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सेक्स के अनोखे रंग- 6

Story Hindi 6 pages 14 years ago

सेक्स के अनोखे रंग- 6
फ्री Xx सेक्स स्टोरी में पत्नी अपने पति को मेड के पास बच्चा पैदा करने के लिए छोड़ कर अपनी बहन जीजू के पास चली गयी. वहां उसने जीजू के लंड का मजा लिया.
कहानी के पांचवें भागहाउस मेड के साथ सुहागरात जैसा मजा
में आपने पढ़ा कि एक पत्नी रिया सुन्दर कामवाली महिला मीनू से अपने लिए बच्चा पैदा करने के लिए अपने पति अंकुर को उसके साथ छोड़ कर विदेश चली गयी.
दोनों ने मिल कर खूब चुदाई की, मजा भी लिया और गर्भधारण की कोशिश भी.
अंकुर ने उसकी चूत में उंगली करते हुए अपना लंड धीरे से पेला.
मीनू कसमसा गयी.
अंकुर ने हल्के धक्के भी दिए.
पर तभी मीनू बोली- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा, बेड पर चलिए.
दोनों तौलिये से अपने बदन को पौंछ बेड पर आ गए.
अब आगे फ्री Xx सेक्स स्टोरी:
पहले अंकुर लेटा, उसका लंड तनतना रहा था.
मीनू धीरे से घुटनों के बल बेड पर चढ़ी और लाल नेलपेंट से सजे अपनी उंगलियों में अंकुर के लंड को नाचते हुए उसे मुंह में ले लिया.
शुरुआत में उसकी स्पीड धीमी रही … पर जल्दी ही उसने अंकुर को मजबूर कर दिया कि वह कैसे भी अपना लंड उसकी गिरफ्त से छुड़ाये.

अब मीनू आगे सरकी और उसने अंकुर के ऊपर बैठना चाहा.
अंकुर ने कहा- नहीं, इस हफ्ते सिर्फ मैं ही ऊपर आऊंगा. तुम मेरे वीर्य का एक एक कतरा अंदर लोगी. बाकी भगवान् की मर्जी!
अंकुर ने मीनू की टांगें चौड़ायीं और जीभ घुसा दी उसकी मखमली चूत में!
आज दिन में शायद मीनू ब्यूटी पार्लर गयी थी.
उसके जिस्म पर बाल का एक कतरा नहीं था और पूरा जिस्म चमक दमक रहा था.
मीनू ने अपनी उंगलियों से अपनी फांकों को और चौड़ा दिया.
उसकी आँखें मुंदी हुई थीं.
उसने पैरों को यथासंभव चौड़ा रखा था.
अंकुर ने पहले एक फिर दो उंगली डाल कर उसकी चूत को खूब मसला.
अब मीनू भी कामातुर होकर मचलने लगी थी.
वह बोली अंकुर से- या तो आप अंदर आ जाइये या फिर मैं ऊपर आ रही हूँ.
अंकुर ने मुस्कुराते हुए उसे होंठों पर चूमा और मम्मे चूमता हुआ उसने अपना लंड पर थूक लगाकर गुफा के मुहाने पर रखा.
मीनू ने धीरे से कहा- शुरुआत आराम से कीजियेगा.
आज अंकुर की भी मर्दानगी का इंतहान था, उसने पूरे दम ख़म के साथ चुदाई शुरू की.
शुरूआती पलों के बाद मीनू भी उछल उछल कर अंकुर का पूरा साथ दे रही थी.
कहावत है जिस जमीन पर कुछ समय से खेती नहीं हुई हो, उसकी पैदावार बढ़िया आती है.
मीनू जब अपने पति से चुदती थी तो उनकी सेक्स लाइफ बहुत गरमागर्म थी.
अब इतने अंतराल के बाद उसे ये दैहिक सुख अंकुर से मिला और अब दो तीन बार की चुदाई के बाद आज की रात आई थी तो मीनू बिल्कुल उन्मुक्त होकर फ्री Xx सेक्स चुदाई का मजा ले रही थी और अंकुर को दे रही थी.
अब काफी धकापेल के बाद अंकुर का होने को हुआ.
हालाँकि मीनू की प्यास अभी बुझी नहीं थी.
पर चूँकि अंकुर ने नीचे से हटने को मना किया था तो मीनू ने अंकुर को कस के जकड़ लिया.

अंकुर ने एक झटके में सारा माल मीनू की चूत में डाल दिया और उसी के ऊपर लुढ़क गया.
तब अंकुर साइड में होकर लेटना चाह रहा था पर मीनू ने उसे कस के चिपटा लिया अपने से!
सुबह मीनू को आदत थी जल्दी उठने की.
उसकी आँख 5 बजे करीब खुली तो देखा उसे अंकुर ने अपने आगोश में जकड़ा हुआ है.
मीनू ने अंकुर को होंठों पर चूमा तो अंकुर की आँख खुली.
दोनों बिना कपड़ों के एक दूसरे के आगोश में थे.
मीनू उठकर अपने रूम में जाना चाहती थी.
पर अंकुर ने नहीं जाने दिया.
मीनू बोली- अच्छा फ्रेश तो होने दीजिये.
तब मीनू उठी फ्रेश होकर आई.
तब अंकुर भी फ्रेश होने गया यह कहकर कि अभी कपड़े मत पहनना और जाना नहीं … ऐसे ही लेटी रहना.
मीनू समझ गयी कि उसका मन सेक्स का है.
उसका क्या … वह खुद चुदासी हो रही थी.
अंकुर ने आते ही चूमा चाटी शुरू कर दी और फिर इसका समापन एक फटाफट सेक्स सेशन से हुआ.
पर हाँ … सुबह के इस सेक्स सेशन में चूँकि शरीर में ताजगी थी तो मजा भरपूर रहा.
इस बार मीनू ने अंकुर की कुछ नहीं सुनी और उसके ऊपर चढ़ कर खूब घुड़सवारी की.
पर इसका खामियाजा उसको ये भुगतना पड़ा कि अंकुर ने बड़ी बेरहमी से उसके मम्मे मसले जिससे वह लाल हो गए.
दोनों ऐसे ही पड़े रहे.
8 बजे करीब मीनू जबरदस्ती उठकर कपड़े पहनकर अपने रूम में जाने लगी.
पर जाते-जाते उसने रूम को थोड़ा सेट करने की सोची.
वह बहुत आगे की सोच रही थी.
उसके रूम में होते ही रिया की विडियो काल अंकुर के फोन पर आ गयी.
अंकुर तो बिना कपड़ों के था.
उसने मीनू की और देखा तो मीनू ने उसे वाशरूम में जाने को कहा.
उसके जाने के बाद मीनू ने कॉल अटेंड कर ली और चहक कर सबकी राजी ख़ुशी पूछी और बताया- सर बाथरूम में हैं. मैं किचन में उनके लिए कॉफ़ी बना रही थी. काफी देर से घण्टी बज रही थी तो आकर फोन उठाया.
रिया ने मीनू से घर गृहस्थी की चार छह बात करीं.
तब तक अंकुर भी कपड़े पहन कर आ गया.
मीनू ने फोन उसे थमाया और बाहर निकल ली और कॉफ़ी बनाकर लाई.
अंकुर को कॉफ़ी थमाकर मीनू अपने रूम में जाना चाह रही थी कि नहाकर आती हूँ.
पर अंकुर बोला- आज फिर से हेड मसाज दे दो.
मीनू ने समय देखा तो काम वाली बाई का समय हो रहा था.
फिर भी अभी एक सवा घण्टा तो था ही.
उसने अंकुर को एक सोफे पर बिठाया और एक तौलिया उसके कंधे और बदन पर फैला दिया.
फिर उसने अंकुर के सर पर तेल डाल कर देसी चम्पी स्टाइल में हेड मसाज करनी शुरू की.
धीरे धीरे उसने कनपटियों और गर्दन पर अपनी उंगलियों का जादू बिखेरा.
अंकुर का दिल मचलने लगा, बोला- मेरी पीठ पर भी कर दो.
मीनू ने काम वाली बाई का बहाना बना कर टालना चाहा तो अंकुर ने जिद की.
फिर उसी ने यह सुझाव दिया कि अगर वह आ भी गयी तो मीनू उसी समय अपने रूम में चली जाए, गेट अंकुर खोल देगा.

उसकी प्लानिंग सुनकर मीनू मुस्कुरा दी और अंकुर को छेड़ते हुए उसकी नाक मरोड़ दी- बड़े खुराफाती हैं आप!
अब मीनू ने नीचे कालीन पर एक पुरानी बेड शीट बिछाई और तकिया लगाकर अंकुर को उलटा लेटने को कहा.
अंकुर केवल बरमुडा पहने पेट के बल लेट गया.
मीनू ने तेल मालिश शुरू की.
पहले उसने अंकुर की पीठ पर ढेर सारा तेल डालकर बड़े प्रोफेशनल तरीके से उसकी गर्दन से लेकर नीचे रीढ़ की हड्डी से होते नीचे तक हाथ को फिसलाना शुरू किया.
उसने अंकुर के दोनों हाथों और पैरों को भी मसाज दी.
चूँकि वह सलवार सूट पहने थी तो उसको असुविधा हो रही थी मसाज देने में … और कपड़ों पर भी तेल लग रहा था.
पर वह करती भी क्या!
अब उसने अंकुर को सीधे लेटने को कहा और सर की और बैठ कर हाथ लम्बे करके उसकी गर्दन और छाती की मालिश करने लगी.
अब उसके नाख़ून उसके निप्पलों से भी टकराते.
और जब वह आगे झुकती तो उसका चेहरा भी नीचे हो जाता.
ऐसे में एक बार अंकुर ने हाथ उठा कर उसका सर पकड़ा और चूम लिया उसे होंठों पर!
अब तो वह बार बार उसे चूमने लगा.
मीनू बोली- अब हो गयी मसाज! मैं जाती हूँ, आप भी नहा लीजिये.
अंकुर बोला- मुझे तो बॉडी टू बॉडी मसाज चाहिए.
मीनू ने जीभ निकाल दी- मैं नहीं जानती बॉडी टू बॉडी मसाज!
वह जाने को उठी तो अंकुर ने उसे खींच लिया और जबरदस्ती उसके सारे कपड़े उतार दिये और अपने बरमुडा भी नीचे खींच दिया.
अब दोनों निपट नंगे थे.
मीनू झुंझलाई- ये कोई समय है इस सबका?
अंकुर बोला- डार्लिंग यही तो समय है इस सबका. बच्चे स्कूल गए हैं. मम्मी पापा घर पर हैं.
उसने मजाक में बच्चों और मम्मी पापा की बात की थी.
मीनू हंस पड़ी.
उसे मालूम था अंकुर जिद्दी है.
उसने अंकुर को सीधे लिटाया और दोनों हथेलियों में तेल लेकर धार बनाते हुए गर्दन से पैरों के टखनों तक तेल उड़ेला और दो मुट्ठी अपने मम्मों पर भी उड़ेल लिया.
अंकुर का पूरा तेल पूरे शरीर पर फैलाकर वह मछली की तरह फिसलने लगी अंकुर के ऊपर.
अब माहौल बहुत गरमा गया था.
दोनों वासना के सागर में गोते लगा रहे थे.
अंकुर के लंड के ऊपर बार बार मीनू अपनी चूत ले जाती फिर आगे पीछे हो जाती.
उसके मांसल मम्मे अंकुर की छाती पर इधर उधर फुदक रहे थे.
अंकुर ने मीनू को अपने ऊपर पीठ के बल लिटाया और उसके मम्मों को दबोच कर मीनू के ऊपर नीचे फिसलाने लगा.
मीनू ने गर्दन घुमाकर उसके होंठों को चूम लिया. मीनू ने अपनी दोनों बाहें पीछे करके अंकुर के सर पर लपेट दीं.
अब दोनों चुदाई के लिए बेताब थे.
मीनू पलटी और अंकुर के ऊपर दुबारा फिसलते हुए अपने हाथों से उसका लपलपाता लंड अपनी चूत में कर लिया.
लंड महाराज को तो एक इशारे की जरूरत थी, वो तो घुस गए पूरी गहराई में!
दोनों के जिस्म पूरे तेल से चिकने थे तो लंड बार बार बाहर आ रहा था.
अंकुर भी मीनू के मम्मों को गोलाई में मल रहा था.
मीनू उठ कर बैठी.
लंड अब उसकी चूत के अंदर था.

मीनू ने बैठे बैठे ही लंड को अंदर लिए हुए इधर उधर मचलना शुरू किया जैसे उसकी चूत दही की मटकी हो और उसमें अंकुर का लंड मथनी की तरह दही मथ रहा हो.
अब बारी थी मक्खन निकलने की!
मीनू की ‘आह औउच’ से अंकुर समझ गया कि मीनू का स्खलन होने वाला है.
उसे अपना लंड भी साथ छोड़ता लग रहा था.
वह झटके से पेलता और मीनू को नीचे कर के लंड का पूरा जोर लगाया उसकी चूत में और सारा माल निकाल दिया.
तभी डोर बेल बजी.
मीनू घबराई कि कामवाली आ गयी.
अंकुर उसे भींचे रहा और बोला- पड़ी रहो चुपचाप. अभी नहीं हिलना.
चार पांच मिनट बाद दोबारा घण्टी बजी तो अंकुर उठा और मीनू से बोला- तुम आराम से अपने रूम में चली जाओ और बेड पर लेटी रहना थोड़ी देर! काम वाली को मैं संभालता हूँ.
मीनू बोली- हद है आप की भी!
कहती हुई वह अपने कपड़े और तेल की शीशी लेकर चली गयी.
अंकुर ने बरमूडा के ऊपर टॉवेल डाला और गेट खोला.
बाई अंदर आई तो अंकुर बोला- बार बार घण्टी मत बजाया करो. मैं कसरत कर रहा था और मीनू नहाने गयी हुई है.
तो बाई चुपचाप अपने काम में लग गयी.
अब जब तक रिया वापिस आई, रात में दो बार सेक्स अंकुर और मीनू का नित्यकर्म बन गया.
घर का कोई कोना, कोई सोफा, कोई कुर्सी ऐसी नहीं बची जहां दोनों ने खुलेआम सेक्स न किया हो.
एक दो बार तो देर रात गाड़ी में घूमते समय अंकुर के लंड को मीनू ने मुंह से ही खलास कर दिया.
कुल मिलाकर अंकुर और मीनू ने सेक्स का वह आनन्द लिया जो शायद रिया के साथ अंकुर और अंकुर के साथ मीनू ने नहीं लिया था.
मीनू तो अब अक्सर यह कहकर उदास हो जाती थी- दीदी के आने के बाद मेरी स्थिति क्या हो जायेगी. अब तक तो मैं इसे नियति मानकर अपने को संभाले हुए थी, पर अब तो आपने आग लगा दी.
अंकुर ने उसे समझाया- भगवान् आशीर्वाद करें तो तुम इसी महीने या अगले महीने गर्भवती हो जाओगी. फिर तो बच्चे के होने तक तुम्हें अपने को संभालना है. मैं फिर भी कोशिश करूंगा कि कैसे भी मैनेज करके तुम्हें शारीरिक सुख से वंचित न रखूं.
रिया उधर बहुत खुश थी.
रीना बिल्कुल ठीक हो गयी थी.
माँ-मौसी के प्यार ने उसे जल्दी ही ठीक कर दिया.
वहां टीना ने उसे बताया कि उसके पति दीपक को यह मालूम है कि हनीमून पर तुम एक रात उसके साथ सोयी हो और सब कुछ किया है. और वह खुद अंकुर के साथ सब कुछ करते सोयी है. पर अब उसे कोई शिकायत नहीं है.
यह बात एक रात हंसी मजाक के दौरान दीपक और रिया की मौजूदगी में टीना ने कह दी.
दीपक हंसते हुए बोला- रिया, मजे तुमने ज्यादा दिए थे टीना से!
बात हंसी मजाक में ख़त्म हो गयी.
एक दिन टीना रीना को दिखने हॉस्पिटल गयी थी.
दीपक का वर्क फ्रॉम होम था तो वह घर पर ही था.
रीना के पैर मैं हलकी सी मोच आने से वह आज बेड रेस्ट पर थी.
टीना के जाने के बाद दीपक ने रिया से पूछ कर कॉफ़ी बनायी अपने दोनों के लिए और लेकर रिया के पास आ गया.
रिया उठ कर बैठी हुई थी.

दीपक ने उसका हाथ अपने हाथ में लेकर कहा- रिया, मुझे मालूम है कि हम तुम एक रात नहीं दो-तीन रात हम बिस्तर हुए. मुझे ऐसा अंदाज़ है कि रीना हमारी बेटी है.
रिया दीपक की आँखों में गहराई से देखती रही.
दीपक आगे बोला- तुम्हारा यह एहसान मैं जिन्दगी भर याद रखूंगा. रीना टीना की जान है. इसलिये भगवान् की खातिर कभी टीना को मालूम मत पड़ने देना कि रीना का बाप मैं हूँ.
रिया की आँखों में आंसू आ गए.
वह दीपक के गले लग गयी.
फिर भावनाओं का सैलाब ऐसा बहा की दीपक उसे ताबड़तोड़ चूमने लगा.
टीना के आने में अभी दो ढाई घण्टे का समय था.
रिया लिपट गयी दीपक से!
वह भी बोली- दीपक तुम बहुत अच्छे हो जो मेरी बेटी को बाप का प्यार देते हो. मुझे नहीं मालूम कि इसका बाप कौन है तुम या अंकुर! पर हाँ, हनीमून के दौरान हम दोनों ने जब सेक्स किया तो पूरे मन से किया. मैं उसे दोहराना चाहती हूँ एक बार.
अब सारे बाँध टूट गए.
दीपक ने न चाहते हुए भी रिया को अपने आगोश में जकड़ लिया.
दोनों के जिस्म एक हो गए.
जो तूफ़ान उठा फ्री Xx सेक्स का … वह दोनों के पलंगतोड़ सेक्स के बाद ही थमा.
हालाँकि रिया पैर से कमजोर थी … पर सेक्स का कीड़ा जब कुलबुलाता है तो फिर सिर्फ एक ही चीज़ ध्यान रहती है, सेक्स और सिर्फ सेक्स.
अब रिया वापिस भारत आ गयी.
उसने और अंकुर ने अगली ही रात मीनू से खुलकर बात करी कि वह उनके बच्चे की सेरोगेट मां बन जाए.
न नुकुर के बाद मीनू ने अपनी सहमति दे दी.
अब रिया ने उससे पूछा कि वह गर्भधारण क्या सीधे अंकुर से सेक्स करके करेगी या डॉक्टर की मदद से आई वी ऍफ़ तकनीक से?
मीनू बोली- आपके मुझ पर अहसान इतने हैं कि ये आपकी मर्जी. बस हाँ मैं इतना ही कहूँगी कि डॉक्टर के पास जाते हैं तो वह स्पर्म पता नहीं किसका डाले. उस बच्चे को आप पता नहीं स्वीकार कर पायें या नहीं. अगर स्पर्म सर का होता है तो आप उसे स्वीकार कर ही लेंगी क्योंकि वह आखिर अंश तो सर का ही होगा.
बात में दम था.
रिया ने दो चार की कशमकश के बाद ये तय कर लिया कि मीनू सीधे अंकुर से संसर्ग करे उन फर्टाइल दिनों में! एक दो महीनों की कोशिश में भगवान हम सब पर कृपा कर देंगे.
मीनू धीरे से बोली- ये सब आपकी मौजूदगी में मैं नहीं कर पाऊँगी. तो अगर आप इजाजत दें तो मैं सर के साथ उन दिनों एक दो दिनों के लिए कहीं बाहर होटल में रह लूं.
रिया चाह तो नहीं रही थी ये सब … पर उसके पास कोई और चारा नहीं था, उसने हाँ कह दी.
मीनू के नसीब में अंकुर का संसर्ग लिखा था.
लगातार दो महीनों की कोशिश के बाद भगवान् ने उनकी सुन ली.
मीनू का ध्यान अब रिया बिल्कुल बड़ी बहन की तरह रखती.
गर्भधारण के छठे महीने ही रिया मीनू और रिया की मां साउथ दिल्ली में एक फ्लैट लेकर रहने लगीं.
अंकुर उनके पास आता जाता रहता था.
पूरे समय पर मीनू ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया जो हुबहू अंकुर की फोटोकॉपी था.
सब बहुत खुश थे.

पंद्रह दिन फ्लैट में रहने के बाद रिया की माँ रिया और मीनू और बच्चे को लेकर अपने घर चली गयी.
वहां से जब मीनू बिल्कुल नार्मल हो गयी, तब रिया बच्चे और मीनू को लेकर अपने शहर आई.
उनके परिचित और दोस्त आ आकर रिया और अंकुर को बधाई देते.
रिया सबसे कहती- भले ही इसको पैदा मैंने किया हो … पर ये हिला हुआ मीनू से है. देखिये छोड़ता ही नहीं है उसे!
मीनू ने अपना वादा निभाया.
हंसते हंसते उसने अपना जिगर का टुकड़ा रिया की गोद में डाल दिया.
रिया ने उसका हाथ पकड़ कर कहा- हम दोनों मिलकर पालेंगी इसे!
दोस्तो, कैसी लगी मेरी फ्री Xx सेक्स स्टोरी?
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