गाँव की तीन कमसिन गोरियाँ
जवानी हर इंसान की काबिले अन्जाम होती है..
निगाहें नेक भी इस उम्र में बदनाम होती हैं..
नमस्कार दोस्तो, मैं अपनी पहली कहानी आपके लिए लिख रहा हूँ
मेरे घर में और पापा और मम्मी हैं, मैं अपने घर में अकेला हूँ.. न मेरा कोई भाई है और न कोई बहन है।
मैं जवान हो चुका हूँ और पढ़ता हूँ। उस दिन भी मैं नियमित रूप से कोचिंग गया था और जब घर आया तो देखा कि मामा जी घर आए थे.. मैंने मामा को प्रणाम किया।
फिर मामा ने मुझसे चलने को बोला.. तो मैंने पूछा- कहाँ चलना है?
तो मामा ने कहा- चलो तो सही..
मैं तुरन्त अपना सामान ले कर तैयार हो गया और मामा अपनी कार से मुझे अपने घर ले आए।
मैं 7 साल बाद मामा के घर आया था। सब कुछ बदल चुका था..
मेरे मामा के घर मामा-मामी और उनकी दो बेटियाँ हैं उनकी सिर्फ दो बेटियां आनवी और अनु हैं.. मामा के भी कोई बेटा नहीं है।
मामा एक गाँव में रहते हैं.. आज वे कहीं जाने वाले थे और मामी भी मायके चली गई थीं.. क्योंकि मामा के ससुर जी बीमार थे।
गाँव वालों से दुश्मनी के कारण मामा किसी को अपने घर नहीं बुलाते थे, अगर वे कहीं जाते हैं तो बस मेरी माँ को ही बुलाते हैं.. लेकिन इस बार मुझे बुलाया और वे चले गए।
मैं बाहर टहलने निकल गया था.. जब वापस आया तो शाम हो गई थी।
आनवी बोली- भैया मैं गेट बन्द कर देती हूँ.. आप अन्दर आ जाओ..
मैंने अपने जूते निकाले.. और हम दोनों अन्दर चले गए।
मैंने अन्दर आकर देखा कि उसकी एक सहेली भी आई थी.. तो मैंने आनवी से पूछा- ये कौन है?
उसने बताया- ये नेहा.. मेरी सहेली है.. ये आज मेरे पास सोएगी।
फिर हमने साथ-साथ खाना खाया, हम साथ-साथ ही सोने भी चले गए।
हम सब एक ही बिस्तर पर सोये हुए थे।
तभी आनवी ने मेरा मोबाईल माँगा.. मैंने मोबाइल उसे दे दिया और मैं सोने लगा उसने कोड पूछा और मैंने उसे बता दिया।
मेरे मोबाईल में ब्लू-फिल्म थी और मैं डर रहा था कि कहीं वो उसे देख ना ले।
दस मिनट बाद मैंने देखा कि वो ब्लू फिल्म देख रही थी और अपनी बहन और सहेली को भी दिखा रही थी।
मैं समझ गया कि आज वर्षों की तमन्ना पूरी होने वाली है।
मैं तुरन्त उठ गया और बोला- ये क्या देख रही हो?
नेहा बोली- जो देखना चाहिए..
मैं मुस्कुरा कर अपना लौड़ा सहलाने लगा.. वो तुरन्त आकर मेरे लन्ड को सहलाने लगी।
मैं भी उसे चूमने लगा..
तब तक आनवी और अनु एक-दूसरे को चूमने लगीं.. फिर हमने एक योजना बनाई।
मैंने पूछा- अनु फ्रिज में बियर है?
तो अनु बोली- हाँ, पापा ने दो बोतल रखी हैं।
मैंने लाने को कहा.. अब हम सबने दो बोतलें पीकर खाली कर दीं।
उन सब ने पहली बार पी थी.. तो वे तीनों बहकने लगीं।
पहले हम सब बाथरूम में गए और अपना-अपना हथियार साफ किया और कमरे में आने के बाद वे सब एक साथ मुझ पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ीं।
सब नशे में थे..