तुझे मज़ा आयेगा-1
प्रेषक : अनिल
मैं अपने कमरे में म्यूजिक सुन रही थी कि अचानक किसी गाने के गायक के नाम का नहीं पता होने से अपने भैया को मैंने जोर से आवाज़ दी। घर में मेरे और भैया के सिवा और कोई नहीं था। हमारे माता-पिता किसी रिश्तेदार की शादी में दो दिन के लिए बाहर गए थे। दो-तीन बार बुलाने पर मुझे भैया का कोई जवाब नहीं आया। मुझे कुछ अजीब सा लगा। मैं अपने कमरे से निकल कर नीचे आई और फिर से आवाज़ दी पर फिर भी कोई जवाब नहीं आया। सारे कमरे मैंने देखे पर भैया कहीं भी नहीं थे। मैं फिर बाथरूम की तरफ गई।
मैंने बाथरूम का दरवाज़ा धीरे से खोला तो देखा की भैया की जींस घुटनों तक नीचे थी। मुझे लगा कि मेरे भैया ने एक हाथ से अपने पेशाब वाली चीज़ को पकड़ रखा है और उसे आगे पीछे कर रहे हैं। उनके गले से कुछ अजीब सी आवाज़े निकल रही थी। मैं यह सब देख कर दंग रह गई और वहाँ से हिल न सकी। मेरी आँखें उनके पेशाब वाली चीज़ पर अटक गई। वो उस वक्त बहुत लम्बा और मोटा लग रहा था।
मैंने ऐसे अभी तक कुछ नहीं देखा था।
मुझे अचानक लगा कि मेरी टांगों के बीच मैं कुछ होने लगा है। मैं अपने गाने के बारे मैं सब-कुछ भूल चुकी थी।
तब भैया ने नज़र उठा कर मेरी तरफ देखा और एकदम से चौंक गए और अपनी पेशाब वाली चीज़ को हाथों से छुपाने की कोशिश की। पर मैं तो उनकी पेशाब वाली चीज़ को ही देख रही थी कि जैसे किसी ने मुझे मन्त्रमुग्ध कर दिया हो। तब भैया मेरी तरफ बढ़े और मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं भी उनकी तरफ खिंचती चली गई। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे ऊपर किसी ने कोई जादू कर दिया है।
तभी भैया ने मेरा दायां हाथ पकड़ा और उसे धीरे से अपनी पेशाब वाली चीज़ पर रख दिया। मैंने अभी तक भैया की तरफ नहीं देखा था। मैंने उनकी पेशाब वाली चीज़ अपने हाथ में पकड़ ली और मुझे जैसे करंट सा लगा। उनकी पेशाब वाली चीज़ बहुत गर्म सी थी और उसकी आगे वाली मोरी से कुछ लेस जैसी चीज़ भी निकल रही थी।
भैया ने अपना हाथ मेरे उस हाथ पर रख दिया जिस हाथ से मैंने उनकी पेशाब वाली चीज़ पकड़ रखी थी। उनका हाथ मेरे हाथ पर रखते ही मुझे लगा कि मेरा पेशाब निकल गया है। मेरी कच्छी भीग गई हो पर इस पेशाब करने से मुझे जैसे कोई बेहोशी सी आ गई हो। इस तरह की अनुभूति मुझे जिंदगी में कभी भी नहीं हुई थी। तब भैया अपना हाथ मेरे हाथ पर रख कर अपनी पेशाब वाली चीज़ को आगे पीछे करने लगे। थोड़ी देर बाद भैया ने अपना हाथ मेरे हाथ से उठ लिया और मैं तब भी उनकी पेशाब वाली चीज़ आगे पीछे करने लगी। मेरे भैया ने अपने दोनों हाथों से मेरे चेहरे को पकड़ लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पे रख दिए। मैं तो जैसे जल उठी और अपने हाथ से जोर जोर से उनकी पेशाब वाली चीज़ को आगे पीछे करने लगी।
अभी तक हम भाई बहन ने कोई भी शब्द आपस में नहीं बोला था।