दोस्त की माँ की मस्त चुदाई
बात तब की है जब मैं पढ़ता था. हमारे ही अपार्टमेन्ट में हमारे फ्लैट के ऊपर मेरा दोस्त रहता था जिसका नाम रोहित था. हम साथ साथ एक ही क्लास में पढ़ते थे और एग्जाम टाइम में उसके घर ही पूरी रात रहता था.
उसकी माँ का नाम भावना है जो दिखने में एकदम सेक्सी थी उनके बूब्स की तो क्या बात.. खरबूजे जैसे बड़े थे. वो रात को हमेशा नाईटी में रहती थी और वो ब्रा पहनती नहीं तो उनके बूब्स साफ़ दिखाई देते थे.
एक बार की बात है जब मैं और रोहित उसके घर पर स्टडी कर रहे थे तब वो पौंछा लगाने आई, वो झुक कर पौंछा लगाने लगी, उनके पूरे बूब्स नंगे दिख रहे थे, मेरा तो लंड पूरा खड़ा हो गया.
मैं छुप कर देख रहा था, तभी भावना ने मुझे और मेरे खड़े लंड को देख लिया और तुरंत वहां से चली गयी.
अगले दिन जब मैं उसके घर गया तो वो घर पर अकेली थी और सो रही थी.
मैंने देखा रोहित घर पर नहीं था, मैंने उसे फ़ोन किया तो उसने कहा कि वो और उसके पापा आउट ऑफ़ स्टेशन हैं और रात को घर आयेंगे.
मेरी तो लॉटरी निकल गयी मानो… मैं भावना के पास गया और देखा तो वो गहरी नींद सो रही थी, मैंने हिम्मत करके उनके बूब्स को टच किया, उन्होंने कुछ किया नहीं.
तो मैंने उनके लिप्स पर मेरे लिप्स लगा दिए, तब भी वो सो रही थी और मैं किस करने लगा.
अचानक उनके हाथ मेरे सर पर आ गए और वो भी मुझे किस करने लगी, मैंने देखा कि वो पूरी तरह जग चुकी थी.
मैं डर गया और मैं हट गया.
उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि मैं जरूर आऊंगा.
भावना ने मुझे बताया कि वो कबसे तड़प रही थी चुदवाने के लिए, उनके पति ने उन्हें एक साल से छुआ भी नहीं है. वो रोने लगी.
मैंने उनको कहा- आंटी, आज आपकी प्यास में बुझाऊंगा.
और उनको किस करने लगा, बूब्स दबाने लगा. मैंने उनकी साड़ी निकाल दी और उनका ब्लाउज भी निकाल दिया, अब वो सिर्फ ब्रा में थी, उनका पेटीकोट भी मैंने निकाल दिया.
अब वो ब्रा और पेंटी में थी, उनके सिर्फ आधे बूब्स ही ब्रा में समा रहे थे. मैं तो पागल हो गया और बूब्स को चूसने लगा.
वो अहह.. अह्ह्ह्ह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… चुसो…. अह्ह्ह्ह… जैसी आवाज निकल रही थी.
बाद में मैंने आंटी को पूरी नंगी कर दिया और मैं भी पूरा नंगा हो गया, वो मेरा लंड देख कर पागल हो गयी और चूसने लगी और हम 69 पोजीशन में आ गए.
मैंने उनकी चूत को देखा बिल्कुल क्लीन शेव, एक भी बाल नहीं था, मैं चूत को चूसने लगा, आंटी को बहुत मजा आ रहा था, वो मेरा लंड भी अच्छी तरह चूस रही थी. 5 मिनट के बाद आंटी झड़ गयी और पूरा पानी मेरे मुख पर छोड़ दिया, मैं सारा पानी चाट गया.
आंटी ने कहा- अब रहा नहीं जाता, मेरी चूत को चोद डालो!
मैंने आंटी को कहा- मेरा पहली बार है.
तो वो और भी ज्यादा खुश हो गयी.
वो बेड पर लेट गयी और मैंने उनकी चूत उंगली में डाल दी, बहुत ही टाइट चूत थी, उंगली भी मुश्किल से जा रही थी.