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नफरत से प्यार तक का सफर

Story Hindi 3 pages 11 years ago

नफरत से प्यार तक का सफर
हॉट सेक्स विद मामी की कहानी में मैं नाना के घर रह कर पढ़ रहा था. मेरे मामा मामी की लड़ाई रहती थी. एक रात मामा ने मामी को कमरे से निकाल दिया. वे मेरे पास आ गयी.
नमस्कार दोस्तो, कैसे है आप लोग!
मेरा नाम राज है।
मेरी उम्र 25 साल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।
मेरा कद 5 फुट 3 इंच है।
मैं अक्सर सेक्स स्टोरी पढ़ता रहता हूँ और मेरी ज्यादातर रुचि शादीशुदा औरतों में ही रहती है।
इसलिए आज मैं अभी हाल ही में हुई एक लाजवाब सेक्स कहानी सुनाता हूँ।
हॉट सेक्स विद मामी की कहानी में आप सब का स्वागत है।
यह मेरी पहली सेक्स कहानी है जो मैं आप सबसे शेयर करने जा रहा हूँ।
जैसा कि मैंने आपको अपनी रुचि बताई कि मुझे शादीशुदा लड़कियां ज्यादा पसन्द आती हैं इसलिए यह मेरी सगी मामी की चुदाई की कहानी है।
मेरे मामा कभी भी अपनी पत्नी यानि मामी को खुश नहीं रखते।
मामी की उम्र करीब 35 साल की होगी।
वे गोरे रंग की हैं और न ज्यादा पतली, न ज्यादा मोटी, एकदम उत्तम आकार की जवान औरत हैं।
उनके 2 बेटे और एक बेटी हैं।
तीनों बच्चे पढ़ने जाते हैं।
बात उस समय की है जब मैं दसवीं कक्षा में फेल हो गया था।
तब मेरे घर वालों ने मुझे मेरी नानी घर रहने के लिए भेज दिया।
मैं वहीं रह कर काम और पढ़ाई भी करने लगा।

मैं नानीघर में सभी से बहुत ही घुल–मिल कर रहने लगा।
मैंने मामी को कभी गलत नजरिए से नहीं देखा।
उनसे मुझे कोई लगाव नहीं था.
चूंकि मेरे मामा और मामी की बहुत लड़ाई होती थी तो मैं अंदर से अपनी मामी को ही बुरी समझता था और उनसे नफ़रत करता था.
एक दिन फिर मेरे मामा और उनमें लड़ाई हो गई तो मेरे मामा ने उनको अपने कमरे से बाहर कर दिया।
उस समय ठंड का मौसम था।
मैं अकेले अपने कमरे सो रहा था।
तभी मामी मेरी रजाई में आकर लेट गई।
रात में मैं उनकी तरफ पीठ कर के लेट गया और सो गया।
रात में मैंने उनकी तरफ मुंह किया और उनके ऊपर हाथ और उनके पैरों में पैर डाल के सो रहा था।
अचानक पता नहीं क्या हुआ पर मेरी आँख खुली।
मेरे मन में कुछ–कुछ होने लगा और मुझे नींद नहीं आ रही थी।
तभी मुझे महसूस हुआ कि उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने दूध पर रख दिया।
मैंने पहली बार किसी औरत के शरीर को स्पर्श किया।
मुझे बहुत मजा आया।
लेकिन मैं आगे कुछ कर नहीं पाया बल्कि उनके दूध पर वैसे ही हाथ रख कर सो गया।
जब मैं सुबह उठा तो देखा कि वे उठ के जा चुकी थी।
वे मुझे चाय लाकर दी और बोलीं– क्या हुआ, रात भर सो नहीं पाए क्या? चाय पियो और मुंह–हाथ धो लो।
फिर कुछ दिन ऐसे ही निकल गए।
बस उनकी याद में मुठ मारता और सो जाता।
एक दिन ऐसा आ ही गया जिस दिन का मैं इंतजार कर रहा था।
कब से मैं बेताब था कि उनकी चूत में अपना लंड डाल कर उनको खूब चोदूं।
मैं जब रात में एक दिन सो रहा था तब वे मेरे पलंग पर बराबर में आकर सो गई।

उस टाइम थोड़ा ठंडा मौसम था।
रात में जब मुझे थोड़ी ठंड लगी तो मेरी आँख खुली तो देखा कि मामी मेरे पास लेटी हुई थी और उनका सीना मुझे दिख रहा था।
मेरे दिमाग में वासना घर कर गई।
मैं उनके पास थोड़ा चिपक गया।
उसी समय वे भी मेरे से चिपक कर सो गई।
मैंने अपना हाथ उनके दूध पर रख दिया और सोने का नाटक किया।
कुछ समय बाद मुझे महसूस हुआ कि उनका हाथ मेरे हाथ पर था और वे अपने दूध को मेरे हाथ से दबा रही थी।
मैंने तुरंत अपना हाथ हटा लिया।
वे मेरे पास आई और मेरे कान में आकर बोलीं– क्या हुआ, डर क्यों गए?
फिर अपने पास से मुझे 1 कॉण्डम देकर बोलीं– लो, अपने लंड पर लगा लो और आ जाओ!
फिर मुझे क्या मेरे सामने हरी झंडी थी।
मैंने देर न करते हुए लंड पर कॉण्डम लगा लिया और उनकी दूध से खेलने लगा।
तो मामी बोलीं– सिर्फ़ दूध से खेलोगे या कुछ और भी करोगे?
फिर मैंने उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया।
मामी की चूत बहुत ही ढीली थी, मेरा लंड उनकी चूत में आसानी से चला गया।
फिर मैं चूत में धक्के लगाने लगा।
यह मेरा पहली बार था … मुझे हॉट सेक्स विद मामी में बहुत ही मजा आ रहा था।
लेकिन उनकी चूत बहुत गर्म थी जिसके कारण मेरा लावा ज्यादा देर टिक नहीं पाया।
15 या 20 धक्के में ही बाहर आ गया।
तब मामी बोलीं– क्या हुआ, बहुत जल्दी थक गए?
परंतु मैं कुछ नहीं बोला और चुपचाप सो गया।
जब मेरी सुबह आँख खुली तो देखा कि वे नहा कर, नीली साड़ी पहन कर बैठी हुई थी।
मैंने उनको देखा तो देखता ही रह गया।
उस समय घर पर कोई नहीं था।
वे और मैं दोनों अकेले थे।
फिर वे मेरे पास आई और बोलीं– क्या कभी देखा नहीं है?
तो मैंने भी बोल दिया– देखा तो बहुत बार है पर इतनी सुन्दर कभी दिखी नहीं, जितना आज आप दिख रही हैं!
वे तुरंत बोलीं– मैं तो तेरे लिए ही तैयार हुई हूँ!
मैंने भी देर ना करते हुए कहा– तो हो जाए एक बार?
वे भी बोलीं– हो जाए पर तेरे कमरे में नहीं, मेरे कमरे में चलो! वहां कोई नहीं आएगा।
मैं बोला– आप चलो, मैं आता हूँ!
जब मैं उनके कमरे में गया तब तक वे मैक्सी पहन कर बैठी हुई थी।
मैं कमरे के अंदर गया तो पूछा– साड़ी क्यों उतार दी?
वे बोलीं– अगर कोई आ जाएगा तो मैं तुरंत ही मैक्सी नीचे कर दूंगी।
फ़िर मैंने देर ना करते हुए उनके ऊपर टूट पड़ा।
मैं उनके होंठों को चूमना शुरू कर दिया।
चूमते–चूमते मैं उनके दूध के निप्पल को अपने मुंह में ले के चूसने और काटने लगा।
मैं धीरे–धीरे उनके शरीर को चूमते हुए नीचे उनकी चूत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा।
उनकी चूत का पानी थोड़ा नमकीन था।
मैंने उनकी चूत तब तक चाटी जब तक वे झड़ नहीं गई।
जब मामी की चूत से पानी आने लगा मैं सारा पानी पी गया और चूत को चाट कर साफ कर दिया।
वे उठी और मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।

मेरा भी कुछ देर में पानी निकल गया और फिर से मेरे लंड को चूस–चूस कर साफ किया और लंड को खड़ा कर दिया।
फिर वे बोलीं– यार राज, अब रहा नहीं जाता! मेरी चूत में अपना लंड डाल दे, रात में तो कुछ कर नहीं पाया लेकिन अभी मुझे अपना बना ले!
मैंने भी देर ना करते हुए उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उन्हें चोदने लगा।
इस बार मैं एक बार पहले ही झड़ चुका था इसलिए मैं मामी को कुछ देर तक बहुत ही दबा कर चोदा।
करीब 15 मिनट तक लगातार धक्के मारता रहा, इस बीच मामी 2 बार झड़ गई।
जब मेरा होने को था तो मैंने उनसे पूछा– कहां पानी निकालूं?
वे बोलीं– अंदर ही निकाल दे! मैं गोली खा लूंगी।
मैं 4–5 धक्कों में झड़ गया और मैं मामी के ऊपर ही सो गया।
कुछ देर बाद मैं उठा और नहा कर तैयार हो गया।
तभी उन्होंने आवाज लगाई– राज खाना खा लो!
मैं जब खाना खाने गया तब वे बोलीं– आज खुश कर दिया तूने! तेरा जब भी मन हो बोल देना! मैं अब तेरी मामी नहीं, तेरी बीवी हूँ!
मैंने भी हाँ में हाँ मिलाई और मैं मामी को अपने हाथों से खाना खिलाने लगा और वे मुझे!
तब से आज तक मैं उनकी चूत चोदता आ रहा हूँ और वे खुश हैं।
लेकिन पिछले 1 साल से हम दोनों एक दूसरे को न तो देख पाए हैं और न ही मिल पाए हैं क्योंकि अब मामी और मामा बैंगलोर में रहते हैं और मैं गांव में!
बस कॉल पर बात हो जाती है।
मेरी सेक्स कहानी अच्छी लगी होगी.
मुझे प्रोत्साहित करें और कुछ कमी रही तो सुझाव दें!
आप मुझे हॉट सेक्स विद मामी की कहानी पर अपने सुझाव और शुभकामनाएं मेरी ईमेल पर भेज सकते हैं।
धन्यवाद![email protected]

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