रेखा चाची का बेटा
प्रेषक : अनमोल वर्मा
मेरा नाम अनमोल है, मैं 25 साल का हूँ। मेरी चाची का नाम रेखा है, वो 40 वर्ष की हैं। चाची, चाचा अपने चार बच्चों के साथ फिरोजपुर में रहते हैं। मैं भी पास के ही एक शहर में रहता हूँ।
जब मैं 15 का था, तब चाचा की शादी हुई थी। चाची को पहली लड़की हुई, दूसरी बार में भी लड़की हुई। तब तक मेरी उम्र 18 से ऊपर हो गई थी, मैं चाची से हंसी मजाक करता रहता था, चाची भी मुझसे खुलकर बात कर लेती थी। कभी कभी चाची मजाक में मेरी शादी की बात करती तो मैं भी कह देता- चाची, अभी मैं बड़ा कहाँ हुआ हूँ।
चाची भी चालू थी, कहती- तो फिर मैं बड़ा कर दूँ?
हम हर बात आपस में शेयर करते थे। एक बार चाची ने कहा- तेरे चाचा लड़का चाहते है पर दो बार लड़की ही हुई।
मैंने कहा- चाचा को बोलो, इस बार अच्छी तरह करें।
चाची जानते हुए भी भोली बनकर बोली- क्या करें?
मैंने कहा- वही, जो आपने चाचा के साथ पहले दो बार में किया। यह कहानी आप अन्तर्वासना.कॉम पर पढ़ रहे हैं।
चाची ने कहा- तो तुझे पता है?
मैंने कहा- हाँ !
“तुझे आता है अच्छी तरह करना?”
चाची अब खुल कर बात करने लगी। मैं भी अब जोश में आ गया। चाची की उम्र उस समय 33 साल की थी। रंग गोरा, कद 5’5″, क्या फिगर था, एक दम सही शेप में, और मोम्मे जैसे खरबूजे !
जब चाची ब्रा नहीं पहनती थी तो चुच्चों का उभार जैसे दूध की बोतल के निप्पल।
चाची के ऐसा कहने पर कि तुझे आता है अच्छी तरह कैसे होता है, मैंने कहा- हाँ, जैसे वीडियो में करते हैं।
चाची ने कहा- वीडियो?
मैंने कहा- हाँ।
मुझे नहीं पता था कि चाची ने कभी ब्ल्यू फिल्म देखी है या नहीं।
तब मैंने अपने मोबाईल पर एक छोटी वीडियो दिखाई जिसमें लड़का लड़की किस कर रहे थे।
चाची पहले शरमाई, फिर बोली- शरारती ! तू मोबाईल में ये सब देखता है?
मैंने पूछा- चाची, क्या आपने पहले कभी ऐसी वीडियो नहीं देखी?
एक प्यारी मुस्कुराहट के साथ चाची बोली- हाँ ! तेरे चाचा एक दो सीडी लाए थे।
मैंने कहा- कौन सी?
कुछ देर बाद चाची एक ब्ल्यू फ़िल्म की सीडी ले आई। इसके बाद हम खुल गए। अब चाची मुझसे सीधे ही लौड़े चूत की बात करने लगी।
बाद में हमने एक ब्ल्यू फिल्म भी देखी जिसमें लड़का अंत में अपने 8 इंच लम्बे लण्ड से वीर्य की मोटी धार लड़की के चेहरे पर फ़ेंक देता है।
एक साल बाद चाची एक और लड़की हो गई।
मेरी छुट्टियाँ थी तो पापा मुझे अपने साथ बच्चे को देखने लाए। अगले दिन पापा घर चले गए, मैं चाचा के घर रुक गया।
क्योंकि चाचा भी दुकान पर जाते थे। घर में मैं और चाची ही रहते थे, बच्चे स्कूल चले जाते।
चाची ने कहा- देखा, इस बार भी लड़की हुई।
चाची परेशान थी, चाची ने कहा- काश, कोई ऐसा रास्ता होता कि लड़का पैदा होता।
चाची बच्चे को दूध पिलाने लगी। कमीज ऊपर करते ही चाची का मोम्मा मटकता हुआ नीचे आया।