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पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी

Story Hindi 2 pages 13 years ago

पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी
अन्तर्वासना के एक एक पाठक को मेरी यानि कि पूनम का प्रणाम !
यह मेरी आप सब के सामने पहली कहानी है, कहानी नहीं एक हकीकत है !
शादी से पहले से ही मेरा कई लड़कों के साथ अफेअर था और कई लड़कों से मैं चुदी थी। शादी हुई ससुराल चली गई, पहली रात निराशा हुई जब देखा पति का लौड़ा कोई खास नहीं था। दारु के नशे में था, मेरी चोरी पकड़ी नहीं गई थी, लेकिन वो मुझे ठंडी न कर पाया।
रोज़ रात को नशे में आता और पाँच-छह मिनट की चुदाई होती ! मुझे लौड़ा चूसना बहुत पसंद है लेकिन वो ज्यादा नहीं चूसने देता, जैसे ही खड़ा हो जाता, सीधा चूत में डाल देता। कुछ समय बाद उसने और ज्यादा पीनी शुरू कर दी, पीकर घर आकर वो मुझे पीट देता, गाली-गलौच करता। जिससे तंग आकर ससुर जी ने हमें अलग कर दिया। इस झटके से कुछ देर ठीक चला उसके बाद उसने फिर और ज्यादा पीनी शुरू कर दी।
मैं उससे बिल्कुल खुश नहीं थी। अब तो उनको उनके दोस्त घर छोड़ने के लिए आने लगे। उसको कोई होश ना रहती। उसको छोड़ने के बहाने वो मेरे दर्शन करने आते, मैं भी उनसे खुलने लगी। मुझे लौड़े के ज़रुरत थी।
वो तीनों बहुत हट्टे-कट्टे मर्द थे। उनके आने के समय पर मैं सेक्सी कपड़े पहनती, जिससे उनकी वासना भड़के। वो भी आने-बहाने मुझे छूने की कोशिश करते। मुझे देख तीनों के लौड़े खड़े हो जाते होंगे। मुझे उनमें से मनोहर जी सबसे अच्छे लगते। मैं उनकी ओर झुकने लगी, लेकिन वो जब भी आते तीनों इकट्ठे आते। मैं उन्हें हासिल करने के लिए मचलने लगी।
मेरी मुराद एक दिन पूरी होती दिखने लगी जब वो अकेले ही आये।
मैंने उसको बैठने को कहा और पानी देने के बहाने झुक कर अपने मम्मे दिखा दिए। उनकी नज़रें उनमें गड़ गई। मैं ग्लास रखने रसोई में गई, वो चाहते हुए भी कुछ नहीं बोल पाए, बस इतना कहा- मैं चलता हूँ भाभी !

वो मुड़े ही थे कि मैंने उनकी बांह पकड़ ली और बोली- बस ऐसे ही चले जाओगे? पहली बार अकेले मिले हो ! कह मैं उनसे लिपट गई।
उन्होंने भी मुझे कस कर बाँहों में भरते हुए कहा- मेरी जान ! मैं तो कई दिनों से इस पल के इंतजार में हूँ !
कहते ही उसने मुझे गोदी में उठाया और सीधा बिस्तर पे ले गए। वो मुझे जगह जगह चूमने लगे। एक एक करके हम दोनों नंगे हो गए उनका फौलादी लौड़ा देख मैं खुश हो गई। मैंने कहा- कुण्डी चढ़ा दो ! कहीं उनकी उतर गई और हम पकड़े गए?
मैंने उनके लौड़े को मुँह में भर लिया और पागलों की तरह चूसने लगी। वो आहें भर रहे थे। इतना मोटा लण्ड कसम से कभी नहीं पकड़ा था। कुछ देर में इतना सख्त हो गया कि चूसने में परेशानी होने लगी। फिर भी मैंने नहीं छोड़ा। उन्होंने तो मेरे मम्मों को मसल मसल कर चूस चूस कर लाल कर डाला फिर मुझे लिटा लिया और अपना फौलादी लौड़ा मेरी चूत में डालने के लिए चूत पे रख अन्दर किया।

दर्द से मैं कराहने लगी, इतने दिनों बाद इतना मोटा लौड़ा अंदर गया था। मैंने सब सहन कर लिया और देखते ही देखते उसने अपना नौ इंच का लौड़ा झड़ तक घुसा दिया।
हाय क्या माल हो भाभी जान !
फिर वो मुझे चोदने लगे।
हाय ! जोर से करो भाई साब ! फाड़ डालो ! कितने महीनों से आपसे चुदने को बेकरार थी, आज अपने नाकारा दोस्त की बीवी को अपनी रंडी बना कर चोदो ! मारो मेरी और जोर से मारो फाड़ डालो ! चूत फट जाने दो कामिनी को ! क्या मोटा लौड़ा है आपका !
ले कुतिया ! फाड़ डालूँगा ! कमीनी, तेरी माँ की चूत ! बहन की लौड़ी ! मादरचोद ! गली की कुत्तिया ! कुत्तों से चुद्वाऊंगा तुझे ! चल बहन चोद घोड़ी बन जा !
ले हरामी जात के ! बन गई घोड़ी ! घुसा दे अपना डंडा मेरे अन्दर !
ले साली !
दिल करता है एक साथ आगे से, पीछे से लौड़े ले लूँ !
बहन की लौड़ी ! तीन लौडे रोज़ तेरे पास आते हैं, पहले कहती तो रंडी, तुझे मिलकर चोद देते ! हाय !
मार अब !
आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपने पानी को मेरे अन्दर डाल दिया। वो रात के तीन बजे तक मुझे चोदता रहा।
इस तरह मुझे लौड़ा मिल ही गया। कुछ दिन तक वो अकेला ही मेरी लेता रहा, लेकिन फिर मेरे कहने पर वो बाकी के दो को भी मेरे ऊपर चढ़ाने के लिए राज़ी हो गया और फिर एक रात ऐसी आई कि मेरे पति को उन्होंने सुला दिया फिर हम चारों ने दारु पी।
उसके बाद क्या हुआ?
वो आप सबके जवाब मिलने के बाद
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