भाभी की चुदाई की बेकरारी
हैलो दोस्तो, मैं परवेज फरीदाबाद से हूँ। मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ।
जब मैं 18 साल का था, यह तब की बात है। मेरे बड़े पापा (ताऊ) के दूसरे बेटे ने भाग कर शादी की, इसलिए उनके वापिस आने पर एक पार्टी दी गई, उसमें हमारे परिवार के सभी सदस्य शामिल थे, पार्टी रायपुर में दी गई थी।
पार्टी ख़त्म होने के दो दिन बाद हमारे घर के अधिकतर लोग वापस चले गए पर मैं घूमने के लिए कुछ दिन वहाँ रुक गया।
मेरी बड़ी भाभी मुझे बहुत पसंद करती थीं, उन्होंने मुझे वहीं रोक लिया था।
देखते-देखते दो दिन बीत गए, मैं शाम को घूम कर आने के बाद ऊपर की मंजिल पर चला गया।
वहाँ सिर्फ़ भाभी थीं, वो रोटी बना रही थीं। उनको अधिक गरमी लगने के वजह से अपनी साड़ी का आँचल ब्लाउज से हटा दिया था, जिसके कारण उनकी उभरी हुई चूचियां दिख रही थीं।
उनके मम्मे देखते ही मेरा लंड तन गया।
मैं अपने आपको शान्त करने के लिए रसोई के बाहर जाकर अपने मोबाइल पर ब्लू-फिल्म देखने लगा।
फिल्म को देखते-देखते मैं अपनी पैन्ट की चैन खोल कर 6.5 इंच के लंड को हाथ में लेकर मूठ मारने लगा।
मैं मूठ मारने में इतना मस्त हो गया कि यह भी ख्याल नहीं रहा कि रसोई में भाभी रोटी बना रही हैं।
बस अपनी धुन में मूठ मारता चला गया।
अचानक भाभी आकर मुझे डांटने लगीं।
मैं चौंक कर सीधा खड़ा हो गया।
वो मेरे खड़े लंड को देखने लगीं।
मैंने जल्दी से अपना तना लंड पैन्ट के अन्दर डाल लिया।
तभी भाभी मुझे बोलीं- यह सब ग़लत काम है।
मैं कहा- आपके मम्मे देख कर मैं रह नहीं पाया।
तभी वो मुझसे पूछने लगीं- क्या तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है?
मैंने कहा- नहीं है।
तब वो बोलीं- तुम्हें ये फिल्में देख कर और मूठ मार कर शान्ति मिल जाती है क्या?
मैंने कहा- नहीं मिलती, पर क्या करूँ मजबूरी है।
तब वो मुझसे सेक्सी बातें करने लगीं और कुछ देर बाद पूछने लगीं- ज़रा वो फिल्म दिखाना, जो तुम देख रहे थे।
मैंने देर ना करते हुए एक जबरदस्त चुदाई वाली फिल्म चालू कर दी। उसमें एक लड़की एक लड़के का लंड चूस रही थी।
उन्होंने फिल्म देखते-देखत अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया।
मैं बोला- यह क्या कर रही हो भाभी?
वो बोलीं- मुझे भी कुछ-कुछ हो रहा है।
मैं बोला- भैया को बुला दूँ क्या?
वो बोलीं- तेरे भैया तो हमेशा काम में लगे रहते हैं।
मैं बोला- तो मैं क्या कर सकता हूँ आपके लिए?
वो बोलीं- तू कुछ मत कर, बस तू थोड़ी देर पहले जो तू हाथ से कर रहा था, वो फिर से कर अबकी बार मैं तेरी मदद करूँगी।
मैं अपने पैन्ट से लंड निकाल कर मूठ मारने लगा, तभी वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मूठ मारने लगीं और थोड़ी देर बाद चूसने लगीं।
करीब दस मिनट बाद मैंने उनके मुँह में ही वीर्य छोड़ दिया, वो बिना कुछ बोले सारा माल पी गईं।
अब उनकी बारी थी, वो मुझसे बोली- क्या तुम ‘वो’ करोगे।