हमारी मालकिन दिव्या
प्रेषिका : शोभा शर्मा
रेहाना और कपिल शादी के बाद बहुत खुश थे। कपिल जॉब के लिए सुबह निकलता तो देर शाम को वापस आता।
एक दिन जब वह शाम को लौटा तो उसने देखा कि उसके घर में रेहाना के साथ एक 32 साल की सांवली सी औरत थी।
कपिल ने पूछा तो रेहाना ने बताया कि इसका नाम दिव्या है और इसे घर का काम करने के लिए रखा है।
दिव्या थी तो नौकरानी लेकिन कपिल को उसका अंदाज कुछ अलग ही लगा।
कुछ ही दिनों में उसे लगने लगा कि जब से दिव्या आई है, रेहाना उसे महत्व नहीं दे रही है।
उसने कुछ पल अपनी रेहाना के साथ बिताने के लिए आउटिंग का प्रोगाम बनाया। जैसे ही पैकिंग हुई तो वह चौंक गया, दिव्या भी उनके साथ जा रही थी।
कपिल ने ऐतराज किया तो रेहाना ने उसे चुप करा दिया।
तीनों कार से शिमला की हसीन वादियों में पहुंचे। कपिल के दोस्त का फार्महाउस खाली पड़ा था। शानदार फार्महाउस पर पहुंचकर कुछ पल के लिए आराम करने के बाद रेहाना के साथ कपिल घूमने निकल गया।
रात को कपिल ने रेहाना को चोदने की तैयारी की लेकिन रेहाना ने उसे हाथ नहीं धरने दिया। रात को गहरी नींद में सोये कपिल की आंख अचानक से फटाक की आवाज के साथ खुल गई। उसने देखा तो बगल में रेहाना नहीं थी। वह बिना आवाज किये दरवाजे पर पहुँचा। बाहर का नजारा देखते ही उसके होश उड़ गए।
रेहाना पूरी तरह से नंगी चारों हाथ पैरों पर कुतिया की तरह चल रही थी पीछे से जींस और टॉप में सजी-धजी दिव्या हाथ में चमड़े का डेढ़ फीट लम्बा और 3 इंच चौड़ा पट्टा लेकर चल रही थी।
फटाक के साथ जैसे ही दिव्या ने पट्टा रेहाना के बांये चूतड़ पर मारा, वह चिंहुक उठी और फर्श पर बिछ सी गई लेकिन जल्द ही उसके चूतड़ फिर से हवा में थे। उसके मुंह में जूता साफ करने का ब्रुश था जिसे वह लेकर कोने में रखने जा रही थी। दिव्या तेजी के साथ पट्टे को रेहाना के चूतड़ों पर मार रही थी और बोल रही थी- हरामजादी ! तू मेरी गुलाम होकर मेरी पोजीशन नौकर की बनाकर रखती है। तुझे और तेरे कुत्ते पति को मैं अपना गुलाम बनाना चाहती हूं। मैं अब चुप नहीं रहूंगी छिनाल की बच्ची। कल उसे सच बताना होगा।
जी मालकिन ! रोते हुए रेहाना ने कहा।
यह देखने के बाद गुस्सा आने की जगह कपिल को मस्ती आने लगी। इधर रेहाना दिव्या के पैरों को चाट रही थी तो दूसरी ओर कपिल का 10 इंची लंड भी तनतना रहा था। दिव्या ने रेहाना को अपने पीछे आने का इशारा किया। रेहाना कुतिया की तरह ही चारों हाथ पैरों पर चलते हुए दिव्या के कमरे में चली गई। कपिल ने खिड़की के सहारे अंदर का नजारा देखना शुरू कर दिया। दिव्या ने बैड के पास ही रेहाना को मुर्गा बना दिया और पांच मिनट के बाद मुर्गा परेड का हुकुम दिया।
नाजुक सी लगने वाली रेहाना ने अपने कानों को सख्ती से पकड़ रखा था। और धीरे धीरे वह कमरे का चक्कर लगा रही थी।