फिर दूसरी से कर लेना
मैं संजय, अन्तर्वासना के पाठक एवं पठिकाओं यानि लंड वालों और चूत वालियों को नमस्कार करता हूँ! मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ अक्सर पढ़ता हूँ! कुछ तो सच्ची लगती हैं, कुछ केवल मनोरंजन के लिए ही हैं!
अब मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना बताता हूँ! आशा है आप सब को बहुत पसंद आयेगी! कृपया पढ़ कर अपनी राय लिखें और मेरा उत्साह बढायें!
काफी पुरानी घटना है!
बात उस समय की है जब मेरी उम्र 18 साल की थी! मेरी बड़ी बहन की उम्र 20 साल की थी! मेरे ताऊ जी के लड़के एवं लड़की की उम्र 21 एवं 20 साल की थी! हम चारों एक ही कमरे में सोते थे!
एक बार रात में मेरी आँख खुल गई! मैं चुपचाप पड़ा थोड़ी सी आंखें खोल कर सब देख रहा था! मुझे ताज्जुब भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था!
अब मैं पूरी बात बताता हूँ! मेरे भैया एवं दोनों बहनें एक दम नंगे थे! दोनों बहनों ने भैया का लंड पकड़ रखा था. कभी लंड को ऊपर नीचे करती, कभी मुँह में ले लेती थी और मजा लेकर चूस रही थी!
और भईया उनके बोबे बारी बारी से दबा रहे थे! यह देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया! लेकिन मैं उस समय कुछ नहीं कर सकता था!
फिर देखा कि भैया एक की चूत चूमने लगे और दूसरी उनका लंड चूसने में लगी हुई थी! तीनों आपस में बहुत मजा ले रहे थे! फिर भैया अपना लंड एक बहन की चूत में घुसा कर चोदने लगे और बहन भी मजे से चुदवा रही थी!
दूसरी ने कहा- मुझे भी चोदो ना जल्दी से!
तो भैया कभी एक की कभी दूसरी की चूत में लंड डाल देते थे! इस प्रकार काफी देर तक चुदाई चलती रही, जब तक एक दम निढाल नहीं हो गए! फिर सब नंगे ही सोने लगे एक दूसरे से चिपक कर!
जब मुझसे नहीं रहा गया तो मैं भी अपने सब कपड़े उतार कर एक दम नंगा हो गया! मेरा लंड भी खड़ा हो गया था! मैं भी उनके बीच में चला गया! पहले तो भईया मुझे डांटने लगे तो मैंने कहा- मैं सब को बता दूंगा! तब जाकर शांत हो गए!
दोनों बहनें एक दम आश्चर्य चकित थी कि क्या करें!
जब मैंने कहा- मैं भी वही करना चाहता हूँ जो तुम लोग कर रहे थे!
तब तीनो कहा- ठीक है पर किसी को भी मत बताना!
मैंने कहा- ठीक है!
इस प्रकार हम लोग एक बार फिर चालू हो गए!
सबसे पहले मैंने कहा- मेरा लंड चूसो!
तो दोनों बहनों ने मिल कर मेरा लंड चूसना चालू कर दिया.