मेरी फुफेरी भाभी खुद मुझसे चुदी
भाभी फक X स्टोरी में मेरे फुफेरे भाई और भाभी हमारे घर आये. उनकी आपस में खटपट रहती थी. मैंने दोनों को समझाया तो भाभी मेरे प्रति आकर्षित हो गयी.
दोस्तो, मैं धीरेंद्र आप सभी का मेरी कहानी में स्वागत करता हूँ.
मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी पहली कहानी पसन्द आएगी.
कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ कि मेरी उम्र 24 साल है और मेरे लन्ड का साइज 6 इंच के आस पास है.
मैं दिल्ली में रहता हूँ.
यह भाभी फक X स्टोरी आज से 2 साल पहले की है जब मैं अपने गाँव गया हुआ था कुछ काम से!
वहां जाकर पता चला कि मेरी बड़ी बुआ, भाभी और भैया कुछ दिन रहने के लिए हमारे घर आने वाले हैं.
मैं आपको अपनी भाभी के बारे में आपको बताऊं.
उनकी उम्र तब 27 की रही होगी और उनका फिगर 34-30-36 का था.
दूध सी गोरी … बोले तो एकदम पटोला माल … जो भी एक बार देख ले, देखता ही रह जाये.
हमारे घर आने के बाद एक दिन भैया और भाभी में किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था.
तो मैंने भैया को मनाया और भाभी को दूसरे कमरे में लेकर गया जहाँ जाकर भाभी रोने लगी तो मैंने उन्हें गले लगा कर चुप करवाया.
भाभी के गले लगते ही मेरे लन्ड में हलचल मच गयी और वो फनफनाने लगा.
शायद भाभी को भी पता चल गया था तो मैं तुरन्त बाहर आ गया.
उसके बाद भाभी का मेरी तरफ ध्यान कुछ ज्यादा ही हो रहा था.
घर में जिधर मैं जाता, भाभी उधर ही आ जाती.
मैं समझ नहीं पा रहा था कि आखिर भाभी के मन में क्या चल रहा है.
फिर कुछ दिन ऐसे ही बीत गए.
एक दिन रात में हिम्मत करके मैंने भाभी से सीधे जाकर पूछा- आप मेरे पीछे पीछे क्यों घूमती हो? खामखाह किसी को भी हम पर शक हो जाएगा तो आपके लिए सही नहीं होगा.
तो उन्होंने बोला- तुमसे कुछ नहीं होगा, तुम ऐसे ही डरते रहोगे.
मैं समझ गया कि भाभी मुझे उकसा रही थी.
तो मैंने भाभी से कहा- कर तो मैं बहुत कुछ दूँगा. सोच लो, बाद में मत कहना कि ये क्या कर रहे हो.
उन्होंने मेरी बात सुनकर स्माइल दी और चली गई.
अगले दिन सभी लोग मार्केट गए हुए थे.
मैं दोस्तों के साथ घूमकर वापस आया तो घर में भाभी के सिवाय कोई भी नहीं था.
मैंने मौके का फायदा उठाकर कुछ हरकत करने की सोची और पीछे से जाकर भाभी का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और सीधा उनके मुलायम होंठों पर टूट पड़ा.
भाभी मेरे इस हमले के लिए तैयार नहीं थी.
तो वे एकदम से चौक गई और मना करने लगी कि कोई आ जाएगा.
ऐसे वैसे कहने लगी.
लेकिन मैंने एक न सुनी और मैं उन्हें चूमने में लगा रहा.
कभी उनके होठों पर तो कभी गाल पर, गर्दन पर मैंने सब जगह चूमा.
तो भाभी बोली- अभी समझा करो … सभी आते ही होंगे. रात को छत पर मिलना सभी के सोने के बाद!
मैं मान गया और भाभी को जाने दिया.
उसके कुछ देर बाद सभी मार्केट से वापस आ गए.