चुदाई मामी की चिकनी चूत की
दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और आज मैं पहली बार आप लोगों के लिए कुछ अपनी हकीकत लेकर हाजिर हुआ हूँ।
मेरा नाम कुणाल शर्मा है और दिखने में काफी सुन्दर और आकर्षक हूँ, मैंने एम.कॉम. तक पढ़ाई की है, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर का रहने वाला हूँ।
मैं आपको अपनी मामी के साथ घटी सेक्स की घटना सुनाने जा रहा हूँ।
मेरी मामी देखने में काफी कामुक हैं और उनकी देहयष्टि 34-32-36 की है, उन्हें देख कर कोई भी मुठ मारने को मजबूर हो जाए।
मैं उनकी शादी के बाद से ही उनकी चुदाई के बारे सोचने लगा था कि कैसे इनकी चुदाई की जाए और हमेशा इसी ताक में रहता था। वो बरेली में रहती थीं और मैं हमेशा उनके यहाँ जाता रहता था।
एक दिन जब मैं बरेली पहुँचा तो पता चला कि मामा जी दो दिन के लिए कहीं बाहर गए हैं और मामी अकेली हैं।
जब मैं पहुँचा तो वो काफी खुश हो गईं और बोलीं- अच्छा हुआ तुम आ गए.. नहीं तो मैं अकेली ही रहती और बोर होती रहती..!
फिर उन्होंने मुझे चाय पिलाई और फिर खाना बनाने चली गईं और मुझसे बोलीं- जब तक तुम टीवी देखो..!
मैं बहुत खुश था कि आज तो इनको मैं चोद कर ही रहूँगा.. और फिर हम लोगों ने खाना साथ में ही खाया फिर थोड़ी देर बातें करने के बाद सोने की तैयारी होने लगी।
मामी बोलीं- तुम भी यहीं सो जाना.. तुम्हारे मामा जी तो हैं ही नहीं और वैसे भी डबल बेड पर दो जने बड़े आराम से सो जाते हैं।
मैं भी तैयार हो गया और बहुत खुश भी था कि आज तो चुदाई का मौका मिल ही जाएगा।
फिर लाइट बंद करके हम सोते-सोते भी बातें करने लगे और बातें करती-करती ही मामी साड़ी पहने ही सो गईं और मुझे इसी वक्त का इन्तजार था और मैंने अपना काम शुरू करने की सोची और मैं उनके और करीब खिसक कर आ गया और उनकी साड़ी को ऊपर करने लगा और उनकी जाँघों को सहलाने लगा।
अब धीरे-धीरे मेरे हाथ उनकी चूत तक पहुँच चुके थे और लेकिन उनकी झाँटों की जगह पर बिल्कुल भी बाल नहीं थे क्योंकि शायद वो हेयर रिमूवर क्रीम इस्तेमाल करती थीं और फिर मैं उनकी चूत को सहलाने लगा।
तभी मुझे लगा कि शायद वो जाग गईं और मैंने वहीं के वहीं अपना हाथ रोक दिया, पर उनकी प्रतिक्रिया विरोध की न होकर के मेरी तरफ करवट करके लेटने की थी।
अब मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी और अब मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली को आगे-पीछे करना शुरू किया।
शायद सोते समय वो पैन्टी नहीं पहनती हैं और मुझे इसका फायदा मिला, सीधे उनकी चूत में मेरी उंगली पहुँच गई थी और अब वो भी झूट-मूट की नींद में ही मजे ले रही थीं और अचानक ही उन्होंने मेरा लण्ड अपने हाथ में थाम लिया था और आगे-पीछे करने लगीं।
अब मुझे भी कोई डर नहीं था और मैंने उनकी साड़ी को निकाल कर अलग कर दिया और उनके ब्लाउज को भी उतार दिया।