माय डियर , अपने मान में (ये साला एमेम का बच्चा अभी तक उस स्तनों को दबाया क्यों नहीं)
इधर रों मटरू के बारे में सोच ही रहा था की तभी दूसतीनी अपनी हाथ में पकड़ी हुई छोटी से जादुई चड्डी को ऊपर उठती है और देखते ही देखते उसमें बहुत सारे ऊर्जा या ये कहें की रोशनी इकट्ठी होजती है और फिर दूसतीनी उन्न उर्जाओं को रों के ऊपर फेंक के वार करती है और रों ये देख उस जगह जहाँ पे वो खड़ा था वहाँ से कुदड जाता है दूसतीनी का वो वार बहुत ही खतरनाक था रों तो बच जाता है लेकिन उस जगह की धज़ियाँ उड़ जाती हैं और ये देख रों के आँखों में खून उतार आता है
रों अगर इसे दुनिया में किसी से सबसे ज्यादा प्यार करता था तो वो था उसका जहाज़ और अपने जहाज़ के ऊपर इतना खतरनाक वार देख रों का गुस्स्सा अपने अप्पे से बाहर हो
जाता है
रों अपने बंधुक को ऊपर उठा था है और दूसतीनी की तरफ अपने बंदूख का मुंह करके अपने बंदूख का ट्रिग्गर दबा देता है इसे से रों के बंदूख से एक आग का बवंडर सा निकलता है इसे घने अंधेरे रात में भी इसे आग के गोले के कारण कुछ पल के लिए उजाला सा हो जाता है
जब दूसतीनी उस आग के गोले को अपनी तरफ आती हुई देखती है तो वो फौरन वहाँ से हॅट जाती है दूसतीनी तो उस रों के बंदूख से निकले हुए आग के बवंडर से बच जाती है लेकिन उसकी छोटी बहन मिस्तीनी बच नहीं पति वो आग का गोला सीधे जाकर मिस्तीनी को लगती है और फिर मिस्तीनी के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है अहह और फिर देखते ही देखते मिस्तीनी कुछ ही पल में जल के रख होजती है
और ये नज़ारा देख दूसतीनी और उसकी बकीके बची हुई बहने बहुत गुस्से में आ जाती हैं
दूसतीनी – रों अब तुझे हमारे हाथों से कोई भी नहीं बच्चा सकता है , ये बोलकर दूसतीनी और उसकी सारी बहने अपनी अपनी जादुई चड्डी को उथलेटी हैं और एक साथ ऊर्जा के किरणों से हमला करती हैं लेकिन तब तक मटरू जाकर रों के केबिन में पहुँच चुका था और उस सुरक्षा कबच के स्तनों को भी दबा चुका था
(UPDATE-15)
दूसतीनी – (कॉफ़्फीे लेकर आ हुए) राजकुमार ये हमारे मेहमान हैं इन्हें परेशान ना ही करे प्लज़्ज़्ज़ और ये लीजिए आप की गरमा गरम कॉफ़्फीे
कुंवर यश – अरे माफ कीजिएगा दूसतीनी जी हमने अपना इरादा बदल दिया है हम अपने साथ लाया हुआ शराब ही पिएँगे आप एक काम कीजिए ये कॉफ़्फीे हमारे दोस्त को अस्तबल में दे आइये
दूसतीनी – जी जैसे आप की मर्जी राजकुमार , फिर दूसतीनी अपनी एक और बहन को वो कॉफ़्फीे का मग पकड़ा देती है और कहती है अस्तबल में दे आने को फिर
कुंवर यश – (सुनहेरी से) हमें माफ कीजिएगा हमें लगा आप ही इसे सराय की मालकिन हैं और क्या आप यहाँ अकेली ठहरी हुई हैं
सुनहेरी – जी हाँ में यहाँ अकेली ही ठहरी हुई हूँ
कुंवर यश – हम एक कुछ मक्षद से इसे तरफ से गुजर रहे थे की बारिश के वजह से यहाँ पे हमें ठहेरना पड़ा
इसे तरफ कुंवर यश सुनहेरी से बात कार रहा था और दूसतीनी कुछ काम से किचन में चली गयी थी और यहाँ दूसतीनी की बहन रुद्रा के लिए कॉफ़्फीे लेकर अस्तबल में आ रही थी
मिस्तीनी – जी में आप के लिए कॉफ़्फीे लाई हूँ
रुद्रा – जी बहुत बहुत शुक्रिया आप बहुत अच्छी हैं , मेरा नाम रुद्रा हैं और आप का
मिस्तीनी – मिस्तीनी , अपना नाम बोलकर मिस्तीनी वहाँ से चली जाती है
और इधर सराय के अंदर , दूसतीनी सुनहेरी के कमरे में जाती है और उसके बेड के नीचे से उस खंजर को लेकर आती है और इधर कुंवर यश अपनी बातों से सुनहेरी को पक्का रहा था
कुंवर यश – जी पता है हम पूरे गंडर में सबसे ज्यादा बहादुर और सुरवीर हैं हमें हराने वाला आज तक पेड़ा ही नहीं हुआ है
सुनहेरी – जी मुझे माफ कीजिएगा वो क्या है ना में
तक गयी हूँ अब सोने के लिए जाना चाहती हूँ , ये बोलकर सुनहेरी वहाँ से जाने लगती है लेकिन तभी कुंवर यश की नज़र सुनहेरी के गले में लटक रही उस रत्ना हार पे पड़ती है
कुंवर यश – ज़रा रुकिये मैडम क्या में आप का वो रत्ना हार देख सकता हूँ
सुनहेरी – क्या
कुंवर यश – जी हाँ आप ने जो पहना है वो
और इधर अस्तबल में रुद्रा जैसे ही कॉफ़्फीे के मग को अपने मुंह से लगता है तभी अस्तबल के दीवार को तोड़के एक यूनिकॉर्न आ जाता है और रुद्रा को एक धक्का मारकर चला जाता है जिस से रुद्रा के हाथों से वो कॉफ़्फीे का मग चुत के नीचे गिरर जाता है
और जैसे ही वो कॉफ़्फीे का मग नीचे ज़मीन पे गिरता है तो मिट्टी से धुआँ उठने लगता है और ये देख रुद्रा चौक जाता है और फिर वो उस यूनिकॉर्न के तरफ देखने लगता है
रुद्रा – ये क्या ये मिट्टी से धुआँ क्यों निकल रहा है और ये यूनिकॉर्न यहाँ पे ……. आरीई नहीं कहीं ये वही यूनिकॉर्न तो नहीं जो सुनहेरी को वहाँ से लेकर आई थी इसका मतलब कॉफ़्फीे में ज़हेर था और उन्न डायनों का बाशेरा यहीं इसे सरएए में है तब तो मुझे जल्दी करना पड़ेगा सुनहेरी और कुंवर यश दोनों की जिंदगी खतरे में है
और इधर सराय के अंदर कुंवर यश सुनहेरी के गले में लटक रहे उस हार को पहचान चुका था और सुनहेरी के ऊपर भड़क रहा था और उसे धमका रहा था और वो हार वापस माँग रहा था की तभी एक साथ रुद्रा और दूसतीनी वहाँ सुनहेरी और कुंवर यश के पास पहुँच जाते हैं
इसे से पहले की रुद्रा कुंवर यश के पास पहुँच के उसे कुछ कहता तब तक दूसतीनी कुंवर यश के गर्दन में वो ख़तनाक खंजर उतार चुकी थी दूसतीनी के इसे खतरनाक वार से कुंवर यश की गर्दन पूरी तरह से चिल्ला चुकी थी और शरीर से अलग होचुकी थी और ये देख सुनहेरी और रुद्रा कांप उठते हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी के पास पहुँच जाता है और सुनहेरी इतनी खतरनाक मंजर को देख काफिई डर चुकी थी वो सीधे रुद्रा के गले लगज़ाती है
रुद्रा – सुनहेरी तुम ठीक तो हो ना
सुनहेरी – रुद्रा ये सब क्या हो रहा है
रुद्रा – सुनहेरी ये सब के सब डायणें हैं और तुम्हें मर के तुम्हारे दिल को खजाना चाहते हैं
दूसतीनी – हाँ सुनहेरी इसे लड़के ने सही कहा बिलकुल सही लेकिन अफ़सोस बहुत देर होचुकी है अब तुम्हें हमसे कोई भी बच्चा नहीं सकता है , मेरी बहनों जल्दी आऊ यहाँ सब और इसे लड़के को मर डालो
फिर दूसतीनी की 6 बहने तेजिसे वहाँ पे आ जाती हैं और चारों और से रुद्रा और सुनहेरी को घर लेती हैं और ये सब देख सुनहेरी बहुत डर जाती है और रुद्रा को काश के पकड़ लेती है
और फिर दूसतीनी की दो बहने आगे बढ़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी की तरफ और रुद्रा और सुनहेरी ये देख पीछे हटने लगती हैं और दूसतीनी की वो दोनों बहने जैसे ही रुद्रा और सुनहेरी के ऊपर झपटा मरने को होती हैं तभी तेजिसे कमरे में वो
यूनिकॉर्न आ घुसता है और अपने सिंग से दूसतीनी के दोनों बहनों को पटक देता है और फिर वो यूनिकॉर्न रुद्रा और सुनहेरी के बीच में खड़ा हो जाता है
और ये सब देख दूसतीनी बहुत गुस्से में आ जाती है और फिर दूसतीनी अपने असली रूप में आ जाती है यनेकिी अपने चुड़ैल वाले रूप में , अब दूसतीनी बहुत ही खतरनाक लग रही थी खुले हुए बाल दूर दूर तक फैलता जा रहा बदबू साधा हुआ चेहरा मुंह से कीड़े निकल रहे थे बारे बारे नाखून
और फिर दूसतीनी गुस्से में अपने उसी खंजर को हाथ में लिए झटक देती है जिस से वो खंजर एक छोटी से लकड़ी की चड्डी बनजाति है एक जादुई चड्डी फिर दूसतीनी उस जादुई चड्डी को उस यूनिकॉर्न के तरफ करके झटक देती है जिस से यूनिकॉर्न के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है और यूनिकॉर्न उस आग के अंदर फ़सा हुआ उछालने लगता है
और ये देख सुनहेरी और रुद्रा दोनों और भी डर जाते हैं फिर रुद्रा सुनहेरी के हाथ को पकड़कर वहाँ से खींच के बाहर ले जाने लगता है की तभी दूसतीनी फिर से अपने जादुई चड्डी की मदद से उन्हें रोक देती है और बाहर जाने के राषते को बंद करदेटी है सामने आग फैला कर और देखते ही देखते उस सराय के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है रुद्रा और सुनहेरी अब दोनों बुरी तरह से फ़ासस चुके थे और उनके सामने दूसतीनी खड़ी थी और वो बहुत जोरों से हस्स्स रही थी और उसकी ये हँसी उसके भयानक रूप के साथ और भी भयानक लग रहा था
और फिर वो धीरे धीरे रुद्रा और सुनहेरी के तरफ बढ़ने लगती है और रुद्रा और सुनहेरी धीरे धीरे पीछे हतटने लगती है
दूसतीनी – अब कुछ भी नहीं हो सकता सुनहेरी तुम्हें अब मुझसे कोई भी नहीं बच्चा सकता कोई भी नहीं , तुम्हारे इसे दिल को खाके में और मेरी बहने 1000 साल के लिए अमर होज़ाएँगी और ताकतवर भी
रुद्रा और सुनहेरी दोनों पीछे हॅट ते हुए जाकर दीवार से चिपक जाते हैं अब और पीछे भी नहीं हॅट सकते थे अब उनके सामने चारों तरफ से राषते बंद होचुके थे फिर
रुद्रा – (सुनहेरी के कान में) आरीई हान्ंणणन् सुनहेरी तुम मुझे कषह के पकड़ लो में वो जादुई मोमबति निकालने वाला हूँ तुम समझ गयी ना
सुनहेरी – (जादुई मोमबति का नाम सुनकर सुनहेरी के चेहरे पे एक हल्की से मुश्कं आ जाती है) हाँ में समझ गयी
फिर रुद्रा अपने जेब से वो जादुई मोमबति निकलता है और अपने आस पास पहले हुए आग में उस जादुई मोमबति को जला देता है और फिर देखते ही देखते सुनेरी और रुद्रा वहाँ से तेज रफ्तार के साथ उस सरएए के चाट को फाड़ते हुए निकल जाते हैं और ये देख दूसतीनी के मुंह से एक खौफ नख चीख निकल पड़ती है
दूसतीनी – सुनहेरिइईईईईईई में तुझे नहीं छोड़ूँगिइिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई सुनहेरी और रुद्रा दोनों वहाँ से जादुई मोमबति के मदद से तेज रफ्तार से उड़ जाते हैं और दूसतीनी उन्हें भागती हुई बस देखती
रहती है और अपने हाथ के एडियों को मसलते रही जाती है और फिर वहाँ उस सराय में आग बुझते ही दूसतीनी की सारी बहने उसके पास आ जाती हैं
रुसतीनी – क्या हुआ बहन दूसतीनी वो दोनों कहाँ चले गये
दूसतीनी – वो दोनों जादुई मोमबति के मदद से भाग गये
मिस्तीनी – क्य्ाआअ वो दोनों भाग गये , इतने सालों बाद एक सितारा आश्मन से टूट के ज़मीन पे गिरा था और हम सबको न जाने कई सौ सालों से इसका इंतजार था और अब जब वो सितारा हमारे हाथों लगने वाली थी तो वो लड़का उसे हमसे बच्चा के लेगया कुछ करो बहन दूसतीनी कुछ करो
सुसतीनी – हाँ बहन दूसतीनी कुछ करो नहीं तो हम सबके लिए बहुत बुरा होगा ये
रुसतीनी – बहन दूसतीनी हमें उनके पीछे जाना चाहिए अगर उनके पास जादुई मोमबति की रफ्तार है तो हमारे पास भी तो हमारे जादुई झाड़ू हैं जो जादुई मोमबति से रफ्तार में कम नहीं हैं क्यों क्या कहती हो
दूसतीनी – हाँ बहन रुसतीनी तुम सही कह रही हो हमें अभी और इषिवक़्त उनके पीछे जाना चाहिए
फिर सातों चुड़ैल बहने अपने हाथ को ऊपर उठाते हैं और देखते ही देखते उक्ने हाथों में उड़ती हुई जादुई झाड़ू आ जाती हैं और वो सातों बहने उसके ऊपर सवार होकर निकल पड़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी के पीछे उन्हें पकड़ ने के लिए
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ठीक उसी वक्त आश्मन में बादलों के बीच एक जहाज़ उड़ रहा था जिसका नाम स्पिरिचुयल शिप था और ये जहाज़ था समंदर और असमनों के शिकारी कॅप्टन थे रों की
स्पिरिचुयल शिप में ईश्वक़्त जशन का माहौल था इसे जहाज़ में मौजूद सभी लोग मौज मस्ती में खोए हुए थे और इसे मौज मस्ती की वजह था की आज बहुत दीनों के बाद उन्होंने मिलकर एक बहुत बारे समुंदरी जहाज़ को लूटा था जीशमे सोना , चाँदी , असरफियाँ बेशुमार थी और इतने बारे लूट्ट के बाद सब जश्न मना रहे थे और बहुत सारी लड़कियों को भी लाया गया था मौज मस्ती करने के लिए
शराब के बहुत सारे ड्रम्स खुले हुए थे और सभी पेट भरके शराब पिए जा रहे थे और सब शराब के नशे में लड़कियों को अपने बाहों में लिए नाचे जा रहे थे की तभी एक शॅक्स अपने बाहों में दो कांशिन लड़कियों को लेकर आता है और एक शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ जाता है , ये शॅक्स था कॅप्टन रों का असिस्टेंट मटरू और जब मटरू शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ता है तो सभी उसे देखने लगते हैं और फिर मटरू कुछ बोलना शुरू करता है
मटरू – अइयो मेरे दोस्तों आज हम सबने बहुत बड़ा हाथ मारा है इसलिए में अपनी और कॅप्टन रों के तरफ से तुम सबको बधाई देना चाहूँगा और ये कहना चाहूँगा आज पूरी रात हम जशन मनाएँगे दोस्तों शराब के सारे ड्रम्स खोल दिए जाएँ और नाच गाना फिरसे शुरू कारडीए जाए
इसके बाद तो सभी जोश में हल्ला मचाने लगते हैं सभी फिरसे नाचने और झूमने लगते हैं शराब के नशे में और मटरू भी अपने बाहों में जकड़े हुए दो कांशिन
लड़कियों के साथ नाचने लगता है और बहुत देर तक नाचता रहता है और जब थोड़ा सा थक्क जाता है तो अपने साथ उन्न दोनों लड़कियों को लेकर जहाज़ के एक कोने में आ जाता है और उनके साथ मस्ती करने लगता है फिर उन्न में से एक लड़की कहती है
लड़की – मटरू डार्लिंग हम जबसे यहाँ आए हैं हमने इसे जहाज़ के कॅप्टन को नहीं देखा है आख़िर वो है कहाँ हमने कॅप्टन रों के बारे में बहुत कुछ सुना है
2न्ड लड़की – हाँ मटरू डार्लिंग मैंने भी बहुत कुछ सुना है , कुछ लोग कहते हैं कॅप्टन रों बहुत बड़ा समुंदरी और असमनी शिकारी है तो कुछ लोग कहते हैं की वो एक ड्रागें होल्डर है और उसके पास एक बहुत बड़ा वाइट ड्रागें है और कुछ लोग कहते हैं की रों की उमर काम से कम 400 साल होगा और कुछ लोग कहते हैं की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा शराबी है और लड़कीबाज़ भी और कुछ लोगों का कहना है रों नाम का कोई स्क्स है ही नहीं उसके बारे में जो भी सुन ने को मिलती है वो सब अफबाह है
मटरू – ये जो बातें तुम सबने सुन रखी है वो सब सच है
लड़की – क्य्ाआआअ सच में रों है , तो क्या वो सच में 400 साल का है पर शा कैसे हो सकता है कोई इंसान इतने सालों तक कैसे जिंदा रही सकता है
मटरू – शा होसकता नहीं डार्लिंग शा है , रों आना एक ड्रागें होल्डर है और ड्रागें होल्डर’से तब तक नहीं मरते जब तक उसे और उसके ड्रागें को एक साथ नहीं मर दिया जाता और अगर दोनों में से एक जिंदा बच गया तो मारा हुआ स्क्स चाहे वो ड्रागें हो या ड्रागें होल्डर वो पुनर्जनम लेकर एक दूसरे से फिरसे मिल जाएँगे और इसी तरह इकट्ठे रहके ये दोनों सद्दियों तक जिंदा रही सकते हैं
2न्ड लड़की – अच्छा तो ऐशी बात है और मैंने ये सुना है की रों के पास एक ऐशी बंधुक है जो आग उगलती है
मटरू – हाहहाहा सिर्फ़ आग नहीं उगलती है जब रों आना उस बंधुक को चलते हैं तो काली अंधेरे रात में भी दिन जैसा उजाला हो जाता है
लड़की – क्या सच में
मटरू – और नहीं तो क्या
लड़की – तो मटरू डार्लिंग तुम कब से रों के साथ काम कार रहे हो
मटरू – बहुत वक्त हो गया है काम से कम 7साल तो हो गये होंगे आज तक कोई भी रों आना के साथ 1साल से ज्यादा टिक्क नहीं पाया है सीबे मेरे और में ही उनके सबसे करीब हूँ समझी क्या
2न्ड लड़की – अच्छा तो ईश्वक़्त रों कहाँ है
मटरू – अभी कुछ देर पहले तुमने क्या कहा था
2न्ड लड़की – क्या कहा था
मटरू – यही कहा था ना की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा लड़कीबाज़ है तो वो इसे वक्त कहाँ होगा अपने कमरे में ही है एक कमसिन और खूबसूरत लड़की के साथ मस्ती कार रहा है
फिर वो तीनों हस्सने लगते हैं और फिर से नाचने झूमने के लिए सबके साथ शामिल होजते हैं और फिर उन्न सबके साथ झूमने लगते हैं
इसे ही सब झूम रहे थे की अचक तभी कोई चीज़ बहुत तेज आवाज़ के साथ स्पिरिचुयल शिप से आ टकराती है
धदामम्म्मममममममम और ये टक्कर इतनी ज़ोर से हुई थी की पूरा का पूरा स्पिरिचुयल शिप हिल जाता है और जो कुछ देर पहले सब नाच रहे थे वो सब इधर उधर लूड़क जाते हैं और इन सबसे सबके मुंह से चीखें निकालने लगती है मटरू के मुंह से भी
मटरू – आईयूओ रों आना आश्मन में जहाज़ के अंदर भूकंप आ गया है बचऊूऊ रों अन्नाआआआआअ इसे वक्त रुद्रा और सुनहेरी दोनों जादुई मोमबति की मदद से तेज रफ्तार से आश्मन में आगे तरफ रहे थे वहीं चुड़ैल दूसतीनी भी अपनी बहनों के साथ जादुई झाड़ू पे सब्र होकर हवा के रफ्तार से रुद्रा और सुनहेरी का पीछा कार रही थी वो बस कुछ ही दूरी पर थी सुनहेरी और रुद्रा से
सुनहेरी – रुद्रा ये क्या ये चुड़ैल तो हमारा पीछा ही नहीं चोद रही है
रुद्रा – (पीछे देखते हुए) क्य्ाआआआ , ये क्या ये चुड़ैल तो हाथ धोके हमारे पीछे पड़ गयी अब हम क्या करे सुनहेरी
सुनहेरी – रुद्रा वो देखो सामने कुछ है आश्मन में
रुद्रा – कहाँ , अरे ये तो कोई जहाज़ लगता है
सुनहेरी – कुछ करो रुद्रा बच्चों इसे से वरना हम इसे से टकरा जाएँगे
रुद्रा और सुनहेरी इसे से पहले की अपना रुख मोड़ते वो दोनों जा टकराते हैं एक जहाज़ से और जहाज़ के अंदर जाकर गिरते हैं , जब दोनों जहाज़ से टकराते हैं तो बहुत तेज आवाज़ होती है जैसे किसी ने जहाज़ में बॉम्ब फोड़ड़ दिया हो
रुद्रा और सुनहेरी दोनों गिरते पड़ते जहाज़ के अंदर आजाते हैं जहाज़ के नीचे यानि की गोडोवन् में इन सबमें रुद्रा को बहुत चोटें आई थी उसका सर फट चुका था और सर से खून बह रहा था और वहीं सुनहेरी को कुछ भी नहीं हुआ था उसे बससस्स कुछ खरोचें आई थी
रुद्रा और सुनहेरी जिस जहाज़ से आ टकराए थे वो कोई और जहाज़ नहीं बल्कि स्पिरिचुयल शिप ही था और इन दोनों के तेज रफ्तार से टकराने के वजह से जहाज़ कुछ देर के लिए हिल गया था इसे से जहाज़ में मौजूद सभी चिल्लाने लगे थे और डरने लगे थे और इनका डर तब और तरफ गया जब स्पिरिचुयल शिप को चारों तरफ से चुड़ैल दूसतीनी और उष्कीी बहनों ने घर लिया
(UPDATE-15)
दूसतीनी – (कॉफ़्फीे लेकर आ हुए) राजकुमार ये हमारे मेहमान हैं इन्हें परेशान ना ही करे प्लज़्ज़्ज़ और ये लीजिए आप की गरमा गरम कॉफ़्फीे
कुंवर यश – अरे माफ कीजिएगा दूसतीनी जी हमने अपना इरादा बदल दिया है हम अपने साथ लाया हुआ शराब ही पिएँगे आप एक काम कीजिए ये कॉफ़्फीे हमारे दोस्त को अस्तबल में दे आइये
दूसतीनी – जी जैसे आप की मर्जी राजकुमार , फिर दूसतीनी अपनी एक और बहन को वो कॉफ़्फीे का मग पकड़ा देती है और कहती है अस्तबल में दे आने को फिर
कुंवर यश – (सुनहेरी से) हमें माफ कीजिएगा हमें लगा आप ही इसे सराय की मालकिन हैं और क्या आप यहाँ अकेली ठहरी हुई हैं
सुनहेरी – जी हाँ में यहाँ अकेली ही ठहरी हुई हूँ
कुंवर यश – हम एक कुछ मक्षद से इसे तरफ से गुजर
रहे थे की बारिश के वजह से यहाँ पे हमें ठहेरना पड़ा
इसे तरफ कुंवर यश सुनहेरी से बात कार रहा था और दूसतीनी कुछ काम से किचन में चली गयी थी और यहाँ दूसतीनी की बहन रुद्रा के लिए कॉफ़्फीे लेकर अस्तबल में आ रही थी
मिस्तीनी – जी में आप के लिए कॉफ़्फीे लाई हूँ
रुद्रा – जी बहुत बहुत शुक्रिया आप बहुत अच्छी हैं , मेरा नाम रुद्रा हैं और आप का
मिस्तीनी – मिस्तीनी , अपना नाम बोलकर मिस्तीनी वहाँ से चली जाती है
और इधर सराय के अंदर , दूसतीनी सुनहेरी के कमरे में जाती है और उसके बेड के नीचे से उस खंजर को लेकर आती है और इधर कुंवर यश अपनी बातों से सुनहेरी को पक्का रहा था
कुंवर यश – जी पता है हम पूरे गंडर में सबसे ज्यादा बहादुर और सुरवीर हैं हमें हराने वाला आज तक पेड़ा ही नहीं हुआ है
सुनहेरी – जी मुझे माफ कीजिएगा वो क्या है ना में तक गयी हूँ अब सोने के लिए जाना चाहती हूँ , ये बोलकर सुनहेरी वहाँ से जाने लगती है लेकिन तभी कुंवर यश की नज़र सुनहेरी के गले में लटक रही उस रत्ना हार पे पड़ती है
कुंवर यश – ज़रा रुकिये मैडम क्या में आप का वो रत्ना हार देख सकता हूँ
सुनहेरी – क्या
कुंवर यश – जी हाँ आप ने जो पहना है वो
और इधर अस्तबल में रुद्रा जैसे ही कॉफ़्फीे के मग को अपने मुंह से लगता है तभी अस्तबल के दीवार को तोड़के एक यूनिकॉर्न आ जाता है और रुद्रा को एक धक्का मारकर चला जाता है जिस से रुद्रा के हाथों से वो कॉफ़्फीे का मग चुत के नीचे गिरर जाता है
और जैसे ही वो कॉफ़्फीे का मग नीचे ज़मीन पे गिरता है तो मिट्टी से धुआँ उठने लगता है और ये देख रुद्रा चौक जाता है और फिर वो उस यूनिकॉर्न के तरफ देखने लगता है
रुद्रा – ये क्या ये मिट्टी से धुआँ क्यों निकल रहा है और ये यूनिकॉर्न यहाँ पे …….
आरीई नहीं कहीं ये वही यूनिकॉर्न तो नहीं जो सुनहेरी को वहाँ से लेकर आई थी इसका मतलब कॉफ़्फीे में ज़हेर था और उन्न डायनों का बाशेरा यहीं इसे सरएए में है तब तो मुझे जल्दी करना पड़ेगा सुनहेरी और कुंवर यश दोनों की जिंदगी खतरे में है
और इधर सराय के अंदर कुंवर यश सुनहेरी के गले में लटक रहे उस हार को पहचान चुका था और सुनहेरी के ऊपर भड़क रहा था और उसे धमका रहा था और वो हार वापस माँग रहा था की तभी एक साथ रुद्रा और दूसतीनी वहाँ सुनहेरी और कुंवर यश के पास पहुँच जाते हैं
इसे से पहले की रुद्रा कुंवर यश के पास पहुँच के उसे कुछ कहता तब तक दूसतीनी कुंवर यश के गर्दन में वो ख़तनाक खंजर उतार चुकी थी दूसतीनी के इसे खतरनाक वार से कुंवर यश की गर्दन पूरी तरह से चिल्ला चुकी थी और शरीर से अलग होचुकी थी और ये देख सुनहेरी और रुद्रा कांप उठते हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी के पास पहुँच जाता है और सुनहेरी इतनी खतरनाक मंजर को देख काफिई डर चुकी थी वो सीधे रुद्रा के गले लगज़ाती है
रुद्रा – सुनहेरी तुम ठीक तो हो ना
सुनहेरी – रुद्रा ये सब क्या हो रहा है
रुद्रा – सुनहेरी ये सब के सब डायणें हैं और तुम्हें मर के तुम्हारे दिल को खजाना चाहते हैं
दूसतीनी – हाँ सुनहेरी इसे लड़के ने सही कहा बिलकुल सही लेकिन अफ़सोस बहुत देर होचुकी है अब तुम्हें हमसे कोई भी बच्चा नहीं सकता है , मेरी बहनों जल्दी आऊ यहाँ सब और इसे लड़के को मर डालो
फिर दूसतीनी की 6 बहने तेजिसे वहाँ पे आ जाती हैं और चारों और से रुद्रा और सुनहेरी को घर लेती हैं और ये सब देख सुनहेरी बहुत डर जाती है और रुद्रा को काश के पकड़ लेती है
और फिर दूसतीनी की दो बहने आगे बढ़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी की तरफ और रुद्रा और सुनहेरी ये देख पीछे हटने लगती हैं और दूसतीनी की वो दोनों बहने जैसे ही रुद्रा और सुनहेरी के ऊपर झपटा मरने को होती हैं तभी तेजिसे कमरे में वो यूनिकॉर्न आ घुसता है और अपने सिंग से दूसतीनी के दोनों बहनों को पटक देता है और फिर वो यूनिकॉर्न रुद्रा और सुनहेरी के बीच में खड़ा हो जाता है
और ये सब देख दूसतीनी बहुत गुस्से में आ जाती है और फिर दूसतीनी अपने असली रूप में आ जाती है यनेकिी अपने चुड़ैल वाले रूप में , अब दूसतीनी बहुत ही खतरनाक लग रही थी खुले हुए बाल दूर दूर तक फैलता जा रहा बदबू साधा हुआ चेहरा मुंह से कीड़े निकल रहे थे बारे बारे नाखून
और फिर दूसतीनी गुस्से में अपने उसी खंजर को हाथ में लिए झटक देती है जिस से वो खंजर एक छोटी से लकड़ी की चड्डी बनजाति है एक जादुई चड्डी फिर दूसतीनी उस जादुई चड्डी को उस यूनिकॉर्न के तरफ करके झटक देती है जिस से यूनिकॉर्न के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है और यूनिकॉर्न उस आग के अंदर फ़सा हुआ उछालने लगता है
और ये देख सुनहेरी और रुद्रा दोनों और भी डर जाते हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी के हाथ को पकड़कर वहाँ से खींच के बाहर ले जाने लगता है की तभी दूसतीनी फिर से अपने जादुई चड्डी की मदद से उन्हें रोक देती है और बाहर जाने के राषते को बंद करदेटी है सामने आग फैला कर और देखते ही देखते उस सराय के चारों तरफ आग ही आग फेल जाती है रुद्रा और सुनहेरी अब दोनों बुरी तरह से फ़ासस चुके थे और उनके सामने दूसतीनी खड़ी थी और वो बहुत जोरों से हस्स्स रही थी और उसकी ये हँसी उसके भयानक रूप के साथ और भी भयानक लग रहा था
और फिर वो धीरे धीरे रुद्रा और सुनहेरी के तरफ बढ़ने लगती है और रुद्रा और सुनहेरी धीरे धीरे पीछे हतटने लगती है
दूसतीनी – अब कुछ भी नहीं हो सकता सुनहेरी तुम्हें अब मुझसे कोई भी नहीं बच्चा सकता कोई भी नहीं , तुम्हारे इसे दिल को खाके में और मेरी बहने 1000 साल के लिए अमर होज़ाएँगी और ताकतवर भी
रुद्रा और सुनहेरी दोनों पीछे हॅट ते हुए जाकर दीवार से चिपक जाते हैं अब और पीछे भी नहीं हॅट सकते थे अब उनके सामने चारों तरफ से राषते बंद होचुके थे फिर
रुद्रा – (सुनहेरी के कान में) आरीई हान्ंणणन् सुनहेरी तुम मुझे कषह के पकड़ लो में वो जादुई मोमबति निकालने वाला हूँ तुम समझ गयी ना
सुनहेरी – (जादुई मोमबति का नाम सुनकर सुनहेरी के चेहरे पे एक हल्की से मुश्कं आ जाती है) हाँ में समझ गयी
फिर रुद्रा अपने जेब से वो जादुई मोमबति निकलता है और अपने आस पास पहले हुए आग में उस जादुई मोमबति को जला देता है और फिर देखते ही देखते सुनेरी और रुद्रा वहाँ से तेज रफ्तार के साथ उस सरएए के चाट को फाड़ते हुए निकल जाते हैं और ये देख दूसतीनी के मुंह से एक खौफ नख चीख निकल पड़ती है
दूसतीनी – सुनहेरिइईईईईईई में तुझे नहीं छोड़ूँगिइिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई सुनहेरी और रुद्रा दोनों वहाँ से जादुई मोमबति के मदद से तेज रफ्तार से उड़ जाते हैं और दूसतीनी उन्हें भागती हुई बस देखती रहती है और अपने हाथ के एडियों को मसलते रही जाती है और फिर वहाँ उस सराय में आग बुझते ही दूसतीनी की सारी बहने उसके पास आ जाती हैं
रुसतीनी – क्या हुआ बहन दूसतीनी वो दोनों कहाँ चले गये
दूसतीनी – वो दोनों जादुई मोमबति के मदद से भाग गये
मिस्तीनी – क्य्ाआअ वो दोनों भाग गये , इतने सालों बाद एक सितारा आश्मन से टूट के ज़मीन पे गिरा था और हम सबको न जाने कई सौ सालों से इसका इंतजार था और अब जब वो सितारा हमारे हाथों लगने वाली थी तो वो लड़का उसे हमसे बच्चा के लेगया कुछ करो बहन दूसतीनी कुछ करो
सुसतीनी – हाँ बहन दूसतीनी कुछ करो नहीं तो हम सबके लिए बहुत बुरा होगा ये
रुसतीनी – बहन दूसतीनी हमें उनके पीछे जाना चाहिए अगर उनके पास जादुई मोमबति की रफ्तार है तो हमारे पास भी तो हमारे जादुई झाड़ू हैं जो जादुई मोमबति से रफ्तार में कम नहीं हैं क्यों क्या कहती
हो
दूसतीनी – हाँ बहन रुसतीनी तुम सही कह रही हो हमें अभी और इषिवक़्त उनके पीछे जाना चाहिए
फिर सातों चुड़ैल बहने अपने हाथ को ऊपर उठाते हैं और देखते ही देखते उक्ने हाथों में उड़ती हुई जादुई झाड़ू आ जाती हैं और वो सातों बहने उसके ऊपर सवार होकर निकल पड़ती हैं रुद्रा और सुनहेरी के पीछे उन्हें पकड़ ने के लिए
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ठीक उसी वक्त आश्मन में बादलों के बीच एक जहाज़ उड़ रहा था जिसका नाम स्पिरिचुयल शिप था और ये जहाज़ था समंदर और असमनों के शिकारी कॅप्टन थे रों की
स्पिरिचुयल शिप में ईश्वक़्त जशन का माहौल था इसे जहाज़ में मौजूद सभी लोग मौज मस्ती में खोए हुए थे और इसे मौज मस्ती की वजह था की आज बहुत दीनों के बाद उन्होंने मिलकर एक बहुत बारे समुंदरी जहाज़ को लूटा था जीशमे सोना , चाँदी , असरफियाँ बेशुमार थी और इतने बारे लूट्ट के बाद सब जश्न मना रहे थे और बहुत सारी लड़कियों को भी लाया गया था मौज मस्ती करने के लिए
शराब के बहुत सारे ड्रम्स खुले हुए थे और सभी पेट भरके शराब पिए जा रहे थे और सब शराब के नशे में लड़कियों को अपने बाहों में लिए नाचे जा रहे थे की तभी एक शॅक्स अपने बाहों में दो कांशिन लड़कियों को लेकर आता है और एक शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ जाता है , ये शॅक्स था कॅप्टन रों का असिस्टेंट मटरू और जब मटरू शराब के ड्रम के ऊपर चढ़ता है तो सभी उसे देखने लगते हैं और फिर मटरू कुछ बोलना शुरू करता है
मटरू – अइयो मेरे दोस्तों आज हम सबने बहुत बड़ा हाथ मारा है इसलिए में अपनी और कॅप्टन रों के तरफ से तुम सबको बधाई देना चाहूँगा और ये कहना चाहूँगा आज पूरी रात हम जशन मनाएँगे दोस्तों शराब के सारे ड्रम्स खोल दिए जाएँ और नाच गाना फिरसे शुरू कारडीए जाए
इसके बाद तो सभी जोश में हल्ला मचाने लगते हैं सभी फिरसे नाचने और झूमने लगते हैं शराब के नशे में और मटरू भी अपने बाहों में जकड़े हुए दो कांशिन लड़कियों के साथ नाचने लगता है और बहुत देर तक नाचता रहता है और जब थोड़ा सा थक्क जाता है तो अपने साथ उन्न दोनों लड़कियों को लेकर जहाज़ के एक कोने में आ जाता है और उनके साथ मस्ती करने लगता है फिर उन्न में से एक लड़की कहती है
लड़की – मटरू डार्लिंग हम जबसे यहाँ आए हैं हमने इसे जहाज़ के कॅप्टन को नहीं देखा है आख़िर वो है कहाँ हमने कॅप्टन रों के बारे में बहुत कुछ सुना है
2न्ड लड़की – हाँ मटरू डार्लिंग मैंने भी बहुत कुछ सुना है , कुछ लोग कहते हैं कॅप्टन रों बहुत बड़ा समुंदरी और असमनी शिकारी है तो कुछ लोग कहते हैं की वो एक ड्रागें होल्डर है और उसके पास एक बहुत बड़ा वाइट ड्रागें है और कुछ लोग कहते हैं की रों की उमर काम से कम 400 साल होगा और कुछ लोग कहते हैं की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा शराबी है और लड़कीबाज़ भी और कुछ लोगों का कहना है रों नाम का कोई
स्क्स है ही नहीं उसके बारे में जो भी सुन ने को मिलती है वो सब अफबाह है
मटरू – ये जो बातें तुम सबने सुन रखी है वो सब सच है
लड़की – क्य्ाआआअ सच में रों है , तो क्या वो सच में 400 साल का है पर शा कैसे हो सकता है कोई इंसान इतने सालों तक कैसे जिंदा रही सकता है
मटरू – शा होसकता नहीं डार्लिंग शा है , रों आना एक ड्रागें होल्डर है और ड्रागें होल्डर’से तब तक नहीं मरते जब तक उसे और उसके ड्रागें को एक साथ नहीं मर दिया जाता और अगर दोनों में से एक जिंदा बच गया तो मारा हुआ स्क्स चाहे वो ड्रागें हो या ड्रागें होल्डर वो पुनर्जनम लेकर एक दूसरे से फिरसे मिल जाएँगे और इसी तरह इकट्ठे रहके ये दोनों सद्दियों तक जिंदा रही सकते हैं
2न्ड लड़की – अच्छा तो ऐशी बात है और मैंने ये सुना है की रों के पास एक ऐशी बंधुक है जो आग उगलती है
मटरू – हाहहाहा सिर्फ़ आग नहीं उगलती है जब रों आना उस बंधुक को चलते हैं तो काली अंधेरे रात में भी दिन जैसा उजाला हो जाता है
लड़की – क्या सच में
मटरू – और नहीं तो क्या
लड़की – तो मटरू डार्लिंग तुम कब से रों के साथ काम कार रहे हो
मटरू – बहुत वक्त हो गया है काम से कम 7साल तो हो गये होंगे आज तक कोई भी रों आना के साथ 1साल से ज्यादा टिक्क नहीं पाया है सीबे मेरे और में ही उनके सबसे करीब हूँ समझी क्या
2न्ड लड़की – अच्छा तो ईश्वक़्त रों कहाँ है
मटरू – अभी कुछ देर पहले तुमने क्या कहा था
2न्ड लड़की – क्या कहा था
मटरू – यही कहा था ना की रों इसे दुनिया का सबसे बड़ा लड़कीबाज़ है तो वो इसे वक्त कहाँ होगा अपने कमरे में ही है एक कमसिन और खूबसूरत लड़की के साथ मस्ती कार रहा है
फिर वो तीनों हस्सने लगते हैं और फिर से नाचने झूमने के लिए सबके साथ शामिल होजते हैं और फिर उन्न सबके साथ झूमने लगते हैं
इसे ही सब झूम रहे थे की अचक तभी कोई चीज़ बहुत तेज आवाज़ के साथ स्पिरिचुयल शिप से आ टकराती है धदामम्म्मममममममम और ये टक्कर इतनी ज़ोर से हुई थी की पूरा का पूरा स्पिरिचुयल शिप हिल जाता है और जो कुछ देर पहले सब नाच रहे थे वो सब इधर उधर लूड़क जाते हैं और इन सबसे सबके मुंह से चीखें निकालने लगती है मटरू के मुंह से भी
मटरू – आईयूओ रों आना आश्मन में जहाज़ के अंदर भूकंप आ गया है बचऊूऊ रों अन्नाआआआआअ इसे वक्त रुद्रा और सुनहेरी दोनों जादुई मोमबति की मदद से तेज रफ्तार से आश्मन में आगे तरफ रहे थे वहीं चुड़ैल दूसतीनी भी अपनी बहनों के साथ जादुई झाड़ू पे सब्र होकर हवा के रफ्तार से रुद्रा और सुनहेरी का पीछा कार रही थी वो बस कुछ ही दूरी पर थी सुनहेरी और रुद्रा से
सुनहेरी – रुद्रा ये क्या ये चुड़ैल तो हमारा पीछा ही नहीं चोद रही है
रुद्रा – (पीछे देखते हुए) क्य्ाआआआ , ये क्या ये चुड़ैल तो हाथ धोके हमारे पीछे पड़ गयी अब हम क्या करे सुनहेरी
सुनहेरी – रुद्रा
वो देखो सामने कुछ है आश्मन में
रुद्रा – कहाँ , अरे ये तो कोई जहाज़ लगता है
सुनहेरी – कुछ करो रुद्रा बच्चों इसे से वरना हम इसे से टकरा जाएँगे
रुद्रा और सुनहेरी इसे से पहले की अपना रुख मोड़ते वो दोनों जा टकराते हैं एक जहाज़ से और जहाज़ के अंदर जाकर गिरते हैं , जब दोनों जहाज़ से टकराते हैं तो बहुत तेज आवाज़ होती है जैसे किसी ने जहाज़ में बॉम्ब फोड़ड़ दिया हो
रुद्रा और सुनहेरी दोनों गिरते पड़ते जहाज़ के अंदर आजाते हैं जहाज़ के नीचे यानि की गोडोवन् में इन सबमें रुद्रा को बहुत चोटें आई थी उसका सर फट चुका था और सर से खून बह रहा था और वहीं सुनहेरी को कुछ भी नहीं हुआ था उसे बससस्स कुछ खरोचें आई थी
रुद्रा और सुनहेरी जिस जहाज़ से आ टकराए थे वो कोई और जहाज़ नहीं बल्कि स्पिरिचुयल शिप ही था और इन दोनों के तेज रफ्तार से टकराने के वजह से जहाज़ कुछ देर के लिए हिल गया था इसे से जहाज़ में मौजूद सभी चिल्लाने लगे थे और डरने लगे थे और इनका डर तब और तरफ गया जब स्पिरिचुयल शिप को चारों तरफ से चुड़ैल दूसतीनी और उष्कीी बहनों ने घर लिया
(UPDATE-16)
मटरू ये सब देख चिल्लाने लगा – आयूओ अम्मा आयूओ आपा आयूओ रों आना बचाओ चुड़ालों ने हमला कर दिया , ये सब चिल्लाते हुए मटरू रों के केबिन के तरफ भागने लगा और वहाँ पहुँच के रों के केबिन का दरवाजे को ज़ोर ज़ोर से पीटने लगा
और जब रों के केबिन से कोई आवाज़ नहीं आया तो मटरू और डर गया और केबिन के दरवाजे को तोड़के अंदर घुस गया और जब वो अंदर दाखिल हुआ तो अंदर का नज़ारा देख मटरू के लूँगी ऊंची हो गयी अंदर का नज़ारा ही शा था , केबिन के अंदर रों एक कमसिन लड़की के साथ खतिए के ऊपर कबाड़ी खेल रहा था और ये नज़ारा देख मटरू की आँखें खतिए के ऊपर ही टिक्क गयी वो ये भी भूलगया की वो यहाँ रों के केबिन में क्यों आया है और जब रों की नज़र मटरू पे पड़ी तो उसने
रों – आबे ओये साले एमेम तू यहाँ ईश्वक़्त क्या कार रहा है दिखाई नहीं देता क्या एक इंपॉर्टेंट मॅच खेल रहा हूँ (रों मटरू को हमेशा एमेम ही बुलाता था इसके पीछे भी एक कहानी थी )
मटरू – (होश में आ हुए) आयूओ रों आना वो सब चोदा ये मॅच तो आप कभी भी खेल सकते हो और जीिट भी सकते हो लेकिन पहले आप जहाज़ के ऊपर उड़ने वाली प्लेयर’से से मॅच खेलों जी वरना हम सबका लेने का देना पड़ जाएगा
रों – आबे क्या मतलब तेरा जो भी कहना है साफ साफ बोल मेरे पास वक्त की बहुत कमी है मॅच के आखिरी मोमेंट में पहुँचा ही था की तूने अकके सब गुड गोब्बर कर दिया एमेम के बचे
मटरू – आईयू रों आना हमारे जहाज़ के ऊपर चुड़ालों ने हमला कर दिया है अब आप को ही कुछ करना होगा और हम सबको बचना होगा
चुड़ैल का नाम सुनते ही वो लड़की जो रों के साथ खतिए के ऊपर कबादीई खेल रही थी वो डार्क मारे चिल्लाने लगती है
रों – जानेमन क्या हुआ
क्यों चिल्ला रही हो में हूँ ना डरने का नहीं समझी क्या और साले तू एमेम ये क्या बकवास्स्स कार रहा है चुड़ैल हमारे जहाज़ के ऊपर क्यों हमला करेंगी
मटरू – वो सब मुझे नहीं पत्ता वो आप अकके ही देख लो
रों – ठीक है फिर चल छलके देखते हैं
और फिर रों अपने कपड़े पहनता है और कमरे के बाहर जाने लगता है लेकिन जाते जाते रुक्क जाता है और उसे रुकते हुए देख मटरू भी रुक्क जाता है रों पीछे पलट था है और अपने डेस्क के ऊपर रखी हुई शराब की आधी बोतल को एक ही साँस में खाली करदेता है और फिर अपने खतिए के नीचे से एक बकषे को निकलता है और उसे खोलने लगता है
उस बकषे के खुलते ही रों के सामने उसकी आग उगलने वाली बधुक आ जाती है और रों उस बंधुक को बकषे से बाहर निकल लेता है और उसमें बारूद भरने लगता है और बंधुक को बारूद से भरने के बाद उठ खड़ा होता है अपनी जगह से
रों – जानेमन फिक्र नहीं करने का में गया और आया तुम कुछ देर के लिए आराम करो लौट के आने के बाद हम अपना बीच में रुक्क गये कबादीई के मॅच को पूरा करेंगे समझी
लड़की – ठीक है जानूं जल्दी वापस आना हाँ
रों – ओये एमेम चल जल्दी से दिखा मुझे कहाँ हैं तेरी वो चुड़ैल
और फिर मटरू रों को लेकर जहाज़ के देख के ऊपर चला आता है और जब रों बाहर आता है तो देखता है की सच में जहाज़ के ऊपर कुछ चुड़ैल मंडरा रहे हैं , कुछ देर तक रों उन्न चुड़ालों को देखता रहता है कुछ याद करता रहता है और फिर उसे कुछ याद आ जाता है
रों – (चिल्लाते हुए) ओये दूसतीनी तू यहाँ क्या कार रही है अपने बहनों के साथ कहीं तुझे और तेरी बहनों को पुरानी बातें तो याद नहीं आ गाई
दूसतीनी – रों तो ये तेरा जहाज़ है
रों – हाँ जानेमन ये मेरा ही जहाज़ है और लगता है तुम सब चुड़ैल बहने मेरे लिए ही यहाँ आई हो पर मुझे माफ करना अब तुम सबमें वो बात नहीं रही जो 400 साल पहले हुआ करता था
दूसतीनी – हम यहाँ तुम्हारे लिए नहीं किसी और के लिए आए हैं
रों – चल झूठी 400 साल की हो गयी हो और झूठ बोलने से शर्म नहीं आती साफ साफ बोलना की मेरा पेंट के नीचे का हथियार याद आ गया तुम सबको
दूसतीनी – देख रों हम यहाँ तेरा बकवस्स सुन ने नहीं आए हैं
रों – अच्छा तो किस लिए यहाँ आई हो अरे अरे कहीं तुम सबको मेरे असिस्टेंट मटरू थे एमेम में तो इंटेरेस्ट नहीं है अगर ऐशी बात है तो लेजाओ मटरू को वैसे भी आज कल इसका लूँगी बहुत ऊपर नीचे हो रहा है
मटरू – आयूओ अम्मा आयूओ आपा आयूओ रों आना नहीं मेरे को उस चुड़ैल के साथ नहीं जाना
रों – क्यों नहीं जाना भी पता है तुझे ये सब बकीके के सभी चुड़ालों से ज्यादा सुंदर हैं और तो और दूसतीनी जानेमन तो हर साल मिस चुड़ैल का खिताब जीत थी है
मटरू – आयूओ रों आना मेरे को नहीं जाना इनके साथ
दूसतीनी – बंद करो तुम दोनों अपनी अपनी बकवास्स्स हम सब यहाँ तुम्हारी बकवास्स्स सुन ने के लिए
नहीं आए हैं
रों – अच्छा तो किस लिए आए हो जानेमन
दूसतीनी – तुम्हारे जहाज़ के अंदर हमारे शिकार हैं उन्हें हमें लौटा दो
रों – मेरी प्यारी चुड़ैल रानी ये मेरा जहाज़ है कोई बाज़ार या मंदी नहीं जो में तुम्हारे शिकार को अपने जहाज़ में छिपता फिरून
दूसतीनी – देख रों में ईश्वक़्त बहुत गुस्से में हूँ इसलिए मुझसे झूठ मत बोल हमने देखा है उन्न दोनों को तुम्हारे जहाज़ के अंदर घुसते हुए और में ये भी जानती हूँ की तुमने ही उन्न दोनों को चुपके रखा होगा चुप चाप उन्न दोनों को हमारे हवाले करदे वरना तेरे साथ साथ तेरे इसे जहाज़ को तबाह कार देंगे निस्टोनबूत कार देंगे
रों – अच्छा शा है क्या चल ठीक है कार कोशिश में भी तो देखूं की तुझमें अभी भी वो दम है या इन 400 सालों में तेरी ताक़तें तेरी तरह खोखलीी हो गयी हैं
दूसतीनी – ठीक है रों अगर तेरी यही इच्छा है तो यही सही
मटरू – आयूओ रों आना ये आप क्या बोल रहे हैं अगर उन्न चुड़ालों ने हमला कर दिया तो सब कुछ खत्म होजएगा
रों – आब्बी एमेम के बचे तू भूल गया क्या की हमारे जहाज़ के पास सुरक्षा कबच है
मटरू – आयूओ आना में तो ये बात भूल ही गया था
रों – अब याद आ गया है ना अब जा और सुरक्षा कबच का स्तनों दबा दियो समझा और हाँ सबको लेकर जहाज़ के नीचे भेज दे तकिी किसको चोट ना लगे इसे लधाई में अब जा मेरी शकल क्या देख रहा है
मटरू – ठीक है आना अभी जाता हूँ
और फिर मटरू जहाज़ के ऊपर से सभी लोगों को लेकर जहाज़ के नीचे चला जाता है और फिर रों के केबिन के तरफ चल देता है उस सुरक्षा कबच वाले स्तनों को दबाने के लिए और इधर
दूसतीनी – रों अभी भी वक्त है मान ले मेरी बात को और उन्न दोनों को हमारे हवाले करदे
रों – दूसतीनी डार्लिंग तुम अच्छी तरह से जानती हो की अगर में एक बात पे एड जाऊं तो फिर में कभी पीछे नहीं हॅट था
दूसतीनी – तो ठीक है रों अब जो होगा उसके ज़िमेदार तुम ही होगे
रों – बेशक माय डियर , अपने मान में (ये साला एमेम का बच्चा अभी तक उस स्तनों को दबाया क्यों नहीं)
इधर रों मटरू के बारे में सोच ही रहा था की तभी दूसतीनी अपनी हाथ में पकड़ी हुई छोटी से जादुई चड्डी को ऊपर उठती है और देखते ही देखते उसमें बहुत सारे ऊर्जा या ये कहें की रोशनी इकट्ठी होजती है और फिर दूसतीनी उन्न उर्जाओं को रों के ऊपर फेंक के वार करती है और रों ये देख उस जगह जहाँ पे वो खड़ा था वहाँ से कुदड जाता है दूसतीनी का वो वार बहुत ही खतरनाक था रों तो बच जाता है लेकिन उस जगह की धज़ियाँ उड़ जाती हैं और ये देख रों के आँखों में खून उतार आता है
रों अगर इसे दुनिया में किसी से सबसे ज्यादा प्यार करता था तो वो था उसका जहाज़ और अपने जहाज़ के ऊपर इतना खतरनाक वार देख रों का गुस्स्सा अपने अप्पे से बाहर हो जाता है
रों अपने बंधुक को ऊपर उठा था है और दूसतीनी की तरफ
अपने बंदूख का मुंह करके अपने बंदूख का ट्रिग्गर दबा देता है इसे से रों के बंदूख से एक आग का बवंडर सा निकलता है इसे घने अंधेरे रात में भी इसे आग के गोले के कारण कुछ पल के लिए उजाला सा हो जाता है
जब दूसतीनी उस आग के गोले को अपनी तरफ आती हुई देखती है तो वो फौरन वहाँ से हॅट जाती है दूसतीनी तो उस रों के बंदूख से निकले हुए आग के बवंडर से बच जाती है लेकिन उसकी छोटी बहन मिस्तीनी बच नहीं पति वो आग का गोला सीधे जाकर मिस्तीनी को लगती है और फिर मिस्तीनी के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है अहह और फिर देखते ही देखते मिस्तीनी कुछ ही पल में जल के रख होजती है
और ये नज़ारा देख दूसतीनी और उसकी बकीके बची हुई बहने बहुत गुस्से में आ जाती हैं
दूसतीनी – रों अब तुझे हमारे हाथों से कोई भी नहीं बच्चा सकता है , ये बोलकर दूसतीनी और उसकी सारी बहने अपनी अपनी जादुई चड्डी को उथलेटी हैं और एक साथ ऊर्जा के किरणों से हमला करती हैं लेकिन तब तक मटरू जाकर रों के केबिन में पहुँच चुका था और उस सुरक्षा कबच के स्तनों को भी दबा चुका था
(update-17)
मटरू के द्वारा सुरक्षा कबच के स्तनों को दबाए जाने से जहाज़ में एक जादुई सुरक्षा कबच आक्टीवेट होचुकी थी और इसे कबच के आक्टीवेट होने के कारण दूसतीनी और उसकी बहनों के वार बेकार जाते हैं और ये देख दूसतीनी और उसकी बहनों को और भी ज्यादा गुस्सा आता है और वो सब तो जैसे जहाज़ पे टूट ही पड़ते हैं और जहाज़ पे वार पे वार करते जाते हैं ऊर्जा के किरणों से लेकिन सुरक्षा कबच के आक्टीवेट होने के कारण उन्न सबके वार खाली जाते हैं और यहाँ जहाज़ के अंदर खड़ा रों अब उन्न सबपे ज़ोर ज़ोर से हंसे जा रहा था और रों की ये हँसी उन्न सब बहनों के जखम के ऊपर नमक का काम कार रहा था
रों – दूसतीनी तुझमें और तेरी बहनों में वो बात नहीं रही जो पहले हुआ करती थी तेरी और तेरी बहनों की जवानी के साथ साथ सारी ताक़तें भी खत्म होचुकी हैं अब तुम सब जाओ यहाँ से वरना अगर मेरा खिसक गया तो में तुम में से किसको भी नहीं चोदूंगा
दूसतीनी – रों में यहाँ से तब तक नहीं जाऊंगी जब तक में अपनी छोटी बहन की मौत का बदला तुम से नहीं ले लेती , ये बोलकर दूसतीनी फिर से रों के जहाज़ के ऊपर हमला करने लगती है
रों – अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो यही सही पर इसके बदले में भी हमला करूँगा और मेरा वार खाली नहीं जाएगा तुम सबकी तरह
ये बोलकर रों फिरसे अपनी बंदूख उथलेटा है और दूसतीनी की तरफ निशाना करके बंदूख का ट्रिग्गर दबा देता है और इसे से फिर से आग का बवंडर निकलता है रों के बंदूख से और फिर से कुछ पल के लिए उजाला हो जाता है इसे अंदरी घने रात में
इसे वार दूसतीनी तो बच जाती है और उसके साथ साथ उष्कीी बहने भी रों का ये वार खाली जाता है और फिर दूसतीनी और उष्कीी बहने ज़ोर ज़ोर से हस्सने
लगती हैं और ये देख रों फिर से अपनी बंदूख का ट्रिग्गर दबा देता है और इसे वार लगातार तीन वार ट्रिग्गर दबाता है जिस से बंदूख से तीन आग के गोले निकलते हैं और दूसतीनी और उसकी बहनों के तरफ चल देती है
दो वार तो खाली जाती है लेकिन एक गोली दूसतीनी की एक और बहन को लग जाती है जिस से वो भी एक दर्दनाक मौत मारती है और ये देख दूसतीनी अपने अप्पे से बाहर होने लगती है की तभी उसकी बकीके बहने उसे रोकती हैं और कहती हैं
रुसतीनी – बहन दूसतीनी रूकको अभी अगर हम अपने अप्पे से बाहर हुए तो हम सब भी मारे जाएँगे हमारी दोनों बहनों की तरह रों के जहाज़ के ऊपर जरूर कोई जादुई कबच है जो उसे और उसकी जहाज़ को हमारे हमले से महफूज रख रहा है इसलिए अभी हमला करना बेकार होगा इसलिए अभी चलो यहाँ से हम बाद में इन सब से निपट लेंगे मौका देख के
दूसतीनी – शायद तुम सब ठीक कह रही हो हम इसे रों से बाद में कभी निपट लेंगे और उस सुनहेरी को भी बाद में हासिल कार ही लेंगे
दूसतीनी – रों हम अभी तो यहाँ से जा रहे हैं लेकिन बहुत जल्द लौटेंगे और उस वार ना तो तू हमसे बच पाएगा और ना ही वो दोनों जिन्हें तू हमसे बच्चा रहा है
रों – हाँ ठीक है ठीक है चल निकल यहाँ से और जब भी मान करे चले आना में हमेशा तैयार मिलूँगा तुमसे टकराने के लिए
और फिर दूसतीनी अपने बहनों के साथ वहाँ से चली जाती है और रों जहाज़ पे खड़ा उन्न सबको जाते हुए देखता रहता है उन्न सबके जाने के बाद मटरू भी आ जाता है रों के पास हाथ में एक डंडा लिए
मटरू – आयूओ आना कहाँ गये वो चुड़ैल आज नहीं चोदूंगा में उन्हें में बहुत गुस्से में हूँ इसी डंडे से मर मर के उनके पिछड़ा लाल कार्दूंगा
रों – वो क्या है ना एमेम उन्न सबको पत्ता चल गया था की बहुत गुस्से में हाथ में डंडा लिए आ रही है इसलिए वो सब डार्क भाग गयी
मटरू – अच्छा शा क्या हाहहाहा हाहहाहा
फिर रों और मटरू दोनों जहाज़ के उस हिस्से का मुआीना करते हैं जहाँ पे दूसतीनी ने वार किया वो हिस्सा सच में बर्बाद होचुका था
मटरू – आयूओ आना ये हिस्स्साअ तो बेकार हो गया
रों – सब साले तेरी वजह से
मटरू – मेरे वजह से कैसे आना
रों – आब्बी साले तूने जो लेट किया कबच को आक्टीवेट करने के लिए उस वजह से , अब सुन सुबह एक अच्छी जगह देख के जहाज़ को नीचे उतरना है तकिी जहाज़ को हम मारमात कार सकें समझा
मटरू – वो तो ठीक है आना लेकिन इन चुड़ालों ने हुंपे हमला क्यों किया था समझ में नहीं आया
रों – उनका कहना था की कोई हमारे जहाज़ में है जिसे वो सब ढूंढ.
रहे हैं
मटरू – आना एक बात मेरे को याद आ रही है की उन्न चुड़ालों के यहाँ आने से कुछ देर पहले जहाज़ में एक जोरदार धमाका हुआ था उसके करीबन 5 मिनट बाद ही वो सब चुड़ैल यहाँ आए थे
रों – आबे लगता है उशिवक़्त हमारे जहाज़ में कोई अंदर घुसा है
ईश्वक़्त रुद्रा और सुनहेरी दोनों रों के सामने खड़े थे , चुड़ालों के जाने के बाद जब रों को शक हुआ की जहाज़ में शायद कोई चुपके से घुसा है तब उसने मटरू को कहा की जल्दी से उन्हें ढूंढ. निकालो लेकिन इसे से पहले की मटरू अपनी जगह से हिलता सुनहेरी और रुद्रा दोनों पीछे से गोडोवन् से निकलते हैं और
रुद्रा – उसकी जरूरत नहीं है
रों – (रुद्रा और सुनहेरी को देखते हुए खास कार सुनहेरी को) कौन हो तुम दोनों और मेरे जहाज़ में कैसे आए
रुद्रा – हम दोनों आप के जहाज़ से टकरा गये थे रास्ते में
रों – क्य्ाआआअ ?
फिर रुद्रा रों को सारी बातें एक एक करके बता देता है अपने बारे में और सुनहेरी के बारे में
रों – तो ये बात है तो सुनहेरी एक सितारा है और तुम इसे दुनिया से नहीं हो तुम इंसानी दुनिया से हो
रुद्रा – हाँ यही सच है और हम दोनों आप के सुक्रगुजार हैं की आप ने हमारी मदद किया और बहुत शर्मिंदा भी हैं की हमारे वजह से आप की जहाज़ की ये हालत हो गयी है
रों – वो सब चोदा यार जहाज़ का क्या वो हम फिर से मारमात करदेंगे लेकिन तुम दोनों का आगे का प्लान क्या है
सुनहेरी – हमने उस बारे में कुछ सोचा नहीं है
रुद्रा – सोचना क्या यार हम अपनी मंजिल के तरफ बढ़ते रहेंगे और आप प्लज़्ज़्ज़ हमें किसी महफूज़ जगह पे उतार दीजिए
रों – नहीं यार ये वक्त सही नहीं है , में दूसतीनी और उसकी बहनों को बहुत अच्छे से जनता हूँ वो सब जरूर यहीं कहीं आस पास होंगी और इंतजार कार रही होंगी सही मौके का
सुनहेरी – हाँ रुद्रा मुझे इनकी बात सही लग रही है हमें कुछ दिन यहीं रुक्क जाना चाहिए
रुद्रा – शायद तुम ठीक कह रही हो सुनहेरी हमें कुछ दिन इनके साथ रुक्क जाना चाहिए
रों – सही फैसला किया है दोस्त और इसे बीच में तुम्हें उन्न चुड़ालों से लड़ने के तरीके भी सीखा दूँगा जिस से तुम उनसे आगे मुकाबला कार सको
रुद्रा – अगर शा हो सका तो में आप का अभारी रहूँगा
रों – देख भाई एक बात बता देना चाहूँगा अगर यहाँ रहना है और मुझसे ट्रेन होना है तो ये सुक्रगुजार अभारी जैसे भारी भारी डायलॉग कहना बंद करना होगा समझे और हाँ में तुम्हारी मदद इसलिए कार रहा हूँ क्योंकि मुझे इंसान और इंसानी दुनिया बहुत पसंद है इसलिए
रुद्रा – क्या आप को इंसानी दुनिया पसंद है , क्या आप कभी इंसानी दुनिया में गये हैं
मटरू – आयूओ गये हैं रों आना बहुत बार इंसानी दुनिया में गये हैं और तो और में तो इंसानी दुनिया से ही हूँ
रुद्रा – क्या सच में
मटरू – आयूओ हाँ 100% ट्रू जी
रों – हाँ यार ये बात सच है
में अपनी जिंदगी के बहुत सारे साल इंसानी दुनिया में गुजर चुका हूँ वो सब किससे बाद में कभी बताऊंगा ओईए एमेम जा इन दोनों का ठहेरने का बंदोबस्त कार और हाँ रुद्रा को बहुत चोटें लगी हैं उसके घाव के ऊपर दबाई लगा देना
(UPDATE-18)
अगली सुबह – कुंवर विक्रांत ईश्वक़्त विचस माउंटन के इलाके में एक जले हुए मकान के सामने खड़ा था शायद ये जल्ला हुआ मक्कन कोई सरया रहा हो , इसे सराय के पास कुंवर विक्रांत को उसके छोटे भाई कुंवर यश की घोड़ा गाड़ी (बाघीई) दिखी थी और इसी वजह से वो यहाँ पे रुक्क गया था और उसने अपने सिपाहियों को कहा था उस सराय के अंदर जाकर उसका मुआीना करने की
कुंवर विक्रांत उस सराय के बाहर खड़ा यही सोच रहा था की उसके छोटे भाई की बाघीई यहाँ है इसका मतलब उसका भाई भी यहीं कहीं होगा कुंवर विक्रांत यही सब सोच था की तभी उसके सिपाही उसके सामने उसके छोटे भाई की आधी जाली हुई लाश को लेकर आ हैं , और अपनी छोटे भाई की लाश को देख कुंवर विक्रांत हिल जाता है वो लड़खदाता हुआ अपने छोटे भाई के लाश के पास बैठ जाता है और उसके आँखों से आस्यू बहने लगते हैं
कुंवर विक्रांत – ये मेरे भाई के साथ कैसे हुआ
सिपाही – हमें नहीं पता कुंवर जब हम अंदर गये तो हमें कुंवर यश की लाश इसे घर के अंदर मिल्ली
उसके बाद कुंवर विक्रांत वहाँ से उठता है और जाकर अपने घोड़े से कुछ समान उतरता है और फिर उन्न समान से वो उस जादूगर के झोली को निकल लेता है जिस जादूगर को उसने मारा था , उसके बाद उस झोली में से कुंवर विक्रांत एक कागज का पूडिया निकलता है और उसे खोलता है और जब वो पूडिया खुलता है तो उसके सामने कुछ काले काले भस्म(ब्लैक पाउडर) आ हैं
कुंवर विक्रांत उस भस्म को उस जले हुए मकान के ऊपर चिड़क देता है और देखते ही देखते वो जला हुआ मकान चारों तरफ से काले धुओं(ब्लैक गस्स) से भर जाता है और वहाँ चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा छा जाता है और फिर जो होता है वो वकेइ चमत्कार था वो जला हुआ मक्कन फिर से अपने पुराने वाले रूप में आ जाता है जैसे वो जलने से पहले था
और फिर कुंवर विक्रांत और उसके सिपाही वहीं उस घर के पास खड़े होकर देखने लगते हैं इसे काले भस्म के वजह से वो सब दिखाई देने लगता है जो उसने पिछली रात को यहाँ पे हुआ था वो सब हाधसे एक एक करके उनके नजरों के सामने से गुजरने लगते हैं की कैसे सुनहेरी यहाँ इसे मकान में पहुँची थी और फिर कैसे सुनहेरी को दूसतीनी ने अंदर ले लिया और उसकी सेवा किया और कैसे यहाँ पे कुंवर यश और रुद्रा अकके पहुँचे और कैसे रुद्रा का सामना इसे सचाई से हुआ की ये सभी बहने चुड़ैल हैं और कैसे दूसतीनी ने कुंवर यश को बड़ी ही बेरेहमी से मर डाला और कैसे रुद्रा और सुनहेरी बारे मुश्किल से अपने आप को बचाने में कामयाब हुए
ये सारी बातें एक एक करके कुंवर विक्रांत के सामने से
गुजर गयी और फिर एक विस्पोट हुआ और वो काला धुआँ उस मकान से धीरे धीरे हटने लगा और फिर वो मकान फिरसे पहले जैसा हो गया यनेकिी जला हुआ और वो काला धुआँ फिर से भस्म बन के उसी कागज में आ गया और वो कागज अपने आप फिरसे पूडिया बनकर बंद हो गया
अब कुंवर विक्रांत को पत्ता चल चुका था की उसके भाई के साथ क्या हुआ है इसलिए वो अब बहुत गुस्से में था और उसका रोम रोम गुस्से में भरा हुआ था
कुंवर विक्रांत – भले ही आज हम दोनों भाई एक दूसरे से सिंघासन के लिए लध रहे थे लेकिन हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे और उस चुड़ैल के वजह से आज मेरा प्यारा भाई मुझसे छीन गया अब में उस चुड़ैल को जब तक मर नहीं डालता में कसम खाता हूँ में राजा नहीं बनूंगा
सिपाही – कुंवर अब हमें क्या करना है
कुंवर विक्रांत – तुम में से आधे मेरे भाई के लाश को लेकर गंडर के लिए निकलो जहाँ पे मेरे भाई को पूरे राजकिए सनमान के साथ बिदा किया जाएगा और आधे मेरे साथ चलेंगे हम उस लड़की को ढुंदेगे जीशके पास वो रत्ना हार है और उस लड़की के पीछे चुड़ैल भी है क्योंकि वो एक सितारा है और उसे मारकर उसके दिल को खाके वो चुड़ैल अमर होना चाहती है
अगर एक बार लड़की हमारे हाथ में आ गाई तो फिर वो चुड़ैल भी सामने अजाएगी और फिर में उस चुड़ैल से अपने भाई के मौत का बदला लूँगा उस चुड़ैल और उसकी बहनों को दर्दनाक मौत देकर
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और इधर डेत वाली में इसे वक्त एक अलग ही माहौल था पूरा डेत वाली इसे वक्त भूकंप से हिल रहा था ड्रागेंस की दहाड़ और दानओं की चिल्लाने से
अग्नि के पॅलेस को चारों तरफ से घेरे खड़े थे सारे दानव सारे वेमपाइर’से और सारे ड्रागेंस आश्मन में उड़ रहे थे एक जंग का माहौल सा था डेत वाली में सभी तैयार खड़े थे और अग्नि के आने का इंतजार कार रहे थे
की तभी अग्नि अपने पॅलेस के बालकनी में आता है और अपने हाथ को उठाकर सबको चुप रहने को कहता है और फिर सब चुप भी होजते हैं अग्नि के पीछे उसके माता पिता खड़े थे फिर अग्नि चिल्लाते हुए बोलना शुरू करता है
अग्नि – मेरे साथियों अब वक्त आ गया है जब डेत वाली का पटका(फ्लॅग) फिरसे पूरे मायवी दुनिया के ऊपर लहराएगा बकीके सभी स्टेट’से ने हमारे लोगों के ऊपर जो पिछले 400 सालों से जुल्म किया है उसका बदला लेने का वक्त आ गया है
वक्त आ गया है हम उन्न सबको दिखड़े की हम कितने खतरनाक और बेरहम हैं और हमसे टकराने का अंजाम क्या होता है पिछली वार भले ही उन्न सबने मिलकर सम्राट को हराया और मर्डिया हो लेकिन इसे वार शा कुछ भी नहीं होगा क्योंकि इसे वार उनके सामने अग्नि खड़ा अग्नि
और अग्नि खुद आग है आग और उसके साथ जो भी टकराएगा वो जल के रख होज़ायगा रख , में आज से और अभी से मायवी दुनिया के सभी स्टेट’से के खिलाफ जंग का एलन करता हूँ तो में क्या समझु आप सब मेरे साथ हैं या
नहीं
अग्नि के इतने बोलने के बाद चारों और से एक ही आवाज़ सुनाई देती है हम सब आप के साथ हैं मलिक मरते दम टककक , और फिर अग्नि छिलता है यलागर हूऊऊऊऊऊऊऊओ और फिर तो जैसे पूरी धरती ही कांप उठती है दानओं , वेंपाइर्स और ड्रागेंस की दहाड़ से
अब अग्नि की शैतानी फौज पूरी तरह से तैयार थी मायवी दुनिया के ऊपर कहर धने के लिए सब कुछ तबाह और निस्तो नबूत करने के लिए फिर अग्नि की ड्रागें सिल्वा उड़ती हुई आती है और अग्नि के पॅलेस के बालकोने से लगज़ाती है और अग्नि कूदके सिल्वा के पीठ के ऊपर बैठ जाता है और सिल्वा के ऊपर बैठने के बाद अग्नि कहता है
अग्नि – आगे बढ़ो मेरे साथियों , और सिल्वा अपने बारे बारे पंख ऊपर नीचे करने लगती है और आश्मन में उड़ने लगती है और उसके पीछे पीछे सभी ड्रागेंस भी उड़ने लगते हैं और नीचे ज़मीन पे दानव और विम्पिरे’से तेजिसे चलने लगते हैं ईश्वक़्त दोपहर का वक्त था मायवी दुनिया में और एक छोटे से पहाड़ी के ऊपर स्पिरिचुयल शिप खड़ी थी उस के जो हिस्से दूसतीनी के हमले में तबाह हो गये थे ईश्वक़्त उस हिस्से की मारमात चालू थी और रों वहाँ खड़ा उसका मुआइना लेरहा था
दूसतीनी के हमले में जहाज़ पीछे का हिस्सा ज्यादातर तबाह होचुका था और फिर रों अपने जहाज़ पे काम करने वालों से पूछता है जो ईश्वक़्त ये मरम्मत का काम कार रहे थे
रों – आब्बी ये सब कब तक मारमात होज़ायगा
काम करने वाले – कॅप्टन कम से कम दो दिन तो लगेंगे ही इसे काम में
रों – ठीक है तुम लोग लगे रहो में जहाज़ के ऊपर जाता हूँ
काम करने वाले – ठीक है कॅप्टन
फिर रों जहाज़ के ऊपर चला जाता है जहाँ उसे मटरू मिलता है जो किसी काम में लगा हुआ था
रों – ओये एमेम क्या बात है क्या कार रहा है तू
मटरू – रों आना मैंने आप को कितनी बार कहा है मेरे को ना मटरू बुला लिया करो
रों – अरे यार में तो तुझे एमेम प्यार से बुलाता हूँ पगले समझा
मटरू – अच्छा ठीक है , वैसे ये हमारा जहाज़ कब तक मारमात हो जाएगा
रों – दो दिन लग जाएँगे यार
मटरू – दो दिन तब तक हम यहाँ करेंगे क्या
रों – वही करेंगे जो हम हमेशा करते हैं मौज मस्ती और क्या और साथ में उस रुद्रा का ट्रनिंग भी शुरू कार देंगे
मटरू – वैसे एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही है
(UPDATE-19)
रों – कौनी बात चल मुझे भी बता
मटरू – आप और किसकी बिना मतलब के मदद कॅरन ये मुझे समझ में नहीं आ रही है
मटरू के मुंह से ये बात सुनकर रों के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और इसे मुश्कं को देख मटरू फौरन कहता है
मटरू – आईयू आना मुझे पता था आप के दिमाग में कुछ चल रहा है मुझे भी बताइए ना की वो क्या बात है जिसकी वजह से आप इन दोनों की मदद कार रहे हैं
रों – तू इतना जान गया यही बहुत है एमेम
मटरू – आस कम ऑन आना मुझे भी प्लज़्ज़्ज़्ज़ बताइए ना
रों – जब वक्त आएगा तो में तुझे बता
दूँगा ये बोलकर रों वहाँ से चला जाता है
जब रों पीछे मुदके जाने लगता है तो उसे जहाज़ के अंदर से रुद्रा निकलता दिखाई देता है और रुद्रा रों के तरफ ही आ रही था
रुद्रा – तो रों भाई जहाज़ के मारमात का काम कहाँ तक पहुँचा
रों – बस चल ही रहा है दो दिन लगेंगे काम पूरा होने में
रुद्रा – अच्छा पर तब तक हम यहाँ करेंगे क्या
रों – दिन में तुम्हारी ट्रनिंग और रात में हम सब मौज मस्ती करेंगे और आज ही से तुम्हारी ट्रनिंग शुरू होगी
रुद्रा – क्या सच में
रों – हाँ बिलकुल और ट्रनिंग की शुरूआत करेंगे मामूली हाथापाई से देखें तो सही तुम में आख़िर कितना दम है ये बोलकर रों मटरू को बुललेटा है
रों – ओये एमेम यहाँ आना , तो रुद्रा तुम्हारे और मटरू के बीच में मुकाबला होगा देखते हैं कौन जीिट था है
मटरू – आना ये आप क्या कह रहे हैं इसे लधाई से कहीं रुद्रा को चोट ना लग जाए
रुद्रा – वो तो लधाई के बाद ही पता चलेगा मटरू मेरे भाई
मटरू – तो ठीक है अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो यही सही
रों – तो दोनों रेडी होजाओ में 3 तक गिनूंगा काउंटिंग खत्म होते ही दोनों एक दूसरे से भिद्ड़ जाना , ठीक है
रुद्रा & मटरू – ठीक है
लधाई का नाम सुनते ही पूरे जहाज़ में एक हलचूल से मचजाति है जो जहाँ पे भी था वो सब भाग के जहाज़ के देख पे आ गाए थे यहाँ तक की जो लोग जहाज़ की मारमात कार रहे थे वो भी आ गाए थे और चारों और से घेरा बनकर खड़े हो चुके थे सभी , जहाज़ के ऊपर एक भीड़ से लग चुकी थी लधाई देखने के लिए सभी हल्ला मचा रहे थे हो हो हो हो सब के मुंह से यही एक शब्द निकल रही थी फिर रों उठ खड़ा होता है और एक खाली लकड़ी के शराब के बॅरल के ऊपर चढ़ जाता है और
रों – इसे जहाज़ पे मौजूद मेरे भाइयों और उनकी प्यारी बहनों में इसे जहाज़ का कॅप्टन आप का स्वागत करता हूँ यहाँ होनेवाले मटरू और रुद्रा के बीच के लधाई में जो जीतेगा उसे मायवी दुनिया का चॅंपियन का खिताब मिलेगा और जो हारेगा वो आज शाम के पार्टी में सबके सामने नाचके हमारा मनोरंजन करेगा , इतनाअ सुनते ही फिरसे सब हल्ला मचाने लगते हैं मारे खुशी के हो हो हो हो इसे ही
रों – बस बस अभी तक मेरी बात खत्म नहीं हुई है , मैंने तुम सबके लिए भी कुछ सोचा है और वो ये है की तुम सबके लिए भी एक कुछ मौका है इसे लधाई के जरिए कुछ पेशे कमाने का तो कौन लगाना चाहेगा इन दोनों के ऊपर सत्ता
इतना बोलते ही फिर से हल्ला मचने लगता है हाईईइ हूऊओ हुउऊुउउ इसे ही
रों – सुनो सुनो सुनो तो भाव ये है रुद्रा का 1 का 7 और मटरू का 1 का 10 तो कौन किसके ऊपर दाव लगाएगा शा मौका फिर ना आएगा
फिर रों सबके बीच में ही एक टेबल के ऊपर बैठ जाता है और फिर सभी एक एक करके दाव लगाने लगते हैं रों के पास एक छोटा सा लड़का खड़ा था जो सबके टिकट बना रहा था कौन किसके ऊपर दाव लगा रहा था , और ये सब देख रुद्रा भौचका
खड़ा सबको देख रहा था
रुद्रा – मटरू भाई ये सब आख़िर है क्या
मटरू – रुद्रा जिस तरह तुम्हारे इंसानी दुनिया में लोग क्रिकेट का खेल देखने के लिए पागल हैं उसी तरह यहाँ हमारी दुनिया में हमारे जैसे लुटेरे इसी तरह का खेल देखने के लिए दीवाने हैं और तो और अगर उसके जरिए पेशे कमाया जा सके तो सोने पे सुहागा और वैसे भी रों आना इसे सुनहेरे मौके को अपने हाथ से कैसे जाने देते समझे , रुद्रा हाँ में अपना सर हिला देता है और उसके चेहरे पे एक हल्की से मुश्कं आ जाती है
जहाज़ पे काम करने वालों में से आधे दाव लगा चुके थे रुद्रा और मटरू पे बराबर की दाव लगी थी किसने 1000 का दाव लगाया था तो किसने 2000 का या फिर किसने 5000 का दाव और रों उस खाली बरेलल के ऊपर खड़ा होकर पेशों के तरफ देख रहा था और उसके चेहरे पे एक अलग ही चमक थी फिर
रों – तो अब लधाई शुरू करते हैं , फिर रों अपने हाथ में एक रूमाल पकड़ लेता है और अपने हाथ को ऊपर उठा देता है और काउंटिंग शुरू करता है 1 ,,,,, 2 ,,,,,,, 3
और 3 के काउंट के बाद रों के हाथ से रूमाल नीचे गिरता है और यहाँ रुद्रा और मटरू दोनों जो ईश्वत मुस्तैदी के साथ खड़े थे रूमाल के नीचे गिरते ही दोनों एक दूसरे के ऊपर झपटा मर देते हैं
दोनों एक दूसरे के ऊपर लात और घुसों की बरसात करदेटे हैं कभी रुद्रा मटरू को घुसा झड़ देता है तो कभी मटरू रुद्रा को कभी रुद्रा मटरू को एक लात मरता है तो कभी मटरू रुद्रा को फिर रुद्रा ने अचानक से घूमकर एक हाथ मटरू के ऊपर चोद दिया जीशके बाद मटरू नीचे गिरजता है और उसका नाक फट जाता है ये देख सभी हँसने लगते हैं
और रों उस बरेलल पे खड़ा दोनों को ही चेअर उप कार रहा था ये बोलते हुए कम ऑन मेरे पतों टूट पदो एक दूसरे के ऊपर कम ऑन एमेम मेरे शेयर भीड़ जा उठ और जाकर भीड़ जा उस से
अपने नाक फटने के वजह से और लोगों के द्वारा अपने ऊपर हंसे जाने के वजह से मटरू को गुस्सा आ जाता है और वो उठ खड़ा होता है और बेल की तरह अपने सर को झुका के सीधे जा टकराता है रुद्रा के पेट में और रुद्रा मटरू के इसे हमले से नीचे गिरर जाता है और मटरू इसे मौके का फायदा उठाकर जाकर बैठ जाता है रुद्रा के सीने के ऊपर और पूरी ताक़त लगाकर एक के बाद एक मुक्का झड़ने लग जाता है रुद्रा को
और मटरू को रुद्रा के ऊपर हावी होते हुए देख जो बाकी लोग दाव लगाने से बचे थे वो भी मटरू के ऊपर दाव लगाने लगते हैं सभी लोग तरफ चढ़ के मटरू के ऊपर दाव लगाने लगते हैं और इधर मटरू रुद्रा के सीने के ऊपर सवार होकर मुक्कों पे मुक्के जड़ता ही जा रहा था इसे से रुद्रा का भी नाक और होंठ फॅट चुके थे आँख भी थोड़े से सूझ गये थे और रों उस बरेलल पे खड़ा रुद्रा को चेअर उप कार रहा था कम ऑन मेरे शेयर कम ऑन उतजा और पतख दे मटरू को
इसी तरह मॅच चल रहा था मटरू रुद्रा के ऊपर हावी था रुद्रा अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कार
रहा था की तभी मटरू और रों की नजरें एक पल के लिए मिली और रों ने मटरू को आँख मर दिया और उसके बाद मटरू ने भी रों को आँख मर्डिया
फिर मटरू ने अपने आप को थोड़ा ढीला चोद दिया तकिी रुद्रा अपने आप को छुड़ा सके और शा ही होता है रुद्रा पूरी ताक़त लगाकर मटरू को अपने ऊपर से धकेल देता है और मटरू नीचे गिरजता है और फिर रुद्रा खड़ा हो जाता है और मटरू के ऊपर लॅटन की बर्षट करदेता है कभी पेट पे तो कभी सीने में इसे से मटरू थोड़ा सा कमजोर पड़ने का नाटक करने लगा था
फिर रुद्रा मटरू के गर्दन को एक हाथ से पकड़ता है और दूसरे हाथ से मटरू के कमर को और फिर रुद्रा मटरू को ऊपर उठाकर पूरी ताक़त से नीचे पटक देता है फिर मटरू अपनी आँखें बंद करदेता है
और फिर सभी काउंटिंग स्टार्ट करने लगते हैं 1 ,,,, 2 ,,,, 3 ,,,, ,,,,,,, ,,,,9 ,,,, 10 और इशिके साथ इसे फाइट का विन्नर है रुद्रा फिर तो गजब हो जाता है जिन्होंने रुद्रा के ऊपर दाव लगाया था वो सब रुद्रा को अपने कंधे पे उठाकर नाचने कूदने लगते हैं और बाकी सब जिन्होंने मटरू के ऊपर दाव लगाया था वो सब मटरू को गलियाँ देने लगते हैं
लेकिन मटरू जानबूझ के कुछ देर तक युहीन लेता रहता है तकिी किसको शक ना हो और कुछ देर बाद मटरू लड़खड़के उठने की नाटक करने लगता है और रुद्रा जाकर मटरू को सहारा देकर उठाने लगता है
रुद्रा – अरे यार मटरू भाई सॉरी यार कहीं आप को ज्यादा लगी तो नहीं
मटरू – साले उठाकर पटक दिया नाक फोड़ा दिया मेरा अब पूछ रहा है कहीं ज्यादा लगी तो नहीं , आयूओ अम्मा आयूओ आपा मेरे सारी हड्डियाँ टूट गयी जी
रुद्रा – ई आम रेआली सॉरी मटरू भाई वेरी वेरी सॉरी
मटरू – चल कोई बात नहीं यार रुद्रा मैंने भी तो तुझे चोट पहुँचाई है चल चोद इन बातों को अब मुझे यहाँ बितड़े
फिर रुद्रा मटरू को रों के पास एक जगह पे बिता देता है और फिर रों को देखने लगता है पर रों ईश्वक़्त बिज़ी था उन्न लोगों को पेशे देने में जिन्होंने रुद्रा के ऊपर दाव लगाया था और उन्न सबको पेशे देने के बाद रों रुद्रा के तरफ मुड़ता है और जाकर उसके गले लग्के उसे बधाई देता है मॅच जीतने के लिए
रों और रुद्रा दोनों गले मिल रहे थे और रों रुद्रा को बधाई दे ही रहा था की तभी जहाज़ के नीचे से सुनहेरी आ जाती है
सुनहेरी – ये क्या यहाँ सोर हो रहा है में सो रही थी मेरी नींद खराब करदी तुम सबने , फिर सुनहेरी की नज़र जब रुद्रा और मटरू के ऊपर पड़ती है तो उसके मुंह से एक चीख निकल पड़ती है ये क्या हुआ तुम दोनों को
रों – कुछ नहीं हुआ वो क्या है ना आज से रुद्रा की ट्रनिंग शुरू हो गयी है और आज रुद्रा का मुकाबला मटरू से था और इसी मुकाबला में दोनों को कुछ चोटें लग गयी हैं बससस्स इतना ही
सुनहेरी – अच्छा तो ये बात है में तो खमखा डर गयी चलो अच्छा है रुद्रा की ट्रनिंग शुरू हो गयी
ये सब इसे ही बातें कार रहे थे की कुछ
आवाजें अनीी शुरू होजती हैं और उसका आभास पहले रों को होता है , फिर रों वहाँ से भागके जाता है अपने केबिन के तरफ और रों को इसे तरह भागते हुए देख सब हैरान और परेशान होजते हैं रुद्रा तो रों को आवाज़ भी देता है की क्या हुआ पर रों नहीं रुकता
रों जल्दी से अपने केबिन में जाता है और अपने डेस्क के ड्रॉ से एक खास दूरबीन निकल के लेआटा है और फिरसे जहाज़ पे आकर उसी बरेलल पे खाड़ा हो जाता है दूरबीन निकल लेता है और ये देख रुद्रा पूछता है
रुद्रा – आख़िर बात क्या है रों भाई और ये आप के हाथ में ये कैसी अजीब से दूरबीन है
लेकिन रों इसे सवाल का जवाब बिलकुल नहीं देता और अपने जेब से एक नुकीला पठार निकल लेता है और दूरबीन में दलदेटा है और एक तरफ देखने लगता है , ये कोई आम दूरबीन नहीं थी बकीके दूरबीन की तरह ये एक खास किस्म की दूरबीन थी जिस से बहुत दूर दूर तक देखा जा सकता था
कुछ देर तक रों उस दूरबीन में देखता रहता है और फिर उसे कुछ दिखाई देने लगता है कुछ शा जिसे देख रों का दिमाग चकरा जाता है और फिर वो उस बरेलल के नीचे कुदड जाता है और चिल्लाता है
रों – ड्रागें’से अरहे हैं जो भी जहाज़ के नीचे हैं वो सब जल्दी से जल्दी जहाज़ के ऊपर आ जाओ जल्दी करो जल्दी करो वक्त बहुत कॅम है
(UPDATE-20)
रुद्रा – रों भाई ये आप क्या कह रहे हैं
रों इसे बार भी रुद्रा के सवाल का कोई भी जवाब नहीं देता वो मटरू के साथ जहाज़ के एक कोने के तरफ भागता है और उन्न सबको जल्दी से जल्दी ऊपर खींचने लगता है जो नीचे जहाज़ की मरम्मत कर रहे थे और जब सब ऊपर आ गाए तो रों मटरू को कहता है
रों – मटरू जल्दी जा और मेरे केबिन में जाकर दोनों एमर्जेन्सी स्तनों दबा देना साफ़्ती मोड और इनवसिबले मोड दोनों के स्तनों दबा देना समझा अब जल्दी जा
फिर मटरू भागता हुआ जाता है और रों के केबिन के अंदर दो स्तनों दबा देता है एक का रंग लाल था तो दूसरे का काला और ये स्तनों को दबाने के बाद स्पिरिचुयल शिप का सुरक्षा कवच आक्टीवेट हो जाता है और साथ में स्पिरिचुयल शिप गायब भी हो जाता है , अब स्पिरिचुयल शिप को जहाज़ के बाहर मौजूद कोई भी स्क्स नहीं देख सकता था
फिर रों एक जगह पे खड़ा हो जाता है और रुद्रा और सुनहेरी अब भी समझ नहीं पा रहे थे की ये सब आख़िर हो क्या रहा है और वो दोनों भी अकके रों के पास खड़े होजते हैं और मटरू भी आ जाता है
रुद्रा & सुनहेरी – रों भाई आख़िर ये सब क्या हो रहा है बताइए ना
रों – बससस्स अपनी आँखें खुली रखो और सामने देखते रहो खुद बीए खुद समझ जाओगे
जहाज़ पे मौजूद सभी की आँखें सामने गॅड जाती है सभी के अंदर एक खौफ सा बैठा हुआ था वो सब सामने देख ही रहे थे की तभी अचानक से वहाँ के मौसम में बदलाव आने लगते हैं जहाँ कुछ देर पहले कड़कड़ाती हुई धूप खिली हुई थी वहाँ अब धीरे धीरे कोहरा चढ़ने लगता है सुरोज तो
पूरी तरह से डूब ही जाता है ये सब देख वहाँ मौजूद सभी डरने लगे थे सीबे एक के और वो था रों
रों के चेहरे पे डर नहीं था लेकिन परेशानी जरूर थी वो परेशान होकर सामने देख ही रहा था की तभी उसके सामने वो चीज़ आ ही जाता है जीशके वजह से वो परेशान था
अग्नि की शतानी सीना आगे तरफ रही थी लाखों की तादाद में और उसके सीना में वेमपाइर’से ड्रागें’से और बारे बारे बिशल कई और ख़ौफनाकक दिखने वाले दानव भी थे वो सब जब आगे तरफ रहे थे तो धरती में तो जैसे भूकंप ही आ रही थी यहाँ तक की बारे बारे पहाड़ भी हिल रहे थे ड्रागें’से की दहाड़ के वजह से
और ये सब नज़ारा देख जहाज़ में मौजूद सभी के दिल जोरों से धड़कने लगे थे डर के मारे और सुनहेरी तो काँपने लगी थी और उसने रुद्रा के एक हाथ को जोरों से पकड़ रखा था
रों गौर से उन्न सभी शैतानो को देख रहा था जैसे उसे किसी और का इंतजार हो और उसका ये इंतजार पूरी होजती है जब वहाँ से अग्नि गुजरता है अपने ड्रागें सिल्वा पे सवार होकर , और जब रों की नज़र अग्नि के ऊपर पड़ती है तो उसके मुहनसे निकल जाती है
रों – अग्नीिीईईईईईईई ,,,, इतना जब रों ने कहा तो जहाज़ में मौजूद सभी रों को ही घूरने लगते हैं
अग्नि सिल्वा के ऊपर सवार होकर आगे तरफ रहा था की अचानक से रुक्क जाता है और एक पहाड़ के तरफ देखने लगता है कुछ देर तक देखने के बाद सिल्वा को पहाड़ के और नज़दीक जाने को कहता है और नज़दीक जाकर अग्नि एक तरफ देखने लगता है जैसे उसे पता चल गया हो की यहाँ पे एक अड्रिस्या जहाज़ है
रों जब अग्नि को अपने इतने करीब देखता है तो उसके हाथ अपने आप अपने आग उगलने वाले बंधुक पे क़ास्स्स जाते है और वो भी अग्नि के तरफ ही देखने लगता है और इंतजार करने लगता है अग्नि के अगले कदम का
अग्नि कुछ देर तक देखता रहता है और फिर उसके चेहरे पर एक मुश्कूराहट आ जाती है और उसके मुंह से एक ही लाव्ज निकलती है रोन्ंनणणन् और फिर अग्नि मुस्कुराते हुए सिल्वा को आगे बढ़ने के इशारा करता है और सिल्वा अपने पंख को मोडके आगे तरफ जाती है
और अग्नि को वापस जाता देख रों राहत की सांस लेता है और तब तक अग्नि को देखता रहता है जब तक अग्नि उसके आँखों से ओझल नहीं हो जाता है और सभी भी चेन की सांस लेते हैं और मौसम भी धीरे धीरे खुलने लगता है और कुछ देर में फिरसे सुरोज की किर्ने जहाज़ पे पड़ने लगती हैं
अग्नि और उसकी शैतानी सीना अब स्पिरिचुयल शिप से बहुत दूर जा चुके थे अब वहाँ का मौसम फिरसे खुल चुका था सुरोज की किर्ने फिरसे जहाज़ पे गिरने लगी थी और वहाँ जहाज़ पे मौजूद सभी रों के ही तरफ देख रहे थे मानो पूछ रहे हो की ये सब आख़िर क्या चक्कर है
रुद्रा – रों भाई ये सब आख़िर क्या है और वो जो स्क्स था ड्रागें के ऊपर वो कौन था और उसने आप का नाम भी पुकारा था क्या आप उसे जानते हैं
रों – नहीं में उसे नहीं
जनता हाँ में उसे पहेचआंता जरूर हूँ
सुनहेरी – तो कौन था वो रों
रों – सुनहेरी वो डेत वाली का सहजादा अग्नि था सारी काएनत उसे ईविल प्रिन्स के नाम से जानती है और वो इसे दुनिया का सबसे खतरनाक और बेरहम स्क्स है ये जो दूसतीनी तुम्हारे पीछे पड़ी थी ये इसे अग्नि के सामने कुछ भी नहीं है ये अग्नि इतना खतरनाक है की इसके नाम सुन ने से ही लोगों के दिल कांप उठ ते हैं
मटरू – पर रों आना मुझे जितना पता है उसके हिसाब से आप तो कभी भी अग्नि से मिले नहीं फिर आप को कैसे पता की वही अग्नि है
रों – मटरू आज के वक्त में अगर कोई ड्रागें को काबू कार सकता है और उसकी सवारी कार सकता है तो वो सिर्फ़ 3 ही लोग हैं
रुद्रा – और वो तीन कौन हैं रों भाई
रों – पहला तुम्हारे सामने खड़ा है यानि की में खुद और ये बात मटरू तुम जानते हो , दूसरा है अग्नि डेत वाली का प्रिन्स और टीशरा है गेब्रीयल जो कुछ दीनों पहले तक सभी ड्रागेंस का राजा हुआ करता था
सुनहेरी – रों ये गेब्रीयल कौन है और क्या मतलब की वो राजा हुआ करता था
रों – गेब्रीयल हुन्न्ञणणन् गेब्रीयल रिश्ते में मेरा बड़ा भाई है लेकिन वो भी कोई कम नहीं है अग्नि के मुकाबले उसने तो ताक़त के लालच में हमारे माता पिता को भी मर दिया और कुछ दिन पहले ही मुझे पता चला की अग्नि ने उसे जंग में हरा के उसके ड्रागें को मर दिया और बकीके ड्रागेंस को अपना गुलाम बना लिया अब वो सारे ड्रागेंस अग्नि के फौज के हिस्से हैं और जो तुम सबने वो फौज देखी वो थी अग्नि की डार्क फोर्स जिसका सामना करना यानि की मौत का सामना करना है
सुनहेरी – एक बात मेरी समझ में नहीं आई रों और वो ये है की तुमने तो इसे जहाज़ को अड्रिस्या कर दिया था फिर भी अग्नि को कैसे पता चल गया की हम यहाँ हैं और उसने हम पर हमला किया क्यों नहीं
रों – अग्नि से कुछ भी चुप नहीं सकता उसके पास न जाने कितनी तरह के सकतियाँ हैं और रही बात हमला करने की तो वो बिना किसी वजह किसी पर हमला नहीं करता
सुनहेरी – तो रों अग्नि ईश्वक़्त अपनी फौज डार्क फोर्स के साथ कहाँ जा रहा है
रों – ये मुझे नहीं पता लेकिन इतना पता है वो जहाँ भी जाएगा कयामत ढाएगा , इन सब बातों को चोदा और अब तुम सब अपने अपने काम में लग जाऊं
फिर सब एक एक करके अपने अपने काम में लग जाते हैं और रुद्रा सुनहेरी के साथ जहाज़ के नीचे अपने रूम की तरफ चल देता है अब सिर्फ़ दो ही स्क्स जहाज़ के देख पर रही जाते हैं एक था रों और दूसरा था मटरू
रों – क्या हुआ भी तू यहाँ क्यों खड़ा है अब जा यहाँ से
मटरू – (अपने दाँत दिखाते हुए) आयूओ रों आना इसे कैसे जी हमको हमारा हिस्सा तो पहले दो
रों – कौनसा हिस्सा भी , किस हिस्से की बात कर रहा है तू
मटरू – आयूओ आना मेरे साथ चालाकी नहीं चलेगी जी चुप चाप मेरा हिस्सा निकालो जी
रों – आब्बी पागल हो गया है क्या कौन
सा हिस्सा माँग रहा है
मटरू – वही मॅच में जो अपने बैठ में कमाया उसमें से मेरा हिस्सा जी
रों – अच्छा साले तूने शा क्या कर दिया जो में तुझे अपने कमाई से हिस्सा दम
मटरू – अच्छा जी मेरे साथ होशियारी , आयूओ आप के कहने पर ही तो में हरा था
रों – साले झूठे मैंने शा कब कहा था भी
मटरू – आयूओ आना आप ने मेरे को आँख मारकर इशारा नहीं किया था क्या
रों – आबे वो , वो तो ुषवक़्त मेरे आँख में कचरा गिर गया था इसे लिए आँख अपने आप दाव गयी
मटरू – आयूओ आना कचरा आप के आँख में नहीं आप के नियत में हे जी
रों – देख एमेम के बचे मेरा दिमाग ज्यादा मत कहा नहीं तो फोड़ दूँगा समझा अब चुप चाप यहाँ से निकल ले
मटरू – अच्छा ठीक है आना में अभी जाता हूँ और सबको बताता हूँ की में ये मॅच जान बुझ के हरा आप के कहने पर और ये भी बता दूँगा की आप न जाने कितनी बार इसे ही धोके से सबके पेशे ऐंठ लेते हो बेटिंग में
रों – आब्बी रुक्क रुक्क कहाँ जा रहा है तू तो बुरा मान गया यार में तो मज़ाक कार रहा था तेरे साथ यार तू भी ना मेरे मज़ाक को समझ नहीं पता
मटरू – अच्छा शा क्या तो फिर ठीक है अब चलो निकालो मेरे पेशे
रों – आब्बी लेलेना भी में कहीं भगा थोड़े ही जा रहा हूँ , आज रात के जश्न के बाद लेलेना
मटरू – अच्छा ठीक है
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इधर अग्नि अपनी फौज डार्क फोर्स के साथ विचस माउंटन के इलाके में घुस चुका था और शाम भी हो चुकी थी इसलिए अग्नि ने यहीं पर अपनी फौज के साथ रात गुजरने का फैसला किया और एक अच्छी जगह देख के वो सब अपना पढ़ाव डाल लेते हैं
और इधर ये सब देख एक चुड़ैल जल्दी से अपनी जादुई चड्डी पे सवार होकर तेजिसे जुंगेल के अंदर घुस रही थी कुछ देर में वो चुड़ैल एक पहाड़ी के पास पहुँच जाती है और फिर उसी पहाड़ी के अंदर मौजूद एक घुफ़ा में घुशने लगती है लेकिन तभी दरवाजे पे खड़ी एक और चुड़ैल उसे रोक देती है
खबरी चुड़ैल – मुझे अभी ईश्वक़्त महा मैं से मिलना है मेरे पास एक बहुत कुछ खबर है
पहरेदार चुड़ैल – ठीक है तुम यहीं रूकको में अभी पूछके आती हूँ , फिर वो पहरेदार चुड़ैल अंदर चली जाती है और कुछ देर बाद आती है और उस खबरी चुड़ैल को अंदर जाने को कहती है और वो खबरी चुड़ैल अंदर चली जाती है
ये गुफा महा मैं की थी यानि की विचस माउंटन की रानी और सारी चुड़ालों की भी रानी की वो खबरी चुड़ैल अंदर दाखिल होजती है गुफा के अंदर चारों तरफ अंधेरा ही आधेरा फैला हुआ था और खबरी चुड़ैल उस अंधेरे में खड़ी चारों तरफ देख रही थी शायद वो महा मैं को ढूंढ.
रही थी की तभी एक कड़कदार आवाज़ उसके कानों में पड़ती है और ये आवाज़ महा मैं की थी
(UPDATE-21)
महा मैं – क्या ख़ास्स्स खबर लाई हो खबरी चुड़ैल
खबरी चुड़ैल – महा मैं मेरे सलाम को कबूल करिए , महा मैं में ये खबर लाई हूँ की हमारे इलाके में डार्क फोर्स अचूकी है और उन्होंने हमारे बाहरी इलाके में डेरा भी डाल लिया है मुझे शक है कहीं वो हम पर हमला ना करदे
महा मैं – नहीं खबरी चुड़ैल हमने शा नहीं लगता की डार्क फोर्स हम पर हमला करने आए हैं हमें लगता है वो इसे इलाके से होकर गुजर रहे होंगे इसे लिए रात को यहीं पर आराम करने के लिए रुक्क गये होंगे , अच्छा ये बताओ क्या उनके साथ उनका प्रिन्स है
खबरी चुड़ैल – हाँ महा मैं उनके साथ उनका प्रिन्स अग्नि भी है मैंने उसे देखा था ड्रागें के ऊपर सवार होकर वो आया था
महा मैं – अच्छा अब तुम जाओ यहाँ से , फिर वो खबरी चुड़ैल वहाँ से चली जाती है और खबरी चुड़ैल के जाने के बाद महा मैं किसी को आवाज़ देती हैं , अरे बेटी किधर है तू जल्दी से यहाँ आ बेटी तेरे लिए एक अच्छी खबर है तेरा अग्नि आ गया है
फिर उस अंधेरे में किसी की दौड़ने की आवाज़ सुनाई देती है और वो आवाज़ कुछ ही पल में आकर पहुँच जाती है महा मैं के पास और आ ही पूछती है
अंजनी शॅक्स – क्या कहा मैं आप ने मेरा अग्नि आ गया
महा मैं – हाँ बेटी तेरा अग्नि यहाँ अचुका है
अंजनी शॅक्स – मैं,,,,,मैं,,,,,मैं,,,,, में आज बहुत खुश हूँ मैं मेरा अग्नि आ गया मेरे पास वॉवववव में अभी जाती हूँ उस से मिलने के लिए
तभी उस गुफा के अंदर रोशनी फेल जाती है ये रोशनी मशाल से आ रही थी और मशाल ईश्वक़्त एक बुजुर्ग औरत के हाथ में थी और यही थी महा मैं फिर महा मैं चलती हुई आती है और उस अंजानी शॅक्स के चेहरे के ऊपर मशाल की रोशनी डालती है , और जब मशाल की रोशनी उस अंजनी शॅक्स के चेहरे पे पड़ती है तो पता चलता है ये अंजनी शॅक्स कोई और नहीं अग्नि का पहला प्यार यानि की जहान्ंनणणन् थी महा मैं – नहीं मेरी बची अभी सही वक्त नहीं है अग्नि के सामने तुम्हारा जाना इसे से बात बिगड़ सकती है
जहाँ – नहीं मैं शा कुछ भी नहीं होगा जो आप सोच रहे हैं , में जानती हूँ जब मेरा अग्नि मुझे जिंदा देखेगा तो वो खुशी के मारे पागल होज़ायगा और दौड़ के अकके मुझे गले लगा लेगा
महा मैं – मुझे तुम्हारे बातों पर पूरा यकीन है मेरी बची की तुम जैसा कह रही हो वैसा ही होगा लेकिन फिर भी में यही कहूँगी की ये सही वक्त नहीं होगा अग्नि के सामने जाने का , क्या तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है
जहाँ – ये आप क्या कह रहे हैं मैं आज आप ने ये बात केहदिया है लेकिन दुबारा मत कहना , मैं मुझे आप पर अपने आप से भी ज्यादा भरोसा है , आज अगर में यहाँ जिंदा खड़ी हूँ तो उसकी वजह आप हैं मैं
मुझे आज भी वो दिन अच्छे से याद है जब में शिमला कालेज के स्टडी टूर पे गयी हुई थी और मेरे
साथ अग्नि भी था और मैंने उसे लवर’से पॉइंट पे प्रपोज़ किया था और उसने मुझे कहा था की वो सिर्फ़ मेरा दोस्त है मुझसे प्यार नहीं करता अग्नि के जवाब ने मुझे अंदर से पूरी तरह से तोड़ के रख दिया था
फिर में वहाँ से लौट आई थी लेकिन में उस वक्त पूरी तरह से टूट चुकी थी और मेरे अंदर जीने की इच्छा ही खत्म हो चुकी थी और इशिके चलते मैंने अपने जिंदगी को खत्म करने का फैसला किया और यही सब एक खत में लिख लिया और सुबह एक दोस्त के हाथों अग्नि के पास भिजवा दिया और में वहाँ से लवर’से पॉइंट के तरफ चल पड़ी
लेकिन मेरे पीछे पीछे अग्नि भी वहाँ आ पहुँचा था उसने मुझे खूड़खुशी करने से रोक लिया और उसने मुझे बताया की उसे ये एहसास होचुका है की वो मुझसे कितना प्यार करता है और वो मुझे कभी भी खोना नहीं चाहता और फिर उसने मुझे अपने प्यार का यकीन दिलाया
फिर तो में खुशी के मारे पागल हो गयी थी और भागके अग्नि के तरफ जाने लगी लेकिन जैसे ही में आगे बढ़ी मेरे पैर बर्फ में फिसल गये और में उस पहाड़ी के छोटी से नीचे खाई में गिरर गयी मुझे नीचे गिरते वक्त अगर कुछ सुनाई दिया था तो वो था अग्नि की दर्दनाक चीख
उस पहाड़ से नीचे गिरके में तो मर ही चुकी थी लेकिन आप ने मुझे बचाया और एक नयी जिंदगी दी मुझे एक यक्षिणी (चुड़ैल) बनकर और आप मुझे अपने साथ यहाँ पे लेअए और आप ने मुझे अपनी बेटी की तरह रखा , आप दुनिया के लिए जरूर महा मैं होंगी लेकिन मेरे लिए आप मेरी मैं मेरी मां हो आप और अपने मुझे कहा था की अग्नि एक दिन मायवी दुनिया में आएगा और डेत वाली का युवराज बनेगा और एक दिन यहाँ पे हमारे इलाके में विचस माउंटन भी आएगा और आ गया है और अगर आप का कहना है की मेरा अग्नि से मिलने का ये सही वक्त नहीं है तो आप ठीक ही कह रहे होंगे
महा मैं – बेटी मैंने तुझे अपने बेटी की तरह रखा नहीं है मैंने तुझे अपनी बेटी मना भी है वो भी दिल से और तू फिक्र ना कर बहुत जल्द तू तेरे अग्नि के सामने होगी जब सही वक्त होगा तब
जहाँ – पर मैं में अग्नि को एक बार देखना चाहती हूँ दूर से ही सही लेकिन देखना चाहती हूँ 3साल से भी ज्यादा होचुके हैं उसे देखे मैं प्लज़्ज़्ज़ मैं
महा मैं – ठीक है बेटी लेकिन ज़रा संभाल के उसे पता ना लगे
जहाँ – ठीक है मैं
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विचस माउंटन के बाहरी इलाके में अग्नि की फौज ने डेरा डाल रखा था और ईश्वक़्त सब घोड़े बेच के सो रहे थे सारे दानव ज़मीन पर पड़े खरते मर्रते हुए सोए हुए थे कुछ वेमपाइर’से पहरेदारी कार रहे थे तो कुछ पेड़ों के ऊपर डाली में बैठ के आराम कार रहे थे और वहीं सारे ड्रागें’से भी ज़मीन पर सो रहे थे
अग्नि ईश्वक़्त एक जगह पे खड़ा अपनी फौज के ऊपर निगरानी कार रहा था वो चारों तरफ देख रहा था और फिर एक स्क्स अग्नि के पास आता है ये स्क्स जबार था , जबार एक जवान वेमपाइर था अग्नि
के ही उमर का और अग्नि ने उसे अपनी फौज का सेनापति भी बना दिया था , जबार आकर अग्नि के पास पहुँच जाता है और अग्नि से कहता है
जबार – मलीक आप कुछ देर आराम क्यों नहीं करलेटे में और मेरे साथी यहाँ पे पहरेदारी कार रहे हैं आप फिक्र मात करिए और जाकर कुछ देर आराम करलीजिए
अग्नि – ठीक है जबार लेकिन होशियार रहना क्यूंकीी ये इलाका विचस का है और तुम तो जानते ही हो की ये विचस हमारे ना ही दोस्त हैं और ना ही हमारे साथ हैं समझ गये ना
जबार – हाँ मलीक में जनता हूँ आप फिक्र मात करिए में संभाल लूँगा आप जाकर आराम कीजिए
फिर अग्नि वहाँ पे जबार को चुद के चला जाता है एक बरगत के पेड़ के तरफ जिसके नीचे अग्नि की ड्रागें सिल्वा सोई हुई थी अग्नि आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए जाता है और जाकर सिल्वा के पास ही नीचे ज़मीन के धंस में लेट जाता है और अपने दोनों हाथों को अपने सर के नीचे रख देता है
जब अग्नि नीचे लेट था है तो उस आहट से सिल्वा जगह जाती है और जब वो अपनी आँख खोलती है तो अग्नि को अपने पास पति है
अग्नि – क्या बात है सिल्वा तुम अभी तक सोई नहीं , इसके जवाब में सिल्वा ना में अपने गर्दन को हिला देती है फिर अग्नि एक हाथ सिल्वा के सर पे रख देता है और उसे सहलाने लगता है और फिर अग्नि आश्मन के तरफ देखने लगता है और बहुत देर तक आश्मन को देखता ही रहता है और सिल्वा भी अग्नि को यूँ आश्मन के तरफ देखता हुआ देख वो भी आश्मन के तरफ देखने लगती है , सिल्वा कभी अग्नि को तो कभी आश्मन को देखने लगती है
आश्मन में आज पूरा चाँद दिखाई दहाड़ा था (फुल मुंह) बहुत देर तक अग्नि और सिल्वा दोनों आश्मन के तरफ देखते रहते हैं और आश्मन में मौजूद चाँद और सितारों की खूबसूरती को भी फिर अग्नि के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और जब वो सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा उसे ही देखे जा रहा था शायद वो बजुबान जानवर ये पूछना चाहता था की वो क्यों मुस्करा रहा था
अग्नि – पता है सिल्वा जब में एक आम इंसान था तो अक्सर रात को अपने घर के चाट पे जा करता था और घंटों तक आश्मन के तरफ देखा करता था चाँद और सितारों की खूबसूरती को घंटों तक निहारा करता था फिर अग्नि के आँखें नाम होजती हैं और ये देख सिल्वा हैरानी से अग्नि क्यों ही देखने लगता है फिर
अग्नि – पता है सिल्वा इंसानी दुनिया में एक लड़की थी जिसे में बहुत पसंद करता था और उसके साथ में घंटों तक अपने चाट पे बैठ के इसी तरह आश्मन के तरफ देखा करता था और उस से बातें किया करता था फिर अग्नि चुप हो जाता है और कुछ देर बाद
अग्नि – मुझे उन्न सब दीनों की बहुत याद आती रहती है सिल्वा काश में फिरसे अपनी पुरानी जिंदगी में लौट सकता काश में फिर से अपने आंटी , अंकल , भाइयों के पास और अपने दोस्त देव और जागु के पास और मेरे प्यार के पास लौट सकता ,,,,, काश में फिरसे एक आम इंसान बन
सकता काश
ये सब कहते कहते अग्नि के आँखों से आस्यू यनेकिी खून बहजाते हैं और ये सब देख सुनकर सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बहजाते हैं , सिल्वा एक ड्रागें जरूर थी लेकिन उसके पास भी दिल था इसलिए वो अग्नि के दिल को समझ सकती थी और अग्नि भी सिल्वा के दिल की बात को जान जाता था , अग्नि सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बह रहे हैं फिर अग्नि जिस हाथ से सिल्वा के सर को सहला रहा था उस हाथ से सिल्वा के आस्यू पोछदेता है और कहता है
अग्नि – सो जाओ सिल्वा कल हमें एक जंग लाढ़नी है , ये बोलकर अग्नि अपनी आँख बंद करदेता है और सिल्वा कुछ देर तक अग्नि को देखती रहती है और फिर सिल्वा अग्नि के शरीर को अपने एक पंख से ढक देती है चादर की तरह और वो खुद भी सोजाती है
ये सब जहाँ उसी बरगत के पेड़ के ऊपर बैठ के देख रही थी और ये सब देख उसके भी आँखों से आस्यू बह जाते हैं
जहाँ – हाँ अग्नि मुझे वो सारे दिन याद हैं जो हम दोनों ने इकट्ठे गुजरे हैं , काश आज हम दोनों इकट्ठे होते काश हम दोनों कभी अलग हुए ही ना होते
रात का वक्त था और इसे वक्त स्पिरिचुयल शिप के ऊपर जश्न का माहौल था सभी मस्ती के माहौल में झूम रहे थे नाच रहे थे शराब तो पानी के तरह बह रहा था हर कोई लकड़ियों के साथ नाच रहा था रों भी ईश्वक़्त शराब के नशे में धुत सबके तरफ देख रहा था वो भी खुश था की तभी मटरू उसके पास आता है
मटरू – आयूओ रों आना मेरे पेशे कब देंगे आप
रों – आबे जब तू नाचेगा उसके बाद डेडुँगा
मटरू – आयूओ आना में नहीं नाचने वाला अगर नाचना ही है तो एक दो लड़कियाँ मुझे भी दे दो तकिी नाच नाच के ये दुनिया हिला दम
(UPDATE-22)
महा मैं – क्या ख़ास्स्स खबर लाई हो खबरी चुड़ैल
खबरी चुड़ैल – महा मैं मेरे सलाम को कबूल करिए , महा मैं में ये खबर लाई हूँ की हमारे इलाके में डार्क फोर्स अचूकी है और उन्होंने हमारे बाहरी इलाके में डेरा भी डाल लिया है मुझे शक है कहीं वो हम पर हमला ना करदे
महा मैं – नहीं खबरी चुड़ैल हमने शा नहीं लगता की डार्क फोर्स हम पर हमला करने आए हैं हमें लगता है वो इसे इलाके से होकर गुजर रहे होंगे इसे लिए रात को यहीं पर आराम करने के लिए रुक्क गये होंगे , अच्छा ये बताओ क्या उनके साथ उनका प्रिन्स है
खबरी चुड़ैल – हाँ महा मैं उनके साथ उनका प्रिन्स अग्नि भी है मैंने उसे देखा था ड्रागें के ऊपर सवार होकर वो आया था
महा मैं – अच्छा अब तुम जाओ यहाँ से , फिर वो खबरी चुड़ैल वहाँ से चली जाती है और खबरी चुड़ैल के जाने के बाद महा मैं किसी को आवाज़ देती हैं , अरे बेटी किधर है तू जल्दी से यहाँ आ बेटी तेरे लिए एक अच्छी खबर है तेरा अग्नि आ गया है
फिर उस अंधेरे में किसी की दौड़ने की आवाज़ सुनाई देती है और वो आवाज़ कुछ ही पल में आकर पहुँच जाती है महा मैं के पास और आ ही पूछती है
अंजनी शॅक्स –
क्या कहा मैं आप ने मेरा अग्नि आ गया
महा मैं – हाँ बेटी तेरा अग्नि यहाँ अचुका है
अंजनी शॅक्स – मैं,,,,,मैं,,,,,मैं,,,,, में आज बहुत खुश हूँ मैं मेरा अग्नि आ गया मेरे पास वॉवववव में अभी जाती हूँ उस से मिलने के लिए
तभी उस गुफा के अंदर रोशनी फेल जाती है ये रोशनी मशाल से आ रही थी और मशाल ईश्वक़्त एक बुजुर्ग औरत के हाथ में थी और यही थी महा मैं फिर महा मैं चलती हुई आती है और उस अंजानी शॅक्स के चेहरे के ऊपर मशाल की रोशनी डालती है , और जब मशाल की रोशनी उस अंजनी शॅक्स के चेहरे पे पड़ती है तो पता चलता है ये अंजनी शॅक्स कोई और नहीं अग्नि का पहला प्यार यानि की जहान्ंनणणन् थी महा मैं – नहीं मेरी बची अभी सही वक्त नहीं है अग्नि के सामने तुम्हारा जाना इसे से बात बिगड़ सकती है
जहाँ – नहीं मैं शा कुछ भी नहीं होगा जो आप सोच रहे हैं , में जानती हूँ जब मेरा अग्नि मुझे जिंदा देखेगा तो वो खुशी के मारे पागल होज़ायगा और दौड़ के अकके मुझे गले लगा लेगा
महा मैं – मुझे तुम्हारे बातों पर पूरा यकीन है मेरी बची की तुम जैसा कह रही हो वैसा ही होगा लेकिन फिर भी में यही कहूँगी की ये सही वक्त नहीं होगा अग्नि के सामने जाने का , क्या तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है
जहाँ – ये आप क्या कह रहे हैं मैं आज आप ने ये बात केहदिया है लेकिन दुबारा मत कहना , मैं मुझे आप पर अपने आप से भी ज्यादा भरोसा है , आज अगर में यहाँ जिंदा खड़ी हूँ तो उसकी वजह आप हैं मैं
मुझे आज भी वो दिन अच्छे से याद है जब में शिमला कालेज के स्टडी टूर पे गयी हुई थी और मेरे साथ अग्नि भी था और मैंने उसे लवर’से पॉइंट पे प्रपोज़ किया था और उसने मुझे कहा था की वो सिर्फ़ मेरा दोस्त है मुझसे प्यार नहीं करता अग्नि के जवाब ने मुझे अंदर से पूरी तरह से तोड़ के रख दिया था
फिर में वहाँ से लौट आई थी लेकिन में उस वक्त पूरी तरह से टूट चुकी थी और मेरे अंदर जीने की इच्छा ही खत्म हो चुकी थी और इशिके चलते मैंने अपने जिंदगी को खत्म करने का फैसला किया और यही सब एक खत में लिख लिया और सुबह एक दोस्त के हाथों अग्नि के पास भिजवा दिया और में वहाँ से लवर’से पॉइंट के तरफ चल पड़ी
लेकिन मेरे पीछे पीछे अग्नि भी वहाँ आ पहुँचा था उसने मुझे खूड़खुशी करने से रोक लिया और उसने मुझे बताया की उसे ये एहसास होचुका है की वो मुझसे कितना प्यार करता है और वो मुझे कभी भी खोना नहीं चाहता और फिर उसने मुझे अपने प्यार का यकीन दिलाया
फिर तो में खुशी के मारे पागल हो गयी थी और भागके अग्नि के तरफ जाने लगी लेकिन जैसे ही में आगे बढ़ी मेरे पैर बर्फ में फिसल गये और में उस पहाड़ी के छोटी से नीचे खाई में गिरर गयी मुझे नीचे गिरते वक्त अगर कुछ सुनाई दिया था तो वो था अग्नि की दर्दनाक चीख
उस पहाड़ से नीचे गिरके में तो मर ही चुकी थी लेकिन आप ने मुझे बचाया और एक नयी जिंदगी
दी मुझे एक यक्षिणी (चुड़ैल) बनकर और आप मुझे अपने साथ यहाँ पे लेअए और आप ने मुझे अपनी बेटी की तरह रखा , आप दुनिया के लिए जरूर महा मैं होंगी लेकिन मेरे लिए आप मेरी मैं मेरी मां हो आप और अपने मुझे कहा था की अग्नि एक दिन मायवी दुनिया में आएगा और डेत वाली का युवराज बनेगा और एक दिन यहाँ पे हमारे इलाके में विचस माउंटन भी आएगा और आ गया है और अगर आप का कहना है की मेरा अग्नि से मिलने का ये सही वक्त नहीं है तो आप ठीक ही कह रहे होंगे
महा मैं – बेटी मैंने तुझे अपने बेटी की तरह रखा नहीं है मैंने तुझे अपनी बेटी मना भी है वो भी दिल से और तू फिक्र ना कर बहुत जल्द तू तेरे अग्नि के सामने होगी जब सही वक्त होगा तब
जहाँ – पर मैं में अग्नि को एक बार देखना चाहती हूँ दूर से ही सही लेकिन देखना चाहती हूँ 3साल से भी ज्यादा होचुके हैं उसे देखे मैं प्लज़्ज़्ज़ मैं
महा मैं – ठीक है बेटी लेकिन ज़रा संभाल के उसे पता ना लगे
जहाँ – ठीक है मैं
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विचस माउंटन के बाहरी इलाके में अग्नि की फौज ने डेरा डाल रखा था और ईश्वक़्त सब घोड़े बेच के सो रहे थे सारे दानव ज़मीन पर पड़े खरते मर्रते हुए सोए हुए थे कुछ वेमपाइर’से पहरेदारी कार रहे थे तो कुछ पेड़ों के ऊपर डाली में बैठ के आराम कार रहे थे और वहीं सारे ड्रागें’से भी ज़मीन पर सो रहे थे
अग्नि ईश्वक़्त एक जगह पे खड़ा अपनी फौज के ऊपर निगरानी कार रहा था वो चारों तरफ देख रहा था और फिर एक स्क्स अग्नि के पास आता है ये स्क्स जबार था , जबार एक जवान वेमपाइर था अग्नि के ही उमर का और अग्नि ने उसे अपनी फौज का सेनापति भी बना दिया था , जबार आकर अग्नि के पास पहुँच जाता है और अग्नि से कहता है
जबार – मलीक आप कुछ देर आराम क्यों नहीं करलेटे में और मेरे साथी यहाँ पे पहरेदारी कार रहे हैं आप फिक्र मात करिए और जाकर कुछ देर आराम करलीजिए
अग्नि – ठीक है जबार लेकिन होशियार रहना क्यूंकीी ये इलाका विचस का है और तुम तो जानते ही हो की ये विचस हमारे ना ही दोस्त हैं और ना ही हमारे साथ हैं समझ गये ना
जबार – हाँ मलीक में जनता हूँ आप फिक्र मात करिए में संभाल लूँगा आप जाकर आराम कीजिए
फिर अग्नि वहाँ पे जबार को चुद के चला जाता है एक बरगत के पेड़ के तरफ जिसके नीचे अग्नि की ड्रागें सिल्वा सोई हुई थी अग्नि आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए जाता है और जाकर सिल्वा के पास ही नीचे ज़मीन के धंस में लेट जाता है और अपने दोनों हाथों को अपने सर के नीचे रख देता है
जब अग्नि नीचे लेट था है तो उस आहट से सिल्वा जगह जाती है और जब वो अपनी आँख खोलती है तो अग्नि को अपने पास पति है
अग्नि – क्या बात है सिल्वा तुम अभी तक सोई नहीं , इसके जवाब में सिल्वा ना में अपने गर्दन को हिला देती है फिर अग्नि एक हाथ सिल्वा के सर पे रख देता है और उसे सहलाने लगता है और फिर अग्नि
आश्मन के तरफ देखने लगता है और बहुत देर तक आश्मन को देखता ही रहता है और सिल्वा भी अग्नि को यूँ आश्मन के तरफ देखता हुआ देख वो भी आश्मन के तरफ देखने लगती है , सिल्वा कभी अग्नि को तो कभी आश्मन को देखने लगती है
आश्मन में आज पूरा चाँद दिखाई दहाड़ा था (फुल मुंह) बहुत देर तक अग्नि और सिल्वा दोनों आश्मन के तरफ देखते रहते हैं और आश्मन में मौजूद चाँद और सितारों की खूबसूरती को भी फिर अग्नि के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और जब वो सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा उसे ही देखे जा रहा था शायद वो बजुबान जानवर ये पूछना चाहता था की वो क्यों मुस्करा रहा था
अग्नि – पता है सिल्वा जब में एक आम इंसान था तो अक्सर रात को अपने घर के चाट पे जा करता था और घंटों तक आश्मन के तरफ देखा करता था चाँद और सितारों की खूबसूरती को घंटों तक निहारा करता था फिर अग्नि के आँखें नाम होजती हैं और ये देख सिल्वा हैरानी से अग्नि क्यों ही देखने लगता है फिर
अग्नि – पता है सिल्वा इंसानी दुनिया में एक लड़की थी जिसे में बहुत पसंद करता था और उसके साथ में घंटों तक अपने चाट पे बैठ के इसी तरह आश्मन के तरफ देखा करता था और उस से बातें किया करता था फिर अग्नि चुप हो जाता है और कुछ देर बाद
अग्नि – मुझे उन्न सब दीनों की बहुत याद आती रहती है सिल्वा काश में फिरसे अपनी पुरानी जिंदगी में लौट सकता काश में फिर से अपने आंटी , अंकल , भाइयों के पास और अपने दोस्त देव और जागु के पास और मेरे प्यार के पास लौट सकता ,,,,, काश में फिरसे एक आम इंसान बन सकता काश
ये सब कहते कहते अग्नि के आँखों से आस्यू यनेकिी खून बहजाते हैं और ये सब देख सुनकर सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बहजाते हैं , सिल्वा एक ड्रागें जरूर थी लेकिन उसके पास भी दिल था इसलिए वो अग्नि के दिल को समझ सकती थी और अग्नि भी सिल्वा के दिल की बात को जान जाता था , अग्नि सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बह रहे हैं फिर अग्नि जिस हाथ से सिल्वा के सर को सहला रहा था उस हाथ से सिल्वा के आस्यू पोछदेता है और कहता है
अग्नि – सो जाओ सिल्वा कल हमें एक जंग लाढ़नी है , ये बोलकर अग्नि अपनी आँख बंद करदेता है और सिल्वा कुछ देर तक अग्नि को देखती रहती है और फिर सिल्वा अग्नि के शरीर को अपने एक पंख से ढक देती है चादर की तरह और वो खुद भी सोजाती है
ये सब जहाँ उसी बरगत के पेड़ के ऊपर बैठ के देख रही थी और ये सब देख उसके भी आँखों से आस्यू बह जाते हैं
जहाँ – हाँ अग्नि मुझे वो सारे दिन याद हैं जो हम दोनों ने इकट्ठे गुजरे हैं , काश आज हम दोनों इकट्ठे होते काश हम दोनों कभी अलग हुए ही ना होते
रात का वक्त था और इसे वक्त स्पिरिचुयल शिप के ऊपर जश्न का माहौल था सभी मस्ती के माहौल में झूम रहे थे नाच रहे थे शराब तो पानी के तरह बह रहा था हर कोई
लकड़ियों के साथ नाच रहा था रों भी ईश्वक़्त शराब के नशे में धुत सबके तरफ देख रहा था वो भी खुश था की तभी मटरू उसके पास आता है
मटरू – आयूओ रों आना मेरे पेशे कब देंगे आप
रों – आबे जब तू नाचेगा उसके बाद डेडुँगा
मटरू – आयूओ आना में नहीं नाचने वाला अगर नाचना ही है तो एक दो लड़कियाँ मुझे भी दे दो तकिी नाच नाच के ये दुनिया हिला दम
UPDATE-23)
फिर छोटू उसी गाने को लगा देता और इधर रुद्रा सुनहेरी के एक हाथ को अपने एक हाथ में पकड़ता है और रुद्रा अपने दूसरे हाथ को सुनहेरी के कमर पे रख देता है और सुनहेरी एक हाथ रुद्रा के हाथ में और दूसरा हाथ रुद्रा के कंधे पर रख देती है और फिर गाना चालू हो जाता है
मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई चुप गया चाँद क्यों क्या तेरी जुल्फ लहराई ,,, मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई फिर तेरे याद ने दिल मेरे लिए प्यार अंगदली
इसे गाने के चलते ही रुद्रा और सुनहेरी के पर और हाथ अपने आप ही चलने लगते हैं दोनों हल्के हल्के डांस करने लगते हैं और कुछ ही पल में एक दूसरे के आँखों में खो से जाते हैं दोनों ये भी भूल जाते हैं की उनके अलावा इसे जहाज़ पे और भी लोग हैं जो उन्हें इसे वक्त देख रहे हैं दोनों एक दूसरे के साथ बहुत देर तक डांस करते रहते हैं और उनका ध्यान एक दूसरे से तब टूट था है जब जहाज़ पे मौजूद सभी के तालियों के आवाज़ उनके कानों में पड़ती है
जब दोनों को होश आता है तो पता चलता है की गाना तो कबका खत्म होचुका था और ये दोनों इसे ही एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले नाच रहे थे और फिर दोनों शर्मा जाते हैं
रों – मेरे दोस्तों एक बार फिरसे तालियाँ होज़ाएँ अपने जहाज़ के बेस्ट जोड़ी के लिए और फिर एक बार फिर से तालियाँ बजने लगती हैं , फिर सब खाना खाने के लिए चल देते हैं और मटरू चल देता है रों के पास पेशा माँगने के लिए
मटरू – रों आना अब मेरे पेशे निकालो यार मेरे हाथों में बड़ी जोरों से खुजली हो रही है
रों – अच्छा शा क्या तो ये ले और अपनी खुजली मिटा ले , बोलकर रों मटरू के तरफ एक 50,000 का बुंदेल बढ़ा देता है
50,000 का बुंदेल पकड़ के मटरू बहुत खुश हो जाता है और कुदडने लगता है और फिर उन्न पेशों को जिन ने लगता है की तभी रों फिर से उन्न पेशों को मटरू से छीन लेता है
मटरू – क्या हुआ रों आना आप ने मेरे पेशे क्यों ले लिए
रों – आब्बी वो क्या है ना मुझे कुछ याद आ गया है
मटरू – क्या याद आ गया है आप को और मुझे पेशे लौटा दो
रों – आब्बी मुझे ये याद आ गया की तूने कुछ महीनों पहले मुझसे करीबन 1लाख लिए थे और तूने अभी तक वो पेशे दिए नहीं
मटरू – आयूओ आप को वो याद है
रों – आब्बी एमेम के बचे तुझे क्या लगा था की में इतनी बड़ी बात भूल जाऊंगा रों कभी भी पेशे का मॅटर नहीं भूलता अगर वो
किसीसे पेशे लेनेका हो तो कभी भी नहीं समझा क्या , ये तो हो गये 50,000 वसूल और बाकी कब दहाड़ा है
मटरू – डेडुँगा ना अगले मॅच के बाद जब में फिर से हारँगा
रों – अच्छा ठीक है तब तो बहुत जल्द एक और मॅच रखना पड़ेगा , ये बोलते हुए रों वहाँ से निकल जाता है
मटरू – धेत तेरी की वो बात अभी याद आने थी रों आना को धेत तेरी की साला हाथ को आया मुंह ना लगा
रों चलता हुआ रुद्रा के पास आता है और रुद्रा को छेड़ते हुए कहता है
रों – क्या बात है मेरे शेयर तू तो कह रहा था तुझे सुनहेरी में कोई इंटेरेस्ट नहीं है और तुझे ये बॉल डांस करना भी नहीं आता फिर ये सब क्या था
रुद्रा – वो वो वो उूओ इसे ही रुद्रा हकलाने लगता है और रुद्रा की ये हालत देख रों उसे और चिढ़ने लगता है इसे ही सब अपना अपना खाना खत्म करते हैं और फिर सुनहेरी रों और रुद्रा के पास आती है
सुनहेरी – गुड नाइट गाइस में जा रही हूँ सोने के लिए
रों – ओके अरे रूकको रूकको रुद्रा भी तो अपने कमरे की तरफ ही जा रहा है तो दोनों साथ ही चले जाओ
सुनहेरी – (शरमाते हुए) ठीक है , फिर रुद्रा और सुनहेरी चल देते हैं अपने अपने कमरे की और , कुछ ही देर में दोनों अपने अपने कमरे के पास पहुँच जाते हैं और आ वक्त दोनों ने एक दूसरे से एक लाव्ज भी बात नहीं किया था और जैसे ही सुनहेरी अपने कमरे में घुसने को होती है
रुद्रा – सुनहेरी आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो
सुनहेरी – (पीछे पलट टीी है) एक हल्की मुश्कं के साथ थेन्क्स रुद्रा और रुद्रा तुम भी आज गजब के हॅंडसम लग रहे हो
रुद्रा – थेन्क्स सुनहेरी और सुनहेरी मुझे तुम्हारे साथ डांस करके बहुत अच्छा लगा
सुनहेरी – मुझे भी रुद्रा तुम्हारे साथ डांस करके अच्छा लगा
रुद्रा – ओके सुनहेरी गुड नाइट
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Jun 29, 2020
#142
(UODATE-24)
फिर दोनों अपने अपने कमरे में आजाते हैं और अब दोनों के चेहरे पे एक अंजानी से मुश्कं थी
ईश्वक़्त गंधर्व नगरी में एक जरूरी कलियाँ बेतक(मिट्टिंग) चल रही थी , इसमें गंधर्व नगरी के किंग लॉर्ड देवधर , गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ , रानी पड़ी पद्मिनी , गुरु ब्राम्हनंद शामिल थे इन सबकी परेशानी एक थी जिसकी वजह से ये मिट्टिंग बुलाई गयी थी और वो परेशानी था अग्नि
गुरुजीी – महारानी पड़ी हमने आप को पहले ही बताया था की अग्नि आप की बात नहीं मानेगा और देख लिया ना आप ने उसने सम्राट के रास्ते पर चलना तय कर लिया है
लॉर्ड देवधर – हाँ महारानी पड़ी गुरुजीी का कहना सही है अग्नि को रोकना होगा नहीं तो मायवी दुनिया की तबाही तय है
रानी पड़ी पद्मिनी – हम जानते हैं की आप सबको मायवी दुनिया की कितनी फिक्र है लेकिन हम क्या करते हमें कल भी यकीन था और आज भी यकीन है कहीं ना कहीं अग्नि के दिल में आज भी अचाई बस्ती है और वक्त आने पे वो
सुधार सकता है , लेकिन हम ये भी झुटला नहीं सकते की अग्नि अपनी फौज के साथ जंग के मुहिम पे निकल चुका है इसलिए हम सबको मिलकर उसे किशिभि किम्मत पे रोकना पड़ेगा
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – लेकिन अग्नि ईश्वक़्त जा कहाँ रहा है किस स्टेट पर हमला करने के लिए
लॉर्ड देवधर – महाराज अग्नि ईश्वक़्त अपनी फौज के साथ स्टेट’से ऑफ हॉबैट’से के ऊपर हमला करने जा रहा है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – क्य्ाआअ पर हॉबिट्स के राज्य पे ही क्यों और अग्नि का मक्षद क्या है ?
रानी पड़ी पद्मिनी – हम अग्नि को जितना जानते हैं उसके हिसाब से अग्नि फिर से सम्राट को जिंदा करना चाहता है तकिी बदले में सम्राट उसे फिर से इंसान की जिंदगी लौटा दे
बिस्वजीत सिंग रातोरे – क्य्ाआअ क्या शा हो सकता है सम्राट को फिर से जिंदा कराया जा सकता है
गुरुजीी – हाँ शा हो सकता है सम्राट को वापिस जिंदा किया जा सकता है और इसके लिए सम्राट का मृत शरीर भी उनके पास है अगर जरूरत है तो एक चीज़ की उस दिव्या खंजा की जिस से सम्राट को मारा गया था
रानी पड़ी पद्मिनी – सिर्फ़ खंजर की नहीं उन्हें एक और चीज़ भी चाहिए
गुरुजीी – एक और चीज़ ?
रानी पड़ी पद्मिनी – हाँ वो दूसरी चीज़ है सम्राट का दिल , उन्हें सम्राट का दिल चाहिए होगा जो ईश्वक़्त अग्नि के सीने में धड़क रहा है और सम्राट को जिंदा करने के लिए अग्नि को अपनी कुर्बानी देनी होगी और शायद ये बात अग्नि नहीं जनता है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – तो महारानी ये बात हम अग्नि को बता सकते हैं जब उसे पता चलेगा तो वो अपने आप अपना अभियान रोक देगा
गुरुजीी – लेकिन वो हमारी बात क्यों मानेगा हम उसके दुश्मन हैं
लॉर्ड देवधर – हाँ गुरुजीी आप ने ये बात सही कहा की वो हमारी बात नहीं मानेगा लेकिन अगर हम उसके साथ एक सौदा करे तो
गुरुजीी – कैसा सौदा ?
लॉर्ड देवधर – यही की हम उसे वापस इंसान बना देंगे बदले में उसे अपनी सारी सकतियाँ हमें सोपणी होगी और ये मायवी दुनिया छोड़कर जाना होगा
रानी पड़ी पद्मिनी – शा नहीं हो सकता है क्योंकि अग्नि कोई मामूली वेमपाइर नहीं है वो ईश्वक़्त सभी वेमपाइर’से का गोद है , बकीके वेमपाइर’से के दिल धड़कते नहीं हैं लेकिन अग्नि का दिल धड़कता है और यही बात उसे उन्न सबसे अलग करता है , हम बाकी के वेमपाइर’से के मर चुके दिल में जान डालकर उन्हें फिरसे इंसान बना सकते हैं लेकिन अग्नि का दिल तो जिंदा है और किसी के लिए धड़कता भी है , इसलिए अग्नि अब कभी भी वापस इंसान नहीं बन सकता है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – लेकिन हमें कुछ ना कुछ तो करना ही होगा अग्नि को रोकने के लिए
गुरुजीी – हमें पिछली वार की तरह फिरसे सभी स्टेट’से को मिलकर अग्नि के फौज का मुकाबला करना होगा
लॉर्ड देवधर – पिछली बार की बात और थी गुरुजीी तब सम्राट के फौज में ड्रागेंस नहीं थे
लेकिन इसे बार अग्नि के फौज में ड्रागेंस हैं और अग्नि की फौज पिछली बार की सम्राट के फौज के मुकाबले कहीं ज्यादा ताकतवर है
गुरुजीी – चाहे कितनी भी ताकतवर हो हमें सबको इकट्ठा करना होगा नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – सबसे पहले हमें हॉबैट’से के लिए फौज भेजनी होगी नहीं तो वो हमारे मदद के बिना एक पल भी खड़े नहीं रही पाएँगे अग्नि के फौज के सामने
रानी पड़ी पद्मिनी – में महाराज के बात से सहमत हूँ हमें फौज की एक ताकतवर टुकड़ी हॉबैट’से के लिए रबाना करना होगा
लॉर्ड देवधर – माफ कीजिएगा महारानी पड़ी लेकिन अब बहुत देर होचुकी है क्योंकि अग्नि की फौज ईश्वक़्त विचस माउंटन में है और बस कुछ ही दूर है स्टेट ऑफ हॉबैट’से से अगर हम अभी फौज भेजे भी तो कल दोपहर से पहले वहाँ फौज नहीं पहुनहेगी और दोपहर तक वहाँ जंग खत्म भी होचुकी होगी
और वैसे भी अग्नि जो चीज़ वहाँ पे ढूंढ़ने जा रहा है वो चीज़ उसे वहाँ नहीं मिलेगी क्योंकि वो चीज़ हमारे पास है इसे लिए हॉबिट्स के बाद अग्नि का निशाना हम होंगे , इसलिए फौज ना भेजने की ये भी एक कारण है
बिस्वजीत सिंग रातोरे – शा क्या है आप के पास जिसकी अग्नि की तलाश है
गुरुजीी – मॅजिकल मिरर , अग्नि इसे मॅजिकल मिरर के मदद से उस दिव्या खंजर को ढूंढ़ना चाहता है और हमें इसे किसी भी कीमत पे अग्नि के हाथ में लगने से रोकना होगा
मायवी दुनिया का सबसे खूबसूरत इलाका था स्टेट ऑफ हॉबिट्स , इसके बाज़ार दूर दूर तक माशुर थे फल , फूल और जबाहरतों से भरे हुए सामानों के लिए शांति में और समरढ़ में इसे बाज़ार के बाद आता था स्टेट ऑफ हॉबिट्स के राजा का महेल , उसका महेल पहाड़ों को अंदर से काट के बनाया गया था इसे लिए महेल के दरवाजे बहुत मजबूत थे , किंग जेम्ज़ सभी हॉबैट’से का राजा था उसे किंग ऑफ हॉबिट्स के नाम से भी बुलाया जाता था वो अब तक के सभी हॉबिट्स के राजाओं में से सबसे ज्यादा ताकतवर था
किंग जेम्ज़ ने हमेशा से दृढ़ता और प्रेम से हॉबिट्स पे राज किया था , किंग जेम्ज़ का एक बेटा था जिसका नाम प्रिन्स रेन था और एक पोटा था जिसका नाम प्रिन्स एक, जेम्ज़ था और ये पोटा शायद उसका वारिस था वो भी अपने दादाजी किंग जेम्ज़ की तरह ताकतवर और दयालु था
किंग जेम्ज़ ने अपना महेल एक पहाड़ के अंदर पहाड़ को काट के बनाया था जो पूरे मायवी दुनिया में प्रषिध था , उस पहाड़ी के नीचे दबीती न जाने कितने खजाने जबाहरत , पन्ना , मोटी , माणिक ,हीरे और सोना तो उस पहाड़ी के अंदर पानी के तरह बह रहा था , सभी हॉबैट’से का हुनर लाजवाब था जो महान सुंदरता से परिपूर्ण बस्तुएँ बनाते थे हीरे से पन्नों से माणिक से पोखराज से और सोने से , हॉबैट’से उस पहाड़ी के नीचे गहराइयों में जाते और पहाड़ खोदके सोना , हीरे , पन्ना , मोटी , पोखराज और न जाने कितने प्रकार के
रत्ना निकलते और उनसे खूबसूरत और लुभाबने जबाहरत बनाते थे
सुबह के 8 बज रहे होंगे स्टेट ऑफ हॉबिट्स के बाज़ार में बहुत भीड़ थी हर कोई अपने अपने जरूरत के समान को खरयड रहा था हर कोई यहाँ खुश थे हर कोई अपने अपने काम में खोए हुए थे दुकानदार अपने समान बेचने में बिज़ी थे तो कोस्टुमेर समान खरीदने में कोई फल खरीद रहा था तो कोई फूल तो कोई खाने का समान खरीद रहा था तो कोई जबहरत या कुछ और , लोग इसे ही अपने अपने रोज मररा के कम्मो में लगे हुए थे आज यहाँ धूप भी अच्छी खिली हुई थी हर कोई खुश था आज , की तभी
एक घोड़े पे बैठा हुआ सिपाही चिल्लाते हुए आगे तरफ रहा था हटो राषते से हटो हटो सामने से हटो यही चिल्लाते हुए वो सिपाही आगे तरफ रहा था कुछ ही देर में वो सिपाही अपने तेज रफ्तार घोड़े के साथ किंग जेम्ज़ के पहाड़ी महेल के सामने पहुँच जाता है और उसे देख महेल का दरवान जो पहरे पे खड़ा था फौरन महेल का दरवाजा खोल देता है और वो सिपाही अंदर चला जाता है भागते हुए और जाकर पहुँच जाता है ठीक राजा के सामने यानि की किंग जेम्ज़ के सामने , किंग जेम्ज़ इसे वक्त अपने सिंघासन पे ही बैठा हुआ था और अपने सलाहकारों से किसी मसले पर बिचार बीमार्श कार रहा था की तभी वो सिपाही उनके सामने आ जाता है
सेनापति – महाराज जेम्ज़ की जाई हो
UODATE-24)
फिर दोनों अपने अपने कमरे में आजाते हैं और अब दोनों के चेहरे पे एक अंजानी से मुश्कं थी
ईश्वक़्त गंधर्व नगरी में एक जरूरी कलियाँ बेतक(मिट्टिंग) चल रही थी , इसमें गंधर्व नगरी के किंग लॉर्ड देवधर , गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ , रानी पड़ी पद्मिनी , गुरु ब्राम्हनंद शामिल थे इन सबकी परेशानी एक थी जिसकी वजह से ये मिट्टिंग बुलाई गयी थी और वो परेशानी था अग्नि
गुरुजीी – महारानी पड़ी हमने आप को पहले ही बताया था की अग्नि आप की बात नहीं मानेगा और देख लिया ना आप ने उसने सम्राट के रास्ते पर चलना तय कर लिया है
लॉर्ड देवधर – हाँ महारानी पड़ी गुरुजीी का कहना सही है अग्नि को रोकना होगा नहीं तो मायवी दुनिया की तबाही तय है
रानी पड़ी पद्मिनी – हम जानते हैं की आप सबको मायवी दुनिया की कितनी फिक्र है लेकिन हम क्या करते हमें कल भी यकीन था और आज भी यकीन है कहीं ना कहीं अग्नि के दिल में आज भी अचाई बस्ती है और वक्त आने पे वो सुधार सकता है , लेकिन हम ये भी झुटला नहीं सकते की अग्नि अपनी फौज के साथ जंग के मुहिम पे निकल चुका है इसलिए हम सबको मिलकर उसे किशिभि किम्मत पे रोकना पड़ेगा
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – लेकिन अग्नि ईश्वक़्त जा कहाँ रहा है किस स्टेट पर हमला करने के लिए
लॉर्ड देवधर – महाराज अग्नि ईश्वक़्त अपनी फौज के साथ स्टेट’से ऑफ हॉबैट’से के ऊपर हमला करने जा रहा है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – क्य्ाआअ पर हॉबिट्स के राज्य पे ही क्यों और अग्नि
का मक्षद क्या है ?
रानी पड़ी पद्मिनी – हम अग्नि को जितना जानते हैं उसके हिसाब से अग्नि फिर से सम्राट को जिंदा करना चाहता है तकिी बदले में सम्राट उसे फिर से इंसान की जिंदगी लौटा दे
बिस्वजीत सिंग रातोरे – क्य्ाआअ क्या शा हो सकता है सम्राट को फिर से जिंदा कराया जा सकता है
गुरुजीी – हाँ शा हो सकता है सम्राट को वापिस जिंदा किया जा सकता है और इसके लिए सम्राट का मृत शरीर भी उनके पास है अगर जरूरत है तो एक चीज़ की उस दिव्या खंजा की जिस से सम्राट को मारा गया था
रानी पड़ी पद्मिनी – सिर्फ़ खंजर की नहीं उन्हें एक और चीज़ भी चाहिए
गुरुजीी – एक और चीज़ ?
रानी पड़ी पद्मिनी – हाँ वो दूसरी चीज़ है सम्राट का दिल , उन्हें सम्राट का दिल चाहिए होगा जो ईश्वक़्त अग्नि के सीने में धड़क रहा है और सम्राट को जिंदा करने के लिए अग्नि को अपनी कुर्बानी देनी होगी और शायद ये बात अग्नि नहीं जनता है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – तो महारानी ये बात हम अग्नि को बता सकते हैं जब उसे पता चलेगा तो वो अपने आप अपना अभियान रोक देगा
गुरुजीी – लेकिन वो हमारी बात क्यों मानेगा हम उसके दुश्मन हैं
लॉर्ड देवधर – हाँ गुरुजीी आप ने ये बात सही कहा की वो हमारी बात नहीं मानेगा लेकिन अगर हम उसके साथ एक सौदा करे तो
गुरुजीी – कैसा सौदा ?
लॉर्ड देवधर – यही की हम उसे वापस इंसान बना देंगे बदले में उसे अपनी सारी सकतियाँ हमें सोपणी होगी और ये मायवी दुनिया छोड़कर जाना होगा
रानी पड़ी पद्मिनी – शा नहीं हो सकता है क्योंकि अग्नि कोई मामूली वेमपाइर नहीं है वो ईश्वक़्त सभी वेमपाइर’से का गोद है , बकीके वेमपाइर’से के दिल धड़कते नहीं हैं लेकिन अग्नि का दिल धड़कता है और यही बात उसे उन्न सबसे अलग करता है , हम बाकी के वेमपाइर’से के मर चुके दिल में जान डालकर उन्हें फिरसे इंसान बना सकते हैं लेकिन अग्नि का दिल तो जिंदा है और किसी के लिए धड़कता भी है , इसलिए अग्नि अब कभी भी वापस इंसान नहीं बन सकता है
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – लेकिन हमें कुछ ना कुछ तो करना ही होगा अग्नि को रोकने के लिए
गुरुजीी – हमें पिछली वार की तरह फिरसे सभी स्टेट’से को मिलकर अग्नि के फौज का मुकाबला करना होगा
लॉर्ड देवधर – पिछली बार की बात और थी गुरुजीी तब सम्राट के फौज में ड्रागेंस नहीं थे लेकिन इसे बार अग्नि के फौज में ड्रागेंस हैं और अग्नि की फौज पिछली बार की सम्राट के फौज के मुकाबले कहीं ज्यादा ताकतवर है
गुरुजीी – चाहे कितनी भी ताकतवर हो हमें सबको इकट्ठा करना होगा नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा
बिस्वजीत सिंग रठोड़ – सबसे पहले हमें हॉबैट’से के लिए फौज भेजनी होगी नहीं तो वो हमारे मदद के बिना एक पल भी खड़े नहीं रही पाएँगे अग्नि के फौज के सामने
रानी पड़ी पद्मिनी – में महाराज के बात से सहमत हूँ हमें फौज की
एक ताकतवर टुकड़ी हॉबैट’से के लिए रबाना करना होगा
लॉर्ड देवधर – माफ कीजिएगा महारानी पड़ी लेकिन अब बहुत देर होचुकी है क्योंकि अग्नि की फौज ईश्वक़्त विचस माउंटन में है और बस कुछ ही दूर है स्टेट ऑफ हॉबैट’से से अगर हम अभी फौज भेजे भी तो कल दोपहर से पहले वहाँ फौज नहीं पहुनहेगी और दोपहर तक वहाँ जंग खत्म भी होचुकी होगी
और वैसे भी अग्नि जो चीज़ वहाँ पे ढूंढ़ने जा रहा है वो चीज़ उसे वहाँ नहीं मिलेगी क्योंकि वो चीज़ हमारे पास है इसे लिए हॉबिट्स के बाद अग्नि का निशाना हम होंगे , इसलिए फौज ना भेजने की ये भी एक कारण है
बिस्वजीत सिंग रातोरे – शा क्या है आप के पास जिसकी अग्नि की तलाश है
गुरुजीी – मॅजिकल मिरर , अग्नि इसे मॅजिकल मिरर के मदद से उस दिव्या खंजर को ढूंढ़ना चाहता है और हमें इसे किसी भी कीमत पे अग्नि के हाथ में लगने से रोकना होगा
मायवी दुनिया का सबसे खूबसूरत इलाका था स्टेट ऑफ हॉबिट्स , इसके बाज़ार दूर दूर तक माशुर थे फल , फूल और जबाहरतों से भरे हुए सामानों के लिए शांति में और समरढ़ में इसे बाज़ार के बाद आता था स्टेट ऑफ हॉबिट्स के राजा का महेल , उसका महेल पहाड़ों को अंदर से काट के बनाया गया था इसे लिए महेल के दरवाजे बहुत मजबूत थे , किंग जेम्ज़ सभी हॉबैट’से का राजा था उसे किंग ऑफ हॉबिट्स के नाम से भी बुलाया जाता था वो अब तक के सभी हॉबिट्स के राजाओं में से सबसे ज्यादा ताकतवर था
किंग जेम्ज़ ने हमेशा से दृढ़ता और प्रेम से हॉबिट्स पे राज किया था , किंग जेम्ज़ का एक बेटा था जिसका नाम प्रिन्स रेन था और एक पोटा था जिसका नाम प्रिन्स एक, जेम्ज़ था और ये पोटा शायद उसका वारिस था वो भी अपने दादाजी किंग जेम्ज़ की तरह ताकतवर और दयालु था
किंग जेम्ज़ ने अपना महेल एक पहाड़ के अंदर पहाड़ को काट के बनाया था जो पूरे मायवी दुनिया में प्रषिध था , उस पहाड़ी के नीचे दबीती न जाने कितने खजाने जबाहरत , पन्ना , मोटी , माणिक ,हीरे और सोना तो उस पहाड़ी के अंदर पानी के तरह बह रहा था , सभी हॉबैट’से का हुनर लाजवाब था जो महान सुंदरता से परिपूर्ण बस्तुएँ बनाते थे हीरे से पन्नों से माणिक से पोखराज से और सोने से , हॉबैट’से उस पहाड़ी के नीचे गहराइयों में जाते और पहाड़ खोदके सोना , हीरे , पन्ना , मोटी , पोखराज और न जाने कितने प्रकार के रत्ना निकलते और उनसे खूबसूरत और लुभाबने जबाहरत बनाते थे
सुबह के 8 बज रहे होंगे स्टेट ऑफ हॉबिट्स के बाज़ार में बहुत भीड़ थी हर कोई अपने अपने जरूरत के समान को खरयड रहा था हर कोई यहाँ खुश थे हर कोई अपने अपने काम में खोए हुए थे दुकानदार अपने समान बेचने में बिज़ी थे तो कोस्टुमेर समान खरीदने में कोई फल खरीद रहा था तो कोई फूल तो कोई खाने का समान खरीद रहा था तो कोई जबहरत या कुछ और , लोग इसे ही अपने अपने रोज मररा के कम्मो में लगे हुए
थे आज यहाँ धूप भी अच्छी खिली हुई थी हर कोई खुश था आज , की तभी
एक घोड़े पे बैठा हुआ सिपाही चिल्लाते हुए आगे तरफ रहा था हटो राषते से हटो हटो सामने से हटो यही चिल्लाते हुए वो सिपाही आगे तरफ रहा था कुछ ही देर में वो सिपाही अपने तेज रफ्तार घोड़े के साथ किंग जेम्ज़ के पहाड़ी महेल के सामने पहुँच जाता है और उसे देख महेल का दरवान जो पहरे पे खड़ा था फौरन महेल का दरवाजा खोल देता है और वो सिपाही अंदर चला जाता है भागते हुए और जाकर पहुँच जाता है ठीक राजा के सामने यानि की किंग जेम्ज़ के सामने , किंग जेम्ज़ इसे वक्त अपने सिंघासन पे ही बैठा हुआ था और अपने सलाहकारों से किसी मसले पर बिचार बीमार्श कार रहा था की तभी वो सिपाही उनके सामने आ जाता है
सेनापति – महाराज जेम्ज़ की जाई हो
(UPDATE-25)
किंग जेम्ज़ – सेनापति जी ये क्या बहुड़गी है क्या आप देख नहीं सकते हम ईश्वक़्त एक अत्यंत जरूरी मसले पर हमारे सलाहकारों से बात कार रहे हैं क्या आप कुछ देर के लिए इंतजार नहीं कार सकते थे
सेनापति – माफ कीजिएगा महाराज पर अगर ये बात इतनी जरूरी नहीं होती तो हम इसे बहुड़गी कभी नहीं करते
किंग जेम्ज़ – ऐशी क्या खबर लाए हो सेनापति जी
सेनापति – महाराज डार्क ईविल फोर्स आ रही है और उनका मंसूबा कुछ ठीक नहीं लग रहा है शायद वो हुंपे हमला करने अरहे हैं
किंग जेम्ज़ – क्य्ाआआआअ ये क्या कह रहे हो तुम , क्या तुम्हारी खबर पक्की है
सेनापति – हाँ महाराज में खुद अपने इन्हीं आँखों से देख के आ रही हूँ बहुत ही बड़ा और बहुत ही खतरनाक सीना है उस सीना में ड्रागेंस भी हैं
सेनापति जब किंग जेम्ज़ को ये खबर दे रहा था तब किंग जेम्ज़ का पोटा और बेटा दोनों वहाँ पहुँच चुके थे और उन्हें भी ये बात पता चल गयी थी सेनापति के बात खत्म होते ही किंग जेम्ज़ का पोटा प्रिन्स एक जेम्ज़ बोल पड़ता है
प्रिन्स एक, जेम्ज़ – महाराज अगर ये खबर सही है तो पहले हमें शहर खाली करवा देना चाहिए तकिी किसको भी कुछ ना हो
किंग जेम्ज़ – आप ने बिलकुल सही कहा प्रिन्स हमें पहले शहर खाली करवा देना चाहिए तकिी हमारे प्रजा को कोई भी हानि ना पहुंसे लेकिन हम इतने सारे लोगों को रखेंगे कहाँ
प्रिन्स एक, जेम्ज़ – महाराज आप भूल रहे हैं की सालों पहले आप ने ही इसे कीसीई मुसीबत से बचने के लिए हमारे महेल के नीचे पहाड़ी के गहराइयों में एक बहुत बड़ा तहखाना बनाया था
किंग जेम्ज़ – अरे हाँ ये बात तो हम भूल ही गये थे चलो अच्छा हुआ आप ने हमें याद दिला दिया , सेनापति जी आप जाए और शहर को जितनी जल्दी हो सके खाली करवा दीजिए और सबको उस तहख़ाने में लेजइए और सबके वहाँ ठहेरने का अच्छे से बंदोबस्त कर दीजिए
सेनापति – जो हुकुम महाराज , ये बोलकर सेनापति फौरन वहाँ से निकलजाता है
कुछ देर पहले जो लोग अपने अपने कामों में खोए हुए खुश थे
अब उन्हीं लोगों के चेहरे पे डर साफ झलक रहा था सबके चेहरे पे घबराहट साफ देखी जा सकती थी सभी लोग अपने अपने जरूरत का समान लेकर सिपहीों के साथ उस तहख़ाने में जाकर चुप जाते हैं , जो शहर जो बाज़ार कुछ देर पहले तक लोगों के भीड़ से जगमगा रहा था खिल खिला रहा था अब वही शहर और वही बाज़ार अब बिलकुल सुनसान होचुका था वहाँ मौत का सन्नाटा छा चुका था हर तरफ मौत की खामोशी ही खामोशी थी जहाँ पे कुछ देर पहले अच्छी खासी धूप खिली हुई थी अब वहीं कोहरा चढ़ने लगा था सूरज तो कबका चिप चुका था बादलों के पीछे
और यहाँ महेल के अंदर में किंग जेम्ज़ और उनका पोटा प्रिन्स एक जेम्ज़ और बेटा प्रिन्स रेन तीनों महेल के बालकनी में खड़े बाहर देख रहे थे
किंग जेम्ज़ – वो नज़दीक अचुके हैं में उन्हें महसूष करसकता हूँ और शायद उनके साथ ईविल प्रिन्स भी है क्योंकि वो जहाँ भी जाएगा वहाँ सूरज बादलों के पीछे चिप जाएगा और उस जगह पे मौत के बदल मंडरा ने लगेंगे
प्रिन्स रेन – आप फिक्र मत करिए पिताजिी वो हमारा कुछ भी बिगड़ नहीं सकेगा क्योंकि हमारा महेल बहुत मजबूत है उसे तोड़के अंदर आना नमुनकीन सा है
किंग जेम्ज़ – शायद तुम ठीक कह रहे हो बेटा मुझे फिक्र करने की क्या जरूरत वो कभी भी महेल के अंदर घुस नहीं सकेंगे , इन सब बात चित में प्रिन्स एक जेम्ज़ बिलकुल चुप था शायद वही एक था जो आनेवाले खतरे को सही तरह जान था था इसलिए वो चुप था और इसे खतरे से निपटने के बारे में कुछ सोच रहा था , और इधर
डार्क ईविल फोर्स आगे तरफ रही थी हॉबिट्स के तरफ इसे फौज में बारे बारे दानव , खूनी दरिंदे , वेमपाइर’से और ड्रागें’से थे और ये सब इतने तादाद में थे की ये जब भी चल रहे थे तो पूरी की पूरी धरती कांप उठती थी और ड्रागें’से की दहाड़ से पूरी आश्मन गूँज उठता था
कुछ ही देर में ये डार्क ईविल फोर्स स्टेट ऑफ हॉबैट’से के इलाके में पहुँच जाता है और शहर के बाहर के दरवाजे पे सभी खड़े होजते हैं अब सब पहुँच चुके थे , स्टेट ऑफ हॉबैट’से के आश्मन पे तो चारों तरफ ड्रागें’से ने मंडरा ना शुरू करदेटे हैं और अग्नि के हुक्म का इंतजार करते हैं
अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा पे सवार होकर हॉबिट्स के आश्मन का चक्कर लगते हुए हॉबिट्स के शहर के बाहर के दरवाजे पे आकर उतरता है और सिल्वा के नीचे उतरता है अग्नि को नीचे उतरता देख अग्नि के फौज का सेनापति जबार उसके पास आ जाता है
जबार – मलिक अब हम अपने मंजिल पे पहुँच चुके हैं बॅस आपके ही हुक्म का इंतजार है , हुक्म करिए मलिक कुछ ही देर में ये शहर को हम मिट्टी में मिला देंगे
अग्नि – सब्र रखो जबार हर किसको एक मौका देना चाहिए , हम भी एक मौका देंगे हॉबैट’से वालों को और उनके राजा जेम्ज़ को अगर उन्होंने वो चीज़ हमें दे दिया जो हमें चाहिए तो इसे जंग की जरूरत नहीं पड़ेगी इसलिए अपने एक
आदमी को तैयार करो हम उनके पास अपना दूत(मेसेंजर) भेजेंगे
जबार – जो हुकुम मलिक में अभी किसको भेजता हूँ लेकिन संदेश में लिखेंगे क्या
अग्नि – ये लो मैंने पहले से ही इसमें लिख दिया है इसे भेज दो राजा जेम्ज़ के पास अगर वो मान गया तो अच्छी बात होगी अगर नहीं मना तो हॉबैट’से के लिए बहुत बुरी बात होगी
फिर जबार एक खूनी दरिंदे को वो खत (मेसेज) देता है और उसे भेज्ड़ेता है , डार्क ईविल फोर्स के बारे बारे दानव हॉबिट्स के शहर का दरवाजा तोड़ देते हैं और दरवाजे के टूट ते ही वो खूनी दरिन्दा एक घोड़े पे बैठ के शहर के अंदर घुस जाता है उस घोड़े पे दो फ्लॅग लगाया हुआ था एक था डेत वाली का फ्लॅग और दूसरा था वाइट फ्लॅग यानि की शांति का फ्लॅग जो अक्सर मेसेंजर लगाकर अपने साथ जाते हैं
फिर वो खूनी दरिन्दा आगे बढ़ता ही जाता है और कुछ ही देर में वो खाली पड़े हुए शहर को क्रॉस कर के किंग जेम्ज़ के महेल तक पहुँच जाता है और महेल के बाहर पहुँच के खड़ा हो जाता है और अपने हाथ में उस वाइट फ्लॅग को लेकर हिलने लगता है और कुछ देर बाद किंग जेम्ज़ के महेल का दरवाजा खुल जाता है और वो खूनी दरिन्दा महेल के अंदर चला जाता है उसके बाद महेल का दरवाजा बंद हो जाता है कुछ ही देर में वो खूनी दरिन्दा मेसेंजर बनकर किंग जेम्ज़ के सामने खड़ा था
(वो खूनी दरिन्दा महेल के अंदर चला जाता है उसके बाद महेल का दरवाजा बंद हो जाता है कुछ ही देर में वो खूनी दरिन्दा मेसेंजर बनकर किंग जेम्ज़ के सामने खड़ा था)
किंग जेम्ज़ – क्या संदेश भेजा है तुम्हारे मलिक ने पढ़ो जल्दी से
मेसेंजर – (अग्नि के मेसेज को खोलते हुए और पढ़ते हुए) स्टेट ऑफ हॉबैट’से के महाराज को डेत वाली के प्रिन्स अग्नि का सलाम , हमारा आप के स्टेट के ऊपर हमला करने का कोई भी इरादा नहीं है हम भी शांति चाहते हैं आप की तरह लेकिन हमें आप से कुछ चाहिए जो आप के पास है जी हाँ महाराज हमें वो जादुई आयना चाहिए मॅजिकल मिरर जिसको कई सालों पहले आप के ही कारीगरों ने बनाया था पर्वत के हृदय से
हमें वो मिरर चाहिए और किसी भी किम्मत पे चाहिए चाहे आप अपने मर्जी से दीजिए या मर्जी के खिलाफ लेकिन हम उसे यहाँ से लिए बिना नहीं जाएँगे और अगर आप ने उस मॅजिकल मिरर को हमारे हवाले नहीं किया तो हमें मजबूरन आप के खिलाफ जंग का एलन करना होगा जो की आप के लिए अच्छा नहीं होगा
इसलिए हमारा आप से यही दरख़्वास्त है की वो मॅजिकल मिरर हमारे हवाले कर दीजिए इसे से आप भी शांति से रही सकते हैं और हम भी जंग की कोई वजह ही नहीं बचेगी हमारे बीच तो क्या कहना है आप का , संदेश खत्म करके वो मेसेंजर कहता है
मेसेंजर – तो महाराज क्या निर्णय है आप का जंग या समझोता , ये बोलकर वो खूनी दरिन्दा या वो मेसेंजर किंग जेम्ज़ के तरफ ही देखने लगता है
किंग जेम्ज़ इसे संदेश को सुनकर
बहुत गुस्से में अचुका था क्योंकि इसे संदेश में अग्नि ने किंग जेम्ज़ को शराफत के साथ धमकाया था और इसी बात पे किंग जेम्ज़ गुस्से में अचुका था वो अपने सिंघासन से उठता है और अपने कुल्हाड़ी से उस मेसेंजर पे वार करदेता है किंग जेम्ज़ के एक ही वार से उस मेसेंजर की गर्दन कटके दूर जाकर गिरती है और ये देख किंग जेम्ज़ कहता है – ये है मेरा जवाब तेरे मलिक के लिए अब तेरे मलिक की भी यही हालत करूँगा में
ये सब नज़ारा देख दरवर में मौजुट सभी हैरान रही जाते हैं चाहे वो प्रिन्स रेन हो या प्रिन्स एक जेम्ज़ या सेनापति या फिर बाकी सब , सभी हैरानी से कभी उस कटे पड़े शरीर के तरफ देख रहे थे तो कभी उस दूर पड़े कटे हुए गर्दन को या कभी किंग जेम्ज़ को जो अभी बहुत गुस्से में था , किसकी भी हिम्मत नहीं हो रही थी किंग जेम्ज़ से बात करने की फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ आगे बढ़ते हुए
प्रिन्स एक जेम्ज़ – महाराज ये जो कुछ भी हुआ अच्छा नहीं हुआ , आप को उस मेसेंजर को नहीं मारना चाहिए था
किंग जेम्ज़ – तो आप क्या कहना चाहते हैं प्रिन्स की वो खूनी दरिन्दा जो मेसेंजर बनकर आया हुआ था वो हमारे ही सामने हमारे ही महेल में खड़े होकर हमें धमका रहा था और हम चुप चाप खड़े उसकी बात सुनते रहते
प्रिन्स एक जेम्ज़ – में ये नहीं कह रहा हूँ महाराज लेकिन आप को उसे मारना नहीं चाहिए था क्योंकि वो जो भी था वो बाद में था लेकिन वो ईश्वक़्त एक मेसेंजर था और किशिभि मेसेंजर पे वार नहीं किया जाता और आप के इसे हरकत के वजह से जंग अब तय है
किंग जेम्ज़ – हाँ तो होने दो जंग हम उस अग्नि से नहीं डरते वो ईविल प्रिन्स होगा अपने डेत वाली में लेकिन ये हमारा इलाका है और यहाँ पे वो हमारा कुछ भी नहीं बिगड़ सकता है जिस तरह पिछली बार सम्राट यहाँ से मायूस होकर गया था हमें बिना हराए इसे बार अग्नि भी जाएगा उसी तरह अपना गर्दन झुकाए , और फिर किंग जेम्ज़ सिपाहियों को हुकुम देता है की इसे मेसेंजर के लाश को और कटे हुए गर्दन को उसके घोड़े पे लाद दो और वापस भेज दो उसके मलिक के पास
(UPDATE-26)
किंग जेम्ज़ के हुकुम को फौरन पूरा किया जाता है सभी सिपाही उस मेसेंजर के लाश के हाथ में उसके गर्दन को बाँध देते हैं और फिर उसके लाश को उसके घोड़े पे बिता देते हैं और महेल के बाहर भेज देते हैं
यहाँ शहर के बाहरी दरवाजे पे अग्नि की फौज और अग्नि उस मेसेंजर के वापिस लौटने के इंतजार में बैठी थी की तभी उन्हें वो मेसेंजर दूर से आता हुआ दिखाई देता है और ये देख अग्नि के फौज का सेनापति दौड़ते हुए अग्नि के पास जाता है
जबार – मलिक लगता है हमारा मेसेंजर आ रही है
अग्नि – चलो अच्छा है आशा करो की किंग जेम्ज़ मान गया हो
और फिर सभी उस आनेवाले के तरफ ही देखते रहते हैं और कुछ देर में उनके सामने एक घोड़ा अखाड़ा होता है जिसपे एक लाश लगी हुई
थी और उस लाश के हाथों में उस स्क्स की मंडी थी और ये देख सभी गुस्से में आजाते हैं
जबार -मलिक मलिक ,,, ,,, ये देखिए उन्न लोगों ने हमारे मेसेंजर के साथ क्या किया है
अग्नि – (गुस्से में ) किंग जेम्ज़ ये तूने अच्छा नहीं किया तूने इसे मेसेंजर को मारकर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की है सबसे बड़ी , जबार फौज को हुकुम दो हमला करने के लिए , पूरे शहर को तहेस नहेस करदो कुछ भी बचना नहीं चाहिए शंसन बना दो इसे इलाके को
जबार – जो हुकुम मलिक , फिर जबार फौज के तरफ देखते हुए , मेरे साथियों अब वक्त आ गया है हमला करने का उन्होंने सिर्फ़ हमारे मेसेंजर को नहीं बल्कि हमारे एक साथी को मारा है हमारे एक भाई के गर्दन को कटा है अब वक्त आ गया है की हम उस राजा की गर्दन को काट के अपने मलिक के परॉन में डाले तो तैयार होजाओ साथियों —-यालगर हो
सेनापति जबार के द्वारा जंग का एलन के बाद तो अग्नि के फौज डार्क ईविल फोर्स में भूकंप सा मच जाता है सभी गुस्से में दहड़ने लगते हैं चिल्लाने लगते हैं और आगे बदहजते हैं
सबसे पहले दानव शहर के अंदर घुस जाते हैं बारे बारे दानव जब शहर में घुसते हैं तो उनके सामने जो भी आता है उसे तोड़ देते हैं फोड़ड़ देते हैं और दानओं के बाद खूनी दरिंदे और वेमपाइर’से घुस जाते हैं और ये भी लगजते हैं तबाही मचाने सबकुछ तोड़ फोड़ करने में और फिर ड्रागें’से की बड़ी आती है पूरी की पूरी ड्रागें’से की फौज शहर के ऊपर हमला करदेटे हैं और चारों तरफ अपने मुंह से आग फेंकने लगते हैं और उनके मुंह से फेंके हुए आग से शहर के सभी पेड़ पौधे घर बाज़ार हर एक जगह पे आग लग जाता है और देखते ही देखते अग्नि की ये डार्क ईविल फोर्स कुछ ही मिनिट्स में पूरे हॉबैट’से शहर को निस्तो नबूत कार देते हैं सबकुछ तबाह और बर्बाद कार देते हैं जो शहर कुछ देर पहले तक सबसे खूबसूरत शहर हुए करता था अब वो शहर बस एक खंडहर बनकर रहचुका था हर तरफ आग ही आग , टूटते फूटते मक्कन , जल रहे मक्कन और जल रहे पेड़ पौधे और जल रहा शहर
और ये नज़ारा महेल के अंदर से चुपके चुपके सभी देख रहे थे सबके दिल में खौफ बैठ चुका था इसे तरह के हैवानियत को देख के और सबसे ज्यादा परेशान था प्रिन्स एक जेम्ज़ क्योंकि वो जनता था इसे में अग्नि जितना गुनेहगर था उतना ही उसका दादा यानि की किंग जेम्ज़ आज किंग जेम्ज़ के ही वजह से वो सब मौत के कगार पे खड़े थे
और इसे तरफ शहर को पूरा शंसन बनाने के बाद जबार अग्नि के पास जाता है जो ईश्वक़्त अपने ड्रागें सिल्वा पे ही बैठा हुआ ये सब नज़ारा देख रहा था शहर के बाहर से
जबार – मलिक हमने पूरे शहर को तबाह कर दिया है बर्बाद कर दिया है जैसा आप ने कहा था लेकिन ताज्जुब की बात ये है की शहर पहले से ही पूरा खाली था हॉबैट’से तो हॉबैट’से एक जानवर भी नहीं मिला हमें यहाँ
अग्नि – क्योंकि सभी को किंग
जेम्ज़ ने पहले से ही महेल के अंदर छुपा के रख दिया होगा
जबार – अच्छा इसलिए साला वो इतना उछाल रहा है साला बौना कहीं का ,,,, अब आगे क्या करे मलिक
अग्नि – इसे महेल के दरवाजे को तोडो और अंदर घुषो और उस किंग जेम्ज़ को घैत्त ते हुए मेरे पास लेकर आऊ
जबार – जो हुकुम मलिक , फिर जबार चला जाता है सीना के पास और जाकर उन्न सबको बोल्देटा है महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए , और जबार के कहने के बाद सबसे पहले दानव लग जाते हैं काम में
बारे बारे दानव जो किसी बारे राक्षस से कम नहीं थे एक एक दानव के पास 10 10 हठिोन के जितना ताक़त था सभी दानव एक एक करके लगजते हैं उस पहाड़ी महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए सभी बहुत कोशिश करते हैं लेकिन कोई भी कामयाब नहीं होता है और फिर खूनी दरिंदे और वेमपाइर’से भी लग जाते हैं इसे काम में खूनी दरिंदे और वेमपाइर’से के पास भी बहुत ताक़त होती हैं लेकिन वो भी नाकाम ही रहते हैं दरवाजे को तोड़ने में फिर बड़ी आती है ड्रागें’से की
महेल के अंदर से सभी ये देख रहे थे की अग्नि की फौज दरवाजे को तोड़ने में नाकाम हो रही है इसलिए सभी उन्न पर हंस रहे थे सबसे ज्यादा किंग जेम्ज़ हंस रहा था लेकिन प्रिन्स एक जेम्ज़ चुप चाप खड़ा ये सब देख रहा था और जब ड्रागें’से आ हैं दरवाजे को तोड़ने के लिए तो सबके चेहरे से हँसी गायब होजती है
फिर अग्नि की ड्रागें’से की फौज आ जाती हैं इसे पहाड़ी महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए वो सब अपने अपने मुंह से आग फेंकने लगती हैं दरवाजे के ऊपर बड़ी बड़ी सब फेंकने लगते हैं इसे पहाड़ी महेल के दरवाजे के ऊपर लगा हुआ लकड़ी जल के रख होजती है ड्रागें’से की आग से दरवाजे पे लगे हुए लोहे के टुकड़े भी पिघल जाते हैं इन ड्रागें’से की आग से लेकिन दरवाजा टॅस से मास नहीं होता है पहाड़ी महेल का दरवाजा भी पहाड़ के पठारों से बनाया गया था और ये पठार बहुत मजबूत था इसे तोड़ने में अग्नि के फौज के ड्रागें’से भी नाकाम होजते हैं
ड्रागें’से को भी नाकाम होते हुए देख महेल के अंदर मौजुट सभी खुशी के मारे नाचने लगते हैं कुदडने लगते हैं और शराब के जम पे जम पीने लगते हैं सीबे प्रिन्स एक जेम्ज़
और इधर सबको नाकाम होता हुआ देख जबार दौड़ते हुए अग्नि के पास जाता है और
जबार – मलिक मलिक ,,,,, माफ करिए मलिक पर सभी नाकाम रहे उस दरवाजे को तोड़ने में , हमारे दानव हमारे खूनी दरिंदे भाई और वेमपाइर’से भाई और सभी ड्रागें’से भी नाकाम रहे , मलिक वो दरवाजा बहुत मजबूत है लगता है उसे तोड़ना नमुनकीन है
अग्नि – बंद करो अपने ये बकवास्स्स ,, लगता है मुझे ही जाना पड़ेगा तुम सबसे एक छोटा सा काम भी नहीं होता
फिर अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा को महेल के पास चलने का इशारा करता है और सिल्वा महेल के तरफ ही उड़ जाती है और जब सिल्वा महेल के पास पहुँच जाती है तो नीचे
जेमीन पे उतरती है और फिर अग्नि सिल्वा के पीठ से नीचे उतरता है
और इधर महेल के अंदर जो सब खुशी के मारे शराब के जम पे जम पी रहे थे अब वो सब किसको ड्रागें’से से उतरते हुए देख उसके तरफ देखने लगते हैं
किंग जेम्ज़ – मैंने सुनता की ईविल प्रिन्स ही ड्रागें की स्वारी करता है और लगता है यही है ईविल प्रिन्स अग्नि ,,,,, और इधर महेल के बाहर खड़ा अग्नि चिल्लाते हुए कहता है
अग्नि – किंग जेम्ज़ में तुम्हें आखिरी मौका दहाड़ा हूँ अपनी हार मनलो और अपने आप को और उस मिरर को हमारे हवाले करदो में वादा करता हूँ की तुम्हारे प्रजा को और तुम्हारे परिवार वालों को सही सलामत यहाँ से जाने दूँगा सीबे तुम्हारे क्यों के तुमने मेरे एक साथी को मारा है
किंग जेम्ज़ – प्रिन्स ऑफ डेत वाली उर्फ ईविल प्रिन्स अग्नि तुम अभी बचे हो जाओ और जाकर अपनी मां के आँचल में मुंह चुपलो क्योंकि ये दरवाजा तोड़ना तुम्हारे बस की बात नहीं है क्योंकि कई सालों पहले सम्राट ने भी एक बार इसे दरवाजे को तोड़के उस मॅजिकल मिरर को हासिल करने की कोशिश की थी और उसमें वो भी नाकाम रहा था और अपने गर्दन को शर्म के मारे झुकाके यहाँ से चला गया था इसलिए तुम्हारे लिए भी यही अच्छा होगा चुप चाप अपनी गर्दन झुकाए चले जाओ समझे बचे अब जाओ यहाँ से
अग्नि – किंग जेम्ज़ अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो यही सही लेकिन में तुम्हें ये केहदेना चाहूँगा की में जबतक उस मॅजिकल मिरर को हासिल नहीं कर लेता और तुम्हारे गर्दन को काट नहीं देता यहाँ से जाने नहीं वाला और रही बात नाकाम होने की तो सुनलो में सम्राट नहीं अग्नि हूँ अग्नि में खुद ही आग हूँ और मुझसे जो भी टकराता है वो जल के रख हो जाता है
इधर गंधर्व नगरी में बैठ के गंधर्व नगरी के राजा लॉर्ड देवधर , गंडर के राजा बिस्वजीत सिंग रातोरे , गुरुजीी , और रानी पड़ी पद्मिनी ये सब जादुई तलाव के पानी के जरिए हॉबैट’से के माया युध को देख रहे थे
लॉर्ड देवधर – ये तो गजब हो गया अग्नि की इतनी ताकतवर फौज भी नाकाम रही किंग जेम्ज़ के महेल के दरवाजे को तोड़ने में
बिस्वजीत सिंग रातोरे – सही कहा महाराज देवधर आप ने मुझे तो ताज्जुब इसे बात पे हो रही है की ड्रागें’से भी कुछ नहीं कार सके और मुझे तो ये लगने लगा है की कहीं अग्नि की हार तो नहीं होने वाली इसे जंग में जैसे पिछली वार सम्राट की हुई थी (ये कहते हुए बिस्वजीत सिंग बहुत खुश था)
गुरुजीी – अभी जंग खत्म नहीं हुआ है महाराज बिस्वजीत सिंग अभी तो असली जंग बाकी है देखते हैं आगे क्या होता है
रानी पड़ी पद्मिनी – गुरुजीी बिलकुल सही कह रहे हैं अभी इसे जंग के नतीजे के बारे में कुछ कहना बहुत मुश्किल है , देखते हैं आगे क्या क्या होता है जंग में
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और इधर हॉबैट’से के महा युध में – किंग जेम्ज़ के द्वारा आत्मसमर्पण
करने से मना करने के बाद अग्नि चलता हुआ आता है और अकके महेल के दरवाजे के सामने कुछ दूरी पे खड़ा हो जाता है और अपने फौज को कुछ कदम पीछे हटने के लिए कह देता है और फिर उसकी फौज कुछ कदम पीछे हॅट जाती है
फिर अग्नि अपनी आँखों को बंद करदेता है कुछ देर के लिए , और इधर महेल के अंदर से ये सब देख किंग जेम्ज़ और उसके सभी साथी अग्नि और अग्नि के फौज के ऊपर हंस रहे थे और मज़ाक उड़ा रहे थे सीबे प्रिन्स एक जेम्ज़ के वो अग्नि को ही देखे जा रहा था वो अग्नि के अगले कदम को समझने की कोशिश कार रहा था
कुछ देर बाद अग्नि अपनी आँखों को खोलता है , और जब अग्नि अपनी आँखों को खोलता है तो पता चलता है की अग्नि के आँखों का रंग बदल चुका है उसके आँखों का रंग काले रंग से ब्लू नीली होचुकी थी और उसके आँखें नीले रंग से चमक रही थी
अग्नि के आँखों के रंग को बदलते हुए देख महेल के अंदर जो सभी कुछ देर पहले अग्नि के ऊपर हंस रहे थे अब उनके चेहरे से हँसी गायब होचुकी थी और अब सभी अग्नि के तरफ ही गौर से देख रहे थे
अग्नि अपने आँखों को खोलने के बाद महेल के तरफ ही देखता है अब उसके चेहरे पे एक हेवानियत , शैतानियत और दरिंदगी देखी जा सकती थी , फिर अग्नि अपने दोनों हाथों को खोल देता है (मतलब – जैसे किसको गले मिलते वक्त हाथों को खोलते हैं वैसे) और फिर अग्नि अपने गर्दन को ऊपर करके फिरसे अपने आँखों को बंद करदेता है और कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोलता है
अग्नि – में आंधरों का सहजादा , डेत वाली का प्रिन्स और इसे पूरे काएनत का सबसे ताकतवर और खतरनाक शैतानी योढ़ा जिसे सभी ईविल प्रिन्स अग्नि के नाम से जानते हैं ये हुकुम देता हूँ तुम सभी फाइव एलिमेंट’से(पाँच तटवा) को आग(फायर) , पानी(वॉटर) , धरती(अर्त) , हवा(एर) , आकाश(स्पेस) और साथ में सभी शतानी और अंधेरी सकतियों को की अपनी ताक़तें मुझे दे दो तकिी में अपने मंसूबों को पूरा कार सकूँ ये हुकुम है मेरा तुम सबको
इसके बाद तो जैसे कयामत आ जाती है , हॉबैट’से के मौसम जो कुछ देर पहले कोहरे से भरा हुआ था लेकिन दिन था अब वो धीरे धीरे आंधरों में सामने लगता है और देखते ही देखते हॉबैट’से में काली अंधेरी रात होजती है और साथ में आश्मन में बिजलियाँ भी कड़कने लगती हैं और बिजलियाँ बहुत जोरों से कड़कने के साथ साथ अग्नि के ही आस पास गिरने लगती हैं
फिर सभी फाइव एलिमेंट’से और शतानी सकतियों से धीरे धीरे ऊर्जा सकतियाँ आने लगती हैं रात में ये सभी ऊर्जा सकतियाँ नीले रंग के और पानी के छोटे छोटे बूँदों की तरह दिख रहे थे फिर ये सभी ऊर्जा जो तरह तरह जगह और सकतियों से आए थे देखते ही देखते अग्नि के दिल के अंदर सामने लगते हैं और हॉबैट’से के मौसम भी काफी बात से बत्तर होने लगते हैं हॉबैट’से में ईश्वक़्त एक खतरनाक तूफान सा अचुका था
चारों तरफ बहुत जेज हवाएँ बहने लगी थी और
हवाओं का रफ्तार इतना तेज था की अग्नि के फौज के लिए भी मुश्किल आने लगी थी उनके लिए तो ठीक से खड़े तक होना मुश्किल होचुका था ड्रागें’से भी आश्मन में ठीक से उड़ नहीं पा रहे थे और बारे बारे राक्षस के कद के दानव भी ठीक से ज़मीन पे खड़े नहीं हो पा रहे थे
और यहाँ अग्नि के दिल में चारों और से अरहे ऊर्जा समा रहा था देखते ही देखते अग्नि के दोनों हाथों का रंग भी नीले रंग से चमकने लगता है और अग्नि के दिल से वो सारे ऊर्जा निकलकर अग्नि हाथों के जरिए से होते हुए मुठीोन में आने लगते हैं और देखते ही देखते मुठियों में वो सारे ऊर्जा सामने लगते हैं कुछ देर में अग्नि के हाथों में बहुत सारे ऊर्जा आजाते हैं और फिर अग्नि अपने आँखों को खोलता है
और इधर अग्नि के हाथों में उर्जाओं का भंडार देख के महेल के अंदर सभी के दिल में डर बैठ चुका था खौफ बैठ चुका था फिर अग्नि गुस्से से महेल के तरफ देखता है और अपने दोनों हाथों को महेल के तरफ करके जोड़ने लगता है
ये देख प्रिन्स एक जेम्ज़ समझ जाता है की अग्नि 5 एलिमेंट्स और शतानी सकतियों के ऊर्जा के जरिए स्पिरिट बॉम्ब बना रहा है वो फौरन दरवाजे के तरफ भागता है और दरवाजे के पास खड़े सभी पहरेदारों को पीछे हटने के लिए चीखते हुए कहता है और इधर किंग जेम्ज़ भी समझ जाता है अग्नि क्या करने वाला है इसलिए उसके हाथों से शराब का प्याला खिसक के नीचे गिरजता है
और इधर अग्नि अपने दोनों हाथों को जोड़ देता है और अपने हाथों का रुख महेल के तरफ ही मोड़ देता है और फिर एक तेज रोशनी के साथ सारे ऊर्जा से बने स्पिरिट बॉम्ब अग्नि के हाथों के मुट्ठी से निकल जाते हैं और जाकर सीधे महेल के दरवाजे से टकराते हैं और फिर एक तेज विस्पोट होता है और इसे विस्पोट से महेल के दरवाजे के चिथड़े उड़ जाते हैं लेकिन अग्नि के वार यही नहीं रुकता है अग्नि फिरसे अपने हाथों का रुख मोड़ देता है और इसे वार उसका निशाना होता है पूरा पहाड़ी महेल अग्नि उस पहाड़ी महेल के के चारों तरफ स्पिरिट बॉम्ब से हमला करने लगता है और देखते ही देखते वो मजबूत कभी ना टूटने वाली पहाड़ी महेल धीरे धीरे टूठत्ने लगता है उस महेल की धजिीयँ उड़ने लगता है
______________________________प्रिन्स एक जेम्ज़ ईश्वक़्त अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर महेल के नीचे बने तहख़ाने के तरफ तेजिसे तरफ रहा था , अग्नि के स्पिरिट बॉम्ब से हमला करने के बाद महेल की बुनियाद तक हिल चुकी थी धीरे धीरे ऊपर से पठार टूट के गिरने लगे थे
(UPDATE--27)
कुछ ही देर में प्रिन्स एक जेम्ज़ उस तहख़ाने तक पहुँच जाता है और फिर सबको उस तहख़ाने से निकालने लगता है और अपने साथ लाए हुए सिपाहियों को आदेश देता है
प्रिन्स एक जेम्ज़ – सिपाहियों तुम सब हमारे प्रजा को यहाँ से निकलकर नीचे के सुरंगों से होते हुए पीछे के राषते से बाहर निकलो और
कहीं भी रुकने की जरूरत नहीं है बस आगे बढ़ते जाना और में जा रहा हूँ महाराज की मदद करने के लिए अगर जिंदगी रही तो हम दुबारा मिलेंगे
सारे सिपाही – प्रिन्स हम सब आप से एक ही बात कहना चाहते हैं की आप सच में हमारे युवराज हैं और हम सब आप को अपने दिल से युवराज मानते हैं और हम जानते हैं आप को कुछ भी नहीं होगा और हम आप का इंतजार करेंगे ग्रीन वाली के जंगलों में
और फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ वहाँ से पीछे मुड़ता है और वापस महेल के तरफ भागने लगता है , और इधर अग्नि के स्पिरिट बॉम्ब से हमले के बाद महेल टूत्त्ना शुरू हो जाता है और इसे से किंग जेम्ज़ और प्रिन्स रेन अपने सभी साथियों के साथ और सभी सिपाहियों के साथ उस टूटते हुए दरवाजे से होते हुए बाहर निकलते हैं और जब वो सब बाहर निकलते हैं तो देखते हैं की उनके सामने अग्नि और उसकी खतरनाक फौज खड़ी है
और जब अग्नि दरवज़े से सभी को बाहर निकलते हुए देखता है तो फौरन जबार को आवाज़ देता है और चीखते हुए कहता है – जबार वो देखो किंग जेम्ज़ और उसकी फौज , अब शुरू करो अपना काम और उस किंग जेम्ज़ को मेरे परॉन तक लाओ
जबार – जो हुकुम मलिक , साथियों टूट पदो इन सबपे यालगर हो , और फिर जबार के कहने के बाद तो अग्नि की पूरी की पूरी फौज टूट पड़ती है किंग जेम्ज़ और उसकी फौज के ऊपर
अग्नि के फौज के सभी योढ़ा जानवरों की तरह टूट पड़ते हैं किंग जेम्ज़ के फौज के ऊपर सारे दानव किंग जेम्ज़ के फौज के सिपाहियों को परॉन से कुचलते हुए आगे तरफ जाते हैं वेमपाइर’से और खूनी दरिंदे तो टूट पड़ते हैं उनके गर्दनों के ऊपर और उनके जिस्म से सारे खून चूष लेते हैं और ड्रागें’से उड़ते हुए आ हैं और झपट्टा मारकर एक एक सिपाहियों को अपने पंजे में दवाके लेजते हैं और उन्हें चिर फाड़ डालते हैं देखते ही देखते किंग जेम्ज़ की फौज का तादाद घटने लगती है वो सब हारने लगते हैं अग्नि के फौज के सामने
आख़िर हारे भी क्यों ना एक तरफ अग्नि की फौज बारे बारे दानओं से ख़ूँख़ार खूनी दरिंदों से खून पीने वाले वेमपाइर’से से और आग उगलने वाले ड्रागें’से से भारी हुई थी तो दूसरी तरफ किंग जेम्ज़ के फौज में सिर्फ़ और सिर्फ़ बॉन(हॉबैट’से) थे जिनका कद काठी आम इंसानो से भी कम था और हथियारों के नाम पर वो सिर्फ़ तलवार और कुल्हाड़ी ही इस्तेमाल करते थे
किंग जेम्ज़ और उसकी फौज घबराने लगी थी वो सब तो पीछे भी नहीं हॅट सकते थे क्योंकि पीछे कोई रास्ता ही नहीं था हटने के लिए और इधर जबार अपने सामने आनेवाले हर एक हॉबैट’से को कट ते हुए आगे तरफ रहा था और फिर वो पहुँच जाता है किंग जेम्ज़ के पास और फिर किंग जेम्ज़ के हाथों के ऊपर जबार तलवार से वार करता है जिस से किंग जेम्ज़ की एक हाथ कटके नीचे गिरर जाती है और किंग जेम्ज़ बुरी तरह दर्द के मारे चिल्लाने लगता है और अपने पिता की ये
हालत देख प्रिन्स रेन आगे बढ़ता है लेकिन इसे से पहले की वो आगे बढ़के अपने पिता किंग जेम्ज़ के पास पहुँच पता एक दानव उसके गर्दन को पकड़कर हवा में उठा देता है और फिर जबार किंग जेम्ज़ के गर्दन को पकड़ता है और घसीट ते हुए अग्नि के पास लेकर आता है और अग्नि के परॉन में किंग जेम्ज़ को फेंक देता है
प्रिन्स एक जेम्ज़ भी अब अपहुंकता है जंग में और जब वो आता है तो देखता है की उसके पिता प्रिन्स रेन को एक दानव ने हवा में उठा रखा है और उसके दादा यानि की किंग जेम्ज़ अग्नि के परॉन में पड़ा हुआ है और हॉबैट’से की फौज भी किंग जेम्ज़ के पकड़े जाने के बाद हथियार डाल चुकी है और बुरी तरह से डर के मारे कांप रहे हैं , ये सब नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ का खून खौल उठता है और वो अपने कुल्हाड़ी को उठता है और एक तेज चीत्करर्र के साथ आगे तरफ जाता है लेकिन वो आगे तरफ पता इसे से पहले एक और दानव उसे पकड़कर हवा में उथलेटा है इसे से प्रिन्स एक जेम्ज़ के हाथों से उसकी कुल्हाड़ी नीचे गिरर जाती है और प्रिन्स एक जेम्ज़ उस दानव के हाथ में पड़ा छटपटाने लगता है , और इधर अग्नि किंग जेम्ज़ के गर्दन को पकड़कर ऊपर उठता है और
अग्नि – तो महाराज क्या कह रहे थे आप महेल के अंदर से की में बच्चा हूँ और मुझे चले जाना चाहिए और अपने आप को अपने मां के आँचल में छुपा लेना चाहिए क्यों अब क्या कहेंगे आप
किंग जेम्ज़ – प्रिन्स अग्नि हम अभी भी एक राजा हैं और एक राजा से आप को पूरे इजात के साथ पेश आना चाहिए , इसलिए हमारे साथ अदब से पेश आइये
अग्नि – (ज़ोर ज़ोर से ठहाके मरते हुए) क्या आप राजा हैं अच्छा तो ये बताइए महाराज की आप कोन से इलाके के राजा हैं और वो इलाका कहाँ है , ये बात बोलते ही अग्नि के फौज के सभी योढ़ा हस्सने लगते हैं इसे से किंग जेम्ज़ की गर्दन नीचे होजती है
अग्नि – तो महाराज में आप से अदब के साथ पूछ रहा हूँ की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है जो मुझे चाहिए अब मेरे इसे सवाल का जवाब जल्दी दीजिए वो क्या है ना मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है आप के लिए
किंग जेम्ज़ – मुझे नहीं पत्ता है की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है
अग्नि – देखिए महाराज में फिरसे एक बार आप से नर्मी से पूछ रहा हूँ की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है मुझे बता दीजिए वरना आप के लिए अच्छा नहीं होगा
किंग जेम्ज़ – तुम्हें जो करना है करो लेकिन में कुछ नहीं बताने वाला हूँ
अग्नि – तो ठीक है महाराज अगर आप की यही इच्छा है तो यही सही , फिर अग्नि किंग जेम्ज़ को ज़मीन पे पटक देता है और जबार के तरफ देख के इशारा करता है और जबार एक दानव के तरफ देख उस दानव को इशारा करदेता है
उस दानव के हाथ में प्रिन्स रेन था किंग जेम्ज़ का बेटा उस दानव ने प्रिन्स रेन को अपने मुट्ठी में पकड़ा हुआ था फिर वो दानव प्रिन्स रेन को एक ही झटके में अपने मुंह में डालता है और कच्छा
चभा जाता है और एक ही मिनट में वो दानव प्रिन्स रेन को कच्छा कहा जाता है और ये नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ और किंग जेम्ज़ के मुंह से दर्दनाक चीखें निकल पड़ती हैं और वो दोनों रोने लगते हैं
प्रिन्स रेन को खाने के बाद वो दानव डकार मरते हुए कहता है – मलिक ये राजकुमार बहुत टेस्टी था आप का बहुत बहुत शुक्रिया की आप ने मुझे एक राजकुमार को खाने का मौका दिया , और फिर वो दूसरा दानव जिसने प्रिन्स एक जेम्ज़ को पकड़ा हुआ था वो कहता है – मलिक मुझे भी इसे राजकुमार को खाना है क्या में इसे कहा लंड
अग्नि – नहीं अभी नहीं , देखा महाराज मेरे दानओं को आप के बेटे का स्वाद बहुत अच्छा लगा और मेरा एक और दानव आप के पोत्ते को खाना चाहता है तो क्या कहूँ उसे कहा जाए या आप मेरे सवाल का जवाब देंगे , किंग जेम्ज़ अपने सामने अपने बेटे को किसी का खाना बनते हुए देख टूट सा चुका था उसके अंदर रही सही हिम्मत भी जवाब दे चुकी थी इसे लिए वो अग्नि से उस सवाल का जवाब देने के लिए राजी हो जाता है
किंग जेम्ज़ – हम जानते हैं की आप मेरे जवाब देने के बाद भी हमें नहीं छोड़ेंगे में जनता हूँ की मेरी मौत तय है लेकिन में आप से एक वादा चाहता हूँ और वो ये है की आप को में आप के सवाल का जवाब दूँगा बदले में आप मेरे सिपाहियों को और मेरे पोत्ते को जाने देंगे
अग्नि – में ईविल प्रिन्स अग्नि आप से वादा करता हूँ महाराज की आप के सही जवाब देने के बाद में आप के लोगों को आप के सिपाहियों को और आप के पोत्ते को यहाँ से सही सलामत जाने दूँगा
किंग जेम्ज़ – प्रिन्स अग्नि आप को जो मॅजिकल मिरर चाहिए वो ईश्वक़्त हमारे पास नहीं है में मानता हूँ की मॅजिकल मिरर हमारे कारीगरों ने ही बनाया था लेकिन सम्राट के मारे जाने के बाद उस मॅजिकल मिरर को हमारे पिताजिी ने जो ुषवक़्त हॉबैट’से के राजा थे गंधर्व नगरी के महाराज यानि की लॉर्ड देवधर के पिताजिी जो उस वक्त गंधर्व नगरी के राजा थे उन्हें तोहफे में दे दिया था और आज के वक्त में वो मॅजिकल मिरर गंधर्व नगरी के महाराज लॉर्ड देवधर के निगरानी में उनके महेल के अंदर है
अग्नि – क्या आप सच कह रहे हैं महाराज ?
किंग जेम्ज़ – प्रिन्स अग्नि कभी भी एक मरने वाला शॅक्स अपने आखिरी वक्त में किसी से झूठ नहीं बोलता है हमने जो भी कहा वो सब सच था
अग्नि – एक बात कहना चाहूँगा महाराज आप से की आप निहायती बेवकूफ्फ हैं अगर आप ये बात मुझे पहले ही बता देते तो अभी आप शांति से अपने महेल के अंदर आराम फ़ार्मा रहे होते और आप का ये शहर जो अब खंडहर बन चुका है वो भी सही सलामत होता और हम भी यहाँ से कबका जा चुके होते
अग्नि के इन बातों से किंग जेम्ज़ का गर्दन शर्म से नीचे हो जाता है और फिर अग्नि उस दानव को हुकुम देता है जिसने प्रिन्स एक जेम्ज़ को पकड़ा था की प्रिन्स को चोद दे और वो दानव
प्रिन्स को चोद देता है और फिर अग्नि किंग जेम्ज़ को उठाकर उस दानव के तरफ फेंक देता है और उसे कहता है
अग्नि – इसे खाओ मेरे लाल ये महाराज है इसे लिए इसका टेस्ट और भी अच्छा होगा और फिर वो दानव एक ही झटके में किंग जेम्ज़ को कच्छा चभा जाता है कहा जाता है , ये नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ और सभी हॉबैट’से के सिपाहियों का दिल दहेल जाता है और इधर ये नज़ारा देख अग्नि के फौज में सभी हंस रहे थे फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ अग्नि से कहता है
प्रिन्स एक जेम्ज़ – (चीखते हुए) अग्नि ये तुमने ठीक नहीं किया उन्होंने तुम्हें सबकुछ बता दिया फिर भी तुमने उन्हें मरवा दिया ये तुमने ठीक नहीं किया और तुमने मेरे पिताजिी के साथ और इसे शहर को जो तबाह किया है उसका बदला में लेकर रहूँगा तुमसे
अग्नि – अच्छा तो जो तुम्हारे दादज़िी ने किया वो ठीक था पहले उन्होंने किया था मेरे भेजे हुए मेसेंजर को मारकर और उसी वक्त ये तय हो गया था की उनकी मौत तय है और रही बात तुम्हारे पिता के मौत की और इसे शहर के तबाहिी की तो सुनलो इसके लिए जितना में ज़िमेदार हूँ उतना तुम सब भी कुछ करके तुम्हारे दादाजी , अगर उन्होंने ये बात पहले ही बता दिया होता की मॅजिकल मिरर गंधर्व नगरी में है तो में अपनी फौज को लेकर कबका यहाँ से जा चुका होता बिना हमला किए
और हाँ प्रिन्स अब आप इन सभी हॉबैट’से के नेये राजा हैं इसे लिए आप को हमारी तरफ से मुबारकबाद कबूल करिए और अपने इन सभी साथियों को लेकर यहाँ से जाए क्योंकि हमने आप के दादा से उन्हें मारने से पहले वादा किया था की आप को और इन सभी सिपाहियों को यहाँ से सही सलामत जाने दूँगा इसे लिए में अपना वादा पूरा करता हूँ
UPDATE-28)
प्रिन्स एक जेम्ज़ – में अभी जा रहा हूँ अग्नि लेकिन एक दिन में लौटूँगा और जिस दिन लौटूँगा उस दिन तुम्हारे जिंदगी की आखिरी दिन होगा , हाँ तुम मेरे ही हाथों मरोगे अग्नि
अग्नि – (हस्सते हुए) हॉबैट’से के नये महाराज हमारी जान इतनी भी सस्ती नहीं की कोई भी अएरा गेरा नातू खेरा आकर लेजाए और वैसे भी आज कल मेरे दुश्मनों की लिस्ट दिन बीए दिन बढ़ती ही जा रही है एक और नाम तरफ जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि आज तक ना तो कोई अग्नि का कुछ उखाड़ पाया है नहीं आगे कोई उखाड़ पाएगाहॉबैट’से के जंग में अग्नि की ही जीिट होती है इसे जंग में किंग जेम्ज़ उसका बेटा प्रिन्स रेन और बहुत से सिपाही मारे जाते हैं और आख़िर में अग्नि प्रिन्स एक जेम्ज़ को और जंग में बचे बाकी सिपाहियों को जाने देता है क्योंकि अग्नि ने किंग जेम्ज़ को वादा किया था इसलिए
प्रिन्स एक जेम्ज़ अपने बाकी बचे सिपाहियों के साथ जंग में हारने के बाद अपमान का घुट पीके वहाँ निकल जाता ग्रीन वाली की तरफ जहाँ पे उसकी प्रजा जिन्हें प्रिन्स एक जेम्ज़ ने सही सलामत तहख़ाने से निकल
के ग्रीन वाली भिजवा दिया था वो सब इंतजार कार रहे थे ग्रीन वाली में
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और इधर गंधर्व नगरी में जादुई पानी में जंग को देख रहे रानी पड़ी पद्मिनी , गुरुजीी , महाराज बिस्वजीत सिंग रातोरे और महाराज लॉर्ड देवधर जंग के अंत को देख मायूस होचुके थे और ईश्वक़्त खामोश बैठे हुए थे किसी के मुंह से एक लाफ्व भी नहीं निकल रहा था की तभी गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग बात शुरू करते हैं
बिस्वजीत सिंग रातोरे – ये तो बहुत बुरा हुआ अग्नि ये जंग जीिट गया और वो भी बारे ही आराम से अब ये सब देखने के बाद लगता है की अग्नि को रोक पाना नमुनकीन है
लॉर्ड देवधर – महाराज भले ही अग्नि ने ये जंग जीिट लिया हो लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं आया सीबे निराशा के वो जिस चीज़ के तलाश में वहाँ गया था वो मॅजिकल मिरर उसे नहीं मिला इसलिए अग्नि इसे मुहिम में नाकाम ही रहा
बिस्वजीत सिंग रातोरे – आप ने सही कहा महाराज लेकिन आखिरी वक्त में किंग जेम्ज़ ने उसे ये बता दिया है की मॅजिकल मिरर आप के पास है इसे लिए अग्नि का अगला निशाना गंधर्व नगरी होगा
गुरुजीी – हाँ देवधर हमें भी यही लगता है की अग्नि का अगला निशाना तुम्हारा ही स्टेट होगा
लॉर्ड देवधर – हम जानते हैं इसे बात को गुरुजीी लेकिन हमें अग्नि की बिलकुल भी चिंता नहीं है क्योंकि जब पिछली वार सम्राट ने यहाँ हमला किया था तब उसने हमारे पूरे शहर को तबाह कर दिया था उस जंग में हमारे पिताजिी बुरी तरह से घायल हो गये थे इसे शहर को बचाते बचाते उस जंग में हमारी बहुत बुरी तरह से हार हुई थी , उस हार के बाद हमने गंधर्व नगरी का बागडोर संभाला नये राजा के तोर पे और तबाह होचुके गंधर्व नगरी का फिरसे निर्माण करवाया नये तरीके से
और ये नया गंधर्व नगरी चारों तरफ से बादलों को छूने वाले पहाड़ों से घिरा हुआ है और हमारे स्टेट’से में आने के लिए सिर्फ़ दो ही राषते बनाए गये हैं एक है सामने का राष्टा ये सबसे सुरक्षित राष्टा है लेकिन हमारे मर्जी के खिलाफ सामने के राषते से कोई भी नहीं आसकता है क्योंकि इसे राषते का दरवाजा जादुई है और ये जादुई दरवाजा हमारे मर्जी से खुलता है और बंद होता है इसे दरवाजे के ऊपर किसका भी हुकुम नहीं चलता है सिबाए हमारे
और दूसरा राष्टा है मौत का राष्टा यानि की हमारे स्टेट’से तक आनेवाले सुरंगों का राष्टा , हमारे स्टेट’से के बाहर जो जुंगेल है उस जुंगेल में दो सुरंग हैं और उन्हीं दोनों सुरंग में से यहाँ तक आया जा सकता है लेकिन उस राषते से आना मतलब मौत पक्का है क्योंकि उन्न सुरंगों में हमने इतने सारे जादुई जानलेवा जाल बिछा रखे हैं की किसका भी जिंदा बचके आना नमुनकीन है
बिस्वजीत सिंग रातोरे – मगर महाराज आप भूल रहे हैं की अग्नि ने किस तरह से हॉबैट’से के महेल के दरवाजे को थोड़ा था वो आप के सामने के
राषते के दरवाजे को भी तो तोड़ सकता है
लॉर्ड देवधर – बिलकुल नहीं महाराज क्योंकि ये दरवाजा ताक़त से तो बिलकुल नहीं टूटेगा अग्नि जितना भी ताक़त लगले जितना भी स्पिरिट बॉम्ब फोड़ड़ दे उस दरवाजे पे लेकिन वो दरवाजा टॅस से मास नहीं होगा
बिस्वजीत सिंग रातोरे – ये तो बहुत अच्छी बात है महाराज अब देखते हैं अग्नि क्या करता है आगे
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रात होचुकी थी और इधर हॉबैट’से के जंग को जीतने के बाद अग्नि की फौज जश्न मना रही थी मौज मना रही थी सभी शराब के नशे में धुत थे और नाच रहे थे और अग्नि दूर खड़ा इन सबको देख खुश था और फिर अग्नि के फौज का सेनापति जबार अग्नि के पास आता है
जबार – मलिक आप यहाँ अकेले क्यों खड़े हैं आईय ना हमारे साथ जश्न में शामिल होजाए
अग्नि – नहीं जबार में यहीं ठीक हूँ तुम सबको इसे तरह देख के अच्छा लग रहा है तुम जाओ और जश्न मनाओ में यहीं ठीक हूँ
जबार – जैसे आप की मर्जी मलिक
फिर जबार अग्नि के पास से चला जाता और सबके साथ मौज करने लगता है और अग्नि दूर खड़ा बहुत देर तक सबको जश्न मानते हुए देखता रहता है फिर अग्नि वहाँ से पीछे पलट था है और आगे तरफ जाता है , अग्नि अब कुछ देर अकेला रहना चाहता था इसलिए वो सुनसान जुंगेल से होते हुए एक पहाड़ के पास अपहुंकता है और उस पहाड़ी के छोटी पे बैठ के चाँद के तरफ ही देखने लगता है
अग्नि – बहुत देर तक अग्नि चाँद के तरफ ही देखते रहता है और जब रात के 12 बजते हैं तो अग्नि चाँद के तरफ ही देखते हुए कुछ कहता है
हर लम्हा आपके होठों पे मुस्कान रहे,
हर गम से आप अंजान रहें,
जिसके साथ महक उठे आपकी जिंदगी,
हमेशा आपके पास वो इंसान रहे.
हॅपी बर्तडे वर्षा !
अग्नि – हाँ वर्षा मुझे याद है ये दिन , में इसे दिन को केशे भूल सकता हूँ आज ही के दिन ठीक रात के 12 बजे ही तो तुम पेड़ा हुए थे , आज भले ही में तुम्हारे साथ नहीं हूँ लेकिन में हमेशा यही चाहूँगा की तुम जहाँ भी रहो हमेशा खुश रहो और हस्सती खिलखिलती रहो
3 साल होचुके हैं मुझे तुमसे बिछड़े हुए और में आशा करता हूँ की इन 3 साल में तुम मुझे भूलके जिंदगी में आगे तरफ चुकी होगी और यही तुम्हारे लिए अच्छा भी होगा मुझे भूलना क्योंकि प्यार इंसानों से किया जाता है वर्षा खून पीनेवाले दरिंदों से नहीं वेमपाइर’से से नहीं और में अब एक खून पीनेवाला दरिन्दा हूँ वेमपाइर हूँ
ये सब कहते कहते अग्नि के आँखें नाम होचुकी थी अग्नि अपने आँखों को पूछता है और फिरसे चाँद के तरफ ही देखने लगता है ,,,,,,, और ठीक उसी वक्त इंसानी दुनिया में ,,,,,, इंसानी दुनिया में – देहरादून हिन्दुस्तान का एक छोटा सा शहर और ये शहर हिन्दुस्तान के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन्स में से एक है , इसे शहर में बहुत सारे एजुकेशनल इन्स्टिट्यूशन्स भी भरे पड़े हैं इसे लिए देहरादून को सिटी ऑफ एजुकेशन भी कहते हैं और यहाँ पे नदा यानि की नेशनल डिफेन्स अकॅडमी भी है और इसे अकॅडमी का मोटो है सेवा परमो धर्मा और यही इसे शहर का भी मोटो है इसे शहर के लोग बहुत अच्छे हैं
देहरादून के सबसे बारे आदमी हैं मतलब अमीर शॅक्स हैं दिग्बिजय सिंग ठाकुर ये इंडिया के टॉप 3 इंडस्ट्रियलिस्ट में से एक हैं ये बहुत ही पॉवेरफ़ुल्ल बिज़्नेस मॅगनेट हैं इंडिया के इनके जेब में तो रल्लिंग पार्टी पड़ी रहती है और ये अपनी बेटी से बहुत प्यार करते हैं और इनकी बेटी है वर्षा जो अग्नि के दिल की धड़कन है और वर्षा ईश्वक़्त रात के 12 बजे अपने कमरे में सोने की कोशिश कार रही है
दिग्बिजय सिंग ठाकुर और उनकी पत्नी लीला ठाकुर और वर्षा की दोनों दोस्त यानि की सानिया और संगीता दबे पांव वर्षा के रूम के तरफ तरफ रहे थे सभी चुप चाप वर्षा के रूम के दरवाजे के बाहर तक पहुँच जाते हैं फिर दिग्बिजय सिंग ठाकुर आिशते से वर्षा के रूम के दरवाजे को खोलते हैं और फिर सब एक एक करके रूम में आिशते से घुस जाते हैं और इधर बेड पे वर्षा इसे बात से अंजाम की उसके रूम में कोई है वो कंबल ओढ़ के सोने की कोशिश कार रही थी की तभी सानिया वर्षा के ऊपर से कंबल हटा देती है और फिर सब एक साथ कहते हैं हॅपी बर्थ दे वर्षा , मानी मानी हॅपी रिटर्न’से ऑफ थे दे वर्षा
वर्षा उठके बैठ जाती है और सबके तरफ ही देखने लगती है वो बिलकुल सर्प्राइज़ थी उसे तो याद भी नहीं था की उसके बर्थ दे के बारे में फिर वर्षा अपने बेड से उतज़ाति है और जाकर अपने पापा के पर चुनके उनसे आशीर्वाद लेती है फिर वर्षा अपने आंटी के आशीर्वाद लेती है और फिर वर्षा जाकर अपने दोनों सहेलियों के सानिया और
संगीता के गले मिलती है
वर्षा – ई आम टोतली सर्प्राइज़ मुझे तो याद ही नहीं था अपने बर्थ दे के बारे में पापा
वर्षा’से पापा – बेटा भले ही तुम इसे दिन के बारे में भूल जाओ पर हम नहीं भूल सकते हैं क्योंकि आज से करीबन 21 साल पहले आज ही के दिन हमारे घर पे दो नन्ही पारियाँ आई थी और आ ही उन्न दोनों ने हमारे सुने पड़े घर को और हमारे जिंदगी को खुशियों से भर दिया था
वर्षा’से आंटी – हाँ जीि आप बिलकुल सही कह रहे हैं आज हमारे पास सबकुछ है पर एक चीज़ नहीं है काश ईश्वक़्त हमारे पास वर्षा के साथ साथ जहाँ भी होती तो हमारा परिवार पूरा होता और हमारी खुशियाँ और भी दुगुनी होती , ये बोलते बोलते वर्षा के आंटी के आँखों से आँसू आजाते हैं
फिर वर्षा आगे बढ़ती है और जाकर अपने आंटी को गले लगा लेती है और उनके आँखों से आँसू पूछ देती है और फिर
वर्षा – आंटी आप फिरसे रो रही हैं आप को पता है ना की जहाँ दीदी को आप के आँखों में आँसू देख के कितनी तकलीफ होती थी इसे वक्त वो जिधर भी होंगी अगर उन्हें पता चलेगा की आप उनको याद करके रोते हो तो उन्हें कितनी तकलीफ होगी
वर्षा’से आंटी – हाँ बेटा तू सही कहती है मुझे रोना नहीं चाहिए में अपने आँखों में आँसू ला कर अपनी बेटी जहाँ को तकलीफ देना नहीं चाहती
ये सब बातें कार ही रहे थे की तभी वर्षा के फोन की घंटी बजती है और सानिया बेड के ऊपर से फोन उथलेटी है और जब वो फोन पे कॉल करने वाले का नाम देखती है तो उसके चेहरे पे मुश्कं आ जाती है
वर्षा – किसका फोन है सानिया
सानिया – ईश्वक़्त किसका फोन होसकता है वर्षा मैडम आप के राज़ साहेब का ही है , ये बोलकर सानिया फोन को वर्षा के तरफ बढ़ा देती है
वर्षा’से आंटी – चलो सब यहाँ से वर्षा को अकेला चोद देते हैं उसे अपने होनेवाले पति से बात करना है हमें उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहि
UPDATE-29)
सानिया & संगीता – हाँ हाँ आंटी अपने बिलकुल सही कहा हमें ईश्वक़्त वर्षा को अकेले चोद देना चाहिए
वर्षा – आंटी आप भी ना पापा देखिए ना किस तरह सब मुझे परेशान कार रहे हैं
वर्षा’से पापा – है कोई भी मेरे बेटी को परेशान नहीं करेगा समझे अब चलो इसे अकेला चोद दो इसे अपने होनेवाले पति से बात जो करना है
वर्षा – क्या पापा आप भी ना इनके साथ मिल जाते हो हमेशा , और फिर सभी वर्षा के कमरे से चले जाते हैं और फिर वर्षा राज़ का कॉल रिसेवेड करती है
राज़ – हॅपी बर्थ दे तो यू में लव बहुत बहुत बधाई हो वर्षा तुम्हें
वर्षा – तांख्षकशकशकशकशकशकश राज़ , और राज़ कहाँ हो ईश्वक़्त तुम म्यूज़िक का साउंड आ रही है
राज़ – यार वर्षा ईश्वक़्त में टोनी के पब के बाहर खड़ा हूँ तुम तो आए नहीं इसलिए तुम्हारे बर्थ दे को हम लोग मना रहे हैं
वर्षा – हहा हहा तुम्हें पता है ना राज़ की में इतने देर रात को बाहर नहीं जाती और वैसे और कौन कौन है
तुम्हारे साथ
राज़ – पता है मुझे वर्षा की तुम इतने रात को घर के बाहर नहीं निकलती , यार मेरे साथ ईश्वक़्त देव जागु और मिलन है और वो तीनों ईश्वक़्त पब के अंदर हैं हम चारों ही पब में आए हुए हैं
वर्षा – ओके राज़ एंजाय और ताकि केर और हाँ ज्यादा ड्रिंक्स मत करना
राज़ – ओके यार ज्यादा ड्रिंक्स नहीं करूँगा , चल कल मिलते हैं
फिर राज़ फोन को डिस्कोनेक्ट करके पब के अंदर चला जाता है और वर्षा भी फोन को अपने बेड पे रख देती है और अपने स्टडी टेबल के पास चली जाती है और टेबल की ड्रॉ खोलती है और उस में से एक फोटो फ्रेम निकलती है
ये फोटो फ्रेम थी अग्नि की और वर्षा की जब अग्नि ने इंटर कालेज बॉक्सिंग चॅंपियन्षिप जीती थी तब उसने और वर्षा ने इकट्ठे एक फोटो उठाया था ये फोटो उशिवक़्त की थी , वर्षा उस फोटो के तरफ ही कुछ वक्त तक देखती रहती है और फिर उस फोटो को अपने सीने से लगा लेती है
वर्षा – अग्नि आज तुम्हें मुझसे दूर हुए 3साल हो चुके हैं लेकिन इन 3साल में एक भी शा दिन एक भी शा पल नहीं था जब मेरे दिल ने तुम्हें याद नहीं किया जब तुम मुझे छोड़कर गये थे तो में भी मार्जना चाहती थी लेकिन तुम्हारी आंटी ने मुझे समझाया की तुमने मेरे लिए अपनी जान दी है क्योंकि तुम मुझसे सच्चे दिल से प्यार करते थे और हमेशा खुश देखना चाहते थे और अगर में भी मर जाऊंगी तो तुम्हारी कुर्बानी बेकार होज़ायगी तुम्हारे प्यार की वो नाकामी होगी और में तुम्हारे प्यार को नाकाम कैसे होने दे सकती थी इसे लिए मैंने उनकी बात मनलिया और जिंदगी धीरे धीरे आगे बढ़ने लगी लेकिन तुम्हें कभी भी अपने दिल से निकल नहीं पाई क्योंकि निकाला तो उसे जाता है जिसे आप अपने दिल में रखते हो पर तुम तो मेरे दिल हो और कोई शॅक्स अपने दिल को अपने शरीर से कैसे निकल सकता है
वर्षा – अग्नि आज तुम्हें मुझसे दूर हुए 3साल हो चुके हैं लेकिन इन 3साल में एक भी शा दिन एक भी शा पल नहीं था जब मेरे दिल ने तुम्हें याद नहीं किया जब तुम मुझे छोड़कर गये थे तो में भी मार्जना चाहती थी लेकिन तुम्हारी आंटी ने मुझे समझाया की तुमने मेरे लिए अपनी जान दी है क्योंकि तुम मुझसे सच्चे दिल से प्यार करते थे और हमेशा खुश देखना चाहते थे और अगर में भी मर जाऊंगी तो तुम्हारी कुर्बानी बेकार होज़ायगी तुम्हारे प्यार की वो नाकामी होगी और में तुम्हारे प्यार को नाकाम कैसे होने दे सकती थी इसे लिए मैंने उनकी बात मनलिया और जिंदगी धीरे धीरे आगे बढ़ने लगी लेकिन तुम्हें कभी भी अपने दिल से निकल नहीं पाई क्योंकि निकाला तो उसे जाता है जिसे आप अपने दिल में रखते हो पर तुम तो मेरे दिल हो और कोई शॅक्स अपने दिल को अपने शरीर से कैसे निकल सकता है
अग्नि आज मेरे पास देव , जागु , संगीता , सानिया जैसे सच्चे दोस्त हैं और वो सब तुम्हारे वजह से हैं तुम्हिसे मैंने
सीखा की दोस्तों के साथ दोस्ती निभाया नहीं जाता दोस्तों के साथ हरर एक लम्हा हरर एक पल को जिया जाता है और उनके साथ हरर एक खुशी और हरर एक दर्द को बनता जाता है
और तुम्हिसे मैंने प्यार के मायने भी जाने , में तो तुमसे नफरत करती थी तुम्हें अपने जहाँ दीदी के मौत का जिम्मेदार समझती थी , मैंने तुम्हें बर्बाद करने की तुम्हारी जिंदगी को तबाह करने की बहुत कोशिश की मैंने तुम्हें बहुत तकलीफ पहुँचाई लेकिन बदले में तुमने मुझे सिर्फ़ प्यार ही प्यार दिया
मैंने नफरत में तुमपे जीतने भी वार किए तुमने वो सब हस्सते हस्सते हुए सहलिए तुमने कभी भी मुझसे कुछ नहीं कहा तुमने तो मुझे बचाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दिया , तुमने एक बार भी नहीं सोचा अपने बारे में हमेशा तुमने मेरे ही बारे में सोचा अग्नि
आज जब में उन्न सब बातों को याद करती हूँ तो मुझे पता चलता है की मैंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती या गुनाह जो भी कहा जाए वो किया जिसकी सजा मुझे मिली , मैंने अपनी जिंदगी की सबसे कीमती चीज़ को खो दिया मैंने तुम्हें खोदिया अग्नि हमेशा हमेशा के लिए
काश में वक्त को बदल पति काश में उन्न सभी गुनाह को जो मैंने तुम्हारे साथ किया वक्त में पीछे जाकर सुधार सकती जिस से तुम मुझसे कभी भी दूर नहीं जाते , काश ईश्वक़्त तुम मेरे साथ होते अग्नि काश
प्लज़्ज़्ज़्ज़ अग्नि वापस लौट आओ उस दुनिया से जिस दुनिया से आज तक कोई नहीं लौटा है , तुम्हारे बिना जीना मेरे लिए दिन बीए दिन मुश्किल होती जा रही है प्लज़्ज़्ज़्ज़ अग्नि कम बेक , ये सब बोलते बोलते वर्षा के आँखों से आँसू बहने लगते हैं और वो अग्नि के उस फोटो को अपने सीने से लगाकर रोने लगती है
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इधर राज़ वर्षा से फोन पे बात करने के बाद वापस पब में आ जाता है जब वो अंदर आता है तो उसे एक कोने में एक टेबल पे देव जागु और मिलन बैठे मिलजाते हैं और ये तीनों बैठ के दारू पीरहे थे राज़ भी उनके पास आ जाता है
मिलन – क्यों यार राज़ हो गयी बात वर्षा से
देव – आबे मिलन हो गयी बात वर्षा से तूने राज़ का चेहरा नहीं देखा क्या कितना खुश लग रहा है साला
राज़ – हाँ यार हो गयी बात वर्षा से और तुम लोग जो समझ रहे हो वैसे कोई भी बात नहीं है में तो सिर्फ़ वर्षा को बर्थ दे विश करने गया था
जागु – अच्छा साले शा क्या , चल तो ये बता की तूने हमारी तरफ से भी विश किया ना
राज़ – अरे यार वो वो क्या है ना में भूल गया यार
जागु – साले तुझे जाते वक्त मैंने कहा था की हमारे तरफ से भी विश करदेना और तू भूल गया और तू कह रहा है वैसे कोई भी बात नहीं है बेटा सब समझता हूँ में
देव – आबे बंद करो भी अपनी अपनी बकवस्स वो देखो भी सामने क्या धसू माल है भी
UODATE-30)
मिलन – कहाँ है कहाँ है यार माल
देव – आबे मिलू वो देख सामने क्या गोरी चिट्ठी माल है भी देख के
मुंह में पानी आ गया भी काश एक वार दे दे साली मजा अजाए यार
मिलन – आबे हाँ यार देव क्या पटाखा है भी
राज़ – आबे साले देव तू तो कुछ शर्म कार साले तू अभी सिंगल नहीं है तू अब डबल होचुका है सानिया क्या कम सुंदर है जो तू इश्को देख लार टपका रहा है
देव – आबे में असली मर्द हूँ समझा और मर्द हमेशा अपने माल से ज्यादा दूश्रों के माल के ऊपर नज़र रखते हैं क्या पता कब कोई मौका मिल जाए चोका मरने को , क्यों भाई मिलन
मिलन – हाँ यार देव तूने सही बोला यार तू साला अपने ही टाइप का बंदा है तेरी और मेरी खूब बनेगी यार , चल बोल पापा
राज़ – आबे साले बंद करो अपनी अपनी बकवस्स भी और जल्दी खत्म करो भी घर भी जाना है देर हो रही है
जागु – आबे हाँ यार चलो यार जल्दी से खत्म करो मुझे तो थोड़ा थोड़ा नशा भी होने लगा है
फिर सब अपने अपने ड्रिंक्स खत्म करते हैं और पब से बाहर निकल पड़ते हैं फिर चारों राज़ के कार में बैठ के चल देते हैं घर के तरफ लेकिन राषते में ही देव गाड़ी रोकने को कहता है क्योंकि उसे पेशाब करना था
फिर देव गाड़ी से लड़खड़ाते हुए बाहर निकलता है और पेशाब करने के बाद जब बैठने को होता ही है की उसे पास ही में एक ढाबा दिखाई देता है
देव – आबे यारो पास ही में एक ढाबा है चलो चल कर चाय पीते हैं भी
जागु – साले ये कोई चाय पीने का वक्त है चुप चाप बैठ जा गाड़ी में नहीं तो तेरे पीछे से सरिया डालूँगा और आगे से चाय निकलेगा समझा अब बैठ चुप चाप
देव – चल ठीक है कुत्ते लेकिन एक बात बता भी साले कुत्ते क्या हम सब ऐशी हालत में घर जाएँगे अंकल को पता चल गया की हमने पी हुई है तो क्या होगा मेरे भाई
राज़ – आबे हाँ भी अगर पापा को पता चल गया की हमने दारू पिया है तो मेरी पेलाइ पक्की है भी चलो चलकर चाय पीते हैं इसे से हम थोड़ा फ्रेश भी होज़ाएँगे और पापा को भी कुछ पता नहीं चलेगा
जागु – वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन – अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं जागु – वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन – अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं
गाड़ी जाकर उस हाइवे पे बनी ढाबे पे ही रुकती है और फिर सभी गाड़ी में से एक एक करके उतरते हैं , वो एक हाइवे पे बनी बड़ा सा ढाबा था और ईश्वक़्त रात के 12 बजे के बाद भी वहाँ पे काफिई चहेल पहले थी बहुत से लोग वहाँ बैठ के खाना
कहा रहे थे तो कोई उस ढाबे पे बैठ के शराब पी रहे थे , शहर से थोड़ी दूरी पे होने के वाबजूद वहाँ पे अक्सर पुलिस की पे.सी.आर वन राउंड लगाया करती थी क्या पता कोई लाफद होज़ाये इसे शक से पुलिस वहाँ के चक्कर लगाया करती थी और अभी अभी भी एक पे.सी.आर की वन चक्कर लगाकर गयी थी
देव , जागु , राज़ और मिलन ये चारों छलके आ हैं और एक खतिए पे बैठ जाते हैं और उस ढाबे पे काम करने वाले लड़के को बुलाते हैं फिर वो लड़का आता है और इन सबसे इन्हें क्या चाहिए पूछता है और फिर राज़ सबके लिए चाय लाने को बोलता है मलाई मारकर और जैसे ही वो लड़का चलने को होता है देव उसे रोकता है और कहता है
देव – आबे राज़ एक काम करते हैं यहाँ अगर आ ही गये हैं तो खाना खाके ही चलते हैं दारू की स्मेल भी मिट जाएगीइ खाने की खुशबू से
राज़ – आबे हाँ भी ये तो तू सही बोल रहा है , ओये छोटू
(उस ढाबे में काम करने वाले लड़के को) सुन चाय का आर्डर कॅन्सल करदे और ये बता खाने में क्या मिलेगा
छोटू – साहब खाने में सब कुछ है और फिर वो लड़का बहुत सारे खाने के पकवानों के नाम लेने लगता है लेकिन उसे बीच में राज़ रोक देता है
राज़ – ओये बॅस कर्बे कितने तेजिसे बोल रहा है एक काम कार सबके लिए तंदूरी रोती और चिकन करी लेकर आजा और हाँ कुछ मीठा भी लाना ठीक है अब जा , फिर वो लड़का खाने का आर्डर लेकर चला जाता है
फिर कुछ ही देर में वो लड़का खाना लेकर आ जाता है और सब मिलकर खाने लगते हैं और खाना खाते खाते अचानक देव को कुछ याद आ जाता है और उसके आँखों से आस्यू आजाते हैं ये देख सभी उस से पूछते हैं की क्या हुआ फिर
देव – कुछ नहीं यार अग्नि की याद आ गाई जब भी वो हमारे साथ दारू पिता था तो हम तीनों हमेशा दारू पीने के बाद यहीी तंदूरी रोती और चिकन करी खाते थे , क्या दिन थे यार वो
जागु – सही कहा यार देव अग्नि के साथ बिताए हुए पल हमारे जिंदगी में सुनहरे पल थे जो हम कभी भी चाह कार भी नहीं भुला सकते हैं
मिलन – आबे यार ये अग्नि कौन है भी जिसका नाम कुछ दिन पहले मैंने राज़ के मुंह से सुना था और अब तुम दोनों के मुंह से कोई महात्मा है क्या जिसका नाम तुम दोनों इसे तरह लेरहे हो
जागु – (मुस्कुराते हुए) अग्नि ,,,,,, सबसे बड़ा कमीना था साला , हम दोनों का जान था अग्नि और हम दोनों भी उसके जान थे हमारे ऊपर अपनी जान छिड़कता था वो अगर कोई हमारे ऊपर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़ देता था , अग्नि हम दोनों का सबसे चहेता दोस्त था हम तीनों लंगोतिया यार थे हम दोनों जीतने हमारे घरवालों से प्यार नहीं करते थे उस से कहीं ज्यादा उस कमीने अग्नि से करते थे
मिलन – साउंड इंट्रेस्टिंग यार अगर अग्नि इतना ही मस्त बंदा था तो राज़ तूने उसे यहाँ तेरी सगाई पे इन्वाइट क्यों नहीं किया जो कुछ दिन बाद होनेवाली है
राज़ – यार मिलन अग्नि यहाँ नहीं आसकता है
मिलन – क्यों भी राज़
अग्नि यहाँ क्यों नहीं आसकता है
देव – क्योंकि अग्नि अब इसे दुनिया में नहीं है
मिलन – क्य्ाआआआआआ पर कैसे
राज़ – मिलन अग्नि ने वर्षा की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दिया
मिलन – क्य्ाआआआ इसका मतलब अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती थी
राज़ – हाँ मिलन अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती है आज भी और शायद हमेशा करती रहेगी , मिलन जो भी लोग अग्नि को करीब से जानते हैं वो कभी भी अग्नि को अपने दिल और दिमाग से निकल नहीं सकते चाहे वो अग्नि के दोस्त हो या अग्नि के दुश्मन और वर्षा तो अग्नि से प्यार करती है इसलिए अग्नि को वर्षा के दिल से निकल पाना असंभव है
मिलन – तो राज़ वर्षा शादी के लिए राजी क्यों हुई जबकि वो तुमसे प्यार नहीं करती है
राज़ – यार अग्नि वर्षा को हमेशा खुश देखना चाहता था और वर्षा तभी खुश रहेगी जब वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेगी और इसलिए अग्नि के आंटी ने वर्षा को इसे शादी के लिए राजी करवाया
मिलन – यार तुम सबके मुंह से अग्नि और उसकी कहानी सुनकर शा लग रहा है की में भी अग्नि का ही दोस्त हूँ यार काश में भी कभी अग्नि से मिलपता
ये चारों खाना खाते हुए इसे ही बात कार रहे थे की तभी अचानक ढाबे पे दो स्कॉर्पियो तेज रफ्तार के साथ आकर रुकी और उस में से कुछ लड़के बाहर निकालने लगे और जब उन में से एक की नज़र इन चारों के ऊपर पड़ी तो वो लड़का अपने सभी दोस्तों के साथ मिलकर इनके तरफ ही छलके आने लगा
मिलन – आबे राज़ वो देख साला हरामी अनिल आ रही है हमारे ही तरफ
राज़ – (उस लड़के अनिल के तरफ देखता है फिर) आबे तो आने दे क्या उखाड़ लेगा हमारा
UPDATE-31)
देव – आबे मिलन कौन है ये लड़का जो इसे तरफ आ रही है
मिलन – अरे ये साला हरामी अनिल है मेरे और राज़ का पुराना दुश्मन है ये स्कूल के दीनों से
फिर वो लड़का जिसका नाम अनिल था वो अपने दोस्तों के साथ चलते हुए आकर इन सबके सामने पहुँच जाता है और
अनिल – हेलो राज़ कैसा है भी तू
राज़ – में तो मस्टं मस्त हूँ तू बता तू कैसा है
अनिल – में भी सही हूँ और मैंने सुना तेरी शादी वर्षा के साथ फिक्स हो गयी है क्या सच है ये
राज़ – हाँ तूने सही सुना मेरी और वर्षा की शादी फिक्स हो गयी है और बहुत जल्द हो भी जाएगी
अनिल – अरे यार राज़ मैंने सुना था की ये वर्षा जब ओरइससा में पढ़ाई करने के लिए गयी थी तो वहाँ पे इसका किसी लड़के के साथ तक भिदगाया था और ये भी सुना है की उस लोंडे ने वर्षा को प्रेगञेन्ट करके चोद दिया था
वर्षा के बारे में इतनी गलत बात सुनकर राज़ , देव , जागु और मिलन चारों गुस्से में आजाते हैं और उठ खड़े होते हैं
राज़ – देख अनिल तू अपने हद से आगे तरफ रहा है तेरे लिए यही अच्छा होगा की तू चुप चाप यहाँ से खिसक ले नहीं तो बहुत मर खाएगा मुझसे ईश्वक़्त
अनिल – आबे तू गुस्सा क्यों
होता है यार में जनता हूँ तू वर्षा से उसके पेशों के लिए शादी कार रहा है , और वैसे भी साली वर्षा तो सबसे बड़ी छीनाल थी छीनाल , इसे से अनिल कुछ आगे बोलपता एक जोरदार चाहता उसके गाल के ऊपर पड़ी है चटाककककककककककक , ये आवाज़ उस जगह के चारों और फेल जाती है जीतने भी लोग उस ढाबे पे थे वो सब इन सबके तरफ ही देखने लगते हैं , और राज़ से चाहता खाने के बाद अनिल को भी गुस्सा आ जाता है
अनिल – आबे मारों इन सबको किसको मात चोदना (अनिल अपने सभी दोस्तों से ये कहता है)
फिर तो अनिल और पार्टी और राज़ और पार्टी के बीच हतफई चालू होजती है , अनिल और उसके दोस्तों को मिलकर वो सब 10 थे और ये सिर्फ़ 4 राज़ देव जागु मिलन , सब एक दूसरे के ऊपर टूट पड़ते हैं जागु अपने हाथ को चारों तरफ बिना रूक्के घूमने लगता है जोर्रों से इसे से जो भी जागु के पास जाता वो पीट जाता और राज़ अनिल को पकड़कर बुरी तरह से मरने लगा था
और इधर मिलन को जो भी मरता मिलन उसके हाथ को पकड़कर जंगली लोगों की तरह काट देता अपने दाँतों से और इससे कोई भी मिलन के पास नहीं आता है अब सभी देव के तरफ ही लपकते हैं और साला देव तो मिलन और जागु से भी दो कदम आगे निकलता है वो उस ढाबे में बैठने के लिए पड़ी खतिए और चेयर टेबल’से को उठा उठा के सबके ऊपर फेंकने लगता है
कुछ ही देर में सब कुछ उलट पलट हो जाता है जो ढाबा कुछ देर पहले बहुत शांत था अब वो ढाबा एक जंग का मेडन बन चुका था जीतने भी लोग वहाँ बेत्के खाना कहा रहे थे वो सब डार्क भाग चुके थे ढाबे का मलिक भी डर चुका था और उसने डार्क पुलिस को फोन कर दिया था
और इधर हतफई में राज़ और पार्टी बढ़त पर थी अनिल और पार्टी इन सबसे मर कहा रही थी की तभी अनिल चीखते हुए अपने दोस्तों से कहता है – आब्बी सालों निकमों जाओ गाड़ी से हत्यार निकल लो आज इन सबको काट के रख देंगे और फिर अनिल के सभी दोस्त गाड़ी के तरफ भागते हैं और जाकर गाड़ी से होक्की स्टिक बेसबॉल बात लोहे का सलहिया साइकिल की चैन और बारे बारे चाकू निकलकर लाने लगते हैं
और ये देख राज़ और पार्टी की फटने लगती है और सब राज़ के पास आजाते हैं और फिर मिलन डरते हुए कहता है
मिलन – आबे राज़ ये क्या ये सब तो हत्यार निकल रहे हैं और हमारे पास तो कुछ भी नहीं है अब हम क्या करे
देव – आबे करे क्या करे सालों की गांड फाड़ देंगे अगर पास आए तो
जागु – आबे साले पागल हो गया है क्या उनके पास हत्यार है हमारे पास क्या है बाबाजी का तुल्लू
फिर देव को कुछ सूझता है और वो इन तीनों को वहीं रुकने को बोलकर ढाबे के अंदर घुस जाता है और अंदर से दो जलती हुई लकड़ी और दो छोटे छोटे बॉटल में घाशलेट ले आता है और एक बॉटल जागु को पकड़ा देता है और जागु को देव तैयार होजने के लिए कहता है
और फिर जब अनिल और उसके सभी दोस्त हाथ में हत्यार लिए इनको चारों तरफ से घेरने लगते हैं तो देव
अपने मुंह में थोड़ा सा घाशलेट दलदेटा है और हाथ में पकड़े हुए जलती हुई लकड़ी को मुंह के सामने करके फूँक देता है जिस से देव के मुंह से आग निकलता है और वो आग जाकर सीधे अनिल के एक दोस्त के कपड़ों में लग जाता है और आग अपनी रफ्तार पकड़ लेती है और उस लड़के का कपड़ा जलने लगता है और वो लड़का अपने हाथ में पकड़े हुए होक्की स्टिक को छोड़कर चारों तरफ बचाओ बचाओ चिल्लाते हुए भागने लगता है
और देव की देखा देखी जागु भी वैसा ही करता है वो भी उसी तरह अपने मुंह में घाशलेट डालता है और आग के सामने फूँक देता है इसे से अनिल के सभी दोस्त और अनिल पास आने से डरने लगते हैं और देव ये देख चिल्लाते हुए कहता है – आबे अब आओ सालों सबकी गांड में आग लगा दूँगा , देव की देखा देखी मिलन और जागु और राज़ भी चिल्लाने लगते हैं
मिलन , जागु , राज़ – आओ हरमीों आओ हमारे पास सबके गांड में आग लगा देंगे हम आग , सालों कुत्तों हमें समझ क्या रखा है भी आओ सालों आओ , फिर अचक से कोई सामने से आता है और किसको सामने से आता हुआ देख देव थोड़ा सा डर जाता है और फौरन अपने मुंह में घाशलेट डालकर उस स्क्स के तरह ही उस स्क्स को बिना देखे आग फूँक देता है जिस से उस आनेवाले स्क्स के चेहरे में ही आग लगज़ता है और वो स्क्स बचाओ बचाओ बोलकर चारों तरफ भागने लगता है
ये स्क्स अनिल या उसके दोस्तों में से नहीं था ये स्क्स एक पुलिस वाला था उस स्क्स के पीछे कुछ हवलदार भाग रहे थे और वो सारे हवलदार उस स्क्स के चेहरे के ऊपर पानी डालते हैं , उस स्क्स का चेहरा थोड़ा सा जल चुका था उसके नाक और गाल के कुछ हिस्से जल चुके थे यहाँ तक की उस स्क्स के सर के आधे बाल भी जल चुके थे वो स्क्स अपने चेहरे से आग को बुझाने के बाद देव जागु राज़ और मिलन के तरफ गुस्से से आता है
राज़ – आब्बी साले देव तूने ये क्या कर दिया साले तूने इसे शहर स्प के ही चेहरे को जला दिया बेटा अब हम चारों गये काम से
मिलन – अब तो हम सबकी लग गयी ये साला स्प हमारी मारकर ही रहेगा
स्प सबको वन में डालकर थाने लेजता है और थाने पहुँचते ही सबको सलाँखों के पीछे बंद करदेता है दोनों ग्रुप’से को अलग अलग सेल में बंद कर दिया जाता है
अनिल और उसके दोस्तों को एक सेल में तो राज़ और उसके दोस्तों को दूसरे सेल में और जब राज़ को ध्यान आता है तो वो देव से पूछता है
राज़ – आबे देव ये जागु कहाँ है भी कहीं उसे उन्न सबके साथ उस सेल में तो नहीं डाल दिया , देव ये बात सुनकर चौक जाता है और दूसरे सेल में झाँकने लगता है लेकिन उसे उस सेल में जागु कहीं भी नहीं मिलता है
देव – नहीं राज़ जागु उस दूसरे सेल में नहीं है , लगता है जब स्प हमें वन में दस दस के भर रहा था ुषवक़्त उस मौके का फायदा उठाकर साला कमीना जागु हमें यहाँ मरने के लिए छोड़कर भाग गया
राज़ – आबे ये तो अच्छा हुआ ना की जागु भाग गया अब
जल्दी से जल्दी वो जाकर घर पहुँच जाए और पापा को सब कुछ बता दे वरना ये साला स्प हमारी खाल खींच लेगा भी
मिलन – हाँ भाई मैंने सुना है ये स्प साला जल्लाद है जल्लाद किसी को भी नहीं चोदता है , इधर स्प अपने चेहरे पे एक बर्निंग आयंटमेंट लगा रहा था और लगते हुए एक हवलदार से कहता है
स्प – ओये सुन तू जाकर डंडों में तेल लगाकर रख आज इन सबकी पिछवाड़े में डंडा पेलुँगा और सबसे पहले उस लोंडे की जिसने मेरे चेहरे की ये हालत किया है
और फिर वो हवलदार एक रूम के अंदर चला जाता है और इधर सेल में बंद सबकी बुरी तरह से फट के हाथ में आ जाती है चाहे वो राज़ और गान्ड हो या अनिल और गान्ड सबकी ईश्वक़्त फटती पड़ी थी कुछ करके देव की क्योंकि पहली बड़ी उसी की जो थी
देव – आबे राज़ कुछ कर्बे साले नहीं तो ये स्प मेरे पिछवाड़े में डंडा पिलवा देगा कुछ कार मेरे भाई कुछ कार
राज़ – आबे में क्या करूँ साले तूने स्प के ऊपर आग क्यों फेंका देख के नहीं फेंक सकता था साले तेरे ही वजह से हम सब की वॉट लगने वाली है
देव – आबे यार में क्या करता वो साला स्प अचानक से सामने से आ गया इसलिए में डर गया और बिना देखे उष्पर आग फेंक दिया
राज़ – काश ईश्वक़्त तक जागु घर पहुँच चुका हो और पापा को सब कुछ बता चुका हो अब सिर्फ़ पापा ही हैं जो हमें यहाँ से निकल सकते हैं
और फिर कुछ देर बाद एक हवलदार सेल का दरवाजा खोलता है और देव को अपने साथ बुलाता है इसे से देव की और भी फट जाती है और वो उसके साथ जाने से मना करदेता है और फिर वो हवलदार गुस्से में आकर देव को खिंकके ले जाने लगता है और देव भी पूरी ताक़त लगा देता है न जाने के लिए लेकिन देव से कहीं ज्यादा ताक़त था उस मोटे हवलदार के पास इसलिए वो हवलदार देव को घसीट ते हुए लेकर उस रूम के तरफ बढ़ने लगता है की तभी पुलिस थाने में कोई एंटर करता है और ये कोई और नहीं राज़ के पापा यानि की रौनक जौहर थे
राज़ के पापा भी एक बहुत बारे इंडस्ट्रियलिस्ट थे उनका भी बहुत नाम था हाँ वो वर्षा के पापा जीतने पॉवेरफ़ुल्ल इंडस्ट्रियलिस्ट नहीं थे लेकिन फिर भी वो एक बहुत बारे इंडस्ट्रियलिस्ट थे और वो ईश्वक़्त अपने साथ एक वॅकिल और जागु को लेकर पुलिस थाने में घुस रहे थे
राज़’से पापा – रूकको उसे कहाँ लेजरहे हो चोदा उसे , ये आवाज़ सुनकर वो हवलदार रुक्क जाता है और जब देव , राज़ और मिलन इसे आवाज़ के तरफ ध्यान देते हैं तो उनके चेहरे खिल जाते हैं वो सब चेन की सांस लेते हैं , स्प भी बाहर से आवाज़ सुनकर रूम के बाहर चला आता है
स्प – जी आप कौन और इतनी रात को यहाँ आकर क्यों छिलम चिल्ली कार रहे हैं जी , फिर राज़ के पापा स्प के पास आजाते हैं और
राज़’से पापा – में रौनक जौहर हूँ जौहर इंदुस्ट्री का चेरमेन और ये जो राज़ है जिसको अपने अरेस्ट किया है वो मेरा बेटा है और में उष्कीी जमानत करवाने
आया हूँ
(UPDATE-32)
स्प – जी माफ कीजिएगा मिस्टर, जौहर पर आप के बेटे की जमानत नहीं होसकती इन सबने मिलकर मुझे मरने की कोशिश किया है एक पुलिस ऑफिसर को मरने की कोशिश की है इसलिए इनकी जमानत नहीं हो पाएगी
राज़’से पापा – हम यहाँ आप से पूछने नहीं आए हैं की हमारे बच्चों को केशे चुड़ाएँ हम यहाँ आप को बताने आए हैं की हमारे बच्चों को चोद दीजिए और ये लीजिए (ये बोलकर राज़ के पापा कुछ पेपर’से स्प को बढ़ा देते हैं) स्प साहब ये आंटिसिपेटरी बेल के आर्डर हैं , फिर स्प कुछ देर तक उन्न पेपर’से को देखता रहता है और फिर मायूस होकर उसी मोटे हवलदार को कहता है राज़ और उसके दोस्तों को चोदने के लिए फिर वो हवलदार वेषा ही करता है
फिर राज़ के पापा आगे आगे निकल जाते हैं और पीछे पीछे राज़ देव जागु और मिलन निकलते हैं , और थाने में स्प अपने हाथ मलते हुए रहजता है और फिर इन सबके जाने के बाद वो मोटा हवलदार स्प को कहता है
हवलदार – सर वो सब तो चले गये कुछ करके वो लड़का जिसने आप के चेहरे की ये हालत किया था अब उन्न डंडों का क्या करेंगे जिन्न पे तेल लगाए थे
स्प – वो चले गये हैं लेकिन ये सब तो हैं इनको एक एक करके अंदर लाओ , स्प अनिल और उसके दोस्तों के तरफ इशारा करते हुए कहता है और फिर उस रूम के अंदर चला जाता है और वो हवलदार अनिल जिस सेल में बंद था वो सेल खोलता है और अनिल के एक दोस्त को घसीट ते हुए उस रूम में लेकर जाता है
और इधर राज़ , मिलन , देव , जागु सब घर पहुँच चुके थे और सभी जानते थे की उनकी आज वॉट लगने वाली है इसलिए सबसे पहले मिलन वहाँ से खिसकने की सोचता है
मिलन – आबे राज़ बहुत रात हो गयी है यार अब मुझे अपने घर चलना चाहिए घर पे सब परेशान होंगे
देव – साले कुत्ते कहीं के शाम को तो तू बोल रहा था की तेरे घर पे आज कोई भी नहीं हैं सब आउट ऑफ टाउन गये हुए हैं और दो दिन तक नहीं आनेवाले हैं तो अचानक से केशे आ गाए भी
राज़ – हाँ भी साले कुत्ते जब परेशानी की वक्त आई तो खिसक रहा है तुझे हम कहीं नहीं जाने देंगे तू भी चल हमारे साथ साले चल अंदर
ये बोलकर सब अंदर एक एक करके घुसते हैं और जब सब अंदर घुसते हैं तो घर के हॉल में ही राज़ के पापा सोफे पे बैठे मिलजाते हैं जो ईश्वक़्त बहुत गुस्से में थे फिर ये सब सर झुकाके एक एक करके उनके सामने जाकर खड़े होजते हैं और फिर शुरू होता है इन सबका क्लास जो पूरे आधे घंटे तक चलता है
सबको बहुत दत्त पड़ती है फिर राज़ की आंटी आकर राज़ के पापा को संभालती हैं और उन्हें समझके अंदर भेज देती हैं और फिर इन सबसे खाना खाया या नहीं पूछती हैं
राज़ – नहीं आंटी हम वहाँ ढाबे पे खाना कहा ही रहे थे की वहाँ पे वो अनिल और उसके दोस्त आ गाए और आकर हमें वर्षा के बारे में बकवास बातें बोलने लगे हमसे ये सब बर्षस्त नहीं हुआ और फिर हमारी उनके साथ लधाई हो गयी
राज़’से आंटी
– चलो चोदा उन्न सब बातों को और चलो आओ सब खाना कहा लो , फिर सब चल देते हैं खाना खाने और सब बैठ के खाना खाने लगते हैं
देव , जागु , सानिया और संगीता ये सब यहाँ देहरादून राज़ और वर्षा के सगाई के लिए आए थे सानिया और संगीता वर्षा के साथ उसके घर में रही रही थी और देव जागु राज़ के साथ उसके घर में , मिलन राज़ का बचपन का दोस्त था वो कहते हैं ना छड़ीई बडी इसे ही दोस्त थे मिलन और राज़ , ईश्वक़्त रात बहुत होचुकी थी इसलिए मिलन रात को राज़ के घर पे ही रुक्क जाता है
अगली सुबह – सुबह सुबह ये चारों दोस्त उठ चुके थे और ईश्वक़्त सभी राज़ के घर के चाट के ऊपर बैठ के दाँत घिश रहे थे की तभी देव कुछ बोलता है
देव – आबे एक मस्त आइडिया आया है मुझे
जागु – बेटा तू जब जब आइडिया का नाम लेता है ना मुझे बहुत डर लगता है यार तू रहने दे अपने आइडिया को अपने पास हमें मात सुना
देव – आबे क्या साला हमेशा डरता रहता है पहले सुन तो मेरे आइडिया को
जागु – हम सबके मना करने के बाद भी तू नहीं मानेगा इसलिए चल ठीक है अपने खतरनाक आइडिया को बोल ही दे
देव – यार राज़ आज चलकर बाहर ही नाश्ता करते हैं और बाहर ही सुबह की चाय पीते हैं और आ वक्त सिगरेट भी पीते हुए आएँगे यार फूलतू मस्ती करेंगे आज सुबह सुबह
राज़ & जागु – आबे नहिंन्ननननननणणन् अब और नहीं साले कलकी रात की चाय याद नहीं है क्या जो अब तू फिरसे चाय पीना चाहता है
देव – आबे कलकी रात गुजर चुकी है भी यारो और आज का सुबह एक नया सबेरा लेकर आया है इसलिए डरते क्यों हो भूल जाओ उन्न बातों को और डरना भी बंद करो और चलकर नाश्ता चाय और काश मारकर आ हैं क्या बोलते हो
मिलन – अरे हाँ देव बिलकुल सही बोलता है यार अरे कल रात गड़बड़ हो गयी इसका मतलब ये तो नहीं ना की हमेशा ही गड़बड़ होगी अब चलो भी बाहर चलते हैं नाश्ता करने के लिए
राज़ – हाँ यार जागु मुझे भी लगता है हमें कलकी रात को भूलके आगे बढ़ना चाहिए
जागु – यार मुझे ईश्वक़्त भी शा लगता है की अगर हम बाहर गये तो फिर कोई गड़बड़ होगी
देव – आबे बंद कार अपनी बकवस्स हमेशा लगा रहता है मनहुष् बातें करने में साला मनहुष् कहीं का अब चुप चाप चल हमारे साथ , फिर सब अपने काम खत्म करते हैं और घर के बाहर निकल जाते हैं गाड़ी में बैठ के
चारों दोस्त राज़ , मिलन , जागु और देव ये सभी गाड़ी में बैठ के घर के बाहर चल देते हैं नाश्ता करने के लिए , कुछ देर चलने के बाद राज़ एक छोटे से रोड साइड ब्रेकफास्ट स्टॉल के सामने कार को रोकता है और फिर चारों कार से नीचे उतरते हैं और उस दुकान के तरफ चालदेते हैं
वो दुकान एक छोटी से दुकान थी जहाँ पे तरह तरह के साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट मिला करती थी और इसके ब्रेकफास्ट पूरे देहरादून में फेमस थे और ईश्वक़्त दुकान के चाट को रंगा जा रहा था वो भी रेड कलर से
मिलन – पता है देव ये ब्रेकफास्ट
स्टॉल यहाँ पे सबसे ज्यादा पॉपुलर है साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट बनाने के लिए , और तुझे तो साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट बहुत पसंद है इसलिए तुझे यहाँ के ब्रेकफास्ट बहुत पसंद आएँगे
देव – अच्छा शा क्या चलो खाके देखते हैं , फिर ये चारों उस दुकान के सामने रखे कुर्शियों पे बैठ जाते हैं और दुकान में काम करने वाले एक लड़के को बुलाते हैं आर्डर देने के लिए कुछ देर बाद जब वो लड़का आता है तो देव उसे खाने का आर्डर देने लगता है और फिर वो लड़का नाश्ते का आर्डर लेकर चला जाता है
कुछ देर बाद वो लड़का सबके लिए नाश्ता लेकर आ जाता है जो देव ने आर्डर किया था वो सब , इडली & सॅमबार , वादा , समोशा , डोसा ये सारे नाश्ते को वो लड़का इनके टेबल पे रख के चला जाता है और फिर ये सब उस नाश्ते पे टूट पड़ते हैं और बारे मजेसे खाने लगते हैं की तभी अचानक
वो सब पेड़ के नीचे एक टेबल पे बैठ के नाश्ता कर रहे थे की तभी पेड़ के ऊपर बैठा एक चिड़िया हॅग (पॉटी) देता है और उसकी पॉटी सीधे आकर देव के नाश्ते के प्लेट में गिरती है और ये बात सभी देख लेते हैं और ऊपर की और देखते हैं तो पाते हैं की ऊपर एक चिड़िया बैठी है
इसे से देव बहुत गुस्सा हो जाता है उस चिड़िया के ऊपर और नीचे पड़े एक पठार को उठाकर उस चिड़िया के ऊपर मर्देता है और ऊपर की तरफ देखने लगता है , वो पठार तेजिसे ऊपर जाता है और पेड़ के दहनियों से टकराते हुए वापस नीचे आ जाता है , पठार जितनी तेजिसे ऊपर गयी थी उठने ही तेजिसे नीचे भी आती है और आकर सीधे जागु के सर पे वो पठार लगती है जिस से जागु का सर फट जाता है और जागु के सर से खून निकालने लगता है और जागु देव के तरफ गुस्से से देखने लगता है इन सब बातों से अंजान देव ऊपर के तरफ ही देख रहा था
देव – आबे यार ये पठार अभी तक नीचे क्यों नहीं आया , फिर देव की नज़र उस पठार पे पड़ती है जो ईश्वक़्त नीचे ज़मीन पे पड़ी हुई थी और उसपर खून भी लगा हुआ था
देव – आबे देख भी जागु मैंने उस चिड़िया को मर्डिया भी इसे पठार से उसका खून लगा है इस पे देख , ये बोलकर देव जागु को वो पठार दिखाने लगता है और जागु देव को गुस्से से घूरने लगता है
जागु – बेटा देव अगर तूने उस चिड़िया को मर्डिया है तो ये मेरे सर में क्या है भी , जागु देव को अपने सर से बहराहे खून के तरफ इशारा करता है , देव जागु के सर को देखता है तो उसमें लाल रंग लगा हुआ था
जो लोग ईश्वक़्त उस ब्रेकफास्ट स्टॉल के चाट के ऊपर रंग से कुछ लिख रहे थे उनके तरफ जाते हुए देव उन्हें गलियाँ देने लगता है
देव – आबे सालों हरमियों कुत्तों मेरे दोस्त के सर पे लाल रंग डालते हो कामीणों अभी सबक सिखाता हूँ तुम्हें , ये बोलकर देव उन्न पैंट करने वालों के तरफ तरफ जाता है जो ईश्वक़्त एक सिद्दी के ऊपर खड़े होकर उस स्टॉल को पैंट कार रहे थे , देव उनके पास जाता है और वो जिस सिद्दी पे खड़े थे
वो नीचे से खींच लेता है , इसे से वो पेंटर नीचे गिरजता है और जब वो नीचे गिरता है तो उसका सर नीचे पड़े एक बारे से पठार से टकरा जाता है जिस से उसका भी सर फट जाता है और वो नीचे पड़े पड़े चिल्लाने लगता है , ये सब देख जागु मिलन और राज़ हैरान खड़े मुंह फाड़े देव के बेवकूफ़ियों को देख रहे थे
(UPDATE-33)
जागु – आबे साले कुत्ते तुझे मेरे सर से बहराहा खून रंग दिखाई देता है साले तेरा ऊपर फेंका हुआ पठार ने मेरे सर को फोड़ दिया और तू साले कह रहा है मेरे ऊपर रंग गिरा है रुक्क साले अभी तुझे बताता हूँ ,ये बोलकर जागु उसी पठार को नीचे से उठता है जिस से उसका सर फटा था , और ये देख देव वहाँ से भागने लगता है
जागु – आबे रुक साले भाग कहाँ रहा है कुत्ते अभी तुझे बताता हूँ खून और रंग में क्या फर्क होता है , ये बोलकर जागु उस पठार को भागते हुए देव के तरफ फेंक के मरता है और आगे भाग रहा देव ये देख लेता है और साइड में हॅट जाता है और दूसरी तरफ भागजता है
देव के सामने से हटने के कारण देव तो बच जाता है लेकिन उस पठार का शिकार और कोई बनजता है वो पठार देव के बदले सामने से साइकिल पे अरहे एक मोटे से लड़के के सर पे लगता है और वो साइकिल समेट नीचे गिरजता है उसका भी सर फॅट जाता है
और ये नज़ारा देख राज़ मिलन और जागु तीनों मुंह फाड़े रहजाते हैं
जागु – आबे यार ये क्या हो गया मैंने इसे बेचारे लड़के का सर फोड़ दिया
राज़ & मिलन – आबे ये तूने क्या किया भी जागु तूने इसे बेचारे लड़के का सर फोड़ दिया
जागु – आबे मैंने तो देव के तरफ ही पठार फेंका था लेकिन वो साला साइड में हाथ गया और वो पठार इसे लड़के को लगा , इधर वो लड़का जिसका सर फटा था जागु के फेंके गये पठार से वो नीचे ज़मीन से उठता है और
मोटा लड़का – आबे कौन है साला वो कुत्ता कमीना जिसने मुझे पठार से मारकर मेरा सर फोड़ा भी , उस स्टॉल के पास खड़ा एक और लड़का जागु के तरफ इशारा करके उस मोटे लड़के को बता देता है की जागु ने ही वो पठार फेंका है , फिर वो मोटा लड़का गुस्से में नीचे पड़े अपने साइकिल को उठता है और जागु के ऊपर ही फेंक देता है , उस स्टॉल में खड़े बहुत सारे लोग इसे बात का मजा ले रहे थे यहाँ तक की वो वो स्टॉल वाला दुकानदार भी बारे मजे से इसे बकया का मजा उठा रहा था
जब जागु साइकिल को अपने तरफ आता देखता है तो वो सामने से कूद जाता है और जागु के सामने से हटने से वो साइकिल सीधा जाकर उसी ब्रकफ़स्ट स्टॉल के अंदर घुस जाता है और उस स्टॉल का सारा समान इधर उधर जाकर गिरता है ये झगड़ा यहीं पे नहीं रुकता है उस स्टॉल का मलिक जो साइकिल दुकान के अंदर घुसने से पहले ही बाहर कुदड गया था वो अब गुस्से में अचुका था
मिलन – आबे यारो ये हमारे वजह से यहाँ क्या हो रहा है भी यहाँ तो दंगा होने लगा है अब तो ये साला दुकानदार भी गुस्से में लगता है बेटा भागलो भी
, वो दुकानदार गुस्से में जागु से कहता है – आबे साले तेरे वजह से मेरे दुकान की ये हालत हो गयी भी में तुझे नहीं चोदूंगा , ये बोलकर वो दुकानदार गुस्से में अपने दुकान के चूल्हे पे चढ़ाया हुआ कढ़ाई उथलेटा है उस कढ़ाई में अभी भी गरमा गर्म तेल थे वो दुकानदार उसमें भाजिया जो तलराहा था ईश्वजह से वो तेल बहुत ज्यादा गर्म था
वो दुकानदार गुस्से में उस कढ़ाई को अपने हाथ में लिए वो सारे तेल जागु के तरफ ही फेंकडेता है लेकिन जागु इसे से बचने के लिए फिरसे सामने से कूड्जाता है इसे से जागु तो बाचहजाता है लेकिन वो सारे तेल सामने से अरहे कुछ लोगों पे जाकर गिरती है और वो लोग चटपटाते हुए गिरने लगते हैं
जिन लोगों के ऊपर अभी अभी तेल गिरा था उनके हाथ में घास्सलेट की बोतलें थी शायद वो किसको देने के लिए जा रहे थे की तभी उनके ऊपर तेल गिरने से वो घास्सलेट के सारे बॉटल उनके हाथ से चुत के उसी ब्रेकफास्ट स्टॉल में जा घुसते हैं और सारे बोतलें जाकर गिरती हैं चूल्हे के ऊपर जहाँ पे अभी भी आग लगी हुई थी फिर क्या होना था , आग के ऊपर घास्सलेट गिरने से वहाँ एक विस्पोट सा होता हां बूंमम्मममममममममम
और इसे विस्पोट से उस ब्रेकफास्ट स्टॉल की चिथड़े उड़ जाते हैं उस स्टॉल के पास मौजूद सभी लोग इधर उधर भागने लगते हैं जागु मिलन और राज़ भी भागने लगते हैं लेकिन इनकी किस्मत ही खराब थी क्योंकि ये ज्यादा दूर भागे भी नहीं थे की पुलिस इन्हें पकड़ लेती है
किसने पुलिस को फोन करके यहाँ होरहे झगड़े के बारे में बता दिया था और यहाँ पे वही स्प आया था जिसने इन सबको पिछले रात को ढाबे पे अरेस्ट किया था , वो स्प इन्हें फिरसे पकड़ लेता है दंगा भड़काने के जुर्म मेराज़ , जागु , मिलन को पुलिस पकड़कर पुलिस वन में दलदेटी है और वहीं खड़ा स्प उस जगह के चारों तरफ नज़र दौड़ने लगता है , स्प को यूँ चारों तरफ देखता हुआ देख एक हवलदार कहता है
हवलदार – सर क्या देख रहे हैं , सबको पकड़ लिया है
स्प – नहीं सबको कहाँ पकड़ा है एक तो यहाँ है ही नहीं वो साला असली कमीना जिसने मेरा चेहरा जलाया था वो तो यहाँ है ही नहीं मुझे पूरा यकीन है ये सब किया धारा उसी का होगा
इधर स्प उस हवलदार के साथ खड़ा होकर देव के बारे में बात कर रहा था वहीं देव उस जगह से थोड़े दूरी पे चुपके ये सब नज़ारा देख रहा था और जैसे ही स्प अपने पुलिस वन में बैठ के वहाँ से निकला वो भी राज़ के घर के तरफ निकल पड़ा
अगले कुछ मिनट में राज़ जागु और मिलन फिरसे वहीं पहुँच चुके थे जहाँ पे वो सब पिछली रात थे यनेकिी जेल के अंदर और उनके बगल वाले सेल में अनिल और उसके दोस्त अभी तक मौजूद थे बस फर्क सिर्फ़ इतना था की अनिल और उसके दोस्तों का नक्शा ही बदल चुका था और नक्शा बदलने वाला कोई और नहीं स्प ही था
जब राज़ के पापा ने इन सबको चुड़के ले गये तो स्प
का सारा का सारा गुस्सा अनिल और उसके दोस्तों के ऊपर पड़ा , स्प ने सबको मर मर के लाल कर दिया था स्प के मर से अनिल और उसके दोस्तों के सर से लेकर पांव तक सब सूझ गया था वो लोग ठीक से खड़े भी नहीं होपराहे थे , जब इंसबकी सकल राज़ मिलन और जागु देखते हैं तो उनकी हँसी चुत जाती है
मिलन – क्यूंबे लाउडन तुम लोग कल रात से यहीं हो क्या और तुम्हारी ये हालत किसने कर दिया
अनिल – साले कमीने हमारी हालत पे हशता है , सालों हमारी ये हालत तुम लोगों के वजह से हुआ कामीणों , तुम लोगों ने उस स्प का चेहरा जलाया और तुम सबको तुम्हारे बाप ने आसानी से निकल के लेगया इसे लिए स्प का सारा गुस्सा हमारे ऊपर पड़ा , उस साले कमीने स्प ने रात भर मारा भी मर मर भी आगे से लेकर पीछे तक सब सूझा दिया अब तो ठीक से बैठा भी नहीं जाता अगर बैठ गये तो उठा भी नहीं जाता , उमाआ मर गया रे , सालों तुम लोगों को किडडे पड़े सालों तुम लोग कुत्तों की मौत मरो भी
अनिल और उसके दोस्तों की ये हालत देख राज़ जागु और मिलन पेट पकड़कर हस्सने लगते हैं और उनका मज़ाक उड़ाने लगते हैं की तभी वहाँ पे स्प अपहुँचता है और स्प को देख सबकी हँसी गायब होजती है
स्प – हस्सो हस्सो तुम सब रुक क्यों गये मेरे लदलों और ज़ोर से हस्सो , लेकिन सुन लो तुम सबकी भी हालत इन सबकी तरह होनेवाली है कुछ देर में , में कुछ भी भुला नहीं हूँ कल का सारा बदला में अब तुम सबके ऊपर उतरूँगा और ईश्वर तुम्हारा बाप भी तुम्हें बच्चा नहीं पाएगा क्योंकि तुम्हारे ऊपर दंगा भड़काने का केस लगाया है मैंने अब तो तुम सब गये
और फिर स्प हवलदार को इन तीनों को उस 3र्ड डिग्री रूम में लाने को कहता है और फिर हवलदार इन सबको एक एक करके उस रूम में लेकर जाता है और इन सबको उस रूम में जाता देख अनिल और उसके सारे दोस्त बहुत ज्यादा खुश थे और ईश्वक़्त वो सब हंस रहे थे
ईश्वक़्त राज़ जागु और मिलन 3र्ड डिग्री रूम में खड़े थे और ये तीनों बहुत डरे हुए थे , इसे रूम में ज्यादा कुछ था नहीं इसे रूम में एक टेबल और दो कुर्शियाँ पड़ी थी ठीक टेबल के ऊपर एक 200 पावर का बल्ब जल रहा था और इसे रूम के सारे खिड़कियाँ ईश्वक़्त बंद थी और स्प उन्न दोनों कुर्सी मेशे एक कुर्सी पे बेत्के इन सबको देख मुस्करा रहा था
स्प – मेरे लड़लो तुम सबको तो बहुत भूख लग रही होगी सुबह नाश्ता जो ठीक से नहीं किया क्यों , क्यों सही कहा ना
मिलन – हाँ सर आप ने सही कहा बहुत भूख लग रही है कुछ नाश्ता पानी करवाईए ना सुबह से कुछ भी नहीं खाया है
स्प – अरे हाँ हाँ जरूर बेटा क्यों नहीं जरूर खिलाएँगे , तो तुम सब क्या खाना पसंद करोगे , लात घुसा थप्पड़ मुक्का
मिलन – बस बस सर रहने दीजिए नाम सुनकर ही हमारा पेट भर गया क्यों दोस्तों
जागु & राज़ – हाँ सर नाम सुनकर ही हमारा पेट भार्गया है अब और भूख नहीं लग रही है
स्प – अच्छा शा
क्या लेकिन क्या करे खाना तो तुम लोगों को खाना ही पड़ेगा वो क्या है ना हम मेहमानों की खातिर डरी बहुत अच्छे से करते हैं और शुरूआत तुमसे करते हैं , ये बोलकर स्प जागु के तरफ इशारा करदेता है
फिर क्या दो हवलदार जागु को ज़बरदस्ती उस टेबल पे लिटा देते हैं और स्प एक हाथ में बड़ा सा डंडा लिए उसपर तेल मालिश करने लगता है , इधर ये सब देख राज़ और मिलन की बोलती बंद होचुकी थी वहीं जागु मर पड़ने से पहले ही चिल्लाने लगा था , मार्गया रे बचाओ मार्गया रे मुझे बचाओ
ये सब नज़ारा देख वहाँ पे स्प और वो दोनों हवलदार हस्सने लगते हैं फिर जैसे ही वो स्प जागु के तरफ बढ़ता है डंडे को हाथ में लिए बाहर से एक हवलदार आता है और स्प को कहता है सर बाहर द.सी.पे(डेप्युटी कमिशनर ऑफ पुलिस) सर आए हैं , द.सी.पे का नाम सुनते ही स्प और वो दोनों हवलदार फौरन बाहर निकल जाते हैं और यहाँ जागु राहत की सांस लेता है
जब स्प बाहर आता है तो देखता है सामने द.सी.पे खड़ा है और उसके साथ राज़ के पापा और वर्षा के पापा यानि की दिग्बिजय सिंग ठाकुर और एक वॅकिल और इन सबके साथ देव भी खड़ा था इन सबको साथ में देख स्प थोड़ा सा हड़बड़ा जाता है
स्प – सर आप यहाँ पे मुझे बुला लिया होता में आप के ऑफिस में चला आता , स्प ये बात कमिशनर को कहता है
कमिशनर – आप ने जिनको आज सुबह झगड़े के जुर्म में अरेस्ट किया है उनमें से एक मिस्टर , दिग्बिजय सिंग ठाकुर के होनेवाले दामाद हैं इसलिए उन्हें फौरन छोड़िए
स्प – ई आम सॉरी सर पर केस बन चुका है और केस दंगा भड़काने का है इसे लिए में उन्न सबको नहीं चोद सकता
कमिशनर – स्प आप भूल रहे हैं ईश्वक़्त आप के सामने कौन खड़ा है इसलिए चुप चाप आर्डर मनके उन्न सबको रेअलएसए कार्दिजिए वरना अच्छा नहीं होगा , ये सब कमिशनर गुस्से में स्प को कहता है कमिशनर के इतना बोलते ही स्प भी भड़क जाता है और वो भी गुस्से में कमिशनर को कहता है
(UPDATE-34)
स्प – में उन्हें नहीं चोदूंगा जो करना है जाकर करले इन लड़कों ने कल रात मेरे चेहरे को जलाया था इसका बदला तो में इनसे लेकर ही रहूँगा इसलिए तुम सब अपनी ये मंडली लेकर चलते बनो और हाँ मुझे सुस्पंडे करने की सोचना भी मत क्योंकि अगर मुझे सुस्पंडे किया तो तुम सबके लिए अच्छा नहीं होगा ये केस मेरे अंदर है और अगर में सुस्पंडे हुआ तो में मीडिया के सामने ये कह दूँगा की मुझे जान बुझ के हटाया गया तकिी मुजरिमों को आसानी से रिहा किया जा सके
ये बोलकर स्प देव के तरफ हाथ बढ़ता है और देव के गिरेगान को पकड़ के अपने तरफ खींचता है और कहता है ये लड़का भी इसे जुर्म में शामिल है इसे लिए अब ये भी अंदर जाएगा , लेकिन तभी दिग्बिजय सिंग ठाकुर स्प को एक धक्का देता है जिस से स्प पीछे जाकर गिरता है और दिग्बिजय सिंग ठाकुर देव को अपने तरफ फिरसे लेआतए हैं
दिग्बिजय सिंग ठाकुर
– वॅकिल साहेब इसे स्प को पेपर’से दिखाइए , फिर दिग्बिजय सिंग ठाकुर के साथ आया हुआ वॅकिल स्प को एक फाइल पकड़ा देता है जिसे देखते ही स्प के चेहरे का रंग उड़ जाता है , जो स्प कुछ देर पहले बहुत उड़ रहा था बहुत गुस्सा हो रहा था अब वो स्प मुंह फाड़े कभी उन्न फाइल को देखता तो कभी दिग्बिजय सिंग ठाकुर को
वॅकिल – स्प साहेब इन पेपर’से के मुताबिक जिन्न लोगों के बयान के दम पर आप ने मेरे क्लाइंट’से को दंगा भड़काने के जुर्म में अरेस्ट किया है वो सभी लोग अब अपने बयान से बदल चुके हैं अब उनके मुताबिक अपने उन्हें ज़बरदस्ती ये बयान लिखवाया था मेरे क्लाइंट्स के खिलाफ इसे लिए अब कोई केस बनता ही नहीं इसलिए अब मेरे क्लाइंट्स को रिहा कीजिए और ये एक और लॅटर लीजिए
ये बोलकर वो वॅकिल उस स्प को एक और लॅटर पकड़ा देता है और जब स्प इसे लॅटर को देखता है तो उसके होश उड़ जाते हैं
दिग्बिजय सिंग ठाकुर – स्प तू जबसे इसे शहर में आया है तबसे लेकर आज तक तूने कोई भी काम ठीक से नहीं किया है तूने सिर्फ़ और सिर्फ़ यहाँ के आम लोगों बहुत परेशान किया है , यहाँ के छोटे मोटे सड़क के किनारे दुकान डालने वालों से तूने जबरन हफ्ता वसूला है और गुनेहगरों को छोड़कर मासूम और बेकसूर लोगों को जेल में डाला और इसे तरह के न जाने तूने कितने क्राइम्स किया है इन सभी बातों के बाद भी में चुप था लेकिन तूने मेरे राषते में आकर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती किया इसलिए तुझे ये सजा मिल रहा है
दिग्बिजय सिंग ठाकुर ने स्प का दिमोटिओं और ट्रांसफर करवा दिया था नक्षलिते इलाके में और नक्षलिते इलाके में ट्रांसफर की बात सुनकर स्प की कलेजा तो जैसे निकलकर मुंह में अचुका था , स्प फौरन अपना रंग बदल के दिग्बिजय सिंग ठाकुर के परॉन में गिरजता है और माफी माँगने लगता है लेकिन दिग्बिजय सिंग ठाकुर उसकी एक नहीं सुनता है और वो राज़ मिलन देव जागु को अपने साथ लेकर वहाँ से चलजता है और स्प वहीं मुंह लटकाए खड़ा रहजता है
राज़ देव जागु मिलन जेल से तो चुटज़ते हैं लेकिन इन्हें सजा जरूर मिलती है राज़ के पापा सबको घर के अंदर ही बंद करदेटे हैं और सबके बाहर जाने के लिए मना करदेटे हैं
और जब राज़ के पापा इन सबको कमरे में बंद करके चले जाते हैं तो राज़ जागु और मिलन ये तीनों गुस्से में देव के तरफ बढ़ने लगते हैं क्योंकि ये सारा लाफद देव के ही कारण जो हुआ था ये तीनों देव को पकड़कर मरने लगते हैं और देव इन तीनों से बचते हुए उसी कमरे के अंदर भागने लगता है और ये तीनों उसके पीछे उसे मरने के लिए भागते हैं कुछ दिन बाद मायवी दुनिया में
घने अंधेरे रात के वक्त डेत वाली में मौत का सन्नाटा था और उसके महेल के चारों तरफ बहुत ही तगड़ा पहरा था वहाँ पे महेल को पूरी तरह से दानव और ख़ूँख़ार दरिंदों ने घर रखा था ईश्वक़्त महेल को
छावनी में तब्दील करवा दिया गया था शायद किसी कुछ मक्षद के वजह से
और महेल के अंदर भी कुछ कम भीड़ नहीं थी महेल के दरवर ए आम में इसे वक्त कुछ लोग काले लबादे पहने हुए खड़े थे ये लोग अंधेरी दुनिया के रक्षक थे और ये सब ईश्वक़्त दरवर ए आम में एक कबाड़ को घेरे हुए खड़े थे और कुछ मंत्र पढ़ रहे थे उनके मंत्रों के उचरण से पूरा महेल गूँज रहा था
और ठीक उसी वक्त डेत वाली के घने जंगल में मौजूद रिवर ऑफ ब्लड को भी चारों तरफ से कुछ वेमपाइर’से योढ़ा घेरे खड़े थे सुरक्षा के लिए और वहाँ पे उस नदी के किनारे दो और शॅक्स भी खड़े थे वो दोनों कोई और नहीं बल्कि ईविल प्रिन्स अग्नि के माता पिता यानि की शीतल और विशाल थे
रिवर ऑफ ब्लड ये डेत वाली का एक शा नदी था जिसमें पानी के बदले खून बहता था और ये खून था मायवी दुनिया के मासूम लोगों की , स्टेट ऑफ हॉबैट के फौज के हॉबिट्स सिपाहियों की , गंधर्व नगरी के योधाओं की , गंडर के जाँबाज़ों की और वारएवोल्फ’से की
पहले ये नदी भी एक आम नदी था जिसमें साफ और स्वच पानी बहता था लेकिन कोई था जो इसे नदी को खून से भरने लगा और देखते ही देखते ये साफ और स्वच नदी बन गया रिवर ऑफ ब्लड
और इसे रिवर ऑफ ब्लड को बनाने वाला कोई और नहीं किंग ऑफ डार्कनेस अंधेरे का मलिक सम्राट था , सम्राट अपने डुस्मानो को मारकर उनके शरीर से खून निकल लेता था और उस खून को इसे तलब में डाल देता था और देखते ही देखते ये आम तलब बन गया पूरे मायवी दुनिया का सबसे खतरनाक खूनी तलब जिसे लोग रिवर ऑफ ब्लड के नाम से जानते हैं
और इसे रिवर ऑफ ब्लड में सम्राट रोजाना नहाया करता था अपने सभी दुश्मनों के खून से उसका मान ना था की इसे नदी में अपने दुश्मनों के खून से नहाने से उसे दर्द और तकलीफ से मुक्ति मिलती है और जितना भी बड़ा चोट उसे लगे इसे नदी में नहाने के वजह से उसे दर्द और तकलीफ नहीं होगा
और ईश्वक़्त रिवर ऑफ ब्लड में कोई नहा रहा था ये कोई और नहीं ये ईविल प्रिन्स अग्नि ही था और जब अग्नि इसे रिवर ऑफ ब्लड से नहा के निकलता है तो उसके शरीर से खून के बूंदें गिरने लगते हैं अग्नि इसे वक्त पूरी तरह से लाल खून में नहाया हुआ नदी से बाहर निकलता है और अपने महेल के तरफ चल देता है और उसके पीछे पीछे उसके माता पिता और उसकी वेमपाइर’से के योढ़ा भी
कुछ ही देर में अग्नि अपने महेल में पहुँच जाता है और जब अग्नि को महेल में आता हुआ सब देखते हैं तो सब झुक के उसे सलाम करते हैं और फिर उन्न अंधेरे के रक्षक में से एक अग्नि के सामने आता है और अपने सर को झुकाके कहता है
रक्षक – मलिक अब वक्त अचुका है क्या आप तैयार हैं
अग्नि – हाँ में तैयार हूँ आप अपना काम शुरू करिए , फिर वो रक्षक अपने काम में लग जाता है और अग्नि के माता पिता उसके पास आजाते हैं और उसे कुछ कहने लगते हैं
अग्नि’से आंटी & अंकल – बेटा
ये सब तुम क्यों कर रहे हो ये तुम्हें करने की जरूरत नहीं है बेटा इसे से तुम्हें बहुत तकलीफ होगी बेटा
अग्नि – पापा ये काम करना जरूरी है आप अच्छे तरीके से जानते हैं की में ये जिंदगी जीना नहीं चाहता हूँ इसलिए में इंसान बन ने के लिए कोई भी तकलीफ उठाने के लिए तैयार हूँ , अग्नि के ये बोलने के बाद अग्नि के माता पिता और कुछ भी नहीं बोलते हैं
और इधर वो सारे रक्षक जो उस कबाड़ को घेरे हुए खड़े थे उस कबाड़ को खोलने लगते हैं और जब कबाड़ पूरी तरह से खुल जाती है तो उसमें से अचानक ही बहुत सारे चिंगादद बाहर निकलते हैं जिन्हें देख सब कुछ पल के लिए पीछे हाथ जाते हैं और जब सब सामान्य होता है तो वो सारे रक्षक फिरसे आगे बढ़ते हैं और उस कबाड़ में से एक शब यानि की एक लाश को बाहर निकलते हैं और उस लाश को एक बारे से टेबल के ऊपर लिटा देते हैं
वो लाश एक काले कपड़े में लिपटा हुआ था और फिर सभी रक्षक उस काले कपड़े को उस लाश के ऊपर से हटते हैं और जब उस लाश का चेहरा सबके सामने आता है तो कुछ पल के लिए सब चौंक जाते हैं क्योंकि उस लाश की शकल और अग्नि की शकल बिलकुल मिलती थी यानि की वो लाश किंग ऑफ डार्कनेस सम्राट की थी
सम्राट के लाश की शकल और सूरत और शरीर सबकुछ वैसा ही था जैसा 400 साल पहले मरते वक्त था उसके लाश को देख कोई भी ये कह नहीं सकता था की सम्राट सच मच मार्चूका है या अभी सो रहा है जो भी सम्राट के लाश को देखेगा वो यही कहेगा की सम्राट अभी नींद में है और कभी भी उठ के बैठ सकता है
फिर सभी रक्षक सम्राट के बदन से कपड़े को हटते हैं तो सबके सामने सम्राट का सीना आता है , सम्राट के सीने का दिलवाला हिस्सा अभी भी कटा हुआ था जैसा उसने मरने से पहले अपने सीने को फाड़ के अपना दिल को बाहर निकाला था
और फिर एक रक्षक अपने हाथ में एक थाली लिए अग्नि के सामने जाता है और फिर अग्नि उस थाली के ऊपर से रखे लाल कपड़े को हटता है और कपड़ा हाथ ते ही अग्नि के सामने एक खंजर आता है और ये खंजर बकीके सारे खंजर से अलग था क्योंकि ये खंजर किसी इंसान की हदियों से बनाई गयी थी
कुछ देर तक अग्नि उस खंजर को देखता रहता है फिर अग्नि उस खंजर को उथलेटा है और सम्राट के लाश के पास चला जाता है और लाश के पास पहुँच के अग्नि अपने घुटनों के बॉल बैठ जाता है और कहता है
अग्नि – है अंधेरे के मलिक किंग ऑफ डार्कनेस में आप का अंश ईविल प्रिन्स अग्नि अपने सीने को फड़के अपना दिल निकल रहा हूँ आप को पुनर्जीवित करने के लिए बदले में आप से इतना ही चाहता हूँ की मुझे अपनी इंसानी जिंदगी फिरसे लौटा दीजिए
इतना कहकर अग्नि उस खंजर को अपने सीने पे रखता है और अंदर घुसेड़ देता जिस से अग्नि के सीने से खून बहने लगता है और अग्नि के सीने से बहराहे खून के कुछ चीते सीधे जाकर पड़ती है सम्राट के मुंह में और इधर अग्नि अपने सीने को कुछ
हड़त्ाक काट देता है और फिर अपने एक हाथ को अपने सीने के अंदर घुसा देता है और अपने सीने में धड़क रहे दिल को खींच के बाहर निकल देता है
ईश्वक़्त अग्नि के हाथों में उसका जलता हुआ दिल था थे बर्निंग हार्ट , अग्नि को ईश्वक़्त बहुत तकलीफ हो रही थी फिर भी अग्नि अपने तकलीफ को भूलके उस खंजर को फिरसे उठता है और उस खंजर से दिल के ऊपर वार करता है जिस से अग्नि के दिल के दो टुकड़े होजते हैं अग्नि एक टुकड़ा एक रक्षक के तरफ बढ़ा देता है और अपने जलते हुए दिल के दूसरे टुकड़े को फिरसे अपने सीने में डालने लगता है
सभी रक्षक अग्नि से उसके दिल के आधे हिस्से को लेजते हैं और उस आधे जलते हुए दिल को सम्राट के सीने में लगा देते हैं और कुछ मंत्र पढ़ने लगते हैं , इधर अग्नि ईश्वक़्त बहुत कमजोर होचुका था और अपने घुटनों के बाल बैठा हुआ था कुछ देर में रक्षक अपने मंत्र पाठ खत्म करदेटे हैं और सम्राट के तरफ ही सभी देखने लगते हैं की तभी
अचानक सम्राट की आँखें खुलती हैं जो ईश्वक़्त बहुत ही खतरनाक और भयंकर लग रही थी सम्राट की आँखें ईश्वक़्त पूरी तरह से लाल थी सम्राट फौरन उस टेबल से हवा में उतज़ता है और उड़ते हुए आकर सीधा अग्नि के सामने खड़ा हो जाता है , अग्नि अभी भी अपने घुटनों के बाल बैठा हुआ था उसके शरीर में अब बिलकुल भी ताक़त नहीं बची थी वो कभी भी बेहोश होकर गिर सकता था
सम्राट अग्नि के सामने खड़ा अग्नि को अपने उन्हीं ख़ूँख़ार आँखों से देखता है फिर सम्राट अग्नि के गर्दन को ज़ोर से पकड़कर ऊपर उथलेटा है और अग्नि चटपटाते हुए सम्राट के तरफ देखने लगता है और जब अग्नि की आँखें सम्राट के आँखों से टकराती हैं तो अग्नि देखता है की सम्राट की आँखें जल रही थी उसके आँखों में से आग निकल रही थी और अग्नि के शरीर से सारे एनर्जी को खींच रही थी इन सबसे अग्नि के मुंह से एक दर्दनाक चीखह निकल पड़ती है
अहह , अग्नि ये चीखते हुए उठ बेतता है और बुरी तरह से हाँफने लगता है और बहुत ज़ोर ज़ोर से शंस लेने लगता है और फिर अपने मान में अपने आप से कहता है
अग्नि – फिर से वही डरावना सपना!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! अग्नि ईश्वक़्त एक पहाड़ी के छोटी पे बैठा चाँद के तरफ ही देख रहा था और अपने सपने के बारे में सोच रहा था जो अभी अभी उसने देखा था , अग्नि जबसे मायवी दुनिया में आया था तबसे हर एक दूसरे रात में अग्नि को ये सपना आता था और अग्नि जनता था की ये सिर्फ़ एक सपना नहीं है ये आनेवाले कल का एक झलक है , अग्नि बैठे बैठे यही सोच रहा था की तभी उसे पीछे से किसी के अनेका आभाष होता है और वो पीछे पलट के देखता है
जब अग्नि पीछे पलट के देखता है तो पता है की उसके फौज का सेनापति जब्बार उशिके तरफ ही आ रही था , कुछ ही देर में जब्बार अग्नि के पास पहुँच जाता है और झुक के सलाम करता है
जब्बार – क्या बात है मलिक आप अभी तक सोए नहीं
और कुछ परेशान से लगते हैं
अग्नि – हाँ जब्बार हम आनेवाले कल के बारे में सोच के परेशान हैं
जब्बार – में कुछ समझा नहीं मलिक आप क्या कहना चाहते हैं
(UPDATE-35-36)
अग्नि – (बात को बदलते हुए) जब्बार हम हमारे अगले मुहिन को लेकर परेशान हैं
जब्बार – मलिक आप का मतलब कहीं गंधर्व नगरी के तरफ इशारा तो नहीं
अग्नि – हाँ जब्बार तुमने सही समझा हमारा इशारा गंधर्व नगरी के तरफ ही था , हमने सुना है की गंधर्व नगरी में प्रवेश करना इतना आशण नहीं है बिना गंधर्व नगरी के राजा के अनुमति के
जब्बार – हाँ मलिक मैंने भी यही सुना है की गंधर्व नगरी में बिना उसके राजा के अनुमति लिए घुसना नमुनकीन है और ये भी सुना है की गंधर्व नगरी के प्रवेश दरवाजे को ताक़त के जरिए तोड़ना भी नमुनकीन ही है
अग्नि – लेकिन जब्बार कोई तो शा राष्टा होगा जिसके मदद से हम गंधर्व नगरी में घुस सकें
जब्बार – मलिक एक राष्टा है और वो राष्टा जहन्नुम से होता हुआ जाता है
अग्नि – क्या मतलब है तुम्हारा जब्बार में कुछ समझा नहीं ठीक से समझाओ
जब्बार – मलिक जब सम्राट जिंदा थे तब उनके दो भरोशे के साथी थे एक था डर्कलॉर्ड जो सम्राट के फौज का सबसे ताकतवर सेनापति था और उसे सारी ताक़तें सम्राट से ही मिली थी डर्कलॉर्ड उनका सबसे अच्छा दोस्त भी था और दूसरा था जोरब्बर वो एक काला जादूगर था और अंधेरी दुनिया का एक रक्षक(प्रोटेक्टर) भी था और दोनों में सम्राट सबसे ज्यादा भरोसा जोरब्बर पे ही करते थे , इसलिए सम्राट अपने सारे राज़ जोरब्बर के साथ ही बाँट ते थे और यही बात डर्कलॉर्ड को हमेशा सताती थी
और इसी वजह से डर्कलॉर्ड हमेशा जोरबार से जलता था और जब डेत वाली में वो आखिरी जंग हुआ तब डर्कलॉर्ड ने सम्राट को धोका दे दिया और अपने साथ आधे फौज को बहका के जंग शुरू होने से पहले ही लेगया ये भी एक वजह थी उस जंग में सम्राट के हार का
अग्नि – फिर , फिर क्या हुआ जब्बार
जब्बार – मलिक उस जंग में सम्राट की हार हुई क्योंकि उनके बहुत सारे साथियों ने उन्हें उस जंग में धोका देकर जंग शुरू होने से पहले ही चले गये , सम्राट ने वो जंग सिर्फ़ अपने कुछ ही भरोशे के साथियों के साथ मिलकर लाधा था और उसका नतीजा तो आप जानते ही हैं
उस जंग में मरने से पहले सम्राट ने जोरब्बर को वहाँ से भगा दिया क्योंकि एक वही था जो सम्राट के सभी ताक़तों का और वापस जिंदा होने का राज़ जनता था , उस जंग के बाद डर्कलॉर्ड ने अपने साथ लिए हुए सिपाहियों को लेकर जहन्नुम चला गया और जहन्नुम को अपना घर बना लिया और वहाँ का लॉर्ड बंबेता फिर उसने अपने सिपाहियों को जोरब्बर के तलाश में भेज दिया
जंग के बाद जोरब्बर सालों तक यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ भागता रहा डर्कलॉर्ड के सिपाहियों से बचते हुए लेकिन ज्यादा दिन तक वो उनसे बच ना पाया एक दिन जोरब्बर
डर्कलॉर्ड के हाथों लग ही गया , डर्कलॉर्ड ने जोरब्बर को अपना बंदी बना दिया और उसपर जुल्म शुरू करवा दिया सम्राट के सारे राज़ जान ने के लिए लेकिन जोरब्बर भी आज तक टूटता नहीं वो आज भी डर्कलॉर्ड के कब्जे में है और डर्कलॉर्ड के सारे जुल्म सहराहा है मगर उसने आज तक सम्राट का एक भी राज़ डर्कलॉर्ड के सामने नहीं खोला है
और मलिक आज के वक्त में एक जोरब्बर ही है जो हमारी मदद करसकता है आगे बढ़ने के लिए लेकिन जहन्नुम में जाकर डर्कलॉर्ड के चंगुल से जोरब्बर को चुड़के लाना नमुनकीन है
अग्नि – जब्बार मुझे नमुनकीन काम को मुनकीन करने में बहुत मजा आता है इसलिए में जाऊंगा जोरब्बर को छुड़ाने के लिए डर्कलॉर्ड के चंगुल से
जब्बार – पर मैल्क ये काम इतना भी आसान नहीं है क्योंकि हमारी फौज के ज्यादातर सिपाही जहन्नुम के गर्मी को झेल नहीं सकेंगे , ड्रागें’से और दानव बहुत बारे हैं वो सब जहन्नुम में घुस भी नहीं सकेंगे क्योंकि जहन्नुम में जानेवाला राष्टा बहुत छोटा है और वेमपाइर’से जहन्नुम के गर्मी को झेल नहीं सकेंगे सिर्फ़ खूनी दरिंदे ही हैं जो अंदर जा सकते हैं लेकिन वो अंदर नहीं जाएँगे क्योंकि डर्कलॉर्ड के सीना में सिर्फ़ और सिर्फ़ खूनी दरिंदे भरे पड़े हैं और खूनी दरिंदे आपस में नहीं लढ़ते इसलिए वो शायद ही अंदर जाएँ
अग्नि – तुम फिक्र मत करो जब्बार अंदर किसको जाने की जरूरत नहीं है में अकेला ही अंदर जाऊंगा और जहन्नुम की आग और डर्कलॉर्ड की सीना और खुद डर्कलॉर्ड ये सब मेरा कुछ भी उखाड़ नहीं सकते समझे , इसलिए कल सुबह हम यहाँ से जहन्नुम के लिए निकलेंगे
मायवी दुनिया के इसे घने अंधेरी रात में कुंवर विक्रांत अपने सिपहीों के साथ एक जंगल में ठहरा हुआ था , जंगल में ईश्वक़्त ठंड बहुत जोरों से पड़ रही थी इसलिए सभी आग जलके उस आग के पास बैठे हुए थे सभी एक दूसरे से बातें कर रहे थे और शराब पी रहे थे सर्दी से बचने के लिए
लेकिन कुंवर विक्रांत बिलकुल चुप चाप बैठा हुआ अपने तलवार को एक पठार के ऊपर घिश घिश के धार दहाड़ा था कुछ ही वक्त में उस तलवार की धार बहुत तेज होजती है और फिर कुंवर विक्रांत उस तलवार पे कुछ पत्तों को पीशके लगाने लगता है , और जब कुंवर विक्रांत तलवार पे कुछ लगता है तो उसके सभी सिपाही इसे बात को गौर से देखने लगते हैं
उन्न पीशे हुए पत्तों को अच्छे से तलवार पे लगाने के बाद कुंवर विक्रांत अपनी जगह से उठज़ता है और चलता हुआ उस जलते हुए आग के पास चला जाता है फिर कुंवर विक्रांत उस तलवार को उस आग में फेंक देता है , ये देख कुंवर विक्रांत के सभी सिपाही चौंक जाते हैं उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रही था और उनमें कुछ पूछने की हिम्मत भी नहीं थी कुंवर विक्रांत से क्योंकि उन्न सबको अच्छी तरह से पता था कुंवर विक्रांत का गुस्सा कितना खतरनाक है
इसलिए सभी चुप चाप बस कुंवर विक्रांत को ही देखे जा रहे थे
फिर कुछ देर कुंवर विक्रांत उस आग के सामने ही खड़ा उस तलवार को देखते रहता है फिर कुछ देर बाद कुंवर विक्रांत उस जलते हुए आग मेशे एक बाँस के डंडे के मदद से उस तलवार को निकल लेता है और फिर उस तलवार को एक पानी के बाल्टी में दलदेटा है और पानी में तलवार गिरते ही उस बाल्टी से भाँप निकालने लगता है क्योंकि तलवार बहुत गर्म था इसलिए
कुछ ही देर में उस बाल्टी का सारा पानी भाँप बनकर उड़ जाता है और फिर कुंवर विक्रांत उस बाल्टी में हाथ डालकर उस तलवार को निकलता है और जब कुंवर विक्रांत उस तलवार को निकलता है तो वहाँ मौजूद सभी चौंक जाते हैं सीबे कुंवर विक्रांत के क्योंकि उस तलवार का रंग अब बिलकुल बदल चुका था और उस तलवार को देख कुंवर विक्रांत मुस्करा रहा था
ये सब देख सारे सिपाही परेशान थे आख़िरकार उंमेसए एक सिपाही हिम्मत करके कुंवर विक्रांत से पूछता है
सिपाही – कुंवर आख़िर ये चीज़ है क्या?
कुंवर विक्रांत – कुछ देर तक वो मुश्कूराता रहता है फिर कहता है – ये एक ऐशी तलवार है जिसके वार से कितनी भी ताकतवर चुड़ैल क्यों ना हो वो बच नहीं पाएगी इसके वार से वो वहीं के वहीं मर जाएगी क्योंकि इसे तलवार में मैंने इसे मायवी दुनिया का सबसे खतरनाक ज़हेर डाला है इसे ज़हेर का कोई भी तोड़ नहीं है
और इसे ज़हेर की खासियत ये है की जब भी कोई चुड़ैल इसे तलवार के आस पास होगी तो ये तलवार हारे रंग से चमकने लगेगी उस से हमें पता लग जाएगा की हमारे पास कोई चुड़ैल है और तो और इसे तलवार के मदद से उन्न चुड़ेलों का जादुई वार भी नाकाम किया जासकता है
अब इसे तलवार की मदद से में उन्न सभी चुड़ेलों को जिन्होंने मेरे भाई की हत्या की उन्न सबको मौत के घाट उतार दूँगा , अब मुझे बस इंतजार है ुषवक़्त का जब मेरा उन्न सभी चुड़ैल बहनों से सामना होगा और में उन्न सबको एक एक करके मौत के घाट उतरूँगा ,,,,,,,,,, ये बोलकर कुंवर विक्रांत ज़ोर ज़ोर से हँसने लगता है
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ठीक उशिवक़्त जंगल में एक गुफा के अंदर चुड़ैल दूसतीनी और उसकी बहने बैठ के बातें कर रही थी वो सब एक दूसरे के ऊपर ही आरोप लगा रही थी की सुनहेरी उनके वजह से हाथ से निकल गयी और अब वो उस समुंदरी शिकारी थे रों के साथ है जिसके वजह से ये सब उस तक पहुँच भी नहीं पा रहे हैं , ये सब इसे ही छिलम चिल्ली कार रही थी की तभी दूसतीनी इन सबकी बातें सुनते सुनते छिड़ जाती है और ज़ोर से छिलाती है
दूसतीनी – चुप हो जऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ , बंद करो सब अपनी अपनी ये बकवास , भले ही सुनहेरी पिछली बार हमारे हाथों से निकल गयी है पर अगली बार शा नहीं होगा , फिर दूसतीनी की बहन रुसतीनी खड़ी होती है और कुछ कहती है
रुसतीनी – बहन दूसतीनी शायद तुम भूल रही हो की वो सुनहेरी ईश्वक़्त रों के साथ है और उस रों ने
बहुत ही आसानी से हमारी दो बहनों को मर्डिया है और हम सब मिलकर भी अभी तक रों का कुछ भी नहीं कर पाए हैं , फिर दूसतीनी की एक और बहन बोलती है
कास्तीनी – हाँ बहन दूसतीनी जो भी बहन रुसतीनी ने कहा वो सही कहा और हमें उस लड़के को भी नहीं भूलना चाहिए जिसने हमारे सराय से सुनहेरी को लेकर भगा था , और मुझे लगता है की पहले हमें उन्न दोनों यानि की रों और उस लड़के राषते से हटाना होगा तब जाकर हमें वो सुनहेरी मिलेगी और हमारा मक्षद पूरा होगा
दूसतीनी – में जानती हूँ जो तुम दोनों कह रही हो वो सही कह रही हो लेकिन में तुम सब से ये भी कहना चाहूँगी की तुम सबको ईश्वक़्त अपने दिमाग को शांत रखना चाहिए क्योंकि हम तभी जीिट सकते हैं जब हम अपने दिमाग को शांत रखकर आगे का खेल खेलें और वैसे में तुम सबको केहदेना चाहूँगी की मैंने इन सारी मूषिबट का हाल ढूंढ. लिया है
रुसतीनी & कास्तीनी – वो केशे बहन दूसतीनी हमें भी बताओ
दूसतीनी – तो सुनो ईश्वक़्त हमारे राषते का सबसे बड़ा काँटा है वो समुंदरी शिकारी थे रों इसलिए सबसे पहले हमें उसके बारे में सोचना होगा और रों को अगर कोई टक्कर दे सकता है और हरा सकता है तो वो है उसका बड़ा भाई यानि की गेब्रीयल जो ईश्वक़्त बर्निंग माउंटन आइलॅंड का राजा है और रों और गेब्रीयल दोनों भाई तो हैं लेकिन साथ में एक दूसरे के जानी दुश्मन भी हैं
इसलिए रों के मामले में हमें गेब्रीयल की मदद लेनी चाहिए वो हमारी इसे मामले में मदद जरूर करेगा गेब्रीयल रों को जरूर मर्देगा इसे से हमारी परेशानी भी मिट जाएगी और राषते से रों भी हाथ जाएगा , और रही बात उस लड़के की जिसने सुनहेरी को हमारे सराय से लेकर भगा था तो वो कोई कुछ परेशानी नहीं है उसे हम में से कोई भी बड़ी आसानी से संभाल लेगा
इसलिए हम में से दो कल सुबह ही गेब्रीयल से मिलने के लिए निकलेंगे और बाकी हम सब रों और उसके जहाज़ और सुनहेरी पे नज़र रखेंगे , इसे बार जीिट हमारी ही होगी और सुनहेरी भी हमारे हाथ ही लगेगी , ये बोलकर दूसतीनी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगती है और उसके साथ उसकी सभी बहने भी
सुबह का वक्त था और ईश्वक़्त स्पिरिचुयल शिप में काफी भीड़ भाड़ थी क्योंकि सभी ईश्वक़्त जहाज़ के ऊपर इकहते होकर खड़े थे रुद्रा और सुनहेरी को बिदा करने के लिए , इन कुछ दीनों में रों ने रुद्रा को अच्छे तरीके से ट्रेन कर दिया था तलवारबाज़ी धनुर्धारी काला में और बंधुक चलना भी सिखाया था रुद्रा अब पहले वाला रुद्रा नहीं था अब रुद्रा में भी बहुत हिम्मत अचूकी थी वो मूषिबतों का सामना करना सिख चुका था और सुनहेरी भी इन कुछ दीनों में इंसानो के साथ रहते रहते कुछ हड़त्ाक इंसान बंचुकी थी , और इन कुछ दीनों में रुद्रा और सुनहेरी काफिई करीब अचुके थे
सभी ईश्वक़्त जहाज़ के ऊपर मौजूद थे सभी रुद्रा और सुनहेरी के गले मिलकर
उन्हें उनके आगे की यात्रा के लिए सुबह कामना दरहे थे फिर रों रुद्रा से गले मिलता है और कहता है
रों – रुद्रा तुम्हारे लिए एक अच्छी खबर है और एक बुरी खबर भी है पहले कौनसा सुन ना चाहोगे
रुद्रा – रों भाई कोई भी खबर सुना दो क्या फर्क पड़ता है
(UPDATE-37)
रों – अच्छा तो ठीक है सुनो अच्छी खबर ये है की तुम्हारी मां का पता चल गया है और बुरी खबर ये है की तुम्हारी मां ईश्वक़्त एक चुड़ैल के कैद में है और उस चुड़ैल का नाम मोहिनी है , उस छेदेल मोहिनी ने तुम्हारी मां को अपना गुलाम बनकर रखा है
रुद्रा – रों भाई मुझे वो चुड़ैल कहाँ पे मिलेगी
रों – रुद्रा तुम्हें वो चुड़ैल उतार दिशा में मिलेगी , ये लो मेरा कोमपूस ये तुम्हें तुम्हारे मंजिल तक पहुँचने में मदद करेगी और ये लो , ये एक जादुई पाउडर है जब तुम्हारा सामना दूसतीनी या फिर उसके बहनों से हो तो ये पाउडर इस्तेमाल करना कुछ देर के लिए उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं देगा फिर तुम दोनों वहाँ से भाग सकते हो
रुद्रा – थॅंक्स रों भाई आप ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है हम आप के एहसान को कभी भी भुला नहीं सकते हैं अगर आप ना होते तो में और सुनहेरी दूसतीनी के हाथों कबका मारे जाते
रों – एक तरफ भाई भी कहता है और दूसरी तरफ एहसान की भी बात करता है अगर तूने ये लफ़्ज़ दुबारा बोला तो तुझसे कभी आइन्दा से बात नहीं करूँगा
रुद्रा – ठीक है रों भाई आइन्दा से ये बात कभी नहीं बोलूँगा
रों – और एक बात अगर कभी मेरी जरूरत पड़े या याद आए तो अपने दिल के ऊपर हाथ रखकर मुझे याद कर लेना तेरा संदेशा मुझ तक पहुँच जाएगा
रुद्रा – वो केशे रों भाई
रों – वो इसे भाई ये मायवी दुनिया है और यहाँ पे हम एक दूसरे से इसे ही बात करते हैं इसे हम टेलिपती कहते हैं ये तरीका बिलकुल तुम्हारे दुनिया के मोबाइल के तरह ही है अब समझे
फिर रुद्रा रों के और मटरू के गले लगता है और सुनहेरी भी इन दोनों से बिदा लेती है फिर रुद्रा और सुनहेरी स्पिरिचुयल शिप से नीचे उतरके चालदेते हैं अपनी मंजिल के तरफ और जहाज़ पे मौजूद सभी इन्हें देखते रहते हैं और जब वो दोनों सबके आँखों से ओझल होजते हैं तो सब फिरसे अपने अपने काम में लगजते हैं , रों और मटरू अब भी दोनों एक कोने में खड़े थे
मटरू – रों आना अब तो बता दो आख़िर वो क्या बात है जिसके वजह से आप ने रुद्रा का इतना मदद किया
रों – (मुस्कुराते हुए) रुद्रा गंडर का होनेवाला राजा है रुद्रा की मां यानि की मोना वो कोई आम औरत नहीं है एमेम , वो गंडर की राजकुमारी है जो पिछले कई सालों से उस चुड़ैल कामिनी के कैद में है , और रुद्रा की किस्मत उसे उसकी मां के तरफ नहीं गंडर के राजा के उतराधिकारी के कुर्सी के तरफ लेजराही है
मटरू – क्य्ाआआअ सच में रों आना , क्या आप सच बोल रहे हैं
रों – हाँ में सच बोल रहा हूँ
मटरू – अच्छा अच्छा ये बात तो समझ
में आ गाई की हमारा रुद्रा गंडर का होनेवाला राजा है पर ये समझ में नहीं आया की इसमें आप का क्या फायदा होगा
रों – बेटा एमेम फायदा अभी नहीं तब होगा जब रुद्रा गंडर का राजा बनेगा तब में गंडर के महेल में घुस के उस नायाब चीज़ को चुरा सकूँगा
मटरू – नायाब चीज़ में कुछ समझा नहीं आना ठीक से बताओ मेरे को कौनसी नायाब चीज़
रों – तुझे कुछ भी समझ ने की कोई जरूरत नहीं है बससस्स इतना समझले की गंडर के महेल के अंदर एक ऐशी चीज़ है जो हमें एक ऐशी जगह पे लेजाएगा जहाँ पे तिलशमीी अंत हीं खजाना दफ़न है
मटरू – क्य्ाआआआ अंत हीं खजाना यानि की कभी खत्म ना होने वाला खजाना
रों – हाँ वही कभी खत्म ना होनेवाला खजाना
मटरू – तो फिर रों आना आप ने रुद्रा को अकेला क्यों चोद दिया वो सारी चुड़ैल उसे मर सकती हैं और तो और उसके पास कोई जादुई हथियार भी नहीं है उनसे लड़ने के लिए
रों – तू फिक्र मत कर एमेम रुद्रा का किस्मत बहुत तगड़ा है उसे कुछ भी नहीं होगा और वैसे भी ये उसका इम्तहान है इसलिए उसे इसे सफ़र पर अकेला ही चलना होगा अगर इसे पूरे सफ़र में उसका कोई साथ देगा तो वो है सुनहेरी
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और इधर रुद्रा और सुनहेरी दोनों चलते हुए उतार दिशा के तरफ बढ़ते ही जा रहे थे बढ़ते ही जा रहे थे , दोनों इन कुछ दीनों में एक दूसरे के काफिई करीब अचुके थे , दोनों बहुत अच्छे दोस्त बंचुके थे इन दीनों में , यहाँ तक की दोनों एक दूसरे से प्यार करने भी लगे थे
सुनहेरी रुद्रा से प्यार तो बहुत करती थी पर उसने रुद्रा को इसे बारे में कभी बताया नहीं क्योंकि वो सोचती थी की रुद्रा अभी भी उस सोना से प्यार करता है और रुद्रा सिर्फ़ उसे अपना एक अच्छा दोस्त समझता है , इसलिए उसने रुद्रा को कभी अपने प्यार के बारे में बताया नहीं क्योंकि उसे डर था की कहीं ये बात जान के रुद्रा उस से दोस्ती का भी रिश्ता तोड़ ना दे , इसलिए सुनहेरी रुद्रा की दोस्त के रूप में ही बहुत खुश थी क्योंकि रुद्रा हमेशा उसके साथ जो रहता था
और इधर रुद्रा सुनहेरी के भोलेपन से , सचाई से , हस्सने के अंदाज़ से , रूथेंे के अंदाज़ से प्यार कर बैठा था अगर सुनहेरी को एक खरॉच भी आती तो रुद्रा परेशान हो उठ था था , अब सुनहेरी के साथ रहते हुए रुद्रा समझ चुका था की प्यार किसे कहते हैं और मतलबी प्यार किसे कहते हैं , अब उसे समझ में अचुका था की उसका दोस्त सन्नी हमेशा सोना के बारे में सच ही कहा करता था की सोना मतलबी है स्वार्थी है
और सुनहेरी सही में एक सच्चे दिलवली लड़की थी जिसे प्यार का मतलब बहुत अच्छे से पता था , रुद्रा सुनहेरी से इन कुछ दीनों में बेंतिहा प्यार करने लगा था लेकिन वो कहने से डरता था , क्योंकि सुनहेरी एक असमनी सितारा थी और रुद्रा एक आम इंसान उसे डर था की जब सुनहेरी उस से बिछुड़ के वापस आसाम में चली जाएगी तो वो उस दर्द
को से नहीं पाएगा इसलिए उसने सुनहेरी को इसे बारे में कभी भी कुछ नहीं बताया और अपने प्यार को अपने दिल में रख के सुनहेरी के एक अच्छे दोस्त के रूप में ही खुश रहने लगा
रुद्रा और सुनहेरी दोनों चलते चलते बहुत आगे अचुके थे वो दोनों ईश्वक़्त एक जंगल में थे और अब रात भी होचुकी थी इसलिए दोनों ने मिलकर वहीं पे उस रात को रुकने का इरादा किया और एक पेड़ के पास बैठ गये और थोड़ी देर सुसताने लगे
दोनों इतने देर तक चलते चलते बहुत तक चुके थे इसलिए उन्न दोनों को बहुत भूख भी लगने लगी थी इसलिए सुनहेरी ने अपने साथ लाए हुए खाने के ठेले को खोलने लगी और फिर दोनों रुद्रा और सुनहेरी मिलकर खाना खाने लगे की तभी कहीं से कुछ आवाजें आनी लगी
रात का सन्नाटा चारों तरफ फैला हुआ था रुद्रा और सुनहेरी दोनों बैठ के खाना कहा रहे थे जो वो दोनों अपने साथ लाए थे स्पिरिचुयल शिप से चलते वक्त , और ईश्वक़्त रुद्रा और सुनहेरी दोनों चुप चाप अपने पेट की भूख मिटा ही रहे थे की तभी इसे रात के सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज़ आती है
सुनहेरिइईईईईईईई , सुनहेरिइईईईईईईईई , सुनहेरिइईईईईईईईई – ये आवाज़ सुनते ही रुद्रा और सुनहेरी दोनों की रोंगटे खड़े होजते हैं वो दोनों खाने को वहीं चोद के चारों तरफ देखने लगते हैं लेकिन उन्हें अंधेरे के सीबे कुछ भी नहीं दिखता है फिर रुद्रा सुनहेरी के नज़दीक आकर सुनहेरी को कहता है
रुद्रा – सुनहेरी डरो मत लगता है हमारे कान बज रहे हैं , यहाँ पे हवा बहुत तेज बह रही है इसलिए हमें कोई गलत फहमी हुई होगी चलो बैठो और खाना खाओ
सुनहेरी – शायद तुम ठीक कह रहे हो रुद्रा , ठीक है चलो अपना खाना खत्म करते हैं , और फिर दोनों दुबारा बैठ जाते हैं खाना खाने के लिए
फिर कुछ ही देर में दोनों अपना खाना खत्म करते हैं और पेड़ से लग के बैठ जाते हैं थोड़ा आराम करने के लिए , की तभी फिरसे वो आवाज़ आती है और इषबर बहुत करीब से
और फिर वो आवाज़ बार बार लगातार आने लगती है और ये आवाज़ सुनकर दोनों रुद्रा और सुनहेरी काफिई डर चुके थे कुछ करके सुनहेरी डर के मारे काँपने लगी थी
सुनहेरी – रुद्रा ये सब क्या हो रहा है कौन मेरे नाम को बार बार लेकर पुकार रही है , कहीं ये वो तो नहीं
रुद्रा – सुनहेरी देखो डरो मत कुछ भी नहीं होगा हमें , चाहे वो कोई भी हो , फिर अंधेरे को चीरती हुई एक खतरनाक हँसी की आवाज़ सुनाई देती है और फिर वो हस्सने वाला शॅक्स अंधेरे से निकल के सामने आता है
वो शॅक्स कोई और नहीं चुड़ैल दूसतीनी और उसकी दो बहने थी रुसतीनी और कास्तीनी , ये तीनों खौफनाक हँसी हंसते हुए आगे तरफ रहे थे रुद्रा और सुनहेरी के तरफ , इन तीनों को देख सुनहेरी थर थर काँपने लगी थी और रुद्रा का भी दिमाग कुछ ठीक से काम नहीं कर रहा था
कुछ ही पल में दूसतीनी और उसकी दोनों बहने रुद्रा और सुनहेरी को घर लेते
हैं और हस्सने लगते हैं फिर दूसतीनी आगे बढ़ती है और
दूसतीनी – वाहह ये तो बहुत अच्छा हुआ की तुम लोग अपने आप ही रों के जहाज़ से बाहर निकल आए अब हमें कोई भी तकलीफ उठाने की जरूरत नहीं है अब हम तुम दोनों को आसानी से मर सकते
UPDATE-38)
रुद्रा – (थोड़ा सा हिम्मत करके) तुम्हारी ये इचाअ कभी भी पूरी नहीं होगी दूसतीनी कभी नहीं , तुम सब हम दोनों का कुछ भी नहीं उखाड़ सकते
रुद्रा के मुंह से ऐशी बातें सुन कास्तीनी भड़क जाती है और जाकर रुद्रा के गर्दन को अपने हाथों से पकड़ के ऊपर उठा लेती है फिर वो रुद्रा से कहती है
कास्तीनी – तो हमें कौन रोकेगा , तू रोकेगा हमें चल रोक हमें , ये बोलकर कास्तीनी रुद्रा को उठाकर हवा में उछाल देती है और रुद्रा जाकर एक पेड़ से टकरा जाता है
फिर रुद्रा उठने लगता है की तभी दूसतीनी की दूसरी बहन रुसतीनी वहाँ पहुँच जाती है और रुद्रा के गर्दन को पकड़कर उत्ादेटी है और फिर रुसतीनी भी रुद्रा को हवा में उछाल के दूर फेंक देती है और रुद्रा सीधा जा टकराता है एक बारे से पठार से जिस से रुद्रा को बहुत चोटें लगती हैं और रुद्रा का खून बहने लगता है
रुद्रा की ये हालत देख सुनहेरी रोने लगती है और रुद्रा के तरफ भाग के जाने लगती है लेकिन दूसतीनी सुनहेरी के हाथ को पकड़ के रोक लेती है और रुद्रा और सुनहेरी की ये हालत देख दूसतीनी और उसकी दोनों बहने ज़ोर ज़ोर से हँसने लगती हैं
फिर कास्तीनी रुद्रा के पास जाती है और उसके सीने के ऊपर पर रखकर कूदने लगती है इसे से रुद्रा को और भी तकलीफ होने लगती है और ये देख वो तीनों चुड़ैल बहने और भी हस्सने लगती हैं की तभी कुछ असीहा होता है जिस से इन तीनों बहनों की हँसी अचानक गायब होजती है
अचानक से एक तेजधर तलवार कहीं से हवा में उड़ती हुई आती है और कास्तीनी के दिल को चीरती हुई बाहर निकल जाती है इसे से कास्तीनी एक तेज चीत्कार के साथ नीचे ज़मीन पे ढाम्म्म्ममम करके गिरजति है और छटपटाने लगती है कुछ ही देर में कास्तीनी का पूरा शरीर नीला पादजता है
और फिर कास्तीनी के मुंह से झाग निकालने लगता है , कास्तीनी के ऊपर ज़हेरिले तलवार से वार किया गया था कुछ ही सेकेंड में कास्तीनी मरिजाति है और ये नज़ारा देख दूसतीनी और रुसतीनी सकते में आजाते हैं और दूसतीनी चिल्लाने लगती है
दूसतीनी – कौन है वो जिसने हमारी बहन के ऊपर वार किया और उसे मौत के घाट उतरा , सामने आओ अगर हिम्मत है तो सामने आओ , फिर जंगल के अंधेरे में से सामने आता है गंडर का राजकुमार कुंवर विक्रांत अपने सिपाहियों के साथ और ईश्वक़्त कुंवर विक्रांत के चेहरे पे एक मुश्कूराहट थी
इन सभी बातों में दूसतीनी ने सुनहेरी का हाथ चोद दिया था ये उसे पता ही नहीं था सुनहेरी रुद्रा के तरफ भागती है और वहाँ पहुँच के रुद्रा को उठाने लगती है और इधर दूसतीनी कुंवर
विक्रांत को देख बहुत गुस्से में थी और
दूसतीनी – कौन हो तुम और तुम्हारी हिम्मत केशी हुई हमारी बहन को मरने की
कुंवर विक्रांत – में वो हूँ जिसके भाई को तुमने कुछ दिन पहले अपने सराय में मारदला था धोके से , हाँ में कुंवर यश का बड़ा भाई कुंवर विक्रांत हूँ और अपने छोटे भाई के मौत का बदला लेने के लिए आया हूँ
रुसतीनी – अच्छा तो तू उसी का भाई है चल अच्छा हुआ तू भी आ गया अपने भाई की तरह मरने के लिए हमारे हाथों चल अब आजा , फिर कुंवर विक्रांत अपने सिपाहियों के साथ दोनों चुड़ैल बहनों के तरफ बदहजता है
और दोनों चुड़ैल बहने अपने जादुई झाड़ू पे बैठ के हवा में उठ जाती हैं और कुंवर विक्रांत के सिपाहियों के ऊपर अपने जादुई चड्डी से जादुई वार करने लगती हैं कभी उनके जादुई चड्डी से बहुत सारे खंजर निकलकर सिपाहियों के सीना चलनी कार रहे थे तो कभी उनके जादुई चड्डी में से बिजलियाँ गिरती थी जो उन्न सिपाहियों को जला देती तो कभी उनके जादुई चड्डी में से बहुत सारे पठार निकलते जो सीधा जा टकराते उन्न सिपाहियों से
और देखते ही देखते कुंवर विक्रांत के सिपाहियों की तादात कम होने लगती है , कुंवर विक्रांत के सिपाही तेजधर वालों और तीरों से और तलवार से उनके ऊपर वार कर रहे थे लेकिन उनका हर वार नाकाम जा रहा था क्योंकि वो दोनों चुड़ैल बहने कभी भी एक जगह पे ठहेरती ही नहीं थी
इसे बीच रुद्रा अब खड़ा होचुका था और सुनहेरी के साथ खड़े होकर वहाँ के जंग को देख रहा था , कुंवर विक्रांत अपने सामने अपने सिपाहियों को एक एक करके मरते देख बहुत गुस्से में अचुका था और देखते ही देखते कुछ ही वक्त में दूसतीनी और रुसतीनी दोनों चुड़ैल बहने कुंवर विक्रांत के 100 सिपाहियों के फौज को कुछ ही मिनट में खत्म करदेटे हैं , ये देख कुंवर विक्रांत चिल्लाता है
कुंवर विक्रांत – अगर तुम दोनों में थोड़ी से भी हिम्मत है तो मेरा सामना करो नीचे आकर , ये सुन दोनों बहने हस्सने लगती हैं और फिर वो दोनों नीचे उतार आती हैं , और फिर रुसतीनी दूसतीनी को वहीं छोड़कर आगे बदहजति है कुंवर विक्रांत के तरफ
रुसतीनी – लो राजकुमार में आ गाई अब क्या करोगे मरोगे चलो मारकर दिखाओ
फिर कुंवर विक्रांत रुसतीनी के तरफ बदहजता है और कुंवर विक्रांत को अपने तरफ बढ़ते देख रुसतीनी फौरन अपनी जादुई चड्डी निकलती है और उसमें से बहुत सारे खंजर निकलकर कुंवर पे वार करती है लेकिन कुंवर विक्रांत अपने जादुई ज़हेरिली तलवार के मदद से रुसतीनी के उस वार को बेकार करदेता है
ये देख रुसतीनी गुस्से में फिरसे अपनी जादुई चड्डी निकलती है और उसमें से बहुत बारे बारे पठार निकल के कुंवर के ऊपर फेंकती है लेकिन इषबर भी कुंवर विक्रांत रुसतीनी के उस वार को बेकार करदेता है , ये देख रुसतीनी और भी गुस्से में आ जाती है और कुंवर विक्रांत
के ऊपर अपने जादुई चड्डी के मदद से बिजलियों से वार करती है और तब तक करती रहती है जब तब सब कुछ जल्के रख नहीं हो जाता
रुसतीनी अपने जादुई चड्डी को नीचे करती है और सामने देखती है लेकिन उसे कुछ भी दिखाई नहीं देता क्योंकि सामने सिर्फ़ धुआँ ही धुआँ था कुछ भी साफ दिखाई नहीं दहाड़ा था और ये देख रुसतीनी को लगता है की कुंवर अबकी वार से मारा गया इसलिए रुसतीनी हस्सने लगती है और रुसतीनी को हस्सता देख दूर खड़ी दूसतीनी भी हस्सने लगती है
लेकिन तभी उन्न धुआँ में से निकलकर कुंवर विक्रांत सामने आता है और अपने तलवार के हैंडिल से एक जोरदार वार करता है रुसतीनी के चेहरे के ऊपर इसे से रुसतीनी नीचे ज़मीन पे गिर जाती है और फिर कुंवर विक्रांत आगे बढ़के रुसतीनी के सीने के ऊपर पर रखता है और अपने हाथ में लिए तलवार को रुसतीनी के तरफ मौूद देता है
और फिर जैसे ही कुंवर विक्रांत रुसतीनी के सीने में तलवार उतरने को होता ही है की तभी अचानक से बहुत सारे खंजर उड़ती हुई आती है और कुंवर विक्रांत के सीने को चलनी करके निकल जाती है
इसे हमले से कुंवर विक्रांत हवा में उड़ते हुए दूर जाकर गिरता है ठीक रुद्रा और सुनहेरी के पास , कुंवर विक्रांत के ऊपर वो वार दूसतीनी ने पीछे से और धोके से किया था ईश्वक़्त कुंवर विक्रांत का शरीर पूरी तरह से खंजारों से चलनी होचुका था और उसके शरीर से जेशे मानो खून की नदी बहराहि हो किसी भी वक्त कुंवर विक्रांत मर सकता था
कुंवर विक्रांत की ये हालत करने के बाद दूसतीनी बहुत जोरों से हस्सने लगती है और साथ में रुसतीनी भी इधर कुंवर विक्रांत ईशर करके रुद्रा को अपने पास बुलाता है और रुद्रा उसके पास जाता है
कुंवर विक्रांत – रुद्रा शायद तुम मुझे नहीं जानते पर में तुम्हें अच्छी तरह से जनता हूँ में कुंवर यश का बड़ा भाई कुंवर विक्रांत हूँ में इन चुड़ेलों को मारकर अपने भाई के मौत का बदला लेना चाहता था पर मेरी ये इच्छा अधूरी रही जाएगी लगता है इसलिए में ये जादुई ज़हेरिली तलवार तुम्हें देना चाहता हूँ और और ये भी चाहता हूँ की तुम मेरे और मेरे भाई की मौत का बदला इन बहनों को मारकर लो
रुद्रा – कुंवर विक्रांत यश मेरा भी दोस्त था हाँ हमारी दोस्ती इतनी गहरी तो नहीं थी लेकिन फिर भी वो मेरा दोस्त था इसलिए में आप से वादा करता हूँ की कुंवर यश और आप को मरने वाली इसे चुड़ैल दूसतीनी को में अपने ही हाथों से मारूँगा
कुंवर विक्रांत – शुक्रिया रुद्रा तुम अभी सुनहेरी को लेकर यहाँ से चले जाओ क्योंकि ये वक्त उन्न दोनों बहनों का है उन्हें हराना आसान नहीं है अभी , इसलिए अभी यहाँ से भाग जाओ इनसे बाद में अपनी और हमारी बदला लेलेना , ये बोलकर कुंवर विक्रांत अपनी आँखें हमेशा हमेशा के लिए बंद करदेता है
इधर दूसतीनी और रुसतीनी रुद्रा और सुनहेरी के तरफ
बढ़ने लगती हैं की तभी रुद्रा अपने जेब से रों का वो दिया हुआ जादुई पाउडर निकलता है और दूसतीनी और रुसतीनी के ऊपर फेंक देता है जिस से दूसतीनी और रुसतीनी के शरीर कुछ देर के लिए अकड़ जाती हैं और इसी मौके का फायदा उठाकर रुद्रा सुनहेरी का हाथ पकड़ता है और भागने लगता है
बहुत देर तक दोनों रुद्रा और सुनहेरी भागते रहते हैं , वो दोनों बिना रुके ही घंटों तक भागते रहते हैं और इसी बीच दूसतीनी और रुसतीनी का शरीर भी ठीक होचुका था इसलिए वो दोनों भी गुस्से में अपने जादुई झाड़ू पे सवार होकर रुद्रा और सुनहेरी के पीछे लगे थे कुछ ही देर में उन्हें रुद्रा और सुनहेरी भागते हुए दिखाई देते हैं
और इधर रुद्रा और सुनहेरी जान लगाकर आगे भाग रहे थे उन्हें पता चल चुका था की उनके पीछे ही दूसतीनी और रुसतीनी हैं और कभी भी उन्हें पकड़ सकती हैं इसलिए दोनों पूरी जान लगाकर भाग रहे थे की तभी सुनहेरी और रुद्रा दोनों जंगल के अंधेरे में किसी चट्टान जेशे चीज़ से टकरा जाते हैं और नीचे गिरजते हैं
रुद्रा और सुनहेरी को नीचे गिरता देख दूसतीनी और रुसतीनी भी अपने जादुई झाड़ू से नीचे उतार आती हैं और इन दोनों के तरफ ही चलते हुए आगे बढ़ने लगती हैं
और इधर जब रुद्रा और सुनहेरी अपने सामने देखते हैं तो पाते हैं की वो किसी पठार से नहीं किसी शॅक्स से टकराए थे जो अभी उनके सामने अपने पीठ करके खड़ा था
रुद्रा और सुनहेरी जब पीछे देखते हैं तो पाते हैं दूसतीनी और रुसतीनी दोनों उनके ही तरफ तरफ रहे हैं इसलिए वो दोनों खड़े होते हैं और उस शॅक्स से जिस से वो दोनों अभी अभी टकराए थे उस कहते हैं
रुद्रा & सुनहेरी – देखिए प्लेआस्ीई हमारी मदद कीजिए हमारे पीछे दो चुड़ैल पड़ी हैं जो हमें मारना चाहती हैं प्लेआस्ीई मदद करिए हमारी
(UPDATE-39)
फिर वो शॅक्स जो इन दोनों के तरफ अपना पीठ करके खड़ा था वो शॅक्स पीछे पलट था है और कुछ कदम आगे बढ़ता है जिस से उसके चेहरे पे चाँद की रोशनी पड़ती है , और जब रुद्रा और सुनहेरी की नज़र उस शॅक्स के चेहरे के ऊपर पड़ती है तो दोनों के शरीर डर और खौफ में मारे कांप उठते हैं , दोनों के मुंह से सिर्फ़ एक ही नाम निकलता है और वो नाम था – ईविल प्रिन्स अग्नि अग्नि और उसकी शैतानी फौज निकल चुकी थी जहन्नुम के सफ़र पर , सम्राट के कुछ आदमी जादूगर जोरबार को डर्कलॉर्ड के चंगुल से छुड़ाने के लिए और इसी सफ़र पर चलते हुए अग्नि और उसकी फौज रात होने के कारण एक जुंगेल में ईश्वक़्त पढ़ाव डाले हुए थे
रात काफी होचुकी थी इसलिए अग्नि की फौज के ज्यादातर योढ़ा सो चुके थे लेकिन अग्नि के आँखों से नींद कोषो दूर थी इसलिए अग्नि ईश्वक़्त उस जंगल में अकेला टहल रहा था की तभी अचानक से कोई आकर अग्नि के पीठ से टक्रजता है
और जब अग्नि पीछे पलट था है तो देखता है की दो शॅक्स उस से टकराके
ज़मीन पे पड़े हुए हैं , एक लड़का और एक लड़की और ये दोनों कोई और नहीं रुद्रा और सुनहेरी थे और दोनों पूरी तरह से डरे हुए थे उन्न में से सुनहेरी अग्नि को कहती है
सुनहेरी – प्लीज़ हमारी मदद कीजिए हमारे पीछे दो चुड़ैल पड़ी हुई हैं और वो हमें मारना चाहती हैं प्लीज़ हमारी मदद कीजिए वरना वो हम दोनों को मर डालेंगी
फिर अग्नि अपने कुछ कदम आगे बढ़ता है जिस से अग्नि अंधेरे से निकल के चाँद की रोशनी में आता है और अग्नि का चेहरा उन्न दोनों को रुद्रा और सुनहेरी को दिखाई देता है जिसे देख वो दोनों और भी डर जाते हैं और उन्न दोनों को डरता हुआ देख अग्नि उनसे कहता है
अग्नि – घबरा मत कुछ नहीं होगा तुम दोनों को , ये चुड़ैल तुम्हारा कुछ भी बिगड़ नहीं सकती जब तक में तुम दोनों के पास हूँ , ये बोलकर अग्नि रुद्रा और सुनहेरी के आगे खड़ा हो जाता है
उठने ही देर में दूसतीनी और रुसतीनी इन सबके पास अपहुँचते हैं और आते ही रुसतीनी अग्नि के ऊपर दहाड़ती है
रुसतीनी – ओये लड़के कौन है भी तू चल क़त्ले इन दोनों के सामने से वरना बेकार में ही मारा जाएगा समझा
ये सुन अग्नि हस्सने लगता है और फिर ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता अपने पेट को पकड़कर ये सब देख वहाँ मौजूद दूसतीनी और रुसतीनी अपने मुंह फाड़े एक दूसरे को देखने लगते हैं और अग्नि को बारे बारे आँखों से देखने लगते हैं
अग्नि – बहुत अच्छा मज़ाक था मेरी प्यारी चुड़ेलों , मान ना पड़ेगा तुम दोनों को काफिई अच्छा मज़ाक करलेटे हो
ये सुन दूसतीनी और रुसतीनी बहुत ज्यादा भड़क जाती हैं और ये सब रुद्रा और सुनहेरी भी काफिई हैरानी के साथ देख रहे थे
रुसतीनी – लड़के तूने हमारा मज़ाक उड़के बहुत बड़ी गलती किया है अब तुझे इसकी सजा भुगतनी ही पड़ेगी , में तुझे मौत दूँगी मौत तैयार होज़ा लड़के
अग्नि – हम तो मौत के इंतजार करते करते तक चुके हैं लेकिन मौत है की हमें लेती ही नहीं, न जाने कितनों ने हमें मौत की नींद सुलानी चाही लेकिन वो खुद ही मौत को प्यारे हो गये , चलो कोई बात नहीं चुड़ैल आंटी आप भी कोशिश करके देखलो
अग्नि के मुंह से ऐशी बातें सुन दूसतीनी और रुसतीनी बहुत गुस्से में आजाते हैं और अपनी जादुई चड्डी निकल लेती हैं और उस जादुई चड्डी के मदद से दोनों अग्नि के ऊपर हमला बोल देती हैं , दूसतीनी जादुई चड्डी के मदद से अग्नि के ऊपर खंजर और तलवारों की बरसात करने लगती है वहीं रुसतीनी अपनी जादुई चड्डी के मदद से अग्नि के ऊपर बिजलियों की बरसात करने लगती हैं कुछ देर तक
कुछ देर बाद दोनों चुड़ैल बहने अपनी अपनी हमले को रोकती हैं और सामने देखने लगती हैं सामने सिर्फ़ धुआँ ही धुआँ था बिजलियाँ गिरने के कारण , सामने से कोई भी आवाज़ नहीं आ रही थी इसलिए दोनों बहने समझती हैं वो लड़का मारा गया इसलिए दोनों बहने ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगती
हैं
लेकिन तभी वहाँ से धुआँ हटने लगता है और जब धुआँ पूरा हटजता है तो वहाँ का नज़ारा देख दूसतीनी और रुसतीनी दोनों अपने मुंह फाड़े पागलों की तरह सामने देखने लगती हैं क्योंकि अग्नि सही सलामत उनके सामने खड़ा था और मुस्करा रहा था उसे एक खरॉच भी नहीं आई थी
अग्नि – क्या हुआ चुड़ैल आंटी लगता है आप की सकतियों की हवा निकल गयी इसलिए मुझे कुछ नहीं हुआ चलो कोई बात नहीं एक और चान्स देता हूँ आप दोनों को मुझे मर दो अगर दूसरी बार भी नाकाम रहे तो फिर मेरी बड़ी आएगी तुम दोनों को अपनी शक्ति दिखाने की
फिर कुछ देर तक दूसतीनी और रुसतीनी अग्नि को देखते रहते हैं फिर दोनों अपनी अपनी जादुई चड्डी उठती हैं और फिरसे अग्नि के ऊपर तन देती हैं इसे बार उनका हमला होता है आग से , दोनों चुड़ैल बहने अग्नि के ऊपर अपनी जादुई चड्डी के मदद से आग से हमला करने लगते हैं बहुत देर तक लेकिन उनका ये हमला भी नाकाम रहता है
उसके बाद दोनों बहने अपनी जादुई चड्डी के मदद से और भी बहुत से हमले करते हैं लेकिन उन्न दोनों के सारे वार बेकार जाते हैं , अपने सारे वार इसे तरह बेकार जाता देख दोनों के होश उड़ चुके थे वो दोनों बहने समझ चुके थे की ये जो उनके सामने खड़ा है कोई मामूली शॅक्स नहीं है
अब अग्नि इन दोनों बहनों की तरफ धीरे धीरे बढ़ने लगता है और कुछ ही सेकेंड’से में अग्नि उन्न दोनों बहनों के सामने पहुँच जाता है और अग्नि को सामने देख दोनों के चेहरे का रंग पूरी तरह से उड़ जाता है और दोनों के मुंह से घबराते हुए एक ही बात निकलती है , कौन हो तुम,,,,,,,,,,
अग्नि – (गुस्से में ) में वो हूँ जिसका नाम सुनकर पूरी मायवी दुनिया कांप उत्टीई है , में वो हूँ जिस से टकराने से पहले ऊपरवाला भी हज़ारों बार सोचता है की मेरा सामना करे या नहीं , में इन अंधेरी और शैतानी दुनिया का मल्लिक हूँ और मुझे पूरी दुनिया पूरी काईनात ईविल प्रिन्स अग्नि के नाम से जानती है , इतना कहते ही वहाँ आश्मन में बिजलियाँ कड़कड़ने लगती हैं , क्योंकि अग्नि ये सब बहुत गुस्से में कह रहा था और मौसम भी अग्नि के साथ था
अग्नि का असलियत जानके दोनों चुड़ैल बहने काफिई डर चुकी थी वो दोनों वहीं खड़े खड़े काँपने लगती हैं , फिर अग्नि रुसतीनी के गर्दन को पकड़ लेता है और ऊपर उठा देता है
अग्नि – में खुद ही आग हूँ और आग को आग से जलाया नहीं जाता चुड़ैल आंटी , अब मेरी बड़ी है अपनी शक्तियों को दिखाने की
रुसतीनी अग्नि के हाथों में पड़ी छटपटा रही थी लेकिन अग्नि उसे चोदने के वजह और ज़ोर से उसकी गर्दन पकड़ता है और फिर अग्नि अपनी आँखें बंद करदेता है फिर अग्नि अपनी आँख खोलता है और चिल्लाता है , हाईईईईईईईईईईईईईईईई
और इसी चिल्लाहट के साथ अग्नि का खतरनाक रूप भी सबके सामने आ जाता है , अग्नि के पूरे शरीर से आग निकलनी लगती है , आग की बड़ी बड़ी
लपटें अग्नि के शरीर से निकालने लगती हैं और ईश्वक़्त सही माएनए में अग्नि अग्नि था यानि की आग का बवंडर था और उस आग के लपटों में चुड़ैल रुसतीनी भी आ जाती है और उसका शरीर जलने लगता है
रुसतीनी छटपटाने लगती है वो चिल्लाना चाहती है लेकिन चिल्ला नहीं पति क्योंकि अग्नि ने उसके गर्दन को काश के पकड़ रखा था और रुसतीनी की ये हालत देख चुड़ैल दूसतीनी अपनी बहन को वहीं छोड़कर वहाँ से फौरन भाग जाती है , कुछ ही मिनट’से में रुसतीनी जल्के रख बनजाति है और रुसतीनी के रख बनते ही अग्नि फिरसे नॉर्मल होनेलगता है उसके शरीर से आग की लपटें धीरे धीरे गायब होजती है
रुद्रा और सुनहेरी अभी भी उस जागार से थोड़ी दूरी पे खड़े ये सब देख रहे थे और ईश्वक़्त उनका मुंह पूरा का पूरा खुला हुआ था उनको तो जैसे यकीन ही नहीं हो रहा था की ये सब क्या हो रहा है , रुसतीनी को खत्म करके अग्नि चारों तरफ देखता है लेकिन दूसतीनी को कहीं भी नहीं पता वो समझ जाता है की दूसतीनी भाग गयी है इसलिए अग्नि रुद्रा और सुनहेरी के तरफ चल देता है और उनके पास पहुँच के रुद्रा से कहता है
अग्नि – रुद्रा तुम इसे मायवी दुनिया में क्या कर रहे हो और ये लड़की कौन है तुम्हारे साथ और ये दोनों चुड़ैल तुम्हारे पीछे क्यों पड़े थे
______ लधाई की आवाज़ सुनकर अग्नि के फौज का सेनापति जब्बार और उसके कुछ साथी यहाँ तक अचुके थे और ईश्वक़्त अग्नि के पास ही खड़े थे और अग्नि से पूछ रहे थे की मलिक क्या हुआ लेकिन अग्नि उनका सवाल का जवाब दिए बिना रुद्रा और सुनहेरी के पास जाता है और
अग्नि – रुद्रा तुम इसे मायवी दुनिया में क्या कर रहे हो और ये लड़की कौन है तुम्हारे साथ और ये दोनों चुड़ैल तुम्हारे पीछे क्यों पड़े थे
रुद्रा – आप को मेरा नाम केशे पता , क्या आप मुझे जानते हैं (रुद्रा परेशान सा होते हुए अग्नि से कहता है)
अग्नि – साले क्या तू मुझे भूल गया पहचान नहीं परहा है मुझे , में अग्नि हूँ तेरा दोस्त कमीने , ये सुन रुद्रा अग्नि को घूरने लगता है कुछ देर तक और फिर रुद्रा सीधे जाकर अग्नि के गले लग जाता है
रुद्रा – अग्नि मेरे दोस्त मेरे भाई तू यहाँ पे कब आया और ये ईविल प्रिन्स का क्या लाफद है यार , और अपने चांगू माँगूँ यानि की देव और जागु केशे हैं और कहाँ है और सबसे बड़ी बात जहाँ केशी है
रुद्रा एक साथ बहुत सारे सवाल पूछ बैठ था है अग्नि से और इधर वहाँ मौजूद सभी यानि की सुनहेरी , जब्बार और जब्बार के कुछ साथी मुंह फाड़े इनके तरफ ही देख रहे थे
सुनहेरी – रुद्रा क्या तुम इन्हें जानते हो ?
रुद्रा – सुनहेरी ये अग्नि है मेरा बहुत अच्छा दोस्त , कुछ सालों पहले अग्नि अपने दोस्तों के साथ कालेज के स्टडी टूर पे शिमला आया था और शिमला के पास ही हमारा गाँव है सरहादपुरा , हमारे गाँव में कुछ कहीं भी ना मिलने वाले पेड़ फूल और पौधे
मौजुट हैं जिन्हें देखने के लिए इनकी कालेज के सभी स्टूडेंट’से आए थे हमारे गाँव में , उशिवक़्त में अग्नि से मिला था और अगले कुछ ही दीनों में हम दोनों बहुत ही गहरे दोस्त बन बैठे थे , ये सब सुनहेरी को बताने के बाद रुद्रा अग्नि के तरफ मुड़ता है और
रुद्रा – अग्नि यार तूने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया की अपने देव और जागु केशे हैं और जहाँ कहाँ पे है और तू ईविल प्रिन्स केशे बन गया
जहाँ का नाम सुनकर अग्नि के आँखों से आस्यू आजाते हैं और अग्नि के आँखों में आस्यू देख रुद्रा के चेहरे से हँसी गायब होजती है जो अग्नि से मिलने के कारण थी
रुद्रा – क्या हुआ अग्नि मैंने कुछ गलत कह दिया क्या , सब ठीक तो है ना
अग्नि – (अपने आँखों से आस्यू पोछते हुए) नहीं भाई कुछ भी ठीक नहीं है जहाँ अब इसे दुनिया में नहीं रही , ये बात सुनकर रुद्रा के चेहरे का रंग उद्जाता है वो आँखें फाड़े अग्नि की तरफ देखता है और
रुद्रा – क्य्ाआआआअ पर ये सब कब और केशे हुआ अग्नि
अग्नि – जिस दिन में तुझसे आखिरी वार मिला था उसके अगले दो दीनों में ही ये सब हुआ था और फिर अग्नि रुद्रा को जहाँ की मौत केशे हुई सब कुछ बताने लगता है एक एक करके सब कुछ , सारी बातें बताने के बाद अग्नि चुप हो जाता है ईश्वक़्त अग्नि के आँखों के साथ साथ रुद्रा और सुनहेरी के आँखों से भी आस्यू बह रहे थे जहाँ की कहानी सुनकर
फिर रुद्रा आगे बढ़ता है और अग्नि को गले लगलेटा है और कहता है
(UPDATE-40)
रुद्रा – मुझे माफ करदे यार मुझे ये सब बिलकुल पता नहीं था और ना ही में उस कठिन वक्त में तेरे पास था
अग्नि – बाकी बातें हम हमारे ठिकाने पे करेंगे चलो मेरे साथ , ये बोलकर अग्नि अपने साथ रुद्रा और सुनहेरी को लेकर चल देता है और उसके पीछे जब्बार और उसके साथी चल देते हैं
कुछ ही देर में वो सब अपने ठिकाने पे पहुँच जाते हैं जब सुनहेरी अग्नि की शतानी फौज को देखती है तो कांप उठती है उसके कदम वहीं पे जम जाते हैं वो आगे नहीं तरफ पति है और ये देख अग्नि उसके पास जाता है और
अग्नि – देखिए आप दारिय मत कुछ भी नहीं होगा आपको यहाँ पे और ये सब जिन्हें देख आप डर रही हैं ये सभी मेरे फौज के योढ़ा हैं इसलिए दारिय मत ये आप का कुछ भी नहीं करेंगे , अग्नि के समझने के बाद सुनहेरी आगे बदहजति है
फिर रुद्रा और सुनहेरी अग्नि के साथ एक जगह बैठ जाते हैं और जब्बार और उसके साथी चल देते हैं पहरा देने के लिए , और बैठ ते ही रुद्रा फिर से अग्नि से पूछता है की अग्नि तू ईविल प्रिन्स केशे बन बैठा
फिर अग्नि कुछ देर चुप रहता है और फिर सबकुछ बताना चालू करदेता है पहली वार वर्षा से मिलने से लेकर आखिरी बार जब उसने अपनी जान दी थी वर्षा के लिए तब तक की कहानी अग्नि रुद्रा को सुना देता है और फिर कहता है
अग्नि – रुद्रा मेरी मौत के बाद मुझे पुनर्जीवित किया गया और मायवी
दुनिया में लाया गया और यहाँ आकर में बन बैठा थे ईविल प्रिन्स , और फिर अग्नि रुद्रा को अपना मक्षद भी बताता है की वो फिरसे इंसान बन ना चाहता है इसलिए वो सम्राट को वापस जिंदा करना चाहता है तकिी सम्राट उसे इंसानी जिंदगी वापस लौटा दे और इसी मक्षद के वजह से उसने मायवी दुनिया में अपनी जूँगी मुहिम छेद रखी है
ये सारी बातें सुन रुद्रा और सुनहेरी बस अग्नि के तरफ ही देख रहे थे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था की एक शॅक्स इतने दर्द केशे झेल सकता है
सुनहेरी – अग्नि जीि आप ने सच में बहुत दर्द झेले हैं अपनी जिंदगी में , आप बहुत हिम्मतवाले हैं अगर आप की जगह कोई और होता तो इतना दर्द कभी भी से नहीं पता
अग्नि (ये सुन एक फीकी मुश्कं लिए)
इश्क में ऐसे अरमान भी होते हैं,
खुली आँखों में भी ख्वाब होते हैं,
गम में ही ाश्क़ बहते हैं,
पर हँसती आँखों में भी शैलाब होते हैं…
अग्नि – चोदा इन बातों को तुम दोनों दर्द सहना तो मेरी आदत से बन चुकी है और शायद ही ये दर्द मेरा कभी पीछा चोदे , इसलिए मेरी चोदा और रुद्रा तू ये बता की तू यहाँ इसे मायवी दुनिया में क्या कर रहा है
फिर रुद्रा अपनी दास्तान बयान करने लगता है की केशे वो इंसानी दुनिया में एक लड़की से प्यार करता था और फिर केशे उसे पता चला की उसकी मां यहाँ इसे दुनिया में किसी चुड़ैल के कैद में है और फिर वो केशे इसे मायवी दुनिया में आया और फिर केशे वो सुनहेरी से टकराया इसे ही हर एक बात रुद्रा अग्नि को बता देता है सब कुछ बताने के बाद फिर
अग्नि – अच्छा तो ये है सारी कहानी तो तुम यहाँ अपनी मां को छुड़ाने के लिए आए हो और ईश्वक़्त उसी मक्षद से निकले हुए थे की तुम्हारे पीछे फिरसे चुड़ैल पड़ गये
रुद्रा – हाँ अग्नि सही कहा तुमने अगर आज सही वक्त पे तुम ना आते तो हम दोनों मारे जाते
अग्नि – अच्छा ये बता क्या नाम बताया था तुमने उस चुड़ैल का
रुद्रा – उस चुड़ैल का नाम मोहिनी है जिसने मेरी मां को अपने कैद में रखा है गुलाम बनकर , फिर अग्नि अपने सेनापति जब्बार को आवाज़ देकर बुलाता है और फिर जब्बार के आने के बाद अग्नि जब्बार से पूछता है
अग्नि – जब्बार ये बताओ क्या तुम किसी चुड़ैल मोहिनी को जानते हो
जब्बार – जब्बार कुछ देर सोचता है और फिर वो कहता है , अरे हाँ मलिक चुड़ैल मोहिनी तो डर्कलॉर्ड की बहन है जो आज कल डर्कलॉर्ड के साथ ही जहन्नुम में रही रही है
अग्नि – (ये सुन अग्नि चौक जाता है) क्य्ाआआअ , क्या तुम सच बॉलरहे हो
जब्बार – हाँ मलिक में सच बोल रहा हूँ , लेकिन बात क्या है मलिक
अग्नि – कुछ नहीं जब्बार जिस तरह हम डर्कलॉर्ड के पास जा रहे हैं हमारे साथी को छुड़ाने के लिए ठीक उसी तरह मेरा ये दोस्त डर्कलॉर्ड की बहन चुड़ैल मोहिनी के पास जा रहा है अपनी मां को छुड़ाने के लिए
रुद्रा – यानि की हमारा मक्षद एक है अग्नि तब तो हम
दोनों तुम्हारे साथ चलेंगे
अग्नि – क्यों नहीं रुद्रा जरूर
ये सब बातें करते करते सुबह होचुकी थी – और ठीक उसी वक्त जेहनुं में
जहन्नुम का किंग डर्कलॉर्ड दिखने में वो बहुत खतरनाक दिखता था , मजबूत शरीर 7 से 8 फिइत की लंबाई और चेहरे से तो पूछो ही मत क्योंकि उसके चेहरे के ऊपर चाँदी ही नहीं थी इसलिए वो बहुत ही खतरनाक दिखता था
ईश्वक़्त जहन्नुम में डर्कलॉर्ड अपने कुछ सिपाहियों के साथ कैद खाने के तरफ तरफ रहा था और कुछ ही देर में डर्कलॉर्ड कैद खाने के अंदर पहुँच जाता है लेकिन डर्कलॉर्ड नहीं रुकता है वो और आगे तरफ जाता है और फिर एक जगह पे पहुँच के वो रुकता है
वो जगह थी जहन्नुम के कैद खाने की सबसे अंतिम और खतरनाक जगह क्योंकि वहाँ पे चारों तरह आग ही आग थी फिर डर्कलॉर्ड आगे बढ़ता है और अपना हाथ उठाकर उन्न चारों तरफ फैले हुए आग को इशारा करता है जिस से वो चारों तरफ फैले हुए आग अपने आप बुझने लगते हैं
जब आग बुझ जाती है तो सामने आता है एक पिंजरा जो इन चारों तरफ फैले हुए आग के ठीक बीच में थी और उस पिंजरे में कैद था एक साक्ष् और वो शॅक्स कोई और नहीं सम्राट का कुछ आदमी जादूगर जोरबार था जिसकी हालत ईश्वक़्त बहुत खराब थी वो ईश्वक़्त बुरी तरह से घायल था
जादूगर जोरबार को डर्कलॉर्ड ने इन पिंजरों में कैद करके रखा हुआ था और कहीं जोरबार भागने की कोशिश ना करे इसे लिए डर्कलॉर्ड ने पिंजरे के चारों तरफ आग फैला रखा था , डर्कलॉर्ड चलते हुए उस पिंजरे तक जाता है और
डर्कलॉर्ड – जोरबार मेरे दोस्त केशा है तू , सब कुछ ठीक है ना तुझे इन पिंजरों में कुछ तकलीफ तो नहीं हो रही है ना
जोरबार – मेरी फिक्र मत कर डर्कलॉर्ड में ठीक हूँ , तू मुझपर कितना भी सितम ढले लेकिन में तेरे जैसे एक गदर के आगे कभी भी नहीं झूकुंगा
डर्कलॉर्ड – देख मेरे यार तू मानता क्यों नहीं मेरे बात को , क्यों तू इतनी तकलीफ झेल रहा है मेरी बात मान और मेरे साथ मिलजा और मुझे सम्राट के शरीर में मौजूद बकीके आधी शक्तियाँ मुझे दिलवा दे , फिर में तुझे आज़ाद भी कार्दूंगा और तुझे अपना बाज़ीर भी बना दूँगा सोचले
जोरबार – (चेहरे पे मुश्कं लिए) क्या बात है हमेशा जुल्म करने वाला डर्कलॉर्ड आज मुझसे इतनी मीठी मीठी बोली बोल रहा है लगता है कुछ गड़बड़ है , अरे कहीं मेरा दोस्त सम्राट ईविल प्रिन्स के रूप में वापस तो नहीं आ गया
जोरबार के द्वारा कही गयी आखिरी बात का डर्कलॉर्ड कोई भी जवाब नहीं देता सिर्फ़ गुस्से भारी नजरों से जोरबार को देखता रहता है इसे से जोरबार समझ जाता है की उसका अंदाज़ा सही है
जोरबार – तो ये बात सच है ईविल प्रिन्स अचुका है मायवी दुनिया में तब तो तेरी मौत पकिी है डर्कलॉर्ड , क्योंकि ईविल प्रिन्स कभी भी गदारों को नहीं बकषेगा
डर्कलॉर्ड – (गुस्से में) ये तेरी गलत फहमी है जोरबार की
ईविल प्रिन्स मेरा कुछ बिगड़ पाएगा शायद तू भूल रहा है की ये जहन्नुम है और जहन्नुम में मुझे मारना नमुनकीन है इसलिए अगर ईविल प्रिन्स यहाँ जहन्नुम में आया तो उसकी मौत मेरे ही हाथों होगी
और रही बात सम्राट के शक्तियाँ हासिल करने की तो वो में हासिल करके ही रहूँगा और वो भी तेरी मदद से , चाहे तू अपने मर्जी से मदद कर या अपने मर्जी के बिना
फिर डर्कलॉर्ड अपने सिपाहियों को इशारा करता है और उसके सिपाही उस पिंजरे का ताला खोल के पिंजरे के अंदर जाते हैं और जादूगर जोरबार के ऊपर चाबुक से कोडे मरने लगते हैं बहुत देर तक मरते रहते हैं और जोरबार के मुंह से दर्द की चीखें गूंजने लगती है अहह अहह अहह , और जब तक जोरबार कोडॉन की मर सहम कर सकता था करता है फिर वो बेहोश हो जाता है और ये देख डर्कलॉर्ड
डर्कलॉर्ड – रुक जाओ तुम सब , ये बेहोश होचुका है इसलिए अभी ईश्वक़्त चलो यहाँ से कुछ देर बाद वापस आएँगे और फिरसे इश्पर कोडे बरसाएनगे देखते हैं कब तक चुप रहता है ये , एक ना एक दिन तो इसे टूटना ही पड़ेगा
फिर डर्कलॉर्ड अपने सिपाहियों के साथ उस पिंजरे के पास से दूर हाथ था है और फिर डर्कलॉर्ड अपने हाथ से इशारा करता है और फिरसे पिंजरे के चारों तरफ आग उठने लगते हैं और उस पिंजरे को चारों तरफ से घर लेते हैं और फिर डर्कलॉर्ड अपने सिपाहियों के साथ वहाँ से चला जाता है
**************************************
इधर 3 दिन और 3 रातें बीत चुके थे अग्नि और उसकी फौज और साथ में रुद्रा और सुनहेरी के जहन्नुम के लिए निकले हुए , इन 3 दीनों में अग्नि और रुद्रा फिरसे अच्छे दोस्त बन चुके थे और रुद्रा भी सुनहेरी के दिन बीए दिन करीब होता जा रही था लेकिन उसे अपने प्यार का इजहार करने से डरता था और रुद्रा का सुनहेरी के लिए प्यार अग्नि भी जान चुका था लेकिन अग्नि ने रुद्रा से इसे बारे में अभी तक कोई भी बात नहीं किया था
और अग्नि ने जहन्नुम के लिए निकालने से पहले अपने कुछ खूनी दरिंदे सिपाहियों को राजी करके जहन्नुम में पहले ही भेज दिया था जहन्नुम की अंदरूनी खबर निकालने के लिए और जहन्नुम में मौजूद डर्कलॉर्ड के फौज के खूनी दरिंदों को अपने साथ शामिल करने के लिए राजी करने के वास्ते
और अग्नि अपने फौज के साथ आगे तरफ ही रहा था की तभी उसे सामने ही अपने फौज के खूनी दरिंदे दिख जाते हैं और उनके साथ कुछ और खूनी दरिंदे भी , फिर अग्नि की फौज वहीं पे रुकजाति है और अग्नि अपने फौज के उन्न खूनी दरिंदे सिपाहियों के तरफ बढ़ता है और उनके लीडर जिसका नाम डोरे था उस से कहता है
अग्नि – डोरे क्या खबर है
डोरे – मलिक खबर अच्छी है ये जो मेरे साथ ईश्वक़्त खड़ा है ये वोरे है मेरा दोस्त और ये डर्कलॉर्ड के फौज का सिपाही है और ये अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर हमारी मदद करने के लिए राजी हो गया है
अग्नि – डोरे ये तो बहुत अच्छी बात है
, वोरे तुम्हारा हमारे फौज में स्वागत है
वोरे – आज से आप ही हमारे मलिक हैं और हम सब आप के वफादार सिपाही मलिक , लेकिन मलिक हम सब आप से एक बात कहना चाहेंगे की हम खूनी दरिंदे आपस में नहीं लढ़ते इसलिए इसे जंग में हम सिर्फ़ आप की मदद जहन्नुम के अंदर आप को रास्तों से पहचान करके ही कर सकते हैं , हम आप के साथ मिलकर इसे जंग में लध नहीं सकते क्योंकि डर्कलॉर्ड के साथ अभी भी बहुत सारे खूनी दरिंदे मौजुट हैं जो उसके वफादार हैं
अग्नि – कोई बात नहीं वोरे मुझे इसे जंग में किसी की मदद की जरूरत नहीं है में अकेला ही डर्कलॉर्ड को संभाल सकता हूँ
(UPDATE-41)
रुद्रा – तुम अकेले नहीं हो मेरे दोस्त में भी हूँ तुम्हारे साथ अग्नि , हम दोनों मिलकर लाढेंगे ये जंग
अग्नि – नहीं रुद्रा ये जंग बहुत खतरनाक होगी डर्कलॉर्ड और उसकी चुड़ैल बहन बहुत ज्यादा ताकतवर हैं उनसे भी ज्यादा जिन चुड़ेलों से तुम भिड़े थे इसलिए मुझे अकेले ही लड़ने दो और मुझपर भरोसा रखो में तुम्हारी मां को सही सलंत निकल लूँगा वहाँ से
रुद्रा – नहीं अग्नि में तुम्हें अकेले जाने नहीं दूँगा में भी जाऊंगा तुम्हारे साथ इसे जंग को लड़ने के लिए , पहली बार मुझे अपनी मां के लिए कुछ करने का मौका मिल रहा है इसलिए में पीछे नहीं हटूँगा और वैसे भी मेरी मां को यकीन है की उनका बेटा एक दिन आएगा और उस चुड़ैल को मारकर उनको आज़ाद करके लेजाएगा इसे लिए में तुम्हारे साथ जरूर जाऊंगा प्लीज़ अग्नि मुझे भी आने दो अपने साथ
अग्नि – अगर तेरी यही इच्छा है तो यही सही में तुझे नहीं रोकुंगा अब चल हमारे साथ
फिर वोरे अपने साथ लाए हुए कुछ खूनी दरिंदों के कपड़े अग्नि और रुद्रा को देता है पहन ने के लिए जिस से वो दोनों भी डर्कलॉर्ड के फौज के सिपाही लगें और अंदर चुप चाप घुस सकें , अग्नि और रुद्रा दोनों उन्न कपड़ों को पहन ते हैं और अपने सर को ढक लेते हैं और चलने के लिए तैयार होजते हैं , चलने से पहले रुद्रा सुनहेरी के पास जाता है और
रुद्रा – सुनहेरी में अग्नि के साथ जा रहा हूँ अपनी मां को छुड़ाने के लिए तुम यहीं रुकना और कोई भी तकलीफ हो तो जब्बार से कह देना अग्नि ने उसे कहा है तुम्हारा ख्याल रखने के लिए
सुनहेरी – ठीक है रुद्रा लेकिन तुम अपना ख्याल रखना ज्यादा हेरोगीरि मत दिखना समझे और अपनी मां को लेकर जल्दी से जल्दी लौट आना
फिर रुद्रा सुनहेरी से बिदा लेता है और अग्नि के साथ मिलकर जहन्नुम के तरफ चल देता है फिर रुद्रा सुनहेरी से विदा लेता है और अग्नि के साथ मिलकर जहन्नुम के तरफ चल देता है , कुछ देर चलने के बाद सब एक बारे से पहाड़ के पहुँच जाते हैं फिर रुद्रा वोरे से पूछता है
रुद्रा – वोरे सामने तो पहाड़ है जहन्नुम का राष्टा कहाँ है?
वोरे – रुद्रा भाई जहन्नुम का राष्टा पहाड़ के ऊपर है यानि की हमें पहाड़ चढ़के
ऊपर तक जाना पड़ेगा तब जाकर आएगा जहन्नुम के अंदर जाने वाली गुफा
फिर अग्नि रुद्रा और वोरे के साथ आए हुए सभी खूनी दरिंदे सिपाही एक एक करके पहाड़ के ऊपर चढ़ने लगते हैं , शाम ढाल चुकी थी और अंधेरा भी होने लगा था , इसे पहाड़ी राषते में ज्यादातर फिसलन भी थी और और रास्ता कच्छा भी था और साथ में खतरनाक भी फिर भी सभी बिना रुके पहाड़ी के ऊपर धीरे धीरे चढ़ रहे थे
और कुछ घंटों में सभी पहाड़ के ऊपर पहुँच भी जाते हैं किसको कुछ भी नहीं होता है फिर सभी आगे तरफ जाते हैं कुछ देर चलने के बाद अग्नि और रुद्रा को एक गुफा दिखाई देता है उस गुफा के बाहर कुछ मसलें जल रही थी
रुद्रा – वोरे क्या यही है जहन्नुम की गुफा ?
वोरे – हाँ रुद्रा भाई यही है जहन्नुम का गुफा , फिर सभी आगे बढ़ने लगते हैं गुफा के तरफ और फिर चलते हुए अग्नि रुद्रा से कहता है
अग्नि – रुद्रा तुम्हारे पास जो तलवार है उसके बारे में कुछ जानते हो या नहीं
रुद्रा – हाँ जनता हूँ अग्नि मरने से पहले कुंवर विक्रांत ने बताया था की ये एक ज़हेरिलिी तलवार है कुछ करके ये तलवार चुड़ेलों को मरने के लिए बनाया जाता है और जब भी कोई चुड़ैल मेरे पास होगी तो ये हारे रंग से जगमगाने लगेगा इसके मदद से मुझे पता चल जाएगा चुड़ैल के बारे में
अग्नि – सही कहा रुद्रा तुमने और ये तलवार इसे लधाई में तुम्हारे बहुत काम आनेवाली है उस छेदेल मोहिनी को मरने के लिए , बातें करते करते सब उस गुफा तक पहुँच चुके थे फिर सब एक एक करके गुफा के अंदर घुसते हैं
अग्नि और रुद्रा ने खूनी दरिंदों के सिपाही वाले कपड़े पहने हुए थे और अपने सर को धक्का हुआ था इसे लिए उन्हें गुफा के बाहर मौजूद पहरेदार भी नहीं पहचान सके थे इसे लिए अग्नि और रुद्रा को आसानी होती है अंदर घुसने के लिए
गुफा में घुसते ही उन्हें पता चला की आगे जाने के लिए जो रास्ता है वो नीचे जाता है इसलिए वो सब सीढ़ियों से होते हुए नीचे उतरने लगते हैं कुछ देर चलने के बाद वो सब नीचे पहुँच गये , नीचे एक बसा बसाया छोटा सा शहर था जहेंनुम का और यहाँ गर्मी बहुत थी करीबन 100 डिग्री की गर्मी होगी यहाँ पे चारों तरफ लाल रोशनी फैली हुई थी इसे शहर में
छोटे छोटे झोंपड़े जेशे घर थे इसे जहन्नुम के शहर में और यहाँ पे सभी खूनी दरिंदे अपने परिवार समेट बस गये थे इसे जहन्नुम को उन्होंने अपना घर बना लिया था और यहाँ के बाज़ार में इतनी रात को भी बहुत भीड़ लगी हुई थी और इन भीड़ से होते हुए अग्नि और रुद्रा वोरे और उसके साथियों के साथ आगे तरफ जाते हैं कुछ ही देर में ये सब एक बारे से दीवार के सामने खड़े थे शायद यहीं राष्टा खत्म होता था
रुद्रा – वोरे ये क्या राष्टा तो यहीं पे खत्म हो रहा है , ये डर्कलॉर्ड का महेल कहाँ पे है
अग्नि – सब्र करो रुद्रा सब्र करो मुझे लगता है की रास्ता यहीं से है इसे दीवार
से होते हुए क्यों वोरे सही कहा ना मैंने
वोरे – जी मलिक आप ने बिलकुल सही कहा रास्ता यहीं से होते हुए जाता है ये एक मायवी दीवार है इसके दूसरे तरफ ही महेल में जाने का राष्टा है लेकिन मलिक
अग्नि – लेकिन क्या वोरे
वोरे – मलिक आगे का राष्टा बहुत खतरनाक है
रुद्रा – क्या मतलब वोरे
वोरे – रुद्रा भाई इसे मायवी दीवार को तो हम सब पर करलेंगे लेकिन इसे मायवी दीवार को पर करने के बाद जो आगे का राष्टा है वो भी हम खूनी दरिंदे पर करलेंगे लेकिन आप और मलिक के लिए वो राष्टा इतना आसान नहीं होगा
अग्नि – क्या मतलब है तुम्हारा वोरे जो भी कहना है साफ साफ कहो
वोरे – मलिक इसे दीवार के दूसरे तरफ एक आग का दरिया है और महेल तक जाने के लिए हम सबको वो आग का दरिया पर करके जाना होगा
रुद्रा – क्या मतलब की तुम खूनी दरिंदे पर कार्लोगे लेकिन हम दोनों नहीं कर पाएँगे
वोरे – रुद्रा भाई ये सब डर्कलॉर्ड की चुड़ैल बहन मोहिनी का जाल है , डर्कलॉर्ड को डर था की कहीं उसका कोई ताकतवर दुश्मन उसके महेल में घुसके उसे मारना दे इसलिए उसने अपनी बहन को अपने महेल को और भी ज्यादा सुरक्षित करने के लिए कहा
और तब डर्कलॉर्ड की बहन चुड़ैल मोहिनी ने अपने जादू से पहले यहाँ पे एक मायवी दीवार बनाया जिसको सिर्फ़ वही लोग पार करसकते थे जो महेल के मलिक हो या फिर महेल में काम करने वाले नौकर या फिर सिपाही , लेकिन मोहिनी के जादू ठीक से काम नहीं कर पाया और हुआ ये की अगर बाहर का कोई शॅक्स इसे दीवार को पर करने की कोशिश करता तो वो नाकाम रहता था लेकिन वो अगर किसी महेल में काम करने वाले नौकर या किसी सिपाही के साथ घुसे तो वो भी इसे दीवार को पार कर लेता था
और जब ये बात मोहिनी को पता चला तो उसने फिरसे अपने जादू के मदद से इसे दीवार के उस तरफ एक आग का दरिया बना दिया जिसे पर करने के बाद ही हम महेल में पहुँच सकते थे
रुद्रा – तो इसमें केशी परेशानी आग का दरिया भी हम तुम सबके साथ मिलकर पार करलेंगे
वोरे – नहीं रुद्रा भैया ये मुमकिन नहीं है
रुद्रा – क्यों ?
वोरे – क्योंकि जब मोहिनी ने ये आग का दरिया अपने जादू से बनाया तो उसने अपने जादू में बदलाव किए और हुआ ये की उस आग के दारिय को भी सिर्फ़ वही लोग पार कर सकते थे जो महेल के सिपाही हो या नौकर और अगर किसी बाहर वाले ने इनके साथ उस आग के दारिय को पार करने की कोशिश किया तो वो बाहर वाला शॅक्स वहीं जल्के मारा जाएगा और साथ में वो महेल में काम करने वाला भी
रुद्रा – क्य्ाआआआ , तो अब हम क्या करे तूने हमें ये पहले क्यों नहीं बताया
वोरे – सॉरी रुद्रा भाई में ये आग के दारिय वाली बात को भूल गया था
रुद्रा – आबे अग्नि तू चुप क्यों है कुछ बोल यार अब हम क्या करेंगे , इसे परेशानी से केशे निकलेंगे
अग्नि – रुद्रा परेशानी सिर्फ़ तेरी है क्योंकि मुझे उस आग के दारिय
से कुछ भी नहीं होगा क्योंकि तू जनता है में खुद ही आग का बवंडर हूँ तो वो आग का दरिया मेरा क्या बिगड़ लेगा , लेकिन में परेशान तेरे लिए हूँ तू उस आग को झेल नहीं पाएगा और जल्के रख होज़ायगा
रुद्रा – अग्नि मेरे भाई कुछ कर यार में यहाँ तक आकर अब पीछे नहीं हटना चाहता हूँ कुछ कर यार , कुछ देर तक अग्नि सोचता रहता है फिर अग्नि कहता है
अग्नि – पहले दीवार को पर करते हैं फिर देखेंगे आगे क्या करना है , वोरे दीवार को करने का बंदों बस्त करो
वोरे – ठीक है मलिक , ये बोलकर वोरे उस मायवी दीवार के नज़दीक जाता है उस मायवी दीवार के नज़दीक एक पठार का बना हुआ शेयर(लाइयन) की मूर्ति थी वोरे उस मूर्ति के सामने जाता है और उस शेयर के मूर्ति के खुले हुए मुंह में अपना हाथ डाल देता है कुछ ही सेकेंड’से बाद उस मायवी दीवार से एक आवाज़ आती है —- महेल के रक्षक सिपाही वोरे आप का स्वागत है
और उसके बाद वहाँ पे उस दीवार से एक तेज रोशनी निकलती है और उस तेज रोशनी के कारण सबके आँखों में कुछ देर के लिए उजाला छाजता है , सबको सिर्फ़ सफेद रंग की एक रोशनी दिखाई देती है और कुछ नहीं दिखता फिर धीरे धीरे वो तेज रोशनी कम होती है और कुछ ही सेकेंड’से में वहाँ से वो रोशनी गायब होजती है
और उस रोशनी के जगह पे वहाँ एक दरवाजा सबको दिखाई देता है और फिर वोरे सबको अंदर चलने को कहता है और फिर सब एक एक करके उस दरवाजे के अंदर घुसने लगते हैं , और फिर सभी उस दरवाजे के उस तरफ निकलते हैं और फिर वो दरवाजा गायब हो जाता है और फिर सब आगे बढ़ते हैं और जेशे ही सब आगे बढ़ते हैं तो सबको सामने वो आग का दरिया दिखाई देता है
(UPDATE-42)
अग्नि , रुद्रा , वोरे और उसके साथी ईश्वक़्त आग के दारिय के सामने खड़े थे , उस दरिया का नाम सिर्फ़ आग का दरिया नहीं था वो सच मच में आग का दरिया था , उस दरिया में पानी के बदले आग बह रही थी लावा के जेशे गर्म आग
रुद्रा ईश्वक़्त बहुत परेशान था की वो आगे केशे जाए और वहीं अग्नि भी सोच रहा था की वो क्या करे जिस से सभी सही सलामत आग के दारिय को पार करलेन , कुछ देर बाद अग्नि के दिमाग में कुछ आता है और वो सबसे कहता है
अग्नि – तुम सभी पीछे हाथ जाओ सभी आग के दारिय के सामने से हटज्ाओ और याद रखना जब में तुमको कहूँ के आगे बढ़ने को तो फौरन तरफ जाना , फिर सभी हाँ में सर हिलाते हैं
फिर अग्नि अपनी आँखों को कुछ देर के लिए बंद करता है और अपने दोनों हाथों को आग के दारिय के तरफ करके खोल देता है फिर अग्नि अपने आँखों को खोलता है , और जब अग्नि अपने आँखों को खोलता है तो अग्नि का एक अलग ही चेहरा सबके सामने आता है एक शा चेहरा जिसे देख किसी के भी हाथ पर काँपने लगे जिसे देख किसी के भी दिल की धड़कन जोरों से धड़कने लगे
ये चेहरा अग्नि का नहीं किसी एक बेरहम शैतान का लग रहा था जिसके चेहरे पे कठोरता , दरिंदगी ,
हैवानियत , शैतानियत सब कुछ देखा जा सकता था , अग्नि के आँखें पूरी तरह से बदल चुकी थी उसके आँखों से आग के लपटें निकल रही थी , अग्नि के आँखों से इसे वक्त अँगारे बरस रहे थे , ईश्वक़्त अग्नि के आँखों में आग का बवंडर देखा जा सकता था
अग्नि को इसे रूप में देख वहाँ मौजूद सभी रुद्रा , वोरे और उसके साथी सभी के दिल में डर बैठ चुका था और सबके दिल के धड़कन ईश्वक़्त बहुत तेजिसे दौड़ रहे थे
फिर अग्नि आग के दरिया के तरफ तरफ जाता है और कुछ कदम उसके अंदर घुस जाता है और फिर अग्नि अपने दोनों हाथों को ऊपर उठता है और आग के दारिय के तरफ करके इशारा करता है जिस से उस आग के दारिय में हलचल होने लगती है और उस आग के दारिय में उथल पुथल मचने लगती है
कुछ देर इसे ही चलने के बाद वो आग का दरिया धीरे धीरे शांत होता है और फिर देखते ही देखते वो आग का दरिया दो हिस्सों में बात जाता है यानि की उस आग के दारिय के बीच से होते हुए एक राष्टा निकलता है जो सीधे आग के दारिय के उस पार लेजता है
ये सब नज़ारा देख वहाँ मौजूद रुद्रा वोरे और उसके साथी अपने अपने मुंह फाड़े कभी अग्नि के तरफ देख रहे थे तो कभी उस आग के दारिय के तरफ जहाँ पे ईश्वक़्त उस आग के दारिय के बीच से एक राष्टा बन चुका था , ये सब इसे ही मुंह फाड़े देख ही रहे थे की तभी उन्न सबके कानों में अग्नि की कठोरता से भारी आवाज़ पड़ती है
अग्नि – तुम सब इसे क्या देख रहे हो जल्दी से जल्दी इसे राषते से होते हुए इसे आग के दारिय को पार करो , फिर रुद्रा वोरे और उसके साथी सभी तेजिसे उस रास्ते से होते हुए उस आग के दारिय को पार करने लगते हैं , कुछ ही समय में सभी दरिया के उस तरफ पहुँच जाते हैं और जैसे ही वो सब दरिया के उस तरफ पहुंकते हैं वो राष्टा जिस से वो सब यहाँ तक पहुँचे थे वो राष्टा बंद हो जाता है और वो राष्टा फिर से उस आग के दारिय के संग मिल जाता है
ये देख रुद्रा परेशान हो जाता है और साथ में वोरे और उसके साथी भी उन्न सबको ये चिंता सटा रही थी की अग्नि केशे इसे आग के दारिय को पर करके आएगा और ये सब यही सोच रहे थे की तभी उनके सामने से अग्नि उस आग के दारिय के अंदर से बाहर निकलता है अग्नि के आँखों से अभी भी आग की लपटें निकल रही थी और ये देख रुद्रा को याद आ जाता है अग्नि का कहा हुआ वो बात जो अग्नि ने मायवी दीवार को पार करने से पहले कही थी
” रुद्रा परेशानी सिर्फ़ तेरी है क्योंकि मुझे उस आग के दारिय से कुछ भी नहीं होगा क्योंकि तू जनता है में खुद ही आग का बवंडर हूँ तो वो आग का दरिया मेरा क्या बिगड़ लेगा ” ये बात याद आते ही रुद्रा के चेहरे पे एक मुस्कान आ जाती है और इधर आग के दारिय से बाहर निकालने के बाद अग्नि ईश्वक़्त अपने आँखों को बंद करके खड़ा था और जब वो अपनी आँखें खोलता है तो उसके आँखें फिरसे नॉर्मल होचुकी थी और अग्नि के चेहरे से वो
हैवानियत और शैतानियत गायब होचुकी थी और अग्नि को नॉर्मल होता देख रुद्रा उसके पास जाता है और अग्नि के कंधे पे हाथ रख के कहता है
रुद्रा – अग्नि यार वो सब क्या था यार , तेरा इतना खतरनाक रूप ?
अग्नि – रुद्रा ये मेरा एक शा रूप है जिसे में कभी भी सामने लाना नहीं चाहता था इसे रूप के सामने आते ही में पूरी तरह से एक बेरहम शैतान में बदल जाता हूँ , मेरे अंदर मौजुट बची खुची अचाई भी मेरा साथ चोद देती है , उस वक्त अगर कोई मुझे ललकारे तो में बेकाबू हो जाता हूँ में अपने आप पे कंट्रोल खो देता हूँ और और उस शॅक्स को मरने से पहले एक पल भी नहीं सोचता हूँ , इसलिए मुझे अपने इसे शैतानी रूप से नफरत है , में अपने आप से यही दुआ करता हूँ की मेरे सामने ऐशी नौबत कभी ना आए जिस से मुझे इसे रूपमे फिरसे आना पड़े
ये दोनों बातें कार रहे थे की तभी इन्हें वोरे बीच में टोकता है और आगे बढ़ने को कहता है और फिर सभी एक बार फिरसे आगे बढ़ने लगते हैं वहाँ से चलने के बाद करीबन एक घंटे बाद ये सब डर्कलॉर्ड के महेल के पास पहुँच जाते हैं और उसके महेल में घुस जाते हैं
महेल में घुसने में इनको परेशानी नहीं होती है क्योंकि ये सब डर्कलॉर्ड के सिपाहियों के कपड़े में थे फिर कुछ देर अंदर चलने के बाद अग्नि वोरे को रोकता है और पूछता है
अग्नि – वोरे ये बताओ की क्या तुम चुड़ैल मोहिनी के गुलाम मोना को जानते हो?
वोरे – हाँ मलिक जनता हूँ , मोना एक अच्छी और नएक्दील औरत है जिसे चुड़ैल मोहिनी ने सालों से ज़बरदस्ती अपना गुलाम बना रखा है लेकिन आप मोना के बारे में क्यों पूछ रहे हैं
रुद्रा – वो इसलिए क्योंकि मोना कोई और नहीं मेरी मां हैं जिन्हें उस चुड़ैल ने अपना गुलाम बना रखा है , क्या तुम हमें बता सकते हो की वो चुड़ैल कहाँ पे होगी और मेरी मां भी
वोरे – हाँ रुद्रा भाई जरूर बता सकता हूँ , भाई वो चुड़ैल मोहिनी महेल के पूर्व(ईस्ट) दिशा में रहती है
अग्नि – और डर्कलॉर्ड ने जादूगर जोरबार को कहाँ रखा है?
वोरे – मलिक डर्कलॉर्ड ने जादूगर जोरबार को उतार(नॉर्थ) दिशा में मौजूद अपने कैद खाने में रखा है काफिई तगड़े बंदों बस्त के अंदर
अग्नि – अच्छा तो ऐशी बात है , रुद्रा हमारे पास वक्त बहुत कम है इसलिए तुम वोरे और उसके साथियों के साथ चुड़ैल मोहिनी के तरफ जाओगे और अपनी मां को बचाओगे और में वोरे के एक साथी के साथ कैद खाने के तरफ जाऊंगा जोरबार को बचाने के लिए हम सब वापिस इसी जगह पे मिलेंगे
रुद्रा – शायद तुम ठीक कह रहे हो रुद्रा , ठीक है यही करते हैं
अग्नि – तो ठीक है रुद्रा अपना ख्याल रखना और उस चुड़ैल के खिलाफ अपनी ज़हेरिलिी तलवार को अच्छे से इस्तेमाल करना समझे और वोरे तुम रुद्रा का साथ देना
वोरे – ठीक है मलिक आप चिंता मत कीजिए
फिर रुद्रा वोरे और उसके कुछ साथियों के साथ निकल पड़ता है महेल के पूर्व
दिशा में चुड़ैल मोहिनी के तरफ और इधर अग्नि वोरे के एक साथी के साथ निकल पड़ता है महेल के उतार दिशा के तरफ मौजूद कैद खाने के तरफ जादूगर जोरबार को बचाने के लिए अग्नि ईश्वक़्त डर्कलॉर्ड के महेल के अंदर उतार दिशा में आगे तरफ रहा था और वोरे का एक साथी अग्नि को आगे का राष्टा दिखता हुआ चल रहा था कुछ देर बाद दोनों कैद खाने तक पहुँच जाते हैं , कैद खाने के बाहर बहुत सारे सिपाही मौजूद थे जो कैद खाने में पहरे डरी कर रहे थे वोरे का वो साथी उनको दूसरे देखलेता है और अग्नि से सचेत रहने के लिए कहता है
जब ये दोनों कैद खाने में घुसने को होते हैं तो वहाँ मौजूद सिपाही इन दोनों को रोकते हुए पूछते हैं कहाँ जा रहे हो अंदर जाना सबको मना है ये महाराज डर्कलॉर्ड का हुकुम है
ये सुन अग्नि आगे बढ़ता है और अपने सर को ढकने वाला कपड़ा हटा देता है जिस से अग्नि का चेहरा उन्न सिपाहियों के सामने आ जाता है और अग्नि को देख वो सिपाही गुस्से में कहते हैं
सिपाही – कौन हो तुम और तुम्हारे यहाँ पे आने की हिम्मत केशे हुई , ये बोलकर सभी सिपाही अग्नि के तरफ बढ़ने लगते हैं उसे पकड़ने के लिए लेकिन इसे से पहले की वो सारे सिपाही अग्नि को पकड़े
अग्नि अपना हाथ ऊपर उठता है और उन्न सभी सिपाहियों के तरफ करदेता है जिस से वो सभी सिपाही वहीं जम जाते हैं उन्न में से कोई भी एक तिनका भी हिल नहीं पता है , ये सब अग्नि ने थे ग्रॅविटी फोर्स शक्ति के मदद से किया था
वो सभी सिपाही ईश्वक़्त एक जगह पे खड़े थे वो जितना भी हिलने की कोशिश करते नाकाम रहते क्योंकि उनका पर जम्म चुका था पर जमने के बावजूद वो सब अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे ये देख अग्नि अपने मान में सोचता है की अब मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है मुझे इन सबसे जल्दी से निपटना होगा
फिर अग्नि अपने हाथों का डाइरेक्षन चेंज कर देता है और अपने हाथों को ऊपर उठाने लगता है और अग्नि के हाथों के साथ साथ वो सभी सिपाही भी हवा में उठने लगते हैं फिर अग्नि बहुत तेजिसे अपने हाथों को एक तरफ चटक देता है जिस से वो सभी सिपाही भी जाकर आस पास के दीवारों से बहुत जोरों से टकरा जाते हैं और बेहोश होजते हैं
ये देख अग्नि के साथ आया हुआ वोरे का साथी डर जाता है और कहता है – मलिक ये आप ने क्या किया आप ने इन सबको मर दिया फिर अग्नि उस से कहता है
अग्नि – देखो मुझे पता है की ये तुम्हारे क्लांत के हैं और तुम्हारे भाई जेशे हैं इसे लिए मैंने इन्हें मारा नहीं सिर्फ़ बेहोश किया है और कुछ देर में इन सबको होश भी आजाएगा इसलिए हमें जल्दी से जल्दी अपना काम खत्म करना होगा , चलो यहाँ से
फिर अग्नि और वोरे का वो साथी आगे तरफ जाते हैं कैद खाने के अंदरूनी हिस्सों के तरफ जहाँ पे जादूगर जोरबार कैद था
(UPDATE-43)
इधर रुद्रा भी वोरे और उसके साथियों के साथ आगे तरफ रहा था
महेल के अंदर पूर्व दिशा में और कुछ देर चलने के बाद रुद्रा और वोरे और उसके साथी महेल के एक इसे इलाके में आजाते हैं जहाँ पे अंधेरा फैला हुआ था
रोशनी के नाम पे उस इलाके में दूर दूर पे एक छोटी से मसलें जल रही थी और ये नज़ारा रुद्रा को अजीब लगता है और वो वोरे के तरफ मुड़ता है और उस से पूछता है
रुद्रा – वोरे आख़िर ये सब क्या है महेल का इसे इलाके में इतना अंधेरा क्यों है बाकी के इलाक़ों के मुकाबले
वोरे – रुद्रा भाई वो इसलिए क्योंकि ये इलाका मोहिनी का है और उसे अंधेरे से प्यार है बस आप तैयार होजाए हम मोहिनी के कमरे के पास पहुँच ने वाले हैं
फिर रुद्रा और वोरे और उसके साथी आगे बदहजते हैं और कुछ ही पल चले होज्ने की वोरे रुद्रा को रोकता है और एक कमरे के तरफ इशारा करके कहता है रुद्रा भाई वो रहा मोहिनी का कमरा
रुद्रा – तो ये है उस चुड़ैल मोहिनी का कमरा
वोरे – हाँ रुद्रा भाई यही है वो कमरा , फिर सभी मोहिनी के कमरे के करीब जाते हैं और फिर वोरे मोहिनी के कमरे के खिड़की के पर्दे को थोड़ा सा हल्के से सरकता है फिर रुद्रा और वोरे चुपके से मोहिनी के कमरे में झाँकने लगते हैं
ईश्वक़्त मोहिनी के कमरे में अंधेरा फैला हुआ था रोशनी के नाम पे सिर्फ़ एक छोटि से मसाल जाली हुई थी लेकिन वो मसाल भी बहुत धीमे से जल रहा था लेकिन उस धीमे से जलती हुई मसाल से थोड़ा बहुत कमरे को देखा जा सकता था
और उसी धीमे रोशनी से ये पता चलता था की उस कमरे के खतिए(बेड) के ऊपर कोई सोरहा था शायद ये मोहिनी थी और वो बहुत जोरों से खरते मरते हुए सोराही थी , वोरे अपनी नज़र चारों तरफ दौड़ता है और रुद्रा के कान में चुपके से कहता है
वोरे – रुद्रा भाई लगता है मोहिनी सोराही है लेकिन फिर भी आप को होशियार रहना होगा और वो देखिए (एक तरफ इशारा करते हुए) रुद्रा भाई आप जो वो टेबल के ऊपर रखी हुई पिंजरा देख रहे हैं ना और उस उस पिंजरे में जो चिड़िया है वही आप की मां मोना है
रुद्रा ये सुन चौक्क जाता है और बड़ी बड़ी आँखें करके वोरे के तरफ देखने लगता है जेशे यकीन नहीं हो रहा हो फिर र्डूरा वोरे से पूछता है पर ये केशे हो सकता है
वोरे – भाई यही सच है जब वो चुड़ैल जागती रहती है तो वो मोना को अपने नौकरों की तरफ काम करवाती है और जब वो चुड़ैल सोने जाती है तो वो मोना को चिड़िया बनकर उस पिंजरे में बंद करदेटी है
रुद्रा – आज के बाद शा कभी नहीं होगा क्योंकि आज के बाद वो चुड़ैल जिंदा ही नहीं रहेगी किसको अपना गुलाम बनाने के लिए , ये बोलकर रुद्रा खिड़की के पास से उठने लगता है की तभी वोरे रुद्रा का हाथ पकड़कर बिता देता है
वोरे – भाई अभी मेरी बात खत्म नहीं हुई है और वो देखिए उस दीवार की तरफ (इशारा करते हुए) भाई आप को उस दीवार पे लटकी हुई वो चड्डी दिखाई डर रही है ना
रुद्रा – हाँ , लगता है किसी जादूगर की चड्डी है
वो
वोरे – भाई आप का अंदाज़ा बिलकुल सही है वो चड्डी किसी और का नहीं जादूगर जोरबार का है आप को वो चड्डी वापस लानी होगी चुड़ैल को मरने के बाद , जब जादूगर जोरबार को बंदी बनाया गया तब इसे चड्डी को चुड़ैल मोहिनी ने अपने पास रख लिया इसे चड्डी के बिना जादूगर जोरबार भी बेबस है
रुद्रा – अच्छा ये बताओ की उस चुड़ैल की चड्डी कहाँ होगी तकिी में पहले उसे अपने कब्जे में ले लंड तकिी वो अगर जगह गयी तो कुछ कर ना पाए
वोरे – भाई वो मोहिनी अपने जादुई चड्डी को हमेशा अपने पास ही रखती है एक पल के लिए भी दूर नहीं करती है
रुद्रा – कोई बात नहीं वोरे वो चुड़ैल अभी सोराही है अभी जाता हूँ उसके कमरे में चुपके से और जाकर उसके सीने में अपना ये ज़हेरिली तलवार उतार दूँगा उसके सीने में
ये बोलकर रुद्रा वहाँ से उठता है और अपने जेब से एक फूल को निकलकर अपने शर्ट पे लगा देता है ये वही फूल था जो उसके मां मोना ने उसके पैदा होते ही रुद्रा के टोकरी में रख के रुद्रा को इंसानी दुनिया में भिजवा दिया था , इसे फूल का नाम स्न्ड्रोप था और जो भी इसे फूल को अपने पास रखता था ये फूल उसकी किस्मत जागती थी उसे हमेशा कामयाबी दिलाती थी रुद्रा इसे फूल को अपने शर्ट पे लगाकर अपने आप से कहता है – अब मुझे अपनी मां को आज़ाद करने से कोई भी रोक नहीं सकता है
और फिर रुद्रा चुपके से हल्के हल्के से मोहिनी के कमरे में घुस जाता है और दबे पांव मोहिनी के बिस्तर के तरफ बढ़ने लगता है और ठीक मोहिनी के बिस्तर के पास पहुँच के मोहिनी को देखने लगता है
मोहिनी दिखने में एक खूबसूरत औरत थी , बहुत ही आकर्षक शरीर था और लंबे लंबे बाल थे और उसके बदन से एक अजीब से खुशबू आ रही थी जो किसी को भी उसका दीवाना बनडे लेकिन उसकी ये खुशबू रुद्रा के ऊपर कोई असर नहीं कर रही थी क्योंकि रुद्रा ने अपने शर्ट में किस्मत जगाने वाली फूल को लगा रखा था
रुद्रा इन सभी बातों को पीछे छोड़कर मोहिनी के नज़दीक बढ़ता है और अपने कमर से अपने ज़हेरिली तलवार को निकालने लगता है और ठीक उसी वक्त अचानक कहीं से एक जोरदार प्रहार उसके सीने में पड़ती है और रुद्रा हवा में उड़ता हुआ बहुत जोरों से जा टकराता है दीवार से और फिर रुद्रा नीचे ज़मीन पे गिरजता है
रुद्रा सीने के बाल जा टकराया था दीवार से इसे लिए उसे बहुत दर्द होता है और फिर भी रुद्रा हिम्मत करके उठने लगता है और सामने देखता है जब रुद्रा सामने देखता है तो चौक्क जाता है क्योंकि सामने बिस्तर पे चुड़ैल मोहिनी बैठी हुई थी और खजाने वाली निगाहों से रुद्रा को देख रही थी और रुद्रा पे वो खतरनाक वार भी मोहिनी ने ही किया था
मोहिनी – तुम्हें क्या लगा बेवकूफ्फ इंसान में सो रही हूँ , नहीं में सोने की नाटक कर रही थी बेवकूफ्फ इंसान , मैंने तो तुम्हारी इंसानी बदन की खुशबू बहुत दूर से सूंघ लिया था और
तुम्हारे यहाँ आने की इंतजार कर रही थी तकिी तुम्हें मारकर तुम्हें कहा सकूँ
तुमने सोचा होगा की में तो अपने बिस्तर पे सोराही हूँगी इसलिए तुम मेरे कमरे में घुसोगे और बड़ी आसानी से मुझे मर डालोगे लेकिन शायद तुम्हें पता नहीं बेवकूफ्फ इंसान की तुम किस से टकराए हो , में मोहिनी हूँ मोहिनी , और मेरे जाल से बच पाना मुश्किल ही नहीं नमुनकीन है , ये बोलकर मोहिनी बहुत ज़ोर से हस्सने लगती है अग्नि ईश्वक़्त वोरे के एक साथी के साथ कैद खाने के अंदर घुस चुका था और आंद्रूणई हिस्सों के तरफ ही तरफ रहा था की तभी उन्हें एक बहुत बड़ा सा दरवाजा दिखाई देता है
वोरे का साथी – मलिक यही है वो दरवाजा जिसके पीछे जादूगर जोरबार को डर्कलॉर्ड ने एक पिंजरे में बंदी बनकर रखा हुआ है , ये सुनकर अग्नि वोरे के साथी को थोड़ा सा पीछे हटने को कहता है और फिर अग्नि आगे बढ़के दरवाजे के सामने खड़ा हो जाता है और अपने दोनों हाथ आगे करता है
देखते ही देखते अग्नि के हाथों के मुट्ठी चमकने लगती है नीले रंग की रोशनी से फिर अग्नि अपने हाथों को काश लेता है जिस से उसके शरीर से कुछ ऊर्जा निकलकर अग्नि के हाथों में आजाते हैं और फिर अग्नि उन्न उर्जाओं से दरवाजे पे वार करता है
अग्नि के वार से उस दरवाजे के चिथड़े उड़ जाते हैं और फिर अग्नि वोरे के उस साथी को वहीं रुकने को कहता है और खुद आगे तरफ जाता है और जब अग्नि अंदर घुसता है तो उसके सामने आता है चारों तरफ फैला हुआ आग ही आग
फिर अग्नि अपने आँखों को बंद करता है और ध्यान लगता है कुछ देर बाद जब अग्नि आँखें खोलता है तो अपने आप से कहता है – आग का सुरक्षा चकरा , अच्छा बंदोबस्त किया है डर्कलॉर्ड ने लेकिन वो नहीं जनता की ये आग का सुरक्षा चकरा मेरे सामने बेअसर है , ये बोलकर अग्नि आगे बढ़ता है और अपने हाथों को उस आग के सुरक्षा चकरा के तरफ करके इशारा करता है जिस से वो आग का सुरक्षा चकरा अपने आप बुझ जाती है
जब वो आग का सुरक्षा चकरा गायब होजती है तो अग्नि को एक पिंजरा दिखाई देता है और उस पिंजरे में कैद था एक शॅक्स जिसके कपड़ों पे खून के दाग ही दाग थे वो शॅक्स शायद सोरहा था , अग्नि उस पिंजरे के तरफ तरफ जाता है और उसके करीब पहुँच के उस शॅक्स को आवाज़ देता है
अग्नि – सुनिए सुनिए क्या आप ही जादूगर जोरबार हैं , अग्नि की आवाज़ सुनकर वो सोया हुआ शॅक्स जगह उठ था है और अग्नि के तरफ देखने लगता है और जब वो शॅक्स अग्नि को देखता है तब उसकी आँखें खुशी के मारे बारे होजते हैं और वो कहता है
जोरबार – मुझे पता था मुझे पूरी तरह से यकीन था की आप मुझे छुड़ाने के लिए एक ना एक दिन जरूर आएँगे मेरे सहजादे और मेरा यकीन सही साबित हुआ सहजादे आप आ गाए मुझे छुड़ाने के लिए , हाँ सहजादे में ही जादूगर जोरबार हूँ
ये सुन ने के बाद अग्नि उस पिंजरे के एक हिस्से को पकड़ता
है और ज़ोर से खिच लेता है इसे से उस पिंजरे का एक हिस्सा उखाड़ जाता है और फिर अग्नि उस पिंजरे से जादूगर जोरबार को बाहर निकल लेता है , फिर अग्नि अपने एक हाथ को जादूगर जोरबार के सर के ऊपर रखता है और अपनी आँखें बंद कर लेता है कुछ ही सेकेंड’से के बाद अग्नि का हाथ जो ईश्वक़्त जोरबार के सर के ऊपर थे वो चमकने लगते हैं और देखते ही देखते जोरबार के जिस्म के ऊपर बने सभी घाओ और जखम गायब होने लगते हैं और साथ में जोरबार की दर्द भी कुछ देर बाद जब अग्नि आँखें खोलता है तब तक जोरबार के शरीर के सारे जखम गायब होचुके थे
अग्नि – जोरबार अब आप को केशा लग रहा है
जोरबार – (थोड़ा सा इधर उधर चलते हुए) पहले से बेहतर मेरे सहजादे , अब मुझे अच्छा लग रहा है में आप का शुक्र गुजर हूँ मेरे सहजादे की आप ने मुझे डर्कलॉर्ड के चंगुल से छुड़ाया
अग्नि – जोरबार ये मेरा फर्ज था आप को छुड़ाना और जोरबार हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है चलिए हमें यहाँ से निकलना होगा , फिर अग्नि जोरबार को अपने साथ लेकर बाहर निकल जाता है
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इधर चुड़ैल मोहिनी ईश्वक़्त रुद्रा को खजाने वाली निगाहों से देख रही थी वहीं रुद्रा सोच रहा था की अब वो क्या करे की तभी उसे रों की सिखाई हुई बात याद आती है की चालक दुश्मन से चालाकी से लड़ने में ही समझदारी है इसलिए रुद्रा को अब पता था उसे क्या करना है इधर मोहिनी गुस्से में रुद्रा से कहती है
चुड़ैल मोहिनी – आ बेवकूफ्फ इंसान कौन है भी तू और यहाँ क्यों आया है तू , क्या तू मुझे मारना चाहता है (ये सब मोहिनी बहुत गुस्से में बोलती है)
रुद्रा – (थोड़ा सा मुस्कुराते हुए) नहीं नहीं मेरी जान में तो तुम्हें मरने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता और रही मेरी पहचान की तो , में एक इंसान हूँ जो इंसानी दुनिया से आया हूँ और तुम्हारा सबसे बड़ा दीवाना हूँ , ये सुनकर चुड़ैल मोहिनी का गुस्सा थोड़ा सा कम हो जाता है और वो थोड़े से नर्म स्वर में कहती है
चुड़ैल मोहिनी – तुम झूठ बोल रहे हो अभी भी वक्त है सच सच बोलो तुम कौन हो और यहाँ क्यों आए हो
(UPDATE-44)
रुद्रा – मेरी बातों पर यकीन करो मेरी जान में तुम्हारे लिए ही यहाँ आया हूँ , तुम्हारी खूबसूरती के किससे हमारी इंसानी दुनिया तक मशहूर हैं की जेहनुं में एक खूबसूरत और दिल को मो लेनेवाली जन्नत की पड़ी रहती है जिसका नाम मोहिनी है , और मेरी दिल्ली तमन्ना थी तुम्हारे जेशी जन्नत की पड़ी को अपना बनौन इसलिए में इंसानी दुनिया से लेकर यहाँ तक कितनी मुश्किलों का सामना करने के बाद यहाँ सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारे लिए पहुँचा हूँ और तुम्हें हासिल करने के लिए में कुछ भी कर सकता हूँ मेरी जान , ये सुन ने के बाद चुड़ैल मोहिनी का सारा गुस्सा गायब हो जाता है और मोहिनी शरमाती हुई कहती है
चुड़ैल मोहिनी – क्या तुम सच बोल रहे हो , तो
तुम सुबह के वक्त भी तो आसाकते थे मुझसे मिलने , इतनी रात को छूपते छिपाते क्यों आए
रुद्रा – क्य्ाआआआअ सुबह आता ,,,,, तो क्या वो तुम्हारा जल्लाद भाई मुझे आने देता , अरे जान वो तुम्हारा जल्लाद भाई मुझे कच्छा चभा जाता , ये सुन मोहिनी हस्सने लगती है और वो रुद्रा के करीब जाती है और चुटकी बजाती है जिस से मोहिनी के कमरे में रोशनी फैलजाति है , फिर मोहिनी रुद्रा को देखने लगती है और उसके गालों को सहलाने लगती है
चुड़ैल मोहिनी – मुझे भी तुम्हारे जेशे एक सच्चे दिल से चाहने वाले की जरूरत थी और शायद में तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी , तुम मुझे धोका तो नहीं दोगे ना जान हमेशा इसी तरह मुझे प्यार करते रहोगे ना जान
रुद्रा – बेशक मेरी जान , में तुम्हारी कसम खाता हूँ में मरते दम तक तुम्हें ही मोहब्बत करता रहूँगा ये बोलकर रुद्रा मोहिनी को गले लगा लेता है और मोहिनी भी रुद्रा को गले लगा लेती है और पागलों की तरह रुद्रा को चूमने लगती है
और रुद्रा अपने मान में सोचता है की यही सही वक्त है वार करने का फिर रुद्रा धीरे से अपने कमर से अपनी ज़हेरिल्ली तलवार को निकालने लगता है और मोहिनी रुद्रा को अपने बिस्तर तक खींच के लेआतई है और बिस्तर के ऊपर रुद्रा को धकेल देती है और खुद मोहिनी रुद्रा के ऊपर कूद पड़ती है और रुद्रा के गालों को होठों को चेहरे को पागलों की तरह चूमने लगती है और रुद्रा भी चूमने लगता है की तभी अचानक मोहिनी के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है अहह
रुद्रा ने मोहिनी के पेट में ज़हेरिल्ली तलवार को घुसेड़ दिया था और मोहिनी को ये बात तब पता चली जब मोहिनी के पेट में वो तलवार घुशी , मोहिनी रुद्रा के ऊपर से लूड़कट्ी हुई बिस्तर के नीचे जा गिरती है और दर्द के मारे चिल्लाने लगती है
ईश्वक़्त चुड़ैल मोहिनी ज़मीन पे पड़ी दर्द के मारे चिल्ला रही थी रुद्रा ने बड़ी चालाकी से मोहिनी के पेट में ज़हेरिल्ली तलवार को घुसेड़ दिया था और इसी वजह से मोहिनी दर्द के मारे चिल्ला रही थी वहीं रुद्रा पास में ही खड़ा मोहिनी को देख रहा था
रुद्रा – क्या हुआ मोहिनी मेरी जान मजा आया ना मेरे मोहब्बत के इजहार करने के अंदाज से , अब बोल क्या बोल रही थी कुट्टी कामिनी कहीं की , क्या बोल रही थी मुझे कच्छा चभा जाएगी चल चभा के दिखा मुझे , अरे चभाना चोद मुझे चुन के दिखा साली चुड़ैल
चुड़ैल मोहिनी – कमीने धोकेबाज़ मुझे ना तुझपे भरोसा करना ही नहीं चाहिए था तुझे उसी वक्त मारकर खजाना चाहिए था
रुद्रा – तो अब कौन से बहुत देर हो गयी है मेरी जान , अब मुझे खालो मुझे कोई ऐतराज नहीं है
चुड़ैल मोहिनी – कुत्ते मेरा मज़ाक उड़ाता है , रुक्क एक बार मेरा घाव भर जाए फिर तुझे बताती हूँ
ये सुन रुद्रा सोचने लगता है की शायद ज़हेरिल्ली तलवार के एक वार से मोहिनी नहीं मरने वाली है लगता कुछ और वार
करने पड़ेंगे मोहिनी को मरने के लिए , फिर रुद्रा आगे बढ़ता है और मोहिनी के पेट से वो ज़हेरिल्ली तलवार निकल लेता है और फिरसे वार करने के लिए आगे बढ़ता है
लेकिन इसे से पहले की रुद्रा ज़हेरिल्ली तलवार से मोहिनी के ऊपर दूसरा वार करे मोहिनी खिसकती हुई पीछे हॅट जाती है और खिसकती हुई कमरे के आखिरी चोर पे पहुँच जाती है और एक दीवार से सटके बैठ जाती है और इधर रुद्रा हाथ में तलवार लिए मोहिनी के तरफ बढ़ने लगता है
और ये देख मोहिनी रेंगती हुई उस कमरे के दीवार के ऊपर चलने लगती है और देखते ही देखते मोहिनी उस कमरे के उपरी दीवार पे जा लटकती है और इधर मोहिनी को इसे तरह दीवार पे उल्टा चढ़ता हुआ देख रुद्रा मुंह फाड़े मोहिनी के तरफ ही देख रहा था
फिर मोहिनी अपने हाथ को उठती है और अपने जादुई चड्डी के तरफ इशारा करती है और फिर मोहिनी की जादुई चड्डी उड़ती हुई उसके पास चली जाती है , जादुई चड्डी मोहिनी के हाथ में आते ही मोहिनी फौरन उस जादुई चड्डी के मदद से अपने घाव को भरने लगती है , मोहिनी कुछ ही मिनिट्स में अपनी जादुई चड्डी के मदद से रुद्रा के किए गये वार से जो घाव हुआ था उसे ठीक करदेटी है साथ में उस ज़हेर को भी अपने शरीर से निकल लेती है , और पूरी तरह से ठीक होने के बाद मोहिनी उस दीवार से नीचे कूड़ती है और ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगती है और ये देख रुद्रा के चेहरे पे जो जीिट की खुशी थी वो गायब होजती है
चुड़ैल मोहिनी – सच में तुम इंसान कितने बेवकूफ्फ होते हो ना , तुम इंसानो को उल्लू बनाना बहुत आसान होता है
रुद्रा – (गुस्से में) क्या मतलब है तुम्हारा , तुम कहना क्या चाहती हो
चुड़ैल मोहिनी – में ये कहना चाहती हूँ की जो कुछ देर पहले मैंने कहा था की मेरा घाव जल्दी भर जाएगा तुम्हारे उस वार से वो मैंने झूठ कहा था , तुम्हारे उस वार से मेरे शरीर में ज़हेर फैलता जा रहा था और ज़हेर को सबसे पहले अपने शरीर से फैलने से पहले रोकना जरूरी था इसे लिए सबसे पहले मेरे शरीर से उस ज़हेरिल्ली तलवार को निकलना जरूरी था और वो काम सिर्फ़ तुम ही कर सकते थे क्योंकि वो तलवार तुम्हीं ने मुझे घुसेड़ा था और इसलिए मैंने तुम्हें वो झूठ बोला की मेरा घाव जल्दी भर जाएगा और तुम बेवकूफ्फ इंसान मेरे बातों में आ गाए और मेरे शरीर से तलवार को निकल लिया और उसके बाद जो हुआ वो तो तुम खुद ही देख चुके हो , अब में बिलकुल ठीक हूँ और अब तुम्हें मुझसे कोई भी बच्चा नहीं सकता है
ये बोलकर चुड़ैल मोहिनी गुस्से में अपनी जादुई चड्डी को उठती है और रुद्रा के तरफ रुख करके वार करती है , फिर तो मोहिनी के जादुई चड्डी के अंदर से चाकू , खंजर , वाला , तीर , कुल्हाड़ी जेशे हथियार निकालने लगते हैं और रुद्रा के तरफ जाने लगते हैं और ये देख रुद्रा का भी दिमाग चकरा जाता है
रुद्रा को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था की वो
मोहिनी के इसे वार से केशे अपने आप को बचाए , रुद्रा यही सोच रहा था की तभी रुद्रा को राजकुमार विक्रांत की कही बात याद आ जाती है की चुड़ेलों के द्वारा किए गये वार से भी ज़हेरिल्ली तलवार उस शॅक्स को बच्चा शक्ति है और ये बात याद आते ही रुद्रा उस ज़हेरिल्ली तलवार को सामने करदेता है जिस से मोहिनी की जादुई चड्डी से किए गये वार यनेकिी चाकू , खंजर , कुल्हाड़ी , वाला , तीर ये सब आकर रुद्रा के ज़हेरिल्ली तलवार से टकराने लगते हैं और वो सब उस ज़हेरिल्ली तलवार से टकराते ही नीचे ज़मीन पे गिरजते हैं और गायब होजते हैं
और ये देख रुद्रा के चेहरे पे हँसी आ जाती है वहीं चुड़ैल मोहिनी के चेहरे पे और भी ज्यादा गुस्सा आने लगती है और रुद्रा के तरफ देख चुड़ैल मोहिनी दहड़ने लगती है चिल्लाने लगती है और फिरसे चुड़ैल मोहिनी अपनी जादुई चड्डी का रुख रुद्रा के तरफ कर देती है
चुड़ैल मोहिनी बहुत जोरों से दहाड़ती हुई अपनी जादुई चड्डी को उठती है और रुद्रा के तरफ उसका रुख मोड़ देती है और पूरे ताक़त के साथ जादुई चड्डी को रुद्रा के सामने झटक देती है फिर तो चुड़ैल मोहिनी के जादुई चड्डी के अंदर से एक तेज हवा का बवंडर निकलता है और रुद्रा के तरफ बढ़ने लगता है और जब रुद्रा अपने तरफ एक खतरनाक हवा के बवंडर को आता देखता है तो उसके चेहरे से हँसी गायब होजती है और रुद्रा फिरसे ज़हेरिल्ली तलवार को सामने करके खड़ा हो जाता है उस तेज हवा के बवंडर का सामना करने के लिए
वो हवा का बवंडर सीधा आकर रुद्रा से टकराता है लेकिन रुद्रा अपने हाथ में ज़हेरिल्ली तलवार लिए वहीं खड़ा रहता है उस जगह से एक पल के लिए भी नहीं हिलता है , कुछ देर बाद
वो हवा का बवंडर वक्त के गुजरते हुए पल्लों के साथ साथ और भी खतरनाक रूप लेरहा था और वहीं अब वो बवंडर रुद्रा को पीछे धकेल रहा था रुद्रा अब धीरे धीरे कमजोर पड़ रहा था उस खतरनाक हवा के बवंडर का सामना करना अब इतना भी आसान नहीं था
और ये सब देख रुद्रा सोचने लगता है की जल्द से जल्द कुछ ना कुछ करना ही होगा वरना ये खतरनाक हवा का बवंडर हर गुजरते हुए वक्त के साथ और भी ज्यादा खतरनाक होती जा रही है कहीं ये हवा का बवंडर उसे ही ना उडदे , और यही सोचते हुए रुद्रा के दिमाग में कुछ आता है
उसके बाद रुद्रा अचानक से पीछे हाथ जाता है और फिर तेजिसे हवा के बवंडर के ऊपर अपनी ज़हेरिल्ली तलवार से एक जोरदार वार करता है , ज़हेरिल्ली तलवार के इसे वार से हवा के बवंडर का रफ्तार कमजोर पादजता है और हवा के बवंडर को कमजोर पड़ता हुआ देख रुद्रा अपने तलवार से उस बवंडर के ऊपर वार पे वार करने लगता है और कुछ ही देर में रुद्रा उस हवा के बवंडर को पूरी तरह से खत्म करदेता है
(UPDATE-45)
और अपने दूसरे और खतरनाक वार को भी नाकाम होता हुआ देख मोहिनी तो जेशे पागल होजती है और वो चिल्लाने लगती
है दहड़ने लगती है और उस की ये हालत देख रुद्रा ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता है
रुद्रा – अरे अरे क्या हुआ मोहिनी मेरी जान लगता है की अपने सारे वार को नाकाम होता देख तुम पागल हगाई हो , ये बोलकर रुद्रा फिरसे मोहिनी के ऊपर हस्सने लगता है
चुड़ैल मोहिनी – बसस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स बहुत हो गया लड़के अब और नहीं , अबकी बार मेरे इसे वार से तू कभी भी बच नहीं पाएगा , ले संभाल मेरे वार को
ये बोलकर मोहिनी फिरसे अपनी जादुई चड्डी को उथलेटी है और इधर रुद्रा भी अपनी ज़हेरिल्ली तलवार को अपने सामने करके खड़ा हो जाता है मोहिनी के अगले वार का सामना करने के लिए , और फिर मोहिनी अपनी जादुई चड्डी का रुख एक वार फिरसे रुद्रा के तरफ करदेटी है और फिर वार करती है
इसे वार मोहिनी जब अपनी जादुई चड्डी से वार करती है तो उसके जादुई चड्डी का रंग बदलके लाल रंग हो जाता है और चमकने लगता है और फिर मोहिनी के जादुई चड्डी के अंदर से लाल रंग का ऊर्जा निकालने लगता है और बहुत तेज रफ्तार के साथ रुद्रा के तरफ बढ़ने लगता है और सीधा जाकर रुद्रा के उस ज़हेरिल्ली तलवार से टक्रजता है
वो लाल रंग का ऊर्जा बहुत तेज रफ्तार के साथ जा टकराता है रुद्रा के तलवार से और जब लाल रंग का ऊर्जा और रुद्रा का ज़हेरिल्ली तलवार एक दूसरे से टकराते हैं तो कुछ सेकेंड’से के लिए उस कमरे में एक तेज रोशनी फैलजाति है जो की रुद्रा और मोहिनी के आँखों को कुछ देर के लिए ढूंडला करदेटी है और फिर वो लाल रंग का ऊर्जा पूरे ताक़त के साथ ज़हेरिल्ली तलवार और रुद्रा दोनों को पीछे धकेलने लगती है
और इधर चुड़ैल मोहिनी अपनी जादुई चड्डी को और ज़ोर से दबाने लगती है जिस से उस जादुई चड्डी से निकलते लाल रंग की ऊर्जा और भी खतरनाक रूप ले लेती है और बहुत ही खतरनाक रूप के साथ रुद्रा के तरफ बढ़ने लगती है और देखते ही देखते वहाँ उस कमरे में एक विस्पोट होता , बूंमम्ममममम
इसे विस्पोट के साथ ही रुद्रा हवा में उड़ते हुए जाता है और सीधे सामने के दीवार से जा टकराता है , उस कमरे के चारों तरफ ईश्वक़्त धुआँ ही धुआँ था कुछ देर बाद वो धुआँ साफ होने लगता है और इधर रुद्रा भी धीरे धीरे उस दीवार का सहारा लेते हुए खड़ा होने लगता है और जब उस कमरे से सारा का सारा धुआँ साफ हो जाता है तब रुद्रा की नज़र पड़ती है सामने पड़ी अपनी ज़हेरिल्ली तलवार पे जो अब किसी काम की नहीं रही गयी थी
मतलब की उस विस्पोट में उस लाल रंग के ऊर्जा ने रुद्रा के ज़हेरिल्ली तलवार के चिथड़े उड़ा दिए थे , ईश्वक़्त रुद्रा के सामने उसकी ज़हेरिल्ली तलवार टुकड़ों में पड़ी हुई थी और रुद्रा बसस्सस्स अपनी तलवार को देखे जा रही था और वहीं चुड़ैल मोहिनी ईश्वक़्त बहुत जोरों से हंस रही थी ईश्वक़्त रुद्रा के सामने उसकी ज़हेरिल्ली तलवार टुकड़ों में पड़ी हुई थी और रुद्रा
बसस्सस्स अपनी तलवार को देखे जा रही था और वहीं चुड़ैल मोहिनी ईश्वक़्त बहुत जोरों से हंस रही थी
मोहिनी – क्या हुआ रे लड़के कुछ देर पहले तो तुझे बहुत हँसी आ रही थी अब क्या हो गया तुझे , लगता है तेरी तलवार के साथ साथ तेरी हिम्मत भी चखनाचूर हो गयी अब हंस ना मेरे ऊपर लड़के , ये बोलकर मोहिनी फिरसे ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगती है
रुद्रा मोहिनी के बात का कोई भी जवाब नहीं देता है रुद्रा मोहिनी को गुस्से भारी निगाहों से देखता रहता है और फिर रुद्रा खड़े होते हुए कहता है
रुद्रा – हिम्मत ए मर्दा तो मदद ए खुदा , ये बोलकर रुद्रा चिल्लाते हुए मोहिनी के ऊपर झपटा मरता है लेकिन इसे से पहले की रुद्रा मोहिनी से टकराता मोहिनी फौरन अपनी जादुई चड्डी उठती है और रुद्रा के तरफ करके झटक देती है
इसे से मोहिनी के जादुई चड्डी से एक कड़कड़ाती हुई चमकदार बिजली निकलती है और सीधे जा टकराती है रुद्रा से और रुद्रा बिजली के झटके से जा टकराता है दीवार से
मोहिनी – सच में , मान ना पड़ेगा लड़के तेरे हिम्मत को , मौत के सामने खड़ा है फिर भी अभी तक हार नहीं मानी , लेकिन तू मुझे अच्छी तरह से नहीं जनता लड़के , में बारे बारे हिम्मतवलों की हिम्मत तोड़ने में माहिर हूँ और में पहले तेरे हिम्मत को तोड़ूँगी फिर तुझे मौत दूँगी
रुद्रा – सपने अच्छे देख लेती हो तुम मोहिनी लेकिन में तुम्हें ये बता देना चाहूँगा मोहिनी की मेरे हिम्मत को तोड़ना इतना भी आसान नहीं है जितना तुम समझती हो
ये बोलकर रुद्रा थोड़ा सा हल्के से मुस्करा देता है और रुद्रा के चेहरे पे हँसी देख मोहिनी फिरसे आग बाबूला होजती है और फिर से अपनी जादुई चड्डी को उठा लेती है
और उसके बाद तो मोहिनी रुद्रा के ऊपर क़हेर बरपणा शुरू करदेटी है कभी मोहिनी के जादुई चड्डी से ित और पठार निकलते तो कभी धज़ियाँ उडादेनी वाली हवा तो कभी कड़कड़ाती हुई जानलेवा बिजलियाँ और इन सभी हमलो का निशाना बन रहा था रुद्रा
कुछ ही देर में रुद्रा की हालत बहुत खराब होचुकी थी उसके शरीर से खून की मानो नदियाँ बह रही थी उसके पास अब ज्यादा ताक़त बची नहीं थी , फिर भी रुद्रा एक चट्टान की तरह मोहिनी के हर एक वार को झेल रहा था और ये सोच रहा था की केशे वो मोहिनी के इन जानलेवा हमलों को रोके और अपने आप को बचाए
और यही सोचते हुए उसे एक तरकीब सूझती है और वो मोहिनी से कहता है
रुद्रा – रुक जाओ रुक जाओ प्लीज़ रुक जाओ अब मुझसे सहा नहीं जाता प्लीज़ रुक जाओ में हार मान था हूँ प्लीज़ मुझे बक्ष दो मोहिनी मुझे मत मरो , रुद्रा की हार मान ते मोहिनी ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगती है और फिर मोहिनी हस्सती हुई रुद्रा के तरफ तरफ जाती है
रुद्रा ईश्वक़्त ज़मीन पे पड़ा हुआ था और खून से लथपथ था , मोहिनी चलते हुए उसके पास जा पहुँचती है और फिर मोहिनी रुद्रा के सीने के ऊपर
पर रखकर रुद्रा को रोँदणे लगती है , इसे से रुद्रा के मुंह से दर्द भारी चीख निकालने लगती है
मोहिनी – क्यों लड़के क्या हुआ इतनी ही हिम्मत थी तुझमें , बातें तो बहुत बड़ी बड़ी करता था तो अब क्या हो गया बोलना आबे बोलना , ये बोलते हुए मोहिनी फिरसे रुद्रा के सीने को रोँदणे लगती है जिस से रुद्रा के मुंह से फिर से दर्द भारी चीख निकल पड़ती है
मोहिनी – तेरे हिम्मत और अकड़ को तोड़के मुझे बड़ा मजा आ रही है लड़के , ये बोलकर मोहीं ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगती है और इधर रुद्रा अपने मान में सोचता है की यही सही वक्त है
मोहिनी ईश्वक़्त अपने मुंह को ऊपर करके रुद्रा के सीने के ऊपर पर रखकर ज़ोर ज़ोर से हंस रही थी और रुद्रा मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बची खुची ताक़त को इकट्ठा करता है और मोहिनी को अपने ऊपर से धकेल देता है और मोहिनी के हाथों से उसकी जादुई चड्डी को छीन लेता है
जब मोहिनी को रुद्रा की चल समझ में आती है तो वो फौरन रुद्रा के तरफ भागती है लेकिन मोहिनी रुद्रा के पास पहुँचने से पहले ही रुद्रा मोहिनी की जादुई चड्डी को हाथ में लेकर पूरी ताक़त से ज़मीन पे पटक देता है इसे से उस जगह पे एक विस्पोट होता है और मोहिनी की जादुई चड्डी टुकड़ो में बंतजाति है , ये देख मोहिनी के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है , नहिंन्ननननननननणणन्
मोहिनी के जादुई चड्डी के टूट ते ही रुद्रा राहत की सांस लेता है और फिर वो मोहिनी की अगले हमले के लिए तैयार हो जाता है , रुद्रा अच्छी तरह से जनता था की जब मोहिनी की जादुई चड्डी टूटेगी तब वो पागल होज़ायगी और बेहद खतरनाक भी लेकिन रुद्रा ने मोहिनी से निपटने की तैयारी पूरी तरह से कर लिया था फिर रुद्रा मोहिनी को छेड़ते हुए कहता है
रुद्रा – क्या हुआ मोहिनी मेरी जान लगता है तुम्हारी प्यारी और दुलहारी चड्डी टूट गयी अब तुम क्या करोगी , अब तो तुम मुझपर जादुई हमले भी नहीं कर सकती , ये सुन मोहिनी गुस्से से रुद्रा के तरफ देखती है ईश्वक़्त मोहिनी का चेहरा पूरी तरह से लाल होचुका था गुस्से के वजह से वो खजाने वाली निगाहों से रुद्रा के तरफ देखती है और फिर कहती है
मोहिनी – लड़के तूने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती किया है मेरे जादुई चड्डी को तोड़के , तुझे क्या लगता है की तू अब मेरे जादुई चड्डी के टूट जाने के कारण बच जाएगा , अगर तू यही सोचता है तो गलत सोचता है क्योंकि जादुई चड्डी के बिना भी में तुझसे ज्यादा ताकतवर हूँ , तू ये भूल मत की तू एक मामूली इंसान है और में एक खतरनाक चुड़ैल मुझमें तुझसे कहीं ज्यादा ताक़त है , और तूने मेरी चड्डी को तोड़के अपनी मौत को बुला लिया है अब में तुझे ऐशी मौत दूँगी की तेरा रूह भी कांप उठेगा लड़के
रुद्रा – अच्छा ऐशी बात है क्या , तो देर किस बात की मेरी जान आ जाओ फिर
ये सुन मोहिनी गुस्से में तेज
रफ्तार के साथ आग बाबूला होकर रुद्रा के तरफ बढ़ती है और रुद्रा के गर्दन को पकड़कर ऊपर उठा लेती है और दूसरे दीवार के तरफ उछाल देती है और रुद्रा सीधे जा टकराता है सामने के दीवार से
ये सब इतनी जल्दी हुआ की रुद्रा को संभालने का मौका ही नहीं मिलता है फिर जबतक रुद्रा फिर से उठ के खड़ा हुआ तब तक मोहिनी फिरसे उसके पास पहुँच जाती है और मोहिनी फिरसे रुद्रा को उठाकर पटक देती है
इसे बार रुद्रा ज़मीन पे हाथ पटकते हुए तेजिसे खड़ा हो जाता है और मोहिनी बीी फौरन उसके पास पहुँच जाती है और रुद्रा के गर्दन को पकड़कर फिरसे ऊपर उठा लेती है लेकिन इसे से पहले की मोहिनी रुद्रा को ज़मीन पे पटके , रुद्रा फौरन मोहिनी के बालों को बहुत ज़ोर से पकड़ लेता है और खींच लेता है जिस से मोहिनी फौरन रुद्रा को चोद देती है
रुद्रा – तो ये बात सच है , मैंने बचपन में कहानी में सुना था की सभी चुड़ेलों की ताक़त उनके बालों(हेयर) में होती है लेकिन मुझे आज पता चल रहा है की ये बात सच है
मोहिनी – (चीखते हुए) है लड़के मेरे बालों को चोद दे वरना अच्छा नहीं होगा , जल्दी से चोद मेरे बालों को
रुद्रा – इसे केशे चोद दम जानेमन बहुत मुश्किल से तुम्हारी कमज़ोरी मेरे हाथ में आई है , अब तो में तुम्हें बिलकुल नहीं चोदने वाला , ये बोलकर रुद्रा हस्सने लगता है
मोहिनी – (अपने गुस्से को दबा कर मीठी आवाज़ में) तुम मुझसे प्यार करते हो ना जानूं प्लीज़ मेरे बालों को चोद दो ना मुझे बहुत तकलीफ हो रही है , में तुमसे वादा करती हूँ की में तुम्हें कोई भी तकलीफ नहीं पहुँच्ौँगी प्लेसीई चोद दो ना मेरे बालों को जानूं
रुद्रा – हाईईईईई हाईईईईई कितनी मीठी आवाज़ है तेरी जान , जी तो करता है तेरी बात अभी मान लंड लेकिन क्या करूँ तूने मुझे और मेरी मां को जितनी तकलीफ दिया है उसके लिए में तुझे कभी भी माफ नहीं कर सकता
मोहिनी – क्या मतलब है तुम्हारा मैंने तुम्हारी मां को कब तकलीफ पहुँचाई है और कौन है तुम्हारी मां
रुद्रा – तुमने मेरी मां को न जाने कितने सालों से अपना गुलाम बनकर रखा हुआ है , मुझे बचपन से लेकर आज तक कभी भी मां का प्यार नहीं मिला है और उसकी वजह तुम हो , तुमने इतने सालों में न जाने मेरी मां के ऊपर कितने जुल्म किए होंगे इसका हिसाब तो तुम्हें चुकाना ही पड़ेगा ना
मोहिनी – इसका मतलब की तुम मोना के बेटे हो
रुद्रा – हाँ सही कहा में मोना का ही बेटा हूँ और तुम्हें मारकर अपनी मां को छुड़ाने आया हूँ और अब तुम्हारा वक्त खत्म हुआ चुड़ैल मोहिनी , ये बोलकर रुद्रा अपने कमर के पीछे से एक खंजर निकल लेता है
मोहिनी – नहीं नहीं रुद्रा प्लीज़ मुझे मत मरो , में तुम्हारी मां को चोद दूँगी प्लीज़ मुझे मत मरो रुद्रा मुझे जाने दो
रुद्रा – नहीं कभी नहीं अगर मैंने तुम्हें आज जाने दिया तो न जाने तुम्हारे वजह से
आगे और कितने मेरे जेशे रुद्रा पेड़ा होंगे जिनको अपनी मां से बिछुड़ने पड़े इसलिए तुम्हें में हरगिज़ नहीं चोद सकता अब तो तुम्हें मारणाा ही होगा मोहिनी , और ये मेरा आखिरी सलाम लेते जाओ चुड़ैल मोहिनी
ये बोलकर रुद्रा उस खंजर से मोहिनी की सारे के सारे बालों को काट देता है , मोहिनी के बालों के काटने के बाद मोहिनी के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है फिर देखते ही देखते मोहिनी की खूबसूरत चेहरा एक बदसूरत चेहरे में बदल जाता है
फिर देखते ही देखते मोहिनी का शरीर धीरे धीरे पतला होता जाता है और आख़िर में एक हड्डियों का ढाँचा बन जाता है और फिर वो हड्डियाँ देखते ही देखते ज़मीन में समा जाते हैं कुछ ही वक्त के अंदर मोहिनी का नामो निशान मिट जाता है
जब मोहिनी का नामो निशान इसे मायवी दुनिया से मिट जाता है तभी एक दिल दहले देने वाला धमाका होता है जिस से डर्कलॉर्ड का महेल और यहाँ तक की जहन्नुम भी उस धमाके के वजह से हिल जाता है
जब मोहिनी का नामो निशान इसे मायवी दुनिया से मिट जाता है तभी एक दिल दहला देने वाला धमाका होता है जिस से डर्कलॉर्ड का महेल और यहाँ तक की जहन्नुम भी उस धमाके के वजह से हिल जाता है
इसे धमाके की आवाज़ सुनकर रुद्रा दौड़ता हुआ उस कमरे के खिड़की के पास जाता है और खिड़की को खोल के बाहर देखने लगता है तब तक मोहिनी को मरता देख वोरे और उसके साथी भी कमरे के अंदर घुस चुके थे और रुद्रा के बगल में खड़े ईश्वक़्त खिड़की के बाहर देख रहे थे
(UPDATE-46-47)
मोहिनी के मरते ही उसके साथ साथ उसका काला जादू भी नॅस्ट होचुका था यानि की ये धमाका जो हुआ था वो था जहन्नुम के अंदर मौजूद मायवी दीवार के फटने की और साथ में आग के दरिया की सूखने की भी
मोहिनी के मरते ही उसका जहन्नुम में फैलाया हुआ मायाजाल भी नॅस्ट होचुका था ईश्वक़्त मायवी दीवार चखना चोद होकर चारों तरफ पड़ी हुई थी और आग का दरिया मेशे सारे आग गायब होचुके थे जेशे सुख गये हूँ और ईश्वक़्त आग का दरिया सिर्फ़ एक मैदान बनकर रही चुका था
रुद्रा , वोरे और उसके साथी सभी वहीं खड़े इसे नज़रे को देख ही रहे थे की तभी उस कमरे में कुछ गिरने की आवाज़ होती है , और उस आवाज़ को सुनकर सभी पीछे पलट के उस आवाज़ के तरफ देखने लगते हैं
ये आवाज़ थी एक चिड़िया के पिंजरे के नीचे ज़मीन पे गिरने की और वो पिंजरा ज़मीन पे पड़ा लूड़कता हुआ जा रही था और ये देख रुद्रा आगे बढ़ता है उस पिंजरे को उठाने के लिए की तभी उस पिंजरे में से एक तेज रोशनी निकलती है
उस रोशनी के वजह से कुछ पल के लिए सभी के आँखें ढूंडली होजती है लेकिन कुछ देर बाद सबको कुछ कुछ दिखाई देने लगता है और फिर सबको साफ साफ दिखाई देने लगता है , जब सब उस पिंजरे के तरफ देखते हैं तो पाते हैं की वो पिंजरा टूट चुका है और उस पिंजरे के सामने एक औरत खड़ी है , बहुत
ही खूबसूरत औरत थी वो उनके आँखों से प्यार और ममता झलक रहा था
जब रुद्रा उस औरत के आँखों में देखता है तो देखता ही रहजता है और वोरे रुद्रा को खोया हुआ देख उसके पास जाता है और रुद्रा के कान में कहता है की रुद्रा भाई यही आप की मां मोना हैं ये सुन रुद्रा के आँखों से आस्यू बह जाते हैं
रुद्रा अपनी मां के तरफ बढ़ता है और जाकर उनके सामने खड़ा हो जाता है फिर रुद्रा अपने शर्ट के पॉकेट से उस स्न्ड्रोप के फूल को निकलता है और अपनी मां को दिखाने लगता है और जब रुद्रा की मां उस फूल को देखती हैं तो उनके भी आँखों से आस्यू बहने लगते हैं और वो रुद्रा के तरफ ही देखने लगती हैं फिर वो आगे बढ़ती हैं और रुद्रा के गालों को सहलाती हुई कहते हैं
रुद्रा’ आंटी (मोना) – तुम मेरे बेटे रुद्रा हो ना
रुद्रा – हाँ मां , में आप का बेटा रुद्रा ही हूँ
ये सुनते ही राजकुमारी मोना रुद्रा को गले लगा लेती हैं और रोने लगती हैं और रुद्रा भी रोने लगता है , दोनों मां बेटे कुछ देर तक इसे ही गले मिलकर रोते रहते हैं फिर रुद्रा अपनी मां के आँखों से आस्यू पूछता है और कहता है
रुद्रा – बसस्सस्स मां अब और नहीं जितना आप को दुख झेलना था आप ने झेल लिया अब और नहीं अब आप को में अपने साथ ले जाऊंगा और आप के आँखों में एक भी आस्यू आने नहीं दूँगा
रुद्रा’ आंटी (मोना) – मुझे माफ करदेना बेटा मेरी वजह से तुम्हें न जाने कितनी तकलीफ़फ़ों का सामना करना पड़ा होगा , और उस चुड़ैल ने तुम्हें बहुत चोट पहुँचाई है तुम्हारा तो बहुत खून बह रहा है बेटा
रुद्रा – मां ये चोटें और ये खून कुछ भी नहीं है आप के सामने , मां में आज बहुत खुश हूँ मुझे आप वापिश मिल गयीं अब में आप को कहीं जाने नहीं दूँगा , बचपन से लेकर आज तक में हमेशा मां के प्यार के लिए तरसता रहा और आज मुझे मेरी मां वापस मीलगई , आज में बहुत खुश हूँ मां और उसकी वजह आप हैं
दोनों मां बेटे एक दूसरे से मिलकर बहुत खुश थे और सबकुछ भूलके एक दूसरे में ही खो चुके थे की तभी वोरे उन्न दोनों को टोकता है और कहता है
वोरे – रुद्रा भाई अब हमें यहाँ ज्यादा देर नहीं रुकना चाहिए , हमें यहाँ से जल्द से जल्द निकलना होगा , और राजकुमारी मोना भी वोरे के बात का समर्थन करते हुए कहती हैं
रुद्रा’ आंटी (मोना) – हाँ बेटा ये सही बॉलरहे हैं चुड़ैल मोहिनी जरूर मारगाई है लेकिन उसका भाई डर्कलॉर्ड बहुत खतरनाक है और उसे हराना नमुनकीन है
रुद्रा – डर्कलॉर्ड को हराना मेरे दोस्त के लिए कोई बड़ी बात नहीं , मेरा दोस्त मेरा भाई डर्कलॉर्ड को बारे आसानी से हरा सकता है , अगर डर्कलॉर्ड इसे जहन्नुम का किंग है तो वहीं मेरा दोस्त शैतानी दुनिया का युवराज है और उसके सामने बारे बारे सूरमा ना टिक पाए तो ये डर्कलॉर्ड क्या चीज़ है
रुद्रा’ आंटी (मोना) – बेटा तुम किस दोस्त की बात कर रहे हो
रुद्रा
– मां में अपने दोस्त अग्नि की बात कर रहा हूँ थे ईविल प्रिन्स
रुद्रा’ आंटी (मोना) – क्य्ाआआअ ईविल प्रिन्स अग्नि तुम्हारा दोस्त है , बेटा मैंने तो सुना है की ईविल प्रिन्स बहुत ही खतरनाक और बेरहम है
रुद्रा – नहीं मां आप ने जो कुछ सुना है वो सब गलत है , आज में अगर जिंदा हूँ और आप को उस चुड़ैल मोहिनी के कैद से छुड़ा पाया हूँ तो वो सब अग्नि के बदौलत अगर अग्नि मेरे साथ ना होता तो में यहाँ कभी भी पहुँच नहीं पता
फिर रुद्रा अपनी मां को अपनी पूरी कहानी सुनाने लगता है की केशे वो इसे मायवी दुनिया में आया और सुनहेरी से टकराया और फिर केशे उसके पीछे चुड़ैल दूसतीनी और उसकी सभी बहने पड़ी और फिर वो केशे रों से मिला और केशे रों ने उसकी मदद किया फिर केशे उसे पता चला की मोहिनी ने उसके मां को बंदी बनकर रखा हुआ है और फिर वो सफ़र पर दुबारा निकला सुनहेरी के संग और फिर केशे दूसतीनी फिरसे उनके पीछे पड़ी और केशे कुंवर विक्रांत ने उनकी जान बचाई और दूसतीनी के हाथों मारे गये और फिर अग्नि ने केशे उनकी मदद किया और अग्नि से उसकी दोस्ती और अग्नि की कहानी और आख़िर में केशे वो अग्नि के साथ यहाँ जहन्नुम में आया
ये सारी बातें सुनकर राजकुमारी मोना के आँखों में से आस्यू अचुके थे और अपनी मां के आँखों में आस्यू देख रुद्रा उन्हें पूछता है और कहता है मां आप फिरसे क्यों रो रही हैं
रुद्रा’ आंटी (मोना) – बेटा मेरे इन आस्यू की वजह बहुत से हैं
रुद्रा – में कुछ समझा नहीं मां , आप क्या कहना चाहती हैं
रुद्रा’ आंटी (मोना) – बेटा पहली वजह ये है की तुमने मुझे छुड़ाने के लिए न जाने कितनी तकलीफ झेली है और दूसरी वजह ये है की अब मेरे दोनों भाई इसे दुनिया में नहीं रहे
रुद्रा – आप के दोनों भाई इसे दुनिया में नहीं रहे ? , ये आप क्या कह रही हैं मां , कौन थे आप के दोनों भाई ?
रुद्रा’ आंटी (मोना) – बेटा मेरे दोनों भाई और तुम्हारे मामा कोई और नहीं गंडर के राजकुमार कुंवर विक्रांत और कुंवर यश थे
रुद्रा – क्य्ाआआआआआआआ (ये सुनते ही रुद्रा के मुंह से एक चीख निकल पड़ती है शॉक्ड के मारे)
अग्नि ईश्वक़्त जोरबार के साथ महेल के दरवाजे पे खड़ा था और उनके साथ वोरे का साथी था और वोरे के साथी ने इन कुछ ही वक्त में महेल में मौजूद बहुत से खूनी दरिंदे सिपाहियों को अपने साथ मिला लिया था और वो सब भी अग्नि का साथ देने को राजी हो गये थे
और ईश्वक़्त सभी मिलकर डर्कलॉर्ड के महेल के बाहर ही खड़े थे और सामने का नज़ारा देख रहे थे , उनके ही सामने अचानक मायवी दीवार एक दिल दहला देने वाली धमाके के साथ उड़ गयी थी और साथ में वो अनजाने लोगों को जलके रख करदेनी वाली आग का दरिया भी भाप बनकर आसहमन में कहीं गायब होचुकी थी
ये नज़ारा देख वहाँ मौजूद सभी आँखें और मुंह फाड़े बससस्स सामने देखे ही जा रहे थे वहीं अग्नि
इन नजरों को देख समझ चुका था की रुद्रा ने चुड़ैल मोहिनी को मर दिया है जिसका नतीज़ा ये की मायवी दीवार और आग का दरिया तबाह और गायब होचुके हैं
अग्नि के चेहरे पे खुशी देख जादूगर जोरबार अग्नि के पास जाता है और अग्नि से पूछता है
जोरबार – क्या बात है मलिक आप इतने खुश नज़र अरहे हैं कहीं इन मायवी दीवार और आग के दारिय के तबाह और गायब होने के पीछे आप का हाथ तो नहीं?
अग्नि – नहीं जोरबार इसे काम में मेरा कोई भी हाथ नहीं है , ये तो रुद्रा का कारनामा है , उसने महेल में डर्कलॉर्ड की बहन मोहिनी को मार्डिया लगता है जिसका नातिया ये सब हो रहा है
जोरबार – मलिक ये रुद्रा कौन है?
(UPDATE-48)
अग्नि – जोरबार रुद्रा मेरा दोस्त है और किसी भी वक्त वो यहाँ हमारे पास पहुँचता ही होगा , अग्नि रुद्रा का नाम ले ही रहा था की तभी रुद्रा अपनी मां और वोरे और वोरे के साथियों के साथ वहाँ पहुँच जाता है
रुद्रा सीधे आकर अग्नि से गले मिलता है और कहता है , रुद्रा – अग्नि यार मैंने उस चुड़ैल मोहिनी को मर दिया और मैंने अपनी मां को भी छुड़ा लिया उस चुड़ैल के कैद से , फिर रुद्रा अग्नि को अपनी मां से मिलता है और अग्नि उन्हें नमस्ते करता है , और अग्नि को देख रुद्रा की मां सोच में पड़ जाती हैं की ये अग्नि तो एक 21 या 22 साल का बच्चा है ये केशे थे ईविल प्रिन्स हो सकता है जरूर कोई गलत फहमी होगी सबको
और तभी अग्नि की नज़र पड़ती है रुद्रा के शरीर के चोटों के ऊपर जो उसे मोहिनी से लढ़ते वक्त लगी थी और अग्नि रुद्रा के नज़दीक जाता है और रुद्रा के सर के ऊपर हाथ रख देता है और आँखें बंद करदेता है ये देख रुद्रा को कुछ अजीब सा लगता है और वो अग्नि से पूछने को होता ही है की ये क्या है की तभी अग्नि रुद्रा को बीच में टोकते हुए चुप रहने को कहता है
फिर रुद्रा चुप हो जाता है और वहाँ मौजूद सभी अग्नि के तरफ देखने लगते हैं रुद्रा की मां भी अग्नि को देखने लगती हैं उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा था की ये कम उमर का लड़का थे ईविल प्रिन्स हो सकता है , कुछ ही देर में अग्नि का वो हाथ जो अग्नि ने रुद्रा के सर पे रखा था वो हाथ अग्नि का चमकने लगता है और फिर देखते ही देखते रुद्रा के शरीर से सारे जख्म सारे घाव और सारे दर्द गायब होने लगते हैं
जब अग्नि अपनी आँख खोलता है तो पता है की रुद्रा अब बिलकुल ठीक था उस के शरीर पे एक भी घाव एक भी खरॉच नहीं था और फिर रुद्रा अग्नि को गले लगता है और उसका शुक्रिया अदा करता है लेकिन हमेशा की तरह अग्नि यही कहता है की दोस्ती में नो सॉरी और नो थॅंक्स , और ये सब देख रुद्रा के मां के आँखों में भी आस्यू आजाते हैं और वो रुद्रा और अग्नि के पास जाते हैं और
राजकुमारी मोना – बेटा अग्नि में नहीं जानती लोग जो तुम्हारे बारे में कहते हैं वो सच है या झूठ , मुझे इसे से कोई फर्क नहीं पड़ता की तुम थे
ईविल प्रिन्स हो या फिर सिर्फ़ मेरे बेटे के दोस्त अग्नि लेकिन में तुम्हारी बहुत एहसान मंद हूँ बेटा तुमने मेरे बेटे की बहुत मदद किया और इसका साथ हर मुश्किल घड़ी में दिया अगर तुम मेरे बेटे के साथ ना होते तो शायद में भी आज यहाँ ना होती , तभी अग्नि उन्हें रोकते हुए कहता है
अग्नि – ये आप क्या कह रही हैं एक तरफ आप मुझे बेटा भी कहती हैं और दूसरे तरफ एहसान की बातें भी करती हैं क्या में आप के बेटा जशा नहीं हूँ , ये सुन रुद्रा की मां के आँखों में पानी आ जाता है और वो रोड़ेटी हैं और फिर वो जाकर रुद्रा और अग्नि दोनों को गले लगा लेती हैं
राजकुमारी मोना – बेटा में आज बहुत खुश हूँ , और में खुश इसलिए नहीं हूँ की आज सालों बाद मुझे आज़ादी मिली में खुश इसलिए हूँ की आज मुझे सालों बाद मुझे मेरे बचे मिले और वो भी दो दो , आज से मेरे एक बेटा नहीं दो दो बेटे हैं
अग्नि रुद्रा और राजकुमारी मोना तीनों ईश्वक़्त बहुत भभूक होचुके थे की तभी जादूगर जोरबार उनको बीच में टोकते हुए कहता है
जोरबार – मलिक मुझे लगता है अब हमें यहाँ से जल्द से जल्द निकलना चाहिए
अग्नि – इतनी जल्दी और वो भी बिना डर्कलॉर्ड से मिले , नहीं जोरबार में डर्कलॉर्ड से मिले बिना यहाँ से नहीं जाऊंगा
जोरबार – मलिक आप मेरी बात को समझने की कोशिश कीजिए , डर्कलॉर्ड कोई मामूली शैतान नहीं है वो बहुत खतरनाक है उसके पास बहुत से ताक़तें भी हैं और साथ में उसे जहन्नुम की सरपरस्ती भी हासिल है उसे जहन्नुम में हराना नमुनकीन है
राजकुमारी मोना – हाँ बेटे अग्नि ये सही कह रहे हैं डर्कलॉर्ड बहुत खतरनाक है उसे हराना नमुनकीन है उसके पास सुरक्षा कवच है जो उसे हर मूषिबट से बचाता है
अग्नि – जोरबार शायद आप भूल रहे हैं की में कौन हूँ और मेरी ताक़तों का कोई भी हद नहीं है और मां जीि (रुद्रा की मां को अग्नि मां जीि बुलाता है) आप बेवजह परेशान हो रही हैं मेरे पास भी मेरा सुरक्षा कवच है जो मुझे बड़ी बड़ी जान लेवा खतरनाक वार से बचाता है
जोरबार – मलिक जेशा आप जानते हैं की सम्राट का आधा दिल आप के पास है और बकिका आधा सम्राट के मुर्दा शरीर में है और मुझे बंदी बनकर रखने के पीछे भी यही मक्षद था डर्कलॉर्ड का , वो मेरे जरिए सम्राट के शरीर को हथियाना चाहता था तकिी सम्राट के मुर्दा शरीर से उसका दिल निकल सके और अपने अंदर समा सके लेकिन वो नाकाम रहा है आज तक इसे काम में और अगर आप उसके सामने गये तो वो आप के सीने में मौजूद सम्राट के दिल को हासिल करना चाहेगा अपनी ताक़तों को बढ़ने के लिए और मलिक आप ये भी मत भूलिए की उसके पास जो ताक़तें हैं वो भी सम्राट का ही दिया हुआ है यानि की आप दोनों के पास जो ताक़त हैं वो बराबर के हैं और एक समान हैं
अग्नि – (हल्का सा मुस्कुराते हुए) आप ने बिलकुल सही कहा जोरबार डर्कलॉर्ड कोई मामूली
शैतान नहीं है और ये भी सही कहा की डर्कलॉर्ड की शक्तियाँ और मेरी सकतियाँ एक जेशी हैं और हम दोनों बराबर के योढ़ा हैं लेकिन शायद आप ये भूल रहे हैं जोरबार की में कौन हूँ , में ईविल प्रिन्स हूँ और मेरे पास कुछ ऐशी सकतियाँ हैं जिनका सामना डर्कलॉर्ड तो क्या खुद सम्राट भी ना कार्पाए
बससस्स बात यही खत्म आप सभी यहाँ से अभी निकालिए और जाते वक्त अपने साथ यहाँ इसे जहन्नुम में रहने वाले यहाँ के लोगों को भी यहाँ से बाहर लेजइए और में महेल के अंदर जा रहा हूँ उस धोकेबाज़ डर्कलॉर्ड से मिलने
अग्नि सबको जहन्नुम से बाहर निकल जाने का हुकुम सुनकर खुद डर्कलॉर्ड की महेल के अंदर घुस जाता है , अग्नि के महेल के अंदर जाने के बाद वोरे जादूगर जोरबार के पास जाता है और जोरबार को उसकी जादुई चड्डी देता है
जब रुद्रा अपने मां के साथ चुड़ैल मोहिनी के कमरे से बाहर निकल रहा था वोरे और उसके साथियों के साथ तब वोरे ने चुड़ैल मोहिनी के कमरे से जोरब्बर की जादुई चड्डी उथलिया था , और अब वो उस जादुई चड्डी को जादूगर जोरबार को दे रहा था
वोरे – ये लीजिए जादूगरों के जादूगर आप की जादुई चड्डी , आप की जादुई चड्डी चुड़ैल मोहिनी के कमरे में थी वहाँ से आते वक्त में इसे वहाँ से लेआा था
जोरबार – तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया नौजवान , तुमने मुझपर बहुत बड़ा एहसान किया है में अपनी जादुई चड्डी के बिना अधूरा था लेकिन तुम्हारे बदौलत अब मेरे पास मेरा जादुई चड्डी है
वोरे – अरे नहीं नहीं इसमें एहसान की कौनसिई बात ये तो मेरा काम था और हाँ मेरा नाम वोरे है , जोरबार और वोरे के बीच के बातों को रुद्रा बीच में आकर टोकता है
रुद्रा – जोरबार जीि अब हमें आगे बदहजाना चाहिए , अग्नि ने जो कहा था हमें वेषा करना चाहिए क्यों आप का क्या कहना है
जोरबार – अब में क्या कह सकता हूँ रुद्रा , मलिक ने जो हुकुम दिया है उसे मान ना मेरा फर्ज़ है
UPDATE-49)
फिर सभी आगे तरफ जाते हैं सभी उस टूट चुके मायवी दीवार को पर करते हैं और अग्नि ने जेशा कहा था की जाते वक्त अपने साथ यहाँ रहने वाले लोगों को भी लेजना सभी इसे काम में लग जाते हैं , सभी खूनी दरिंदे जहन्नुम के लोगों को इकट्ठा करने लगते हैं कुछ देर में जहन्नुम में रहने वाले सभी लोग इकट्ठे होजते हैं
फिर रुद्रा सबकी तरफ देखता है , जहन्नुम के सभी लोगों में बहुत से औरतें बहुत से बुजुर्ग और बहुत से बचे शामिल थे , इन सबको देख रुद्रा जोरबार के नज़दीक जाता है और कहता है
रुद्रा – जोरबार जीि जहन्नुम के लोगों में तो बहुत से बुजुर्ग बहुत से औरतें और बहुत से बचे हैं जो की यहाँ से निकालने के राषते को इतनी आसानी से पार नहीं कर सकते क्योंकि हम ईश्वक़्त एक पहाड़ी के गहराई में हैं और यहाँ से निकलकर हमें उस पहाड़ी के नीचे उतरना पड़ेगा तभी हम जहन्नुम से पूरी तरह से सही
सलामत निकल सकते हैं और मुझे नहीं लगता की इनमें से ज्यादातर लोग उस राषते को पार कर पाएँगे
जोरबार – हाँ रुद्रा में भी यही सोच रहा था मुझे भी नहीं लगता की इनमें से ज्यादातर लोग इसे खतरनाक रास्ते को पर करसकते हैं
रुद्रा – तब तो फिर आप को ही कुछ ना कुछ करना होगा जोरबार जी आख़िर कार आप एक जादूगर हैं और ये तो आप के लिए आसान होगा
उसके बाद जोरबार कुछ देर तक सोचता रहता है इधर जहन्नुम के वासींड़ा सभी जोरबार और रुद्रा के तरफ ही देख रहे थे की तभी जोरबार को कुछ सूझता है
जोरबार आगे बढ़ता है और जहन्नुम के एक दीवार के पास पहुँच जाता है और वहाँ पहुँच के अपने जादुई चड्डी को उठता है और जादुई चड्डी का रुख दीवार के तरफ करके कुछ मंत्र बोलने लगता है और फिर देखते ही देखते वहाँ पे उस जगह पे एक चमकदार रोशनी फैल जाती है जिस से सबकी आँखें कुछ देर के लिए ढूंडली होजती है और सब अपनी अपनी आँखें उस रोशनी के वजह से बंद करदेटे हैं फिर सब जब अपनी अपनी आँखें खोलते हैं तो पाते हैं की अब उस दीवार में एक सुरंग बन चुका था सभी ये देख हैरान होजते हैं फिर जादूगर जोरबार आगे बढ़ता है और उन्न सभी के सामने खड़े होकर कहता है
जोरबार – आप को डरने की कोई भी जरूरत नहीं क्योंकि ये सुरंग आप सभी को इसे जहन्नुम से सुरक्षित बाहर लेजाएगी इसलिए दारिय मत और सब एक एक करके मेरे पीछे चलिए
ये बोलकर जोरबार रुद्रा के तरफ देखता है और उसे इशारे से अपने पीछे आने को बोल देता है और फिर जोरबार उस सुरंग में घुस जाता है और जोरबार के पीछे पीछे रुद्रा अपनी मां को लेकर उस सुरंग में घुस जाता है फिर वोरे और उसके साथी और फिर सभी एक एक करके सुरंग में घुसने लगते हैं
सभी एक एक करके उस सुरंग में घुस जाते हैं और आगे बढ़ते रहते हैं सबसे पहले जोरबार था और उसके पीछे रुद्रा और उसकी मां , करीबन एक घंटा चलने के बाद सभी उस सुरंग से बाहर निकल जाते हैं , बाहर निकलते ही सबको कोहरा दिखाई देता है और फिर सभी धीरे धीरे आगे बढ़ते जाते हैं और फिर कुछ देर बाद कोहरा भी गायब हो जाता है , जब कोहरा गायब हो जाता है तो सबको साफ साफ दिखने लगता है
ईश्वक़्त सभी उस जहन्नुम से बाहर निकल चुके थे और अग्नि के फौज थे डार्क ईविल फोर्स के सामने खड़े थे की तभी कोई दौड़ता हुआ आता है और रुद्रा के गले लगज़ता है ये कोई और नहीं सुनहेरी थी जो बेसब्री से रुद्रा का इंतजार लार रही थी
सुनहेरी – रुद्रा तुम ठीक तो हो ना , पता है रुद्रा मुझे बहुत घबराहट हो रही थी तुम्हें लेकर तुम्हें सही सलामत देख मेरे दिल को तसल्ली मिली रुद्रा
रुद्रा – हाँ हाँ सुनहेरी में ठीक हूँ और में कामयाब भी रहा अपने मक्षद में , मैंने उस चुड़ैल को मर्डिया और अपनी मां को भी आज़ाद करालिया है , सुनहेरी इनसे मिलो ये मेरी मां हैं
फिर रुद्रा सुनहेरी को अपनी मां से
मिलता है और सुनहेरी भी रुद्रा की मां से मिलकर बहुत खुश होती है और रुद्रा की मां भी बहुत खुश होते हैं सुनहेरी से मिलकर
************************************************
इधर डर्कलॉर्ड के महेल के अंदर अग्नि दक्षिण(साउथ) दिशा में आगे तरफ रहा था डर्कलॉर्ड के दरबार के तरफ की तभी अचानक महेल के अंदर की सारी मस्सलें और सारी रोशनी बुझ जाती हैं चारों तरफ अंधेरा फैल जाता है
और फिर एक खतरनाक और कड़कदार हँसी की आवाज़ उस महेल के गलियारों में गूँजता है हाहहाहा हाहहाहा हाहहाहा हाहहाहा , और ये खतरनाक हँसी की आवाज़ डर्कलॉर्ड की थी , और फिर डर्कलॉर्ड की आवाज़ अग्नि के कान में पड़ती है
डर्कलॉर्ड – हम आप का स्वागत करते हैं थे ईविल प्रिन्स हमारे इसे छोटे से काली और अंधेरी महेल में , आशा करते हैं की आप इसे काली और आंधरे में भी हम तक पहुँच जाएँ , वो क्या है ना हमने आप के बारे में बहुत कुछ सुना है पर हम अब देखना चाहते हैं की हमने जो सुना है वो सब सच है या नहीं , इसलिए अब आप को इन आंधरों से होते हुए मुझतक पहुँच ना होगा -डर्कलॉर्ड – हम आप का स्वागत करते हैं थे ईविल प्रिन्स हमारे इसे छोटे से काली और अंधेरी महेल में , आशा करते हैं की आप इसे काली और आंधरे में भी हम तक पहुँच जाएँ , वो क्या है ना हमने आप के बारे में बहुत कुछ सुना है पर हम अब देखना चाहते हैं की हमने जो सुना है वो सब सच है या नहीं , इसलिए अब आप को इन आंधरों से होते हुए मुझतक पहुँच ना होगा – थे ईविल प्रिन्स अग्नि !
ये बोलने के बाद डर्कलॉर्ड चुप हो जाता है और तभी अग्नि के हस्सने की आवाज़ महेल में गूंजने लगती है कुछ देर ज़ोर ज़ोर से हस्सने के बाद अग्नि चुप होता है और डर्कलॉर्ड से कहता है बसस्सस्स इतनी से बात , में अभी इसे आंधरे को दूर करदेता हूँ
फिर अग्नि अपने दोनों हाथ को ऊपर उठता है और महेल के दीवारों के तरफ करदेता है और फिर देखते ही देखते अग्नि के हाथ से आग निकल के महेल के दीवार पे टाँगे हुए मसालों पे जा लगती है और मसालें जलने लगती है और महेल में फिरसे रोशनी लौट आती है
और रोशनी वापस लौट ते ही अग्नि के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और वो डर्कलॉर्ड से कहता है
अग्नि – क्यों डर्कलॉर्ड अब क्या कहना है तुम्हारा
डर्कलॉर्ड – मान ना पड़ेगा अग्नि तुम सच में ईविल प्रिन्स ही हो , मैंने तुम्हारे बारे में जो सुना था वो सच है , अब बस तुमसे आमना सामना होने का इंतजार है , में ईश्वक़्त दरबार में हूँ वहीं आ जाओ
फिर अग्नि अपने चेहरे पे मुश्कं लिए आगे बदहजता है डर्कलॉर्ड के महेल के दरबार के तरफ
****************************************
और इधर जहन्नुम के बाहर जंगल में ईश्वक़्त अग्नि की फौज और जादूगर जोरबार , रुद्रा , जब्बार , सुनहेरी , राजकुमारी मोना , वोरे & डोरे ये सब मिलकर कुछ बातें कार रहे थे की वो इसे जगह पे रुके या आगे तरफ जाए की तभी जादूगर जोरबार
कहता है
जोरबार – देखो में समझ सकता हूँ की तुम लोग अग्नि के बारे में सोचकर परेशान हो और में भी उनके बारे में सोच के परेशान हूँ लेकिन ये वक्त अग्नि के बारे में सोचने का नहीं है ये वक्त है हम सबका यहाँ से दूर जानेका तकिी हमारी जान सलामत रहे क्योंकि उन्न दोनों की जंग बहुत खतरनाक होगी और अगर हम उनके पास रहे तो हम बेकार में ही उनके जंग में बली पड़ जाएँगे
रुद्रा – ये आप क्या कह रहे हैं जोरबार , अग्नि तो ईश्वक़्त डर्कलॉर्ड के महेल में हैं जहन्नुम के अंदर और अगर हम यहाँ रहे तो हमें केशे नुक्षण पहुँच सकता है
जोरबार – रुद्रा तुम उन्न दोनों को कोई आम योढ़ा ना समझो , वो दोनों ईश्वक़्त के सबसे ज्यादा पॉवेरफ़ुल्ल योढ़ा हैं उनके पास इतनी ताक़त है की अगर वो चाहें तो वो इसे धरती को तबाह तक कर सकते हैं अपने शक्तियों के जरिए और उन्न दोनों का एक दूसरे से भिड़ना मतलब कयामत का शुरू होना है
जब्बार – तो हमें क्या करना चाहिए जोरबार?
जोरबार – इसे से पहले की उन्न दोनों के बीच जंग शुरू हो हमें यहाँ से जल्द से जल्द निकलना पड़ेगा
फिर सभी उस जगह से निकल पड़ते हैं
***********************************
और इधर अग्नि चलते हुए डर्कलॉर्ड के महेल के दरबार तक पहुँच चुका था और चारों तरफ देख रहा था शायद वो डर्कलॉर्ड को ढूंढ. रहा था
और तभी अग्नि के कानों में डर्कलॉर्ड की आवाज़ पड़ती है लेकिन अग्नि को डर्कलॉर्ड कहीं भी दिखाई नहीं देता है
डर्कलॉर्ड – स्वागत है स्वागत है हमारे दरबार में आप का थे ईविल प्रिन्स अग्नि , हमें बहुत खुशी हुई आप से मिलकर , बहुत तमन्ना थी आप से मिलने की अग्नि और आज वो तमन्ना पूरा हो गया
अग्नि – अच्छा शा क्या तो एक काम करो डर्कलॉर्ड मेरे परॉन को धोके उस पानी को पिलो और भी आनंद मिलेगा तुम्हें और शा लगेगा जेशे तुमने जन्नत की शेयर कर लिया हो , ये बोलकर अग्नि डर्कलॉर्ड का मज़ाक उड़ते हुए उसपर हस्सने लगता है
डर्कलॉर्ड – अग्नि मेरा मज़ाक उड़ाना बंद कर नहीं तो अच्छा नहीं होगा
अग्नि – अच्छा तो फिर क्या करलेगा तू डर्कलॉर्ड
डर्कलॉर्ड – अग्नि अग्नि अग्नि तुझे पता नहीं है तू किस से उलझ रहा है , तू मुझे नहीं अपनी मौत को ललकार रहा है
अग्नि – मुझे पत्ता है डर्कलॉर्ड की में एक गद्दार से बात कर रहा हूँ जिसने आईं वक्त पे अपने मलिक को धोका देकर उन्हें जंग के मैदान में अकेला छोड़कर भाग गया , और हाँ डर्कलॉर्ड मौत की धमकी उन्हें देना जिन्हें मौत से डर लगता है समझा
डर्कलॉर्ड – (ज़ोर ज़ोर से हस्सते हुए) अग्नि तू सच में अभी एक बच्चा है , तू नहीं समझेगा ताक़त की भूख क्या होती है , अगर में सम्राट को उस जंग में धोका ना देकर भागता तो में भी सम्राट की तरह मारा जाता और में मारना नहीं चाहता था में तो इसे दुनिया पे हुकूमत करना चाहता था और तुझे मारकर तेरे सीने से
सम्राट के आधे दिल को निकल लूँगा और फिर तेरी शक्तियाँ भी मेरी होंगी अग्नि मेरी , ये बोलकर डर्कलॉर्ड और भी ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता है
UPDATE-50)
अग्नि – ख्वाब अच्छा है तेरा डर्कलॉर्ड लेकिन मुझे अफ़सोस है की तेरा ये ख्वाब कभी पूरा ना होगा , और हाँ एक और बात तू उस वक्त उस जंग से भाग के बच तो गया था लेकिन तू आज मेरे हाथों जरूर मरेगा
अग्नि ने इतना ही कहा था की तभी अचानक कहीं से एक जोरदार मुक्का अग्नि के चेहरे पे पड़ता है और अग्नि हवा में तैरता हुआ जा टकराता है महेल के दीवार से , अग्नि के उस दीवार से टकराते ही वो दीवार टूट के अग्नि के ऊपर गिर जाती है
अग्नि अपने ऊपर से उस टूटते हुए दीवार के इट और पठारों को हटते हुए फिरसे उठ खड़ा होता है , अग्नि उठ खड़े होते ही चारों तरफ नज़र घूमता है लेकिन उसे डर्कलॉर्ड कहीं भी दिखाई नहीं देता है , इसे से अग्नि को गुस्सा आने लगता है और अग्नि गुस्से में डर्कलॉर्ड से चीखते हुए कहता है
अग्नि – डर्कलॉर्ड साले डरपोक कहाँ छुपा है बाहर निकल , साले चुप चुप के वार करता है कायर
अग्नि के इतना कहते ही अग्नि के सीने के ऊपर एक जोरदार लात पड़ती है और अग्नि फिरसे हवा में तैरते हुए जा टकराता है उसी टूटते हुए दीवार के इट और पठारों से
अग्नि फिरसे उठ खड़ा होता है और फिरसे डर्कलॉर्ड को गली देने लगता है और सामने आने को ललकार्ने लगता है और तभी ठीक अग्नि के सामने कुछ काला धुआँ फैल जाता है और देखते ही देखते वो काला धुआँ इंसान का रूप लेने लगता है और फिर उस काले धुआँ से निकल के सामने आता है डर्कलॉर्ड
अग्नि – तो तू ही है डर्कलॉर्ड
डर्कलॉर्ड – हाँ अग्नि में ही हूँ डर्कलॉर्ड
अब तक अग्नि को गुस्सा अचुका था इसलिए डर्कलॉर्ड को अपने सामने देखते ही अग्नि अपनी मुठियों को पूरी ताक़त से बंद करता है और एक जोरदार मुक्का डर्कलॉर्ड के सीने में झड़ देता है
लेकिन अग्नि जेशे ही डर्कलॉर्ड के सीने पे मुक्का जड़ता है वेशे ही अग्नि का हाथ डर्कलॉर्ड के सीने के आर पार हो जाता है , डर्कलॉर्ड को मुक्का लगता ही नहीं है ये देख डर्कलॉर्ड के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और अग्नि मुंह फाड़े डर्कलॉर्ड के तरफ देखता ही रहजता है
अग्नि फिरसे डर्कलॉर्ड के ऊपर अपने मुक्कों से वार करता है लेकिन इसे वार भी अग्नि का वार खाली जाता है , इसे बार भी अग्नि का हाथ डर्कलॉर्ड के आर पार चला जाता है अग्नि डर्कलॉर्ड को चुन भी नहीं पता है अग्नि मुंह फाड़े कभी डर्कलॉर्ड के तरफ तो कभी उसके शरीर के तरफ देखे जा रहा था की तभी डर्कलॉर्ड पूरे ताक़त से एक मुक्का अग्नि के सीने पे जड़ता है और अग्नि हवा में तैरता हुआ जा टकराता है महेल के एक पिलर से और अग्नि के ऊपर महेल का चाट टूट के गिरजति है , और ये देख डर्कलॉर्ड अपनी शैतानी हँसी हस्सने लगता है
डर्कलॉर्ड –
अग्नि थे ईविल प्रिन्स , अगर तू आधहेरोन का प्रिन्स है तो में इन अंधेरे का भगवान हूँ , और मुझे मरने का चोद अग्नि तू मुझे चुन तक नहीं पाएगा कुछ घंटों में रुद्रा , जादूगर जोरबार , सुनहेरी , रुद्रा की मां और अग्नि की फौज ये सब कुछ घंटों में काफिई दूर अचुके थे जहन्नुम से , और ईश्वक़्त एक जुंगेली इलाके डेरा डाले हुए थे , और फिर जादूगर जोरबार अपनी जादुई छड़ीई के मदद से जंगल के तलब पे जादू करता है और उस तलब के पानी में साफ साफ अग्नि और डर्कलॉर्ड की लधाई दिखने लगती है जिसे सभी लोग बैठ के ये लधाई सीधे तौरपे देखने लगते हैं
और अग्नि को यूँ डर्कलॉर्ड से मर खाता हुआ देख रुद्रा परेशान हो जाता है और वो जादूगर जोरबार से पूछता है
रुद्रा – जोरबार ये क्या अग्नि डर्कलॉर्ड को मर क्यों नहीं पा रहा है , मारना तो चोदा अग्नि डर्कलॉर्ड को चुन भी नहीं परहा है इसकी क्या वजह है?
जोरबार – इसकी वजह है डर्कलॉर्ड के गले में लटकी हुई वो जादुई ताबीज़ जो उसकी मदद करता है धुआँ बनकर गायब होने में , डरहसल ये जादुई ताबीज़ मेरी है इसे जादुई ताबीज़ के मदद से में डर्कलॉर्ड से न जाने कितने सालों तक बचता रहा लेकिन एक दिन डर्कलॉर्ड ने मुझे धोके से बंदी बना लिया और मेरे उस जादुई ताबीज़ को भी मुझसे छीन लिया , और अब उसी जादुई ताबीज़ को अपने गले में लटकाए घूमता फिरता है
रुद्रा – जोरबार क्या कोई शा तरीका नहीं है की अग्नि उस जादुई ताबीज़ को डर्कलॉर्ड से अलग करसाके
जोरबार – जादुई ताबीज़ को डर्कलॉर्ड से अलग करने के लिए अग्नि को पहले डर्कलॉर्ड का ध्यान भटकना होगा तकिी जब डर्कलॉर्ड का ध्यान भटके अग्नि तभी उस ताबीज़ को डर्कलॉर्ड के गले से छीन ले
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इधर अग्नि ईश्वक़्त डर्कलॉर्ड के महेल के अंदर उसके दरबार के टूटते हुए चाट के मलबे के नीचे दबा हुआ था , अग्नि अपने ऊपर से इट और पठारों को हटता हुआ खड़ा होता है और अपने सामने खड़े डर्कलॉर्ड के तरफ गुस्से से देखने लगता है और इधर डर्कलॉर्ड अपनी शैतानी हँसी हस्सते हुए अग्नि का मज़ाक उड़ाने लगता है
डर्कलॉर्ड के द्वारा अपना मज़ाक उड़ता हुआ देख अग्नि अपने आपेसे बाहर होने लगता है , गुस्से में अग्नि आग बाबूला होने लगता है और फिर अग्नि अपनी आँखों को बंद करता है और अपनी ताकतों को इकट्ठा करने लगता है
देखते ही देखते अग्नि के दोनों हाथों की मुठियाँ लाल होने लगती हैं और फिर देखते ही देखते वो लाल रंग बदल जाता है आग में , अग्नि के दोनों हाथों की मुठियाँ ईश्वक़्त जल रही थी , फिर अग्नि अपनी आँख को धीरे धीरे खोलता है और जब अग्नि अपनी आँख खोलता है तो उसके चेहरे पे एक क़ातिलाना मुश्कं आ जाता है
और अग्नि के चेहरे पे मुश्कं देख डर्कलॉर्ड समझ जाता है की अग्नि उस पे आग से हमला करने वाला है इसलिए डर्कलॉर्ड फौरन धुआँ
बनकर हवा में गायब हो जाता है और हवा गायब होते ही फिरसे डर्कलॉर्ड की हँसी की आवाज़ वहाँ पे गूंजने लगती है
इधर अग्नि अब पूरी तरह से तैयार था , फिर अग्नि आगे बढ़ता है और अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा देता है , जिस तरफ से डर्कलॉर्ड के हँसी की आवाज़ आ रही थी अग्नि अपने हाथों का रुख उसी तरफ मोड़ देता है
फिर अग्नि अपने दोनों हाथ के मुठियों को काश लेता है और फिर जब अग्नि अपनी मुट्ठी खोलता है तो उसमें से एक आग का गोला निकल पड़ता है और सीधे उस काले धुआँ या ये कहें की डर्कलॉर्ड के तरफ तरफ जाती है लेकिन वो आग का गोला डर्कलॉर्ड को चुनती इसे से पहले ही डर्कलॉर्ड अपने धुआँ के आकर में वहाँ से हाथ जाता है और वो आग का गोला सीधा जाकर टकराती है महेल के दीवार से और महेल के दीवार से वो आग का गोला टकराते ही उस दीवार की धज़ियाँ उड़ जाती है
और अग्नि का वार नाकाम देख डर्कलॉर्ड फिरसे हस्सने लगता है और अग्नि को चिढ़ते हुए कहता है – क्या हुआ अग्नि तेरा वार तो नाकाम रहा अब तू क्या करेगा , डर्कलॉर्ड के द्वारा कही गयी इसे बात को सुनते ही अग्नि और भी गुस्से में आ जाता है
और फिर अग्नि अंधाधुन डर्कलॉर्ड के धुआँ के रूप के ऊपर आग के गोलों से हमला करने लगता है बहुत देर तक हमला करता रहता है इन हमलों से डर्कलॉर्ड का महेल पूरी तरह से तबाह होचुका था लेकिन अग्नि का हर वार नाकाम रहता है क्योंकि डर्कलॉर्ड अग्नि के हर एक वार से बच जाता है और अग्नि के हर वार के नाकाम होते ही डर्कलॉर्ड अपनी शैतानी हँसी हंसाता हुआ अग्नि का मज़ाक उड़ाता है
और वहीं अग्नि अब परेशान हो चुका था उसे कुछ भी समझ में ही नहीं आ रही था , अग्नि यही सोच रहा था की आख़िर वो करे तो क्या करे जिस से वो डर्कलॉर्ड को मर सके , आख़िर शा क्या करे जिस से वो डर्कलॉर्ड को चुन सके उसे मर सके
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और इधर रुद्रा और बकीके सभी अग्नि को नाकाम होता हुआ देख परेशान होचुके थे , रुद्रा भी बहुत परेशान था की वो आख़िर केशे उस बात को अग्नि तक पहुँचे जो उसे जोरबार ने बताया था ताबीज़ के बारे में
रुद्रा यही सोच सोच कर परेशान था की तभी रुद्रा को कुछ याद आता है जो उसे रों ने स्पिरिचुयल शिप से जाते वक्त कहा था , रों ने उसे कहा था की अगर तुम्हारा दिल साफ और सच्चा है तो तुम इसे मायवी दुनिया में अगर किसीसे बात करना चाहते हो तो अपने दिल पे हाथ रख के उस शॅक्स को सच्चे दिल से याद करना तुम्हारी आवाज़ उस तक जरूर पहुँचेगी
ये बात याद आते ही रुद्रा फौरन अपने दिल पे हाथ रखता है और अग्नि को याद करने लगता है
और इधर अग्नि यही सोच सोच कर परेशान हो रहा था की वो क्या करे और तभी उसे रुद्रा की आवाज़ सुनाई देने लगता है और अग्नि हैरानी से चारों तरफ देखने लगता है लेकिन उसे रुद्रा कहीं भी नहीं दिखता है और तभी फिरसे रुद्रा की आवाज़
अग्नि को सुनाई देता है
रुद्रा – अग्नि अग्नि सुनो मेरी बात को में रुद्रा बोल रहा हूँ मेरा तुमसे बात करना बहुत जरूरी है इसलिए बिना कुछ बोले चुप चाप मेरी बात को सुनो और अगर कुछ बोलना चाहो तो अपने मान में ही बोलना
अग्नि – (अपने मान में) रुद्रा तुम कहाँ हो मुझे तो तुम कहीं भी नहीं दिख रहे
रुद्रा – अग्नि इन सब बातों को चोदा में इसे बारे में तुम्हें बाद में बताऊंगा इसलिए अभी तुम मेरी बात सुनो , अग्नि तुम इसे डर्कलॉर्ड को इतनी आसानी से नहीं हरा पाओगे तुम्हें इसे हराने के लिए पहले इसके गले से उसका जादुई ताबीज़ निकलना पड़ेगा तकिी वो तुम्हें साफ साफ दिखे और तुम उसे चुन भी पाओ समझे
अग्नि – (अपने मान में) क्य्ाआआ जादुई ताबीज़ , में कुछ समझा नहीं रुद्रा , मुझे पूरी बात
(UPDATE-51-52)
फिर रुद्रा अग्नि को सब कुछ बता देता है जो जो उसे जोरबार ने बताया था जादुई ताबीज़ के बारे में वो सारी बातें बताने के बाद रुद्रा फिरसे बोलना चालू करता है
रुद्रा – अग्नि तुम्हें डर्कलॉर्ड से वो जादुई ताबीज़ को छीन ने के लिए सबसे पहले डर्कलॉर्ड का ध्यान भटकना होगा तकिी उसका ध्यान भटके और वो रिलॅक्स होज़ाये और फिर उसके रिलॅक्स होते ही तुम उस से वो जादुई ताबीज़ को छीन लेना , अब समझे तुम्हें क्या करना है
अग्नि – हाँ रुद्रा में समझ गया अब मुझे क्या करना है , उसके बाद रुद्रा की आवाज़ आना बंद हो जाता है और अब अग्नि समझ चुका था उसे क्या करना है लेकिन ये सब केशे करना है अग्नि ये सोचने लगता है
और तभी उसके कानों में डर्कलॉर्ड की शैतानी हँसी पड़ती है और फिर डर्कलॉर्ड अग्नि से बोलता है
डर्कलॉर्ड – क्या बात है अग्नि थे ईविल प्रिन्स तू अब चुप क्यों हो गया , चल हमला कर मुझपर चल शुरू होज़ा फिरसे , ये सब सुन अग्नि को गुस्सा तो बहुत आता है लेकिन अग्नि अपने गुस्से को दबा देता है और अब अग्नि ने ये भी सोच लिया था की वो किस तरीके से डर्कलॉर्ड से वो ताबीज़ छिनएगा इसलिए अग्नि थोड़ा सा दुखी होते हुए अपने कंधे को उछाल ते हुए कहता है
अग्नि – क्या फायदा होगा तुमपे दुबारा हमला करके , अब में समझ चुका हूँ तुम पे हमला करने से कोई भी फायदा नहीं होगा सिर्फ़ मेरा और तुम्हारा वक्त बर्बाद होगा , ये तुम भी अच्छे से जानते हो और अब में भी समझ गया हूँ की तुमपे कोई भी वार असर ही नहीं करेगा और ना ही चुन पाएगा , इसलिए तुमसे हार मान लेना ही बेहतर होगा
डर्कलॉर्ड – क्य्ाआआआआअ तुम और हार मान रहे हो , मुझे अपने कानों पे यकीन नहीं हो रहा है अग्नि दुबारा कहना ज़रा सा
अग्नि – हाँ भाई में हार मानता हूँ तुमसे और वेशे भी तुमसे लढ़के भी क्या फायदा जबकि में तुम्हें एक छोटि से खरॉच तक नहीं पहुँचा सकता वो कहते है ना की ताकतवर दुश्मन से हार मान लेना ही सबसे बड़ी समझदारी है और जो इसे बात को ना समझे वो
इसे दुनिया का सबसे बड़ा मूर्ख है और में कोई मूर्ख नहीं हूँ जो तुम जेशे ताकतवर योढ़ा से भिदता रहूं जबकि मुझे इसका अंजाम पता है तुम मुझे बड़ी आसानी से मर सकते हो
अग्नि के मुंह से उसकी हार और अपनी तारीफ सुनकर डर्कलॉर्ड बहुत खुश हो जाता है और फौरन अपनी धुआँ के रूप को चोद के अपनी असली रूप में आ जाता है और अग्नि के पास आ जाता है
डर्कलॉर्ड – सच मच अग्नि तुम बहुत समझदार हो जो वक्त रहते तुम्हें तुम्हारी गलती का एहसास हो गया और तुमने हार मान लिया , तुम डरो मात अग्नि में तुम्हें मारूँगा नहीं सिर्फ़ मुझे तुम्हारा दिल चाहिए फिर में तुम्हें जाने दूँगा
अग्नि – लेकिन एक बात बताओ अगर तुम मेरा दिल निकल लोगे तो क्या में मर नहीं जाऊंगा , डर्कलॉर्ड आगे बढ़ता है और अग्नि के कंधे पे हाथ रखता हुआ कहता है
डर्कलॉर्ड – कुछ नहीं होगा तुम्हें अग्नि ये में कह रहा हूँ डर्कलॉर्ड इसे अंधेरी दुनिया का भगवान , ये कहकर डर्कलॉर्ड ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता है
और इधर अग्नि को जो मौका चाहिए था वो उसे मिल चुका था डर्कलॉर्ड का ध्यान अब पूरी तरह से भटक चुका था और वो ईश्वक़्त अग्नि के कंधे पे हाथ डालकर ज़ोर ज़ोर से असमान के तरफ अपना मुंह करके हंस रहा था और ये देख अग्नि के चेहरे पे भी एक क़ातिलाना मुश्कं आ जाती है
और फिर मौके का फायदा उठाते हुए अग्नि फौरन डर्कलॉर्ड के गले में लटक रहे उस जादुई ताबीज़ को छीन लेता है और उस जादुई ताबीज़ को नीचे ज़मीन पे पटक के अपने परॉन ताले अग्नि कुचल देता है
वहीं जब डर्कलॉर्ड को एहसास होता है की अग्नि ने उसके गले से उसकी जादुई ताबीज़ को छीन लिया है वो फौरन आगे बढ़ता है अग्नि से उस जादुई ताबीज़ को छीन ने के लिए लेकिन तब तक बहुत देर होचुकी थी क्योंकि अग्नि तब तक उस जादुई ताबीज़ को अपने परॉन ताले रॉंड चुका था
और अपने जादुई ताबीज़ को तबाह होता हुआ देख डर्कलॉर्ड के मुंह से एक तेज और खतरनाक चीख निकल पड़ती है नहिंन्नननननननननननननननणणन् , और फिर अग्नि अपनी ताक़तों को इकट्ठा करता है और फिर आगे बढ़के डर्कलॉर्ड के सीने में पूरी ताक़त से एक मुक्का झड़ देता है
और फिर डर्कलॉर्ड के मुंह से एक और चीख निकल पड़ती है , अहह , और फिर डर्कलॉर्ड हवाओं को चीरता हुआ अपने तबाह होचुके महेल टूटते हुए दीवारों से टकराता हुआ दूर जाकर गिरता है अग्नि अपनी ताक़तों को इकट्ठा करता है और फिर आगे बढ़के डर्कलॉर्ड के सीने में पूरी ताक़त से एक मुक्का झड़ देता है और फिर डर्कलॉर्ड के मुंह से एक और चीख निकल पड़ती है , अहह , और फिर डर्कलॉर्ड हवाओं को चीरता हुआ अपने तबाह होचुके महेल के टूटते हुए दीवारों से टकराता हुआ दूर जाकर गिरता है
और डर्कलॉर्ड पर अपने मुक्के का वार कामयाब होता हुआ देख अग्नि के चेहरे पे मुश्कं आ जाती है और वो मान ही मान रुद्रा
का शुक्रिया अदा करता है , अगर रुद्रा ने सही वक्त पे ये सारी बातें ना बताई होती तो अभी भी डर्कलॉर्ड जीिट रहा होता
इधर डर्कलॉर्ड उठ खड़ा होता है और गुस्से से अग्नि के तरफ देखने लगता है और अग्नि के मुस्कुराते हुए चेहरे को देख डर्कलॉर्ड और भी गुस्से में आ जाता है और आगे बदहजता है बिलकुल अग्नि के करीब और फिर
डर्कलॉर्ड – ये तूने ठीक नहीं किया अग्नि , तूने मेरे जादुई ताबीज़ को तोड़के अपने मौत को न्योता दिया है
अग्नि – क्या कह रहा है तू यार , मैंने तो सुना था की वो जादुई ताबीज़ जोरबार की थी जो तूने उस से चुराई थी और वो भी धोके से
डर्कलॉर्ड – हाँ मैंने जोरबार से वो ताबीज़ चीनी थी तो क्या हुआ अब वो ताबीज़ मेरी थी और तूने उस ताबीज़ को तोड़के अच्छा नहीं किया , इसकी सजा तुझे में दूँगा
ये बोलकर डर्कलॉर्ड अग्नि को एक मुक्का झड़ देता है अग्नि कुछ कदम पीछे चला जाता है डर्कलॉर्ड के इसे मुक्के से लेकिन अग्नि फौरन तेजिसे डर्कलॉर्ड के तरफ बढ़ता है और एक जोरदार मुक्का झड़ देता है डर्कलॉर्ड को इसे से डर्कलॉर्ड फिरसे दूर जाकर गिरता है
इसके बाद तो अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों के बीच हतफई शुरू हो जाता है कभी डर्कलॉर्ड अग्नि को मुक्का मरता तो कभी अग्नि डर्कलॉर्ड को , कभी अग्नि डर्कलॉर्ड के सीने पे लात मरता तो कभी डर्कलॉर्ड अग्नि के पेट पे
इसे ही कुछ देर तक हतफई चलता रहता है दोनों के बीच लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता है यहाँ तक की दोनों को थोड़ी से खरॉच भी नहीं आती है , क्योंकि दोनों के पास ही सुरक्षा कवच थी
और फिर डर्कलॉर्ड सोचता है की कुछ ना कुछ तो करना होगा , इसे अग्नि को इतने आसानी से हराया नहीं जास्कता है कुछ करके मेरे उस जादुई ताबीज़ के टूठत्ने के बाद तो कतई नहीं लगता है मुझे अपनी असली ताक़तों का इस्तेमाल शुरू करना ही पड़ेगा , फिर डर्कलॉर्ड आगे बढ़ता है और अग्नि के बिलकुल सामने खड़ा हो जाता है और फिर कहता है
डर्कलॉर्ड – अग्नि हम दोनों के बीच चूहे बिल्ली का खेल बहुत हो गया अब वक्त आ गया है की हम दोनों असली जंग लाधे
अग्नि – मुझे इसे पल का कब से इंतजार था डर्कलॉर्ड , तो हो जाए डर्कलॉर्ड और ये जंग हम दोनों के बीच तब तक चलेगी जब तक हम दोनों में से कोई एक मर नहीं जाता
डर्कलॉर्ड – मुझे मंजूर है अग्नि
फिर डर्कलॉर्ड और अग्नि दोनों पीछे हॅट जाते हैं और दोनों अपनी अपनी आँखों को बंद करके अपनी ताक़तें इकट्ठा करने लगते हैं , कुछ देर बाद दोनों अपनी अपनी आँखें खोलते हैं और जब दोनों अपनी अपनी आँखों को खोलते हैं तो उन्न दोनों के आँखें सामने आती हैं दोनों के आँखों का रंग बदल चुका था
अग्नि के आँखों का रंग नीला(लाइट ब्लू) होचुका था और ईश्वक़्त अग्नि की आँखें नीले रंग से चमक रही थी और वही डर्कलॉर्ड की आँखों का रंग लाल(डार्क रेड) हो चुका
था और डर्कलॉर्ड की आँखों को देख शा लग रहा था जेशे डर्कलॉर्ड के आँखों में खून उतार चुका हो
और फिर दोनों एक दूसरे को देखते हैं जेशे की एक दूसरे के खून ही पी जाएँगे , दोनों के ही चेहरे पे ईश्वक़्त दरिंदगी साफ देखी जासकती थी , अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों के ही शंसें ईश्वक़्त बहुत तेजज चल रही थी और फिर वो दोनों महयोढ़ा अपने अपने दोनों हाथों को काश लेते हैं
और फिर देखते ही देखते दोनों के हाथों का रंग भी बदलने लगता है , अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों के हाथों के नुर्बस धीरे धीरे चमकने लगते हैं दोनों के हाथों के नुर्बस चमक रहे थे लेकिन देखने में शा लग रहा था जेशे दोनों के हाथ चमक रहे हो , अग्नि के हाथों के नुर्बस नीले रंग से चमक रहे थे तो डर्कलॉर्ड के हाथों के नुर्बस लाल रंग से चमक रहे थे
और फिर दोनों योढ़ा अपनी अपनी हाथों के मुठियों को बंद करते हैं और देखते ही देखते उनके हाथों के मुट्ठी चमकने लगती है दोनों के हाथों में ईश्वक़्त ऊर्जा शक्ति था और दोनों महयोढ़ा एक दूसरे के ऊपर वार करने को तैयार थे , और सबसे पहला वार डर्कलॉर्ड करता है
डर्कलॉर्ड आगे बढ़ता है और अपने दोनों हाथों का रुख अग्नि के तरफ करके अपने दोनों हाथों के मुठियों को खोल देता है इसे से डर्कलॉर्ड के हाथों से लाल रंग का खतरनाक ऊर्जा शक्ति का एक गोला निकलता है और तेजिसे अग्नि के तरफ बढ़ता है
लेकिन डर्कलॉर्ड के वार के लिए अग्नि पहले से ही तैयार बैठा था डर्कलॉर्ड के वार करते ही अग्नि भी फौरन वक्त ना गबते हुए अपने दोनों हाथों को डर्कलॉर्ड के किए गये वार के तरफ करदेता है और अपने हाथ की मुट्ठी खोल देता है फिर अग्नि के हाथों से नीले रंग का ऊर्जा शक्ति का गोला निकल पड़ता है
और फिर देखते ही देखते वहाँ उस जगह पे एक विस्पोट होता है और चारों तरफ एक तेज रोशनी फेल जाती है दोनों के ऊर्जा सख्ती एक दूसरे से टकराने के वजह से , लेकिन ये दोनों यहीं नहीं रुकते हैं
दोनों फिरसे एक दूसरे पे ऊर्जा शक्ति से वार करते हैं और इसे बार उनकी पावर लेवेल ज्यादा थी और दोनों के ऊर्जा शक्ति एक दूसरे से टकराते ही एक और तेज धमाका होता है और दोनों को हवा में उछाल देता है , दोनों दूर जाकर गिरते हैं लेकिन दोनों फौरन उठ खड़े होते हैं दोनों को कोई भी चोट नहीं आई थी , दोनों फिरसे तेजिसे एक दूसरे के तरफ तरफ ते हैं
डर्कलॉर्ड फिरसे अपने ऊर्जा शक्ति से अग्नि के ऊपर वार करने को होता ही है की तभी अग्नि फुर्ती से वहाँ से हॅट जाता है और तेजिसे डर्कलॉर्ड के ऊपर अपनी ऊर्जा शक्ति से वार करता है इसे से अग्नि की ऊर्जा शक्ति सीधे जा टकराती है डर्कलॉर्ड से और एक तेज धमाके के साथ डर्कलॉर्ड हवा में झूलता हुआ जाकर दूर गिरता है
डर्कलॉर्ड को इसे हमले से भी कोई चोट नहीं आती है वो फौरन उठ खड़ा होता है लेकिन उठ खड़े
होते ही अग्नि फिरसे डर्कलॉर्ड के ऊपर हमला करदेता है , अग्नि अंधाधुन अपने ऊर्जा शक्ति से डर्कलॉर्ड के ऊपर हमला करने लगता है और डर्कलॉर्ड अपने तेज रफ्तार से यहाँ वहाँ कूदके अपने आप को अग्नि के ऊर्जा शक्ति के हमलों से बचाने लगता है
लेकिन ऊर्जा शक्ति के दो गोले डर्कलॉर्ड को लग ही जाते हैं और डर्कलॉर्ड फिरसे एक तेज धमाके के साथ हवा में उछालता हुआ सीधे जहन्नुम के आंद्रूणई दीवार से जा टकराता है और जहन्नुम के दीवार के बहुत से हिस्से टूट के डर्कलॉर्ड के ऊपर गिरजते हैं
अग्नि के इसे अंधाधुन हमले से ऊर्जा शक्ति के बहुत से गोले जहन्नुम के दीवारों से जाकर टकराते हैं जिस से जहन्नुम में कुछ देर के लिए भूकंप सा आ जाता है
अग्नि के इसे अंधाधुन हमले से ऊर्जा शक्ति के बहुत से गोले जहन्नुम के दीवारों से जाकर टकराते हैं जिस से जहन्नुम में कुछ देर के लिए भूकंप सा आ जाता है
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और इधर जंगल में रुद्रा , जोरबार और बाकी सभी बेत्के अग्नि की और डर्कलॉर्ड की लधाई देख रहे थे , और इन दोनों की खतरनाक लधाई देख सभी का दिल बैठ चुका था क्योंकि दोनों बराबर के योढ़ा थे और फिर रुद्रा अपनी जगह से उठ ते हुए जोरबार के पास जाता है और बोलता है
रुद्रा – जोरबार ये क्या अग्नि ने उस जादुई ताबीज़ को तोड़ने के बाद भी डर्कलॉर्ड कमजोर नहीं हुआ , वो तो अग्नि को लधाई में टक्कर दे रहा है
जोरबार – रुद्रा मैंने तुम्हें पहले ही कहा था डर्कलॉर्ड कोई मामूली योढ़ा नहीं है , वो अग्नि के टक्कर का और बराबर का योढ़ा है उसे हराना अग्नि के लिए इतना आसान नहीं होगा
रुद्रा – तो अब हमें क्या करना है
जोरबार – अब हम कुछ नहीं कर सकते हैं , जो करना है वो दोनों ही करेंगे , हमें बसस्स्सस्स अग्नि के ऊपर विश्वास रखना है , में तो यही दुआ करूँगा की अग्नि अपनी असली ताक़त को बिना इस्तेमाल किए ही जीिट जाए , नहीं तो बहुत बुरा होगा बहुत बुरा(ये आखिरी वाली बात जोरबार अपने मान में सोचता है)
और फिर रुद्रा और जोरबार चुप होजते हैं और बैठ के लधाई फिरसे देखने लगते हैं
(UPDATE-53)
इधर जहन्नुम के अंदर अब छोटे छोटे भूकंप आने शुरू होचुके थे अग्नि और डर्कलॉर्ड के लधाई के वजह से , इन दोनों की ऊर्जा शक्तियाँ जब आपस में टकराती थी तब एक तेज विस्पोट होता था और उस विस्पोट से जहन्नुम में भूकंप होने लगते थे और इन छोटे छोटे भूकंप से जहन्नुम की निभ धीरे धीरे कमजोर होने लगी थी
और इधर डर्कलॉर्ड ईश्वक़्त जहन्नुम के आंद्रूणई दीवार के नीचे दबा हुआ था और अग्नि उस दीवार के तरफ ही तरफ रहा था , कुछ कदम चलते ही अग्नि उस दीवार के नज़दीक पहुँच जाता है और झुक के देखने लगता है की डर्कलॉर्ड कहाँ है
लेकिन तभी अचानक एक चमकदार रोशनी आती है और सीधे अग्नि से टकरा जाती है और अग्नि हवा में उछालता हुआ दूर एक
चतान से जा टकराता है और फिर डर्कलॉर्ड जहन्नुम के उस आंद्रूणई दीवार के नीचे से उठ था है , ये जो रोशनी अग्नि से टकराई थी वो डर्कलॉर्ड के द्वारा फेंकी गयी ऊर्जा शक्ति थी जो अग्नि को दूर लेकर पटक आई थी
अग्नि धीरे धीरे उठ खड़ा होता है लेकिन उठ खड़े होते ही डर्कलॉर्ड फिरसे अग्नि के ऊपर ऊर्जा शक्ति से हमला करदेता है और अग्नि एक बार फिरसे उसी चट्टान से जा टकराता है जिस से वो पहले भी टकराया था
अग्नि एक बार फिर से उठ खड़ा होता है और अग्नि के खड़े होते ही डर्कलॉर्ड फिरसे अग्नि के ऊपर ऊर्जा शक्ति से हमला करता है लेकिन इसे बार अग्नि वहाँ से कूद जाता है और अग्नि के वहाँ से कूद जाने के कारण डर्कलॉर्ड का फेंका हुआ ऊर्जा शक्ति सीधे जा टकराती है जहनुऊँ के दीवार से और इसे टकरब के कारण एक और भूकंप जहन्नुम में आती है
और सब कुछ हिलने लगता है जहन्नुम में , अग्नि और डर्कलॉर्ड भी अपनी अपनी हमला करना रोकते हुए इधर उधर लूड़कने लगते हैं , इसे भूकंप के कारण उन्न दोनों के पावन् एक जगह पे टिक ही नहीं रहे थे कभी दोनों इसे तरफ लूड़क जाते तो कभी उस तरफ
आख़िरकार कुछ देर बाद वो भूकंप बंद हो जाता है और भूकंप बंद होने के बाद अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों राहत की साँस लेते हैं और एक दूसरे के तरफ देखने लगते हैं , फिर डर्कलॉर्ड अग्नि के तरफ गुस्से से देखते हुए कहता है
डर्कलॉर्ड – अग्नि हम दोनों के बीच चल रही लेवेल 1 लधाई कुछ असर होती नज़र नहीं आ रही है , क्या कहते हो लेवेल 2 स्टार्ट करे , वेशे भी ये जहन्नुम कुछ वक्त में तबाह होना ही है तो क्यों ना हम दोनों लेवेल 2 की शुरूआत कर ही देन , क्या कहते हो
अग्नि – एक बार फिर सोचले डर्कलॉर्ड क्योंकि अगर लेवेल 2 की जंग शुरू हुई तो तेरा सुरक्षा कवच तबाह हो सकता है
डर्कलॉर्ड – वो तो तेरा भी हो सकता है , लेवेल 2 के हमलों से तेरा भी कवच तबाह होसकता है और वेशे भी मुझे अपनी कवच की कोई चिंता नहीं है , क्योंकि तेरे जेशे दुश्मन बहुत कम मिलते हैं अग्नि और तुझे हराने में जितना मजा आएगा उस मजे के सामने इसे तरह के हज़ारों सुरक्षा कवच कुर्बान
अग्नि – (मुस्कुराते हुए) अच्छा ऐशी बात तब तो में कबका तैयार हूँ डर्कलॉर्ड और हाँ डर्कलॉर्ड एक बात तुझे में जरूर बताना चाहूँगा , आज मुझे सच में कोई टक्कर का मिला है सच में आज में बहुत खुश हूँ की कोई तो है जो मुझे टक्कर दे सकता है जो मेरे आँखों से आँखें मिलकर बात कार सकता है , काश तूने सम्राट को धोका नहीं दिया होता तो हम ईश्वक़्त जरूर दोस्त होते लेकिन तूने सम्राट को धोका दिया इसलिए तुझे तो मारना ही होगा डर्कलॉर्ड तू जरूर मरेगा और मेरे ही हाथों मरेगा
डर्कलॉर्ड – सपना अच्छा देख लेता है तू अग्नि
अग्नि – ये तो तुझे आगे पता चल ही जाएगा
और फिर अग्नि अपने दोनों हाथों को खोल देता है (मतलब – जैसे
किसी से गले मिलते वक्त हाथों को खोलते हैं वैसे) और फिर अग्नि अपने गर्दन को ऊपर करके अपने आँखों को बंद करदेता है और कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोलता है
अग्नि – में आंधरों का सहजादा , डेत वाली का प्रिन्स और इसे पूरे काएनत का सबसे ताकतवर और खतरनाक शैतानी योढ़ा जिसे सभी ईविल प्रिन्स अग्नि के नाम से जानते हैं ये हुकुम देता हूँ तुम सभी फाइव एलिमेंट’से(पाँच तटवा) को आग(फायर) , पानी(वॉटर) , धरती(अर्त) , हवा(एर) , आकाश(स्पेस) और साथ में सभी शतानी और अंधेरी सकतियों को की अपनी ताक़तें मुझे दे दो तकिी में अपने मंसूबों को पूरा कार सकूँ ये हुकुम है मेरा तुम सबको
इसे के बाद तो जैसे कयामत आ जाती है , जहन्नुम के बाहर ज़ोर ज़ोर से बिजलियाँ कड़कने लगती हैं दिन में ही रात का आंधरेआ होने लगती है और जहन्नुम के बाहर कदकट्ी हुई बिजलियों की आवाज़ जहन्नुम के अंदर तक आती है और साथ में फाइव एलिमेंट’से और शतानी सकतियों से धीरे धीरे ऊर्जा सकतियाँ आने लगती हैं ये सभी ऊर्जा सकतियाँ नीले रंग के और पानी के छोटे छोटे बूँदों की तरह दिख रहे थे फिर ये सभी ऊर्जा जो तरह तरह जगह और सकतियों से आए थे देखते ही देखते अग्नि के दिल के अंदर सामने लगते हैं चारों तरफ बहुत तेज हवाएँ बहने लगी थी और हवाओं का रफ्तार इतना तेज था की जहन्नुम के बाहरी इलाके के साथ साथ जहन्नुम का आंद्रूणई इलाके में भी भूचाल सा आने लगता है
और यहाँ अग्नि के दिल में चारों और से अरहे ऊर्जा समा रहा था देखते ही देखते अग्नि के दोनों हाथों का रंग नीले रंग से चमकने लगता है और अग्नि के दिल से वो सारे ऊर्जा निकलकर अग्नि हाथों के जरिए से होते हुए मुठीोन में आने लगते हैं और देखते ही देखते मुठियों में वो सारे ऊर्जा सामने लगते हैं और एक बारे से गोल का आकर लेने लगते हैं कुछ देर में अग्नि के हाथों में बहुत सारे ऊर्जा आजाते हैं और अग्नि उन्न ऊर्जा से एक बहुत बड़ा गोल आकर का स्पिरिट बॉम्ब बना चुका था
और अग्नि के स्पिरिट बॉम्ब बनाने के बाद डर्कलॉर्ड अपने दोनों हाथों को खोले और अपने गर्दन को ऊपर करके अपने आँखों को बंद करदेता है और कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोलता है
डर्कलॉर्ड – में इसे काली दुनिया का लॉर्ड डर्कलॉर्ड , जहन्नुम का किंग और इसे दुनिया का सबसे बेरहम योढ़ा उन्न सभी डस्ट आत्माओं को उन्न सभी काली अंधेरी सकतियों को और ख़ास्स्स करके जहन्नुम के खूनी ताक़तों को ये हुकुम देता हूँ की सभी मुझे अपनी ताक़तें सोप देन तकिी में डर्कलॉर्ड ईविल प्रिन्स अग्नि को हरा सकूँ और अपने मंसूबों को पूरा कर सकूँ
डर्कलॉर्ड के इतना कहते ही जहन्नुम में एक सन्नाटा छा जाता है जहनुऊँ में चारों तरफ अंधेरा फैलने लगता है और चारों तरफ काला धुआँ फैलने लगता है ये काला धुआँ जहन्नुम की खूनी ताक़तें और डस्ट आत्माओं की
शक्तियाँ थी और वो सब अपनी अपनी शक्तियाँ ईश्वक़्त डर्कलॉर्ड को दे रहीं थी
वो सारी काली ताक़तें हवा में उड़ती हुई आती हैं और डर्कलॉर्ड के मुंह में घुस जाती हैं और देखते ही देखते वो सारी काली ताक़तें डर्कलॉर्ड में समा जाती हैं और फिर डर्कलॉर्ड उन्न सभी काली ताक़तों को अपने हाथों के मुट्ठी में इकट्ठा करने लगता है और उन्न काली ताक़तों को गोल आकर देने लगता है और देखते ही देखते डर्कलॉर्ड भी कुछ देर में एक बहुत बड़ा सा ब्लैक बॉम्ब बनलेटा है डस्ट आत्माओं की और जहन्नुम के खूनी ताक़तों के मदद से
अब ईश्वक़्त अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों बिलकुल तैयार थे अपने लेवेल 2 की लधाई के लिए और उन्न दोनों के हाथों में थी इसे दुनिया की सबसे खतरनाक हथियार जिसके वार से बच पाना किसी के लिए भी नमुनकीन है उधर अग्नि और डर्कलॉर्ड अपने अपने हाथों में विनाश का हथियार लिए एक दूसरे के ऊपर झपटने के लिए तैयार थे और ठीक उसी वक्त यहाँ जंगल में सभी इसे लधाई को देख डार्क मारे कांप ने लगे थे क्योंकि अब ये कोई आम लधाई नहीं रही गयी थी , अग्नि और डर्कलॉर्ड के हाथों में विनाश का आस्त्रा देख रुद्रा जोरबार से पूछता है
रुद्रा – जोरबार ये आख़िर किस तरह का आस्त्रा है जो अभी अग्नि और डर्कलॉर्ड के हाथों में है
जोरबार – रुद्रा ये कोई मामूली हथियार नहीं है , अग्नि के हाथों में जो है वो इसे दुनिया का सबसे खतरनाक और विनाशक आस्त्रा है इसे स्पिरिट बॉम्ब कहते हैं और डर्कलॉर्ड के हाथों में जो है उसे ब्लैक बॉम्ब कहते हैं वो भी स्पिरिट बॉम्ब से कम खतरनाक नहीं है
सेनापति जब्बार – हाँ रुद्रा जोरबार ठीक कह रहे हैं ये कोई मामूली आस्त्रा नहीं है ये विनाशक आस्त्रा है , हमारे पिछले जंग में जब हमारी पूरी फौज हॉबिट्स के महेल के मजबूत दरवाजे को तोड़ नहीं पाए जब हम सब नाकाम हुए तब हमारे मलिक यानि की प्रिन्स अग्नि ने इसी स्पिरिट बॉम्ब के मदद से उस दरवाजे को और और उस महेल की धज़ियाँ उड़ा दिया था , ये वकेइ में बहुत ही विनाशक आस्त्रा है
UPDATE-54)
इधर अग्नि और डर्कलॉर्ड अपने अपने हाथों में विनाश का आस्त्रा लिए पूरी तरह से तैयार थे एक दूसरे के ऊपर हमला करने के लिए और फिर दोनों के आँखों में एक चमक सीयी निकालने लगती है और फिर दोनों कुछ कदम आगे बढ़ते हैं
और फिर दोनों एक दूसरे से कुछ कदम दूर रुक्क जाते हैं , सबसे पहले डर्कलॉर्ड के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और डर्कलॉर्ड को मुश्कूराता देख अग्नि भी मुस्करा देता है
फिर डर्कलॉर्ड और अग्नि दोनों के चेहरे से अचानक ही वो मुश्कं गायब होजती है और उसकी जगह ले लेती है कठोरता और क्रूरता ईश्वक़्त अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों के चेहरे पे ही दरिंदगी साफ देखी जा सकती थी
और फिर डर्कलॉर्ड फौरन अपने हाथों का रुख अग्नि के तरफ मोड़ देता है
और अपने हाथ में पकड़े हुए ब्लैक बॉम्ब का रुख अग्नि के तरफ करते हुए ब्लैक बॉम्ब को अग्नि के तरफ चोद देता है
और डर्कलॉर्ड के वार करते ही अग्नि भी फौरन तेज रफ्तार के साथ अपने हाथ में लिए हुए स्पिरिट बॉम्ब को डर्कलॉर्ड के तरफ चोद देता है , डर्कलॉर्ड और अग्नि दोनों ही अपने अपने विनाशक महा आस्त्रा एक दूसरे के ऊपर चोद चुके थे
दोनों महा आस्त्रा डर्कलॉर्ड का ब्लैक बॉम्ब और अग्नि का स्पिरिट बॉम्ब तेजिसे आगे तरफ रहे थे और फिर दोनों महा आस्त्रा एक दूसरे से टकराते हैं , बूऊऊओंम्म्मममममम एक दिल दहला देने वाला धमाका होता है जहन्नुम के अंदर और ये पहला धमाका था इन दोनों महा विनाशक आस्त्रा के टकराव से और इसे धमाके से वहाँ पे इतनी तेज हवाएँ बहती हैं की अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों उस हवा में उड़ जाते हैं कहीं दूर जाकर किसी दीवार से जा टकराते हैं
ये दिल दहला देने वाला धमाका था उन्न दोनों महा विनाशक आस्त्रा के टकराव का , दोनों आस्त्रा ब्लैक बॉम्ब और स्पिरिट बॉम्ब अभी भी एक दूसरे से भिड़े पड़े थे ये दोनों आस्त्रा एक दूसरे से किसी भी माएनए में कम नहीं थे , स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब के टकराव से उन्न दोनों बॉंब्स में से बहुत सारी उर्ज़एँ निकल कर जहन्नुम के इधर उधर टकरा रही थी
और उन्न दोनों बॉंब्स में से निकल रहे शक्तिशाली ऊर्जा के वजह से जहन्नुम धीरे धीरे तबाह होने लगता है , जहन्नुम की आंद्रूणई दीवारें गिरने लगती है और जेहनुं की पहाड़ी छत्त भी हिलने लगता है , और यहाँ ये दोनों महा विनाशक आस्त्रा एक दूसरे को धकेलने में लगे हुए थे , जेशे कुछ देर पहले अग्नि और डर्कलॉर्ड एक दूसरे से लध रहे थे ठीक उसी तरह उन्न दोनों के ये महा विनाशक आस्त्रा स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब एक दूसरे से लध रहे थे
अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों ईश्वक़्त जहन्नुम के किसी दीवार के नीचे दबे हुए थे वो दोनों उठ खड़े होते हैं और आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं , लेकिन तभी एक तेज सफेद रोशनी वहाँ पूरे जहन्नुम में फेल जाती है और फिर एक बहुत बड़ा धमाका होता है बूऊंम्म्ममममम और ये धमाका पहले वाले धमाके से भी बहुत बड़ा था
और ये धमाका हुआ था स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब से , इन दोनों बॉंब्स का पावर लेवेल एक समान था और जब बहुत देर तक ये दोनों टकराते रहते हैं और कोई नतीजा ना निकला तब इन दोनों बॉंब्स के अंदर मौजूद ऊर्जा शक्तिया फूटने लगती है और फिर ये दोनों बॉंब्स एक बहुत बारे धमाके के साथ फॅट जाती है
और इसे धमाके के होते ही जहन्नुम के अंदर अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों की दर्दनाक चीख निकल पड़ती है आहह अहह , और इसे धमाके से जहन्नुम का भी नामो निशान मिट जाता है , स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब के फटने के वजह से इतना बड़ा धमाका होता है की जहन्नुम के साथ साथ जहन्नुम के आस पास के
इलाका भी पूरी तरह से तबाह होजते हैं
और इसे धमाके की आवाज़ से पूरी मायवी दुनिया हिल जाती है चाहे वो मायवी दुनिया के सबसे ताकतवर स्टेट गंडर और गंधर्व नगरी हो या फिर विचस माउंटन या फिर मायवी दुनिया के छोटे मोटे शहर , पूरी मायवी दुनिया हिल जाती है इन दोनों महा विनाशक आस्त्रों के फटने की आवाज़ से
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और इधर जंगल में मौजूद जादूगर जोरबार , रुद्रा , सुनहेरी , राजकुमारी मोना , सेनापति जब्बार और अग्नि की पूरी फौज तक भी उस धमाके की आवाज़ पहुँच जाती है , जिस नदी में ये सभी उस लधाई को देख रहे थे अब उस नदी में कुछ नहीं दिखाई दहाड़ा था सीबे एक सफेद रोशनी के
रुद्रा – जोरबार ये क्या हुआ , पानी में वहाँ का नज़ारा क्यों नहीं दिख रहा है और कुछ देर पहले जो इतना बड़ा धमाका हुआ था वो क्या था?
जोरबार – वो धमाका था स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब के फटने की और साथ में जहन्नुम के तबाह होने की और उस धमाके के वजह से मेरा जादू भी कम नहीं कर रहा है , मेरा क्या इसे वक्त शायद किसी का भी जादू काम नहीं करेगा इसे पूरे मायवी दुनिया में
रुद्रा – क्य्ाआआआआअ जहन्नुम तबाह हो गया उस धमाके से और अग्नि इसे वक्त कहाँ पे है , केशा है वो ठीक तो है ना?
राजकुमारी मोना – हाँ जोरबार जी कुछ करिए ना जिस से हमें वहाँ का हाल पता चल सके और हमारा अग्नि सही सलामत है या नहीं देख सके
जोरबार – कुछ देर तो इंतजार करना ही होगा हमें , जब तक उस इलाके का मौसम साफ नहीं हो जाता और वेशे भी जब तक उस इलाके के हवा में स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब की उर्ज़एँ घूमती रहेंगी तब तक किसी का भी जादू काम नहीं करेगा उस इलाके को जादू से देखने के लिए
कुछ घंटों बाद दुबारा से उस नदी में कुछ कुछ हल्का हल्का सा जहन्नुम का नज़ारा दिखने लगता है और कुछ देर में उस नदी में जहन्नुम का नज़ारा पूरी तरह से साफ दिखने लगता है , जहन्नुम के हवाओं मेशे अब ऊर्जा शक्तियाँ पूरी तरह से गायब होचुकी थी इसलिए अब वहाँ का नज़ारा साफ साफ दिख रहा था
जहन्नुम की हालत अब पूरी तरह से बदल चुका था इसे धमाके के वजह से अब वहाँ पे सब कुछ खत्म हो चुका था जहन्नुम तो जहन्नुम उसके आस पास के इलाके भी पूरी तरह से खंडहर और बंजर बन चुके थे , इसे धमाके के वजह से उन्न इलाक़ो में सभी पेड़ पौधे भी खत्म होचुके थे वहाँ पे सिर्फ़ चारों तरफ बंजर ज़मीन और टूटते हुए पहाड़ ही दिख रहे थे , और ये सब नज़ारा देख रुद्रा और बाकी सभी हैरान होते हुए जोरबार के तरफ हैरानी से देखने लगते हैं
रुद्रा – जोरबार ये क्य्ाआअ , ये कौनसा इलाका हमें दिखा रहे हैं आप ये तो कोई बंजर इलाका है , हमें जहन्नुम का इलाका देखना है
जोरबार – रुद्रा ये जहन्नुम का ही इलाका है , उन्न दोनों स्पिरिट बॉम्ब और ब्लैक बॉम्ब के फटने के वजह से ही ये हालत हुई है इसे इलाके की और शायद
सद्दियों तक ये इलाका शा ही रहे
रुद्रा – क्य्ाआआआअ ये जहन्नुम है , मुझे यकीन नहीं हो रहा है की ये वही जहन्नुम का इलाका है जहाँ से कुछ घंटों पहले हम आए थे
जोरबार – हाँ रुद्रा ये वही जहन्नुम का इलाका है जहाँ से कुछ देर पहले हम निकले थे , मुझे पहले से ही शक था की ये नौबत आसकता है इसलिए में सबको ुषवक़्त वहाँ से यहाँ तक लेआा था
रुद्रा – पर अग्नि कहाँ है वो तो कहीं भी दिख नहीं रहा है
राजकुमारी मोना – हाँ अग्नि कहीं भी नहीं दिख रहा कहीं उस धमाके में अग्नि को कुछ होठों नहीं गया
और तभी उन्न सभी को कुछ दिखता है उस नदी के जरिए जहन्नुम में और फिर सभी गौर से उस तरफ देखने लगते हैं
जहन्नुम के इलाके में एक टूटते हुए पहाड़ी के पास कुछ पठार हिल रहे थे शायद कोई नीचे दबा हुआ था और अपने ऊपर से वो पठारों को धकेल रहा था , और कुछ देर में वो शॅक्स अपने ऊपर से उन्न बारे बारे पठारों को हटा रहा था और कुछ देर में वो सभी पठारों को हटा कर ऊपर आ जाता है ये शॅक्स कोई और नहीं अग्नि था और उस से कुछ ही दूर पे डर्कलॉर्ड भी अपने ऊपर से उन्न बारे बारे पठारों को हटा कर खड़ा था
अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों महयोढ़ा उस ख़तनाक और जानलेवा धमाके में बच गये थे अपने अपने सुरक्षा कवच के मदद से लेकिन वो धमाका इतना खतरनाक था की उस से अग्नि और डर्कलॉर्ड तो बाचगाए लेकिन उन्न दोनों के सुरक्षा कवच पूरी तरह से नॅस्ट हो गये
ईश्वक़्त अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों पूरी तरह से खून से लथपथ थे दोनों के शरीर के हर एक कोने से खून बहराहा था , सुरक्षा कवच के नॅस्ट होने के बाद जो चोटें उन्हें लगी थी उन्न पहाड़ी दीवारों से टकराने के वजह से और बारे बारे पठारों के नीचे दबने के वजह से उनके शरीर से ईश्वक़्त खून बहराहा था और ये दोनों महयोढ़ा ईश्वक़्त एक दूसरे के आमने सामने खड़े थे एक दूसरे के आँखों में आँखें डाले
जहन्नुम के इलाके में अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों एक दूसरे के आमने सामने खड़े थे और दोनों ही ईश्वक़्त खून से लथपथ थे , और इन दोनों को यूँ खून से लथपथ देख राजकुमारी मोना जोरबार से पूछती है
राजकुमारी मोना – जोरबार जी ये इन दोनों के शरीर से खून केशे बह रहा है इन दोनों के पास तो सुरक्षा कवच है फिर इन्हें चोट केशे लगी
जोरबार – नहीं राजकुमारी अब इन दोनों के पास सुरक्षा कवच नहीं रही , जब उन्न दोनों के महा विनाशक आस्त्रों के बीच टकराव हुए तब उनके सुरक्षा कवच ने ही उन्न दोनों की जान बचाई और फिर सुरक्षा कवच टूट गयी , अब इन दोनों के पास कोई भी सुरक्षा कवच नहीं है
राजकुमारी मोना – क्य्ाआआआआ इसका मतलब इन दोनों का कवच ईश्वक़्त नॅस्ट हो चुका है , तो अब क्या होगा जोरबार जी
जोरबार – जो भी होगा बहुत बुरा होनेवाला है , ये लधाई किसी एक की मौत से ही रुकेगी
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और इधर जहन्नुम में
अग्नि और डर्कलॉर्ड दोनों एक दूसरे के ऊपर घाट लगाए खड़े थे एक दूसरे को खजाने वाली नज़र से घूरे जा रहे थे और फिर अचानक ही दोनों यानि की अग्नि और डर्कलॉर्ड एक दूसरे के तरफ तेजिसे बढ़ते हैं और एक दूसरे को अपनी अपनी पूरी ताक़त लगाकर एक एक मुक्का झड़ देते हैं
मुक्का दोनों पे एक साथ पड़ता है और दोनों ही कुछ कदम पीछे जाकर गिरते हैं लेकिन दोनों फिरसे फुर्ती से खड़े होजते हैं और फिरसे तेजिसे एक दूसरे के तरफ बढ़ते हैं लेकिन इसे बार अग्नि पहले पूरी ताक़त से डर्कलॉर्ड के सीने पे एक लात मरता है इसे से डर्कलॉर्ड हवा में उछालता हुआ दूर जाकर गिरता है
अग्नि के लात से डर्कलॉर्ड बहुत दूर जाकर गिरा था , डर्कलॉर्ड उठ ने की कोशिश ही कर रहा था की तभी अग्नि अपनी तेज रफ्तार के साथ वहाँ फिरसे पहुँच जाता है और जेशे ही डर्कलॉर्ड को मरने को होता है तभी डर्कलॉर्ड फौरन वहाँ से पीछे हॅट जाता है जिस से अग्नि का मुक्का खाली जाता है लेकिन डर्कलॉर्ड इसी बीच अग्नि के ऊपर एक तेज मुक्का झड़ देता है जिस से अग्नि कुछ कदम पीछे हॅट जाता है
(UPDATE-55)
और इधर अग्नि को मुक्का मरने के बाद डर्कलॉर्ड सोचने लगता है की इसे अग्नि को आमने सामने की लधाई में हराया नहीं जा सकता है इसलिए इसे धोके से ही हराना होगा
और इधर अग्नि फौरन उठ खड़ा होता है और तेजिसे डर्कलॉर्ड के तरफ बढ़ता है लेकिन अग्नि जेशे ही डर्कलॉर्ड के करीब पहुँचता है ठीक उसी वक्त डर्कलॉर्ड कुछ नीचे ज़मीन पे अग्नि के सामने फेंकता है जिस से वहाँ पे फौरन चारों तरफ काला धुआँ फैल जाता है
और काला धुआँ फैलने के वजह से अग्नि को कुछ भी साफ साफ नहीं दिखाई देता है और अग्नि उस काले धुआँ के हटने का इंतजार करने लगता है और कुछ मिनिट्स बाद वो काला धुआँ धीरे धीरे हटने लगता है और जेशे ही वो काला धुआँ वहाँ से हॅट था है अग्नि चारों तरफ नज़र दौड़ता है लेकिन डर्कलॉर्ड उसे कहीं भी नहीं दिखता है
अग्नि चारों तरफ डर्कलॉर्ड को ढूंढ़ने लगता है लेकिन डर्कलॉर्ड उसे कहीं भी नहीं मिलता है लेकिन तभी उसके कानों में डर्कलॉर्ड की आवाज़ पड़ती है और अग्नि पीछे पलट था है और उसे डर्कलॉर्ड एक टूटते हुए पहाड़ी पे खड़े हुए मिलजाता है
लेकिन डर्कलॉर्ड के दोनों हाथों में ईश्वक़्त लाल रंग के ऊर्जा के पावर’से थे , डर्कलॉर्ड फौरन अग्नि के ऊपर उन्न ऊर्जा के गोलों से हमला करने लगता है , बहुत सारे ऊर्जा के गोले अग्नि के तरफ तेजिसे बढ़ने लगते हैं और अग्नि अपने तेज रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए उन्न ऊर्जा के गोलों से बचने लगता है , अग्नि उन्न ऊर्जा के गोलों से बचने के लिए कभी तेज रफ्तार से भागता तो कभी इधर उधर कुदड जाता लेकिन वो ऊर्जा के गोले अग्नि से भी तेज थे , इसलिए आख़िरकार एक दो ऊर्जा के गोले अग्नि से टकरा ही जाते हैं और अग्नि एक
तेज चीत्कार के साथ बहुत दूर जाकर गिरता है
अग्नि के शरीर से वो ऊर्जा के गोले टकराते ही अग्नि हवा उछालता हुआ कुछ दूर बारे बारे चट्टानों से जा टकराता है , सुरक्षा कवच के ना होने के कारण इसे हमले से अग्नि को बहुत चोट लगती है , अग्नि के पूरे शरीर पे चोटें लगी तीन डर्कलॉर्ड के इसे वार से , अग्नि फिरसे उठ खड़े होने की कोशिश करता है लेकिन उसके परॉन में इतना दम नहीं बच्चा था की अग्नि फिरसे उठ खड़ा होसके इसलिए अग्नि के पर लड़खड़ा जाते हैं और अग्नि नीचे ज़मीन पे फिरसे गिरर जाता है , अग्नि को ईश्वक़्त बहुत दर्द हो रहा था बहुत तकलिइफ़ हो रही थी लेकिन फिर भी अग्नि अपने दर्द और तकलीइफ़ों को दबा कर उठ खड़े होने की कोशिश कार रहा था
वहीं डर्कलॉर्ड अग्नि को चोट लगते ही फौरन अपने दूसरे हमले की टायरियाँ शुरू करदेता है , डर्कलॉर्ड अब अग्नि क्यों पूरी तरह से मिटा देना चाहता था
डर्कलॉर्ड अपनी आँखों को बंद करता है और ध्यान लगता है और अपनी सभी शक्तियों को फिरसे इकट्ठा करने लगता है , डर्कलॉर्ड के दोनों हाथ धीरे धीरे लाल होने लगते हैं और उसकी ऊर्जा शक्तियाँ उसके हाथ की मुठियों में सामने लगती है और अपने सभी ऊर्जा शक्तियों को इकट्ठा करने के बाद डर्कलॉर्ड अपनी आँखों को खोलता है
और फिर डर्कलॉर्ड अपने दोनों हाथों को ऊपर असमान के तरफ उठता है और जोड़ देता है उस से डर्कलॉर्ड के दोनों हाथों में मौजूद लाल रंग की ऊर्जा शक्तियाँ मिलजाति हैं और एक बड़ा सा गोल आकार लेने लगती हैं और फिर डर्कलॉर्ड उस बारे से गोले आकार के ऊर्जा को राउंड ब्लेड का शेप देने लगता है
कुछ देर में डर्कलॉर्ड उस ऊर्जा के गोले को एक बारे से और तेजधार मोटी राउंड ब्लेड का आकार दे चुका था और फिर डर्कलॉर्ड अपने दोनों हाथों को पूरी तरह से खोल देता है उस से वो बड़ा सा ऊर्जा शक्तियों से भरपूर राउंड ब्लेड देखते ही देखते करीबन 7 मिड्ल आकर के सबसे तेजधार रेड राउंड ब्लेड’से का आकार लेलेटे हैं और वो ब्लेड’से ईश्वक़्त असमान में तेजिसे घूम रहे थे (जेशे लॉर्ड कृष्णा का सुदर्शन चकरा घूमता है)
इधर अग्नि में अब ज्यादा शक्तियाँ नहीं बची थी , अग्नि अब कमज़ोर पड़ता जा रही था , आख़िरकार अग्नि बहुत मुश्किल से अपने पर पर खड़ा हो ही जाता है और अग्नि को खड़ा होता हुआ देख डर्कलॉर्ड फौरन उन्न तेजधार खतरनाक राउंड ब्लेड’से को अग्नि के तरफ भेज देता है , अग्नि जब डर्कलॉर्ड के तरफ देखता है तो उसे सामने से आती हुई वो खतरनाक राउंड ब्लेड’से दिख जाते हैं अग्नि वहाँ से फौरन कुदड जाता है लेकिन जब तक अग्नि वहाँ से कूड़ता तब तक बहुत देर होचुकी थी
क्योंकि जब अग्नि वहाँ से कूड़ता है तब तक वो सभी राउंड ब्लेड’से बहुत करीब अचूकी तीन अग्नि के और उन्न 7 राउंड ब्लेड’से में से 3 ब्लेड’से अग्नि को चीरती हुई
निकल जाती है
1st ब्लेड अग्नि के लेफ्ट हेंड को कट ते हुए निकल जाता है , 2न्ड ब्लेड अग्नि के आधे पेट को चीरते हुए निकल जाता है और 3र्ड ब्लेड अग्नि के राइट लग को कट ते हुए निकल जाता है
अग्नि फौरन नीचे ज़मीन पे गिरजता है और नीचे ज़मीन पे पड़े पड़े छटपटाने लगता है दर्द के मारे मां मां चिल्लाने लगता है , और वहीं अग्नि के शरीर से कुछ कदम दूर अग्नि का लेफ्ट हेंड और राइट लग पड़े हुए थे और अग्नि के आधे काट चुके पेट से खून की मानो नदियाँ बह रही तीन
अग्नि की ये हालत देखते ही रुद्रा की मां राजकुमारी मोना वहीं के वहीं फौरन बेहोश होकर गिरने लगती हैं और सुनहेरी फौरन रुद्रा के मां को संभाल लेती है नीचे ज़मीन पे गिरने से , और अग्नि की ऐशी हालत देख रुद्रा दौड़ता हुआ जाता है और सेनापति जब्बार से कहता है
रुद्रा – सेनापति जब्बार अब हमें फौरन यहाँ से निकलना होगा और जल्द से जल्द वहाँ जहन्नुम में पहुँच ना होगा ताकि हम अग्नि को डर्कलॉर्ड से बच्चा सके
सेनापति जब्बार – हाँ रुद्रा तुम सही कह रहे हो हमें जल्द से जल्द यहाँ से निकलना होगा तकिी मलिक को बच्चा सकें , और फिर रुद्रा और जब्बार दोनों वहाँ से निकालने लगते हैं लेकिन ठीक उसी वक्त जादूगर जोरबार उन्न दोनों को रोक देता है
रुद्रा – क्या हुआ जोरबार आप हमें क्यों रोक रहे हैं ,क्या आप नहीं चाहते की हम अग्नि को डर्कलॉर्ड से बचाने जाएँ
जोरबार – रुद्रा तुम होश से काम लो जंग अभी खत्म नहीं हुई है अग्नि अभी भी जिंदा है मारा नहीं है वो
रुद्रा – अच्छा तो आप ये कहना चाहते हैं की में यहाँ रुक्क जाऊं और अपने दोस्त को मरता हुआ यहाँ बैठे देखता रहूं , यही कहना चाहते हैं ना आप
जोरबार – नहीं रुद्रा में ये कहना नहीं चाहता हूँ , में मानता हूँ की अग्नि की जान खतरे में है लेकिन उसे बचाने के लिए तुम नहीं जाओगे कोई और जाएगा
रुद्रा – क्य्ाआआआ , आप कहना क्या चाहते हैं , कौन जाएगा अग्नि की मदद करने
जोरबार – अग्नि की मदद करने वो जाएगी जो इसे मायवी दुनिया में अग्नि के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजरती है , अग्नि की मदद करने वो जाएगी जो अग्नि को बहुत चाहती हो , अग्नि की मदद करने वो जाएगी जो अग्नि को बचाने के लिए अपनी जान देने से भी पीछे ना हटे , और वो कोई और नहीं अग्नि की ड्रागें सिल्वा है , सिल्वा ही जाएगी अग्नि को बचाने के लिए
रुद्रा – क्य्ाआआआअ सिल्वा जाएगी अग्नि को बचाने के लिए , जोरबार शायद आप भूल रहे हैं की वहाँ डर्कलॉर्ड है जो बारे आसानी से सिल्वा को मर देगा
जोरबार – यही तो में चाहता हूँ की डर्कलॉर्ड सिल्वा को खत्म करदे
रुद्रा – क्य्ाआआआआअ , ये आप क्या कह रहे हैं जोरबार , आप का दिमाग तो ठीक है ना ?
जोरबार – में जो कह रहा हूँ सोच समझ के ही कह रहा हूँ , अग्नि ईश्वक़्त जिस हालत में है उसकी मदद कोई नहीं करसकता
है , रुद्रा तुम भी नहीं , अगर तुम और बाकी के सभी वहाँ जाते भी हो तो भी तुम लोग अग्नि को बच्चा नहीं पाओगे डर्कलॉर्ड तुम सबको बारे आसानी से मौत के घाट उतार देगा
रुद्रा – तो फिर आप सिल्वा को वहाँ क्यों मरने के लिए भेजना चाहते हैं?
जोरबार – रुद्रा अगर ईश्वक़्त अग्नि की कोई ठीक से मदद करसकता है तो वो खुद अग्नि है , अग्नि की हिम्मत ईश्वक़्त टूट रही है और उस हिम्मत को सिर्फ़ सिल्वा ही टूट ने से रोक सकती है , अग्नि भी सिल्वा को बहुत चाहता है इतने डिंनो से सिल्वा के साथ रहते रहते अग्नि को सिल्वा से लगाव हो गया है और जब अग्नि अपने सामने अपनी चहेती ड्रागें सिल्वा को मरते हुए देखेगा तब अग्नि के अंदर सोया हुआ उसकी वहसी और दरिंदगी से भारी ताक़त जगह उठेगा और उस ताक़त का मुकाबला डर्कलॉर्ड तो क्या इसे दुनिया में कोई भी नहीं करसकता है सीबे सम्राट के
ये बोलकर जादूगर जोरबार आगे तरफ जाता है अग्नि के ड्रागें सिल्वा के तरफ और रुद्रा भी जादूगर जोरबार के पीछे पीछे चल देता है , अग्नि के ड्रागें सिल्वा के पास पहुँच के जोरबार और रुद्रा दोनों रुक्क जाते हैं और फिर जोरबार आगे बढ़ता है और सिल्वा के कान में कुछ बोलने लगता है जिसे सुनकर सिल्वा आग बाबूला होजती है और हुंकारने लगती चारों तरफ अपने मुंह से आग फेंकने लगती है और फौरन आश्मन में उड़ जाती है
सिल्वा के वहाँ से उड़ जाने के बाद रुद्रा जादूगर जोरबार से पूछता है की उसने शा आख़िर क्या कहा जिस से सिल्वा इतनी गुस्से में आ गाई और फौरन उड़ गई
जोरबार – मैंने वही सबकुछ कहा है जो अग्नि के साथ घटा है , और वो सब बातें सुन सिल्वा गुस्से में आ गाई और निकल पड़ी है अग्नि को बचाने के लिए
UPDATE-56)
इधर जहन्नुम में अग्नि नीचे ज़मीन पे पड़ा छटपटा रहा था और अग्नि की ये हालत देख डर्कलॉर्ड हस्सते हुए आगे तरफ रहा था अग्नि के तरफ , और कुछ देर में डर्कलॉर्ड हस्सते हुए आराम से चलते हुए अग्नि के पास पहुँच जाता है
डर्कलॉर्ड – क्या हुआ थे ईविल प्रिन्स अग्नि अब क्यों नहीं अपनी अकड़ दिखता , अब तो मानेगा ना की तूने मेरी बात ना मान के बहुत बड़ी गलती किया है
अग्नि अपने दर्द और तकलिइफ़ को थोड़ा सा दबाते हुए डर्कलॉर्ड से कहता है , तू अगर मुझे मर भी डालेगा तब भी में तुझे यही कहूँगा डर्कलॉर्ड की तू कायर है और गद्दार है और सबसे ख़ास्स्स बात तू भाड़ में ज़ाआाआअ
अग्नि के मुंह से ऐशी बातें सुन डर्कलॉर्ड और भी गुस्सा हो जाता है और अग्नि से गुस्से में कहता है , रस्सी जल गयी लेकिन तेरी अकड़ नहीं गयी कोई बात नहीं शैतानी दुनिया सहजादे तेरे अकड़ को में ठिकाने लगाउँगा तुझे मौत के घाट उतरके , तैयार होज़ा अग्नि अपने मौत का सामना करने के लिए
ये बोलकर डर्कलॉर्ड अपने एक पर को उठता है अग्नि के सर को कुचलने के लिए लेकिन जेशे ही
डर्कलॉर्ड अपने पर को अग्नि के सर को कुचलने के लिए आगे बढ़ता है तभी असमान से एक बहुत बड़ा सा पठार उड़ते हुए आता है और डर्कलॉर्ड के सीने में जाकर लगता है और डर्कलॉर्ड हवा में उछाल जाता है और दूर जाकर गिरता है
जब अग्नि डर्कलॉर्ड के ऊपर पठार गिरता देखता है तो अग्नि अपने सर को ऊपर असमान के तरफ करता है तब उसे असमान में उसकी ड्रागें सिल्वा उड़ती हुई दिखाई देती है अग्नि समझ जाता है की वो बड़ा सा पठार किसी और ने नहीं बल्कि सिल्वा ने ही फेंकी थी
डर्कलॉर्ड उस पठार को अपने ऊपर से फौरन उठा के फेंक देता है और गुस्से से खड़ा होता है और चारों तरफ देखने लगता है और चिल्लाते हुए कहने लगता है की किसकी इतनी हिम्मत है जो उसके ऊपर पठार से हमला किया है और तभी उसके कान में ड्रागें सिल्वा की आवाज़ पड़ती है
सिल्वा अपने तेज रफ्तार से उड़ती हुई आती है और डर्कलॉर्ड को अपने पंजे में झपतके ले जाने की कोशिश करती है लेकिन ठीक आएँ वक्त पे डर्कलॉर्ड वहाँ से कूद जाता है , फिर सिल्वा भी नीचे ज़मीन पे उतरती है ठीक डर्कलॉर्ड के सामने
डर्कलॉर्ड गुस्से से सिल्वा के तरफ देखने लगता है और सिल्वा भी डर्कलॉर्ड को गुस्से से देखने लगती है और फिर अचानक सिल्वा अपने पूछ से एक करारा वार करती है डर्कलॉर्ड के ऊपर और सिल्वा की पूछ का मर पड़ते ही डर्कलॉर्ड हवा को चीरता हुआ निकल जाता है और दूर जाकर गिरता है इसे से डर्कलॉर्ड को बहुत चोटें लगती है
डर्कलॉर्ड फौरन उठ खड़ा होता है और तेजिसे सिल्वा के तरफ बढ़ता है और जेससे ही सिल्वा को मरने के लिए उसके पास पहुंकता है सिल्वा फिरसे अपने पूछ से डर्कलॉर्ड पे वार करती है और डर्कलॉर्ड फिरसे ठीक उसी तरह दूर जाकर गिरता है इसे बार भी डर्कलॉर्ड को बोहुट्से चोटें लगती है
डर्कलॉर्ड को इसे तरह सिल्वा से मर खाता देख अग्नि के चेहरे पे इतनी दर्द और तकलीफ में भी थोड़ी से मुश्कं आ जाती है और इधर डर्कलॉर्ड अपने पर और हाथ पटकता हुआ नीचे ज़मीन से फिरसे उठ खड़ा होता है और अपने दिमाग को शांत करने लगता है और फिर वो सिल्वा के तरफ बढ़ने लगता है
सिल्वा के पास पहुँच के कुछ कदम दूर पे डर्कलॉर्ड रुक्क जाता है और सिल्वा से कहता है , बससस्स तुम में इतना ही दम है अरे इतने बारे ड्रागें हो कुछ और दाव पेच दिखाओ , डर्कलॉर्ड ये सारी बातें सिल्वा को चिढ़ते हुए कहता है
इसे से सिल्वा भड़क जाती है और फौरन अपना मुंह खोलती है और देखते ही देखते सिल्वा के पेट गर्दन और मुंह का रंग सुनहरे रंग में बदलने लगता है और फिर सिल्वा फौरन अपने मुंह से आग फेंकती है डर्कलॉर्ड के तरफ लेकिन डर्कलॉर्ड वहाँ से कुदड जाता है
फिर सिल्वा हवा में उतज़ाति है और उड़ती हुई डर्कलॉर्ड के ऊपर आग फेंकने लगती है और डर्कलॉर्ड यहाँ वहाँ कूदके अपने आप को बचाने लगता है और सही
मौके के तक में रहता है और फिर जेशे ही सिल्वा अपने मुंह से आग फेंक के अपना मुंह बंद करती है तभी थोड़ी देर के लिए सिल्वा की आँख भी झपकती है और ठीक उसी वक्त डर्कलॉर्ड सामने से कूड़ता तो है ही साथ में डर्कलॉर्ड सिल्वा के तरफ 3,4 ऊर्जा के गोले फेंक देता है
वो ऊर्जा के गोले हवा को चीरते हुए सिल्वा के तरफ बदहजति हैं और जब सिल्वा की नज़र उन्न ऊर्जा के गोलों पे गिरती है तब वो वहाँ से फौरन उद्जने की कोशिश करती है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी
वो ऊर्जा के गोले सीधे सिल्वा से जा टकराते हैं और जब सिल्वा के शरीर से वो ऊर्जा के गोले टकराते हैं तब एक बहुत बड़ा विस्पोट होता है और उस विस्पोट में सिल्वा के चिथड़े भी उड़ जाते हैं
सिल्वा के शरीर के कुछ हिस्से यहाँ गिरते हैं तो कुछ वहाँ , कुछ हिस्से आकर अग्नि के ठीक सामने गिरते हैं जिन्हें देख अग्नि के मुंह से एक दर्दनाक चीख निकल पड़ती है , नहिंन्नननननननननणणन् सिलवाााआआअ
सिल्वा की धज़ियाँ उड़ता हुआ देख डर्कलॉर्ड हस्सता हुआ अग्नि के पास आता है और कहता है , अच्छा तो ये तेरा ड्रागें था जो तुझे मुझसे बचाने आया था हाहहाहा हाहहाहा , अच्छा अग्नि तेरा ड्रागें तो गया अब तुझे मुझसे कौन बचाएगा , ये बोलकर डर्कलॉर्ड फिरसे हस्सने लगता है
अपने सामने अपनी चहेती सिल्वा के चिथड़े उड़ते हुए देख अग्नि के शरीर में एक अजीब से हरकत शुरू होचुकी थी , अग्नि गुस्से में चिल्लाने लगा था , एक हिम्मत से आ रही थी अग्नि के अंदर , अग्नि अपने एक हाथ को ज़मीन पे रख धीरे धीरे उठने लगता है और एक बार फिरसे अग्नि के मुंह से गुस्से और नफरत से भारी चीख निकल पड़ती है यहह यहह
और फिर देखते ही देखते अग्नि के आँखों का रंग बदलने लगता है अग्नि के आँखों का रंग गोल्डन होने लगता है और फिर देखते ही देखते अग्नि के आँखों में से आग निकालने लगती है , अग्नि के मुंह से एक बार फिरसे वही चीख निकलती है यहह और इसे बार देखते ही देखते अग्नि का काट चुका हाथ फिरसे उगने(क्रेआत) लगता है और पर भी कुछ ही देर में अग्नि के हाथ और पर दोनों फिरसे निकल चुके थे और उसका कटा हुआ पेट भी ठीक होचुका था अग्नि के शरीर के सारे जख्म ठीक होचुके थे
ये सब देख डर्कलॉर्ड की हँसी तो न जाने कहीं गायब से होगआयो थी और अब ये सब देख डर्कलॉर्ड के चेहरे पे डर साफ देखा जा सकता था , ईश्वक़्त अग्नि डर्कलॉर्ड के सामने खड़ा था बिलकुल सही सलामत और पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक , अग्नि के आँखों में से आग निकल रहे थे
फिर अग्नि अपने दोनों हाथों के मुट्ठी को काश लेता है जिस से अग्नि के आँखों से निकल रही आग की लपटें धीरे धीरे बढ़ने लगती हैं और देखते ही देखते वो आग की लपटें अग्नि के शरीर को पूरी तरह से अपने चपेट में लेजता है , अब अग्नि के पूरे शरीर से बड़ी बड़ी आग के लपटें उठ रही थी , अब
अग्नि पूरी तरह से एक आग का दानव बन चुका था और धीरे धीरे डर्कलॉर्ड के तरफ बढ़ने लगता है
डर्कलॉर्ड की ईश्वक़्त डार्क मारे बुरी तरह से फटी पड़ी थी और अग्नि को अपने तरफ बढ़ता हुआ देख डर्कलॉर्ड धीरे धीरे पीछे हटने लगता है , इधर अग्नि डर्कलॉर्ड के तरफ तरफ रहा था और वहीं डर्कलॉर्ड डार्क पीछे हॅट रहा था पीछे हॅट ते हॅट ते डर्कलॉर्ड एक बारे से पठार से जा छिपकता है
और अपने पीछे और रास्ता ना पकड़ डर्कलॉर्ड डरते हुए अग्नि से आगे ना बढ़ने के लिए कहता है , रुक्क जाओ अग्नि वहीं रुक्क जाओ वरना अच्छा नहीं होगा में हमला कार्दूंगा तुमपे , लेकिन अग्नि डर्कलॉर्ड की बातें नहीं सुनता है अग्नि आगे बढ़ते ही रहता है
अग्नि को ना रुकता हुआ देख डर्कलॉर्ड अग्नि के ऊपर ऊर्जा के गोलों से हमला करना शुरू करदेता है और वो ऊर्जा के गोले अग्नि के तरफ तरफ जाते हैं लेकिन वो ऊर्जा के गोले जेशे ही अग्नि के सामने पहुँचते हैं तभी अग्नि फौरन अपने हाथ को सामने करके उन्न ऊर्जा के गोलों को वहीं हवा में रोक देता है
फिर देखते ही देखते अग्नि अपना मुंह खोलता है और वो सभी ऊर्जा के गोले अग्नि के मुंह के अंदर घुस जाती है और अग्नि उन्न ऊर्जा के गोलों को निगल जाता है , डर्कलॉर्ड जीतने भी ऊर्जा के गोले अग्नि के तरफ फेंकता अग्नि उन्न सभी को अपने मुंह में डालकर निगल जाता
ये नज़ारा देख डर्कलॉर्ड बुरी तरह काँपने लगता है , अग्नि चलते हुए आता है और सीधे डर्कलॉर्ड के सामने खड़ा हो जाता है , अग्नि को अपने सामने पके डर्कलॉर्ड की बची खुची हिम्मत भी टूट जाती है और वो अग्नि के परॉन में गिरके उस से रहम की भीख माँगने लगता है गीदड़ गिदने लगता है की उसे छोड़ दो
अग्नि डर्कलॉर्ड के गर्दन को पकड़ते हुए हवा उठा देता है और कहता है , कभी नहीं डर्कलॉर्ड कभी नहीं अगर तूने ये बात उस मामूली ईविल प्रिन्स अग्नि से कही होती तो वो अग्नि तुझे जरूर छोड़ देता लेकिन में तुझे नहीं चोदूंगा क्योंकि में खुद शैतान हूँ और शैतान से रहम का आशा नहीं किया जाता
ये बोलकर अग्नि फिर से अपने मुंह को खोल्देटा है और देखते ही देखते अग्नि का मुंह पूरी तरह से खुल जाता है और फिर अग्नि सबकुछ अपने मुंह के अंदर हवा के जरिए खींचने लगता है डर्कलॉर्ड बुरी तरह से चिल्लाने लगता है चत्तपटाने लगता है लेकिन अग्नि उसे नहीं चोदता है , अग्नि डर्कलॉर्ड के सभी सकतियों को सोखने लगता है अपने मुंह में निगलते हुए , देखते ही देखते डर्कलॉर्ड के शरीर में से सभी शैतानी शक्तियाँ काले धुएँ के आकर में निकलती है और अग्नि के मुंह में घुसने लगती है
कुछ ही देर में अग्नि डर्कलॉर्ड के शरीर से सभी शैतानी शक्तियों को शोखते हुए निगल जाता है और फिर अग्नि डर्कलॉर्ड के रूह यानि की आत्मा को सोखने लगता है निगलने लगता है और डर्कलॉर्ड के
शरीर से एक काला साया निकलता है और अग्नि के मुंह में घुस जाता है और फिर अग्नि डर्कलॉर्ड के आत्मा को निगलने के बाद अब उसके शरीर को भी निगलने लगता है
UPDATE-57)
धीरे धीरे डर्कलॉर्ड के शरीर से उसके हाथ पर पेट और बाकी सभी हिस्से उस से अलग होते हुए अग्नि के मुंह में जा घुसते हैं और अग्नि डर्कलॉर्ड के शरीर को भी देखते ही देखते पूरी तरह से निगल लेता है और डर्कलॉर्ड का नामो निशान इसे दुनिया से पूरी तरह मिटा देता है
डर्कलॉर्ड की मौत और अग्नि की जीिट देख – हमें जल्दी करनी होगी , हमें जल्द से जल्द अग्नि के पास पहुँच ना होगा नहीं तो अग्नि के लिए बहुत बुरा होगा , ये सब कहते हुए जादूगर जोरबार जल्दी से खड़ा हो जाता है
ये आप क्या कह रहे हैं जोरबार अग्नि तो ये जंग जीिट चुका है और उसने डर्कलॉर्ड को खत्म भी कर दिया है तो अग्नि के लिए बुरा केशे हो सकता है , कन्फ्यूज़ होते हुए रुद्रा जोरबार से अपना सवाल पूछता है
अग्नि के शरीर में पहले से ही बहुत से काली शक्तियाँ हैं और अब अग्नि ने डर्कलॉर्ड की सभी शक्तियों को अपने अंदर समा लिया है , इतनी ताक़तों को अग्नि इकट्ठे नहीं संभाल पाएगा , में मानता हूँ की अग्नि के पास गोल्डन फ्लवर की पावर है लेकिन इतने सारी शक्तियों को संभालने के लिए सिर्फ़ गोल्डन फ्लवर की पावर काफिई नहीं होगी , अग्नि को डार्क रोज़ की ताक़तों की जरूरत होगी इतने सारी ताक़तों को इकट्ठे संभालने के लिए , इसलिए हमें जल्द से जल्द अग्नि के पास पहुँच ना होगा नहीं तो अग्नि के साथ कुछ भी होसकता है , ये सारी बातें जादूगर जोरबार एक ही साँस में केहदेता है रुद्रा को
जादूगर जोरबार की बातें सुन्न सबको धक्का लगता है , जो जो अभी ईश्वक़्त अग्नि के जीिट की जश्न मना रहे थे अब उनके चेहरे से जीिट की खुशी गायब होजती है और वो सब जल्दी से जादूगर जोरबार और रुद्रा के पीछे निकल पड़ते हैं जहन्नुम के तरफ
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इधर जहन्नुम में अग्नि ने डर्कलॉर्ड के सभी ताक़तों को सोख लिया था और अपने अंदर समा लिया था और डर्कलॉर्ड का नामो निशान इसे दुनिया से हमेशा हमेशा के लिए मिटा दिया था , ईश्वक़्त अग्नि के शरीर में बहुत से काली शक्तियाँ समा गयीं थी और वो सभी शक्तियाँ अग्नि के अंदर एक दूसरे से ही टकरा रहीं थी इसे से अग्नि बेबाबू हो रहा था
अग्नि के शरीर के अंदर चल रही काली शक्टिओं के बीच तकरार के कारण अग्नि धीरे धीरे अपना काबू खोता जाता है और फिर पूरी तरह से बेकाबू हो जाता है , अग्नि इधर उदर चारों तरफ आग के गोले फेंक रहा था , जो भी चीज़ अग्नि के सामने आती अग्नि उसे तबाह करदेता अग्नि किसी भी चीज़ को नहीं छोड़ रहा था अग्नि जहन्नुम को पूरी तरह से जलके रख कार रहा था , इसे ही बहुत देर तक अग्नि सबकुछ तबाह कार रहा था
और फिर जहन्नुम में जादूगर जोरबार और
रुद्रा बाकी सभी के साथ आकर पहुँच जाते हैं , जब सभी अग्नि के इसे विकराल रूप को देखते हैं और जलते हुए जहन्नुम को देखते हैं तो उनके दिल दहेल जाते हैं और पर डगमगाने लगते हैं वो सभी वहीं पे रुक्क जाते हैं उनमें आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं थी , जादूगर जोरबार और रुद्रा धीरे धीरे अग्नि के तरफ बढ़ते हैं
जोरबार और रुद्रा दोनों आकर अग्नि के पास पहुँच जाते हैं और ठीक उसके सामने खड़े होजते हैं और उसे शांत करने की कोशिश करने लगते हैं , लेकिन अग्नि ईश्वक़्त इतना बेकाबू होचुका था की वो जोरबार और रुद्रा तक को नहीं पहचान पा रहा था
अग्नि जादूगर जोरबार और रुद्रा के ऊपर भी हमला करदेता है उनपर आग के गोले फेंक के , लेकिन आएँ वक्त पे जोरबार और रुद्रा वहाँ से कुदड जाते हैं जिसके वजह से वो दोनों बच जाते हैं लेकिन अग्नि उनपर फिरसे आग के गोले फेंकता है और वो दोनों फिरसे कुदड जाते हैं , और फिर रुद्रा तेजिसे अपना बचाव करते हुए अग्नि के तरफ बढ़ता है और कहता है
अग्नि अपने आप को पहचानो की तुम कौन हो और तुम्हारा मक्षद क्या है , तुम कोई आम बंदे नहीं हो जो इन काली शक्तियों के बस में आ जाओ तुम ईविल प्रिन्स हो इन सभी काली शक्तियों के मलिक हो तुम , अपने आप को पहचानो दोस्त
रुद्रा के बात का अग्नि पे कोई भी असर नहीं होता है अग्नि फिर से अपने हाथ में आग के गोले को पकड़े खड़ा था रुद्रा के ऊपर फेंकने के लिए और अग्नि जैसे ही रुद्रा के ऊपर वो आग का गोला फेंकने को होता है तभी रुद्रा कुछ शा कहता है जिसे सुन अग्नि के हाथ फौरन रुक्क जाते हैं
अग्नि अपने आप को पहचानो मेरे भाई पहचानो अपने आप को , अगर तुम्हें अपनी फिक्र नहीं है तो काम से कम वर्षा को याद करो उसके बारे में सोचो मेरे भाई , वर्षा का नाम लेते हुए रुद्रा अग्नि को कुछ देर के लिए रोक देता है और जब वर्षा का नाम सुनकर अग्नि को रुकता हुआ रुद्रा देखता है तो वो समझ जाता है उसे केशे अग्नि को शांत करना है , और वो फिरसे बोलना चालू करता है
अग्नि मेरे भाई वर्षा को याद कर , उस लड़की को याद कर जिसे तू अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था , वर्षा के चेहरे पे एक हँसी और खुशी देखने के लिए तूने अपने आप को तबाह और बर्बाद कर दिया था यहाँ तक की तूने उस वर्षा के लिए अपनी जान तक दे दिया था तकिी वो सही सलामत रहे खुश रहे
रुद्रा का आइडिया काम कार रहा था अग्नि का गुस्सा धीरे धीरे कम हो रहा था अग्नि के शरीर से नकल रही आग के लपटें धीरे धीरे कम हो रहीं थी , और अग्नि को शांत होता हुआ देख रुद्रा फिरसे बोलना चालू करता है
अग्नि मेरे भाई याद कर उन्न तमाम पल्लों को जो तूने वर्षा के साथ गुजरे थे , जो तूने अपने परिवार के साथ गुजरे थे याद कर उन्न पल्लों को जो तूने अपने जान से भी प्यारे दोस्त जागु और देव के साथ गुजरे थे और मेरे साथ गुजरे थे मेरे भाई ,
याद कर अग्नि तेरा यहाँ इसे मायवी दुनिया में आने का क्या मक्षद था , मेरे भाई तू फिरसे अपनी इंसानी जिंदगी वापस हासिल करना चाहता था तकिी तू अपने परिवार अपने जान से भी प्यारे दोस्त देव और जागु और अपने मोहब्बत के पास लौट सके उन्न सबके साथ रही सके , यही तेरा मक्षद था मेरे भाई याद कर उन्न सबको
ईश्वक़्त अग्नि अपने घुटनों के बाल बैठा हुआ था ज़मीन पे और अग्नि ये सब सुन्ँके उसे धीरे धीरे सब याद आने लगता है अपने जिंदगी के बारे में अपने मक्षद के बारे में और फिर अग्नि धीरे धीरे शांत होने लगता है और देखते ही देखते अग्नि पूरी तरह से शांत हो जाता है उसके शरीर से सारी आग के लपटें अब गायब होचुकी थी , रुद्रा का आइडिया कामयाब रहा था अग्नि को शांत करने का
अग्नि अब नॉर्मल होचुका था वो आिशते आिशते ज़मीन से उठता है और खड़ा हो जाता है और फिर अपने चेहरे पे एक हल्की से मुश्कं लिए रुद्रा के तरफ बढ़ने लगता है , अग्नि को अपने तरफ चेहरे पे मुश्कं लिए आता देख रुद्रा के भी चेहरे पे मुश्कं आ जाती है
अग्नि रुद्रा के तरफ तरफ रहा था की तभी अचानक ही अग्नि के दिल में दर्द होने लगता है और अचानक वो दर्द 100 गुना तरफ जाता है जिसके वजह से अग्नि फौरन अपने घुटनों के बाल ज़मीन पे बैठ जाता है और उसके मुंह से एक दर्दनाक चीख नकलती है , अहह
अग्नि की ये दर्दनाक चीख पूरे जहन्नुम में फैल जाती है , अग्नि की ये हालत देख रुद्रा और जादूगर जोरबार फौरन अग्नि के तरफ भागते हैं , अग्नि के अंदर मौजूद सभी काली शक्तियाँ बुरी तरह से एक दूसरे से टकरा रही थी और उसके वजह से अग्नि के दिल को बहुत तकलीफ हो रही थी
अग्नि का शरीर इतने सारे काली शक्तियों को संभाल नहीं परहा था इसलिए अग्नि का दिल भी कमजोर पद्रहा था , रुद्रा और जोरबार अग्नि के पास आकर पहुँच जाते हैं और जैसे ही अग्नि को संभालने के लिए अपना हाथ बढ़ते हैं तभी अग्नि अचानक हवा में उठ जाता है और हवा में ही तैरने लगता है
और फिर अग्नि हवा में लटके हुए अपने दिल पे हाथ रख के एक बार फिर से चीखता है , अहह और इषबर की चीख में ज्यादा दर्द और ज्यादा तकलीफ थी
इसी चीख के साथ अग्नि के दिल में एक छेद(होल) हो जाता है और देखते ही देखते वो छेद बड़ा हो जाता है और फिर अग्नि के शरीर के और भी बहुत से हिस्सों में छोटे छोटे छेद होने लगते हैं और इधर अग्नि के मुंह से दर्दनाक चीखें निकलती रहती हैं
और फिर अग्नि के शरीर और दिल में हुए उन्न छेद में से डर्कलॉर्ड की काली शक्तियाँ जिन्हें अग्नि ने अपने अंदर समा लिया था वो सभी काली शक्तियाँ बाहर निकालने लगते हैं उन्हीं छेद में से होते हुए और हवा में उड़ते हुए कहीं दूर जाने लगती है
देखते ही देखते डर्कलॉर्ड की काली शक्तियाँ जो अग्नि के अंदर थी वो सभी शक्तियाँ अग्नि के शरीर से निकलकर कुछ ही देर में हवा में
उड़ती हुई दूर चली जाती है और फिर अग्नि धदमम्म्ममममममम करके नीचे ज़मीन पे गिरता है , अग्नि के शरीर में जो वो छोटे छोटे छेद बने थे उनमें से खून की धार बहने लगती है और अग्नि धीरे धीरे बेहोश होने लगता है
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UPDATE-58)
डर्कलॉर्ड के काली शक्तियाँ अग्नि के शरीर से निकलकर वो सभी काले धुएँ के रूप में ईश्वक़्त काला(ब्लैक) पर्वत(माउंटन) के तरफ तरफ रहीं थी , काला पर्वत ये इलाका मायवी दुनिया का सबसे खतरनाक इलाका था यहाँ पे आने से हर कोई डरता था चाहे वो इसे मायवी दुनिया का सबसे ताकतवर शॅक्स ही क्यों ना हो
डर्कलॉर्ड की काली शक्तियाँ हवा में उड़ते हुए खून्नी जंगल के इलाक़ों से होते हुए काला पर्वत के ऊपर जा पहुंकते हैं और एक खंडहर में जा घुसतेन हैं , वो खंडहर दिखने में बहुत पुराना था शा लग रहा था जेशे वहाँ पे सालों से कोई आया ही ना हो , चारों तरफ मकड़ी के जले , धूल मिट्टी यहाँ तक उस खंडहर के अंदर सूरज की एक हल्की रोशनी तक नहीं आती थी
उस खंडहर के नीचे एक ख़ुफ्फ़िया राष्टा था और उस खंडहर के नीचे एक ख़ुफ्फ़िया कमरा भी था और वो राष्टा उसी कमरे में लेजता था और वो सभी काली शक्तियाँ हवा में उड़ते हुए उसी राषते से होते हुए उस ख़ुफ़िया कमरे में जा पहुंकते हैं , उस ख़ुफ्फ़िया कमरे के एक कोने में एक कवरा(कॉफिन) था जिसपे लिखा था
गंधर्व नगरी के इलाके में जंगल के करीब एक छोटा सा आश्रम था और ये आश्रम गुरु ब्राम्हनंद का था और ईश्वक़्त गुरु ब्राम्हनंद अपने कुतिया के अंदर ध्यान में मग्न थे की तभिइ उन्हें कुछ सुनाई देता है
गुरु ब्राम्हनंद गुरु ब्राम्हनंद होश में आईय , हमारे सामने बहुत ही जटिल समस्या खड़ी है , ये आवाज़ किसी लड़की की थी
उस आवाज़ को सुनकर गुरु ब्राम्हनंद का ध्यान टूट जाता है और वो वास्तविक दुनिया में आजाते हैं , और वास्तविक दुनिया में आ ही गुरु ब्राम्हनंद चारों तरफ देखने लगते हैं लेकिन उन्हें वो लड़की कहीं भी नहीं दिखती है जिसने उन्हें आवाज़ दी थी और गुरु ब्राम्हनंद चारों तरफ अपनी नज़र दौड़ते हुए उस लड़की को ढूंढ.
ही रहे थे की तभी वो आवाज़ फिरसे गुरु ब्राम्हनंद के कुतिया के अंदर गूँजती है लेकिन कोई दिखाई नहीं देती है
लेकिन इसे से गुरु ब्राम्हनंद समझ जाते हैं की ये आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि रानी पड़ी पद्मिनी की थी जो उन्हें संदेश भेजराही थी
हाँ रानी पड़ी पद्मिनी बोलिए क्या बात है जो आप इतने परेशान हैं , गुरु ब्राम्हनंद ये बोलता है
गुरु ब्राम्हनंद हमारे सामने ईश्वक़्त एक बहुत बड़ी जटिल समस्या अखड़ी है , कुछ दीनों से आप ध्यान में मग्न थे इसलिए आप को पता नहीं है लेकिन इसे बीच बहुत कुछ घाट चुका है
शा क्या घाट चुका है रानी पड़ी पद्मिनी जो आप की आवाज़ में इतनी परेशानी झलक रही है , रानी पड़ी पद्मिनी को बीच में टोकते हुए गुरु ब्राम्हनंद ये कहते हैं
गुरुजि जिस वक्त आप ध्यान में मग्न थे उस वक्त अग्नि जहन्नुम में जा पहुँचा था वहाँ पहुँच के उसने सम्राट के कुछ दोस्त और बाज़ीर जादूगर जोरबार को डर्कलॉर्ड के चंगुल से आज़ाद करवा दिया सिर्फ़ इतना ही नहीं अग्नि ने जंग में डर्कलॉर्ड को हरा के मर दिया और उसकी शक्तियाँ भी खींच लिया उस से और अपने अंदर समा लिया
लेकिन अग्नि उन्न शक्तियों को संभाल नहीं पाया और वो सभी काली शक्तियाँ अग्नि के जिस्म में छेड़द करते हुए बाहर निकल गये और वो सभी काली शक्तियाँ ईश्वक़्त तेजिसे खूनी जंगल से होते हुए काला पर्वत के तरफ तरफ रहे हैं , ये सारी बातें बोलकर रानी पड़ी पद्मिनी की आवाज़ बंद होजती है
रानी पड़ी से ये सारी बातें सुन ने के बाद एक ही लफ़्ज़ गुरु ब्राम्हनंद के मुंह से निकलता है
क्य्ाआआआआआआआ , ये तो अनर्थ हो गया , वहाँ उस काले पर्वत पे तो किंग ऑफ डार्कनेस सम्राट के रूह को हम सबने मिलकर कैद किया था उसके मरने के बाद तकिी वो इतने आसानी से जिंदा ना होसके , अगर वो काली शक्तियाँ वहाँ पहुँच गयीं जहाँ पे सम्राट के रूह को हमने कैद किया है तो गजब होज़ायगा , वो काली शक्तियाँ सम्राट के रूह को वापिश जगा देंगी , ये तो बहुत ही खतरनाक समस्या हमारे सामने खड़ी है , ये सब कहते वक्त गुरु ब्राम्हनंद के चेहरे पे साफ डर और कौफ्फ के भाव थे
हाँ मुझे पता है गुरुजीी इसलिए में चाहती हूँ की आप अभी और इषिवक़्त काले पर्वत के तरफ फौरन निकले ताकि उन्न काली शक्तियों को सम्राट के रूह के कवरा तक पहुँच ने से रोक सके , रानी पड़ी पद्मिनी की आवाज़ उस कुतिया में गूँजती है
ठीक है रानी पड़ी में अभी फौरन काले पर्वत के तरफ निकलता हूँ , गुरु ब्राम्हनंद कहता है
ठीक है और हाँ गुरुजीी आप अपने जादू का इस्तेमाल कीजिए वहाँ जल्दी से पहुँच ने के लिए , ताकि सही वक्त पे वहाँ पहुँच के उन्न काली शक्तियों को रोक सके , अचाई आप के साथ है आप दारिएगा मात , ये बोलकर रानी पड़ी पद्मिनी की आवाज़ खामोश होजती है
और फिर गुरु
ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड को उठता है और ऊपर के तरफ करके घूमने लगता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद के जादुई दंड से तरह तरह के रोशनी निकालने लगते हैं और फिर गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड के निचले हिस्से को ज़मीन पे थोक देता है , इसे से वहाँ उस कुतिया में बहुत तेज रोशनी फैल जाती है चारों तरफ और फिर देखते ही देखते गुरु ब्राम्हनंद वहाँ से गएब होजते हैं
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उस खंडहर के नीचे एक ख़ुफ्फ़िया राष्टा था और उस खंडहर के नीचे एक ख़ुफ्फ़िया कमरा भी था और वो राष्टा उसी कमरे में लेजता था और वो सभी काली शक्तियाँ हवा में उड़ते हुए उसी राषते से होते हुए उस ख़ुफ़िया कमरे में जा पहुंकते हैं , उस ख़ुफ्फ़िया कमरे के एक कोने में एक कवरा(कॉफिन) था जिसपे लिखा था
रेस्ट इन पीस
थे सौल ऑफ – किंग ऑफ डार्कनेस – सम्राट
वो सभी काली शक्तियाँ उड़ती हुई जाती हैं और उसी कवरा में जा घुसती हैं और कुछ देर के बाद वो कवरा धीरे धीरे हिलने लगता है और फिर कुछ देर बाद काट्त्तटटटटटटतत्त आवाज़ करके उस कवरा का ऊपर का दरवाजा अपने आप खुलने लगता है और फिर
जब वो कवरा का दरवाजा पूरी तरह से खुल जाता है तो उस कवरा में से फौरन बहुत सारा काला धुआँ बाहर निकलते हैं और चारों तरफ फैल जाते हैं , वो सभी काला धुआँ इधर उधर उड़ते हुए मंडराने लगते हैं , कुछ ही वक्त में वो सभी काला धुआँ उस काले पर्वत को चारों तरफ से घेरने लगते हैं
और फिर कुछ देर बाद अचानक ही सारे काला धुआँ तेजिसे इकट्ठे होने लगते हैं , वो सभी काला धुआँ धीरे धीरे इकट्ठे होरहे थे और एक इंसान के शरीर का अक्ष लेरहे थे , यहाँ वो सभी काला धुआँ मिलकर एक इंसानी शरीर का अक्ष लेरहे थे वहीं वहाँ का मोहौल पूरी तरह से बदलने लगा था उस काले पर्वत के ऊपर असमान में बिजलियाँ कड़कड़ने लगती हैं चारों तरफ अंधेरा फैलने लगता है , वहाँ का माहौल हर गुजरते वक्त के साथ बट्ट से बत्तर होते जा रही था
कुछ ही वक्त के अंदर वो सभी काला धुआँ मिलकर एक इंसानी शरीर का अक्ष धारण करचुके थे , एक इंसानी शरीर और इसे अक्ष में सिर्फ़ इतना ही फर्क था की इंसानी शरीर माँस और हड्डियों से बनता है और ये अक्ष शैतानी शक्तियों और काले धुआँ से बना हुआ था ना तो इसका कोई चेहरा था और ना ही कोई रूप ये सिर्फ़ और सिर्फ़ काले धुआँ से बना एक इंसानी अक्ष था जीशके अंदर शैतानी शक्तियाँ कुट्त कुट्त के भारी थी
अब वो काला अक्ष या ये कहें की सम्राट का अक्ष पूरी तरह से तैयार था सम्राट का अक्ष धीरे धीरे आगे बढ़ने लगता है , सम्राट का अक्ष जीतने कदम आगे बढ़ता उठने ही तेजिसे वहाँ चारों तरफ अंधेरा फैलने लगता , सम्राट का अक्ष धीरे धीरे चलते हुए आकर उस काले पर्वत के छोटी पे खड़ा हो जाता है और पहाड़ी के नीचे देखने लगता है और फिर
अग्नीिीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई , ये चीख पूरे घर में गूँज उत्टीई है और इसे चीख को सुनकर घरके सभी सदस्या दौड़ते हुए उसी कमरे में आजाते हैं जहाँ से चीखने की आवाज़ आ रही थी
क्या हुआ बेटा तुमने क्यों चीखा सबकुछ ठीक तो है ना , दिग्बिजय सिंग ठाकुर उस कमरे में घुसते ही अपनी बेटी वर्षा से ये कहते हैं
हाँ बेटा क्या हुआ क्या कोई बुरा सपना था , वर्षा की आंटी वर्षा से कहती हैं
लेकिन वर्षा कोई भी जवाब नहीं देती है वो ईश्वक़्त सहमी हुई थी और बुरी तरह से कांप रही थी सभी उस से पूछते रहते हैं की आख़िर बात क्या है लेकिन वर्षा कुछ भी नहीं कहती है लेकिन तभी उस कमरे में कोई घुसता है और वो कोई और नहीं अग्नि की आंटी थी (डॉक्टर. आशा)
क्या बात है वर्षा बेटा क्या तुमने कोई बुरा सपना देखा , अग्नि की आंटी वर्षा के पास बिस्तर पे बैठते हुए उसके कंधों को सहलाते हुए कहती हैं , वर्षा फट से अग्नि के आंटी के गले लग जाती है और रोने लगती है और रोते रोते कहने लगती है
वो वो आंटी मैंने बहुत ही बुरा सपना देखा है , मैंने देखा की अग्नि किसी एक उजजड़े हुए पहाड़ी इलाके में है और एक शैतान के साथ जंग लध रहा है वो शैतान दिखने में बहुत ही भयानक दिख रहा था अग्नि और उसके बीच बहुत ही खतरनाक लधाई चल रही थी वो अग्नि को लगभग मर ही चुका था उसने अग्नि के हाथ पर कटके उसके शरीर से अलग कारडीए थे
लेकिन अग्नि के शरीर का रूप बदलने लगा और देखते ही देखते अग्नि एक आग के दानव में बदल गया अग्नि के हाथ पर अपने आप निकल आए अग्नि का पूरा शरीर ुषवक़्त जल रहा था और अग्नि ने उस शैतान को बड़ी आसानी से मर डाला और उसके शक्तियों को अपने अंदर खींच लिया लेकिन तभी अग्नि के शरीर और उसके दिल में न जाने कहाँ से बहुत से होल हो गये और अग्नि बेजान होकर खून से लथपथ ज़मीन पे गिर्पाड़ा , ये बोलकर वर्षा और भी ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है
वर्षा के मुंह से उसके सपने के बारे में सुन्न सभी दंग थे उसके पापा , मां , वर्षा की सहेली सानिया और संगीता और अग्नि की मां भी
बेटा वर्षा ये सिर्फ़ एक सपना था तुम जानती हो ना अग्नि हम सबको छोड़ के इसे दुनिया से जाचुका है , अब मेरा बेटा अग्नि जिंदा नहीं है वो 2 साल पहले ही उस हादसे में मार्चूका है , अग्नि की मां वर्षा से ये कहती हैं
ये सुनकर वहाँ मौजूद सभी के आँखों में आस्यू आजाते हैं और सब उस कमरे के बाहर चले जाते हैं अपने आँखों में आस्यू लिए , आज भी अग्नि उन्न सबके दिल के किसी कोने में मौजूद था और रोती हुई वर्षा ये सुनकर चुप होजती है और उन्न दीनों को याद करने लगती है
बेटी वर्षा में जानती हूँ की तुम आज भी अग्नि से प्यार करती हो लेकिन अब अग्नि हमारे बीच में नहीं रहा और अब तो तुम्हारी शादीई राज़ के साथ होनेवाली है इसलिए तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा की तुम अग्नि को
भूल जाओ , अग्नि की मां अपने आँखों से आस्यू पोछते हुए वर्षा को ये कहती है
वर्षा अग्नि की मां के तरफ देखने लगती है और फिर कहती है , आंटी जी क्या आप अग्नि को कभी भुला सकते हैं , नहीं ना फिर में केशे अग्नि को भुला दम आंटी , आप की तरह में भी अग्नि से बहुत प्यार करती थी और करती हूँ और हमेशा करती रहूंगी
पर वर्षा बेटा अब अग्नि हमारे बीच में नहीं है इसलिए अग्नि को भूलके राज़ के बारे में सोचो कुछ दीनों बाद तुम दोनों की शगाई(इंग़ेज़मेंट) है , में जानती हूँ की अग्नि को भूलना तुम्हारे लिए इतना आसान नहीं होगा पर तुम्हें ये करना होगा तकिी तुम राज़ के साथ खुश रहो और अग्नि भी तो यही चाहता था की तुम अपने जिंदगी में आगे बढ़ो उसे भूलके , ये बोलकर अग्नि की मां वहाँ से उठती हैं और कमरे के बाहर चली जाती हैं
अग्नि की मां के जाने के बाद वर्षा अपने आँखों में से आस्यू पोछती है और बिस्तर से उठते हुए खिड़की के पास जाकर खिड़की को खोल देती है , खिड़की के खुलते ही चाँद की रोशनी वर्षा के चेहरे पे पड़ती है
अग्नि सब कहते हैं तुम अब इसे दुनिया में नहीं हो , तुम हम सबको छोड़ड़के हमेशा हमेशा के लिए जा चुके हो , आज भी मुझे वो दिन याद है जिस दिन तुमने मेरे गॉडमे अपना सर रखकर दम थोड़ा था और मेरा साथ छोड़दा था
लेकिन पता नहीं क्यों फिर भी मुझे इसे बात पे यकीन नहीं है की
(UPDATE-59)
तुम मर चुके हो , आज भी मेरा दिल मुझसे यही कहता है की तुम आज भी जिंदा हो और कहीं ना कहीं मौजूद हो लेकिन ईश्वक़्त किसी खतरे में हो लेकिन मुझे पूरा यकीन है अग्नि एक ना एक दिन तुम मेरे पास जरूर लौउटोगे
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अग्नि के दिल और उसके शरीर के हर एक हिस्से में सुराग करते हुए डर्कलॉर्ड की शक्तियाँ अग्नि के शरीर से निकल चुकी थी और उसके बाद अग्नि की हालत बहुत ही खराब हो गयी थी उसके जिस्म से सारा का सारा खून बहके निकल चुका था अब उसके शरीर में खून का एक कटरा भी नहीं बच्चा था
अग्नि के ज़मीन पे गिरते ही रुद्रा ने उसे संभाल लिया था और ईश्वक़्त अग्नि को एक चट्टान पे लिटा दिया गया था , रुद्रा की मां राजकुमारी मोना और सुनहेरी और अग्नि की बाकी की फौज भी जहन्नुम के उस तबाह होचुके इलाके में अपहुँचे थे
रात का घना अंधेरा बढ़ता ही जा रही था साथ में हर गुजरते हुए वक्त के साथ अग्नि मौत के तरफ बढ़ता ही जा रही था , वहाँ मौजूद हर कोई परेशान था , अग्नि की फौज परेशान थी क्योंकि उनके चहेते प्रिन्स की जान खतरे में थी , यूँ तो उन्हें किसी के दर्द या तकलीफ से कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे वो उनका कोई अपना ही क्यों ना हो लेकिन अग्नि उनके लिए खास था क्योंकि अग्नि ने ना सिर्फ़ उन्न सभी की जान बचाई थी बल्कि डेत वाली में इज्जत की जिंदगी वापस लौटाी थी उन्न सभी वारएवोल्फ’से को डेत वाली से खदेड़ के और मारकर , इसलिए
अग्नि उन्न सबका चहेता था और अग्नि के लिए जान देने से कोई भी पीछे हटनेवालों में से नहीं था
राजकुमारी मोना परेशान थी क्योंकि वो अग्नि को अपना बेटा मानती थी और उनके आँखों में अग्नि के लिए एक मां का प्यार था , सुनहेरी परेशान थी क्योंकि अग्नि ने उसकी और रुद्रा का मदद किया था और सुनहेरी अग्नि को एक अच्छा दोस्त मानती थी , रुद्रा परेशान था क्योंकि अग्नि उसका एक सच्चा दोस्त था और बिना किसी स्वार्थ के अग्नि ने उसकी मदद किया था और रुद्रा अग्नि को अपना दोस्त से ज्यादा भाई मानता था इसी तरह हर कोई परेशान था
और ईश्वक़्त सभी इसी बात पे बात कार रहे थे की अग्नि के जान को केशे बचाया जाए
अब हमारे सामने सिर्फ़ एक ही राष्टा बच्चा है अग्नि के जान को बचाने के लिए , जादूगर जोरबार सबको चुप करते हुए कहता है
कौन सा राष्टा जोरबार जल्दी बताइए , रुद्रा उतबला होते हुए कहता है
अगर हमें अग्नि के जान को बचना है तो हमें डार्क रोज़ लाना पड़ेगा और उसे अग्नि के शरीर में डालना पड़ेगा तकिी अग्नि जल्द से जल्द ठीक होज़ाये , जादूगर जोरबार ये जवाब देता है
पर डार्क रोज़ तो अब इसे दुनिया में उगती ही नहीं है उसका अस्तित्वा तो कबका मिट चुका है , राजकुमारी मोना जादूगर जोरबार से कहती हैं
नहीं राजकुमारी आज भी एक ऐशी जगह है जहाँ पे डार्क रोज़ उगती है और वो जगह कोई आम जगह नहीं है , उस जगह का नाम है काला पर्वत
जादूगर जोरबार के मुंह से काला पर्वत का नाम सुनकर सभी दंग रहजाते हैं सबके हाथ पर ठंडे पड़ जाते हैं सबके चेहरे पे डर और खौफ साफ झलकने लगता है
हाँ अगर उस काला पर्वत पे वो डार्क रोज़ मिल सकता है तो चलो चलते हैं जल्दी से , रुद्रा उस काला पर्वत के बारे में बिना जाने ही ये सब कहता है
ये सरासर बेवकुफिई होगी जोरबार ये आप भी अच्छे से जानते हैं की उस काला पर्वत पे पहुँच ने के लिए खून्नी जंगल से होते हुए गुजरना होगा और खून्नी जंगल से सही सलामत आज तक कोई नहीं गुजरा है उस आखिरी जंग के बाद इसलिए आप को कोई और राष्टा ढूंढ़ना होगा , राजकुमारी मोना ये कहकर चुप होजती हैं , राजकुमारी मोना के चेहरे पे डर साफ देखा जा सकता था मां ये आप ये कह रही हैं मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रही है , बताइए मुझे की आख़िर ये माजरा क्या है , रुद्रा अपनी मां राजकुमारी मोना से कहता है
बेटा रुद्रा , ये बहुत साल पहले की बात है , उस वक्त इसे मायवी दुनिया के ज्यादातर इल्लाकों के ऊपर शैतानी दुनिया के सरटज़ सम्राट का हुकूमत था और वो अपना साम्राज्य दिन बीए दिन और भी बढ़ता जा रही था वो पूरे मायवी दुनिया के साथ साथ इंसानी दुनिया को भी अपना गुलाम बनाना चाहता था
लेकिन मायवी दुनिया के कुछ राज्य(स्टेट’से) इसे थे जो सम्राट के काबू के बाहर थे और उन्न स्टेट’से ने मिलकर फिसला किया की वो सब मिलकर सम्राट के
ऊपर हमला करेंगे , और उन्न सबने वेषा ही किया , वो इसे मायवी दुनिया की आज तक की सबसे खतरनाक जंग थी
वो जंग थी अचाई और बुराई के बीच में और वो जंग उसी जंगल में ही लधि गयी थी , उस जंग में लाखों योढ़ा मारे गये दोनों तरफ के और उस जंग में बहुत मुश्किल से अचाई ने बुराई के ऊपर जीिट हासिल किया , सम्राट उस जंग में मारगया और अचाई के रखवालों ने उसी जंगल के आखिरी चोर पर मौजूद काला पर्वत के अंदर सम्राट के रूह(आत्मा) को कैद कर दिया हमेशा हमेशा के लिए
वो जंग तो वहीं खत्म हो गयी थी लेकिन उस जंग में मारे गये सभी योधाओं के रूह आत्मा को काली शक्तियाँ धीरे धीरे निगलने लगी और इसे तरह वहाँ उस जंगल में काली शक्तियों का शैतानी शक्तियों का राज़ हो गया , और उस जंग के बाद जो भी उस जंगल में जाता वो कभी भी वापस नहीं लौट था , इसी तरह उस जंगल का नाम खून्नी जंगल पाड़गाया , और उस जंगल में जानेसए हर कोई डरता है चाहे वो मायवी दुनिया का कोई आम शॅक्स हो या फिर कोई अचाई का रक्षक या फिर कोई बड़ा शैतान ही क्यों ना हो , हर कोई वहाँ जाने से डरता है , राजकुमारी मोना ये सब कहकर अपनी बात खत्म करती हैं
राजकुमारी ने बिलकुल सही कहा है उस जंग के बाद जो कोई भी उस खून्नी जंगल के अंदर गया है वो वापस नहीं लौटा है , लेकिन हमारे पास कोई भी दूसरा राष्टा नहीं है , अगर हमें अग्नि को बचना है तो हमें उस खून्नी जंगल के अंदर जाना ही होगा यही एक आखिरी राष्टा बच्चा है हमारे सामने
तो सोचना क्या चलते हैं उस खून्नी जंगल के अंदर और काला पर्वत पे जाकर उस डार्क रोज़ को लेकर आ हैं , रुद्रा खड़े होते हुए कहता है
पर बेटा तुम समझने की कोशिश क्यों नहीं करते , वहाँ जाना यानि की मौत को सीधे गले लगाना होगा , राजकुमारी मोना कहती हैं
हाँ रुद्रा तुम वहाँ मात जाओ , वहाँ पे बहुत खतरा होगा तुम्हारे जान को भी खतरा हो सकता है प्लीज़ वहाँ मात जाओ , सहमी हुई सुनहेरी रुद्रा से कहती है
नहीं मां नहीं सुनहेरी मुझे वहाँ जाना ही होगा मेरे भाई जेशे दोस्त अग्नि की जान ईश्वक़्त खतरे में है और में यूँ पीछे नहीं हॅट सकता उसे यूँ मरने के लिए नहीं छोड़ सकता हूँ में , क्या आप लोग अग्नि को प्यार नहीं करते अगर करते हो तो मुझे जानेसए नहीं रोकोगे , रुद्रा ये बोलकर चुप हो जाता है और रुद्रा के इसे बात से राजकुमारी मोना और सुनहेरी भी चुप होजते हैं उन्हें रुद्रा की बात सही लगती है
तो जोरबार हम कब निकल रहे हैं उस खून्नी जंगल के तरफ , रुद्रा जादूगर जोरबार से पूछता है
जितनी जल्दी होसके हमें निकलना होगा हमारे पास सिर्फ़ 48 घंटे हैं अगर 48 घंटे के अंदर हम उस डार्क रोज़ को ला कर अग्नि के अंदर नहीं डालते हैं तो अग्नि को बचपना नमुनकीन होगा , जादूगर जोरबार कहता है
कुछ देर बाद जादूगर जोरबार और रुद्रा दोनों तैयार होकर घोड़े पे सवार होकर निकल
पड़ते हैं अपने नये और ख़तरों से भरे मुहिम पर खून्नी जंगल के तरफ
(UPDATE-60)
काला पर्वत
सम्राट का अक्ष ईश्वक़्त काला पर्वत के छोटी पे खड़ा पहाड़ी के नीचे के तारफ़ ही देख रहा था , और फिर सम्राट का अक्ष अपने एक हाथ को पहाड़ी के नीचे के तरफ करता है और देखते ही देखते सम्राट के हाथ से एक तेज लाल रोशनी निकलती है और सीधे पहाड़ी के नीचे ज़मीन पे जा गिरती है
वो लाल रोशनी ज़मीन के मिट्टी के अंदर जा घुसती है , कुछ देर तक शा ही सिलसिला चलता रहता है सम्राट के अक्ष के हाथ से वो तेज लाल रोशनी निकलते हुए सीधे जाकर मिट्टी में घुस रही थी
कुछ देर बाद वहाँ एक छोटा सा भूकंप आने लगता है पूरा का पूरा खून्नी जंगल धीरे धीरे हिलने लगता है और फिर एक तेज विस्पोट होता है , बूंमम्मममममममममममममम
इसे विस्पोट के साथ ही पहाड़ी के नीचे ज़मीन में दरार पड़ने लगती है ज़मीन धीरे धीरे बीच में से फटने लगती है , ज़मीन की सुखी मिट्टी धीरे धीरे चिप छिपा होने लगता है वो सुखी मिट्टी धीरे धीरे दलदल में बदलने लगता है
और तभी ज़मीन में जो दरार पड़ा था और भी गहरा होने लगता है और ज़मीन और भी ज्यादा फटने लगता है , और फिर उस ज़मीन को चीरती हुई ज़मीन के नीचे से निकलते हुए उन्न चिप छिपीई दलदल से होते हुए कुछ चीज़ें निकालने लगती है
उन्न चीज़ों पे चारों तरफ से उन्न चिप छिपीई दलदल की मिट्टी लगी हुई थी और वो चीज़ दिखने में बिलकुल माँस के एक बहुत बारे लोथड़ा के तरह दिख रहा था , और वो माँस के लोतड़े तादात में बहुत ज्यादा थे , और अब वो सारे माँस के लोतड़े धीरे धीरे हिलने लगते हैं उन्न माँस के लोटदों में से अजीब अजीब से आवाजें आने लगती है , वो आवाजें ऐशी थी जैसे कोई दर्द से चिल्ला रहा हो , वो आवाजें बहुत ही खतरनाक थी
और फिर देखते ही देखते वो माँस के लोतड़े धीरे धीरे शरीर का आकर लेने लगते हैं कुछ ही देर में वो सारे माँस के लोतड़े देखते ही देखते दानव जेशे दिखने वाले बनजते हैं , उनके शरीर में चारों तरफ माँस और खून और चिप छिपी लर्र लगी हुई थी , वो सभी चील्ला ते हुए खड़े होने लगते हैं
वो सब दिखने में बहुत ही बदसूरत थे उनके मुंह के दाँत बहुत ही नुकीले थे अगर किसको को कटे तो एक बार में ही सामने बेल के शरीर के सारे माँस निकल ले , शरीर से वो सब बहुत ही तगड़े थे उन्हें देख के शा लगता की उन्न में से एक एक पूरे 100 हाथियों का ताक़त रखता था , उन्न सबके मुंह से लर्र टपक रही थी और वो सब एक दूसरे को गुस्से और नफरत भारी निगाहों से देख रहे थे
यहह अहह हुआाअ अहौआ अकजाहहा , इसे तरह की आवाजें उन्न सभी के मुंह से निकल रही थी उनमें से कोई भी ठीक से बोल नहीं परहा था , वो सब चिल्लाने लगते हैं उनके सामने जो चीज़ पड़ती है वो सब उसे तोड़ने फोड़ने लगते हैं चाहे वो पेड़ पौधे हो या कोई पठार या कुछ भी , लेकिन तभी
उनके कानों में किसकी आवाज़ पड़ती है जिसे सुनकर वो सब चुप होजते हैं
ये आवाज़ थी सम्राट के अक्ष की , वो सभी दानव जेशे दिखने वाले शैतान ऊपर पहाड़ी के तरफ देखने लगते हैं और सम्राट का अक्ष भी उन्न सबको कुछ कहने लगता है
कई सालों पहले हुए खून्नी जंगल के उस खतरनाक जंग में तुम सब शामिल थे और मेरे खिलाफ भी थे , उस जंग में तुम सबकी मौत मेरे ही हाथों हुई थी और तुम सबके रूह को इसे खून्नी जंगल के काली शक्तियों ने निगल लिया था , और अब में वापस अचुका हूँ और बहुत जल्द में अपने शरीर को भी हासिल करलूंगा
और तुम सबको मेरे खिलाफ खड़े होने की और जंग लड़ने की सजा मिलेगी , मैंने तुम सबको वापस जिंदा कर दिया है , लेकिन अब तुम सब इंसान नहीं रहे मैंने तुम सबको इंसान के वजह प्राण भक्षी का जिंदगी दिया है , तुम सबमें ना ही कुछ समझ ने के लिए अकल होगी और ना ही तुम सबमें कुछ बोलने के लिए जुबान होगी , अब से तुम सभी मेरे गुलाम हो में जो कहूँगा तुम सब वही करोगे , में जिसे कहूँगा तुम सब उसे ही मरोगे चाहे वो सचाई का कितना भी बड़ा योढ़ा हो या फिर तुम्हारे पिछले जिंदगी का कोई करीबी दोस्त ही क्यों ना हो
उस वक्त तुम सब सचाई के और धर्म के योढ़ा थे अपना सर सिर्फ़ भगवान के आगे झुकते थे लेकिन अब तुम सब मेरे गुलाम हो और में तुम सबको सचाई और धर्म के ही खिलाफ खड़ा करूँगा , अब से तुम सबका भगवान में हूँ , चलो अपने कदमों पे बैठ के मुझे सलाम करो , सम्राट का अक्ष ये सब उन्न सभी धर्म के योढ़ा जो की अब प्राण भक्षी बन चुके थे उन्हें कहता है
और फिर वो सभी प्राण भक्षी अपने कदमों में झुक के सम्राट को सलाम करने लगते हैं उसे अपना मलिक अपना भगवान मान लेते हैं , और उधर काला पर्वत के छोटी पे खड़ा सम्राट का अक्ष अपने दुश्मनों को अपने सामने झुका हुआ देख खुश होता है और हस्सने लगता है , लेकिन तभी
रात का घना अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था खून्नी जंगल में और खून्नी जंगल के आखिरी चोर्र पे अचानक ही इसे घने अंधेरे को चीरती हुई एक तेज नीली(ब्लू) रोशनी फैलने लगती है , और देखते ही देखते इतने घने अंधेरे रात में भी वहाँ दिन जेशा उजाला फैलजाता है लेकिन ये उजाला ज्यादा देर तक नहीं रहता है जीतने तेजिसे वो नीली रोशनी अंधेरे को चीरती हुई आईइ थी उठने ही तेजिसे वो रोशनी गायब भी होजती है
और जब वो नीली रोशनी गायब होजती है तो पता चलता है की उस नीली रोशनी के जरिए उस खून्नी जंगल में कोई आया था और वो शॅक्स कोई और नहीं गुरु ब्राम्हनंद थे जो यहाँ इसे खून्नी जंगल में रानी पड़ी पद्मिनी के कहने पे आए थे ये देखने की यहाँ इसे जंगल में क्या गड़बड़ चल रही है
गुरु ब्राम्हनंद चारों तरफ नज़र दौड़ते हैं , उन्हें चारों तरफ घना अंधेरा ही दिखाई देता है इसलिए वो अपने जादुई दंड को उठाते हैं और कहते हैं ” रोशनी प्रकतम ” इसे
मंत्र के बोलते ही गुरु ब्राम्हनंद के जादुई दंड से हल्की हल्की नीली रोशनी निकालने लगती है जिस से जंगल में फैला हुआ घना अंधेरा थोड़ा कॅम होता है और गुरु ब्राम्हनंद को सब कुछ साफ साफ दिखने लगता है , और फिर गुरु ब्राम्हनंद धीरे धीरे आगे बढ़ने लगते हैं
गुरु ब्राम्हनंद धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए काला पर्वत के करीब पहुँच ने लगते हैं , जेशे जेशे वो काला पर्वत के करीब पहुँच रहे थे वेशे वेशे उन्हें अजीब अजीब तरह के आवाजें सुनाई देने लगती है , अजीब अजीब तरह के चीखें सुनाई देने लगती है जेशे कोई ख़ूँख़ार जवार चिल्ला रहा हो , हुंकार रहा हो
है मेरे मलिक ये क्या हो गया ये नहीं होना चाहिए था ये तो बहुत बुरा हुआ , जब गुरु ब्राम्हनंद काला पर्वत के नीचे जम्मे हुए प्राण भक्ष्िोन के पूरे फौज को देखते हैं तो उनके मुंह से यही बात निकलती है
गुरु ब्राम्हनंद फौरन एक पेड़ के पीछे चुप जाते हैं तकिी कोई प्राण भक्षी उन्हें देख ना ले और फिर गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड को उठाते हैं और एक मंत्र बोलते हैं ” बद्रू हाजिर हो ” और गुरु ब्राम्हनंद के इतना बोलते ही अचानक गुरु ब्राम्हनंद के जादुई दंड से एक हारे(ग्रीन) रंग का गोल रोशनी निकलती है और देखते ही देखते वो हारे रंग की रोशनी एक बाज़(ईगल) का आकर लेने लगता है और कुछ ही मिनिट्स में वो हारे रंग का गोल रोशनी एक बाज़ में बदल जाता है
गुरुवार ब्राम्हनंद को बद्रू बाज़ का प्रणाम , वो बाज़ जिसका नाम बद्रू था वो कहता है
क्या बात है गुरुदेव आप ने मुझे याद किया , क्या कोई काम है , बद्रू बाज़ गुरु ब्राम्हनंद से पूछता है
हाँ बद्रू एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण काम है , तुम्हें अभी और इषिवक़्त मेरा एक संदेश लेकर रानी पड़ी पद्मिनी के पास जाना होगा , गुरु ब्राम्हनंद कहते हैं
क्या बात है गुरुदेव आप बहुत परेशान लग रहे हैं सब कुछ ठीक तो है ना , बद्रू बाज़ पूछता है
नहीं बद्रू कुछ भी ठीक नहीं है वक्त बदलने लगा है वक्त फिरसे 400 साल पहले के तरफ बढ़ने लगा है , वो देखो बद्रू हमारे जो सिपाही हमारे जो योढ़ा उस 400 साल पहले के खून्नी जंग में मारे गये थे उन्हें किसने फिरसे जिंदा कर दिया है और वो भी प्राण भक्षी के रूप में ये बहुत बुरा हुआ बद्रू बहुत बुरा , हमारे धर्म योढ़ा अब शैतानी प्राण भक्षी बन चुके हैं , गुरु ब्राम्हनंद दुखी होते हुए कहते हैं
ये तो बहुत बुरा हुआ गुरुदेव इसे से तो शैतानी ताक़तों का पलड़ा भारी हो गया है अब आप क्या करेंगे गुरुदेव , बद्रू बाज़ कहता है
बद्रू में महसूस कार सकता हूँ वो जो कोई भी है जिसने भी इन धर्म योधाओं को प्राण भाक्सी बनाया है वो ईश्वक़्त कमजोर है उसने अपनी पूरी शक्ति दुबारा प्राप्त नहीं की है यहाँ तक की मुझे शक है की वो कहीं सम्राट ना हो , उसका रूहह कहीं फिरसे जगह ना
गया हो इसलिए मुझे वहाँ उस काला पर्वत पे जाकर सम्राट के कवरा को चेक करना होगा और अगर सम्राट का रूहह अभी भी उस कवरा में कैद है तो ये पता लगाना होगा की इन सभी धर्म योधाओं को किसने प्राण भक्षी बनाया
और तुम्हें मेरा एक संदेश लेकर रानी पड़ी पद्मिनी के पास जाना होगा और उनसे कहना की वक्त फिरसे बदल रहा है और उनसे ये भी कहना किसने धर्म योधन को वापस जिंदा कर दिया है और वो भी प्राण भक्षी के रूप में और उनसे कहना की पूरी बात का पता लगाने के लिए में काला पर्वत के ऊपर और उस काले खंडहर में जा रहा हूँ , अब तुम जाओ बद्रू संदेशा सीधे रानी पड़ी पद्मिनी को ही देना और हाँ मेरे पीछे बिलकुल मत आना , ये कहकर गुरु ब्राम्हनंद आगे तरफ जाते हैं
और फिर बद्रू अपने दोनों पंख खोल देता है और फाड़ फाड़ हुए उड़के जाने लगता है की अचानक रुक्क जाता है और गुरु ब्राम्हनंद को आवाज़ देते हुए कहता है ” रुकिये गुरुदेव , गुरुदेव अगर ये कोई जाल हुआ तो ”
पलट जाओ और वापस मात आना मैंने तुम्हें जो काम कहा है वो करो , गुरु ब्राम्हनंद कहते हैं
और फिर बद्रू बाज़ वेषा ही करता है वो पीछे पलट था है और अपने दोनों पंख फड़फदते हुए तेजिसे उड़ते हुए खून्नी जंगल के बाहर निकल जाता है और तेज रफ्तार के साथ रानी पड़ी पद्मिनी को गुरु ब्राम्हनंद का संदेश डेनएके लिए परिलोक के तरफ बढ़ने लगता है
और वहाँ खून्नी जंगल में खड़े गुरु ब्राम्हनंद बद्रू बाज़ को खून्नी जंगल से निकलते हुए देख आगे बढ़ते हैं और अपने आप से एक ही बात कहते हैं ” बेशक ये कोई खतरनाक जाल ही है ”
और फिर गुरु ब्राम्हनंद धीरे धीरे और प्राण भक्ष्िोन से छूपते छिपाते हुए आगे बढ़ने लगते हैं ईश्वक़्त उनके एक हाथ में जादुई दंड था तो वहीं दूसरे हाथ में एक तेजधार तलवार
गुरु ब्राम्हनंद छूपते छिपाते हुए प्राण भक्ष्िोन से बचते हुए उनसे आगे निकल आ हैं और काला पर्वत के नीचे एक काला खंडहर था जिसे सब काले खंडहर के नाम से भी जानते थे और गुरु ब्राम्हनंद उसमें घुस जाते हैं और चारों तरफ देखते हुए उस जगह को टटोलने लगते हैं
इसे जगह पे काली शक्तियों का असर लगता है मुझे यहाँ पे कुछ ना कुछ सुराग जरूर मिलेगा , ये बात गुरु ब्राम्हनंद अपने आप से कहने लगते हैं
” है शैतान मुझे पता है तू यहीं कहीं छुपा हुआ है , में तुझे हुकुम देता हूँ नेकी और अचाई के ताक़तों के तरफ से तू अपने आप को मेरे सामने पेश कार ” ये कहते हुए गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड के निचले हिस्से को उस खंडहर के ज़मीन पे पटक देते हैं जिस से वहाँ गुरु ब्राम्हनंद के जादुई दंड से एक तेज हवा का झोंका निकलता है और उस खंडहर को हिलाते हुए बाहर निकल जाता है
गुरु ब्राम्हनंद का जादू बेकार जाता है क्योंकि कोई भी सामने नहीं आता है , गुरु ब्राम्हनंद चारों तरफ
नज़र डालते हैं और फिर उस खंडहर के और अंदर घुस जाते हैं
(UPDATE-61)
गुरु ब्राम्हनंद धीरे धीरे उस खंडहर के बहुत ही अंदर घुस चुके थे और और भी आगे तरफ रहे थे , गुरु ब्राम्हनंद अपना एक एक कदम फूँक फूँक के रख रहे थे वो पूरी तरह से चौकन्ना थे चारों तरफ नज़र दौड़ते हुए वो आगे तरफ रहे थे
और फिर गुरु ब्राम्हनंद एक जगह पे रुक्क जाते हैं और फिरसे वो मंत्र पढ़ने लगते हैं ” है शैतान मुझे पता है तू यहीं कहीं छुपा हुआ है , में तुझे हुकुम देता हूँ नेकी और अचाई के ताक़तों के तरफ से तू अपने आप को मेरे सामने पेश कार ” और फिर गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड के निचले हिस्से को फिरसे ज़मीन पे पटकते हैं और इसे से एक तेज हवा का झोंका जादुई दंड से निकलता है और उस खंडहर के चारों तरफ फैलजाता है और तभी अचानक ही हवाओं को चीरते हुए एक बहुत बड़ा सा दिखने वाला प्राण भक्षी निकलता है
और वो प्राण भक्षी अपने लोहे और पठार से बने हुए गाड़ा जेशे दिखने वाले हथियार से गुरु ब्राम्हनंद के सीने के ऊपर वार करदेता है जिस से गुरु ब्राम्हनंद दूर जाकर गिरते हैं और उनके हाथों से उनका तेजधार तलवार और उनका जादुई दंड भी फिसल के गिरजते हैं
और इधर गुरु ब्राम्हनंद को नीचे ज़मीन पे गिरता देख वो बड़ा सा प्राण भक्षी हस्सने लगता है , और देखते ही देखते वहाँ चारों तरफ बहुत सारे प्राण भक्षी इकट्ठे होजते हैं और सभी गुरु ब्राम्हनंद को धीरे धीरे घेरने लगते हैं और वो बड़ा सा प्राण भक्षी अपने हाथ में अपनी खतरनाक गाड़ा जेशे दिखने वाले हथियार लिए गुरु ब्राम्हनंद के तरफ हस्सते हुए बढ़ने लगता है
वो बड़ा सा प्राण भक्षी अपने हाथ में अपनी खतरनाक गाड़ा जेशे दिखने वाले हथियार लिए गुरु ब्राम्हनंद के तरफ हस्सते हुए बढ़ने लगता है और गुरु ब्राम्हनंद रेंगते हुए पीछे हतटने लगते हैं और गुरु ब्राम्हनंद को यूँ रेंगते हुए पीछे हॅट था हुआ देख वो बड़ा सा प्राण भक्षी और भी ज़ोर ज़ोर से हस्सते हुए आगे बढ़ने लगता है और वो बड़ा सा प्राण भक्षी जेशे ही गुरु ब्राम्हनंद के करीब पहुँचता है
वो प्राण भक्षी अपने हाथ में पकड़े हुए गाड़ा जेशे दिखने वाले हथियार को ज़ोर से कशलेता है और गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर वार करने लगता है लेकिन इसे से पहले की वो प्राण भक्षी गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर अपने खतरनाक हथियार से वार करता
तब तक गुरु ब्राम्हनंद रेंगते हुए अपने जादुई दंड के करीब पहुँच चुके थे वो अपना हाथ अपने जादुई दंड के तरफ करते हैं और उनका जादुई दंड तेजिसे उनके तरफ उड़ता हुआ आ जाता है और गुरु ब्राम्हनंद जब देखते हैं की वो बड़ा सा प्राण भक्षी उनके ऊपर वार कार रहा है तो वो फौरन अपने जादुई दंड का रुख उस बारे से प्राण भक्षी के तरफ करते हैं और एक मंत्र बोलते हैं जिस से उनके जादुई दंड
से एक तेज लाल(रेड) रंग की रोशनी निकलती है और सीधे उस बारे से प्राण भक्षी को जाकर लगती है और देखते ही देखते एक तेज विस्पोट होता है , बूंमम्ममम
इसे तेज विस्पोट के साथ ही उस बारे से प्राण भक्षी के शरीर के चिथड़े उड़ जाते हैं और उस जगह के चारों तरफ बिखर के गिरने लगते हैं , गुरु ब्राम्हनंद फौरन नीचे ज़मीन से उठ खड़े होते हैं और अपने जादुई दंड के निचले हिस्से को पूरी ताक़त के साथ ज़मीन पे पटक देते हैं , इसे से वहाँ एक तेज हवा का झोंका आता है जिस से वहाँ मौजूद सभी प्राण भक्षी कुछ देर के लिए कुछ भी देख नहीं पत्ते हैं उनके आँखों में धूल और मिट्टी चली जाती है इसे तेज हवा के झोंके के वजह से और इसे मौके का फायदा उठाकर गुरु ब्राम्हनंद वहाँ से जल्दी से निकल जाते हैं
कुछ ही देर में गुरु ब्राम्हनंद वहाँ उस खंडहर से निकल के अपने जादुई शक्तियों का इस्तेमाल करके जा पहुँचता हैं काला पर्वत के ऊपर तकिी ये पता लगा सके की इन सबके पीछे आख़िर है कौन
गुरु ब्राम्हनंद काला पर्वत पे पहुंच चुके थे और आगे तरफ रहे थे और हरर तरफ देखते हुए जाएजा लेते हुए आगे तरफ रहे थे गुरु ब्राम्हनंद ईश्वक़्त पूरी तरह से चौकन्ना थे और तभी गुरु ब्राम्हनंद को कुछ सुनाई देता है
हाहहाहा हाहहहाहा किसे ढूंढ. रहे हो धर्म गुरु ब्राम्हनंद , हाहहाहा हाहहहाहा यहाँ हरर तरफ तुम्हें सिर्फ़ अंधेरा ही अंधेरा मिलेगा
इसे आवाज़ को सुनकर गुरु ब्राम्हनंद के पर वहीं के वहीं रुक्क जाते हैं , इसे आवाज़ को सुनकर उनके चेहरे पे पसीना आने लगते हैं और उनके जुबान से लड़खड़ाते हुए बस एक ही शब्द (वर्ड) निकलता है ” सम्राट ”
गुरु ब्राम्हनंद धीरे धीरे पीछे पलट ते हैं और अपने से थोड़ी दुरपे सामने खड़े एक काले साए को पाते हैं और उस काले साए को देख गुरु ब्राम्हनंद समझ जाते हैं की ये काला साया किसी और का नहीं सम्राट का अक्ष ही है
आख़िरकार हमारा दुबारा आमना सामना हो ही गया ब्राम्हनंद , मैंने तुम्हें कहा था ना की में एक ना एक दिन वापस जरूर आऊंगा , लो में लौट आया और बहुत जल्द में अपनी कही गयी हरर एक बात को पूरा करूँगा , बहुत जल्द में अपने पूर्ण रूप को हासिल करलूंगा और फिर इसे मायवी दुनिया को मेरे हाथों खत्म होने से कोई नहीं रोक सकता है कोई भी नहीं , हाहहाहा हाहहाहा , सम्राट का अक्ष ये कहकर ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता है
तुम्हारा इसे मायवी दुनिया को खत्म करके शैतानी दुनिया का राज़ कायम करने का सपना तब भी अधूरा रही गया था और अब भी ये सपना अधूरा ही रहेगा तुम्हारा ये सपना कभी भी पूरा नहीं होगा , तुम अपने पूर्ण रूप को कभी भी हासिल नहीं कार सकोगे , गुरु ब्राम्हनंद सम्राट को ये कहते हैं
हाहहहाहा हाहहाहा , तू शायद ये भूल रहा है ब्राम्हनंद की मेरा अंश अग्नि थे ईविल प्रिन्स , अब इसे
मायवी दुनिया में अचुका है और उसके ही वजह से मेरा रूहह मेरा आत्मा फिरसे जगह उठा है और वो मुझे मेरा पूर्ण रूप भी इसी तरह वापस दिलवाएगा मुझे उसपर पूरा विश्वास है , सम्राट हस्सते हुए ये सब गुरु ब्राम्हनंद से कहता है
हाहाहा , गुरु ब्राम्हनंद अपने चेहरे पे मुस्कान लिए सम्राट से कहते हैं , सम्राट मुझे तेरे इसे सोचपे हँसी आती है , तू एक तरफ अग्नि को अपना अंश बताता है लेकिन तू ये केशे भूल जाता है की अग्नि सिर्फ़ तेरा ही अंश नहीं है वो तेरे साथ साथ किसी और का भी अंश है
अग्नि तेरे साथ साथ तेरे जुड़वा भाई विराट का भी अंश है और तुझे में फिरसे याद दिलदेता हूँ की विराट ही वो साक्ष् है जिसके वजह से तू पिछली बार जंग में मारा गया था , अगर तू शैतानी और अंधेरी दुनिया का मल्लिक है तो विराट अचाई और इंसाफ का योढ़ा था
अगर तुझसे डार्क सभी तेरे सामने झुकते थे सलाम करते थे तो वहीं विराट के सामने सभी प्यार और मोहब्बत के कारण झुकते थे और उसे सलाम करते थे ,,,,,,, अगर बारे से बड़ा धर्म योढ़ा तेरे शैतानी शक्तियों के सामने बेकार थे तो वहीं विराट के अचाई के ताक़तों और मजबुट्ट इरादों के कारण बारे से बड़ा शैतान भी विराट से टकराने से डरते थे
इसलिए तू ये मात समझ की अग्नि सिर्फ़ तेरा अंश है वो विराट का भी अंश है , में मानता हूँ की अग्नि ईश्वक़्त एक वेमपाइर है और वो ईविल प्रिन्स भी है लेकिन उसके दिल के किसी कोने में आज भी अचाई बस्ती है , उसके पास बेशुमार ताक़तें होने के बावजूद वो आज भी एक मामूली इंसान की जिंदगी जीना चाहता है , और ये बात इसे बात का सबूत देता है की अग्नि के दिल में बुराई के साथ साथ अचाई भी है
सम्राट अग्नि सिर्फ़ तेरा ही अंश नहीं है वो तेरा साथ साथ तेरे जुड़वा भाई विराट का भी अंश है और जिस दिन उसे अपने जिंदगी के सारे राज़ पता चल जाएगा , जिस दिन अग्नि को अपनी पिछली जिंदगी पूरी तरह से याद अजाएगी मुझे पूरा यकीन है उस दिन अग्नि अपने दिल से बुराई को झड़ से उखाड़ फेंकेगा और तुझे भी
शा कभी नहीं होगा ब्राम्हनंद कम से कम इसे बार तो बिलकुल भी नहीं , पिछली बार तुम सबने मिलकर मेरे भाई को मेरे खिलाफ भड़का दिया था हम दोनों भाइयों के बीच में दरार डाल दिया था तुम सबने मिलकर , जिसके वजह से वो मेरे खिलाफ हो गया था वरना मेरा भाई कभी भी मेरे खिलाफ खड़ा नहीं होता , सम्राट का अक्ष गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
ये तुम्हारा बहन है सम्राट हम में से किसने भी विराट को तुम्हारे खिलाफ नहीं भड़काया था , तुम्हारी दरिंदगी और तुम्हारी शैतानियत देख के तुम्हारा भाई तुम्हारे खिलाफ हो गया था , वो एक सच्चा योढ़ा था और अचाई का रक्षक था और तुम एक शैतान बन चुके थे मासूम लोगों को मौत के घाट उतरना तुम्हारी आदत बंचुकी थी और तुम्हारी इन्हीं सभी हरक़तों के वजह से वो तुम्हारे
खिलाफ हो गया था और अबकी बार भी शा ही होगा , ये कहकर गुरु ब्राम्हनंद चुप होजते हैं
गुरु ब्राम्हनंद के चुप होते ही सम्राट फिरसे कहता है , नहिंन्नणणन् इसे बार शा कुछ भी नहीं होगा , में शा कुछ होने ही नहीं दूँगा में अग्नि को उसकी पिछली जिंदगी के बारे में कभी याद आने ही नहीं दूँगा , इसे बार में शा कुछ भी नहीं होने दूँगा और रही बात तेरी तो ब्राम्हनंद अब तेरा वक्त खत्म होचुका है अब तेरे मरने का वक्त आ गया है बहुत सालों तक जिलिया तूने अब अपने मौत का सामना कार
ये बोलते हुए सम्राट अपने हाथ को ऊपर उठता है और बारे ज़ोर से चिल्लाता है , यहह , ये चीख इतनी खतरनाक थी की इसे चीख की गूँज पूरे खून्नी जंगल में फैल जाती है और पूरा का पूरा जंगल हिल जाता है , खून्नी जंगल की सभी काली शक्तियाँ काले धुआँ के रूप में तेजिसे सम्राट के अंदर सामने लगती हैं
ब्राम्हनंद तैयार होज़ा अपने मौत का सामना करने के लिए , सम्राट गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
और फिर सम्राट अपनी हाथ को गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करता है और देखते ही देखते सम्राट के अक्ष के हाथ से काली शक्तियाँ ऊर्जा के रूप में निकलती हैं और तेजिसे गुरु ब्राम्हनंद के तरफ बढ़ने लगती हैं और जब गुरु ब्राम्हनंद ये देखते हैं तो फौरन अपने जादुई दंड को उठाते हैं और कहता हैं ” रक्षनाम ” और फिर गुरु ब्राम्हनंद के द्वारा इसे मंत्र के कहे जाने के बाद अचानक उनके जादुई दंड से एक तेज सफेद रोशनी निकलती है और तेजिसे एक बड़ा सा गोल आकर ले लेती है और गुरु ब्राम्हनंद को चारों तरफ से घेर्लेटी है एक सुरक्षा कवच की तरह , सम्राट के अक्ष के हाथ से निकली हुई काली ऊर्जा शक्तियाँ सीधे आकर गुरु ब्राम्हनंद के उस कवच से लगती हैं
जब सम्राट का छोड़दा गया काली ऊर्जा गुरु ब्राम्हनंद के उस कवच से टकराती है तो एक बहुत बड़ा तेज विस्पोट होता है , बूंमम्ममममम , और इसे विस्पोट से पूरा का पूरा काला पर्वत हिल जाता है और चारों तरफ काला ही काला धुआँ फैल जाता है , जब कुछ देर बाद वहाँ से काला धुआँ धीरे धीरे हटने लगता है तब पता चलता है की सम्राट का बार खाली गया है
अपने वार को नाकाम होता हुआ देख सम्राट बौखला जाता है और दुबारा से गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर अपनी काली ऊर्जा शक्तियों से हमला करने लगता है एक के बाद के , एक से बढ़कर एक हमला करने लगता है सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर लेकिन गुरु ब्राम्हनंद का वो जादुई कवच उन्हें सम्राट के हर एक वार से बचलेटा है
जब सम्राट की काली ऊर्जा शक्तियाँ गुरु ब्राम्हनंद के उस जादुई कवच से टकराते हैं तो बहुत बारे बारे धमाके और विस्पोट होते हैं लेकिन सारे नाकाम रहते हैं उस कवच को तोड़ने में और ये सब देख सम्राट अपनी आँखों को बंद करता है और देखते ही देखते सभी काली शक्तियाँ जो सम्राट के
अंदर काले धुआँ के रूप में थे वो सब बाहर निकलते हैं और सम्राट को चारों तरफ से घर लेते हैं वो सभी काली शक्तियाँ सम्राट को इसे तरह घेरते हैं की सम्राट को कोई भी देख नहीं पता है
और फिर अचानक ही उन्न काला धुआँ में से कुछ रोशनी निकालने लगती है और फिर वो सारे काला धुआँ धीरे धीरे सम्राट के चारों तरफ से हटने लगते हैं और पीछे जाने लगते हैं , और जब वो सभी काला धुआँ सामने से हॅट जाते हैं तो सम्राट का नया रूप सामने आता है
सम्राट इसे वक्त एक अलग ही रूप में था उसका अक्ष ईश्वक़्त जल रहा था सम्राट का पूरा अक्ष ईश्वक़्त जल रहा था सम्राट ईश्वक़्त एक आग के दानव के रूप में था और उन्न सभी काली शक्तियाँ जो काला धुआँ के रूप में थे उनके आगे खड़ा था
सम्राट को इसे आग के दानव के रूप में देख गुरु ब्राम्हनंद के पसीने निकालने लगते हैं , और सम्राट अपने नये रूप में आ ही अपने दोनों हाथों को ऊपर उठता है इसे से सम्राट के हाथों से आग निकालने लगते हैं और हवाओं और असमान में तेजिसे फैलने लगते हैं और फिर सम्राट अपने दोनों हाथ को आश्मन के तरफ करके धीरे धीरे घूमने लगता है और फिर सम्राट के शा करते ही असमान और हवाओं में फैला हुआ आग भी चारों तरफ चाकरी के तरह घूमने लगता है और फिर वो आग और भी तेजिसे चाकरी के तरह घूमने लगती है
और फिर सम्राट अपने जलते हुए सर को पीछे घूमता है और अपने पीछे मौजूद उन्न काली शक्तियों को हुकुम देता है के जाकर उन्न आग के साथ मिलज़ाओ और फिर देखते ही देखते वो काली शक्तियाँ सीधे जाकर उन्न आग के साथ मिल जाती है इसे से वहाँ का बताबरन और भी खतरनाक हो जाता है
अब सम्राट अपने काली शाकत्ों को अपने खतरनाक आग के साथ मिला चुका था और फिर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के तरफ देखता है , गुरु ब्राम्हनंद की हालत ईश्वक़्त बहुत खराब होचुकी थी ये सब नज़ारा देख उनके मुंह से एक ही शब्द निकलती है ” है मेरे मलिक मेरी रक्षा कर इसे शैतान से ”
सम्राट अपने दोनों हाथों का रुख गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करदेता है और देखते ही देखते सम्राट की आग और काली ऊर्जा से मिली जुली शक्तियाँ तेजिसे गुरु ब्राम्हनंद के तरफ उड़ जाती है और देखते ही देखते वो सभी जा टकराती हैं गुरु ब्राम्हनंद के उस जादुई कवच से और उस कवच से टकराते ही एक तेज धमाका होता है दिल दहला देने वाला , और इसे धमाके से गुरु ब्राम्हनंद का कवच बच नहीं पता और उसके चिथड़े उड़ जाते हैं और इसे धमाके से गुरु ब्राम्हनंद तेजिसे उड़ते हुए जाते हैं और जाकर सीधे एक चट्टान से टक्रजते हैं
गुरु ब्राम्हनंद फौरन उठ खड़े होते हैं और अपने हाथ में जादुई दंड को लेकर सम्राट के तरफ बढ़ने लगते हैं और सम्राट भी अब अपने नये रूप के साथ अपने पीछे उन्न सभी काली शक्तियों को लेकर गुरु ब्राम्हनंद के तरफ बढ़ने लगता है , सम्राट
धीरे धीरे जितना कदम आगे बढ़ता सम्राट का आकर उतना ही बड़ा होता जा रही था उसका अक्ष और भी ज्यादा जल उठ रहा था चारों तरफ ईश्वक़्त आग ही आग फैल चुका था काला पर्वत के ऊपर
गुरु ब्राम्हनंद अपने हाथ में जादुई दंड पकड़े हुए थे और उस जादुई दंड का रुख वो सम्राट के तरफ करने लगते हैं और कुछ मंत्र बोलने को होते ही हैं की अचानक कुछ शा होता है जिस से गुरु ब्राम्हनंद की रही सही हिम्मत भी टूट जाती है
सम्राट जीतने जीतने कदम आगे बढ़ता चारों तरफ आग उठने ही तेजिसे फैलता जाता , गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड का रुख सम्राट के तरफ करके कुछ मंत्र पढ़ने को हुए ही थे की अचानक सम्राट के नज़दीक आने के वजह से उनका जादुई दंड जल्के रख हो जाता है और उस जादुई दंड का रख हवा में उड़ जाता है और अपने जादुई दंड को रख होता हुआ देख गुरु ब्राम्हनंद का सारा हिम्मत टूट जाता है
सम्राट आगे बढ़ते हुए अपने एक हाथ को उठता है और गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद अपने आप हवा में उठ जाते हैं और फिर सम्राट अपने उस हाथ को नीचे के तरफ करके झड़ देता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद अपने आप नीचे ज़ोर से पटक दिए जाते हैं और उनका सर फट जाता है और उनके सर से खून बहने लगता है और इसके बाद सम्राट फिरसे अपने हाथ को ऊपर उठता है और गुरु ब्राम्हनंद भी हवा में उठ जाते हैं और फिर सम्राट अपने हाथ को आगे धकेल देता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद सीधा जाकर एक चट्टान से तेजिसे टकराते हैं और नीचे गिरजते हैं
सम्राट आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए गुरु ब्राम्हनंद के पास जा पहुँचता है और सम्राट के गुरु ब्राम्हनंद के करीब पहुँचते ही गुरु ब्राम्हनंद के शरीर में आग लग जाता है और वो चत्तपटाने लगते हैं , सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के गर्दन को पकड़ता है और ऊपर हवा में उठा देता है
ब्राम्हनंद मैंने कहा था ना तुझे की तेरा आखिरी वक्त आ गया है अब तू मरने वाला है में तुझे ऐशी मौत दूँगा जिस से तेरी पवित्र आत्मा को कभी भी शांति नहीं मिलेगा , में तेरे शक्तियों के साथ साथ तेरे आत्मा को भी निगल जाऊंगा , सम्राट ये सब गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
तू मेरे साथ कुछ भी करले लेकिन तेरा अंजाम वही होगा जो पिछली बार हुआ था , सचाई हमेशा जीिट टीी है और हमेशा जीतेगी , गुरु ब्राम्हनंद ये कहते हैं
मौत के सामने खड़ा है लेकिन फिर भी भसन देने से नहीं चूकेगा तू अब बहुत दे दिया भसन तूने अब तेरे मरने का टाइम आ गया है , सम्राट ये आखिरी बात कहता है
(UPDATE-62)
और फिर सम्राट अपने जलते हुए मुंह को खोलता है और गुरु ब्राम्हनंद के शक्तियों को उनके शरीर से खींचने लगता है और देखते ही देखते गुरु ब्राम्हनंद के शरीर के सारे औरा शक्ति और ऊर्जा शक्ति निकलकर सम्राट के मुंह के अंदर सामने लगती है और इधर गुरु
ब्राम्हनंद का शरीर भी जलने लगा था कुछ ही मिनट के अंदर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद की सभी शक्तियों को उनके शरीर से खींच लेता है और अपने अंदर समा लेता है और यहाँ तक की सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के रूहह आत्मा को भी निगल लेता है
अब सम्राट गुरु ब्राम्हनंद का अष्टित्वा पूरी तरह से खत्म कार चुका था यहाँ तक की सम्राट ने गुरु ब्राम्हनंद के आत्मा तक को निगल लिया था
और फिर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद का काम तमाम करने के बाद उनके आधे जल चुके शरीर को उठता है और काला पर्वत के नीचे फेंक देता है और गुरु ब्राम्हनंद का शरीर तेजिसे जाकर काला पर्वत के नीचे धाधम्म्म करके गिरता है
और गुरु ब्राम्हनंद के शरीर को नीचे गिरता देख काला पर्वत के नीचे मौजूद सभी प्राण भक्षी फौरन गुरु ब्राम्हनंद के शरीर के ऊपर कुदड पड़ते हैं और उनके आधे जले हुए शरीर को चिर फाड़ते हुए खाने लगते हैं
शा कभी नहीं होगा ब्राम्हनंद कम से कम इसे बार तो बिलकुल भी नहीं , पिछली बार तुम सबने मिलकर मेरे भाई को मेरे खिलाफ भड़का दिया था हम दोनों भाइयों के बीच में दरार डाल दिया था तुम सबने मिलकर , जिसके वजह से वो मेरे खिलाफ हो गया था वरना मेरा भाई कभी भी मेरे खिलाफ खड़ा नहीं होता , सम्राट का अक्ष गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
ये तुम्हारा बहन है सम्राट हम में से किसने भी विराट को तुम्हारे खिलाफ नहीं भड़काया था , तुम्हारी दरिंदगी और तुम्हारी शैतानियत देख के तुम्हारा भाई तुम्हारे खिलाफ हो गया था , वो एक सच्चा योढ़ा था और अचाई का रक्षक था और तुम एक शैतान बन चुके थे मासूम लोगों को मौत के घाट उतरना तुम्हारी आदत बंचुकी थी और तुम्हारी इन्हीं सभी हरक़तों के वजह से वो तुम्हारे खिलाफ हो गया था और अबकी बार भी शा ही होगा , ये कहकर गुरु ब्राम्हनंद चुप होजते हैं
गुरु ब्राम्हनंद के चुप होते ही सम्राट फिरसे कहता है , नहिंन्नणणन् इसे बार शा कुछ भी नहीं होगा , में शा कुछ होने ही नहीं दूँगा में अग्नि को उसकी पिछली जिंदगी के बारे में कभी याद आने ही नहीं दूँगा , इसे बार में शा कुछ भी नहीं होने दूँगा और रही बात तेरी तो ब्राम्हनंद अब तेरा वक्त खत्म होचुका है अब तेरे मरने का वक्त आ गया है बहुत सालों तक जिलिया तूने अब अपने मौत का सामना कार
ये बोलते हुए सम्राट अपने हाथ को ऊपर उठता है और बारे ज़ोर से चिल्लाता है , यहह , ये चीख इतनी खतरनाक थी की इसे चीख की गूँज पूरे खून्नी जंगल में फैल जाती है और पूरा का पूरा जंगल हिल जाता है , खून्नी जंगल की सभी काली शक्तियाँ काले धुआँ के रूप में तेजिसे सम्राट के अंदर सामने लगती हैं
ब्राम्हनंद तैयार होज़ा अपने मौत का सामना करने के लिए , सम्राट गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
और फिर सम्राट अपनी हाथ को गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करता है और देखते ही देखते
सम्राट के अक्ष के हाथ से काली शक्तियाँ ऊर्जा के रूप में निकलती हैं और तेजिसे गुरु ब्राम्हनंद के तरफ बढ़ने लगती हैं और जब गुरु ब्राम्हनंद ये देखते हैं तो फौरन अपने जादुई दंड को उठाते हैं और कहता हैं ” रक्षनाम ” और फिर गुरु ब्राम्हनंद के द्वारा इसे मंत्र के कहे जाने के बाद अचानक उनके जादुई दंड से एक तेज सफेद रोशनी निकलती है और तेजिसे एक बड़ा सा गोल आकर ले लेती है और गुरु ब्राम्हनंद को चारों तरफ से घेर्लेटी है एक सुरक्षा कवच की तरह , सम्राट के अक्ष के हाथ से निकली हुई काली ऊर्जा शक्तियाँ सीधे आकर गुरु ब्राम्हनंद के उस कवच से लगती हैं
जब सम्राट का छोड़दा गया काली ऊर्जा गुरु ब्राम्हनंद के उस कवच से टकराती है तो एक बहुत बड़ा तेज विस्पोट होता है , बूंमम्ममममम , और इसे विस्पोट से पूरा का पूरा काला पर्वत हिल जाता है और चारों तरफ काला ही काला धुआँ फैल जाता है , जब कुछ देर बाद वहाँ से काला धुआँ धीरे धीरे हटने लगता है तब पता चलता है की सम्राट का बार खाली गया है
अपने वार को नाकाम होता हुआ देख सम्राट बौखला जाता है और दुबारा से गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर अपनी काली ऊर्जा शक्तियों से हमला करने लगता है एक के बाद के , एक से बढ़कर एक हमला करने लगता है सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के ऊपर लेकिन गुरु ब्राम्हनंद का वो जादुई कवच उन्हें सम्राट के हर एक वार से बचलेटा है
जब सम्राट की काली ऊर्जा शक्तियाँ गुरु ब्राम्हनंद के उस जादुई कवच से टकराते हैं तो बहुत बारे बारे धमाके और विस्पोट होते हैं लेकिन सारे नाकाम रहते हैं उस कवच को तोड़ने में और ये सब देख सम्राट अपनी आँखों को बंद करता है और देखते ही देखते सभी काली शक्तियाँ जो सम्राट के अंदर काले धुआँ के रूप में थे वो सब बाहर निकलते हैं और सम्राट को चारों तरफ से घर लेते हैं वो सभी काली शक्तियाँ सम्राट को इसे तरह घेरते हैं की सम्राट को कोई भी देख नहीं पता है
और फिर अचानक ही उन्न काला धुआँ में से कुछ रोशनी निकालने लगती है और फिर वो सारे काला धुआँ धीरे धीरे सम्राट के चारों तरफ से हटने लगते हैं और पीछे जाने लगते हैं , और जब वो सभी काला धुआँ सामने से हॅट जाते हैं तो सम्राट का नया रूप सामने आता है
सम्राट इसे वक्त एक अलग ही रूप में था उसका अक्ष ईश्वक़्त जल रहा था सम्राट का पूरा अक्ष ईश्वक़्त जल रहा था सम्राट ईश्वक़्त एक आग के दानव के रूप में था और उन्न सभी काली शक्तियाँ जो काला धुआँ के रूप में थे उनके आगे खड़ा था
सम्राट को इसे आग के दानव के रूप में देख गुरु ब्राम्हनंद के पसीने निकालने लगते हैं , और सम्राट अपने नये रूप में आ ही अपने दोनों हाथों को ऊपर उठता है इसे से सम्राट के हाथों से आग निकालने लगते हैं और हवाओं और असमान में तेजिसे फैलने लगते हैं और फिर सम्राट अपने दोनों हाथ को आश्मन
के तरफ करके धीरे धीरे घूमने लगता है और फिर सम्राट के शा करते ही असमान और हवाओं में फैला हुआ आग भी चारों तरफ चाकरी के तरह घूमने लगता है और फिर वो आग और भी तेजिसे चाकरी के तरह घूमने लगती है
और फिर सम्राट अपने जलते हुए सर को पीछे घूमता है और अपने पीछे मौजूद उन्न काली शक्तियों को हुकुम देता है के जाकर उन्न आग के साथ मिलज़ाओ और फिर देखते ही देखते वो काली शक्तियाँ सीधे जाकर उन्न आग के साथ मिल जाती है इसे से वहाँ का बताबरन और भी खतरनाक हो जाता है
अब सम्राट अपने काली शाकत्ों को अपने खतरनाक आग के साथ मिला चुका था और फिर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के तरफ देखता है , गुरु ब्राम्हनंद की हालत ईश्वक़्त बहुत खराब होचुकी थी ये सब नज़ारा देख उनके मुंह से एक ही शब्द निकलती है ” है मेरे मलिक मेरी रक्षा कर इसे शैतान से ”
सम्राट अपने दोनों हाथों का रुख गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करदेता है और देखते ही देखते सम्राट की आग और काली ऊर्जा से मिली जुली शक्तियाँ तेजिसे गुरु ब्राम्हनंद के तरफ उड़ जाती है और देखते ही देखते वो सभी जा टकराती हैं गुरु ब्राम्हनंद के उस जादुई कवच से और उस कवच से टकराते ही एक तेज धमाका होता है दिल दहला देने वाला , और इसे धमाके से गुरु ब्राम्हनंद का कवच बच नहीं पता और उसके चिथड़े उड़ जाते हैं और इसे धमाके से गुरु ब्राम्हनंद तेजिसे उड़ते हुए जाते हैं और जाकर सीधे एक चट्टान से टक्रजते हैं
गुरु ब्राम्हनंद फौरन उठ खड़े होते हैं और अपने हाथ में जादुई दंड को लेकर सम्राट के तरफ बढ़ने लगते हैं और सम्राट भी अब अपने नये रूप के साथ अपने पीछे उन्न सभी काली शक्तियों को लेकर गुरु ब्राम्हनंद के तरफ बढ़ने लगता है , सम्राट धीरे धीरे जितना कदम आगे बढ़ता सम्राट का आकर उतना ही बड़ा होता जा रही था उसका अक्ष और भी ज्यादा जल उठ रहा था चारों तरफ ईश्वक़्त आग ही आग फैल चुका था काला पर्वत के ऊपर
गुरु ब्राम्हनंद अपने हाथ में जादुई दंड पकड़े हुए थे और उस जादुई दंड का रुख वो सम्राट के तरफ करने लगते हैं और कुछ मंत्र बोलने को होते ही हैं की अचानक कुछ शा होता है जिस से गुरु ब्राम्हनंद की रही सही हिम्मत भी टूट जाती है
सम्राट जीतने जीतने कदम आगे बढ़ता चारों तरफ आग उठने ही तेजिसे फैलता जाता , गुरु ब्राम्हनंद अपने जादुई दंड का रुख सम्राट के तरफ करके कुछ मंत्र पढ़ने को हुए ही थे की अचानक सम्राट के नज़दीक आने के वजह से उनका जादुई दंड जल्के रख हो जाता है और उस जादुई दंड का रख हवा में उड़ जाता है और अपने जादुई दंड को रख होता हुआ देख गुरु ब्राम्हनंद का सारा हिम्मत टूट जाता है
(UPDATE-63)
सम्राट आगे बढ़ते हुए अपने एक हाथ को उठता है और गुरु ब्राम्हनंद के तरफ करता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद अपने आप हवा में उठ जाते हैं और फिर सम्राट
अपने उस हाथ को नीचे के तरफ करके झड़ देता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद अपने आप नीचे ज़ोर से पटक दिए जाते हैं और उनका सर फट जाता है और उनके सर से खून बहने लगता है और इसके बाद सम्राट फिरसे अपने हाथ को ऊपर उठता है और गुरु ब्राम्हनंद भी हवा में उठ जाते हैं और फिर सम्राट अपने हाथ को आगे धकेल देता है इसे से गुरु ब्राम्हनंद सीधा जाकर एक चट्टान से तेजिसे टकराते हैं और नीचे गिरजते हैं
सम्राट आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए गुरु ब्राम्हनंद के पास जा पहुँचता है और सम्राट के गुरु ब्राम्हनंद के करीब पहुँचते ही गुरु ब्राम्हनंद के शरीर में आग लग जाता है और वो चत्तपटाने लगते हैं , सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के गर्दन को पकड़ता है और ऊपर हवा में उठा देता है
ब्राम्हनंद मैंने कहा था ना तुझे की तेरा आखिरी वक्त आ गया है अब तू मरने वाला है में तुझे ऐशी मौत दूँगा जिस से तेरी पवित्र आत्मा को कभी भी शांति नहीं मिलेगा , में तेरे शक्तियों के साथ साथ तेरे आत्मा को भी निगल जाऊंगा , सम्राट ये सब गुरु ब्राम्हनंद को कहता है
तू मेरे साथ कुछ भी करले लेकिन तेरा अंजाम वही होगा जो पिछली बार हुआ था , सचाई हमेशा जीिट टीी है और हमेशा जीतेगी , गुरु ब्राम्हनंद ये कहते हैं
मौत के सामने खड़ा है लेकिन फिर भी भसन देने से नहीं चूकेगा तू अब बहुत दे दिया भसन तूने अब तेरे मरने का टाइम आ गया है , सम्राट ये आखिरी बात कहता है
और फिर सम्राट अपने जलते हुए मुंह को खोलता है और गुरु ब्राम्हनंद के शक्तियों को उनके शरीर से खींचने लगता है और देखते ही देखते गुरु ब्राम्हनंद के शरीर के सारे औरा शक्ति और ऊर्जा शक्ति निकलकर सम्राट के मुंह के अंदर सामने लगती है और इधर गुरु ब्राम्हनंद का शरीर भी जलने लगा था कुछ ही मिनट के अंदर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद की सभी शक्तियों को उनके शरीर से खींच लेता है और अपने अंदर समा लेता है और यहाँ तक की सम्राट गुरु ब्राम्हनंद के रूहह आत्मा को भी निगल लेता है
अब सम्राट गुरु ब्राम्हनंद का अष्टित्वा पूरी तरह से खत्म कार चुका था यहाँ तक की सम्राट ने गुरु ब्राम्हनंद के आत्मा तक को निगल लिया था
और फिर सम्राट गुरु ब्राम्हनंद का काम तमाम करने के बाद उनके आधे जल चुके शरीर को उठता है और काला पर्वत के नीचे फेंक देता है और गुरु ब्राम्हनंद का शरीर तेजिसे जाकर काला पर्वत के नीचे धाधम्म्म करके गिरता है
और गुरु ब्राम्हनंद के शरीर को नीचे गिरता देख काला पर्वत के नीचे मौजूद सभी प्राण भक्षी फौरन गुरु ब्राम्हनंद के शरीर के ऊपर कुदड पड़ते हैं और उनके आधे जले हुए शरीर को चिर फाड़ते हुए खाने लगते हैं
जादूगर जोरबार और रुद्रा दोनों अपने घोड़े पे सवार होकर तेजिसे अपने मंजिल खून्नी जंगल के तरफ तरफ रहे थे , रात के सन्नाटे और खामोशी को चीरते
हुए दोनों अपने घोड़ों को तेज रफ्तार से दौड़ते हुए आख़िरकार अपने मंजिल पे पहुँच ही जाते हैं , यनेकिी दोनों खून्नी जंगल के पास पहुँच ही जाते हैं
जब दोनों खून्नी जंगल के पास पहुँचते हैं तो सबसे पहले जादूगर जोरबार अपने घोड़े का लगान काश देता है जिस से उसका घोड़ा रुक्क जाता है और जादूगर जोरबार को रुकता देख रुद्रा भी वहीं रुक्क जाता है
रुद्रा यही है वो खून्नी जंगल और इसके सरहद के उस तरफ है वो काला पर्वत जिसपे हमें जाना है उस फूल को हासिल करने के लिए , जादूगर जोरबार सामने जंगल के तरफ देखते हुए कहता है
तो फिर हम यहाँ रुके क्यों हैं चलिए चलते हैं जंगल के अंदर , रुद्रा कहता है
नहीं रुद्रा अभी नहीं ईश्वक़्त रात का वक्त है और रात के वक्त में खून्नी जंगल बहुत ही खतरनाक बनजता है इसलिए हमें सुबह तक का इंतजार करना चाहिए वेशे भी सुबह होने में अब बॅस कुछ घंटे ही रहगए हैं
उसके बाद जादूगर जोरबार और रुद्रा दोनों वहीं जंगल के सामने अपना डेरा दलदेते हैं और कुछ लकड़िओन को इकट्ठा करके जलते हैं और उसके सामने ही बैठ जाते हैं और आग में अपना हाथ सेखने लगते हैं
रात का वक्त था और ऊपर से ठंड का मौसम , दोनों ईश्वक़्त चुप चाप बैठे हुए आग में अपना हाथ सेख रहे थे और इसे से दोनों को कुछ सुकून मिलराहा था और दोनों के बीच की चुप्पी रुद्रा ही पहले तोड़ता है
जोरबार में कुछ दीनों से सम्राट का नाम बहुत सुन्न रहा हूँ पहले मैंने सम्राट का नाम अग्नि के मुंह से सुना और फिर आप के मुंह से और फिर मेरी मां के मुंह से आख़िर ये सम्राट था कौन क्या वो इतना बुरा था , जोरबार कुछ बताइए ना सम्राट के बारे में
क्य्ाआअ , तुम्हें सम्राट के बारे में पता नहीं , तुम तो गंडर के सहजादे हो तुम्हें तो सबकुछ पता होगा , क्या तुम्हें बचपन में जुड़वा सहजादों की कहानी नहीं सुनाई गयी , गंडर में तो हर घर में छोटे बच्चों को ये कहानी सुनाई जाती है , तकिी बचे इसे कहानी से बहुत कुछ सिख सकें , जोरबार चौंकते हुए रुद्रे से ये सब कहता है
जोरबार डरहसल बात ये है की में बचपन से इंसानी दुनिया में पाला बढ़ा हूँ और मेरे पिता एक मामूली इंसान हैं , मुझे तो बचपन से लगता था की मेरे परिवार में मेरे पिता के अलावा मेरा और कोई भी अपना नहीं है लेकिन कुछ ही महीनों पहले मेरे पिता ने मुझे ये बताया की मेरी मां जिंदा हैं और इसे मायवी दुनिया में किसी डस्ट चुड़ैल के चंगुल में फँसी हुई हैं कैद हैं और तब मैंने फैसला किया की में इसे मायवी दुनिया में आऊंगा और अपनी मां को उस चुड़ैल के कैद से चूडौँगा और फिर में यहाँ आ गया और यहाँ आकर मुझे इसे दुनिया में मेरा पुराना दोस्त अग्नि मिलगाया , हम दोनों इंसानी दुनिया में भी दोस्त थे और जब उसको मेरे बारे में सब पता चला तो उसने मेरे मदद किया और अग्नि के मदद से में उस चुड़ैल
को मारकर अपनी मां को छुड़ाने में कामयाब रहा और फिर मुझे बाद में मेरी मां से पता चला की में गंडर का सहजादा हूँ
अच्छा तो ये बात है तो इसलिए तुम्हें सम्राट के बारे में नहीं पता , अगर तुम्हारा बचपन गंडर में गुजरा होता तो तुम उनके बारे में जरूर जानते , गंडर के हर एक बचे के जुबान पे सिर्फ़ दो ही नाम होते हैं एक सम्राट का तो दूसरा है विराट का
ये विराट कौन है , जादूगर जोरबार को बीच में टोकते हुए रुद्रा ये सवाल पूछता है
विराट सम्राट का जुड़वा भाई था और सचाई का सबसे बड़ा योढ़ा और विराट ही वो शॅक्स था जिसके वजह से सम्राट उस आखिरी जंग में मारा गया था , जोरबार रुद्रा को उसके सवाल का जवाब देता है
क्य्ाआअ विराट सम्राट का जुड़वा भाई था और उसके ही वजह से सम्राट मारगया था पर केशे और क्यों ? , रुद्रा फिरसे सवाल पूछता है
जादूगर जोरबार अपने हाथों को आग में सकते हुए रुद्रा के तरफ देखते हैं और बोलना शुरू करते हैं
(UPDATE-64)
ये कहानी बहुत पुरानी है करीबन 450 साल पुरानी , 450 साल पहले के मायवी दुनिया में और अबकी मायवी दुनिया में ज़मीन असमान का फर्क है , तब इसे मायवी दुनिया में बहुत सारे स्टेट’से हुआ करते थे और अननगिनत शहर और कस्बे भी हुआ करते थे , और उस वक्त के मायवी दुनिया में चारों तरफ शांति ही शांति हुआ करती थी क्योंकि मायवी दुनिया में खुद देवता रहा करते थे जो पूरे मायवी दुनिया का ख्याल रखते थे
और उस वक्त गंडर स्टेट इसे पूरे मायवी दुनिया की सबसे अमन और शांति पसंद स्टेट हुआ करती थी और ुषवक़्त गंडर के राजा थे महाराज प्रताप सिंग , महाराज प्रताप सिंग दिल के बहुत ही अच्छे थे और अपने प्रजा को अपने बच्चों के तरह प्यार करते थे और अपने प्रजा का बहुत ख्याल रखते थे उनके राज़ में सभी खुश थे
महाराज प्रताप सिंग जितना प्यार अपने प्रजा से करते थे उतना ही अपने पत्नी महारानी अलका से भी करते थे , महारानी अलका सिंग बहुत ही दयालु थी और वो गंडर के हर एक छोटे बचे को अपने खुदके बच्चों की तरह प्यार करती थी गंडर में उन्हें हर एक बच्चा रानी मां कहकर ही बुलाते थे
महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका सिंग के पास सबकुछ था धन दौलत महेल राजपथ और जान से भी ज्यादा चाहनेवाली प्रजा सबकुछ था उनके पास लेकिन उनके पास सबकुछ होते हुए भी कुछ भी नहीं था , महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका दोनों निसंतान थे , दोनों ने न जाने कितने यांगया करवाए न जाने कितने ब्राह्मानो और मुनि ऋषि को खाना खिलाया और उनके हर एक इच्छा को पूरा किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ आख़िर में महाराज और महरनी ने संतान प्राप्त करने का लालच छोड़ दिया और अपने प्रजा को अपने बच्चों के रूप में देख अपनी जिंदगी जीने लगे थे लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था
एक दिन महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका
दोनों समंदर में शेयर करने निकले हुए थे अपने शाही जहाज़ में सवार होकर और बीच समंदर में दोनों महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका अपने जहाज़ के देख पे खड़े समंदर के खूबसूरती का मजा लेरहे थे की तभी अचानक महारानी अलका की नज़र पड़ती है समंदर में बहती हुई आ रही एक बादेसे बकषे पर और वो महाराज प्रताप सिंग का भी ध्यान उस तरफ करते हैं
समंदर में बहके आ रही वो बक्षा बहुत जोरों से चमक रहा था इसे लिए महाराज और महारानी का ध्यान उस तरफ आकर्षित हो जाता है और महाराज अपने सिपाहियों से कहकर उस बकषे को समंदर से अपने जहाज़ पे खिचवाके लेआतए हैं , और जब सिपाही वो बक्षा ला कर महाराज को देते हैं तो महाराज उस बकषे को देख दंग रहजाते हैं क्योंकि उस बकषे पे एक सोने का चिन्ह(मर के) बनाया हुआ था और वो मर के था मायवी दुनिया के सबसे ताकतवर स्टेट की यानि की वो गोल्डन मर के था देवताओं के राज्य देवनागरी की
महाराज प्रताप सिंग उस बकषे को देख दंग रहजाते हैं क्योंकि देवनागरी का बक्षा यूँ बीच समंदर में बहके आना ये बहुत ही अजीब बात थी और फिर महाराज प्रताप सिंग अपने सिपाहियों को उस बकषे को खोलने को कहते हैं
सिपाही उस बकषे को खोलते हैं और जेशे ही वो बक्षा खुलता है वहाँ मौजूद सभी के आँखें हैरानी से फैल जाती हैं क्योंकि उस बकषे में दो प्रारे और नन्हे मासूम बचे थे और वो दोनों सोए हुए थे और जब उस बकषे का दरवाजा खुला तो सूरज की रोशनी उस बकषे के अंदर पड़ती है और वो दोनों मासूम बचे जगह उठते हैं और रोने लगते हैं और दोनों बच्चों को रोता हुआ देख महारानी अलका फौरन उस बकषे मेशे उन्न दोनों बच्चों को निकल लेती हैं
महारानी अलका जब उन्न दोनों बच्चों को उस बकषे से बाहर निकलती हैं तो उन्हें पता चलता है की ये दोनों बचे एक दूसरे से जीशमनी तौरपे जुड़े हुए हैं , महारानी अलका के गोद में आ ही दोनों बचे रोना बंद करदेटे हैं और अपने चेहरे से मासूम मुश्कं बिखेरने लगते हैं और उन्न दोनों मासूम बच्चों को यूँ मुश्कूराता देख महारानी अलका को शा लगता है जेशे उन्हें आज सबकुछ मीलगया है इसे पूरे दुनिया की सबसे कीमती चीज़ उन्हें मीलगई हो , महारानी अलका उन्न दोनों बच्चों को अपने गोदी में लिए खेलने लगते हैं प्यार करने लगते हैं
महाराज प्रताप सिंग और जहाज़ पे मौजूद सभी ये देख खुश होजते हैं तभी महर्ज को उस बकषे में एक खत दिखाई देता है और महाराज प्रताप सिंग उस खत को बाहर निकल के पढ़ने लगते हैं
और उस खत को पढ़ने के बाद महाराज प्रताप सिंग उस खत को बंद करते हैं और अपने जेब में रख देते हैं , उस खत को पढ़ने के बाद अब महाराज प्रताप सिंग के आँखों में आस्यू आजाते हैं लेकिन वो उन्न आस्यू को फौरन पोचलेते हैं लेकिन महारानी अलका ये बात देख लेती हैं और वो अपने गोद में उन्न दोनों बच्चों को लिए
महाराज प्रताप सिंग के करीब आ हैं और पूछते आख़िर क्या बात है आप के आँखों में ?
महाराज जवाब देते हैं की ये दोनों बचे कोई आम बचे नहीं है , ये दोनों इसे मायवी दुनिया को प्रतीस्ता करने वाली इसे मायवी दुनिया का निभ रखने वाली देवी माया के बचे हैं और अब ये दोनों आखिरी देवता बचे हैं इसे मायवी दुनिया में , शैतानो ने देवनागरी को तबाह कर दिया है और सभी देवताओं को भी मर्डिया है देवी माया को भी मर्डाला है , अब इन दोनों बच्चों के कोई भी नहीं है
ये आप क्या कहराहे हैं ये बचे अकेले नहीं हैं ये अबसे मेरे बचे हैं और में इनकी मां और ये बचे आज से हमारे बच्चों के रूप में इसे मायवी दुनिया में जाने जाएँगे
हाँ महारानी अलका आप ठीक कह रही हैं अब से ये बचे हमारे हैं और हम दोनों इनके माता और पिता हैं और ये दोनों अब से गंडर के सहजादे हैं
हाँ महाराज और अब्बसे ये दोनों इसे मायवी दुनिया में सम्राट और विराट के नाम से जाने जाएँगे
जादूगर जोरबार जुड़वा सहजादों की कहानी रुद्रा को सुना ही रहा था की तभी अचानक वहाँ कुछ आवाज़ होती है , कद्द्दद्ड कद्द्दद्ड क़ास्स्स्सस्स और इसे आवाज़ को सुन जादूगर जोरबार का ध्यान उस तरफ आकर्षित हो जाता है और जादूगर जोरबार अपनी जगह से उठके चारों तरफ देखने लगता है
और जादूगर जोरबार को यूँ कहानी के बीच से उठता हुआ देख रुद्रा जोरबार से पूछता है , क्या हुआ जोरबार आप यूँ कहानी के बीच से उठ क्यों गये कहानी काफिई इंटरेस्टिंग थी कंटिन्यू करिए ना
रुद्रा मैंने अभी अभी कुछ आवाज़ सुना जैसे कोई यहाँ हो और मुझे भी शा लगता है की हुंपे ईश्वक़्त कोई नज़र रख रहा है , जादूगर जोरबार कहता है
आस कम ऑन जोरबार आप भी ना , अरे इतनी सर्दी रात में एक हल्का हवा का झोंका भी सबको चौका देता है आप के साथ भी वेषा ही हुआ होगा और वेशे भी आप ही ने तो कहा था ना की इसे खून्नी जंगल के आस पास कोई भटकता ही नहीं है तो फिर कौन होगा , अब आप रिलॅक्स होकर आइये और बेत्के कहानी कंटिन्यू कीजिए , रुद्रा जोरबार से कहता है
जादूगर जोरबार को रुद्रा के बात में दम लगती है और वो चुप चाप जाकर अपने जगह पे बैठ जाता है और फिरसे आग में अपना हाथ सेखने लगता है और रुद्रा के तरफ देख एक बार फिरसे कहानी शुरू करने लगता है
लेकिन जादूगर जोरबार का शक सही था , कोई था जो ईश्वक़्त अंधेरे में चुपके एक पेड़ पे बेत्के इन दोनों के ऊपर नज़र रख रहा था और इनके बातों को सुन्न रहा था , कौन हो सकता है वो ? लेकिन जादूगर जोरबार का शक सही था , कोई था जो ईश्वक़्त अंधेरे में चुपके एक पेड़ पे बेत्के इन दोनों के ऊपर नज़र रख रहा था और इनके बातों को सुन्न रहा था , कौन हो सकता है वो ?
जादूगर जोरबार आकर अपनी जगह पे फिरसे बैठ जाता है और अपने दोनों हाथों को आग में सेखने लगता है , रुद्रा जादूगर जोरबार को कहानी फिरसे
शुरू करने के लिए कहता है और जादूगर जोरबार कहानी फिरसे शुरू करता है
***********************************
उसके बाद महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका दोनों वापस अपने राज्य गंडर लौट आए और अपने साथ अपने दोनों बच्चों सम्राट और विराट को भी लेअए , सम्राट और विराट दोनों दुश्मनों तौरपे एक दूसरे से जुड़े हुए थे दोनों के जिस्म में सिर्फ़ एक ही दिल धड़कता था जो इन दोनों भाइयों को एक दूसरे से बँधे हुए था , लेकिन इन दोनों को अलग करना भी जरूरी था इसलिए महाराज प्रताप सिंग ने अपने शाही जादूगर से कहकर दोनों सहजादों को जादू के मदद से एक दूसरे से अलग करवाया
जादू के मदद से दोनों सहजादे एक दूसरे से सही सलामत अलग तो हो गये लेकिन इनके जिस्म के साथ साथ इनके दिल भी दो हिस्सों में बट्ट गये , दिल का एक हिस्सा सम्राट के सीने में चला गया और दिल का दूसरा हिस्सा विराट के जिस्म में रही गया , इन दोनों के दिल और जिस्म तो अलग हो गये लेकिन फिर भी ये दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए थे , अगर एक नीचे गिरजता तो दूसरे को दर्द होता था , अगर एक को चोट लगती तो दूसरे के जिस्म से खून निकलता था , एक दूसरे से दुश्मनों तौरपे अलग होने के बावजूद भी ये दोनों भाई एक अलग ही तरह के बंधन में बँधे हुए थे जो इन दोनों को कभी भी अलग नहीं कर सकती थी और हमेशा एक दूसरे से बँधे रखती थी
इसके बाद महाराज प्रताप सिंग ने एक बहुत बड़ा सा जश्न्ञ का एलन किया जिसमें उनके राज्य के सभी प्रजा और आस पड़ोस के राज्य के सभी राजा उस जश्न्ञ में शामिल हुए
महाराज प्रताप सिंग ने सबसे अपने दोनों बच्चों को मिलबाया और ये कहा की ये दोनों बचे महारानी अलका को जादू से हुए हैं परियों की रानी के आशिरबाद से और इन दोनों सहजादों का नाम सम्राट और विराट रखा गया है , ये बात सुनकर गंडर के प्रजा के खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा वो सब बहुत खुश थे और आस पड़ोस के राजाओं ने भी महाराज प्रताप सिंग को बधाई दिए , महाराज प्रताप सिंग और महारानी अलका और महाराज के कुछ कुछ सिपाहियों को छोड़ड़के किसी और को ये पता ही नहीं था की सम्राट और विराट आख़िर असलियत में है कौन , महाराज ने इसे बात को छुपाने का फैसला कर लिया था इसलिए उन्होंने अपने कुछ सिपाहियों को भी इसे बारे में तगीड कर दिया था की इसे बारे में किसी और को पता ही ना चले
इसके बाद दोनों सहजादे सम्राट और विराट महारानी अलका के प्यार के चाओं में बढ़ने लगे , दोनों सहजादे महारानी अलका के दिल में बस्ते थे महारानी अलका एक पल के लिए भी सम्राट और विराट को अकेला नहीं छोड़ड़ती थी वो हमेशा उन्न दोनों को अपने पास रखती थी अगर वो दोनों कुछ देर के लिए महारानी के आँखों से ओझल होजते तो महारानी बेचैन से हो उठती थी
सम्राट स्वभाव से बिलकुल शांत और सरल था तो वहीं विराट स्वभाव से थोड़ा सा गुस्सा वाला था बात बात पे विराट
चिद्ड़ जाता था और गुस्सा हो जाता था , लेकिन ये दोनों थे बहुत प्यारे हर कोई इन्हें देखते ही अपने सारे दर्द तकलीफ और गम भुला देता था
इसे ही दोनों सहजादे धीरे धीरे बारे होने लगे जब दोनों के उमर 15 का हुआ तब महाराज प्रताप सिंग ने ये फैसला किया की अब वक्त आ गया है इन दोनों सहजादों को योधाओं का तालीम डेनेका , इसलिए उन्होंने महारानी अलका के मुहनबोले भाई खुड़बक्ष को गंडर में बुलवाया
खुड़बक्ष सभी वारएवोलफ्स का राजा था और साथ में महारानी अलका का मुहनबोला भाई भी था , महाराज प्रताप सिंग ने खुड़बक्ष को दोनों सहजादों को युध तालीम डेनएके लिए कहा और महाराज के इसे प्रस्तब में खुड़बक्ष राजी भी हो गया
बहुत जल्द गंडर में दोनों सहजादों की तालीम शुरू करदी गयी और इसी तालीम के बीच में सम्राट और विराट मिले जोरबार और डर्कलॉर्ड से ये चारों हम उमर(एक ही आगे के) थे इसलिए ये चारों कुछ ही दीनों में बहुत ही पक्के दोस्त बानगाए और एक साथ मिलकर तालीम लेने लगे , जहाँ पे सम्राट , विराट और डर्कलॉर्ड खुड़बक्ष से युध काला का तालीम लेते थे ठीक वहीं जोरबार अपने पिता से जादुई काला की तालीम लेता था , जोरबार के पिता गंडर के शाही जादूगर थे और वो अपने बेटे को भी अपने तरह एक बहुत बड़ा जादूगर बनाना चाहते थे तकिी वो बड़ा होकर गंडर के लिए काम कार सके
कुछ सालों बाद इन सबकी तालीम खत्म हो गयी और तालीम खत्म होते होते ये सब बहुत ताकतवर होचुके थे , सम्राट और विराट युध काला के दो माहिर और अचुक्क योढ़ा बंचुके थे डर्कलॉर्ड भी युध काला में काफी माहिर होचुका था और जोरबार अब जादूगर जोरबार बन चुका था और जादुई काला में वो अपने पिता से भी आगे निकल चुका था
अपने तालीम को पूरी करने के बाद ये सभी गंडर के लिए काम करने लग गये गंडर को शैतानी सीना से रक्षा करना ही इनका काम था इसे बीच शैतानो का प्रभाव मायवी दुनिया में धीरे धीरे बधरहा था , अब शैतानी सीना मायवी दुनिया के ज्यादातर स्टेट’से पे हमला करना शुरू करचुके थे इसे बीच उन्होंने गंडर पे भी हमला किया लेकिन शैतानी सीना जितनी बार भी गंडर पे हमला करती वो हारके ही वापस लौट टीी
सम्राट और विराट इन दोनों के वजह से गंडर पे एक हल्की आँच तक भी नहीं आती थी , सम्राट और विराट कुछ ही दीनों में गंडर के घर घर में माशुर हो गये , गंडर का हर एक शॅक्स के दिल में सम्राट और विराट ने अपनी जगह बणलिया था और तो और गंडर के बचे तो सम्राट और विराट को अपना हीरो मानते थे वो सभी भी सम्राट और विराट की तरह महान योढ़ा बन ना चाहते थे
(UPDATE-65)
तुम मेशे किसी एक को काली शक्तियों को कुछ दीनों के लिए अपना ना होगा तकिी काली शक्तियों के मदद से हम जल्लाद को हरा सके , हम सब जल्लाद को किसी भी किम्मत पे हराना चाहते थे इसलिए हम गुरु धर्मानंद के उस सलाह पे राजी हो गये और
फिर गुरु धर्मानंद ने हम सबकी संयम और दिमाग का परीक्षा लिया , वो ये जान ना चाहते थे की हम में से कौन सबसे ज्यादा शांत और सरल है और किसी भी परिस्थिटी में अपने दिमाग को शांत और काबू में रख सके और इसे परीक्षा में सम्राट हम सबमेसए ज्यादा काबिल निकला इसलिए गुरु धर्मानंद ने सम्राट को छूना काली शक्तियों को अपने काबू में करने के लिए
उसके बाद गुरु धर्मानंद ने सम्राट को काली शक्तियों को केशे काबू में करना है वो सिखाया और बाकी हम सबको भी अलग से जल्लाद के खिलाफ लड़ने की ट्रनिंग दी गयी , इसे बीच गुरु धर्मानंद ने विराट में भी कुछ कुछ बात नज़र की इसलिए उन्होंने विराट को खास तौरपे हम सबसे अलग ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया
कुछ महीनों तक इसे ही ट्रेनिंग चलती रही गुरु धर्मानंद ने सम्राट को सबसे अलग रखा हुआ था , उस से किसी को भी मिलने की इजाज़त नहीं थी सम्राट को काली शक्तियों को अपने अधीन में लाने में कोई परेशानी ना हो इसे लिए गुरु धर्मानंद ने ये फैसला लिया था
और गुरु धर्मानंद के ट्रेनिंग से हम सब भी ताकतवर होचुके थे लेकिन हम मेशे सबसे ज्यादा बदलाव विराट में आया था गुरु धर्मानंद के कुछ ट्रेनिंग से विराट अब एक महा योढ़ा बन चुका था सचाई और धर्म का सबसे बड़ा और ताकतवर योढ़ा बन चुका था उसके तलवार में इतनी धार थी की उसके तलवार के एक वार से बारे से बारे पहाड़ की भी धज्जियाँ उड़ जाती थी
और इसे बीच जल्लाद ने हम सबको ढूंढ़ने के लिए ज़मीन आश्मन एक कर दिया था और आख़िरकार उसे एक दिन पता चल ही गया की हम सब गुरु धर्मानंद के आश्रम में हैं और उनसे कुछ ट्रेनिंग लेरहे हैं उसे हराने के लिए इसलिए जल्लाद ने अपने फौज की एक खास टुकड़ी को भेज दिया हम पर हमला करने के लिए
जब जल्लाद के फौज ने गुरु धर्मानंद के आश्रम पे हमला किया ुषवक़्त विराट कुछ कुछ काम से गुरु धर्मानंद के चेलए ब्रह्मानंद के साथ कहीं गया हुआ था इसलिए आश्रम की हिफ़ाज़त की ज़िमेदारी हम पर आ गाई थी और में , डर्कलॉर्ड , राजकुमारी पद्मिनी और गुरु धर्मानंद ने मिलकर उन्न सभी शैतानो का सामना किया लेकिन हम सब बुरी तरह से हार गये
वो सभी शैतान राजकुमारी पद्मिनी की खूबसूरती को देख भड़क गये और उनके साथ बतामीज़ी करने लगे और फिर उनके साथ जबारजस्ति करने लगे लेकिन ठीक उसी वक्त , सम्राट को जिस कुछ कोठरी में गुरु धर्मानंद ने बंद किया हुआ था तकिी उसे कोई उसकी ट्रेनिंग में परेशान ना कार सके , उस कोठरी के दरवाजा की एक तेज धमाके के साथ धज्जियाँ उड़ गयीं
और फिर उस कोठरी के अंदर से सम्राट बाहर निकला सम्राट का पूरा शरीर हरा पदचुका था और आँखें पूरी तरह से लाल थी , जब सम्राट को हम सबने देखा तो हम सबकी आँखें छोन्दया गयीं सम्राट के रूप को देख के हम सब के होश उड़ गये थे ुषवक़्त लेकिन हमसे भी बुरी हालत
किसी की थी और वो थे गुरु धर्मानंद
उनके मुंह से ुषवक़्त यही निकला था , है मेरे ख़ुदाया ये क्या हो गया , ये तो अनर्थ हो गया सम्राट की ट्रेनिंग बीच में ही रुक्क गयी इसका मतलब अब सम्राट को शैतान बन ने से कोई नहीं रोक सकता , हम सबने जब ये बात सुनी तो हम सबके होश उड़ गये थे
सम्राट उस कोठरी से बाहर निकलते ही उन्न शैतानो के ऊपर हमला करदेता है , सम्राट के एक एक मुक्के में वो शैतान मौत के घाट उतार रहे थे सम्राट उन्न सबको बड़ी ही बेरेहमी के साथ मरता हुआ आगे बधरहा था , सम्राट अपना मुंह खोलता तो उसमें से आग का बवंडर निकलता और उस आग के बवंडर में वो शैतान जल्के रख होजते
सम्राट ने कुछ ही मिनिट्स में शैतानो की उस टुकड़ी को बारे ही आसानी से खत्म कार्दिया था और उसके बाद सम्राट वहाँ से अपने नयी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेज रफ्तार के साथ वहाँ से चला गया
आश्रम में चारों तरफ लाशें ही लाशें गिरी पड़ी हुई थी जब विराट और ब्रह्मानंद वापाश आए थे और आश्रम की ये हालत देख दोनों तेजिसे अंदर की तरफ दौड़ गये वहाँ उन्हें सभी मीलगए , विराट ने गुरु धर्मानंद से पूछा की ये सब यहाँ क्या हुआ तो गुरु धर्मानंद ने विराट को सबकुछ बता दिया केशे यहाँ पे शैतानो ने हमला किया और केशे सम्राट की ट्रेनिंग बीच में रुक्क गयी और वो बाहर निकल आया और गुरु धर्मानंद ने विराट को ये भी बताया की अब शायद ही कोई सम्राट को शैतान बन ने से रोक सके
विराट ने ये सुनते ही कहा की में अपने भाई को कभी भी शैतान बन ने नहीं दूँगा कभी नहीं , ये बोलकर विराट ने मेरे तरफ देखा और मुझसे कहा की जल्दी से जल्दी अपनी जादू का इंटेमाल करके पता लगाओ सम्राट ईश्वक़्त कहाँ है और मैंने फौरन पता लगा लिया , सम्राट तेज रफ्तार से जल्लाद के इल्लाके के तरफ तरफ रहा था
सम्राट कहाँ है ये पता चलते ही विराट भी अपने भाई के तरफ तेजिसे तरफ गया , कुछ ही घंटों में सम्राट जल्लाद के किल्ले तक पहुँच चुका था और सम्राट के राषते में जो भी आता सम्राट उसे मौत के घर उतरके आगे तरफ जाता और विराट भी तेजिसे आगे तरफ रहा था , कुछ ही वक्त के अंदर सम्राट ने जल्लाद के सभी गुलामो को शैतानो को हरके जल्लाद के महेल के अंदर घुस गया
तब तक विराट भी वहाँ पहुँच चुका था महेल में घुसते ही सम्राट को जल्लाद दिख गया और सम्राट फौरन जल्लाद के ऊपर हमला करदेता है सम्राट और जल्लाद के बीच में एक घमासान लधाई शुरू होजती है , सम्राट का हर एक वार जानलेवा था लेकिन जल्लाद सम्राट के हर एक वार से बड़ी ही आसानी से बाचहजाता है अपनी जादुई कवच के वजह से सम्राट का हर एक वार बेकार जाने लगता है इसलिए सम्राट कमजोर पड़ने लगता है और हारने लगता है लेकिन तभी
सम्राट ईश्वक़्त जल्लाद से अकेला लध रहा था और सम्राट का हर एक वार जल्लाद पे नाकाम हो रहा था इसलिए सम्राट
जल्लाद के सामने कमजोर पड़ रहा था हार रहा था
जल्लाद अपने दोनों हाथों को जोड़ता है और उसका रुख सम्राट के तरफ करता और फिर देखते ही देखते जल्लाद के हाथों से लाल रंग की ऊर्जा निकलती है और सम्राट से जा टकराती है और सम्राट दूर जाकर गिरता है और फिर जल्लाद अपने चेहरे पे मुश्कं लिए सम्राट के तरफ बढ़ने लगता है लेकिन तभी वहाँ विराट अपहुँचता है , अपने भाई को हरता हुआ देख विराट तेजिसे उस तरफ भागता है और लधाई में कुदड पड़ता है
विराट तेजिसे अपना तलवार निकलता है और उसका रुख जल्लाद के तरफ करके वार करता है इसे से विराट के तलवार से नीले रंग की ऊर्जा निकलती है और सीधे जा टकराती है जल्लाद से और जल्लाद उड़ते हुए अपने महेल के दीवार से जा टकराता है
और फिर विराट अपने तलवार को ऊपर असमान के तरफ उठता है और कुछ मंत्र पढ़ता है और फिर अपने तलवार के रुख को महेल के चारों तरफ करते हुए वार करने लगता है इसे से विराट के तलवार से काले धुएन्ँन निकालने लगते हैं और चारों तरफ तेजिसे मंडराने लगते हैं , जल्लाद ये सब हैरानी से देखने लगता है , वो काले धुएन्ँन जल्लाद के शरीर से टकराते हुए निकालने लगते हैं , जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था और फिर कुछ देर बाद वो सारे काले धुएन्ँ गायब होजते हैं
विराट के आँखों में एक अजीब तरह की चमक थी ुषवक़्त और विराट के आँखों में चमक देख जल्लाद समझ जाता है की विराट ने जरूर कुछ किया है इसलिए जल्लाद अपने दोनों आँखों को बंद करता है और ध्यान लगता है , जल्लाद को फौरन पता चल जाता है की विराट ने उन्न काले धुएन्ँन के मदद से अड्रिस्या(इनविज़िबल) तेज और धार धार धागों से उसे बाँध दिया है , ये जानते ही जल्लाद को बहुत गुस्सा आता है और वो आगे बढ़ने की कोशिश करता है लेकिन जल्लाद एक कदम भी हिल नहीं पता है , जल्लाद एक कदम तो दूर वो इधर उधर मूंड़ भी नहीं परहा था
जल्लाद को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था वो क्या करे फिर उसने ध्यान लगाने का सोचा और उसने अपनी आँखों को कुछ देर के लिए बंद कर दिया और फिर कुछ देर बाद जब उसने अपनी आँखें खोली तो उसे वो अड्रिस्या धागे दिखाई देने लगे और ये भी दिखाई देने लगा की वो सारे धागों की शुरूआत कहाँ से हुई है
वो सारे धागे विराट के तलवार से निकले थे और विराट ने उन्न धागों को उन्न काले धुएन्ँन के मदद से जल्लाद के शरीर के चारों तरफ फैला दिया था और ईश्वक़्त विराट अपने तलवार को ज़मीन में थोड़ा सा अंदर धसाके ज़ोर से पकड़े हुए खड़ा था इसे से वो सारे धागे बहुत ही टाइट काश गये थे जिसके वजह से जल्लाद हिल भी नहीं परहा था
जल्लाद धीरे धीरे उन्न धागों को तोड़ने की कोशिश करने लगता है , बहुत मुश्किल से एक दो धागे टूट जाते हैं इसे से जल्लाद को थोड़ा हिलने को मिलजाता है और वो बकीके धागे भी तोड़ने की कोशिश करता है लेकिन तभी
विराट फिरसे अपने तलवार को काश देता है और ज़मीन के अंदर और थोड़ा सा घुसा देता है इसे से जलद अपने कमर के बॉल आ जाता है , जल्लाद झुके हुए खड़ा था और हिल भी नहीं परहा था
विराट के द्वारा तलवार काशे जाने पर वो सारे धागे भी बहुत ज्यादा टाइट हो गये थे और इसे वजह से जल्लाद के कवच में भी क्रॅक पड़ने शुरू होचुके थे
और फिर विराट अपने तलवार को और थोड़ा सा काश देता है जिस से जल्लाद और थोड़ा सा नीचे झुकक जाता है और फिर विराट तेजिसे उठता है और अपने तलवार को तेजिसे ज़मीन के अंदर से निकलता है और जल्लाद के तरफ तरफ जाता है उसका सर काटने के लिए , और विराट को अपने तरफ तेजिसे आता हुआ देख जल्लाद फिर से अपने सभी ताक़तों को इकट्ठा करता है और फिरसे उठने की कोशिश करने लगता है वो धागे एक एक करके टूठत्ने लगते हैं
(UPDATE-66)
विराट तेजिसे जल्लाद के तरफ बधरहा था अपने तलवार को लिए और विराट जेशे ही जल्लाद के करीब पहुँचता है तभी जल्लाद को बँधे रखे हुए सारे धागे टूट जाते हैं और फिर जल्लाद एक तेज मुक्का विराट को झड़ देता है इसे से विराट दूर जाकर गिरता है
उन्न धगगों से आज़ाद होने के बाद जल्लाद फौरन उठ खड़ा होता है और विराट के तरफ गुस्से से देखता है , विराट फिरसे तेजिसे जल्लाद के तरफ बढ़ता है और जेशे ही अपने तलवार को वार करने के लिए निकलता है तभी जल्लाद तेजिसे आगे बढ़ता है और एक जोरदार मुक्का विराट को झड़ देता है इसे से विराट कुछ कदम पीछे चला जाता है
और फिर जल्लाद अपने दोनों हाथों के मुठीोन को बंद करता है और अपनी सभी ऊर्जा ताक़तों को इकट्ठा करने लगता है , इसे से उस महेल के अंदर चारों तरफ से हवाएँ बहने लगती है , देखते ही देखते जल्लाद के हाथों के मुठीोन में आग लगज़ाती है और वो अपने उन्न जलते हुए मुठीोन को ऊपर उठता है और पीछे की तरफ खींचने लगता है इसे से उस महेल के अंदर और तेजिसे भी हवाएँ बहने लगती हैं
हवाएँ इतने तेजिसे बहने लगती हैं की विराट का ठीक से खड़े होपना तक मुश्किल हो जाता है , हवाएँ इतने तेजिसे बहने लगी थी की विराट भी उनके साथ साथ आगे की तरफ फिसल के जाने लगता है , विराट अपने तलवार को ज़मीन में गड़ देता है और तलवार को ज़ोर से पकड़कर खड़ा हो जाता है तकिी ये तेज हवाएँ उसे हिल्ला भी ना पाएँ
जल्लाद फिरसे अपने उन्न जलते हुए मुठीोन को पूरी ताक़त लगाकर पीछे की तरफ खींचने लगता है और इसे से महेल में हवाएँ और भी तेजिसे बहन लगती हैं और इसे से विराट भी आगे की तरफ फिसल के जाने लगता है उसका तलवार अब उसे रोक नहीं पा रही थी , विराट उन्न तेज हवाओं में फिसलते हुए जल्लाद के तरफ तरफ रहा था
तुम्हारा आखिरी वक्त आ गया है विराट , जब विराट जल्लाद के पास फिसलते हुए पहुँच जाता है तब जल्लाद ये बात विराट से कहता है , और फिर जल्लाद अपने उन्न दोनों मुठीोन को काश लेता है इसे से
उन्न दोनों मुठीोन में आग और ज़ोर से रफ्तार पकाड़लेटी है और तेजिसे जलने लगती है
विराट अपनी पूरी ताक़त लगा रहा था पीछे हटने के लिए लेकिन विराट उन्न तेज हवाओं के कारण हिल भी नहीं परहा था और इधर जल्लाद एक तेज चीख के साथ विराट के ऊपर अपने दोनों जलते हुए मुठीोन से वार करने लगता है
लेकिन इसे से पहले की जल्लाद के वो जलते हुए दोनों मुट्ठी विराट तक पहुँचते की तभी अचानक कहीं से एक जोरदार मुक्का आकर जल्लाद के सीने में पड़ता है और जल्लाद कुछ कदम पीछे चला जाता है
ये मुक्का झड़ने वाला कोई और नहीं बल्कि सम्राट था और ईश्वक़्त सम्राट की आँखें लाल रंग से चमक रही थी , सम्राट को देख विराट खुश हो जाता है और जल्लाद सम्राट को देख बहुत गुस्सा होता है
जल्लाद गुस्से से सम्राट के तरफ देखते हुए अपने दोनों हाथों को जोड़ता और उनमें ऊर्जा शक्तियाँ भरने लगता है , जल्लाद को शा करता हुआ देख विराट भी तैयार हो जाता है और अपने तलवार को ऊपर उठा लेता है
सम्राट सतर्क होजाओ लगता है अब जल्लाद हुंपे कोई घातक हमला करने वाला है , विराट सम्राट से ये कहता है
सम्राट पीछे पलट था है और विराट को देखने लगता है और विराट के हाथ में तलवार देख सम्राट भड़क जाता है और अपने दोनों हाथों को काश लेता है और अपने ऊर्जा शक्टिओं को इकट्ठा करने लगता है और देखते ही देखते सम्राट के हाथों में लाल रंग की ऊर्जा शक्ति आ जाती है
और फिर बिना देर किए सम्राट अपनी लाल रंग की ऊर्जा शक्तियों से विराट के ऊपर हमला करना शुरू करदेता है , जब विराट ये देखता है की सम्राट उसपर हमला कार रहा है तो वो फौरन सामने से कुदड जाता है और सम्राट के ऊर्जा हमले से बच जाता है
सम्राट ये तू क्या कार रहा है तू मुझपर क्यों हमला कार रहा है तुझे जल्लाद पे हमला करना चाहिए वो हमारा दुश्मन है , विराट ने इतना ही कहा था की तभी सम्राट फिरसे विराट के ऊपर अपनी ऊर्जा शक्तियों से हमला करता है
जब ये नज़ारा जल्लाद देखता है तो वो हैरान रहजता है और साथ में खुश भी होता है और हो भी क्यों ना आख़िर कर उसके दो सबसे बारे दुश्मन जो उसे हराने की ताक़त रखते हैं वो ईश्वक़्त आपस में जो लध रहे थे
सम्राट विराट के ऊपर अपने ऊर्जा शक्तियों से एक के बाद एक वार करने लगता है और विराट वहाँ से कूद कूदके सम्राट के हमलो से अपने आप को बचाने लगता है , विराट अगर चाहता तो सम्राट को उसके हमले का जवाब भी दे सकता था लेकिन विराट जनता था की सम्राट पे ईश्वक़्त शैतानियत हावी है जिसके वजह से सम्राट उसे पहचान नहीं परहा है और उसे अपना दुश्मन समझ के हमला कार रहा है
दोनों भाईओं के बीच के जंग को जल्लाद बारे आराम से खड़े होकर हस्सते हुए देख रहा था , सम्राट विराट के ऊपर एक के बाद एक ऊर्जा शक्तियों का गोला फेंक के वार कार रहा था और विराट बहुत ही मुश्किल से
अपने आप को बच्चा रहा था और फिर विराट को जब मौका मिला तब वो चुप जाता है सम्राट के नर्जों से कुछ ही दूरी पर
जब विराट गायब हो जाता है तो सम्राट की नज़र पड़ती है जल्लाद के ऊपर और सम्राट फौरन उसके तरफ तेजिसे बदहजता है , सम्राट को अपने तरफ आता हुआ देख जल्लाद सतर्क हो जाता है
जल्लाद के पास पहुँचते ही सम्राट एक तेज मुक्का जल्लाद को झड़ देता है इसे से जल्लाद कुछ कदम पीछे हॅट जाता है और जल्लाद भी तेजिसे आगे बढ़ता है और सम्राट के मुक्के का जवाब मुक्के से देता है और फिर दोनों के बीच लधाई शुरू होजती है कभी जल्लाद सम्राट को मुक्के और लात से मरता तो कभी सम्राट जल्लाद को मुक्के और लात से मरता
और दोनों अपने अपने शरीर को काश लेते हैं और अपने ऊर्जा शक्तियों को बाहर निकल लेते हैं और एक दूसरे पे हमला करना शुरू करदेटे हैं , विराट एक जगह पे चुपके ये सब नज़ारा देख रहा था और सोच रहा था की वो क्या करे , और तभी विराट को कुछ याद आता है जो उसे ट्रेनिंग के वक्त गुरु धर्मानंद ने कहा था
गुरु धर्मानंद ने कहा था की ” जल्लाद के पास बहुत से शैतानी शक्तियाँ है और उसकी सबसे बड़ी शक्ति उसकी काली शक्तियों से बना उसका कवच है जो उसके शरीर पे हमेशा मौजूद रहता है , अगर तुम लोग उसके कवच को तोड़ने में कामयाब हो गये तो फिर जल्लाद को हराना तुम्हारे लिए बहुत आसान होज़ायगा , उसका कवच ही है जो उसे बारे से बारे हमले से बचाता है अगर उसका कवच ही नहीं रहेगा तो वो अपने आप को बचाएगा केशे
गुरु धर्मानंद के कहे गये इसे बात का याद आ ही विराट समझ जाता है उसे क्या करना है , उसे किसी भी हाल में जल्लाद के कवच को तोड़ना है , इधर विराट सोचने में लगा हुआ था उधर सम्राट जल्लाद से लड़ने में
सम्राट अपने हाथ में पकड़े हुए ऊर्जा के गोलों को जल्लाद के ऊपर फेंक रहा था और जल्लाद अपने आप को बचाते हुए सम्राट के ऊपर अपने ऊर्जा के गोलों से वार कार रहा था और फिर एक गोला सीधा जाकर सम्राट को लगता है और सम्राट जाकर महेल के दीवार से टकरा जाता है और उसके बाद जल्लाद अपने शक्तियों को इकट्ठा करता है और अपने हाथ को काश लेता है इसे से उसके हाथ में फिरसे आग के ज्वाले उठने लगते हैं और वो हवा को नियंत्रण करने लगता है उसके बाद जल्लाद हवा को काबू में करके सम्राट को अपने तरफ खींच ने लगता है और सम्राट जल्लाद के तरफ खींचता हुआ चला आता है
सम्राट हिल भी नहीं परहा था और जब सम्राट खींचते हुए जल्लाद के पास पहुँच जाता है तब जल्लाद अपने जलते हुए मुट्ठी को कसके एक जोरदार मुक्का सम्राट को झड़ देता है और सम्राट हवा में उड़ते हुए जाकर दूर गिरता है
इसे बीच विराट सामने अचुका था और विराट तेजिसे आगे बढ़ता है और अपने तलवार को निकल लेता है और फिर कुछ मंत्र पढ़कर विराट अपने तलवार को जल्लाद के तरफ करके वार करता है इसे से
विराट के तलवार से अनगिनत तेजधार चाकू और बहुत से छोटे छोटे धार धार तलवार निकलकर तेजिसे जल्लाद के तरफ तरफ जाते हैं
और जल्लाद सामने कूदके अपने आप को बचाने लगता है बहुत से चाकू और तलवार जल्लाद के शरीर को बिना लगे चले जाते हैं लेकिन कुछ चाकू और तलवार सीधे जाकर जल्लाद के शरीर से टकराते हैं वेशे जल्लाद का कुछ होता तो नहीं है पर जल्लाद का कवच इसे हमले से थोड़ा सा फट जाता है
और जब जल्लाद ये देखता है तो उसे बहुत गुस्सा आता है और वो तेजिसे विराट के तरफ बढ़ने लगता है लेकिन इसे से पहले जल्लाद विराट तक पहुँचता विराट फिरसे जल्लाद पे अपने तलवार से वार करदेता है और विराट के तलवार से फिरसे वो तेज धार चाकू और तलवार निकलकर जल्लाद के तरफ तरफ जाते हैं और जल्लाद उनसे अपने कवच को बचाने की कोशिश में लग जाता है
इसे बीच सम्राट भी वहाँ वापस अचुका था और ईश्वक़्त सम्राट पे भी शैतानी शक्तियों का प्रभाव थोड़ा सा कम हो चुका था इसलिए वो वहाँ आ ही विराट से पूछता है ये क्या हो रहा है
विराट सम्राट को ठीक हालत में देख खुश होता है और कहता है अपने शक्तियों को तैयार कर लो हमें सबसे पहले जल्लाद के कवच को तोड़ना है उसके बाद उसे हराना आसान होजएगा और उसके बाद दोनों भाई सम्राट और विराट दोनों मिलकर अपने अपने शक्तियों का इस्तेमाल करके जल्लाद के कवच पे हमले करने लगते हैं और जल्लाद अपने आप को और अपने कवच को बचाने की कोशिश करने लगता है लेकिन आख़िरकार दोनों भाइयों की मेहनत रंग लाती है और दोनों भाइयों का एक साथ हमला कामयाब रहता है
विराट के तलवार से निकले धार धार चाकू और तलवार और सम्राट की ऊर्जा शक्ति दोनों जाकर टकराते हैं जल्लाद के कवच से और देखते ही देखते जल्लाद का कवच टूट के बिखर जाता है ज़मीन पे और सम्राट का शरीर धीरे धीरे सूखने गलने लगता है
और फिर विराट आगे बढ़ता है और अपने तलवार को जल्लाद के सीने में घुसेड़ देता है और उसके बाद सम्राट अपने एक ऊर्जा के गोले को जल्लाद के शरीर पे फेंक देता है उसके बाद एक तेज विस्पोट के साथ जल्लाद के शरीर के चिथड़े उड़ जाते हैं और जल्लाद हमेशा हमेशा के लिए ख़ात्मा हो जाता है
जल्लाद के मौत के बाद अचानक वहाँ पे बहुत से काले ढुईं इकट्ठे होने लगते हैं , ये सारे काले ढुईं काली शक्तियाँ थी जो की अब तक जल्लाद के कंट्रोल में थी और जल्लाद के मरते ही उसके शरीर से आज़ाद हो चुकी थी
वो सभी काली शक्तियाँ धीरे धीरे सम्राट के तरफ बढ़ती हैं और देखते ही देखते वो सभी काली शक्तियाँ सम्राट में समा जाती हैं , विराट सिर्फ़ देखता ही रहजता है और वो सभी काली शक्तियाँ सम्राट के शरीर में समा जाती हैं और सम्राट के दिल को और भी काला करदेटी हैं
विराट आगे बढ़ता है और सम्राट को समझने की कोशिश करता है की वो इन सभी काली शक्तियों को अपने
अंदर से निकल फेंकने की कोशिश करे लेकिन विराट के इन बातों का सम्राट पे कोई भी असर नहीं होता है क्योंकि सम्राट के दिलों दिमाग पे सिर्फ़ ुषवक़्त काली शक्तियाँ चाय हुई थी और सम्राट आगे बढ़ता है और एक तेज मुक्का विराट को झड़ देता है
इसे से विराट हवा में उड़ता हुआ जाता है और एक चट्टान से जा टकराता है , विराट फौरन उठ खड़ा होता है और सम्राट के तरफ बढ़ने की कोशिश करता है लेकिन जब तक विराट सम्राट तक पहुँचता तब तक सम्राट अपने नये काली शक्तियों के मदद से वहाँ से गायब हो जाता है
विराट सिर्फ़ अपना हाथ माल्टा रहजता है वो सम्राट को भागने से रोक नहीं पता है और आख़िर में विराट मायूस होकर गुरु धर्मानंद के आश्रम में लौट आता है , विराट गुरु धर्मानंद और बाकी सभी को वहाँ उस जंग में जो जो हुआ वो सब कुछ बता देता है
फिर गुरु धर्मानंद कहते हैं की सम्राट अब बदल चुका है और शायद ही वो कभी वापस अचाई के राषते पर लौट सके लेकिन गुरु धर्मानंद के इसे बात को विराट नहीं मानता है और कहता है , चाहे जो कुछ भी होजए लेकिन वो हार नहीं मानेगा वो सम्राट को ढूंढ. के उसे वापिस अचाई के रशे पे ला कर ही रहेगा
उस हाधसे के बाद विराट और हम सबने बहुत दिन , महीनों और सालों तक सम्राट के तलाश में मायवी दुनिया का छापा छापा छान मारा लेकिन हमें सम्राट कहीं भी नहीं मिला , सम्राट के ना मिलने से हम सब मायूस होकर वापिश अपने अपने स्टेट’से में लौट आए , राजकुमारी पद्मिनी अपने टूटे हुए दिल को लेकर परिलोक लौट गयी और में विराट और डर्कलॉर्ड हम तीनों वापिश गंडर लौट आए
जब हम सब सम्राट के तलाश में मायवी दुनिया के हर एक कोने को तलाश कार रहे थे उस वक्त सम्राट मायवी दुनिया के एक इसे इलाके में छुपा हुआ था जिसके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते थे , सम्राट खून्नी जुंगेल के काले पहाड़ी पे छुपा हुआ था और अपने काली शक्तियों को अपने कंट्रोल में लानेकिी कोशिश कार रहा था और साथ में उन्न काली शक्तियों को बढ़ा भी रहा था और हर बिट्ट ते हुए दिन के साथ सम्राट अपने शक्तियों को और भी ज्यादा बढ़ता जा रही था
और जब सम्राट ने बहुत से काली शक्तियों को अपने कंट्रोल में कर लिया तब उसने अपने काली शक्तियों के मदद से अपने लिए एक खुदका स्टेट बनाया , काले पहाड़ी के उस तरफ एक नदी बहता था उस नदी के दूसरे तरफ एक बर्फीला पहाड़ी इलाका था , उस बर्फीले पहाड़ी इलाके को उसने अपने शक्तियों के मदद से एक स्टेट का रूप दे दिया और उसने अपने स्टेट का नाम रखा थे डेत वाली , और डेत वाली में सम्राट ने काली दुनिया के हर उस दरिंदे को रहने की जगह दी जो काली दुनिया से था और शैतानियत उसका धर्म था
और फिर सम्राट ने अपना खुदका एक शैतानी फौज भी बणलिया जिनका मक्षद सिर्फ़ एक ही था पूरे मायवी दुनिया के ऊपर शैतानियत का राज और इसे मक्षद
को पूरा करने के लिए सम्राट को कुछ भरोसेमंद शती चाहिए थे जो वक्त आने पर उसके लिए अपनी जान भी देने से पीछे नहीं हॅट ते , इसे लिए एक रात सम्राट चुपके से अपना भेष बदल के गंडर में दाखिल हुआ और मुझसे और डर्कलॉर्ड से मिला और उसने हम दोनों को ये याद दिलाया की उसने हम दोनों की जान बचाई थी और हम दोनों ने उसे वादा किया था की हमेशा उसका साथ देंगे चाहे वो सही हो या गलत
और फिर उस वादे के वजह से में और डर्कलॉर्ड हम दोनों ना चाहते हुए भी सम्राट के साथ जुड़ गये उसके शैतानी मक्षद को पूरा करने के लिए , उसके बाद सम्राट ने मायवी दुनिया के हर एक छोटे बारे स्टेट’से पे हमला किया और जीता और जीतने के बाद सम्राट उस स्टेट को पूरी तरह से तबाह करदेता था , सम्राट को लोगों को मरते हुए देखना दूश्रों के खून से नहाना अच्छा लगने लगा था इसे लिए सम्राट ने एक शैतानी फैसला किया सम्राट जिस भी जंग को जीिट था उस जंग में जिन्न लोगों को बंदी बनाया जाता था उन्हें मारकर उसने डेत वाली के साफ नदी को कोन से भरने लगा देखते ही देखते कुछ ही महीनों में वो पूरा नदी खून से भर गयी और इसे तरह उस नदी का नाम थे रिवर ऑफ ब्लड पड़ गया सम्राट उस खून से भरे हुए नदी में रोजाना नहाया करता था
दिन बीए दिन सम्राट की शैतानियत और दरिंदगी बढ़ती ही जा रही थी और उसके इन दरिंदगिओं का शिकार मायवी दुनिया के बेकसूर और मासूम लोग बन रहे थे इसे लिए जो स्टेट सम्राट के आतंक से बच गये थे या फिर जिनकी बड़ी आई ही नहीं थी वो सब धीरे धीरे इकट्ठे होने लगे सम्राट के खिलाफ जंग लड़ने के लिए और वो स्टेट’से थे , गंधर्व नगरी – स्टेट ऑफ हॉबैट’से – जंगल ऑफ WअरेWओल्फ’से और कुछ छोटे छोटे स्टेट’से
ये सारे स्टेट’से सम्राट के खिलाफ इकट्ठे हो तो गये थे लेकिन ये सभी जानते थे की इन सबका सम्राट के सामने कोई मुकाबला नहीं सम्राट की शैतानी फौज इन सबकी फौज को बारे ही आसानी से हरा शक्ति है इसलिए इन्हें एक इसे योढ़ा की जरूरत थी जिसके बाजुओं में धर्म की ताक़त हो और उसके तलवार में सचाई की धार और शा योढ़ा पूरे मायवी दुनिया में सिर्फ़ एक ही था और वो था गंडर का सहजादा विराट जो की सम्राट का जुड़वा भाई था और विराट अब गंडर का युवराज भी था
इन सभी स्टेट’से के राजा मिलकर गंडर गये और विराट से सम्राट के खिलाफ जंग लड़ने के लिए कहा क्योंकि पूरे मायवी दुनिया में विराट ही एक शा योढ़ा था जो सम्राट से टकरा सकता था और उसके शैतानी इरादों को रोक सकता था , लेकिन विराट ने इसे बात के लिए साफ तौरपे उन्न सभी राजाओं को मना कर दिया विराट ने कहा की वो अपने भाई के खिलाफ जंग नहीं लध सकता है क्योंकि वो अपने भाई से जान से भी ज्यादा प्यार करता है
बिना विराट के साथ के सम्राट के खिलाफ जंग में उतरे तो निश्चित ही उनकी हार पकिी थी
इसलिए अब सिर्फ़ उनके पास
एक ही राष्टा था की वो सब केशे भी करके विराट को इसे जंग को लड़ने के लिए तैयार करे और विराट को शायद सिर्फ़ एक ही इंसान मना सकता था और वो थे गुरु धर्मानंद इसलिए सभी राजा मिलकर गुरु धर्मानंद के आश्रम के तरफ चालदीए
सभी राजाओं से उनकी परेशानी सुन ने के बाद गुरु धर्मानंद ने विराट को राजी करवाने की ज़िमेदारी अपने सर पे ले लिया और गंडर के तरफ रबाना हो गये
जब गुरु धर्मानंद विराट से मिले तब गुरु दरमानंद ने विराट को अपना सौगंध याद दिलाया की जब तक शरीर में आखिरी सांस होगी तब तक शैतानियत और अधर्म के खिलाफ लधता रहूँगा यही सौगंध लिया था ना तुमने विराट , तो अब क्या हो गया तुम्हें तुम अपना धर्म पालन क्यों नहीं कार रहे हो , गुरु धर्मानंद ने ये बात विराट से कही
जवाब में विराट ने कहा गुरु जी में केशे अपने जान से भी प्यारे भाई के खिलाफ जंग लध सकता हूँ में केशे अपने जान से भी प्यारे भाई को मर दम
विराट में समझ सकता हूँ की तुम अपने भाई से बहुत प्यार करते हो लेकिन तुम खुद ही सोचो क्या सम्राट अब तुम्हारा वही भाई है जो तुमसे बहुत प्यार करता था , नहीं विराट अब सम्राट वो सम्राट नहीं रहा जो दूश्रों के लिए जिया करता था जो सबकी जान बचाने के लिए अपने जान देने से भी पीछे नहीं हॅट था था , अब सम्राट बिलकुल शैतान बन चुका है जब तक सम्राट दूश्रों के खून से नहा नहीं लेता तब तक उसे नींद नहीं आती इसलिए ये जंग जरूरी है हम सबको मिलकर किसी भी हाल में सम्राट को रोकना होगा , ये बोलकर गुरु धर्मानंद ने अपनी बात खत्म की , उसके बाद विराट चुप ही रहा जिसका मतलब वो इसे जंग के लिए राजी था
उसके बाद सभी स्टेट’से मिलकर जंग की तैयारी में लग गये और ये खबर सम्राट तक भी पहुँच गयी थी लेकिन सम्राट इसे से बिलकुल भी परेशान नहीं था क्योंकि वो समझता था की जीिट उसकी ही होगी
और इसे बीच सम्राट से मिलने विराट और राजकुमारी पद्मिनी दोनों बड़ी बड़ी डेत वाली में गये थे और उन्न दोनों ने सम्राट को समझने की कोशिश भी की अब भी मौका है बुराई का रासता छोड़कर अचाई के राषते पे आ जाओ लेकिन सम्राट ने उन्न दोनों को मना कर दिया
इधर गुरु धर्मानंद ने सभी राजाओ को अपने पास बुलाया और ये बताया की सम्राट को हम इसे जंग में हरा तो सकते हैं लेकिन मर नहीं सकते , जब ये बात सबको पता चली तो सभी के होश उड़ गये क्योंकि बिना सम्राट को मारे उनकी जीिट नमुनकीन थी
फिर उन में से एक राजा ने पूछा , क्यों हम सम्राट को मर क्यों नहीं सकते हैं गुरु जी
(UPDATE-67)
क्योंकि सम्राट कोई मामूली शैतान नहीं है , सम्राट और विराट दोनों का जन्म देवी माया के कोक से हुआ था इसलिए वो दोनों भी देवताओं के संतान हैं या यूँ कह सकते हो की वो दोनों आखिरी देवता हैं इसे मायवी दुनिया के और सम्राट अब एक शैतान बन चुका है इसलिए बारे से बड़ा
हथियार उसे सिर्फ़ घायल कर सकता है लेकिन उसे मर नहीं सकता इसलिए सम्राट को मरने के लिए हमें एक दिव्यास्त्रा की जरूरत है
तो अब हम इसे दिव्यास्त्रा को कहाँ से लाएँ गुरु जी जिसके मदद से हम सम्राट को मर सकें और तो और हमारे पास इतना वक्त भी नहीं है की उस दिव्यास्त्रा के खोज में निकले
कहीं भी किसी भी खोज में जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि दिव्यास्त्रा का बंदोबस्त हो गया है , गुरु धर्मानंद के मुंह से इसे बात को सुन ने के बाद सभी के चेहरे पे एक चमक से आ गाई थी और सभी गुरु जी से उस दिव्यास्त्रा को देखने के लिए डर्कवास्त करने लगे
जवाब में गुरु धर्मानंद ने कहा , में ही वो दिव्यास्त्रा हूँ मैंने अपने जिंदगी में जीतने भी पुण्या कियेन हैं उसका फल मुझे मिला मेरे शरीर की रीद्द की हड्डी दिव्या होचुकी है इसलिए तुम लोग मेरे शरीर के रीद्द की हड्डी से दिव्यास्त्रा का निर्माण करके उस से सम्राट का अंत कर सकते हो , ये बोलकर गुरु धर्मानंद चुप हो गये
उसके बाद एक राजा ने कहा , पर गुरु जी अगर हम आप के रीद्द की हड्डी से दिव्यास्त्रा का निर्माण करेंगे तो फिर आप की तो मौत होज़ायगी , जवाब में गुरु धर्मानंद ने मुश्कूरके जवाब दिया धर्म और अचाई की रक्षा करने के लिए जान देने में जो आनंद है वो किसी और चीज़ में कहाँ
उसके बाद गुरु धर्मानंद ने लकड़ियों की चीता जलाई और खुद जाकर उस जलते हुए चीता में बैठ गये और उन्होंने इसे दुनिया से समधी ले ली , जेशा की उन्होंने समधी लेने से पहले कहा था ठीक उसी तरह से सभी ने गुरु धर्मानंद के रीद्द की हड्डी से एक बहुत ही ताकतवर दिव्यास्त्रा खंजर का निर्माण किया जिस से सम्राट को मारा जा सके और उस दिव्यास्त्रा का बागडोर विराट के हाथों में देदी गयी तकिी वो वक्त आने पे उस दिव्यास्त्रा को सम्राट के सीने में उतार सके और सम्राट को मर सके
दिव्यास्त्रा के बन ने के बाद सभी तैयार थे सम्राट के खिलाफ जंग लड़ने के लिए सभी राजाओं ने मिलकर जंगल ऑफ वारएवोल्फ’से के राजा खुड़बक्ष को अचाई के फौज का सेनापति बनाया और फिर मायवी दुनिया के सभी राजा मिलकर अपने अचाई के फौज को लेकर सम्राट के खिलाफ जंग लड़ने निकल पड़े
इधर जंग से पहले ही डर्कलॉर्ड ने सम्राट को धोका दे दिया , डर्कलॉर्ड ने सम्राट के आधी फौज को सम्राट के खिलाफ भड़कके उन्हें लेकर वहाँ से भाग गया इसे से सम्राट की फौज की तादाद बहुत कम हो गयी , सम्राट की शैतानी फौज की तादाद कम थी लेकिन फिर भी सम्राट की फौज बहुत ही ताकतवर थी
वो जंग खून्नी जंगल के सरहद और डेत वाली के सरहद के बीच में लधि गयी थी बहुत ही खतरनाक जंग थी वो , जब जंग शुरू हुई तो सम्राट के फौज ने पागलों की तरह अचाई के फौज के ऊपर हमला बोल दिया जो भी उनके सामने आता सम्राट की फौज उसे कुचलती हुई आगे तरफ जाती और इसे तरह अचाई
के योधाओं को मरता हुआ देख विराट भी जंग के मैदान में उतार पड़ा
उसके बाद तो जेशे जंग का माहौल ही बदल गया जहाँ कुछ देर पहले ये लग रहा था की बुराई की फौज आज आसानी से जीिट जाएगी अब विराट के जंग में उतरने के बाद उसका उल्टा होने लगा अचाई बुराई पर हावी होने लगी , विराट के तलवार के धार के सामने सभी शैतानी योढ़ा गाजर मूली की तरह कटके गिरने लगे जंग का माहौल तेजिसे बदलने लगा बुराई के योढ़ा तेजिसे मरने और घटने लगे
और अपने योधाओं को यूँ मरता हुआ देख सम्राट को खुद जंग के मैदान में उतरना पड़ा , और जब सम्राट जंग के मैदान में उतरा तो तेजिसे वहाँ का मौसम बदलने लगा जहाँ पे कुछ देर पहले दिन का उजाला था अब वहाँ पे धीरे धीरे काली अंदरी रात गहराने लगी थी
सम्राट अपने सामने आने वाले सभी अचाई के योधाओं को मारकर उनके लाशों पे पर रखकर आगे तरफ रहा था जो भी उसके सामने आता सम्राट उसे अपने तलवार से बीच में से कटके दो हिस्सों में बाँट देता इसे तरह सम्राट क़हर बनकर अचाई के फौज के ऊपर बरस ने लगा था
और फिर कुछ देर बाद सम्राट और विराट का आमना सामना हो ही गया दोनों भाई एक दूसरे के आमने सामने खड़े थे दोनों ने अपने अपने हाथों में अपनी अपनी तलवार पकड़ रखी थी
जब विराट ने सम्राट को देखा तो उसने एक बार फिर से सम्राट से कहा , मेरे भाई प्लीज़ वापिश लौट आऊ अभी भी वक्त है उस राषते को चोद दो और मेरा हाथ पकड़ लो
इसका जवाब सम्राट के तलवार ने दिया , सम्राट ने विराट पे पहला वार करते हुए कहा , कभी भी नहीं मेरे भाई कभी नहीं
इसके बाद दोनों भाइयों के बीच में घमासान जंग का अगाज़ हो गया दोनों ही एक दूसरे पे एक के बाद एक हमले करने लगे दोनों की तलवार जब एक दूसरे से टकराती थी तब आश्मन में बिजलियाँ कड़कड़ने लगती थी
और फिर सम्राट ने अपने तलवार से एक खतरनाक वार विराट पे किया जिस से विराट का लेफ्ट हेंड थोड़ा सा कट गया और उस में से खुन्ण बहने लगा और विराट के मुंह से एक हल्की से चीख भी निकल पड़ी लेकिन उस वार का असर सम्राट पे भी हुआ सम्राट का भी लेफ्ट हेंड थोड़ा सा कट गया था और उस में से भी खुन्ण बहने लगा था , सम्राट चौंकते हुए विराट के तरफ देखने लगता है
शायद तू भूल रहा है मेरे भाई हम दोनों जुड़वा हैं हम दोनों के सीने में एक ही दिल के दो टुकड़े धड़क रहे हैं हम दोनों दो जिस्म एक जान हैं , अगर हम में से किसको चोत्त लगेगी तो दूसरे को भी चोट लगेगी और दर्द भी होगा अगर हम में से कोई एक मेरेगा तो दूसरा भी अपने आप मर जाएगा , इसे लिए कहता हूँ अभी भी वक्त है मेरे भाई बुराई का साथ छोड़ दे और अचाई के राषते पे लौट आ
में बुराई का साथ कभी नहीं चोदूंगा मेरे बेवकूफ्फ भाई तुझे क्या पता बुराई में जो बात है वो अचाई में कहाँ ये बोलते हुए सम्राट फिर से विराट पे हमला करता है लेकिन विराट सम्राट के इसे हमले
के लिए पहले से ही तैयार था इसे लिए विराट ने सम्राट के हमले से अपने आप को बचाते हुए एक खतरनाक वार सम्राट पे करता है जिस से सम्राट अपने आप को बचाने के लिए अपने तलवार को विराट के सामने करदेता है जिस से सम्राट की तलवार टूट के ज़मीन पे बिखर जाती है और फिर विराट एक तेज मुक्का सम्राट को झड़ देता है जिस से सम्राट पेट के बाल ज़मीन पे गिरजता है
मुझे माफ करना मेरे प्यारे भाई पर तुमने मेरे सामने और कोई राष्टा ही नहीं चोदा है इसके अलावा , ये कहते हुए विराट अपने कमर से उस दिव्या खंजर को निकलता है जिसे गुरु धर्मानंद के रीद्द की हड्डियों से बनाया गया था , विराट अपने हाथ में उस दिव्या खंजर को पकड़े तेजिसे सम्राट के तरफ बढ़ता है
लेकिन जेशे ही विराट सम्राट के ऊपर वार करने को होता है तभी सम्राट पीछे पलट था है और तभी विराट की नज़र सम्राट के आँखों पे पड़ती है जिस से विराट को अपने बचपन के दिन याद आजाते हैं , विराट को अपने बचपन के हसीना पल याद आजाते हैं जो उसने अपने जान से भी प्यारे भाई सम्राट के साथ गुजरे थे
और यहीं पे विराट चूक जाता है वो सम्राट को मर नहीं पता है जिसका फायदा सम्राट उठता है और सम्राट फौरन ज़मीन से उठ खड़ा होता है और एक लात विराट के सीने पे झड़ देता है इसे से विराट कुछ कदम पीछे जाकर गिरता है
फिर सम्राट नीचे ज़मीन पे पड़े विराट के तरफ देखते हुए कहता है , मेरे भाई ना ही तू मुझे मर सकता है और ना ही में तुझे मर सकता हूँ , तू मुझे इसे लिए नहीं मर सकता क्योंकि तू अभी भी मुझे प्यार करता है और में तुझे इसे लिए नहीं मर सकता हूँ क्योंकि तुझे मारकर में अपने आप को मारना नहीं चाहता हूँ , इसे लिए हम दोनों का एक दूसरे से ना टकराना ही बेहतर होगा
ये कहते हुए सम्राट विराट को वहाँ छोड़कर वहाँ से दूसरे तरफ चल देता है और अचाई के फौज के दूसरे योधाओं पे क़हर बनकर हमला करने लगता है , सम्राट अपने ऊर्जा शक्तियों से अचाई के योधाओं को तेजिसे मरता जा रही था , सम्राट अपने काली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हवा में उड़ते हुए अचाई के फौज के ऊपर आग के गोले बरसाने लगता है , काली शक्तियों के मदद से सम्राट उनपर आश्मन से बिजलियाँ गिरने लगता है और उन्न सभी अचाई के योधाओं पे ऊर्जा के गोले भी फेंक ने लगता है
सम्राट के हाथों तेजिसे अचाई की फौज का नामो निशान मिट रहा था अब सिर्फ़ कुछ ही अचाई के योढ़ा बच गये थे , सेनापति खुड़बक्ष तेजिसे दौड़ता हुआ विराट के तरफ आता है और विराट से कहता है , विराट ये तुमने क्या कर दिया तुम्हारे पास एक अच्छा मौका था तुम सम्राट को मर सकते थे , तुमने उसे मारा क्यों नहीं देखो तुमसे बचने के बाद उसने किस तरह हमारे योधाओं को किडडे माक्कोदॉन की तरह मारना शुरू कर दिया है , अब सिर्फ़ हमारे कुछ ही योढ़ा बचे हैं
मुझे माफ कार्दिजिए खुड़बक्ष
पर में क्या करता जब मैंने उसके आँखों में देखा तो मुझे वो पुराना वाला सम्राट याद आ गया और में उसे मर नहीं पाया , विराट आँखों में आस्यू लिए ये बात खुड़बक्ष को कहता है
विराट ये वक्त कमजोर पड़ने का नहीं है तुम्हें वो सारी बातें भूलनी होंगी और सम्राट को मारना होगा , विराट क्या तुम भूल गये गुरु धर्मानंद की क़ुर्बानी , क्या गुरु जी की क़ुर्बानी नाकामयाब होज़ायगी बताओ विराट बताओ , विराट अगर आज सम्राट बच गया तो फिर हम उसे कभी नहीं मर पाएँगे और इसे मायवी दुनिया पे बुराई का राज होज़ायगा और रोजाना निर्दोष और बेगुनाह लोग बिना किसी वजह के मारे जाएँगे , खुड़बक्ष ये कहते हुए विराट के तरफ देखते हैं
नहीं खुड़बक्ष में सम्राट को नहीं मर सकता हूँ , क्योंकि अभी भी मेरे दिल के किसी कोने में सम्राट के लिए प्यार है इसे लिए में उसे मर नहीं पाऊँगा , ये काम आप को करना होगा आप को सम्राट को मारना होगा , ये लीजिए दिव्या खंजर और जाकर घुसेड़ दीजिए सम्राट के सीने में , ये कहते हुए विराट उस दिव्या खंजर को सेनापति खुड़बक्ष के तरफ बढ़ा देता है
विराट ये तुम क्या कह रहे हो सम्राट को अगर हराने की और मरने की ताक़त कोई रखता है तो वो सिर्फ़ तुम हो में तो उसके पास भी नहीं जा पाऊँगा और वो मुझे अपने काली शक्तियों के जरिए मर देगा , खुड़बक्ष परेशान होते हुए ये कहता है
नहीं खुड़बक्ष आज जीिट सचाई और अचाई की ही होगी सम्राट मरेगा और वो भी आप के हाथों और साथ में में भी मारूँगा , खुड़बक्ष शायद आप भूल रहे हैं सम्राट और में हम दोनों जुड़वा हैं दो जिस्म एक जान हैं , अगर हम में से किसको चोत्त लगेगी तो दूसरे को दर्द होगा , इसलिए में यहाँ अपने दोनों हाथों के नशे काट लूँगा जिस मेरे साथ साथ सम्राट के भी दोनों हाथ की नशे कट जाएँगी इसे से मेरे साथ साथ सम्राट भी कमजोर होज़ायगा उसकी शक्तियाँ ठीक से काम नहीं करेंगी और उसी मौके का फायदा उठाकर आप उसके सीने में खंजर उतार देना , विराट ये कहते हुए अपने बात को खत्म करता है
इसका मतलब सम्राट के साथ साथ तुम भी मर जाओगे , नहीं विराट ये में नहीं कर सकता , तुम एक सच्चे धर्म के योढ़ा हो तुम्हारे जेशा सच्चा योढ़ा लाखों करदों साल में एक बार पेड़ा होता और में तुम्हें मारकर इसे दुनिया को एक अचाई के योढ़ा से बंचित नहीं रखना चाहता हूँ विराट , खुड़बक्ष ये कहता है
हमारे पास और कोई राष्टा नहीं है खुड़बक्ष आप को वही करना होगा जो मैंने आप को कहा है , अब वक्त आ गया है की में भी गुरु जी की तरह सचाई के लिए अपने जान को क़ुरबान कार्दुन , अब जाए आप और सम्राट के सीने में खंजर को उतार दीजिए
और फिर खुड़बक्ष विराट के हाथों से उस दिव्या खंजर को लेता है और आगे तरफ जाता है सम्राट के तरफ और इधर विराट अपने तलवार को उठता है और उस से अपने दोनों हाथों के नशे काट लेता
है , इसे से विराट के हाथों से तेजिसे खून बहने लगता है और उसका असर सम्राट पे भी होता है सम्राट के दोनों हाथों के नशें भी काट जाती हैं और उनमें से तेजिसे खून बहने लगते हैं इसे से सम्राट को दर्द और कमज़ोरी महसूष होने लगती है और वो जो हवा में उड़ रहा था नीचे ज़मीन पे उतार आता है और गिरजता है और इसी मौके का फायदा उठाकर खुड़बक्ष उस दिव्या खंजर को सम्राट के सीने में उतार देता है
इसे से उस जंग के मैदान में दो लोगों के मुंह से तेज चीत्कार निकलती है एक था सम्राट और दूसरा था विराट , सम्राट के साथ साथ विराट के सीने में भी एक बड़ा सा छेद हो गया था और उस में से खुन्ण की ढर्र बहने लगी थी
इसके बाद सम्राट ने अपने आप को संभालते हुए अपने एक हाथ को अपने उस छेद हुए सीने में जहाँ पे खुड़बक्ष ने खंजर गाड़ा था , उस छेद में सम्राट अपने एक हाथ को डालता है और अपने शरीर में मौजूद अपने आधे दिल को निकल लेता है और कुछ मंत्र बोलने लगता है और फिर अपने उस आधे दिल को ऊपर आश्मन के तरफ उछाल देता है , सम्राट का आधा दिल हवा में उड़ता हुआ जाता है और हवा में अटक जाता है और देखते ही देखते उस दिल में आग लगज़ाती है
ये नज़ारा वहाँ मौजूद सभी देख के हैरान थे किसी के भी समझ में कुछ भी नहीं आ रही था की ये क्या हो रहा है की तभी एक चीत्कार सुनाई देता है और वो चीत्कार थी विराट की , विराट चिल्ला रहा था क्योंकि उसे बहुत दर्द हो रहा था उसके सीने के उस बारे छेद से उसका आधा दिल अपने आप बाहर निकल रहा था और देखते ही देखते विराट का भी दिल उसके शरीर से निकल के आसहमन में उद्जाता है जहाँ पे सम्राट का दिल था और फिर वो दोनों आधा दिल यानि की सम्राट का आधा दिल और विराट का आधा दिल दोनों दिल मिलकर एक दिल होजते हैं और फिर वो दिल तेज रफ्तार के साथ आश्मन में कहीं गायब हो जाता है , ये नज़ारा सबको हैरान करदेता है , हर कोई अपने अपने आँखें फाड़े कभी आश्मन के तरफ तो कभी विराट के तरफ तो कभी सम्राट के तरफ देखे ही जा रहे थे की तभी उनके कानों में सम्राट की आवाज़ पड़ती है
सम्राट अपने दर्द को थोड़ा सा कंट्रोल करते हुए थोड़ा सा रुकते रुकते कहने लगता है , भले ही आज तुम लोगों ने मेरे भाई विराट के क़ुर्बानी के वजह से मुझे मर दिया है भले ही आज तुम लोग ये जंग जीिट चुके हो लेकिन एक दिन में लौटूँगा जरूर लौटूँगा और मुझे वापिश लाएगा मेरे और विराट का अंश जिसका नाम अग्नि होगा वही मुझे फिरसे जिंदा करेगा , अग्नि मेरा और विराट दोनों का अंश होगा लेकिन वो उस बार बुराई का राष्टा चुनेगा और मुझे वापिश इसे दुनिया में लाएगा
अबकी बार विराट तुम लोगों के साथ था इसलिए तुम सब जीिट गये लेकिन अगली बार मेरे साथ अग्नि होगा यानि की मेरा भाई विराट होगा मेरे साथ अगली बार और उस बार में जीतूँगा और बदले में तुम सबको मौत दूँगा , ये कहते
हुए सम्राट हस्सने लगता है और हस्स्ते हस्स्ते ही सम्राट की जान उसके शरीर को छोड़कर चली जाती है
इधर विराट की शंसें तेज चल रही थी उसकी भी शंसें किसी भी वक्त उसका साथ छोड़ सकती थी इसलिए अपने उखड़ते हुए शंसों से खुड़बक्ष को बुलाता है और खुड़बक्ष दौड़ते हुए विराट के पास जाता है
खुड़बक्ष मेरे पास अब ज्यादा वक्त नहीं है आप ने सुना ही होगा सम्राट ने जो कहा वो लौटने की कोशिश जरूर करेगा इसे लिए आप ये लीजिए मेरे तलवार को , आप इसे तलवार को परिलोक की सहजादी पद्मिनी को सूप दीजिएगा और उन्हें कहिएगा मेरे और सम्राट का अंश अग्नि जब जन्म लेगा और इसे मायवी दुनिया में आएगा तब उसके सामने दो राषते होंगे एक होगा अचाई का और दूसरा होगा बुराई का और हो सकता है किसी वजह से वो बुराई के राषते को छूने इसे लिए अगर वो कभी बुराई के राषते पे चलने लगे तो सहजादी पद्मिनी से कहिएगा की वो मेरे तलवार अग्नि को सूप दे मेरा ये सचाई का तलवार अग्नि को मेरे क़ुर्बानी का अहसास दिलाएगा और मुझे पूरा यकीन है इसे से अग्नि अचाई के राषते पे अजइईईईई
ये कहकर विराट भी अपनी आखिरी सांस चोद देता है और सचाई और धर्म का महयोढ़ा विराट मायवी दुनिया के लिए सचाई और धर्म के लिए क़ुरबान हो जाता है
रुद्रा – अच्छा तो ये थी सारी कहानी अग्नि के पिछले जन्म की यानि की सम्राट और विराट की
जोरबार – हाँ यही थी सारी कहानी
रुद्रा – अच्छा तो जोरबार विराट के उस तलवार का क्या हुआ , अगर विराट ने कहा था की उसका तलवार अग्नि को उसके क़ुर्बानी की याद दिलाएगी और उसे अचाई के राषते पे लेअएगी तो फिर राजकुमारी पद्मिनी ने अभी तक वो तलवार अग्नि को दी क्यों नहीं
जोरबार – पहली बात ये के राजकुमारी पद्मिनी अब राजकुमारी नहीं रही वो तो उस जंग के बाद ही परिलोक की रानी बन गयी थी और रही उस तलवार की बात तो , वो तलवार आज के वक्त में कहाँ है ये किसी को भी नहीं पत्ता है
रुद्रा – क्य्ाआआआआअ , ये आप क्या कह रहे हैं , आप ही ने तो कहा था की विराट ने उस तलवार को खुड़बक्ष को दिया था राजकुमारी पद्मिनी तक पहुँचने के लिए
जोरबार – बात ये है रुद्रा , जब जंग खत्म हुआ तो उसी रात को खुड़बक्ष और उसके कुछ साथी उड़ते हुए घोड़े यानि की यूनिकॉर्न के ऊपर सवार होकर परिलोक के तरफ उड़ते हुए आश्मन में आगे तरफ रहे थे उस तलवार को राजकुमारी पद्मिनी तक पहुँचने के लिए , लेकिन तभी सम्राट के रूह यानि की आत्मा ने उनपर हमला कर दिया , सम्राट के आत्मा ने विराट की कही गयी बात सुनलीया था इसलिए उसने उनपर हमला कर दिया था
सम्राट की आत्मा उतनी ताकतवर तो नहीं थी लेकिन फिर भी उसके यूँ अचानक हमला करने से सभी चौंक गये और इसी दौरान खुड़बक्ष के हाथों से वो तलवार फिसल के कहीं आश्मन से नीचे गिरगई , खुड़बक्ष के साथियों में कुछ जादूगर थे जिन्होंने
अपनी जादुई शक्ति के मदद से सम्राट के आत्मा को बंदी बणलिया और उन्न सबने मिलकर सम्राट के आत्मा को कहीं पे दफ़न कर दिया कैद कर दिया उसके बाद उन्होंने बहुत सालों तक उस तलवार को दूँगा लेकिन वो उन्हें नहीं मिला
में भी उस जंग के बाद सबसे छिपता फिरता रहा और अपनी पहचान चुपके उस तलवार के खोज में लगा रहा लेकिन वो तलवार मुझे भी नहीं मिली वो तलवार तो जेशे इसे दुनिया से कहीं गायब ही हो गयी , में उसी तलवार के खोज में एक दिन लगा हुआ था की डर्कलॉर्ड ने मुझे कैद कर लिया और अपना बंदी बना लिया सम्राट के सारे राज़ जान ने के लिए , बस यही थी सारी कहानी
रुद्रा – अच्छा तो इसका मतलब वो तलवार खोचुकी है इसलिए वो अग्नि को तलवार नहीं दे सके , अच्छा जोरबार अगर हम अग्नि को सारी सचाई से वाकिफ करदें तो क्या वो सचाई के रही पर लौट नहीं आएगा ?
जोरबार – नहीं क्योंकि हमारे बताने और उसके खुदके महसूस करने में ज़मीन आश्मन का फर्क है जब तक वो उस क़ुर्बानी को महसूस नहीं करेगा तब तक वो अपना रही नहीं बदलेगा , अच्छा चोदा ये सब बातें चलो जल्दी से तैयार होजाओ सुबह होचुकी है और सूरज भी निकल चुका है हमें जल्द से जल्द इसे खून्नी जंगल में घुसना है और अपने काम को अंजाम देना है
उसके बाद रुद्रा और जोरबार तैयार होजते हैं अपने अपने घोड़ों को वहीं एक पेड़ से बाँध देते हैं और जंगल में घुसने को होते ही हैं की तभी जोरबार रुद्रा को रोकता है और कुछ कहता है
जोरबार – रुद्रा देखो अब हम इसे जंगल में घुसने वाले हैं इसलिए में तुम्हें पहले ही बता रहा हूँ ये जंगल बहुत ही खतरनाक है इसलिए हमेशा मेरे साथ ही रहना और पीछे मुदके कभी मत देखना समझे
रुद्रा – अरे जोरबार आप तो जादूगर हैं आप शा क्यों नहीं करते की जादू से सीधे काले पहाड़ी पे हम दोनों को लेजते
जोरबार – रुद्रा में मानता हूँ की में एक बहुत बड़ा जादूगर हूँ लेकिन इसे खून्नी जंगल को जादू के मदद से पार करने के लिए बहुत सारी जादुई ताक़तों की जरूरत होगी जो ईश्वक़्त मेरे पास नहीं है , जब में डर्कलॉर्ड के कैद में था तब उसने मेरी बहुत से जादुई ताक़तों को मुझसे छीन लिया था और मुझे अपनी पुरानी जादुई ताक़त को हासिल करने में और भी कई महीने लग जाएँगे इसलिए हमें इसे जंगल को आम इंसानों की तरह पार करना होगा , और मैंने इसे से पहले जो जो कहा था याद रखना और पीछे तो मुदके बिलकुल मत देखना समझे
और उसके बाद रुद्रा और जोरबार दोनों उस खून्नी जंगल में दाखिल होजते हैं और आगे बढ़ने लगते हैं , उन्न दोनों के जंगल में घुसने के बाद जंगल के बाहर मौजूद बरगत के पेड़ के ऊपर से कोई नीचे कूड़ता है , उस शक्ष ने सर से लेकर पांव तक काला कपड़ा पहना हुआ था उसका चेहरा भी काले कपड़े से धक्का हुआ था उसके शरीर का एक हिस्सा भी दिखाई नहीं दहाड़ा था सिबाई उसके दोनों आँखों
के
उस शक्ष के आंखें हारे रंग के थे वो शक्ष जंगल के तरफ ही देखे जा रही था और फिर देखते ही देखते उस शक्ष का शरीर चमकने लगता है और कुछ ही सेकेंड’से के अंदर उस शक्ष का रूप बदल जाता है वो एक इंसान से एक काला कावा(करो) बनजता है और उड़ते हुए उस जंगल में दाखिल हो जाता है
जोरबार और रुद्रा दोनों जंगल के अंदर आहिस्ते आहिस्ते आगे तरफ रहे थे , जंगल के चारों तरफ खामोशी ही खामोशी थी कहीं से भी कोई आवाज़ नहीं आ रही थी ये बात रुद्रा को परेशान कर रही थी फिर भी रुद्रा चुप चाप जोरबार के पीछे चल रहा था , दोनों आगे बढ़ते ही जा रहे थे की तभी आगे उनको बहुत सारे ढूंढ.(फॉग) दिखाई देती है , जोरबार वहीं रुक्क जाता है और बिना पीछे मुड़े ही कहता है
जोरबार – रुद्रा सतर्क होजाओ क्योंकि आगे से ढूंढ. शुरू हो रही है ये ढूंढ. कोई मामूली ढूंढ. नहीं है ये एक चालबा है ये इसे तरफ से गुजरने वाले लोगों को अपने चालबा से चलती है और जो उस चालबे में फ़ासस जाता है ये ढूंढ. उसकी जान ले लेती है इसलिए सतर्क रहना और पीछे बिलकुल मात देखना समझे
रुद्रा – ठीक है जोरबार समझ गया
उसके बाद ये दोनों फिरसे आगे बढ़ने लगते हैं और ढूंढ. के अंदर घुस जाते हैं , जेशे जेशे दोनों आगे तरफ रहे थे धीरे धीरे ढूंढ. भी उतना ही बढ़ता जा रही था दोनों अपने राषते पे दत्ते हुए थे की तभी कुछ सुनाई देता है
चामम्म्मम चामम्म्मम चामम्म्मम ऐशी आवाजें रुद्रा और जोरबार को सुनाई देने लगती है
रुद्रा – जोरबार आप ने ये आवाज़ सुना किसी लड़की की पायल की आवाज़ लगती है ये लगता है हमारे आस पास कोई लड़की है
जोरबार – रुद्रा मैंने तुम्हें कहा था चुप चाप आगे बढ़ते रहना ये सभी आवाजें चालबा है तुम इन पर बिलकुल भी ध्यान मात दो और पीछे तो बिलकुल भी मत देखना
उसके बाद फिरसे हवाओं में वही आवाज़ गूँजती है चामम्म्मममम चामम्म्ममम और इसे आवाज़ के साथ साथ किसी लड़की के हल्की हल्की हँसी की भी आवाज़ सुनाई देती है हुहह हुहह हूउहह
रुद्रा – जोरबार तुमने सुना फिरसे वो आवाज़ आ रही है और इसे बार तो किसी लड़की की हस्सने की भी आवाज़ आ रही है , मुझे लगता है सच में हमारे आस पास कोई लड़की है
जोरबार – रुद्रा मैंने तुम्हें कहा ना बिलकुल चुप चाप मेरे पीछे चलो इन सब आवाज़ों पर बिलकुल ध्यान मत दो ये सब चालबा हैं अगर तुम इनके जाल में फ़ासस गये तो तुम्हारी मौत पक्की
उसके बाद ये दोनों फिरसे आगे बढ़ने लगते हैं और ये कुछ कदम चले ही होंगे की इनके कानों में एक सुरीली मीठी आवाज़ पड़ती है , रुद्रााआअ रुद्रााआआ रुद्रााआअ , इषबार रुद्रा चिढ़ जाता है और चिल्लाते हुए कहता है
रुद्रा – बंद करो ये नाटक मुझे पत्ता है तुम कोई चुड़ैल बुदेल हो और मुझे भटकने की कोशिश कार रही हो लेकिन में तुम्हारे झस्से में नहीं आनेवाला चुड़ैल कहीं की चल
निकलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल
रुद्रा के इतना कहते ही ढूंढ. धीरे धीरे घटने लगता है और वो आवाज़ भी आने बंद होजती है
(UPDATE-68)
जोरबार – बहुत अच्छे रुद्रा तुमने बहुत बढ़िया काम किया देखो ढूंढ. भी थोड़ा थोड़ा घाट्ट रहा है
रुद्रा – लगता है अब वो आवाजें नहीं आएँगी , लगता है भाग गयी वो चुड़ैल
जोरबार – नहीं रुद्रा अभी खतरा टल्ला नहीं हम अभी भी ढूंढ. के घेरे में हैं इसलिए अभी भी सतर्क रहना वो आवाजें फिरसे शुरू होसकती है
रुद्रा और जोरबार फिरसे आगे तरफ जाते है कुछ कदम आगे बढ़ते ही ढूंढ. फिरसे बढ़ने लगती है और उन्हें घेरने लगती है लेकिन रुद्रा और जोरबार बिना रूक्के आगे बढ़ते ही रहते हैं की तभी फिरसे वो आवाजें आने शुरू होजती हैं लेकिन इसे बार और भी खतरनाक रूप से
रुद्रा बेटा बचऊऊऊऊ रुद्रा बेटा बचऊऊऊऊ रुद्रा बेटा बचऊऊऊऊ मेरी और सुनहेरी की जान को खतरा है
जोरबार – रुद्रा पीछे बिलकुल मात देखना ये सब चालबा है , ये आवाजें तुम्हारी मां और सुनहेरी की नहीं है वो ईश्वक़्त हमारी फौज के साथ सुरक्षित हैं , हम बस ढूंढ. के इल्लाके से निकालने ही वाले हैं इसलिए ये सब और तेजिसे हो रहा है पीछे बिलकुल मत देखना रुद्रा बिलकुल नहीं
रुद्रा बचाओ हमें रुद्रा बचाओ हमें वो लोग मां जी को मर डालेंगे रुद्रा बचाओ हमें , मां जीिइईईईईईईईईईईईईई नहिंन्ननननननननणणन्
इसे आखिरी चीख से रुद्रा हड़बड़ा जाता है और फौरन पीछे मुदके देखने लगता है
रुद्रा – नहिंन्नननननननननननननणणन्!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
रुद्रा के चीख को सुनते ही जोरबार के पांव अपने आप रुक्क जाते हैं और जोरबार डरते हुए बिना पीछे मुड़े ही पूछता है
जोरबार – क्या हुआ रुद्रा तुम चीख क्यों रहे हो , कहीं तुमने पीछे मुड़कर देख तो नहीं लिया ना
रुद्रा – जोरबार मुझे बचऊऊऊ में यहाँ फ़ससस्स गया हूँ जल्दी करो मुझे बचाओ नहीं तो में मारा जाऊंगा
जोरबार – बेवकूफ्फ कहीं के मेरे इतना कहने के बाद भी तुम नहीं मैंने और पीछे मुदके देख ही लिया , अब तुम्हारे वजह से हम दोनों मरेंगे
रुद्रा – अरे जोरबार तनने बाद में मारलेणा अभी फिलहाल मेरी मदद करो मुझे बचऊूऊ
उसके बाद जोरबार धीरे धीरे आहिस्ते आहिस्ते करके पीछे पलटने लगता है , जब जोरबार पूरी तरह से पीछे पलट जाता है तब वो देखता है की रुद्रा एक दलदल में फ़ससा हुआ है और हर बिट्ट ते हुए वक्त के साथ वो ओर भी अंदर धस्ता जा रही है
ये नज़ारा देखने के बाद जोरबार अपना एक कदम आगे बढ़ता है रुद्रा की मदद करने के लिए लेकिन तभी , जिधर जोरबार खड़ा था उसके नीचे की ज़मीन धीरे धीरे नर्म होने लगती है और नर्म मिट्टी से ज़मीन कीचड़ में बदल जाती है और उसके बाद फौरन ही ज़मीन वहाँ से गायब होकर वो जगह एक दलदल बनजता है और जोरबार उस में धसने लगता है
जोरबार – देखा रुद्रा तुम्हारी वजह से अब में भी
फ़ासस गया इसे दलदल में अब हम केशे निकले यहाँ से
रुद्रा – अरे ये भी में आप को बताऊं , अरे किसने आप को जादूगर बनडिया यार , आप ने उस जादुई चड्डी को क्यों अपने हाथों में पकड़ा हुआ है दांडिया खेनले के लिए क्या , अरे जोरबार कुछ जादू बादू दिखाओ यार और हमें बचाओ नहीं तो हम दोनों का राम नाम सत्या होज़ायगा
जोरबार – हम दोनों अगर यहाँ फंसे हैं तो उसके वजह तुम हो मियाँ एक बार यहाँ से निकल जाऊं फिर तुम्हारी खबर लेता हूँ
ये बोलते हुए जोरबार उस दलदल में फंसे हुए ही अपने जादुई दंड को असमान के तरफ करता है और कुछ मंत्र पढ़ने लगता है और फिर जोरबार के जादुई दंड से कुछ चमकदार रोशनी निकालने लगती है और फिर जोरबार और रुद्रा दोनों उस दलदल में से धीरे धीरे बाहर निकालने लगते हैं
जब ये दोनों दलदल से बाहर निकालने लगते हैं तब इन दोनों के चेहरे पे एक हल्की से मुस्कान आ जाती है लेकिन ये मुस्कान ज्यादा देर तक नहीं रेहपति है क्योंकि अचानक ही कोई दलदल के अंदर से जोरबार के परॉन को अंदर की और खींचने लगता है
इसे से जोरबार हड़बड़ा जाता है और उसके हाथों से उसका जादुई दंड गिरजता है और वो जादुई दंड दलदल के अंदर कहीं घुस जाता है और उसके बाद रुद्रा और जोरबार दोनों फिरसे दलदल के अंदर धसने लगते हैं
अब इन दोनों के पास कोई चारा नहीं था मदद के लिए पुकारने के अलावा लेकिन इसे सुनसान जंगल में उनकी मदद करेगा कौन यही सोचकर वो दोनों चुप हो गये , दोनों धीरे धीरे दलदल के अंदर धंस रहे थे दोनों के शरीर पूरी तरह से दलदल के अंदर जा चुके थे सिर्फ़ दोनों के सर ही दलदल के बाहर रहगए थे
रुद्रा – काश कोई आए और हम दोनों को बचले नहीं तो हम दोनों के साथ साथ मेरे दोस्त अग्नि की भी जान चली जाएगी
और फिर दोनों के सर भी धीरे धीरे दलदल में घुसने लगते हैं और जब सर दलदल में घुसने लगता है तब रुद्रा रही सही आस भी चोद देता है और अपनी आँखें बंद कर लेता है
एक काला कावा(करो) उड़ता हुआ आता है और दलदल के पास के एक बारे से पेड़ के बड़ी से डाली पे जाकर बैठ जाता है और देखते ही देखते वो काला कावा इंसानी रूप लेलेटा है , वो काला कावा जो की अब एक इंसानी रूप में था वो सर से लेकर पांव तक काले कपड़े से धक्का हुआ था उसके सिर्फ़ आंखें ही दिख रहे थे
वो उस पेड़ पे बैठे बैठे ही अपने हाथ को उस दलदल के तरफ करता है और कुछ शब्द बड़बड़ाने लगता है और फिर देखते ही देखते रुद्रा और जोरबार धीरे धीरे उस दलदल से बाहर निकालने लगते हैं , जब रुद्रा और जोरबार को एहसास होता है की वो दोनों बाहर अरहे हैं तो वो दोनों खुश होजते हैं और आस पास देखने लगते हैं की कौन उनकी मदद कार रहा है , उन्न दोनों की नज़र पड़ती है उस काले कपड़े से ढके हुए शक्ष पे जो की ईश्वक़्त एक पेड़ पे बैठा उनकी मदद कार रहा था जादू से उन्हें बाहर निकालने के
लिए
रुद्रा और जोरबार धीरे धीरे बाहर निकल रहे थे की तभी अचानक फिरसे कोई दलदल के अंदर से उन्हें अंदर खींच ने लगता है और वो दोनों फिरसे दलदल के अंदर धसने लगते हैं
जब ये बात पेड़ पे बैठा हुआ वो अंजान शक्ष देखता है तो वो अपनी आँखों को बंद करता है और असमान के तरफ अपने हाथ को करता है इसे से अचानक से उसके हाथों में एक जादुई दंड आ जाता है और फिर वो शक्ष अपनी आँखों को खोलता है और अपने जादुई दंड के रुख को दलदल के तरफ करता है और कुछ मंत्र पढ़ने लगता है
देखते ही देखते उस अंजान शक्ष के जादुई दंड से एक तेज रोशनी का गोला निकलता है और सीधे उड़ते हुए जाकर दलदल के अंदर घुस जाता है उसके बाद उस दलदल के अंदर एक धमाका होता है , और धमाके के वजह से उस दलदल के अंदर से कीचड़ और गीली मिट्टी इधर उधर जाकर आस पास गिरने लगती है
उस धमाके के बाद अब वो दलदल पूरी तरह से खाली होचुका था और उस जगह पे एक बहुत बड़ा सा गद्दा बन चुका था , और जब उस दलदल में से कीचड़ और गीली मिट्टी गायब होजती है तब रुद्रा और जोरबार की नज़र पड़ती उनके साथ उस गद्दे में मौजूद एक बारे से काले रंग के ओक्तोपुश पे जिसके पूरे शरीर में कीचड़ ही कीचड़ लगी हुई थी
ये ओक्तोपुश वही था जो दलदल के अंदर से इन दोनों के पर को अंदर की ओर खींच रहा था तकिी इन दोनों को कहा सके , वो ओक्तोपुश बहुत बड़ा था और जब दलदल की गीली मिट्टी और कीचड़ धमाके में उड़ गयी तो वो ओक्तोपुश गुस्से में रुद्रा और जोरबार पे हमला करदेता है उन्न दोनों को अपना खाना बनाने के लिए
रुद्रा फौरन अपने कमर में लटके हुए तलवार को निकलता है और उस बारे से ओक्तोपुश के तरफ तेजिसे फेंक देता है रुद्रा की तलवार हवा को चीरती हुई सीधे जाकर उस ओक्तोपुश के चेहरे के आर पार होजती है और वो बड़ा सा ओक्तोपुश रुद्रा के तलवार से दो हिस्सों में बट्ट जाता है और नीचे ज़मीन पे पड़े पड़े छटपटाने लगता है और देखते ही देखते अपना दम तोड़ देता है
उसके बाद रुद्रा और जोरबार उस बारे गद्दे से बाहर निकलते हैं और उस पेड़ के तरफ चल देते हैं जिस पेड़ पे वो अंजान शक्ष बैठा हुआ था , वहाँ पहुँच के रुद्रा उस अंजान शॅक्स से कहता है
रुद्रा – आप का बहुत बहुत शुक्रिया अगर आप ने हमारी मदद ना की होती तो हम दोनों उस बारे से ओक्तोपुश का खाना बंचुके होते , पर आप है कौन और इसे खतरनाक जंगल में कार क्या रही हैं
और फिर वो अंजान शक्ष धीरे धीरे अपने चेहरे से उस काले कपड़े को निकालने लगता है और जेशे ही वो अंजान शक्ष अपने चेहरे से कपड़ा हटा देता है उस अंजान शक्ष के चेहरे को देख रुद्रा के चेहरे का रंग उड़ जाता है और रुद्रा के मुंह से सिर्फ़ एक ही बात निकलता है
रुद्रा – जहाँ तूमम्म्ममम!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!रुद्रा – जहाँ तूमम्म्म , जहाँ तुम जिंदा हो , पर इसे केशे हो सकता है अग्नि ने तो कहा था की तुम
शिमला में पहाड़ से गिरके मारगाई थी या फिर तुम जहाँ की बहुत हो
जहाँ – रुद्रा में जिंदा हूँ और ईश्वक़्त सही सलामत तुम्हारे सामने खड़ी हूँ और मैंने ही तुम दोनों की जान भी बचाई है अभी अभी
रुद्रा – पर जहाँ इसे केशे हो सकता है अग्नि ने तो कहा था की तुम शिमला में पहाड़ से गिरके मारगाई थी , तुम बच केशे गयी
अग्नि का नाम सुनते ही जहाँ के आँखों में आंसू आजाते हैं और जहाँ अपने आँखों से आंसू पोछते हुए
जहाँ – रुद्रा जब मेरे पर फिसले और में पहाड़ी से नीचे गिरी तब में पेड़ों के दहनिओन से टकराते हुए आकर नीचे पथरीली ज़मीन पे गिरी थी , में बहुत बुरी तरह से घायल थी ुषवक़्त में मरने के कगार पे थी मेरी साँसें किसी भी वक्त मेरा साथ छोड़ शक्ति थी में किसी भी वक्त मर सकती थी
लेकिन मेरी किस्मत अच्छी थी मुझे महा मैं ने वहाँ से उधर किया और मुझे यहाँ इसे मायवी दुनिया में ले आई और मुझे अपने जादू से उन्होंने ठीक कर दिया , कुछ महीने लगे लेकिन में पूरी तरह ठीक हो गयी और जब में ठीक हुई तब उन्होंने मुझे बताया की उन्होंने मुझे बचाने के लिए मुझे एक यक्षिणी बनडिया है
रुद्रा – एक मिनट रुको , जहाँ ये बताओ ये महा मैं कौन हैं और ये यक्षिणी क्या चीज़ है यार
रुद्रा के सवाल का जवाब जहाँ देने के लिए अपने मुंह खोल ही रही थी की तभी जोरबार रुद्रा को उसके सवाल का जवाब देने लगा
जोरबार – रुद्रा महा मैं इसे पूरे दुनिया में जीतने भी चुड़ैल हैं उनकी महारानी हैं और यक्षिणी यानि की चुड़ैल का एक और रप है
रुद्रा – क्य्ाआआ जहाँ तुम एक चुड़ैल हो , रुद्रा ये कहते हुए थोड़ा सा पीछे हॅट जाता है
जहाँ – डरो मत रुद्रा में एक अच्छी वाली चुड़ैल हूँ , नहीं तो में तुम दोनों की जान क्यों बचाती
रुद्रा – हाँ ये तो सही कहा तुमने , पर मेरे समझ में ये नहीं आया की अगर तुम जिंदा बच गयी थी तो तुम वापस अग्नि के पास क्यों नहीं गयी
जहाँ – महा मैं के वजह से , महा मैं ने मुझे कहा था की अग्नि कोई मामूली इंसान नहीं है वो काररोदों में एक है और वो काली दुनिया का होने वाला महाराज है और वो जल्द ही इस मायवी दुनिया में आएगा
रुद्रा – अच्छा तो ये बात है , पर अब तो अग्नि मायवी दुनिया में भी अचुका है और डेत वाली का प्रिन्स भी बन चुका है तो तुम उस से मिली क्यों नहीं , वो आज भी यही समझता है की तुम अब जिंदा नहीं हो
जहाँ – रुद्रा तुम्हें क्या लगता है में अग्नि से मिलना नहीं चाहती , रुद्रा में तो अग्नि से मिलने के लिए तड़प रही हूँ उसे अपने गले से लगाने के लिए में मर रही हूँ लेकिन महा मैं ने कहा है की अभी अग्नि से मिलने का सही वक्त नहीं आया है इसे लिए में अग्नि से दूर हूँ और उस पल का इंतजार कार रही हूँ जब सही वक्त आएगा और में अपने जान से भी प्यारे अग्नि को गले से लगा सकूँ
रुद्रा और जहाँ के चुप होते ही जोरबार जहाँ से
पूछता है
जोरबार – जहाँ जी आप एक बात बताइए आप ईश्वक़्त यहाँ पे इसे जंगल में क्या कार रही हैं
जहाँ – जिशवक़्त अग्नि और डर्कलॉर्ड के बीच जंग चल रही थी ुषवक़्त में और महा मैं उस लधाई को जादुई गोले(क्रिस्टल बॉल) में बैठ के देख रहे थे और जब अग्नि की ये हालत हुई तो में अपने आप को रोक नहीं पाई और यहाँ पे आप लोगों का पीछा करते हुए आ गाई तकिी अग्नि को बचाने में में भी कुछ मदद कार सकूँ
रुद्रा – अच्छा तो तुम इसे यहाँ पे पहुँची , चलो अच्छा हुआ अगर तुम सही वक्त पे ना आती तो हम दोनों का राम नाम सत्या हो जाता
जहाँ – हाँ
जोरबार – अब हमें आगे बढ़ना चाहिए दोस्तों देर हो रही है , हमारे लिए हरर एक मिनट कीमती है
UPDATE-69)
और उसके बाद जोरबार रुद्रा और जहाँ तीनों आगे बदहजते हैं अपने मंजिल के तरफ , जंगल के चारों तरफ सूखे हुए पेड़ और पौधे थे हरियाली तो थी ही नहीं और ज़मीन तो जेशे बंजार होचुकी थी
और इन्हीं सूखे हुए पेड़ पोढ़ों से होते हुए ये तीनों आगे तरफ रहे थे , तीनों घंटों तक चलते रहते हैं और आगे बढ़ते रहते हैं और फिर इन्हें आगे हारे भरे पेड़ और पौधे दिखाई देने लगते हैं आगे कुछ ही दूरी पर
और जब ये तीनों उन्न हारे भरे पेड़ और पोढ़ों के पास पहुँच ते हैं तो इन्हें पता चलता है की वहाँ पे एक छोटा सा तलब भी है , ये तीनों पिछले कुछ घंटों से चलते चलते थक्क चुके थे इसलिए ये तीनों तय करते हैं की कुछ देर यहीं पे आराम करेंगे तलब के किनारे उसके बाद फिरसे आगे बढ़ेंगे
रुद्रा और जहाँ वहीं पे बैठ जाते हैं और जोरबार तलब के करीब जाने लगता है तकिी अपने प्यास को बुझा सके थोड़ा सा पानी पीके , रुद्रा और जहाँ बैठे बैठे आराम कार रहे थे की तभी रुद्रा की नज़र पड़ती है वहाँ के आस पास में लगे हुए तरह तरह के खूबसूरत फूलों(फ्लवर’से) के पोढ़ों पर ये सारे के सारे फूल बहुत ही खूबसूरत थे और साथ में बहुत बारे बारे भी आम फूलों के मुकाबले में
ये सारे के सारे खूबसूरत फूल रुद्रा का मान मो लेते हैं और रुद्रा की सारी थकान गएब होजती है इन फूलों को देख के और रुद्रा वहाँ से उठके चल देता है उन्न फूलों को पास से देखने के लिए
रुद्रा आगे बढ़ते हुए उन्न खूबसूरत फूल तक जा पहुँचता है और उन्हें निहारने लगता है , वहाँ पे तरह तरह के फूल थे रुद्रा बस उन्हें देखे जा रही था और फिर रुद्रा एक बहुत बारे से फूल के करीब जा पहुँचता है जो की बाकी सभी फूलों के मुकाबले बहुत बड़ी थी
रुद्रा को वो फूल थोड़ी से अजीब लगती है इसलिए रुद्रा आगे बढ़ता है और उस फूल को चुन के उसका निरीक्षण करने लगता है लेकिन तभी अचानक उस फूल का आकर और भी बड़ा हो जाता है और उस फूल के मुंह खुल जाते हैं , और देखते ही देखते वो फूल एक खतरनाक फूल में बदल जाता है और उसके लटाएँ रुद्रा को जकड़ लेती हैं और वो फूल अपने मुंह को खोले रुद्रा
को निगलने के लिए रुद्रा के तरफ बढ़ने लगता है
रुद्रा – जोरबार , जहाँ मुझे बचऊऊओ!!!!!!!!!!रुद्रा की चीख सुनकर जहाँ उसके तरफ दौड़ पड़ती है और जब जहाँ रुद्रा के करीब पहुंकति है तब वो देखती है की एक बड़ा सा और अजीब सा फूल अपने लातों से रुद्रा को जकड़ के उसे खाने की कोशिश कार रही है , जहाँ फौरन अपने जादुई दंड को निकलती है और उसके रुख को उस अजीब से फूल के तरफ करके वार करती है
जहाँ के जादुई दंड से कुछ चाकू और छुरियँ निकलती हैं और सीधे जाकर उस अजीब से फूल को चीरते हुए आर पार होजती हैं और रुद्रा उनके कब्जे से आज़ाद हो जाता है , वो बड़ा सा और खतरनाक सा फूल टुकड़ों में बता हुआ नीचे ज़मीन पे पड़े पड़े छटपटाता है और अपना दम तोड़ देता है
रुद्रा उनके कब्जे से आज़ाद होते ही हांपने लगता है और हंपते हुए जहाँ से पूछता है
रुद्रा – आस तेरी की ये साली क्या बाला थी यार , मरते मरते बच्चा में यार
जहाँ – ये एक मॉन्स्टर फ्लवर था
रुद्रा – क्या ?
जहाँ – वो एक मॉन्स्टर फ्लवर था एक राक्षसी फूल जो इंसानो को खाती है समझे और अब अपना तलवार उथलो क्योंकि अब हुंपे हमला होनेवाला है
रुद्रा – ये राक्षसी फूल तो खत्म हो गया अब हुंपे कौन हमला करेगा
जहाँ – इसे फूल के रिश्तेदार हुंपे हमला करेंगे
जहाँ ने इतना कहा ही था की तभी आस पास के सारे बारे बारे फूल अपने आप हिलने लगते हैं और देखते ही देखते वो सभी फूल बारे होने होने लगते हैं
ये नज़ारा देख रुद्रा फौरन चौकना हो जाता है और अपने तलवार को काश के पकड़ लेता है , वो सभी फूल रुद्रा और जहाँ के तरफ बढ़ने लगते हैं और बहुत ही अजीब दिखने लगते हैं उनमें से कुछ फूल के लटाएँ बहुत लंबी थी
और वो फूल अपने अपने लताओं से रुद्रा और जहाँ के ऊपर हमला करने लगते हैं , उन्न फूलों के लाटाएँ तेजी से किसी चाबुक की तरह रुद्रा और जहाँ के तरफ आती है लेकिन रुद्रा और जहाँ वहाँ से कूदके अपने आप को उन्न लताओं के वार से बच्चा लेते हैं
जहाँ – रुद्रा ये फूल बहुत ही खतरनाक हैं और इनके लटाएँ और भी खतरनाक हमें इनसे बचते बचाते हुए इनपे हमला करना होगा हम जितनी देरी करेंगे उतना ही खतरा बढ़ता जाएगा हुंपे
रुद्रा – ठीक है जहाँ
और फिर रुद्रा और जहाँ अपने आप को उन्न फूलों के लताओं के वार से बचाते हुए उनपर हमला करने लगते हैं , रुद्रा अपने तेज धार तलवार से उन्न फूलों पे हमला करने लगता है तो वहीं जहाँ अपने जादुई दंड से तलवार और चाकू छुरी निकलकर उन्न फूलों और उनके लताओं पे हमला करने लगती है
रुद्रा की तलवार की धार कमाल की थी रुद्रा उन्न राक्षसी फूलों को बुरी तरह से कट रहा था वहीं जहाँ भी अपने जादुई दंड के मदद से उन्न फूलों को नॅस्ट कार रही थी , देखते ही देखते कुछ ही वक्त के अंदर रुद्रा और जहाँ दोनों मिलकर उन्न सभी राक्षसी फूलों को कट के खत्म कार देते
हैं , सभी मॉन्स्टर फ्लवर’से के ख़ात्मे के बाद रुद्रा और जहाँ दोनों चैन की सांस लेते हैं
रुद्रा – साला क्या मुस्सिबत है , ये जंगल तो सचमुच में बहुत खतरनाक है रे बाबा यहाँ तो हर एक कदम फूँक फूँक के रखना पड़ेगा नहीं तो कब जान चली जाएगी और हमें पता भी नहीं चलेगा
जहाँ – हाँ रुद्रा तुमने सही कहा यहाँ इसे जंगल में फूँक फूँक के कदम रखने पड़ेंगे खास तौरपे तुम्हारे लिए , तुम हमेशा ही इन चक्करों में फ़ासस जाते हो
रुद्रा – हाँ हाँ पता है पता है मुझे और बोलने की जरूरत नहीं है , वेशे जहाँ हम दोनों जब यहाँ इन राक्षसी फूलों का मुकाबला कार रहे थे तब ये जोरबार कहाँ था और अभी भी नहीं दिख रहा है
रुद्रा ने जोरबार की बात छेड़दी ही थी की तभी अचानक तलब के तरफ से कुछ पानी में गिरने की आवाज़ आती है और साथ में किसी के चिल्लाने की भी
बचऊऊऊ बचाओ मेरी मदद करो
रुद्रा – जहाँ ये आवाज़ तो जोरबार की है लगता है जोरबार किसी खतरे में है
जहाँ – हाँ रुद्रा मुझे भी यही लगता है , चलो जल्दी से तलब के तरफ
ये कहते हुए रुद्रा और जहाँ दोनों तलब के तरफ दौड़ पड़ते हैं !
जिशवक़्त रुद्रा और जहाँ दोनों उन्न मॉन्स्टर फ्लवर’से से लध रहे थे ठीक उशिवक़्त जोरबार इसे बात से अंजान तलब के किनारे पे बैठ के झुक के तलब में से पानी पीरहा था और अपनी प्यास बुझा रहा था
जोरबार इसे बात से अंजान की आनेवाले पल में उसके साथ क्या होनेवाला है वो बससस्स तलब में पानी पीके अपनी प्यास बुझा रहा था की तभी अचानक तलब में कुछ हलचल होने लगी
तलब के अंदर से बहुत सारे बुलबुले अपने आप बाहर निकालने लगते हैं जिसे देख कर जोरबार पानी पीना बंद करदेता है और पीछे हॅट जाता है , जोरबार थोड़ा सा डरा हुआ था साथ में हैरान भी , जोरबार की आँखें तलब पे गाड़ी हुई थी जोरबार तलब में हुई हर एक हलचल को बड़ी ध्यान से देख रहा था
तलब के अंदर पानी के बुलबुले धीरे धीरे उबाल रहे थे और तरफ रहे थे और कुछ ही देर में वो सारे बुलबुले इकट्ठे होने लगते हैं और वो सारे पानी के बुलबुले इकट्ठे होकर एक बहुत बारे शरीर का रूप लेने लगते हैं , कुछ ही वक्त के अंदर वो सारे पानी के बुलबुले इकट्ठे होकर एक पानी के दानव के रूप में बदल जाते हैं
वो जल दानव बहुत बड़ा था वो जल दानव इतना बड़ा था की उसके सामने बारे से बड़ा पेड़ भी छोटा नज़र आए , उस जल दानव का शरीर पूरी तरह से पानी से बना हुआ था , वो जल दानव गुस्से में जोरबार की तरफ देखता है और गुर्रटे हुए कहता है
जल दानव – कौंन्ञणन् हो तुम बड़जात तुम्हारी इतनी हिम्मत के तुम अपने गंदे शरीर से मेरे साफ सूत्रे तलब को गंदे कार रहे हो , तुम्हारी हिम्मत केशे हुई यहाँ आने की बड़जात , तुमने यहाँ आकर और मेरे तलब को गंदा करके अपनी मौत को बुलाया है
जोरबार – में जादूगर जोरबार हूँ शैतानी दुनिया के मलिक
सम्राट का ख़ास्साम ख़ास्स्स और वफादार साथी और शायद तुम भूल रहे हो बेवकूफ्फ जल दानव की डेत वाली के साथ साथ ये इल्लाका भी सम्राट का है और तुम उसके गुलाम हो इसे लिए अपना गुर्राना बंद काररो और मुझे झुक के सलाम करो बेवकूफ्फ
जल दानव – अच्छा तो तू ही है वो जादूगर जोरबार सम्राट का ख़ास्स्स साथी लेकिन जादूगर जोरबार तू खुद भूल रहा है की सम्राट अब नहीं रहा और में अब किशिका गुलाम नहीं हूँ और तूने मुझे गुलाम और बेवकूफ्फ कहकर अपनी मौत को और भी दर्दनाक बनडिया है
ये कहते हुए जल दानव फौरन अपना हाथ जोरबार के तरफ बढ़ता है , जल दानव का हाथ अपने आप देखते ही देखते लंबा होता जाता है और तेजिसे जोरबार के तरफ बढ़ने लगता है , जैसे ही जल दानव का हाथ जोरबार के करीब पहुँचता है जोरबार को पकड़ने के लिए जोरबार फौरन उस जगह से कुदड जाता है जिस से जोरबार उस जल दानव के हाथ में नहीं आता है
इसे से जल दानव और भी गुस्सा हो जाता है और अपने दोनों हाथों को जोरबार के तरफ बढ़ता है उसे पकड़ने के लिए लेकिन इसे बार भी जोरवार वहाँ से कुदड जाता है और जल दानव के हाथ में नहीं आता है
इसे से जल दानव पूरी तरह से गुस्से में पागल हो जाता है और वो चिल्लाता है , हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई , जल दानव अपनी सारी ताक़तों को इकट्ठा करता है और उस तलब के पनीओन से एक बहुत बड़ा सा घेरा बना लेता है जोरबार के चारों तरफ
जोरबार अब चारों तरफ से घिर चुका था अब उसे बाहर निकालने का कोई भी राष्टा नज़र नहीं आ रही था उसका दिमाग सुन्न पड़ चुका था उसे कुछ समझ में नहीं आ रही था की क्या करे और तो और अब तो जोरबार के पास उसका जादुई दंड भी नहीं था जिस से वो अपने आप को इसे जल दानव से बच्चा सके , और फिर तभी जल दानव अपने दोनों हाथों को जोरबार के तरफ बढ़ते हुए उसे बहुत ही आसानी से पकड़ लेता है
जल दानव अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक बहुत बड़ा सा पानी का गोला बनता और जोरबार को उसमें दलदेटा है , जोरबार उस गोले से बाहर निकालने की बहुत कोशिश करता है लेकिन वो कामयाब नहीं हो पता है , और उसके बाद जल दानव उस पानी के बारे से गोले को हवा में घूमने लगता है इसे से उसके अंदर कैद जोरबार को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और वो घुटन के मारे चिल्लाने लगता है
जोरबार – बचऊऊऊ बचाओ मेरी मदद करो , रुद्रा ,,,,,,, जहाँ मेरी मदद करो मुझे बचऊऊऊओ
इसे तरफ जब रुद्रा और जहाँ जोरबार की चीख सुनते हैं तो दोनों दौड़ पड़ते हैं तलब के तरफ , पर जेशे ही वो दोनों तलब के करीब पहुंकते हैं तो दोनों दंग रहजाते हैं जल दानव को देख
रुद्रा और जहाँ जब तलब के करीब पहुँचते हैं तो जल दानव को देख दंग रहजाते हैं , जल दानव ुषवक़्त जोरबार को पानी के गोले में कैद करले उसे घुमा रहा था इसे से जोरबार को बहुत तकलीफ हो रही थी और जोरबार को तकलीफ में देख जल
दानव को बड़ा मजा आ रही था
रुद्रा – जहाँ ये क्या चीज़ है यार और जोरबार उस बारे से पानी के गोले में केशे पहुँच गया
जहाँ – रुद्रा लगता है ये कोई जल दानव है जिसने जोरबार को उस पानी के गोले में कैद कर लिया है
रुद्रा – फिर तो हमें जोरबार को जल्द से जल्द छुड़ाना होगा
जहाँ – सही कहा तुमने रुद्रा
और फिर जहाँ उस जल दानव को आवाज़ देती है
जहाँ – है जल दानव तुमने हमारे दोस्त को क्यों बंदी बनाया है अगर अपनी सलामती चाहते हो तो चुप चाप हमारे दोस्त को आज़ाद करदो बर्ना अच्छा नहीं होगा
जहाँ की आवाज़ सुन्न नेके बाद वो जल दानव जहाँ के तरफ गुस्से से देखने लगता है और फिर वो जल दानव गरजते हुए जहाँ से कहता है
जल दानव – कौन हो तुम और तुम्हारी ये हिम्मत मुझसे इतनी ऊंची आवाज़ में बात कार रहे हो
जहाँ – जिसे तुमने उस पानी के गोले में कैद किया है उसके दोस्त हैं हम और तुम्हारी भलाई इशहिमे है उसे तुम छोड़ दो नहीं तो
जल दानव – नहीं तो क्या , नहीं तो क्या कार लाओगी तुम , तुम दोनों को भी में तुम्हारे इस दोस्त की तरह तड़पा तड़पा के मारूँगा , हाहहाहा हाहहाहा
ये बोलते हुए वो जल दानव ज़ोर ज़ोर से हस्सने लगता है , उसके ठहाकों से पूरा जंगल गूँज उठता है
वो जल दानव जब हस्सने में ब्यासत था ठीक उसी वक्त जहाँ ने अपनी जादुई दंड को निकाला और जल दानव के हाथ के तरफ निशाना करके वार कर दिया इसे से जहाँ के जादुई दंड से एक तेज रोशनी निकलती है और सीधे जाकर उस बारे से पानी के गोले पे लगती है इसे से वो पानी का गोला फट जाता है और जोरबार उस में से आज़ाद होकर नीचे ज़मीन पे गिरजता है
जेशे ही जोरबार नीचे गिरता है रुद्रा फौरन भागके जाता है और जोरबार को संभालते हुए खड़ा करने लगता है और इधर पानी के गोले के फट जाने के वजह से जल दानव बहुत गुस्से में आ जाता है
जल दानव गुस्से में गुराटते हुए अपनी सभी शक्तियों को इकट्ठा करने लगता है और फिर वो अपने दोनों हाथों को काश के ऊपर की तरफ उठा देता है जिस से चारों तरफ एक मोटी से पानी का दीवार बनजता है और जहाँ , रुद्रा और जोरबार उस दीवार में फास्के रहजाते हैं
पानी से दीवार बनाने के बाद जल दानव पानी के बारे बारे गोले बनता है और उनको इन तीनों पे फेंक के हमला करने लगता है , रुद्रा जोरबार और जहाँ ये तीनों इधर उधर कूदके उन्न बारे बारे पानी के गोलों से अपने आप को बचाने लगते हैं , लेकिन ज्यादा देर तक बच नहीं पाते हैं
जोरबार और रुद्रा को एक एक पानी का गोला लग जाता है जिस से जोरबार और रुद्रा दोनों उस पानी के गोले में कैद होजते हैं और जब ये बात जहाँ देखती है तो वो समझ जाती है की कुछ भी करके उसे इन पानी के गोलों से बचना है और साथ में उस जल दानव पे हमला भी करना है
रुद्रा और जोरबार दोनों पानी के गोलों में कैद होचुके थे सिर्फ़ अकेली जहाँ ही बची हुई
थी और इसलिए जल दानव अपना हमला और तेज करचूका था , जल दानव और तेजिसे बारे बारे पानी के गोले फेंक रहा था जहाँ के ऊपर
जहाँ इधर उधर कूदके अपने आप को उन्न पानी के गोलों से बच्चा रही थी और फिर जहाँ को एक मौका मिला , जब जल दानव कुछ सेकेंड्स के लिए रुकता है अपनी खत्म हो रही ताक़तों को फिरसे इकट्ठा करने के लिए तभी जहाँ समझ जाती है की यही सही मौका है हमला करने का और जहाँ अपने जादुई दंड को उठती है और जल दानव के तरफ करके वार करती है
इसे से जहाँ के जादुई दंड से बर्फ़िल्ला धुआँ निकालने लगता है और वो बर्फ़िल्ला धुआँ सीधे जाकर जल दानव के शरीर से टकराती है और जल दानव के शरीर के ऊपर बर्फ की परत चढ़ने लगती है और देखते ही देखते उस जल दानव का शरीर बर्फ में जम्म जाता है
जल दानव के बर्फ में जम जाने से जहाँ के चेहरे पे हल्की से मुस्कान आ जाती है और जहाँ चल देती है रुद्रा और जोरबार के तरफ , जहाँ कुछ ही वक्त के अंदर उन्न दोनों को उस पानी के गोले के कैद से आज़ाद करती है और उस पानी के दीवार को भी जहाँ अपने जादुई दंड के मदद से तोड़ देती है
रुद्रा – चलो अच्छा हुआ साला ये जल दानव जम्म गया बर्ना साला हमें पानी के अंदर जमा देता
जहाँ – चलो चलते है यहाँ से
जहाँ ने ये बात कहा ही था की तभी जल दानव के शरीर के ऊपर चढ़ा बर्फ की परत धीरे धीरे टूटने लगती है और कुछ ही वक्त के अंदर जल दानव के शरीर से सारे के सारे बर्फ के परत टूट के बिखर जाते हैं
जल दानव बर्फ की कैद से आज़ाद हो जाता है और गुस्से से इन तीनों के तरफ देख के गुर्राने लगता है
रुद्रा – जहाँ ये क्या , ये तो आसानी से आज़ाद हो गया , अब हम क्या करे , जहाँ जल्दी कुछ करो नहीं तो ये साला जल दानव हमारे साथ बहुत कुछ करेगा
जोरबार – जहाँ इस बार जल दानव के जड़ों पे बर्फीला हमला करो
[UPDATE-70]
जहाँ – जल दानव के जड़ें मतलब क्या है तुम्हारा जोरबार
जोरबार – जेशे पेड़ों की जड़ों पर हमला करने से पेड़ मर जाते हैं ठीक उसी तरह जल दानव के जड़ों पे हमला करो जहाँ से उसे ताक़त मिलती है यानि की इसे तलब को बर्फ में जमदो जल दानव भी हमेशा के लिए जम्म जाएगा
जल दानव गुस्से से जेशे ही इन तीनों के ऊपर हमला करने को होता है ठीक उशिवक़्त जहाँ तेजिसे अपने जादुई दंड से जल दानव के ऊपर फिरसे वार करने लगती है , जहाँ के जादुई दंड से फिरसे बर्फिल्ली धुआँ निकालने लगती है जो सीधे जाकर उस जल दानव के शरीर से टकराने लगती है और उसे बर्फ में जंमाने लगती है और उस जल दानव को बर्फ में जमाने के बाद जहाँ अपने जादुई दंड को उस तलब के तरफ भी मोड़ देती है जिस से कुछ ही देर में वो तलब भी बर्फ में जम्म जाता है
जोरबार – जहाँ अब देखना ये जल दानव हमेशा हमेशा के लिए यहाँ कैद हो गया ये अब कभी भी आज़ाद नहीं हो पाएगा
रुद्रा – जोरबार तुम कनफॉर्म तो हो ना , क्योंकि अगर ये
इसे बार भी आज़ाद हो गया तो साला हमें बहुत मरेगा और वो भी ठंडे ठंडे पानी से
जहाँ – तुम चुप करो रुद्रा , इसे तरह की मनहुष् बातें मात किया करो कितने मुश्किल से उस जल दानव को कैद किया है
जहाँ ने इतना कहा ही था की उस तलब में और जल दानव के शरीर में क्रॅक पड़ने लगते हैं , तलब और जल दानव के ऊपर चड्डी हुई मोटी बर्फ़फ़ की परत धीरे धीरे टूठत्ने लगती है , जहाँ और रुद्रा जब ये नज़ारा देखते हैं तो दोनों गुस्से से जोरबार की तरफ देखने लगते हैं
रुद्रा – क्यों मियाँ जोरबार अभी तो आप बड़ी बड़ी हांक रहे थे की ये जल दानव हमेशा हमेशा के लिए कैद हो गया है तो ये क्या है जनाब
जोरबार – लगता है मेरा अंदाज़ा गलत निकला कुछ और सोचना पड़ेगा इसे जल दानव को हराने के वेस्ट
जहाँ – तुम दोनों अपनी अपनी बकवास बंद करो , हमें यहाँ से जल्द से जल्द भागना पड़ेगा क्योंकि वेशे भी अग्नि के जान को बचाने के लिए हमारे पास बहुत कम वक्त रही गया है अगर हम यहाँ इसे जल दानव के साथ लड़ने में लगे रहे तो हम सही वक्त पे काले पहाड़ी पे नहीं पहुँच पाएँगे इसलिए जीतने तेजिसे बिना रुके भाग सकते हो भागो
जल दानव धीरे धीरे आज़ाद हो रहा था और जहाँ ने सच ही कहा था की इसे जल दानव को हराने में काफी वक्त लगेगा जो ईश्वक़्त उनके पास नहीं था , उन्हें जल्द से जल्द काली पहाड़ी पे पहुँच ना था तकिी वो उस ब्लैक रोज़ को हासिल कार सके , इसे लिए इन तीनों का यहाँ से ईश्वक़्त भागने में ही अचाई थी
इसलिए तीनों , जोरबार रुद्रा और जहाँ तीनों जीतने तेजिसे भाग सकते थे भागने लगे , जल दानव को उसी हालत में छोड़ ये तीनों उस जगह से भागने लगे , तीनों भागते रहे और भागते रहे सबसे आगे जोरबार था क्योंकि आगे का राष्टा उसे ही मालूम जो था , कई घंटों तक और कई मीलों तक तीनों भागते रहे और फिर अचानक जोरबार किसी से जा टकराता है
जोरबार आगे आगे भाग रहा था और ठीक उसके पीछे पीछे रुद्रा और जहाँ थे जब जोरबार किसी से टकराता है तो रुद्रा जाकर जोरबार से टकराता है और जहाँ रुद्रा से इसे से तीनों जोरबार रुद्रा और जहाँ ज़मीन पे गिरजते है
और फिर तीनों अपने अपने सर को सहलाते हुए उठने लगते हैं और फिर तीनों जोरबार जिस से टकराया था उसे देखने लगते हैं , जेशे ही इन तीनों की नज़र उसपर पड़ती है जिस से जोरबार टकराया था , इन तीनों की हालत पतली होजती है और गला सुख जाता है
जोरबार एक प्राण भक्षी से टकराया था और उस प्राण भक्षी के पीछे पूरी प्राण भक्ष्िोन की फौज थी जो ईश्वत इन तीनों को चारों तरफ से घेरे खड़ी थी , सभी प्राण भक्ष्िोन के मुंह से ईश्वक़्त लार टपक रहे थे और सभी प्राण भक्षियाँ इन तीनों को घेरे खड़े थे अपना खाना बनाने के इरादे से
प्राण भक्ष्िोन को देख जहाँ रुद्रा और जोरबार तीनों के होश लगभग उड़ ही चुके थे तीनों की पीठ एक दूसरे से
चिपक चुकी थी और उन्न तीनों को चारों तरफ से प्राण भक्ष्िोन की फौज घेरे खड़ी थी
रुद्रा – आबे जोरबार ये तूने अब किस मुस्सिबत में फँसा दिया यार , ये साले भद्दे और बदबूदार जीभ क्या चीज़ हैं भी और ये सब हमें इसे क्यों देख रहे हैं
जोरबार – ये सब प्राण भक्षी हैं और लगता है ये हमें खाना चाहते हैं
रुद्रा – क्य्ाआअ , ये साले हमें अपना खाना बनाना चाहते हैं , तो इसलिए इन सालों के मुंह से लार टपक रही है
ये तीनों बात कार ही रहे थे की तभी प्राण भक्ष्िोन की फौज धीरे धीरे इन तीनों के और नज़दीक आने लगते हैं और जेशे ही प्राण भक्ष्िोन की फौज इन तीनों पर हमला करने लगती है तभी हवाओं में एक आवाज़ गूँजती है , और वो आवाज़ थी सम्राट के अक्ष की
सम्राट का अक्ष – रूकको,,,,,,,,,,,,,,, उनन्ं को छूना भी मात,,,,,,,,,,,,,,,,,,
इसे आवाज़ के गूंजते ही सारे के सारे प्राण भक्षी रुक्क जाते हैं , कोई भी इन तीनों पे हमला नहीं करता है , जोरबार जहाँ और रुद्रा ये तीनों उस आवाज़ के तरफ देखने लगते हैं जो की काले पहाड़ी के ऊपर से आया था
जोरबार दूर से ही सम्राट के अक्ष को देख के समझ जाता है की वो सम्राट का अक्ष है इसलिए जोरबार वहीं से झुक के सम्राट के अक्ष को सलाम करता है , और जब रुद्रा और जहाँ दोनों ये देखते हैं तो जोरबार से पूछते हैं
रुद्रा & जहाँ – जोरबार ये क्या तुम झुक के किसे सलाम कार रहे हो
जोरबार – में अंधेरी दुनिया के मलिक को सलाम कार रहा हूँ यानि की सम्राट के अक्ष को
रुद्रा – पर जोरबार तुमने तो कहा था की सम्राट के अक्ष को कैद कर लिया गया था तो फिर वो आज़ाद केशे हो गया
जोरबार – वो तो मुझे भी पता नहीं रुद्रा , इसे सवाल का जवाब हमें सम्राट का अक्ष ही दे सकता है इसलिए हमें उस काले पहाड़ी पे जाना पड़ेगा
और फिर ये तीनों उस काले पहाड़ी के ऊपर चढ़ने लगते हैं और वो तीनों कुछ घंटों में उस पहाड़ी के छोटी पे पहुँच ही जाते हैं , जब तीनों उस काले पहाड़ी के छोटी पे पहुंकते हैं तब वो देखते हैं की उनके सामने बुराई और अंधेरी दुनिया का मलिक सम्राट का अक्ष खड़ा है , जोरबार फिरसे झुक के सम्राट के अक्ष को सलाम करता है
जोरबार – है अंधेरी दुनिया के मलिक मेरे सलाम को कबूल कार , मेरे मलिक आप को तो कैद कर लिया गया था , आप को उस कैद में से किशणे छुड़ाया
सम्राट का अक्ष – मुझे उस कैद से छुड़ाने में कहीं ना कहीं हाथ अग्नि का है और फिर जोरबार अपने आज़ादी की कहानी उन्न तीनों को बताता है की केशे डर्कलॉर्ड को जो उसने अपनी शक्तियाँ डिति वो उसके मरने के बाद उसके पास लौट आई और वो आज़ाद हो गया
जोरबार – अच्छा तो आप इसे आज़ाद हुए पर अफ़सोस मलिक आप तो आज़ाद हो गये लेकिन उस हाधसे उस जंग में अग्नि बुरी तरह से घायल होचुका है और ईश्वक़्त मौत और जिंदगी में झूल रहा है और हमारे पास वक्त बहुत कॅम है
सम्राट का अक्ष
– नहिंन्नणणन् शा नहीं होसकता है अग्नि नहीं मर सकता है , में अग्नि को कुछ भी होने नहीं दूँगा
जोरबार – मुझे माफ करना मेरे मलिक पर अग्नि को बचाने में आप की भी ताक़तें काम नहीं आएँगी , ईश्वक़्त अग्नि को सिर्फ़ डार्क रोज़ फ्लवर ही बच्चा शक्ति है और हम उस फ्लवर को ढूंढ़ने के लिए यहाँ आए हुए हैं
सम्राट का अक्ष – पर जोरबार तुम तो जानते हो की डार्क रोज़ फ्लवर को सिर्फ़ एक इंसान ही हासिल कार सकता है जो इंसानी दुनिया से हो जिसके पास कोई भी जादुई ताक़त ना हो
जोरबार – हाँ मेरे मलिक में जनता हूँ और इसलिए तो मेरे साथ अग्नि का दोस्त रुद्रा है और ये रुद्रा एक मामूली इंसान है इसके पास कोई भी जादुई ताक़त नहीं है लेकिन इसके पास हिम्मत की काम्मी नहीं है और साथ में इसके इरादे भी बहुत मजबूत हैं
सम्राट का अक्ष – वो तो इसे मामूली इंसान को देख के ही पत्ता चल गया है क्योंकि इसे खून्नी जंगल को पार करके यहाँ इसे काले पहाड़ी तक आना इतना आसान काम नहीं था फिर भी इसने उस काम को कार दिखाया इसे से ये साबित होता है ये इंसान कोई मामूली इंसान नहीं है जरूर इसमें कुछ खास बात होगी , लेकिन जोरबार तुम्हारे साथ ये चुड़ैल क्या कार रही है
सम्राट जहाँ को देखते ही समझ जाता है की वो एक चुड़ैल है और ये बात की वो इनके साथ क्या कार रही है जोरबार से पूछ ही लेता है
जहाँ – में यहाँ इन की मदद करने आई हूँ अगर में यहाँ ना आती तो ये दोनों कब्के मर चुके होते
जोरबार – हाँ मलिक ये सच कह रही है , उसके बाद जोरबार इसे खून्नी जंगल के सफ़र के बारे में सारी बातें सम्राट को बता देता है
सम्राट का अक्ष – वो तो में समझ गया लेकिन में ये जान ना चाहता हूँ की चुड़ेलें कब से इतने दरिया दिल हो गयी हैं की वो किसी की मदद करे और वो भी बिना मतलब के , सम्राट अपना सवाल जहाँ की और देख के पूछ ही लेता है
जहाँ – में कोई बिना मतलब के मदद नहीं कार रही हूँ , में और अग्नि एक दूसरे से प्यार करते हैं और वो भी तबसे जब अग्नि और में हम दोनों मामूली इंसान थे और इसे मायवी दुनिया के बारे में कुछ जानते भी नहीं थे तबसे हम दोनों एक दूसरे पे जान छिड़कते थे और में अपने अग्नि को इसे तरह इसे हालत में नहीं देख शक्ति हूँ
सम्राट का अक्ष – अच्छा तो ये बात है , तो तुम अपने दिल के हाथों मजबूर हो चलो अच्छा लगा ये बात सुनकर
जोरबार – मलिक हमारे पास वक्त बहुत कम है हमें जल्द से जल्द उस डार्क रोज़ को हासिल करना होगा नहीं तो हम अग्नि को बच्चा नहीं पाएँगे
सम्राट का अक्ष – तुम्हें वो डार्क रोज़ उस तिल्लइसमी गुफा के अंदर मिलेगा वहीं से शुरू होता है उस डार्क रोज़ को हासिल करने का सफ़र , अब तुम लोग जाओ और उस फ्लवर को हासिल करो और अग्नि को बचलो लेकिन होशियार रहना क्योंकि उस डार्क रोज़ को हासिल करना इतना भी आसान नहीं
और उसके बाद
सम्राट अपनी शक्तियों से कुछ शक्तियाँ जोरबार को देता है साथ में एक जादुई दंड भी और फिर सम्राट एक गुफा के तरफ इशारा करदेता है और फिर ये तीनों जोरबार रुद्रा और जहाँ चल देते हैं उस गुफा के तरफ उस डार्क रोज़ को हासिल करने के लिए
रुद्रा जहाँ और जोरबार ये तीनों उस तिल्लइसमी गुफा में दाखिल होचुके थे और पूरी सतर्कता के साथ धीरे धीरे आगे तरफ रहे थे , उस गुफा के अंदर चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा था इसे लिए जोरबार ने अपने जादुई दंड के मदद से जादुई दंड को एक मस्सल में बदल दिया था और जोरबार उस मस्सल को हाथ में पकड़े हुए आगे चल रहा था और रुद्रा और जहाँ उसके पीछे पीछे चल रहे थे
तीनों आगे बढ़ते ही जा रहे थे कुछ देर आगे चलने के बाद तीनों को सामने एक दरवाजा दिखाई देता है और तीनों उस दरवाजे के ठीक सामने रुक्क जाते हैं, लेकिन उस दरवाजे के उस तरफ से अजीब अजीब आवाजें आ रही थी
जहाँ – ये किस तरह की आवाजें हैं
रुद्रा – ये तो बहुत ही डरावनी आवाजें हैं
जोरबार – जो भी आगे तो बढ़ना ही पड़ेगा ना
और फिर जोरबार आगे बढ़ते हुए उस दरवाजे को आहिस्ते से खोलता है, और फिर ये तीनों उस कमरे में चुप के छुपे के झाँकने लगते हैं कहीं कोई खतरा तो नहीं है आगे
लेकिन जेशे ही तीनों उस कमरे में झांकते हैं तो दंग रहजाते हैं क्योंकि उस बारे से कमरे में एक बहुत बड़ा शेयर(लाइयन) था करीबन 20 फुट के हाइट वाला और उसके 3सर(3 हेड) थे और वो शेयर ईश्वक़्त सोया हुआ था और बारे जोरों से खरते मारे जा रही था और उसी शेयर की खरतों की आवाज़ उस कमरे के बाहर तक गूँज रही थी
रुद्रा – अरे ये तो बहुत बड़ा शेयर है और वो भी 3 सरों वाला अब हम आगे केशे बढ़ेंगे
जोरबार एक बार फिरसे अंदर झाँकने लगता है, जोरबार अपनी नज़र चारों तरफ उस कमरे में दौड़ता है और उसे आगे का राष्टा मिलजाता है और वो राष्टा उस 3 सरों वाले शेयर में पंजों के नीचे था, यानि की वो शेयर जहाँ पे सोया हुआ था ठीक उसके नीचे
जोरबार – राष्टा मीलगया, वो देखो उस शेयर के पंजे में नीचे है राष्टा, उस शेयर के पंजे के नीचे जो पठार है उसे थोड़ा सा सरकाना होगा तब जाकर हम आगे तरफ सकते हैं
रुद्रा – पर हम इसे शेयर का क्या करेंगे अगर वो उठ गया तो
जहाँ – जो होगा देखा जाएगा चलो दोस्तों आगे बढ़ते हैं
और फिर तीनों आहिस्ते आहिस्ते अपने कदम रखते हुए आगे बढ़ते हैं, तीनों उस शेयर के करीब पहुँच जाते हैं, और रुद्रा आहिस्ते आहिस्ते कुछ कहने लगता है
रुद्रा – दोस्तों उस पठार को अपने जगह से सरकने से पहले हमें इसे शेयर के पंजे को यहाँ से सरकाना होगा, और ये खतरनाक काम कौन करेगा
जोरबार – और कौन करेगा तुम करोगे
रुद्रा – तुम सबको और कोई नहीं मिलता क्या हमेशा मुझे आगे करदेटे हो जब भी कोई खतरा सामने देखते हो तो
जहाँ – रुद्रा हम तीनों मेशे सबसे बहादुर तुम ही तो
हो इसलिए ये काम और कौन कर्षकता है तुम्हारे शिबे बोलो
रुद्रा – हाँ हाँ चढ़ाओ मुझे, किसी दिन तुम लोगों के चक्कर में में बिचारा मारा जाऊंगा
ये कहते हुए रुद्रा आगे बढ़ता है और झुक के उस शेयर के पंजे को हटाने लगता है, शेयर के पाँजा बहुत बड़ा था रुद्रा अपने दोनों हाथों से उसे पकड़कर उठाने की कोशिश करता है लेकिन रुद्रा की कोशिश नाकाम रहती है, शेयर के पंजे को सरकाना तो दूर की बात रुद्रा उसे हिला भी नहीं पता है
रुद्रा – आबे दोस्तों ये तो बहुत भारी है भी, इसे सरकाना तो दूर की बात में तो इसे हिला भी नहीं पाया, लगता है तुम सबको भी मेरी मदद करनी पड़ेगी
और उसके बाद जहाँ और जोरबार भी रुद्रा की मदद करने के लिए झुकते हैं और तीनों मिलकर उस शेयर के पंजे को हटाने में लगजते हैं, बहुत मेहनत के बाद आख़िरकार तीनों कामयाब होते हैं, तीनों बहुत मुश्किल से उस बारे से शेयर के पंजे को सरका ही देते हैं उसके बाद रुद्रा झुक के शेयर के पंजे के नीचे दबे उस पठार को भी अकेला सरका देता है
उस पठार का वहाँ से सरकने के बाद उनके एक सुरंग दिखाई देता है और यही सुरंग उनके आगे बढ़ने का आगे का राष्टा था
रुद्रा – लो दोस्तों आगे का राष्टा मीलगया है, लगता है हमें इसके अंदर कूदके जाना पड़ेगा पर में एक सवाल पूछना चाहता हूँ कहीं इसे सुरंग में कूदने के बाद हमें चोट तो नहीं लगेगी ना
जोरबार – वो तो हमें कूदने के बाद ही पता चलेगा
रुद्रा – अच्छा शा क्या तो फिर जोरबार उनकील पहले आप कूदो फिर में कुदूँगा
जोरबार – नहीं नहीं में पहले नहीं कुदूँगा मेरी उमर अब कूदने फुड़ने की नहीं है भाई इसलिए पहले आप ही कूदो या फिर जहाँ को कूदने के लिए कहो
(UPDATE-71)
जहाँ – क्य्ाआआअ, आप दोनों मर्द के होते हुए में इसे गहरे सुरंग में कुदूँगी क्या आप लोगों को शर्म नहीं आती
ये तीनों अपने अपने बीच में पहले कौन कुदेगा सुरंग में इसे बात को लेकर लधरहे थे की तभी अचानक रुद्रा के कंधे पे आकर कुछ गिरता है कुछ चिप छिपा सा
रुद्रा उस चिप छिपे से चीज़ को अपने हाथ में पकड़ता है
रुद्रा – च्ीईीईईईईईईई , ये तो किशिका लार लगता है जो मुंह से निकलता है, इसे से कितना बदबू आ रही है
जहाँ – इतने सारा लार मतलब की कहीं वो शेयर जगह तो नहीं गया
ये कहते हुए तीनों पीछे पलटके देखने लगते हैं तो पाते हैं की वो शेयर अब जगह चुका है और बड़ी ख़ूँख़ार निगाहों से इन सबको घूरे जा रही है
वाहह, वो शेयर अपनी पूरी ताक़त से दहाड़ मरता है इसे से वो पूरा कमरा हिल जाता है साथ में ये सब भी, उसके बाद वो 3 सार्वाला बड़ा सा शेयर तेजिसे इन तीनों के तरफ बढ़ता है इन्हें अपना खाना बनाने के वेस्ट लेकिन तभी जोरबार तेजिसे अपने जादुई दंड को निकलता है और कुछ मंत्र पढ़ता है जिस से जोरबार के जादुई दंड से कुछ नशीले धुआँ निकलता है और सीधे जाकर
उस बारे 3 सार्वाले शेयर के नाक में घुस जाता है
उस नशीले ढुईं के नाक में घुसते ही उस शेयर को चक्कर आने लगता है और वो शेयर नीचे गिरने लगता है, वो शेयर बड़ी तेजिसे गिरने लगता है और वो इन सबके ऊपर ही गिरर रहा था
रुद्रा – आबे ये तो सीधे आकर हमारे ऊपर ही गिरेगा चलो जल्दी से सुरंग में कूदो नहीं तो हम इसे शेयर के नीचे दबा कर चटनी बंजएँगे भी
ये कहते हुए रुद्रा सबसे पहले उस सुरंग में कुदड जाता है और उसके पीछे पीछे जहाँ और जोरबार
अहह अहह अहह, रुद्रा जहाँ और जोरबार इसे तरह से चीखते हुए सुरंग से होते हुए ज़मीन पे आकर गिरते हैं, वो सुरंग ज्यादा बड़ी नहीं थी इसलिए इनको ज्यादा चोत्त नहीं लगती है
रुद्रा – मार्गया रे बाप रे मेरा तो कमर ही टूट गया लगता है
{रुद्रा ज़मीन से उठते हुए अपने पिछवाड़े को सहलाते हुए कहता है}
जहाँ – बंद करो नाटक रुद्रा सुरंग इतना भी बड़ा नहीं था जो चोत्त लगे
जोरबार – हाँ हाँ अब आगे बढ़ते हैं
और फिर तीनों आगे बढ़ने लगते हैं, आगे का राष्टा बिलकुल सीधा था तीनों बिना रुके आगे बढ़ते ही चले जा रहे थे और फिर कुछ देर चलने के बाद तीनों के सामने एक दरवाजा आता है
जहाँ – लगता है इसे दरवाजे के पीछे हमारा मंजिल है
रुद्रा – या फिर मज़िल के जगह पे आगे बढ़ने का राष्टा हो और कोई साथ में रक्षक भी हो जेशे पीछे वो तीन सार्वाला शेयर था
जोरबार – जहाँ हो सकता तुम्हारी बातें सच हो या फिर रुद्रा की बात भी सही हो सकती है, वो जो भी हो हमें आगे तो बढ़ना ही होगा
रुद्रा – हाँ जोरबार तुम सही कह रहे हो हमें आगे बढ़ना ही होगा
जहाँ – तो फिर इंतजार किस बात का चलो दरवाजा खोलो
और फिर जोरबार आगे बढ़ते हुए उस दरवाजे को खोलता है और जब दरवाजा खुलजाता है तो ये तीनों एक एक करके उस कमरे में घुस जाते हैं तीनों के अंदर घुसते ही वो दरवाजा अपने आप बंद हो जाता है
वो कमरा पूरी तरह से खाली था उस कमरे में कुछ भी नहीं था सिबाए एक पुराने पठार के मूर्ति के यहाँ तक की अब उस कमरे से बाहर निकालने का राष्टा भी कहीं भी नहीं दिख रहा था ये तीनों जिस दरवाजे से अंदर घुसे थे वो दरवाजा भी अब वहाँ से गएब होचुका था
रुद्रा – ये क्या हुआ जोरबार अब हम क्या करे लगता है हम यहाँ फ़ासस गये हैं और बाहर निकालने का या फिर आगे बढ़ने का कोई भी राष्टा नहीं दिख रहा है
जोरबार – कोई ना कोई तो राष्टा होगा ही यहाँ से निकालने के लिए बॅस हमें उस राषते को ढूंढ़ना बाकी है
जहाँ – हाँ जोरबार सही कहराहा है कहीं ना कहीं तो यहाँ से निकालने का राष्टा होगा ही, चलो वो राष्टा ढूंढ़ते हैं
कहीं भी कुछ भी ढूंढ़ने की जरूरत नहीं है
जब ये तीनों बाहर निकालने के लिए राष्टा ढूंदे लगते हैं तो ये आवाज़ उस कमरे में गूँज उठ थी है, जोरबार रुद्रा और जहाँ उस कमरे के चारों तरफ देखने लगते हैं ताकि ये जान सके की
वो आवाज़ कहाँ से आई, लेकिन उन्हें कुछ भी पता नहीं चलता है
में इसे कमरे में मौजूद पठार का मूर्ति बोल रहा हूँ
ये आवाज़ उस कमरे में मौजूद उस पठार के मूर्ति की थी, ये तीनों उस मूर्ति के तरफ घूरते हुए देखने लगते हैं
पठार का मूर्ति – में इसे कमरे का रक्षक हूँ और में आगे के राषते का पहरेदार भी हूँ
जोरबार – अच्छा तो आप रक्षक हैं इसे कमरे का, दया करके हमें आगे बढ़ने का राष्टा बताइए मूर्ति महाशय
पठार का मूर्ति – अब तुम आगे नहीं तरफ सकते तुम्हारा सफ़र यहीं तक का था
जहाँ – क्या पर क्यों, हम आगे क्यों नहीं तरफ सकते हैं
पठार का मूर्ति – क्योंकि तुम एक चुड़ैल हो और तुम एक जादूगर और इसे डार्क रोज़ को हाशील करने के आगे के मुहिम में अब सिर्फ़ एक मामूली इंसान ही आगे तरफ सकता है जीशके पास नहीं कोई जादुई ताक़त हो और नहीं कोई दिव्या शक्ति, और तुम तीनों में सिर्फ़ एक ही मामूली इंसान है इसलिए आगे का सफ़र अब उसे ही तय करना होगा अगर फिर भी तुम दोनों इसके साथ आगे बढ़े तो तुम दोनों जल्के भसम होजाओगे
जहाँ – अब हम क्या करे जोरबार
जोरबार – मुझे भी कुछ समझ में नहीं आ रही है
रुद्रा – तुम दोनों को कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है अब आगे जो करना होगा वो में करूँगा, अब आगे का सफ़र में अकेला ही तय करूँगा
जहाँ – पर रुद्रा आगे और भी बड़ी बड़ी खतरे होसकते हैं
रुद्रा – जो भी हो मुझे उनका सामना करना ही होगा अपने दोस्त अग्नि को बचाने के लिए में कुछ भी करूँगा, अगर अग्नि के जान को बचाने के चाह कर में मेरी जान भी चले जाए तो कोई गम नहीं है
जोरबार – हाँ जहाँ रुद्रा सही कह रहा है अब आगे का सफ़र उसे ही तय करना है अब अग्नि की जान रुद्रा के हवाले है अब रुद्रा को कुछ भी करके इसे मुहिम में कामयाब होना ही होगा
जहाँ – रुद्रा अब सबकुछ तुम पर है, रुद्रा मुझसे वादा करो तुम अग्नि के जान को जरूर बचाओगे
रुद्रा – में वादा करता हूँ जहाँ अग्नि के जान को में बचके ही रहूँगा
जोरबार – है पठार के मूरत हम तीनों ने तय कर लिया है, हम दोनों अब आगे नहीं बढ़ेंगे, अब आगे का सफ़र रुद्रा काएँ रखेगा, अब रुद्रा को आगे बढ़ने का राष्टा दो
पठार का मूर्ति – अच्छी बात है, अब रुद्रा को आगे बढ़के मेरे मुंह के अंदर हाथ डालना होगा और मेरे मुंह के अंदर एक छोटा सा पठार है उसे दबाना होगा
और फिर उसके बाद रुद्रा आगे बढ़ते हुए उस पठार के मूर्ति के पास जा पहुँचता है और कुछ देर उस मूर्ति को घूरने के बाद रुद्रा अपना हाथ उस मूर्ति के मुंह में दलदेटा है, उस पठार के मूर्ति के मुंह के अंदर हाथ डालने के बाद रुद्रा अपने हाथ को उसके मुंह के अंदर घूमने लगता है और फिर रुद्रा का हाथ एक छोटे से पठार से जा टकराता है और रुद्रा उस छोटे से पठार को दबा देता है
जब रुद्रा उस छोटे से पठार को दबाता है तब वो कमरा बारे जोरों
से हिलने लगता है जेशे कोई भूकंप सा आ रही हो, रुद्रा जहाँ और जोरबार तीनों पीछे हॅट जाते हैं और पीछे के दीवार से जा चिपकते हैं
उस कमरे के नीचे के ज़मीन को चीरते हुए दो दरवाजे सामने आ हैं जिसे जहाँ,जोरबार और रुद्रा बारे गौर से देखने लगते हैं, जब वो दोनों दरवाजे नीचे ज़मीन से निकलते हैं तो उसके बाद उस कमरे में आया हुआ भूकंप अपने आप रुक्क जाता है
जोरबार – ये दोनों दरवाजे किस लिए हैं मूर्ति महासे
पठार का मूर्ति – ये जो दो दरवाजे आप देख रहे हैं इनमें से एक दरवाजा आप दोनों को इसे कमरे और इसे गुफा से बाहर लेजाएगा और दूसरा दरवाजा रुद्रा के लिए है, उस दूसरे दरवाजे को पार करते ही रुद्रा अपने मंजिल के और करीब पहुँच जाएगा, अब आप दोनों इसे पहले कमरे से होते हुए बाहर चले जाए
जोरबार – रुद्रा अब हमारे बिछुड़ने का वक्त आ गया है अब सबकुछ तुमपर है
जहाँ – हाँ रुद्रा अब सबकुछ तुमपर है, अब अग्नि की जान बचाने की सारे दारोमदार तुमपर है तुम्हें किसी भी कीमत पे कामयाब होना होगा
रुद्रा – तुम फिक्र मत करो जहाँ अग्नि मेरा सबसे अच्छा दोस्त है उसके लिए में अपनी जान की बाज़ी लगा दूँगा पर उसे कुछ भी होने नहीं दूँगा
जोरबार – रुद्रा एक बात का ध्यान रखना हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है इसलिए जितनी जल्दी होसके उस डार्क रोज़ को हाशील करने की कोशिश करना
रुद्रा – ठीक है जोरबार
और फिर उसके बाद जोरबार और जहाँ दोनों उस पहले दरवाजे को खोल के उसके अंदर घुस जाते हैं और जब जोरबार और जहाँ उस दरवाजे के दूसरे तरफ पहुंकते हैं तो दोनों अपने आप को उस गुफा के बाहर पत्ते हैं और उनसे कुछ दूरी पर सम्राट खड़ा था, यानि की जहाँ से इन्होंने सफ़र शुरू किया था ये दोनों फिरसे वहीं अपहुँचे थे
सम्राट इन दोनों को देख इनके तरफ बढ़ता है और पूछता है की तुम दोनों इतने जल्दी केशे लौट आए तब जोरबार सम्राट को सारी बातें बताता है और इधर रुद्रा उस कमरे के अंदर उस दूसरे दरवाजे के तरफ बधरहा था
रुद्रा आहिस्ते आहिस्ते उस दूसरे दरवाजे के तरफ बढ़ता ही जा रही था और फिर रुद्रा उस दरवाजे के दूसरे तरफ चला जाता है, दरवाजे के दूसरे तरफ एक बड़ा और लंबा पूल(ब्रिड्ज) था, रुद्रा उस पूल पे खड़े दूसरे तरफ देखने लगता है तो उसे पूल के दूसरे तरफ एक बड़ा सा कमरा दिखाई देने लगता है
रुद्रा – वो कमरा तो बहुत बड़ा है, लगता है उस कमरे के अंदर ही मुझे वो डार्क रोज़ मिलेगा तब तो मुझे जल्द से जल्द इसे पूल को पार करना पड़ेगा ताकि में जल्दी से उस कमरे तक पहुँच सकूँ और उस डार्क रोज़ को हाशील कार सकूँ
उसके बाद रुद्रा तेजिसे उस पूल के ऊपर चलने लगता है और आगे बढ़ने लगता है, रुद्रा तेजिसे चलते हुए उस बारे से पूल को पार करने लगता है कुछ ही मिनट में रुद्रा उस पूल के आखिरी चोर तक पहुँच जाता है लेकिन जेशे ही
रुद्रा उस पूल के आखिरी चोर तक पहुँचता है उसके पर अपने आप रुक्क जाते हैं
जब रुद्रा उस पूल के आखिरी चोर तक पहुँचता है तो देखता है की पूल के आगे का राष्टा टूटता हुआ है और नीचे एक बहुत बड़ी अंधेरी खाई है, रुद्रा के आगे बढ़ते कदम अब थाम चुके थे और रुद्रा को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था की क्या करे
पूल के दूसरे तरफ वो बड़ा सा कमरा था जिसके अंदर वो डार्क रोज़ होसकता था लेकिन उस कमरे के इतने करीब पहुँच के भी रुद्रा अब आगे नहीं तरफ परहा था इसकी वजह वो टूटता हुआ पूल था
रुद्रा – अब क्या करूँ ये पूल तो टूटता हुआ है अब आगे केशे बढ़ुन, और कोई दूसरा राष्टा भी नज़र नहीं आ रही है उस कमरे तक पहुँचने के लिए
रुद्रा कुछ देर तक वहीं खड़े होकर सोचता रहता है की क्या करे लेकिन उसे कुछ भी समझ में नहीं आता है और वो चिढ़ते हुए अपने आप से कहता है
रुद्रा – बसस्स्स्स्स्स्स्सस्स बहुत हो गया अब जो होगा देखा जाएगा, मुझे आगे बढ़ना ही होगा मेरे पास अब ज्यादा वक्त नहीं है, में जनता हूँ अगर में पूल से नीचे गिरा तब उस खाई में गिरने से मेरी मौत तय है लेकिन फिर भी मुझे आगे बढ़ना ही होगा, अग्नि के लिए मुझे आगे बढ़ना ही होगा
ये बोलते हुए रुद्रा अपने आप को तैयार करता है और अपनी आँखें बंद करके अपनी मां अपने बाबा और सुनहेरी को याद कर लेता है उनके चेहरों को याद करके उनसे माफी माँगता है और फिर अपनी आँखों को खोल के आगे बढ़ने लगता है
रुद्रा अपना पहला कदम डरते हुए उठता है और उस टूटते हुए पूल के तरफ बढ़ा देता है, रुद्रा धीरे धीरे अपना कदम उस टूटते हुए पूल या ये भी कह सकते हो की उस खाई के ऊपर में रखता है, जेशे ही रुद्रा अपना कदम उस खाई के ऊपर में रखता है तो चौक्क जाता है
रुद्रा पूरी तरह से आश्चर्य चकित होकर कभी नीचे खाई के तरफ देखता तो कभी अपने एक पर को सुनया में रखा हुआ देखता है, रुद्रा ने सोचा था की जब वो अपना पहला कदम उस टूटते हुए पूल के ऊपर रखेगा तब वो नीचे उस खाई में गिरके मारजाएगा लेकिन शा कुछ भी नहीं हुआ
रुद्रा अपना दूसरा पर भी आगे बढ़ा देता है और अब रुद्रा पूरी तरह से सुनया में खड़ा था ना तो उसके पैरों के नीचे कोई ज़मीन थी और नहीं वो नीचे उस खाई में गिरर रहा था, रुद्रा अब समझ चुका था की ये पूल का टूटता हुआ राष्टा नहीं बल्कि एक अड्रिस्या राष्टा है और वो ईश्वक़्त उस अड्रिस्या राषते पे ही खड़ा है
और फिर रुद्रा धीरे धीरे अपने कदम उस अड्रिस्या राषते पे बढ़ने लगता है, रुद्रा संभालते संभालते और आहिस्ते आहिस्ते उस अड्रिस्या राषते पे चलते हुए पूल के दूसरे तरफ उस बारे से कमरे तक पहुँच जाता है, और उस बारे से कमरे में घुस जाता है
रुद्रा अपने हाथ में मसाल लिए उस गुफा के बारे से कमरे के अंदर घुस चुका था और ईश्वक़्त आहिस्ते आहिस्ते आगे तरफ रहा था, उस कमरे के अंदर बहुत
घना अंधेरा था लेकिन रुद्रा के हाथों में मसाल था इसलिए रुद्रा को आगे बढ़ने का राष्टा अच्छे से दिखाई दहाड़ा था
उस कमरे के चारों तरफ एक अजीब से बदबू पहली हुई थी और तो और उस कमरे के चारों तरफ इंसानों के शरीर के हद पिंजर(स्केलिटन) पड़े हुए थे सिर्फ़ इतना ही नहीं उस कमरे के अंदर ज़मीन पे साप और बिछु भी जगह जगह पे चल रहे थे
रुद्रा आहिस्ते आहिस्ते और संभालते संभालते उस कमरे में हाथ में मसाल लिए आगे तरफ रहा था, रुद्रा थोड़ा सा डरा हुआ था, रुद्रा उस कमरे के अंदर आगे बढ़ता ही जा रही था की तभी अचानक कहीं से कोई आवाज़ आती है
कौन हो तूमम्म्मममम और यहाँ क्या कार रहे हो
रुद्रा ये आवाज़ सुनकर थोड़ा सा डर जाता है और हड़बड़ाकर इधर उधर देखने लगता है
रुद्रा – कौन हो तुम, तुम जो भी हो अगर तुम में हिम्मत है तो सामने आओ
और फिर अचानक उस कमरे के किसी अंधेरे कोने से कुछ नुकीले पठार तेजिसे रुद्रा के तरफ उड़ते हुए आ हैं, लेकिन इसे से पहले की वो पठार रुद्रा को लगते रुद्रा को वो पठार दिख जाते हैं और रुद्रा उस जगह से कूदके अपने आप को बच्चा लेता है
और फिर रुद्रा अपने एक हाथ में तलवार और दूसरे में मसाल लिए चारों तरफ घूम घूम के देखने लगता है, रुद्रा चारों तरफ अपना नज़र दौड़ा ही रहा था की तभी अचानक कहीं से एक बहुत बड़ा और तगड़ा शक्ष रुद्रा के सामने आ जाता है इसे से रुद्रा डार्क कुछ कदम पीछे हॅट जाता है
और फिर रुद्रा अपने डर के ऊपर काबू करते हुए उस बारे से शक्ष के ऊपर अपने तलवार को तंन देता है, लेकिन वो शक्ष अपने चेहरे पे मुश्कं लिए रुद्रा के तरफ बढ़ता है और रुद्रा के तलवार को अपने उंगली से हल्के हल्के से मरने लगता है इसे से कुछ ही सेकेंड्स के अंदर रुद्रा का तलवार पूरी तरह से गरम हो जाता है, रुद्रा का तलवार इतना गरम हो जाता है की रुद्रा उसे संभाल नहीं पता है और वो तलवार रुद्रा के हाथों से चुत के नीचे ज़मीन पे गिरजता है
अब वो शक्ष रुद्रा को खजनेवाले नजरों से देखने लगता है उसके आँखों में गुस्सा और नफरत साफ साफ देखा जासकता था
वो शक्ष – कमाल है आज तक मेरा जीतने भी इंसानों से सामना हुआ है उनमें से तुम सबसे अलग हो, इसे से पहले जीतने भी इंसान यहाँ तक पहुँचे मुझे देखते ही वो सब डार्क मारे इधर उधर भागने लगते थे लेकिन तुम उनमें से सबसे अलग हो तुम्हारी आँखों में डर नाम का कोई चीज़ ही नहीं है
रुद्रा – कौन हैं आप?
अचानक ही वो शक्ष रुद्रा के गर्दन को पकड़ता है और तेजिसे से लेजा कर एक दीवार से चिपका के ऊपर उठा देता है इसे से रुद्रा उस दीवार से चिपका हुआ चाट पटाने लगता है और फिर वो शक्ष कहता है
(UPDATE-72)
FINAL UPDATE
वो शक्ष – में वो हूँ जो तुम्हारा आखिरी इम्तहान लेगा अगर तुम उसमें नाकाम हुए तो में तुम्हें कच्छा खजौंगा, जिस तरह से मैंने इन सभी को खाया था (वो शक्ष
नीचे ज़मीन पे पड़े उन्न हद पिंजर के तरफ इशारा करते हुए रुद्रा से कहता है), और मेरा नाम काल है और में इसे डार्क रोज़ का रक्षक हूँ
और फिर वो शक्ष जिसका नाम काल था वो रुद्रा के गर्दन को छोड़ देता है और रुद्रा नीचे गिरजता है, रुद्रा नीचे ज़मीन से उठ था है
काल – तुम इसे डार्क रोज़ को क्यों हासिल करना चाहते हो
रुद्रा – में इसे डार्क रोज़ को अपने दोस्त अग्नि के लिए हाशील करना चाहता हूँ, वो ईश्वक़्त मौत के कगार पे है और में उसे किसी भी हालत में बचना चाहता हूँ और फिर रुद्रा काल को अग्नि के बारे में सब कुछ बता देता है
काल – मक्षद तो तुम्हारा अच्छा है लेकिन डार्क रोज़ हाशील करना इतना भी आसान नहीं है बचे
रुद्रा – डार्क रोज़ को हाशील करने में जीतने भी परेशानी क्यों ना आए में उसे हाशील करके ही रहूँगा
काल – लगता है तुम में बहुत हिम्मत है चलो आजमा लेते हैं तुम्हारे हिम्मत को
ये कहते हुए काल अपने एक हाथ को उस कमरे के एक कोने के तरफ करता है तो उस पूरे कमरे में बहुत सारे मसले जलने लगती हैं और फिर उस कमरे के एक कोने में एक छोटा सा पौधा दिखाई देता है जीशमे एक फूल उगा हुआ था और वो फूल डार्क रोज़ था
काल – अब यहाँ क्यों खड़े हो तुम जाओ आगे बढ़ो और हाशील कर लो डार्क रोज़ को
ये सुनकर रुद्रा का चेहरा खिल उठ था है और वो अपने चेहरे पे मुश्कं लिए आगे बढ़ता है लेकिन जेशे रुद्रा डार्क रोज़ के तरफ बढ़ने लगता है तभी फौरन डार्क रोज़ के चारों तरफ आग(फायर) का सुरक्षा कवच बनजता है
आग के सुरक्षा कवच को देख रुद्रा के बढ़ते कदम अपने आप रुक्क जाते हैं और वो पीछे पलट के काल के तरफ देखने लगता है
काल – तुम्हें क्या लगा था बचे तुम आसानी से चलते हुए जाओगे और डार्क रोज़ को हाशील कार्लोगे और वो भी बिना कोई इम्तहान दिए, हाहहहा हाहहाहा
रुद्रा – तो में डार्क रोज़ को हाशील केशे करूँगा
काल – वो तुम जानो की तुम किस तरह डार्क रोज़ को हाशील करोगे पर जो भी करना जल्दी करना क्योंकि अब डार्क रोज़ का सुरक्षा कवच आक्टीवेट होचुका है और हरर बिट्ट ते हुए वक्त के साथ सुरक्षा कवच का दयरा यानि की उस आग के घेरे का दयरा बढ़ता ही जाएगा और कुछ ही मिनिट्स में पूरे कमरे में फेल जाएगा
रुद्रा को कुछ भी समझ में नहीं आ रही था की वो केशे उस आग के दएरे को पार करे उसे ईश्वक़्त जोरबार और जहाँ की बहुत याद आ रही थी
रुद्रा – काश ईश्वक़्त यहाँ पे मेरे साथ जोरबार और जहाँ होते तो इसे आग के दएरे को में आसानी से पार कर लेता, खैर चोदा अब इन बातों को सोचने से क्या फायदा मुझे अपने आप ही कुछ करना होगा और वो भी जल्दी से, रुद्रा ये सब अपने मन में ही खुदको कहराहा था
इधर रुद्रा सोच रहा था की क्या करे और उधर वो आग का दयरा धीरे धीरे तरफ रहा था और धीरे धीरे उस कमरे में फेलने लगा था और उस आग के दएरे को यूँ
इतने तेजिसे फैलता हुआ देख रुद्रा फैसला लेता है की चाहे जो हो वो बिना किसी मदद और कवच के उस आग के दएरे में घुसेगा चाहे इसका अंजाम उसकी मौत ही क्यों ना हो
और फिर रुद्रा धीरे धीरे उस तरफ रहे आग के दएरे के तरफ बढ़ने लगता है, रुद्रा हिम्मत करके आगे तो तरफ रहा था लेकिन उसका दिल बहुत जोरों से धड़क रहा था
और उसी धड़कते हुए दिल के साथ रुद्रा उस आग के दएरे के सामने जा पहुँचता है और देखते ही देखते उस आग के दएरे के अंदर दाखिल हो जाता है, जब रुद्रा उस आग के दएरे में घुशता है तभी फौरन रुद्रा के शरीर में आग लगज़ाती है और देखते ही देखते वो आग रुद्रा के पूरे शरीर में फेलजाति है इसे से रुद्रा के मुंह से दर्दभरी दिल को दहला देनेवाली चिल्लाने की आवाज़ निकल पड़ती है
आहह आहह आअहह आआहह
अहह आहह आअहह आआहह
रुद्रा के पूरे शरीर पे अब आग लग चुकी थी और उसका पूरा शरीर किसी सुखी लकड़ी की तरह आग में जल रहा था और रुद्रा दर्द के मारे चिल्लाए जा रही था और इधर काल उस कमरे के एक कोने में खड़ा रुद्रा की इसे हालत को देख बारे जोरों से हंस रहा था
काल – बहुत बड़ी बड़ी बातें करता था अब पता चल रहा होगा बातें करने और काम करने में बहुत फर्क होता है अब उसे पत्ता चलेगा डार्क रोज़ को हाशील करना नमुनकीन है, कोई भी डार्क रोज़ को हाशील नहीं कार सकता, हाहहहााअ हाहहहााआ हाहहााआअ
ये सारी बातें कहते हुए काल वहाँ खड़ा रुद्रा के ऊपर हंसे जा रही था, और इधर उस आग के दएरे के अंदर रुद्रा की हालत बहुत खराब होचुकी थी अब उसमें ज्यादा ताक़त नहीं बची थी और ना ही हिम्मत, रुद्रा की हिम्मत धीरे धीरे टूटने लगी थी और उसकी आँखें धीरे धीरे बंद होने लगी थी
पर जेशे ही रुद्रा की आँखें बंद होती हैं तब रुद्रा को अग्नि दिखने लगता और अग्नि के साथ बिताए हुए पल दिखने लगते हैं और साथ में अग्नि ने जिस तरह से उसकी मदद किया था और सुनहेरी और उसकी जान बचाई थी वो भी दिखाई देने लगता है
और फिर क्या बसस्स्सस्स इतनी ही यादें काफिई थी रुद्रा के अंदर फिरसे हिम्मत को जगाने के लिए
रुद्रा – मुझे कुछ भी करके दत्ते रहना होगा तकिी में अग्नि को बच्चा सकूँ अग्नि ने मेरी बहुत बार जान बचाई है और में यूँ अग्नि को मरने नहीं देसाकता, में अग्नि के जेशा एक सच्चा दोस्त खोना नहीं चाहता हूँ
ये बात अपने आप से कहते हुए रुद्रा फिरसे उठ खड़ा होता है और फिरसे आगे बढ़ने लगता है, रुद्रा अपने दर्द और तकलीफ को सहम करते हुए फिरसे आगे बढ़ने लगता है और कुछ ही मिनट’से के अंदर रुद्रा उस आग के दएरे को पार करके उस पौधे के करीब पहुँच जाता है जिस पे वो डार्क रोज़ था
रुद्रा के आग में जलने के वजह से उसका शरीर पूरी तरह से झुलस गया था उसके शरीर के बहुत से हिस्सों के माँस बुरी तरह जल चुके थे और लटक रहे थे और उसके शरीर के अंदर की हड्डी
अब साफ साफ देखी जासकती थी
रुद्रा अपने दर्द को दबाते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ता है और अपने एक हाथ को उस पौधे के तरफ करता है उस डार्क रोज़ को उस पौधे से तोड़ने के लिए, जब रुद्रा अपना हाथ उस पौधे के तरफ बढ़ता है तब उसका हाथ उस पौधे के पट्टियों से थोड़ा सा टकराता है और फिर तो जेशे चमत्कार सा हो जाता है उस पत्ते के रुद्रा के हाथों से टकराने के वजह से रुद्रा के शरीर पे ईश्वक़्त जीतने भी जलने के वजह से जखम थे वो सारे अपने आप बड़ी तेजिसे ठीक होने लगते हैं
रुद्रा के शरीर के सारे जखम अपने आप बड़ी तेजिसे ठीक होने लगते हैं और रुद्रा को अब दर्द भी महसूस नहीं हो रहा था ये सब देख रुद्रा थोड़ा चौका हुआ था साथ में खुश भी था और इधर वो आग का दयरा उस कमरे से अपने आप गएब होने लगा था
रुद्रा कुछ ही सेकेंड’से के अंदर पूरी तरह से स्वस्त हो जाता और फिर रुद्रा अपने हाथ को बढ़ता है और उस डार्क रोज़ को उस पौधे से तोड़ लेता है, और जेशे ही रुद्रा उस डार्क रोज़ को उस पौधे से तोड़ता है वो पौधा अपने आप जल्के खख हो जाता है और साथ में वो डार्क रोज़ देखते ही देखते रूप बदलके एक दिल बनजता है, वो डार्क रोज़ अब डार्क हार्ट बन चुका था
रुद्रा ये सारे नज़रे देख हैरान था रुद्रा कभी उस डार्क हार्ट के तरफ देखता तो कभी कमरे के दूसरे कोने में खड़े काल के तरफ
काल – वाहह मान ना पड़ेगा तुम्हें बचे तुम सच मच कबीले तारीफ हो तुम्हारी हिम्मत और जज़्बा देख दिल खुश हो गया, और तुम्हारी दोस्ती को भी सलाम करता हूँ बचे, तुम्हारा वो दोस्त सचमुच में बहुत लक्की है जो उसे तुम्हारे जेशा दोस्त मिला है
रुद्रा – लक्की वो नहीं में हूँ क्योंकि अग्नि जेशा दोस्त बहुत कम खुश नसीब को मिलता है और में उन्न खुश नसीब मेशे एक हूँ, पर मेरी एक बात समझ में नहीं आई ये डार्क रोज़ ने अपना रूप क्यों बदल दिया ये एक डार्क हार्ट क्यों बन गया
काल – क्योंकि ये डार्क रोज़ अब तुम्हारे दोस्त अग्नि के दिल की जगह लेगा
रुद्रा – मतलब?
काल – मतलब ये की जब तुम अपने दोस्त पे पास पहुँचोगे तो तुम इसे डार्क हार्ट को अग्नि के सीने के ऊपर रख देना जिस साइड में दिल होता है और फिर बकिका काम ये डार्क हार्ट अपने आप करड़ेगा, ये डार्क हार्ट अग्नि के सीने में अपने आप घुसेगा और उसके पुराने दिल को बाहर निकलकर उसकी जगह लेलेगा और फिर कुछ ही वक्त के बाद अग्नि फिरसे जिंदा होजएगा
रुद्रा – पर अगर ये डार्क हार्ट अग्नि के पुराने दिल की जगह लेलेगा तो अग्नि के उस पुराने दिल में मौजूद उसके फ़ीलिंग’से और उसके इम्मोटिओं’से का क्या होगा उसके बिना तो अग्नि हम सबको शायद पहचान भी नहीं पेएगा
काल – जब डार्क हार्ट अग्नि के सीने से होते हुए अंदर जाएगा तब वो अग्नि के पुराने दिल के अंदर से होते हुए नीचे जाएगा तब वो अग्नि के पुराने दिल में
मौजूद सारे फ़ीलिंग’से और इमोटिओं’से को अपने अंदर समा लेगा और उस पुराने दिल को बाहर भेजड़ेगा, और ये काला कपड़ा लो और उस डार्क हार्ट को इसमें लपेट लो, ये कहते हुए काल रुद्रा को एक काला कपड़ा देता है डार्क हार्ट को ढकने के लिए
रुद्रा उस काले कपड़े से उस डार्क हार्ट को धकता है और फिर कहता है
रुद्रा – अच्छा तो ये डार्क रोज़ आस सॉरी ये डार्क हार्ट इसे काम करेगा चालो अच्छा है, अच्छा काल जी अब मुझे चलना चाहिए मेरे पास अब ज्यादा वक्त नहीं है मुझे जल्द से जल्द अग्नि के पास पहुँचना होगा
काल – अच्छा ठीक है में तुम्हारे लिए राष्टा खोल देता हूँ
ये कहते हुए काल कुछ मंत्र पढ़ता है इसे से उस कमरे में बड़ी जोरों से भूकंप आने लगता है और वो कमरा पूरी तरह से हिलने लगता है उस कमरे के ज़मीन को चीरती हुई एक बड़ा सा दरवाजा सामने आता है और फिर कुछ देर बाद भूकंप बंद हो जाता है
काल – लो बचे इसे दरवाजे से होते हुए बाहर चले जाओ तुम सीधे काले पहाड़ी पे पहुँच जाओगे जहाँ से तुमने अपने दोस्तों के साथ ये सफ़र शुरू किया था
उसके बाद रुद्रा काल को शुक्रिया कहता है और धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए उस दरवाजे में घुस जाता है और फिर रुद्रा बाहर निकल आता है
काल – जाओ बचे जाओ, पर तुम्हें पता नहीं बचे तुम अपने दोस्त को जिंदगी नहीं बल्कि एक ऐशी जिंदगी देने वाले हो जिसका कल्पना तुम कभी नहीं कार सकते, इसे डार्क हार्ट के वजह से तुम्हारा दोस्त अमर(इमोर्टल) होज़ायगा, उसके पास बेहिसाब ताक़त होंगी वो इसे पूरे काईनात का सबसे बड़ा ताकतवर योढ़ा बन जाएगा उसे हरा पाना मुश्किल ही नहीं नमुनकीन भी होगा लेकिन उसे इन ताक़तों के साथ साथ श्राप(कर्स) भी मिलेगा हमेशा अकेले रहने का श्राप, वो जिसे भी प्यार करेगा उसे कभी भी हाशील नहीं कार पाएगा हमेशा उसे प्यार में दर्द और तकलीफ ही मिलेगी वो इसे दुनिया के खत्म होने तक अकेला भटकता रहेगा
जहाँ ईश्वक़्त काले पहाड़ी के उस गुफा के सामने खड़ी थी जिसके अंदर रुद्रा था और इधर काले पहाड़ी के दूसरे कोने में खड़ा जोरबार सम्राट से कुछ बातें कार रहा था
सम्राट – जोरबार अब और कितना दिन लगेगा मुझे अपने शरीर को वापिस हाशील करने के लिए
जोरबार – सम्राट आप को जिंदा करने के लिए पहले हमें उस दिव्या खंजर को हाशील करना होगा लेकिन वो दिव्या खंजर कहाँ है ये कोई नहीं जनता है और उस दिव्या खंजर को ढूंढ़ने का सिर्फ़ एक ही राष्टा है और वो है जादुई आइना(मॅजिकल मिरर), और वो मिरर ईश्वक़्त गंधर्व नगरी में है और गंधर्व नगरी का राजा तो हमें वो मिरर देगा नहीं इसलिए अग्नि का ठीक होना बहुत जरूरी है क्योंकि उसके बिना हम गंधर्व नगरी से जीिट नहीं शकते
सम्राट – जंग की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी जोरबार क्योंकि मुझे पता है वो दिव्या खंजर कहाँ है
जोरबार –
क्य्ाआआआआआ, आप को पता है वो दिव्या खंजर कहाँ है, पर आप को केशे पता की वो दिव्या खंजर कहाँ है
सम्राट – जंग के बाद जब खुड़बक्ष और उसके साथी मेरे भाई विराट के तलवार को लेकर परिलोक के तरफ असमान से होते हुए जा रहे थे तब मेरे रूहह ने यानि की मैंने उनके ऊपर हमला किया था, और उस हमले में विराट का तलवार नीचे गिरके कहीं खोगआई थी, उनके साथ कुछ जादूगर भी थे जिन्होंने अपने जादुई शक्तियों के मदद से मेरे रूहह को कैद कर लिया और मुझे इसे काले पहाड़ी में एक समधी के अंदर बंद कर दिया, और जब वो जादूगर मुझे उस समधी में बंद करके वापिश जा रहे थे तब वो लोग आपस में बात चित कार रहे थे की उन्न लोगों ने उस दिव्या खंजर को इसे मायवी दुनिया के आखिरी चोर्रर पे यानि की सुंशन पर्वत के किसी गुफा के अंदर छुपा रखा है, तो अब जोरबार तुम्हें सुंशन पर्वत पे जाना होगा और उस दिव्या खंजर को हाशील करना होगा
जोरबार – अच्छा तो वो दिव्या खंजर सुंशन पर्वत पे है तब तो में कल ही उस सुंशन पर्वत के तरफ चल पड़ूँगा उस दिव्या खंजर को हाशील करने के लिए और उसके बाद में सबकुछ आसानी से संभाल लूँगा
सम्राट – सबकुछ इतना आसान भी नहीं है जोरबार, पहली बात उस दिव्या खंजर को जरूर उन्न लोगों ने किसी कुछ सुरक्षा के बीच रखा होगा, दूसरी बात अगर तुम उस खंजर को हाशील कार भी लोगे तो तुम उसका इशटेमाल नहीं कार पाओगे
जोरबार – क्यों, में उस दिव्या खंजर को इशटेमाल क्यों नहीं कार पाऊँगा?
सम्राट – क्योंकि वो दिव्या खंजर गुरु धर्मानंद के रीद्द की हड्डी से बनाई गयी थी और उसे वही इशटेमाल कार सकते थे जिनके ऊपर गुरु धर्मानंद सबसे ज्यादा यकीन करते थे और वो 3 लोग थे और वो 3 लोग थे गुरु ब्रह्मानंद, विराट और खुड़बक्ष और उन्न तीनों में से गुरु ब्रह्मानंद को मैंने कुछ दिन पहले मर दिया है खुड़बक्ष का कुछ पता नहीं वो आज कल कहाँ है और बच्चा सिर्फ़ एक और वो विराट है और अग्नि ही विराट का दूसरा रूप है, इसलिए एक अग्नि ही है जो मुझे अपने शरीर को हाशील करने में मदद कार सकता है
जोरबार – तब तो अग्नि का ठीक होना और भी जरूरी है
सम्राट – हाँ तुमने बिलकुल सही कहा जोरबार एक अग्नि ही है जो मुझे मेरे शरीर को हाशील करने में मदद कार सकता है
ये दोनों एक दूसरे से बातें कार ही रहे थे की तभी जहाँ जोरबार को आवाज़ देती है
जहाँ – जोरबार जल्दी से इधर आओ गुफा का दरवाजा खुलराहा है शायद रुद्रा लौट रहा है
ये सुनते ही सम्राट और जोरबार उस गुफा के तरफ चल देते हैं
गुफा का दरवाजा खुलता है और उसके अंदर से रुद्रा बाहर निकलता है और रुद्रा को देखते ही जहाँ और जोरबार के चेहरे पे मुश्कं आ जाती है और दोनों उसके करीब चले जाते हैं
जहाँ – रुद्रा क्या हुआ, क्या तुमने डार्क रोज़ हाशील कर लिया
जोरबार – हाँ रुद्रा बताओ अंदर क्या हुआ
रुद्रा
– हाँ में कामयाब रहा और मैंने डार्क रोज़ को हाशील कर लिया है, ये कहते हुए रुद्रा उस कपड़े से लपेटे हुए डार्क हार्ट को इन सब को दिखता है
जोरबार – रुद्रा ये क्या है, तुम्हें तो डार्क रोज़ हाशील करना था पर ये तो एक दिल लगता है
रुद्रा – हाँ जोरबार ये दिल ही है ये डार्क हार्ट है और फिर रुद्रा जोरबार और जहाँ को अंदर की सारी बातें बता देता है की केशे उसने उस डार्क रोज़ को हाशील किया और केशे वो डार्क रोज़ डार्क हार्ट में बदल गया
जोरबार – अच्छा तो ऐशी बात है, तो अब ये दिल अग्नि के पुराने दिल की जगह लेगी
रुद्रा – हाँ जोरबार तुमने बिलकुल सही कहा
जहाँ – चलो जो हुआ अच्छा हुआ अब हम अग्नि को बच्चा सकते हैं, तो अब हम किस बात का इंतजार कार रहे हैं चलो जल्दी से हमें अग्नि के पास पहुँचना है
रुद्रा – हाँ सही कहा तुमने जहाँ अब हमें जल्द से जल्द अग्नि के पास पहुँचना होगा हमारे पास वक्त बहुत कम है
जोरबार – हाँ ठीक कहा तुम दोनों ने, कोई बात नहीं में सम्राट के दिए हुए अपने नयी जादूई शक्ति के मदद से सब को अग्नि के पास पहुँचा देता हूँ
और फिर जोरबार सम्राट को जल्द ही मिलने का बोलकर अलविदा कहता है और सम्राट जोरबार से कहता है की अग्नि के पुराने दिल को संभाल के रखे क्योंकि उसपर अब उसका हक़्क़ है और फिर जोरबार सम्राट से विदा लेता है
जोरबार अपने जादूई दंड को उठता है और कुछ मंत्र पढ़ता है जिस से एक बहुत बड़ा और तेज रोशनी का गोला सबके सामने आता है और फिर ये तीनों जोरबार रुद्रा और जहाँ उस रोशनी के गोले के अंदर घुस जाते हैं
उस बारे से रोशनी के गोले के जरिए होते हुए ये तीनों उस जंगल तक जा पहुँचते हैं जहाँ पे अग्नि, सुनहेरी रुद्रा की मां और अग्नि की पूरी शैतानी फौज थी लेकिन जेशे ही ये तीनों उस जंगल में पहुँचते हैं तो चौक्ककककक जाते हैं
जंगल का हाल बेहाल था, जंगल अब पूरी तरह से उजाड़ चुका था और तो और चारों तरफ बहुत सारे लाश पड़े थे और वो सारे लाश अग्नि के फौज के योधाओं के थे, जोरबार और रुद्रा का दिमाग चकरा चुका था ये नज़ारा देख उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रही था की ये सब केशे हो गया जब वो दोनों यहाँ से निकले थे तब यहाँ पे तो सब कुछ ठीक ठाक था
रुद्रा – जोरबार ये क्या हो गया ये सारी लाशें तो हमारे फौज के योधाओं के हैं इन्हें किशणे मारा होगा
जोरबार – मुझे भी कुछ समझ में नहीं आ रही है रुद्रा पत्ता नहीं ये सब कब और केशे हो गया
में बताता हूँ ये सब कब और केशे हुआ, ये आवाज़ रुद्रा जहाँ और जोरबार के पीछे से आता है और वो तीनों पीछे पलट ते हैं तो अपने सामने सेनापति जब्बार को पत्ते हैं
रुद्रा – जब्बार तुम, जब्बार ये सब क्या है और ये सब कब और किसने किया
जब्बार – रुद्रा जब तुम दोनों डार्क रोज़ के सफ़र पर निकले उसके बाद यहाँ पे बहुत कुछ हो गया
जोरबार –
क्या हुआ था यहाँ जब्बार साफ साफ बताओ
जब्बार – ड्रागें’से, ड्रागें’से को हमेशा एक राजा की जरूरत होती है नियंत्रण में रहने के लिए अगर राजा नाहो तो ये ड्रागें’से अपने अपने बीच ही लड़ने लगते हैं प्रिन्स अग्नि इनके राजा थे और जब प्रिन्स अग्नि घायल हुए उसके कुछ घंटों बाद यानि की आप के जाने के कुछ देर बाद ही ये ड्रागें’से अपने अपने बीच में लाढ़ना शुरू हो गये हम सब ने बहुत मुश्किल से उन्न सभी ड्रागें’से को कंट्रोल किया और शांत किया लेकिन अगले ही दिन यहाँ कुछ इसे शक्ष आ गाए जिन्होंने उन्न सभी ड्रागें’से को फिरसे भड़का दिया
रुद्रा – कौन आए थे यहाँ जब्बार और अग्नि मेरी मां और सुनहेरी कहाँ है
जब्बार – यहाँ इन ड्रागें’से का पुराना राजा गेब्रीयल आया था और उसके साथ चुड़ैल दूसतीनी और उसकी बहन थी इन तीनों ने ड्रागें’से को फिरसे भड़का दिया और फिर सारे ड्रागें’से ने गेब्रीयल को फिरसे अपना राजा मान लिया और उन्न ड्रागें’से ने उन्न तीनों गेब्रीयल दूसतीनी और उसकी बहन के साथ मिलकर हम पे हमला कर दिया, उस हमले में हमारे बहुत सारे योढ़ा मरेगए उस हमले में हमारी हालत बहुत खराब हो गयी थी बिना प्रिन्स अग्नि के हमारी हार तय थी इसे लिए जो योढ़ा और सिपाही बच गये थे वो सब इधर उधर भागके अपने जान को बचाने लगे और फिर उसके बाद जो हुआ वो आप के सामने है
रुद्रा – अग्नि मेरी मां और सुनहेरी ये तीनों ठीक तो हैं ना
जब्बार – रुद्रा हमने प्रिन्स अग्नि को और आप के मां को तो बच्चा लिया लेकिन सुनहेरी को बच्चा नहीं पाए, चुड़ैल दूसतीनी ने सुनहेरी को बंदी बनकर अपने साथ लेगाई
रुद्रा – क्य्ाआआआआअ, जब्बार ये तुम क्या कह रहे हो तुमने सुनहेरी को उस चुड़ैल से क्यों नहीं बचाया बताओ, तुमने तो मुझसे वादा किया था ना की तुम मेरे अपनों का हिफ़ाज़त करोगे
जब्बार – मुझे माफ करदो रुद्रा पर जब में तुम्हारे मां और प्रिन्स अग्नि को बच्चा रहा था ुषवक़्त उस चुड़ैल दूसतीनी ने अपने जादूई शक्ति से सुनहेरी को अपना बंदी बणलिया
जहाँ – रुद्रा शांत होजाओ सुनहेरी को कुछ नहीं होगा हम सुनहेरी को उस चुड़ैल के चंगुल से बच्चा लेंगे, जब्बार ये बताओ अग्नि और रुद्रा की माताजी कहाँ हैं
जब्बार – हम उन्न दोनों को डेत वाली लगाए हैं वहाँ वो दोनों सुरक्षित हैं और में यहाँ आप लोगों का लौटने का इंतजार कार रहा था
रुद्रा – मुझे कुछ भी करके सुनहेरी को उस दूसतीनी के कैद से छुड़ाना होगा वरना वो उसे मर डालेंगी, मुझे अभी और इषिवक़्त दूसतीनी के पास जाना होगा
जहाँ – ठीक है रुद्रा तो फिर में भी चलती हूँ तुम्हारे साथ मुझे पता है वो दूसतीनी ईश्वत कहाँ पे होगी
रुद्रा – ठीक है, जोरबार में और जहाँ सुनहेरी की जान बचाने के लिए जा रहे हैं तुम ये लो( रुद्रा जोरबार को वो डार्क हार्ट देते हुए कहता
है ) जोरबार अग्नि को बचलो और मेरी मां का भी ध्यान रखना
जब्बार – रुद्रा तुम उनकी चिंता मत करो वो ईश्वक़्त डेत वाली के पॅलेस में हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं तुम बससस्स अपना ख्याल रखना क्योंकि वो दूसतीनी बहुत खतरनाक है और अब तो उसके साथ गेब्रीयल और उसकी ड्रागें’से की फौज भी है
रुद्रा – वो दूसतीनी चाहे कितनी भी ताकतवर हो और उसके साथ जो कोई भी हो में उस से नहीं डरता, चलो जहाँ
और फिर जहाँ अपने जादूई दंड को बारे से जादूई झाड़ू में बदल देती है और फिर उस जादूई झाड़ू पे सवार होकर जहाँ और रुद्रा असमान में उड़ते हुए चले जाते हैं दूसतीनी के तरफ
इधर जोरबार डार्क हार्ट को साथ लिए जब्बार के साथ डेत वाली के तरफ चल देता है
जोरबार अपने जादूई शक्ति के मदद से कुछ ही वक्त के अंदर डेत वाली के पॅलेस में पहुँच जाता है और वो वक्त ना गबते हुए सीधे अग्नि के पास चला जाता है उसके कमरे में, अग्नि घायल हालत में अपने बिस्तर पे लेता हुआ था और अग्नि के करीब उसकी मां शीतल और पापा विशाल और रुद्रा की मां राजकुमारी मोना थे
राजकुमारी मोना – जोरबार आप लौट आए क्या आप वो डार्क रोज़ लाए और रुद्रा कहाँ है
जोरबार – हाँ राजकुमारी हम कामयाब रहे उस डार्क रोज़ को हाशील करने में और रुद्रा ईश्वक़्त जहाँ के साथ सुनहेरी को बचाने गया है
राजकुमारी मोना – क्य्ाआआ, पर वो चुड़ैल बहुत खतरनाक है और उसके साथ गेब्रीयल भी है रुद्रा अकेला उनके साथ मुकाबला केशे करेगा
जोरबार – आप उसकी फिक्र ना करिए राजकुमारी रुद्रा के साथ जहाँ भी है और वो दोनों मिलकर सुनहेरी को जरूर बच्चा लेंगे
और फिर जोरबार सबको अग्नि के करीब से हॅट जाने को कहता है और सभी थोड़ा सा दूर्र हॅट जाते हैं और फिर जोरबार आगे बढ़ते हुए अग्नि के करीब जाता है और फिर उस डार्क हार्ट को अग्नि के सीने के ऊपर रखता है जिस साइड दिल होता है, अग्नि के सीने के ऊपर उस डार्क हार्ट को रखते ही वो धीरे धीरे धड़कना शुरू करदेता है
और फिर देखते ही देखते वो डार्क हार्ट धीरे धीरे अग्नि के सीने के अंदर घुसने लगता है, कुछ ही देर में वो डार्क हार्ट अग्नि के सीने के अंदर पूरी तरह से घुस जाता है, उसके बाद अग्नि का शरीर बड़ी जोरों से फड़फड़ने लगता है, उस कमरे में मौजूद सभी आँखें फाड़े ये नज़ारा बारे ध्यान से देख रहे थे
अग्नि का शरीर कुछ मिनिट्स तक युहीन बारे जोरों से फड़फड़ाता रहता है और फिर उसका शरीर धीरे धीरे शांत पड़ने लगता है, उसके बाद अग्नि के सीने से कुछ निकालने लगता है और वो अग्नि का पुराना दिल बर्निंग हार्ट था जब अग्नि के सीने से वो हार्ट पूरी तरह से निकल जाता है तब जोरबार अपने जादुई शक्ति के मदद से उस बर्निंग हार्ट को एक जादूई बॉक्स में रख देता है
उसके बाद सभी अग्नि के तरफ देखने लगते हैं और उसके होश में आने का
इंतजार करने लगते हैं की तभी अचानक अग्नि के आँखें खुलती हैं उसकी आँखें पूरी तरह से नीली(ब्लू) थी, और फिर अग्नि दर्द से चिल्लाते हुए उठ खड़ा होता है अहह अहह, अग्नि अपने दोनों हाथों से अपने कंधे को पकड़ने की कोशिश कार रहा था उसके कंधे और पीठ में बहुत दर्द हो रहा था
अग्नि दर्द के मारे चिल्लाए जा रही था और फिर अग्नि के कंधे में से खून नीलने लगता है, ये नज़ारा देख उस कमरे में मौजूद सभी के सर चकराने लगते हैं उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रही था की ये सब क्या हो रहा है, अग्नि के कंधे को चीरते हुए अग्नि के कंधे के दोनों साइड’से पे दो पंख उगने लगते हैं और देखते ही देखते वो पंख बड़ा होने लगता है, कुछ देर बाद अग्नि को और दर्द नहीं होता है और अग्नि अपने नये पंख और अपनी नयी ताक़त के साथ बड़ी तेजिसे एडजस्ट करने लगता है और कुछ ही वक्त के अंदर अग्नि अपने नये शक्तियों को अपने कंट्रोल में करके तैयार खड़ा था अपने नये चुनतियों का सामना करने के लिए….
THE END