बहन का यौवन-2
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! जैसा कि मैं पहले ही अपनी बहन के बारे में बता चुका हूँ, इसलिए मैं अपनी कहानी अब आगे बढ़ाता हूँ।
डी.यू. में एडमिशन लेने से पहले तक मैंने अपनी बहन तान्या को कई बार चोदा। मगर एडमिशन के बाद तान्या ने मम्मी-पापा से हॉस्टल में रहने की इजाजत मांगी क्योंकि उसका कॉलेज घर से दूर था और आने जाने में और कॉलेज में पूरा दिन खराब हो जाता था। हॉस्टल के लिए पापा ने हाँ कह दी क्योंकि पापा का मानना था कि अकेले रहने से इंसान समझदार बन जाता है।
अतः तान्या अब अलग हॉस्टल में रहने लगी, अब वो बस रविवार को ही घर आती थी।
एक दिन मैंने तान्या को एक लड़के के साथ राजौरी गार्डन बाजार में देखा तो मैं समझ गया कि तान्या क्यों अलग रहना चाहती थी। अगले ही दिन मैं सुबह मम्मी-पापा को बिना बताए तान्या के हॉस्टल पहुँचा।
वहाँ पहुँच कर जो सुना, वो सुनकर मैं ज्यादा हैरान नहीं हुआ। हॉस्टल स्टाफ ने बताया कि तान्या हॉस्टल में रहती ही नहीं। मैं समझ गया कि तान्या उसी लड़के के साथ रहती होगी।
मैंने तान्या से सीधा इस बारे में बात करना ठीक ना समझा और रविवार का इन्तजार करने लगा।
अगले सन्डे जब तान्या घर आई तो मैं तान्या को अपने कमरे में ले गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इससे पहले मैं कुछ बोलता, तान्या ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चोदने की गुजारिश करने लगी।
मैं भी इस सब में सब कुछ भूल गया, अपने कपड़े उतार दिए और अपना लंड सीधा तान्या के हाथों में थमा दिया। चूँकि तान्या काफी बार मेरा लंड चूस चुकी थी इसलिए वो इस कला में माहिर हो चुकी थी।
इसी बीच मैंने तान्या के भी कपड़े उतार फेंके और चुदाई कार्यक्रम चालू कर दिया। चूँकि तान्या की चूत ढीली हो चुकी थी तो मुझे ज्यादा मजा नहीं आया और तान्या भी जल्दी ही झड़ गई।
मैं बिस्तर से उठा, वैसलीन की डिब्बी ले आया और तान्या को उल्टा होने को कहा। इस पर तान्या गिड़गिड़ाने लगी कि मैं उसकी गांड ना मारूँ, मगर मैंने वैसलीन की पूरी डिब्बी तान्या की गाण्ड में खाली कर दी और धीरे-धीरे उसकी गांड में लौड़ा घुसेड़ने लगा।
तान्या चिल्लाने लगी।
तान्या के चिल्लाने की आवाज नीचे तक पहुँच गई जिसे सुनकर मम्मी ऊपर आ गई। चूँकि दरवाजा अंदर से बंद था तो मम्मी ने बाहर से दरवाजा खटकाया। मैं तुरंत बाथरूम में घुस गया और तान्या अपने कपड़े पहनने लगी और कपड़े पहनने के बाद दरवाजा खोला।
मम्मी ने चिल्लाने का कारण जानना चाहा तो तान्या ने बोल दिया कि वो कॉकरोच से डर गई थी। इसके बाद मम्मी तान्या को अपने साथ नीचे ले गई और इतने में मैं भी कपड़े पहन कर बाहर आ गया।
कुछ देर के बाद मैं तान्या के कमरे में गया तो तान्या किताब पढ़ रही थी। जैसे ही मैं अंदर घुसा तान्या मुझे शक की निगाहों से देखने लगी।