शादी में दिल खोल कर चुदी -5
मेरे कामुक दोस्तो, अब तक आपने पढ़ा..
अरुण जी करीब 25 मिनट तक मुझे चोदते रहे.. अब मैं भी झड़ने के करीब आ गई थी। उन्होंने मेरे दोनों मम्मों को ज़ोर से पकड़ लिया और धक्के पर धक्के लगाते जा रहे थे। मैं चूत उठाए सिसकारियां लेते हुए भलभला कर झड़ने लगी। मुझे झड़ते हुए देख कर अरुण जी ने धक्कों की रफ़्तार और तेज करते हुए मेरी चूत में अपने अंतिम झटके मारे और वीर्य से मेरी चूत को भर दिया। इसी के साथ उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और पूरा लण्ड चूत की जड़ तक डाल कर पड़े रहे।
अब आगे..
दस मिनट के आराम के बाद मैं बाथरूम में फ्रेश होकर जाने के लिए तैयार हो गई। अरुण अभी भी बिस्तर पर वैसे ही मेरी बुर चोदी लण्ड लिए लेटे थे। मैं पास गई और उनके होंठों पर अपने होंठ रख कर किस कर लिया और उनके कमरे से बाहर निकल कर अपने कमरे में घुस गई।
अभी मेरे पति नहीं आए थे, मैं थोड़ी रिलेक्स होने के लिए सोने लगी।
शाम के करीब मेरी नींद पति के जगाने से खुली। मेरे अस्त-व्यस्त कपड़ों को देखकर बोले- दरवाजा खुला छोड़ कर बेखबर सो रही हो.. कोई आकर चोद देता तो.. तुम्हारे कपड़े भी उठे हुए हैं और चूत भी खुली दिख रही है। मालूम भी है कि फूली हुई बिन बालों की चिकनी चूत को देख बड़े-बड़ों का ईमान डोल जाता है.. मेरी जान..
मैं कंटीली अदा से बोली- कौन आएगा आपके सिवा.. मैं थक गई थी और आपका इन्तजार करते हुए नींद आ गई।
तभी पति ने मेरी फूली हुई चूत पर हाथ रख जोर से भींच लिया, मेरे मुँह से दर्द भरी चीख निकल गई।
मेरी गीली चूत में एक उंगली डाल कर बोले- तुम्हारी चूत बहुत गीली है.. मुझे चोदने का मन कर रहा है.. जल्दी से एक राउन्ड हो जाए।
पर मेरा मन तो था नहीं.. फिर भी ना चाहते हुए उन्हें रोक नहीं पाई।
तभी पति का मुँह मेरी चूत पर आ गया और मेरी चूत की फांकों को फैला कर मेरी चूत चाटने लगे।
बोले- डार्लिंग चूत से तो वीर्य की महक आ रही है.. किसने तुम्हारे छेद में अपना वीर्य डाल दिया है?
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
मेरा इतना सुनते काटो तो खून नहीं.. मैं सोचने लगी कि मैंने तो चूत को अच्छी तरह से साफ किया था.. पर कुछ घन्टों पहले ही तो अरुण जी ने चोदा था.. शायद वीर्य का कुछ अंश अन्दर रह गया हो।
मैं बात बना कर बोली- कौन चोदेगा मेरी जान.. तुम्हारे सिवा कोई चोदता तो क्या मैं बताती नहीं..
यह बोलते हुए मैं कामुक अंदाज में सिसिया दी- चाटो ना मेरी चूत..
उनके सर पर हाथ रख कर पति का मुँह चूत पर दबा दिया।
वे मेरी चूत कुत्ते की तरह चाटने लगे और मैं गर्म होने लगी, मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं- आहह… आहईसी.. सीईईईई.. आह और चाटो जानू..
पति का एक हाथ मेरी चूचियों पर आ गया था, उन्होंने हल्के हाथ से सहलाते हुए चूत चाटने में मजा दुगना हो गया..
‘उफ्फ्फ..’ मेरे मुँह से ‘सी..ई..ई.. ई.ई…’ की आवाज तेज होती जा रही थी।