प्रिया की नथ-1
दोस्तो, मेरी पिछली कुछ कहानियाँ बहुत सराही गई आप लोगों के द्वारा ! जिसमेंप्यारी पूजातू तो कुछ कर
शामिल हैं।
तो मैं आपको अपने जीवनकाल में आई एक और लड़की की कहानी बताने जा रहा हूँ, उस लड़की का नाम प्रिया था, वो मेरे साथ मेरे कॉलेज में पढ़ती थी, वो बिहार की रहने वाली थी और यह बात सच है कि बिहार की लड़कियों को शहर में आकर वहाँ के लड़कों से दोस्ती करने में बड़ा मज़ा आता है।
तो प्रिया से मेरी दोस्ती बड़ी आसानी से हो गई। हम पूरे दिन साथ उठते बैठते थे। सब बढ़िया था, वो एक साधारण सी दिखने वाली लड़की थी, उसके मम्मे एकदम बढ़िया आकार में थे, वो बहुत ही खुल कर और सीधी बात करने वाली लड़की थी, मगर वो मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में जानती थी, इसलिए मैं उसके साथ कभी आगे नहीं बढ़ पाया था, मगर शायद आगे कुछ और ही होना था।
बात है हमारे दूसरे साल की, जब हम अपने जूनियर्स को पार्टी देने की तैयारियों में लगे हुए थे और उसको और मेरे को पूरे कार्यक्रम को होस्ट करना था। हम दोनों एक साथ ही प्रेक्टिस करते रहते थे।
मैं कुछ दिन से देख रहा था कि वो मेरी बातों पर कुछ ज्यादा ही ध्यान देने लगी थी और मेरे गंदे से गंदे मजाक पर भी जोर से हंसने लगी थी, मैं समझने लगा था कि उसकी खुजली बढ़ती ही जा रही थी।
खैर जिस दिन पार्टी थी उस दिन प्रिया तैयार होकर आई, काली साड़ी में वो क्या क़यामत लग रही थी ! मेरा मन तो उसे देख कर ही डोल गया, मैंने सोच लिया कि आज इसे प्रपोज़ कर दूंगा और कम से इसकी सारी लिपस्टिक तो खाऊंगा ही।
हम लोगों ने कार्यक्रम ख़त्म किया और कपडे बदलने के लिए ऊपर गए, हम थके हुए थे। मैं प्रिया से कुछ सामान लेने के बहाने से उसके कमरे में चला गया और दरवाज़ा हल्का सा ढाल दिया। मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर कहा- आज तुमने बड़ा अच्छा किया !
और कह कर उसकी आँखों में देखने लगा और हम अनायास ही एक दूसरे के पास खींचते चले गए, मेरे और उसके होंठ मिल गए, हमने चूमना चालू किया। मेरी अन्तर्वासना चरम पर थी, मगर मैंने ड्रामा करने के लिए उसे मना किया- यह सब गलत है !
और मैं उससे अलग हो गया, मगर मैं जनता था कि वो लड़की गर्म हो चुकी थी, उसने मुझसे कहा- “राज, प्लीज़ मुझे छोड़ कर मत जाओ !” वो मुझे राज बुलाती थी।
मैंने मौके की नजाकत को समझा और भाग कर कमरे का दरवाज़ा बंद दिया, फिर मैंने वापस जाकर उसे “आई लव यू” बोला और उसको अपनी तरफ खींच कर बोला- मैं कब से इस बात का इंतज़ार कर रहा था, की कुछ ऐसा हो !
मैंने फिर उसे चूमना चालू किया, उसे चुम्बन करना आता ही नहीं था, सारा मज़ा खराब हो रहा था, वो बस अपने होंठ बंद करे खड़ी थी।