सोनिया ने मज़े दिए
प्रेषक – टॉम ब्वॉय
दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में प्रथम वर्ष में था। मेरी ही कक्षा में एक लड़की थी जिसका नाम था सोनिया। सोनिया ५.४” की थी, गोरा रंग, सुराहीदार गर्दन और कुल मिलाकर वह हुस्न की मलिका थी।
मुझे अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ने में बहुत अच्छा लगता है। हाँ पर मेरा सेक्स करने के तरीके अलग ही होते हैं। मैं सेक्स के दौरान बहुत सारी चीज़ों का प्रयोग करता हूँ। जैसे मधु, चैरी, अंगूर, रेशमी कपड़े, फ्रूट बीयर इत्यादि।
कॉलेज का वार्षिक महोत्सव था। सोनिया और मैं एक नाटक में भाग ले रहे थे। कुछ दिनों से सोनिया के घर में कुछ समस्या चल रही थी इसलिए उसकी रिहर्सल हो नहीं पा रही थी।
मैंने सोनिया से कहा- आज हमारे घर पर कोई नहीं है, चलो वहीं पर रिहर्सल कर लेते हैं। मेरे माता-पिता शादी में दो दिनों के लिए जयपुर गए हैं।
सोनिया ने पहले तो मना किया, फिर अचानक बोली,”ठीक है।”
उस दिन उसने नीली जीन्स और सफेद टॉप पहन रखी ही।
हम दोनों शाम के ४ बजे घर आ गए और रिहर्सल करने लगे। थोड़ी देर बाद मैंने सोनिया से पूछा,”कुछ पीओगी?”
उसने पूछा, “क्या है?”
“चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक या फ्रूट बीयर!”
मैंने कहा, ” तुमने फ्रूट बीयर तो कभी पी नहीं होगी, आज आज़मा कर देख लो।” उसने मना किया पर मैंने जोर देकर कहा तो मान गई और उसने एक गिलास बीयर पी ली।
मेरे मन में कुछ और ही चल रहा था।
मैंने सोनिया से कहा, “अब काफी देर हो गई है, थोड़ा सा आराम कर लो, चलो थोड़ी देर टीवी देखते हैं।”
“नहीं मुझे घर भी जल्दी जाना है।”
“मैं छोड़ दूँगा ना घर तक !”
वह मान गई और हम टीवी देखने लग गए।
मैं सोफे पर जाकर उसके पास बैठ गया और अचानक उसका हाथ पकड़ लिया, और मलने लगा। वह एकदम से सकपका गई और कहा, “रमेश यह क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “सोनिया, तुम बहुत सुन्दर हो, और उसे गले लगा लिया।”
मेरे हाथ उसकी टॉप के भीतर जा चुके थे, और साथ ही उसे मैं किस कर रहा था। पहले वह झिझकी, पर फिर उसे भी अच्छा लगने लगा।
अब मुझ स्वयं पर नियंत्रण नहीं हो रहा था। मैंने पहले उसकी टॉप उतार दी। उसने सफेद रंग की ब्रा पहन रखी थी।
मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वह कहती जा रही थी, टॉम यह क्या कर रहे हो? पर अब मैं कैसे रुक सकता था। मैंने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और उसकी ब्रा उतार दी। अब वह एकदम परी लग रही थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और दराज में से शहद की शीशी लाया और उसकी चिकनी चूचियों पर लगा दिया। फिर मैं धीरे-धीरे शहद चूसने लगा, उसकी घुंडियाँ कड़ी हो रहीं थीं। और वह कह रही थी, “टॉम बहुत मज़ा आ रहा है!” फिर मैंने शहद उसके होंठों पर लगाया और चूसने लगा, इस बीच उसका एक हाथ उसकी जीन्स के अन्दर जा चुका था।
अब मैं फ़्रिज से आईसक्रीम लाया और उसकी घुण्डियों पर लगा धीरे-धीरे चूसने लगा।