धोखे में बहन पट गई और चुद गई
मेरा नाम अमन कुमार है, उम्र 19 साल की है।
मेरे परिवार में मेरी छोटी बहन सपना 18 साल की और मम्मी पापा हैं।
हमारे पड़ोस में ही हमारे सगे चाचा रहते हैं.. जिनकी एक लड़की है। उसका नाम आकांक्षा है वो मेरी बहन की उम्र की ही है।
बचपन से ही आकांक्षा के साथ मेरी अच्छी जमती थी। हम लोग बचपन में एक साथ नंगे नहाए.. फिर जवान होने के बाद कई बार चूमा-चाटी भी की.. लेकिन कभी सेक्स नहीं किया।
एक बार मौका मिला भी.. लेकिन आकांक्षा के पीरियड्स चल रहे थे.. तो उसने मेरा लंड हिलाकर पानी गिरा दिया।
एक दिन पापा-मम्मी और चाचा-चाची गाँव शादी के लिए निकल रहे थे तो उन्होंने आकांक्षा को हमारे साथ छोड़ दिया।
मैं बहुत खुश हो गया कि अब तो मैं उसे चोद कर रहूँगा।
सवेरे-सवेरे सब गाँव के लिए रवाना हो गए, बस अब हम दोनों के बीच में थी मेरी सग़ी बहन सपना।
दिन में हम सब कॉलेज चले गए।
हम तीनों एक ही कॉलेज में हैं।
शाम को घर लौटते ही सपना फ्रेश होने बाथरूम गई।
मैंने धीरे से आकांक्षा से कहा- आज हम लोग रात को मज़ा करेंगे.. तुम रात को सोना मत.. मैं करीब 1.00 बजे कमरे में आऊँगा और हम सेक्स करेंगे।
वो बोली- ठीक है.. मगर सपना जाग गई तो?
मैंने कहा- चिंता मत करो मेरी बहन बहुत गहरी नींद सोती है.. वो नहीं जागेगी।
रात को हम सबने पिज़्ज़ा मँगवाया और खाकर मैं तुरंत ही सोने चला गया।
दोनों बहनें भी सोने चली गईं।
मैंने अपने कमरे में कंप्यूटर ऑन किया और ब्लू-फिल्म देखने लगा। ब्लू-फिल्म देखते-देखते मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे चोदने का जोश चढ़ गया।
मैंने घड़ी की तरफ देखा तो 1.00 बज चुके थे। मैंने सिर्फ़ अंडरवियर में धीरे से बेडरूम का दरवाज़ा खोला और धीरे से निकला। वहाँ काफ़ी अंधेरा था..
दोनों बहनें बिस्तर पर सो रही थीं।
मैं धीरे से आकांक्षा के पास गया और उसका गाउन ऊपर उठाया, फिर उसकी पैन्टी उतार दी.. और उसकी चूत चाटने लगा।
वाह.. क्या रस भरी चूत थी।
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उसने थोड़ी देर में ही पानी छोड़ दिया, उसका पहला मौका था, मैं उसकी चूत में जीभ डाल कर चाटने लगा, वो ‘आह.. आह.. आ..’ कर रही थी।
इतने में मैंने आवाज़ की तरफ ध्यान दिया.. तो मैं डर गया कि यह तो मेरी सग़ी बहन सपना है.. जिसकी मैं चूत चाट रहा हूँ लेकिन मुझे इतना सेक्स चढ़ चुका था कि मैंने उसकी चूत खूब चाटी और अपने लंड का पानी उसकी चूत के ऊपर गिरा दिया और तुरंत कमरे से भाग गया।
दूसरे दिन चाचा-चाची वापस आ गए और आकांक्षा को ले गए।
मम्मी और पापा किसी और शादी अटेंड करने के लिए रुक गए थे।
उस दिन मैं और मेरी सग़ी बहन अकेले ही घर में थे, मैं उससे नज़र नहीं मिला पा रहा था, बहुत शर्म आ रही थी। रात को खाना खा कर मैं जल्दी ही सोने चला गया लेकिन नींद नहीं आ रही थी। मैंने सही किया या ग़लत समझ नहीं आ रहा था..