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एक सुन्दर सत्य -4

Story Hindi 2 pages 12 years ago

एक सुन्दर सत्य -4
ज़न्नत की चूत अब कामरस छोड़ने लगी थी और उस पर पानी चमक रहा था।
सुप्रीमो जैसा मर्द तो उस देख कर और उग्र हो गया, उसकी ज़ुबान अपने आप उस चिकनी चूत के अन्दरूनी लबों को चाटने लग गई।
अब तो ज़न्नत हवा में उड़ने लगी थी, उसका रोम रोम सुलगने लगा था।
सुप्रीमो ने चूत को चाट चाट के इतना मजबूर कर दिया कि वो बस बहने लगी, उसकी धारा सुप्रीमो पीने लगा जैसे समुद्र मंथन से अमृत निकल रहा हो।
ज़न्नत कमर को उठा उठा कर मज़े लेने लगी।
जब यह रस पूरा चाट कर सुप्रीमो ने साफ कर दिया तब कहीं जाकर ज़न्नत शिथिल हुई।
अब सुप्रीमो का 7″ का नाग फ़ुंफ़कार रहा था, उसको ऐसी रसीली चूत दिखाई दे रही थी तो उससे कहाँ बर्दाश्त होना था।
मगर सुप्रीमो अभी कुछ और भी चाह रहा था, उसने ज़न्न्त की चूत चोदने की उतावली नहीं दिखाई, वो खुद बेड पर बैठ गया और ज़न्नत को कहा- अब जरा मेरे इस शेर को तो अपने मखमली होंटों का रस पिला दो ज़न्न्त… अपने लबों का इसे स्पर्श करवा दो तो इसे चैन मिले…
सुप्रीमो के बस कहने की देर थी कि ज़न्नत ने सुप्रीमो के लण्ड पर अपने रसीले अधर रख दिये, उसे चूम लिया।
ज़न्नत खुद कोई मौका गंवाना नहीं चाह रही थी सुप्रीमो को खुश करने का…

वो सख्त लौड़े के सुपारे को अपनी जीभ से चाटने लगी…
सुप्रीमो तो जैसे हवा में उड़ने लगा।
ज़न्नत ने धीरे-धीरे लौड़े को चूसना सुरू कर दिया, अब वो पूरा लौड़ा अपने मुँह में लेकर चूस रही थी।
सुप्रीमो ने अपनी आँखें बन्द कर ली थी, वो बस मज़ा ले रहा था…
जब उसके बर्दाश्त से बाहर हो गया तो उसने अपनी पिचकारी ज़न्नत के मुंह में छोड़ दी- अहा… हाह… अहम्म… उम्माह…
सुप्रीमो ने ज़न्नत कए सिर के पीछे से उसे पकड़ लिया और तब तक लौड़ा बाहर नहीं निकालने दिया जब तक उसके वीर्य की एक एक बूंद ज़न्नत के हलक से नीचे नहीं उतर गई…
ज़न्नत को तो सांस लेना भी मुश्किल हो गया था… बड़ी मुश्किल से उसने खुद को सुप्रीमो के पंजे से छुड़ाया और झट से बाथरूम में भाग गई।
कुछ देर बाद ज़न्नत अपने नंगे बदन को नुमाया करती बल खाती बाथरूम से बाहर आई तो उसके नंगे गोरे बदन को देख सुप्रीमो के लौड़े ने देर नहीं लगाई, वो फ़िर से खड़ा हो गया।
सुप्रीमो- अब मेरी जान, बस इसे अपनी चिकनी चूत में ले ले… देख यह पूरा तैयार है तुझे मज़ा देने के लिए… आ जा, लेट जा, आज तुझे चोद कर मैं तेरे नाजुक बदन पर अपनी मुहर लगा दूँ।
जन्नत सीधी लेट गई सुप्रीमो ने उसकी टाँगें फेला दी, अब वो इतना उत्तेजित हो चुका था, उसकी साँसें तेज हो गई थी, वो अब और देर नहीं कर सकता था, वो उसके ऊपर आ गया और उसके पैरों को अपने पैरों से फैलाया और अपना खड़ा लंड उसकी चूत पर रख दिया।
ज़न्नत- आओ मेरे जानू, अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा…
सुप्रीमो ने लौड़े पर दबाव बनाया और सर्र से सरकता हुआ लौड़ा ज़न्नत की गीली चूत में जा समाया।

और धीरे धीरे लंड की गहराई का सफर कर रहा था।
अब झटकों का सिलसिला शुरू हो गया… ज़न्नत सुप्रीमो का पूरा साथ दे रही थी, वो अपने चूतड़ उचका कर हिला हिला कर चुदने लगी।
सुप्रीमो भी रेलगाड़ी की तरह ‘फक फक फक’ लौड़ा ज़न्नत की चूत में पेलने लगा।
ज़न्नत- आह… आई… और ज़ोर से चोदो मेरे जानू… आह… आपकी जान आह… पूरा मज़ा लेना चाहती है… आज की आह… इस चुदाई को यादगार बना दो…
जैसे जैसे समय बीतता गया, रोमांच बढ़ता गया, रफ़्तार बढ़ती गई, कमरे में साँसों का तूफान सा आ गया।
सुप्रीमो का लौड़ा भी पूरे उफान पर था, ज़न्नत की मक्खन जैसी चिकनी चूत की गर्मी उसे पिघलने पे मजबूर कर रही थी।
वो कब तक लड़ पाता ऐसी सुलगती चूत से…
उसमें भी उत्तेजना भर गई, वो फूलने लगा, ज्वालामुखी किसी भी पल फट सकता था…
सुप्रीमो ने स्पीड तेज कर दी, अपनी पूरी ताक़त से वो ज़न्नत को चोदने लगा।
आख़िरकार उसके लौड़े ने लावा उगल दिया, गर्म गर्म वीर्य की धार जब ज़न्नत की चूत की दीवारों पे लगी तो उसका बाँध भी टूट गया और फिर ज़न्नत की चूत गरम गरम वीर्य से भरी हुई थी।
दोनों का वीर्य अब एक-दूसरे में विलीन होने लगा।
यह एक नये युग की शुरुआत थी, अश्लीलता को आम आदमी तक लाने के लिए एक हिरोइन का त्याग था।
दोनों वैसे ही एक दूसरे से लिपटे हुए पड़े रहे काफ़ी देर तक… लंड धीरे धीरे छोटा होता जा रहा था, और जैसे जैसे वो छोटा होता जा रहा था, वो चूत से बाहर निकलता जा रहा था।
जन्नत- क्यों मेरे सरताज… आपको मज़ा आया या नहीं? देखो मैंने अपना सब कुछ आपको दे दिया… अब मेरी फिल्म आपके हाथ में है।
सुप्रीमो ज़न्नत के ऊपर लेटा लेटा बोला- ज़न्नत, तुमने मुझे ज़न्नत दिखाई तो तुम्हारी फिल्म रिलीज होगी लेकिन एक बात कहूँ, तुमने मुझे ऐसा क्या खास दे दिया जो कह रही हो कि अपना सबकुछ आपको दे दिया? पता नहीं कितने मर्दों की झूठी चूत मेरे सामने परोसी है तुमने…
सुप्रीमो की बात सुनकर जन्नत थोड़ी चौंक सी गई, उसको ज़रा भी उम्मीद नहीं थी कि सुप्रीमो ऐसा कहेगा।
कहानी जारी रहेगी…

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