चूत की इच्छा की कद्र करें
फीमेल सेक्स डिजायर स्टोरी में पढ़ें कि एक पति ने अपनी हॉट वाइफ की यौन इच्छाओ, उसकी अन्तावास्ना का कैसे सामान करते हुए उसे उसकी मर्जी ले लंड से चुदने का अवसर दिया.
मेरी प्रिय सहेलियो और मित्रो! मैं आप सभी का बहुत पुराना दोस्त रितेश हूं। आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार!
शायद मुझे याद दिलाने की जरूरत नहीं क्योंकि आपने मेरी चुदक्कड़ बीवी नीना की चोदा-चोदी पर आधारित अन्तर्वासना पर मेरी लिखी हुई बहुतेरी कहानियां पढ़ी हैं।
लेकिन आज मैं आप को अपनी नीना की चूत में किसी लन्ड के धक्कमपेल गेम की दास्तान नहीं बताने जा रहा हूं बल्कि आज अपनी सेक्स लाइफ में समझदारी की उन यादों को ताज़ा करने की कोशिश करने वाला हूं, जो हर किसी को करना चाहिए।
लेडीज फर्स्ट … तो चलिए फीमेल सेक्स डिजायर स्टोरी की शुरुआत महिलाओं से ही करते हैं।
हम पहले आपकी मुनिया में होने वाली खुजली की बात कर लें।
अगर शादी से पहले आप भयंकर वाली रोमांटिक रही हैं और उससे आगे बढ़कर गपागप गेम की उस्ताद रही हैं, तब भी कोई खास बात नहीं, आप इसे सही तरीके से हैंडल कर सकती हैं। आपको हर हालात में अपने को पेश करना बखूबी आना चाहिए।
एक नव विवाहिता महिला को अपने पति के सामने खुद को किस तरह से पेश करना चाहिए, ताकि अगर कोई राज खुल भी जाए तो भी परिवार बिखरने न पाए, जैसा कि मेरी जान नीना ने किया। मेरी स्वीट डार्लिंग नीना ने सुहागरात के बाद मुश्किल से एक सप्ताह बाद ही वह सच शेयर किया, जो आमतौर पर कभी कोई लड़की नहीं शेयर करती।
नीना ने अपनी चूत में पहली बार लन्ड कब और किस हालात में लिया, उसने अपनी पहली चुदाई की दास्तान मेरे सामने रख दी।
वही मैं आपको भी बताने जा रहा हूं। उस वक्त वह 12वीं की छात्रा थी और 19 वर्ष की अवस्था को छूने जा रही थी।
नीना अंग्रेजी में थोड़ी कमजोर थी इसलिए घर वालों ने उसके लिए एक टीचर लगा दिया।
टीचर एक बैंक में नौकरी करता था लेकिन उम्र में मुश्किल से छह या सात साल बड़ा रहा होगा उससे!
धीरे-धीरे दोनों में पुरुष-स्त्री वाला आकर्षण बढ़ा।
बात बढ़ी तो दोनों करीब आए।
नीना रानी ने मुझे बताया कि उसके टीचर ने कभी पूरा लौड़ा उसकी चूत में नहीं डाला, बस ऊपर से ही मजा लेता-देता रहा।
लेकिन क्या यह मानने वाली बात है?
पच्चीस साल के जाट छोरे के लौड़े के सामने 19 की लौंडिया की चूत हो और वह महज ऊपर से लन्ड टच कराए?
क्या वो ऐसी कमसिन चूत को बिना पेले ही जाने देगा?
संभव ही नहीं है।
नीना की जुबानी जब मैंने शादी से पहले वाली उसकी उफनती जवानी की सेक्स कहानी का ट्रेलर सुना तो मेरे दिमाग में पूरी फिल्म छप गई।
अपनी ओपन माइंडेड चुदासी बीवी को लेकर मेरे दिमाग में एक धारणा बन गई। जिससे कई साल बाद जब उसकी सच्चाई सामने आई तो मुझे खुद को उस सच्चाई के साथ जोड़ने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई।
हमारी शादी के बाद कई साल बीत गए।
एक बार की बात है कि रात करीब ग्यारह बजे नीना किरायेदार प्रशांत के फ्लैट से अपनी चूत की गर्मी शांत कर लौटी, तभी मैंने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस घटना में मेरी समझदारी की अग्निपरीक्षा तो हुई ही, साथ ही नीना का कैरेक्टर भी आप लोगों को बहुत कुछ सिखाएगा।
दोस्तो! अब आते हैं भारतीय पुरुषों के मनोविज्ञान पर! पुरुष चाहे भले ही जिंदगी भर घाट घाट का पानी पीते रहे हों लेकिन पत्नी तो सती सावित्री ही होनी चाहिए।
ऐसी समझ लोगों में आखिर आती कहां से है?
बहुतायत पुरुषों में यही प्रवृत्ति देखने को मिलती है कि अगर पत्नी के चक्कर की कहीं से उड़ती हुई अफवाह भी मिल जाये तो वे मरने मारने पर आमादा हो जाते हैं।
भाई मेरे! आखिर महिला या पुरुष में केवल शरीर की बनावट का ही तो अंतर होता है।
अपने जीवन के सबसे कठिन दौर में न्याय शास्त्र का तुला मेरे साथ रहा, जिससे मैं सटीक निर्णय ले सका।
जब मुझे हर समय चूत की जरूरत महसूस होती है तो भला मेरी बीवी को चोदा चोदी गेम के लिए मस्त लौड़ा क्यों नहीं चाहिए?
अगर उसने अपने लिए बिंदास लौड़े का बंदोबस्त कर ही लिया तो क्या गुनाह किया?
आखिर मेरी नीना रानी ने यही तो किया कि किराएदार प्रशांत को पटा कर उसे अपनी टांगों के बीच में ले आई।
मैं भी तो न जाने कितनी भाभियों और अपनी दोस्तों को टाइम टाइम पर पेलता रहा हूं।
यही बात मेरे दिमाग में उस समय आई, जब नीना का प्रशांत के साथ चोदम चोदा के खेल का सच उजागर हुआ।
एक सप्ताह तक मुझे खुद को समझाने में दिक्कत जरूर हुई लेकिन उसके बाद मैंने समझदारी के सहारे सब कुछ नॉर्मल कर लिया। मैंने फीमेल सेक्स डिजायर को समझा और उसकी कद्र की.
मुझे लगा कि किसी भी लेडी को भले ही आप उपदेश देने लग जाओ कि गैर मर्द के साथ सेक्स करना गंदी बात है, लेकिन क्या आपकी बीवी कभी ऐसा करने से खुद को रोक पाएगी? बिल्कुल नहीं। तो फिर बेवजह पाबंदी लगाने की जगह उसे अगर खुले तौर पर चोदा-चोदी करने की छूट दे दो तो दोनों की ही जिंदगी बिंदास बन जाएगी। और यही मैंने किया जिसके बाद तो हमारी जिंदगी बिंदास हो गई।
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि नीना को मेरी ओर से चुदवाने की खुली छूट मिलने के बाद प्रशांत के खासे मोटे-तगड़े लौड़े से हर रोज उसकी चुदाई होने लगी, एकदम पति-पत्नी की तरह।
अगले करीब दो साल तक नीना जन्नत का मजा लूटती रही।
लेकिन प्रशांत का ट्रांसफर होने के बाद उसे साढ़े आठ इंच लंबे और तीन इंच मोटे लांड की कमी खलने लगी क्योंकि मेरे लौड़े की लंबाई 6 इंच ही है।
अब तक हम दोनों पति पत्नी चोदा चोदी के मामले में एक दूसरे से पूरी तरह खुल चुके थे; हम दोनों में कोई पर्दा नहीं रह गया था।
तभी तो अपनी ग्रेट चुदासी बीवी नीना के लिए मैं एक मस्त लौड़े का जुगाड़ करने में लग गया।
अचानक मेरी नज़र अपने बचपन के दोस्त अमित पर गई, जो मेरा पड़ोसी भी था। शुरू से ही हम दोनों दोस्त आपस में सेक्स की खूब बातें किया करते थे। मगर मेरी भयंकर वाली चुदक्कड़ जान नीना के भोसड़े के लिए अमित का हथियार कितना फिट होगा, यह समझना मेरे लिए बहुत मुश्किल था।
फिर वैसे भी उसका लौड़ा कभी देखा तो था नहीं मैंने! मगर उसके साथ दोस्ती में मौजूद खुलेपन का फायदा उठाकर मैंने एक दिन अमित से सेक्स की बात करने लगा।
उन दिनों तक अमित की शादी भी नहीं हुई थी।
बातों ही बातों में अमित से मैंने कह डाला- यार, अगर तुझे सेक्स का मजा नहीं मिला है अब तक, तो दोस्ती कब काम आएगी? तेरी नीना भाभी की चूत का क्या अचार डाला जाएगा? जब तू अभी तक चूत के लिए तड़प रहा है तो एक सच्चे दोस्त के लिए ये शर्म की बात है।
इस मस्त ऑफर पर मुस्कराते हुए अमित ने कहा- दोस्त, वो सब तो ठीक है। लेकिन क्या भाभी जान मेरा खड़ा लौड़ा अपनी चूत में डलवाने के लिए तैयार हो जाएंगीं?
मैं सोचने लगा कि क्या कहूं? कैसे कहूं? वह सच जो सिर्फ मैं जानता हूं या मेरी नीना, कि उसे तो किसी गदहा-लंड की जरूरत है।
तब तक अमित भाई मुझसे अपनी दुविधा कहने लगा।
वह बोला- यार, मेरा लौड़ा गधे-घोड़े जैसा है। कोई भी लेडी एक बार मुझसे चुदने के बाद दोबारा मुझे अपने पास भी नहीं फटकने देती। अगर नीना भाभी के साथ ऐसा हो गया तो डरता हूं कि कहीं हमारी दोस्ती में दरार न पड़ जाए।
अमित की यह चिंता सुनते ही मेरी सारी चिंता दूर हो गई।