रश्मि और रणजीत-9
फारूख खान
रणजीत ने अपनी हाथ आगे कर के बटनों को खोल दिया और उसके शरीर से सूट को अलग कर दिया।
रानी ने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी और काले रंग की पैन्टी थी क्योंकि रणजीत ने एक झटके में ही पज़ामा भी उतार दिया था।
अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में ही रह गई थी।
रानी- मुझे नहाना है.. गर्मी बहुत है।
रणजीत- तुम्हारी मर्ज़ी.. जाओ नहा लो।
रानी- लेकिन में पहनूँगी क्या?
रणजीत- पहनने की ज़रूरत क्या है? मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो जाना और वैसे भी तुम चुदते समय बिल्कुल नंगी ही रहोगी।
दोनों मुस्कुरा दिए।
रानी- आप भी चलो ना बाथरूम में।
रणजीत- ठीक है चलो.. पर मैं नहाऊँगा नहीं.. तुम्हें नहलाऊँगा।
रणजीत ने रानी के बचे-खुचे ब्रा और पैन्टी भी उतार दिए और रानी ने गुसलखाने में जाकर नहाने के टब में बैठ गई।
पीछे-पीछे रणजीत भी अपना लौड़ा हिलाता हुआ आ गया। रणजीत टब के बाहर खड़ा हो गया।
उसने इशारा किया तो रानी ने रणजीत का लौड़ा अपने हाथों में ले लिया और सहलाने लगी।
रणजीत की आँखों में वासना का खुमार चढ़ चुका था।
रानी लगातार अपनी निगाहें रणजीत की आँखों में डाल कर देखे जा रही थी।
दोनों एक-दूसरे को खा जाने वाली निगाहों से देखते रहे और तभी रानी ने अपना मुँह खोला और रणजीत ने अपना लौड़ा उसके मुँह की तरफ बढ़ा दिया।
रानी ने जीभ निकाल कर सुपारे को चाटा और फिर होंठों के बीच लौड़े को दबा लिया।
कुछ देर तक धीरे-धीरे चूसने के बाद उसने रणजीत के लौड़े को अपने गले तक अन्दर लेना शुरू कर दिया।
रानी अब घुटनों के बल बैठ कर पूरी मस्ती से लौड़े को चचोर रही थी।
रणजीत भी अपने लंड को रानी के मुँह में तेजी से अन्दर-बाहर कर रहा था।
रानी ने अपने हाथों से रणजीत के लवड़े की मालिश शुरू कर दी थी। रणजीत भी अपने दोनों हाथों से उसके अभी ताजे-ताजे जवान हुए संतरों को मसल रहा था। वासना का तूफ़ान बढ़ने लगा।
तभी रणजीत ने अपनी बलिष्ठ भुजाओं में रानी को उठा लिया और उसको अपने कन्धे पर इस तरह से बिठा लिया लिया कि रानी की गुलाबी अनछुई चूत रणजीत के मुँह से लग गई और रणजीत ने बिना देरी किए अपनी जुबान उसकी चूत पर फेरना शुरू कर दी।
अब रानी की चूत ने फड़कना शुरू कर दिया था। अभी कुछ ही सेकंड चूत की चुसाई हुई होगी कि रानी का पानी छूट गया और रणजीत ने उस सुगन्धित रस को अपनी जुबान से चाट लिया।
रानी की ऑंखें बोझिल हो गई थीं, उसने रणजीत से कहा- मुझे बिस्तर पर ले चलो।
रणजीत उसको उसी अवस्था में लेकर बिस्तर तक आया और उसको बिस्तर पर चित्त लिटा दिया। अब रानी की सील टूटने की तैयारी थी।
रणजीत ने अपने लौड़े पर क्रीम लगाई और रानी की चूत में अन्दर तक क्रीम लगा दी।
रानी की चूत में जब रणजीत की ऊँगलियां क्रीम लगा रही थीं, तब ही उसकी चूत दुबारा से फड़कने लगी थी और अब वो फिर से चुदासी हो गई थी।