गीता ने मुझे चोदना सिखाकर ज़बरदस्ती चुदवाया
कहानी का पिछला भाग : गीता भाभी ने चोदना सिखाया
नमस्कार दोस्तो व भाईयो,
आप लोगों के आशीर्वाद और गीता भाभी की दया और प्यार से मैं चोदना सीख गया, पर अभी तक सिर्फ तीन उंगली से उसकी बुर को और लंड से उसकी मुँह को चोदा था। पर दूसरे दिन उसने बुर की चुदाई सिखानी थी। दूसरे दिन उसने मुझे सारा काम जल्दी निपटाने को कहा और अपनी बेटी को भी जल्दी पढ़ा लेने को कहा, क्योंकि मुझे महसूस हो चुका था कि वो साली भोंसड़ी कल से ही गरमाई हुई थी और उस छिनाल की चूत में शायद ज़ोरों की खुज़ली हो रही ती। अतः वह मेरे लंड से चुदवाने को आतुर थी। मैंने भी अपना सारा काम जल्दी कर लिया। शाम में जल्दी उसकी बेटी को पढ़ाया पर लौटते वक्त उसने धीरे से कहा- जल्दी आईएगा, मैं दरवाजा खुला रखूँगी।’
मैं रात में जब उसके घर गया तो वह अपने कमरे में सिर्फ ब्लाउज़ तथा पेटीकोट में लेटी थी। मेरे भीतर जाते ही दरवाजा बन्द कर लिया। मुझे खींच कर अपने बिस्तर पर अपने साथ लिटा लिया और मेरे कपड़े उतारने लगी।
तब मैंने कहा- क्यों भाभी जान, इतनी जल्दी क्यों? क्या बुर में ज़ोरों की खुजली हो रही है क्या? पर पहले तो मैं तेरी चूचियों को दबा-दबा कर फुलाऊँगा और तेरा दूध पीऊँगा। फिर तुम चुदवाना।
पर उसने कहा- पर मेरे प्यारे देवर राजा, देखो ना इस साली बुर को, कैसे तेरे लंड को देखते ही हर-हर करके पानी छोड़ रही है।
इतना कहकर उसने मेरे एक हाथ अपनी पेटीकोट ऊपर करके अपनी बुर पर रख दिया। मैंने देखा, आज उसकी बुर काफी चिकनी लग रही थी। उस पर झाँटें भी नहीं थीं, बुर पूरी गीली थी। मैंने भी अपनी 2 उंगली बुर के भीतर ठेल दिया और एक हाथ से उसकी चूचियाँ ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा। वह आह मेरे राजा… ज़ोर से… और ज़ोर से… इस बुर में उंगली घुसाओ… आहहहह्! ओहह्ह! आआआस्स सस्सस करने लगी। अब देर मत करो, आओ, मुझे चोदो। प्लीज़ मुझे चोदो।
पर मैं उसे थोड़ा तड़पाना चाहता था और यह जानता था कि चुदाई के समय गन्दी बातें कहने से औरत की काम-वासना और तीव्र हो जाती है; अतः मैंने कहा- भोंसड़ी, साली रंडी, छिनाल, अभी भी तुझे ही अपनी बुर चुदवाने का मन करता है? पर अब तो तेरी बेटी की चुदवाने की उमर है। कभी देखी है गौर से उसकी चूचियाँ, ओह, क्या मस्त है गोल-गोल उसकी चूचियाँ! उसकी बुर भी काफ़ी मस्त होंगी। मेरे लण्ड का दिल तो तेरी बेटी की बुर पर आ गया है। साली छिनाल, पहले वादा करो कि अगली बार अपने साथ अपनी बेटी को भी मुझसे चुदवाओगी, तभी मैं तुम्हें पेलूँगा।
“हाँ मेरे राजा, उस हरामज़ादी की बुर को भी तेरी ही लंड की रंडी बनाऊँगी। अगली बार हम माँ-बेटी दोनों एक साथ तेरे लण्ड से चुदवाएँगी, पर पहले मुझसे ट्रेनिंग लेकर अपने लंड को घोड़े जैसा तो बना लो।