दोस्त और उसकी बीवी ने लगाया ग्रुप सेक्स का चस्का-8
कामिनी ने मुझे फ़्रॉक दी, मैंने पहन कर देखी मैं काफ़ी रोमांचित हो गई।
मैं उत्साहित होकर सनी का इन्तजार करने लगी।
आठ बजे सनी आये और आते ही मुझे गोदी में बिठा कर चूमा चाटी की, हम दोनों चाय पीकर साथ साथ नहाने गए।
नहाकर मैंने तो फ्रॉक पहनी, उसके नीचे ब्रा और पैंटी भी पहनी, सनी ने लुंगी बिना अंडरवियर के पहनी।
मैंने कहा- अंडरवियर क्यों नहीं?
तो बोले- गर्मी है!
नौ बजे राजीव कामिनी आये।
कामिनी खुले बालों में गजब लग रही थी और राजीव का शार्ट लोअर उसके औजार का साइज़ बताने के हिसाब से छोटा था। राजीव ने बड़ी बेशर्मी से मेरे गालों को सहलाया, मुझे उलझन लगी पर कामिनी ने तो हद कर दी, सबके सामने मुझे चूम लिया और मेरे मम्मों से अपने मम्मे भिड़ाये।
वो मुझे खींचकर कमरे में ले गई और बोली- ये ब्रा क्यों पहनी है?
मैंने कहा- कामिनी हद करती हो, राजीव भैया के सामने बिना ब्रा के?
तो वो बोली- बेफिक्र रहो, राजीव तुम्हारे मम्मे नहीं दबायेंगे।
मैं हंस पड़ी और बोली- तुम चलो मैं अभी उतार कर आती हूँ!
मैं फटाफट ब्रा उतारकर बाहर गई और सबको कोल्ड ड्रिंक सर्व की।
राजीव ने कामिनी से कहा कि वो उसकी गोद में बैठ जाये।
मुझे लगा कि वो मजाक कर रहे हैं मगर कामिनी तो उछाल मार कर राजीव की गोद में जा बैठी।
मुझे लगा सनी को ख़राब लग रहा होगा, पर वो तो मेरी ओर देखकर आँख मारकर बोला- भाई अब मुझे क्यों अकेला छोड़ रही हो?
कामिनी उठी और मुझे जबरदस्ती सनी की गोद में बिठा दिया।
सनी को खड़ा लंड मुझे ठीक से बैठने नहीं दे रहा था, मैं इधर उधर हिल रही थी।
यह देखकर कामिनी हंसकर बोली- इसे अंदर करके आराम से बैठ जाओ, अपना ही घर और अपना ही घरवाला है।
मेरी फ्रॉक पीछे से ऊपर उठी हुई थी, मगर मैंने पैंटी पहनी हुई थी।
सनी इतनी हिम्मत नहीं कर पा रहा था कि वो सबके सामने मेरी पैंटी उतार सके।
कामिनी उठी और कमरे की बड़ी लाईट बंद कर कर छोटी लाईट जला दी जिसमें कुछ ज्यादा नहीं दिख रहा था।
फिर वो राजीव की गोद में बैठ गई, मगर बैठते समय उसने अपनी फ्रॉक पीछे से ऊपर उठा दी।
और पता नहीं क्या हुआ, उसकी हल्की सी ‘ओ मर गई…’ की आवाज आई।
मैंने ध्यान से देखा तो समझ में आया कि राजीव भैया ने अपना लंड उसकी चूत में कर दिया है।
मुझे बड़ी शर्म आ रही थी, मैं वहाँ से उठी और किचन में चली आई।
पीछे पीछे कामिनी भी आ गई और हंसते हुए बोली- राजीव बहुत बेसब्र है, कभी जगह का भी ख्याल नहीं रखते!
उसने पीछे से मेरी फ्रॉक उठा कर कहा- अरे तूने पैंटी क्यों पहनी, इसीलिए सनी तेरी चूत में नहीं घुस पाया?
मैंने कहा- आखिर कुछ तो शर्म होनी ही चाहिए और अगर मैं बिना पैंटी के भी होती तो सनी सबके सामने कुछ ऐसा नहीं करते।