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ससुर का लपलपाता हुआ लंड पकड़ा- 1

Story Hindi 4 pages 14 years ago

ससुर का लपलपाता हुआ लंड पकड़ा- 1
जवान बहू फक़ कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसे सेक्स का बहुत शौक था तो शादी से पहले ही खूब चुदी थी. पर शादी के बाद उसे लंड की कमी महसूस हुई तो उसने अपने ससुर का लंड लिया.
मेरे प्यारे दोस्तो, मैं रेहाना खान.
मेरी पिछली कहानी थी: मेरी बेटी हो गई मेरी जैसी चुदक्कड़
आज की यह कहानी मेरी सहेली की है.
अपनी जिन्दगी की पूरी बात वह खुद अपने शब्दों में बता रही है, आप गौर फरमाएं और मजा लें.
यह कहानी सुनें.

Jawan Bahu Fuck Kahaniमेरा नाम बरखा है।
मैं आपको अपनी एक सच्ची जवान बहू फक़ कहानी सुना रही हूँ।
यह उन दिनों की बात है जब मैं अपने जिस्म से पूरी तरह जवान हो चुकी थी।
मेरे मम्मे बड़े बड़े हो गए थे, मेरी बाहों की गोलाई बड़ी सेक्सी हो गयी थी और मैं स्लीवलेस कपड़े पहनने लगी थी.
मेरी जांघें मोटी मोटी और कमर पतली हो गयी थी, मेरे चूतड़ उभर आये थे.
मेरी चूत पर काली काली घनी झांटें निकल आयीं थीं.
मुझे सेक्स की गन्दी गन्दी बातें करने में बड़ा मज़ा आने लगा था।
मैं अपनी सहेलियों से लंड, बुर, चूत, भोसड़ा की बातें खुल कर करने लगी थी।
साथ ही साथ बड़ी बेशर्मी से बहन चोद, मादर चोद, भोसड़ी वाली जैसी गालियां भी देने लगी थी।
फिर मैं कॉलेज के लड़कों के संपर्क में आ गयी और उनके लंड पकड़ने लगी।
पहले एक का पकड़ा फिर दूसरे का और फिर तीसरे का भी!
इसी बीच मैं सबसे चुदने भी लगी।

मुझे लंड की लत लग गयी थी इसलिए मैं शादी के पहले खूब चुदी हुई थी।
मेरी शादी मेरी 22 साल की उम्र में हो गयी थी.
मेरा पति फौज में था। वह साल में 3/4 बार आता था, 10/12 दिन रहता था और फिर चला जाता था।
जब तक वह रहता था तब तक मैं उससे खूब चुदवाती थी पर जब वह चला जाता था तो मैं लंड के लिए तड़पती रहती थी.
कुछ दिनों के बाद मेरा धैर्य टूट गया और मैं लंड के लिए पराये मर्दों का मुंह ताकने लगी थी।
एक दिन मेरा देवर रोहित गांव से आ गया।
वह हैंडसम था तो मेरा दिल उस पर आ गया तो मैं अपने जिस्म का जलवा उसे दिखाने लगी.
वह मेरे ऊपर मोहित हो गया और एक दिन मैंने उसे मजाक मजाक में नंगा कर दिया।
बदले में उसने भी मुझे नंगी कर दिया।
फिर क्या … मैं उसका लंड चाटने लगी और वह मेरी चूत!
थोड़ी देर बाद उसने लंड मेरी चूत पर रगड़ा और फिर गच्च से अंदर पेल दिया।
मैंने भी उसका साथ दिया।
उसने मुझे उस दिन रात भर चोदा।
सुबह उठकर फिर चोदा.
और जब जाने लगा तो बोला- भाभी, एक बार और चोद कर जाऊंगा।
घर में मैं थी, मेरी सास और ससुर!
दो दिन बाद मेरी सास अपने मायके चली गयी तो घर में मैं और मेरा ससुर रह गए।
अचानक मेरी ननद का फोन आ गया।
मैं उससे बातें करने लगी, फिर गन्दी गन्दी बातें और लंड चूत की बातें भी होने लगीं.
बातों बातों में उसने बताया- भाभी, तेरी सास बड़ी चुदक्कड़ है। वह पराये मर्दों से खूब चुदवाती है और अपने मायके सिर्फ चुदवाने के लिए ही जाती है हरामजादी।

यह सुनकर तो मेरी चूत में आग लग गई।
मेरी लंड पकड़ने की इच्छा जोर पकड़ने लगी।
मैं लंड के लिए मचलने लगी।
मेरे ससुर का नाम बल्लू था।
वह भी 46 साल का मस्त जवान था और मैं भी 23 साल की मस्त जवान थी।
घर में केवल हम दोनों ही थे.
मेरे मन में आया कि मैं इसका लंड पकड़ कर देखूं कैसा है मेरे ससुर का लंड?
मैं लंड के दर्शन करने के लिए उसकी गांड के पीछे पीछे घूमने लगी लेकिन कुछ हल नहीं निकला।
हां, यह बात जरूर हुई की वह मुझे ललचाई नज़रों से घूर घूर कर देखने लगा.
एक दिन मैं बाथरूम से अपनी चूचियों तक तौलिया लपेटे हुए बाहर निकली तो देखा कि मेरा ससुर सामने ही बैठा है.
उसने मुझे देखा तो बोल पड़ा- बहू, आज तुम बहुत खूबसूरत और हॉट लग रही हो।
मैं उसके नजदीक गयी और बोली- हॉट तो तुम भी लग रहे हो बाबू जी!
मैं ससुर को बाबू जी कहती थी.
वह मुस्कराया और चला गया।
उसी दिन रात को मैं अपनी चूचियाँ खोल कर सिर्फ पैंटी पहनकर लेटी हुई थी।
मैं चाहती थी कि बाबू जी मुझे देखें और मेरे ऊपर चढ़ जाएँ।
वह आया तो मुझे घूम घूम कर देखा भी … और अपना लंड सहलाया भी मगर फिर वापस अपने बेडरूम में चला गया।
मेरी झांटें सुलग गयी।
मैंने मन में कहा कि ये भोसड़ी का मर्द है भी या नहीं?
इतनी खूबसूरत नंगी औरत को देख कर भी इसका लंड खड़ा नहीं हुआ।
मैं मन मसोस कर रह गयी।
दूसरे दिन रात को 10 बजे मैं उसके कमरे में रोज़ की तरह एक गिलास दूध लेकर गयी।
मैं जैसे ही कमरे में घुसी तो वहां का नज़ारा देख कर दंग रह गई।
मेरी चूत साली ने एकदम से पानी छोड़ दिया।
मैंने देखा कि बाबू जी एकदम नंगे नंगे टी वी को म्यूट करके ब्लू फिल्म देख रहे हैं और अपना लंड हिला रहे हैं.
फिल्म में एक बेहतरीन चुदाई चल रही थी।
बाबू जी का खड़ा लंड देख कर मैं बुरी तरह ललचा गयी।
फिर मैंने गिलास को एक कोने में रखा, अपना गाउन उतार कर नंगी हो गयी और बाबू जी का लपलपाता हुआ लंड पकड़ लीया।
वह भौचक्का रह गया, बोला- अरे बहू तुम?
मैंने कहा- हां बाबू जी मैं … ये लंड हिलाने का काम मेरा है तुम्हारा नहीं!
वह उत्तेजित हो गया तो बोला- चूचियाँ दबाने का काम मेरा है तुम्हारा नहीं।
उसने मुझे अपने ऊपर लिटा कर अपने बदन से मेरे बदन को चिपका लिया।
बड़ी देर तक हम दोनों ससुर बहू चिपके हुए लेटे रहे।
बहुत दिनों के बाद मुझे एक मस्त मर्द के नंगे बदन का मज़ा मिल रहा था।
फिर मैंने अपना बदन ढीला किया और उसके ऊपर चढ़ गयी, अपनी चूत उसके मुंह पर रख दी.
वह मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लंड चाटने लगी।
हम दोनों 69 की पोजीशन का मज़ा लेने लगे।
उसका लंड बहनचोद लम्बा भी था और मोटा भी!
मैं इतना मोटा लंड पहली बार देख रही थी।
लंड का टोपा बिलकुल पहाड़ी आलू जैसा था और बहुत खूबसूरत लग रहा था।
मैं लंड अधिक से अधिक मुंह में घुसेड़ कर चूसने लगी; मुंह के अंदर ही टोपा के चारों ओर जबान घुमाने लगी।

फिर क्या … ससुर की सिसकारियां निकलने लगीं।
वह बोला- वाओ बरखा … बड़ा मज़ा आ रहा है बहू. मेरा लंड किसी ने पहले इतनी अच्छी तरह नहीं चूसा। तू सच में बड़ी मस्त चीज है यार. और चूस मेरा लंड। पूरा चूस डाल मेरा लंड!
ससुरा भी मेरी चूत में जबान घुसेड़ कर जबान से ही चूत चोदने लगा।
मैं मस्ती से वासना में डूबती जा रही थी।
कुछ देर में मैंने सिसकारियां लेते हुए कहा- हाय मेरे राजा, अब रुका नहीं जा रहा। पेल तो अपना भोसड़ी का लंड बल्लू और चोद डाल मेरी चूत, फाड़ डाल मेरी चूत!
उसने भी देर नहीं लगाई और लंड चूत पर रगड़ते हुए गच्च में पेल दिया अंदर!
मेरे मुंह से चीख निकल पड़ी- उई माँ मर गयी मैं … बड़ा मोटा है तेरा मादर चोद लंड! तू भी भोसड़ी का बड़ा बेरहम है. एक ही बार में पूरा घुसा दिया लंड! तू साला भडुआ तेरी बहन का भोसड़ा!
मैंने प्यार से उसे गालियां दीं.
मगर उसने कुछ नहीं सुना और भकाभक चोदने लगा।
मैं भी अपनी गांड हिला हिला कर मजे से चुदवाने लगी।
हर झटके का जबाब झटके से देने लगी.
पूरे घर में धच्च धच्च, भच्च भच्च, फच्च फच्च की आवाज़ गूंजने लगी और चुदाई की महक भी पूरे घर में फ़ैल गयी।
एक ससुर अपनी बहू को कितनी मस्ती से चोदता है, यह मुझे पहली बार महसूस हो रहा था।
जवान बहू फक़ में मेरी सिसकारियां निकल रही थी और उसके मुंह से गालियां!
बोला- तू भोसड़ी वाली बिलकुल रंडी बन चुकी है बरखा! कमीनी कुत्ती … आज मैं तुझे चोद चोद अपनी भूख मिटाऊंगा। मुझे इससे पहले इतनी मस्तानी चूत चोदने को कभी नहीं मिली। तुझे तो मैं बहुत बड़ी रंडी बना दूंगा बरखा।
तब तो मैं भी उत्तेजित हो गयी और बोली- मादरचोद तुझे अपनी बहू चोदने में कोई शर्म नहीं आ रही है? तू साला कुत्ता हरामजादा पागलों की तरह चोद रहा है मुझे! बेटी चोद!
वह बोला- बरखा एक बात सुन ले, चुदाई में लंड चूत के अलावा कोई और रिश्ता नहीं होता!
मैंने कहा- अच्छा … तो क्या तू अपनी बेटी भी इसी तरह चोदगा?
वह बोला- हां क्यों नहीं चोदूंगा? अगर मेरे खड़े लंड के आगे मेरी बेटी आ जाए तो मैं उसे भी चोद डालूंगा।
मैंने कहा- ठीक है भोसड़ी के बल्लू … यह बात याद रखना।
ऐसा बोल कर मैं फिर उछल उछल चुदवाने लगी और गालियां भी सुनाने लगी।
इतने में उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड पेल कर चोदने लगा।
वह मुझे बड़ी देर तक चोदता रहा।
न मेरी चूत खलास हो रही थी और न उसका लंड।
मैंने मन में कहा- साला बहन चोद इसका लंड बड़ा हक्कानी है और बड़ी देर तक चोदने वाला है। बड़ा गज़ब का स्टैमिना है इसके लंड में! मुझे तो ऐसा ही लंड पसंद है.
वह चोदने की स्पीड बढ़ाता गया और मैं भी अपनी गांड आगे पीछे करती हुई चुदवाती चली गई.
बस 5 मिनट में ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।
ढीली हो गई मेरी चूत!
तब तक मुझे महसूस हुआ कि वह भी झड़ने वाला है.

तो मैंने घूम कर अपना मुंह लंड के सामने कर दिया और फिर सारा का सारा वीर्य मेरे मुंह में जा गिरा जिसे मैं गटक गयी।
उसके बाद हम दोनों ससुर बहू लिपट कर नंगे नंगे ही सो गए।
सवेरे 4 बजे जब मैं उठी तो देखा कि ससुर का लंड सोया हुआ है उसका टोपा एकदम बाहर निकला हुआ था.
मुझे उस पर प्यार आ गया।
मैंने जबान से लंड का टोपा उठाया और आहिस्ते से लंड पूरा मुंह में भर लिया।
मैंने जैसे ही जबान लंड पर घुमाई, वैसे ही वह जग गया, बोला- हाय मेरी रानी, आ जा … मैं फिर तुझे एक बार चोदूंगा।
उसने मुझे चिपका लिया और फिर चुपके से लंड चूत पर टिका कर पेल दिया अंदर!
उसे फिर चोदने में मज़ा आने लगा और मुझे चुदवाने में!
कहते हैं कि सबसे अच्छी चुदाई सवेरे की चुदाई होती है।
मैंने उस चुदाई का पूरा फायदा उठाया।
सवेरे जब वह अपने सारे कपड़े उतार कर नंगे नंगे नहाने के लिए जाने लगा तो मैं उसका लंड देख कर मुस्करा पड़ी।
वह बोला- किसे देख कर मुस्करा रही है मेरी जान?
मैंने कहा- तेरे इस बेटीचोद लंड को देख कर मुस्करा रही हूँ।
वह बोला- मेरा लंड बेटीचोद नहीं बहूचोद है!
मैंने कहा- मैं तेरे लंड को बेटीचोद बना दूँगी।
उसने मेरे गाल बड़े प्यार से थपथपाया और कहा- अब मैं तुझे नहाने के पहले एक बार फिर चोदूंगा। तू साली बड़ी मस्त चीज है. मैं तुझे जितना चोदता हूँ उतना और चोदने का मन करता है।
फिर अचानक मेरी ननद का फोन आ गया।
उसके बाद क्या हुआ वह आप अगले भाग में पढ़िए।
यह जवान बहू फक़ कहानी आपको कैसी लगी?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएँगे तो मुझे अच्छा लगेगा.[email protected]
जवान बहू फक़ कहानी का अगला भाग: ससुर का लपलपाता हुआ लंड पकड़ा- 2

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