भतीजी सोनी के मुँह में लंड
साथियो, नमस्कार..
मैंने एक नया मकान लिया था.. मैं अपने परिवार के साथ शहर में बस चुका था और तब मुझसे बड़े भाई की लड़की.. जिसका नाम सोनी है.. वो आई थी।
वो अभी-अभी जवानी की दहलीज़ पर कदम रख ही रही थी.. बहुत सुंदर तथा गोरी थी। सीनियर सेकेण्डरी में पढ़ रही थी। कद-काठी में अच्छी है.. लेकिन पतली है। वो नयन-नक्श से बहुत खूबसूरत है.. उसके पतले और सुंदर लाल होंठ.. उसकी पतली कमर.. चूतड़ उभर चुके थे.. सीने पर उरोज उठ चुके थे, मैंने ताड़ लिया था कि इसकी चूत बहुत नाज़ुक होगी।
एक दिन वो नहा कर बाहर आई और उसी समय मेरी बीवी ने मेरे नहाने के लिए पानी रखा.. मैं जब बाथरूम में गया और देखा कि उसकी छोटी सी चड्डी वहीं पर पड़ी थी।
मैंने दरवाजा बंद किया और उसकी चड्डी उठाई.. चड्डी हाथ में लेकर यही अहसास करने लगा कि कुछ मिनट पहले यही चड्डी भतीजी की चूत पर चिपकी हुई थी।
मैंने अपनी निक्कर निकाल ली.. उसकी छोटी सी चड्डी देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था। मैंने ध्यान से देखा कि जिस जगह पर सोनी की चूत लगती थी.. वो अभी भी गरम लग रही थी। उसकी लाल चड्डी थी.. लेकिन उसकी चूत की गर्मी से चूत की जगह का रंग निकल गया था, उसी जगह पर चूत से निकला हुआ सफेद रज़ था।
उसी जगह को मैंने नाक से सूँघा.. आह.. क्या चूत की मदहोश करने वाली महक थी। मैंने अपनी जीभ निकल कर उसकी चूत समझ कर चड्डी पर फेर दी।
मैं एकदम से बेकाबू हो गया और मैंने अपना लंड उसी जगह पर लगाकर मेरा वीर्य रस उसकी चड्डी पर गिरा दिया।
बस उसी समय से मुझे अपनी भतीजी की चूत बेकरार करने लगी और मैं मेरा फंदा डालने लगा, उसे देखकर अपने लंड पर हाथ फेर लेता था।
हम सभी ऊपर के बेडरूम में सोते थे। रात में मैं अपने लंड को सहलाता.. वो मेरे सामने ही सोती थी। रात में मैं सोते में अपना लंड निक्कर से बाहर निकालने लगा।
एक दिन सुबह उसे उठाते समय उसके दोनों नीबुओं को पकड़ लिए.. उसने कुछ नहीं कहा.. अब मैं उसके चूतड़ों पर भी हाथ फेर देता था।
फिर एक रात मैंने देख लिया था कि सोनी जाग रही है… तब मैंने बीवी को चुदाई के लिए उकसाया।
उसने कहा- सोनी जाग रही होगी..
मैंने कहा- वो सो गई है।
मैंने बीवी के मुँह में अपना लंड पेल दिया। सोनी की तरफ उसकी पीठ थी.. लेकिन मुझे मालूम था कि वो जाग रही है। मैंने बीवी को डॉगी स्टाइल में चोदने लगा.. जिससे सोनी को सब कुछ साफ़ दिखे.. कि चूत में लंड कैसे घुसता है और कैसे निकलता है।
उस रात सोनी मेरे लंड की कमाल देख चुकी थी और सुबह जैसे ही हमारी नज़रें मिलीं.. वो मुस्करा उठी।
मेरा लंड का निशाना ठीक जगह लगा.. और अब वो रात नज़दीक थी।
मैं रात में पेशाब के लिए उठा.. मैंने देखा कि भतीजी सोते में मेरे नज़दीक आ गई थी, मैं पेशाब करके आया.. और उससे चिपक कर लेट गया।
रात का 2 बजे का समय होगा.. बीवी आराम से सोई हुई थी।