मेरी चूत में गैर मर्द का पहला लंड
मेरा नाम मोना सिंह है.. मेरी उम्र 33 साल है.. मेरी शादी हुए 8 साल हो चुके हैं। मेरी हाइट 5’6″ है.. रंग गोरा.. मेरा बदन छरहरा और मेरे मम्मों का साइज 35″ है।
मैं टीवी एक्ट्रेस कविता तिवारी की तरह ही दिखती हूँ। मैं भोपाल से 40 किलोमीटर दूर एक छोटे से कस्बे के सरकारी हास्पिटल में डाक्टर हूँ, भोपाल से आना-जाना करती हूँ। मेरे पति भोपाल में ही एक कंपनी में जाब करते हैं और वे अक्सर कंपनी के काम से महीने में 12-15 दिन बाहर टूर में ही रहते हैं।
शादी के 3 साल तक तो मैं एक सती सावित्री औरत की तरह ही थी.. लेकिन आज से 5 साल पहले मुझमें सेक्स की भूख ऐसी भड़की.. जो अब तक नहीं बुझी। यh भूख मुझमें कैसे जगी.. इसकी लंबी कहानी है.. जो मैं विस्तार से आप लोगों के साथ शेयर करूँगी।
वैसे मैंने इन पाँच सालों में अलग-अलग तरह के मर्दों से अपनी चुदाई करवाई है.. चुदाई में चाहे एक मर्द हो या सामूहिक चुदाई कार्यक्रम हो.. मैंने सब तरह का भरपूर मज़ा लिया है.. यहाँ तक की अपनी चुदाई की भूख शांत करने के लिए मैंने अपना जबर चोदन तक करवा लिया है।
पति के अक्सर बाहर रहने के कारण मैं कभी-कभी कस्बे के सरकारी मकान में भी रुक जाती थी। भोपाल से आने-जाने के दौरान मेरी मुलाकात यहाँ एक स्कूल टीचर जिसका नाम माही था.. जो मेरी हमउम्र थी.. से हुई।
हम दोनों में काफ़ी गहरी दोस्ती हो चुकी थी।
एक बार उसे काम के सिलसिले में कस्बे ही रुकना पड़ा.. वो मेरे मकान में मेरे साथ ही ठहर गई। हम दोनों में बातचीत के दौरान उसने कहा- मोना इस मकान में तुम अकेली रुकती हो.. तो तुम्हारा दिल नहीं मचलता है?
मैंने कहा- क्या मतलब?
वो बोली- मेरा मतलब किसी मर्द को बुलाकर सेक्स करवाने की इच्छा नहीं होती।
मैंने कहा- तेरा दिमाग़ खराब है क्या?
उसने कहा- इसमें दिमाग़ खराब की क्या बात है.. ये जवान जिस्म मर्दों से चुदाई के लिए ही तो है।
मैंने कहा- यदि तू अकेली रहती तो क्या करती?
उसने कहा- सेक्स करवाने के लिए अकेले रहने की ज़रूरत नहीं.. वो तो मैं करवाते रहती हूँ।
उसकी बातें सुन कर मैं चौक गई.. मैंने पूछा- तुझे ये सब करते बुरा नहीं लगता?
वो बोली- अरे यार.. ये साली चूत बनी ही लण्ड के लिए है.. जब लण्ड का चस्का लगता है तो क्या अच्छा और क्या बुरा.. मेरी मान तो तू भी अलग-अलग मर्दों से चुदवा कर जवानी के मज़े लूट!
मैं हैरानी से और उत्सुकता से उसको सुन रही थी।
उसने कहा- मैं दो लड़कों का इंतज़ाम करती हूँ।
।मैंने मना किया तो वो बोली- प्लीज़ यार अब मत मना कर।
यह बोल उसने मोबाइल से बात की।
मुझे घबराता देख कर वो बोली- घबरा मत बहुत मज़ा आएगा।
दो घंटे बाद रात के करीब 12 बजे 2 लड़के आए, दोनों लगभग 27-28 साल के लग रहे थे.. दोनों 6 फिट लंबे और काफ़ी तगड़े थे।
माही ने दोनों से मेरा परिचय कराया।