ऐसा मौका बार बार नहीं मिलता
मेरा नाम राहुल जाट है, मैं जयपुर में रहता हूँ, मेरी हाइट पाँच फुट ग्यारह इंच है।
बात तब की है जब मेरे भाई की शादी थी। शादी हमारे गाँव में थी। शादी के सभी इंतज़ाम हमारे बड़े वाले घर में जहाँ दादाजी रहते थे किया गया था।
जाहिर है कि शादी जैसा मौका था तो पूरा परिवार आया हुआ था।
हमारे दो मकान कुछ दूरी पर थे जहाँ हम कम ही रहते थे।
शादी से 3 दिन पहले की बात है, मेरी चाची छोटे वाले घर में ही सोने वाली थी। मैं अपने पुराने दोस्त के घर से वापस लौट रहा था कि मैंने चाची के घर की लाइट्स जलती हुई देखी तो मैं वहाँ गया।
पता चला कि आज चाची अकेली वहीं सोने वाली है।
बस फिर क्या था, मेरे खुराफाती दिमाग़ में एक तरकीब आई और मैंने चाची से कहा- मैं घर जा रहा था पर अब रात हो गई तो अंधेरा बहुत है। तो क्या मैं यहीं पर सो सकता हूँ।
चाची ने मेरी उम्मीद के अनुसार ही हाँ कर दी।
बिस्तर लगे, चाची ने मेरे लिए एक अलग खाट लगाई और खुद अपनी खाट पर सो गई।
रात के करीब 1:30 बजे मैं उठा और स्थिति का जायजा लिया। चाची गहरी नींद में सो रही थी। चाची बाँयी ओर करवट ले कर सोई थी और एक टाँग को घुटने से मोड़ रखा था।
मैं चाची के पास गया और चाची का लहंगा खिसका कर जाँघों तक कर दिया और दो मिनट रुका, फिर मैंने लहँगे को पीछे से ऊपर किया तो चाची के मोटे चूतड़ नज़र आई और साथ ही उनकी टाँग के मुड़े होने से चूत की दरार भी दिखने लगी।
मैंने हिम्मत जुटा कर चाची के कूल्हे पर हाथ फेरा।
फिर मैंने सोचा कि कहीं जाग गई तो प्लान फ़ेल हो जाएगा तो मैं चाची की बगल में लेट गया। मैंने अपना पायज़ामा नीचे सरकाया और लंड बाहर निकाला जो उत्तेजना में फटने पर आया था।
इस तरह मुझे परेशानी हो रही थी तो मैंने उठ कर पायज़ामा उतार कर मेरी खाट पर पटक दिया। अब मैंने अंडरवीयर के होल से लंड बाहर निकाला और फिर से चाची की बगल में लेट गया और लंड को चाची की चूत की दरार से छूआने लगा।
फिर मैंने अपनी कमर को उठाया, चाची की चूत को फैला कर अपने लंड का सुपारा उसमें फंसाया ही था कि चाची की नींद टूट गई और वो हल्की सी कसमसाई।
मैंने फुरती से अपनी एक टाँग को चाची की टाँग पर रखा, हाथ को चाची के बोबे पर ले जा कर कमर को झटका मार दिया, मेरा लंड इस हल्के से झटके से आधा अंदर घुस गया।
चाची हड़बड़ाती हुई बोली- राहुल क्या कर रहा है?
मैंने बिना कुछ बोले एक और झटका दिया और पूरा लंड चाची की चूत में उतार दिया।
चाची उठने को हुई तो मैंने उन्हें कस कर पकड़ लिया।
चाची बोली- राहुल, यह क्या कर रहा है, छोड़ मुझे, वरना तेरी मम्मी को बता दूँगी ये सब।
मैंने कहा- चाची, प्लीज़ एक कर कर लेने दो प्लीज़! और फिर आपको भी तो नया लंड लेने की चाहत होगी ना?
चाची चिल्लाई- नहीं होती मुझे कोई चाहत… अब तू छोड़ मुझे और अपनी खाट पर जा।