भाभी की चूत का आशिक
प्यासी चूतों को मेरे लंड की तरफ से चुदास भरा नमस्कार।
मेरा नाम रॉक है.. मैं जोधपुर का रहने वाला हूँ, मैं एक हैंडसम और स्मार्ट लड़का हूँ, मेरी उम्र 21 साल है।
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। काफी समय से अपनी एक घटना आपके साथ शेयर करना चाहता था तो आज मैं आपको अपनी घटना के बारे में बताना चाहता हूँ।
यह घटना तब की है जब मैं अपने मौसी के लड़के से मिलने गया।
वहाँ मेरी ही उम्र के भाई और भाभी बैठे थे।
तभी भाभी चाय बनाने लगी.. तो दूध नहीं था, भाई दूध लेने चला गया, तब तक भाभी मेरे से बात करने में लग गईं।
अचानक भाभी एकदम खुल कर बातें करने लग गईं। थोड़ी देर हमने बातें की.. फिर तक भाई दूध लेकर आ गया।
थोड़ी देर में भाभी ने चाय बना दी, हम तीनों ने चाय पी, इसके बाद मैं अपने घर आ गया।
घर आने के बाद मैं सिर्फ भाभी के बारे में सोच रहा था।
थोड़े दिन ऐसे ही बीत गए।
फिर एक दिन प्लान बनाया और दूसरे दिन स्कूल से सीधा भाई के घर चला गया। उस दिन मेरी किस्मत अच्छी थी कि भाभी के अलावा घर पर कोई नहीं था, भाभी घर का काम कर रही थी।
मेरे जाते ही उसने काम छोड़ दिया और चाय बनाने में लग गई, मैं कमरे में बैठ कर टीवी पर गाने सुनने लग गया।
थोड़ी देर में भाभी चाय बना लाई और मेरे बगल में बैठ गई।
हम दोनों ने चाय पी फिर हम बातें करने लगे। बातों ही बातों में मैंने भाभी का हाथ पकड़ लिया, भाभी ने कुछ नहीं कहा.. तो इसे मुझे मौका मिल गया और मैं भाभी के और करीब होकर बैठ गया।
मैं भाभी के हाथ अपने हाथों में लेकर मसलने लग गया.. भाभी की सांसें तेज हो गई थीं।
देखते ही देखते मेरा हाथ भाभी के मम्मों पर चल गया और मैं उन्हें भर-भर के दबाने लग गया। इधर मेरा हाल भी बुरा हो रहा था मेरा लंड कड़क होकर पूरा लम्बा हो गया।
मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके होंठों को किस करने लग गया, एक हाथ से मैं उसके मम्मे दबा रहा था और दूसरा हाथ उसके पैरों के बीच में चला गया।
अगले ही पल मैं उसकी साड़ी को ऊपर खींचने लगा। भाभी मेरे होंठों को जोर-जोर से काटने लगी थी।
मैंने भाभी की पूरी साड़ी ऊपर कर दी और मेरा भाभी की चूत को छू लिया.. जिससे भाभी तड़प उठी और उसने मेरी गर्दन पर जोर से काट लिया, साथ ही उसने मुझे कसके पकड़ लिया।
दूसरी तरफ मेरे लंड महाराज अपने फन को जोर से हिला रहे थे, मेरे से काबू नहीं हो रहा था तो मैं ज्यादा देर न करते हुए भाभी की टांगों के बीच में आ गया, भाभी ने भी अपनी टाँगें फैला दीं।
मैंने अपने लंड को भाभी चूत के ऊपर रगड़ रहा था।
भाभी अब बहुत गर्म हो गई थी.. और जोर-जोर से ‘अह्ह्ह्ह्ह.. उउहह..’ कर रही थी। वो कहने लगी- मेरे प्यारे देवर जी अब तड़पाओ मत और डाल दो अपना लम्बा सा लौड़ा.. और बना लो मुझे अपने लौड़े की दीवानी।