स्वर्ग से नर्क – नर्क से स्वर्ग
हैलो दीदी, भाभी और भाई,
मुझे बहुत मैसेज मिले। बहुत अच्छा भी लगा और बहुत बुरा भी.. क्योंकि मुझे यह समझ नहीं आता कि अगर मैंने सेक्स समस्या को लेकर अपना अनुभव लिख दिया है तो इसका मतलब ये तो नहीं कि मैं कोई एजेंट हूँ।
सभी मुझे माफ़ करना, अगर किसी को मुझे गंदे कमेन्ट करना पसंद है, तो वो पहले अपने घर पर वो सभी कमेन्ट करें फिर मुझसे बात करें। प्लीज़ कोई भी लड़का या पुरुष मुझे मैसेज ना करे।
मैं सिर्फ़ सच्ची और सोचने वाले विचार ही आपके सामने रखती हूँ।
दोस्तो, इस बदल रहे समय में रहे प्यार का मतलब ही बदल गया है, यह सोच कर बहुत परेशान हूँ।
आज हमारे समाज में प्यार का मतलब पैसा और सिर्फ़ पैसा ही रह गया है और दोस्ती का तो पूछो ही मत, वो तो सिर्फ़ नाम की रह गई है।
किसी भी लड़के या लड़की में अगर कोई रिश्ता है, तो इसका मतलब ये नहीं होता कि वो सेक्स पर ही खत्म होता है। दोस्ती और हमदर्दी एक ऐसा रिश्ता होता है, जिसे हम प्यार कहते हैं और वो कभी खत्म नहीं होता।
आज मैं आपको अपने एक दोस्त के बारे में बता रही हूँ, मेरे दोस्त का नाम है राम और हाँ राम हमारे साथ हॉस्पिटल में काम करता है, वो बहुत ही समझदार और दूसरों की मदद करने को तैयार रहता है।
एक दिन हमारे अस्पताल में फोन आया कि दूसरे शहर में किसी को उसके (ओ+) खून की जरूरत है। राम का खून भी ओ+ है तो वह अपने वेतन की कटौती की चिंता ना करते हुए, खून दान करने चला गया और उस लड़के तो अपने खून-दान किया।
जब तक डॉक्टर ने उसे ख़तरे से बाहर नहीं बताया और राम ने अपने दोस्तों को भी खून दान करने को प्रोत्साहित किया।
जब डॉक्टर ने समीर को ख़तरे से बाहर बताया, तो उसके घर वालों ने उसका धन्यवाद किया और अपने घर पर आने का न्यौता दिया। तब राम ने कहा- जब समीर (जिसे खून दिया था) घर आ जाएगा, तब मैं आपके घर आऊँगा।
इस बात को 15-16 दिन हुए थे, तब राम को समीर के घर से फोन आया कि समीर घर पर आ गया है और राम को घर पर 2 दिन के लिए रहने को निमंत्रित किया है। समीर घर आ गया था, जब राम उसे देखने उसके घर गया।
जब वो उसके घर गया और दरवाजा खोला तो तब राम को एक बहुत बड़ा धक्का भी लगा। जब उसने देखा कि दरवाजे पर पूजा खड़ी है। समीर पूजा का चचेरा भाई था।
पूजा वो लड़की थी जिसने समीर को पैसे के लिए उसके दिल को तोड़ कर किसी अमीर लड़के राहुल के साथ मस्ती कर रही थी।
राम और पूजा का प्रेम सम्बन्ध अच्छे मित्रों जैसा था, राम उसे दिल से चाहता था और शादी करना चाहता था।
जब पूजा ने राम को समीर के घर पर देखा तो उसन अपना सिर झुका लिया और अन्दर आने को कहा।
बातों बातों में पता चला कि पूजा समीर की दूर की चचेरी बहन लगती थी।
राम उसे बहुत प्यार करता था। इतना कि उसे शादी से पहले स्पर्श करना भी ठीक नहीं समझता था।