मार्च 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ
Best Stories Published in March 2015
Most Popular Stories Published in March 2015
प्रिय अन्तर्वासना पाठको
मार्च महीने में प्रकाशित कहानियों में से पाठकों की पसंद की पांच कहानियां आपके समक्ष प्रस्तुत हैं…
जिस्म की जरूरत-15
‘खूबसूरत लड़कियों को देख कर बड़े ही रोमांटिक गज़लें निकल रही थीं जनाब के गले से…’ उस ख़ामोशी को तोड़ती हुई वंदना की आवाज़ मेरे कानों में पहुँची।
जब मैंने ध्यान से देखा तो अपना सर नीचे किये हुए ही बस अपनी कातिलाना निगाहों को तिरछी करके उसने मुझे ताना मारा।
उफ्फ्फ यह अदा… ऐसे अदा तब दिखाई देती है जब आपकी प्रेमिका आपसे इस बात पर नाराज़ हो कि आपने उसके अलावा किसी और की तरफ देखा ही क्यूँ…!! वैसे इस नाराज़गी में ढेर सारा प्यार छुपा होता है…
‘अच्छा, वहाँ खूबसूरत लड़कियाँ भी थीं… मुझे तो बस एक ही नज़र आ रही थी… और मैंने तो वो ग़ज़ल भी बस उसी के लिए गाया था.’ मैंने भी उसे प्यार से देखते हुए कहा और मुस्कुरा दिया।
‘झूठे… जाइए, कोई बात नहीं करनी मुझे आपसे…’ वंदना ने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहा और अपना मुँह बना लिया बिल्कुल रूठे हुए बच्चों की तरह।
तभी जोर से बिजली कड़की… बस होना क्या था, चीखती हुई वो हमसे लिपट गई…
‘हा हा हा हा… डरपोक !!’ मैंने हंसते हुए धीरे से उसे अपनी बाहों में कसते हुए कहा।
पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…
खाली दिमाग शैतान का घर
जैसे ही मेरी बहन की स्नातकी पूरी हुई तो उसने मम्मी-पापा को बताया कि उसे मुंबई की किसी कंपनी में नौकरी मिल गई है मगर मम्मी ने मना कर दिया और वो मुंबई नहीं जा पाई जिसका उसे बहुत अफ़सोस था।
इसी कारण वो मम्मी-पापा से जुदा-जुदा सी रहने लगी।
उसकी कुछ सहेलियाँ थी जो कि बहुत ही आजाद ख्याल की थी, श्वेता भी उनकी तरह बनना चाहती थी।
मैंने कई बार श्वेता की बातें छुपकर सुनी, मैंने पाया वो ज्यादातर अपनी सहेलियों के साथ ही बातें करती थी।
कुछ दिन बीत गए और लगातार पोर्न वीडियो देखने के कारण मेरा दिमाग भटकने लगा और मैं इधर-उधर रंडियों की तलाश करने लगा।
मैं किसी तरह चाहता था कि कोई लड़की मुझसे चुद जाए मगर मेरी जेब में पैसे भी नहीं थे क्योंकि मैं बेरोजगार था।
मेरी ठरक इतनी बढ़ गई कि अब मैं श्वेता को ही रंडियों की नजर से देखने लगा। अगर वो थोड़ा भी घर पर देर से आती तो मुझे लगता जरूर इसका चक्कर है और यह बाहर से चुद कर आ रही है।
कई बार मुझे खुद लगता कि मैं क्या सोच रहा हूँ, वैसे मेरी बहन बहुत सुन्दर है, गदराया हुआ बदन, होंठ गाल सेब की तरह से लाल, जब चलती थी तो चूतड़ मटका-मटका कर… साली के चूतड़ देखकर मेरा तो लौडा भी खड़ा हो जाता था।
पूरी कहानी यहाँ पढ़िए…
पर पुरुष समर्पण-3
अब मैंने सन्तान सुख की इच्छा पूरी करने की योजना बनाई।