रण्डी बहन को दोस्त के बाद मैंने चोदा
भेनचोद ब्रो सेक्स कहानी में मैंने अपनी छोटी बहन को मेरे ही दोस्त से मेरे ही घर में चुदती देखा तो मेरा मन भी भेनचोद बनने का हो गया. मैंने बहन की चुदाई की वीडियो बना ली.
दोस्तो, मैं आकाश आप सभी लंड के देवता और चूत की रानियों को नमस्कार करता हूं.
यह भेनचोद ब्रो सेक्स कहानी मेरी और मेरी बहन अंजलि की है।
आपको मैं अपना परिचय देता हूं.
मैं बैंगलोर का रहने वाला हूं.
मेरी फैमिली में मेरे अलावा मेरे पापा, मेरी मॉम और मेरी बहन है.
मेरा और मेरी बहन का रूम पास में ही है.
मेरे पापा अक्सर बाहर रहते हैं और साल में एक बार ही आते हैं.
मेरी उम्र 23 और मेरी बहन की उम्र 21 है.
मैं बैंगलोर में ही एम बी ए कर रहा हूं और बहन बी कॉम कर रही है.
पहले मुझे उसमें कोई रुचि नहीं थी.
पर एक दिन हम लोग रात को सो रहे थे.
मैं करीब दो बजे उठा तो देखा मेरी बहन के रूम में लाइट ऑन है.
तो मैं समझा कि वह बंद करने को भूल गई होगी इसलिए मैं बंद करने चला गया.
वहां मैंने देखा कि वह पेट नीचे करके लेटी है; उसकी स्कर्ट उसकी जांघ तक है और उसकी गान्ड उठी हुई है.
उस दिन मैंने पहली बार उसे हवस भरी नजर से देखा.
उसके उठे हुए चूतड़ देखकर मुझे यकीन हो गया यह जरूर लंड लेती होगी और उस दिन मैंने सोच लिया कि इसको अपने लंड का स्वाद जरूर चखाना है। मैं भेनचोद ब्रो बनूंगा.
फिर मैंने यह सोच जब रूम में आ ही गया हूं तो स्कर्ट उठाकर देख ही लेता हूं.
तो मैंने हल्के हाथ से स्कर्ट उठाया और मैंने पाया कि उसने अन्दर कुछ नहीं पहना है.
उसकी चिकनी चूत मेरे सामने थी.
मैंने उसकी फोटो लिया और चूमकर चला गया और बहन को चोदने की तरकीब सोचने लगा।
एक दिन मेरी बहन का बर्थ डे था, अन्य मेहमानों के साथ साथ मेरे भी सभी दोस्त आए थे.
हमने केक काट कर जन्मदिन मनाया, खाया पीया.
और उसके बाद सभी अतिथि चले गए.
पर मेरा एक सबसे खास दोस्त विवेक जिसका घर मेरे घर से दूर है, वह मेरे घर ही रुक गया.
मुझे भी कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि वह पहले भी बहुत बार मेरे घर रुक चुका है.
वह मेरे ही रूम में सोया था.
करीब 3 बजे मैं रात को उठा तो देखा कि मेरा दोस्त यहां नहीं है.
मैंने सोचा कि वह बॉथरूम गया है.
पर आधा घंटा हो गया, वह नहीं आया तो मैं ही उस देखने के लिए निकल पड़ा.
मैंने देखा कि मेरी बहन के कमरे की लाइट फिर ऑन है.
तो मैंने सोचा क्यूं ना उसकी चूत के दर्शन फिर कर लूं.
मैं जैसे ही दरवाजे के पास पहुंचा, अन्दर से आवाज आ रही थी- आह उह … यस फॅक मी!
तो मुझे शक हुआ.
तब मैंने हल्का सा दरवाजा खोला तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।
मैंने पाया कि मेरा दोस्त विवेक मेरी बहन अंजलि की टांगें चौड़ी करके घपाघप चूत मार रहा है.
मेरी बहन भी इस चुदाई के मजे कर रही है.
मैंने अपना मोबाइल खोला और बहन की चुदाई का वीडियो बना लिया.