लखनऊ में मस्ती भरी चोदम चुदाई -1
सहेली के पति ने मेरे पति की गांड मारी
एक शाम को रवि घर लौटा तो उसके चेहरे पर परेशानी झलक रही थी, मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो कहने लगा- प्रमोशन हुआ है लेकिन साथ ही छः महीने के लिये लखनऊ जाना पड़ेगा।
छः महीने के लिये लखऩऊ शिफ्ट होना आसान नहीं था, जाहिर था रवि को छः महीने लखनऊ में अकेले रहना था।
हफ्ते में चार-पाँच बार चुदाई करने वाला रवि लखनऊ में कैसे समय गुजारेगा, इसे सोचकर मैं परेशान थी।
तभी मुझे लीना की याद आई उसका पति राज लखनऊ में रहता था, दोनों की सरकारी नौकरी थी इसलिये अलग-अलग रहने को मजबूर थे।
मैंने लीना को अपनी समस्या बताई तो वो बोली- ठीक है, छः महीने के लिये दोनों एक साथ रह लेंगे और घऱ का खर्चा भी आपस में बांट लेंगे।
दो दिन बाद रवि लखऩऊ के लिये रवाना हो गया।
उसे स्टेशन पर ही राज मिला गया और एक घंटे बाद दोनों किराये के कमरे के अंदर बैठे थे।
थोड़ी ही देर बाद रवि ने नहाने के लिये कहा तो राज ने बाथरूम की तरफ इशारा कर दिया।
रवि कुर्सी से उठा और सीधे बाथरूम में घुस गया।
रवि का आदत थी कि नहाने के लिये जाते समय कपड़े लेकर नहीं जाता था। नहाने के बाद मुझसे तौलिया मांगता था और बदन को पोछ कर नंगा ही बाहर निकलता था।
नहाने के बाद रवि को याद आया कि वो अपने घर में नहीं बल्कि राज के घऱ में है। खैर उसने राज को आवाज लगाई और बैग से तौलिया और अंडरवियर निकालने को कहा।
रवि के अंडरवियर मैं पसंद करती थी इसलिये वो काफी सैक्सी होते थे।
राज ने बैग में तलाशा, उसे तौलिया तो मिल गया लेकिन अंडरवियर नहीं मिला, उसने रवि को तौलिया दे दिया। रवि तौलिया पहन कर बाहर निकला और बैग से एक अंडरवियर निकाला, उसे देख कर राज हैरान था।
अंडरवियर क्या था कपड़े की एक छोटी सी पट्टी थी जिससे बमुश्किल लंड छिपता था।
राज ने मुस्कराते हुए पूछा- यह कहाँ से खरीदा?
तो रवि ने कहा- भाई, तेरी भाभी ही कहीं से लाती है।
रवि को लखनऊ में रहते हुए तीन दिन हो चुके थे, उसने दफ्तर से मुझे फोन किया और बोला- चूत की याद आ रही है।
मैंने कहा- सब कुछ करना लेकिन किसी अऩजान को मत चोदना… पता नहीं क्या बीमारी लेकर घर लौटो।
मैंने यह भी कहा- कुछ दिन राज को ही ट्राई कर लो, कम से कम बीमारी तो नहीं लगेगी।
रवि कहने लगा- राज तो पूजा पाठी है, उसके साथ दाल नहीं गलेगी।
मैंने इसे चैलेंज की तरह लिया और उसे एक गेम समझाया। इसके मुताबिक जिसकी बीवी सुबह पहले अपने पति को फोन करेगी उसे अपनी बीवी की एक बात माननी होगा। इस गेम में कोई बेइमानी नहीं हो इसलिये फोन का स्पीकर खोल कर बात की जायेगी।
रवि ने यह गेम राज को समझाया।
राज पहले तो हिचका लेकिन बाद में मान गया।
पहले दिन लीना ने सुबह सुबह ही राज को फोन कर दिया, उसने स्पीकर खोलकर बात की।
पूरी बात करने के बाद राज ने कहा- लीना डार्लिंग..