ममता की गाण्ड खोली-1
मित्रो और सखियो, आपने मेरी कहानी
ममता की धुंआधार चूत चुदाई
पढ़ी, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद !
अब कहानी आगे:
घण्टी की आवाज सुन कर मेरी गांड फ़टी और मैंने उसे बोला- जा दरवाजा खोल ! और मेरे लिये पूछे तो बोलना मैं छत पर हूँ।
उसने जाकर दरवाजा खोला, मम्मी भाभी आ गए थे, उन्होंने उससे पूछा- तू सो गई थी क्या?
क्योंकि उसकी हालत देख कर ऐसा ही लग रहा था।
उसने बोला- हाँ !
मम्मी ने पूछा- अमित आ गया क्या?
तो वो बोली- हाँ आ गए, अमित भैया छत पर हैं।
मैं उनकी सब बातें सुन रहा था जाली में खड़ा खड़ा…
अब जाकर मुझे चैन मिला।
मम्मी सब्जी काटने लगी और भाभी और ममता अंदर के कमरे में चले गए।
भाभी 5 मिनट बाद ममता से बोली- अमित ने तुझे चोद दिया क्या?
तो वो घबरा गई- नहीं तो, आप ऐसा क्यों पूछ रही हैं?
तो भाभी बोली- तेरा और उसका माल पलंग पर दिख रहा है और रूम भी पूरा महक रहा है।
वो रोने लगी और भाभी के हाथ पैर पकड़ने लगी- मुझे माफ़ कर दो, अब ऐसी गलती नहीं करुँगी और कल अपने घर चली जाउंगी।
मैं भी ऊपर से सब सुन रहा था, मेरी तो फट रही थी कि अब क्या होगा।
भाभी बोली- यह अच्छी बात नहीं है, आगे तुम्हारी मर्जी… मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, जो तेरा मन करे, वो कर !
उसने भाभी से माफ़ी मांगी और बोली- अब कुछ नहीं करूँगी।
अब मैं भी नीचे आ गया पर भाभी से नजर मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी, चुपचाप रहा, सब सामान्य चलता रहा।
ममता भी मुझ से दूर दूर और उखड़ी उखड़ी रही।
रात के करीब दस बजे मैं दीवान पर बैठ कर टीवी देख रहा था, मम्मी पापा और ममता नीचे बिस्तर डाल कर टीवी देख रहे थे।
थोड़ी देर में ममता उठ कर बाथरूम के लिए गई।
मैंने देखा कि मम्मी पापा सो गए हैं तो मैं भी उसके पीछे पीछे चला गया और जैसे ही वो मूत के बाहर आई, मैंने उसे पकड़ के बाथरूम के अंदर किया और उसके उरोज़ दबाने लगा।
वो बोली- प्लीज़ छोड़ दे, भाभी को सब पता चल गया है, अब मैं और कोई लफड़ा नहीं चाहती हूँ।
मैंने बोला- पता चल गया तो कोई बात नहीं, अभी मेरा लण्ड चूस के मेरा माल पी जा, उसके बाद चली जा…
उसने बोला- नहीं!
तो मैंने बोला- ठीक है, यहीं चोदूँगा तुझे !
और उसे मसलने लगा।
वो हल्का हल्का विरोध करने लगी।
जब वो मस्ती में आ गई तो मैंने उसे बोला- मेरा लण्ड चूस…
तो वो भी चूसने लगी, मैं लण्ड को उसके मुख में अंदर बाहर करने लगा और अपना माल उसके मुख में छोड़ दिया।
मैंने उसे बोला- कल मैं तुझे घर के बाहर ले जाउंगा और तेरी गाण्ड खोलूँगा।
वो बोली- मुझे नहीं खुलवानी!
मैं बोला- अपनी गांड में तेल लगा कर तैयार रहना चलने को!
ऐसा बोल कर मैं सोने चला गया।
दूसरे दिन मैंने दिन में मम्मी से बोला- मैं फिल्म देखने जा रहा हूँ, आपको एतराज ना हो तो ममता को अपने साथ ले जाऊँ?
मम्मी बोली- ले जा, अगर वो जाना चाहती हो तो !
मैंने ममता को बोला- चल तैयार हो जा, फिल्म देखने चलना है।