All content free · updated every 5 minutes

राजा का फ़रमान-1

Story Hindi 2 pages 15 years ago

राजा का फ़रमान-1
नमस्कार दोस्तो!
मैं वृंदा पहली बार अन्तर्वासना पर अपना एक स्वप्न प्रस्तुत कर रही हूँ, मुझे अक्सर इस तरह के स्वप्न आते हैं!
और मैंने आज तक किसी को इनके बारे में नहीं बताया है, आज पहली बार बहुत हिम्मत करके लिखने का प्रयास कर रही हूँ!
इस स्वप्न में मैं एक ऐसे देश में पहुँच गई हूँ जहाँ का राजा बहुत ही क्रूर और कामोत्तेजित है, उसके देश में लड़कियाँ जैसे ही जवान होती हैं, उन्हें राजा के पास एक महीने के लिए भेज दिया जाता है और वो उनका कौमार्य भंग करता है, उन्हें भोगता है और एक महीने बाद उन्हें अपने घर वापिस भेज देता है।
यदि कोई लड़की उसके बाद माँ बनती है, तो उसकी महल में वापसी राजा की रखैल के रूप में होती है वो वहाँ बच्चे को जन्म देने और चालीस साल पार करने के बाद दासी बन कर रहती है, जो कोई परिवार अपनी बेटी को राजा से भोग लगवाने नहीं भेजता, उसकी बेटी उठवा ली जाती और उसकी बाज़ार में बोली लगवाई जाती, जो उसे खरीदता वो सबके सामने उसे चोदता, खसोटता और उसे अपनी नौकरानी बना कर रखता अपने ख़ास आदमियों से उसे चुदाता और जब मन भर जाता तो फिर किसी को बेच देता!
इस तरह जब मैंने वहाँ कदम रखा तो बहुत से मर्द मुझे बेचैन निगाहों से देखने लगे मेरे आसपास मंडराने लगे कोई मेरी गाण्ड छूकर चला जाता तो कोई फबतियाँ कसता यह कहते हुए कि आज तुझे रखैल नहीं, अपनी रानी बनाऊँगा।
एक ने तो हद ही कर दी, पीछे से आते हुए मेरी अन्तःचोली कपड़ों के भीतर से ही खोल दी! वहाँ कहीं जाकर चोली फिर से बंद करने की जगह नहीं थी तो मैं कुछ आगे बढ़ी, चलने से मेरी चूचियाँ हिलने लगी, तो एक आदमी सामने से आया और कहने लगा- तुम से नहीं संभल रही तो मैं थाम लूँ!
उस पर मैंने उस आदमी पर हाथ उठा दिया, उसने हाथ पकड़ लिया और मुझे अपनी और खींच कर दूसरे हाथ से मेरी चूचियाँ मसल दी।

तभी वहाँ खड़े भूखे मर्द मेरी और बढ़ने लगे और बोले- आओ, इसे राजा के पास ले जाते हैं! खूब बड़ा इनाम मिलेगा!
और सभी मुझे पकड़ कर राजा के दरबार में ले गए, दरबार बहुत बड़ा था, वहाँ बहुत सी दासियाँ थी, सभी दासियाँ अधनंगी थी, आते जाते मंत्री, तंत्री, रक्षक उन दासियों को छेड़ रहे थे, उनका बदन मसल रहे थे, बहुत कामुक माहौल था।
राजा ने सुनवाई शुरू की तो एक रखैल राजा की गोद में आ बैठी। राजा ने उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए और सुनवाई करते करते अपना लण्ड चुसवाने लगा।
सभी मंत्री इतनी सारी नंगी औरतों को देख कर अपना लण्ड अपने हाथों से मसल रहे थे।
तभी मेरी सुनवाई की बारी आई, बाहर हुई घटना विस्तार में बताई गई।
सब कुछ सुनकर राजा ने पूछा- इतना गुरूर किस बात का तुझे लड़की…? आखिर ऐसा क्या है तेरे पास? ये चूचियाँ? यह गाण्ड? यह चूत? ये तो हर औरत के पास होती है और इस देश में औरतों की कमी नहीं! मेरी एक आवाज़ पर यहाँ चूतों की कतार लग जाती है।

तभी वो अपनी रखैल को चूमने लगा और उसने अपनी रखैल को कुछ इशारा किया और ताली बजाई।
रखैल उसके पैरों के पास लेट गई और हवा में टांगें करके उसने अपनी टांगें खोल के चूत उसके सामने पेश कर दी। देखते ही देखते बीस-पच्चीस रखैलें आई और अपनी टांगें खोल कर हर मंत्री के सामने चूत पेश करने लगी!
मंत्रियों के मसलते लण्ड फुफकारने लगे, और सभी ने रखैलो की चूतों में अपने अपने लण्ड घुसा दिए और चुदाई करने लगे।
राजा ने पूछा- अब बोल लड़की!
मैं शर्म से पानी पानी हुए जा रही थी, मैंने राजा से जबान लड़ाई- आप यह सब क्यों कर रहे हैं?
राजा बोला- ताकि तुझे तेरी औकात पता लगे कि तुम औरतें सिर्फ मर्दों से चुदने और चूसने-चुसवाने के लिए पैदा होती हो! हाथ उठाने के लिए नहीं, और अगर हाथ उठ भी जाता है तो भी लण्ड के लिए उठना चाहिए…!
कहते हुए राजा ने फैसला सुनाया- आज से लेकर कल इसी समय तक तेरी लगातार चुदाई होगी और वो भी भरे महल में..!
आपको क्या लगता है कि राजा लगातार चौबीस घंटे मुझे चोद पायेगा..??
क्या मैं चुदने को राज़ी हो जाऊँगी…???
आगे मेरे साथ क्या होगा.. जानने के लिए पढ़ते रहें “राजा का फरमान” कई भागों में समाप्त…!
मुझे अपनी प्रतिक्रियाएँ [email protected] पर भेंजें!
कहानी का अगला भाग: राजा का फ़रमान-2

Categories Hindi
More stories See all