मेरी जिन्दगी चुदाई-प्रेक्टिकल की लैब-2
Meri Jindagi Chudai-Practical Lab-2
मेरी जिन्दगी चुदाई-प्रेक्टिकल की लैब-1
मेरा नाम सुदर्शन है.. मेरी उम्र 29 वर्ष है।
पिछली कहानी में आपने पढ़ा था कि मुझे अपनी पड़ोस की एक आंटी चोदने के लिए मिल गई थी और वो मुझसे पट गई थी।
जब भी मेरा मन होता था और आंटी अकेली होती थी तो मैं उसको चोद कर अपनी चुदाई की भूख मिटा लेता था।
अब आगे..
मुझको धीरे-धीरे आंटी की बुर ढीली लगने लगी।
मैंने अपना दिमाग लगाया और एक बार चोदते समय उनसे कहा- आप अपना एक पैर बिस्तर पर रखिए.. और दूसरा पैर जमीन पर रखिए।
उन्होंने ऐसा ही किया।
इस आसन से उनकी बुर की फाँकें आपस में सट गईं और मैं पीछे से अपना लंड उनकी चुदी-चुदाई चूत में अन्दर डालने लगा।
इस तरह से आज मेरा लौड़ा पहले की अपेक्षा 50 प्रतिशत अधिक कसावट से अन्दर जा रहा था। आप भी इस आसन को आजमा कर देखिएगा।
मैंने आंटी से कहा- आज आपको झड़ते हुए देखना चाहता हूँ।
वो बोली- ठीक है।
मैं पहले झड़ गया।
उनको लिटा कर उनकी टाँगें फैला कर साये से बुर पर लगे वीर्य को साफ करके.. उनके चने जैसी संरचना वाले भगाकुंर को ऊँगली से छेड़ने लगा।
केवल दो मिनट बाद वो अपने टाँगों को सिकोड़ने लगीं।
मैं उनकी टाँगों को अपनी टाँगों के नीचे दबाकर भगाकुंर को तेजी से छेड़ने लगा.. थोड़ी देर बाद उनकी टाँगों में एक जोरदार कंपकपी होने लगी और उनकी बुर से पानी (रज) छलछला कर बाहर निकलने लगा।
उस दिन पहली बार मैंने औरत को झड़े हुए देखा था।
अब मैं किसी नई चूत के चक्कर में था। आंटी की चूत अब भोसड़ा बन चुकी थी।
एक दिन आंटी हाथ में सीडी लेकर आ रही थीं।
उस समय वीसीडी प्लेयर का चलन नया-नया शुरू हुआ था।
मैंने पूछा- कौन सी फिल्म है?
वो बोली- तुम्हारे लायक नहीं है।
उन्होंने सीडी को चोली के अन्दर डाल लिया। मैं उनके पीछे-पीछे उनके घर पर चला गया।
मैंने उनसे जिद की- बताओ न कौन सी फिल्म है?
उन्होंने बताया- ये एक ब्लू-फिल्म की सीडी है और इसको अपने गाँव की लड़की मंजू से लेकर आई हूँ।
मैं मंजू को जानता था.. मंजू की उम्र 19 वर्ष थी। वो आंटी के यहाँ आती रहती थी।
आंटी ने बताया- वो ब्लू-फिल्म की सीडी देखने के लिए उनके घर आती रहती है।
मैंने कहा- आंटी मंजू के साथ मेरा जुगाड़ करो न..
वो बोली- तुम नई बुर पाकर मेरी बुर चोदना छोड़ दोगे।
मैंने कहा- ऐसा संभव नहीं है.. चुदाई के लिए एकांत तो आपके कमरे में ही संभव है। ऐसे में मुझे आप दोनों को चोदना ही पड़ेगा।
वो बोली- ठीक है.. मंजू आधे घंटे बाद आने वाली है। तुम बिस्तर के नीचे छिप जाओ। जब मैं इशारा करूँ तो बाहर आ जाना।
मैंने वैसे ही किया। थोड़ी देर बाद मंजू आई। आंटी ने वीसीडी प्लेयर में सीडी लगाई.. उसमें चुदाई का खेल शुरू हो गया।
आंटी और मंजू ने एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए।