मामा के घर भाई से चूत चुदाई-1
हैलो दोस्तो, मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट की नियमित पाठिका हूँ, यह मेरी पहली कहानी है..
मेरा नाम रंजीता है। मेरे घर में मेरी माँ दादा.. दादी एक छोटी बहन और सबसे बड़ा भाई है।
मेरे पापा का देहांत 2 साल पहले हो गया था।
यह घटना 6 साल पहले की है।
मैं जून की छुट्टियों में अपने मामा के घर गई थी, मेरे साथ में मेरी छोटी बहन ऋतु भी थी।
हम वहाँ दोपहर बाद पहुँचे। वहाँ जाकर हम मामी, नाना और नानी से मिले।
मेरे मामा की 2 लड़कियाँ हैं ओर 2 लड़के..लड़कियाँ बड़ी हैं और लड़के छोटे हैं।
वहाँ कुछ वक्त बाद एक लड़का आया और वो मेरे मामा के परिवार के लोगों से बातें करने लगा।
मुझे बाद में पता चला कि वो मेरी मौसी का लड़का है.. उसका नाम नवीन था।
वो भी वहाँ छुट्टियों में आया हुआ था।
उस वक्त वो 12वीं में था ओर मैं भी उस की हमउम्र थी।
उसकी लम्बाई 5’7” थी और वो बहुत ही आकर्षक था। मेरी लम्बाई 5’3” थी और मेरा फिगर भी अच्छा है.. बिल्कुल करीना की तरह।
मैंने जीन्स ओर टॉप पहना हुआ था और बाल खुले रखे थे।
कुछ वक्त बाद सब बाहर चले गए। घर पर वो ओर मैं ही रह गए, तो उसने मुझसे बात करनी शुरू की।
उस वक्त तक हमारे दिल में एक-दूसरे के लिए कुछ ग़लत विचार नहीं थे।
हम बात करते रहे, फिर उसने मुझसे पूछा- डू यू लव मी.. इसकी हिन्दी बताओ?
तो मैंने कहा- क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?
उसने तुरंत कहा- यस।
मैं तब समझी कि मैंने ये क्या बोल दिया।
मैंने कहा- नहीं.. मैंने तो ऐसे ही बोल दिया..
लेकिन वो बोला- आपने ही खुद मुझसे पूछा है..
उस वक्त मेरी उम्र कमसिन ही थी और लेकिन जिस्म बहुत निखार आया था..
मेरे कूल्हे उभर गए थे और मेरे मम्मे भी उठे हुए थे..
मतलब ऐसा संभव ही नहीं था कि कोई मेरी तरफ देखे और मेरे आगे-पीछे के उठे हुए अंगों को न देखे।
मैं झाड़ू लगाने लगी, उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी गर्दन पर चूमने लगा ओर मेरे मम्मे मसकने लगा।
मुझे मज़ा आने लगा.. साथ ही मुझे नशा सा होने लगा।
मैंने कहा- प्लीज़ रहने दो..
लेकिन वो नहीं माना.. वो बहुत देर तक मेरे मम्मे दबाता रहा.. मसलता रहा।
अब मुझे दर्द होने लगा.. वो बड़ी बेरहमी से मम्मे दबा रहा था बिल्कुल ऐसे जैसे संतरा निचोड़ रहा हो।
फिर वो मुझको पलट कर मेरे गाल पर चुम्बन करने लगा और मेरे होंठ चूसने लगा..
जैसे ही उसने मेरे होंठ अपने होंठों में लिए.. मुझे करंट सा लगा।
मेरे टॉप के ऊपर से ही उसने मेरे मम्मे दबाना जारी रखा।
उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और हम एक-दूसरे को चूसने लगे।
मुझे अजीब लगा क्योंकि ये मेरा पहली बार था.. काफ़ी समय बाद उसने मुझको मुक्त किया और मैं काम में लग गई।
अगले दिन सब खेतों में चले गए.. घर पर सिर्फ वो और मैं ही थे और मेरे मामा का लड़का भी था जो 3 साल का था।
मैं चारपाई पर लेटी थी..