एक और लौड़ा घुसवाया गांड में
लेखक : सनी
गुरु जी और अन्तर्वासना के कार्य-कर्ताओं और पाठकों को सनी गांडू की तरफ से नमस्कार !
इससे पहले मैं अपनी कुछ कहानियाँ भेज चुका हूँ। मेरी एक कहानी का नाम था “कैसे मैं बन गया गांडू “
चलो खैर दोस्तो ! वो सब कुछ मैंने बता दिया था कि किस तरह बचपन से लड़की होने के लिए भगवान् को कोसता रहा और आखिर भगवान् ने वो तो नहीं लेकिन लड़की जैसा जिस्म दे डाला। मेरी छाती और शरीर की बनावट काफी हद तक लड़कियों जैसी है, पोले पोले मम्मे आकर्षक निप्पल गोल-मोल गांड !
आज मैं आपको एक और नवीनतम लौड़े के बारे बताऊंगा।
हुआ यूँ कि मैं याहू पर चैट कर रहा था। मैंने एक लड़की का आईडी बना रखा था। उस पे मैं कई मर्दों से बातें करता रहता। एक दिन मुझे अपने ही शहर का एक मर्द मिला जिससे खूब चैट की मैंने ! उससे पूछा कि कभी अपनी पत्नी की गांड मारी है?
वो बोला- मेरी घरवाली गांड पे लौड़ा तक नहीं रखने देती, लेकिन मुझे गांड मारने में बहुत मजा आता है।
वो बोला- क्या हम मिल सकते हैं?
उसने मेरा मोबाइल नंबर माँगा।
मैंने कहा- मेरे पास है ही नहीं मोबाइल ! अपना दे दो !
उसने अपना नंबर दे दिया। मैंने कोई कॉल नहीं की।
अगले दिन वो फिर जब चैट पर आया, उसने कहा- आपने फ़ोन नहीं किया?
मैंने कहा- नहीं हो सका, सॉरी !
कोई बात नहीं- वो बोला- आज मेरी पत्नी और बच्चे घर में नहीं हैं, वो अपने मायके गई है। मुझे मिल सकती हो ?
मेरा भी नया लौड़ा लेने का दिल था, आखिर कितने दिन से मेहनत की थी। लेकिन क्या करता ! था तो गांडू ! लड़की नहीं !
मैंने अपना वेबकैम लगाया, सबसे पहले अपनी गाण्ड दिखाई। मेरी गाण्ड देख किसी का भी लौड़ा खड़ा जाता। मैंने वेबकैम के सामने गाण्ड गोल-गोल मटका के दिखाई और फिर अपना ऊपर का हिस्सा छाती !
वो बोला- चूत दिखाओ !
मैंने कहा- वो है ही नहीं !
क्या ?
मैं गांडू हूँ !
बोला- नहीं ऐसी गांड, मम्मे किसी लड़के के नहीं हो सकते ! क्यूँ मज़ाक करती हो?
मैंने उसको चेहरा दिखाया और बोला- मेरी गांड मारनी हो तो बोल दो, अभी आ जाऊंगा।
तू बी-ब्लाक मार्केट में गुरु नानक बेकरी के बाहर आ जा ! मैं काले रंग की लैंसर में आऊंगा ! ठीक है?
मैं बहुत गर्म था, जल्दी से पैन्ट डाली, टीशर्ट पहनी और वहां जा खड़ा हो गया।
उसके वहां आते ही मैं गाड़ी में बैठ गया। उसने बरमूडा पहना हुआ था, बोला- बेफकूफ बनाया मुझे इतने दिन से?
सब शिकायेतें दूर कर दूंगा बिस्तर में !
बहुत चिकना है तू यार !
मैंने उसकी जांघ पर हाथ फेरते हुए बरमूडा में हाथ डाल लिया- हाय ! क्या लौड़ा मिला है !
वो बोला- एक बार टीशर्ट उतारो !
मेरी ब्रेस्ट देख बोला- तू माल कमाल का है, कितनों से चुदा है?
वो कार चलाता रहा, मैंने नीचे जाकर, बाहर निकाल, लौड़ा मुँह में ले लिया। वह ओह यार !
जुबां से चाट कर उसको गर्म किया, इतने में घर आ गया।