मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-1
दोस्तो, आपका स्वागत है मेरी इस बिल्कुल नई और मस्ती से भरपूर कहानी में!
इससे पहले की कहानीमेरी चालू बीवी
के नाम से प्रकाशित हुई थी।
आपने इस कहानी को खूब प्यार दिया इसी प्यार ने मुझे आगे की कहानी लिखने को प्रेरित किया।
उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी भी आपका उतना ही मनोरंजन करेगी और आपका प्यार मुझे मिलता रहेगा।
सलोनी मेरी सेक्सी बीवी किसी परिचय की मोहताज़ नहीं… उसका सौन्दर्य बिना कहे ही अपनी कहानी खुद बता देता है। मुझे अब भी याद है कि विवाह से पूर्व जब मैंने सलोनी को देखा था तो बिना कुछ सोचे मैंने सलोनी के लिए हाँ कर दी थी…
मेरी सलोनी है ही इतनी मस्त कि कोई उसको एक बार देख ले तो जिन्दगी भर भूल नहीं सकता।
उसकी 34C की एकदम गोल चूचियाँ… उसकी गोरी छाती पर ऐसे उभरी हैं जैसे रस भरे आम हों, जिनको मुँह लगाकर चूसने को दिल मचल उठता है।
ऊपर से उनपर लगे वो चमकते गुलाबी निप्पल… कितना भी चूस लो… उनकी रंगत में कोई फर्क नहीं आया है.. किसी कम उम्र की कमसिन कुंवारी लड़की की चूचियाँ भी सलोनी के इन नगीनों के समक्ष कम लुभावनी ही नजर आएंगी।
और सिर्फ़ चूचियाँ ही क्यों… सलोनी के तो हर अंग से मादकता छलकती है… उसकी मक्खन सी गोरी जांघों के बीच सिंदूरी रंग की छोटी सी चूत… उसकी दोनों पंखुड़ियाँ आपस में ऐसे चिपकी रहती हैं जैसे प्रेमी और प्रेमिका का प्रथम चुम्बन…
मेरी सलोनी की योनि के दोनों लब आपस में अब भी किसी अक्षतयौवना की अनछुई योनि तरह चिपके हैं… उस पर सलोनी मंहगी क्रीम से उसको चमका कर रखती है।
मुझे सलोनी की नाजुक चूत पर आज तक एक भी बाल नहीं दिखा… छोटी बच्ची जैसी प्यारी सी दिखती है सलोनी की चूत…
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और मेरी सलोनी के सेक्सी, मोटे, गद्देदार, बाहर को उभरे हुए कूल्हे यानि चूतड़, जिनको देख हर कोई दीवाना हो जाता है और आते जाते उनको छूने का कोई मौका नहीं छोड़ता… हाथ, कुहनी, घुटना या फिर भीड़भाड़ वाले स्थान जगह पर तो अपना लंड तक उसके चूतड़ों से भिड़ा देते हैं लोग।
और सबसे ऊपर उसका पहनावा जो दिन पर दिन सेक्सी, और सेक्सी होता जा रहा है।
मेरी सलोनी इतनी बोल्ड है कि उसके बदन का कोई भी अंग दिख रहा हो, उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता… वो ऐसे सामान्य रहती है जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो!
सलोनी को देख कर तो हर कोई उसका दीवाना सा हो जाता है।
हमारी कॉलोनी में हमारी बिल्डिंग से लेकर आसपास के हर आयु के किशोर, युवक अधेड़ व बूढ़े उसके मदमस्त यौवन के दर्शन कर चुके हैं, ना सिर्फ़ कॉलोनी वाले, बल्कि सलोनी तो कॉलोनी में आने जाने वालों पर भी मेहरबान रहती है।