चुदक्कड़ मौसेरी बहन को चोदा
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम आकाश है, मेरी उम्र 27 है और मैं अन्तर्वसना का पिछले एक साल से नियमित पाठक हूँ। मैं नागपुर में एक साधारण से परिवार से हूँ।
पिछले कई दिनों से मैं अपनी सच्ची कहानी लिखने की सोच रहा हूँ पर समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे लिखूँ।
बात चार साल पहले की है मेरे पास कोई जॉब नहीं था, घर में अकेला रहता था। हालाँकि मम्मी घर में रहती थी लेकिन अपने कामों में व्यस्त।
मेरे घर के सामने ही मेरी मौसी का घर है, मौसी की एक बेटी और दो बेटे हैं, बेटी मस्त माल है, उसका नाम प्रगति है लेकिन रिश्ते के कारण तथा भय के कारण मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा था।
एक दिन नसीब ने साथ दे ही दिया। उस दिन मेरी मम्मी और मौसी मामा के घर गये थे, मैं और प्रगति घर में ही थे, बाकी लोग काम पर गये थे।
हम दोनों बैठ कर टी वी देख रहे थे। मेर मन टी वी देखने में नहीं लग रहा था, मैं तो बस उसे चोदने की सोच रहा था लेकिन डर रहा था कहीं यह किसी को बता ना दे।
ऐसे ही थोड़ा वक्त गुजर गया। तभी उसका चचेरा जीजा घर आया और प्रगति को अपने साथ प्रगति के ही घर लेकर चला गया और मैं मन मसोसकर रह गया।
उसने घर जाते बाहर का दरवाजा बन्द कर दिया, उसकी इस हरकत से मुझे शक हुआ कि जरूर दाल में कुछ काला है। मैं तुरन्त हल्के से बाहर का गेट खोल कर अन्दर गया। दरवजा बन्द था, मैं ख़िडकी के पास गया, ख़िडकी थोड़ी ख़ुली थी, मैंने उसमें से देखा कि दोनों पूरे नंगे थे और जीजा उसकी चूत चाट रहा था।
मुझे बडा गुस्सा आया कि मेरे माल को कोई दूसरा ही भोग रहा है। मैं वहाँ से बाहर आ गया और प्रगति को आवाज लगाने लगा।
वो कोई दो तीन मिनट बाद कपड़े पहनकर सीधे मेरे घर आई और बोली- क्या हुआ? क्यों इतनी ज़ोर से आवाज लगा रहे हैं भैया?
मैं बोला- क्या कर रही थी घर पर?
वो बोली- कुछ भी तो नहीं भैया।
मैंने उसे कहा- चल ठीक है, अब यहीं पर बैठ…
वो हाँ कह कर बैठ गई। मुश्किल से दो मिनट बाद ही उसके जीजा ने आवाज लगाई।
प्रगति मेरे तरफ़ देखने लगी, मैंने उसे कहा- जा और उसे बता कि आकाश भैया ने सब कुछ देख लिया है।
वो डर गई और सॉरी सॉरी कहने लगी। मैंने उसे कहा- पहले उसे बोल कर आ कि आकाश भैया ने सब कुछ देख लिया है, और मैं अब नहीं आ सकती।
ये सब बताने के बाद उसका जीजा बिना देर किये चला गया तथा वो मेरे पास आ गई और रोने लगी, रोते हुये कहने लगी- मम्मी को मत बताना।
मैंने उसे पकड़ा और बोला- नहीं बताऊँगा लेकिन मेरी एक शर्त है।
वो बोली- ठीक है, मैं आपकी हर शर्त पूरी करूँगी।
मैंने कहा- पहले सुन तो ले।
वो बोली- बताइए।
मैंने कहा- मैं भी तुम्हें चोदना चाहता हूँ।
उसने मुझे देखा और कहा- ठीक है लेकिन आप किसी को बताएँगे तो नहीं ना?
मैंने कहा- नहीं बताऊँगा !
और उसे चूम लिया। फिर मैंने दरवाजा बन्द किया और एक एक करके उसके और अपने पूरे कपड़े उतारे।