पति से बुझे ना तन की आग-2
लेखिका : अरुणा
तभी श्रीनगर में ही मैं पति के दफ्तर में काम करने वाले क्लर्क की तरफ खिंची चली गई और मौका पाकर उसका मोटा लंबा लौड़ा चूत में डलवाया। यह जब भी गाड़ी के साथ जाते, मैं दोनों बच्चों को सुला देती और उस क्लर्क के साथ रासलीला रचाने लगी।
उसका तबादला हो गया तो मैंने अपनी प्यास बुझाने के लिए घर में काम करने आने वाले नौकर बिट्टू को पटाना चाहा वो मेरे घर में दूध देने आता और सुबह, दोपहर, रात का खाना बनाने के लिए आता।
एक रात जब वो खाना बनाने आया, वैसे तो वो जान चुका था कि मैं क्या चाहती हूँ लेकिन वो डरता था कि उसके साहब की बीवी हूँ, कहीं इधर उधर से उनको भनक पर गई तो उसका तबादला करवा देंगे क्यूंकि उसका परिवार वहीं था, वो वहीं का रहने वाला था, पीछे से कहीं उसकी बीवी भी किसी और का लौड़ा लेने लग गई तो ! बस वो डरता था।
एक दिन मैंने रात को बच्चों को जल्दी सुला दिया, सेक्सी सी पारदर्शी नाईटी पहन ली, वो लगभग काम ख़त्म कर चुका था बस मेरे लिए टेबल लगाने के बाद रसोई को संभाल रहा था, वो अपनी धुन में खड़ा थोड़े बर्तन धो रहा था, मैंने पीछे से जाकर उसको जकड़ लिया।
वो डर गया, हैरान था !
मैंने उसको और कसते हुए आगे पजामे पर से ही उसके लुल्ले को पकड़ लिया था, वो कुछ बोल न सका, उसकी मालकिन थी मैं !
मैंने जोर जोर से उसके लौड़े को दबाया, उसको अपनी तरफ घुमाया और घुटनों के बल ही बैठ कर उसका नाड़ा खोला, पजामा गिर गया मैंने जल्दी से उसके कच्छे को खींचा।
हाय मेरी अम्मा ! इतना बड़ा लौड़ा था उसका सोया हुआ लौड़ा भी फौलाद था, काले रंग के उसके मतवाले को देख मेरी चूत फुदकने लगी !
“मेमसाब जाने दो ना ! यह सब क्यूँ? मेरी नौकरी खतरे में डलवाओगी?”
“चुप कर कमीने ! बक मत !”
मैंने उसके सुपारे को मुँह में भर लिया और चूसने लगी। देखते ही उसका लौड़ा आकार लेने लगा।
“कितना बड़ा है तेरा औज़ार ! तेरी बीवी की तो पाँचों घी में रहती होंगी?”
वो मुस्कुराने लगा।
“चल हरामी मेरे कमरे में चल ! आज की रात यहीं रुकना होगा तुझे ! सुबह चार बजे निकल जाना !”
मैंने उसके सामने अपनी नाईटी उतार दी, काली ब्रा पैंटी में मुझे देख उसका और खड़ा होने लगा। मैंने रसोई की बत्ती बुझाई और सभी दरवाज़े बंद कर बच्चों को देखने गई।
वे सो रहे थे, मैंने उसके लौड़े को खूब चूमा-चूसा, खूब चाटा।
खूबसूरत मालकिन को नंगी देख उसका मर्द पूरा जाग गया, उसने अब कमान अपने हाथों में ले ली, मेरे बालों को जोर से नोंचते हुए बोला- कुतिया ! साली छिनाल, बहुत आग है तेरी चूत में? आज भोसड़ा बना दूँगा !”
वो उठा, मेरे पति की अलमारी से रम निकाली और मोटा पैग खींचा, एक और मोटा पैग खींचा और मुझे रंडी बना दिया।